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Personal Problems: पीरियड्स के बाद यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो जाता है (Do You Get Urinary Tract Infection (UTI) After Period?)

मेरी उम्र 32 साल है. पिछले १ साल से हर पीरियड्स (Periods) के बाद मुझे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary Tract Infection) हो जाता है, जिसके लिए मुझे एंटबायोटिक्स लेनी पड़ती हैं. और पीरियड्स भी समय पर नहीं आते, आगे पीछे हो जाते हैं. मैं बहुत परेशान हो गई हूं, कृपया मेरी मदद करें.
– शांति कमानी, हैदराबाद.

आपके लक्षण देखकर लग रहा है कि ये यूरिनरी इंफेक्शन है. ज़्यादातर यूरिन इंफेक्शन का कारण बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारी ही आंतों से आते हैं. ये हमारी आंतों को तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन जब शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंच जाते हैं, तब इंफेक्शन का कारण बनते हैं. कुछ बैक्टीरिया आपके गुदा द्वार (ऐनस) में रहते हैं, जो आपके ब्लैडर तक पहुंचकर यूरिन इंफेक्शन का कारण बनते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी के कारण भी महिलाओं को यूरिन इंफेक्शन होता है. इसके अलावा अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने और कम पानी पीने के कारण भी यूरिनरी टैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) होता है. यूटीआई में राहत के लिए भरपूर पानी पीएं, ताकि जर्म्स आपके शरीर से फ्लश आउट हो जाएं. इसके अलावा क्रैनबेरी का जूस और नींबू पानी पीएं. साफ़-सुथरी अंडरवेयर पहनें और प्राइवेट पार्ट्स की हाइज़ीन का ख़्याल रखें. अगर यह समस्या आपको बार-बार हो रही है, तो गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें.पीरियड्स का यूरिन इंफेक्शन और एंटीबायोटिक्स से कोई कनेक्शन नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी?

Urinary Tract Infection

 

मेरी उम्र ३९ है. १ साल पहले मैं डिप्रेशन में थी और पिछले ७ महीनों से मेरे पीरियड्स सिर्फ़ 2 दिन ही रहते हैं और ब्लीडिंग भी बहुत कम होती है. क्या यह मेनोपॉज़ की निशानी है? या फिर डिप्रेशन के कारण ऐसा हो रहा है. क्या मुझे किसी तरह का ट्रीटमेंट लेना होगा या फिर हेल्दी लाइफस्टाइल से ये ठीक हो जाएगा. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– उमा विश्वास, फ़िरोज़पुर.

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हार्मोन्स का असंतुलन, पोषण की कमी, पीसीओएस, थायरॉइड प्रॉब्लम्स. अपने परिवार में पता करें कि अर्ली मेनोपॉज़ की हिस्ट्री तो नहीं. आपको कुछ ब्लड टेस्ट कराने होंगे. टेस्ट में ओवेरियन रिज़र्व चेक कराएं और सोनोग्राफी करवाएं ताकि पता चल सके कि कितने साल और रुक सकते हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है?

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या पीरियड्स न आना प्रेग्नेंसी की निशानी है?

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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Personal Problems: कंसीव न कर पाने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be Possible Reasons For Non Conception?)

मैं 26 वर्षीया महिला हूं. ढाई साल पहले मेरी शादी हुई थी, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मुझे इसके लिए क्या करना होगा?
– शीतल पटेल, सूरत.

अगर गर्भधारण के लिए ट्राई करते हुए आपको 12 महीने से ज़्यादा का समय हो गया है, तो आपको इसके लिए किसी एक्सपर्ट डॉक्टर, जैसे- गायनाकोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी एक्सपर्ट को मिलना होगा. वो कुछ टेस्ट्स करके चेक करेंगे कि आपके केस में सबकुछ ठीक है या नहीं. कंसेप्शन के लिए कुछ बातें ज़रूरी हैं, जैसे- हर महीने महिला के ओवरीज़ से एग का रिलीज़ होना, एग फैलोपियन ट्यूब्स से होकर यूटरस में पहुंचे और इस दौरान एग पुरुष के स्पर्म से फर्टिलाइज़ हो और फिर फर्टिलाइज़्ड एग यूटरस में प्लांट हो. इस पूरी प्रक्रिया में आपके एग्स और ओव्यूलेशन काफ़ी मायने रखता है, इसलिए डॉक्टर टेस्ट के ज़रिए आपके ओवेरियन रिज़र्व को चेक करेंगी. आप चाहें, तो किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से भी मिल सकती हैं.

यह भी पढ़ें: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

 

urine infection
मैं 32 वर्षीया महिला हूं. कैसे कहूं, समझ में नहीं आ रहा, पर मुझे बार-बार यूरिन इंफेक्शन की समस्या हो जाती है. मैं क्या करूं, कृपया बताएं.
– उमा पांडे, कानपुर.

जर्म्स और बैक्टीरिया के कारण क्रॉनिक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होता है, पर ई-कोली बैक्टीरिया इसका मुख्य कारण हो सकता है. बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, यूरिन में ब्लड आना, ब्लैडर एरिया में दर्द और लोअर बैक में दर्द होना इसके लक्षण हैं. अगर यूरिन इंफेक्शन आपकी किडनी तक पहुंच जाए, तो बुख़ार, उल्टी आना, चक्कर आना और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कुछ बैक्टीरिया यूरिन के ज़रिए बड़ी तेज़ी से बढ़ते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी के कारण भी महिलाएं इसकी शिकार हो सकती हैं. कम पानी पीना और अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल भी आपको यह इंफेक्शन दे सकता है, इसलिए सावधान रहें. ख़ूब पानी पीएं, ताकि जर्म्स शरीर से फ्लश आउट हो जाएं. किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

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डॉ. राजश्री कुमार
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Personal Problems: रूटीन हेल्थ चेकअप में क्या पैप स्मियर टेस्ट कराना चाहिए? (Should I Go For A Pap Smear Test In Routine Health Checkup?)

मैं 32 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में जानना चाहती हूं. क्या ये आम गर्भनिरोधकों की तरह है या इसके कुछ साइडइफेक्ट्स हैं?
– कुसुम मेहता, मुंबई.

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का इस्तेमाल असुरक्षित यौन संबंध के बाद इमरजेंसी में किया जाता है. इसे कभी भी रेग्युलर कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स दो तरह के हैं, एक प्रोजेस्टेरॉनयुक्त टैबलेट और दूसरा कॉपर टी. प्रेग्नेंसी टालने के लिए असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के भीतर टैबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि कॉपर टी के लिए 5 दिनों का समय होता है. इसके साइडइफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन-सा मेथड इस्तेमाल कर रहे हैं. अनियमित माहवारी और उल्टी आना जैसे साइडइफेक्ट्स दोनों ही मेथड में हो सकते हैं, जबकि कॉपर टी में इंफेक्शन का भी डर रहता है. कभी-कभी मेथड फेल भी हो जाता है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: बच्चे को कितने समय तक ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए?

Pap Smear Test

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और डॉक्टर ने मुझे रूटीन हेल्थ चेकअप में पैप स्मियर टेस्ट करने की सलाह दी है. क्या मुझे यह टेस्ट कराना चाहिए?
– कुमकुम अग्रवाल, देहरादून.

पैप स्मियर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसके ज़रिए सर्विक्स में होनेवाले कैंसर व प्रीकैंसर सेल्स की जांच की जाती है. वैसे तो 21 वर्ष पार कर चुकी सभी महिलाओं को हर साल यह टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरू में ही किसी समस्या का पता चल सके. अगर लगातार तीन सालों तक स्मियर टेस्ट निगेटिव आता है, तो यह टेस्ट हर तीन साल में 65 साल की उम्र तक कराना चाहिए. इसमें एक स्पेशल ब्रश के ज़रिए सर्विक्स के सेल्स को इकट्ठा कर टेस्ट के लिए लैब भेजा जाता है, ताकि पता चल सके कि कैंसर है या नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: पीरियड्स में कम ब्लीडिंग का क्या कारण हो सकता है? (What Could Be Possible Reasons For Light Periods?)

Reasons For Light Periods
मेरी शादी को दो साल हो रहे हैं. मेरी उम्र 26 साल है. हमने 3 साल बाद बच्चे की प्लानिंग की थी, लेकिन अब मुझे पीरियड्स में कम ब्लीडिंग हो रही है. कहीं इसके कारण आगे चलकर मुझे बच्चे पैदा करने में कोई दिक्कत तो नहीं होगी?
– महिमा रेड्डी, हैदराबाद.

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हार्मोन्स का असंतुलन, पोषण की कमी, पीसीओएस, थायरॉइड प्रॉब्लम्स. अपने परिवार में पता करें कि अर्ली मेनोपॉज़ की हिस्ट्री तो नहीं.  आपको कुछ ब्लड टेस्ट कराने होंगे. टेस्ट में ओवेरियन रिज़र्व चेक कराएं और सोनोग्राफी करवाएं ताकि पता चल सके कि कितने साल और रुक सकते हैं. किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलें.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी?

Reasons For Light Periods

मेरे बाएं ब्रेस्ट में गांठ है. इस गांठ की वजह से मुझे अब तक कोई प्रॉब्लम नहीं हुई है. लेकिन मेरे बाएं ब्रेस्ट का साइज़ दाएं वाले ब्रेस्ट से बड़ा है. क्या इससे मुझे भविष्य में कोई समस्या हो सकती है? मुझे क्या करना चाहिए?
– रोशनी पटवा, पटना.

ब्रेस्ट में छोटे लम्प्स फाइब्रोएडीनोमा हो सकते हैं. पर अच्छा होगा कि आप एक बार डॉक्टर से अपने ब्रेस्ट की कंप्लीट जांच करा लें. एक बार पारिवारिक इतिहास देख लें, कहीं किसी को परिवार में ब्रेस्ट कैंसर तो नहीं था. जॉक्टर की जांच के बाद आप बायलैट्रल ब्रेस्ट की सोनो-मैमोग्राफी करा लें. यह निदान का सबसे बेहतर टूल है.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: फायब्रॉइड्स होने पर क्या गर्भाशय निकलवाना पड़ेगा? (Do I Need To Remove Uterus For Fibroids?)

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Personal Problems: फायब्रॉइड्स होने पर क्या गर्भाशय निकलवाना पड़ेगा? (Do I Need To Remove Uterus For Fibroids?)

पीरियड्स की समस्या हो या किसी तरह का इन्फेक्शन, प्रेगनेंसी से जुडी कोई समस्या या फिर फैमिली प्लानिंग से जुड़ा कोई सवाल, जानें मेरी सहेली के पर्सनल प्रॉब्लम्स में नारी स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान. 

मैं 38 वर्षीया गृहिणी हूं. अभी-अभी मुझे पता चला है कि मेरे गर्भाशय में फायब्रॉइड्स हैं. क्या इसका यह मतलब है कि मुझे गर्भाशय निकलवाना होगा या फिर कोई और विकल्प भी है?
– दीप्ति गिल, अमृतसर.

सबसे पहली बात यह कि आप अभी स़िर्फ 38 साल की हैं, इसलिए गर्भाशय निकलवाने के बारे में भूल जाइए, क्योंकि मेडिकल साइंस ने बहुत तऱक्क़ी कर ली है और इसके अलावा कई और विकल्प भी हैं. आप मायओमेक्टमी के लिए जा सकती हैं, जिसमें सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड्स निकाले जाते हैं. इसके अलावा कई छोटी-छोटी सर्जरीज़, जैसे- लैप्रोस्कोपी, हिस्टेरोस्कोपी, द विंसी रोबोटिक मायओमेक्टमी, यूटेराइन आर्टरी इंबोलाइज़ेशन आदि हैं, जिनके ज़रिए फायब्रॉइड्स निकाले जा सकते हैं. पर सबसे पहले दवाइयां लें. अगर यह दवाइयों से ठीक नहीं हो रहा है, तभी बाकी के विकल्प चुनें.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है? 

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं और कुछ महीने पहले ही मेरी नॉर्मल डिलीवरी हुई है, पर उसके कुछ हफ़्तों बाद से ही मुझे प्रोलैप्स जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं. क्या मुझे तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
– इशिता शुक्ला, जबलपुर.

कभी-कभी महिलाओं को प्रोलैप्स जैसा महसूस होता है, पर वैसा होता नहीं. हो सकता है कि गर्भाशय अपनी जगह से हल्का-सा खिसक गया हो, पर यह तो कीगल एक्सरसाइज़ से भी ठीक हो जाएगा. सबसे पहले आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलकर ज़रूरी टेस्ट्स करवा लें, ताकि पता चल सके कि प्रोलैप्स है या नहीं. फ़िलहाल के लिए डॉक्टर आपको दवाएं देकर 6 हफ़्तों तक ऑब्ज़र्व कर सकते हैं. दरअसल, डिलीवरी के बाद आयरन पिल्स लेने के कारण महिलाओं को कब्ज़ की शिकायत हो जाती है और इंट्रा एब्डॉमिनल प्रेशर से पेल्विक मसल्स कमज़ोर हो जाती हैं, जिसके कारण ऐसा महसूस होता है. आप हेल्दी डायट लें और कुछ पेल्विक एक्सरसाइज़ेज़ करें.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: क्या 35 के बाद मां बनना रिस्की है? (Does Pregnancy After 35 Has Risks?)

Pregnancy after age 35, second pregnancy after 35
मैं 35 साल की हूं. मेरी शादी देर से हुई है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन मैंने सुना है कि 35 के बाद मां बनना रिस्की होता है और बच्चे सुंदर, स्वस्थ होने की पूरी गारंटी नहीं होती. क्या ये सच है. मैं क्या करूं?

ये सच है कि 30 की उम्र के बाद मां बनना थोड़ा ख़तरनाक होता है. वैज्ञानिक शोधों से भी यह बात साबित हो चुकी है.  ऐसे में एबनॉर्मल बच्चे (जैसे अपंग या विकलांग बच्चे) होने की संभावना बढ़ जाती है. पर ये ज़रूरी नहीं कि एबनॉर्मल बच्चा ही पैदा हो. आप जेनेटिक काउंसलिंग करवा सकती हैं. वैसे बता दूं कि मां बनने की सही उम्र 30- 35 है.

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मैं 20 साल की हूं. मेरी समस्या यह है कि अन्य लड़कियों की तुलना में मेरे स्तन बहुत छोटे हैं. मैंने कई ऐसे विज्ञापन पढ़े हैं, जो बिना किसी सर्जरी के स्तन का आकार बढ़ाने का दावा करते हैं. मेरी जल्दी ही शादी होनेवाली है. मैं उन इलाजों और उनके साइड इ़फेक्ट्स के बारे में जानना चाहती हूं.

ये सच है कि ब्रेस्ट एनलार्जमेंट के लिए आए दिन विज्ञापन प्रकाशित होते रहते हैं, लेकिन उनकी सच्चाई के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. अगर आप चाहें तो एक्सरसाइज़ करके अपने स्तनों का आकार बढ़ा सकती हैं. इसके लिए आप जिम ज्वाइन कर सकती हैं और इंस्ट्रक्टर को अपना उद्ददेश्य बता दें. इसके अलावा आप गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. ये न सिर्फ़ स्तनों का आकार बढ़ाएंगी, बल्कि अनचाहे गर्भ से भी सुरक्षित रखेंगी. वैसे सबसे अच्छा तरीका है-ब्रेस्ट इम्प्लांट, जिसमें 40,000 से 80,000 रुपए ख़र्च आता है. वैसे मेरा मानना है कि ये सब दिमागी फ़ितूर है. अगर आप अपने शरीर के बारे में पॉज़िटिव सोच रखें तो ब्रेस्ट का साइज़ कोई मायने नहीं रखता.

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Personal Problems: पीरियड्स के दौरान अचानक वज़न बढ़ जाता है (Why I Feel Weight Gain During Periods?)

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मैं 21 साल की हूं. मेरा मासिक धर्म हमेशा नियमित रहता है, किंतु मासिक धर्म आने के पूर्व मेरा पेट फूल जाता है और अचानक वज़न भी बढ़ जाता है. ऐसा क्यों होता है? कृपया इस बारे में जानकारी दें.
– प्रतिमा सिंह, बिहार.

आपकी समस्याओं के बारे में जानकर ऐसा लगता है कि आप पीएमएस (प्रीमेन्सट्रुअल सिंड्रोम) यानि माहवारी से पहले होनेवाली तकलीफ़ों से गुज़र रही हैं. इस दौरान आपको अपने आप में और भी कई तरह के बदलाव नज़र आ सकते हैं, जैसे- स्तनों के आकार में वृद्धि, स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना, अधिक भूख लगना आदि. ये सब माहवारी के दौरान के सामान्य लक्षण हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है. हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट से यह अवश्य जान लें कि आपके वज़न बढ़ने का कारण कहीं कोई और समस्या तो नहीं है.

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मैं 23 वर्षीय स्त्री हूं. छह माह पूर्व ही मेरा विवाह हुआ है. हम अगले दो सालों तक बच्चा नहीं चाहते, इसलिए कंडोम इस्तेमाल करते हैं. लेकिन मुझे इससे असहजता महसूस होती है और दर्द भी होता है. किसी ने मुझे बताया कि कंडोम या उसके जेल से मुझे एलर्जी हो सकती है. क्या वाकई मुझे इससे एलर्जी हो रही है? कृपया मेरी समस्या का समाधान बताएं.

आपको कंडोम के रबर या फिर इसके जेल से एलर्जी होने की संभावना है. चूंकि अभी आपकी उम्र भी काफ़ी कम है और अगले दो साल तक आप परिवार बढ़ाना नहीं चाहतीं, तो ऐसे में आप गर्भनिरोधक दवाइयों का इस्तेमाल कर सकती हैं. बेहतर होगा कि आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें, जो आपको बताएंगे कि आपके लिए कौन–सा गर्भनिरोधक उपयुक्त होगा.

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 डॉ. राजश्री कुमार
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Personal Problems: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए? (Contraception During Breastfeeding)

Contraception During Breastfeeding
मैं 27 वर्षीया महिला हूं और मेरा पांच महीने का एक बेटा भी है. मैं उसे ब्रेस्टफीडिंग कराती हूं. मेरे पीरियड्स अभी तक शुरू नहीं हुए हैं. क्या मुझे गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए?
– चंचल शुक्ला, नोएडा.
आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली महिलाओं को क़रीब 3-4 महीने तक गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं होती. पर अगर आपने बच्चे को ऊपरी पोषण देना शुरू कर दिया है या आप उसका दूध छुड़ाना चाहती हैं, तो भले ही आपके पीरियड्स नहीं आए हैं, फिर भी आपको गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए. आप गायनाकोलॉजिस्ट से मिल सकती हैं, जो आपको गर्भनिरोधक के कुछ ऑप्शन्स बता सकते हैं. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान प्रोजेस्टेरॉन युक्त पिल्स का इस्तेमाल सेफ रहता है. इससे बच्चे व दूध दोनों पर कोई असर नहीं होता. इसके अलावा गायनाकोलॉजिस्ट आपको इंट्रायूटेराइन डिवाइस या फिर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दे सकते हैं.

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Contraception During Breastfeeding
मैं 38 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ समय से मुझे बाएं ब्रेस्ट में गांठ महसूस हो रही है, जबकि मेरे परिवार में आज तक किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– राजी मल्होत्रा, भोपाल.
अपने ब्रेस्ट का सेल्फ इक्ज़ामिनेशन बहुत हेल्दी आदत है. हर महीने पीरियड्स ख़त्म होने के 5-10 दिनों के भीतर ब्रेस्ट्स को हल्के हाथों से दबाकर चेक करना चाहिए. जैसाकि आपको गांठ महसूस हुई है, तो आपको तुरंत स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए. शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टर आपको मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं. यह अच्छी बात है कि आपके परिवार में कभी किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, पर इसका यह मतलब नहीं कि आप डॉक्टर को न दिखाएं.

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Personal Problems: मेनोपॉज़ के बाद कभी-कभी ब्लीडिंग होती है (Bleeding After Menopause: Causes & Treatment)

मैं 55 साल की हूं और 3 साल पहले मेरा मेनोपॉज़ हुआ है. लेकिन मेरी समस्या यह है कि पिछले 2 महीनों से मुझे कभी-कभी ब्लीडिंग हो रही है, जिसके कारण मैं बहुत चिंतित हूं. ऐसा क्यों हो रहा है?

– ज्योति छाया, हरियाणा.

मेनोपॉज़ के बाद रक्तस्राव को साधारण नहीं समझना चाहिए और आपको फ़ौरन गायनाकोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए. ऐसा निम्न कारणों से हो सकता है– अगर आप हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का इस्तेमाल कर रही हों, आपको फायब्रॉयड या गर्भाशय कैंसर की शिकायत हो, योनि कैंसर हो, सर्वाइकल कैंसर या यूटेरियन कैंसर की शिकायत हो. ऐसा सर्वाइकल या योनि में इंफेक्शन के कारण भी हो सकता है. बेहतर होगा कि आप अपना पूरा चेकअप करवाएं.

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मुझे दो महीने का गर्भ है. ये मेरा पहला बच्चा है. मुझे सुबह बहुत चक्कर आता है और उल्टियां भी होती हैं. मुझे क्या करना चाहिए?

– कार्तिका, नासिक.

गर्भावस्था में सुबह के समय नॉसिया या उल्टी होना सामान्य बात है. अगर आप खाली पेट हैं तो आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है. सुबह उठने के बाद बिस्किट और चाय या दूध लें. खाली पेट कभी न रहें. दिन के समय भी कार्बोहाइड्रेड से युक्त आहार लें. फैटी फूड से परहेज़ करें. ये शिकायत सामान्यत: तीसरे महीने के बाद दूर हो जाती है. अगर ऊपर बताए गए निर्देशों का पालन करने के बाद भी आराम नहीं मिलता है, तो डॉक्टर से मिलें जो आपको उल्टियां बंद करने के लिए कोई गोलियां देंगे.

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Personal Problems: क्या प्रेग्नेंसी में ब्लडप्रेशर की दवा लेना सेफ है? (Is It Safe To Have Blood Pressure Medicine During Pregnancy?)

Safe, Blood Pressure. Medicine During Pregnancy
मेरी नौ महीने की बेटी है, जिसे मैं ब्रेस्ट फीडिंग करती हूं. मेरी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट पॉज़ीटिव आई है और सोनोग्राफी में 5 हफ़्ते की प्रेग्नेंसी का पता चला है. मेरे डॉक्टर ने मुझे सर्जिकल एबॉर्शन की बजाय मेडिकल एबॉर्शन की सलाह दी है. क्या यह सेफ और इफेक्टिव है?
– महिमा झा, हिसार.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि मेडिकल एबॉर्शन सेफ और इफेक्टिव तरीक़ा है. इसमें दो गोलियां दी जाती हैं. सर्जिकल प्रोसीजर भले ही कितना भी छोटा हो, फिर भी उसमें एनीस्थिसिया दिया जाता है और प्रोसीजर में कॉम्प्लीकेशंस की संभावना भी बनी रहती है, क्योंकि आपके डॉक्टर ने आपको मेडिकल एबॉर्शन की सलाह दी है, तो उन्होंने इसके बारे में आपको पूरी जानकारी भी दी होगी. इसलिए बेफिक्र रहें. ये बिल्कुल सेफ है.

 Blood Pressure Medicine During Pregnancy
मैं पहली बार मां बनी हूं और मेरी 8 महीने की प्रेग्नेंसी है. डॉक्टर ने कहा है कि मेरा ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है, जिसे कंट्रोल करने के लिए मुझे दवा लेनी होगी. कहीं ये दवाएं मेरे बच्चे को कोई नुक़सान तो नहीं पहुंचाएंगी? मुझे क्या करना चाहिए?
– अमृता जैन, राजकोट.

पहली बार मां बननेवाली बहुत-सी महिलाओं को यह समस्या होती है, जिसे प्रेग्नेंसी के कारण होनेवाला हाइपरटेंशन कहते हैं. अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल न किया गया, तो यह आपके और आपके बच्चे की सेहत को नुक़सान पहुंचा सकता है. ज़्यादातर एंटी-हाइपरटेंसिव दवाएं टेस्टेड ही होती हैं, इसलिए इफेक्टिव और बच्चों के लिए सेफ हैं. अगर आपके डॉक्टर ने आपको इसकी सलाह दी है, तो वैसा ही करें.

 

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: यूटेराइन फायब्रॉइड में क्या करना चाहिए? (What Is The Treatment For Uterine Fibroid?)

Treatment For Uterine Fibroid
पिछले कुछ महीनों से पीरियड्स के पहले और पीरियड्स के दौरान मुझे काफ़ी दर्द होता था. जब मैंने टेस्ट्स कराए, तो पता चला कि मुझे इंडोमिट्रियोसिस है. इसके लक्षण क्या हैं. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– कोमल सिंह, जयपुर.

इंडोमिट्रियोसिस महिलाओं की काफ़ी आम समस्या है. यह बहुत-सी महिलाओं को होता है, पर ज़्यादातर में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते. जिन महिलाओं के लक्षण दिखाई देते हैं, वो हैं, दर्दयुक्त माहवारी या पीएमएस. पेड़ू में दर्द माहवारी के पहले से शुरू हो जाता है, जो माहवारी के साथ
धीरे-धीरे कम होता जाता है. कुछ महिलाओं में यह दर्द महीने दर महीने बढ़ता जाता है, जबकि कुछ में यह कम हो जाता है. दर्द के अलावा डायरिया, कब्ज़, कमर के निचले हिस्से में दर्द, बहुत ज़्यादा थकान, अनियमित पीरियड्स, यूरिन पास करते समय दर्द होना या यूरिन में ब्लड का आना आदि इसके लक्षण हैं. आपने जिस डॉक्टर को दिखाया है, वो आपको इसके बारे में अधिक जानकारी और सही सलाह दे सकते हैं.

Treatment For Uterine Fibroid

मैं 34 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में अल्ट्रा सोनोग्राफी से पता चला है कि मेरे यूटेरस में फायब्रॉइड है. इसके लिए मैं क्या कर सकती हूं? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रोशनी पटवा, कानपुर.

यूटेराइन फायब्रॉइड को मैनेज करने के कई तरी़के हैं. जब ट्रीटमेंट जल्द से जल्द करना हो, तब ज़्यादातर डॉक्टर्स सर्जरी की सलाह देते हैं. आमतौर पर डॉक्टर्स हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह देते हैं और अगर महिला मेनोपॉज़ से गुज़र रही हो, तो यूटेरस निकालने की सलाह दी जाती है. और अगर महिला की उम्र कम है और उसकी प्रेग्नेंसी के लिए यूटेेरस और बाकी रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की ज़रूरत होती है, तो उनका मायमेक्टॉमी किया जाता है. इस प्रक्रिया में स़िर्फ फायब्रॉइड्स को टारगेट करके ख़त्म किया जाता है. इसके लिए डॉक्टर्स हिस्टेरोस्कोप, लैप्रोस्कोप और सर्जरी का सहारा लेते हैं. इसके अलावा लेज़र सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड को नष्ट करना भी एक ट्रीटमेंट है.

 

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या ब्रेस्टफीडिंग से बच्चे को इंफेक्शन ट्रांसफर हो सकता है? (Can Infection Be Transmitted Through Breastfeeding?)

Can Infection Be Transmitted Through Breastfeeding
प्रेग्नेंसी के पांचवें महीने में रूटीन चेकअप के दौरान मुझे पता चला है कि मैं एचआईवी पॉज़ीटिव हूं. इसलिए मुझे एंटीरेट्रोवाइरल (एआरवी) थेरेपी देने की सलाह दी गई है. मैं अपने बच्चे को स्तनपान कराना चाहती हूं, पर क्या इसके ज़रिए भी उसे इंफेक्शन ट्रांसफर हो सकता है?
– एकता पटेल, गुड़गांव.

स्तनपान से इंफेक्शन ट्रांसफर होने का रिस्क तो है, पर मां का दूध बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए बहुत ज़रूरी है. इसमें मौजूद पोषक तत्व नवजात को बहुत-सी बीमारियों से बचाते हैं. हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन ने एक रिपोर्ट के द्वारा यह स्पष्ट किया है कि एआरवी थेरेपी एचआईवी पॉज़ीटिव मां से उसके बच्चे को इंफेक्शन ट्रांसफर होने की संभावना को बहुत हद तक कम कर देता है. एआरवी और स्तनपान की मदद से बच्चा एचआईवी से सुरक्षित रहता है. आपके डॉक्टर आपको एचआईवी क्लीनिक जाने की सलाह दे सकते हैं, जो इस तरह के मामलों के लिए ख़ासतौर पर बनाए गए हैं. आप उनसे स्तनपान आदि से जुड़ी सभी शंकाओं के समाधान पा सकती हैं.

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Can Infection Be Transmitted Through Breastfeeding
मेरी 13 वर्षीया बेटी के चेहरे, पैरों व पीठ पर बहुत बाल हैं, जिसके कारण उसे बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है. कृपया बताएं, मैं क्या करूं?
– इशिता सेठी, रोहतक.

इस स्थिति को हर्सूटिज़्म कहते हैं, जिसके कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारण है पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम, जिसमें टेस्टोस्टेरॉन
हार्मोन की अधिकता के कारण ऐसा होता है. इसके अलावा कुशिंग्स डिसीज़, लंबे समय तक स्टेरॉइड का इस्तेमाल और इंडोमिटिरियोसिस की दवा का सेवन भी इसके कारण हो सकते हैं. अपनी बेटी का टेस्टोस्टेरॉन लेवल चेक करवाएं. अगर वह ज़्यादा है, तो डॉक्टर आपको दवा, लेज़र ट्रीटमेंट या इलेक्ट्रोलिसिस की सलाह दे सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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