Film Industry

म्यूज़िक कंपोज़र वाजिद खान इस साल दुनिया को अलविदा कह गए थे. किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और इलाज के दूसरा वो कोरोना से भी संक्रमित हो गए थे, इसके बाद पहली जून को उनका देहांत हो गया था. वाजिद खान की पत्नी कमलरुख खान ने सोशल मीडिया पर इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर अपना अनुभव शेयर किया है. उन्होंने लंबी सी पोस्ट शेयर की है जिसमें लिखा है- शादी से 10 साल पहले वो दोनों रिलेशनशिप में थे. एक साथ कॉलेज में पढ़ते थे.

कमलरुख ने लिखा- मैं पारसी हूं और वह मुस्लिम थे. जब हमारी शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुई थी, जिसमें शादी के बाद भी मुझे अपने धर्म को प्रैक्टिस करने का अधिकार मिलता है. मेरी परवरिश साधारण पारसी परिवार में हुई थी. हमारे घर में बोलने की और अपने विचार रखने की पूरी आज़ादी थी और हेल्दी डिबेट्स के लिए जगह थी. शिक्षा को प्रोत्साहित किया जाता था. लेकिन शादी के बाद, यही स्वतंत्रता, शिक्षा और अपनी बात रखने की आदत मेरे पति के परिवार के लिए सबसे बड़ी समस्या थी. एक शिक्षित, सोच वाली, स्वतंत्र राय वाली महिला उन्हें पसंद नहीं थी और फिर मैंने धर्मांतरण के दबाव का विरोध भी किया था. मैंने हमेशा सभी धर्मों का सम्मान किया, लेकिन मेरा धर्म परिवर्तन ना करना मेरे और मेरे पति के बीच दूरियों का कारण बन गया. हमारा रिश्ता टूटने की कगार पर आ गया था.

कमलरुख ने लिखा कि धर्मपरिवर्तन के लिए ना मानने पर उन्हें तलाक के लिए अदालत ले जाने के लिए डराया जा रहा था. मैं टूट गई थी और चीटेड फील कर रही थी, इमोशनली टूट गई थी लेकिन मेरे बच्चों से मुझे संभाला.

Wajid Khan's Wife

आज भी वाजिद का परिवार मुझे प्रताड़ित करता है. वाजिद खान के निधन के बाद भी उनके परिवार की तरफ़ से उत्पीड़न जारी है. वाजिद एक प्रतिभाशाली संगीतकार थे जिन्होंने म्यूज़िक के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था, लेकिन धार्मिक कट्टरता ने हमारे बीच खाई पैदा कर दी थी और वो इतना समय हमें नहीं देते थे जितना समर्पण म्यूज़िक के लिए था उनका. बच्चे और मैं उन्हें बहुत याद करते हैं और हम चाहते हैं हमें उनके और उनके परिवार की धार्मिक कट्टरता के कारण कभी परिवार और परिवार का सुख नहीं मिला. आज उनकी असामयिक मृत्यु के बाद, उनके परिवार का उत्पीड़न जारी है, लेकिन मैं अपने बच्चों के अधिकारों के लिए लड़ रही हूं.

Wajid Khan's Wife

कमलरुख ने आखिर में लिखा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण किया जाना चाहिए ताकि मुझ जैसी महिलाओं को न्याय मिल सके और हमारा संघर्ष आसान हो सके, जो इंटरकास्ट मैरिज में धर्म परिवर्तन के ज़हर से लड़ रही हैं. सभी धर्म ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग हैं. जीने दो और जीने दो एक ही धर्म होना चाहिए जिसको हम सभी मानते हैं.

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आज ईशा ने कई ख़ूबसूरत तस्वीरें, ख़ासकर केक की शेयर करके अपने ख़ास दिन को सेलिब्रेट किया. उन्होंने सभी को बधाइयों के लिए शुक्रिया भी अदा की. हेमाजी ने हर साल की तरह उनके जन्मदिन पर पूजा-हवन की. उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई! वे यूं ही सदा हंसती-मुस्कुराती रहें. वे समझदार बेटी, पत्नी और मां की भूमिका को बख़ूबी निभा रही है.

Esha Deol

भरत तख्तानी से शादी करने के बाद उन्होंने फिल्म से दूरी बना ली है. कभी-कभार मां हेमा मालिनी के साथ स्टेज शो, कृष्णलीला या उनके रामायण डांस बैलेट का हिस्सा बनती रही हैं. ईशा एक समर्पित पत्नी के रूप में अपने वैवाहिक जीवन को एंजॉय कर रही हैं. बेटी राध्या व मियारा के जन्म से ही उनके जीवन में बहार आ गई है. यही वो समय भी है, जब उन्हें अपनी मां हेमा मालिनी की बातों, सीख के मर्म को समझने का मौक़ा मिल रहा है. मां के लिए उनके बच्चे और ख़ासकर बेटी हो, तो काफ़ी मायने रखते है. उनकी पूरी दुनिया उनमें सिमट के रह जाती है. मदरहुड को ईशा ख़ूब एंजॉय कर रही हैं. वे अक्सर सोशल मीडिया पर दोनों बेटियों, पति, परिवार के साथ की ख़ूबसूरत व दिलचस्प तस्वीरें शेयर करती रहती हैं. ईशा ने अपने जीवन को ख़ूबसूरती से संवारा है. फिर चाहे वह बेटी की भूमिका हो, पत्नी की ज़िम्मेदारी हो, मां का रोल हो… उन्होंने हर किरदार को अपने जीवन में बख़ूबी निभाया है और निभा रही हैं.

ईशा से जुड़ी कुछ विशेष बातों के बारे में जानते हैं…

  • ईशा देओल ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत ‘कोई मेरे दिल से पूछे’ से की थी.
  • उसके बाद एक से एक बेहतरीन फिल्में की उनके करियर का मील का पत्थर साबित हुआ फिल्म धूम, जिसमें उनके अभिनय और डांस की ख़ूब तारीफ हुई.
  • ईशा ने अपनी फिल्मों में कई तरह की भूमिकाएं निभाई, पर ज़िंदगी भूमिका में सुपरहिट रहीं.
  • ईशा के पति भरत तख्तानी उन्हें बचपन से पसंद करते थे.
  • दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे, पर प्रतियोगिताओं आदि में उनकी अक्सर मुलाकातें होती थीं.
  • उन्हीं दिनों भरत ने एक बार ईशा का हाथ पकड़ लिया था, तब उन्होंने नाराज़ होकर थप्पड़ मार दिया था.
  • काफ़ी सालों बाद दोनों की दोबारा मुलाक़ात हुई, तब रोमांटिक अंदाज़ में भरतजी ने उन्हें कहा कि क्या वे अब उनका हाथ पकड़ सकते हैं, तो उन्होंने हामी भर दी.
  • फिर वे धर्मेंद्र-हेमा मालिनी से मिले और उनकी रज़ामंदी मिलने के बाद हैप्पी एंड यानी शादी हो गई.
  • वैसे ईशा का क्रश सिलवेस्टर स्टैलॉन हैं, जो हॉलीवुड के मशहूर एक्टर रहे हैं उनकी रैंबो, रॉकी सीरीज़ फिल्में सुपरडुपर हिट रही हैं.
  • हाल ही में ‘केकवॉक’ शॉर्ट फिल्म में भी वे दिखी थीं.
  • उन्होंने हेमाजी पर किताब भी लिखी है, यहां उन्होंने अपने लेखनी के हुनर को भी दिखाया है.
  • ईशा की हमेशा से ख़्वाहिश रही थी कि उनका जीवनसाथी उनके पिता धर्मेंद्र की तरह हैंडसम और डैशिंग हो और आख़िरकार भरत तख्तानी के रूप में उन्हें वह मिल गया.
  • ईशा की छोटी बहन अक्सर उनके लिए सरप्राइज पार्टी अरेंज करती रहती हैं.
  • ईशा के बेबी शावर के समय भी उन्होंने एक मज़ेदार पार्टी का आयोजन किया था, तब ईशा ने एक रस्म के दौरान पीछे की तरफ फूल फेंका था. और जो उसे पकड़ लेता है, तो उसकी प्रेग्नेंसी निश्चित मानी जाती है और संजोग से आहना ने पकड़ा था. तब ईशा ने बड़े ही मजेदार ढंग से कहा था कि देखिए अब आगे क्या होता है. वैसे आहना को एक बेटा डेरिअन है.
  • ईशा के साथ आज शाहरुख ख़ान का भी जन्मदिन है. कल रात से ही उनके फेंस का हुजूम उनके घर मन्नत पर मेला लगाए है. शाहरुख ने घर के छत से सभी का प्यार स्वीकारते हुए धन्यवाद कहा व अभिवादन किया.
  • ईशा जया बच्चन को काफ़ी पसंद करती हैं. एक बार उन्होंने कहा था कि जन्म देनेवाली हेमाजी हैं, पर स्क्रीन पर रहीं मेरी मां जया बच्चन का काफ़ी सम्मान करती हूं. ऐसा उन्होंने उनके जन्मदिन की विश करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त की थी.
  • ईशा देओल आज उस मुक़ाम पर है, जहां पर हर एक लड़की होने की इच्छा करती है. वे शादीशुदा जीवन का भरपूर आनंद ले रही हैं. अपने मातृत्व को काफ़ी दुलार-संवार रही हैं. साथ ही लाइमलाइट में भी रहती हैं.
  • ऐसा नहीं है कि मां बनने के बाद उन्होंने अपने अभिनय और नृत्य से प्यार को छोड़ दिए है. वे आज भी सभी के साथ तालमेल बैठाते हुए आगे बढ़ रही हैं. हमारी शुभकामनाएं व ऑल द बेस्ट, वे यूं ही आगे बढ़ती रहें…

विशेष: ईशा के साथ-साथ आज शाहरुख ख़ान, अनु मलिक, रोशनी चोपड़ा, मीता वशिष्ठ, मसाबा गुप्ता, डायना पेंटी, सनाया कपूर का भी जन्मदिन है. सभी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाइयां!..

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पहले एक्ट्रेस ज़ायरा वसीम ने इस्लाम के चलते फिल्म इंडस्ट्री से किनारा करने का फ़ैसला किया और अब सना खान भी उसी राह पर चल पड़ी हैं. सना काफ़ी फ़ेमस हैं और सलमान खान के क़रीबियों में भी गिनी जाती हैं. बेहद शोख़, चंचल और खूबसूरत एक्ट्रेस ने ऐसा फ़ैसला आख़िर क्यों लिया?

Sana Khan

सना ने खुद ही इस बात का एलान कर दिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट के ज़रिए फ़िल्म इंडस्ट्री छोड़ने की बात बताई. सना का कहना है कि भले ही उन्होंने इंडस्ट्री से नाम, पैसा और शोहरत कमाई लेकिन कुछ समय से वो ये महसूस कर रही हैं कि क्या वो दुनिया में बस यही करने आई हैं. क्या अब ये वक़्त नहीं है कि वो बेसहरा और बेबस लोगों की ख़िदमत करे. इन सवालों के जवाब जब मैंने मज़हब में तलाशे तो पाया कि यह ज़िंदगी मरने के बाद की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए है.

Sana Khan

सना ने नोट में आगे लिखा है कि सिर्फ दौलत और शौहरत को अपना मकसद ना बनाएं, बल्कि गुनाह की ज़िंदगी से बचकर इंसानियत की खिदमत करें और अपने पैदा करने वाले के बताए हुए तरीकों पर चलें.

Sana Khan

मैं आज यह एलान करती हूं कि आज से मैं अपने ‘शोबिज़’ (फिल्म इंडस्ट्री) की जिंदगी को छोड़कर इंसानियत की खिदमत और अपेने पैदा करने वाले के हुकुम पर चलने का पक्का इरादा करती हूं.
तमाम भाइयों और बहनों से दरख़ास्त है कि आप मेरे लिए दुआ फरमाएं कि अल्लाह ताला मेरी तौबा को कुबुल फरमाए. आखिर में तमाम भाईयों और बहनों से दरख़ास्त है कि वो अब मुझे शोविज के किसी काम के लिए दावत ना दें. बहुत बहुत शुक्रिया.

ये है वो नोट जो सना ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, साथ में सना ने कैप्शन भी दिया है कि मेरी ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत लम्हा😊

अल्लाह मुझे इस सफ़र में मदद और रास्ता दिखाएं.

आप सब मुझे दुआ में शामिल रखें🤲🏻

Sana Khan
Sana Khan
Sana Khan

पिछले कुछ समय से सना की पोस्ट और तस्वीरें देखेंगे तो फ़र्क़ साफ़ नज़र आएगा. सना इस्लाम के काफ़ी क़रीब पहुँच गई हैं यह समझ में आता है.

Sana Khan
Sana Khan
Sana Khan
Sana Khan

गौरतलब है कि सना काफ़ी खबरों में रही हैं और कई विवाद भी उनके साथ जुड़े रहे. कभी किसी का अपहरण का आरोप उन पर लगा तो कभी अपने एक्स लवर पर चीटिंग का आरोप उन्होंने लगाया.

Sana Khan
Sana Khan

सना ने साउथ की फ़िल्मों में भी नाम कमाया है. वो पचास से अधिक एड फ़िल्म कर चुकी हैं. ऐसे में फैंस के लिए यह हैरानी की बात है कि वो फ़िल्म लाइन छोड़ने का मन बना चुकी.

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एक हीरो की हीरोईन बनकर पर्दे पर इश्क़ लड़ाना, गाने गाना या इमोशनल सीन करना फिर भी आसान है लेकिन एक तवायफ़ का किरदार ना सिर्फ़ करना बल्कि उसे जीवित कर देना बहुत कठिन है, लेकिन कुछ एक्ट्रेसेस ने इसे भी बखूबी किया और लोगों के ज़ेहन में उस किरदार को ताउम्र के लिए यादगार बना दिया. यहां हम उन्हीं की बात करेंगे.

रेखा ने उमराव जान हो या मुक़द्दर का सिकंदर की कोठेवाली जिस अंदाज़ से तवायफ़ के रोल्स किए हैं वो लाजवाब हैं. हर कोई यही कहता है कि इस रोल में रेखा जैसा कोई नहीं. उमराव जान के क्लासिक रोल के लिए रेखा का चुना जाना ही यह बताता है कि रेखा जैसा कोई नहीं. इसकी वजह उनकी उम्दा अदाकारी, फेशियल एक्सप्रेशन और डांस में निपुण होना है. रेखा ने कई फ़िल्मों में इस तरह के रोल किए हैं, चाहे सुहाग हो या अमीरी ग़रीबी रेखा ने तवायफ़ के किरदार को खूबसूरत और ज़िंदा कर दिया था.

rekha

वैजयंतीमाला कमाल की एक्ट्रेस थीं. साधना जैसी फ़िल्म भी किसी क्लासिक से कम नहीं थी और ना ही फ़िल्म देवदास और इन दोनों ही फ़िल्मों में वैजयंतीमाला ने तवायफ़ का रोल किया और क्या खूब किया. साधना का वो गाना औरत ने जनम दिया मर्दों को मर्दों ने उसे बाज़ार दिया आज भी क्लासिक है और रोंगटे खड़े कर देनेवाला है. इस गाने में फ़िल्म की बात करें तो एक औरत की कश्मकश दिखाई है. इसी का एक और गीत है कहो जी तुम क्या क्या ख़रीदोगे यहां तो हर चीज़ बिकती है… फ़िल्म में वैजयंतीमाला ने तवायफ़ के लालच और मक्कारी की एक तरफ़ बखूबी झलक दिखलाई तो दूसरी ओर एक मजबूर औरत की व्यथा को भी पेश किया. उनकी अदाकारी, नृत्य, मुजरा करने की अदा ही थी कि उन्होंने देवदास में भी तवायफ़ का रोल जीवंत किया. फ़िल्म आम्रपाली में भी उन्होंने राजमहल की मुख्य नर्तकी का रोल किया था और बेहद खूबसूरत भी लगी थीं

Vyjayanthimala

मीना कुमारी ने पाकीज़ा में जिस पाकीज़गी के साथ एक तवायफ़ के किरदार को पर्दे पर उतारा शायद ही कोई सोच सकता है, लेकिन उन जैसी एक्ट्रेस के लिए ये मुश्किल काम नहीं था. उनके हावभाव और अदाकारी की संजीदगी ने यह मुमकिन कर दिखाया. हालाँकि फ़िल्म साहिब बीबी और ग़ुलाम में वो एक बड़े घर की बहू बनी थीं लेकिन अपने पति को तवायफ़ के पास जाने से रोकने के लिए उन्होंने खुद उसी तरह की जीवनशैली अपनाने की कोशिश की थी. बेहद मार्मिक था उनका वो रोल भी.

Meena Kumari

शर्मिला टैगोर बेहद स्टाइलिश मानी जाती थीं और उतनी ही मॉडर्न भी थीं वो, ऐसे में उनसे किसी ने उम्मीद नाहीं की थी कि फ़िल्म मौसम में वो एक चकला घर यानी रेड लाइट एरिया की तवायफ़ का रोल करेंगे, पर उन्होंने जिस अंदाज़ से वो रोल किया क़ाबिले तारीफ़ है. मेरे इश्क़ में लाखों झटके… से लेकर रुके रुके से कदम तक में उनकी मन की पीड़ा और टीस नज़र आती है. इसके अलावा फ़िल्म अमर प्रेम को कोई कैसे भूल सकता है. गांव की एक मजबूर स्त्री किस तरह कोठे पर आ बैठती है लेकिन उसके बाद भी अपनी अच्छाई और गुणों को वो बरकरार रखते हुए अपना प्यार भी निभाती है, एक प्यार अपने प्रेमी के लिए और दूसरा अपने मुंह बोले बेटे के लिए. बड़ा नटखट है ये किशन कन्हैया क्या करे यशोदा मैया… कुछ तो लोग कहेंगे… कई अमर गीतों से भरपूर थी अमरप्रेम.

Sharmila Tagore

रतिअग्निहोत्री ने अपनी पहली ही फ़िल्म से धमाका कर दिया था लेकिन तब कहां किसी ने सोचा था कि यह सोलाह बरस की अल्हड़ सी लड़की आगे चलकर तवायफ़ जैसी फ़िल्म का हिस्सा बनेगी, उसमें लीड रोल निभाएगी और अवॉर्ड भी अपने नाम कर जाएगी. रति के लुक्स को देखकर कोई नहीं कह सकता कि इस आधुनिक लड़की में एक तवायफ़ के रोल की खूबी छिपी है, लेकिन फ़िल्म तवायफ़ इसका जीता जागता उदाहरण है.

Ratiagnihotri

वहीदा रहमान जैसी सादगी भला कहां नज़र आती है किसी और एक्ट्रेस में और ऐसी सादगी के साथ इस तरह के रोल को जोड़ना कैसे संभव है, लेकिन जब अदाकारी नंबर वन हो, डांस सबसे ऊपर हो और हुनर लाजवाब हो तो एक नहीं कई फ़िल्मों में ऐसे रोल निभाए जा सकते हैं. क्लासिक फ़िल्म प्यासा, तीसरी क़सम से लेकर फ़िल्म मुझे जीने दो तक में वहीदा ने तवायफ़ की भूमिका को एक अलग ही स्तर पर पहुँचा दिया था, यहां तक कि फ़िल्म गाइड में भी वो एक तवायफ़ की बेटी ही बनी थीं जिसे खुद डांस करने का शौक़ था. वो बेहतरीन डांसर तो थी ही उम्दा कलाकार भी थीं.

Waheeda Rehman

तब्बू ने तवायफ़ का ट्रेंड चेंज कर दिया. जी हां चाँदनी बार में उन्होंने एक बार डांसर की भूमिका निभाई थी जो पारंपरिक तवायफ़ से तो अलग थी लेकिन उतनी ही दमदार थी. वो भी डांस करके लोगों का मनोरंजन करती नज़र आई जिस तरह तवायफ़ें करती थीं लेकिन ये अंदाज़ कुछ अलग था. तब्बू ने जिस खूबसूरती से यह रोल किया किसी ने सोचा भी नहीं था. तवायफ़ का मॉडर्न वर्जन उन्होंने ही दिखाया. इस फ़िल्म में एक बार गर्ल की उस कश्मकश को दर्शाया है जो एक सामान्य ज़िंदगी जीने के सपने देखती है लेकिन यह उसके लिए आसान नहीं.

Tabu

सुचित्रा सेन ने भी फ़िल्म ममता में एक तवायफ़ का रोल किया था और इसी तरह का किरदार नरगिस ने भी फ़िल्म अदालत में किया था. दोनों ही फ़िल्मों में हालात की मजबूरियाँ और प्रेमी से दूरी उन्हें ऐसा करने पर मजबूर करती हैं, आधी फ़िल्म में वो एक शरीफ़ घर की भोली भाली लड़कियाँ थीं और आगे आगे की आधी कहानी उनके तवायफ़ बनने की मजबूरी की कहानी थी. उनके भी इन रोल्स को पसंद किया गया, लेकिन ये अलग तरह की कहानी थी इसलिए इनकी तुलना अन्य तवायफ़ों के किरदारों से नहीं की जा सकती. इन दोनों ही फ़िल्मों के गानों ने धूम मचा दी थी और आज भी वो क्लासिक गाने माने जाते हैं.

ममता का के ये गाने- रहें ना रहें हम महका करेंगे या फिर रहते थे कभी जिनके दिल में हम जान से भी प्यारों की तरह… या फ़िल्म अदालत के गाने- यूं हसरतों के दाग़ मोहब्बत में धो लिए या फिर… उनको ये शिकायत है कि हम कुछ नहीं कहते… ये तमाम गीत यादगार हैं इन्हीं किरदारों की वजह से.

Suchitra Sen

इन सबके अलावा स्मिता पाटिल (घुँघरू) से लेकर करीना कपूर(चमेली), माधुरी दीक्षित( देवदास) और ऐश्वर्या राय(बंटी और बबली, उमराव जान) तक ने तवायफ़ के रोल किए और उनकी प्रशंसा भी हुई लेकिन जिन्होंने हमेशा के लिए दिलों पर छाप छोड़ीं वो यही एक्ट्रेस थीं.

Tawaif On-Screen

हालाँकि हम सभी को सलाम करते हैं ईमानदारी से अपने किरदार को निभाने के लिए और जिस ज़माने में एक्ट्रेस कतराती थीं इस तरह के रोल करने से उस समय ऐसे रोल्स करके चुनौती को अपनाया इन्होंने और खुद को सही साबित भी किया.

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अक्षय कुमार ने डायरेक्ट दिल से कई मुद्दों पर आज खुलकर कहा. उन्होंने कहा कि वह काफ़ी समय से कुछ कहना चाह रहे थे, पर समझ नहीं आ रहा था कि कैसे कहूं.. किससे कहूं… क्या कहूं…
लेकिन आज आख़िर उन्होंने अपनी बात कह ही दी. जिस तरह से फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम किया जा रहा है या कई मामले में बहुत सारी उंगलियां उठ रही हैं, इस पर उन्होंने बातें की. उन्होंने पहले यह जताया कि नाम, शोहरत, पैसा सब आप लोग यानी दर्शक-प्रशंसकों की वजह से है. पर उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए सभी कलाकार भी ख़ूब मेहनत करते हैं. दुनियाभर में फिल्म स्टार्स को जो मान-सम्मान और प्यार मिल रहा है, उसे किसी एक व्यक्ति या किसी एक मुद्दे को लेकर सभी पर उंगली नहीं उठाई जा सकती.
उनका कहना था कि मैं मानता हूं कि फिल्म इंडस्ट्री में कुछ ऐसी चीज़ें हैं, जिसके ठीक होनी चाहिए, जिसे सही करने की ज़रूरत है, फिर चाहे वो ड्रग्स ही क्यों ना हो.. सीबीआई और कानून व्यवस्था अपना काम बख़ूबी कर रही है.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सभी को एक ही पैमाने पर तौलना नहीं चाहिए. अगर कुछ लोग बुरे हैं, तो सब बुरे नहीं है. अच्छे-बुरे सब क्षेत्र में सब जगह पर होते हैं. फिल्म इंडस्ट्री को कुछ ज़्यादा ही बदनाम किया जा रहा है. इसे लेकर काफ़ी बातें हो रही हैं. अक्षय कुमार ने हर किसी से निवेदन किया फिर चाहे वह मीडिया हो या उनके प्रशंसक.
उन्होंने प्रार्थना की कि वे सभी पहलुओं पर गौर करें. सही क्या है.. ग़लत क्या है.. इसकी गंभीरता को समझें. उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के निधन को लेकर भी बात कही. इस विषय में हर पहलू पर देखने की गुज़ारिश की.
अक्षय कुमार ने एक बहुत अच्छी बात कही कि आप हैं तो हम हैं.. आपकी वजह से ही हम हैं यानी जनता और प्रशंसक… दर्शकों और प्रशंसकों की वजह से ही फिल्मी सितारे हैं. उनकी तारीफ़ और प्यार को तहेदिल से स्वीकारते हैं, पर उनकी अगर कोई नाराज़गी है, तो उसे भी वह दूर करने की कोशिश करेंगे.. अच्छी शुरुआत हुई है पहली बार. जब से सुशांत सिंह राजपूत का निधन हुआ, तब से आज पहली बार किसी अभिनेता ने इस तरह की बातें कहीं. इस तरह की पहल की शुरुआत की है, जिसे आगे बढ़ना चाहिए. दोनों पहलू पर बात करनी चाहिए कि क्या सही और क्या ग़लत है. और कहां पर क्या, क्यों हो रहा है. जैसे ही अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर अपनी is डायरेक्ट दिल से… की बात को शेयर किया, देखते ही देखते ही वायरल हो गया. सभी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं और उनको धन्यवाद कह रहे हैं कि उन्होंने ऐसी पहल की. आइए आप भी इस वीडियो को देखें और जानें कि अक्षय कुमार ने दिल से कहीं अपनी बातों में क्या-क्या कहा…

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लता जी पर मां सरस्वती की ख़ास कृपा है और लोग तो कहते हैं कि वो साक्षात मां सरस्वती का रूप हैं… उनके जैसा युगों युगों तक ना कोई था और ना होगा. उनके कंठ में देवी का वास है… ऐसी मधुर आवाज़ की धनी लताजी अपनी ज़िंदगी में भी बेहद सादगी से रहती हैं… इसका अंदाज़ा उनकी इन अनदेखी तस्वीरों से लगाया जा सकता है कि उम्र के हर दौर में वो बेहद शालीन और सादगी से परिपूर्ण थीं… उनके जन्मदिन के ख़ास अवसर पर आप भी देखें उनका रिवाइंड लुक… यंग एज से लेकर बचपन तक सिर्फ़ एक क्लिक में.

Birthday Special…

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एस.पी. बालासुब्रमण्यम के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लता मंगेशकर, उनके सहयोगी और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े तमाम हस्तियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी. वे अगस्त महीने से ही कोरोना संक्रमण के कारण हस्पताल में भर्ती थे. काफ़ी समय से वेंटिलेटर पर थे. आज दोपहर उनके बेटे चरण ने उनके निधन की ख़बर दी. परिवार के सभी पत्नी, बेटा, बेटी, बहन सभी अंतिम समय में उनके पास थे. कल शनिवार को चेन्नई के उनके फार्म हाउस पर अंतिम संस्कार किया जाएगा.
श्रीपति पण्डितराध्युल बालसुब्रमण्यम यानी एस. पी. बालसुब्रमण्यम ने गायकी के अलावा अभिनेता, संगीतकार, निर्माता, एंकर जैसे तमाम फील्ड को भी छुआ था. वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे.
बेहतरीन गायक एस. पी. ने न जाने कितने सुमधुर कर्णप्रिय गीतों को गाया. उनकी हर गीत में एक मस्ती, प्यार की खुमारी, कशिश सी रहती है.
एस. पी. बालसुब्रमण्यम को उनके क़रीबी एसपीबी और बालु बुलाते थे. उन्होंने हिंदी, तेलुगू, मलयालम, तमिल, कन्नड़ आदि में तक़रीबन चालीस हज़ार से अधिक गाने गाए. लगभग 16 भाषाओं में ख़ूबसूरत गीतों को अपनी आवाज़ दी है. उन्हें छह बार राष्ट्रीय पुरस्कार से से सम्मानित किया गया. 25 बार वे साउथ के नंदी अवार्ड्स से भी सम्मानित हुए थे. तेलुगू फिल्म के तमाम पुरस्कार और सम्मान उन्हें मिले थे.
74 वर्षीय बालसुब्रमण्यम ने हर दौर में अपने गाने से बच्चे, युवा और हर जनरेशन को प्रभावित किया. उन्हें लुभाया है. आज वे हमारे बीच नहीं हैं, पर अपने सुमधुर गीतों के ज़रिए वे सदा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेंगे. उनके चुनिंदा सदाबहार गाने देखते-सुनते हैं.. एस. पी. बालसुब्रमण्यम को मेरी सहेली की तरफ़ से भावभीनी श्रद्धांजलि!.. जुदा होकर भी उनकी आवाज़ की ख़ुशबू फ़िज़ा में सदा महकती रहेगी…

ये हंसी वादियां.. ये खुला आस्मां…
(रोजा)

बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम…
(साजन)

मेरे जीवनसाथी प्यार किए जा…
(एक दूजे के लिए)

पहला पहला प्यार है…
(हम आपके है कौन)

साथिया तूने क्या किया…
(लव)

रूप सुहाना लगता है…
(द जेंटलमेन)

आ के तेरी बाहों में हर शाम लगे सिंदूरी…
(वंश)

हम ना समझे थे बात इतनी सी…
(गर्दिश)

सच मेरे यार है…
(सागर)

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना…
(मैंने प्यार किया)

मुझसे जुदा होकर…
(हम आपके है कौन?..)

S. P. Balasubramaniam

प्रियंका चोपड़ा वैसे तो बिकिनी फिट हैं और अपनी सेक्सी फ़िगर को फ्लौंट करती रहती हैं लेकिन वो खाने-पीने की भी काफ़ी शौक़ीन हैं जिससे उनका वज़न घटता-बढ़ता रहता है और इसी वजह से उन्हें स्ट्रेच मार्क्स हो गए हैं. लेकिन प्रियंका बड़े ही आत्मविश्वास के साथ बिकिनी पहनती हैं और उन्हें अपने स्ट्रेच मार्क्स पर शर्म नहीं गर्व है क्योंकि यह नेचुरल चीज़ है और इसे छुपाया क्यों जाए या इस पर शर्म क्यों की जाए.

Priyanka Chopra

मलाइका अरोड़ा अपनी हॉटनेस, सेक्सी और फिट बॉडी के लिए फेमस हैं और एक बच्चे की मां होने के बाद भी जिस तरह से वो खुद को मेंटेन करके रखती हैं वो क़ाबिले तारीफ़ है. चालीस पार होने के बाद भी वो बेहद स्टाइलिश हैं और यही वजह है कि अर्जुन कपूर जैसे यंग स्टार भी उनके क़ायल हैं और उन्हें डेट कर रहे हैं. प्रेगनेंसी के बाद उन्हें स्ट्रेच मार्क्स आ गए थे लेकिन मलाइका ने हमेशा कहा स्ट्रेच मार्क्स से कोई प्रॉब्लम नहीं. वो बड़े ही आत्मविश्वास से अपने स्ट्रेच मार्क्स को फ्लौंट करती हैं और शॉर्ट ड्रेसेस भी शौक़ से पहनती हैं.

Malaika Arora

चित्रांगदा सिंह ने ग्लैमर इंडस्ट्री में भले ही कदम रखा हो लेकिन अपनी शर्तों पर. एक बच्चे की मां और शादीशुदा होने के बाद भी उन्होंने हौसला रखा और अपने सपनों को पूरा करने के लिए रिश्तों की बेड़ियों को भी तोड़ा. चित्रांगदा ने कभी भी अपने स्ट्रेच मार्क्स को हमेशा पॉज़िटिविटी के साथ कैरी और रिवील किया है. यही बात दर्शाती है कि उनमें ग़ज़ब का हौसला है.

Chitrangada Singh

परिणीति चोपड़ा अपने शोख़ और बिंदास अंदाज़ के लिए मशहूर हैं. वो खाने की भी शौक़ीन हैं और कभी अपने वज़न को लेके चिंता नहीं की. लेकिन बाद में उन्होंने ठान लिया कि फिट होना है और काफ़ी वज़न कम किया, बार बार वज़न कम-ज़्यादा होने की वजह से उन्हें स्ट्रेच मार्क्स पड़ गए हैं लेकिन उन्होंने इसे कभी छुपाया नहीं और आत्मविश्वास के साथ स्टाइलिश कपड़े पहने.

Parineeti Chopra

ज़रीन खान फ़िल्मों में आने से पहले 103 किलो की थी और उन्होंने इंडस्ट्री में बने रहने के लिए 50 किलो वज़न कम किया. इस चक्कर में उनके शरीर पर भी स्ट्रेच मार्क्स पड़ गए लेकिन उन्होंने इसे कभी शर्मिंदगी का विषय नहीं समझा और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ी, क्योंकि ये स्ट्रेच मार्क्स उनकी मेहनत को दर्शाते हैं तो भला इसे छुपाया क्यों जाए.

Zarine Khan

सोनाक्षी सिन्हा की भी वही कहानी है. फ़िल्मों में आने से पहने बहुत मोटी थीं वो. उनका वज़न 95 किलो था लेकिन मूवी में आने के लिए उन्होंने 30 किलो वज़न कम किया. इस चक्कर में उनके शरीर पर भी काफ़ी स्ट्रेच मार्क्स देखे जा सकते हैं जिसको वो छुपाती भी नहीं. यही आत्मविश्वास इन एक्ट्रेसेस को सबसे जुदा बनाता है और हम इनको सलाम करते हैं.

Sonakshi Sinha

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साड़ी एक ऐसा लिबास है जो किसी भी महिला की ख़ूबसूरती को और उभारता है लेकिन कभी कभी बॉलीवुड एक्ट्रेसेस कुछ अलग और एक्स्ट्रा करने के चक्कर में फंस जाती हैं.

मंदिरा बेदी यूं तो अपनी फिटनेस से सबके दिलों पे छाई हुई हैं और उनकी साड़ी पहनने की अदा भी कम ग़ज़ब नहीं ढाती, लेकिन कभी कभी ज़्यादा करने के चक्कर में पूरा लुक खराब हो जाता है.

Mandira Bedi
Mandira Bedi

सोनम कपूर फ़ैशन दीवा हैं और वो कभी स्टाइल के मामले में ग़लत नहीं हो सकती लेकिन हैं तो वो भी इंसान ही. देखिए कितनी बार वो ग़लत तरीक़े से ड्रेपिंग व कलर सिलेक्शन में फंस गई.

वो अपने ब्लाउज़ सिलेक्शन को लेकर भी ट्रोल होती हैं.

Sonam Kapoor
Sonam Kapoor
Sonam Kapoor

विद्या बालन बहुत टैलेंटेड हैं और साड़ी में बेहद एलिगेंट और प्यारी लगती हैं लेकिन कभी कभी उनकी पसंद लोगों को पसंद नहीं आती.

Vidya balan

अमीषा पटेल भले ही फिट और सुपर मॉडर्न हैं लेकिन साड़ी के मामले में मार खा जाती हैं. ऐसा लग रहा है वो बिकिनी पहनना चाहती थीं और उसी को ब्लाउज़ बना दिया.

Amisha Patel

ऐश्वर्या राय मिस वर्ल्ड रह चुकी हैं और आज भी उनकी ख़ूबसूरती शबाब पर ही है. वो भी ग़लत सिलेक्शन से बच नहीं पाईं. कहीं साड़ी के रंग को लेकर तो कभी ब्लाउज़ की जगह बिकिनी जैसा पीस पहन लेना तो कभी अच्छी साड़ी होते हुए भी ग़लत हेयर स्टाइल और जवेलरी के चलते वो ट्रोल हुईं.

Aishwarya Rai

सनी लियोने ने हॉटनेस के सारे रिकोर्ड तोड़े हैं लेकिन साड़ी हर बार उनके बस की बात नहीं.

Sunny Leone

मलाइका अरोड़ा के बारे में यही राय है कि फ़ैशन और स्टाइल के मामले में वो सबसे ऊपर रहती हैं और उनकी सेक्सी फ़िगर पर सब अच्छा भी लगता है. लेकिन वो ज़्यादा सेक्सी नज़र आने के चक्कर में चक्कर खा गईं और इस तरह की अजीब सी साड़ी में नज़र आई.

Malaika Arora
Malaika Arora

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मिलिंद सोमन की फिटनेस को देखकर सभी दांतों तले उंगली दबा लेते हैं पर जब मिलिंद ने अंकिता को पहली बार एक क्लब में डांस करते देखा तो उनका भी यही हाल हुआ था. अंकिता को देखते ही उनके मुंह से निकला था – ओह माय गॉड, यह कौन है. बस फिर क्या था, मिलिंद अंकिता के पास गए, उन्हें अपना फ़ोन नंबर दिया और कहा कि तुम जब चाहो बात कर सकती हो और अगले ही दिन अंकिता ने उन्हें फ़ोन किया और शुरू हो गया दोनों के बीच प्यार का सिलसिला. उनके इस प्यार में उनकी उम्र का अंतर भी आड़े नहीं आया और मिलिंद ने अपने से 26 साल छोटी अंकिता से शादी रच डाली. मिलिंद की यह दूसरी शादी है, पहली पत्नी से उनका तलाक़ हो चुका था.
अब ये कपल सबका फेवरेट बन चुका है क्योंकि दोनों के बीच की केमिस्ट्री आए दिन तस्वीरों के ज़रिए लोगों के सामने आती है. कभी दोनों साथ में रनिंग करते हैं. कभी मिलिंद अंकिता के बालों में ऑयल मसाज करते दिखते हैं. कभी वो उनके बाल बनाते हैं. कभी अंकिता को अपनी पीठ पर बैठा के पुशअप्स करते हैं. आप भी देखें उनकी ये प्यारी तस्वीरें.

Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
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Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar
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Ankita Konwar
Milind Soman and Ankita Konwar

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करोना वायरस को लेकर अलर्ट करने के लिए इन दिनों बहुत कुछ हो रहा है. अमिताभ बच्चन तो लगातार इससे जुड़े जागरूकता के मुहिम में शामिल हैं. अब उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपने हाथ पर बीएमसी द्वारा होम क्वारंटाइन मुहर को शेयर किया है. जो लोग इस कोविड-19 के चलते घर पर अलग-थलग रह रहे हैं. उनके लिए बीएमसी ने यह अभियान शुरू किया है. उन्होंने अमिताभ बच्चन इस तरह जागरूक करने के लिए धन्यवाद भी कहा.

आयुष्मान खुराना ने इससे जुड़े दर्द को कविता के रूप में पेश करते हुए कहा कि अब अमीर का हर दिन रविवार हो गया, और गरीब है अपने सोमवार के इंतज़ार में… अब अमीर का हर दिन सह परिवार हो गया, और गरीब है अपने रोज़गार के इंतज़ार में… उनकी इस कविता को बेहद पसंद किया जा रहा है. दरअसल, फिल्मों व टीवी सीरियल्स की शूटिंग भी बंद होने के कारण जो लाइट्समैन, टेक्निशियन, जूनियर आर्टिस्ट आदि रोज़ बेसिस पर काम करते थे, उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में फिल्म इंडस्ट्री ने उनके लिए मदद का हाथ भी बढ़ाया है. उन्हें राशन और ज़रूरी मदद मुहैया करवाई जा रही है.

दीपिका पादुकोण ने भी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा शुरू किए गए सेफ हैंड्स चैलेंज के तहत हाथों को अच्छी तरह से धोने का वीडियो शेयर किया. उन्होंने इस चुनौती को आगे बढ़ाते हुए विराट कोहली, रोजर फेडरर, क्रिएस्टीना रोनाल्डो को दिया. डब्लूएचओ के डायरेक्टर जनरल ने सेफ हैंड्स चैलेंज दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा को टैग करके दिया था, जिसमें दीपिका ने तो पूरा कर लिया, पर प्रियंका का अभी बाक़ी है.

इस तरह दुनियाभर में कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता फैलायी जा रही है, जिसमें फिल्मी सितारे भी अपना बेहतरीन सहयोग दे रहे हैं.

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आज जब धर्म को लेकर कई फिल्मी सितारे और असामाजिक तत्व बयानबाज़ी के ज़रिए राजनीति कर रहे हैं, ऐसे में अदनान सामी का यह कहना कि वे मुसलमान के तौर पर ख़ुद को भारत में बेहद सुरक्षित महसूस करते हैं, उन सभी के लिए करारा जवाब है.

Adnan Sami

अदनान सामी के गीतों, साफ़गोई व मधुरता के तो सभी दीवाने हैं ही, लेकिन अपने इस बयान से उन्होंने हिंदुस्तानियों का दिल जीत लिया. उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि धर्म के नाम पर गंदी सोच का इस देश में कोई स्थान नहीं है. सामी ने यह भी स्पष्ट किया कि आज इस बात को समझने की ज़रूरत है कि सीएए (नागरिकता संशोधन क़ानून) भारत के लोगों के लिए नहीं, बल्कि उनके लिए है, जो भारत की नागरिकता चाहते हैं. ऐसे में समझ में यह नहीं आ रहा कि ग़लतफ़हमी कहां पर है. सब कुछ साफ़ व स्पष्ट तो है.

उनके अनुसार, मैंने भारत की नागरिकता इसलिए ली थी कि मैं ख़ुद को एक मुस्लिम के रूप में सबसे अधिक सेफ यही पर महसूस करता हूं. मुझे भारत से प्यार है.

उन्होंने अल्पसंख्यकों पर होनेवाले अत्याचारों का भी ज़िक्र किया. जब वे इस्लामाबाद के एफ सेक्टर में रहते थे, तब उन्होंने वहां पर ईसाई समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव होते देखा था. चूंकि उन्होंने इसे जाना-समझा है, इसी कारण वे सीएए का समर्थन भी कर रहे हैं. इससे तमाम पीड़ित लोगों को मदद और उचित मान-सम्मान मिलेगा. पिछले दिनों अदनान को पद्मश्री पुरस्कार देने पर भी ख़ूब जमकर विपक्ष ने राजनीति की थी. वे भी क्या करें आदत से मजबूर हैं.

लंदन में जन्मे पाकिस्तान मूल के अदनान सामी को जब अपने लिए सुकूनभरे घर की तलाश थी, तब उन्हें सबसे सुरक्षित और प्यारा हिंदुस्तान ही लगा. देश ने भी उन्हें उतना ही प्यार व सम्मान भी दिया.

उन्होंने एक और सुलझी हुई महत्वपूर्ण बात कही कि वे एक मुसलमान हैं, पर वे सभी जाति-धर्म का सम्मान करते हैं. साथ ही वे इंसानियत का भी सम्मान करते हैं, फिर वह किसी भी रूप में क्यों न हो. आज हर किसी को अदनान सामी से प्रेरणा लेने की ज़रूरत है और सभी भेदभाव व ग़लतफ़हमियों को दरकिनार कर प्रेम, शांति व भाइचारे के साथ एकजुट होकर रहना है.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब अदनान सामी ने देश के हित व भाईचारे पर अपनी बात रखी हो. वे इसके पहले भी कई मौक़ों पर एकता व प्रेम का संदेश देते रहे हैं.

अदनान सामी भारत में अपने सबसे चर्चित गाने थोड़ी तो लिफ्ट करा दे… से इस कदर मशहूर हुए थे कि सभी उनको पसंद करने लगे थे. उसके बाद कभी तो नज़र मिलाओ… तेरा चेहरा… गीत ने भी उन्हें ख़ास मुक़ाम दिलाया. उनके तेरी क़सम व किसी दिन एलबम भी ख़ूूब पसंद किए गए थे. अब उनका नया एलबम तू याद आया भी ख़ूब पसंद किया जा रहा है.

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