Tag Archives: Film

अक्षय कुमार ने पूरी की गोल्ड की शूटिंग, शेयर किया वीडियो ( Akshay Kumar wraps up Gold with a somersault. Watch video)

Akshay Kumar wraps up Gold

रीमा कागती की आगामी फिल्म ‘गोल्ड’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है. अक्षय ने रविवार को अपनी एक तस्वीर साझा की जिसमें वह खुशी से कूदते नजर आ रहे हैं. तस्वीर के साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, “एक अच्छी शुरुआत से अंत भी अच्छा होता है. ‘गोल्ड’ की शूटिंग पूरी हुई. बेहतरीन टीम के साथ अविश्वसनीय यात्रा. फिल्म में आपसे मुलाकात होगी.”

आपको बता दें कि ‘गोल्ड’ रीमा कागती द्वारा निर्देशित है. ‘गोल्ड’ लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री मॉनी रॉय की पहली बॉलीवुड फिल्म है. इसमें अमित साध काम कर रहे हैं.यह फिल्म वर्ष 1948 में लंदन में 14वें ओलंपिक खेलों में भारत के पहले ओलंपिक पदक जीतने के बारे में है. यह वर्ष 2018 में स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज़ होगी.

ये भी पढ़ेंः Birthday Special: 95 साल के हुए ट्रैजेडी किंग, देखें उनके 20 गानें

[amazon_link asins=’B01H762WX2,B01MTF5PIK,B073QT5KHN,B073FK3VFB’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’a7d4205e-de31-11e7-b9fa-094389b37c0e’]

सलमान वितरकों के 55 करोड़ लौटाएंगे (Salman Khan Will Pay Rs 55 Cr To The Distributors For Tube light Debacle)

बॉक्स ऑफिस में ट्यूबलाइट (Tube Light) के लुढ़कने के कारण वितरकों को हुए नुक़सान की भरपाई के लिए सलमान ख़ान ख़ुद आगे आए हैं. वे ट्यूबलाइट के वितरकों को 55 करोड़ लौटाने के लिए तैयार हो गए हैं. ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा ने टि्वट करके इस ख़बर की पुष्टि की है. उन्होंने लिखा, “ट्यूबलाइट के कारण हुए नुक़सान को पूरा करने के लिए सलमान डिस्ट्रिब्यूटर्स के पैसे वापस करने के लिए राज़ी हो गए हैं. इसे कहते हैं बीइंग ह्यूमन.”

_d98a2f1e-2577-11e7-a4a0-8e0501b9fa54

आपको बता दें कि फिल्म ने अब तक  Rs. 114.50 करोड़ की कमाई की है. लेकिन पिछले वीकएंड रिलीज़ हुई फिल्में मॉम, गेस्ट इन लंदन और हॉलीवुड फिल्म स्पाइडर-मैनः होमकमिंग बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही हैं, जिसके कारण ट्यूबलाइट का बिज़नेस और कम हो गया है.

बर्थडे स्पेशल: क्यों डैनी ने ठुकराया था गब्बर का रोल? जानिए डैनी के बारे में ऐसी ही 5 दिलचस्प बातें (Birthday Special: 5 interesting facts about Danny)

Danny Denzongpa

Danny Denzongpa

बॉलीवुड के चुनिंदा विलेन का नाम लिखा जाए और डैनी डेंग्जोंग्पा का नाम न लिया जाय, हो ही नहीं सकता. फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दुश्मन बनने वाले डैनी का अभिनय वहीं साबित हो जाता है, जब दर्शक उनको परदे पर देखकर ग़ुस्सा हो जाते हैं. एक अभिनेता होने के नाते डैनी के लिए ये बहुत बड़ी बात है. 25 फरवरी 1948 को गंगटोक में जन्में डैनी को मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं! डैनी के बर्थडे के मौ़के पर आइए, जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें.

मां के कहने पर बने ऐक्टर
अगर आपको लगता होगा कि डैनी का सपना एक एक्टर बनना था, तो आप ग़लत हैं. बचपन से ही डैनी इंडियन आर्मी की पोशाक पहनना चाहते थे. वो इंडियन आर्मी जॉइन करना चाहते थे, लेकिन मां के दिल ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. मां के मना करने पर डैनी ने फिल्म इंडस्ट्री में क़िस्मत आज़मायी और बेस्ट ऐक्टर बनकर नाम कमाया.

जया बच्चन ने दिया डैनी नाम
अगर आपको लगता होगा कि डैनी का ये नाम उनके घरवालों या दोस्तों ने रखा, तो आप ग़लत हैं. उन्हें ये नाम जया बच्चन ने दिया. पुणे के फिल्म एंड
टेलीविज़न संस्थान में दोनों ने साथ में पढ़ाई की है. उस दौरान जया ने डैनी को ये नाम दिया. असल में डैनी का ओरिज़नल नाम शेरिंग फिंस्टो डेंज़ोंग्पा है. जया ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह का नाम नहीं चलेगा. उन्हें कुछ शॉर्ट और स्वीट नाम रखना चाहिए. तब ख़ुद जया ने ही उन्हें यह नाम सुझाया.

क्यों ठुकराया था गब्बर का रोल?
फिल्म शोले के गब्बर का रोल माइलस्टोन था और अमज़द ख़ान इस एक फिल्म से वो नाम कमा गए, जो शायद ही कई फिल्में करने के बाद भी एक्टर्स नहीं कमा पातें. क्या कभी आप सोच भी सकते हैं कि गब्बर के रोल के लिए निर्देशक की पहली पसंद डैनी ही थे. कई दिन डैनी के आगे-पीछे चक्कर काटने के बाद
जब निर्देशक रमेश शिप्पी को डैनी की डेट्स नहीं मिली, तो वो अमज़द ख़ान को ये रोल ऑफर कर दिएं.

danny

बेहतरीन सिंगर और बांसुरी वादक
आपको जानकर हैरानी होगी कि परदे पर हीरोइनों के साथ छेड़खानी करने वाला, हीरो के साथ फाइटिंग करने वाला विलेन अपने रियल लाइफ में एक बेहतरीन सिंगर है. जी हां, डैनी बहुत अच्छा गाते हैं. इतना ही नहीं बेहतरीन सिंगर होने के साथ ही डैनी बहुत अच्छा फ्लूट भी बजा लेते हैं. वो एक अच्छे बांसुरी वादक हैं.

संडे के दिन नहीं करते शूटिंग
डैनी के काम करने का अपना एक उसूल है. वो काम के पीछे अपना 100 परसेंट देते हैं, लेकिन संडे का दिन वो स़िर्फ अपनी फैमिली के लिए रखते हैं. डैनी संडे के दिन कभी शूटिंग नहीं करते. ये बहुत बड़ी बात है, क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिन और समय देखकर नहीं होता. लगातार शेड्यूल चलता रहता है. ऐसे में डैनी का अपनी शर्त पर काम करना इस बात को दर्शाता है कि वो काम के साथ-साथ अपनी फैमिली को भी बहुत एहमियत देते हैं.

डैनी के 5 बेस्ट डायलॉग

अपना उसूल कहता है… अगर फ़ायदा हो,
तो झूठ को सच मान लो, दुश्मन को दोस्त बना लो.

इंसान और लक, दोनों का कोई भरोसा नहीं.

 कमज़ोर की दोस्ती ताक़तवर के वार को कम कर देती है.

पैसा होने से लक नहीं बनता है,
मगर लक होने से पैसा बनता है.

चांद पर पहुंचना हो, तो सितारों पर नहीं रुका करते,
वो तो ख़ुद गिरते रहते हैं.

– श्वेता सिंह

फिल्म रिव्यू: दमदार और पैसा वसूल फिल्म है ‘रंगून’ (Movie Review: Rangoon)

Rangoon Review

फिल्म- रंगून (Rangoon)

स्टारकास्ट- कंगना रनौत, सैफ अली खान, शाहिद कपूर.

निर्देशक- विशाल भारद्वाज

रेटिंग- 4 स्टार

Rangoon Review

विशाल भारद्वाज की फिल्में हमेशा कुछ अलग होती हैं. कहानी से लेकर किरदार सब कुछ वास्तविक लगता है. कुछ ऐसा ही रंगून के साथ भी है. एक शब्द में अगर इस फिल्म के बारे में यही कह सकते हैं कि शानदार है ये फिल्म. वॉर और प्यार पर बनी ये फिल्म कैसी है? आइए, जानते हैं.

कहानी

फिल्म की शुरुआत युद्ध के सीन्स से होती है, जो 1943 में सेट की गई है. दूसरा विश्वयुद्ध और उस दौरान भारत में चल रही आजादी की लड़ाई दोनों ही फिल्म में साथ चल रहे हैं. आज़ादी से पहले के दौर में सेट की गई इस फिल्म की कहानी तीन किरदारों जाबाज़ जुलिया (कंगना रनौत), रूसी बिलमोरिया (सैफ अली खान) और नवाब मलिक (शाहिद) के आसपास घूमती है. इन तीनों के साथ लव ट्रायंगल और युद्ध का खेल शुरू होता है. कौन जीतेगा और कौन हारेगा ये जानने के लिए आपको थिएटर तक जाना पड़ेगा.

फिल्म की यूएसपी

फिल्म की यूएसपी की अगर बात की जाए, तो कहानी से लेकर किरदार सब कुछ परफेक्ट है. जांबाज़ जुलिया यानी कंगना की ऐक्टिंग की तो जितना तारीफ़ की जाए कम है. अपने किरदार के साथ पूरा न्याय किया है कंगना ने.

सैफ अली खान और शाहिद कपूर दोनों का ही किरदार पूरी फिल्म की जान है. सैफ अली खान के कई शेड्स इस फिल्म में नज़र आएंगे, जबकि शाहिद कपूर एक आदर्शवादी सैनिक के रूप में मज़बूत लग रहे हैं.

फिल्म का निर्देशन और सिनेमैटोग्राफ़ी कमाल की है.

सबसे ख़ास बात जितना अच्छा फिल्म का पहला पार्ट है, उतना ही इंट्रेस्टिंग फिल्म का दूसरा हिस्सा भी है. इंटरवल से पहले फिल्म बिना बोर किए बड़ी तेज़ी से आगे बढ़ती है, वहीं इटरवल के बाद कहानी में छोड़ा ठहराव आ जाता है और फिल्म रोमांचक और गंभीर हो जाती है. वॉर और प्यार दोनों ही साथ-साथ चलता है.

फिल्म की सीन्स अंत तक आपको कुर्सी से उठने नहीं देंगे.

फिल्म देखने जाएं या नहीं?

साल 2017 की बेहतरीन फिल्मों में नाम शामिल होगा रंगून का. ऐसे में इस फिल्म को ना देखने का सवाल ही नहीं उठता. पैसा वसूल फिल्म है, इसलिए ज़रूर देखने जाएं ये फिल्म. इस फिल्म को देखने का अनुभव यक़ीनन शानदार होगा.

बॉलीवुड- प्रमोशन के लिए कुछ भी करेगा… (Bollywood Film promotion- Everything is fair)

FotorCreated featured
शाहरुख़ ख़ान की फिल्म रईस काफ़ी समय से सुर्ख़ियों में हैं, पहले फिल्म की पाकिस्तानी हीरोइन माहीरा ख़ान की वजह से, तो अब पब्लिसिटी के लिए ट्रेन के इस्तेमाल के कारण. शाहरुख़ ने अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए मुंबई से दिल्ली तक का सफ़र ट्रेन में किया और वो भी फिल्म रिलीज़ होने के बस एक दिन पहले. वैसे उनका ये प्रमोशन थोड़ा हिंसक भी हो गया, जब वड़ोदरा स्टेशन पर जुटी भीड़ को क़ाबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा. वैसे फिल्म प्रमोशन के लिए कुछ अलग तरीक़ा अख़्तियार करनेवाले शाहरुख़ अकेले नहीं हैं, पिछले कुछ सालों से प्रमोशन के नए-नए तरी़के इजाद किए जा रहे हैं, जिससे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंचा जा सके और फिल्ममेकिंग के साथ ही अब प्रमोशन पर भी ख़ूब ख़र्च हो रहा है. आइए, आपको बताते हैं शाहरुख़ से पहले और किन सितारों ने प्रमोशन के लिए लिया पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा?

 

FotorCreated

शाहरुख़ का स्पेशल ट्रेन कनेक्शन

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख़ ख़ान का इंडियन रेलवे से बहुत पुराना रिश्ता है. छैया-छैया गाने में ट्रेन की छत पर थिरकने से लेकर, फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में ट्रेन की गेट पर खड़े होकर सिमरन का हाथ थामने की कोशिश करते राज (शाहरुख़) ने सबका दिल जीत लिया था. फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस में दीपिका पादुकोण से उनकी मुलाक़ात भी ट्रेन में ही बहुत फनी तरी़के से हुई. शाहरुख़ की ये सभी फिल्में हिट रहीं, शायद यही वजह है कि उन्होंने अपनी नई फिल्म के प्रमोशन के लिए ट्रेन को चुना. हो सकता है रेलवे उनके लिए लकी हो. वैसे भी ट्रेन आम जनता से कनेक्ट होने का सबसे आसान ज़रिया है.

kala-chashma_640x480_41472643568

कटरीना कैफ-सिद्धार्थ मल्होत्रा

पिछले साल रिलीज़ फिल्म बार-बार देखो भले ही दर्शकों को बार-बार थिएटर तक लाने में नाकाम रही हो, मगर इसके प्रमोशन के लिए कटरीना और सिद्धार्थ ने ख़ूब मेहनत की थी. इसके प्रमोशन के लिए दोनों ने कोलकाता में ट्राम में ट्रैवल किया. इतना ही नहीं फिल्म के गाने काला चश्मा पर दोनों ने डांस किया और सह यात्रियों ने भी उनके साथ इस गाने पर ख़ूब ठुमके लगाएं. इससे पहले उन्होंने जयपुर के मेट्रो स्टेशन पर भी लोगों के साथ ठुमके लगाए.

deepika-ranbir-imtiaz-759

दीपिका पादुकोण-रणबीर कपूर

इम्तियाज़ अली की फिल्मों में भी ट्रेनों का ख़ास रोल होता है, फिर चाहे वो फिल्म जब वी मेट हो, लव आज कल या फिर तमाशा. 2015 में आई फिल्म तमाशा के प्रमोशन के लिए फिल्म की स्टार कास्ट रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण और निर्देशक इम्तियाज़ अली ने एक साथ मुंबई से दिल्ली तक का सफ़र ट्रेन से तय किया. ये बात और है कि अलग तरह से प्रमोशन के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ ख़ास कमाल नहीं दिखा पाई.

varun-dhawan-alia-bhatia-selfie_1408974521

आलिया भट्ट-वरुण धवन

प्रमोशन के मामले में बॉलीवुड की यंग जनरेशन भी किसी से कम नहीं है. क्यूट आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म हम्पटी शर्मा की दुल्हनिया को प्रमोट करने के लिए मुंबई मेट्रो पहुंच गए. तब मेट्रो नई-नई लॉन्च ही हुई थी. आलिया और वरुण ने मेट्रो की सवारी के साथ ही लोगों को एंटरनेट करने के लिए फिल्म के गाने भी गाए. इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट भी अच्छा रहा था.

8ojzhud0xsxzexx8.D.0.Vidya-Balan-travelling-in-a-BEST-bus-in-Mumbai-in-pregnant-character-get-up-to-promote-her-film-KAHAANI--1-

विद्या बालन

फिल्म कहानी 2 की दुर्गा रानी सिंह यानी विद्या बालन भी प्रमोशन के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकतीं. फिल्म कहानी में प्रेग्नेंट वुमन के गेटअप में मुंबई की बस में ट्रैवल करके और रेलवे स्टेशन पर खड़े होकर उन्होंने फिल्म को प्रमोट किया. अपनी फिल्म बॉबी जासूस के प्रमोशन के दौरान भी विद्या टैक्सी से माहिम दरगाह गईं. फिल्म कहानी 2 के लिए उन्होंने ऑटोरिक्शा की भी सवारी की.

mgpr0Ugcabhsi

प्रियंका चोपड़ा-शाहिद कपूर

2012 में आई फिल्म तेरी-मेरी कहानी के प्रमोशन के लिए भी ट्रेन का इस्तेमाल किया गया था. फिल्म के डायरेक्टर कुणाल कोहली समेत स्टार कास्ट शाहिद कपूर और प्रियंका चोपड़ा ने मुंबई की लोकल ट्रेन की यात्रा की. उस व़क्त ख़बर थी कि कुणाल कोहली ने 5 लाख में पूरी ट्रेन बुक की है. हालांकि इतनी मशक्कत और ख़र्च के बाद भी फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर फ़ायदा नहीं हुआ.

– कंचन सिंह

Film Review: काबिले तारीफ़ है ‘काबिल’ (Movie Review: Kaabil)

फिल्म- काबिल (Kaabil)
स्टारकास्ट- तिक रोशन, यामी गौतम, रोनित रॉय, रोहित रॉय
निर्देशक- संजय गुप्ता
रेटिंग- 4.5 स्टार 
Kaabil-1-3 (1)
कहानी
ये कहानी है सुप्रिया (यामी गौतम) और रोहन (ऋतिक रोशन) के प्यार की. दोनों ही देख नहीं सकते, लेकिन पहली ही मुलाकात में एक कनेक्शन महसूस करते हैं. ये कनेक्शन प्यार में बदल जाता है और दोनों शादी कर लेते हैं. ज़िंदगी अच्छी-ख़ासी चल रही होती है, लेकिन फिर दोनों की लाइफ में आता है एक भयानक मोड़. सुप्रिया का रेप हो जाता है, नेत्रहीन रोहन अपनी पत्नी को इंसाफ़ दिलाने के लिए दर-दर भटकता है, लेकिन उसके हाथ निराशा ही लगती है. प्यार करने वाला और हमेशा ख़ुश रहने वाला रोहन ख़ुद ही बदला लेने की ठान लेता है.
फिल्म की यूएसपी
ऋतिक रोशन की ऐक्टिंग फिल्म को एक अलग लेवल पर लेकर चली जाती है.
फिल्म के निर्देशक संजय गुप्ता ने फिल्म के सीन्स को जिस तरह शूट किया है, उसे देखकर आपको लगेगा कि जो कुछ भी पर्दे पर हो रहा है, वो सब कुछ सच है.
सिनेमैटोग्राफर ने अपना काम बड़े ही बेहतरीन तरीक़े से किया है.
किसकी ऐक्टिंग में था दम
ऋतिक रोशन की ऐक्टिंग शानदार है. ख़ासकर उनका एंग्री यंग मैन वाला लुक एक बार फिर साबित कर देगा कि ऋतिक इंडस्ट्री के बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं. यामी गौतम ने भी अच्छा काम किया है.
फिल्म देखने जाएं या नहीं
बिल्कुल ये फिल्म देखने जाएं. अगर आपके पास समय न भी हो, तो थोड़ा टाइम निकालें और ये फिल्म देखें, क्योंकि अच्छी फिल्में रोज़-रोज़ नहीं बनतीं. अगर आप ऋतिक के फैन हैं, तो आपकी दीवानगी और बढ़ जाएगी उनके लिए.
– प्रियंका सिंह

हैप्पी बर्थडे सुप्रिया पाठक: जानें उनकी कुछ ख़ास बातें… (Happy birthday Supriya pathak )

supriya_pathak1 (1)

  • 7 जनवरी, 1961 को जन्मीं बेहतरीन अदाकारा सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) मशहूर अभिनेत्री व थियेटर आर्टिस्ट दीना पाठक की बेटी हैं.
  • फिल्मी खानदान से ताल्लुक रखनेवाली सुप्रिया के पति पंकज कपूर एक उम्दा कलाकार हैं, तो बेटी सना कपूर ने फिल्म शानदार से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की है.
  • सुप्रिया पाठक की बहन रत्ना पाठक और जीजा नसीरूद्दीन शाह किसी परिचय के मोहताज नहीं. उनकी कला के करोड़ों कद्रदान हैं.

    supriya_1403860768 revised

  • सुप्रिया ने अपने करियर की शुरुआत 1981 में फिल्म कलयुग से की, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला.
  • उसके बाद विजेता, बाज़ार, मिर्च-मसाला, गांधी, राख और शहंशाह जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अदाकारी के जौहर दिखाए.
  • 1986 में सागर सरहदी की फिल्म अगला मौसम की शूटिंग के दौरान सुप्रिया की मुलाकात पंकज कपूर से हुई और दो साल बाद उन्होंने शादी कर ली. हांलाकि यह फिल्म कभी रिलीज़ ही नहीं हुई.

    Supriya-Pathak-husband-Pankaj-Kapoor

  • हिंदी के अलावा सुप्रिया ने फ्रेंच फिल्म द बेंगॉली नाइट में भी काम किया है.
  • कुछ सालों के ब्रेक के बाद 2005 में फिल्म सरकार से उन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर वापसी की. उसके बाद वो वेक अप सिड और गोलियों की रासलीला- राम लीला में नज़र आईं.
  • सुप्रिया ने इधर-उधर, एक महल हो सपनों का, खिचड़ी, बा बहू और बेबी जैसे टीवी सीयिल्स से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, हांलाकि खिचड़ी में निभाए उनके किरदार हंसा पारेख ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया. हंसा पारेख का अंदाज़ आज भी लोगों के दिलों में बसा है.
  • मेरी सहेली की ओर से सुप्रिया पाठक को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.

     

–  अनीता सिंह

Film Review: शुरू हो गया ‘दंगल’! धाकड़ है आमिर और उनकी छोरियां! (Movie Review: Dangal)

Dangal Review

फिल्म- दंगल

स्टारकास्ट- आमिर खान, सांक्षी तवर, फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा, ज़ायरा वसीम, सुहानी भटनागर

निर्देशक- नितेश तिवारी

रेटिंग- 4 स्टार

Dangal Review

”मेडलिस्ट पेड़ पर नहीं उगते, उन्हें बनाना पड़ता है…प्यार से, मेहनत से, लगन से….” बस कुछ इसी डायलॉग की तरह दंगल को भी बनाया गया है, प्यार से, मेहनत से और लगन से. ये मेहनत आपको पर्दे पर नज़र भी आएगी. ये फिल्म आपको पलकें झपकाने का भी मौक़ा नहीं देगी. आइए, जानते हैं कि क्यों दंगल जैसी फिल्म आपको देखनी ज़रूरी है.

कहानी

म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के? इसी कॉन्सेप्ट पर है ये फिल्म. हरियाणा के पहलवान महावीर सिंह फोगट के जीवन पर आधारित है दंगल. गोल्ड मेडल न जीत पाने का अधूरा सपना अपने बेटे में देखने वाले महावीर सिंह फोगट (आमिर खान) बेटे के इंतज़ार में चार बेटियों के पिता बन जाते हैं. उन्हें गोल्ड पाने का सपना अब धुंधला होता नज़र आने लगता है, लेकिन तभी उनकी रुकी ज़िंदगी में आता है एक बड़ा बदलाव, जब उनकी बेटियां गीता (ज़ायरा वसीम) और बबीता (सुहानी भटनागर) एक लड़के को पीट देती हैं. इसके बाद ही महावीर सिंह अपनी बेटियों को कुश्ती के गुर सिखाकर उन्हें रेसलिंग के रिंग में उतारते हैं और गोल्ड का सपना पूरा होता है.

फिल्म की यूएसपी

फिल्म की यूएसपी की बात करें, तो एक्सप्रेशन से लेकर डायलॉग्स और गानों से लेकर हर सीन तक सब कुछ परफेक्ट है. इस फिल्म से आप ख़ुद को कनेक्ट कर पाएंगे. फिल्म के कुछ सीन्स, ख़ासकर कुश्ती के कई सीन्स तो ऐसे हैं, जो कुछ सेकंड के लिए आपकी सांसें रोक देंगे.

दूसरी ख़ास बात ये है कि जिन दर्शकों को कुश्ती के दांव-पेंच और रूल्स नहीं पता हैं, उनके लिए डायरेक्टर ने फिल्म में कुछ प्वॉइंट्स क्लियर कर दिए हैं, ताकि फिल्म में दिखाई गई कुश्ती के अहम् दृश्यों को वो सही ढंग से समझ सकें.

दमदार ऐक्टिंग

हर एक किरदार फिल्म में अपनी ऐक्टिंग के साथ न्याय करता नज़र आएगा. सबसे पहले बात आमिर खान की. आमिर क्यों मिस्टर परफेक्शनिस्ट हैं इसका जवाब आपको मिलेगा इस फिल्म में. पहलवान महावीर सिंह फोगट के रोल में आमिर कमाल के लग रहे हैं. आमिर का बढ़ा हुआ वज़न देखकर और उनकी बोली सुनकर आप कुछ देर के लिए भूल जाएंगे कि ये आमिर हैं, आपको लगेगा आप वाकई हरियाणा के किसी पहलवान को देख रहे हैं.

गीता और बबीता के बचपन के रोल में ज़ायरा वसीम और सुहानी भटनागर, तो वहीं बड़े होने के बाद के रोल में फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा ने ज़बरदस्त काम किया है और अपने धाकड़ अंदाज़ से लोगों का दिल जीत लिया है.

साक्षी तंवर अच्छी ऐक्ट्रेस हैं, ये हर कोई जानता है और इस फिल्म में भी उन्होंने ये साबित कर दिया है.

क्यों देखने जाएं फिल्म?

दंगल फिल्म के लिए ये सवाल बनता ही नहीं है कि क्यों देखने जाएं फिल्म, क्योंकि इस फिल्म को देखे बगैर साल 2016 को बाय-बाय कहना सही नहीं होगा. साल 2016 की अच्छी यादों में इस फिल्म को ज़रूर शामिल करिए. दंगल न सिर्फ़ एक अच्छा मैसेज देगी, बल्कि आपकी सोच को पॉज़िटिव बना कर कभी हार न मानने का जज़्बा भी देगी.

– प्रियंका सिंह

 

मेरी सहेली एंटरटेन्मेंट ब्रेकिंग न्यूज़ (Meri Saheli Entertainment Breaking News)

1

* अनुष्का शर्मा- “शाहरुख ख़ान के साथ मेरा ख़ास रिश्ता है. मैं उनके साथ कंफर्टेबल फील करती हूं. रब ने बना दी जोड़ी, जब तक है जान के बाद उनके साथ दि रिंग में फिल्म की हैट्रिक मारकर मैं बहुत ख़ुश हूं.”
* मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने करण जौहर को माफ़ी मांगने के लिए कहा है. बकौल उनके ऐ दिल है मुश्किल में एक संवाद कि ‘मोहम्मद रफी गाते नहीं रोते थे…’ कहकर उनके पिता का अपमान किया है.
* 13 साल तक लिव इन रिलेशन में रहने के बाद कमल हासन और गौतमी ताडिमल्ला अलग हो गए हैं. अपने ब्लॉग पर गौतमी ने इस बात का खुलासा किया.
* सिकंदर खेर ने अमिताभ बच्चन की दिवाली पार्टी में जया बच्चन के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया पर दिवाली की बधाई के साथ ‘एक और भाई की मां…’ लिखकर ट्विट किया.
* रणबीर द्वारा ऐ दिल है मुश्किल में ऋषि कपूर की फिल्म चांदनी के मजेदार नकल किए जाने पर ऋषि ने भी अपने बेटे के किसी मूवी पर हाथ आज़माने का चैलेंज लिया है.
* साइंस पर बेस रजनीकांत की सुपरहिट मूवी एंथिरन के सीक्वल 2.0 में केवल एक गाना होगा, जबकि इसके एलबम में 6 गाने होंगे.
* बप्पी लाहिड़ी ने डिज्नी की एनिमेटेड एडवेंचर फिल्म मोआना में न केवल गाना गाया, बल्कि क्रैब के एक क़िरदार टमाटोआ के लिए अपनी आवाज़ भी दी.
* लीजा हेडन बिंदास चैनल के द ट्रिप शो में दिखाई देंगी. इसमें 4 सहेलियों का एक साथ सफ़र पर निकलना, उनका आपसी जुड़ाव, रिश्ते की गहराई का तानाबाना है.

 

ग्लोबल ट्रैक
* दीपिका पादुकोण की विन डीजल के साथ पहली हॉलीवुड मूवी एक्सएक्सएक्स-रिटर्न ऑफ जेंडर केज में उनके सेरेना अंगर के लुक को सभी ने ख़ूब पसंद किया, जो काफ़ी वायरल हो गया है.
* चार्ली पुथ ने अपने फैन्स से वादा किया है कि वे हर साल अपना एक अलबम ज़रूर निकालेंगे. उनके अनुसार, जब वे जर्नी में रहते हैं, तब अधिक और अच्छा म्यूज़िक क्रिएट कर पाते हैं.
* 47 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (आईएफएफआई) में एक भी पाकिस्तानी फिल्म नहीं दिखाई जाएगी. यह फिल्म फेस्टिवल गोवा में 20 से 28 नवंबर तक होगा.

– ऊषा गुप्ता

रिलीज़ से पहले हिट ‘काबिल’ व ‘ऐ दिल है मुश्किल’ (Ae Dil hai Mushkil and Kaabil wins people’s hearts before the release)

 

एंटर1एंटरटेनमेंट की दुनिया में मूवी का ही नहीं, बल्कि ट्रेलर का क्रेज़ भी दर्शकों में ही नहीं सेलिब्रिटीज़ में भी काफ़ी देखा गया है. जी हां, ‘काबिल’ के ट्रेलर और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की स्क्रीनिंग को सेलिब्रिटीज़ ने बेहद पसंद किया है.
जहां काबिल में रितिक के परफॉर्मेंस को देख अभिषेक बच्चन, अर्जुन कपूर, पूजा हेगड़े ने ट्विवट करके बधाई दी, वहीं ऐ दिल है मुश्किल को देख आलिया भट्ट, सिद्धार्थ मल्होत्रा, करिश्मा कपूर, शबाना आज़मी, जावेद अख़्तर, मनीष मल्होत्रा सभी ने बेहद सराहा और इसे सुपरहिट बताया. कह सकते हैं कि ऐ दिल की दिवाली… धमाकेदार होगी.
दिवाली पर ही अजय देवगन की ‘शिवाय’ भी रिलीज़ हो रही है. बकौल अजय हेल्दी कॉम्पटीशन हर फील्ड में होना चाहिए, फिर चाहे वो एक साथ दो बड़ी फिल्में ही क्यों न रिलीज़ हो रही हों. इससे कौन-सी मूवी बेहतर है, यह तो पता चलेगा. एक सिटिज़न के तौर पर मैं हमेशा अपनी बात बेबाक़ तरी़के से रखता रहा हूं…

‘दंगल’ ही पहचान है- रितु फोगट (Wrestling Is My Identity- Ritu Phogat)

जब सपनों को पंख लग जाते हैं, तो आसमान की ऊंचाई मायने नहीं रखती. कुछ दायरों को पार करना इतना सहज भी नहीं होता, लेकिन उनसे परे जाकर, जब सारे जहां को जीतने का जज़्बा दिल में घर कर जाता है, तो हर बंदिश को तोड़ना आसान लगने लगता है. कुछ ऐसी ही बंदिशों को तोड़कर दुनिया को अपने अस्तित्व का लोहा मनवाया है फोगट सिस्टर्स ने. महावीर सिंह फोगट ने अपनी बेटियों को दुनिया से लड़ने का हौसला दिया और उनकी बेटियों ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. यही वजह है कि महावीरजी से प्रभावित होकर कुश्ती जैसे विषय पर दंगल फिल्म बन रही है.
पहलवानी एक ऐसा क्षेत्र है, जहां मर्दों का ही दख़ल माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में गीता, बबीता, रितु, विनेश से लेकर साक्षी मलिक तक ने पहलवानी के जो दांव दिखाए हैं, उससे दुनिया स्तब्ध है. कुश्ती, पहलवानी, दंगल, महिलाओं का इसमें दख़ल… इन तमाम विषयों पर महावीर फोगट की बेटी रितु फोगट क्या कहती हैं, आइए जानते हैं-

2(2)

आपके पिताजी पर फिल्म बन रही है, क्या ख़ास व अलग महसूस कर रही हैं?
ज़ाहिर है कि अच्छा लग रहा है. हमारे पापा ने हमें बहुत हौसला दिया है. हमारे परिवार को कुश्ती को और ख़ासतौर से लड़कियों को इस क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए जो भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, उनसे गर्व महसूस होता है. इसके अलावा इस फिल्म में बाप-बेटी के रिश्ते को जिस तरह से दर्शाया जाएगा, वो भी काबिले तारीफ़ है. इससे बेटियों को काफ़ी हौसला भी मिलेगा और हमारे समाज में बेटियों के प्रति जो भी नकारात्मक सोच है, उसमें ज़रूर बदलाव आएगा. हम जैसे स्पोर्ट्स पर्सन के लिए आख़िर दंगल यानी कुश्ती ही पहचान है.

एक लड़की होने के नाते कितना मुश्किल था कुश्ती जैसे प्रोफेशन को अपनाना?
सच कहूूं तो मुझे इतनी मुश्किल नहीं हुई, क्योंकि हमारे पापा ने कोई मुश्किल आने ही नहीं दी. अगर समाज व परिवार के तानों की भी बात हो, तो उन्होंने सब कुछ ख़ुद सुना, ख़ुद झेला, ताकि हम पर कोई आंच न आए. सबसे वो ख़ुद लड़े. साथ में मेरी बड़ी बहनें भी थीं, तो उनका भी सपोर्ट था मुझे.

अगर बात करें दंगल मूवी की, तो आमिर ख़ान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहते हैं, आपके परिवार के साथ उन्होंने किस तरह समय बिताया और उनका कमिटमेंट देखकर आपको कैसा लगा?
उनसे पहली बार जब मुलाक़ात हुई, तो यह लगा ही नहीं कि हम इतने बड़े स्टार से मिल रहे हैं. बहुत ही सहज और सिंपल हैं. अपने काम के प्रति ग़ज़ब का समर्पण है उनमें. हालांकि हम तो ज़्यादा नहीं मिले उनसे, पापा के साथ ही अधिक बातचीत होती थी, लेकिन जितनी बार भी मिले, हमें उनकी सहजता ने बहुत प्रभावित किया, क्योंकि हमें वो बेहद कंफर्टेबल महसूस करवाते थे.

Capture

रेसलिंग जैसे खेल को बतौर प्रोफेशन चुनना कितना टफ होता है और कितने अनुशासन व ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है?
ट्रेनिंग व अनुशासन बहुत ही ज़रूरी है और सच कहूं, तो पापा बहुत ही स्ट्रिक्ट होते हैं ट्रेनिंग के टाइम पर. सुबह 3.30 बजे उठना, एक्सरसाइज़ और प्रैक्टिस करना इतना थका देता है कि कभी-कभी उठने की भी हिम्मत नहीं रहती. लेकिन यह ज़रूरी है, ताकि हमें अपना स्टैमिना पता रहे और हम उसे बढ़ा सकें.

डायट और फिटनेस के लिए क्या ख़ास करना पड़ता है?
डायट तो नॉर्मल ही रहती है, जैसे- दूध, बादाम, रोटी… लेकिन टूर्नामेंट वगैरह से पहले थोड़ा कंट्रोल करना पड़ता है, जिसमें ऑयली, फैटी व स्वीट्स को अवॉइड करते हैं.

अपनी हॉबीज़ के बारे में बताइए?
मुझे तो कोई ख़ास शौक़ नहीं है, बस कुश्ती ही मेरा शौक़ भी है और जुनून भी. हां, खाली समय में पंजाबी गाने सुनती हूं या फिर कभी-कभार ताश भी खेल लेती हूं.

Capture 1

उन लड़कियों से क्या कुछ कहना चाहेंगी, जो इस क्षेत्र में या अन्य खेलों में अपना भविष्य तलाशने की चाह रखती हैं?
चाहे किसी भी क्षेत्र में हों या कोई भी हो, लगन व मेहनत का कोई पर्याय नहीं है. सबमें टैलेंट होता ही है, लेकिन उस टैलेंट को मंज़िल तभी मिलती है, जब आप मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य को पाने में जुटते हैं.

कोई सपना, जो रोज़ देखती हैं या कोई अधूरी ख़्वाहिश?
एक ही ख़्वाहिश है- ओलिंपिक्स में गोल्ड!

अन्य खेलों के मुकाबले आप रेसलिंग को कहां देखती हैं?
यह सही है कि रेसलिंग को अब काफ़ी बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन यदि अन्य खेलों की तरह पहले से ही इसे थोड़ा और गंभीरता से लिया जाता, तो इसमें अपना करियर बनाने की चाह रखनेवाली लड़कियों को काफ़ी प्रोत्साहन मिलता. लेकिन देर आए, दुरुस्त आए.

1(3)

आपकी बहनें आपको किस तरह से इंस्पायर करती हैं? क्या आप सबके बीच आपस में कोई कॉम्पटीशन की भावना है या इतने सारे स्टार्स एक ही परिवार में हैं, तो अपनी अलग पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण लगता है?
जी नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है. मेरे पापा और सिस्टर्स ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया है, उन्हीं को देखकर सीखा है सब. हम सब एक दूसरे का सपोर्ट सिस्टम हैं, परिवार से ही तो हौसला मिलता है.

– गीता शर्मा

टीम अज़हर की मौज-मस्ती

Entertainment, TV, Comedy, Mohammad Azaharudin, Imran Hasmi, Nargis Fakri, Kunal roy Kapoor,

520 1817415171437

क्रिकेटर मोहम्मद अज़हरउद्दीन की ज़िंदगी पर आधारित अज़हर फिल्म की पूरी टीम ने कॉमेडी नाइट लाइव में जमकर मस्ती की. जहां अज़हर भी कॉमेडी के बेहतरीन स्ट्रोक्स लगाने से नहीं चूके, वहीं इमरान हाशमी व नरगिस फाकरी ने अपने रोमांटिक अंदाज़ से समा बांध दिया. कुणाल राय कपूर के फन मूवमेंट्स भी काफ़ी मज़ेदार थे. साथ ही कृष्णा व भारती ने हंसी-मज़ाक के साथ सभी की खिंचाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.