Tag Archives: Film release

Movie Review: दर्शकों को खूब हंसा रही है ‘हैप्पी’ तो ‘जीनियस’ का नहीं चला जादू (Happy Phirr Bhag Jayegi and Genius Movie Review)

आज फिल्मी फ्राइडे है और सोनाक्षी सिन्हा की हैप्पी फिर भाग जाएगी (Happy Phirr Bhag Jayegi) के साथ फिल्म गदर-एक प्रेमकथा में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा चुके उत्कर्ष शर्मा की फिल्म जीनियस (Genius) रिलीज़ हुई है. बता दें कि फिल्म हैप्पी फिर भाग जाएगी साल 2016 में आई फिल्म हैप्पी भाग जाएगी का सिक्वल है, जबकि गदर के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने अपने बेटे उत्कर्ष शर्मा को लीड रोल में लेकर फिल्म जीनियस को डायरेक्ट किया है. बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हुई ये दोनों फिल्में दर्शकों को पसंद आ रही हैं या उन्हें निराश कर रही है, चलिए जानते हैं.

Happy Phirr Bhag Jayegi and Genius Movie

मूवी- हैप्पी फिर भाग जायेगी

डायरेक्टर- मुदस्सर अज़ीज़

स्टार कास्ट- सोनाक्षी सिन्हा, जिम्मी शेरगिल, पीयूष मिश्रा, डेंजिल स्मिथ, डायना पेंटी, अली फ़ज़ल

रेटिंग- 3/5

Happy Phirr Bhag Jayegi

कहानी-

साल 2016 में आई डायरेक्टर मुदस्सर अज़ीज़ की फिल्म हैप्पी भाग जाएगी के बाद, उन्होंने एक बार फिर नई स्क्रिप्ट के साथ हैप्पी फिर भाग जाएगी फिल्म बनाई है. पिछली फिल्म में हैप्पी पाकिस्तान भाग जाती हैं, लेकिन इसके सीक्वल में दो-दो हैप्पी हैं जो चीन का सफर तय करती दिखाई देंगी. फिल्म की कहानी की शुरुआत चीन जा रही प्रोफेसर हरप्रीत कौर (सोनाक्षी सिन्हा) यानी हैप्पी और उनके पति गुड्डू (अली फज़ल) से शुरू होती है. इसी बीच दूसरी हरप्रीत कौर (डायना पेंटी) ऊर्फ हैप्पी भी एक स्टेज शो के लिए चीन के सफर पर निकल जाती हैं.

एयरपोर्ट पर कुछ चीनी किडनैपर दूसरी हैप्पी (डायना पेंटी) को किडनैप करने के लिए आते हैं, लेकिन एक जैसे नाम की वजह से वो पहली हैप्पी (सोनाक्षी सिन्हा) को ग़लती से किडनैप कर लेते हैं. कहानी में पवन सिंह बग्गा (जिम्मी शेरगिल) और पाकिस्तान के अफसर अफरीदी (पीयूष मिश्रा) भी हैप्पी की तलाश में चीन जाते हैं. इस बार फिल्म में मौजूद दोनों हैप्पी को किन-किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

एक्टिंग- 

इस फिल्म में समय-समय पर आने वाले कॉमेडी के पंच दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर सकते हैं. बात करें इस फिल्म के सितारों की तो सोनाक्षी सिन्हा ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है. हिंदी-पंजाबी में अपनी डायलॉग डिलीवरी से सोनाक्षी अमृतसर की हरप्रीत कौर को पर्दे पर जीवंत करती दिखाई देती हैं. वहीं जिम्मी शेरगिल और पीयूष मिश्रा के बीच नोकझोंक और कॉमेडी के पंचेस दर्शकों को काफ़ी हंसाते हैं. जस्सी गिल, डायना पेंटी और अली फज़ल जैसे कलाकारों की मौजूदगी इस फिल्म को और भी दिलचस्प बनाती है.

डायरेक्शन-

स्क्रिप्टिंग में डायरेक्टर मुदस्सर अज़ीज़ की मेहनत साफ़ दिखाई देती है. फिल्म की कहानी और उसे पर्दे पर दिखाने का तरीक़ा भी कमाल का है. फिल्म का डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी और लोकेशंस काफ़ी बढ़िया हैं. फिल्म भले ही चीन पर बेस्ड हो, लेकिन पूरी फिल्म दर्शकों को बेहद ख़ूबसूरती से पटियाला, अमृतसर, दिल्ली, कश्मीर और पाकिस्तान से भी जोड़कर रखती है. फिल्म के राइटर और डायरेक्टर मुदस्सर अज़ीज़ ने पूरी फिल्म में दमदार डायलॉग से भारत-पाकिस्तान और चीन के बीच की पूरी तनातनी पर व्यंग्य भी किया है जो दर्शकों को बहुत हंसाते हैं.

Genius Movie

मूवी- जीनियस

डायरेक्टर- अनिल शर्मा

स्टार कास्ट- उत्कर्ष शर्मा, इशिता चौहान, नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी, मिथुन चक्रवर्ती

रेटिंग- 2/5 

कहानी- 

गदर- एक प्रेम कथा, अपने और वीर जैसी फिल्में बनाने वाले डायरेक्टर अनिल शर्मा ने इस बार अपने बेटे उत्कर्ष शर्मा को लीड रोल में लेकर फिल्म जीनियस बनाई है. इस फिल्म की कहानी मथुरा के रहने वाले वासुदेव शास्त्री (उत्कर्ष शर्मा) से शुरू होती है, जो पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसी रॉ के लिए काम करता है. इसमें नंदिनी (इशिता चौहान) उनकी प्रेमिका का किरदार निभा रही हैं. जब वासुदेव रॉ के लिए काम करते हैं, उसी दौरान उनकी मुलाक़ात दोबारा उनके कॉलेज का प्यार रह चुकीं नंदिनी से होती है. फिल्म की कहानी में दिलचस्प मोड़ तब आता है, जब नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की एंट्री होती है. ऐसे में वासुदेव के सामने मुश्किल तब आती है जब उसे अपने प्यार या देश की रक्षा में से किसी एक को चुनना पड़ता है. हालांकि पूरी फिल्म के दौरान कई ट्विस्ट और टर्न आते हैं, जिन्हें जानने के लिए आपको सिनेमाघरों का रूख़ करना पड़ेगा.

एक्टिंग-

फिल्म गदर-एक प्रेम कथा में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा चुके उत्कर्ष शर्मा इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. हालांकि उन्होंने फिल्म में अच्छा काम किया है, लेकिन उन्हें अभी एक्टिंग में और निखार लाने की ज़रूरत है. जबकि नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने हर बार की तरह इस बार भी अच्छी एक्टिंग की है, बावजूद इसके फिल्म की कमज़ोर कहानी और स्क्रीनप्ले के कारण जीनियस दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने में नाकाम होती दिखाई दे रही है.

डायरेक्शन-

इस दौर के हिसाब से फिल्म की कहानी काफ़ी कमज़ोर है और जिस तरह से इसका डायरेक्शन किया गया है उसमें कोई नयापन नहीं दिखाई दे रहा है. कहानी को पर्दे पर उतारने का तरीक़ा भी काफ़ी पुराना लगता है और इसके क्लाइमेक्स में भी कोई नयापन दिखाई नहीं देता है. वहीं मिथुन चक्रवर्ती जैसे कलाकारों का भी सही तरीक़े से इस्तेमाल इस फिल्म में नहीं किया गया है.

ग़ौरतलब है कि पहले से ही बॉक्स ऑफिस पर जॉन अब्राहम की सत्यमेव जयते, अक्षय कुमार की गोल्ड चल रही है. इसी बीच हैप्पी फिर भाग जाएगी की एंट्री दर्शकों को हंसाने में क़ामयाब होती दिख रही है, ऐसे हालात में जीनियस का जादू दर्शकों पर चल पाना थोड़ा मुश्किल लगता है. अब यह आपको तय करना है कि इस वीकेंड परिवार के साथ आप कौन सी फिल्म देखना पसंद करेंगे.

यह भी पढ़ें: Movie Review: ज़बर्दस्त एक्शन, दमदार डायलॉग्स और सस्पेंस से भरपूर है सत्यमेव जयते (Movie Review Satyameva Jayate)

 

Vishwaroopam 2 Movie Review: ‘विश्वरूपम 2’ में दिखा कमल हासन का ज़बरदस्त एक्शन अवतार (Vishwaroopam 2 Movie Review)

एक्टर कमल हासन की फिल्म विश्वरूपम 2 सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. यह फिल्म विश्वरूपम का सीक्वल है. बता दें कि कमल हासन की फिल्में हमेशा लीक से हटकर किसी न किसी ख़ास मुद्दे पर आधारित होती हैं. 15 अगस्त से पहले रिलीज़ हुई यह फिल्म देशभक्ति और आतंक के मुद्दे पर आधारित एक स्पाई थ्रिलर फिल्म है, जिसमें कमल हासन का जबरदस्त एक्शन अवतार दिख रहा है. साल 2013 में आई फिल्म विश्वरूपम का यह सिक्वल दर्शकों को कुछ ख़ास पसंद नहीं आ रहा है, क्योंकि इसकी कहानी पेश करने का अंदाज़ और इसके प्रीक्वल के फ्लैशबैक सीन्स दर्शकों की उलझन बढ़ा रहे हैं.
Vishwaroopam 2 Movie
मूवी- विश्वरूपम 2
प्रोड्यूसर व डायरेक्टर- कमल हासन
स्टार कास्ट- कमल हासन, राहुल बोस, शेखर कपूर, पूजा कुमार, एंड्रिया जेरेमिया, जयदीप अहलावत, वहीदा रहमान
अवधि- 2 घंटा 21 मिनट
रेटिंग- 2/5
Vishwaroopam 2 Movie

कहानी-

विश्वरूपम 2 कहानी और स्क्रिप्ट के मामले में एक औसत फिल्म है. यह फिल्म वन मैन शो है, क्योंकि इसकी स्क्रिप्टिंग, डायरेक्शन की पूरी बागडोर कमल हासन ने ख़ुद संभाली थी. इस फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पर पिछली फिल्म की कहानी ख़त्म हुई थी. फिल्म में रॉ एजेंट मेजर विशाम अहमद कश्मीरी (कमल हासन) अपनी पत्नी निरूपमा (पूजा कुमार) और अपनी सहयोगी अस्मिता (एंड्रिया जेरेमिया) के साथ अलकायदा के मिशक को पूरा करने के बाद वापस लौटते हैं. पिछली फिल्म से कहानी आगे बढ़ती है और इस बार आतंकी उमर कुरैशी (राहुल बोस) ने भारत में 60 से भी ज़्यादा बम लगा दिए हैं, जिन्हें ढूंढकर उसके मकसद को नाकाम करने की चुनौती मेजर विशाम अहमद कश्मीरी के सामने है. फिल्म का हीरो आंतक के इस ख़ौफनाक खेल को रोकने में क़ामयाब होता है या नहीं, इसके लिए यह फिल्म देखनी पड़ेगी.

डायरेक्शन- 

विश्वरूपम 2 में कमल हासन ने निर्माता, निर्देशक, लेखक और एक्टर जैसी कई ज़िम्मेदारियां निभाई है. फिल्म का फर्स्ट हाफ स्लो है, लेकिन सेकेंड हाफ इससे बेहतर है. फिल्म का स्क्रीन प्ले कमज़ोर है, लेकिन संवाद बेहतर हैं. ख़ुफियागिरी और एक्शन ही इस फिल्म का मुख्य आधार है, बावजूद इसके फिल्म बार-बार अपने मुद्दे से भटकती हुई दिखाई देती है. अगर आपने इस फिल्म का प्रीक्वल नहीं देखा तो विश्वरूपम 2 को समझने में आपको दिक्कत हो सकती है.

एक्टिंग- 

एक्टिंग के मामले में 63 साल के कमल हासन एक कमाल के अभिनेता है, लेकिन जब वो एक्शन करते दिखाई देते हैं तो उसपर उनकी उम्र भारी पड़ती दिख रही है. अभिनेत्रियों में पूजा कुमार और एंड्रिया जेरेमिया ने अच्छा अभिनय किया है. फिल्म में आतंकी का किरदार निभाने वाले राहुल बोस खलनायक के रूप में थोड़े कमज़ोर पड़ते दिख रहे हैं. वहीदा रहमान फिल्म में कमल हासन की मां बनी हैं, जो अल्ज़ाइमर से पीड़ित हैं. इसके अलावा शेखर कपूर और जयदीप अहलावत ने भी अच्छी एक्टिंग की है.

अगर आप कमल हासन के ज़बरदस्त फैन हैं और उनकी किसी भी फिल्म को देखना नहीं भूलते, तो इस वीकेंड आप अपने पसंदीदा हीरो कमल हासन की फिल्म विश्वरूपम 2 देख सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Karwaan Movie Review: भागदौड़ भरी ज़िंदगी के बीच सुकून के तलाश की कहानी है फिल्म ‘कारवां’ (Karwaan Movie Review)

 

Karwaan Movie Review: भागदौड़ भरी ज़िंदगी के बीच सुकून के तलाश की कहानी है फिल्म ‘कारवां’ (Karwaan Movie Review)

अभिनेता इरफान खान (Irrfan Khan) लंदन में न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर का इलाज करा रहै हैं. इसी बीच आज उनकी फिल्म कारवां बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ हो गई है. भागदौड़ भरी ज़िंदगी के बीच सुकून के कुछ पलों को तलाशती दिलचस्प यात्रा की कहानी है फिल्म कारवां. इस फिल्म में हंसी-ठहाकों के बीच ड्रामा और डार्क ह्यूमर भी देखने को मिलता है. चलिए हम आपको ले चलते हैं फिल्म के तीन मुख्य कलाकारों की त्रासदी भरी ज़िंदगी को फिर से पटरी पर लाने की इस दिलचस्प यात्रा पर.

Karwaan Movie

मूवी- कारवां
डायरेक्टर- आकर्ष खुराना
स्टार कास्ट- इरफान खान, दुलकर सलमान, मिथिला पालकर, कृति खरबंदा.
अवधि- 2 घंटा
रेटिंग- 3.5/5
Karwaan Movie

कहानी- फिल्म का एक किरदार अविनाश (दुलकर सलमान) बेचैनी से भरा एक ऐसा इंसान है जो अपनी असफलताओं के लिए अपने पिता को ही ज़िम्मेदार ठहराता है. अविनाश का अपने पिता के साथ बहुत ही अजीब सा रिश्ता है. पिता और बेटे के इस जटिल रिश्ते के बीच फिल्म की कहानी की शुरुआत अविनाश को आए एक फोन कॉल से शुरू होती है. जब फोन पर उसे पिता के मौत की जानकारी मिलती है. पिता की मौत के बाद अविनाश और उसका दोस्त शौकत (इरफान खान) बेंग्लुरु से कोच्चि आ जाते हैं और इस यात्रा के दौरान उन्हें अपनी ज़िंदगी के बारे में सोचने का समय मिलता है. दोनों के इस कारवां में तान्या (मिथिला पालकर) की एंट्री होती है. इन तीनों की इस यात्रा में कई ट्विस्ट और टर्न्स आते हैं, जिसे जानने के लिए आपको सिनेमा घरों की ओर रुख करना होगा.

डायरेक्शन- बिजॉय नाम्बियार ने कारवां की कहानी को लिखा है. फिल्म के डायलॉग्स और डायरेक्टर आकर्ष खुराना का स्क्रीनप्ले काफ़ी दमदार है. इस फिल्म के ट्रेलर में जितने जोक्स देखने को मिले हैं, उनसे कहीं ज़्यादा जोक्स पूरी फिल्म में देखने को मिलेंगे. फिल्म को साउथ इंडिया के ख़ूबसूरत लोकेशन्स पर शूट किया गया है. फिल्म में इरफान खान की मौजूदगी इसे और भी एंटरटेनिंग बनाती है. हालांकि फिल्म के गाने कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पाए हैं.

एक्टिंग- इस फिल्म के ज़रिए हिंदी फिल्मों में कदम रखने वाले दुलकर सलमान ने जबरदस्त एक्टिंग की है. वहीं यूट्यूब सेंसेशन मिथिला पालकर ने भी फिल्म में अच्छा काम किया है. दोनों की केमेस्ट्री कमाल की है. हालांकि इरफान खान की मौजूदगी इस फिल्म को और भी बेहतर बनाती है. इरफान खान जब-जब स्क्रीन पर आते हैं उन्हें देखकर दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ज़रूर आ जाती है. फिल्म में उन्होंने अपने किरदार को बखूबी निभाया है.

बहरहाल, अगर आप भी अपनी भागदौड़ भरी ज़िंदगी से कुछ सुकून भरे पल चुराकर ख़ुश होने का बहाना तलाश रहे हैं तो इस वीकेंड फिल्म कारवां ज़रूर देखें.

यह भी पढ़ें: Fanney Khan Movie Review: सितारों से सजी कॉमेडी और म्यूज़िकल ड्रामा फिल्म है ‘फन्ने खां’ (Fanney Khan Movie Review)

 

 

 

Movie Review: रिलीज़ हुई साहेब बीवी और गैंगस्टर 3, संजय दत्त में नहीं दिखी गैंगस्टर वाली बात (Saheb Biwi Aur Gangster 3 Movie Review)

साल 2011 में जब डायरेक्टर तिग्‍मांशु धूल‍िया पहली बार साहेब बीवी और गैंगस्टर लेकर दर्शकों के बीच आए थे तो दर्शकों ने फिल्म की प्यार और बदले की कहानी को काफ़ी पसंद किया था, लेकिन साल 2013 में रिलीज़ हुई साहेब बीवी और गैंगस्टर 2 को उनकी पहली फिल्म से भी ज़्यादा सराहना मिली थी.आज क़रीब 5 साल बाद उनकी फिल्म साहेब बीवी और गैंगस्टर 3 सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई है. इस फिल्म में संजय दत्त एक गैंगस्टर की भूमिका निभा रहे हैं.

Gangster 3 Movie

मूवी- साहेब बीवी और गैंगस्टर 3

स्टार कास्ट- संजय दत्त, चित्रांगदा सिंह, माही गिल, जिमी शेरगिल, कबीर बेदी, दीपक तिजोरी. 

डायरेक्टर- तिग्मांशु धूलिया. 

अवधि- 2 घंटा 20 मिनट.

रेटिंग- 2.5/5. 

Gangster 3 Movie

कहानी

इस फिल्म की कहानी का प्लॉट भी तिग्मांशु की पहले वाली दोनों फिल्मों से मिलता-जुलता है, लेकिन इस बार जिमी शेरगिल और माही गिल के बीच गैंगस्टर के तौर पर एंट्री ली है अभिनेता संजय दत्त ने. फिल्म की कहानी पिछले पार्ट से आगे बढ़ती है, जिसमें  दिखाया जाता है कि साहेब आदित्य प्रताप सिंह (जिमी शेरगिल) जेल में हैं और बीवी माधवी देवी (माही गिल) राजमहल में रहकर सियासत को संभाल रही हैं. उधर लंदन में गैंगस्टर व दूसरी सियासत के राजकुमार उदय प्रताप सिंह (संजय दत्त) अपना एक बार चलाते हैं. माधवी देवी नहीं चाहतीं कि उनके पति जेल से बाहर आएं. इसके लिए जब उदय प्रताप सिंह भारत आते हैं तो वो उनकी मदद लेती हैं. इस बीच दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ जाती हैं, लेकिन एक दिन आदित्य प्रताप को ज़मानत मिल जाती है. उसके बाद साहेब आदित्य और गैंगस्टर उदय का आमना-सामना होता है. जिसे देखने के लिए आपको सिनेमा घरों का रूख़ करना पड़ेगा.

संजय में नहीं दिखी गैंगस्टर वाली बात 

संजय दत्त की बायोपिक संजू में उनकी इमेज को काफ़ी पॉलिश करके दिखाया गया है. इस फिल्म से पहले भी संजय दत्त फिल्मों में खलनायक की भूमिका में नज़र आ चुके हैं, लेकिन इस फिल्म में संजय दत्त के किरदार में गैंगस्टर वाले स्वैग और एटीट्यूड दोनों की कमी नज़र आ रही है. बता दें कि गैंगस्टर वाले रोल्स के मशहूर संजय इस फिल्म के किसी भी सीन में गैंगस्टर वाला फील देने में असफल रहे हैं.

डायरेक्शन 

तिग्मांशु धूलिया एक टैलेंटेड डायरेक्टर हैं. वो अपनी फिल्मों के लिए एक्टर्स बेहद सोच-समझकर चुनते हैं और उन्हें किरदार के हिसाब से बढ़िया तरीके से गढ़ते भी हैं. बेशक पहले वाली दोनों फिल्मों साहेब बीवी और गैंगस्टर को दर्शकों ने बेहद पसंद किया था, लेकिन इस बार उनकी इस फिल्म की कहानी और डायरेक्शन दोनों में कमियां दिखाई दे रही हैं. इस फिल्म में संजय दत्त के किरदार के जो शेड्स दिखने चाहिए थे वो मिसिंग हैं और डायरेक्शन काफ़ी स्लो है.

एक्टिंग

बात करे सितारों के एक्टिंग की तो, फिल्म में जिमी शेरगिल ने अपने किरदार को बांधे रखा है. सिससे वो दर्शकों को ख़ुद से जोड़ने में क़ामयाब साबित होते हैं. माही गिल का किरदार पहले दो हिस्सों की तुलना में इस बार ज़्यादा मज़बूत था और वो इसे निभाने में सफल भी रहीं. फिल्म में चित्रांगदा सिंह गैंगस्टर बने संजय दत्त की गर्लफ्रेंड की भूमिका में हैं. वहीं दीपक तिजोरी ने ठीक-ठाक एक्टिंग की है. इस फिल्म की कहानी में कबीर बेदी, नफीसा अली और दीपक तिजोरी जैसे कलाकारों के किरदारों का ग्राफ नाममात्र है.

बहरहाल, अगर आप यह फिल्म देखना चाहते हैं तो फिर इसमें आपको कई शानदार डायलॉग्स भी मिलेंगे. फिल्म में चित्रांगदा और संजय दत्त का रोमांस आपके चेहरे पर हंसी ला सकता है, लेकिन दोनों की केमेस्ट्री शायद ही आपको पसंद आए. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है, लेकिन गाने शायद ही आपकी ज़ुबान पर चढ़ पाए. हालांकि तिग्मांशु धूलिया ने अपनी इस फिल्म में एक और सीक्वल की उम्मीद ज़रूर छोड़ी है.

Nawabzade

फिल्म- नवाबज़ादे

डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया की फिल्म साहेब बीवी और गैंगस्टर 3 के अलावा कॉमेडी फिल्म नवाबज़ादे भी रिलीज़ हुई है. डायरेक्टर जयेश प्रधान की इस फिल्म में धर्मेंश येलांडे, राघव जुयाल और पुनीत पाठक मुख्य भूमिका में हैं. इस फिल्म के एक गाने में श्रद्धा कपूर, वरुण धवन, बादशाह और आथिया शेट्टी नज़र आएंगी. अगर आप कॉमेडी फिल्म देखने की सोच रहे हैं इस वीकेंड आप यह फिल्म देख सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Dhadak Movie Review: ‘धड़क’ में ईशान और जाह्नवी की केमेस्ट्री देख धड़का दर्शकों का दिल (Dhadak Movie Review)

Dhadak Movie Review: ‘धड़क’ में ईशान और जाह्नवी की केमेस्ट्री देख धड़का दर्शकों का दिल (Dhadak Movie Review)

बॉलीवुड की दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी (Sridevi) की बेटी जाह्नवी कपूर (Jhanvi Kapoor) की डेब्यू फिल्म ‘धड़क’ के रिलीज़ होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे फैंस का यह इंतज़ार आख़िरकार ख़त्म हो ही गया और फिल्म ‘धड़क’ सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है. यह फिल्म ब्लॉकबस्टर मराठी फिल्म ‘सैराट’ का हिंदी रीमेक है. यह जाह्नवी कपूर की पहली फिल्म है जबकि ईशान खट्टर (Ishaan Khattar) की यह दूसरी फिल्म है. इससे पहले ईशान इंटरनेशनल फेम डायरेक्टर माजिद मजीदी की फिल्म ‘बियॉन्ड द क्लाउड’ में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं. बता दें कि रिलीज़ से पहले ही इस युवा जोड़ी की इस फिल्म का यंगस्टर्स में जबर्दस्त क्रेज देखा जा रहा था.
Dhadak Movie Review
मूवी- धड़क
स्टारकास्ट- जाह्नवी कपूर, ईशान खट्टर, आशुतोष राणा.
डायरेक्टर- शशांक खेतान.
अवधि- 2 घंटा 18 मिनट.
रेटिंग- 3.5/5
Dhadak Movie Review
कहानी-
फिल्म के डायरेक्टर शशांक खेतान (Shashank Khaitan) ने ‘सैराट’ की कहानी को महाराष्ट्र से राजस्थान की ख़ूबसूरत पृष्ठभूमि में तब्दील किया है और उन्होंने फिल्म में कुछ बदलाव भी किए हैं. इस फिल्म की कहानी राजस्थान के उदयपुर से शुरू होती है. जहां रहने वाली पार्थवी (जाह्नवी कपूर) राज परिवार के मुखिया ठाकुर रतन सिंह (आशुतोष राणा) की बेटी हैं, जो इस शाही परिवार के नियम और बंधनों का पालन दिल से करती हैं. कॉलेज में साथ पढ़ने वाले मधुकर (ईशान खट्टर) को पहली नज़र में ही पार्थवी से प्यार हो जाता है. उधर, चुनावी माहौल में जब पार्थवी के पिता को दोनों के प्यार की भनक लगती है तो वो छोटी जाति के मधुकर और उसके परिवार वालों पर काफ़ी जुल्म करते हैं. हालांकि अपने प्यार को बचाने के लिए पार्थवी हर मुमक़िन हथकडें अपनाती हैं, आख़िर में दोनों घर से भाग जाते हैं. उदयपुर से मुंबई और नागपुर से होते हुए दोनों कोलकाता पहुंचते हैं. एक राज परिवार से ताल्लुक रखने वाली पार्थवी क्या एक आम लड़के के साथ प्यार निभा पाती है? यह जानने के  लिए आपको सिनेमा घरों की ओर रूख करना पड़ेगा.
Dhadak Movie Review
एक्टिंग-
बेहतरीन अदायगी जाह्नवी के ख़ून में ही मौजूद है और उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म में इस बात को साबित किया है. हालांकि जाह्नवी ने कैमरा फेस करने से पहले लंबा होमवर्क किया था. उधर शाहिद कपूर के भाई ईशान खट्टर अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों की कसौटी पर खरे उतरते दिखाई दे रहे हैं. एक्टिंग के मामले में ईशान जाह्नवी पर भारी पड़ते नज़र आ रहे हैं. हालांकि पर्दे पर ईशान और जाह्नवी की केमेस्ट्री देखते ही बनती है. ठाकुर रतन सिंह का किरदार निभाने वाले आशुतोष राणा ने कमाल की एक्टिंग की है. मधुकर के दोस्त बने अंकित बिष्ट और श्रीधरन अपने-अपने किरदार में फिट नज़र आए.
Dhadak Movie Review
डायरेक्शन-
‘धड़क’ फिल्म को डायरेक्ट करने से पहले शशांक खेतान दो साधारण लव स्टोरी ‘बद्रीनाथ की दुल्हनियां’ और ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनियां’ को डायरेक्ट कर चुके हैं. ये दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर क़ामयाब रही हैं. जिस तरह से साल 2016 में आई सुपरहिट मराठी फिल्म ‘सैराट’ के क्लाइमेक्स ने दर्शकों को अंदर तक हिलाकर रख दिया था. ‘धड़क’ में वैसा ही कुछ करने की कोशिश की है डायरेक्टर शशांक खेतान ने. हालांकि शशांक ने इस फिल्म के क्लाइमेक्स में कुछ बदलाव किए हैं, जो फिल्म को और भी मनोरंजक बनाते हैं.
Dhadak Movie
 म्यूज़िक-
मराठी फिल्म सैराट में अतुल और अजय ने म्यूज़िक दिया था जो काफ़ी हिट हुआ था और फिल्म धड़क में भी इन्हीं दोनों ने म्यूज़िक दिया है. हिंदी में इस फिल्म के गानों के बोल अमिताभ भट्टाचार्य ने लिखे हैं. बता दें कि फिल्म के टाइटल ट्रैक और ‘झिंगाट’ सहित इसमें कुल चार गाने हैं. बहरहाल, जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर की धड़क आपके दिल को धड़का पाती है या नहीं इसका फ़ैसला करने के लिए आपको यह फिल्म देखनी पड़ेगी.
Dhadak

Sanju Movie Review: दर्शकों को पसंद आ रही है फिल्म संजू, रणबीर की एक्टिंग देख कायल हुए फैंस (Sanju Movie Review)

साल 2018 की सबसे बड़ी और रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘संजू’ (Sanju) देशभर के कुल 4000 स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई है. फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो भी हाउसफुल रहा. हालांकि फिल्म को रिलीज़ हुए अभी कुछ घंटे ही हुए हैं, लेकिन अब तक जिसने भी यह फिल्म देखी, वो इसकी तारीफ़ करने से ख़ुद को नहीं रोक पाया. सोशल मीडिया पर भी हर कोई इस फिल्म की तारीफ़ों के पुल बांध रहा है. डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने संजय दत्त की 37 साल की असल ज़िंदगी को 3 घंटे में बखूबी दर्शाने की कोशिश की है.

Sanju Movie Reviews

फिल्म- संजू
डायरेक्टर- राजकुमार हिरानी
स्टार कास्ट- रणबीर कपूर, सोनम कपूर, दीया मिर्ज़ा, परेश रावल, मनीषा कोईराला, अनुष्का शर्मा, विक्की कौशल, जिम सरब.
अवधि- 2 घंटा 35 मिनट
रेटिंग- 4/5
Sanju Movie Reviews
कहानी-
संजय दत्त की बायोपिक ‘संजू’ में उनकी ज़िंदगी के हर पहलू को दिखाया गया है. फिल्म में रणबीर कपूर संजय दत्त की भूमिका निभा रहे हैं. इसकी कहानी संजय के येरवड़ा जेल जाने के एक महीने पहले से शुरू होती है. शुरुआत में दिखाया गया है कि संजय दत्त (रणबीर कपूर) अपनी एक बायोग्राफी लिखवाता है. इसी दौरान आर्म्स एक्ट के तहत संजय को सुप्रीम कोर्ट से जेल की सज़ा हो जाती है, लेकिन संजय चाहते हैं कि कोई उनकी कहानी को उनके नज़रिए से पेश करे और इसी सिलसिले में उनकी मुलाक़ात एक विदेशी राइटर विनी (अनुष्का शर्मा) से होती है.
संजय उस राइटर को अपने दोस्त जुबीन (जिम सरब) और कमलेश (विक्की कौशल) के बारे में बताते हुए, इस बात का ज़िक्र करते हैं कि कैसे एक दोस्त ने उन्हें ड्रग्स की दुनिया से रूबरू कराया और कैसे उनके दूसरे दोस्त ने उन्हें इससे बाहर निकाला. इसके साथ ही वो बताते हैं कि कैसे उनके पिता सुनील दत्त (परेश रावल) ने मुश्किल घड़ी में कभी उनका साथ नहीं छोड़ा और कैसे मौत के बाद भी नरगिस दत्त (मनीषा कोईराला) प्रेरणा बनकर हमेशा उनके साथ रहीं. बता दें कि फिल्म का हर एक सीन आपके इमोशन्स को टच करता है. हालांकि संजय दत्त की ज़िंदगी की कहानी को विस्तार से जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी.
एक्टिंग-
बात करें इस फिल्म के सितारों की एक्टिंग की, तो संजू में रणबीर कपूर के जीवन का अभी तक का सबसे बेस्ट अभिनय देखने को मिला है. उनकी एक्टिंग को देखकर ऐसा लगता है कि रणबीर ने ख़ुद के लिए एक नया आयाम स्थापित किया है और वो एक अभिनेता के रूप में कामयाब रहे हैं, उन्हें देखकर कई बार यही लगता है कि फिल्म में रणबीर नहीं बल्कि ख़ुद संजय दत्त हैं. फिल्म में संजय दत्त की ज़िंदगी को जीने वाले रणबीर कपूर की जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम है.

रणबीर के अलावा विक्की कौशल ने फिल्म में कमाल की एक्टिंग की है. संजय दत्त के पिता सुनील दत्त के किरदार में परेश रावल बेहद शानदार नज़र आ रहे हैं, रणबीर और परेश रावल के इमोशनल सीन्स दर्शकों को भावुक कर देते हैं. इनके अलावा दीया मिर्ज़ा, अनुष्का शर्मा, मनीषा कोईराला, सोनम कपूर और करिश्मा तन्ना ने अपने-अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है.

डायरेक्शन- 

फिल्म के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने फिल्म के पहले हिस्से में संजय दत्त के ड्रग्स एडिक्ट बनने और उस दलदल से बाहर निकलने की कहानी को दिखाया है. जिस तरह राजकुमार हिरानी ने फिल्म को ट्रीट किया है वो काबिले तारीफ़ है. इस बायोग्राफी में हिरानी ने ड्रग्स की अंधेरी दुनिया, संजू की गर्लफ्रेंड्स, टेरोरिज्म और जेल में सज़ा काटते संजय की विवादित ज़िंदगी को बहुत ही दिलचस्प तरीक़े से पेश किया है.

सिनेमेटोग्राफी-

बात करें फिल्म के सिनेमेटोग्राफी की, तो वो वाकई कमाल की है. फिल्म का म्यूज़िक एवरेज है, लेकिन इसके कुछ गाने बहुत ही बढ़िया हैं. एक ओर जहां यह फिल्म दर्शकों को हंसाती-गुदगुदाती है, तो वहीं दूसरी तरफ यह आपको भावुक भी कर देती हैं. फिल्म के इमोशनल सीन्स देख आंखें नम हो जाती हैं. बहरहाल, अगर आप संजू बाबा के फैन हैं तो इस वीकेंड यह फिल्म ज़रूर देखें.

यह भी पढ़ें: Sanju Movie: फिल्म संजू देखने पर हो जाएंगे मजबूर जब जानेंगे उससे जुड़ी ये 10 ख़ास बातें

 

 

Race 3 Movie Review: सलमान के फैंस को पसंद आएगी ‘रेस 3’, बाकी हो सकते हैं निराश (Race 3 Movie Review)

Race 3 Movie Review: बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म ‘रेस 3’ का उनके फैंस बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे और अपने चाहने वालों को ईदी देने के लिए ही सलमान ने इस फिल्म को ईद के बेहद ख़ास मौके पर रिलीज़ किया है. फिल्म में सलमान के अलावा अनिल कपूर, बॉबी देओल, जैकलीन फर्नांडिस, डेज़ी शाह और साकिब सलीम हैं. सलमान के फैंस के लिए सिनेमाघरों में ‘रेस 3’ का पहला शो सुबह 7 बजे से शुरू किया गया है. हालांकि यह फिल्म सलमान के फैंस को तो पसंद आ सकती है, लेकिन बाकी लोग निराश हो सकते हैं.

मूवी- रेस 3

डायरेक्टर- रेमो डिसूज़ा

स्टार कास्ट- सलमान खान, बॉबी देओल, अनिल कपूर, साकिब सलीम, जैकलीन फर्नांडिस और डेजी शाह. 

अवधि- 2 घंटा 40 मिनट

रेटिंग- 3/5

कहानी- फिल्म की कहानी एक ऐसे परिवार की है, जिसके मुखिया शमशेर सिंह (अनिल कपूर) हैं, जो अवैध हथियारों के डीलर भी हैं. इस परिवार के सदस्यों में  सिकंदर (सलमान खान), सिकंदर का बॉडीगार्ड यश (बॉबी देओल), सूरज (साकिब सलीम) और संजना (डेजी शाह) शामिल हैं. फिल्म में जेसिका (जैकलीन फर्नांडिस) सिकंदर की गर्लफ्रेंड बनी हैं, जो बाद में यस के साथ आ जाती हैं. इस परिवार में हर कोई एक-दूसरे के ख़िलाफ साज़िशों के जाल बुनता हुआ दिखाई देता है. इस परिवार के हर सदस्य के बीच रेस है. फिल्म में सिकंदर बने सलमान खान अपने परिवार पर अपनी जान छिड़कते हैं, लेकिन उनके सौतेले भाई-बहन उनसे नफ़रत करते हैं. परिवार के बीच की इस रेस में कई राज़ खुलते हैं, जिन्हें जानने के लिए आपको फिल्म देखने के लिए सिनेमा हॉल तक जाना पड़ेगा.

एक्टिंग- फिल्म के कलाकारों की एक्टिंग की बात की जाए तो अनिल कपूर हर बार की तरह इस बार भी लाजवाब रहे हैं. वहीं सलमान खान ने फिल्म में ज़बरदस्त एक्शन सीन किए हैं. जैकलीन और डेज़ी शाह ने भले ही अच्छे स्टंट सीन किए हैं, लेकिन डायलॉग डिलीवरी में दोनों ही कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाई हैं. वहीं काफ़ी समय बाद पर्दे पर लौटने वाले बॉबी देओल ने शर्ट उतारकर कुछ एक्शन सीन किए हैं, लेकिन उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे उन्हें पहले की तरह स्क्रीन पर कंफर्टेबल होने में अभी और वक़्त लगेगा, जबकि साकिब सलीम से कुछ ख़ास उम्मीद ही नहीं थी.
डायरेक्शन- ‘रेस’ और ‘रेस 2’ की बात करें तो इन फिल्मों के गाने लोगों की जुबान पर चढ़ गए थे, लेकिन ‘रेस 3’ का म्यूज़िक काफ़ी फ़ीका लग रहा है और फिल्म के एक-दो गाने ही अच्छे हैं. जैसे कि इस फिल्म का नाम ‘रेस 3’ है, लेकिन इससे जुड़ा थ्रिलिंग पॉइंट फिल्म से एकदम नदारद है. हालांकि फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बेहद लाजवाब है. फिल्म की शूटिंग बैंकॉक और अबू धाबी के बेहतरीन लोकेशंस पर की गई है, लेकिन फिल्म की कहानी कुछ ख़ास नहीं है. फिल्म का फर्स्ट हाफ आपको बोरिंग लग सकता है, जबकि सेकेंड हाफ में कुछ ट्विस्ट ज़रूर है, लेकिन ले ट्विस्ट भी दर्शकों की उम्मीदों पर पानी फेरने के लिए काफ़ी है.

बहरहाल, रेस 3 सिर्फ़ और सिर्फ़ सलमान के फैंस के लिए है, क्योंकि यह फिल्म न तो दिल में उतरती है और न ही समझ में आती है, लेकिन अगर आप सलमान के बहुत बड़े फैन हैं तो आपको यह फिल्म पसंद आएगी, बाकि दर्शकों के हाथ निराशा लग सकती है.

यह भी पढ़ें: ईद मुबारक: बॉलीवुड के इन टॉप 10 गानों के बिना अधूरा है ईद का जश्न

 

Kaala Movie Review: रिलीज़ हुई फिल्म काला, एक बार फिर चला रजनीकांत का जादू (Kaala Movie Review)

रजनीकांत इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम है जो किसी पहचान का मोहताज नहीं है. अभिनेता रजनीकांत (Rajnikant) की इमेज सुपरहीरो की है और लोग उनकी हर फिल्म देखने के लिए बेताब रहते हैं, या यूं कह लें कि उनके चाहने वाले सिर्फ़ उनका दीदार करने के लिए सिनेमाघरों तक खींचे चले आते हैं. आज सिनेमाघरों में रजनीकांत की फिल्म ‘काला’ रिलीज़ हुई है और फिल्म में उनका काला अवतार दर्शकों को तेज़ी से सिनेमाघरों की ओर खींच रहा है.

फिल्म- काला
डायरेक्टर- पा. रंजीत
स्टार कास्ट- रजनीकांत, नाना पाटेकर, ईश्वरी राव, हुमा कुरैशी.
रेटिंग- 3/5

कहानी-  इस फिल्म की कहानी पूरी तरह से मुंबई के झोपड़पट्टी इलाके धारावी पर केंद्रित है. फिल्म में काला करिकलन (रजनीकांत) झोपड़पट्टी में रहनेवाले गरीबों का मसीहा, उनका हमदर्द और सुख-दुख का साथी है, लेकिन फिल्म में गैंगस्टर से नेता बने हरि बाबू (नाना पाटेकर) की नज़र इस इलाके पर है. वो इस ज़मीन को हथियाकर इसपर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी करना चाहता है. जिसके बाद दोनों के बीच जंग छिड़ जाती है. दोनों के बीच की इस दिलचस्प जंग में जीत किसकी होती है यह देखने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

एक्टिंग- हमेशा की तरह इस फिल्म के ज़रिए भी रजनीकांत का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. रजनीकांत का पुल के ऊपर बारिश में फाइट सीन काफ़ी जबरदस्त है. वैसे भी जिस फिल्म में रजनीकांत होते हैं,  फैंस बाकी एक्टर्स को देखना भूल जाते हैं, लेकिन बात करें नाना पाटेकर की तो उन्होंने भी काफ़ी अच्छी एक्टिंग की है. फिल्म में हुमा कुरैशी सिंगल मदर बनी हैं और वो काला की प्रेमिका का किरदार निभा रही हैं, लेकिन दोनों के बीच उम्र का ज़बरदस्त फ़ासला दिखाई दे रहा है. हालांकि ईश्वरी राव ने काला की पत्नी के रूप में बेहतरीन अभिनय किया है.

डायरेक्शन-  फिल्म के डायरेक्टर पा रंजीत ने फिल्म में रजनीकांत को नया रूप देने की कोशिश की है. हालांकि इस कहानी में कोई नयापन नहीं है, लेकिन मुंबई और धारावी को अच्छे से शूट किया गया है. बारिश में हो रही लड़ाई और नाना पाटेकर के साथ टकराव वाले सीन पर थिएटर तालियों से गूंज उठता है. फिल्म थोड़ी लंबी है और यह बात दर्शकों को परेशान कर सकती है.

अगर आप रजनीकांत और नाना पाटेकर के ज़बरदस्त फैंन हैं तो फिल्म काला ज़रूर देखें.

 

 

 

 

 

Movie Review: बहन सोनम की ‘वीरे दी वेडिंग’ और भाई हर्षवर्धन की ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’ हुई रिलीज़ (Movie Review: Veere Di Wedding and Bhavesh Joshi Superhero)

आज बॉक्स ऑफिस पर एक भाई और बहन के बीच कड़ी टक्कर हो रही है. जी हां, एक ओर जहां बहन सोनम कपूर की फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ रिलीज़ हुई है, तो वहीं भाई हर्षवर्धन कपूर की ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’ इस फिल्म को कड़ी टक्कर देने के लिए बॉक्स ऑफिस पर उतरी है. इसके अलावा एक और फिल्म ‘फेमस’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी है. बॉक्स ऑफिस पर हो रहे इस कड़े मुक़ाबले में जीत किसकी होगी यह देखना बेहद दिलचस्प होगा.
यंगस्टर्स को पसंद आएगी ‘वीरे दी वेडिंग’ 
मूवी- वीरे दी वेडिंग 
स्टार कास्ट- करीना कपूर खान, सोनम कपूर, स्वरा भास्कर, शिखा तल्सानिया. 
डायरेक्टर- शशांक घोष 
टाइम- 2 घंटा 5 मिनट
रेटिंग- 3.5/5
कहानी-
‘वीरे दी वेडिंग’ बॉलीवुड की दूसरी फिल्मों से थोड़ी अलग और दिलचस्प है. फिल्म की कहानी 4 लड़कियों की दोस्ती की दास्तां बयां करती है, जो दिल्ली के एक स्कूल में साथ पढ़ा करती थीं. इनकी ख़ासियत है कि ये सभी सहेलियां अपने शर्तों पर जीती हैं और बेबाकी से बात करती हैं. ये चारों सहेलियां सेक्स और ऑर्गेज़्म पर निडरता से बातें करती हैं. डायरेक्टर ने उनकी ज़िंदगी की कमियों और समस्याओं को बेहद ख़ूबसूरत अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की है.
फिल्म में शादी की उलझनों में उलझी कालिंदी (करीना कपूर) परिवार व रिश्तेदारों की उम्मीदों पर खरा उतरने की जद्दोजहद करती नज़र आती हैं, तो अवनी (सोनम कपूर) को कोई पार्टनर ही नहीं मिल रहा है और उनकी मां दिन-रात उनके लिए जीवनसाथी ढूंढने में लगी हैं. वहीं साक्षी (स्वरा भास्कर) रिलेशनशिप में बंधना ही नहीं चाहतीं और मीरा (शिखा तल्सानिया) एक विदेशी से शादी कर चुकी हैं और उनका एक बच्चा भी है, लेकिन उनकी शादीशुदा ज़िंदगी बहुत बोरिंग है. ये सभी सहेलियां कालिंदी (करीना कपूर) की शादी के लिए मिलती हैं और इस दौरान सभी की ज़िंदगी की कई सारी कहानियां सामने आती हैं.
डायरेक्शन- 
फिल्म के डायरेक्टर शशांक घोष ने फिल्म में इन चारों सहेलियों की केमेस्ट्री को बेहद तगड़े अंदाज़ में पेश किया है. फिल्म के कुछ डायलॉग्स को इन चारों अभिनेत्रियों ने शानदार तरीक़े से बोला है. फिल्म में कई ऐसे वन लाइनर्स हैं, जो आपको हंसने पर मजबूर कर सकते हैं. डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी, लोकेशन के साथ कास्टिंग भी बेहतरीन है. फर्स्ट हाफ में फिल्म की कहानी दर्शकों को बांधे रखती है, लेकिन सेकेंड हाफ थोडा स्लो है.  फिल्म के ‘तारीफां’ और ‘भांगड़ा ता सजदा’ जैसे गाने आपको ख़ूब इंटरटेन करेंगे.
एक्टिंग-
फिल्म में करीना कपूर खान, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर और शिखा तल्सानिया पूरी तरह से अपने किरदारों के साथ न्याय करती दिखाई दे रही हैं. हर फ्रेंम में ये चारों बेहतरीन आउटफिट्स पहने हुए नज़र आती हैं और सभी ने अपने डॉयलॉग्स को पूरे कॉन्फिडेंस के साथ पर्दे पर उतारा है. अगर आप ड्रामा और कॉमेडी के साथ-साथ सेक्स चैट के शौकीन हैं तो यह फिल्म आपके उम्मीदों पर खरी उतर सकती है.
करप्शन से जंग की कहानी है ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’
मूवी- भावेश जोशी सुपरहीरो 
स्टार कास्ट- हर्षवर्धन कपूर,प्रियांशु पैन्यूली,निशिकांत कामत,राधिका आप्टे,आशीष वर्मा
डायरेक्टर- विक्रमादित्य मोटवाने
टाइम- 2 घंटा 35 मिनट
रेटिंग- 2.5/5
कहानी-
फिल्म की कहानी वाटर स्कैम और समाज में फैले दूसरे करप्शन के खिलाफ़ लड़ने वाले एक आम आदमी के सुपरहीरो बनने की है. भावेश जोशी (हर्षवर्धन कपूर) अपने दोस्तों प्रियांसु पैन्यूली और आशीष वर्मा के साथ कॉलेज में पढ़ता है. ये तीनों दोस्त समाज से बुराइयों को दूर करने के मिशन पर लग जाते हैं. फिल्म में हर्षवर्धन कागज़ का मास्क पहनकर करप्शन करने वालों का पर्दाफाश करने की कोशिश करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचारियों को यह नागवार गुज़रता है और वो इस मास्क के पीछे छुपे सुपरहीरो को ढूंढ निकालते हैं और इस सुपरहीरो की खूब पीटाई करते हैं, लेकिन सुपरहीरो हार नहीं मानता और इन सबको सबक सिखाता है. फिल्म में निशिकांत कामत राजनेता बने विलेन के रोल में हैं.
डायरेक्शन-
फिल्म के डायरेक्टर विक्रमादित्य मोटवाने ने डार्क शेड में लीक से हटकर फिल्म बनाई है. इस फिल्म से पहले एक्टर हर्षवर्धन कपूर राकेश ओम प्रकाश की ‘मिर्जिया’ में नज़र आ चुके हैं, लेकिन वो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपना कमाल नहीं दिखा पाई थी. फिल्म की कहानी अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवाने ने मिलकर लिखी है. यह एक बहुत अच्छी कहानी बन सकती थी, लेकिन मेकर्स इसे दिलचस्प बनाने में असफल साबित हुए हैं. फिल्म की कहानी भले ही आम आदमी से जुड़ी है, लेकिन आम आदमी से यह कनेक्ट नहीं कर पाती है और फिल्म के संवाद भी कुछ ख़ास नहीं हैं.
एक्टिंग- 
हर्षवर्धन कपूर की यह दूसरी फिल्म है, लेकिन वो दर्शकों को आकर्षित करने में असफल दिख रहे हैं. हालांकि उन्होंने कोशिश बहुत अच्छी की है जो काबिले तारीफ़ है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है और साथ ही हर्षवर्धन कपूर के दोस्त के रूप में दोनों एक्टर्स ने बढ़िया काम किया है, जबकि विलेन के रूप में निशिकांत कामत की दबंगई काफ़ी कमज़ोर दिखाई पड़ रही है. बहरहाल, अगर आप लीक से हटकर कोई फिल्म देखना चाहते हैं तो ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’ देख सकते हैं.
भारी भरकम स्टार कास्ट वाली फिल्म है फेमस 
मूवी- फेमस 
स्टार कास्ट- जिमी शेरगिल, केके मेनन, श्रिया सरन, पंकज त्रिपाठी, जैकी श्रॉफ, माही गिल. 
डायरेक्टर- करण ललित बुटानी 
रेटिंग- 2/5
इन दोनों फिल्मों के अलावा डायरेक्टर करण ललित बुटानी की फिल्म ‘फेमस’ भी रिलीज़ हुई है. इस फिल्म में जिमी शेरगिल, श्रिया सरन, केके मेनन, पंकज त्रिपाठी, जैकी श्रॉफ और माही गिल जैसे कलाकरों ने काम किया है. भारी भरकम स्टार कास्ट होने के बावजूद यह फिल्म आपको बांध नहीं पाएगी. फिल्म की स्क्रिप्ट से लेकर स्क्रीनप्ले हर जगह कमियां नज़र आएंगी. फिल्म की कहानी चंबल से जुड़ी है और इस फिल्म के हर एक किरदार की अपनी एक अलग कहानी है. जिसे समझते-समझते आपका सिर चकराने लगेगा. बावजूद इसके अगर आप जिमी शेरगिल, केके मेनन और जैकी श्रॉफ के जबरदस्त फैन हैं तो यह फिल्म देख सकते हैं.

 

Movie Review: सत्ता, साज़िश और चाहत की कहानी है देवदास का मॉडर्न वर्ज़न ‘दास देव’ (Daas Dev Movie Review)

Daas Dev, Movie Review, das dev movie review ratings

आज फिल्मी फ्राइडे है और फिल्म देखने के शौकीनों को इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार होता है, जब कोई नई फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक देती है. देवदास पर अब तक बॉलीवुड में कई फिल्में बन चुकी हैं और आज सिनेमा घरों में देवदास का मॉडर्न वर्जन दास देव रिलीज़ हुई है. फिल्म का जोनर रोमांटिक और राजनीतिक थ्रिलर है. हालांकि इससे पहले इस विषय पर बनी फिल्मों में प्रेम की मासूमियत नज़र आई थी, लेकिन यह फिल्म सबसे अलग है क्योंकि इसमें सत्ता और पावर की लालसा प्यार की मासूमियत पर भारी पड़ती दिखाई देती है.

Daas Dev, Movie Review, das dev movie review ratings

फिल्म- दास देव 
निर्देशक- सुधीर मिश्रा
अवधि- 1 घंटा 51 मिनट
स्टार- राहुल भट्ट, रिचा चड्ढा, अदिति राव हैदरी, सौरभ शुक्ला और विनीत सिंह.
रेटिंग- 3/5

 

Daas Dev, Movie Review, das dev movie review ratings

कहानी

निर्देशक सुधीर मिश्रा के इस मॉडर्न ‘दास देव’ की कहानी की पृष्ठभूमि उत्तरप्रदेश की है. कहानी के मुताबिक राजनीतिक घराने का उत्तराधिकारी देव (राहुल भट्ट)  पारो (रिचा चड्ढा) से प्यार करता है, लेकिन उसे नशे और अय्याशी की बुरी लत होती है. छोटी उम्र में ही देव अपने पिता को हेलीकॉप्टर हादसे में खो देता है और उसे चाचा अवधेश (सौरव शुक्ला) पाल-पोसकर बड़ा करते हैं. उसके चाचा अवधेश मुख्यमंत्री हैं इसलिए वो चाहते हैं कि वो अपने खानदान की इस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाए.

उधर पारो अपने प्रेमी देव को नशे और अय्याशी की आदतों से बाहर निकालने की कोशिश करती है, लेकिन उसे राजनीति में लाने के लिए उसके चाचा (चांदनी) अदिति राव हैदरी को लेकर आते हैं. चांदनी देव से प्रेम करती है और एक ऐसा चक्रव्यूह रचती है, जिससे देव राजनीति की बागडोर अपने हाथ में लेने पर मजबूर हो जाता है. उधर सत्ता की बागडोर हाथ में लेते ही पारो और देव के बीच टकराव बढ़ जाता है और वो विपक्ष के नेता (विपिन शर्मा) से शादी कर लेती है. इसके आगे की कहानी क्या मोड़ लेती है, इसके लिए आपको यह फिल्म देखनी पड़ेगी.

डायरेक्शन

डार्क और इंटेंस सिनेमा हमेशा से ही डायरेक्टर सुधीर मिश्रा की ख़ासियत रही है. जिसकी झलक ‘दास देव’ में दिखाई दे रही है. उन्होंने शरत चंद्र की देवदास के तीनों मुख्य पात्रों देव, पारो और चांदनी को लेकर उसमें शेक्सपियर का ट्रैजिक, ग्रे और विश्वघाती रंग मिला दिया है. इस फिल्म में सुधीर ने यह दिखाने की कोशिश की है कि कोई भी दूध का धुला नहीं है. इस फिल्म में राजनीतिक साज़िशों की एक के बाद एक करके कई परतें खुलती हैं. फिल्म के कुछ गीत आपको पसंद आएंगे और फिल्म का बैकग्राउंड भी दमदार है.

एक्टिंग

एक्टर राहुल भट्ट ने देव के किरदार के साथ न्याय करने की पूरी कोशिश की है. उन्होंने अपने किरदार की विषमताओं को बेहतर ढंग से निभाया है. रिचा ने पारो की तो अदिति ने चांदनी की भूमिका के साथ पूरा न्याय किया है. सौरव शुक्ला, विनीत सिंह, दीपराज राणा जैसे सभी कलाकारों ने अपने किरदारों में जान डालकर कहानी को विश्वसनीय बनाया है. इस फिल्म में मेहमान कलाकार के तौर पर अनुराग कश्यप भी नज़र आएंगे, जो देव के पिता बने हैं. 

फिल्म रिव्यू: ‘इत्तेफाक़’ पुरानी कहानी में सस्पेंस का नया तड़का! (Movie Review: Ittefaq)

Movie Review, Ittefaq

फिल्म- इत्तेफाक़

स्टारकास्ट- सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा, अक्षय खन्ना

निर्देशक- अभय चोपड़ा

रेटिंग- 3 स्टार

Movie Review, Ittefaq

इत्तेफाक़ एक थ्रिलर मर्डर मिस्टी है, जिसका निर्देशन किया है अभय चोपड़ा ने. यह फिल्म 1969 में रिलीज़ हुई राजेश खन्ना और नंदा की फिल्म की रीमेक है. आइए, जानते हैं क्या इसे नए अंदाज़ में पेश करने में अभय कामयाब रहे या नहीं?

कहानी

जिन्होंने 1969 की फिल्म इत्तेफाक़ देखी हैं, उन्हें कहानी का अंदाज़ा होगा. लेकिन इस फिल्म की कहानी में कुछ नई चीज़ों को जोड़ा गया है. फिल्म राइटर विक्रम सेठी (सिद्धार्थ मल्होत्रा) और माया (सोनाक्षी सिन्हा) के इर्द-गिर्द घूमती है. विक्रम की पत्नी और माया के पति का मर्डर हो जाता है. जिसका इल्ज़ाम लगता है विक्रम पर, शक़ की सुई माया पर भी घूमती है. फिर एंट्री होती है पुलिस ऑफिसर देव (अक्षय खन्ना) की, जिसे दोनों अलग-अलग कहानी सुनाते हैं. कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ? पूरा सच क्या है और कातिल कौन है, इसका पता लगाने के लिए देव जी जान से जुट जाता है. असली कातिल कौन है ये जानने के लिए आपको थिएटर तक जाना होगा.

फिल्म की यूएसपी और कमज़ोर कड़ी

  • मर्डर मिस्ट्री फिल्मों की सबसे ख़ास बात यही होती है कि फिल्म आपको अंत तक बांधे रखे ये जानने के लिए कि कातिल कौन है. इत्तेफाक़ काफ़ी हद तक इसमें कामयाब होती है.
  • बीआर चोपड़ा के पोते अभय चोपड़ा का निर्देशन बेहतरीन है.
  • फिल्म में कोई गाना नहीं है, क्योंकि फिल्म में गाने के लिए कोई जगह ही नहीं है.
  • बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है.
  • फिल्म को बिना वजह खिंचा नहीं गया है, इसलिए फिल्म बोर नहीं करेगी.
  • सोनाक्षी और सिद्धार्थ मल्होत्रा के बीच की केमेस्ट्री को और बेहतर बनाया जा सकता था.
  • अक्षय खन्ना की ऐक्टिंग हमेशा की तरह लाजवाब है.

फिल्म देखने जाए या नहीं?

अगर आप सिद्धार्थ या अक्षय खन्ना के फैन हैं या सस्पेंस फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो एक बार ये फिल्म देख सकते हैं.

फिल्म रिव्यू: ‘गोलमाल अगेन’ है मज़ेदार फिल्म (Movie Review: Golmaal Again)

Movie Review, Golmaal Again

फिल्म- गोलमाल अगेन Continue reading »