female health problems

मैं 28 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. काम के सिलसिले में मुझे काफ़ी ट्रैवल करना पड़ता है और बहुत बार पब्लिक टॉयलेट भी इस्तेमाल करना पड़ता है. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या टॉयलेट सीट के ज़रिए भी ह्यूमन पैपीलोमा वायरस या हर्पिस का संक्रमण फैल सकता है. कृपया, मेरा मार्गदर्शन करें.
– राजकुमारी सिंह, नागपुर.

ह्यूमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) या हर्पिस सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ हैं, इसलिए ये टॉयलेट सीट के ज़रिए नहीं फैल सकते. सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ को फैलने के लिए त्वचा का संबंध होना ज़रूरी है, जो आमतौर पर सेक्सुअल रिलेशन के दौरान होता है. आज की युवापीढ़ी को यह समस्या काफ़ी परेशान करती है. ख़ासतौर से पुरुषों को तो पता भी नहीं होता कि उन्हें एचपीवी है. इस मामले में कंडोम से भी पूरा प्रोटेक्शन नहीं मिलता, इसलिए ज़रूरी है कि आप सेक्सुअल हाइजीन का ख़ास ख़्याल रखें.

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मैं 21 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. कुछ दिनों पहले मेरी सहेली ने मुझे सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन के बारे में बताया. मैं जानना चाहती हूं कि क्या सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन ज़रूरी है और अगर हां, तो किस उम्र से लड़कियों को यह शुरू करना चाहिए?
– स्मिता नंदल, अहमदाबाद.

लड़कियों और महिलाओं के लिए सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन बहुत ज़रूरी है. टीनएज में ब्रेस्ट का विकास होता रहता है, इसलिए ज़रूरी है कि वो 20 साल की उम्र से यह शुरू कर दें. पहली बार सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन किसी डॉक्टर या हेल्थ केयर वर्कर से देखकर सीखें. शुरू-शुरू में आपको शायद कुछ ज़्यादा समझ में न आए, पर धीरे-धीरे आप अपने ब्रेस्ट के टिश्यूज़ को समझने लगेंगी और हेल्दी-अनहेल्दी टिश्यूज़ के अंतर को समझ पाएंगी. पीरियड्स के एक हफ़्ते बाद का समय सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन के लिए सबसे उपयुक्त है. आईने के सामने खड़े होकर सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिन करने का सबसे सही तरीक़ा है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से वज़न बढ़ता है? (Do Contraceptive Pills Cause Weight Gain?)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. मेरी एक फ्रेंड कह रही थी कि गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से वज़न बढ़ता है. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या यह सच है?
– रश्मि पांडे, जयपुर.

कई स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि गर्भनिरोधक गोलियों के कारण वज़न नहीं बढ़ता. दरअसल, बहुत-सी महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल शादी के बाद लगभग 23-24 की उम्र से करना शुरू करती हैं. आमतौर पर इस उम्र में लड़कियों का वज़न थोड़ा बढ़ता ही है. स्टडीज़ में यह बात भी सामने आई है कि दुर्लभ मामलों में ही सही अगर किसी महिला का वज़न बढ़ा भी होगा, तो वह महज़ फ्लूइड रिटेंशन की वजह से हुआ होगा, जिसका प्रभाव टेम्प्ररी ही रहता है. कुछ महिलाओं को शुरुआत में थोड़ी द़िक्क़त हो सकती है, जैसे- जी मिचलाना, सिरदर्द आदि, पर ज़रूरी नहीं कि यह आपके साथ भी हो. कभी-कभार डेली रूटीन में बदलाव के कारण भी वज़न थोड़ा-बहुत बढ़ सकता है, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि गर्भनिरोधक गोलियों के कारण वज़न बढ़ता है.

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Contraceptive Pills

मैं 23 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं जानना चाहती हूं कि सेक्सुअली एक्टिव होना किसे कहते हैं? क्या हस्तमैथुन (मास्टरबेशन) करना सेक्सुअली एक्टिव होना माना जाएगा?
– कोमल सारंगी, कटक.

मेडिकल साइंस की भाषा में कहें, तो अगर आप एक या मल्टीपल पार्टनर्स के साथ सेक्सुअली इन्वॉल्व हैं, तो इसे सेक्सुअली एक्टिव होना माना जाएगा. इस परिभाषा में स़िर्फ वेजाइनल इंटरकोर्स ही शामिल नहीं है, बल्कि ओरल सेक्स, उंगलियों का इस्तेमाल और ऐनल सेक्स भी शामिल है. अगर आम बोलचाल की भाषा में कहें, तो हस्तमैथुन करनेवालों को सेक्सुअली एक्टिव नहीं माना जाता. इसका एक फ़ायदा यह भी है कि आपके साथ कोई पार्टनर जुड़ा हुआ नहीं होता, इसलिए सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ का कोई ख़तरा भी नहीं रहता.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: 3-4 महीनों के बाद पीरियड्स आते हैं (Why My Periods Are 3-4 Months Late?)

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मैं 19 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि सामान्य पीरियड्स किसे कहते हैं. इसकी क्या परिभाषा है? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– आस्था चहल, गंगटोक. 

यह बताना बहुत ही मुश्किल है कि सामान्य पीरियड्स क्या है, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है और उसकी ब्लीडिंग और लक्षण दूसरों से अलग होते हैं, इसलिए इसे परिभाषित करना आसान नहीं है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप कह सकती हैं कि आपके पीरियड्स असामान्य हैं, जैसे- किसी महीने पीरियड्स न आना, अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होना, लंबे समय तक ब्लीडिंग का होना आदि. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा हो, तो आप अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वो आपका चेकअप करके बताएंगी कि गर्भाशय से संबंधित कोई समस्या तो नहीं. साथ ही उसका सही इलाज भी करेंगी. पीरियड्स का साइकल 28 दिनों का ही होता है, यह एक मिथ्या है. बढ़ती उम्र के साथ हर महिला के साइकल में भी बदलाव होते रहते हैं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: क्या प्रेग्नेंसी में शुगर लेवल बढ़ना नॉर्मल है? (Is It Normal To Have Increased Blood Sugar During Pregnancy?)

 

Normal Menstrual Period

मैं 26 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. मैं रोज़ाना अपने वेजाइना को साफ़ करती हूं, फिर भी एक गंध-सी आती है. क्या यह सामान्य है? 
– मधुमिता गौर, उज्जैन.

हेल्दी वेजाइना की अपनी एक गंध होती है, लेकिन वो बुरी नहीं होती. अगर आपको लगता है कि यह गंध गंदी या बदबूदार है, तो यह किसी तरह का वेजाइनल इंफेक्शन हो सकता है. ध्यान दें कि आपका खानपान भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करता है. इसके अलावा बहुत ज़्यादा कैफीन, अल्कोहल या स्मोकिंग भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करती है. अगर आपको गंध से कोई द़िक्क़त हो रही है, तो अपनी डॉक्टर से मिलें. वो आपको इस बारे में अच्छी तरह से गाइड करेंगी और अगर कोई इंफेक्शन हुआ, तो ट्रीटमेंट भी आसानी से हो जाएगा.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: 3-4 महीनों के बाद पीरियड्स आते हैं (Why My Periods Are 3-4 Months Late?)

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मुझे 7 माह का गर्भ है. रूटीन चेकअप के दौरान गायनाकोलॉजिस्ट ने ब्लड शुगर टेस्ट करवाया, जिसमें ब्लड शुगर का लेवल बहुत बढ़ा हुआ था. क्या ब्लड शुगर बढ़ने का मतलब है कि मैं डायबिटिक हूं? डॉक्टर ने मुझे इंसुलिन लेने को कहा है. क्या मुझे हमेशा ही इंसुलिन लेना होगा? मेरी मम्मी भी डायबिटिक हैं.
– नलिनी जोशी, कर्नाटक

आपको जेस्टेशनल डायबिटीज़ की समस्या है, जो गर्भावस्था के दौरान होनेवाली बीमारियों में से ही एक है. कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज़ हो जाती है. ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए आपको अपनी डायट में बदलाव करना चाहिए, जैसे- इंसुलिन नियमित रूप से लेते रहें, ताकि डिलीवरी तक आपका ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहे. शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए आप डायबिटोलॉजिस्ट और डायटीशियन की सलाह भी ले सकती हैं, जो आपको और आपके बच्चे को ध्यान में रखते हुए डायट प्लान करेेंगे. इसके अतिरिक्त प्रेग्नेंसी के दौरान नियमित रूप से अपना चेकअप कराएं. हो सकता है कि डिलीवरी के बाद भी आपको इंसुलिन की ज़रूरत पड़े. इसके लिए नियमित अंतराल पर ब्लड शुगर टेस्ट कराती रहें.

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Increased Blood Sugar During Pregnancy

मैं 27 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में मेरी फोरसेप डिलीवरी हुई है. तब से मैं बहुत परेशान हूं, क्योंकि डिलीवरी के बाद से मुझे गैस की समस्या बहुत बढ़ गई है. साथ ही बार-बार टॉयलेट भी जाना प़ड़ता है. इस वजह से मुझे घर से बाहर जाने में बहुत शर्म आती है. कृपया, कोई उपाय बताएं?
– सोनाक्षी म्हात्रे, मुंबई

आपको ऐनल इन्कन्टिनेंस की समस्या हो सकती है, जो इंस्ट्रूमेंटल डिलीवरी के कारण हो जाती है. आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. चाहें तो आप कोलोरेक्टल सर्जन से भी संपर्क कर सकती हैं. वे आपके कुछ टेस्ट कराएंगे और उसी के अनुसार ट्रीटमेंट भी करेंगे, ताकि भविष्य में बच्चा प्लान करना चाहें तो इस तरह की परेशानी न हो.

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मेरी मां 59 वर्षीया हैं. जब वो 53 साल की थीं, तभी उनका मेनोपॉज़ हो गया था, लेकिन पिछले हफ़्ते वो कहने लगीं कि उनके पीरियड्स वापस आ गए हैं, वो भी पूरे छह साल बाद. क्या यह सामान्य है?
– संगीता शर्मा, राजकोट.

मेनोपॉज़ के बाद ब्लीडिंग सामान्य नहीं है. आपकी मां को तुरंत चेकअप कराके पता करना होगा कि ब्लीडिंग कहां से हो रही है, मसलन वेजाइना, सर्विक्स, यूटेरस या फिर वल्वा से. इस तरह की ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं. यहां तक कि ऐसे मामलों में इंडोमेट्रियल कैंसर का भी ख़तरा हो सकता है, इसलिए बिना किसी तरह की देरी किए आप फ़ौरन उनका चेकअप करवाएं.

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 Postmenopausal Bleeding

एक महीने पहले जब मेरी डिलीवरी हुई थी, तब डॉक्टर ने छह हफ़्ते बाद आकर फॉलोअप चेकअप कराने और बच्चे के वैक्सीन्स शुरू करने की बात कही थी. पर हाल ही में मैंने वैक्सीन्स के कारण ऑटिज़्म के बारे में सुना है, इसलिए मैं अपने बच्चे को वैक्सीन्स नहीं दिलवाना चाहती. क्या ऐसा करना सही होगा?
– राजकुमारी चौहान, वाराणसी.

बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए वैक्सीन यानी टीकाकरण बहुत ज़रूरी है. टीके की बदौलत हमने चेचक जैसी महामारी को ख़त्म कर दिया है और पोलियो में भी काफ़ी अच्छी सफलता मिल रही है. अगर टीके के कारण आपका बच्चा बीमारियों से बच सकता है, तो फिर आप उसे इससे वंचित क्यों रखना चाहती हैं. बल्कि आपके बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए यह सबसे बेहतरीन निवेश है. पूरी दुनिया में जब से टीकाकरण शुरू हुआ है, तब से टीबी, टिटनस, पोलियो, चेचक, डिप्थीरिया, कंठमाला का रोग और हेपाटाइटिस बी जैसी गंभीर बीमारियों के मामलों में काफ़ी कमी आई है.

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मैं 53 वर्षीया महिला हूं. तीन साल पहले मेरा मेनोपॉज़ (Menopause) हो चुका है. इन दिनों अचानक मुझे हल्की वेजाइनल ब्लीडिंग (Vaginal Bleeding) शुरू हो गई है. क्या यह कोई गंभीर समस्या है? क्या मुझे चेकअप करवाना चाहिए?
– सुमति राव, मैंगलोर.

एक बार जब मासिकधर्म एक साल के लिए बंद हो जाए तो यह स्थिर हो जाता है. इसके बाद कभी आपको वेजाइनल ब्लीडिंग नहीं होनी चाहिए, यहां तक कि दाग़-धब्बे भी नहीं दिखनेे चाहिए. आपको तुरंत गायनाकोलॉजिस्ट से चेकअप करवाना चाहिए, जो इंटरनल एक्ज़ामिनेशन या पीएपी स्मीअर जांच से सर्विक्स के कैंसर का पता लगा सकते हैं. यूट्रीन लाइन पर सूजन है या नहीं, इसकी जांच के लिए आप सोनोग्राफ़ी भी करवा लें. यूट्रीन लाइन पर सूजन एंडोमेट्रियल हाइपरप्लेसिया, कैंसर या ओवरी ट्यूमर का संकेत है. वेजाइनल ब्लीडिंग का कारण इनमें से कोई भी हो सकता है, इसलिए सही जांच ज़रूरी है.

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 Bleeding After Menopause
मैं 40 वर्षीया महिला हूं. मैंने अपनी सहेलियों से सुना है कि उन्होंने पीएपी स्मीअर करवाया है. यह क्या है और इस उम्र में क्या यह सभी को करवाना
पड़ता है?
– रजनी शर्मा, दिल्ली.

40 वर्ष की उम्र ऐसी उम्र है, जहां किसी भी तरह के कैंसर या ट्यूमर की संभावना से पहले ही नियमित चेकअप करवाते रहना चाहिए. पीएपी स्मीअर एक साधारण-सा टेस्ट है, जिसमें कॉटन या ब्रश को सर्विक्स से छूकर स्लाइड तैयार की जाती है और इस स्लाइड की जांच द्वारा कैंसर या अन्य किसी बीमारी का पता लगाया जा सकता है. यह जांच किसी भी डॉक्टर के क्लिनिक में दो मिनट में की जा सकती है. यह जांच हर साल करवानी चाहिए और इसकी शुरुआत तभी कर देनी चाहिए, जब महिला सेक्सुअली एक्टिव हो. इसके अलावा 40 की उम्र में पेल्विक सोनोग्राफ़ी करवानी चाहिए, जिससे गर्भाशय और ओवरी के कैंसर का पता चलता है. साथ ही मैमोग्राफ़ी भी करवा लेनी चाहिए, जिससे स्तन कैंसर का पता चलता है. किसी भी महिला को कैंसर की जांच के लिए ये सामान्य से टेस्ट अवश्य करवाने चाहिए.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: दो साल में सिर्फ दो बार पीरियड्स आए (Reasons For Irregular Periods)

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मुझे दो महीने का गर्भ है. ये मेरा पहला बच्चा है. मुझे सुबह बहुत चक्कर आता है और उल्टियां भी होती हैं. मुझे क्या करना चाहिए?
– कार्तिका, नासिक.

गर्भावस्था में सुबह के समय नॉसिया या उल्टी होना सामान्य बात है. अगर आप खाली पेट हैं तो आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है. सुबह उठने के बाद बिस्किट और चाय या दूध लें. खाली पेट कभी न रहें. दिन के समय भी कार्बोहाइड्रेड से युक्त आहार लें. फैटी फूड से परहेज़ करें. ये शिकायत सामान्यत: तीसरे महीने के बाद दूर हो जाती है. अगर ऊपर बताए गए निर्देशों का पालन करने के बाद भी आराम नहीं मिलता है, तो डॉक्टर से मिलें जो आपको उल्टियां बंद करने के लिए कोई गोलियां देंगे.

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Dizziness In First Pregnancy

मेरी शादी को डेढ़ साल हो गए हैं. इस साल फरवरी में मेरा मिसकैरेज हो गया था. अब मैं दोबारा कंसीव करना चाहती हूं, लेकिन कंसीव नहीं हो पा रहा है. क्या इसकी वजह मिसकैरेज है? कृपया बताएं मुझे क्या करना चाहिए?
– रेखा यादव, इलाहाबाद. 

गर्भपात या ऐब्नॉर्मल प्रेगनेंसी को नेचर्स लॉ कह सकते हैं, क्योंकि यह हमारे हाथ में नहीं होता. आप दोबारा प्रेगनेंसी की कोशिश कर सकती हैं.
किसी इंफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलें. किसी तरह की मेडिकल प्रॉब्लम, दवाई रोज़ाना लेती हैं, तो वो भी हमें बताएं. अगर पिछली बार आपने नेचुरली कंसीव किया था तो इस बार भी नेचुरली कंसीव करने की संभावना है. फिर भी ओवेरियन रिज़र्व, ट्यूब की पोटेंसी, थाइरॉइड आदि के बारे में चेक करना होगा.

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मैं 29 वर्षीया कामकाजी महिला (Working Women) हूं. मैं जानना चाहती हूं कि किन कारणों से महिलाओं के हार्मोंस असंतुलित (Hormonal Imbalance) होते हैं. कृपया, मार्गदर्शन करें.
 
– नैना देसाई, गुड़गांव.

 

महिलाओं में हार्मोंस असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं. अक्सर यह ऑर्गैनिक या स्ट्रेस से जुड़े डिसऑर्डर्स के कारण होता है. अब आपका ही केस ले लें, कामकाजी होने के कारण ऑफिस और घर की दोहरी ज़िम्मेदारियों के कारण अक्सर आप तनाव में रहती होंगी. लगातार तनाव का असर आपके नर्वस सिस्टम पर पड़ता है, जो आपके पीरियड्स को प्रभावित करता है. इसके अलावा जिन महिलाओं में एनोरेक्सिया नर्वोसा या बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर्स होते हैं, उनके हार्मोंस भी असंतुलित रहते हैं. साथ ही एथलीट्स या डांसर्स, जो बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ या वर्कआउट करते हैं, उनके हार्मोंस भी असंतुलित हो सकते हैं.

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 Hormonal Imbalance In Women
मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

 

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)
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मैं 39 वर्षीया महिला हूं और कमरदर्द से परेशान हूं. पेनकिलर्स लेने पर थोड़ी देर के लिए आराम हो जाता है, पर फिर स्थिति वही हो जाती है. डॉक्टर ने मुझे विटामिन डी3 लेवल (Vitamin D3 Level) चेक कराने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया मेरा मार्गदर्शन करें. 
– ज्योति पांडे, भोपाल.

विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं, डी2 और डी3. जहां डी2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है, वहीं डी3 भोजन के अलावा सूरज की रोशनी से भी मिलता है. कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म और बोन रिमॉडलिंग में इसका इस्तेमाल होता है. विटामिन डी हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ-साथ, ब्रेन को डेवलप करने और हार्ट को हेल्दी बनाने का काम करता है. हड्डियों की मज़बूती के लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपना डी3 लेवल चेक कराएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपमें इसकी कमी तो नहीं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: व्हाइट डिस्चार्ज से पीरियड्स जैसा पेटदर्द होता है (What Is Causing White Discharge With Menstrual Cramps?)

Vitamin D3 Test

मैं 17 साल की कॉलेज स्टूडेंट हूं. 13 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर कभी नियमित रूप से पीरियड्स आए नहीं. पिछले दो साल में स़िर्फ दो बार पीरियड्स आए हैं. डॉक्टर का कहना है कि इस उम्र में ऐसा होना सामान्य है, पर मेरी सभी सहेलियों के पीरियड्स नियमित हैं, इसलिए मुझे चिंता हो रही है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रूपल मेहता, सूरत.

आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के दो साल तक अनियमित रहते हैं. कभी-कभार तो डेढ़ या दो महीने बाद पीरियड्स आते हैं, पर ज़्यादातर मामलों में 2 साल के बाद पीरियड्स नियमित हो जाते हैं, जबकि आपके मामले में ऐसा नहीं हुआ. आपको डरने की ज़रूरत नहीं. डॉक्टर से मिलकर आपको जनरल चेकअप के साथ-साथ कुछ ब्लड टेस्ट्स कराने होंगे, ताकि किसी भी तरह के हार्मोनल इश्यूज़ के बारे में पता चल सके. हो सकता है, इसका कारण थायरॉइड या पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ हो, पर आप घबराएं नहीं, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए तुलना न करें, बल्कि डॉक्टर से मिलें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: मेनोपॉज़ के क्या लक्षण होते हैं? (What Are The Signs And Symptoms Of Menopause?)

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मैं 40 वर्षीया महिला हूं और मेरे पीरियड्स बहुत अनियमित हो गए हैं. क्या ये मेनोपॉज़ (Menopause) की शुरुआत है? कृपया, बताएं कि आमतौर पर मेनोपॉज़ के क्या लक्षण (Symptoms) होते हैं?
– कुमकुम दुबे, नई दिल्ली.

मेनोपॉज़ हर महिला के जीवन में आनेवाला वह स्टेज है, जब उसका मासिक धर्म आना बंद हो जाता है. आमतौर पर यह 40 से 50 की उम्र में होता है. इस स्टेज को पेरीमेनोपॉज़ कहते हैं, जो लगभग 4 सालों तक रहता है, पर किसी-किसी के लिए यह स़िर्फ कुछ महीनों का होता है. इस दौरान पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और जब सालभर पीरियड्स नहीं आते, तो समझ जाएं कि पेरीमेनोपॉज़ ख़त्म हो गया है. इस दौरान हॉट फ्लैशेज़ (अचानक से पूरे शरीर से पसीना आना), रात में पसीना आना, योनि में सूखापन, बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, नींद न आना, मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, त्वचा का ड्राई हो जाना, मुंह सूखना जैसे लक्षण उभर सकते हैं.

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Symptoms Of Menopause

मैं 31 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. हाल ही में मेरे ओवेरियन ट्यूब्स का पोटेंसी टेस्ट हुआ, जिसमें दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं. ऐसे में मैं किस तरह मां बन सकती हूं?
– राजेश्‍वरी वर्मा, पणजी.

जैसा कि आपने बताया कि आपकी दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं, तो आपके पास प्रेग्नेंसी के लिए दो विकल्प हैं. पहला विकल्प है सर्जरी, जहां सर्जरी के ज़रिए ट्यूब्स के ब्लॉक्स निकाले जाएंगे. इसके बाद आप नेचुरली कंसीव कर सकती हैं, पर इसमें एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के चांसेज़ ज़्यादा रहते हैं. दूसरा विकल्प है आईवीएफ. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कारण आईवीएफ में सफलता की संभावना पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बढ़ गई है. आईवीएफ की प्रक्रिया भी काफ़ी आसान और पेशेंट फ्रेंडली है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से बात कर सकती हैं, वो आपका सही मार्गदर्शन करेंगे.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

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 मैं 32 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में जानना चाहती हूं. क्या ये आम गर्भनिरोधकों की तरह है या इसके कुछ साइड इफेक्ट्स हैं?
– कुसुम मेहता, मुंबई.

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का इस्तेमाल असुरक्षित यौन संबंध के बाद इमरजेंसी में किया जाता है. इसे कभी भी रेग्युलर कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स दो तरह के हैं, एक प्रोजेस्टेरॉनयुक्त टैबलेट और दूसरा कॉपर टी. प्रेग्नेंसी टालने के लिए असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के भीतर टैबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि कॉपर टी के लिए 5 दिनों का समय होता है. इसके साइड इफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन-सा मेथड इस्तेमाल कर रहे हैं. अनियमित माहवारी और उल्टी आना जैसे साइड इफेक्ट्स दोनों ही मेथड में हो सकते हैं, जबकि कॉपर टी में इंफेक्शन का भी डर रहता है. कभी-कभी मेथड फेल भी हो जाता है.

यह भी पढ़ें: क्या एबॉर्शन के बाद कंसीव करने में समस्या आती है?

Emergency Contraceptives

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और डॉक्टर ने मुझे रूटीन हेल्थ चेकअप में पैप स्मियर टेस्ट करने की सलाह दी है. क्या मुझे यह टेस्ट कराना चाहिए?
– कुमकुम अग्रवाल, देहरादून.

पैप स्मियर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसके ज़रिए सर्विक्स में होनेवाले कैंसर व प्रीकैंसर सेल्स की जांच की जाती है. वैसे तो 21 वर्ष पार कर चुकी सभी महिलाओं को हर साल यह टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरू में ही किसी समस्या का पता चल सके. अगर लगातार तीन सालों तक स्मियर टेस्ट निगेटिव आता है, तो यह टेस्ट हर तीन साल में 65 साल की उम्र तक कराना चाहिए. इसमें एक स्पेशल ब्रश के ज़रिए सर्विक्स के सेल्स को इकट्ठा कर टेस्ट के लिए लैब भेजा जाता है, ताकि पता चल सके कि कैंसर है या नहीं.

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यह भी पढ़ें: पीरियड्स में क्या है नॉर्मल, क्या है ऐब्नॉर्मल?

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मेरी उम्र 27 साल है और रेग्युलर एक्सरसाइज़ व डायटिंग के बावजूद मेरा वज़न बढ़ रहा है. मेरे बाल बहुत झड़ गए हैं और पीरियड्स भी अनियमित हो गए हैं. साथ ही मुझे बहुत ज़्यादा ठंड भी लगती है. डॉक्टर ने पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ की जांच के लिए टेस्ट भी करवाया, पर रिपोर्ट्स नॉर्मल आईं. अब उन्हें थायरॉइड की आशंका है और वे मेरा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं, लेकिन क्या यह थायरॉइड हो सकता है?
– वानी त्रिवेदी, बीकानेर.

थायरॉइड ग्लैंड हमारे गले में स्थित सबसे बड़ा एंडोक्राइन ग्लैंड है, जो थायरॉइड हार्मोंस- टी3 और टी4 का निर्माण करता है. आपके द्वारा बताए गए लक्षणों को देखकर लगता है कि आपको हाइपोथायरॉइडिज़्म है. इसे कंफर्म करने का तरीक़ा स़िर्फ ब्लड टेस्ट ही है, तभी आपके टी3 और टी4 हार्मोंस के लेवल्स का पता चल पाएगा. इसके बाद ही डॉक्टर आपको दवाइयों आदि के बारे में बता पाएंगे.

 
हमारे दो बच्चे हैं और हम तीसरा बच्चा नहीं चाहते, इसलिए स्थायी नसबंदी करवाना चाहते हैं. मेरे पति को ऑपरेशन करवाना चाहिए या मुझे? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– सान्वी सोलंकी, नासिक.

पुरुषों में स्थायी नसबंदी को वैसेक्टॉमी कहते हैं. आजकल तो बिना किसी कट के यह विधि होती है. यह बहुत ही आसान तरीक़ा है और इसमें हॉस्पिटल में भर्ती होने की ज़रूरत भी नहीं होती और बहुत कम समय भी लगता है. महिलाओं के लिए लैप्रोस्कोप की मदद से लैप्रोस्कोपिक एब्डॉमिनल ट्यूबल लिगेशन किया जाता है, जिसे मिनी लैप्रोटॉमी कहते हैं. इसमें महिला को 3 सेंटीमीटर का चीरा लगाना पड़ता है. दोनों में आपको एक दिन के लिए हॉस्पिटल में रुकना पड़ता है. यह एक आसान, सुरक्षित और प्रभावशाली विधि है. अपनी व अपने पति की मेडिकल कंडीशन के मुताबिक़ अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही कोई फैसला लें.

 

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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