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Personal Problems: मेनोपॉज़ के क्या लक्षण होते हैं? (What Are The Signs And Symptoms Of Menopause?)

मैं 40 वर्षीया महिला हूं और मेरे पीरियड्स बहुत अनियमित हो गए हैं. क्या ये मेनोपॉज़ (Menopause) की शुरुआत है? कृपया, बताएं कि आमतौर पर मेनोपॉज़ के क्या लक्षण (Symptoms) होते हैं?
– कुमकुम दुबे, नई दिल्ली.

मेनोपॉज़ हर महिला के जीवन में आनेवाला वह स्टेज है, जब उसका मासिक धर्म आना बंद हो जाता है. आमतौर पर यह 40 से 50 की उम्र में होता है. इस स्टेज को पेरीमेनोपॉज़ कहते हैं, जो लगभग 4 सालों तक रहता है, पर किसी-किसी के लिए यह स़िर्फ कुछ महीनों का होता है. इस दौरान पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और जब सालभर पीरियड्स नहीं आते, तो समझ जाएं कि पेरीमेनोपॉज़ ख़त्म हो गया है. इस दौरान हॉट फ्लैशेज़ (अचानक से पूरे शरीर से पसीना आना), रात में पसीना आना, योनि में सूखापन, बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, नींद न आना, मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, त्वचा का ड्राई हो जाना, मुंह सूखना जैसे लक्षण उभर सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: व्हाइट डिस्चार्ज से पीरियड्स जैसा पेटदर्द होता है (What Is Causing White Discharge With Menstrual Cramps?)

Symptoms Of Menopause

मैं 31 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. हाल ही में मेरे ओवेरियन ट्यूब्स का पोटेंसी टेस्ट हुआ, जिसमें दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं. ऐसे में मैं किस तरह मां बन सकती हूं?
– राजेश्‍वरी वर्मा, पणजी.

जैसा कि आपने बताया कि आपकी दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं, तो आपके पास प्रेग्नेंसी के लिए दो विकल्प हैं. पहला विकल्प है सर्जरी, जहां सर्जरी के ज़रिए ट्यूब्स के ब्लॉक्स निकाले जाएंगे. इसके बाद आप नेचुरली कंसीव कर सकती हैं, पर इसमें एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के चांसेज़ ज़्यादा रहते हैं. दूसरा विकल्प है आईवीएफ. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कारण आईवीएफ में सफलता की संभावना पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बढ़ गई है. आईवीएफ की प्रक्रिया भी काफ़ी आसान और पेशेंट फ्रेंडली है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से बात कर सकती हैं, वो आपका सही मार्गदर्शन करेंगे.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: क्या मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी टेस्ट की ज़रूरत है? (Do I Need Diagnostic Laparoscopy Test?)

मेरी उम्र 35 साल है. शादी को 5 साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी और मेरे पति की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, फिर भी डॉक्टर ने मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी (Diagnostic Laparoscopy) की सलाह दी है, मुझे इस टेस्ट (Test) की ज़रूरत है?
– रजनी जोगी, भागलपुर.

मैं समझ सकती हूं कि आप ऑपरेशन की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी टेस्ट एनीस्थिसिया की मदद से किया जाता है, जिसमें पेट, गर्भाशय, ट्यूब्स, ओवरीज़, पिछला कोई पेल्विक इंफेक्शन या फिर एंडोमिटिरियोसिस की संभावना की जांच की जाती है. कुछ मामलों में देखा गया है कि ओवरीज़ में एग तो बनते हैं, पर किसी इंफेक्शन के कारण ट्यूब्स के सिकुड़न या टेढ़ेपन की वजह से महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. इसलिए यह टेस्ट ज़रूरी है, ताकि सही तरी़के से आपकी जांच हो सके.

Diagnostic Laparoscopy Test

मेरी पिछली प्रेग्नेंसी बहुत कष्टदायक थी. डिलीवरी के बाद नाल अपने आप नहीं निकली, इसलिए एनीस्थिसिया देकर निकालना पड़ा. इसके बाद खून की कमी हो गई और मुझे ब्लड चढ़ाना पड़ा. उसके बाद कई दिनों तक मुझे बहुत कमज़ोरी महसूस हुई. मैं दोबारा प्रेग्नेंट हूं और मुझे डर है कि कहीं पिछली बार वाली प्रॉब्लम दोबारा न हो जाए?
– ममता मेहता, चंडीगढ़.

जिस प्रकिया से आप गुज़री हैं, उसे नाल का मैन्युअल रिमूवल कहते हैं. इसका कारण गर्भाशय के आकार का असामान्य होना हो सकता है. असामान्य आकार के कारण नाल को निकलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए उसे डॉक्टर को मैन्युअली निकालना पड़ता है. ऐसा दोबारा होने की भी संभावना है. अपने ऑब्सट्रेटीशियन को इस बारे में बता दें, ताकि वो पहले से ही ब्लड का इंतज़ाम कर सकें और ज़्यादा परेशानी न हो.

यह भी पढ़ें: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

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Personal Problems: एचपीवी टेस्ट के क्या फ़ायदे हैं? (What Is The Importance Of HPV Test?)

मैं 40 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में मैं रूटीन चेकअप के लिए गई थी, तब डॉक्टर ने मुझे पैप टेस्ट की बजाय एचपीवी (HPV) (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) डीएनए टेस्ट करवाने की सलाह दी. यह क्या है? इसके क्या फ़ायदे हैं? और क्या यह पैप टेस्ट से बेहतर है?
– दीपा कुमार, सिकंदराबाद.
एचपीवी डीएनए पैप टेस्ट से बेहतर है, क्योंकि यह कैंसर का कारण बननेवाले कई प्रकार के ह्यूमन पैपीलोमा वायरस को डिटेक्ट कर सकता है, जो पैप टेस्ट से मुमकिन नहीं है. आपसे मिले सैंपल को डॉक्टर एक लिक्विड कंटेनर में रखेंगे, जिसे लैब में प्रोसेस कर टेस्ट किया जाएगा. इस टेस्ट के ज़रिए समय से पहले कैंसर का कारण बननेवाले सेल्स के बारे में पता लगाया जा सकता है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने आपको इस टेस्ट की सलाह दी है.
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HPV Test

मैं 40 वर्षीया महिला हूं और पिछले एक साल से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से पीड़ित हूं. पिछले एक साल में यह क़रीब पांच-छह बार हो चुका है. गायनाकोलॉजिस्ट ने सारे चेकअप्स के बाद सब नॉर्मल बताया, पर फिर भी इंफेक्शन बार-बार हो रहा है. मैं फिर से एंटीबायोटिक्स नहीं खाना चाहती. कृपया, उचित सलाह दें.
– पुनीता शुक्ला, मेरठ.
कभी-कभी अगर इंफेक्शन पूरी तरह ठीक न हो, तो वह फिर से हो सकता है. वहीं कुछ लोग थोड़ा आराम मिलते ही एंटीबायोटिक लेना बंद कर देते हैं, जिससे कोर्स पूरा नहीं होता और इंफेक्शन वापस से आ जाता है. चूंकि आप इस समस्या से काफ़ी दिनों से परेशान हैं, तो आपको यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए. सिस्टोस्कोपी के ज़रिए वो आपका ब्लैडर आदि चेक करेंगे, जिससे इंफेक्शन के बार-बार होनेे का कारण पता चल जाएगा.

यह भी पढ़ें: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

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Personal Problems: क्या पति का स्पर्म काउंट टेस्ट कराना ज़रूरी है? (Should You Get Your Husband’s Sperm Count Checked?)

मैं 30 वर्षीया महिला हूं और मेरे पति की उम्र भी इतनी ही है. पिछले 3 सालों से हम प्रेग्नेंसी के लिए ट्राई कर रहे हैं, पर अभी तक हमें कोई सफलता नहीं मिली. क्या महिलाओं की ही तरह पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी की समस्या होती है?
– पार्वती मिश्रा, नोएडा.

रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि महिलाओं की तरह पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी की समस्या काफ़ी कॉमन है. इंफर्टिलिटी के मामलों में ऐसा देखा गया है कि 1/3 मामलों में पुरुषों में होनेवाली इंफर्टिलिटी, 1/3 मामलों में महिलाओं की इंफर्टिलिटी और 1/3 मामलों में दोनों या फिर किन्हीं अज्ञात कारणों से गर्भधारण में प्रॉब्लम हो सकती है. आपको किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलना चाहिए, वो आप दोनों की जांच करके सही इलाज की सलाह देंगे.

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मेरे पति को लगता है कि उनकी स्पर्म क्वालिटी में कुछ समस्या है. इस बात को लेकर उनमें हीनभावना आ गई है. हम प्रेग्नेंसी प्लान करने के बारे में सोच रहे हैं, इसलिए जानना चाहते हैं कि क्या पति का स्पर्म काउंट टेस्ट कराना ज़रूरी है? और पुरुषों के लिए नॉर्मल स्पर्म काउंट क्या है?
– शशि मेहरा, हैदराबाद.

सीमेन टेस्ट के ज़रिए पुरुषों के सीमेन में स्पर्म काउंट और उसकी क्वालिटी की जांच की जाती है. आमतौर पर 1 मिलीलीटर सीमेन में 15 से 100 मिलियन स्पर्म होते हैं. 10 मिलियन से नीचे स्पर्म काउंट लो माना जाता है, जबकि 15 मिलियन या उससे अधिक का स्पर्म काउंट सामान्य माना जाता है, बशर्ते उसकी क्वालिटी अच्छी हो. स्टडी में यह बात पता चली है कि क़रीब 10-15% पुरुषों में स्पर्म काउंट ज़ीरो होता है, जिसके कारण उन्हें इंफर्टाइल कहा जा सकता है, इसलिए अगर किसी का स्पर्म काउंट 10 मिलियन से कम हो, तो उन्हें इंफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलकर अपना इलाज कराना चाहिए. आप सबसे पहले अपने पति को सीमेन टेस्ट कराने की सलाह दें, ताकि उनका स्पर्म काउंट पता चल सके.

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Personal Problems: व्हाइट डिस्चार्ज से पीरियड्स जैसा पेटदर्द होता है (What Is Causing White Discharge With Menstrual Cramps?)

हेलो डॉक्टर, हर महीने में मुझे २ दिन सफ़ेद पानी (व्हाइट डिस्चार्ज) आता है, जिसके दौरान पीरियड्स जैसा पेटदर्द होता है. इसका क्या कारण है और इसके लिए अगर कोई घरेलू उपचार (Home Remedies) हो तो कृपया बताएं.
– साक्षी सिंह, पुणे.

अगर आपको वेजाइनल इंफेक्शन है, तो आपको इनमें से कुछ समस्याएं हो सकती हैं.

  • वेजाइनल डिस्चार्ज, जो सामान्य डिस्चार्ज से अलग हो.
  • वेजाइना से दुर्गंध आना.
  • वेजाइना में खुजली.
  • यूरिन करते वक़्त दर्द.
  • सेक्सुअल इंटरकोर्स के दौरान दर्द या जलन महसूस होना.

कई महिलाओं में लक्षण नज़र आते हैं, लेकिन कुछ महिलाओं में ये लक्षण मामूली होते हैं या होते ही नहीं हैं. रूटीन पेल्विक जांच के ज़रिए डॉक्टर वेजाइनल इंफेक्शन का पता लगा सकता है. उसके बाद वेजाइनल फ्लुइड को टेस्ट करके इस बात का पता लगाया जा सकता है कि इंफेक्शन है या नहीं. रेग्युलर चेकअप करना ज़रूरी है. ऊपर दिए गए लक्षणों में से अगर एक भी आप में है, तो गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है?

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या पीरियड्स न आना प्रेग्नेंसी की निशानी है?

White Discharge With Menstrual Cramps

 

मेरी उम्र ३९ है. १ साल पहले मैं डिप्रेशन में थी और पिछले ७ महीनों से मेरे पीरियड्स सिर्फ़ 2 दिन ही रहते हैं और ब्लीडिंग भी बहुत कम होती है. क्या यह मेनोपॉज़ की निशानी है? या फिर डिप्रेशन के कारण ऐसा हो रहा है. क्या मुझे किसी तरह का ट्रीटमेंट लेना होगा या फिर हेल्दी लाइफस्टाइल से ये ठीक हो जाएगा. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– प्राची देसाई, बैंगलुरु.

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हार्मोन्स का असंतुलन, पोषण की कमी, पीसीओएस, थायरॉइड प्रॉब्लम्स. अपने परिवार में पता करें कि अर्ली मेनोपॉज़ की हिस्ट्री तो नहीं. आपको कुछ ब्लड टेस्ट कराने होंगे. टेस्ट में ओवेरियन रिज़र्व चेक कराएं और सोनोग्राफी करवाएं ताकि पता चल सके कि कितने साल और रुक सकते हैं.

 

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Personal Problems: क्या लेबर पेन के लिए दवा लेनी पड़ेगी? (Do I Need Medicines To Induce Labor Pain?)

Medicines To Induce Labor Pain
कुछ ही महीने में मेरी दूसरी डिलीवरी है. दो साल पहले, पहली डिलीवरी के व़क्त डिलीवरी की तारीख़ के एक हफ़्ते बाद भी जब डिलीवरी नहीं हुई, तब डॉक्टर ने लेबर पेन शुरू करनेवाली दवाइयां दी थीं. मेरे डॉक्टर ने कहा है कि इस बार भी शायद मेरा लेबर पेन ख़ुद से शुरू न हो. क्या ऐसा ही होता है?
– श्रुति झा, दरभंगा.
आप अकेली नहीं हैं, जिसके साथ ऐसा हुआ है. ऐसा लगभग 7% महिलाओं के साथ होता है. चूंकि पिछली प्रेग्नेंसी के व़क्त ऐसा हुआ था, इसलिए दोबारा इसकी संभावना बनी हुई है. हालांकि हर प्रेग्नेंसी अलग होती है, फिर भी अभी आपके पास कुछ महीने हैं, डॉक्टर से संपर्क बनाए रखें.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी?

Medicines To Induce Labor

मैं 40 वर्षीया महिला हूं और पिछले एक साल से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से पीड़ित हूं. पिछले एक साल में यह क़रीब पांच-छह बार हो चुका है. गायनाकोलॉजिस्ट ने सारे चेकअप्स के बाद सब नॉर्मल बताया, पर फिर भी इंफेक्शन बार-बार हो रहा है. मैं फिर से एंटीबायोटिक्स नहीं खाना चाहती. कृपया, उचित सलाह दें.
– पुनीता शुक्ला, मेरठ.
कभी-कभी अगर इंफेक्शन पूरी तरह ठीक न हो, तो वह फिर से हो सकता है. वहीं कुछ लोग थोड़ा आराम मिलते ही एंटीबायोटिक लेना बंद कर देते हैं, जिससे कोर्स पूरा नहीं होता और इंफेक्शन वापस से आ जाता है. चूंकि आप इस समस्या से काफ़ी दिनों से परेशान हैं, तो आपको यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए. सिस्टोस्कोपी के ज़रिए वो आपका ब्लैडर आदि चेक करेंगे, जिससे इंफेक्शन के बार-बार होनेे का कारण पता चल जाएगा.

 

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Personal Problems: योनि से पीले रंग के स्राव का क्या कारण हो सकता है? (Reasons For Yellow Vaginal Discharge)

मैं 20 वर्षीय अविवाहित लड़की हूं. मेरे योनि (Vagina) मार्ग से पीले रंग (Yellow Color) का स्राव होता है, जिससे दुर्गंध-सी भी आती है. योनि में अक्सर खुजली की शिकायत भी बनी रहती है. इसके लिए मैंने कई तरह की एंटी फंगल क्रीम भी इस्तेमाल की, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ. मुझे ऐसा उपाय बताएं, जिससे मेरी यह बीमारी (Disease) दूर हो सके.
-सुनीता कपूर, हरियाणा.

आपकी योनि में इंफेक्शन हो गया है. एंटी फंगल क्रीम इस्तेमाल करने की बजाय बेहतर होगा कि इंफेक्शन के समय आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से अपना चेकअप करवाएं. दवाइयां इस्तेमाल करने के साथ–साथ सफ़ाई पर भी ख़ास ध्यान दें. इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके अंदरूनी वस्त्र नायलॉन के न हों. दिन में दो बार स्नान करें और अंदरूनी वस्त्र भी बदलें. आप एंटी फंगल पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. इसके अलावा अपने यूरिन की जांच भी करवाएं, ताकि इंफेक्शन के बारे में पूरी तरह मालूम हो सके.

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Yellow Vaginal Discharge

मैं 26 साल की हूं. मेरे घर में धार्मिक अनुष्ठान है. उसी समय मेरे पीरियड का भी समय है, जिसकी वजह से मैं बेहद चिंतित हूं, क्योंकि पीरियड हो गया तो मैं वो फंक्शन अटेंड नहीं कर पाऊंगी. मैं अपना पीरियड पोस्टपोन करने के लिए क्या करूं?
– रोहिणी कुमारी, छत्तीसगढ.

यह आपके मासिक चक्र पर निर्भर करता है. अगर आपका पीरियड बस अभी बिता ही है तो आप एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोनयुक्त गर्भनिरोधक गोलियां ले सकती हैं, जिसे आपको पीरियड आने तक ज़ारी रखना होगा. अगर आपका पीरियड आकर 10 से 15 दिन बीत चुके हैं तो आप प्रोजेस्ट्रोन के हाई डोज़ वाली दवाएं ले सकती हैं. इसके लिए आप अपने डॉक्टर से मिलें.

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Personal Problems: क्या लो स्पर्म काउंट से मां बन पाऊंगी? (Can I Still Get Pregnant With Low Sperm Count?)

मैं 28 साल की शादीशुदा महिला हूं. मेरी शादी को 3 साल हो चुके हैं. मेरी समस्या ये है कि मेरे पति के वीर्य में शुक्राणु (Sperm) कम हैं. क्या मैं मां बन सकती हूं? कृपया, उचित सलाह दें.
– अर्चना भाटिया, दिल्ली.

वीर्य में शुक्राणु की कमी के दो कारण हो सकते हैं- टेस्टकुलर फेलियर यानि अंडग्रंथि द्वारा शुक्राणु का निर्माण करने में असमर्थता और दूसरा अंडग्रंथि शुक्राणु का निर्माण करते हैं, लेकिन मार्ग में कोई रुकावट होती है. अगर दूसरा कारण है तो रुकावट हटाने के लिए छोटी सी सर्जरी करनी पड़ सकती है. अगर इसके बावजूद फ़ायदा नहीं होता या शुक्राणु का निर्माण ही नहीं हो रहा है तो टेस्टीकुलर बायोप्सी करवाई जा सकती है. अगर इसमें कुछ अच्छे शुक्राणु मिल जाते हैं तो आप टेस्टट्यूब बेबी का रास्ता अपना सकती हैं, जिसमें महिला के अंडे को निकाल कर लेज़र टेकनीक द्वारा शुक्राणु को उसमें इंजेक्ट कर दिया जाता है और इसके बाद टेस्टट्यूब बेबी को गर्भाशय में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है. अगर बायोप्सी में शुक्राणु नहीं मिलते तो दूसरे का किसी दानकर्ता से शुक्राणु लिया जा सकता है.

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Low Sperm Count

मैं 21 साल की हूं. मेरा मासिक धर्म हमेशा नियमित रहता है, किंतु मासिक धर्म आने के पूर्व मेरा पेट फूल जाता है और अचानक वज़न भी बढ़ जाता है. ऐसा क्यों होता है? कृपया इस बारे में जानकारी दें.
– प्रतिमा सिंह, बिहार.

आपकी समस्याओं के बारे में जानकर ऐसा लगता है कि आप पीएमएस (प्रीमेन्सट्रुअल सिंड्रोम) यानि माहवारी से पहले होनेवाली तकलीफ़ों से गुज़र रही हैं. इस दौरान आपको अपने आप में और भी कई तरह के बदलाव नज़र आ सकते हैं, जैसे- स्तनों के आकार में वृद्धि, स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना, अधिक भूख लगना आदि. ये सब माहवारी के दौरान के सामान्य लक्षण हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है. हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट से यह अवश्य जान लें कि आपके वज़न बढ़ने का कारण कहीं कोई और समस्या तो नहीं है.

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Personal Problems: एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के बाद कब कंसीव कर पाऊंगी? (How Long Should I Wait After Ectopic Pregnancy?)

हेलो डॉक्टर, १ महीने पहले मुझे एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी हुई थी. मुझे यह पूछना है कि अब मैं कब तक कंसीव कर पाऊंगी? 
– प्रिया सिंह, जयपुर 

एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के बाद आमतौर पर दूसरी प्रेग्नेंसी के लिए ३-४ महीने का इंतज़ार करना चाहिए. कृपया, ध्यान रखें कि एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के बादवाली प्रेग्नेंसी में दोबारा एक्टॉपिक होने का ख़तरा बना रहता है. इसलिए आप डॉक्टर से मिलकर उनकी गाइडेंस के साथ प्रेग्नेंसी प्लान करें. नियमित रूप से सोनोग्राफी करवाती रहें, ताकि एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के बारे में शुरू में ही पता चल सके.

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Personal Problems

मैं २१ वर्षीया हूँ. पिछले कई महीनों से मेरे पीरियड्स ५-६ दिन पहले ही आ जाते हैं और बहुत तेज़ पेटदर्द भी होता है. कृपया बताएं मैं क्या करूं?
– सोनी पांडेय, इंदौर.

४-५ दिन पहले पीरियड्स आना नॉर्मल है. इससे आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए. जहाँ तक दर्द की बात है तो एक सोनोग्राफी करवा लें. इससे दर्द का कारण पता चल जाएगा.  दर्द के कई कारण हो सकते हैं जैसे एंडोमीटीरिऑसिस, ओवरी में सिस्ट, पेल्विक इंफ्लामेटरी डिसीज़ हो सकती है. आप डॉक्टर से कन्सल्टेशन के बाद पेनकिलर्स ले सकती हैं.

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Personal Problems: क्या पीरियड्स में सेक्स करने से प्रेग्नेंसी हो सकती है? (Can You Pregnant During Your Periods?)

मेरी एक सहेली ने पीरियड्स के पहले दिन सेक्स किया था, जिसके बाद दूसरे दिन से उसे ब्लीडिंग हुई ही नहीं. पीरियड्स न होने की वजह से वो काफ़ी परेशान है. कहीं वो प्रेग्नेंट तो नहीं?
–  मोहिनी राणा, इलाहाबाद.

अगर पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग फ्लो सही था, तो प्रेगनेंसी के बहुत काम चान्सेस हैं. आपके इस तरह के ब्लड फ्लो का कारण हार्मोन्स का असंतुलन हो सकता है. फिर भी निश्चिन्त होने के लिए यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट करा लें. या फिर आप अगले पीरियड्स तक इंतज़ार करें, अगर तब भी ब्लीडिंग इस बार की तरह हो तो समझ जाएं की यह नॉर्मल है. प्रेगनेंसी स्टेटस की सही जानकारी के लिए आप बीटा एचसीजी ब्लड टेस्ट भी करा सकती हैं.

यह भी पढ़ें: पीएमएस के दौरान बहुत ज़्यादा चिड़चिड़ापन महसूस होता है (I Feel Very Frustrated During PMS)

Pregnant in Periods

 

मेरी एक समस्या है कि सेक्स के बाद अक्सर मेरा जी मिचलाने लगता है. सेक्स के बाद उल्टी जैसा फील होना क्या नॉर्मल है?
– सानिका मोरे, पुणे.

ये बेहद ही सामान्य बात है. हार्मोनल बदलाव की वजह से सेक्स से पहले और बाद में इस तरह की समस्या होती है. सेक्सुअल ऐक्टिविटी शुरू करने से पहले पानी पीना अवॉइड करें. सेक्सु्अल ऐक्टिविटी के बाद अपने गुप्तागों को क्लीन करें. रूम का तापमान कम रखें, इन चीज़ों को करने से आपको काफ़ी मदद मिलेगी. आप चिंता न करें, क्योंकि ये चिंता वाली बात ही नहीं है.

 

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Personal Problems: पीएमएस के दौरान बहुत ज़्यादा चिड़चिड़ापन महसूस होता है (I Feel Very Frustrated During PMS)

मैं 23 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं, पर पिछले कुछ महीनों से पीएमएस के दौरान बहुत ज़्यादा थकान, चिड़चिड़ापन, रात में पसीना आना और पेट फूलने से परेशान हूं. क्या मुझे किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए?
– बरखा झा, पटना.

आपके द्वारा बताए गए लक्षण आपकी उम्र में बहुत आम बात हैं. शरीर में हार्मोंस के बदलाव के कारण ऐसे लक्षण नज़र आते हैं. इस दौरान प्रोजेस्टेरॉन
हार्मोंस के कारण पेट फूलना, छाती में भारीपन, मूड बदलने जैसे लक्षण पाए जाते हैं. पीरियड्स से कुछ दिन पहले से ही खाने में नमक की मात्रा कम कर दें. रोज़ाना थोड़ी देर योग व ध्यान करें. अगर आपको इससे आराम नहीं मिलता, तो गायनाकोलॉजिस्ट से ज़रूर मिलें.

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 PMS Frustrations
मैं 38 वर्षीया स्वस्थ महिला हूं. रोज़ाना संतुलित आहार लेती हूं और हाइजीन का भी पूरा ख़्याल रखती हूं, फिर भी वेजाइनल डिस्चार्ज की समस्या से जूझ रही हूं. इसका क्या कारण हो सकता है. क्या मुझे डॉक्टर से मिलना चाहिए.
– चित्रा मिश्रा, झांसी.

वेजाइनल डिस्चार्ज के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- बैक्टीरियल वेजिनोसिस, कैंडीडा इंफेक्शन, ट्रिकोमोनस इंफेक्शन आदि. अगर आप डायबिटीज़ या अस्थमा के कारण लंबे समय से स्टेरॉइड थेरेपी पर हैं या फिर लंबे समय से एंटीबायोटिक्स का सेवन कर रही हैं, तो आपको वेजाइनल इंफेक्शन हो सकता है. जैसा कि आपने बताया कि आप हाइजीन का ख़्याल रखती हैं, तो भी गर्मियों में आपको ज़्यादा अलर्ट रहने की ज़रूरत है, क्योंकि गर्मियों में उमस और पसीने के कारण वेजाइनल इंफेक्शन की संभावना और भी बढ़ जाती है. इसलिए हमेशा वेजाइना को साफ़ व सूखा रखने की कोशिश करें.

यह भी पढ़ें: पीरियड्स में क्या है नॉर्मल, क्या है ऐब्नॉर्मल? (What Is Normal & Abnormal In Periods?)

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Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

 मैं 32 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में जानना चाहती हूं. क्या ये आम गर्भनिरोधकों की तरह है या इसके कुछ साइड इफेक्ट्स हैं?
– कुसुम मेहता, मुंबई.

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का इस्तेमाल असुरक्षित यौन संबंध के बाद इमरजेंसी में किया जाता है. इसे कभी भी रेग्युलर कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स दो तरह के हैं, एक प्रोजेस्टेरॉनयुक्त टैबलेट और दूसरा कॉपर टी. प्रेग्नेंसी टालने के लिए असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के भीतर टैबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि कॉपर टी के लिए 5 दिनों का समय होता है. इसके साइड इफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन-सा मेथड इस्तेमाल कर रहे हैं. अनियमित माहवारी और उल्टी आना जैसे साइड इफेक्ट्स दोनों ही मेथड में हो सकते हैं, जबकि कॉपर टी में इंफेक्शन का भी डर रहता है. कभी-कभी मेथड फेल भी हो जाता है.

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Emergency Contraceptives

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और डॉक्टर ने मुझे रूटीन हेल्थ चेकअप में पैप स्मियर टेस्ट करने की सलाह दी है. क्या मुझे यह टेस्ट कराना चाहिए?
– कुमकुम अग्रवाल, देहरादून.

पैप स्मियर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसके ज़रिए सर्विक्स में होनेवाले कैंसर व प्रीकैंसर सेल्स की जांच की जाती है. वैसे तो 21 वर्ष पार कर चुकी सभी महिलाओं को हर साल यह टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरू में ही किसी समस्या का पता चल सके. अगर लगातार तीन सालों तक स्मियर टेस्ट निगेटिव आता है, तो यह टेस्ट हर तीन साल में 65 साल की उम्र तक कराना चाहिए. इसमें एक स्पेशल ब्रश के ज़रिए सर्विक्स के सेल्स को इकट्ठा कर टेस्ट के लिए लैब भेजा जाता है, ताकि पता चल सके कि कैंसर है या नहीं.

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