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सुशांत सिंह की मौत का मामला सुलझ नहीं रहा और अब उसमें अलग मोड़ तब आ गया जब एम्स ने भी कूपर अस्पताल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर मुहर लगा कर इसको आत्महत्या क़रार दिया. लेकिन परिवार और सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह इससे इत्तिफ़ाक़ नहीं रखते और उन्होंने इसको साज़िश बताते हुए नई फॉरेंसिक टीम के गठन की मांग कर दी.

लेकिन परिवार और वकील की यह मांग लेखक चेतन भगत को चुभ गई और इतनी चुभी कि वो भड़क गए. उन्होंने कहा कि एम्स की रिपोर्ट आपके मन मुताबिक़ नहीं आई तो आपने उसको करप्ट बता दिया. सुशांत के वकील के लिए चेतन ने तंज कसा कि यहां ईमानदार तो बस आप अकेले ही हैं.
चेतन का कहना है कि आप उस संस्था पर इल्ज़ाम लगा रहे हैं जहां काम पाने के लिए सबसे कड़े टेस्ट्स से गुज़रना पड़ता है. मैं कभी एम्स नहीं गया, लेकिन आप दावा कर रहे हैं कि एम्स भ्रष्ट है?

यह तो ऐसी बात है कि आप कह रहे हैं दिल्ली आईआईटी करप्ट है. मैं नाराज हो जाऊंगा. कोई सबूत दीजिए.

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पहले एक्ट्रेस ज़ायरा वसीम ने इस्लाम के चलते फिल्म इंडस्ट्री से किनारा करने का फ़ैसला किया और अब सना खान भी उसी राह पर चल पड़ी हैं. सना काफ़ी फ़ेमस हैं और सलमान खान के क़रीबियों में भी गिनी जाती हैं. बेहद शोख़, चंचल और खूबसूरत एक्ट्रेस ने ऐसा फ़ैसला आख़िर क्यों लिया?

Sana Khan

सना ने खुद ही इस बात का एलान कर दिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट के ज़रिए फ़िल्म इंडस्ट्री छोड़ने की बात बताई. सना का कहना है कि भले ही उन्होंने इंडस्ट्री से नाम, पैसा और शोहरत कमाई लेकिन कुछ समय से वो ये महसूस कर रही हैं कि क्या वो दुनिया में बस यही करने आई हैं. क्या अब ये वक़्त नहीं है कि वो बेसहरा और बेबस लोगों की ख़िदमत करे. इन सवालों के जवाब जब मैंने मज़हब में तलाशे तो पाया कि यह ज़िंदगी मरने के बाद की ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए है.

Sana Khan

सना ने नोट में आगे लिखा है कि सिर्फ दौलत और शौहरत को अपना मकसद ना बनाएं, बल्कि गुनाह की ज़िंदगी से बचकर इंसानियत की खिदमत करें और अपने पैदा करने वाले के बताए हुए तरीकों पर चलें.

Sana Khan

मैं आज यह एलान करती हूं कि आज से मैं अपने ‘शोबिज़’ (फिल्म इंडस्ट्री) की जिंदगी को छोड़कर इंसानियत की खिदमत और अपेने पैदा करने वाले के हुकुम पर चलने का पक्का इरादा करती हूं.
तमाम भाइयों और बहनों से दरख़ास्त है कि आप मेरे लिए दुआ फरमाएं कि अल्लाह ताला मेरी तौबा को कुबुल फरमाए. आखिर में तमाम भाईयों और बहनों से दरख़ास्त है कि वो अब मुझे शोविज के किसी काम के लिए दावत ना दें. बहुत बहुत शुक्रिया.

ये है वो नोट जो सना ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, साथ में सना ने कैप्शन भी दिया है कि मेरी ज़िंदगी का सबसे ख़ूबसूरत लम्हा😊

अल्लाह मुझे इस सफ़र में मदद और रास्ता दिखाएं.

आप सब मुझे दुआ में शामिल रखें🤲🏻

Sana Khan
Sana Khan
Sana Khan

पिछले कुछ समय से सना की पोस्ट और तस्वीरें देखेंगे तो फ़र्क़ साफ़ नज़र आएगा. सना इस्लाम के काफ़ी क़रीब पहुँच गई हैं यह समझ में आता है.

Sana Khan
Sana Khan
Sana Khan
Sana Khan

गौरतलब है कि सना काफ़ी खबरों में रही हैं और कई विवाद भी उनके साथ जुड़े रहे. कभी किसी का अपहरण का आरोप उन पर लगा तो कभी अपने एक्स लवर पर चीटिंग का आरोप उन्होंने लगाया.

Sana Khan
Sana Khan

सना ने साउथ की फ़िल्मों में भी नाम कमाया है. वो पचास से अधिक एड फ़िल्म कर चुकी हैं. ऐसे में फैंस के लिए यह हैरानी की बात है कि वो फ़िल्म लाइन छोड़ने का मन बना चुकी.

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शाहिद कपूर और विद्या बालन

Shahid Kapoor and Vidya Balan

फिल्म क़िस्मत कनेक्शन में दोनों को साथ देखा गया था और यहां तक कि दोनों की नज़दीकियों की भी चर्चा होने लगी थी लेकिन दर्शकों को इनकी जोड़ी ना तो रील लाइफ़ में और ना ही रियल लाइफ में भाई. दोनों के बीच कोई केमिस्ट्री और कनेक्शन नज़र नहीं आया और फ़िल्म भी सुपर फ्लॉप रही. दर्शक यही चाहते हैं कि ये दो टैलेंटेड स्टार्स एक साथ ना ही दिखें तो बेहतर है.

प्रियंका चोपड़ा और उदय चोपड़ा

Priyanka Chopra and Uday Chopra

इनकी भी एक सुपर फ्लॉप फिल्म प्यार इमपॉसिबल से लोगों को यही लगा कि इनकी जोड़ी भी इमपॉसिबल है. कहीं से कोई केमिस्ट्री नहीं थी दोनों में और लोगों को लगा कि यह फिल्म बनी ही क्यों!

विवेक ओबेरॉय और ऐश्वर्या राय

Vivek Oberoi and Aishwarya Rai

सलमान खान, विवेक ओबेरॉय और ऐश्वर्या के बीच का विवाद सभी जानते हैं. ऐश्वर्या का स्लामान से ब्रेकअप के बाद विवेक से लिंकअप हुआ था लेकिन तब भी लोगों को यह जोड़ी ना तो ऑफ स्क्रीन और ना ही ऑन स्क्रीन भाई थी. फिल्म क्यों हो गया ना का इसीलिए कुछ नहीं हुआ और ना ही इनके रिश्ते का कुछ हो पाया क्योंकि कहीं कोई स्पार्क ही नज़र नहीं आया.

आमिर ख़ान और ट्विंकल खन्ना

Aamir Khan and Twinkle Khanna

फिल्म मेला में दोनों नज़र आए और लोगों का ज़रा भी नहीं भाए. सुपर फ्लॉप मूवी की एक वजह इनकी अजीब पेयरिंग भी रही. इनकी बेमेल जोड़ी को दर्शकों ने सिरे से नकार दिया.

सोनाक्षी सिन्हा और शाहिद कपूर

Sonakshi Sinha and Shahid Kapoor

आर राजकुमार का यह पेयर आख़िर किसकी सोच की उपज था, दर्शकों के मन में रह रह कर यही सवाल आता है. किसी भी तरह से यह जोड़ी मेल नहीं खा रही थी और इसका ख़ामियाज़ा फ़िल्म को भी भुगतना पड़ा.

प्रियंका चोपड़ा और हरमन बावेजा

Priyanka Chopra and Harman Baweja

ये जोड़ी ऑफ स्क्रीन भी प्यार में थी और हरमन का लुक काफ़ी हद तक रितिक रोशन से मिलता जुलता था, लेकिन कुछ काम ना आया. उन्होंने दो फ़िल्में साथ कीं- व्हाट्स यौर राशि और लव स्टोरी 2050 और दोनों ही फ़िल्में नापसंद की गईं. दर्शकों को तो यह भी लगा कि प्रियंका ने आख़िर यह फ़िल्में क्यों की. हरमन के साथ भी उनका रिश्ता ज़्यादा नहीं चला क्योंकि दोनों के बीच कोई केमिस्ट्री नहीं थी.

इमरान खान और करीना कपूर

Imran Khan and Kareena Kapoor

इस ग़ज़ब की बेमेल जोड़ी ने भी दो फ़िल्में साथ कीं- गोरी तेरे प्यार में और एक मैं और एक तू, लेकिन इन दोनों को एक साथ कास्ट क्यों किया यह किसी को समझ नहीं आया.

रणबीर कपूर और कोंकणा

Ranbir Kapoor and Konkona Sen Sharma

दोनों ही उम्दा कलाकार और वेक अप सिड मूवी भी बहुत अच्छी थी पर कहीं ना कहीं यह जोड़ी ज़रूर बेमेल सी लगी. ऐसा लगा कि दोनों बेहतरीन हैं पर अपने अपने स्तर पर कहीं ना कहीं वो मैच नहीं करते. हालाँकि फिल्म की कहानी भी ऐसी ही थी कि यंग लड़का थोड़ी बड़ी उम्र की लड़की को प्यार करने लगता है लेकिन फिर भी वो केमिस्ट्री इनके बीच नहीं नज़र आई.

ऐश्वर्या और रजनीकांत

Aishwarya and Rajinikanth

फिल्म रोबोट भले ही सुपर डुपर हिट रही लेकिन यह जोड़ी नहीं. यह पेयर वाक़ई ही अजीब और बेमेल सा लगा.

सलमान खान और सोनाक्षी

Salman Khan and Sonakshi

फिल्म दबंग भले ही बड़ी ब्लॉकबस्टर रही और सोनाक्षी को बहुत बड़ा ब्रेक भी मिला लेकिन सलमान और सोना की जोड़ी इतनी मन को नहीं भाई. बेमेल सी ही लगी यह जोड़ी.

रानी मुखर्जी और शाहिद कपूर

Rani Mukerji and Shahid Kapoor

दिल बोले हडिप्पा अच्छी मूवी थी और शाहिद व रानी भी अच्छे कलाकार हैं लेकिन ये साथ में नहीं जमे. रानी हर तरह से शाहिद से काफ़ी बड़ी लग रही थीं और इस जोड़ी को दर्शकों ने ग्रीन सिग्नल नहीं दिया.

फरहान अख़्तर और विद्या बालन

Farhan Akhtar and Vidya Balan

शादी के साइड इफ़ेक्ट पर इस जोड़ी को कास्ट करने का इफ़ेक्ट साफ़ नज़र आया. यह पेयर बहुत ही अनयूज़ुयल था इसलिए लोगों को नहीं भाया.

सोनाक्षी सिन्हा और इमरान खान

Sonakshi Sinha and Imran Khan

वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई में यह जोड़ी नज़र आई लेकिन इनके बीच की केमिस्ट्री पूरी फिल्म में नज़र नहीं आई और दर्शकों ने यही दुआ की कि यह जोड़ी भी बस वंस अपॉन ए टाइम ही रहे आगे साथ नज़र ना ही आए.

अर्जुन कपूर और करीना कपूर

Arjun Kapoor and Kareena Kapoor

की एंड का की यह जोड़ी पूरी तरह से बेमेल थी और बिल्कुल साथ में पसंद नहीं की गई. ना केमिस्ट्री ना ही किसी भी तरह का कनेक्शन इसीलिए दर्शकों ने इस जोड़ी को सिरे से नकार दिया.

रणबीर कपूर और पल्लवी शारदा

Ranbir Kapoor and Pallavi Sharda

फ़िल्म बेशर्म रणबीर की सबसे ख़राब फ़िल्म मानी जाती है. लोगों को समझ ही नहीं आया कि आख़िर क्यों इन्हें पेयर किया गया. फ़िल्म तो नहीं चली साथ ही पल्लवी को भी ख़ास पहचान नहीं मिली.

सलमान खान और सोनम कपूर

Salman Khan and Sonam Kapoor

फिल्म राम रतन धन पायो में दोनों साथ नज़र आए लेकिन क्यों नज़र आए यह लोग समझ नहीं पाए. आख़िर क्या सोच क सलमान ने सोनम के साथ इस फ़िल्म को किया यह अब शोध का विषय है क्योंकि दोनों साथ होके भी साथ नज़र नहीं आए.

प्रियंका चोपड़ा और राम चरन

Priyanka Chopra and Ram Charan

दोनों एक्टर तो अच्छे हैं लेकिन ये जोड़ी फ़िल्म ज़ंजीर में बहुत ही ज़्यादा बेमेल लगी. ना तो फ़िल्म की कहानी, ना डांस और ना ही इनकी केमिस्ट्री सही थी. यही वजह थी कि फ़िल्म की ऐसी हालत हुई.

आमिर ख़ान और कैटरीना कैफ़

Aamir Khan and Katrina Kaif

फ़िल्म धूम ने भले ही धूम मचाई हो और आमिर की क़ाबिलियत सबको भाई हो लेकिन यह जोड़ी इतनी जमी नहीं. किसी भी तरह से ये दोनों साथ साथ रोमांस करते इतने अच्छे नहीं लगे क्योंकि ये वाक़ई बेमेल हैं क्योंकि दोनों की पर्सनालिटी बिल्कुल अलग है. ना हाइट मैच करती है और ना स्टाइल.

कैटरीना कैफ़ और सिद्धार्थ मल्होत्रा

Katrina Kaif and Siddharth Malhotra

फ़िल्म बार बार देखो को दर्शक एक बार देखने की भूल भी नहीं करना चाहेंगे और इन दोनों की जोड़ी को तो कभी ना देखने की क़सम खाते हैं. दोनों के बीच उम्र का अंतर और ज़ीरो केमिस्ट्री साफ़ नज़र आ रही थी.

अक्षय कुमार और सोनम कपूर

Akshay Kumar and Sonam Kapoor

फ़िल्म का नाम भले ही थैंक यू था पर दर्शक इस जोड़ी को दोबारा साथ ना दिखने के लिए थैंक यू कहना चाहेंगे. सोनम अपने सीनीयर एक्टर अक्षय के साथ मैच नहीं कर पाई और यह जोड़ी बेहद बेमेल लगी.

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5 Most Inspirational Movies Of Movies You Must Watch

हम सभी फिल्में मनोरंजन के लिए देखते हैं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं, जो मजोरंजन के साथ-साथ हमें बहुत कुछ सिखा जाती हैं. ये फिल्में हमें ज़िंदगी को एक नए नज़रिये से देखने के लिए मजबूर कर देती हैं. किसी फिल्म के ख़त्म होने पर आपने भी महसूस किया होगा कि कैसे हम आत्मविश्वास से भर जाते हैं और अंदर से ऐसी भावना आती है कि हम भी जो चाहें कर सकते हैं. बॉलीवुड की ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में यहां हम चर्चा करेंगे, जिन्होंने न सिर्फ़ अनगिनत अवॉर्ड्स बटोरे, बल्कि दर्शकों को जीने का फलसफा भी सिखाया.

1. स्वदेश

नासा में काम करनेवाला एक कामयाब हिंदुस्तानी साइंटिस्ट भारत आता है, ताकि अपनी नैनी को अमेरिका ले जा सके. भारत आने पर अपने लोगों और उनकी ज़रूरतों के बीच उसे एहसास होता है कि उसकी ज़रूरत नासा से ज़्यादा यहां स्वदेश में है. आशुतोष गोवारिकर की यह फिल्म बेहद सरल और दिल को छू लेनेवाली है. फिल्म का संगीत भी अच्छा है. स्वदेश का टाइटल सॉन्ग हर हिंदुस्तानी के दिल में देशभक्ति को जोश भरने के लिए काफ़ी है. फिल्म से सीख मिलती है कि अपने लिए तो सभी जीते हैं, अपनों के लिए जियें तो कोई बात है.

2. इक़बाल

एक ऐसा लड़का जो गूंगा-बहरा है, लेकिन उसके जीवन का एकमात्र लक्ष्य इंडिया के लिए क्रिकेट खेलना है. न सुनने की शक्ति और न ही बोलने की क्षमता के बावजूद क्रिकेट के लिए उसका जुनून बेहद रोमांचक होता है. टीम इंडिया तक उसका सेलेक्शन देखने के काबिल होता है. नागेश कुकूनर की यह फिल्म बेहद इंस्पायरिंग है.

3. रंग दे बसंती

5 दोस्तों की यह कहानी दोस्ती की एक नई मिशाल पेश करती है. अपने दोस्त के लिए न्याय दिलाना ही उनके जीवन का मकसद बन जाता है. राजनीति पर भी अच्छा कटाक्ष किया गया है इस फिल्म में. इसके अलावा फिल्म इमोशंस, कॉमेडी, एक्शन और सस्पेंस से भरपूर है. एक बार फिल्म ज़रूर देखें.

4. आई एम कलाम

सफल लोगों को बहुत से लोग पढ़ते और सुनते हैं, पर बहुत कम लोग होते हैं, जो उनकी सीख और बातों को अपने जीवन में लागू करते हैं. बहुत से बच्चों की तरह छोटू भी राजस्थान का रहनेवाला एक छोटा बच्चा है, जो ढाबे पर काम करता है. एक दिन वो अब्दुल कलाम को सुनता है और उनसे इतना प्रभावित होता है कि अपना नाम भी कलाम रख लेता है. वह बड़ा होकर अब्दुल कलाम जैसा बनना चाहता है और उनसे मिलने दिल्ली भी पहुंच जाता है. एक बच्चे के हौसले की यह कहानी बेहद दिलचस्प है, जो हम सभी को हर परिस्थिति में ज़िंदगी में आगे बढ़ने का हौसला देती है.

5. स्टेनली का डिब्बा

अमोल गुप्ते की यह फिल्म ज़िंदगी की एक ऐसी सच्चाई से हम सबसे रूबरू कराती है कि हमें अपनी परेशानियां उस बच्चे के आगे छोटी नज़र आती हैं. स्टेनली अपने स्कूल में कभी लंच बॉक्स लेकर नहीं जाता, लेकिन उसके दोस्त इतने अच्छे हैं कि वो रोज़ उसे अपने डिब्बे में से खिलाते हैं. लेकिन एक टीचर स्टेनली के डिब्बे के पीछे पद जाता है. उसके बाद किस तरह वो डिब्बा लेकर स्कूल जाता है, वह काफ़ी इमोशनल है.

– अनीता सिंह

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डरावनी फिल्में लोगों को हमेशा ही आकर्षित करती रही हैं. ऐसे में अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ का उनके फैन्स काफ़ी इंतज़ार कर भी रहे हैं. इसे ही लेकर अक्षय सीधे भिड़नेवाले हैं सलमान ख़ान से. फिल्म में नहीं, बल्कि फिल्मों के ज़रिए. दरअसल, लक्ष्मी बॉम्ब और सलमान की ‘राधे’ दोनों ही फिल्में इस साल ईद पर रिलीज़ होनेवाली है.

दो सुपरस्टार का मुक़ाबला देखना दिलचस्प होगा. इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया में सलमान का कहना है कि हो सकता है इसी दिन और भी फिल्में रिलीज़ हो. अब यह तो लोगों पर निर्भर होगा कि वे कौन-सी फिल्में देखना पसंद करेंगे. यूं सलमान अपनी फिल्म राधे को लेकर कॉन्फिडेंट ही नहीं, बल्कि ओवर कॉन्फिडेंट हैं. हो भी क्यों ना. अब तक का उनका रिकॉर्ड रहा है कि उनकी अधिकतर फिल्में ईद के मौ़के पर आई हैं और ज़बर्दस्त कामयाब भी रही हैं. वैसे इसी दिन हॉलीवुड की मूवी फास्ट एंड फ्यूरिस भी 9 प्रदर्शित होनेवाली है यानी देशी-विदेशी तिकड़ी फिल्मों को टकराते देखना दिलचस्प होगा.

लेकिन अक्षय कुमार को भी पूरा विश्‍वास है कि उनकी लक्ष्मी बॉम्ब बेहद सफल रहेगी. यह फिल्म दक्षिण भारत की ब्लॉकबस्टर सुपर-डुपर हिट मूवी कंचना 2 की रीमेक है. इसमें अक्षय पहली बार किन्नर भूत की भूमिका में होंगे. इसमें अक्षय का विचित्र रूप दर्शकों को ख़ूब पसंद आया था.

ब्रेकिंग न्यूज़ यह भी है कि इस फिल्म के क्लाइमेक्स का वीडियो अक्षय के किसी फैन्स ने लीक कर दिया है, जिसमें शिवलिंग के साथ मंदिर का भव्य दृश्य दिखाई दे रहा है. बैकग्राउंड और भयावह दृश्य रोंगटे खड़े कर देते हैं. वैसे फिल्म की कहानी और अक्षय के लुक को लेकर लोगों की उत्सुकता दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है, ऐसे में लीक वीडियो ने अक्षय के फैन्स की बेसब्री और भी बढ़ा दी है.

अपने इस क़िरदार के बारे में अक्षय कुमार का कहना है कि चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाना उन्हें पसंद है. लेकिन यह रोल अब तक का उनका सबसे ज़्यादा मुश्किलोंभरा था. इसमें बॉडी लैंग्वेज पर सबसे अधिक ध्यान देना था, जो बहुत ही चैलेंजिंग था.

राघव लॉरेंस के निर्देशन में कियारा आडवाणी के साथ अक्षय कुमार का अर्धनारीश्‍वर रूप काफ़ी प्रभावित करेगा, इसमें कोई दो राय नहीं है. उस पर अक्षय पर ट्रांसजेंडर भूत का साया लोगों को कितना डराता, दहलाता और बेचैन करता है यह तो ईद पर ही पता चल पाएगा, फ़िलहाल इससे जुड़ी तस्वीरें व अन्य विवरण का लुत्फ़ उठाएं.

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सालों पहले शाहरुख ख़ान ने एक अवॉर्ड शो में कहा था कि उन्हें अवॉर्ड नहीं मिलता, तो वे पैसे लेकर आए थे, उसे ख़रीदने के लिए… जाने-अनजाने में उन्होंने फिल्मों के लिए दिए जानेवाले कई अवॉर्ड्स के कर्ता-धर्ताओं पर प्रश्नचिह्न लगाया था. जो सिलसिला बरसों से था, वो आज भी बरक़रार है. गली बॉय को तेरह फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मिलना, जबकि उससे बेहतर कई फिल्में नामांकित थीं, कुछ अजीब ही नहीं, गोलमाल भी लगता है, ऐसा फैन्स व कई मशहूर हस्तियां कह रही हैं.

 Awards Surrounded By Controversies

 

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Alvida Awards..!!!

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यूं तो कई फिल्मी पुरस्कारों में गाहे-बगाहे भेदभाव का आरोप लगता ही रहा है. लेकिन इस बार तो अति ही हो गई. एक तरफ़ सुपर 30, केसरी, मणिकर्णिका, छिछोरे, मिशन मंगल, कबीर सिंह जैसी फिल्मों को सिरे से नकार दिया गया. केसरी फिल्म के गीत तेरी मिट्टी… को अवॉर्ड न मिलने पर इसके गीतकार मनोज मुंतशिर इस कदर आहत हुए कि उन्होंने अपना दर्द सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अवॉर्ड शो में ताउम्र न जाने की बात तक कह दी. डियर अवॉर्ड… से उन्होंने एक इमोशनल नोट भी लिखा, जो वायरल हो गया. बॉयकॉट फिल्मफेयर भी ट्रेंड कर रहा है, जिस पर सिनेमा प्रेमी अपनी भड़ास निकाल रहे हैं.

अपने बेबाक़ बोल के लिए मशहूर कंगना रनौत की बहन रंगोली ने तो भाई-भतीजावाद पर कटाक्ष करते हुए करण जौहर, आलिया भट्ट की टीम को ख़ूब खरी-खरी सुना दी. बकौल उनके पिछले साल औसत मूवी के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड दे दिया गया था. इस बार तो और भी अति हो गई उनके सर्पोटिंग रोल यानी गली बॉय फिल्म में बहुत कम उनका काम था, के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार पकड़ा दिया गया. बात चुभनेवाली है, पर सच्चाई है इसमें कोई दो राय नहीं. कंगना रनौत, विद्या बालन जैसी अभिनेत्रियों के बेहतरीन परफॉर्मेंस की अनदेखी की गई.

सोशल मीडिया पर आमिर ख़ान का एक वीडियो भी ख़ूब पसंद किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने इस बात का स्पष्टीकरण दिया है कि क्यों वे अवॉर्ड फंक्शन में नहीं जाते. जब उनके जैसे सशक्त अभिनेता के साथ बरसों से भेदभाव होता रहा है, तो आज के कलाकारों का क्या कहना. वीकेंड में एक तरफ़ जहां अवॉर्ड शो विवादों से घिरा रहा, तो दूसरी तरफ़ बिग बॉस 13 के विजेता को लेकर भी कुछ कम छींटाकशी नहीं हुई. आसीम के फैन्स ने इसके निर्माता चैनल व सलमान ख़ान पर भी फेवरिज़्म के इल्ज़ाम लगाए. अधिकतर लोगों का मानना था कि सिद्धार्थ शुक्ला, जो विजेता रहे हैं, से अधिक क़ाबिल आसिम थे, उन्हें विनर बनाना था. फैन्स के अलावा रश्मि देसाई ने भी अपनी पसंद आसिम को ही बताया. उन्होंने भी शो से निकलने के बाद दिए गए इंटरव्यू भी यह बात कही.

फिल्मी पुरस्कारों को लेकर लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं. दर्शकों का तो यह भी कहना था कि गली बॉय फिल्म तो ओरिजनल कॉन्सेप्ट भी नहीं था, इसी कारण ऑस्कर से बाहर हो गया था. फिर भी इसे सबसे अधिक पुरस्कार मिले, भला यह कहां का न्याय है. सिने प्रेमियों ने अपना ग़ुस्सा इसे लेकर तरह-तरह के मीम्स बनाकर प्रकट की. सोशल मीडिया पर ये मज़ेदार मीम्स का हर कोई ख़ूब आनंद ले रहा है. इस पर एक नज़र डालते हैं.

https://twitter.com/RowdyRahul20/status/1228754215641735168

 

 

चाहे कोई भी अवॉर्ड्स हों, फिल्मों को लेकर या फिर टीवी शोज़ के, अवॉर्ड देनेवालों को इस बात का ख़्याल रखना होगा कि सही व उपयुक्त पात्र को ही पुरस्कार मिले, वरना वो दिन दूर नहीं जब वे अपनी साख व विश्‍वसनीयता पूरी तरह से खो बैठेंगे. इस विषय में आपकी क्या राय है, आप इसे कितना सही या ग़लत मानते हैं, ज़रूर बताएं.

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Bollywood Movies Based On Reincarnation

पुनर्जन्म पर फिल्में बनाना हमेशा से ही बॉलीवुड पसंदीदा सब्जेक्ट रहा है. इतने सालों में इस विषय पर बॉलीवुड में अनगिनत फिल्में बनी हैं, पर कुछ फिल्में हैं, जिन्हें हर किसी को एक बार तो ज़रूर देखनी चाहिए. आप भी देखें ये 10 पुनर्जन्म पर बनी फिल्में और बताइए आपकी फेवरेट कौन-सी है.

1. मधुमती (1948)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

मशहूर डायरेक्टर बिमल रॉय के निर्देशन में बनी यह उस साल की सबसे हिट फिल्म थी. फिल्म में जहां मुख्य भूमिका में दिलीप कुमार और वैजंतीमाला हैं, वहीं प्राण और जॉनी वॉकर सर्पोटिंग रोल में हैं. फिल्म की कहानी पुर्नजन्म पर आधारित है, एक बेहतरीन कहानी है. शहरी बाबू आनंद को गांव की आदिवासी लड़की मधुमती से प्यार हो जाता है, पर दोनों मिल नहीं पाते, क्योंकि मधुमती का मर्डर हो जाता है. दोनों पुनर्जन्म लेकर 30 साल बाद वापस मिलते हैं और इस बार मधुमती के कातिल को सबके सामने लाते हैं. यह फिल्म पुनर्जन्म पर बनी बॉलीवुड की शुरुआती फिल्मों में से एक है. फिल्म को उस साल के नौ फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे, जो अब तक किसी फिल्म को नहीं मिले थे. फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म का संगीत और गाने आज भी उतने ही लोकप्रिय है. सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसी, दिल तड़प-तड़प कह रहा है आ भी जा, आजा रे परदेसी, चढ़ गयो पापी बिछुआ, ज़ुल्मी संग आंख लड़ी… जैसे कई बेहतरीन गाने आज भी लोगों की ज़ुबां पर रहते हैं.

2. मिलन (1967)

Milan

सुनील दत्त, नूतन, जमुना, प्राण, देवेन वर्मा जैसे स्टारकास्ट से बनी यह फिल्म उस साल की ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म थी. फिल्म के निर्देशन अदुर्ती सुब्बा राव थे. यह फिल्म उनकी तेलुगू फिल्म मूगा मनसुलू का रीमेक है. फिल्म की कहानी शुरू होती है गोपी और राधा की शादी से. शादी के बाद हनीमून के लिए जाते हैं, जहां जाकर गोपी को अपने पिछले जन्म के बारे में धीरे-धीरे सब याद आ जाता है. पिछले जन्म में गोपी एक साधारण नाविक था और राधा उसी के गांव की एक धनी परिवार की बेटी. राधा जब विधवा हो जाती है, तो उसके साथ गोपी का नाम जोड़कर जब लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं, तो वो दोनों नदी में कूदकर अपनी जान दे देते हैं. कुदरत का कमाल ही होता है कि अगले जन्म में दोनों मिलते हैं और लव मैरिज करते हैं. फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी का है और गाने आज भी बेहद लोकप्रिय हैं. सावन का महीना पवन करे शोर, हम-तुम युग-युग से, मैं तो दीवाना, राम करे ऐसा हो जाए, बोल गोरी बोल तेरा कौन पिया… जैस बेहतरीन गानों से सजी ये फिल्म एक बार ज़रूर देखें.

3. नील कमल (1968)

Neel Kamal

राम माहेश्‍वरी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में वहीदा रहमान, मनोज कुमार, राजकुमार मुख्य भूमिका में हैं. वहीदा रहमान को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित एक बेहतरीन एकतरफ़ा प्यार पर आधारित कहानी है. फिल्म की कहानी शुरू होती है सीता कॉलेज ट्रिप पर गई है, जहां खंडहरों से कुछ आवाज आती है. सीता रोज़ की तरह रात को नींद में चलती रहती है, तभी उसे गाड़ी से बचाने राम वहां पहुंच जाता है. राम और सीता की शादी हो जाती है, पर उसका रोज़ रात को नींद में चलना जारी रहता है. उसकी सास और ननद उसके पति को भड़काती हैं कि उसका किसी ग़ैरमर्द से संबंध है, जिससे मिलने वो रात को जाती है. एक रात सीता वहां पहुंच जाती है, जहां पुराने ज़माने के चित्रकार चित्रसेन को ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया था, क्योंकि वो राजकुमारी नील कमल से प्रेम करता था. रोज़ रात को चित्रसेन ही गाना गाकर नील कमल को बुलाता है. पर सीता उससे कहती है कि उसने कभी उससे प्यार नहीं किया और वो स़िर्फ अपने पति राम से प्यार करती है, तो चित्रसेन की भटकती आत्मा हमेशा के लिए वहां से लुप्त हो जाती है. फिल्म का गीत-संगीत ज़बर्दस्त है. रोम-रोम में बसनेवाले राम, बाबुल की दुआएं लेती जा, आ जा तुझको पुकारे मेरा प्यार आज भी लोकप्रिय हैं.

4. कर्ज़ (1980)

Kare

सुभाष गई द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ऋषि कपूर, टीना मुनीम और सिमी गरेवाल मुख्य भूमिका में थे. फिल्म की कहानी एक ऐसे लड़के मॉन्टी की है, जो सिंगर और म्यूज़िशियन है. एक दिन एक धुन बजाते ही उसे पुराना कुछ याद आता है और उसका पता लगाने के लिए उस जगह पर जाता है. वहां उसे पता चलता है कि जिससे उसने दिलो जान से चाहा था और शादी की थी, उसी कामिनी ने दौलत के लिए उसका खून कर दिया था, इसीलिए वह पुनर्जन्म लेकर वापस आया है, ताकि मौत का कर्ज़ उतार सके. फिल्म के गाने इतने पॉप्युलर हुए थे कि लोगों की ज़बान पर रहते थे. फिल्म का संगीत दिया था मशहूर म्यूज़िक जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी ने. ओम शांति ओम, एक हसीना थी, दर्दे दिल दर्दे जिगर, मैं सोलह बरस की जैसे बेहतरीन गानें इसी फिल्म की सौगात हैं.

5. कुदरत (1981)

Kudrat

चेतन आनंद द्वारा लिखी और निर्देशित इस फिल्म में राजेश खन्ना, हेमा मालिनी, राजकुमार और विनोद खन्ना मुक्य भूमिका में थे. महबूबा के बाद राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की यह दूसरी फिल्म थी, जो पुनर्जन्म पर आधारित थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर चार करोड़ से ज़्यादा की कमाई की थी. राजेश खन्ना को फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म की कहानी को फिल्मफेयर बेस्ट स्टोरी का अवॉर्ड मिला था. फिल्म की कहानी शुरू होती है चंद्रमुखी से जो पहली बार शिमला जाती है, पर वहां उसे बहुत कुछ जाना-पहचाना लगता है. इसी बीच चंद्रमुखी मोहन से मिलती है, जो वकील था अपने मेंटर जनक से मिलने आया था. चंद्रमुखी को सब याद आ जाता है कि पिछले जन्म में वह पारो और मोहन माधव था और दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे, पर जमींदार जनक चंद्रमुखी का बलात्कार कर उसे मार डालता है. उसके मरने की ख़बर से माधव भी ख़ुदकुशी कर लेता है. जनक के ख़िलाफ़ वो कोर्ट में जाता है और सच सबके सामने आ जाता है. फिल्म का ज़बर्दस्त संगीत आरडी बर्मन ने दिया है और लिरिक्स मजरूह सुल्तानपुरी के हैं. इसके गीत तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया और हमें तुमसे प्यार कितना काफ़ी पॉप्युलर हैं.

6. सूर्यवंशी (1992)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

फिल्म में सलमान खान, शीबा और अमृता सिंह लीड रोल में थे. अमृता सिंह इस फिल्म में निगेटिव किरदार में नज़र आई हैं. फिल्म के डायरेक्टर राकेश कुमार हैं. एक महल की खुदाई के दौरान कई साल पुरानी एक कहानी सामने निकलकर आती है, जिसके मुताबिक राजकुमारी सूर्यलेखा की आत्मा उस महल में फंस गई है और राजकुमार विक्रम सिंह का इंतज़ार कर रही है. विक्की पूर्व जन्म में र्सूर्यवंशी राजकुमार विक्रम सिंह था, जो अपने दोस्त का बदला लेने के लिए सूर्यलेखा से प्यार का नाटक करता है. सूर्यलेखा महल से कूदकर जान दे देती है और विक्रम सिंह को राजगुरू मार देते हैं. यह एक एक्शन ड्रामा फिल्म है.

7. करण-अर्जुन (1995)

Karan Arjun

बॉलीवुड के दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स शाहरुख खान और सलमान खान एक साथ इस फिल्म में पुनर्जन्म लें और फिल्म सुपरहिट न हो, ऐसा भला हो सकता है क्या. एक लाचार मां के दो बेटे जो मरने के बाद अलग-अलग जगह पैदा होते हैं, पर पिछले जन्म के बारे में याद आते ही अपनी मां के पास आ जाते हैं, ताकि अपनी मौत का बदला ले सकें. फिल्म के निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन हैं. फिल्म में राखी,
काजोल, अमरीश पुरी, ममता कुलकर्णी और जॉनी लिवर मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म का डायलॉग मेरे करण-अर्जुन आएंगे रोज़मर्रा की बातचीत का हिस्सा बन गया है. फिल्म के संगीतकार राजेश रोशन को फिल्मफेयर का बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था. फिल्म के सभी गाने बहुत मशहूर हैं.

8. ओम शांति ओम (2007)

Om Shanti Om

फराह ख़ान की यह फिल्म 1948 की फिल्म मधुमती से इंस्पायर्ड है. शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और अर्जुन रामपाल की इस फिल्म से दीपिका पादुकोण ने डेब्यू किया था. दीपिका पादुकोण को इसके लिए फिल्मफेयर का बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड भी मिला. फिल्म की कहानी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा और एक स्ट्रगलिंग एक्टर की लव स्टोरी पर है, जो दोबारा जन्म लेकर गुनहगार को सबके सामने लाते हैं. फिल्म

9. मक्खी (2012)

Makkhi

बाहूबली जैसी सुपरहिट फिल्म बनानेवाले लेजेंडरी फिल्ममेकर एसएस राजमौली द्वारा निर्देशित यह फिल्म पहले तेलुगू में बनी थी, जिसे बाद में हिंदी में डब किया गया था. पहली बार इस फिल्म में ऐसा हुआ था कि हीरो मरकर एक मक्खी के रूप में पुनर्जन्म लेकर आता है और अपनी प्रेमिका को हर मुश्किल से बचाता है. फिल्म की कहानी बेहद मज़ेदार है. मक्खी के रूप में आकर विलेन को सताना और ख़त्म कर देना दर्शकों को बेहद दिलचस्प लगता हैै. फिल्म के बेहतरीन इफेक्ट्स के लिए इसे नेशनल अवॉर्ड फॉर बेस्ट स्पेशल इफेक्ट मिला. मनोरंजन के शौकीनों को यह फिल्म एक बार ज़रूर देखनी चाहिए.

10. हाउसफुल 4 (2019)

Housefull 4

साजिद नाडियादवाला की यह कॉमेडी फिल्म भी पुनर्जन्म पर आधारित है. अक्षय कुमार, रितेश देखमुख, बॉबी देओल, कृति सेनॉन, पूजा हेगड़े और कृति खरबंदा मुख्य भूमिका में हैं. 14वीं शताब्दी के राजकुमारों और राजकुमारियों की प्रेम कहानी, जब 800 साल बाद दोबारा मिलते हैं, तो किस तरह उनकी ज़िंदगी में बदलाव आते हैं. कॉमेडी दर्शकों को पसंद आई. 250 करोड़ के पार कमाई करनेवाली इस फिल्म का गाना बाला ओ बाला काफ़ी पॉप्युलर हुआ है.

– अनीता सिंह

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प्यारभरे वैलेंटाइन वीक की शुरुआत रोज़ डे हो गई है. आज रोज़ डे है, हर चाहनेवालों के लिए गुलाब के फूल द्वारा अपनी मोहब्बत का इज़हार करने का दिन. फिल्मों में तो गुलाब के फूलों का अच्छा-ख़ासा महत्व रहा है. कभी कोई फिल्म, तो कोई सीन इन ख़ूबसूरत गुलाबों के ज़रिए लव एक्सप्रेस करने का बहाना बन जाती है.

Rose Journey In Hindi Movies

अस्सी के दशक में सुपरस्टार राजेश खन्ना की एक फिल्म आई थी रेड रोज़. प्यार, मिलन-जुदाई, सस्पेंस का लाजवाब मिश्रण था फिल्म में. इसमें राजेश खन्ना के निगेटिव शेड को भी लोगों ने ख़ूब पसंद किया.

मनमोहन देसाई की सुपर-डुपर हिट मूवी अमर अकबर एंथोनी को दर्शकों को बेहद प्यार मिला था. इसके हर सीन, गाने, संवाद आडियंस के जुबां पर थे. इसी फिल्म का एक ख़ास दृश्य जब अमिताभ बच्चन परवीन बॉबी को देखते हैं और गुलाब का फूल देते हुए हिचकिचाते-घबराते हुए अपने वन साइड लव को दर्शाते हैं.

यश चोपड़ा की फिल्मों में फूलों को बेहतरीन तरी़के से दिखाया जाता रहा है, ख़ासकर सूर्ख़ गुलाब के फूलों को. उनकी हर फिल्म में गुलाब के फूल किसी-न-किसी रूप में दिखाई देते हैं. लोगों के ज़ेहन में फिल्म सिलसिला का अमिताभ बच्चन और रेखा के प्रेम को ऊंचाइयां देता गुलाब के फूलों का गुलदस्ता न जाने कितनी ही कहानियों को बयां करता है. फिर तो चांदनी, विजय, डर, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, वीर-ज़ारा, जब तक है जान… यशजी के हर फिल्म में गुलाब के फूलों का सिलसिला चलता ही रहा.

गुलाब के फूलों को फिल्मों ने एक नई परंपरा और नया अंदाज़ दिया है इसमें कोई दो राय नहीं है. दिल तो पागल है फिल्म में शाहरुख ख़ान और माधुरी दीक्षित हो या अक्षय कुमार व करिश्मा कपूर हर एक दिल का धड़कन को बढ़ाता रहा रोज़.

ऐसे न जाने कितने मज़ेदार दृश्य, सीन और गाने रहे हैं, जो गुलाब के फूलों के बिना अधूरे हैं. तो क्यों न गुलाब के इस यात्रा का लुत्फ़ उठाया जाए…

 

 

https://youtu.be/LR_vySszl8I

 

https://youtu.be/pelidpxYjg0

 

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हॉरर फिल्मों के नाम पर ज़्यादातर लोगों को भद्दे से कॉस्ट्यूम और गंदे से मेकअपवाले कैरेक्टर्स दिमाग़ में आते हैं, जिन्हें देखकर डरना तो दूर की बात है, हंसी अलबत्ता छूट जाती है. पर ऐसा नहीं है कि बॉलीवुड में अच्छी हॉरर फिल्में नहीं बनी हैं. ऐसी कई फिल्में हैं, जिन्हें डरावनी ही कहा जा सकता है. आइए देखें, कौन-सी हैं वो बॉलीवुड की 11 बेस्ट हॉरर फिल्में जिन्हें आप अकेले नहीं देख सकते.

1. महल (1949)

Best Horror Films Of Bollywood

मशहूर फिल्म डायरेक्टर कमाल अमरोही साहब यह फिल्म बॉलीवुड की पहली हॉरर फिल्म मानी जाती है. इस फिल्म में अशोक कुमार और मधुबाला मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित है. फिल्मों के शौकीनों के लिए यह जानना बेहद दिलचस्प होगा कि बतौर डायरेक्टर न स़िर्फ यह कमाल अमरोहीजी की यह पहली फिल्म थी, बल्कि महान गायिका लता मंगेशकर और ख़ूबसूरत अदाकारा मधुबाला की भी बतौर अभिनेत्री यह पहली फिल्म थी. इस फिल्म के बारे में एक मशहूर क़िस्सा भी जुड़ा है. जब इस फिल्म का गीत ‘आएगा आनेवाला’ पहली बार ऑल इंडिया रेडियो पर बजाया गया था, तब ऑल इंडिया रेडियो में श्रोताओं के फोन कॉल्स की बाढ़ आ गई थी. हर कोई जानना चाहता था कि इस गाने की गायिका कौन हैं. यह फिल्म ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट के 10 ग्रेट रोमांटिक हॉरर फिल्म की लिस्ट में शामिल है. सुपर नेचुरल सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों की शुरुआत इसी फिल्म से हुई थी. छोटे-मोटे इफेक्ट् के बावजूद यह फिल्म दर्शकों को काफ़ी पसंद आई थी.

2. बीस साल बाद (1962)

Best Horror Films Of Bollywood

आधी रात को सूनसान जगहों पर घूमती रहस्यमयी औरत और कहीं दीप जले कहीं दिल गाना आज भी लोगों के ज़ेहन में जस का तस बना हुआ है. पूरे देश में उस समय इसी फिल्म की चर्चा होती थी, तभी तो उस साल की यह सुपर हिट फिल्म बनी थी. हेमंत कुमार इस फिल्म के प्रोड्यूसर और संगीतकार थे, सशथ ही उन्होंने कुछ गाने भी गाए थे. फिल्म में विश्‍वजीत, वहीदा रहमान और मदन पुरी थे. फिल्म का गाना कहीं दीप जले कहीं दिल मशहूर गीतकार शकील बदायूनी ने लिखा था, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट लिरिसिस्ट का अवॉर्ड भी मिला. लता मंगेशकर को इस गाने के लिए बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला था. बॉलीवुड की यह सस्पेंस थ्रिलर फिल्म आज 50 साल बाद भी लोगों को उतना ही डरा रही है.

3. कोहरा (1964)

Kohraa

इस फिल्म में विश्‍वजीत, वहीदा रहमान और ललीता पवार मुख्य भूमिका में थे. यह फिल्म इंग्लिश नॉवेल रेबिका पर आधारित है. बीस साल बाद की ज़बर्दस्त सफलता के बाद डायरेक्टर बिरेन नाग की ये दूसरी हॉरर फिल्म थी, जो लोगों ने काफ़ी पसंद की. राजेश्‍वरी (वहीदा रहमान) की मुलाकात एक अमीर रईसज़ादे अशोक कुमार (विश्‍वजीत) से होती है और दोनों शादी कर लेते हैं. शादी के बाद अशोक राजेश्‍वरी को अपनी हवेली लेकर आता है, जहां उसे अशोक की पहली पत्नी पूनम की संदिग्ध हालातों में हुई मौत के बारे में पता चलता है. अशोक के बिज़नेस ट्रिप पर जाने हवेली में बहुत अजीब घटनाएं घटती हैं और जब राजेश्‍वरी पूनम की मौत का पता लगाती है, तो उसके सामने बहुत-से लोगों के असली चेहरे आते हैं.

4. जानी दुश्मन (1979)

Jaani Dushman

राजकुमार कोहली की इस हॉरर मल्टी स्टारर फिल्म में सुनील दत्त, संजीव कुमार, जितेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद मेहरा, रीना रॉय, रेखा और नीतू सिंह मुख्य भूमिका में हैं. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सुपर हिट थी. फिल्म का संगीत दिया है, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने और गायकों के मामले में भी फिल्म मल्टी स्टारर है. जी हां फिल्म में लता मंगेशकर, आशा भोसले, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और अनुराधा पौडवाल जैसे दिग्गज गायकों ने अपनी आवाज़ दी है. फिल्म के कई गीत आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं. फिल्म कहानी है एक ऐसे गांव की, जहां लाल जोड़ेवाली दुल्हन डोली में बैठते ही गायब हो जाती है. फिल्म का सस्पेंस काफ़ी अच्छा है.

5. वीराना (1988)

Veerana

रामसे ब्रदर्स की इस फिल्म में जैसमीन, हेमंत बिरजे, साहिला चड्ढ़ा मुख्य भूमिका में थे. फिल्म में गुलशन ग्रोवर और सतीश शाह का अभिनय बेहद मनोरंजक है. एक बुरी आत्मा नकिता को ज़िंदा करने के लिए जैसमीन के शरीर का सहारा लिया जाता है. नकिता जैसमीन के शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है और अपने काम करने लगती है. हेमंत जैसमीन की चचेरी बहन के साथ हवेली में आता है और हवेली की अजीबोगरीब गतिविधियों पर उसकी नज़र जाती है. वह जैसमीन को छुड़ाने की कोशिश करता है. हॉरर के साथ-साथ फिल्म में कॉमेडी का भी तड़का है. रामसे ब्रदर्स की फिल्म देखना चाहते हैं, तो वीराना ज़रूर देखें.

6. रात (1992)

Raat

राम गोपाल वर्मा की हॉरर फिल्मों में से यह एक बेहतरीन फिल्म मानी जाती है. हिंदी और तेलुगू दो भाषाओं में बननेवाली इस फिल्म में रेवती प्रमुख भूमिका में थी. इस फिल्म में एक बिल्ली की मौत को दिखाया गया है, जिसकी आत्मा रेवती के शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है. सुपर नेचुरल थ्रिलर यह एक बेहद डरावनी फिल्म है. रेवती की अदाकारी काबिले तारीफ़ है. इतना तो यकीन है कि इस फिल्म को देखने के बाद आप बिल्लियों को देखने का आपका नज़रिया बदल देगा.

7. राज़ (2002)

Raaz

21वीं सदी में वापस से हॉरर फिल्मों के ट्रेंड को शुरू का श्रेय इस फिल्म को जाता है. यह फिल्म अमेरिकन फिल्म व्हॉट लाइज़ बिनीथ पर आधारित है. विक्रम भट्ट के डायरेक्शन में बनी यह एक और क्लासिक हॉरर फिल्म है. बिपाशा बसु और दीनो मौर्या की लाजवाब अदाकारीवाली यह फिल्म सुपर हिट हुई थी. इस फिल्म के सभी गाने आज भी हिट हैं. मुंबई शहर का एक कपल अपनी टूटती शादी को बचाने के लिए कुछ दिनों के लिए ऊटी जाते हैं, लेकिन उस घर में जाते ही कुछ अजीबो गरीब चीज़ें होने लगती हैं. किसी और के होने का एहसास उनकी शादीशुदा ज़िंदगी में तूफ़ान ला देता है. अपने पति का उस रूह से बचाने के लिए बिपाशा बसु डरावनी लड़ाई लड़ती हैं.

8. 1920 (2008)

1920

एक पुरानी शानदार हवेली में एक रहस्यमयी केयरटेकर और एक नया शादीशुदा जोड़ा. अदा शर्मा, रजनीश दुग्गल और इंद्रनील सेनगुप्ता फिल्म के मुख्य कलाकार हैं. अदा शर्मा की अदाकारी बेहद लाजवाब है. वो दर्शकों को डराने में वो पूरी तरह कामयाब होती हैं. यह फिल्म 1973 की फिल्म एक्सॉरसिस्ट पर आधारित है. इस फिल्म में आपको हॉरर महसूस होगा. इस फिल्म के डायरेक्टर विक्रम भट्ट हैं.

9. 13 बी (2009)

Best Horror Films Of Bollywood

 

आर माधवन और नीतू चंद्रा द्वारा अभिनीत यह फिल्म एक बेहतरीन हॉरर फिल्म है. यह फिल्म विक्रम कुमार द्वारा लिखित और निर्देशित है. फिल्म तमिल और हिंदी दो भाषाओं में बनी थी. 13 बी- फियर हैज़ ए न्यू एड्रेस के टैगवाली यह फिल्म बेहद दिलचस्प है. अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं, तो आपको यह फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए. सभी अख़बारों में इसकी काफ़ी चर्चा और तारीफ़ हुई थी. रेडिफ ने इसे 2009 की बेस्ट फिल्मों में से एक बताया था. इस फिल्म की कहानी बेहद दिलचस्प है. मनोहर (माधवन) का परिवार नए घर में शिफ्ट होते हैं और रोज़ रात को उनके टीवी पर एक डेली सोप आता है, जिसे पूरा परिवार बैठकर देखता है. धीरे-धीरे मनोहर को यह एहसास होता है कि उनके जीवन में वही हो रहा है, जो सीरियल में हो रहा है. अपने परिवार को बचाने के लिए वह उस सीरियल की हक़ीक़त तक पहुंचता है.

10. शापित (2010)

Shaapit

गायक आदित्य नारायण ने बतौर अभिनता यह फिल्म की थी, जो लोगों को काफ़ी पसंद आई थी. विक्रम भट्ट के डायरेक्शन में बनी यह एक और अच्छी हॉरर फिल्म है. इस फिल्म में आदित्य नारायण के साथ एक्ट्रेस श्‍वेता अग्रवाल और राहुल देव मुख्य भूमिका में हैं. इस फिल्म की कहानी एक परिवार की बेटियों पर आधारित हैं, जो श्रापग्रस्त हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी वह श्राप आगे बढ़ रहा है.

11. एक थी डायन (2013)

Best Horror Films Of Bollywood

बोलने के लिए हम भले ही किसी को डायन बोल दें, पर डायन के बारे में सोचकर ही हम सकते में आ जाते हैं. कोंकणा सेन शर्मा, हूमा कुरेशी, कल्की कोचलिन और इमरान हाशमी फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं. इस सुपरनेचुरल थ्रिलर फिल्म के निर्देशक कनन अइय्यर हैं. कोंकणा सेन शर्मा ने डायन का किरदार बख़ूबी निभाया है. बॉलीवुड की अच्छी हॉरर मूवीज़ की लिस्ट में इस फिल्म का नाम ज़रूर होगा. अच्छे हॉरर के शौकीनों को यह फिल्म मिस नहीं करनी चाहिए.

इनके अलावा भूत, रागिनी एमएमएस, हॉरर स्टोरी, डरना मना है और फूंक भी अच्छी हॉरर फिल्में हैं. इस लिस्ट को देखने के बाद आप यह शिकायत नहीं कर पाएंगे कि बॉलीवुड में अच्छी हॉरर फिल्में नहीं बनतीं. थ्रिल को एंजॉय करें.

– अनीता सिंह

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आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी की पुण्यतिथि है. शहीद दिवस के रूप इस दिन बापू को देश ही नहीं दुनियाभर में याद किया जाता है. उनसे फिल्मी दुनिया भी जुड़ी रही है. गांधीजी को लेकर कई देशप्रेम, एकता, अहिंसा से जुड़े फिल्मी गानों ने भारतवासियों को बेहद प्रभावित किया है. आज उनकी स्मृति में कुछ चुनिंदा गीतों को देखते-सुनते हैं.

Mahatma Gandhi

 

 

RAGHUPATI RAGHAV RAJA RAM WITH LYRICS FULL VIDEO SONG from SHARADA movie starring Meena Kumari, Raj Kapoor, Anita Guha, Manorama in lead roles, released in 1957. The song is sung by Lata Mangeshkar and music is given by C. Ramchandra, Song: RAGHUPATI RAGHAV RAJA RAM WITH LYRICSSinger: LATA MANGESHKARMusic Director: C. RAMCHANDRALyricist: RAJINDER KRISHAN

Posted by GEET GANGA on Wednesday, 6 March 2019

संदेश…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन! पूज्य बापू के व्यक्तित्व, विचार और आदर्श हमें सशक्त, सक्षम और समृद्ध न्यू इंडिया के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे.

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 Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood
मिलिए बॉलीवुड की इन फीमेल विलेन यानी वैंप्स से, जिनके एक्सप्रेशन्स ही होते थे जानलेवा! (Most Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood)

बॉलीवुड की लेडी डॉन कौन है? फीमले विलेन यानी वैंप्स का नाम आते ही बहुत-से चेहरे ख़्यालों में आने लगते हैं. कभी बहू पर अत्याचार करती ज़ालिम सास, तो कभी मेल डॉन का साथ देती हॉट हसीना. आप भी मिलिए इन फीमेल विलेन से, जिनके बिना हर फिल्म अधूरी लगती है.

ललिता पवार: इनके एक्सप्रेशन्स हों या फिर डायलोग बोलने का अंदाज़, हर बात ने इन्हें बेहद फेमस किया. ये बॉलीवुड की सबसे ज़ालिम सास थीं, जो अपनी मासूम बहू पर अत्याचार करके भी लोगों की फेवरेट बन जाती थीं. हालांकि ललिता पवार ने कैरेक्टर रोल्स भी किए, पर उन्हें पॉप्युलैरिटी तो निगेटिव रोल्स ने ही दी. आज भी मंथरा का नाम याद आते ही ललिता पवार का चेहरा सामने घूम जाता है. हिंदी, मराठी और गुजराती मिलाकर कुल 700 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकीं ललिता पवार की ज़िंदगी में ट्विस्ट तब आया, जब शूटिंग के दौरान भगवान दादा ने उन्हें ज़ोर से थप्पड़ मार दिया था, जिससे उनकी एक आंख की नस पर असर हुआ और उनकी आंख ख़राब हो गई थी. लेकिन इसके बाद उन्होंने इसे ही अपनी पहचान और मज़बूती बनाकर हर रोल को जीवंत कर दिया और वो बन गईं सबसे ज़ालिम सास. उनके काम के लिए भारत सरकार ने भी उन्हें सम्मानित किया और अमिताभ बच्चन ने भी उनकी 100वीं बर्थ एनीवर्सरी पर ट्वीट करके उन्हें याद किया.

Lalita Pawar

नादिरा: फिल्म आन में लीड एक्ट्रेस के तौर पर अपना फिल्मी सफ़र शुरू करनेवाली नादिरा अपने स्टाइलिश अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं. करियर की शुरुआत भले ही उन्होंने हीरोइन के रोल से की, लेकिन उन्हें याद किया जाता है निगेटिव रोल्स के लिए. मुड़-मुड़कर न देख गाना उनका इतना फेमस हुआ कि आज भी यह गाना सुनते ही उनका अंदाज़ याद आ जाता है. नादिरा एक बगदादी जूइश परिवार में जन्मी थीं. उनका मॉडर्न लुक उनकी सबसे बड़ी पहचान था और उनके एक्सप्रेशन्स उनके क़िरदार की जान. श्री 420 से लेकर फिल्म जूली तक उन्होंने कई तरह के रोल्स किए, पर जूली की मां के रोल ने उन्हें अलग पहचान दी.

Nadira

बिंदू: फिल्मों की मोना डार्लिंग आज भी बेहद पॉप्युलर हैं. गुजराती परिवार में जन्मी बिंदू ने वैंप्स की एक नई पीढ़ी की शुरुआत की. बिंदू ख़ूबसूरत थीं, हॉट थीं और अच्छी डान्सर भी थीं. कभी विलेन की गर्लफ्रेंड बनकर, तो कभी सौतेली मां बनकर उन्होंने अपने क़िरदारों को अपने नाम कर लिया. बिंदू के पिता फिल्म प्रड्यूसर ही थे, पर जब वो मात्र 13 साल की थीं, तो उनके पिता की मृत्यु हो गई, जिससे परिवार की ज़िम्मेदारी उन पर आ गई, क्योंकि वो घर में सबसे बड़ी थीं. बिंदू ने कई तरह के क़िरदार किए और अपने टैलेंट के साथ-साथ उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि वैंप्स भी हॉटनेस और बोल्डनेस से दर्शकों की फेवरेट बन सकती हैं. फिल्म कटी पतंग में इन्होंने पहली बार सेक्सी ड्रेस में कैबरा किया और वो गाना- मेरा नाम है शबनम सबका हॉट फेवरेट बन गया और बिंदू नई स्टार आयकॉन.

Bindu

अरुणा ईरानी: इन्होंने भी अपने करियर की शुरुआत लीड एक्ट्रेस के तौर पर ही की थी, पर इन्हें दर्शकों ने निगेटिव रोल्स में ज़्यादा पसंद किया. ख़ूबसूरती और टैलेंट की इनमें कमी नहीं थी. अपने परिवार में ये सबसे बड़ी थीं और पैसों की कमी के चलते मात्र छठी क्लास तक ही पढ़ पाईं, पर इनके टैलेंट ने इन्हें स्टारडम के साथ-साथ पैसा और इज़्ज़त भी दिलवा दिया.

Aruna Irani

मनोरमा: चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर ये फिल्मों में आईं. मनोरमा हाफ आइरिश थीं. फिल्म सीता और गीता की चालाक व धूर्त चाची के रूप में लोगों के दिलों में इन्होंने अब तक जगह बनाई हुई है. उनका मेकअप और आंखें मटकाने का ख़ास अंदाज़ उन्हें बाकी वैंप्स से अलग करता था. मनोरमा ने 100 से भी अधिक फिल्मों में काम किया.

Manorama

शशिकला: 100 से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुकीं शशिकला के टैलेंट का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 5 वर्ष की उम्र से ही वो स्टे पर डान्सिंग, सिंगिंग और परफॉर्म करने लग गई थीं. किन्हीं कारणों से उनके पिताजी दिवालिया हो गए थे और वो अपने परिवार को मुंबई ले आए, क्योंकि उन्हें लगता था कि शशिकला की ख़ूबसूरती और टैलेंट उसे फिल्मों में काम दिलवा सकेगा. शुरुआत में स्टूडियो के धक्के खाने पर उन्हें छोटे-मोटे रोल्स मिले, पर एक्ट्रेस नूरजहां से मिलने के बाद उनका नसीब बदल गया. नूरजहां के पति ने शशिकला को अपनी फिल्म में रोल दिया. उसके बाद उन्हें रोल्स भी मिले और पहचान भी.

Sasikala

हेलन: डान्सिंग क्वीन हेलन ने 700 से भी अधिक फिल्मों में काम किया. एक समय था, जब लोग फिल्म इसलिए देखने जाते थे कि उसमें हेलन का डांस नंबर है. ये था उनकी पॉप्युलैरिटी का आलम. हॉट और सेक्सी हेलन ने कई कैरेक्टर रोल्स भी किए और आज की तारीख़ में लोग उन्हें सलमान ख़ान की स्टेप मदर के रूप में अधिक जानते हैं. भारतीय सरकार द्वारा इन्हें पद्मश्री से भी नवाज़ा जा चुका है. हेलन एंग्लो इंडियन पिता और बर्मीज़ मदर के यहां बर्मा के रंगून में पैदा हुई थीं. उनके की मृत्यु पिता वर्ल्ड वार 2 में हो गई थी और वो अपने परिवार के साथ शरण लेने के लिए मुंबई आ पहुंचीं. भारत आने के बाद भी उन्होंने व उनके परिवार ने बहुत बुरे दिन देखे. भूख-ग़रीबी ने उन्हें बेहाल कर रखा था. उनकी मां, भाई व उन्हें 2 महीने तक अस्पताल में रहने व इलाज के बाद नया जीवन मिला. इसके बाद वो कोलकाता गए, पर उनकी मां का वहां देहांत हो गया. परिवार के लिए उन्होंने स्कूल छोड़ फिल्मों का रुख किया और पहले ही ब्रेक ने उन्हें मशहूर कर दिया. जी हां, हावड़ा ब्रिज का गाना मेरा नाम चिन-चिन-चू… बेहद पॉप्युलर हुआ, पर उसके साथ हेलन का डांस और टैलेंट भी सबके सामने आया गया. रील लाइफ में हेलन ने जितनी पॉप्युलैरिटी देखी, अपनी रियल व पर्सनल लाइफ में उतनी ही परेशानियां. आज वो खान परिवार का हिस्सा हैं, क्योंकि सलीम खान ने उन्हें न स़िर्फ फिल्मों में बल्कि पर्सनल लाइफ में भी काफ़ी सपोर्ट किया.

Helen

प्रियंका और काजोल भी कर चुकी हैं निगेटिव रोल्स: प्रियंका चोपड़ा ने ऐतराज़ और सात ख़ून माफ़ में जिस ख़ूबसूरती से निगेटिव क़िरदार निभाया, उनकी अदाकारी का अलग रूप ही सामने आया. देसी गर्ल व़क्त आने पर हॉट वैंप भी बन सकती है और उसमें भी उतनी ही पसंद की जा सकती है, यह उन्होंने साबित कर दिया.

Priyanka
इसी तरह से काजोल ने भी गुप्त में एक सायको किलर का रोल करके सबको चौंका दिया था. काजोल के टैलेंट को लेकर कभी किसी को कोई शक नहीं था, पर वो इस तरह के क़िरदार को भी जीवंत कर सकती हैं, यह किसी ने नहीं सोचा था.

Kajol

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बॉलीवुड में हर साल अनगिनत फिल्में बनती हैं, पर लोगों की ज़ुबान पर उन्हीं का नाम रहता है, जो बड़े स्टार कास्ट की होती हैं या सुपर हिट होती हैं. इनके अलावा कितनी ही फिल्में ऐसी बनती हैं, जिनका आम लोग नाम भी नहीं सुनते. हम यहां बॉलीवुड की कुछ ऐसी ही फिल्मों के नाम आपको बता रहे हैं, जिन्हें देखकर आपकी भी हंसी छूट जाएगी.

1.  धोती, लोटा और चौपाटी
Weird Bollywood Movie Names
1975 में आई इस फिल्म के हीरो वैसे तो नाज़िर हुसैन थे, पर इस फिल्म में स्टार कास्ट के लिए कुल 28 लोग थे, जिनमें संजीव कुमार, धर्मेंद, महमूद, हेलेन, जगदीप, फरीदा जलाल, ओम प्रकाश, टुनटुन और बिंदू जैसे बड़े स्टासर्र् क़िरदार निभाए थे.
2. सस्ती दुल्हन महंगा दूल्हा
Sasti Dulhan Mahenga Dulha
वर्ष 1986 में आई इस फिल्म में आदित्य पंचोली, महेश आनंद और बीना बैनर्जी जैसे कलाकार थे. इस फिल्म के डायरेक्टर भप्पी सोनी थे.
3. बंदूक दहेज के सीने पर
Bandook Dahej Ke Seene Par
साल 1989 में आई फिल्म के डायरेक्टर रामगोपाल गुप्ता थे. शशि कपूर, सदाशिव अमरापुरकर, गुलशन ग्रोवर, किरण कुमार, रज़ा मुराद, शेखर सुमन, सोनिका गिल और अर्चना पूरन सिंह जैसे कलाकार इस फिल्म की स्टार कास्ट थे.
4. मेहंदी बन गई खून
Mehandi Ban Gai Khoon
जूही चावला और सतीश शाह की स्टार कास्ट वाली इस फिल्म के डायरेक्टर आर.एस गेहलन थे. इस फिल्म का संगीत ऊषा खन्ना ने दिया था.
5. मुर्दे की जान ख़तरे में
murde ki jaan khatre mein
भोजपुरी सुपर स्टार कुनाल सिंह, रोमा मानिक और पैंताल जैसे कलाकारों से बनी यह फिल्म 1985 में आई थी.
6. सोने का दिल लोहे के हाथ
sone ka dil lohe ke haath
1978 में आई इस फिल्म के अभिनेता थे जुबली स्टार राजेंद्र कुमार. उनके साथ इस फिल्म में विद्या सिन्हा, माला सिन्हा, दारा सिंह और अरुणा ईरानी जैसे कलाकार थे. इसके डायरेक्टर नरेश कुमार थे.
7. राजा रानी को चाहिए पसीना

raja rani ko chaiye paseena

1978 की इस बॉलीवुड फिल्म की डायरेक्टर सुलभा देशपांडे थीं. इस फिल्म में सुशांत रे, दुर्गा और जसराज जैसे कलाकार थे.

8. ग्यारह हज़ार लड़कियां
gyara hazar kadkian
भारत भूषण और माला सिन्हा अभिनीत यह फिल्म 1962 में सिनेमाघरों में आई थी. फिल्म के डायरेक्टर केए अब्बास थे. यह एक रोमांटिक सोशल ड्रामा फिल्म थी.
9. भेड़ियों का समूह
bhediyon ka samooh
1991 में आई इस फिल्म के डायरेक्टर एमके शंकर थे. इस फिल्म में शिवाजी साटम, राजश्री पिंगले, गीता नाईक और सुनील चव्हाण जैसे कलाकार थे.

 

10. एक से मेरा क्या होगा
 ek se mera kya hoga
2006 में आई इस फिल्म में समीर कोचर और पायल रोहातगी मुख्य भूमिका में थे. इनके अलावा फिल्म में संगीता तिवारी तन्वी वर्मा और मल्लिका नायर थे. फिल्म के डायरेक्टर टीएलवी प्रसाद थे.

– अनीता सिंह

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