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देखें प्रियंका-निक की एंगेजमेंट पार्टी पिक्स, प्रियंका ने किया डांस, तो निक ने बनाया वीडियो (Priyanka Chopra-Nick Jonas Engagement Party Pics)

Priyanka Chopra And Nick Jonas

बॉलीवुड की देसी प्रियंका चोपड़ा ने आख़िर अपना हमसफ़र चुन ही लिया. 18 अगस्त को उन्होंने अमेरिकी सिंगर निक जोनस से रोका किया और शाम को दोस्तों और क़रीबियों के लिए एंगेजमेंट सेलिब्रेशन भी रहा. पार्टी में प्रियंका और निक लुक काफ़ी सिंपल रहा, पर उनकी चेहरे की चमक और और वो ख़ुशी जो उन दोनों की आंखों में थी, अनमोल है. पार्टी के पिक्स शेयर करके उन्होंने अपने फैन्स को भी ख़ुश कर दिया. एंगेजमेंट पार्टी में कैसा रहा प्रियंका और निक का लुक आइए फोटोज़ में देखें.

Priyanka Chopra With Nick Jonas And Family

निक जोनस के पैरेंट्स और ऑफकोर्स फ्यूचर मिसेज़ निक जोनस

Priyanka Chopra And Nick Jonas

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की एंगेजमेंट पार्टी काफ़ी सिंपल और सोबर रही. पार्टी में परिवार के अलावा कुछ ख़ास दोस्त ही शामिल हुए. पार्टी का मज़ा तब दुगुना हो गया, जब प्रियंका ने डांस किया.

पार्टी में उनकी बहन परिणीति चोपड़ा के अलावा आलिया भट्ट, सलमान ख़ान की बहन अर्पिता खान शर्मा, आयुष शर्मा, संजय लीला भंसाली, अनुषा दांडेकर, सिद्धार्थ रॉय कपूर जैसी हस्तियों के अलावा मुकेश अंबानी अपनी पत्नी नीता अंबानी और बेटी ईशा अंबानी के साथ पार्टी में शामिल हुए.

Priyanka Chopra And Nick Jonas Engagement

Aliya Bhatt Ambani's at Priyanka Chopra' Engagement Nick Jonas With Mom

– अनीता सिंह

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जाह्नवी- मां आप जैसी कोई नहीं… आई लव यू… माय एवरीथिंग… (Jhanvi Kapoor’s Emotional Letter to her Mother Sridevi)

Jhanvi Kapoor, Emotional Letter, Mother Sridevi

Jhanvi Kapoor, Emotional Letter, Mother Sridevi

हाल ही में श्रीदेवी के अचानक चले जाने का दुख हर किसी को हुआ था. लेकिन एक मां-बेटी का दुख एक-दूसरे से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, पर अब वह साथ ही नहीं रहा… इसी एहसास ने श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी को अपना दर्द लोगों से शेयर करने पर मजबूर कर दिया. पति बोनी कपूर के बाद अब बेटी जाह्नवी ने अपनी मां से जुड़े भावनाओं को पत्र के द्वारा साझा किया है.
”अपने बर्थडे पर, एक बात जो मैं आप सब से कहन चाहती हूं कि आप अपने पेरेंट्स प्यार करें.. उन्हें समझें और उन्हें अपना प्यार महसूस कराने के लिए समर्पित हो जाएं.. आप मेरी मां को प्यार से याद रखें और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करें. उनके प्रति प्यार बनाएं रखें. याद रखें कि मेरी मां का सबसे बड़ा हिस्सा वह प्यार था, जो वे पापा के साथ शेयर करती थीं.. “उनका प्यार अनमोल था, क्योंकि इसके जैसा दुनिया में और कुछ नहीं है. कोई भी उन दोनों जैसे एक-दूसरे को समर्पित नहीं हो सकता. कृपया सम्मान करें, क्योंकि यह सोचकर भी तकलीफ होती है कि कोई उनके प्यार को मिटाने की कोशिश करेगा.. उनकी पवित्रता को बनाए रखना सिर्फ इसलिए जरूरी नहीं कि वे मेरी मां थीं, बल्कि उस आदमी के लिए भी है, जो उनके आसपास घूमता था और उनके प्यार की निशानी के रूप में दो बच्चे हैं. मैं और ख़ुशी ने तो सिर्फ अपनी मां को खोया है, लेकिन पापा ने अपनी जान को खो दिया है… मेरे अंदर एक अजीब सा खालीपन है, मैं जानती हूं क‍ि अब मुझे आपके ब‍िना रहना सीखना होगा. इस खालीपन के साथ भी मैं आपके प्‍यार को महसूस करूंगी. मैं हमेशा महसूस करती हूं क‍ि आप मुझे दुख और दर्द से प्रोटेक्‍ट कर रही हो. जब भी मैं आंख बंद करती हूं, तो मैं हमेशा अच्‍छी यादों के बारे में सोचती हूं. आप मुझमें, खुशी में और पापा में हमेशा रहेंगीं. मैं आपसे बहुत प्‍यार करती हूं आप मेरी सब कुछ हैं…
दरअसल सात मार्च को जाह्नवी कपूर का बर्थडे है, उससे पहले ही मां के चले जाने के दर्द उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा क‍िया. सच इस कदर इमोशनल लेटर हर किसी को भावुक कर रहा है… देखे इंस्ट्राग्राम पर शेयर की गयी जान्हवी की लेटर और कुछ श्रीदेवी से जुडी यादें…

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On my birthday, the only thing I ask of all of you is that you love your parents. Cherish them and devote yourself to making them feel that love. They have made you. And I ask that you remember my mother fondly, pray for her soul to rest in peace. Let the love and adulation you’ll showered on her continue and please know that the biggest part of my mother was the love she shared with papa. And their love is immortal because there was nothing like it in the whole world. Nothing as joyful and pure and no two people as devoted to one another as they were. Please respect that because it hurts to think anyone would ever try to tarnish it. Preserving the sanctity of what they had would mean the world not only to my mother but also to a man who’s entire being revolved around her, and her two children who are all that remains of their love. Me and Khushi have lost our mother but papa has lost his “Jaan”. She was so much more than just an actor or a mother or a wife. She was the ultimate and the best in all these roles. It mattered a great deal to her to give love and to get love. For people to be good and gracious and kind. She didn’t understand frustration or malice or jealousy. So let’s be that. Let’s be full of only good and give only love. That would make her happy, to know that even in death, she gave you all something. The courage and inspiration to fill yourselves with nothing but love and rid yourselves of bitterness in any way and form. That’s what she stood for. Dignity, strength and innocence. Thank you for the love and support everyone has shown us in the past couple of days. It’s given us hope and strength and we can’t thank you all enough.

हेमा मालिनी… मां बनना औरत के लिए फख़्र की बात होती है (Hema Malini… Being A Mother Is A Gift)

Being A Mother Is A Gift Hema Malini

बहुत-से अनछुए एहसास पलने लगते हैं आंखों में… कुछ रेशमी ख़्वाब पलकों पर उतरने लगते हैं, कुछ शबनमी बूंदें दिल को भिगोने लगती हैं… एक मासूम-सी खिलखिलाहट न जाने कितने अरमान, कितनी ख़्वाहिशें जगा जाती हैं और मन बार-बार यही कहता है कि हां, ये  नन्हीं-सी जान ही मेरी पूरी दुनिया है… मेरा अक्स है… मेरे वजूद का हिस्सा है… एक औरत जब मातृत्व को महसूस करती है, तो उसके लिए बहुत कुछ बदल जाता है… और वो इस बदलाव को लेकर बेहद उत्साहित भी रहती है… लेकिन कहीं न कहीं आज भी हमारे समाज की सोच उन बेड़ियों की जकड़न से ख़ुद को छुड़ा नहीं पाई है, जिसमें एक स्त्री को मात्र उसके जिस्म से ही पहचाना जाता है और उसके मां बनने को उसके सपनों को त्यागने का कारण समझा जाता है.

Being A Mother Is A Gift Hema Malini
जब एक स्त्री मां बनती है, तो उसे पल-पल यह एहसास करवाया जाता है कि अब तुम्हें बच्चे और करियर में से किसी एक को ही चुनना होगा, क्योंकि करियर पर ध्यान दोगी, तो तुम अच्छी मां नहीं बन पाओगी और यदि घर को तवज्जो दोगी, तो करियर के साथ नाइंसाफ़ी होगी… ऐसे में आज की अधिकतर कामकाजी महिलाएं मन में एक अपराधबोध के साथ जीती हैं कि वो चाहकर भी एक अच्छी मां नहीं बन पा रहीं… या कहीं वो अपने बच्चे के साथ नाइंसाफ़ी तो नहीं कर रहीं… इसी वजह से कई महिलाएं अपना करियर, अपने ख़्वाबों को मन के किसी कोने में दफ़न कर देती हैं… लेकिन अगर मैं बात करूं अपने अनुभव की, तो हर स्त्री अपने ख़्वाबों को जीते हुए भी मातृत्व के ख़ूबसूरत एहसास को भी जी सकती है… बस, ज़रूरत होती है, तो थोड़े-से बदलाव की और थोड़ी प्लानिंग की… अपनी सोच को समय व ज़रूरत के अनुसार बदलकर देखें, तो आप सब कुछ पा सकते हैं.
क्या ज़रूरी है… क्या ग़ैरज़रूरी? हमारी प्राथमिकताएं क्या हैं? हमारी फ़िलहाल की ज़रूरतें क्या हैं… यह ख़ुद हमें ही तय करना है, लेकिन हमारे समाज में अक्सर हमारे लिए ये तमाम पहलू ‘दूसरे’ तय करते नज़र आते हैं. लेकिन हक़ीक़त तो यही है कि हमारी ज़रूरतें, हमारी वर्तमान की प्राथमिकताएं भला हमसे बेहतर कोई और कैसे जान पाएगा? यह हमें ही तय करना होगा कि हमें ज़िंदगी के किस पड़ाव पर किस बात को कितनी अहमियत देनी है और किसे कुछ समय के लिए अपनी प्राथमिकताओं की फेहरिस्त में थोड़ा-सा पीछे करना है.
कुछ व़क्त पहले मैंने एक तस्वीर देखी थी, जिसमें डचेस ऑफ केम्ब्रिज केट मिडलटन अपने पति विलियम और अपने न्यूबॉर्न बेबी के साथ खिलखिलाती व बेहद ख़ूबसूरत नज़र आ रही थीं. केट के चेहरे पर मातृत्व की ख़ुशी साफ़-साफ़ झलक रही थी. लेकिन बेहद दुख की बात यह रही कि इन तमाम सकारात्मक बातों को छोड़कर अख़बारों व ख़बरों की सुर्ख़ियां बटोरीं केट के मां बनने के बाद हुए शारीरिक बदलावों ने… बहुत कुछ इस बात को लेकर कहा व लिखा गया कि आख़िर केट ने अपने मम्मी टम्मी को छिपाने की कोशिश क्यों नहीं की…
यह विडंबना ही है कि आख़िर एक स्त्री के मातृत्व को ये समाज क्यों नहीं सहजता से ले पाता? और अगर वो स्त्री कोई सेलिब्रिटी है, तो हर कोई उस पर तंज कसना अपना अधिकार समझ लेता है.
दरअसल, ऐसा ही कुछ ऐश्‍वर्या राय के बारे में भी कहा गया था. मां बनने के बाद उनके बढ़े हुए वज़न को लेकर काफ़ी चर्चा की लोगों ने और यही नहीं और भी बहुत कुछ कहा गया कि किस तरह से सेलिब्रिटीज़ को अपने मातृत्व का ख़ामियाज़ा चुकाना पड़ता है.

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Being A Mother Is A Gift Hema Malini
यह सोच ही दरअसल ज़िम्मेदार है, किसी भी स्त्री के मन में बेवजह अपराधबोध की भावनाओं के बीज बोने के लिए. उसे न जाने क्यों कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है… क्या मां बनना अपराध है? क्या सेलिब्रिटी होना गुनाह है? मां बनने के बाद क्यों ये मान लिया जाता है कि अब करियर ख़त्म हो गया? क्यों हर व़क्त उस स्त्री के शरीर व उसमें हुए बदलावों पर ताने कसे जाते हैं? मां बनना किसी भी स्त्री के लिए प्रकृति की सबसे ख़ूबसूरत कृति है… उसके बाद शरीर और मन दोनों बदलता है, तो इसमें ग़लत क्या है… क्यों नहीं किसी भी स्त्री को इस अनोखे एहसास के साथ जीने दिया जाता? क्यों बेवजह सवालों की बौछार उस पर कर दी जाती है… उसे कम से कम अपने मातृत्व के अनोखे पलों को शिद्दत से महसूस तो करने दो… व़क्त के साथ सारे सवाल हल हो जाएंगे… वो ख़ुद तय करेगी कि उसे आगे कब, कैसे और क्या करना है…
सालों पहले जब मेरी बड़ी बेटी ईशा का जन्म हुआ था, तब सबसे पहले मुझसे भी यही पूछा गया था कि क्या मैं अब अपने करियर को प्राथमिकता नहीं दूंगी? क्योंकि हमारे समाज में यही मान्यता है कि मां बनने का अर्थ है आपको अपने सपनों से, अपनी रचनात्मकता और अपनी ख़्वाहिशों से समझौता करना पड़ेगा!
मैंने ख़ुशी-ख़ुशी मातृत्व को चुना, क्योंकि उस व़क्त मेरी प्राथमिकता वही थी. मैं यह जानती थी कि कुछ समय के लिए मुझे अपने काम से ब्रेक लेना ही होगा, और वैसे भी यह मेरी चॉइस थी और मैंने अपनी ख़ुशी से अपने मातृत्व को स्वीकारा था. वैसे भी मैं जो भी करती हूं, उसमें अपना शत-प्रतिशत देती हूं, चाहे वो करियर हो या फिर परिवार. मैं उस समय मां बनने के उस एहसास को पूरी तरह से जीना चाहती थी. मेरे लिए यह बात कोई मायने नहीं रखती थी कि मैं लंबे समय के लिए स्पॉटलाइट में नहीं रहूंगी, क्योंकि मेरे ज़ेहन में कभी यह बात नहीं आई कि मेरा करियर और मेरा मातृत्व एक-दूसरे के ख़िलाफ़ हैं. मैं पूरी तरह से आश्‍वस्त थी कि जब समय व हालात सही होंगे, तो मैं अपने काम पर दोबारा ज़रूर लौटूंगी, मुझे कुछ सामंजस्य बैठाने होंगे, कुछ एडजेस्टमेंट्स करने होंगे और वो मैं ज़रूर करूंगी.

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Being A Mother Is A Gift Hema Malini
मैं ही क्या, किसी भी औरत के लिए अपने बच्चे से ज़रूरी कुछ नहीं होता. मेरे लिए मां बनना एक सपने के पूरे होने जैसा था, इसलिए मैंने अपना पूरा ध्यान अपनी बेटियों की परवरिश पर लगा दिया. बच्चों को मां की ज़रूरत ज़्यादा होती है, मां की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता, इसलिए मां को अपना अधिक से अधिक समय अपने बच्चे को देना चाहिए. जब मेरी बेटियां छोटी थीं और मुझे शूटिंग पर जाना पड़ता था, वो मुझे जाने नहीं देती थीं. मुझे भी उन्हें छोड़कर जाना अच्छा नहीं लगता था. फिर मैं कार में बेटी को राउंड पर ले जाती थी और जब वो सो जाती थी, तब मैं चुपके से शूटिंग के लिए निकल जाती थी.
अपनी बेटियों का बचपन अब मैं अपने नवासे में देखती हूं. हम सब चाहे उसे कितना ही प्यार दे दें, लेकिन उसे अपनी मां अपने पास ही चाहिए. मां बच्चे की सबसे बड़ी ज़रूरत होती है और औरत के लिए भी मां बनना सम्मान की बात होती है. मैं ख़ुशक़िस्मत थी कि मैं किसी भुलावे में या भ्रम में नहीं जी रही थी कि मैं चाहूं, तो सब कुछ एक साथ ही हासिल कर सकती हूं. मैं इस तथ्य से पूरी तरह वाक़िफ़ थी समय के साथ-साथ आपकी ज़रूरतें व ङ्गसब कुछफ की परिभाषा बदल जाती है. आपकी सोच अधिक परिपक्व व केंद्रित हो जाती है. आप यह तय कर पाते हो कि अभी आपको क्या चाहिए और भविष्य में आप किस तरह से अपनी प्राथमिकताएं बदल पाओगे. वर्तमान में जो चीज़ें आपके लिए गौण हो चुकी हैं, उन्हें आप आसानी से पहचान पाते हो, ऐसे में तमाम ग़ैरज़रूरी बातों और चीज़ों को आप पीछे छोड़कर आगे बढ़ सकते हो. ऐसे में आप अपनी नई भूमिकाओं और ज़रूरतों के अनुसार आसानी से अपनी राह चुन सकते हो.
मैंने अपने अनुभवों से यही सीखा है कि उन तमाम नकारात्मक लोगों को नज़रअंदाज़ करें, जो आपके मातृत्व के चुनाव को निराशाजनक कहते हैं या फिर यह मानते हैं कि आपने मातृत्व को अपनी ज़िंदगी में सबसे अधिक अहमियत देकर अपने करियर को नज़रअंदाज़ किया है, जिससे आप करियर के प्रति उतने समर्पित नहीं रह पाते, जितने पहले थे. मैंने यही पाया है कि मेरी ज़िंदगी में सबकी अपनी-अपनी जगह व अहमियत है. न किसी की अहमियत कम होती है, न ही ज़्यादा. मेरा यही कहना है कि आप सब कुछ ज़रूर पा सकते हो, लेकिन ज़ाहिर है कि एक ही समय पर सब कुछ नहीं.

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हेमा मालिनी… हां, सपने पूरे होते हैं…! देखें वीडियो (Hema Malini… Yes, Dreams Do Get Fulfilled…! Watch Video)

Hema Malini

कौन कहता है आसमान में सुराख़ नहीं हो सकता
एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों

हां, मैंने भी कुछ हसीन सपने देखे थे और ज़िंदगी ने मुझे ड्रीम गर्ल का ख़िताब दे डाला. मैंने आसमान छूने की ख़्वाहिश की और मेरे चाहनेवालों ने मुझे फलक पर बिठा दिया. मैंने ज़िंदगी में अपने हर क़िरदार को पूरी शिद्दत से निभाया और ज़िंदगी ने हमेशा मुझे मेरी ख़्वाहिश से ज़्यादा ही दिया है. हम दुनिया में आते हैं… बड़े होते हैं, फिर आंखों में कई नए-नए सपने पलने लगते हैं… उन्हें देखते हैं और जुट जाते हैं उन्हें पूरा करने में… दिल में कई अरमान जागते हैं… हम भागने लगते हैं उन्हें मुकम्मल करने के लिए… हसरतों के दायरे फिर हमें धीरे-धीरे कैद करने लगते हैं अपनी परिधि में… ये तो है इंसानी फ़ितरत, लेकिन इसमें भी यदि हम बात करें एक औरत की, तो उसके दायरे तो व़क्त के साथ-साथ और भी सिमटने लगते हैं… लेकिन जहां तक मेरी बात है, तो मुझे न तो अपने दायरे समेटने पड़े और न ही सपनों पर पाबंदी लगानी पड़ी, क्योंकि मेरे प्रयास सच्चे थे और मुझे अपनों का भी भरपूर साथ मिला.

Hema Malini

मैं यही कहूंगी कि बेशक, हर सपना पूरा होता है, यदि आप सही दिशा में काम कर रहे हों और आपने अपने सपने को पूरा करने की हर मुमकिन कोशिश की हो. यदि हम अपने अतीत पर नज़र डालेंगे, तो पाएंगे कि आज हम जो कुछ भी हैं, वो अतीत में हमारे द्वारा किए गए प्रयासों का ही नतीजा है.
ख़्वाहिशें, अरमान, अपेक्षाएं, इच्छाएं… ये तमाम तत्व इंसानी फ़ितरत का हिस्सा हैं. ख़्वाहिशें रखना ग़लत भी तो नहीं है. किसी चीज़ को पाने की ख़्वाहिश रखना बहुत अच्छी बात है और ये भी सच है कि आप पूरी ईमानदारी के साथ जितने बड़े सपने देखते हैं, ज़िंदगी आपको उससे कहीं ज़्यादा देती है, लेकिन उसके लिए आपका अपने सपनों के प्रति ईमानदार होना ज़रूरी है. जैसे आप यदि मर्सिडीज़ ख़रीदने का लक्ष्य रखते हैं, तो उसके बाद आपका मस्तिष्क उसी दिशा में सोचना शुरू कर देता है, आप उसे पाने के रास्ते तलाशने लगते हैं, आपके हालात भी उसी के अनुरूप बदलने लगते हैं और आख़िरकार आप मर्सिडीज़ ख़रीद लेते हैं. इसलिए जीवन में लक्ष्य का होना बहुत ज़रूरी है.

Hema Malini dreamgirl

हमें बचपन से अपने बच्चों को ये बात सिखानी चाहिए कि बड़े लक्ष्य रखो, बड़े सपने देखो और उन्हें पूरा करने के लिए जी जान से मेहनत करो, फिर आपको वो चीज़ पाने से कोई नहीं रोक सकता. अक्सर मैं लोगों को देखती हूं, जिन्हें ज़िंदगी से बहुत शिकायत रहती है… बहुत कुछ होने के बाद भी वो संतुष्ट नहीं होते. उन्हें शायद ख़ुद भी यह नहीं पता होता कि उन्हें आख़िर क्या चाहिए. यही वजह है कि न तो उनके पास कोई लक्ष्य होता है और न ही उसे हासिल करने के लिए कोई प्रेरणा. मन की चंचलता उन्हें ताउम्र असंतुष्ट रखती है और वो भटकते रहते हैं, इसलिए सबसे ज़रूरी है कि आपके मन में यह बात पूरी तरह से साफ़ होनी चाहिए कि आपकी मंज़िल क्या है और आपको उस तक किस तरह से पहुंचना है. आपके प्रयास किस तरह के होने चाहिए और आपके त्याग कितने बड़े हो सकते हैं.

Hema Malini award
अगर मैं अपनी बात करूं, तो मैं भी एक बेहद आम-सी लड़की थी, लेकिन मेरी मां ने मेरे लिए बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए मुझे सही दिशा दी. अगर मेरी मां कोई और होती, तो शायद मैं आज यहां न होती. मेरी मां ने मेरी ज़िंदगी को सही दिशा दी और मुझे उसके लिए मेहनत करने की हिम्मत भी दी. आज मैं जो कुछ भी हूं, उसमें मेरी मां का बहुत बड़ा रोल है.

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Hema Malini daughters
आज जब मैं अपने बचपन को याद करती हूं, तो पाती हूं कि मेरी परवरिश बहुत अच्छे माहौल में हुई. मेरी मां ने मुझे कला के प्रति समर्पित होना सिखाया, इसीलिए मेरी कला आज मेरी पहचान बन गई है. मां ने मेरे लिए जो सपने देखे थे, उन्हें पूरा करने के लिए उन्होंने मुझे सही राह दिखाई, इसीलिए आज मैं यहां पहुंच पाई हूं. बचपन में जब मैं अपनी खिड़की से बाहर देखती थी कि मेरे फ्रेंड्स बाहर खेल रहे हैं और मैं घर में डांस की प्रैक्टिस कर रही हूं, तो मुझे मां पर बहुत ग़ुस्सा आता था, लेकिन आज जब मैं देखती हूं कि वो लड़कियां कहां हैं और मैं कहां हूं, तब समझ में आता है कि मेरी मां ने मेरे लिए कितने बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए कितनी मेहनत की. आज मैं जो कुछ भी हूं, अपनी मां की वजह से हूं. बच्चों को प्यार देना जितना ज़रूरी है, उन्हें अनुशासन में रखना भी उतना ही ज़रूरी है. मां ने मेरे साथ भी ऐसा ही किया, उन्होंने मुझे सिखाया कि आपके पास यदि हुनर है, तो उसे इतना निखारो कि आपका हुनर ही आपकी पहचान बन जाए. मैंने यदि कला की साधना की है, तो कला ने भी मुझे नाम-शोहरत सब कुछ दिया है.

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hema malini dance
हर पैरेंट्स को अपने बच्चों को सपने देखना और गोल सेट करना सिखाना ही चाहिए, फिर उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता. वैसे भी आजकल इतने
छोटे-छोटे बच्चे रियालिटी शोज़ में कितना कुछ कर दिखाते हैं, उनके इस टैलेंट के पीछे उनके पैरेंट्स की मेहनत साफ़ दिखाई देती है. बच्चा पढ़ाई में ही अच्छा हो ये ज़रूरी नहीं, बच्चे के टैलेंट को पहचानें और उसे उसी फील्ड में आगे बढ़ने दें.यक़ीन मानिए, आप जिस भी चीज़ को शिद्दत से चाहते हैं, वो आपको मिलती है, आपको बस मेहनत करते रहना चाहिए.

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So Adorable! शाहिद कपूर ने शेयर की बेबी मिशा की पहली फोटो (Shahid kapoor reveals 1st picture of baby Misha)

Misha
जवां दिलों की धड़कन शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) की बेबी मिशा को एक नज़र देखने की हर किसी की ख़्वाहिश आखिरकार पूरी हो गई. जी हाँ शाहिद ने अपनी लाडली की एक बेहद ही ख़ूबसूरत फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की है, जिसमें वो अपनी मां मीरा राजपूत के सीने से लगी दिखाई दे रही हैं.
मिशा के जन्म से शाहिद के फैंस उनकी लाडली बिटिया की एक झलक के लिए तरस रहे थे. जब भी शाहिद (Shahid) से इस बारे में पूछा जाता, उनका जवाब होता ‘सही समय पर’ और देखिये वो सही समय आ ही गया. मिशा का जन्म २६ अगस्त २०१६ को हुआ था.
सोशल मीडिया पर फोटो के आते ही उनके फैंस ने दिल खोलकर मिशा की तारीफ़ की. किसी ने उसे क्यूट कहा तो किसी ने शाहिद की कार्बन कॉपी…
आप क्या कहेंगे शाहिद की इस लाडली को देखकर?

Hello world. ?

A photo posted by Shahid Kapoor (@shahidkapoor) on

– अनीता सिंह