female health

पीरियड्स को आज भी शर्मिंदगी का विषय माना जाता है! यही वजह है कि बहुत सी महिलाएँ आज भी काफ़ी तकलीफ़ में रहती हैं. इसी के चलते टाटा ट्रस्ट्स ने पहल की मेंस्ट्रुअल हाइजीन प्रोग्राम की. यह शुरुआत द टाटा वाटर मिशन के तहत हुई और इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए.

भारत के कई राज्यों के गाँवों में फेज़ वाइज़ इसको लेकर सर्वे किए गए. राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के गाँवों को भी इसमें शामिल किया गया.

Menstruation Stigma

आज भी कई महिलाएँ पैड्स की जगह कपड़ा ही यूज़ करती हैं जो काफ़ी अनहाइजिनिक होता है और कई तरह के इंफ़ेक्शन्स का डर बना रहता है.

सर्वे में पाया गया कि

  • 70% महिलाओं को यह भी पता नहीं होता कि उन्हें पीरियड्स क्यों होते हैं.
  • 92% महिलाओं को लगता है कि वाइट डिसचार्ज उनके शरीर के लिए हानिकारक होता है.
  • 40% महिलाओं को लगता है कि पीरियड्स के बारे में बात करने में कोई बुराई नहीं.
  • लेकिन उनमें से मात्र 10.25% ने ही इसको लेकर अपनी मां से बात की.
  • 55% महिलाएँ पीरियड्स के दौरान किचन में नहीं जातीं.
  • कई महिलाओं को 9km पैदल चलकर जाना पड़ता है पीरियड्स से जुड़ा सामान लाने के लिए.
  • 20% महिलाएँ पीरियड्स के दौरान टॉयलेट का इस्तेमाल नहीं करतीं.
Menstrual Hygiene

इन तथ्यों के आधार पे टाटा वाटर मिशन ने मेंस्ट्रुअल हाइजीन प्रोग्राम बनाया जिसमें किशोरों को जागरुक करने का काम किया गया. महिलाओं से बात की, लड़कों और पुरुषों से भी बात की गई. इस अभियान के तहत इन बातों पे ध्यान दिया गया-

  • स्कूल में व समाज में भी किशोरियों व महिलाओं से बात करके एजुकेट किया गया, उनको ट्रेनिंग व सैनिटाइज़ेशन सेशंस दिए गए.
  • समाज में पुरुषों व स्कूल में भी किशोरों से बात करके उन्हें पीरियड्स के बारे में जागरूक किया गया और इस बात का एहसास कराया गया कि उनका सहयोग कितना ज़रूरी है और यह सहयोग किस तरह से मदद कर सकता है.
  • महिलाओं को ईको फ़्रेंडली प्रोडक्ट्स मिल पाएं इसके लिए सप्लाई चेन की व्यवस्था की गई, साथ ही स्थानीय लोगों व महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित किया गया इस तरह के प्रोडक्ट्स का निर्माण स्थानीय स्तर पर ही हो पाए.
  • सैनिटरी वेस्ट को सुरक्षित तरीक़े से डिसपोज़ किया जा सके इसके प्रबंध से जुड़ी बातों की व्यवस्था भी की गई.
Menstrual Hygiene

पिछले तीन सालों से यह प्रयास चल रहा है और इसका असर व प्रभाव भी नज़र आया. कई महिलायें व बच्चियां इससे लाभान्वित हुईं, लेकिन लॉकडाउन के चलते इस क्रम में बदलाव व रुकावट निश्चित तौर पे आई है जिससे जो महिलायें व बच्चियाँ पैड्स यूज़ करने लगी थीं वो फिर से कपड़े के इस्तेमाल को मजबूर हो गईं.

Menstrual Hygiene

काम बंद है तो पैड्स भी उन्हें उपलब्ध नहीं. इसी के चलते उन्हें अब इस दिशा में जागरुक किया का रहा है कि कपड़े को हाइजिनिक तरीक़े से कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्हें खुद अपना कपड़े का पैड बनाने की दिशा में भी आत्मनिर्भर किया जा रहा है.

Menstrual Hygiene

सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी इस काम में आत्म निर्भर बनाया गया जिससे वो भी उधोग की शुरुआत कर सकें और इसी वजह से उत्तर प्रदेश में 1500 कपड़े के पैड्स बनाए व बेचे गए. यही नहीं लगभग 20,000 से अधिक महिलाओं को खुद घर में इस तरह के क्लोथ पैड्स बनाने की ट्रेनिंग भी दी गई.

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मैं 28 वर्ष की हूं. मेरी शादी को दो साल हुए हैं. मुझे पिछले ह़फ़्ते पीरियड आना था, लेकिन नहीं आया. मैं यह सोचकर बेहद ख़ुश थी कि मैं गर्भवती हूं, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि यह एकटॉपिक प्रेगनेंसी है और मुझे ऑपरेशन करवाकर इसे हटवाना पड़ेगा. क्या इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है?
– कोमल, ग्वालियर.

एकटॉपिक प्रेगनेंसी ऐसी स्थिति है, जिसमें गर्भ गर्भाशय की जगह ओवरी या नली में अटक जाता है. इसका पता सोनोग्राफ़ी द्वारा ही चलता है. यह बहुत ही ख़तरनाक स्थिति है, क्योंकि ट्यूब कभी भी फट सकती है और पेल्विस में अत्यधिक ब्लीडिंग हो सकती है. इसलिए तुरंत इलाज कराना चाहिए. इसके लिए ख़ास तरह का इंजेक्शन, जैसे- मेथोट्रेक्सेट दिया जाता है या कीहोल सर्जरी की जाती है.

Personal Problems
मैं 30 वर्षीय महिला हूं और पिछले साल मेरा दो बार तीन-तीन महीने का गर्भपात हो चुका है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन डरती हूं कि कहीं फिर से कोई परेशानी न आ जाए. क्या मुझे नॉर्मल प्रेगनेंसी हो पाएगी?
पूूूजा, अहमदाबाद

वैसे तो दो बार गर्भपात होने के बाद तीसरी बार गर्भपात होने की संभावना और ज़्यादा बढ़ जाती है. आप यदि गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं तो बेहतर होगा कि सबसे पहले सारे टेस्ट करवा लें, ताकि यह पता चल जाए कि आपका यूटेरस सामान्य है या नहीं. कोई बर्थ ड़िफेक्ट, जैसे- सेप्टम या डबल यूटेरस की समस्या तो नहीं है आदि. यदि इस तरह के ड़िफेक्ट्स हैं भी तब भी कीहोल सर्जरी, जैसे- लेप्रोस्कोपी, हीस्टिरोस्कोपी से इसका इलाज संभव है. इसके अलावा जेनेटिक टेस्टिंग और इम्यूनोलॉजी प्रॉब्लम्स के लिए विशेष तरह का ब्लड टेस्ट भी किया जाता है. गर्भधारण के पहले फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टेबलेट लेने की आवश्यकता पड़ सकती है.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी शादी को दो साल हो गए हैं. मुझे हाल ही में पता चला है कि मैं गर्भवती हूं. जब मैंने सोनोग्राफ़ी करवाई तो पता चला कि गर्भ यूटेरस की बजाय ट्यूब में है यानी एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी है, यह क्या है? और इसे हटाने के लिए क्या मुझे ऑपरेशन ही कराना पड़ेगा. क्या ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जिससे मैं प्रेग्नेंसी जारी रख सकूं?
– रेणु घोष, असम.

3-4% महिलाएं ऐसी होती हैं, जिनकी प्रेग्नेंसी यूटेरस की बजाय ट्यूब में होती है, इसे ‘एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी’ कहा जाता है. यह स्थिति ठीक नहीं है, क्योंकि ट्यूब बहुत नाज़ुक व पतली होती है. यदि इसका तुरंत इलाज नहीं किया गया तो ट्यूब फट सकती है और मरीज़ को पेट में हैवी ब्लीडिंग हो सकती है. समय पर इलाज न किया जाए तो मरीज़ की जान को ख़तरा भी हो सकता है. इसलिए समय पर ही इस समस्या का पता चलना बेहद ज़रूरी है. इसके लिए लेप्रोस्कोपी (की होल सर्जरी) द्वारा ट्यूब को हटाया जाता है. ऐसे मामले में नॉर्मल प्रेग्नेंसी जारी रखना बहुत मुश्किल है.

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Ectopic Pregnancy

मेरी 25 वर्षीया सहेली को ब्लड डोनेट करते समय पता चला कि वह एचआईवी पॉ़ज़िटिव है. क्या यह संभव है कि उसका बच्चा भी एचआईवी पॉ़ज़िटिव हो? उसके पति भी एचआईवी पॉ़ज़िटिव हैं. दोनों ही हेल्दी हैं और कोई ट्रीटमेंट नहीं ले रहे हैं.
– सविता त्रिवेदी, रायपुर.

आपकी सहेली और उनके पति दोनों को ही काउंसलर से मिलना चाहिए और काउंसलर की राय लेने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए. यदि वह सेफ़ प्रेग्नेंसी चाहती हैं तो प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ मेडिसिन भी ले सकती हैं, ताकि बच्चे को इं़फेक्शन होने की संभावना को कम किया जा सके. अगर वह बच्चे को स्तनपान न कराएं तो इससे बच्चे को वायरस फैलने के चांसेस भी कम होंगे. जो भी हो, निर्णय उन्हें लेना है और सोच-समझकर कर ही निर्णय लें तो बेहतर है.

 

यह भी पढ़ें: Personal Problems: 3-4 महीनों के बाद पीरियड्स आते हैं (Why My Periods Are 3-4 Months Late?)

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मेरी शादी को 3 साल हो गए हैं, पर अभी तक गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं. पिछले 6 महीनों से पीरियड्स के दौरान बहुत कम रक्तस्राव होता है. बताएं, क्या करूं? बचपन में मुझे टी. बी. हुई थी. लेकिन ट्रीटमेंट कराने पर ठीक भी हो गई थी.

– गायत्री कुकरेती, मिर्जापुर.

आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वे कुछ टेस्ट कराएंगे, जैसे- ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, हिस्टरियोसलपिंगोग्राफ़ी आदि. यदि ज़रूरत होगी तो ‘डी एंड सी’ भी कराएंगे, जिससे इंफ़र्टिलिटी के कारणों का पता चल सकेगा. वैसे बचपन में हुई टी.बी. का इससे कोई संबंध नहीं है. पर यदि इससे संबंधित कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत इसका ट्रीटमेंट कराएं और बाद में अन्य ट्रीटमेंट लें.

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Bleeding Less During Periods

मैं 20 वर्षीया युवती हूं. पिछले एक साल से मेरे पीरियड्स बंद हो गए हैं. 16 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हुए थे, जो अनियमित और काफ़ी दिनों तक होते थे. मेरी ब्लड रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर्स ने बताया कि मुझे दोबारा कभी भी नेचुरल पीरियड्स नहीं हो सकते. कृपया, बताएं क्या करूं?
– प्रियंका रस्तोगी, रानीखेत.

आपको प्री-मेच्योर ओवेरियन फेलियर की समस्या हो सकती है. किसी गायनाकोलॉजिस्ट से सलाह लें, जो आपके सारे टेस्ट कराएंगे और सही कारण बताएंगे. यदि उन्हें ज़रूरत लगेगी तो ‘लो डोज़ हार्मोन रिप्लेसमेंट’ थेरेपी शुरू करेंगे. अगर आप शादीशुदा हैं तो कंसीव करना आपके लिए मुश्किल हो सकता है. आप चाहें तो आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) ट्रीटमेंट से गर्भधारण कर सकती हैं.

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मेरी एक साल की बेटी है, जो यूरिन पास करते समय बहुत रोती है. जन्म के समय से ही उसकी मूत्रनली बहुत संकीर्ण है. पेडियाट्रिशियन को दिखाया तो उसने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करने को कहा. क्या करूं, समझ में नहीं आ रहा?
– रीता पॉल, जैसलमेर

आपकी बेटी को लेबियल फ्यूज़न की समस्या हो सकती है. लेबियल फ्यूज़न में योनि के बाहर की जननेन्द्रियां आपस में चिपकी रहती हैं. ये जननेन्द्रियां मां के शरीर में ज़्यादा हार्मोंस होने के कारण आपस में चिपक जाती हैं और पेशाब का रास्ता ब्लॉक हो जाता है. इसके लिए आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. आपकी बेटी की जांच करने के बाद वह एस्ट्रोजन (हार्मोन) क्रीम लगाने के लिए देंगी. अगर क्रीम लगाने से समस्या हल नहीं होती है, तो हो सकता है सर्जरी करवानी पड़े.

Child Pain When Urinating

मैं 25 वर्षीया महिला हूं और मेरा 3 साल का बच्चा है. मेरी सहेली ने मुझे कुछ ऐसे नए कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में बताया है, जिन्हें माह में एक बार योनि में इंसर्ट किया जा सकता है. कृपया, मुझे इनके बारे में कुछ जानकारी दें? क्योंकि मैं हमेशा ही योनि में पिल्स रखना भूल जाती हूं.
– काजल बडोनी, हरिद्वार

आजकल मार्केट में ऐसे कई नए कॉन्ट्रासेप्टिव्स मिल जाते हैं, जिन्हें आप आसानी से योनि में इंसर्ट कर सकती हैं, जैसे- नुवा रिंग. अन्य ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह यह भी एक हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव है, जिसे आप योनि में 3 सप्ताह के लिए रख सकती हैं और चौथे सप्ताह पीरियड के लिए उसे निकाल सकती हैं. इसे भी दूसरे वेजाइनल रिंग्स की तरह इंसर्ट किया जाता है. लेकिन इस कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें. वह आपको इंसर्ट करने का तरीक़ा बताएंगी कि उसे किस तरह वेजाइना में इंसर्ट करें. यदि इंटरकोर्स के दौरान नुवा रिंग निकल जाती है, तो उसे ठंडे पानी से साफ़ करके दोबारा इंसर्ट कर सकती हैं.

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मैं 19 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि सामान्य पीरियड्स किसे कहते हैं. इसकी क्या परिभाषा है? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– आस्था चहल, गंगटोक. 

यह बताना बहुत ही मुश्किल है कि सामान्य पीरियड्स क्या है, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है और उसकी ब्लीडिंग और लक्षण दूसरों से अलग होते हैं, इसलिए इसे परिभाषित करना आसान नहीं है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप कह सकती हैं कि आपके पीरियड्स असामान्य हैं, जैसे- किसी महीने पीरियड्स न आना, अचानक अत्यधिक रक्तस्राव होना, लंबे समय तक ब्लीडिंग का होना आदि. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा हो, तो आप अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वो आपका चेकअप करके बताएंगी कि गर्भाशय से संबंधित कोई समस्या तो नहीं. साथ ही उसका सही इलाज भी करेंगी. पीरियड्स का साइकल 28 दिनों का ही होता है, यह एक मिथ्या है. बढ़ती उम्र के साथ हर महिला के साइकल में भी बदलाव होते रहते हैं.

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Normal Menstrual Period

मैं 26 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. मैं रोज़ाना अपने वेजाइना को साफ़ करती हूं, फिर भी एक गंध-सी आती है. क्या यह सामान्य है? 
– मधुमिता गौर, उज्जैन.

हेल्दी वेजाइना की अपनी एक गंध होती है, लेकिन वो बुरी नहीं होती. अगर आपको लगता है कि यह गंध गंदी या बदबूदार है, तो यह किसी तरह का वेजाइनल इंफेक्शन हो सकता है. ध्यान दें कि आपका खानपान भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करता है. इसके अलावा बहुत ज़्यादा कैफीन, अल्कोहल या स्मोकिंग भी वेजाइना की गंध को प्रभावित करती है. अगर आपको गंध से कोई द़िक्क़त हो रही है, तो अपनी डॉक्टर से मिलें. वो आपको इस बारे में अच्छी तरह से गाइड करेंगी और अगर कोई इंफेक्शन हुआ, तो ट्रीटमेंट भी आसानी से हो जाएगा.

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मेरी उम्र 15 साल है और अभी तक मेरे पीरियड्स शुरू नहीं हुए हैं, जबकि मेरी सभी सहेलियों को 3-4 वर्ष पहले ही पीरियड शुरू हो गया था. मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है? क्या मुझमें कोई कमी है?
– श्रुति शर्मा, बैंगलोर.

सामान्यतया लड़कियों के पीरियड्स यानी माहवारी की उम्र 11-12 वर्ष होती है, लेकिन कुछ परिवारों में इसकी शुरुआत 14-15 की उम्र से भी होती है. फिर भी आपको चेकअप करा लेना चाहिए, ताकि ये पता चल जाए कि कहीं आपको जन्म से कोई शारीरिक समस्या तो नहीं है, जैसे- अविकसित यूटेरस आदि. कुछ हार्मोनल टेस्ट करवाने भी ज़रूरी हैं. यदि आपका क़द, वज़न, स्तनों का विकास, अंडरआर्म व प्यूबिक हेयर का विकास आदि सही हैं तो कोई बड़ी जेनेटिक प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए. फिर भी पूर्ण जानकारी के लिए किसी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

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Cause You To Not Have A Period

मैं 24 वर्षीया हूं. हाल ही में मैंने अपने मंगेतर के साथ असुरक्षित सेक्स किया. हालांकि इसके दूसरे ही दिन मैंने इमरजेंसी पिल्स ले ली थी, लेकिन मुझे अब भी डर लग रहा है कि कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी?
– विनिता रामचंद्र, हैदराबाद.

असुरक्षित सेक्स संबंध बनाने के बाद इमर्जेंसी पिल्स खाने के बावजूद गर्भधारण का ख़तरा 20 से 25 प्रतिशत तक बना रहता है, ख़ासकर तब, जब आपने अपने ओव्यूलेशन पीरियड के आसपास सेक्स किया हो. अब अगर आपकी माहवारी अनियमित हो गई हो तो तुरंत प्रेग्नेंसी टेस्ट कराएं. अगर टेस्ट पॉज़िटिव आता है तो फौरन किसी गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह लें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: प्रेग्नेंसी में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Do’s And Don’ts For A Safer Pregnancy

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मैं एक कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि हैवी पीरियड्स किसे कहते हैैं? क्या दिन में कई पैड्स बदलना हैवी पीरियड्स कहलाता है?
– रेणु चौहान, नागपुर.

दिनभर में कई सैनीटरी पैड्स बदलने का मतलब यह नहीं कि आपके पीरियड्स हैवी हैं. हो सकता है, ऐसा आप हाइजीन के लिहाज़ से करती हों. पीरियड्स को तभी हैवी या असामान्य कह सकते हैं, जब यह आपके रोज़मर्रा की ज़िंदगी में खलल डालता हो. अगर आप कॉलेज या ऑफिस नहीं जा पा रही हैं और रोज़ाना के काम अपने आप नहीं कर पा रही हैं, तो यह हैवी कहलाता है. ऐसे में आपको डॉक्टर को मिलना होगा. वैसे हैवी पीरियड्स का कारण थायरॉइड भी हो सकता है, इसलिए बेहतर होगा कि डॉक्टर से इस बारे में बात करें.

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Sexually Active

मैं 28 वर्षीया वर्किंग वुमन हूं. अभी मुझे फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन के लिए डॉक्टर के पास जाना है. क्या डॉक्टर शारीरिक जांच करके पता लगा सकते हैं कि मैं सेक्सुअली एक्टिव हूं? दरअसल, डॉक्टर हमारे फैमिली फ्रेंड हैं और मैं नहीं चाहती कि मेरे पैरेंट्स को पता चले कि मैं सेक्सुअली एक्टिव हूं.
– रागिनी, नई दिल्ली.

यह बहुत मुश्किल है या यूं कहें कि नामुमकिन है, क्योंकि स़िर्फ फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन से कोई डॉक्टर पूरे दावे के साथ यह नहीं बता सकता. वर्जिनिटी के लिए जिस हाइमन की बात की जाती है, कुछ महिलाओं में तो यह जन्म से ही नहीं होता. इसके अलावा फिज़िकल एक्टिविटी के कारण बहुतों का हाइमन सेक्स से पहले ही फट जाता है. सही तो यही होगा कि आप अपने डॉक्टर से कुछ न छिपाएं, क्योंकि वो आपको किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा सकते हैं. अगर आप उन्हें सच बता देंगी, तो वो उस नज़रिए से एक्ज़ामिनेशन करेंगे और आप भविष्य में होनेवाली किसी हेल्थ प्रॉब्लम से बच सकती हैं.

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मुझे 7 महीने का गर्भ है. कुछ दिन पहले मुझे ब्लीडिंग हुई थी. तब डॉक्टर ने बताया कि मेरा प्लासेंटा भ्रूण के मुंह के बहुत पास है और दोबारा भी ब्लीडिंग हो सकती है. कृपया, ब्लीडिंग को रोकने का कोई उपाय बताएं. क्या मेरी डिलीवरी सिज़ेरियन होगी? मेरी पहली डिलीवरी भी सिज़ेरियन थी.
– निष्ठा गांधी, अजमेर.

ऐसा लगता है कि आपका प्लासेंटा कमज़ोर है. यूटेरस के निचले भाग के खिंचने और कमज़ोर होने के कारण ब्लीडिंग होती है. प्रेग्नेंसी के आख़िरी तीन महीने में ऐसा होता है और इसके खिंचाव व कमज़ोर होने का कारण है प्लासेंटा का कमज़ोर होना. अगर ब्लीडिंग होती है, तो आपको तुरंत अपने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए. आपकी कंडीशन को देखते हुए ब्लीडिंग को रोकने के लिए वे आपकी डिलीवरी सिज़ेरियन भी कर सकते हैं.

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Cesarean Delivery

मेरी उम्र 22 वर्ष है. कुछ दिनों से मेरे प्राइवेट पार्ट के पास कुछ रैशेज़ हो गए हैं और बहुत खुजली व जलन भी होती है. मुझे उठने-बैठने में भी बहुत परेशानी होती है. कृपया, कोई उपाय बताएं.
– महक पॉल, मुंबई.

इसके लिए आप गायनाकोलॉजिस्ट या डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें. लेकिन आपने यह नहीं लिखा कि क्या आप सेक्सुअली एक्टिव हैं? हो सकता है आपको हर्पिस इं़़फेक्शन हो? आपको तुरंत इसका उपचार कराना चाहिए. हर्पीस दो तरह का होता है, पहला- एचएसवी-1 और दूसरा- एचएसवी-2. ज़्यादातर लोगों में एचएसवी-2 के कारण यौनांग हर्पिस होता है. इंफेक्शन होने पर मलाशय और उसके आसपास की जगह पर एक या एक से अधिक फफोले हो जाते हैं और फफोले फूटने पर घाव भी हो जाते हैं. एचएसवी-2 इंफेक्शन से पीड़ित व्यक्ति (पुरुष/स्त्री) से शारीरिक संबंध बनाने पर दूसरे व्यक्ति को भी एचएसवी-2 इंफेक्शन हो सकता है. इस रोग से बचने का तरीक़ा है- यौन संपर्क से बचना. यदि सेक्स करना चाहते हैं तो कंडोम का इस्तेमाल ज़रूर करें.

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मैं 18 वर्ष की हूं. शुरू से ही मुझे अनियमित माहवारी की समस्या है. कभी-कभी 3-4 महीनों के बाद माहवारी आती है. इन दिनों मेरे चेहरे पर ख़ूब सारे बाल भी हो गए हैं. ऐसा क्यों हो रहा है? कृपया, सलाह दें.
– नुपूर बबेरवाल, हरियाणा.

पीरियड शुरू होने के एक-दो साल बाद तक कई लड़कियों को अनियमित पीरियड की समस्या होती है, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे पीरियड नियमित होने लगता है. यदि आपका पीरियड शुरू में नियमित था और अब अनियमित है, तो आपको हार्मोनल प्रॉब्लम हो सकती है. हो सकता है कि आपको पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम हो. इस समस्या में अनियमित माहवारी, चेहरे पर बाल, एक्ने और वज़न बढ़ने जैसे लक्षण होते हैं. समस्या के बारे में जानने के लिए आपको सोनोेग्राफ़ी व हार्मोनल टेस्ट करवा लेने चाहिए. दवाइयों से भी इस समस्या का निदान हो सकता है.

Periods 3-4 Months Late

मैं 30 वर्षीया हूं और मेरी शादी को तीन साल हो गए हैं. मैं गर्भधारण की कोशिश कर रही हूं, लेकिन सफल नहीं हो पा रही हूं. मैं बहुत चिंतित हूं. मुझे क्या करना चाहिए, जिससे मैं मां
बन सकूं?
– हर्षा कुलकर्णी, नागपुर.

सबसे पहले तो आप किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें और समस्या जानने के लिए टेस्ट करवाएं. पति के वीर्य की भी जांच करवाएं. आपको ब्लड, हार्मोन्स का टेस्ट व सोनोग्राफ़ी करवाने की ज़रूरत है. गर्भाशय का एक्स-रे करवाने से आपको यह पता चल जाएगा कि आपके फेलोपियन ट्यूब्स सामान्य हैं या नहीं. यह जांच हीस्टीरोस्कोपी व लेप्रोस्कोपी द्वारा संभव है. सारी जांच कराने के बाद ही समस्या का पता चल सकता है और उसी के अनुसार इलाज हो सकता है.

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मेरी दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र 10 और 6 साल है. कृपया, बताएं कि उन्हें सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) का वैक्सीन लगवाना कितना ज़रूरी है?
 – मिताली तंवर, पंचकुला.

सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) के अगेनस्ट सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीन केवल 70% प्रोटेक्शन देता है. वैसे तो इस टीके को 10 से 45 साल तक किसी भी उम्र में लगवा सकती हैं, लेकिन किशोरावस्था में सर्वाइकल कैंसर का टीका लगवाना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है, क्योंकि बढ़ती उम्र में यह वैक्सीन उतना प्रोटेक्शन नहीं देता, जितना कि किशोरावस्था में देता है. आप अपनी 10 वर्षीया बेटी को सर्वाइकल कैंसर का वैक्सीन लगवा सकती हैं. लेकिन 6 वर्षीया बेटी को तभी लगवाएं, जब वह 10 साल की हो जाए. यदि आप भी यह लगवाना चाहें और अगर आपकी उम्र 35 साल से अधिक है, तो डॉक्टरी सलाह के अनुसार ही यह वैक्सीन लगवाएं. यदि आप इस वैक्सीन को नहीं लगवाना चाहती हैं तो इसकी जगह सर्वाइकल कैंसर के लिए की जानेवाली रेग्युलर स्क्रीनिंग के तौर पर पैप स्मीयर टेस्ट करवाएं.

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Vaccinating against Cervical Cancer

मैं 40 वर्ष की हूं. मेरी दोनों डिलीवरी सामान्य हुई थी. इन दिनों मुझे एक परेशानी हो रही है. जब भी मैं खांसती या छींकती हूं तो यूरिन लीकेज हो जाता है. इससे मुझे इतनी शर्मिंदगी होती है कि मैंने बाहर जाना कम कर दिया है. कृपया, सलाह दें कि मैं क्या करूं?
– रेवती अय्यर, चेन्नई.

आपको स्ट्रेस यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस की समस्या है. जिन महिलाओं की डिलीवरी नॉर्मल होती है, उन्हें अक्सर ऐसा होता है. इसका कारण है डिलीवरी के दौरान पेल्विक मसल्स व टिशूज़ में खिंचाव. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़ व सर्जिकल ट्रीटमेंट से इसका इलाज संभव है. नए इलाज, जैसे- ट्रांस वेजाइनल टेप व ट्रांस ऑब्टयूरेटर से 15 मिनट में इसका परमानेंट उपचार हो सकता है.

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मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं. मैं प्रेग्नेंट हूं. सोनोग्राफ़ी से पता चला कि मेरे गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं. कृपया, बताएं कि प्रेग्नेंसी में मुझे किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
– वैजयंती गोखले, नासिक. 

आपको पौष्टिक और संतुलित आहार लेना चाहिए. बेहतर होगा कि अपने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें और अपना रेग्युलर चेकअप करवाती रहें. इसके अतिरिक्त सावधानी के तौर पर यौन संबंधों से दूर रहें. कोई भी भारी सामान न उठाएं. मोटर साइकिल और ऑटोरिक्शा में ट्रैवलिंग से बचें. गायनाकोलॉजिस्ट द्वारा बताए गए सभी सप्लीमेंट्स और वैक्सिनेशन समय पर लें. सारे टेस्ट समय पर कराएं. घबराने की कोई बात नहीं. यदि टेस्ट नॉर्मल होंगे, तो डिलीवरी भी नॉर्मल होने की संभावना अधिक होगी.

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Safe Pregnancy Tips

मेरी उम्र 17 साल है. पिछले कुछ दिनों से मेरे राइट ब्रेस्ट में गांठ-सी महसूस हो रही है, जिसमें दर्द तो बिल्कुल नहीं होता, पर सूजन बनी हुई है. मुझे डर है, कहीं ये गांठ कैंसर की तो नहीं है?
 – वंदना मैथ्यू, दिल्ली.

आपको फाइब्रोएडेनोमा की शिकायत हो सकती है, जो टीनएजर लड़कियों में अधिक देखी जाती है. फाइब्रोएडेनोमा में होनेवाली सूजन व गांठ कैंसर की नहीं होती. आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट या जनरल सर्जन से संपर्क करें, जो आपका मार्गदर्शन कर सही इलाज करेंेगे. अगर सूजन नॉर्मल है तो चिंता की कोई बात नहीं. लेकिन अगर यह सूजन अधिक दिनों तक बनी रहती है, तो हो सकता है कि सर्जन इससे संबंधित कोई टेस्ट कराएं और सर्जरी की सलाह दें.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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