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Personal Problems: बिना सर्जरी ब्रेस्ट साइज़ बढ़ाने के क्या उपाय हैं? (How To Enlarge Breast Size Without Surgery?)

मैं 20 साल की हूं. मेरी समस्या (Problem) यह है कि अन्य लड़कियों की तुलना में मेरे स्तन (Breast) बहुत छोटे हैं. मैंने कई ऐसे विज्ञापन पढ़े हैं, जो बिना किसी सर्जरी (Surgery) के स्तन का आकार बढ़ाने का दावा करते हैं. मेरी जल्दी ही शादी होनेवाली है. मैं उन इलाजों और उनके साइड इफेक्ट्स के बारे में जानना चाहती हूं.
– राशि शुक्ला, जयपुर.

ये सच है कि ब्रेस्ट एनलार्जमेंट के लिए आए दिन विज्ञापन प्रकाशित होते रहते हैं, लेकिन उनकी सच्चाई के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. अगर आप चाहें तो एक्सरसाइज़ करके अपने स्तनों का आकार बढ़ा सकती हैं. इसके लिए आप जिम ज्वाइन कर सकती हैं और इंस्ट्रक्टर को अपना उद्ददेश्य बता दें. इसके अलावा आप गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. ये न सिर्फ़ स्तनों का आकार बढ़ाएंगी, बल्कि अनचाहे गर्भ से भी सुरक्षित रखेंगी. वैसे सबसे अच्छा तरीका है-ब्रेस्ट इम्प्लांट, जिसमें 40,000 से 80,000 रुपए ख़र्च आता है. वैसे मेरा मानना है कि ये सब दिमागी फ़ितूर है. अगर आप अपने शरीर के बारे में पॉज़िटिव सोच रखें तो ब्रेस्ट का साइज़ कोई मायने नहीं रखता.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: क्या ब्रेस्ट कैंसर की गांठ में दर्द होता है? (Is Breast Cancer Lump Painful?)

How To Enlarge Breast Size

मैं 28 वर्षीया महिला हूं और कुछ महीने पहले ही मेरी नॉर्मल डिलीवरी हुई है, पर उसके कुछ हफ़्तों बाद से ही मुझे प्रोलैप्स जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं. क्या मुझे तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
– इशिता शुक्ला, जबलपुर.

कभी-कभी महिलाओं को प्रोलैप्स जैसा महसूस होता है, पर वैसा होता नहीं. हो सकता है कि गर्भाशय अपनी जगह से हल्का-सा खिसक गया हो, पर यह तो कीगल एक्सरसाइज़ से भी ठीक हो जाएगा. सबसे पहले आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलकर ज़रूरी टेस्ट्स करवा लें, ताकि पता चल सके कि प्रोलैप्स है या नहीं. फ़िलहाल के लिए डॉक्टर आपको दवाएं देकर 6 हफ़्तों तक ऑब्ज़र्व कर सकते हैं. दरअसल, डिलीवरी के बाद आयरन पिल्स लेने के कारण महिलाओं को कब्ज़ की शिकायत हो जाती है और इंट्रा एब्डॉमिनल प्रेशर से पेल्विक मसल्स कमज़ोर हो जाती हैं, जिसके कारण ऐसा महसूस होता है. आप हेल्दी डायट लें और कुछ पेल्विक एक्सरसाइज़ेज़ करें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: क्या मेडिकल एबॉर्शन सेफ और इफेक्टिव है? (Is The Medical Abortion Safe?)

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: क्या मेडिकल एबॉर्शन सेफ और इफेक्टिव है? (Is The Medical Abortion Safe?)

मेरी नौ महीने की बेटी है, जिसे मैं ब्रेस्ट फीडिंग करती हूं. मेरी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पॉज़ीटिव (Pregnancy Report Positive) आई है और सोनोग्राफी में 5 हफ़्ते की प्रेग्नेंसी का पता चला है. मेरे डॉक्टर ने मुझे सर्जिकल एबॉर्शन (Surgical Abortion) की बजाय मेडिकल एबॉर्शन (Medical Abortion) की सलाह दी है. क्या यह सेफ और इफेक्टिव है?
– महिमा झा, हिसार.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि मेडिकल एबॉर्शन सेफ और इफेक्टिव तरीक़ा है. इसमें दो गोलियां दी जाती हैं. सर्जिकल प्रोसीजर भले ही कितना भी छोटा हो, फिर भी उसमें एनीस्थिसिया दिया जाता है और प्रोसीजर में कॉम्प्लीकेशंस की संभावना भी बनी रहती है, क्योंकि आपके डॉक्टर ने आपको मेडिकल एबॉर्शन की सलाह दी है, तो उन्होंने इसके बारे में आपको पूरी जानकारी भी दी होगी. इसलिए बेफिक्र रहें. ये बिल्कुल सेफ है.

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Medical Abortion
मेरी उम्र 27 साल है और रेग्युलर एक्सरसाइज़ व डायटिंग के बावजूद मेरा वज़न बढ़ रहा है. मेरे बाल बहुत झड़ गए हैं और पीरियड्स भी अनियमित हो गए हैं. साथ ही मुझे बहुत ज़्यादा ठंड भी लगती है. डॉक्टर ने पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ की जांच के लिए टेस्ट भी करवाया, पर रिपोर्ट्स नॉर्मल आईं. अब उन्हें थायरॉइड की आशंका है और वे मेरा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं, लेकिन क्या यह थायरॉइड हो सकता है?
– वानी त्रिवेदी, बीकानेर.

थायरॉइड ग्लैंड हमारे गले में स्थित सबसे बड़ा एंडोक्राइन ग्लैंड है, जो थायरॉइड हार्मोंस- टी3 और टी4 का निर्माण करता है. आपके द्वारा बताए गए लक्षणों को देखकर लगता है कि आपको हाइपोथायरॉइडिज़्म है. इसे कंफर्म करने का तरीक़ा स़िर्फ ब्लड टेस्ट ही है, तभी आपके टी3 और टी4 हार्मोंस के लेवल्स का पता चल पाएगा. इसके बाद ही डॉक्टर आपको दवाइयों आदि के बारे में बता पाएंगे.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: मेनोपॉज़ के क्या लक्षण होते हैं? (What Are The Signs And Symptoms Of Menopause?)

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Personal Problems: किन कारणों से महिलाओं के हार्मोंस असंतुलित होते हैं? (What Are The Reasons For Hormonal Imbalance In Women?)

मैं 29 वर्षीया कामकाजी महिला (Working Women) हूं. मैं जानना चाहती हूं कि किन कारणों से महिलाओं के हार्मोंस असंतुलित (Hormonal Imbalance) होते हैं. कृपया, मार्गदर्शन करें.
 
– नैना देसाई, गुड़गांव.

 

महिलाओं में हार्मोंस असंतुलन के कई कारण हो सकते हैं. अक्सर यह ऑर्गैनिक या स्ट्रेस से जुड़े डिसऑर्डर्स के कारण होता है. अब आपका ही केस ले लें, कामकाजी होने के कारण ऑफिस और घर की दोहरी ज़िम्मेदारियों के कारण अक्सर आप तनाव में रहती होंगी. लगातार तनाव का असर आपके नर्वस सिस्टम पर पड़ता है, जो आपके पीरियड्स को प्रभावित करता है. इसके अलावा जिन महिलाओं में एनोरेक्सिया नर्वोसा या बुलिमिया जैसे ईटिंग डिसऑर्डर्स होते हैं, उनके हार्मोंस भी असंतुलित रहते हैं. साथ ही एथलीट्स या डांसर्स, जो बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ या वर्कआउट करते हैं, उनके हार्मोंस भी असंतुलित हो सकते हैं.

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 Hormonal Imbalance In Women
मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

 

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)
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Personal Problems: ट्रिपल टेस्ट क्या होता है? (What Is Triple Test?)

मैं 35 वर्षीया महिला हूं, पर अभी तक मां नहीं बन पाई हूं. कुछ समय पहले मैंने कंसीव किया था, पर ट्यूब में प्रेग्नेंसी होने के कारण तुरंत सर्जरी करवानी पड़ी थी. मुझे यह जानना है कि क्या इसके बाद मैं नेचुरली कंसीव कर पाऊंगी?
– राजेश्‍वरी पांडेय, पालमपुर.

महिलाओं में दो ट्यूब्स होती हैं, जिन्हें फैलोपियन ट्यूब्स कहते हैं. ये क़रीब 10 सेंटीमीटर लंबी होती हैं. ट्यूबरकुलोसिस (टीबी), प्रमेह, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ और अन्य यौन रोगों के कारण ट्यूब्स में इंफेक्शन हो सकता है या वो पूरी तरह ख़राब भी हो सकती हैं. जैसा कि आपने बताया कि आपकी इमर्जेंसी में सर्जरी की गई थी, दरअसल उसमें आपकी डैमेज्ड ट्यूब निकाल दी गई होगी. सबसे पहले आपकी दूसरी ट्यूब को चेक करना होगा कि उसमें कोई इंफेक्शन तो नहीं, क्योंकि अगर आपकी एक ट्यूब भी सही-सलामत है, तो आपके नेचुरली कंसीव करने के अभी भी 50% चांसेस हैं. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलें.

यह भी पढ़ें: क्या विटामिन डी3 लेवल चेक कराने की ज़रूरत है? (Do You Need To Go For A Vitamin D3 Test?)

Triple Test

मैं 36 वर्षीया महिला हूं और मेरी पहली प्रेग्नेंसी को 2 महीने हो गए हैं. सोनोग्राफी के बाद डॉक्टर ने सब नॉर्मल बताया, पर चौथे महीने में ट्रिपल टेस्ट कराने की सलाह भी दी है. यह टेस्ट किसलिए है?
– चेतना पटवा, आगरा.

यह प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में किया जानेवाला एक ब्लड टेस्ट है. दरअसल, आपकी उम्र 35 साल से ज़्यादा है और इस उम्र के बाद प्रेग्नेंसी में कुछ असामान्यताएं आ सकती हैं, इसलिए डॉक्टर ने आपको यह टेस्ट कराने की सलाह दी है. ट्रिपल टेस्ट के ज़रिए यह जानने की कोशिश की जाती है कि कहीं गर्भवती मां को कोई क्रोमोज़ोमल असामान्यताएं या फिर न्युरल ट्यूब डिफेक्ट्स की संभावना तो नहीं. आमतौर पर इस टेस्ट के साथ अल्ट्रासाउंड भी किया जाता है. अगर किसी तरह की असामान्यता पाई गई और टेस्ट पॉज़ीटिव आया तो,  आपको एक और टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: मेनोपॉज़ के क्या लक्षण होते हैं? (What Are The Signs And Symptoms Of Menopause?)

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Personal Problems: मेनोपॉज़ के क्या लक्षण होते हैं? (What Are The Signs And Symptoms Of Menopause?)

मैं 40 वर्षीया महिला हूं और मेरे पीरियड्स बहुत अनियमित हो गए हैं. क्या ये मेनोपॉज़ (Menopause) की शुरुआत है? कृपया, बताएं कि आमतौर पर मेनोपॉज़ के क्या लक्षण (Symptoms) होते हैं?
– कुमकुम दुबे, नई दिल्ली.

मेनोपॉज़ हर महिला के जीवन में आनेवाला वह स्टेज है, जब उसका मासिक धर्म आना बंद हो जाता है. आमतौर पर यह 40 से 50 की उम्र में होता है. इस स्टेज को पेरीमेनोपॉज़ कहते हैं, जो लगभग 4 सालों तक रहता है, पर किसी-किसी के लिए यह स़िर्फ कुछ महीनों का होता है. इस दौरान पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और जब सालभर पीरियड्स नहीं आते, तो समझ जाएं कि पेरीमेनोपॉज़ ख़त्म हो गया है. इस दौरान हॉट फ्लैशेज़ (अचानक से पूरे शरीर से पसीना आना), रात में पसीना आना, योनि में सूखापन, बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, नींद न आना, मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, त्वचा का ड्राई हो जाना, मुंह सूखना जैसे लक्षण उभर सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: व्हाइट डिस्चार्ज से पीरियड्स जैसा पेटदर्द होता है (What Is Causing White Discharge With Menstrual Cramps?)

Symptoms Of Menopause

मैं 31 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. हाल ही में मेरे ओवेरियन ट्यूब्स का पोटेंसी टेस्ट हुआ, जिसमें दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं. ऐसे में मैं किस तरह मां बन सकती हूं?
– राजेश्‍वरी वर्मा, पणजी.

जैसा कि आपने बताया कि आपकी दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं, तो आपके पास प्रेग्नेंसी के लिए दो विकल्प हैं. पहला विकल्प है सर्जरी, जहां सर्जरी के ज़रिए ट्यूब्स के ब्लॉक्स निकाले जाएंगे. इसके बाद आप नेचुरली कंसीव कर सकती हैं, पर इसमें एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के चांसेज़ ज़्यादा रहते हैं. दूसरा विकल्प है आईवीएफ. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कारण आईवीएफ में सफलता की संभावना पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बढ़ गई है. आईवीएफ की प्रक्रिया भी काफ़ी आसान और पेशेंट फ्रेंडली है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से बात कर सकती हैं, वो आपका सही मार्गदर्शन करेंगे.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

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Personal Problems: एचपीवी टेस्ट के क्या फ़ायदे हैं? (What Is The Importance Of HPV Test?)

मैं 40 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में मैं रूटीन चेकअप के लिए गई थी, तब डॉक्टर ने मुझे पैप टेस्ट की बजाय एचपीवी (HPV) (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) डीएनए टेस्ट करवाने की सलाह दी. यह क्या है? इसके क्या फ़ायदे हैं? और क्या यह पैप टेस्ट से बेहतर है?
– दीपा कुमार, सिकंदराबाद.
एचपीवी डीएनए पैप टेस्ट से बेहतर है, क्योंकि यह कैंसर का कारण बननेवाले कई प्रकार के ह्यूमन पैपीलोमा वायरस को डिटेक्ट कर सकता है, जो पैप टेस्ट से मुमकिन नहीं है. आपसे मिले सैंपल को डॉक्टर एक लिक्विड कंटेनर में रखेंगे, जिसे लैब में प्रोसेस कर टेस्ट किया जाएगा. इस टेस्ट के ज़रिए समय से पहले कैंसर का कारण बननेवाले सेल्स के बारे में पता लगाया जा सकता है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने आपको इस टेस्ट की सलाह दी है.
यह भी पढ़ें: Personal Problems: व्हाइट डिस्चार्ज से पीरियड्स जैसा पेटदर्द होता है (What Is Causing White Discharge With Menstrual Cramps?)

HPV Test

मैं 40 वर्षीया महिला हूं और पिछले एक साल से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से पीड़ित हूं. पिछले एक साल में यह क़रीब पांच-छह बार हो चुका है. गायनाकोलॉजिस्ट ने सारे चेकअप्स के बाद सब नॉर्मल बताया, पर फिर भी इंफेक्शन बार-बार हो रहा है. मैं फिर से एंटीबायोटिक्स नहीं खाना चाहती. कृपया, उचित सलाह दें.
– पुनीता शुक्ला, मेरठ.
कभी-कभी अगर इंफेक्शन पूरी तरह ठीक न हो, तो वह फिर से हो सकता है. वहीं कुछ लोग थोड़ा आराम मिलते ही एंटीबायोटिक लेना बंद कर देते हैं, जिससे कोर्स पूरा नहीं होता और इंफेक्शन वापस से आ जाता है. चूंकि आप इस समस्या से काफ़ी दिनों से परेशान हैं, तो आपको यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए. सिस्टोस्कोपी के ज़रिए वो आपका ब्लैडर आदि चेक करेंगे, जिससे इंफेक्शन के बार-बार होनेे का कारण पता चल जाएगा.

यह भी पढ़ें: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

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Personal Problems: पीरियड्स के बाद यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो जाता है (Do You Get Urinary Tract Infection (UTI) After Period?)

मेरी उम्र 32 साल है. पिछले १ साल से हर पीरियड्स (Periods) के बाद मुझे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary Tract Infection) हो जाता है, जिसके लिए मुझे एंटबायोटिक्स लेनी पड़ती हैं. और पीरियड्स भी समय पर नहीं आते, आगे पीछे हो जाते हैं. मैं बहुत परेशान हो गई हूं, कृपया मेरी मदद करें.
– शांति कमानी, हैदराबाद.

आपके लक्षण देखकर लग रहा है कि ये यूरिनरी इंफेक्शन है. ज़्यादातर यूरिन इंफेक्शन का कारण बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारी ही आंतों से आते हैं. ये हमारी आंतों को तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन जब शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंच जाते हैं, तब इंफेक्शन का कारण बनते हैं. कुछ बैक्टीरिया आपके गुदा द्वार (ऐनस) में रहते हैं, जो आपके ब्लैडर तक पहुंचकर यूरिन इंफेक्शन का कारण बनते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी के कारण भी महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन होता है. इसके अलावा अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने और कम पानी पीने के कारण भी यूरिनरी टैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) होता है. यूटीआई में राहत के लिए भरपूर पानी पीएं, ताकि जर्म्स आपके शरीर से फ्लश आउट हो जाएं. इसके अलावा क्रैनबेरी का जूस और नींबू पानी पीएं. साफ़-सुथरी अंडरवेयर पहनें और प्राइवेट पार्ट्स की हाइज़ीन का ख़्याल रखें. अगर यह समस्या आपको बार-बार हो रही है, तो गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें.पीरियड्स का यूरिन इंफेक्शन और एंटीबायोटिक्स से कोई कनेक्शन नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी?

Urinary Tract Infection

 

मेरी उम्र ३९ है. १ साल पहले मैं डिप्रेशन में थी और पिछले ७ महीनों से मेरे पीरियड्स सिर्फ़ 2 दिन ही रहते हैं और ब्लीडिंग भी बहुत कम होती है. क्या यह मेनोपॉज़ की निशानी है? या फिर डिप्रेशन के कारण ऐसा हो रहा है. क्या मुझे किसी तरह का ट्रीटमेंट लेना होगा या फिर हेल्दी लाइफस्टाइल से ये ठीक हो जाएगा. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– उमा विश्वास, फ़िरोज़पुर.

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हार्मोन्स का असंतुलन, पोषण की कमी, पीसीओएस, थायरॉइड प्रॉब्लम्स. अपने परिवार में पता करें कि अर्ली मेनोपॉज़ की हिस्ट्री तो नहीं. आपको कुछ ब्लड टेस्ट कराने होंगे. टेस्ट में ओवेरियन रिज़र्व चेक कराएं और सोनोग्राफी करवाएं ताकि पता चल सके कि कितने साल और रुक सकते हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है?

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या पीरियड्स न आना प्रेग्नेंसी की निशानी है?

Dr. Rajshree Kumar

 

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Personal Problems: कंसीव न कर पाने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be Possible Reasons For Non Conception?)

मैं 26 वर्षीया महिला हूं. ढाई साल पहले मेरी शादी हुई थी, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मुझे इसके लिए क्या करना होगा?
– शीतल पटेल, सूरत.

अगर गर्भधारण के लिए ट्राई करते हुए आपको 12 महीने से ज़्यादा का समय हो गया है, तो आपको इसके लिए किसी एक्सपर्ट डॉक्टर, जैसे- गायनाकोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी एक्सपर्ट को मिलना होगा. वो कुछ टेस्ट्स करके चेक करेंगे कि आपके केस में सबकुछ ठीक है या नहीं. कंसेप्शन के लिए कुछ बातें ज़रूरी हैं, जैसे- हर महीने महिला के ओवरीज़ से एग का रिलीज़ होना, एग फैलोपियन ट्यूब्स से होकर यूटरस में पहुंचे और इस दौरान एग पुरुष के स्पर्म से फर्टिलाइज़ हो और फिर फर्टिलाइज़्ड एग यूटरस में प्लांट हो. इस पूरी प्रक्रिया में आपके एग्स और ओव्यूलेशन काफ़ी मायने रखता है, इसलिए डॉक्टर टेस्ट के ज़रिए आपके ओवेरियन रिज़र्व को चेक करेंगी. आप चाहें, तो किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से भी मिल सकती हैं.

यह भी पढ़ें: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

 

urine infection
मैं 32 वर्षीया महिला हूं. कैसे कहूं, समझ में नहीं आ रहा, पर मुझे बार-बार यूरिन इंफेक्शन की समस्या हो जाती है. मैं क्या करूं, कृपया बताएं.
– उमा पांडे, कानपुर.

जर्म्स और बैक्टीरिया के कारण क्रॉनिक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होता है, पर ई-कोली बैक्टीरिया इसका मुख्य कारण हो सकता है. बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, यूरिन में ब्लड आना, ब्लैडर एरिया में दर्द और लोअर बैक में दर्द होना इसके लक्षण हैं. अगर यूरिन इंफेक्शन आपकी किडनी तक पहुंच जाए, तो बुख़ार, उल्टी आना, चक्कर आना और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कुछ बैक्टीरिया यूरिन के ज़रिए बड़ी तेज़ी से बढ़ते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी के कारण भी महिलाएं इसकी शिकार हो सकती हैं. कम पानी पीना और अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल भी आपको यह इंफेक्शन दे सकता है, इसलिए सावधान रहें. ख़ूब पानी पीएं, ताकि जर्म्स शरीर से फ्लश आउट हो जाएं. किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

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Personal Problems: रूटीन हेल्थ चेकअप में क्या पैप स्मियर टेस्ट कराना चाहिए? (Should I Go For A Pap Smear Test In Routine Health Checkup?)

मैं 32 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में जानना चाहती हूं. क्या ये आम गर्भनिरोधकों की तरह है या इसके कुछ साइडइफेक्ट्स हैं?
– कुसुम मेहता, मुंबई.

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का इस्तेमाल असुरक्षित यौन संबंध के बाद इमरजेंसी में किया जाता है. इसे कभी भी रेग्युलर कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स दो तरह के हैं, एक प्रोजेस्टेरॉनयुक्त टैबलेट और दूसरा कॉपर टी. प्रेग्नेंसी टालने के लिए असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के भीतर टैबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि कॉपर टी के लिए 5 दिनों का समय होता है. इसके साइडइफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन-सा मेथड इस्तेमाल कर रहे हैं. अनियमित माहवारी और उल्टी आना जैसे साइडइफेक्ट्स दोनों ही मेथड में हो सकते हैं, जबकि कॉपर टी में इंफेक्शन का भी डर रहता है. कभी-कभी मेथड फेल भी हो जाता है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: बच्चे को कितने समय तक ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए?

Pap Smear Test

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और डॉक्टर ने मुझे रूटीन हेल्थ चेकअप में पैप स्मियर टेस्ट करने की सलाह दी है. क्या मुझे यह टेस्ट कराना चाहिए?
– कुमकुम अग्रवाल, देहरादून.

पैप स्मियर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसके ज़रिए सर्विक्स में होनेवाले कैंसर व प्रीकैंसर सेल्स की जांच की जाती है. वैसे तो 21 वर्ष पार कर चुकी सभी महिलाओं को हर साल यह टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरू में ही किसी समस्या का पता चल सके. अगर लगातार तीन सालों तक स्मियर टेस्ट निगेटिव आता है, तो यह टेस्ट हर तीन साल में 65 साल की उम्र तक कराना चाहिए. इसमें एक स्पेशल ब्रश के ज़रिए सर्विक्स के सेल्स को इकट्ठा कर टेस्ट के लिए लैब भेजा जाता है, ताकि पता चल सके कि कैंसर है या नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

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Personal Problems: पीरियड्स में कम ब्लीडिंग का क्या कारण हो सकता है? (What Could Be Possible Reasons For Light Periods?)

Reasons For Light Periods
मेरी शादी को दो साल हो रहे हैं. मेरी उम्र 26 साल है. हमने 3 साल बाद बच्चे की प्लानिंग की थी, लेकिन अब मुझे पीरियड्स में कम ब्लीडिंग हो रही है. कहीं इसके कारण आगे चलकर मुझे बच्चे पैदा करने में कोई दिक्कत तो नहीं होगी?
– महिमा रेड्डी, हैदराबाद.

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हार्मोन्स का असंतुलन, पोषण की कमी, पीसीओएस, थायरॉइड प्रॉब्लम्स. अपने परिवार में पता करें कि अर्ली मेनोपॉज़ की हिस्ट्री तो नहीं.  आपको कुछ ब्लड टेस्ट कराने होंगे. टेस्ट में ओवेरियन रिज़र्व चेक कराएं और सोनोग्राफी करवाएं ताकि पता चल सके कि कितने साल और रुक सकते हैं. किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलें.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी?

Reasons For Light Periods

मेरे बाएं ब्रेस्ट में गांठ है. इस गांठ की वजह से मुझे अब तक कोई प्रॉब्लम नहीं हुई है. लेकिन मेरे बाएं ब्रेस्ट का साइज़ दाएं वाले ब्रेस्ट से बड़ा है. क्या इससे मुझे भविष्य में कोई समस्या हो सकती है? मुझे क्या करना चाहिए?
– रोशनी पटवा, पटना.

ब्रेस्ट में छोटे लम्प्स फाइब्रोएडीनोमा हो सकते हैं. पर अच्छा होगा कि आप एक बार डॉक्टर से अपने ब्रेस्ट की कंप्लीट जांच करा लें. एक बार पारिवारिक इतिहास देख लें, कहीं किसी को परिवार में ब्रेस्ट कैंसर तो नहीं था. जॉक्टर की जांच के बाद आप बायलैट्रल ब्रेस्ट की सोनो-मैमोग्राफी करा लें. यह निदान का सबसे बेहतर टूल है.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
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Personal Problems: फायब्रॉइड्स होने पर क्या गर्भाशय निकलवाना पड़ेगा? (Do I Need To Remove Uterus For Fibroids?)

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Personal Problems: फायब्रॉइड्स होने पर क्या गर्भाशय निकलवाना पड़ेगा? (Do I Need To Remove Uterus For Fibroids?)

पीरियड्स की समस्या हो या किसी तरह का इन्फेक्शन, प्रेगनेंसी से जुडी कोई समस्या या फिर फैमिली प्लानिंग से जुड़ा कोई सवाल, जानें मेरी सहेली के पर्सनल प्रॉब्लम्स में नारी स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान. 

मैं 38 वर्षीया गृहिणी हूं. अभी-अभी मुझे पता चला है कि मेरे गर्भाशय में फायब्रॉइड्स हैं. क्या इसका यह मतलब है कि मुझे गर्भाशय निकलवाना होगा या फिर कोई और विकल्प भी है?
– दीप्ति गिल, अमृतसर.

सबसे पहली बात यह कि आप अभी स़िर्फ 38 साल की हैं, इसलिए गर्भाशय निकलवाने के बारे में भूल जाइए, क्योंकि मेडिकल साइंस ने बहुत तऱक्क़ी कर ली है और इसके अलावा कई और विकल्प भी हैं. आप मायओमेक्टमी के लिए जा सकती हैं, जिसमें सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड्स निकाले जाते हैं. इसके अलावा कई छोटी-छोटी सर्जरीज़, जैसे- लैप्रोस्कोपी, हिस्टेरोस्कोपी, द विंसी रोबोटिक मायओमेक्टमी, यूटेराइन आर्टरी इंबोलाइज़ेशन आदि हैं, जिनके ज़रिए फायब्रॉइड्स निकाले जा सकते हैं. पर सबसे पहले दवाइयां लें. अगर यह दवाइयों से ठीक नहीं हो रहा है, तभी बाकी के विकल्प चुनें.

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं और कुछ महीने पहले ही मेरी नॉर्मल डिलीवरी हुई है, पर उसके कुछ हफ़्तों बाद से ही मुझे प्रोलैप्स जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं. क्या मुझे तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
– इशिता शुक्ला, जबलपुर.

कभी-कभी महिलाओं को प्रोलैप्स जैसा महसूस होता है, पर वैसा होता नहीं. हो सकता है कि गर्भाशय अपनी जगह से हल्का-सा खिसक गया हो, पर यह तो कीगल एक्सरसाइज़ से भी ठीक हो जाएगा. सबसे पहले आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलकर ज़रूरी टेस्ट्स करवा लें, ताकि पता चल सके कि प्रोलैप्स है या नहीं. फ़िलहाल के लिए डॉक्टर आपको दवाएं देकर 6 हफ़्तों तक ऑब्ज़र्व कर सकते हैं. दरअसल, डिलीवरी के बाद आयरन पिल्स लेने के कारण महिलाओं को कब्ज़ की शिकायत हो जाती है और इंट्रा एब्डॉमिनल प्रेशर से पेल्विक मसल्स कमज़ोर हो जाती हैं, जिसके कारण ऐसा महसूस होता है. आप हेल्दी डायट लें और कुछ पेल्विक एक्सरसाइज़ेज़ करें.

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 
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Personal Problems: क्या 35 के बाद मां बनना रिस्की है? (Does Pregnancy After 35 Has Risks?)

Pregnancy after age 35, second pregnancy after 35
मैं 35 साल की हूं. मेरी शादी देर से हुई है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन मैंने सुना है कि 35 के बाद मां बनना रिस्की होता है और बच्चे सुंदर, स्वस्थ होने की पूरी गारंटी नहीं होती. क्या ये सच है. मैं क्या करूं?

ये सच है कि 30 की उम्र के बाद मां बनना थोड़ा ख़तरनाक होता है. वैज्ञानिक शोधों से भी यह बात साबित हो चुकी है.  ऐसे में एबनॉर्मल बच्चे (जैसे अपंग या विकलांग बच्चे) होने की संभावना बढ़ जाती है. पर ये ज़रूरी नहीं कि एबनॉर्मल बच्चा ही पैदा हो. आप जेनेटिक काउंसलिंग करवा सकती हैं. वैसे बता दूं कि मां बनने की सही उम्र 30- 35 है.

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मैं 20 साल की हूं. मेरी समस्या यह है कि अन्य लड़कियों की तुलना में मेरे स्तन बहुत छोटे हैं. मैंने कई ऐसे विज्ञापन पढ़े हैं, जो बिना किसी सर्जरी के स्तन का आकार बढ़ाने का दावा करते हैं. मेरी जल्दी ही शादी होनेवाली है. मैं उन इलाजों और उनके साइड इ़फेक्ट्स के बारे में जानना चाहती हूं.

ये सच है कि ब्रेस्ट एनलार्जमेंट के लिए आए दिन विज्ञापन प्रकाशित होते रहते हैं, लेकिन उनकी सच्चाई के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. अगर आप चाहें तो एक्सरसाइज़ करके अपने स्तनों का आकार बढ़ा सकती हैं. इसके लिए आप जिम ज्वाइन कर सकती हैं और इंस्ट्रक्टर को अपना उद्ददेश्य बता दें. इसके अलावा आप गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. ये न सिर्फ़ स्तनों का आकार बढ़ाएंगी, बल्कि अनचाहे गर्भ से भी सुरक्षित रखेंगी. वैसे सबसे अच्छा तरीका है-ब्रेस्ट इम्प्लांट, जिसमें 40,000 से 80,000 रुपए ख़र्च आता है. वैसे मेरा मानना है कि ये सब दिमागी फ़ितूर है. अगर आप अपने शरीर के बारे में पॉज़िटिव सोच रखें तो ब्रेस्ट का साइज़ कोई मायने नहीं रखता.

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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