film stars birthday

 

 

1
* कमल हासन बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. उन्होंने हर तरह के क़िरदार निभाए हैं. फिर चाहे वो ‘अप्पू राजा’ में बौना बनना हो, ‘चाची 420’ में महिला का क़िरदार या फिर ‘पुष्पक’ में मौन रहना हो, वे हर रोल में लाजवाब रहे.
* 1960 में 6 साल की उम्र में ‘कालाथुर कन्नम्मा’ से उन्होंने बाल कलाकार के रूप में अपना फिल्मी करियर शुरू किया.
* ‘नायकन’ में अंडरवर्ल्ड के क़िरदार में उनके बेहतरीन परफॉर्मेंस और सफलता का यह आलम रहा कि यह फिल्म कई भाषाओं में बनी, हिंदी में ‘दयावान’ के रूप में बनी.
* 1988 में आई उनकी साइलेंट मूवी ‘पुष्पक’ फिल्म इंडस्ट्री में मील का पत्थर साबित हुई.
* ‘दशावतारम’ में उन्होंने 10 भूमिकाओं को बहुत ही ख़ूबसूरती से निभाया था.
* तमिल, हिंदी, मलयालम के अलावा उन्होंने कई भाषाओं के फिल्मों में काम किया.
* उन्हें बेस्ट एक्टर का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मलयालम मूवी ‘कन्याकुमारी’ के लिए मिला था.
* 1981 में के. बालाचंदर की ‘एक दूजे के लिए’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपने करियर की शुरुआत की.
* इसके बाद सदमा, सागर, राजतिलक, गिरफ्तार कई सुपरहिट फिल्में दीं.
* इंडियन, हे राम मूवी में उन्होंने अभिनय के शिखर को छूते हुए कमाल का अभिनय किया था, जिसे हर किसी ने सराहा.
* आतंकवाद पर बनी उनकी ड्रीम प्रोजेक्ट मूवी ‘विश्‍वरूपम’, जो काफ़ी विवादित भी रही थी में उनके बेमिसाल अभिनय के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा.

– ऊषा गुप्ता

1

जन्मदिन मुबारक हो!

जानें शाहरुख की कही-अनकही बातें…

 

मिस यू…
मेरे पिता एक हैंडसम पठान थे. तमाम ख़ूबियों के बावजूद वे सादगीभरा जीवन जीने में विश्‍वास करते थे. वे मुझसे व मेरी बहन से दोस्ताना व्यवहार करते थे. बड़े-बुज़ुर्ग को मान-सम्मान देना, कड़वी बातों को भूल जाना व हालात कैसे भी हों, सच का दामन नहीं छोड़ना, ये हमने उनसे ही सीखा है. मैंने बहुत पहले उन्हें खो दिया था. आज भी उन्हें मिस करता हूं. फादर्स डे पर अपने पिता के बारे में सोचकर काफ़ी दुखी हूं कि वे आज हमारे बीच नहीं हैं, पर अपने बच्चों के बारे में सोचकर काफ़ी ख़ुश हूं कि उन्हें उतना भरपूर प्यार दे पा रहा हूं, जितना मेरे वालिद मुझे दिया करते थे.
* शादी-रोमांस के मामले में शाहरुख ने अपने वालिद को ही फॉलो किया है. उनके पिता ने लव मैरिज की थी.
* शाहरुख क़रीब नौ साल तक गौरी के आगे-पीछे घूमते रहे. दोनों स्कूली दिनों से दोस्त थे.
* जब उनका प्यार परवान चढ़ा, तब शाहरुख 12वीं में और गौरी नौवीं में पढ़ती थी.
* इनके प्यार को लेकर शुरू में दोनों के परिवारों में काफ़ी गरमा-गरमी रही, लेकिन आख़िरकार जीत प्यार की हुई.
* गौरी के पैरेंट्स ने पहले धर्म व शाहरुख के करियर के कारण शादी से मना कर दिया था, पर बाद में शाहरुख ने अपने प्यार, व्यवहार व केयर से उन्हें मना ही लिया.
* जब शाहरुख फिल्मों में कामयाबी की बुलंदियों को छूने लगे, तब गौरी के पिता पूरी तरह से आश्‍वस्त हो गए.
* आज शाहरुख-गौरी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बेस्ट व आइडियल कपल के रूप में जाने जाते हैं.
* शाहरुख का ऑलटाइम फेवरेट कलर ब्लैक रहा. पिछले बीस सालों से उनके आउटफिट्स डिज़ाइन कर रहे नरेश रोहिरा का कहना है कि अब तक उन्होंने शाहरुख के लिए तक़रीबन हज़ार सूट्स बनाए होंगे, जो सारे के सारे ब्लैक व व्हाइट शर्ट्स के साथ रहे. शाहरुख को ब्लू कलर की जींस बेहद पसंद है. डेली वेयर के तौर पर उन्हें ब्लू कलर की वेरायटी जींस-टी-शर्ट और ट्राउज़र्स पसंद है. साथ ही वे इटालियन ब्रांड एजी जींस ही पहनना पसंद करते हैं. वे घर पर भी कभी शॉर्ट्स या चप्पल नहीं पहनते. उन्हें एक्सेसरीज़ पसंद नहीं. हां, वॉचेस और सनग्लासेस पहनना अच्छा लगता है.
* शाहरुख ख़ान ग्रिल्ड चिकन के दीवाने हैं. तक़रीबन हर रोज़ शाहरुख लंच में ग्रिल्ड चिकन खाना पसंद करते हैं. साथ ही कम तेल व मसाले में बना स्टीम फिश भी उनकी फेवरेट डिश है.

– ऊषा गुप्ता