Tag Archives: Films

ज़िंदगी जीने का फ़लसफ़ा सिखाती हैं बॉलीवुड की ये 5 फिल्में (5 Most Inspirational Movies Of Movies You Must Watch)

5 Most Inspirational Movies Of Movies You Must Watch
5 Most Inspirational Movies Of Movies You Must Watch

हम सभी फिल्में मनोरंजन के लिए देखते हैं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं, जो मजोरंजन के साथ-साथ हमें बहुत कुछ सिखा जाती हैं. ये फिल्में हमें ज़िंदगी को एक नए नज़रिये से देखने के लिए मजबूर कर देती हैं. किसी फिल्म के ख़त्म होने पर आपने भी महसूस किया होगा कि कैसे हम आत्मविश्वास से भर जाते हैं और अंदर से ऐसी भावना आती है कि हम भी जो चाहें कर सकते हैं. बॉलीवुड की ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में यहां हम चर्चा करेंगे, जिन्होंने न सिर्फ़ अनगिनत अवॉर्ड्स बटोरे, बल्कि दर्शकों को जीने का फलसफा भी सिखाया.

1. स्वदेश

नासा में काम करनेवाला एक कामयाब हिंदुस्तानी साइंटिस्ट भारत आता है, ताकि अपनी नैनी को अमेरिका ले जा सके. भारत आने पर अपने लोगों और उनकी ज़रूरतों के बीच उसे एहसास होता है कि उसकी ज़रूरत नासा से ज़्यादा यहां स्वदेश में है. आशुतोष गोवारिकर की यह फिल्म बेहद सरल और दिल को छू लेनेवाली है. फिल्म का संगीत भी अच्छा है. स्वदेश का टाइटल सॉन्ग हर हिंदुस्तानी के दिल में देशभक्ति को जोश भरने के लिए काफ़ी है. फिल्म से सीख मिलती है कि अपने लिए तो सभी जीते हैं, अपनों के लिए जियें तो कोई बात है.

2. इक़बाल

एक ऐसा लड़का जो गूंगा-बहरा है, लेकिन उसके जीवन का एकमात्र लक्ष्य इंडिया के लिए क्रिकेट खेलना है. न सुनने की शक्ति और न ही बोलने की क्षमता के बावजूद क्रिकेट के लिए उसका जुनून बेहद रोमांचक होता है. टीम इंडिया तक उसका सेलेक्शन देखने के काबिल होता है. नागेश कुकूनर की यह फिल्म बेहद इंस्पायरिंग है.

3. रंग दे बसंती

5 दोस्तों की यह कहानी दोस्ती की एक नई मिशाल पेश करती है. अपने दोस्त के लिए न्याय दिलाना ही उनके जीवन का मकसद बन जाता है. राजनीति पर भी अच्छा कटाक्ष किया गया है इस फिल्म में. इसके अलावा फिल्म इमोशंस, कॉमेडी, एक्शन और सस्पेंस से भरपूर है. एक बार फिल्म ज़रूर देखें.

4. आई एम कलाम

सफल लोगों को बहुत से लोग पढ़ते और सुनते हैं, पर बहुत कम लोग होते हैं, जो उनकी सीख और बातों को अपने जीवन में लागू करते हैं. बहुत से बच्चों की तरह छोटू भी राजस्थान का रहनेवाला एक छोटा बच्चा है, जो ढाबे पर काम करता है. एक दिन वो अब्दुल कलाम को सुनता है और उनसे इतना प्रभावित होता है कि अपना नाम भी कलाम रख लेता है. वह बड़ा होकर अब्दुल कलाम जैसा बनना चाहता है और उनसे मिलने दिल्ली भी पहुंच जाता है. एक बच्चे के हौसले की यह कहानी बेहद दिलचस्प है, जो हम सभी को हर परिस्थिति में ज़िंदगी में आगे बढ़ने का हौसला देती है.

5. स्टेनली का डिब्बा

अमोल गुप्ते की यह फिल्म ज़िंदगी की एक ऐसी सच्चाई से हम सबसे रूबरू कराती है कि हमें अपनी परेशानियां उस बच्चे के आगे छोटी नज़र आती हैं. स्टेनली अपने स्कूल में कभी लंच बॉक्स लेकर नहीं जाता, लेकिन उसके दोस्त इतने अच्छे हैं कि वो रोज़ उसे अपने डिब्बे में से खिलाते हैं. लेकिन एक टीचर स्टेनली के डिब्बे के पीछे पद जाता है. उसके बाद किस तरह वो डिब्बा लेकर स्कूल जाता है, वह काफ़ी इमोशनल है.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: रश्मि देसाई का ब्राइडल लुक देखकर दंग रह जाएंगे आप: देखें टीवी ऐक्ट्रेस रश्मि देसाई के 10 देसी लुक्स (You Will Be Stunned By TV Actress Rashmi Desai’s Bridal Look! See 10 Desi Looks Of Rashmi Desai)

हॉरर कॉमेडी ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ की टक्कर होगी ‘राधे’ से… अक्षय कुमार और सलमान ख़ान आमने-सामने… (Akshay Kumar’s Horror Comedy ‘Lakshmi Bomb’ Will Compete With Salman Khan’s ‘Radhe’)

डरावनी फिल्में लोगों को हमेशा ही आकर्षित करती रही हैं. ऐसे में अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ का उनके फैन्स काफ़ी इंतज़ार कर भी रहे हैं. इसे ही लेकर अक्षय सीधे भिड़नेवाले हैं सलमान ख़ान से. फिल्म में नहीं, बल्कि फिल्मों के ज़रिए. दरअसल, लक्ष्मी बॉम्ब और सलमान की ‘राधे’ दोनों ही फिल्में इस साल ईद पर रिलीज़ होनेवाली है.

दो सुपरस्टार का मुक़ाबला देखना दिलचस्प होगा. इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया में सलमान का कहना है कि हो सकता है इसी दिन और भी फिल्में रिलीज़ हो. अब यह तो लोगों पर निर्भर होगा कि वे कौन-सी फिल्में देखना पसंद करेंगे. यूं सलमान अपनी फिल्म राधे को लेकर कॉन्फिडेंट ही नहीं, बल्कि ओवर कॉन्फिडेंट हैं. हो भी क्यों ना. अब तक का उनका रिकॉर्ड रहा है कि उनकी अधिकतर फिल्में ईद के मौ़के पर आई हैं और ज़बर्दस्त कामयाब भी रही हैं. वैसे इसी दिन हॉलीवुड की मूवी फास्ट एंड फ्यूरिस भी 9 प्रदर्शित होनेवाली है यानी देशी-विदेशी तिकड़ी फिल्मों को टकराते देखना दिलचस्प होगा.

लेकिन अक्षय कुमार को भी पूरा विश्‍वास है कि उनकी लक्ष्मी बॉम्ब बेहद सफल रहेगी. यह फिल्म दक्षिण भारत की ब्लॉकबस्टर सुपर-डुपर हिट मूवी कंचना 2 की रीमेक है. इसमें अक्षय पहली बार किन्नर भूत की भूमिका में होंगे. इसमें अक्षय का विचित्र रूप दर्शकों को ख़ूब पसंद आया था.

ब्रेकिंग न्यूज़ यह भी है कि इस फिल्म के क्लाइमेक्स का वीडियो अक्षय के किसी फैन्स ने लीक कर दिया है, जिसमें शिवलिंग के साथ मंदिर का भव्य दृश्य दिखाई दे रहा है. बैकग्राउंड और भयावह दृश्य रोंगटे खड़े कर देते हैं. वैसे फिल्म की कहानी और अक्षय के लुक को लेकर लोगों की उत्सुकता दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है, ऐसे में लीक वीडियो ने अक्षय के फैन्स की बेसब्री और भी बढ़ा दी है.

अपने इस क़िरदार के बारे में अक्षय कुमार का कहना है कि चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाना उन्हें पसंद है. लेकिन यह रोल अब तक का उनका सबसे ज़्यादा मुश्किलोंभरा था. इसमें बॉडी लैंग्वेज पर सबसे अधिक ध्यान देना था, जो बहुत ही चैलेंजिंग था.

राघव लॉरेंस के निर्देशन में कियारा आडवाणी के साथ अक्षय कुमार का अर्धनारीश्‍वर रूप काफ़ी प्रभावित करेगा, इसमें कोई दो राय नहीं है. उस पर अक्षय पर ट्रांसजेंडर भूत का साया लोगों को कितना डराता, दहलाता और बेचैन करता है यह तो ईद पर ही पता चल पाएगा, फ़िलहाल इससे जुड़ी तस्वीरें व अन्य विवरण का लुत्फ़ उठाएं.

यह भी पढ़े: टीवी सेलेब्स जिन्होंने अपने ब्रेकअप का खुलासा सोशल मीडिया पर किया (TV Celebs Who Made Shocking Revelations About Their Break-Up On Social Media)

अवॉर्ड बिकता है… विवादों से घिरे रहे कई पुरस्कार… (Many Awards Surrounded By Controversies…)

सालों पहले शाहरुख ख़ान ने एक अवॉर्ड शो में कहा था कि उन्हें अवॉर्ड नहीं मिलता, तो वे पैसे लेकर आए थे, उसे ख़रीदने के लिए… जाने-अनजाने में उन्होंने फिल्मों के लिए दिए जानेवाले कई अवॉर्ड्स के कर्ता-धर्ताओं पर प्रश्नचिह्न लगाया था. जो सिलसिला बरसों से था, वो आज भी बरक़रार है. गली बॉय को तेरह फिल्मफेयर अवॉर्ड्स मिलना, जबकि उससे बेहतर कई फिल्में नामांकित थीं, कुछ अजीब ही नहीं, गोलमाल भी लगता है, ऐसा फैन्स व कई मशहूर हस्तियां कह रही हैं.

 Awards Surrounded By Controversies

 

View this post on Instagram

Alvida Awards..!!!

A post shared by Manoj Muntashir (@manojmuntashir) on

यूं तो कई फिल्मी पुरस्कारों में गाहे-बगाहे भेदभाव का आरोप लगता ही रहा है. लेकिन इस बार तो अति ही हो गई. एक तरफ़ सुपर 30, केसरी, मणिकर्णिका, छिछोरे, मिशन मंगल, कबीर सिंह जैसी फिल्मों को सिरे से नकार दिया गया. केसरी फिल्म के गीत तेरी मिट्टी… को अवॉर्ड न मिलने पर इसके गीतकार मनोज मुंतशिर इस कदर आहत हुए कि उन्होंने अपना दर्द सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अवॉर्ड शो में ताउम्र न जाने की बात तक कह दी. डियर अवॉर्ड… से उन्होंने एक इमोशनल नोट भी लिखा, जो वायरल हो गया. बॉयकॉट फिल्मफेयर भी ट्रेंड कर रहा है, जिस पर सिनेमा प्रेमी अपनी भड़ास निकाल रहे हैं.

अपने बेबाक़ बोल के लिए मशहूर कंगना रनौत की बहन रंगोली ने तो भाई-भतीजावाद पर कटाक्ष करते हुए करण जौहर, आलिया भट्ट की टीम को ख़ूब खरी-खरी सुना दी. बकौल उनके पिछले साल औसत मूवी के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड दे दिया गया था. इस बार तो और भी अति हो गई उनके सर्पोटिंग रोल यानी गली बॉय फिल्म में बहुत कम उनका काम था, के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार पकड़ा दिया गया. बात चुभनेवाली है, पर सच्चाई है इसमें कोई दो राय नहीं. कंगना रनौत, विद्या बालन जैसी अभिनेत्रियों के बेहतरीन परफॉर्मेंस की अनदेखी की गई.

सोशल मीडिया पर आमिर ख़ान का एक वीडियो भी ख़ूब पसंद किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने इस बात का स्पष्टीकरण दिया है कि क्यों वे अवॉर्ड फंक्शन में नहीं जाते. जब उनके जैसे सशक्त अभिनेता के साथ बरसों से भेदभाव होता रहा है, तो आज के कलाकारों का क्या कहना. वीकेंड में एक तरफ़ जहां अवॉर्ड शो विवादों से घिरा रहा, तो दूसरी तरफ़ बिग बॉस 13 के विजेता को लेकर भी कुछ कम छींटाकशी नहीं हुई. आसीम के फैन्स ने इसके निर्माता चैनल व सलमान ख़ान पर भी फेवरिज़्म के इल्ज़ाम लगाए. अधिकतर लोगों का मानना था कि सिद्धार्थ शुक्ला, जो विजेता रहे हैं, से अधिक क़ाबिल आसिम थे, उन्हें विनर बनाना था. फैन्स के अलावा रश्मि देसाई ने भी अपनी पसंद आसिम को ही बताया. उन्होंने भी शो से निकलने के बाद दिए गए इंटरव्यू भी यह बात कही.

फिल्मी पुरस्कारों को लेकर लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं. दर्शकों का तो यह भी कहना था कि गली बॉय फिल्म तो ओरिजनल कॉन्सेप्ट भी नहीं था, इसी कारण ऑस्कर से बाहर हो गया था. फिर भी इसे सबसे अधिक पुरस्कार मिले, भला यह कहां का न्याय है. सिने प्रेमियों ने अपना ग़ुस्सा इसे लेकर तरह-तरह के मीम्स बनाकर प्रकट की. सोशल मीडिया पर ये मज़ेदार मीम्स का हर कोई ख़ूब आनंद ले रहा है. इस पर एक नज़र डालते हैं.

 

 

चाहे कोई भी अवॉर्ड्स हों, फिल्मों को लेकर या फिर टीवी शोज़ के, अवॉर्ड देनेवालों को इस बात का ख़्याल रखना होगा कि सही व उपयुक्त पात्र को ही पुरस्कार मिले, वरना वो दिन दूर नहीं जब वे अपनी साख व विश्‍वसनीयता पूरी तरह से खो बैठेंगे. इस विषय में आपकी क्या राय है, आप इसे कितना सही या ग़लत मानते हैं, ज़रूर बताएं.

यह भी पढ़ेअंदर से ऐसा दिखता है दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दाहिया का आशियाना, देखें पिक्स (Check Out Inside Pictures Of Divyanka Tripathi And Vivek Dahiya’s Luxurious House In Mumbai)

पुनर्जन्म पर बनी बॉलीवुड की ये 10 फिल्में, कौन-सी है आपकी फेवरेट? (Top 10 Bollywood Movies Based On Reincarnation)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

पुनर्जन्म पर फिल्में बनाना हमेशा से ही बॉलीवुड पसंदीदा सब्जेक्ट रहा है. इतने सालों में इस विषय पर बॉलीवुड में अनगिनत फिल्में बनी हैं, पर कुछ फिल्में हैं, जिन्हें हर किसी को एक बार तो ज़रूर देखनी चाहिए. आप भी देखें ये 10 पुनर्जन्म पर बनी फिल्में और बताइए आपकी फेवरेट कौन-सी है.

1. मधुमती (1948)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

मशहूर डायरेक्टर बिमल रॉय के निर्देशन में बनी यह उस साल की सबसे हिट फिल्म थी. फिल्म में जहां मुख्य भूमिका में दिलीप कुमार और वैजंतीमाला हैं, वहीं प्राण और जॉनी वॉकर सर्पोटिंग रोल में हैं. फिल्म की कहानी पुर्नजन्म पर आधारित है, एक बेहतरीन कहानी है. शहरी बाबू आनंद को गांव की आदिवासी लड़की मधुमती से प्यार हो जाता है, पर दोनों मिल नहीं पाते, क्योंकि मधुमती का मर्डर हो जाता है. दोनों पुनर्जन्म लेकर 30 साल बाद वापस मिलते हैं और इस बार मधुमती के कातिल को सबके सामने लाते हैं. यह फिल्म पुनर्जन्म पर बनी बॉलीवुड की शुरुआती फिल्मों में से एक है. फिल्म को उस साल के नौ फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे, जो अब तक किसी फिल्म को नहीं मिले थे. फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म का संगीत और गाने आज भी उतने ही लोकप्रिय है. सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसी, दिल तड़प-तड़प कह रहा है आ भी जा, आजा रे परदेसी, चढ़ गयो पापी बिछुआ, ज़ुल्मी संग आंख लड़ी… जैसे कई बेहतरीन गाने आज भी लोगों की ज़ुबां पर रहते हैं.

2. मिलन (1967)

Milan

सुनील दत्त, नूतन, जमुना, प्राण, देवेन वर्मा जैसे स्टारकास्ट से बनी यह फिल्म उस साल की ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म थी. फिल्म के निर्देशन अदुर्ती सुब्बा राव थे. यह फिल्म उनकी तेलुगू फिल्म मूगा मनसुलू का रीमेक है. फिल्म की कहानी शुरू होती है गोपी और राधा की शादी से. शादी के बाद हनीमून के लिए जाते हैं, जहां जाकर गोपी को अपने पिछले जन्म के बारे में धीरे-धीरे सब याद आ जाता है. पिछले जन्म में गोपी एक साधारण नाविक था और राधा उसी के गांव की एक धनी परिवार की बेटी. राधा जब विधवा हो जाती है, तो उसके साथ गोपी का नाम जोड़कर जब लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश करते हैं, तो वो दोनों नदी में कूदकर अपनी जान दे देते हैं. कुदरत का कमाल ही होता है कि अगले जन्म में दोनों मिलते हैं और लव मैरिज करते हैं. फिल्म का संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी का है और गाने आज भी बेहद लोकप्रिय हैं. सावन का महीना पवन करे शोर, हम-तुम युग-युग से, मैं तो दीवाना, राम करे ऐसा हो जाए, बोल गोरी बोल तेरा कौन पिया… जैस बेहतरीन गानों से सजी ये फिल्म एक बार ज़रूर देखें.

3. नील कमल (1968)

Neel Kamal

राम माहेश्‍वरी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में वहीदा रहमान, मनोज कुमार, राजकुमार मुख्य भूमिका में हैं. वहीदा रहमान को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित एक बेहतरीन एकतरफ़ा प्यार पर आधारित कहानी है. फिल्म की कहानी शुरू होती है सीता कॉलेज ट्रिप पर गई है, जहां खंडहरों से कुछ आवाज आती है. सीता रोज़ की तरह रात को नींद में चलती रहती है, तभी उसे गाड़ी से बचाने राम वहां पहुंच जाता है. राम और सीता की शादी हो जाती है, पर उसका रोज़ रात को नींद में चलना जारी रहता है. उसकी सास और ननद उसके पति को भड़काती हैं कि उसका किसी ग़ैरमर्द से संबंध है, जिससे मिलने वो रात को जाती है. एक रात सीता वहां पहुंच जाती है, जहां पुराने ज़माने के चित्रकार चित्रसेन को ज़िंदा दीवार में चुनवा दिया था, क्योंकि वो राजकुमारी नील कमल से प्रेम करता था. रोज़ रात को चित्रसेन ही गाना गाकर नील कमल को बुलाता है. पर सीता उससे कहती है कि उसने कभी उससे प्यार नहीं किया और वो स़िर्फ अपने पति राम से प्यार करती है, तो चित्रसेन की भटकती आत्मा हमेशा के लिए वहां से लुप्त हो जाती है. फिल्म का गीत-संगीत ज़बर्दस्त है. रोम-रोम में बसनेवाले राम, बाबुल की दुआएं लेती जा, आ जा तुझको पुकारे मेरा प्यार आज भी लोकप्रिय हैं.

4. कर्ज़ (1980)

Kare

सुभाष गई द्वारा निर्देशित इस फिल्म में ऋषि कपूर, टीना मुनीम और सिमी गरेवाल मुख्य भूमिका में थे. फिल्म की कहानी एक ऐसे लड़के मॉन्टी की है, जो सिंगर और म्यूज़िशियन है. एक दिन एक धुन बजाते ही उसे पुराना कुछ याद आता है और उसका पता लगाने के लिए उस जगह पर जाता है. वहां उसे पता चलता है कि जिससे उसने दिलो जान से चाहा था और शादी की थी, उसी कामिनी ने दौलत के लिए उसका खून कर दिया था, इसीलिए वह पुनर्जन्म लेकर वापस आया है, ताकि मौत का कर्ज़ उतार सके. फिल्म के गाने इतने पॉप्युलर हुए थे कि लोगों की ज़बान पर रहते थे. फिल्म का संगीत दिया था मशहूर म्यूज़िक जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलालजी ने. ओम शांति ओम, एक हसीना थी, दर्दे दिल दर्दे जिगर, मैं सोलह बरस की जैसे बेहतरीन गानें इसी फिल्म की सौगात हैं.

5. कुदरत (1981)

Kudrat

चेतन आनंद द्वारा लिखी और निर्देशित इस फिल्म में राजेश खन्ना, हेमा मालिनी, राजकुमार और विनोद खन्ना मुक्य भूमिका में थे. महबूबा के बाद राजेश खन्ना और हेमा मालिनी की यह दूसरी फिल्म थी, जो पुनर्जन्म पर आधारित थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर चार करोड़ से ज़्यादा की कमाई की थी. राजेश खन्ना को फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म की कहानी को फिल्मफेयर बेस्ट स्टोरी का अवॉर्ड मिला था. फिल्म की कहानी शुरू होती है चंद्रमुखी से जो पहली बार शिमला जाती है, पर वहां उसे बहुत कुछ जाना-पहचाना लगता है. इसी बीच चंद्रमुखी मोहन से मिलती है, जो वकील था अपने मेंटर जनक से मिलने आया था. चंद्रमुखी को सब याद आ जाता है कि पिछले जन्म में वह पारो और मोहन माधव था और दोनों एक-दूसरे को बहुत प्यार करते थे, पर जमींदार जनक चंद्रमुखी का बलात्कार कर उसे मार डालता है. उसके मरने की ख़बर से माधव भी ख़ुदकुशी कर लेता है. जनक के ख़िलाफ़ वो कोर्ट में जाता है और सच सबके सामने आ जाता है. फिल्म का ज़बर्दस्त संगीत आरडी बर्मन ने दिया है और लिरिक्स मजरूह सुल्तानपुरी के हैं. इसके गीत तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया और हमें तुमसे प्यार कितना काफ़ी पॉप्युलर हैं.

6. सूर्यवंशी (1992)

Bollywood Movies Based On Reincarnation

फिल्म में सलमान खान, शीबा और अमृता सिंह लीड रोल में थे. अमृता सिंह इस फिल्म में निगेटिव किरदार में नज़र आई हैं. फिल्म के डायरेक्टर राकेश कुमार हैं. एक महल की खुदाई के दौरान कई साल पुरानी एक कहानी सामने निकलकर आती है, जिसके मुताबिक राजकुमारी सूर्यलेखा की आत्मा उस महल में फंस गई है और राजकुमार विक्रम सिंह का इंतज़ार कर रही है. विक्की पूर्व जन्म में र्सूर्यवंशी राजकुमार विक्रम सिंह था, जो अपने दोस्त का बदला लेने के लिए सूर्यलेखा से प्यार का नाटक करता है. सूर्यलेखा महल से कूदकर जान दे देती है और विक्रम सिंह को राजगुरू मार देते हैं. यह एक एक्शन ड्रामा फिल्म है.

7. करण-अर्जुन (1995)

Karan Arjun

बॉलीवुड के दो सबसे बड़े सुपरस्टार्स शाहरुख खान और सलमान खान एक साथ इस फिल्म में पुनर्जन्म लें और फिल्म सुपरहिट न हो, ऐसा भला हो सकता है क्या. एक लाचार मां के दो बेटे जो मरने के बाद अलग-अलग जगह पैदा होते हैं, पर पिछले जन्म के बारे में याद आते ही अपनी मां के पास आ जाते हैं, ताकि अपनी मौत का बदला ले सकें. फिल्म के निर्माता और निर्देशक राकेश रोशन हैं. फिल्म में राखी,
काजोल, अमरीश पुरी, ममता कुलकर्णी और जॉनी लिवर मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म का डायलॉग मेरे करण-अर्जुन आएंगे रोज़मर्रा की बातचीत का हिस्सा बन गया है. फिल्म के संगीतकार राजेश रोशन को फिल्मफेयर का बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था. फिल्म के सभी गाने बहुत मशहूर हैं.

8. ओम शांति ओम (2007)

Om Shanti Om

फराह ख़ान की यह फिल्म 1948 की फिल्म मधुमती से इंस्पायर्ड है. शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और अर्जुन रामपाल की इस फिल्म से दीपिका पादुकोण ने डेब्यू किया था. दीपिका पादुकोण को इसके लिए फिल्मफेयर का बेस्ट डेब्यू अवॉर्ड भी मिला. फिल्म की कहानी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा और एक स्ट्रगलिंग एक्टर की लव स्टोरी पर है, जो दोबारा जन्म लेकर गुनहगार को सबके सामने लाते हैं. फिल्म

9. मक्खी (2012)

Makkhi

बाहूबली जैसी सुपरहिट फिल्म बनानेवाले लेजेंडरी फिल्ममेकर एसएस राजमौली द्वारा निर्देशित यह फिल्म पहले तेलुगू में बनी थी, जिसे बाद में हिंदी में डब किया गया था. पहली बार इस फिल्म में ऐसा हुआ था कि हीरो मरकर एक मक्खी के रूप में पुनर्जन्म लेकर आता है और अपनी प्रेमिका को हर मुश्किल से बचाता है. फिल्म की कहानी बेहद मज़ेदार है. मक्खी के रूप में आकर विलेन को सताना और ख़त्म कर देना दर्शकों को बेहद दिलचस्प लगता हैै. फिल्म के बेहतरीन इफेक्ट्स के लिए इसे नेशनल अवॉर्ड फॉर बेस्ट स्पेशल इफेक्ट मिला. मनोरंजन के शौकीनों को यह फिल्म एक बार ज़रूर देखनी चाहिए.

10. हाउसफुल 4 (2019)

Housefull 4

साजिद नाडियादवाला की यह कॉमेडी फिल्म भी पुनर्जन्म पर आधारित है. अक्षय कुमार, रितेश देखमुख, बॉबी देओल, कृति सेनॉन, पूजा हेगड़े और कृति खरबंदा मुख्य भूमिका में हैं. 14वीं शताब्दी के राजकुमारों और राजकुमारियों की प्रेम कहानी, जब 800 साल बाद दोबारा मिलते हैं, तो किस तरह उनकी ज़िंदगी में बदलाव आते हैं. कॉमेडी दर्शकों को पसंद आई. 250 करोड़ के पार कमाई करनेवाली इस फिल्म का गाना बाला ओ बाला काफ़ी पॉप्युलर हुआ है.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ेंः  बिग बॉस 13ः कौन है इस सीज़न का सबसे बड़ा खिलाड़ी? कमेंट करें (Bigg Boss 13: Who Do You Think Was The Biggest Gamer Of This Season?)

हैप्पी रोज़ डे: गुलाब से गुलाबी होता प्यार और फिल्मी सफ़र… (Happy Rose Day: Rose Journey In Hindi Movies…)

प्यारभरे वैलेंटाइन वीक की शुरुआत रोज़ डे हो गई है. आज रोज़ डे है, हर चाहनेवालों के लिए गुलाब के फूल द्वारा अपनी मोहब्बत का इज़हार करने का दिन. फिल्मों में तो गुलाब के फूलों का अच्छा-ख़ासा महत्व रहा है. कभी कोई फिल्म, तो कोई सीन इन ख़ूबसूरत गुलाबों के ज़रिए लव एक्सप्रेस करने का बहाना बन जाती है.

Rose Journey In Hindi Movies

अस्सी के दशक में सुपरस्टार राजेश खन्ना की एक फिल्म आई थी रेड रोज़. प्यार, मिलन-जुदाई, सस्पेंस का लाजवाब मिश्रण था फिल्म में. इसमें राजेश खन्ना के निगेटिव शेड को भी लोगों ने ख़ूब पसंद किया.

मनमोहन देसाई की सुपर-डुपर हिट मूवी अमर अकबर एंथोनी को दर्शकों को बेहद प्यार मिला था. इसके हर सीन, गाने, संवाद आडियंस के जुबां पर थे. इसी फिल्म का एक ख़ास दृश्य जब अमिताभ बच्चन परवीन बॉबी को देखते हैं और गुलाब का फूल देते हुए हिचकिचाते-घबराते हुए अपने वन साइड लव को दर्शाते हैं.

यश चोपड़ा की फिल्मों में फूलों को बेहतरीन तरी़के से दिखाया जाता रहा है, ख़ासकर सूर्ख़ गुलाब के फूलों को. उनकी हर फिल्म में गुलाब के फूल किसी-न-किसी रूप में दिखाई देते हैं. लोगों के ज़ेहन में फिल्म सिलसिला का अमिताभ बच्चन और रेखा के प्रेम को ऊंचाइयां देता गुलाब के फूलों का गुलदस्ता न जाने कितनी ही कहानियों को बयां करता है. फिर तो चांदनी, विजय, डर, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, वीर-ज़ारा, जब तक है जान… यशजी के हर फिल्म में गुलाब के फूलों का सिलसिला चलता ही रहा.

गुलाब के फूलों को फिल्मों ने एक नई परंपरा और नया अंदाज़ दिया है इसमें कोई दो राय नहीं है. दिल तो पागल है फिल्म में शाहरुख ख़ान और माधुरी दीक्षित हो या अक्षय कुमार व करिश्मा कपूर हर एक दिल का धड़कन को बढ़ाता रहा रोज़.

ऐसे न जाने कितने मज़ेदार दृश्य, सीन और गाने रहे हैं, जो गुलाब के फूलों के बिना अधूरे हैं. तो क्यों न गुलाब के इस यात्रा का लुत्फ़ उठाया जाए…

 

 

 

 

यह भी पढ़ेफिल्म रिव्यूः शिकारा ( Film Review Of Shikara)

डरना ज़रूरी है: बॉलीवुड की 11 बेस्ट हॉरर फिल्में (11 Best Horror Films Of Bollywood, Must Watch)

हॉरर फिल्मों के नाम पर ज़्यादातर लोगों को भद्दे से कॉस्ट्यूम और गंदे से मेकअपवाले कैरेक्टर्स दिमाग़ में आते हैं, जिन्हें देखकर डरना तो दूर की बात है, हंसी अलबत्ता छूट जाती है. पर ऐसा नहीं है कि बॉलीवुड में अच्छी हॉरर फिल्में नहीं बनी हैं. ऐसी कई फिल्में हैं, जिन्हें डरावनी ही कहा जा सकता है. आइए देखें, कौन-सी हैं वो बॉलीवुड की 11 बेस्ट हॉरर फिल्में जिन्हें आप अकेले नहीं देख सकते.

1. महल (1949)

Best Horror Films Of Bollywood

मशहूर फिल्म डायरेक्टर कमाल अमरोही साहब यह फिल्म बॉलीवुड की पहली हॉरर फिल्म मानी जाती है. इस फिल्म में अशोक कुमार और मधुबाला मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित है. फिल्मों के शौकीनों के लिए यह जानना बेहद दिलचस्प होगा कि बतौर डायरेक्टर न स़िर्फ यह कमाल अमरोहीजी की यह पहली फिल्म थी, बल्कि महान गायिका लता मंगेशकर और ख़ूबसूरत अदाकारा मधुबाला की भी बतौर अभिनेत्री यह पहली फिल्म थी. इस फिल्म के बारे में एक मशहूर क़िस्सा भी जुड़ा है. जब इस फिल्म का गीत ‘आएगा आनेवाला’ पहली बार ऑल इंडिया रेडियो पर बजाया गया था, तब ऑल इंडिया रेडियो में श्रोताओं के फोन कॉल्स की बाढ़ आ गई थी. हर कोई जानना चाहता था कि इस गाने की गायिका कौन हैं. यह फिल्म ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट के 10 ग्रेट रोमांटिक हॉरर फिल्म की लिस्ट में शामिल है. सुपर नेचुरल सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों की शुरुआत इसी फिल्म से हुई थी. छोटे-मोटे इफेक्ट् के बावजूद यह फिल्म दर्शकों को काफ़ी पसंद आई थी.

2. बीस साल बाद (1962)

Best Horror Films Of Bollywood

आधी रात को सूनसान जगहों पर घूमती रहस्यमयी औरत और कहीं दीप जले कहीं दिल गाना आज भी लोगों के ज़ेहन में जस का तस बना हुआ है. पूरे देश में उस समय इसी फिल्म की चर्चा होती थी, तभी तो उस साल की यह सुपर हिट फिल्म बनी थी. हेमंत कुमार इस फिल्म के प्रोड्यूसर और संगीतकार थे, सशथ ही उन्होंने कुछ गाने भी गाए थे. फिल्म में विश्‍वजीत, वहीदा रहमान और मदन पुरी थे. फिल्म का गाना कहीं दीप जले कहीं दिल मशहूर गीतकार शकील बदायूनी ने लिखा था, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट लिरिसिस्ट का अवॉर्ड भी मिला. लता मंगेशकर को इस गाने के लिए बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड मिला था. बॉलीवुड की यह सस्पेंस थ्रिलर फिल्म आज 50 साल बाद भी लोगों को उतना ही डरा रही है.

3. कोहरा (1964)

Kohraa

इस फिल्म में विश्‍वजीत, वहीदा रहमान और ललीता पवार मुख्य भूमिका में थे. यह फिल्म इंग्लिश नॉवेल रेबिका पर आधारित है. बीस साल बाद की ज़बर्दस्त सफलता के बाद डायरेक्टर बिरेन नाग की ये दूसरी हॉरर फिल्म थी, जो लोगों ने काफ़ी पसंद की. राजेश्‍वरी (वहीदा रहमान) की मुलाकात एक अमीर रईसज़ादे अशोक कुमार (विश्‍वजीत) से होती है और दोनों शादी कर लेते हैं. शादी के बाद अशोक राजेश्‍वरी को अपनी हवेली लेकर आता है, जहां उसे अशोक की पहली पत्नी पूनम की संदिग्ध हालातों में हुई मौत के बारे में पता चलता है. अशोक के बिज़नेस ट्रिप पर जाने हवेली में बहुत अजीब घटनाएं घटती हैं और जब राजेश्‍वरी पूनम की मौत का पता लगाती है, तो उसके सामने बहुत-से लोगों के असली चेहरे आते हैं.

4. जानी दुश्मन (1979)

Jaani Dushman

राजकुमार कोहली की इस हॉरर मल्टी स्टारर फिल्म में सुनील दत्त, संजीव कुमार, जितेंद्र, शत्रुघ्न सिन्हा, विनोद मेहरा, रीना रॉय, रेखा और नीतू सिंह मुख्य भूमिका में हैं. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सुपर हिट थी. फिल्म का संगीत दिया है, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने और गायकों के मामले में भी फिल्म मल्टी स्टारर है. जी हां फिल्म में लता मंगेशकर, आशा भोसले, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और अनुराधा पौडवाल जैसे दिग्गज गायकों ने अपनी आवाज़ दी है. फिल्म के कई गीत आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं. फिल्म कहानी है एक ऐसे गांव की, जहां लाल जोड़ेवाली दुल्हन डोली में बैठते ही गायब हो जाती है. फिल्म का सस्पेंस काफ़ी अच्छा है.

5. वीराना (1988)

Veerana

रामसे ब्रदर्स की इस फिल्म में जैसमीन, हेमंत बिरजे, साहिला चड्ढ़ा मुख्य भूमिका में थे. फिल्म में गुलशन ग्रोवर और सतीश शाह का अभिनय बेहद मनोरंजक है. एक बुरी आत्मा नकिता को ज़िंदा करने के लिए जैसमीन के शरीर का सहारा लिया जाता है. नकिता जैसमीन के शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है और अपने काम करने लगती है. हेमंत जैसमीन की चचेरी बहन के साथ हवेली में आता है और हवेली की अजीबोगरीब गतिविधियों पर उसकी नज़र जाती है. वह जैसमीन को छुड़ाने की कोशिश करता है. हॉरर के साथ-साथ फिल्म में कॉमेडी का भी तड़का है. रामसे ब्रदर्स की फिल्म देखना चाहते हैं, तो वीराना ज़रूर देखें.

6. रात (1992)

Raat

राम गोपाल वर्मा की हॉरर फिल्मों में से यह एक बेहतरीन फिल्म मानी जाती है. हिंदी और तेलुगू दो भाषाओं में बननेवाली इस फिल्म में रेवती प्रमुख भूमिका में थी. इस फिल्म में एक बिल्ली की मौत को दिखाया गया है, जिसकी आत्मा रेवती के शरीर पर कब्ज़ा कर लेती है. सुपर नेचुरल थ्रिलर यह एक बेहद डरावनी फिल्म है. रेवती की अदाकारी काबिले तारीफ़ है. इतना तो यकीन है कि इस फिल्म को देखने के बाद आप बिल्लियों को देखने का आपका नज़रिया बदल देगा.

7. राज़ (2002)

Raaz

21वीं सदी में वापस से हॉरर फिल्मों के ट्रेंड को शुरू का श्रेय इस फिल्म को जाता है. यह फिल्म अमेरिकन फिल्म व्हॉट लाइज़ बिनीथ पर आधारित है. विक्रम भट्ट के डायरेक्शन में बनी यह एक और क्लासिक हॉरर फिल्म है. बिपाशा बसु और दीनो मौर्या की लाजवाब अदाकारीवाली यह फिल्म सुपर हिट हुई थी. इस फिल्म के सभी गाने आज भी हिट हैं. मुंबई शहर का एक कपल अपनी टूटती शादी को बचाने के लिए कुछ दिनों के लिए ऊटी जाते हैं, लेकिन उस घर में जाते ही कुछ अजीबो गरीब चीज़ें होने लगती हैं. किसी और के होने का एहसास उनकी शादीशुदा ज़िंदगी में तूफ़ान ला देता है. अपने पति का उस रूह से बचाने के लिए बिपाशा बसु डरावनी लड़ाई लड़ती हैं.

8. 1920 (2008)

1920

एक पुरानी शानदार हवेली में एक रहस्यमयी केयरटेकर और एक नया शादीशुदा जोड़ा. अदा शर्मा, रजनीश दुग्गल और इंद्रनील सेनगुप्ता फिल्म के मुख्य कलाकार हैं. अदा शर्मा की अदाकारी बेहद लाजवाब है. वो दर्शकों को डराने में वो पूरी तरह कामयाब होती हैं. यह फिल्म 1973 की फिल्म एक्सॉरसिस्ट पर आधारित है. इस फिल्म में आपको हॉरर महसूस होगा. इस फिल्म के डायरेक्टर विक्रम भट्ट हैं.

9. 13 बी (2009)

Best Horror Films Of Bollywood

 

आर माधवन और नीतू चंद्रा द्वारा अभिनीत यह फिल्म एक बेहतरीन हॉरर फिल्म है. यह फिल्म विक्रम कुमार द्वारा लिखित और निर्देशित है. फिल्म तमिल और हिंदी दो भाषाओं में बनी थी. 13 बी- फियर हैज़ ए न्यू एड्रेस के टैगवाली यह फिल्म बेहद दिलचस्प है. अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं, तो आपको यह फिल्म ज़रूर देखनी चाहिए. सभी अख़बारों में इसकी काफ़ी चर्चा और तारीफ़ हुई थी. रेडिफ ने इसे 2009 की बेस्ट फिल्मों में से एक बताया था. इस फिल्म की कहानी बेहद दिलचस्प है. मनोहर (माधवन) का परिवार नए घर में शिफ्ट होते हैं और रोज़ रात को उनके टीवी पर एक डेली सोप आता है, जिसे पूरा परिवार बैठकर देखता है. धीरे-धीरे मनोहर को यह एहसास होता है कि उनके जीवन में वही हो रहा है, जो सीरियल में हो रहा है. अपने परिवार को बचाने के लिए वह उस सीरियल की हक़ीक़त तक पहुंचता है.

10. शापित (2010)

Shaapit

गायक आदित्य नारायण ने बतौर अभिनता यह फिल्म की थी, जो लोगों को काफ़ी पसंद आई थी. विक्रम भट्ट के डायरेक्शन में बनी यह एक और अच्छी हॉरर फिल्म है. इस फिल्म में आदित्य नारायण के साथ एक्ट्रेस श्‍वेता अग्रवाल और राहुल देव मुख्य भूमिका में हैं. इस फिल्म की कहानी एक परिवार की बेटियों पर आधारित हैं, जो श्रापग्रस्त हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी वह श्राप आगे बढ़ रहा है.

11. एक थी डायन (2013)

Best Horror Films Of Bollywood

बोलने के लिए हम भले ही किसी को डायन बोल दें, पर डायन के बारे में सोचकर ही हम सकते में आ जाते हैं. कोंकणा सेन शर्मा, हूमा कुरेशी, कल्की कोचलिन और इमरान हाशमी फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं. इस सुपरनेचुरल थ्रिलर फिल्म के निर्देशक कनन अइय्यर हैं. कोंकणा सेन शर्मा ने डायन का किरदार बख़ूबी निभाया है. बॉलीवुड की अच्छी हॉरर मूवीज़ की लिस्ट में इस फिल्म का नाम ज़रूर होगा. अच्छे हॉरर के शौकीनों को यह फिल्म मिस नहीं करनी चाहिए.

इनके अलावा भूत, रागिनी एमएमएस, हॉरर स्टोरी, डरना मना है और फूंक भी अच्छी हॉरर फिल्में हैं. इस लिस्ट को देखने के बाद आप यह शिकायत नहीं कर पाएंगे कि बॉलीवुड में अच्छी हॉरर फिल्में नहीं बनतीं. थ्रिल को एंजॉय करें.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: फिल्म रिव्यूः पंगा (Movie Review Of Panga)

Martyrs’Day: गांधीजी की याद में… उनसे प्रेरित गीत… (#Songs: A Tribute To Mahatma Gandhi On His Death Anniversary..)

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी की पुण्यतिथि है. शहीद दिवस के रूप इस दिन बापू को देश ही नहीं दुनियाभर में याद किया जाता है. उनसे फिल्मी दुनिया भी जुड़ी रही है. गांधीजी को लेकर कई देशप्रेम, एकता, अहिंसा से जुड़े फिल्मी गानों ने भारतवासियों को बेहद प्रभावित किया है. आज उनकी स्मृति में कुछ चुनिंदा गीतों को देखते-सुनते हैं.

Mahatma Gandhi

 

 

RAGHUPATI RAGHAV RAJA RAM WITH LYRICS FULL VIDEO SONG from SHARADA movie starring Meena Kumari, Raj Kapoor, Anita Guha, Manorama in lead roles, released in 1957. The song is sung by Lata Mangeshkar and music is given by C. Ramchandra, Song: RAGHUPATI RAGHAV RAJA RAM WITH LYRICSSinger: LATA MANGESHKARMusic Director: C. RAMCHANDRALyricist: RAJINDER KRISHAN

Posted by GEET GANGA on Wednesday, 6 March 2019

संदेश…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन! पूज्य बापू के व्यक्तित्व, विचार और आदर्श हमें सशक्त, सक्षम और समृद्ध न्यू इंडिया के निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे.

यह भी पढ़ेतैमूर के आक्रामक व्यवहार के बारे में सैफ अली खान का खुलासा (Saif Ali Khan Opens Up On Taimur Ali Khan’s Aggressive Behaviour)

मिलिए बॉलीवुड की इन फीमेल विलेन यानी वैंप्स से, जिनके एक्सप्रेशन्स ही होते थे जानलेवा! (Most Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood)

 Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood
मिलिए बॉलीवुड की इन फीमेल विलेन यानी वैंप्स से, जिनके एक्सप्रेशन्स ही होते थे जानलेवा! (Most Evil & Sizzling Vamps Of Bollywood)

बॉलीवुड की लेडी डॉन कौन है? फीमले विलेन यानी वैंप्स का नाम आते ही बहुत-से चेहरे ख़्यालों में आने लगते हैं. कभी बहू पर अत्याचार करती ज़ालिम सास, तो कभी मेल डॉन का साथ देती हॉट हसीना. आप भी मिलिए इन फीमेल विलेन से, जिनके बिना हर फिल्म अधूरी लगती है.

ललिता पवार: इनके एक्सप्रेशन्स हों या फिर डायलोग बोलने का अंदाज़, हर बात ने इन्हें बेहद फेमस किया. ये बॉलीवुड की सबसे ज़ालिम सास थीं, जो अपनी मासूम बहू पर अत्याचार करके भी लोगों की फेवरेट बन जाती थीं. हालांकि ललिता पवार ने कैरेक्टर रोल्स भी किए, पर उन्हें पॉप्युलैरिटी तो निगेटिव रोल्स ने ही दी. आज भी मंथरा का नाम याद आते ही ललिता पवार का चेहरा सामने घूम जाता है. हिंदी, मराठी और गुजराती मिलाकर कुल 700 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकीं ललिता पवार की ज़िंदगी में ट्विस्ट तब आया, जब शूटिंग के दौरान भगवान दादा ने उन्हें ज़ोर से थप्पड़ मार दिया था, जिससे उनकी एक आंख की नस पर असर हुआ और उनकी आंख ख़राब हो गई थी. लेकिन इसके बाद उन्होंने इसे ही अपनी पहचान और मज़बूती बनाकर हर रोल को जीवंत कर दिया और वो बन गईं सबसे ज़ालिम सास. उनके काम के लिए भारत सरकार ने भी उन्हें सम्मानित किया और अमिताभ बच्चन ने भी उनकी 100वीं बर्थ एनीवर्सरी पर ट्वीट करके उन्हें याद किया.

Lalita Pawar

नादिरा: फिल्म आन में लीड एक्ट्रेस के तौर पर अपना फिल्मी सफ़र शुरू करनेवाली नादिरा अपने स्टाइलिश अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं. करियर की शुरुआत भले ही उन्होंने हीरोइन के रोल से की, लेकिन उन्हें याद किया जाता है निगेटिव रोल्स के लिए. मुड़-मुड़कर न देख गाना उनका इतना फेमस हुआ कि आज भी यह गाना सुनते ही उनका अंदाज़ याद आ जाता है. नादिरा एक बगदादी जूइश परिवार में जन्मी थीं. उनका मॉडर्न लुक उनकी सबसे बड़ी पहचान था और उनके एक्सप्रेशन्स उनके क़िरदार की जान. श्री 420 से लेकर फिल्म जूली तक उन्होंने कई तरह के रोल्स किए, पर जूली की मां के रोल ने उन्हें अलग पहचान दी.

Nadira

बिंदू: फिल्मों की मोना डार्लिंग आज भी बेहद पॉप्युलर हैं. गुजराती परिवार में जन्मी बिंदू ने वैंप्स की एक नई पीढ़ी की शुरुआत की. बिंदू ख़ूबसूरत थीं, हॉट थीं और अच्छी डान्सर भी थीं. कभी विलेन की गर्लफ्रेंड बनकर, तो कभी सौतेली मां बनकर उन्होंने अपने क़िरदारों को अपने नाम कर लिया. बिंदू के पिता फिल्म प्रड्यूसर ही थे, पर जब वो मात्र 13 साल की थीं, तो उनके पिता की मृत्यु हो गई, जिससे परिवार की ज़िम्मेदारी उन पर आ गई, क्योंकि वो घर में सबसे बड़ी थीं. बिंदू ने कई तरह के क़िरदार किए और अपने टैलेंट के साथ-साथ उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि वैंप्स भी हॉटनेस और बोल्डनेस से दर्शकों की फेवरेट बन सकती हैं. फिल्म कटी पतंग में इन्होंने पहली बार सेक्सी ड्रेस में कैबरा किया और वो गाना- मेरा नाम है शबनम सबका हॉट फेवरेट बन गया और बिंदू नई स्टार आयकॉन.

Bindu

अरुणा ईरानी: इन्होंने भी अपने करियर की शुरुआत लीड एक्ट्रेस के तौर पर ही की थी, पर इन्हें दर्शकों ने निगेटिव रोल्स में ज़्यादा पसंद किया. ख़ूबसूरती और टैलेंट की इनमें कमी नहीं थी. अपने परिवार में ये सबसे बड़ी थीं और पैसों की कमी के चलते मात्र छठी क्लास तक ही पढ़ पाईं, पर इनके टैलेंट ने इन्हें स्टारडम के साथ-साथ पैसा और इज़्ज़त भी दिलवा दिया.

Aruna Irani

मनोरमा: चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर ये फिल्मों में आईं. मनोरमा हाफ आइरिश थीं. फिल्म सीता और गीता की चालाक व धूर्त चाची के रूप में लोगों के दिलों में इन्होंने अब तक जगह बनाई हुई है. उनका मेकअप और आंखें मटकाने का ख़ास अंदाज़ उन्हें बाकी वैंप्स से अलग करता था. मनोरमा ने 100 से भी अधिक फिल्मों में काम किया.

Manorama

शशिकला: 100 से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुकीं शशिकला के टैलेंट का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 5 वर्ष की उम्र से ही वो स्टे पर डान्सिंग, सिंगिंग और परफॉर्म करने लग गई थीं. किन्हीं कारणों से उनके पिताजी दिवालिया हो गए थे और वो अपने परिवार को मुंबई ले आए, क्योंकि उन्हें लगता था कि शशिकला की ख़ूबसूरती और टैलेंट उसे फिल्मों में काम दिलवा सकेगा. शुरुआत में स्टूडियो के धक्के खाने पर उन्हें छोटे-मोटे रोल्स मिले, पर एक्ट्रेस नूरजहां से मिलने के बाद उनका नसीब बदल गया. नूरजहां के पति ने शशिकला को अपनी फिल्म में रोल दिया. उसके बाद उन्हें रोल्स भी मिले और पहचान भी.

Sasikala

हेलन: डान्सिंग क्वीन हेलन ने 700 से भी अधिक फिल्मों में काम किया. एक समय था, जब लोग फिल्म इसलिए देखने जाते थे कि उसमें हेलन का डांस नंबर है. ये था उनकी पॉप्युलैरिटी का आलम. हॉट और सेक्सी हेलन ने कई कैरेक्टर रोल्स भी किए और आज की तारीख़ में लोग उन्हें सलमान ख़ान की स्टेप मदर के रूप में अधिक जानते हैं. भारतीय सरकार द्वारा इन्हें पद्मश्री से भी नवाज़ा जा चुका है. हेलन एंग्लो इंडियन पिता और बर्मीज़ मदर के यहां बर्मा के रंगून में पैदा हुई थीं. उनके की मृत्यु पिता वर्ल्ड वार 2 में हो गई थी और वो अपने परिवार के साथ शरण लेने के लिए मुंबई आ पहुंचीं. भारत आने के बाद भी उन्होंने व उनके परिवार ने बहुत बुरे दिन देखे. भूख-ग़रीबी ने उन्हें बेहाल कर रखा था. उनकी मां, भाई व उन्हें 2 महीने तक अस्पताल में रहने व इलाज के बाद नया जीवन मिला. इसके बाद वो कोलकाता गए, पर उनकी मां का वहां देहांत हो गया. परिवार के लिए उन्होंने स्कूल छोड़ फिल्मों का रुख किया और पहले ही ब्रेक ने उन्हें मशहूर कर दिया. जी हां, हावड़ा ब्रिज का गाना मेरा नाम चिन-चिन-चू… बेहद पॉप्युलर हुआ, पर उसके साथ हेलन का डांस और टैलेंट भी सबके सामने आया गया. रील लाइफ में हेलन ने जितनी पॉप्युलैरिटी देखी, अपनी रियल व पर्सनल लाइफ में उतनी ही परेशानियां. आज वो खान परिवार का हिस्सा हैं, क्योंकि सलीम खान ने उन्हें न स़िर्फ फिल्मों में बल्कि पर्सनल लाइफ में भी काफ़ी सपोर्ट किया.

Helen

प्रियंका और काजोल भी कर चुकी हैं निगेटिव रोल्स: प्रियंका चोपड़ा ने ऐतराज़ और सात ख़ून माफ़ में जिस ख़ूबसूरती से निगेटिव क़िरदार निभाया, उनकी अदाकारी का अलग रूप ही सामने आया. देसी गर्ल व़क्त आने पर हॉट वैंप भी बन सकती है और उसमें भी उतनी ही पसंद की जा सकती है, यह उन्होंने साबित कर दिया.

Priyanka
इसी तरह से काजोल ने भी गुप्त में एक सायको किलर का रोल करके सबको चौंका दिया था. काजोल के टैलेंट को लेकर कभी किसी को कोई शक नहीं था, पर वो इस तरह के क़िरदार को भी जीवंत कर सकती हैं, यह किसी ने नहीं सोचा था.

Kajol

यह भी पढ़ें: बेटी सारा अली खान की फिल्म ‘लव आज कल’ का ट्रेलर देखकर ऐसा था सैफ अली खान का रिएक्शन (Saif Ali Khan Reacts On Daughter, Sara Ali Khan’s ‘Love Aaj Kal’)

10 अजीब बॉलीवुड फिल्मों के नाम, जिन्हें देखकर आपकी हंसी छूट जाएगी (10 Weird Bollywood Movie Names That Will Make You Laugh)

बॉलीवुड में हर साल अनगिनत फिल्में बनती हैं, पर लोगों की ज़ुबान पर उन्हीं का नाम रहता है, जो बड़े स्टार कास्ट की होती हैं या सुपर हिट होती हैं. इनके अलावा कितनी ही फिल्में ऐसी बनती हैं, जिनका आम लोग नाम भी नहीं सुनते. हम यहां बॉलीवुड की कुछ ऐसी ही फिल्मों के नाम आपको बता रहे हैं, जिन्हें देखकर आपकी भी हंसी छूट जाएगी.

1.  धोती, लोटा और चौपाटी
Weird Bollywood Movie Names
1975 में आई इस फिल्म के हीरो वैसे तो नाज़िर हुसैन थे, पर इस फिल्म में स्टार कास्ट के लिए कुल 28 लोग थे, जिनमें संजीव कुमार, धर्मेंद, महमूद, हेलेन, जगदीप, फरीदा जलाल, ओम प्रकाश, टुनटुन और बिंदू जैसे बड़े स्टासर्र् क़िरदार निभाए थे.
2. सस्ती दुल्हन महंगा दूल्हा
Sasti Dulhan Mahenga Dulha
वर्ष 1986 में आई इस फिल्म में आदित्य पंचोली, महेश आनंद और बीना बैनर्जी जैसे कलाकार थे. इस फिल्म के डायरेक्टर भप्पी सोनी थे.
3. बंदूक दहेज के सीने पर
Bandook Dahej Ke Seene Par
साल 1989 में आई फिल्म के डायरेक्टर रामगोपाल गुप्ता थे. शशि कपूर, सदाशिव अमरापुरकर, गुलशन ग्रोवर, किरण कुमार, रज़ा मुराद, शेखर सुमन, सोनिका गिल और अर्चना पूरन सिंह जैसे कलाकार इस फिल्म की स्टार कास्ट थे.
4. मेहंदी बन गई खून
Mehandi Ban Gai Khoon
जूही चावला और सतीश शाह की स्टार कास्ट वाली इस फिल्म के डायरेक्टर आर.एस गेहलन थे. इस फिल्म का संगीत ऊषा खन्ना ने दिया था.
5. मुर्दे की जान ख़तरे में
murde ki jaan khatre mein
भोजपुरी सुपर स्टार कुनाल सिंह, रोमा मानिक और पैंताल जैसे कलाकारों से बनी यह फिल्म 1985 में आई थी.
6. सोने का दिल लोहे के हाथ
sone ka dil lohe ke haath
1978 में आई इस फिल्म के अभिनेता थे जुबली स्टार राजेंद्र कुमार. उनके साथ इस फिल्म में विद्या सिन्हा, माला सिन्हा, दारा सिंह और अरुणा ईरानी जैसे कलाकार थे. इसके डायरेक्टर नरेश कुमार थे.
7. राजा रानी को चाहिए पसीना

raja rani ko chaiye paseena

1978 की इस बॉलीवुड फिल्म की डायरेक्टर सुलभा देशपांडे थीं. इस फिल्म में सुशांत रे, दुर्गा और जसराज जैसे कलाकार थे.

8. ग्यारह हज़ार लड़कियां
gyara hazar kadkian
भारत भूषण और माला सिन्हा अभिनीत यह फिल्म 1962 में सिनेमाघरों में आई थी. फिल्म के डायरेक्टर केए अब्बास थे. यह एक रोमांटिक सोशल ड्रामा फिल्म थी.
9. भेड़ियों का समूह
bhediyon ka samooh
1991 में आई इस फिल्म के डायरेक्टर एमके शंकर थे. इस फिल्म में शिवाजी साटम, राजश्री पिंगले, गीता नाईक और सुनील चव्हाण जैसे कलाकार थे.

 

10. एक से मेरा क्या होगा
 ek se mera kya hoga
2006 में आई इस फिल्म में समीर कोचर और पायल रोहातगी मुख्य भूमिका में थे. इनके अलावा फिल्म में संगीता तिवारी तन्वी वर्मा और मल्लिका नायर थे. फिल्म के डायरेक्टर टीएलवी प्रसाद थे.

– अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: बेटी सारा अली खान की फिल्म ‘लव आज कल’ का ट्रेलर देखकर ऐसा था सैफ अली खान का रिएक्शन (Saif Ali Khan Reacts On Daughter, Sara Ali Khan’s ‘Love Aaj Kal’)

अजय देवगन का मास्टर स्ट्रोक- विवादों, क्रिकेट, फिल्मों पर… (Ajay Devgan’s Master Stroke- On Controversies, Cricket, Films…)

अजय देवगन उन कलाकारों में से हैं, जो हर काम सोच-समझकर व योजना के साथ करते हैं. इन दिनों अपनी फिल्म तान्हाजी- अनसंग वॉरियर के प्रमोशन के दरमियान उन्होंने हर मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी, फिर चाहे वो फिल्में हो, क्रिकेट या फिर इन दिनों देश में चल रहे विवाद ही क्यों न हो.

Ajay Devgan

यह उनका मास्टर स्ट्रोक रहा कि जिस विषय में हमें पूरी जानकारी न हो, क्या हो रहा है, क्यों हो रहा है, ऐसे में उसके बारे में कुछ भी कहना ठीक नहीं है. हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. इससे देश का ही नुक़सान होता है. हमें स्टार्स को लोग सुनते हैं और हमारा अनुसरण करते हैं, इसलिए हमारा हर कदम बहुत सोच-समझकर होना चाहिए. क्योंकि इससे बहुत लोग प्रभावित होते हैं. फैन्स, सोशल मीडिया, कलाकार आदि…

कितना सच व सटीक कहा है अजय देवगन ने. कई बार कितने ही फिल्मी लोग बहकावे में आकार, गुमराह होकर या फिर अपनी अकड़ के कारण ऐसे कई एक्शन-रिएक्शन दे देते हैं, जो उन्हें नहीं देना चाहिए.

इसी संदर्भ में शाइना एन. सी. ने एक बहुत अच्छी बात कही कि एकमात्र हमारा ही ऐसा देश है, जहां विरोधी आसानी से अपने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी की आलोचना करते हैं, बहुत कुछ कहते हैं. विरोधी लोग इस आज़ादी का आनंद ज़रूर लें, पर अपनी छल-कपट से भरी गतिविधियों पर भी ज़रूर ध्यान दें…

Ajay Devgan

अजय देवगन ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की तुलना तान्हाजी वीर से भी की. उनका कहना था कि जिस तरह तान्हाजी ने दुश्मनों से जीत के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था, उसी तरह विराट कोहली भी ज़बर्दस्त योद्धा हैं. वे अपने आक्रामक व उम्दा खेल के साथ देश को जीत दिलाने के लिए जी-जान लड़ा देते हैं. साथ ही अजय ने अपने क्रिकेट खेलने के दिनों की यादों को भी साझा किया. वे भी ख़ूब क्रिकेट खेला करते थे. एक बार तो कैच पकड़ते समय उनकी हाथ की उंगली तक टूट गई थी. आज भी उनकी वो उंगली थोड़ी मुड़ी हुई है.

फिल्मों को लेकर भी उन्होंने बेबाक़ी दिखाई. उनके अनुसार, उम्र हो जाने पर उन्हें फिल्में मिलना बंद हो जाए, उससे पहले ही वे एक्टिंग को छोड़ प्रोडक्शन से जुड़ जाएंगे. वैसे भी फिल्मों में आने से पहले उनके पिता वीरू देवगन से उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन से जुड़ी बारीक़ियों को सीखा था. वे शेखर कपूर व दीपक शिवदासानी जैसे निर्देशकों के असिस्टेंट भी रह चुके हैं.

Ajay Devgan

सिंघम पार्ट थ्री बनने की तरफ़ भी उन्होंने इशारा किया. जिस तरह सिंबा फिल्म में अंत में अक्षय कुमार के सीन थे और सूर्यवंशी फिल्म के बारे में संकेत दिया गया था. उसी तरह सूर्यवंशी में रणवीर सिंह व अजय देवगन के भी एक्शन सीन हैं और सिंघम 3 के बारे में इशारा किया गया है.

तान्हाजी- द अनसंग वॉरियर की टक्कर दीपिका पादुकोण अभिनीत छपाक और रजनीकांत की दरबार फिल्म से होनेवाली है. इसमें कौन-सी फिल्म बाज़ी मारेगी और आगे निकल जाएगी, वो दो दिन में पता चल जाएगा. वैसे दरबार को थोड़ा फ़ायदा ज़रूर होगा, क्योंकि यह फिल्म दोनों फिल्म के एक दिन पहले यानी गुरुवार को रिलीज़ होनेवाली है.

 

वैसे अजय देवगन की इस फिल्म को लेकर तान्हाजी चैलेंज भी ख़ूब ट्रेंड कर रहा है, जिसमें एक शख़्स दस लोगों को इस मूवी के फ्री टिकट देने के साथ तीन अन्य लोगों को इसका चैलेंज देने के साथ टैग कर रहा है. है ना दिलचस्प अंदाज़. इसमें तजिंदर पाल सिंह बग्गा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. हमारे तान्हाजी जैसे महान योद्धा के लिए इस तरह का सम्मान प्रशंसनीय है. लंबे समय के बाद अजय देवगन के साथ उनकी पत्नी काजोल भी ख़ास अंदाज़ में फिल्म में नज़र आएंगी. सैफ अली ख़ान ख़लनायक के रूप में ख़ूब जंच रहे हैं. वैसे हमारा चैलेंज तो इस तिकड़ी फिल्म में से आपके नंबर वन फिल्म व पसंद को जानने का रहेगा…

Ajay Devgan

Ajay Devgan

यह भी पढ़ेजेएनयू का दौरा दीपिका पर पड़ा भारी, सोशल मीडिया पर बायकॉट छपाक हो रहा है ट्रेंड (#BoycottChhapaak Trends On Twitter After Deepika Padukone Reaches JNU To Express Solidarity)

रिफ्रेशिंग सारा अली खान का यलो लव! (Sara Ali Khan Proves That Yellow Is The Coolest Colour)

रिफ्रेशिंग सारा अली खान का यलो लव! (Sara Ali Khan Proves That Yellow Is The Coolest Colour)

सारा ने यूं तो फिल्मों में आने से पहले ही काफ़ी सुर्ख़ियां बटोर ली थीं, लेकिन अपनी पहली फिल्म के रिलीज़ के बाद वो बॉलीवुड की फेवरेट बन गईं, क्योंकि वो स़िर्फ ख़ूबसूरत ही नहीं, बल्कि बेहद टैलेंटेड भी हैं. इसके अलावा सारा की एक और बात सबने नोटिस की है कि वो अक्सर यलो कलर में ही स्पॉट की जाती हैं. सारा यलो कलर को ख़ूबसूरती से कैरी करती हैं और यह कलर उनको देता है स्टनिंग और फ्रेश लुक. यहां इन पिक्चर्स में देखिए सारा का यलो लव-

यलो जंप सूट में बहुत ही फ्रेश लग रही हैं सारा.

 

Sara Ali Khan

सिंपल-सी यलो कुर्ती को भी स्टाइलिश मॉडर्न अंदाज़ में ख़ूबसूरती से कैरी किया है.

Sara Ali Khan

ट्रेडिशनल एम्ब्रॉयडरी वाले यलो टॉप को जींस के साथ पेयर करना कोई इनसे सीखे.

Sara Ali Khan

सिंपल, पर एलीगेंट यलो सारी में सारा.

Sara Ali Khan

पफ स्लीव्सवाला सैटिन यलो टॉप वाकई काफ़ी स्टाइलिश लग रहा है.

Sara Ali Khan

ट्रेडिशनल ब्यूटी को सार्थक करतीं सारा इस यलो लहंगा-चोली में बेहद प्यारी और इनोसेंट लग रही हैं.

 

Sara Ali Khan

यह भी पढ़ें: WOW: मम्मी के लिए तैमूर ने बनाया कप केक व आइसक्रीम (WOW: Taimur Turned Chef For Mom Kareena)

कैज़ुअल लुक में भी सारा का यलो लव नज़र आ रहा है.

Sara Ali Khan

यलो ड्रेस में लग रही हैं सारा स्वीट बेबी डॉल.

Sara Ali Khan

गिव में सम सनशाइन… रिलैक्स करते हुए भी सनशाइन इफेक्ट बरक़रार है.

Sara Ali Khan

रील हो या रियल लाइफ सारा का यलो लव सब जगह नज़र आ ही जाता है.

Sara Ali Khan

स्वीट, सिंपल और गॉर्जियल सारा को बेहद सूट करता है ये कलर.

Sara Ali Khan

ग्लैमरस अदाओं में भी इस रंग का असर आ रहा है नज़र.

Sara Ali Khan

 

टीम में भी यलो में सारा सबसे हसीं, सबसे जुदा लग रही हैं.

Sara Ali Khan

यह भी पढ़ें: हॉट बेब्स: बॉलीवुड के टॉप बिकनी फिट हसीनाएं… (Hot Bikini Babes Of Bollywood)

अक्षय कुमार- हमें नहीं भूलना चाहिए कि पैरेंट्स भी बूढ़े हो रहे हैं… (Akshay Kumar- We Should Not Forget That Parents Are Getting Old Too…)

Akshay Kumar

अक्षय कुमार (Akshay Kumar) फैमिलीमैन फिल्म स्टार के रूप में जाने जाते हैं. हाल ही में उनकी फिल्म मिशन मंगल ने कामयाबी के आसमान को छूते करो़ड़ों का आंकड़ा पार कर लिया. ड्रीमगर्ल और वॉर फिल्मों से भी उसे कड़ी टक्कर मिलती रही. जल्द ही उनकी हाउसफुल फिल्म की चौथी कड़ी यानी हाउसफुल 4 और गुडन्यूज़ आनेवाली है. मनोरंजन से भरपूर मल्टी स्टारर हाउसफुल द को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है. गुडन्यूज़ भी अपने नए कॉन्सेप्ट के कारण लोगों में दिलचस्पी जगा रही है. ऐसे में अक्षय कुमार बाला चैलेंज भी ख़ूब सूर्ख़िया बटोर रहा है. आए दिन स्टार्स इससे जुड़ रहे हैं. सबसे अधिक आयुष्मान खुराना और वरुण धवन यह चैलेंज लोगों ने पसंद किया. आइए, अक्षय कुमार की फिल्मों, परिवार, फैन व सेहत से जुड़ी बातों को संक्षेप में उन्हीं से जानते हैं.

 

Akshay Kumar

अक्षय कुमार पृथ्वीराज पर…  

सम्राट पृथ्वीराज चौहान के मूल्यों व बहादुरी से मैं हमेशा प्रभावित रहा हूं. मैं ख़ुद को ख़ुशक़िस्मत मानता हूं कि मुझे इस ऐतिहासिक क़िरदार को निभाने का मौक़ा मिल रहा है. सच, अपने जन्मदिन पर यशराज के बैनर तले बननेवाली इस फिल्म पृथ्वीराज का ऐलान करते हुए मुझे बेइंतहा ख़ुशी हुई थी. जल्द ही इसकी शूटिंग शुरू होनेवाली है.

Akshay Kumar

लंदन की गलियों में मां को व्हील चेयर पर बैठाकर पैदल घुमाते हुए…

लंदन में शूटिंग के बिज़ी शेड्यूल से समय निकालकर मॉम को लंदन की सैर करवाना बहुत अच्छा लगा. इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप ज़िंदगी में कितना आगे बढ़ रहे हैं, पर हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पैरेंट्स भी बूढ़े हो रहे हैं, इसलिए उनके साथ कुछ व़क्त ज़रूर बिताएं, जो आप कर सकते हैं. मैं अक्सर अपने व्यस्त कामों से समय निकालकर मां के साथ समय बिताता हूं. मुझे अच्छा लगता है और इससे संतुष्टि भी मिलती है.

Akshay Kumar

क्रेज़ी फैन प्रभात, जो द्वारका (गुजरात) से पैदल चलकर उन्हें मिलने मुंबई आया…

किसी भी स्टार का फैन होना अच्छी बात है, पर इसके लिए अपनी जान जोख़िम में डालना ठीक नहीं है. आप इतनी दूर से पैदल चलकर आए हो, रास्ते में हाइवे आदि पर कुछ भी हो सकता था. युवाओं व अपने फैन्स को कहना चाहूंगा कि वे अपना क़ीमती समय व एनर्जी अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाने और अपने लक्ष्य को पूरा करने में लगाएं. वे ऐसा करेंगे, तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी.

Akshay Kumar With His Kids

स्टार किड्स को लेकर मीडिया का रवैया…

21 साल की उम्र से छोटे किसी भी शख़्स के बारे में ग़लत या बेकार की बातें लिखना ग़ैरक़ानूनी कर देना चाहिए. किसी को दुखी करने, मज़ाक उड़ाने, शर्मिंदा करने में कइयों को बहुत आनंद आता है. कई स्टार किड्स के साथ ऐसा होता है. पैरेंट्स के रूप में मैं बच्चों को इतना ही समझा सकता हूं कि इस तरह की बातों को दिलोदिमाग़ पर न लें.

Akshay Kumar

अपने बच्चों का लाइमलाइट से दूर रहना…

मेरे बच्चे लाइमलाइट से दूर रहते हैं. मेरी बेटी नितारा, जो छह साल की है, वो हमारे साथ फैमिली डिनर या कहीं भी इसलिए नहीं आती कि उसे कैमरे की फ्लैश लाइट पसंद नहीं है. मैं मानता हूं कि स्टार होने के बाद मीडिया का अटेंशन होना आम बात है, पर बच्चों को उनकी प्राइवेसी भी तो मिलनी ज़रूरी है.

Akshay Kumar With His Son

बेटे आरव के जन्मदिन पर…

एक चीज़, जो मैंने अपने पिता से सीखी थी कि यदि मैं कभी भी मुश्किल में फंसा, तो मैं उनसे डरने की जगह उन पर पूरी तरह से भरोसा कर सकता हूं और निर्भर रह सकता हूं. आज जब बेटे आरव के मोबाइल पर स्पीड डायल में अपना नंबर देखता हूं, तो मुझे लगता है कि मैं भी सही परवरिश कर रहा हूं.

मैं हमेशा तुम्हें गाइड करता रहूंगा और तुम्हारे साथ रहूंगा. हैप्पी बर्थडे आरव…

Akshay Kumar

फिटनेस सीक्रेट…

मेरे फिट रहने का राज़ है- घर का बना भोजन, समय पर खाना-सोना, पर्याप्त पानी पीना व एक्सरसाइज़ करना. साथ ही अपनी उम्र को छुपाने के लिए कोई भी प्रोडक्ट्स लेना या कुछ अलग करने की कभी कोशिश न करना. मैं व एथलीट हिमा दास इसका बेहतरीन उदाहरण हैं कि आपको अच्छा दिखने व विजेता होने के लिए किसी सप्लीमेंट या स्टेरॉइड की ज़रूरत नहीं है. वैसे भी फिटनेस में कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाएं. इसके लिए जो तरीक़ा है, थोड़ा मुश्किलोंभरा है, पर वही सही है. यदि हम शॉर्टकट करते हैं, तो ज़िंदगी भी शॉर्ट यानी छोटी हो जाती है. याद रहे, हम जो खाते हैं, वैसे ही हम बनते हैं. हमें अपने शरीर के साथ ईमानदारी रखनी चाहिए. मैं दो बच्चों का पिता हूं, इस उम्र में भी ख़ुद को हमेशा फिट रखता हूं. एक ही ज़िंदगी है, उसे तरी़के से जीएं. सभी अपना ख़्याल रखें.

Akshay Kumar

आनेवाली फिल्में…

मैं यह कह सकता हूं कि आनेवाली मेरी हर फिल्म आपको चौंकाएगी, जैसे- लक्ष्मी बम, गुड न्यूज़, सूर्यवंशी, हाउसफुल 4, पृथ्वीराज. वैसे भी हाउसफुल की हर पार्ट को लोगों ने ख़ूब पसंद किया, इसलिए मुझे यक़ीन है कि हाउसफुल 4 भी लोगों का ख़ूब मनोरंजन करेगी. अच्छी बात यह भी है कि यह त्योहार पर यानी दिवाली; के समय रिलीज़ हो रही है, इसलिए यक़ीनन लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स भी मिलेगा. सभी को दीपावली की शुभकामनाएं.

– ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ेबिग बी ने अपनी सेहत के बारे में चुप्पी तोड़ी, कही ये बात (Amitabh Bachchan Finally OPENS UP On Rumours About His Health)