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भक्तिमय सितारों की दुनिया (Film Stars Bring Ganapati Bappa Home)

Film Stars Ganpati

गणेशोत्सव (Ganeshotsav) के समय हर तरफ़ हर कोई गणेश भक्ति के रंग में रंगा दिखाई देता है. इसमें सेलिब्रेटीज़ (Celebrities) भी पीछे नहीं है. फिर चाहे वो फिल्मी सितारे हों या टीवी स्टार्स. टीवी-फिल्मों की तरह सितारे व्यक्तिगत जीवन में भी गणेश उत्सव को पूरे हर्षोल्लास व धूम-धड़ाके के साथ मनाते हैं. आज भी कलाकारों ने पूरी श्रद्धा व धूमधाम से गणेश भगवान को अपने घर में स्थापित किया है.

हर साल कपूर फैमिली, रणबीर कपूर, अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, सलमान ख़ान, संजय दत्त, रितेश देशमुख इत्यादि स्टार्स के यहां श्रीगणेशजी के आगमन की ख़ूब धूम रहती है.

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इस बार पति राज कुंद्रा व बेटे विवान के साथ गणपति बप्पा को घर लाने की ख़ुशी शिल्पा शेट्टी के चेहरे देखते ही बन रही थी. वे पूरी तरह से भगवान गणेशजी के भक्ति में रंगी थीं. उनके अलावा माधुरी दीक्षित, सोनू सूद, रश्मि देसाई, देवलीना भट्टाचार्य, कांची सिंह, शरद मल्होत्रा, रूबीना दिलेक, डेज़ी शाह कलाकार भी गणेशजी की पूजा-वंदना में मग्न रहे. सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं! आइए देखते हैं कलाकारों को ईश्वर की भक्ति में डूबे…

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भक्ति के साथ अनुष्का शर्मा और वरुण धवन ने अपनी फिल्म ‘सुई धागा’ का प्रमोशन भी कर डाला. सही है, बोलो गणपति बप्पा मोरया!

स्वतंत्रता दिवस पर विशेष- फिल्म स्टार्स की नज़र में आज़ादी… (Happy Independence Day- What Freedom Means To Bollywood Actors?)

आज़ादी को लेकर हर किसी की सोच अलग-अलग होती है. इससे फिल्म स्टार्स भी अछूते नहीं हैं. इस बारे में क्या कहते हैं सितारे, आइए जानते हैं.

Happy Independence Day

अमिताभ बच्चन

 

जय हिंद! स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं! आज़ादी का मतलब है हर इंसान को उसका हक़ मिले. हर शख़्स सुख-शांति के साथ ज़िंदगी जी सके और आपसी भाईचारा भी बना रहे.

अनुष्का शर्मा

आर्मी ऑफिसर की बेटी होने के नाते मैंने बेहद क़रीब से फौजियों की ज़िंदगी को देखा है. मैंने सैनिकों की शहादत को देखा है, इसलिए समझ सकती हूं कि आज़ादी कितनी अनमोल होती है. मुझे गर्व है कि मैं हिंदुस्तानी हूं. सभी देशवासियों को आज़ादी की बधाई!

अक्षय कुमार

हम सभी को इस बात का ख़्याल रखना चाहिए कि आजादी हमें यूं ही नहीं मिली है. देश की आर्मी इसके लिए भारी क़ीमत चुकाती है. उन हीरोज़ को मेरा सलाम, जो हमारी रक्षा में तैनात हैं.

सुष्मिता सेन

मेरे लिए आज़ादी हर किसी का शिक्षित होना है. हमारे जीवन में पढ़ाई काफ़ी मायने रखती है, इसलिए सभी का पढ़ा-लिखा होना बेहद ज़रूरी है. मैं बारहवीं तक ही पढ़ी हूं, पर पढ़ाई के महत्व को अच्छी तरह से समझती हूं. तभी तो मैं अपनी बेटियों को भी अच्छी तरह से पढ़ने-लिखने के लिए कहती रहती हूं.

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ऋषि कपूर

देश में हर तरफ़ शांति हो, भाईचारा बढ़े और प्यार की ख़ुशबू फैले यही देशवासियों के लिए तमन्ना है. आज़ादी के इस ख़ास मौके पर सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. वंदेमातरम्! जय हिंद!

कटरीना कैफ़

भारत देश आज़ाद है, पर यहां पर कई बार आप खुलकर अपनी बात नहीं रख पाते हैं. इसके अलावा कई बार लोगों में समान भाव की कमी भी दिखती है. इसलिए फ्रीडम तब सही लगता है, जब आपको बोलने की आज़ादी मिल सके.

सलमान ख़ान

मेरा यह मानना है कि आज़ादी की सार्थकता तब है, जब लोगों को जीने का हक़ हो, अपने तरी़के से स्वतंत्र रहने का अधिकार हो. साथ ही अपनी बात कहने की आज़ादी हो.

आलिया भट्ट

मैं यही कहना चाहती हूं कि आई लव माय कंट्री.  हमारी आज़ादी सभी देशवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हम अपने घरों में चैन से इसीलिए सो पाते हैं, क्योंकि बॉर्डर पर हमारे जवान हमारी सुरक्षा के लिए जागते हैं. इंडियन आर्मी को सैल्यूट है.

वरुण धवन

आज़ादी का दिन हम सभी इसीलिए एंजॉय कर पाते हैं, क्योंकि सरहद पर हमारे जवान हमारी सुरक्षा के लिए शहीद हो जाते हैं. उनके त्याग व बलिदान को कभी न भूलना. आज़ादी का जश्‍न जमकर मनाना.

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सैफ़ अली ख़ान

फ्रीडम तो इस बात पर निर्भर करती है कि आपको अपने विचारों को शेयर करने, अपनी बात को बेबाक़ तरी़के से रखने की आज़ादी हो. लेकिन आपको ऐसा करने से रोका जाए, तब काहे की आज़ादी!

 

कुछ संदेशे ऐसे भी…

* मेरा दिल भारत का है. देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई! जय हिंद!

– प्रियंका चोपड़ा

* हमारी आज़ादी को बनाए रखने के लिए हमारे सशस्त्र बलों का मैं शुक्रगुज़ार हूं. उनकी सेवा व योगदान की क़ीमत हम कभी भी नहीं चुका सकते.

– अजय देवगन

* दिल से हम उन सभी शख़्स को शुक्रिया कहें, जो हमारी स्वतंत्रता के लिए सरहद पर लड़ते रहते हैं.

– इरफान ख़ान

* स्वतंत्रता दिवस भारत का सबसे बड़ा त्योहार है, जो किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि हर धर्म का है.

– कैलाश खेर

* योद्धाओं का जन्म नहीं हुआ, वे भारतीय सेना  में बने हैं. सभी फौजी भाइयों को सलाम. हैप्पी इंडिपेंडेंस डे!

– सूरज पंचोली

– ऊषा पन्नालाल गुप्ता

सेलिब्रिटीज़ की नज़र में आज़ादी के मायने… (What Freedom Means To Our Celebrities?)

सेलिब्रिटीज़ की नज़र में आज़ादी के मायने

सेलिब्रिटीज़ की नज़र में आज़ादी के मायने

आज़ादी भला किसे नहीं पसंद, लेकिन इसके मायने सभी के लिए अलग-अलग रहे हैं. देश की आज़ादी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, अपनी मर्ज़ी से जीने का फ्रीडम… इस मामले में फिल्म स्टार्स भी समय-समय पर अपनी राय रखते रहे हैं. जानें आज़ादी के बारे में क्या कहते हैं सितारे.

अमिताभ बच्चन
आज हम सभी एक निःशुल्क पर्यावरण की हवा में सांसें ले रहे हैं. यह स्वतंत्रता के कारण ही संभव है. चूंकि हम आज़ाद हैं, इसलिए सब कुछ करने का आनंद ले सकते हैं.

शाहरुख ख़ान
सभी देशवासियों के लिए 15 अगस्त बेहद ख़ास होता है. मुझे आज भी याद है, इस दिन मैं पिताजी की गोद में बैठकर दिल्ली के कार्यक्रम व परेड का आनंद लिया करता था. मेरे पिताजी स्वतंत्रता सेनानी थे. मेरी मां ने मुझे सदा ही देशप्रेम की सीख दी. मैं अपने तीनों बच्चों को भी वही सिखाता हूं. हम देशभक्त हैं और राष्ट्रप्रेम मेरे रग-रग में बसा है. देशप्रेम के मायने क़ानून का सम्मान करना और एक ज़िम्मेदार नागरिक बनना भी है.

अनिल कपूर
मैं सारी दुनिया घूमा, पर मेरे देश जैसा दूसरा कोई देश नहीं. मुझे अपने देश पर गर्व है. मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं, जो मैं भारत में पैदा हुआ हूं. जहां देशभक्ति, भावनाओं और आपसी भाईचारे का ख़ूबसूरत संगम देखने को मिलता है.

कैटरीना कैफ़
भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. हर व्यक्ति को फ्रीडम एंजॉय करना चाहिए. लेकिन साथ ही इस बात का भी ख़्याल रखना चाहिए कि जिनके संघर्ष, कोशिशों से यह आज़ादी मिली है, उनका हम सम्मान करें. मुझे भारत बहुत प्यारा लगता है, क्योंकि यहां भाषा, रहन-सहन में बहुत-सी विविधता होने के बावजूद सभी एक हैं. आई लव इंडिया!

जॉन अब्राह्म
मुझे अपने देश से बेहद प्यार है और मैं फख़्र के साथ कह सकता हूं कि मैं देशभक्त हूं. मैंने अपनी आलमारी में तिरंगा लगा रखा है, जिसे रोज़ देखता हूं और गर्व महसूस करता हूं. अक्सर हम कहते हैं कि देश ने हमारे लिए क्या किया… यह होना चाहिए… ऐसा करना चाहिए… आदि. जबकि मैं अब्राह्म लिंकन के इस विचार का समर्थक हूं कि आप यह न देखें कि देश ने आपके लिए क्या किया, बल्कि ये सोचें कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं. हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि हमें भी देश के लिए बहुत कुछ करने की ज़रूरत है.

दीया मिर्ज़ा
हमें स्वतंत्रता के साथ-साथ अपनी ज़िम्मेदारियों को भी समझना होगा. यदि आप अपने मूल अधिकारों और कर्त्तव्य को अच्छी तरह से जानते-समझते हैं, देश के ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में उन सब का पालन करते हैं, तभी सही मायने में आप आज़ादी का लुत्फ़ उठा सकते हैं.

मनोज बाजपेयी
मेरे लिए आज़ादी के यही मायने हैं कि मैं कहीं भी आ-जा सकता हूं. स्वतंत्र रूप से अपने विचार रख सकता हूं. अपनी पसंद का काम कर सकता हूं. लेकिन आज़ादी के साथ ही विविध लोगों व परिवेश के साथ तालमेल बैठाना, अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी को समझना भी ज़रूरी है.

नाना पाटेकर
हमने तो कुछ भी नहीं किया. जो भी किया, हमारे पूर्वजों ने किया और हमें आज़ादी दिलाई. अब यह हमारा फ़र्ज़ है कि हम उसे सहेजें और आगे बढ़ें. यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम अपने आसपास क्या हो रहा है, उसे देखें, समझें और अपनी राय रखें और कुछ काम करें. फिर चाहे वो आतंकवाद हो या किसानों द्वारा आत्महत्या करना. इन मुद्दों के बारे में हम कितना जानते हैं और क्या कर सकते हैं, वो सब हमें सोचना और करना चाहिए.

 

रिचा चड्ढा
भारतीय लड़कियों के लिए आज़ादी से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात तो यही हो सकती है कि उन्हें जन्म लेने की आज़ादी मिले यानी उसे दुनिया में आने की पूरी आज़ादी हो. लड़का-लड़की का भेदभाव न हो. इसके बाद उसके लिए उचित शिक्षा, करियर, सही जीवनसाथी को चुनने का अधिकार आदि की स्वतंत्रता सिलसिलेवार आती है. यूं तो हम विकास की दिशा में ख़ूब आगे बढ़ रहे हैं, पर महिलाओं के मौलिक अधिकार की आज़ादी के साथ भी पूरा-पूरा न्याय होना चाहिए.

सैफ अली ख़ान
हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दुनिया में हर देश आज़ाद नहीं है, इसलिए हमें अपनी स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए. मैं हमेशा गर्व महसूस करता हूं कि मैं इतने बड़े लोकतांत्रिक देश का नागरिक हूं. हमें आज़ादी के साथ-साथ एक-दूसरे के धर्म का भी सम्मान करना चाहिए. आज हमें ख़ुद को धर्म, राज्य से ऊपर उठकर एक भारतीय के रूप में गर्वित होने व देखने की ज़रूरत भी है.

कमल हासन
कई बार लोकतंत्र को केवल बोलने की आज़ादी के मंच के तौर पर पेश किया जाता है. यह चलता रहता है, लेकिन इसके संरक्षण के लिए सतत निगरानी भी ज़रूरी है. हम बोलने की आज़ादी को हल्के से नहीं ले सकते. भारत ही नहीं, पूरी दुनिया बदलाव के दौर से गुज़र रही है. मुझे अपने देश पर फख़्र है. मैं चाहता हूं कि भारत दुनिया के सामने एक मिसाल बनकर उभरे.

सचिन तेंदुलकर
मुझे अपने देश पर नाज़ है. आज़ाद जीवन जीना हर दिल को सुकून देता है. मैं अपने बच्चों को अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ जीवन जीने की स्वतंत्रता देना चाहता हूं, मेरे पिता ने भी मुझे मेरा पसंदीदा खेल खेलने की आज़ादी दी थी, जो बिना किसी उम्मीद के थी. मैं अपने बच्चों को ज़िंदगी में जो भी वो बनना चाहते हैं, उसकी पूरी आज़ादी देना चाहता हूं. मेरा काम उन्हें रास्ता दिखाना, साथ और प्रोत्साहन देना रहेगा.

 

देशभक्ति की बेहतरीन फिल्में

शहीद (1965): देशभक्ति व स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित मनोज कुमार अभिनीत इस फिल्म की कहानी शहीद भगत सिंह के साथी बटुकेश्‍वर दत्त ने लिखी थी. इसके गीत शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के थे.
आनंदमठ: साल 1952 की यह फिल्म बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास पर आधारित थी. इसमें 18वीं शताब्दी में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ संन्यासी क्रांतिकारियों द्वारा लड़ी गई लड़ाई दिखाई गई है. इसका वंदे मातरम्… गाना आज भी सुपरहिट है.
बॉर्डर: भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध पर आधारित यह फिल्म अपने दमदार संवाद, मधुर गीत-संगीत के कारण ज़बर्दस्त हिट रही थी.
गांधी: इसमें बेन किंग्सले अभिनीत गांधी की भूमिका को हर किसी ने सराहा था. यह साल 1982 की यादगार फिल्मों में से एक थी. मोहनदास करमचंद गांधी की जीवन की बारीक़ियों को निर्देशक रिचर्ड एटनबरो ने बख़ूबी उकेरा था.
हक़ीक़त: सन् 1964 में लद्दाख में भारत-चीन युद्ध के समय सैनिकों के संघर्ष का जीवंत चित्रण इस फिल्म में किया गया था. इसके गीत सुनकर आज भी देशभक्ति का जज़्बा जाग जाता है.
इसके अलावा उपकार, द लीजेंड ऑफ भगत सिंह, लक्ष्य, मंगल पांडे- द राइज़िंग, चिट्टागोंग भी उल्लेखनीय फिल्मों में से थीं.

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देशप्रेम से जुड़े लाजवाब संवाद

* हमारा हिंदुस्तान ज़िंदाबाद था, ज़िंदाबाद है और ज़िंदाबाद रहेगा… (गदर- एक प्रेम कथा)

* आप नमक का हक़ अदा कीजिए… मैं मिट्टी का हक़ अदा करता हूं… (द लीजेंड ऑफ भगत सिंह)

* मेरे देश के लिए मेरा जज़्बा मेरी वर्दी में नहीं… मेरे रगों में दौड़ रहा है… (पुकार)

* रिलिजनवाले कॉलम में इंडियन लिखता हूं… (रुस्तम)

* अब भी जिसका ख़ून न खौला, वो ख़ून नहीं पानी है.. जो देश के काम ना आए, वो बेकार जवानी है… (रंग दे बसंती)

* अपने यहां की मिट्टी की ख़ुशबू है ना… वो तो अजनबी लोगों की सांसों में भी संस्कार भर देती है… (पूरब और पश्‍चिम)

* मुझे स्टेट्स के नाम न सुनाई देते हैं, न दिखाई देते हैं.. स़िर्फ एक मुल्क का नाम सुनाई देता है… इंडिया. (चक दे इंडिया)

– ऊषा गुप्ता
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क्या आप भी 8, 17 और 26 को जन्मे हैं, तो आपका रूलिंग नंबर है- 8 (Numerology No 8: Personality And Characteristics)

Numerology No 8: Personality And Characteristics

Numerology No 8: Personality And Characteristics

जिन लोगों का जन्म 8, 17 और 26 तारीख़ को होता है, उन्हें नंबर 8 रूल करता है, जिसे हम उनका रूलिंग नंबर या बर्थ नंबर कह सकते हैं. इसका सीधा-सा कैल्कुलेशन है- आपकी डेट ऑफ बर्थ यानी जन्म तारीख़ के अंकों को जोड़ लें और उससे जो नंबर आता है, वो आपका रूलिंग नंबर कहलाता है. आज हम बात करेंगे नंबर ऐट यानी आठ नंबरवालों की. हम उनके स्वभाव, करियर, लव लाइव और पर्सनैलिटी के बारे में जानने की कोशिश करेंगे.

स्वभाव- ख़ुशमिजाज़, मिलनसार व ज़िंदादिल स्वभाव के होते हैं. हर किसी से जल्दी ही घुलमिल जाते हैं. इमोशनल होते हैं. मदद करने में तत्पर रहना इनका स्वाभाविक गुण व स्वभाव होता है.

करियर- अपने काम के प्रति ईमानदार होते हैं. हर काम को प्लानिंग के साथ करते हैं. इनमें अच्छे लेखक, कलाकार, कवि और चित्रकार होने की प्रतिभा होती है. हर बात को गंभीरता से सोचते हैं, इसलिए ज़िंदगी में कामयाब रहते हैं. साथ ही जो भी संकल्प लेते हैं, उसे पूरा करके ही रहते हैं. अधिक समय तक किसी के अधीन कार्य नहीं कर सकते. इन्हें प्रतिकूल परिस्थितियों से बख़ूबी लड़ना आता है.

पसंद, झुकाव व शौक़- सोशल वर्क करना पसंद है. समाज और अध्यात्म के प्रति अधिक झुकाव होता है. संगीत पसंद है. खाने-पीने के शौक़ीन होते हैं. परिवार का साथ पसंद है. उनकी सुविधाओं का ख़्याल रखते हैं.

पर्सनैलिटी- स्मार्ट पर्सनैलिटी के होते हैं. इनमें मनोबल व आध्यात्मिक शक्ति अधिक होती हैं. दूसरों की भावनाओं की कद्र करते हैं. इनमें तर्कशक्ति व कल्पनाशक्ति ग़जब की होती है. साहसी, दानी व महत्वांकाक्षी होते हैं. लेकिन अक्सर अपनी ज़िद और ईगो के कारण अपना काफ़ी नुक़सान भी कर लेते हैं.

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लकी डे- शनिवार
लकी नंबर- 2, 5, 9
लकी कलर- ब्लैक, ब्लू, पर्पल, डार्क ब्राउन, रेड
लकी स्टोन- नीलम और ब्लैक मोती

लव लाइफ- रोमांटिक स्वभाव के होते हैं. सरल व मीठे स्वभाव के कारण हर कोई इनसे प्रभावित होता है. प्यार के प्रति ईमानदार होते हैं. बचपन से ही प्यार के प्रति अधिक झुकाव होता है. परिवार और पार्टनर का बहुत ख़्याल रखते हैं. पार्टनर की हर छोटी-छोटी बात को महत्व देते हैं.

इसमें कोई दो राय नहीं कि 8 तारीख़वाले लोग मेहनती, गंभीर व प्रेम संबंधों के प्रति वफ़ादार होते हैं.

किस नंबरवाले होंगे आपके बेस्ट लाइफ पार्टनर-
रूलिंग नंबर 8 वालों के लिए- 1, 2, 4, 5, 6, 7, 8, 9.

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पुरुष- ज़िद्दी स्वभाव के होते हैं. सच्चाई पसंद करते हैं. दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, पर ख़र्चीले भी होते हैं. ख़ुद पर नियंत्रण होता है.

महिलाएं- संवेदनशील होती हैं. रिश्तों के प्रति ईमानदार होती हैं. अकेले रहना अधिक पसंद करती हैं. बातूनी होती हैं. ख़ुद दुखी होने पर भी सभी को ख़ुश देखना चाहती हैं.

सेलिब्रिटीज़- आशा भोसले, शिल्पा शेट्टी, सौरव गांगुली, सचिन, मधुर भंडारकर, मेनका गांधी, रोजर फेडरर, मदर टेरेसा, बेंजामिन फ्रैंकलिन, जॉर्ज बनार्ड शॉ, एलिजाबेथ टेलर.

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फादर्स डे पर विशेष- पापा कहते हैं… (Father’s Day Special- B-Town Celebs ‘Love Messages’ For Their Fathers)

फादर्स डे
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पिता- एक आधार, विश्‍वास, आदर्श, प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शक, बेस्ट फ्रेंड, सुपर हीरो… हर शख़्स के दिल में अपने पिता के लिए जाने कितनी ही तरह की भावनाएं बहती रहती हैं. फिल्मी सितारे भी इससे अछूते नहीं हैं. देखें, अपने पिता के बारे में क्या कहते हैं कलाकार.

 

मिस यू…
मेरे पिता एक हैंडसम पठान थे. तमाम ख़ूबियों के बावजूद वे सादगीभरा जीवन जीने में विश्‍वास करते थे. वे मुझसे व मेरी बहन से दोस्ताना व्यवहार करते थे. बड़े-बुज़ुर्ग को मान-सम्मान देना, कड़वी बातों को भूल जाना व हालात कैसे भी हों, सच का दामन नहीं छोड़ना, ये हमने उनसे ही सीखा है. मैंने बहुत पहले उन्हें खो दिया था. आज भी उन्हें मिस करता हूं. फादर्स डे पर अपने पिता के बारे में सोचकर काफ़ी दुखी हूं कि वे आज हमारे बीच नहीं हैं, पर अपने बच्चों के बारे में सोचकर काफ़ी ख़ुश हूं कि उन्हें उतना भरपूर प्यार दे पा रहा हूं, जितना मेरे वालिद मुझे दिया करते थे.

– शाहरुख ख़ान

मेरे पापा मेरे हीरो…
सभी को फादर्स डे मुबारक हो! मेरे पापा मेरे हीरो रहे हैं. मेरी ज़िंदगी में उनकी जो जगह रही है, उसे न कोई ले सकता है और न ही कोई उनकी कमी को पूरा कर सकता है. उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा, समझा व जाना है. वे मेरे सबसे अच्छे दोस्त भी थे. थैंक यू पापा.

– प्रियंका चोपड़ा

पापा पर हमें नाज़ है…
मेरे डैडी ऊपर से जितने मज़बूत दिखते हैं, अंदर से उतने ही नरम दिल इंसान हैं. मुझे इस बात की बेहद ख़ुशी होती है, जब लोग कहते हैं कि मैं अपने डैडी की तरह हूं. मेरा यह मानना है कि यदि मैं अपने डैडी की तरह पचास प्रतिशत भी हूं, तो मैं सफल अभिनेता हूं. डैडी को मेरा अभिनय इतना अच्छा लगता है कि यदि कोई मेरी आलोचना कर दे, तो नाराज़ हो जाते हैं.

– सनी देओल

जीने का नज़रिया डैड से सीखा…
मेरे डैड के ही कारण मैं यह समझ सका कि ज़िंदगी में आगे बढ़ना, सफल होना आसान नहीं होता, इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. डैड अपने काम के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हैं व उनमें धैर्य भी बहुत है. मैंने सही मायने में ज़िंदगी जीने का नज़रिया अपने डैड से ही सीखा है. मैं चाहता हूं कि मैं भी उनकी तरह एक नेक दिल इंसान बनूं.

– रितिक रोशन

उनके ख़्वाब को पूरा कर सका…
मैं आज जो कुछ भी हूं, उसमें मेरी मेहनत के अलावा मेरी मां-पापा की दुआएं भी शामिल हैं. मेरे पापा हमेशा कहते थे कि एक दिन मैं उनका नाम ज़रूर रोशन करूंगा. मुझे इस बात की ख़ुशी है कि इसमें मैं कुछ हद तक सफल रहा और उनके ख़्वाब को पूरा कर सका. पापा ने हमेशा ही मुझे सीख दी कि कामयाबी की बुलंदियों को छूना है, तो हमेशा सिंपल रहो यानी सफलता का गुरूर ख़ुद पर न होने दो.

– शाहिद कपूर

उनकी बेटियां सदा उनके पास रहें…
हर पिता की तरह मेरे पापा भी मेरी शादी नहीं करना चाहते हैं. पापा नहीं चाहते कि मैं और मेरी बहन शाहीन उन्हें छोड़कर कहीं जाएं. वे बहुत ही भावुक क़िस्म के इंसान हैं. वे तो हमारी शादी भी नहीं करना चाहते. उनकी बस यही चाहत है कि उनकी बेटियां सदा उनके पास रहें.

आलिया भट्ट

ख़ुद को सौभाग्यशाली मानता हूं…
पापा को अपने जीवन में पाकर मैं ख़ुद को बेहद सौभाग्यशाली मानता हूं. उन्होंने हमेशा ही न स़िर्फ मेरा मार्गदर्शन किया, बल्कि जीवन से जुड़ी खट्ठी-मीठी सच्चाइयों के बारे में बताया. उनकी ईमानदारी मुझे छूती है. वे कभी भी दिखावा नहीं करते. जब उन्होंने बर्फी देखी थी, तो उन्हें मेरा काम व फिल्म अच्छी लगी, पर उनका कहना था कि मैं आर्ट टाइप की फिल्में न करूं, क्योंकि वो सिनेमा थोड़ा अलग होता है. मैं उनकी सलाह का सम्मान करता हूं. वे बॉम्बे वेल्वेट में मेरे काम से ख़ुश हैं, जो मुझे और भी बेहतरीन करने के लिए प्रेरित करता है.

– रणबीर कपूर

भरपूर प्यार-प्रोत्साहन मिला…
मेरे पिता नंबर वन हैं. उन्होंने हम सभी के लिए अपनी ज़िंदगी में अब तक जो कुछ भी किया है, उसका कोई मोल नहीं है. उन्होंने हमेशा ही मेरा हौसला बढ़ाया है. मैंने अपने पिता को अपना आइडियल मानते हुए ही स्टंट हीरो के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी. जितना प्यार और प्रोत्साहन मुझे अपने डैडी से मिला, उतना किसी से नहीं मिला. मुझे उन पर गर्व है.

– अजय देवगन

मैं भी उनकी तरह सुपरस्टार बनूं…
डैडी मुझे बेहद प्यार करते हैं. मेरी मुस्कुराहट व ख़ुशी के लिए न जाने कितने जतन करते हैं. डैडी का इतना प्यार देखकर मुझे लगता है कि दुनिया की सारी ख़ुशियां उनके क़दमों में लाकर रख दूं. मैं चाहता हूं कि मैं भी उनकी तरह ही सुपरस्टार बनूं, ताकि उन्हें भी मुझ पर वैसे ही गर्व हो, जैसे मुझे उन पर होता है.

– अभिषेक बच्चन

पिता को याद करता हूं, तो सुकून मिलता है…
मेरी ज़िंदगी में मेरे माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं रहा, इसलिए मैंने हमेशा वही किया, जिससे उन्हें दिली ख़ुशी मिले. मेरे पिता हमेशा
चाहते थे कि मैं एक सफल अभिनेता बनूं, क्योंकि उन्होंने मुझे फिल्मों के लिए भटकते व ख़ूब संघर्ष करते हुए देखा था. लेकिन हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते रहते थे और कहते थे कि मैं एक दिन ज़रूर कामयाब कलाकार बनूंगा. उनकी दुआओं का ही असर था कि मुझे न स़िर्फ फिल्में मिलीं, बल्कि सफल भी रहीं.

– गोविंदा

डैडी को हमेशा मुस्कुराते देखा…
अपने डैडी पर मुझे गर्व है. मैंने उनसे ही सीखा है कि यदि इरादे बुलंद हों, तो रास्ते अपने आप बनते जाते हैं. बस, आपमें कुछ कर दिखाने का जज़्बा होना चाहिए. संघर्ष के दौर में भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी व इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई. हालात चाहे जैसे भी रहे हों, मैंने उन्हें हमेशा मुस्कुराते हुए देखा. अपने पिता की तरह मैं भी कुछ ऐसा ही करना चाहता हूं.

– विवेक ओबेरॉय

पापा को मुझ पर फ़ख़्र महसूस हो…
मेरी हमेशा यह ख़्वाहिश रहती थी कि मैं कुछ ऐसा कर दिखाऊं, जिससे मेरे पापा को मुझ पर फ़ख़्र महसूस हो. वे सख़्त स्वभाव के ज़रूर थे, पर उनका दिल बहुत कोमल था. वे जानते थे कि मैं कामयाब बन सकता हूं, पर वे चाहते थे कि मैं अपने बलबूते पर कुछ बनकर दिखाऊं. इसलिए मानसिक तौर पर भले ही उन्होंने मेरा साथ दिया, पर हीरो बनने के लिए मेहनत व संघर्ष मुझे ही करना पड़ा, लेकिन उनके इस नज़रिए ने मुझे हमेशा ही प्रभावित व प्रेरित किया.

– आमिर ख़ान

आई लव यू पापा…
मेरे पिता मेरे हीरो हैं. उनके जैसा कोई नहीं है. मुझे उनकी बेटी होने पर गर्व है. आई लव यू पापा.

– सोनम

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अमिताभ बच्चन- परिवार को जोड़े रखती हैं बेटियां…
बेटियां पिता की कमज़ोरी होती हैं व हमेशा रहेंगी. परिवार में बेटी के होने का आनंद उठाएं. बेटियां बहुत ख़ास होती हैं और वे परिवार को जोड़े रखने में भी मदद करती हैं. वे घर की आत्मा बन जाती हैं. वे उस प्यार, स्नेह व अपनेपन से हम सभी को अपना बना लेती हैं. वे विश्‍लेषण करती हैं, हिदायत देती हैं, रक्षा करती हैं, नियम बनाती हैं व उस नाज़ुक धागे को आगे बढ़ाती हैं, जो पूरे परिवार को एक साथ बांधे रखता है. वे सलाहकार हैं, ख़्याल हैं, पथ-प्रदर्शक हैं, वाक़ई में वे सर्वोच्च हैं.

– ऊषा गुप्ता

मदर्स डे स्पेशल- सेलिब्रिटी मदर्स के मदरहुड एक्सपीरियंस (Mother’s Day Special- Celebrity Mother’s And Motherhood Experience)

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वक़्त के साथ औरत की ज़िंदगी में ही नहीं, उसके मदरहुड के एक्सपीरियंस में भी बदलाव आया है. आज की ग्लोबल इंडियन वुमन फैमिली, मदरहुड, करियर, सोशल लाइफ के साथ-साथ अपनी ख़ूबसूरती, फिटनेस, हेल्थ को भी बहुत स्मार्टली मैनेज करती है. हम सबकी चहेती बॉलीवुड मदर्स किस तरह सेलिब्रेट करती हैं मदरहुड? आइए, जानते हैं.

 

रवीना टंडन- बच्चों की परवरिश सबसे ज़रूरी काम है…

मुझे आज भी याद है, जब मेरे बेटे का पहला दांत निकला था, तो हम दोनों इतने ख़ुश हुए थे कि हमारा बस चलता, तो उसके मुंह में कैमरा डालकर उसके दांत की फोटो खींच लेते. उस समय मुझे यह ख़्याल आया कि यदि मैं शूटिंग कर रही होती, तो इतना ख़ास पल कैसे देख पाती? वर्किंग मदर्स के लिए यही वक़्त मुश्किल भरा होता है, इसलिए मेरा मानना है कि बहुत ज़्यादा मजबूरी न हो, तो घर पर रहकर बच्चे की सही परवरिश को ही महत्व देना चाहिए.

माधुरी दीक्षित- बच्चों से मराठी में बात करती हूं…

मैं अपने दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने जाती हूं, उन्हें साथ बिठाकर होमवर्क करवाती हूं, वो सारे काम करती हूं, जो एक आम मां अपने बच्चों के लिए करती है. मैंने अपने बच्चों को गायत्री मंत्र सिखाया है और घर में मैैं उनसे मराठी में ही बात करती हूं. आज जब मैं अभिनय की दुनिया में लड़कियों को आगे बढ़ते देखती हूं, तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. लड़कियों के मामले में अब लोगों की सोच बदल रही है. मुझे आज भी याद है, जब मैंने फ़िल्मों में काम करने का मन बनाया, तो उस व़क़्त मेरे परिवारवाले (ख़ासतौर पर मेरे ननिहालवाले) इस बात के लिए राज़ी नहीं थे.

काजोल- मेरे बच्चे मुझे स्ट्रेस फ्री कर देते हैं…

मां बनने के बाद मेरी पूरी शख़्सियत ही बदल गई. पहले मुझे ग़ुस्सा बहुत आता था, पर अब मैंने अपने ग़ुस्से पर क़ाबू करना सीख लिया है. अब मैं वैसी नहीं रही, जैसी अपने करियर के शुरुआती दौर में थी. अब मैं चीज़ों को लाइटली लेने लगी हूं और कोई टेंशन हो भी, तो बच्चों के पास आकर सब छूमंतर हो जाता है. अब मेरे लिए तनाव दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम है अपने बच्चों के साथ व़क़्त गुज़ारना. जब भी मैं उनके साथ होती हूं, तो वो मुझे पूरी तरह डीस्ट्रेस कर देते हैं.
वैसे तो मेरा फेवरेट हॉलीडे डेस्टिनेशन है लंदन, पर मां बनने के बाद ज़िंदगी में बहुत कुछ बदल गया है. अब मैं अपने बच्चों की पसंद के अनुसार ही हॉलीडे डेस्टिनेशन तय करती हूं. लंदन में बच्चों के साथ जाना थोड़ा मुश्किल है, इसलिए अब मैं डिज़नीलैंड व थीम पार्क में जाती हूं. वैसे भी अब मैं चाहे गोवा में रहूं, स्विट्ज़रलैंड में या फिर अपने बेडरूम में, यदि मेरे बच्चे मेरे साथ हैं, तो वही मेरी पसंदीदा जगह बन जाती है.

करिश्मा कपूर- हर औरत को मां बनना चाहिए…

मां बनना मेरा बेस्ट एक्सपीरियंस है. मुझे लगता है कि हर औरत को मां बनना चाहिए. किसी भी इंसान को दुनिया में लाने का काम केवल मां ही कर सकती है और यह बहुत ही स्पेशल होता है. अपने बच्चे के साथ समय बिताने और उसके सारे काम करने से अच्छा अनुभव और कुछ नहीं है.

सोनाली बेंद्रे- पैरेंटिंग टफ जॉब नहीं है…

अक्सर लोग कहते हैं कि आजकल के बच्चों की परवरिश बहुत मुश्किल हो गई है, उन्हें बहुत ज़्यादा एक्सपोज़र मिल रहा है, लेकिन ऐसा हर जनरेशन के साथ होता है. हमारे दादा-दादी, नाना-नानी भी हमारे बारे में यही सोचते थे. ये बदलाव हमेशा से होता रहा है, इसलिए मैं इस बात से घबराती नहीं. हां, बच्चों को किस समय कितना एक्सपोज़र मिलना चाहिए, इस पर पैरेंट्स को ध्यान देना ज़रूरी है.
हम लोगों को चीज़ें मिलती ही नहीं थीं, लेकिन आज के बच्चों को मटीरियलिस्टिक चीज़ें ही नहीं, नॉलेज भी ज़्यादा मिल रहा है और ये इंफॉर्मेशन उन्हें जितनी आसानी से मिल रही है, उतनी ही तेज़ी से वे उसे पिकअप भी कर रहे हैं. ऐसे में पैरेंट्स को लगातार अपने बच्चे पर ध्यान देना चाहिए.

जूही चावला- वक़्त के साथ बदली है पैरेंटिंग स्टाइल…

आजकल के पैरेंट्स अपने बच्चों के साथ बहुत ज़्यादा इंवॉल्व रहते हैं. उनका बच्चा क्या पढ़ता है? कैसे पढ़ता है? इन सारी बातों की जानकारी उन्हें रहती है. यदि मैं अपने बचपन की बात करूं, तो मुझे नहीं लगता कि मेरी मां को इस बात से कोई मतलब था? लेकिन आज समय के साथ पैरेंटिंग स्टाइल में भी बदलाव आया है. आज के पैरेंट्स काफ़ी प्रोटेक्टिव हो गए हैं. अपने बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने के लिए मैं भी बात-बात में उन्हें नसीहत देती हूं, मैं अपने बच्चों के साथ ज़्यादा से ज़्यादा समय रहती हूं, ताकि मेरे बच्चों का बचपन मुझसे छूट न जाए. मैं उनसे जुड़ा एक भी पल मिस नहीं करना चाहती.

नीतू कपूर- बच्चों की कामयाबी से बड़ी ख़ुशी कोई नहीं…

अपने बच्चों को आगे बढ़ते देखने की ख़ुशी को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है. हर माता-पिता को इस दिन का इंतज़ार रहता है. ऋषि और मुझे भी बच्चों को सफल होते देखकर संतुष्टि मिलती है. सच बताऊं तो मेरे बच्चों ने मेरे सारे अरमान पूरे कर दिए. रिद्धिमा ने फैशन डिज़ाइनिंग को करियर के लिए चुना और जहां तक रणबीर का सवाल है, तो हमें बचपन से ही पता था कि वो स्टार बननेवाला है. उसे फिल्म और ऐक्टिंग का बचपन से ही शौक़ था. ऋषि ने रणबीर की पहली फिल्म ‘सांवरिया’ देखते समय एक सीन पर खड़े होकर ताली बजाते हुए कहा था कि मेरा बेटा अच्छा ऐक्टर है. वह मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा दिन था.

मलाइका अरोड़ा- औरत हर रिश्ते को अच्छी तरह मैनेज करती है…

मैं नहीं समझ पाती कि लोगों को ऐसा क्यों लगता है कि ग्लैमर वर्ल्ड और परिवार में संतुलन नहीं बन सकता? काम, काम है, फिर चाहे वो किसी भी फील्ड से जुड़ा हो. मेरा मानना है कि ईश्‍वर ने औरत को मैनेजमेंट स्किल तोह़फे के रूप में दी है, इसलिए वो हर काम, हर रिश्ते को अच्छी तरह मैनेज कर लेती है, मदरहुड को भी.

श्‍वेता तिवारी- मैं अपने बच्चों को बेस्ट लाइफ देना चाहती हूं…

मेरे बचपन की यादें बहुत सुखद नहीं हैं. मैं एक मिडल क्लास, बल्कि लोअर मिडल क्लास फैमिली में पली-बढ़ी हूं. मेरे माता-पिता दोनों काम करते थे. बहुत छोटी उम्र से ही मैं ये महसूस करने लगी थी कि मां को घर और हमारी पढ़ाई का ख़र्च उठाने में बहुत मुश्किल होती है, इसलिए सातवीं क्लास से मैंने भी काम करना शुरू कर दिया. मैंने टयूशन लेने से लेकर डोर टु डोर सेल्स गर्ल का काम भी किया है. मैं छुट्टियों में इतना काम कर लेती थी कि मेरी पढ़ाई का ख़र्च निकल जाए. मुझे अपने बचपन से कोई शिकायत नहीं, लेकिन मैंने हमेशा यही कोशिश की है कि मेरी तरह मेरे बच्चों का बचपन न बीते. मैं उनकी हर ज़रूरत का पूरा ख़्याल रखती हूं.

स्मृति ईरानी- मातृत्व कामयाबी के आड़े नहीं आता…

मैं भारत के टेलीविज़न इतिहास में पहली महिला हूं, जिसने नौ महीने की प्रेग्नेंसी में टीवी पर एक टॉक शो किया. ज़्यादातर टॉक शोज़ में एंकर को ग्लैमरस रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मेरे साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. मुझे ख़ुशी है कि उस वक़्त भी लोगों ने मुझे नहीं, बल्कि मेरे काम को देखा और उसकी तारीफ़ भी की. उस वक़्त ख़ुद पर ज़रूर फ़ख़्र हुआ कि मेरी प्रेग्नेंसी मेरे लिए किसी भी तरह से रुकावट नहीं बनी. ज़्यादातर वर्किंग वुमन से पूछा जाता है कि वो घर और करियर के बीच तालमेल कैसे बिठाती हैं? मुझे हैरानी होती है कि ये सवाल पुरुषों से क्यों नहीं पूछा जाता. इसका मतलब तो यही हुआ ना कि समाज मानता है कि पुरुष घर पर काम नहीं करता.

गौरी ख़ान- घर में स्टारडम जैसी कोई बात नहीं होती…

हमारे घर का माहौल बहुत ही कैजुअल है. हम अपने बच्चों की परवरिश वैसे ही कर रहे हैं जैसे आम घरों में होती है. जिस तरह सभी पैरेंट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छे इंसान बनें, हम भी ऐसा ही चाहते हैं और इसके लिए कोशिश करते रहते हैं. शाहरुख़ जब भी काम से लौटते हैं, तो बच्चों के साथ ही अपना पूरा टाइम बिताते हैं. सच कहूं तो शाहरुख़ से अच्छा लाइफपार्टनर और फादर कोई हो ही नहीं सकता.

– कमला बडोनी

मदर्स डे स्पेशल- मां सदा दिल के क़रीब रहती है… (Mother’s Day Special)

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मां, ज़िंदगी जीने का हौसला देती है… मां, बच्चों की ख़ुशी के लिए अपनी ख़ुशी त्याग देती है… मां धरती पर ईश्‍वर का प्रतिरूप है. मां के प्रेम, त्याग, समर्पण, सहनशीलता और ताक़त को हम शब्दों में बांध नहीं सकते. लेकिन मां के प्रति सेलिब्रिटीज़ की भावनाओं को शब्दों में पिरोने की एक छोटी-सी कोशिश ज़रूर की है हमने.
शाहरुख ख़ान

मेरी मां ने अपनी प्यारी भाव-भंगिमाओं द्वारा मुझे एक्टिंग करना सिखाया था, लेकिन सबसे अहम् रहा उनका सिखाया ज़िंदगी का फ़लसफ़ा, जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता. उन्होंने मुझे समझाया कि जीवन में कुछ भी परमानेंट नहीं है, इसलिए आज जो भी तुम्हारे पास है, उसे एंजॉय करो. आज वे नहीं हैं, पर मुझे हमेशा यूं लगता है कि वे यहीं मेरे बेहद क़रीब हैं. यह भी सच है कि वे मेरे आसपास हैं और मेरा हमेशा ख़्याल रखती हैं, वरना आज जो कुछ भी मैं हूं, उस मुक़ाम तक कभी नहीं पहुंच पाता. वे मेरी ख़्वाहिशों को पूरा करने में मेरे और भगवान के बीच एसटीडी फोन की तरह माध्यम रहीं, क्योंकि मेरे जीवन में ऐसा कुछ भी नहीं रहा, जिसे मैंने चाहा और मुझे न मिला. जब कभी मैं बहुत ख़ुश होता हूं, तो रोता हूं, क्योंकि मैं अपनी ख़ुशियां अपनी मां के साथ बांट जो नहीं सकता.

ऐश्‍वर्या राय बच्चन

मेरी मां मेरी ज़िंदगी, मेरे अस्तित्व की केंद्रबिंदु रही है. मैं जब कभी दुखी और परेशान हुई, उन्होंने मुझे संभाला और ज़िंदगी के प्रति मेरी सोच व नज़रिए को बदलने में भी मदद की. उन्होंने हमेशा ही मुझ पर अटूट विश्‍वास किया. मां ने मेरे टैलेंट को न केवल समझा-जाना, बल्कि उसे डेवलप करने के गुर भी सिखाए.

रणबीर कपूर

मेरे जीवन में मां ही ऐसी शख़्स हैं, जो मुझसे जुड़ी और होनेवाली हर बात को बख़ूबी जानती और समझती हैं. हम बरसों से मॉम की देखरेख में अनुशासन में रहे हैं. मज़ाक ही सही, पर मेरा तो यह मानना है कि यदि देश की कमान मॉम को दे दी जाए, तो जिस डेवलपमेंट में हमने बरसों लगा दिए, वे उन्हें कुछ सालों में करके दिखा देंगी. मॉम ने पूरे कपूर परिवार को अपने प्यार की डोर में बांधे रखा है. उन्होंने हमें अनुशासन से जीने और व़क्त पर भोजन और सभी कामों को करने की सीख बचपन से दी. उन्होंने कभी भी हमें सेलिब्रिटी के बच्चे होने का एहसास नहीं करवाया. वे ब्यूटीफुल हार्ट, ब्रेन और पर्सनैलिटी का ख़ूबसूरत संगम हैं.

प्रियंका चोपड़ा

चाहे मेरे जीवन में करियर को संवारने की बात हो या पर्सनल लाइफ में कुछ करने की. मां का मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहा. मॉडलिंग, फिल्मी करियर, सिंगिंग यानी मैंने जीवन में जो कुछ किया, मां की सही और तर्कपूर्ण सलाह हमेशा मेरे विज़न को क्लीयर करती रहती थी. मॉडलिंग व एक्टिंग में मां की वजह से ही मैं कुछ बन पाई और क़ामयाब रही. मेरा तो यह मानना है कि मां हमारे लिए ईश्‍वर की अनमोल सौग़ात है.

रितिक रोशन

मैं अपनी मां की महानता और कुछ भी कर गुज़रने की क्षमता व साहस से बेहद प्रभावित हूं. वे मेरे जीवन में उन लोगों में से एक हैं, जिन्होंने मुझे नारी के संघर्ष और महत्व को समझने में मदद की.

कटरीना कैफ़

मैं अपनी क़ामयाबी को मेरी मां द्वारा किए गए अच्छे कार्यों के प्रतिफल के रूप में देखती हूं. आज मैं जिस मुक़ाम पर हूं, उसमें उनकी मेहनत व हिम्मत का काफ़ी योगदान रहा है. मां ने मुझे जो संस्कार दिए, वे भले ही इंडियन कल्चर के अनुरूप न हों, पर उन्होंने जो कुछ सिखाया है, वो यहां भी मेरी क़ामयाबी में मददगार रहा है. मेरे ख़्याल से मां की सीख ग्लोबल होती है. आप कहीं भी चले जाएं, आपकी हिफ़ाज़त करती है. मैं अपनी मां को लेकर प्राउड फील करती हूं. उन्होंने मुझे स्ट्रॉन्ग बनाया और ऐसी परवरिश दी, जिसके बलबूते मैंने विदेश से यहां आकर ख़ुद की मेहनत-लगन से अपना एक अलग मुक़ाम बनाया.

सलमान ख़ान

मां का ख़्याल आते ही मैं एक सुकून और मह़फूज़ ख़याल से भर उठता हूं. मां का साथ और उनकी ममता मेरे मन को शांति और राहत का एहसास कराती है. मैं अपनी मां का शुक्रगुज़ार हूं, जिन्होंने मुझे अच्छे संस्कार और मानवीय मूल्यों की कद्र करना सिखाया. हम मां की तुलना किसी से नहीं कर सकते. मां दुनिया में सबसे अलग और अनमोल है, इस एहसास को हर कोई जीता है.

सोनम कपूर

मेरे अभिनय और काम को लेकर मॉम हमेशा प्रेरित करती रहती हैं. मां का नाम सुनते ही एक ऐसी स्ट्रॉन्ग व इंडिपेंडेंड हाउसवाइफ मेरी नज़रों के सामने आ जाती है, जिसने अपना करियर अपने बच्चों को बड़ा करने व फैमिली को मज़बूत करने में बनाया. मां का यह इन्वेस्टमेंट था, जिसका रिटर्न अनमोल है. मैं उन्हें बेस्ट करियर वुमन मानती हूं. उन्होंने घर को घर बनाया और हमें बेहतर इंसान बनाने में अपनी पूरी एनर्जी लगा दी.

जॉन अब्राहम

मेरी मॉम बेहद इमोशनल और प्यारी हैं. उन्होंने बचपन से लेकर आज तक मुझे कई ऐसी बातों के बारे में बताया और समझाया, जो आगे चलकर मेरे लिए क़ामयाबी की वजह बनी. वैसे मैं कभी भी अपनी मां के लिए उनका होनहार व आज्ञाकारी बेटा जैसा नहीं बन पाया. हमारे बीच कई बातों को लेकर प्यारभरी तकरार होती रहती है. हम किसी बात को लेकर बहुत बहस भी करते हैं. वैसे मॉम की कुकिंग का मैं फैन हूं. उनकी बनाई टेस्टी करेले की सब्ज़ी और बैंगन का भरता शायद ही कोई बना सके. मेरी मॉम इतनी भावुक हैं कि मेरी फिल्म आई, यू और मैं व मद्रास कैफे को देख वे बहुत रोईं. मॉम का प्यार भरा भावुक मन अक्सर मेरे दिल को छू जाता है.

सोनाक्षी सिन्हा

मेरी मां मेरी प्रशंसक होने के साथ-साथ मेरी सबसे बड़ी आलोचक भी रही हैं. मेरे काम के प्रति अच्छी-बुरी सभी बातों से जुड़ी उनकी सलाह को मैं पूरी गंभीरता के साथ लेती हूं, क्योंकि मैं यह अच्छी तरह से जानती हूं कि वे ही ऐसी शख़्स हैं, जो हमेशा मेरी भलाई के बारे में सोचती हैं.

अर्जुन रामपाल

मैं अपनी मां को दुनियाभर की सैर कराना चाहता हूं, क्योंकि उन्हें ट्रैवेल करना पसंद है. मैं उन्हें अक्सर कहता हूं कि यदि मेरा अगला जन्म हुआ, तो मैं उनकी कोख से ही पैदा होना चाहूंगा. वे दुनिया की सबसे ब्यूटीफुल और बेस्ट मॉम हैं.

सोहा अली ख़ान

अम्मी ने हम तीनों भाई-बहनों की परवरिश बहुत लाड़-प्यार से की है. वे हमेशा ही समय के साथ चलती रही हैं. उनके संपर्क में जो भी आता है, प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता. मैंने उनसे ज़िंदगी का ऐसा फ़लसफ़ा सीखा है, जो ज़िंदगी में किसी भी ग्रूमिंग स्कूल या एक्टिंग स्कूल में नहीं सिखाया जाता. मां एक कंप्लीट स्कूल हैं.

अभिषेक बच्चन

मैं मां के रिश्ते को शब्दों में बयां नहीं कर सकता. बहुत सारी ऐसी बातें हैं, जिन्हें मैं मां के सहारे ही सुलझा पाया हूं. मां ने मेरे व्यक्तित्व में हमारी संस्कृति व परंपराओं को कुछ इस तरह बुना है कि मैं कुछ ग़लत करूं, इससे पहले ही मेरी आत्मा मुझे ऐसा करने से रोक देती है. मैं मां को हमेशा ख़ुश देखने की ख़्वाहिश रखता हूं.

विवियान डिसेना

मेरी मां ने अब तक मेरे लिए जो कुछ भी किया है, उन सभी के लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगा. ख़ास ‘मदर्स डे’ पर मैं उन्हें इस बात का एहसास करना चाहता हूं कि व़क्त बीतने के साथ-साथ वे मेरे और भी क़रीब हो गई हैं. मैं उनके प्यार और समर्पण का हमेशा कर्ज़दार रहूंगा. मेरी मां के सहयोग और विश्‍वास के कारण ही आज मैं अभिनय के क्षेत्र में हूं. उनका हमेशा ही मुझ पर अटूट विश्‍वास रहा है, जो मुझे ख़ुशी और संतुष्टि का एहसास कराता है.

दीपिका सैमसन

दुनियाभर में मां प्यार, ख़ुशी और ममता का प्रतिरूप है. परिवार को जोड़ने और आपसी रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने का आधार हैं मां. बचपन से आज तक मैंने ऐसा बहुत कुछ देखा है, जब मेरी मां ने बिना किसी शिकायत के हमारी ख़ुशियों और भलाई के लिए बहुत कुछ किया है. मां अपने सभी बच्चों को हमेशा ख़ुश देखना चाहती हैं और हम उनकी इस भावना और समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद भी नहीं कह सकते, क्योंकि मां की ममता अनमोल है. सीरियल में मां का रोल निभाते हुए ही मुझे इस बात का भी एहसास हुआ कि मां का अपने बच्चे के साथ कितना मज़बूत व प्यारा बंधन होता है और उसके लिए वो कितनी स्पेशल भी रहती है. मैं तो यही दुआ करती हूं कि दुनिया की सभी मांओं को उनके हिस्से की सारी ख़ुशियां मिलें.

सिद्धार्थ शुक्ला

मेरी मां ने मेरी हर परेशानी और कठिन परिस्थितियों में मेरा साथ दिया है. ऐसे में जब मेरे अपने मुझे ममाज़ बॉय कहते हैं, तो मैं बुरा नहीं मानता. बल्कि मेरी मां ने जो कुछ मेरे लिए किया है, उन सबके बारे में सोचता हूं, तो उनके प्रति गर्व महसूस करता हूं. ‘मदर्स डे’ पर मैं दुनियाभर की सभी मांओं को ‘हैप्पी मदर्स डे’ कहते हुए अपनी शुभकामनाएं देता हूं.

अविका गौर

हम बच्चे जो कुछ भी चाहते हैं, उसे मां एक सहेली, मार्गदर्शक, रक्षक के रूप में पूरा करती रहती हैं. वो हमारी ज़िंदगी को संवारने के लिए कई बार अपनी ज़िंदगी के साथ भी जाने कितने समझौते करती चली जाती हैं. मां के प्यार, त्याग और स्नेह का कोई मोल नहीं है.

– ऊषा गुप्ता

April Fool’s Day- जब अप्रैल फूल बने सितारे… (When Bollywood Stars Got Pranked On April Fool’s Day)

Film April Fool 2

अप्रैल की पहली तारीख़ यानी मूर्ख बनाने का सुनहरा अवसर. इसमें फिल्मी सितारे भी ख़ूब फूल बनते रहे हैं. आइए, कुछ ऐसे ही दिलचस्प वाक्ये के बारे में जानते हैं.

 

अमिताभ के नाम पर अप्रैल फूल बनाया

एक बार अजय देवगन ने एक मशहूर पीआर को मैसेज करके अमिताभ बच्चन के घर पर पहुंचने के लिए कहा. उस पीआर ने इस बात को गंभीरता से लेते हुए अमितजी के घर पर सुबह-सुबह पहुंच गया. अमितजी के पूछने पर कहने लगा कि आपने ही तो मैसेज करके बुलाया है. अमितजी ताज्जुब में पड़ गए कि भला मैंने कब बुलाया. लेकिन जब काफ़ी पूछताछ की गई तब पता चला कि यह बदमाशी अजय देवगन की थी. दरअसल, अजय देवगन के पास एक सॉफ्टवेयर था, जिससे वे किसी के नंबर से किसी को भी मैसेज कर सकते थे. इसी का फ़ायदा उठाकर उन्होंने अमिताभ और पीआर दोनों को ही अप्रैल फूल बना डाला.

 

विद्या ने खाया मुक्का

हुआ यूं कि किसी ने फर्स्ट अप्रैल के दिन विद्या बालन को एक तोहफ़ा भेजा. उन्होंने बड़ी ख़ुशी के साथ उस तोह़फे को खोला, तो अंदर से
स्प्रिंगवाला एक पंचिंग बैग निकला और साथ में एक ज़ोरदार मुक्का उनके मुंह पर लगा. एक पल के लिए वे स्तब्ध रह गईं. बाद में उनकी समझ में आया कि किसी ने उन्हें बेव़कूफ़ बनाया.

 

जब शाहरुख बने बेव़कूफ़

कुछ साल पहले शाहरुख ख़ान की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस पहली अप्रैल को ही थी. इत्तेफ़ाक़ से वे उस दिन देरी से आए. जब वे वहां पर पहुंचे, तब सभी मीडिया के लोग, ख़ासकर
पत्रकार तबका उन्हें बॉयकॉट करके जाने लगा. शाहरुख बेहद हैरान-परेशान हो गए. उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि वे क्या करें और उनसे ऐसी क्या ग़लती हो गई कि सभी मीडियावाले प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर जा रहे हैं. बाद में सभी पत्रकार हंसने-मुस्कुराने लगे, तो उन्हें समझ में आया कि वे बेव़कूफ़ बन गए हैं. इसी वाक्ये से शाहरुख ने यह क़बूल किया कि पत्रकारों से बेहतर कोई और मूर्ख नहीं बना सकता.

आलिया हुई गंजी

पहली अप्रैल को किसी ने यह अफ़वाह उड़ा दी कि आलिया भट्ट अपनी एक फिल्म के लिए बाल्ट यानी गंजी होनेवाली हैं. यह ख़बर इस कदर आग की तरह फैली कि सच जानने के लिए आलिया को लगातार फोन आने लगे. मज़ेदार बात यह थी कि आलिया ख़ुद इससे अनजान थीं कि उन्हें ऐसा कोई रोल मिला है. दिनभर वे सभी को जवाब देते-देते परेशान हो गईं. बाद में पता चला कि किसी ने उन्हें अप्रैल फूल बनाया.

 

सोनाक्षी की शैतानियां

एक बार सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी एक टीचर को और अपने बेस्ट फ्रेंड को जिसका टीचर पर क्रश था, बेव़कूफ़ बनाकर लंच पर इन्वाइट किया. फिर वहां पर वे भी अपनी पूरी गैंग के साथ पहुंची. उसके बाद सभी ने मिलकर उन दोनों की जो हजामत की कि पूछो मत. सोनाक्षी आज भी अपने इन शैतानियों को याद करके हंस पड़ती हैं.

 

करीना के प्रेग्नेंट होने की अफ़वाह

कुछ सालों पहले एक मशहूर वेबसाइट ने यह ख़बर फैला दी थी कि करीना कपूर तीन महीने की प्रेग्नेंट है. यह ख़बर सोशल मीडिया पर इस कदर वायरल हुई कि करीना ने जो फिल्में साइन की थीं उनके प्रोड्यूसर्स ने उन्हें लगातार फोन करके, पूछताछ करके परेशान कर डाला. और फिर अगले दिन उस वेबसाइट ने सफ़ाई दी कि यह ख़बर अप्रैल फूल के लिए थी.

 

जब सनी लियोन बनी फूल

अप्रैल फूल का शिकार तो सनी लियोन भी हो चुकी हैं. फर्स्ट अप्रैल को उन्हें किसी ने फोन किया और कहा की एक मशहूर फिल्ममेकर उन्हें अपनी फिल्म में लेना चाहते हैं और कहानी पर डिसकस करने के लिए उन्हें ताज लैंड होटल (मुंबई) में बुलाया है. सनी बताए गए समय पर वहां पहुंची, पर वहां पर कोई भी नहीं आया. काफ़ी इंतज़ार करने के बाद जब उन्होंने फोन करके जानने की कोशिश की, तो पता चला कि वे तो अप्रैल फूल बन चुकी हैं.

– ऊषा गुप्ता

वैलेंटाइन स्पेशल- प्यार का फ़लसफ़ा… (Valentine Special- Celebrities define ‘Their version of love’)

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प्यार को शब्दों में नहीं बांधा जा सकता, ना ही कोई ख़ास दिन मुकर्रर किया जा सकता है. फिर भी मोहब्बत करनेवालों के लिए वैलेंटाइन डे ख़ास महत्व रखता है, जहां प्यार के इज़हार का ख़ुमार सिर चढ़कर बोलता है. फिल्मों ने तो इसे ख़ास मुक़ाम दिया है, फिर चाहे वो ′दिल तो पागल है’ हो या ‘बागबां’… उम्र की सीमा को दरकिनार कर प्यार को नया आयाम दिया गया. जब हमने फिल्मी सितारों से प्यार के बारे में जानना चाहा, तो हर किसी ने प्यार का अलग-अलग रूप और फ़लसफ़ा बयां किया. किसी के लिए प्यार ज़िंदगी है, तो किसी के लिए ताउम्र की कसक. आइए, प्यार के कई रंग, कई रूप से रू-ब-रू होते हैं.

 

शाहरुख ख़ान
मुझे इस बात की बेहद ख़ुशी है कि मेरे जीवन में गौरी (पत्नी) का प्यार और साथ है. गौरी की ईमानदारी और मुझे लेकर प्राउड फील करना दिल को छू जाता है. गौरी मेरे नाम-शोहरत और अचीवमेंट्स की वजह से मुझसे प्यार नहीं करती, बल्कि मैं उसे ख़ुश रखता हूं और हंसाता रहता हूं, ये सब बातें उसे मेरे क़रीब लाती हैं. वो मेरे जीवन के कई पॉज़ीटिव बदलाव की वजह रही है. उसने मुझे सलीके से रहना यानी कह सकते हैं कि ढंग से जीना सिखाया और मेरे जीवन में स्थिरता लाई है. वो मुझे डिप्लोमैटिक होने के बारे में भी बताती रहती है. एक-दूसरे की यही सब छोटी-छोटी बातें, ख़्याल रखना, ख़ुश रखना हमारी प्यार भरी दुनिया को ख़ूबसूरत बनाता है.
दीपिका पदुकोण
मैं पुराने स्कूल के दिनों के प्यार में विश्‍वास करती हूं, जो मैंने अपने पैरेंट्स और परिवार में फलते-फूलते और बढ़ते हुए देखा है. फिल्मों में और अपने क़िरदारों में मैं चाहे जैसे रहूं, पर व्यक्तिगत तौर पर मैं बहुत ट्रेडिशनल हूं. यही भावनाएं प्यार को लेकर भी हैं. प्यार के कारण ही हम बहुत कुछ सीखते और समझते हैं. जाने-अनजाने में प्यार हमें ज़िंदगी के कई फ़लस़फे सिखा जाता है.

 

आमिर ख़ान
प्रेम जब होने लगता है, तो आप ख़ुद में बदलाव महसूस करने लगते हैं. जब कभी अपने अतीत के पन्ने पलटता हूं, तो प्यार के अपने सभी पड़ावों को याद कर इमोशनल हो जाता हूं. टीनएज में जब मैं 12 साल का था, तब मैं अपने से बड़ी उम्र की लड़की से प्यार कर बैठा था. उस लड़की ने मुझसे सवाल किया था कि मैं प्यार के बारे में कितना जानता हूं. उसके बाद जब 14 साल का हुआ, तब फिर वही सुनने को मिला. लेकिन जब रीना (पहली पत्नी) से मिला और बात आगे बढ़ी, तब सही तौर पर प्रेम मैं समझ पाया. यह भी सच है कि प्यार जीवन के किसी भी दौर में हो सकता है. मोहब्बत एक सहज और बिन कहे अपने आप हो जानेवाली प्रक्रिया है. प्रेम को परिभाषित करना या फिर इसे शब्दों में बांधना बहुत ही मुश्किल है.
करीना कपूर
मेरी हमेशा से ही एक अच्छी और प्यारभरी ज़िंदगी की ख़्वाहिश रही, जिसे सैफ ने बख़ूबी पूरा किया. वे एक ख़ुशमिज़ाज प्रेमी ही नहीं, बल्कि ज़िम्मेदार और समझदार पति भी हैं. चाहे फिल्मी करियर हो या घर- उन्होंने हमेशा मुझे सपोर्ट किया. उनका यही प्यार मुझे उनके और भी क़रीब ले आता है.

 

अक्षय कुमार
प्यार सही मायने में ज़िंदगी है. इसके बिना क्या जीना…? और ज़िंदगी एक ऐसा सफ़र है, जिसको जीते हुए हम हर दौर से गुज़रते हैं, मगर ख़ुश रहकर और हंसते रहना सही मायने में ज़िंदगी है.

 

विद्या बालन
जब आप किसी से प्यार करते हैं, तो आपको उसकी हर बात अच्छी लगने लगती है. सिद्धार्थ (पति) के साथ दोस्ती हुई, फिर दोस्ती कब प्यार में बदल गई पता ही नहीं चला. मुझे बेहद ख़ुशी होती है यह देखकर कि मुझसे ज़्यादा उन्हें मेरी ख़ुशियों का ख़्याल रहता है. मैंने अपने क़रीब के कई शादीशुदा बहुत ही प्यार करनेवाले लोगों को देखा है, जब सिद्धार्थ को ऐसा करते देखती हूं, तो उन पर बहुत प्यार आता है. यह हमारा प्यार ही तो है, जो हम कितना भी बिज़ी शेड्यूल हो, एक-दूसरे के साथ व़क्त गुज़ारने के लिए समय निकाल ही लेते हैं.

 

रितिक रोशन
मैं अपनी ज़िंदगी में किसी एक शख़्स से पूरी ज़िंदगी प्यार करनेवाले कॉन्सेप्ट में विश्‍वास रखता हूं. मैं ख़ुद को एक इनक्योरेबल रोमांटिक इंसान समझता हूं. मेरा यह भी मानना है कि छोटी-छोटी बातें प्यार और रिश्ते में बड़ा अंतर पैदा कर देती हैं. फिर भी मेरा यह मानना है कि प्यार एक जुनून है, हद तक ग़ुजर जाने का जज़्बा है.

 

सोनम कपूर
हर इंसान के दिल में प्यार की चाहत तो होती ही है. मुझे नहीं लगता कि आपको केवल एक बार ही प्यार होता है. मैंने देखा है कि कितने ही लोगों को कई बार और ज़िंदगी के अलग-अलग पड़ाव पर प्यार हुआ है. इसलिए प्यार हो जाने का कोई फिक्स फॉर्मूला नहीं है. फ़िलहाल मेरी प्रेम कहानी तो सफल हुई नहीं है और मैं अकेली हूं. लेकिन इतना तो तय है कि प्यार हर किसी को होता है.

 

रणबीर कपूर
व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए प्यार बहुत ख़ास और ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्सा है. यूं तो ज़िंदगी में बहुत सारी आम बातें होती रहती हैं, लेकिन प्यार उन सब में सबसे जुदा यानी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी है. प्यार को लेकर मेरे कई सपने हैं और मैंने बहुत कुछ सोचा भी है, साथ ही मुझे उम्मीद है कि मैं इसे पाकर रहूंगा.

 

प्रियंका चोपड़ा
मैं प्यार में बेहद विश्‍वास करती हूं. मेरी नज़र में प्यार निःस्वार्थ और पाक़ होता है. वैसे प्यार के मामले में सही निर्णय दिल ही लेता है. जब दो लोग एक-दूसरे का ख़्याल रखते हैं, तब वे मिलकर हमेशा एक सही निर्णय लेते हैं. एक तरह से देखें, तो मेरे नज़रिए से प्यार पूरी तरह से सामंजस्य और समझौते की नींव पर टिका होता है.

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शाहिद कपूर
मैं तो बस इतना जानता हूं कि प्यार दिल से होता है. जब कोई किसी के प्यार में दीवानगी की हद से गुज़रने लगता है, तो उसके लिए दूसरी सभी बातें बेमानी-सी हो जाती हैं. प्यार एक नशा और बेताबी भी है. मैंने महसूस किया है कि जब हम प्यार में होते हैं, तब हम पूरी तरह अपने प्यार की ख़ुमारी में गुम रहते हैं. हर बात को लेकर बेहद जज़्बाती हो जाते हैं. हर पल मिलने की बेचैनी और बेकरारी रहती है. पर प्यार अपने प्योर फार्म में पूरी तरह से दिल से होना चाहिए.

रानी मुखर्जी
मैं तो सोचती हूं कि प्यार पल भर में हो जानेवाली एक ख़ूबसूरत घटना है. इसमें इतनी ताक़त होती है कि एक-दूसरे का साथ ज़िंदगीभर निभाने का एहसास होने लगता है और यही इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत है. वैसे मैं पहली नज़र में प्यार वाली बात पर यक़ीन नहीं करती. क्योंकि पहली नज़र में तो आप किसी पुरुष की तरफ़ आकर्षित भर होते हो. प्यार तो समय और बार-बार साथ की चाह रखता है. साथ व़क्त बिताने से ही तो प्यार पनपता, फलता-फूलता और बढ़ता है. तभी हम समझ पाते हैं कि एक-दूसरे से हम कितना प्यार करते हैं.
इमरान ख़ान
ज़िंदगी जीने के लिए प्यार बेहद ज़रूरी है. मैं और अवंतिका (पत्नी) बारह साल से एक साथ हैं. मैं उन पर बहुत डिपेंड रहता हूं. प्यार में हर एक का रिलेशनशिप अलग होता है. दो लोगों के रिश्ते की बात किसी तीसरे व्यक्ति की समझ में नहीं आएगी. इसलिए आप किसी को सलाह भी नहीं दे सकते कि उसे रिलेशनशिप मेंटेन करने के लिए क्या करना चाहिए. ये आपको ख़ुद समझना पड़ता है. प्यार से जुड़ी भावनाएं और सोच हर किसी की अलग-अलग होती हैं.

 

सोहा अली ख़ान
मैं और कुणाल एक-दूसरे को लेकर बहुत पज़ेसिव हैं. वैसे भी प्यार में पज़ेसिवनेस तो रहता ही है. आप अपने प्यार को किसी के साथ बांट नहीं सकते. कुणाल को फिल्मों में मेरा दूसरे कलाकारों के साथ रोमांटिक सीन बिल्कुल भी पसंद नहीं. उसे ऐसा देखकर बहुत ग़ुस्सा आता है. वो नहीं चाहता कि कोई और मेरे इतने क़रीब आए. यही हाल मेरा भी है, जब मैं कुणाल को दूसरी हीरोइन्स के साथ लव सीन करते देखती हूं. दरअसल, प्यार में आप इस कदर पज़ेसिव हो ही जाते हैं, लेकिन प्रोफेशन और कहानी की डिमांड के कारण ऐसे सीन हमें करने पड़ते हैं.
समीर कोचर
प्यार एक दोस्ती है. मेरे लिए वो साथ होने का एहसास है. प्यार दिल से होता है, चाहे वो दोस्त हो, पत्नी हो या परिवार. किसी से दिल से प्यार करना ज़िंदगी में एक इंसान को और भी अच्छा बनाता है. प्यार एक ऐसी पवित्र भावना है, जिसे हर इंसान को महसूस करना चाहिए. ज़िंदगी में प्यार ही है, जो एक इंसान को दूसरे इंसान से जोड़ता है.

 

प्राची देसाई
प्यार मेरे लिए भावनाओं का समंदर है. हां, मैं किसी को प्यार करती हूं, पर इस बारे में इतना ही कहूंगी कि कुछ चीज़ें बहुत व्यक्तिगत होनी चाहिए. मेरा सोचना था कि मैं मिस्ट्री बनी रहूं, पर मैं यह भी नहीं चाहती कि कोई मुझे बोरिंग समझे. मैं प्यार-हार्टब्रेक इन सबसे गुज़री हूं. मेरा दिल कई बार टूटा है और जब ऐसा होता है, तो मैं ख़ूब सारी चॉकलेट्स खाती हूं. इमोशनल शोज़ देखती हूं. मेरे दोस्त मुझे ज़बरदस्ती बाहर घूमने-फिरने के लिए ले जाते हैं. फिर भी चाहे जो हो, प्यार होना एक लवली फीलिंग है, जिसे हर किसी को जीना चाहिए.

 

सुशांत सिंह राजपूत
मेरे ख़्याल से आप रिलेशनशिप में रहें या ना रहें, आपमें इतना कॉन्फिडेंस होना चाहिए कि आप अपने प्यार को क़बूल कर सकें और उसके बारे में कह सकें. यदि कोई ऐसा नहीं करता या छुपाता है, तो बेहतर होगा कि आप प्यार ही न करें.

 

शरमन जोशी
यदि आप अपने साथी के साथ दोस्त की तरह रहते हैं, तो प्यार कभी ख़त्म नहीं होता. मैं और प्रेरणा (पत्नी) एक-दूसरे को बरसों से जानते हैं. बच्चे हुए काफ़ी व़क्त बीता, पर एक-दूसरे के लिए हमारे प्यार में कोई बदलाव नहीं आया है, क्योंकि हम एक दोस्त की तरह रहे हैं यानी आप कह सकते हैं कि प्यार दोस्ती है.

 

रेखा
मैं किसी को प्यार करती हूं, मुझे इसके अलावा और किसी बात से मतलब कभी नहीं रहा. हम सभी के जीवन में प्यार काफ़ी मायने रखता है. इस एहसास में इतनी ख़ुमारी रहती है कि कोई अपना पूरा जीवन अपने प्यार पर कुर्बान कर सकता है. आप किसी को चाहते हैं और कोई आपको, यह एहसास आपके जीने का सबब बन जाता है. और हां, प्यार में पाना ही सब कुछ नहीं होता. प्यार करने और उसे जी लेने की ख़ुशी ही आपकी ज़िंदगी में असीम तृप्ति और संतुष्टि ला देती है. मेरे लिए प्यार, अनकहे, अनजाने जज़्बातों से भरा वो समंदर है, जिसके लिए कभी-कभी पूरी ज़िंदगी भी कम पड़ जाती है.
– ऊषा गुप्ता

जानें फिल्म स्टार्स के फिटनेस सीक्रेट्स(Fitness secret of film stars)

Fitness secret of bollywood film stars

फिल्मी सितारों की ख़ूबसूरत  बॉडी, स्टाइल और फिटनेस के सभी दीवाने हाते हैं, हर कोई उनके फिटनेस का राज़ जानना चाहता है. तो आइए, जानते हैं कुछ फिल्म स्टार्स के फिटनेस सीक्रेट्स.

शिल्पा शेट्टी

Fitness secret of bollywood film stars

ऐसी बात नहीं है कि मैं रोज़ जिम जाती हूं, लेकिन हफ़्ते में तीन दिन जिम ज़रूर जाती हूं, वह भी अपनी फिगर के लिए नहीं, बल्कि फिट रहने के लिए जाती हूं. हां, मैं रोज़ाना घर पर ही दो घंटे नियमित रूप से योगा करती हूं. भले ही जिम तीन दिन की जगह हो दिन ही जाऊं, पर योगा मैं हर रोज़ नियम के साथ करती हूं और यही मेरे फिट होने का राज़ है.

कैटरीना कैफ

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मैं अपने डायट को लेकर बहुत कॉन्शियस हूं. इसके अलावा रेग्युलर जिम जाती हूं. मेरा फिटनेस मंत्र है- राइट डायट ऑन राइट टाइम, क्योंकि यदि आप समय पर भोजन नहीं करते, तो इसका असर आपके हेल्थ, फिटनेस और मूड सब पर पड़ता है. योग मेरी लाइफ में बहुत इम्पॉर्टेट है. मैं रेग्युलर और डिसिप्लिन के साथ योग अभ्यास करती हूं. मेरे वर्कआउट में जिम, वेट ट्रेनिंग व योग शामिल है. मैं लक्विड यानी जूस, सूप, शरबत आदि अधिक लेती हूं, जिससे रिफ्रेश व फिट महसूस करती हूं.

मलाइका अरोड़ा ख़ान

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फिट रहने के लिए मैं हफ़्ते में कम से कम तीन दिन डेढ़ घंटा जिम में ज़रूर बिताती हूं. जिम में मैं अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज़ करती हूं, ताकि बॉडी के हर हिस्से की एक्सरसाइज़ हो जाए व हेल्दी डायट ही लेती हूं.
सोनम कपूर
मैंने अपनी फिटनेस के लिए बहुत कुछ किया है. आपको सुनकर ताज्जुब होगा कि फिल्मों में आने से पहले मैं बहुत मोटी थी. उस समय मेरा वज़न 86 किलो से भी अधिक था. लेकिन अब मैं फिट हूं और इसका क्रेडिट मैं बैलेंस्ड फूड, ख़ूब पानी पीने व नियमित रूप से एक्सरसाइज़ को देती हूं.

बिपाशा बसु

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मैं फिटनेस के लिए कुछ एक्स्ट्रा नहीं करती. मैं तो किसी भी तरह के खाने-पीने से परहेज़ नहीं करती. जो भी अच्छा लगता है उसे खाती हूं. लेकिन मैं लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल अधिक करती हूं. नियमित योग करती हूं. हफ़्ते में चार दिन एक्सरसाइज़ भी करती हूं. किसी की भी फिटनेस पचास प्रतिशत डायट व पचास प्रतिशत एक्सरसाइज़ कर निर्भर करती है.

इन मेल स्टार्स की फिटनेस के भी हैं लोग दीवाने

अक्षय कुमार

मैं फिटनेस के लिए सुबह के रूटीन वर्क को अधिक महत्व देता हूं. मेरे दिन की शुरुआत गर्म नींबू पानी से होती है. उसके बाद धीमे कार्डियो से शुरुआत करता हूं, ताकि शरीर तुरंत फैट जलने के मोड़ पर जा सके. सुुबह आपका पेट क्लीन होना भी ज़रूरी है, ताकि आपका मेटाबॉलिज़्म बढ़ सके. अपनी बॉडी को फिट व स्टैमिना को बनाए रखने के लिए मैं वॉकिंग भी बहुत करता हूं. इसके अलावा हफ़्ते में तीन बार बास्केट बॉल खेलता हूं और दौड़ता भी हूं.

 

रितिक रोशन

मैं हफ़्ते में चार बार कार्डियो व ऐब्स की ट्रेनिंग लेता हूं. सुबह ब्रेकफास्ट के बाद 20 मिनट कार्डियो एक्सरसाइज़ करता हूं. शाम को शूटिंग से आने के बाद भी ऐसा ही करता हूं. साथ ही फिट रहने के लिए स्विमिंग, रनिंग व अन्य कई प्रकार की कार्डियोवैस्कुलर मशीनों का इस्तेमाल करता हूं.

रणबीर कपूर

मैं अपने ट्रेनर के कहने के अनुसार, हफ़्ते में कम से कम छह दिन जिम में 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियो एक्सरसाइज़ करता हूं. मैं
अलग-अलग दिन बॉडी के अलग-अलग हिस्सों, जैसे- चेस्ट व बैक, शोल्डर, लेग्स, बाइसेप्स पर अधिक ध्यान देता हूं. मेरे कार्डियो एक्सरसाइज़ में क्रन्चेज़ व पुशअप्स शामिल हैं.

जॉन अब्राहम

मैं हमेशा कहता हूं कि हेल्दी जीवन एक टेबल स्टैंड की तरह है, जिसमें अच्छी रेग्युलर
एक्सरसाइज़, अच्छी नींद व अच्छा खाना शामिल है. इनके बिना आप हेल्दी लाइफ की कल्पना नहीं कर सकते. अपने ऐब्स के लिए मैं
कार्डियोवैस्कुलर व वेट लिफ्टिंग ट्रेनिंग लेता हूं. मैं रेग्युलर रूप से दिन में दो से तीन घंटे तक एक्सरसाइज़ करता हूं.

– ऊषा गुप्ता