female problems

मैं 35 वर्षीया महिला हूं. मेरी समस्या यह है कि मैं हर घंटे में टॉयलेट जाती हूं, रात में भी कम से कम 4-5 बार टॉयलेट जाना पड़ता है. कई बार मैंने यूरिन टेस्ट भी करवाया, लेकिन रिपोर्ट नॉर्मल आई. मैं बहुत परेशान हूं. कृपया, उपाय बताएं?
– बरखा माणिक, शिलांग.

आपको ‘ओवरएक्टिव ब्लैडर’ यानी बार-बार पेशाब जाने की समस्या हो सकती है. इसके लिए आपको यूरोडायनेमिक टेस्ट कराने होंगे, जो मूत्र संबंधी बीमारियों के लिए कराए जाते हैं. आप किसी यूरोलॉजिस्ट या गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें, जो बार-बार पेशाब जाने और ब्लैडर में होनेवाली गड़बड़ी के बारे में आपको सही जानकारी देंगे और उसका इलाज करेंगे. यदि दवाओं से आपको आराम नहीं होता तो बोटोक्स इंजेक्शन या सर्जरी के द्वारा भी इसका इलाज किया जा सकता है.

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Personal Problems

मैं 25 वर्षीया युवती हूं. मेरी शादी होनेवाली है. मेरे मंगेतर का और मेरा ब्लड ग्रुप एक ही है. क्या पति-पत्नी दोनों का ब्लड ग्रुप समान होने पर भविष्य में किसी तरह की समस्या हो सकती है?
– मीनल सक्सेना, लखनऊ.

ज़रूरी नहीं कि आपका और आपके मंगेतर का ब्लड ग्रुप समान है, तो आपकी शादीशुदा ज़िंदगी में किसी तरह की कोई समस्या हो. कुछ केसेस में, यदि महिलाओं का ब्लड ग्रुप ‘आरएच’ निगेटिव है और पति का पॉज़िटिव तो प्रेग्नेंसी के समय कुछ समस्या हो सकती है, विशेष रूप से पहली प्रेग्नेंसी के बाद. पहली प्रेग्नेंसी के दौरान यदि बच्चे का ब्लड ग्रुप पॉ़ज़ीटिव है, तो डिलीवरी के समय उसके ब्लड सेल्स मां के ब्लड स्ट्रीम में प्रवेश कर जाते हैं. ऐसा मां के शरीर में एंटीबॉडीज़ के प्रोडक्शन के कारण होता है. अगली प्रेग्नेंसी में ये एंटीबॉडीज़ मां के शरीर से बच्चे में पास हो सकती हैं और उसके ब्लड सेल्स को नष्ट कर सकती हैं, जिससे बच्चे के विकास में बाधा आ सकती है और उसकी जान को ख़तरा भी हो सकता है. इसलिए सावधानी के तौर पर हर महिला को प्रत्येक डिलीवरी के 72 घंटे के अंदर एंटी डी इंजेक्शन लेना चाहिए, जिससे ‘आरएच’ पॉ़ज़िटिव ब्लड सेल्स और एंटीबॉडीज़ फ़ॉरमेशन को बेअसर किया जा सके. एबॉर्शन और प्रेग्नेंसी की स्थिति में यह इंजेक्शन लेना ज़रूरी है. इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान कराए जानेवाले ब्लड टेस्ट मेंे एंटीबॉडी लेवल टेस्ट किया जाता है.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी उम्र 15 साल है और अभी तक मेरे पीरियड्स शुरू नहीं हुए हैं, जबकि मेरी सभी सहेलियों को 3-4 वर्ष पहले ही पीरियड शुरू हो गया था. मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है? क्या मुझमें कोई कमी है?
– श्रुति शर्मा, बैंगलोर.

सामान्यतया लड़कियों के पीरियड्स यानी माहवारी की उम्र 11-12 वर्ष होती है, लेकिन कुछ परिवारों में इसकी शुरुआत 14-15 की उम्र से भी होती है. फिर भी आपको चेकअप करा लेना चाहिए, ताकि ये पता चल जाए कि कहीं आपको जन्म से कोई शारीरिक समस्या तो नहीं है, जैसे- अविकसित यूटेरस आदि. कुछ हार्मोनल टेस्ट करवाने भी ज़रूरी हैं. यदि आपका क़द, वज़न, स्तनों का विकास, अंडरआर्म व प्यूबिक हेयर का विकास आदि सही हैं तो कोई बड़ी जेनेटिक प्रॉब्लम नहीं होनी चाहिए. फिर भी पूर्ण जानकारी के लिए किसी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

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Cause You To Not Have A Period

मैं 24 वर्षीया हूं. हाल ही में मैंने अपने मंगेतर के साथ असुरक्षित सेक्स किया. हालांकि इसके दूसरे ही दिन मैंने इमरजेंसी पिल्स ले ली थी, लेकिन मुझे अब भी डर लग रहा है कि कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी?
– विनिता रामचंद्र, हैदराबाद.

असुरक्षित सेक्स संबंध बनाने के बाद इमर्जेंसी पिल्स खाने के बावजूद गर्भधारण का ख़तरा 20 से 25 प्रतिशत तक बना रहता है, ख़ासकर तब, जब आपने अपने ओव्यूलेशन पीरियड के आसपास सेक्स किया हो. अब अगर आपकी माहवारी अनियमित हो गई हो तो तुरंत प्रेग्नेंसी टेस्ट कराएं. अगर टेस्ट पॉज़िटिव आता है तो फौरन किसी गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह लें.

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मैं 40 वर्षीया महिला हूं. मेरे बिकनी लाइन के आसपास कुछ फुंसियां हो गई हैं, जबकि मैं अपने यौनांगों की साफ़-सफ़ाई का पूरा ध्यान रखती हूं. एंटीसेप्टिक सोल्यूशन से साफ़ करती हूं और रेग्यूलर शेव भी करती हूं. फिर भी फुंसियां हो जाती हैं. कोई उपाय बताएं.
– विनीता पांडे, दिल्ली.

बिकनी एरिया में शेव करते समय शायद कुछ कट लग जाने से आपको इंफेक्शन हो गया है. इसलिए बालों को हटाने के लिए शेविंग की बजाय कैंची से कट करें. नहाते समय यौनांगों की सफ़ाई के लिए माइल्ड एंटीसेप्टिक सोल्यूशन का इस्तेमाल करें. कॉटन के अंडर गार्मेंट्स पहनें. अगर फिर भी ये फुंसियां ठीक नहीं होती हैं और ज़्यादा दर्द होता है, तो गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें. वो आपको एंटीबायोटिक गोलियां और कोई क्रीम या लोशन देंगे.

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Bikini Boils

मेरी उम्र 42 साल है. मेरे दोनों ब्रेस्ट में बहुत दर्द होता है. कभी-कभी तो गांठ-सी भी महसूस होती है. आजकल मैंने ब्रेस्ट कैंसर के बारे में बहुत सुना है. मुझे डर है कि कहीं मुझे भी तो ब्रेस्ट कैंसर नहीं हैं?
– नेहा देसाई, झांसी.

अच्छा होगा कि आप ब्रेस्ट सर्जन या गायनाकोलॉजिस्ट से अपना चेकअप कराएं, जो आपकी मेमोग्राफ़ी और सोनो मेमोग्राफ़ी कराएंगी. जांच के बाद सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. अमूमन 40 साल के बाद सभी महिलाओं को मेमोग्राफ़ी करानी चाहिए. हर महीने अपना सेल्फ़ ब्रेस्ट एग्ज़ामिनेशन करते रहना चाहिए. शीशे के सामने ख़ड़े होकर अपने वक्षों की सुडौलता, निप्पल का लेवलव कलर, स्किन के कलर को अच्छी तरह से चेक करें. ले़फ़्ट हैंड से राइट ब्रेस्ट को और राइट हैंड से ले़फ़्ट ब्रेस्ट को दबाएं. कहीं कोई गांठ तो महसूस नहीं हो रही है. कई बार पीरियड्स बंद होने के एक सप्ताह बाद और मेनोपॉज़ के बाद माह में एक बार ब्रेस्ट में दर्द होता है. हर महिला को 3-5 साल में मेमोग्राफ़ी कराते रहना चाहिए.

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मेरी उम्र 24 साल है. मेरी शादी को 6 महीने हो गए हैं. मेरी समस्या है कि मेरे गुदाद्वार पर गुलाबी रंग का छोटा-सा मस्सा हो गया है और आसपास की जगह पर सूजन है. कृपया, बताएं कि मैं किस डॉक्टर से संपर्क करूं?
– अनीता गोयल, मिर्जापुर.

आपको एनोजेनिटल वार्ट्स की समस्या हो सकती है. यह संक्रमण जननेंद्रियों के संपर्क में आने से या ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के कारण फैलता है. कई बार यह संक्रमण अपने आप ही ठीक हो जाता है. लेकिन यदि यह ठीक नहीं हो रहा है तो गायनाकोलॉजिस्ट की सलाह लें, जो  पैप स्मीयर टेस्ट कराएंगे, जिससे इस संक्रमण के सही कारण का पता चल सकेगा.

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Hysterectomy

मेरी मम्मी की अभी हाल ही में एबडॉमिनल हिस्टेरेक्टॉमी हुई है. क्या आप बता सकती हैं कि उन्हें किस तरह की डायट देनी चाहिए? मैंने सुना है कि ऑपरेशन के बाद कम से कम 2 हफ़्ते तक चावल नहीं खाना चाहिए. क्या यह सही है? कृपया, सलाह दें?
  – त्रिशाला पांडे, जयपुर.

जब भी एबडॉमिनल सर्जरी की जाती है तो सावधानी के तौर पर आंतों का ख़ास ध्यान रखा जाता है, क्योंकि सर्जरी के बाद वे बहुत धीमी गति से काम करती हैं. सर्जरी के बाद सॉलिड डायट इसलिए नहीं दी जाती कि आंतें अपना काम सुचारु रूप से करने योग्य हो सकें. जब आंतें सामान्य रूप से काम करना शुरू कर देंगी तो डॉक्टर्स डायट देना आरंभ कर देंगे. सर्जरी के बाद सबसे पहले फ्लुइड, बाद में लिक्विड व सॉ़फ़्ट डायट और फिर सॉलिड डायट दी जाती है. मरीज़ को आरंभ से ही ऐसी डायट दी जाती है, जिसे वह आसानी से पचा सके, जैसे- फल व सब्ज़ियां आदि. बाद में ज़रूरत के अनुसार कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन, जैसे- दाल, स्प्राउट्स, लीन मीट आदि दिया जाता है. लेकिन ़ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट्स नहीं देना चाहिए. मरीज़ को चावल दे सकते हैं, पर उचित मात्रा में.

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मैं 37 वर्षीय महिला हूं और मेरी दो सामान्य डिलीवरी हो चुकी है. कुछ दिनों से मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरी योनि (Vagina) से कुछ बाहर आ रहा है. इसके अलावा मुझे योनि में ढीलापन भी महसूस होता है. क्या ऐसी कोई एक्सरसाइज़ (Exercise) है, जिससे इस स्थिति में सुधार हो सके?
– मनाली, छत्तीसगढ़

नॉर्मल डिलीवरी के बाद गर्भाशय का लटकना और योनि में ढीलापन दोनों ही सामान्य बातें हैं. इस स्थिति से उबरना मुश्किल है, बल्कि मेनोपॉज़ के बाद तो स्थिति और भी ख़राब होती चली जाती है. आप चाहें तो पेल्विक फ्लोर यानी कीगल एक्सरसाइज़ कर सकती हैं. यदि परमानेंट इलाज चाहती हैं तो सर्जरी ही सबसे अच्छा इलाज है. पेरीनियल रिपेयर विधि द्वारा योनि में कसाव लाया जा सकता है. यह बहुत ही छोटी व आसान-सी विधि है. इसके अलावा कीहोल सर्जरी द्वारा यूटेरस को फिक्स किया जा सकता है.

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How To Tighten Up Vagina

मेरी उम्र 38 वर्ष है और मेरे दो बच्चे हैं. पिछले एक साल से मुझे माहवारी के समय बहुत ज़्यादा दर्द और रक्तस्राव होता है. सोनोग्राफ़ी करवाने पर मुझे पता चला कि मेरेे गर्भाशय में 1-2 बड़े फायब्रॉइड (गांठ) हैं. मुझे डॉक्टर ने सलाह दी है कि यूटेरस निकलवा दूं, पर मैं इसके लिए मानसिक तौर पर तैयार नहीं हूं. क्या इसके अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं है?
– रंजीता, लखनऊ.

यदि गर्भाशय के बीच में अंदर की ओर फायब्रॉइड हो तो यह माहवारी के समय बहुत तकलीफ़ देता है. आधुनिक टेकनीक के चलते अब हीस्टिरोस्कोपिक व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (कीहोल सर्जरी) द्वारा फायब्रॉइड को आसानी से हटाया जा सकता है. आप चाहें तो इस ट्रीटमेंट का सहारा ले सकती हैं. ऐसे केस में यदि महिला की उम्र कम हो तो कोशिश की जानी चाहिए कि यूटेरस को बगैर हटाए फायब्रॉयड को निकाला जा सके.

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मैं 18 साल की हूं और मेरा वज़न 75 किलो है. पिछले 1 साल से डायटिंग और एक्सरसाइज़ द्वारा मैं अपना वज़न कम करने की कोशिश कर रही हूं, लेकिन वह घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है. मेरे चेहरे पर भी काफ़ी बाल हैं. मैं काफ़ी तनावग्रस्त रहती हूं. कृपया, मेरी मदद करें.
– रीना, रांची.

आपने यह नहीं बताया कि इन समस्याओं के साथ क्या आपको अनियमित माहवारी की भी समस्या है. आपको पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिन्ड्रोम की प्रबल संभावना लगती है, जिसके कारण वज़न बढ़ना, हिरसुट़िज़्म (अधिक बाल होना), कील-मुंहासे और अनियमित माहवारी होती है. लेकिन यह ज़रूरी नहीं कि सभी मरीज़ों में ये सभी लक्षण हों. यह एक सामान्य हार्मोनल समस्या है, जिसका पता सोनोग्राफ़ी और हार्मोन टेस्ट से चल जाता है. कुछ ऐसी दवाइयां हैं, जिनसे आपका मेटाबॉल़ि़ज़म बेहतर होने में मदद मिल सकती है. इससे चेहरे के बाल भी कम होंगे और माहवारी भी नियमित होगी.

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 Facial Hair
मेरी उम्र 48 वर्ष है. 2 साल पहले मेरी रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) हो गयी थी. मेरी समस्या ये है कि मुझे डिप्रेशन, अचानक बहुत ़ज़्यादा गर्मी लगना, योनि में सूखापन जैसी तकलीफ़ रहती है. कृपया, इस समस्या का उपाय बताएं.
– रचना, दिल्ली

आपको बहुत जल्दी मेनोपॉज़ हो गया है, अत: आपको इस बात का ख़ास ध्यान रखना चाहिए कि कहीं आपको ऑस्टियोपोेेेरोसिस की तकलीफ़ न हो जाए. अमूमन मेनोपॉज़ के बाद ऑस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों में कमज़ोरी की शिकायत होती है. इसके लिए आप नियमित एक्सरसाइज़ व कैल्शियमयुक्त डायट ले सकती हैं. सोया प्रोडक्ट से भी आपको फ़ायदा हो सकता है.

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मैं 36 वर्ष की शादीशुदा महिला हूं. मुझे पिछले 6 महीने से पीरियड (Periods) के दौरान बहुत ज़्यादा रक्तस्राव होता है. मैंने सोनोग्राफ़ी टेस्ट (Sonography Test) करवाया, जिससे पता चला कि मेरे यूटेरस (Uterus) में गांठ (पॉलिप) है. यह क्या है? क्या यह बहुत ख़तरनाक (Dangerous) है? क्या इसके लिए मुझे यूटेरस हटाना पड़ सकता है?
– ज्योति, अहमदाबाद

सबसे पहली बात जो हर महिला को ध्यान में रखना चाहिए वह ये कि जब भी माहवारी के समय हैवी ब्लीडिंग हो तो सबसे पहले इसका कारण जानने के लिए चेकअप करवाएं. साथ ही कैंसर के लिए पीएपी स्मीयर और सोनोग्राफ़ी टेस्ट भी करवाएं. आपने बताया कि सोनोग्राफ़ी टेस्ट में पॉलिप (गांठ) बताया गया है. यह भी अनियमित और भारी रक्तस्राव का कारण है. पॉलिप एक तरह का ट्यूमर है जो कि यूटेरस में पाया जाता है. इसे हीस्टिरोस्कोपी सर्जरी द्वारा हटाया जा सकता है. यदि यह ट्यूमर कैंसर का नहीं है तो सर्जरी के बाद फिर से ट्यूमर आने की संभावना नहीं होती.

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Polyp In Uterus

मैं 30 वर्षीय महिला हूूंं और पिछले साल मेरा दो बार तीन-तीन महीने का गर्भपात हो चुका है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन डरती हूं कि कहीं फिर से कोई परेशानी न आ जाए. क्या मुझे नॉर्मल प्रेगनेंसी हो पाएगी?
– संजना, मुरादाबाद

वैसे तो दो बार गर्भपात होने के बाद तीसरी बार गर्भपात होने की संभावना और ़ज़्यादा बढ़ जाती है. आप यदि गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं तो बेहतर होगा कि सबसे पहले सारे टेस्ट करवा लें, ताकि यह पता चल जाए कि आपका यूटेरस सामान्य है या नहीं. कोई बर्थ ड़िफेक्ट, जैसे- सेप्टम या डबल यूटेरस की समस्या तो नहीं है आदि. यदि इस तरह के ड़िफेक्ट्स हैं भी तब भी कीहोल सर्जरी, जैसे- लेप्रोस्कोपी, हीस्टिरोस्कोपी से इसका इलाज संभव है. इसके अलावा जेनेटिक टेस्टिंग और इम्यूनोलॉजी प्रॉब्लम्स के लिए विशेष तरह का ब्लड टेस्ट भी किया जाता है. गर्भधारण के पहले फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टेबलेट लेने की आवश्यकता पड़ सकती है.

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मेरी उम्र 28 वर्ष है और मेरी शादी को 5 वर्ष हो गए हैं. मुझे मासिक धर्म में काफ़ी दर्द और रक्तस्राव होता है. मेरी सोनोग्राफ़ी से पता चला है कि मुझे चॉकलेट ओवेरियन सिस्ट (Chocolate Ovarian Cyst) है और इसकी सर्जरी करवानी होगी. लेकिन मैं अभी तक मां नहीं बन पाई हूं, इसलिए किसी भी तरह के ऑपरेशन से डरती हूं. मुझे क्या करना चाहिए?
– परमजीत कौर, दिल्ली.

एंडोमेट्रियोसिस में हर मासिक चक्र के दौरान ओवरी (अंडाशय) में रक्त इकट्ठा हो जाता है. धीरे-धीरे इसका आकार बढ़ने लगता है और इकट्ठा हुआ रक्त चॉकलेट सिस्ट बना लेता है. इस कारण मासिक धर्म के दौरान दर्द होता है एवं गर्भधारण करने में भी समस्या हो जाती है. लेप्रोस्कोपिक (कीहोल) सर्जरी ही इसका एकमात्र उपाय है. लेज़र जैसी आधुनिक तकनीक ने अब इस तरह की सर्जरी को और भी आसान बना दिया है.

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 Chocolate Cyst
मेरी उम्र 52 वर्ष है. 2 साल पहले ही मुझे मेनोपॉज़ हो गया था. मेरी समस्या यह है कि मुझे बहुत ़ज़्यादा गर्मी लगने लगी है, यहां तक कि फैन चालू रहने पर भी मैं पसीने में भीगी होती हूं. मुझे इन दिनों बहुत चिड़चिड़ाहट होने लगी है और ग़ुस्सा भी बहुत आने लगा है, जिसके कारण सब मुझसे परेशान रहने लगे हैं. क्या हर स्त्री ऐसे दौर से गुज़रती है? क्या मेरी समस्या का कोई उपाय है?
– रजनी मल्होत्रा, हिसार.

जब 40 के बाद और 50 के पहले की उम्र में हार्मोन्स का स्तर गिरने लगता है, तब कई स्त्रियों में मेनोपॉज़ के लक्षण नज़र आने लगते हैं. इसी की वजह से ़ज़्यादा गर्मी महसूस होना, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, ग़ुस्सा, नींद न आना जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में आपके लिए सबसे अच्छा उपाय है एस्ट्रोजन के साथ हार्मोनल ट्रीटमेंट. इसके अलावा आजकल नॉन हार्मोनल थेरेपी भी ली जा सकती है, जिसमें सोया एक्सट्रैक्ट व विटामिन्स लिए जा सकते हैं. इस समय ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव भी ज़रूरी है. इसके लिए कैल्शियम सप्लीमेंट्स लें.

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मेरी उम्र 28 साल है. मेरा दो बार दो महीने का गर्भपात (Miscarriage) हो चुका है. मैं गर्भधारण करना चाहती हूं, लेकिन मैं पहले दो बार हुए गर्भपात से बहुत ज़्यादा डरी हुई हूं. क्या मैं गर्भधारण कर सकती हूं? कृपया, सलाह दें.
– रजनी वर्मा, जौनपुर.

आपको दो बार गर्भपात हो चुका है, इसलिए आपका डर वाजिब है. लेकिन आप मां बन सकती हैं. बस, गर्भधारण करने से पूर्व आपको कुछ टेस्ट करवा लेने चाहिए, जैसे- हार्मोन टेस्ट, शुगर लेवल, इम्यूनोलॉजिकल टेस्ट और सोनोग्राफ़ी आदि. इसके अलावा आपके और आपके पति के जेनेटिक टेस्ट भी करवाने ज़रूरी हैं. बार-बार गर्भपात होने पर हिस्टीरोस्कोपी टेस्ट किया जाता है, जिसमें गर्भाशय में कैमरा रख कर देखा जाता है कि किसी तरह की प्रॉब्लम तो नहीं है. यदि सभी टेस्ट सामान्य हैं तो आप गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टैबलेट ले सकती हैं. बेहतर होगा कि आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: पीरियड्स अनियमित हैं और वज़न भी बढ़ रहा है (What Causes Irregular Periods And Weight Gain?)

 Abortion Experiences
मेरा पहला बच्चा सीज़ेरियन द्वारा हुआ था, क्योंकि बच्चे की ब्रीच पोज़ीशन थी. अब मैं 5 महीने की गर्भवती हूं. मैं जानना चाहती हूं कि क्या इस बार भी मेरी डिलीवरी सीज़ेरियन ही होगी?.
– श्रुति बियानी, उदयपुर.

यदि सब कुछ सामान्य है और कोई ख़तरे की बात नहीं है तो सीज़ेरियन डिलीवरी के बावजूद नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है. हालांकि डिलीवरी अच्छे हॉस्पिटल में बहुत सावधानीपूर्वक होनी चाहिए, क्योंकि ऐसे मामले में सीज़ेरियन डिलीवरी के दौरान लगे टांके टूटने का डर रहता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए घातक है. इसलिए हालात को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि दो सीज़ेरियन के बाद अगली डिलीवरी भी सिज़ेरियन द्वारा ही हो तो बेहतर होगा.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: दो साल में सिर्फ दो बार पीरियड्स आए (Reasons For Irregular Periods)

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मेरी उम्र 23 साल है. मैं पिछले तीन सालों से गर्भनिरोधक गोलियों (Contraception Pill) का सेवन कर रही हूं. मैं जानना चाहती हूं कि गर्भनिरोधक गोलियों के लंबे समय तक इस्तेमाल से आगे चलकर मुझे गर्भधारण में तो कोई समस्या (Problems) नहीं आएगी?
– चांदनी सक्सेना, अल्मोड़ा.

दुनियाभर में करोड़ों महिलाएं कंट्रासेप्टिव पिल्स का सालों तक इस्तेमाल करती हैं. अगर आप स्वस्थ हैं, स्मोकिंग नहीं करतीं और केवल उसी गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं, जो आपको सूट करती हैं तो भविष्य में आपको कोई भी समस्या नहीं होनी चाहिए. इन गोलियों से बांध्यपन का ख़तरा नहीं होता. इनका सेवन बंद कर देने के बाद आप तत्काल गर्भधारण कर सकेंगी.

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Effects Of Birth Control

मैं 24 साल की युवती हूं. हाल ही में मैंने अपने मंगेतर के साथ असुरक्षित सेक्स किया. हालांकि इसके दूसरे ही दिन मैंने इमरजेंसी पिल्स ले लिया था, लेकिन मुझे अब भी यह डर लग रहा है कि कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी?
– विनीता रामचंद्र, हैदराबाद.

असुरक्षित सेक्स संबंध बनाने के बाद इमरजेंसी पिल्स खाने के बावजूद गर्भधारण का ख़तरा 20 से 25 प्रतिशत तक बना रहता है, ख़ासकर तब, जब आपने अपने ओव्यूलेशन पीरियड के आसपास सेक्स किया हो. अब अगर आपकी माहवारी अनियमित हो गई हो, तो तुरंत प्रेग्नेंसी टेस्ट कराएं. अनचाहे गर्भ के लिए आप एबॉर्शन पिल्स का प्रयोग भी कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं? (Causes Of Vaginal Bleeding During Sex)

 Dr. Rajshree Kumar

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मेरी उम्र 27 साल है और रेग्युलर एक्सरसाइज़ व डायटिंग के बावजूद मेरा वज़न बढ़ रहा है. मेरे बाल बहुत झड़ गए हैं और पीरियड्स भी अनियमित हो गए हैं. साथ ही मुझे बहुत ज़्यादा ठंड भी लगती है. डॉक्टर ने पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ की जांच के लिए टेस्ट भी करवाया, पर रिपोर्ट्स नॉर्मल आईं. अब उन्हें थायरॉइड की आशंका है और वे मेरा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं, लेकिन क्या यह थायरॉइड हो सकता है?
– वानी त्रिवेदी, बीकानेर.

थायरॉइड ग्लैंड हमारे गले में स्थित सबसे बड़ा एंडोक्राइन ग्लैंड है, जो थायरॉइड हार्मोंस- टी3 और टी4 का निर्माण करता है. आपके द्वारा बताए गए लक्षणों को देखकर लगता है कि आपको हाइपोथायरॉइडिज़्म है. इसे कंफर्म करने का तरीक़ा स़िर्फ ब्लड टेस्ट ही है, तभी आपके टी3 और टी4 हार्मोंस के लेवल्स का पता चल पाएगा. इसके बाद ही डॉक्टर आपको दवाइयों आदि के बारे में बता पाएंगे.

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 Causes of Irregular Periods
मैं 34 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में अल्ट्रा सोनोग्राफी से पता चला है कि मेरे यूटेरस में फायब्रॉइड है. इसके लिए मैं क्या कर सकती हूं? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रोशनी पटवा, कानपुर.

यूटेराइन फायब्रॉइड को मैनेज करने के कई तरी़के हैं. जब ट्रीटमेंट जल्द से जल्द करना हो, तब ज़्यादातर डॉक्टर्स सर्जरी की सलाह देते हैं. आमतौर पर डॉक्टर्स हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह देते हैं और अगर महिला मेनोपॉज़ से गुज़र रही हो, तो यूटेरस निकालने की सलाह दी जाती है. और अगर महिला की उम्र कम है और उसकी प्रेग्नेंसी के लिए यूटेेरस और बाकी रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की ज़रूरत होती है, तो उनका मायमेक्टॉमी किया जाता है. इस प्रक्रिया में स़िर्फ फायब्रॉइड्स को टारगेट करके ख़त्म किया जाता है. इसके लिए डॉक्टर्स हिस्टेरोस्कोप, लैप्रोस्कोप और सर्जरी का सहारा लेते हैं. इसके अलावा लेज़र सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड को नष्ट करना भी एक ट्रीटमेंट है.

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मैं 18 साल की कॉलेज स्टूडेंट हूं. 13 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर कभी नियमित रूप से पीरियड्स आए नहीं. पिछले दो साल में स़िर्फ दो बार पीरियड्स आए हैं. डॉक्टर का कहना है कि इस उम्र में ऐसा होना सामान्य है, पर मेरी सभी सहेलियों के पीरियड्स नियमित हैं, इसलिए मुझे चिंता हो रही है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– सरोजनी राय, नोएडा.

आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के दो साल तक अनियमित रहते हैं. कभी-कभार तो डेढ़ या दो महीने बाद पीरियड्स आते हैं, पर ज़्यादातर मामलों में 2 साल के बाद पीरियड्स नियमित हो जाते हैं, जबकि आपके मामले में ऐसा नहीं हुआ. आपको डरने की ज़रूरत नहीं. डॉक्टर से मिलकर आपको जनरल चेकअप के साथ-साथ कुछ ब्लड टेस्ट्स कराने होंगे, ताकि किसी भी तरह के हार्मोनल इश्यूज़ के बारे में पता चल सके. हो सकता है, इसका कारण थायरॉइड या पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ हो, पर आप घबराएं नहीं, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए तुलना न करें, बल्कि डॉक्टर से मिलें.

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Reasons For Irregular Periods

मैं 27 वर्षीया वर्किंग वुमन हूं. पिछले दिनों पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत के कारण डॉक्टर की सलाह पर सोनोग्राफी करवाई. रिपोर्ट में मेरी ओवरीज़ में 5 से.मी. का सिस्ट दिखा है. मेरे गायनाकोलॉजिस्ट ने कहा है कि घबराने की कोई बात नहीं और 3 महीने बाद फॉलोअप करने की सलाह दी है. मैं बहुत परेशान हूं, कृपया मार्गदर्शन करें.
– रीना शुक्ला, नई दिल्ली.

आपकी रिपोर्ट में जिस सिस्ट के बारे में लिखा गया है, उसे फिज़ियोलॉजिकल सिस्ट कहते हैं. महिलाओं की रिप्रोडक्टिव एज में यह आम बात है. अगर घबराने की कोई बात होती, तो डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट्स करने की सलाह देतीं, क्योंकि आपको 3 महीने बाद फॉलोअप के लिए बुलाया गया है, इससे पता चलता है कि कोई गंभीर बात नहीं है. सिस्ट के आकार में कोई बदलाव आया या नहीं, यह जानने के लिए फॉलोअप बहुत ज़रूरी है.

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 Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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