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शादी से पहले ही नहीं, बाद में भी ज़रूरी है फिट रहना (How To Stay Fit After Your Wedding)

यह सच है कि शादी (Wedding) के कुछ समय बाद ही प्यार और रोमांस पर ज़िम्मेदारियों की जिल्द चढ़ने लगती है. ऐसे में रूमानी ख़्याल बीते दिनों की बात बनकर रह जाते हैं और उनकी जगह ले लेते हैं बिल्स, ख़र्चे, आटे-दाल के भाव, रिश्ते निभाने का दबाव, बच्चे, परवरिश, लोन आदि. यही वजह है कि मन के साथ-साथ शरीर पर भी ये ज़िम्मेदारियां परत बनकर मोटापे (Fats) व बीमारियों (Diseases) के रूप में उभरने लगती हैं. हम लापरवाह होते जाते हैं और कमर व पेट का साइज़ हमारी मौजूदा परिस्थिति, शादीशुदा ज़िंदगी, हेल्थ, फिटनेस और सेक्स लाइफ की पहचान बन जाते हैं. 

Fitness Tips

हम अक्सर यही सोचते हैं कि जब तक शादी न हो जाए, तब तक हमारे लिए फिट रहना बहुत ज़रूरी है, ताकि हम अट्रैक्टिव लगें. शादी के बाद न स़िर्फ अपनी फिटनेस को लेकर, बल्कि हेल्थ और अट्रैक्शन को लेकर भी हमारी अप्रोच बहुत कैज़ुअल हो जाती है. चाहे लड़कियां हों या लड़के, सबका यही हाल होता है. शादी के शुरुआती समय को छोड़ दें, तो बाद में अपने प्रति इतने लापरवाह हो जाते हैं कि धीरे-धीरे एक-दूसरे के प्रति आकर्षण भी कम होने लगता है और इसका असर उनके रिश्ते व सेक्स लाइफ पर भी पड़ने लगता है.

क्यों हो जाते हैं बेपरवाह?

–    शादी के बाद ज़िंदगी शुरू होती है, जबकि हमारी यह सोच बन जाती है कि अब तो शादी हो चुकी, अब कुछ करने के लिए बचा नहीं लाइफ में, तो हम में एक नीरसता पनपने लगती है.

–     ज़िम्मेदारियों का बोझ जैसे-जैसे बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे हेल्थ, आकर्षण, फिटनेस, प्यार-मुहब्बत जैसी बातें गौण होने लगती हैं.

–     कभी घर के लिए लोन की किश्तें, कभी बच्चों की फीस, तो कभी घर के बड़ों की हेल्थ प्रॉब्लम्स हमें अपने प्रति बेपरवाह बना देती हैं.

–     करियर की चुनौतियां और तमाम तरह के तनावों के बीच हेल्थ और फिटनेस जैसी चीज़ों के लिए हमें समय निकालना समय की बर्बादी लगने लगती है.

–     थकान, मोटापा और बेडौल बदन शादी के कुछ समय बाद ही हमारी पहचान बन जाते हैं.

–     न कोई चार्म रहता है, न कोई ग्लैमर और न ही ऊर्जा.

क्यों ज़रूरी है फिटनेस?

–     फिटनेस का प्रभाव आपके रिश्ते पर भी पड़ता है. शादी के बाद फिटनेस का ख़्याल रखना और भी ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि इससे आप में यह एहसास बढ़ता है कि आप एक-दूसरे के लिए हेल्दी और आकर्षक नज़र आना चाहते हैं. इसके अलावा आप अधिक उत्साह व उमंग का अनुभव भी करते हैं.

–     कुछ कपल्स पर किए गए एक सर्वे के अनुसार, फिटनेस पर ध्यान देने के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि फिटनेस से न केवल उनके व्यक्तित्व पर, बल्कि उनके आपसी रिश्ते पर सकारात्मक प्रभाव हुआ.

–     जब कपल्स को यह महसूस कराया गया कि स़िर्फ हेल्दी रहने के लिए ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने पार्टनर के लिए भी फिट रहना चाहिए, ताकि उनके बीच का चार्म बना रहे, तो उन्होंने इस सोच के साथ वर्कआउट और डायट करना शुरू किया कि यह कोई पर्सनल एजेंडा नहीं है, बल्कि यह रिश्ते में ताज़गी और गर्माहट बनाए रखने के लिए भी बेहद ज़रूरी है, तो वाकई उनका कॉन्फिडेंस बढ़ा और उनके रिश्ते भी सुधरे.

–     कपल्स को यह कहा गया कि आप अपने पार्टनर से यह कहें कि मुझे तुम्हारे लिए फिट, हेल्दी और आकर्षक बने रहना है. इसके बाद उन्हें महसूस हुआ कि उनकी बॉन्डिंग और स्ट्रॉन्ग हुई.

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How To Stay Fit
कैसे एचीव करें गोल?

–     यह बात सही है कि शादी के कुछ समय बाद ही बहुत-सी चीज़ें बदलने लगती हैं. समय की कमी के साथ-साथ ऊर्जा व उत्साह की कमी भी होने लगती है. ऐसे में नीरसता पनपने लगती है, जो आप दोनों को एक-दूसरे से दूर भी कर सकती है. ऐसे में ज़रूरी है कि आप ख़ुद कोई रास्ता निकालें.

–     अपना टाइमटेबल और शेड्यूल तैयार करें.

–    एक डायरी बनाएं, जिसमें रोज़ की एक्टिविटीज़ और कैलोरीज़ की डिटेल्स रात को सोने से कुछ समय पहले नोट करें.

–    हर संडे उस डायरी में नोट की हुई चीज़ों पर आपस में बातचीत करें और देखें कि कहां क्या कमी रह गई.

–     सुबह जल्दी उठकर एक साथ वर्कआउट, वॉकिंग या जॉगिंग करें. इससे आप एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताएंगे.

–    एक-दूसरे को चैलेंज और मोटिवेट करें कि कौन ज़्यादा फिट और एनर्जेटिक है.

–     एक साथ वर्कआउट करने से पार्टनर एक-दूसरे के क़रीब आते हैं. दोनों में समन्वय व सामंजस्य बेहतर होता है, साथ ही शेयरिंग की भावना भी बढ़ती है.

–     घर के काम मिल-जुलकर करें. इससे एक्सरसाइज़ भी हो जाएगी और बॉन्डिंग भी स्ट्रॉन्ग होगी.

–     रियलिस्टिक गोल्स सेट करें. अगर आपको लग रहा है कि शादी के छह महीने बाद ही 4-5 किलो वज़न बढ़ गया है, तो कोशिश करें धीरे-धीरे डायट व रूटीन में बदलाव लाने की.

–     घर में खाने के हेल्दी ऑप्शन्स रखें. अनहेल्दी स्नैक्स की जगह ड्रायफ्रूट्स, भुने चने, मूंगफली आदि रखें.

–     हर महीने गोल बदलें कि अगले दो महीनों में कितना वज़न कम करना है और दोनों एक-दूसरे को चैलेंज करें.

–     पार्टनर को मोटिवेट करने के लिए आप यह भी कर सकते हैं कि तुम्हारे बर्थडे या हमारी एनीवर्सरी तक अगर तुम इस आउटफिट में फिट आ गए, तो मैं तुम्हें गिफ्ट, पार्टी या हॉलीडे पर ले चलूंगा/चलूंगी.

–     नियमित रूप से हेल्थ टेस्ट्स व चेकअप, जैसे- बीपी, ब्लड शुगर लेवल, कोलेस्ट्रॉल व अन्य टेस्ट्स करवाएं.  बच्चे होने के बाद ख़ुद को महत्वहीन

न समझें

–     अक्सर कपल्स बच्चे होने के बाद ख़ुद के प्रति और भी उदासीन हो जाते हैं. कभी-कभी ऐसा भी होता है कि एक पार्टनर ज़्यादा हेल्थ कॉन्शियस होता है, दूसरा बिल्कुल लापरवाह.

–     ऐसे में आप अपने फिट पार्टनर से ही सीख लें कि क्यों वो आपके सामने ज़्यादा यंग और एनर्जेटिक लगता है.

–     कई बार बच्चों के स्कूल में भी पीटीएम में आप देखेंगे कि कुछ कपल्स परफेक्ट लगते हैं. इसे भगवान की देन समझने की बजाय उनकी मेहनत को श्रेय दें और उनसे सीखें.

–     ख़ुद को चैलेंज करें कि अगली पीटीएम में आप भी परफेक्ट कपल नज़र आएंगे, इसके लिए कोशिश कल से नहीं, आज और अभी से ही शुरू कर दें.

–     यह भी ध्यान में रखें कि स़िर्फ अपने लिए या एक-दूसरे के लिए नहीं, बल्कि आपको अपने बच्चों के लिए भी फिट और हेल्दी रहना है.

–     बच्चों के साथ बहुत एनर्जी की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे में आप ही थके-थके रहेंगे, तो बच्चों के साथ एक्टिविटीज़ में पार्टिसिपेट नहीं कर पाएंगे.

–     आप अगर हेल्दी खाएंगे और फिटनेस कॉन्शियस रहेंगे, तो बच्चे भी ऐसा ही करेंगे, क्योंकि बच्चों के पहले रोल मॉडल उनके पैरेंट्स ही होते हैं और वो आपसे ही सीखते हैं.

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Fitness Tips
फिटनेस का संबंध आपकी सेक्स लाइफ से भी है

–     अगर आप फिट होते हैं, तो आपका एनर्जी लेवल अधिक होता है, जिसका असर आपकी बॉडी इमेज व आपसी आकर्षण पर सकारात्मक तौर पर पड़ता है. इससे ज़ाहिर है कि आपकी सेक्स लाइफ बेहतर होती है.

–     हेल्दी डायट से आपकी सेक्स क्षमता भी बेहतर होती है. सेक्स लाइफ अच्छी होगी, तो आपसी संबंध और गहरे होंगे.

–     आप अपने रिश्ते में अधिक ऊर्जा व उत्साह का अनुभव करते हैं, क्योंकि फिटनेस से आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है.

–     आप यदि थके हुए और तनाव में रहेंगे, तो इसका सीधा असर आपकी सेक्स ड्राइव पर पड़ेगा.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

–     वर्कआउट, रेग्युलर एक्सरसाइज़, योगा, मेडिटेशन आदि से स्ट्रेस लेवल कम होता है.

–     एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्ट्रेस किसी भी व्यक्ति को शारीरिक व भावनात्मक रूप से कमज़ोर बनाता है, जिससे रिश्तों में गर्माहट, जोश व आत्मीयता धीरे-धीरे कम होने लगती है.

–     सेक्स लाइफ को ख़राब करने में सबसे बड़ा रोल स्ट्रेस का ही होता है. जहां सेक्स लाइफ अच्छी नहीं होगी, वहां रिश्ता भी कमज़ोर होता चला जाएगा.

– विजयलक्ष्मी

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फिट होते हम, अनफिट होते रिश्ते(Fit couples: Unfit relationship)

Unfit relationship

शायद ये तन एक माध्यम है मन तक पहुंचने का… मन को छूने का… हर दर्द, दुख-तकलीफ़… या फिर हर ख़ुशी, हर भाव को महसूस करने का… लेकिन क्यों आज हमारी सोच तन से शुरू होकर तन तक ही ख़त्म हो जाती है… मन को छूने की न तो कोई कोशिश होती है, न ही इसकी ज़रूरत ही हम महसूस करते हैं. तन को सुंदर रखना, तन को फिट रखना, अपनी काया को सुंदर बनाना, ताकि हम अट्रैक्टिव और फिट नज़र आएं… इसी परिधि में हमने ख़ुद को ़कैद कर लिया है, क्योंकि हमें लगता है फिट होने से अधिक ज़रूरी है फिट नज़र आना… ऐसे में हम बहुत-सी भावनाओं को और इन भावनाओं में समाहित अपने रिश्ते को भी नज़रअंदाज़ करते चले जा रहे हैं. यही वजह है कि हम तो फिट हो रहे हैं, लेकिन हमारे रिश्ते अनफिट (Unfit relationship) हो रहे हैं.

Unfit relationship

 

क्या है वजह और क्यों बदल रही है हमारी प्राथमिकता?

– यह बात सही है कि फिट रहना आज की ज़रूरत बन गई है. ऐसे में हर कोई फिटनेस कॉन्शियस हो गया है.
– ख़ुद को फिट रखना अच्छी बात है, इससे हम एनर्जेटिक फील करते हैं.
– दरअसल, हर फील्ड में प्रेज़ेंटेबल दिखना भी प्रोफेशन में आगे बढ़ने के लिए ज़रूरी हो गया है.
– यही वजह है कि चाहे स्त्री हो या पुरुष, वो हर तरह से परफेक्ट नज़र आना चाहता है.
– जिमिंग, वॉकिंग, योग या एक्सरसाइज़ करके या फिर स्विमिंग व डान्सिंग क्लास जॉइन करके बिज़ी लोग भी फिटनेस के लिए टाइम निकालते ही हैं.
– डायट कॉन्शियस भी हो गए हैं हम. अपने डायट में क्या रखना है, क्या कम करना है, इसके लिए भी अलग से समय निकालते हैं.
– कहने का मतलब यह है कि पूरी तरह से हमने अपने रूटीन को चेंज किया है अपनी फिटनेस या अपनी ज़रूरतों के लिए.

तो फिर रिश्ते कैसे अनफिट हुए?

– यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि जितना ख़्याल हम अपनी फिटनेस का रखते हैं आजकल, क्या अपने रिश्तों के प्रति भी उतने ही सजग व संवेदनशील हैं?
– जितना समय हम अपनी जिमिंग या स्विमिंग के लिए निकालते हैं, क्या अपने रिश्तों के लिए निकालते हैं?
– अगर शरीर में थोड़ा-सा भी फैट्स बढ़ जाता है, तो हम अपना डायट कंट्रोल करते हैं, लेकिन यदि रिश्तों में दूरियां आने लगती हैं, तो शायद हमें एहसास तक नहीं होता.
– अपनी फिटनेस भी हम दूसरों के लिए बनाते हैं- समाज को, दुनिया को, दोस्तों को दिखाने के लिए… या बाहरी दुनिया में, सोशल मीडिया में लोगों के बीच वाहवाही लूटने के लिए या उन्हें आकर्षित करने के लिए हम अपने लुक्स व बॉडी के प्रति बहुत कॉन्शियस हो जाते हैं, लेकिन क्या किसी अपने के लिए हम ऐसा करते हैं?
– पति यदि पत्नी से कहे कि वज़न थोड़ा कम कर लो या फिर पत्नी अपने पति से कहे कि थोड़ा फिटनेस पर ध्यान दो, तो हम उसे कैज़ुअली लेते हैं, लगभग नज़रअंदाज़ कर देते हैं या फिर ताना दे देते हैं कि अब तो तुम्हें मुझमें कमी ही नज़र आएगी… लेकिन यही बात अगर कोई कलीग या दोस्त कहे, तो हम तुरंत सतर्क हो जाते हैं.
– अपनी फिटनेस को हम जितना अधिक गंभीरता से लेने लगे हैं, उतनी ही लापरवाही हम अपने रिश्तों में करने लगे हैं.
– पार्टनर, पैरेंट्स या बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का समय नहीं होता, क्योंकि हम बिज़ी होते हैं, लेकिन अपनी हॉबीज़ या फिर जिमिंग के लिए हम जैसे-तैसे समय निकाल ही लेते हैं.
– अगर ज़िंदगी में सबसे पहले कहीं हमें एडजेस्ट करना होगा, तो रिश्तों को ही दांव पर लगाया जाएगा… बच्चों की पिकनिक, उनके स्कूल की मीटिंग या पत्नी की रोज़मर्रा की ज़रूरतें तो ताउम्र चलती रहेंगी… लेकिन हमारा जिम या हमारी हॉबी क्लास फ़िलहाल हमारी प्राथमिकता है.
– पार्टनर से झगड़ा हो गया, बॉस से कहा-सुनी हुई या फिर पैरेंट्स से बहस, तो हम वर्कआउट करके पसीना बहाकर अपना स्ट्रेस रिलीज़ करना अधिक पसंद करेंगे बजाय रूठे पार्टनर को मनाने के या बॉस व पैरेंट्स को सॉरी कहने के.
प पसीना बहाकर कुछ देर के लिए भले ही हमारा ध्यान रिश्तों में पैदा हुए तनाव से हट जाएगा, लेकिन वर्कआउट के बाद क्या? उसके बाद तो हमें उन्हीं रिश्तों के बीच जाना है… हम फिर से उस तनाव को ओढ़ लेते हैं… ऐसे में तन भले ही फिट दिखता है, लेकिन हमारा मन फिट रहता है क्या?
– क्या यह बेहतर नहीं होगा कि अगर कोई कहा-सुनी हो गई, तो कुछ देर शांति से बैठकर रिश्ते में पनपे तनाव को दूर किया जाए… चलो आज एक्सरसाइज़ स्किप करके पार्टनर का मूड ठीक किया जाए… कोई सरप्राइज़ या मूवी या फिर डिनर ही प्लान किया जाए… शायद ऐसा कभी हम सोचते ही नहीं.
– हम उस तनाव को वहीं छोड़कर उससे पीठ मोड़कर दूर जाने की कोशिश करते हैं, जिससे हमारे रिश्ते को जो समय मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पाता.

तो क्या फिटनेस छोड़ दें?

– जी नहीं, ऐसा करना महज़ बेव़कूफ़ी होगी. फिटनेस न स़िर्फ बाहरी अपीरियंस के लिए, बल्कि कंप्लीट हेल्थ के लिए भी बेहद ज़रूरी है.
– हमारा उद्देश्य बस यही है कि ये फिटनेस स़िर्फ आपके शरीर तक ही सीमित न रहकर, आपके रिश्तों को भी छुए.
– तो अगली बार जब जॉगिंग करें, तो पार्टनर या फिर पूरी फैमिली को भी मोटिवेट करें.
– उन्हें भी अपने साथ हॉबी क्लास की आदत डलवाएं, ताकि आप उनके साथ समय भी बिता सकें और फिटनेस का भी मज़ा ले सकें.
– जब कभी रिश्तों को आपकी ज़रूरत पड़े, तो उन्हें प्राथमिकता दें… अगर कहीं एडजेस्टमेंट या कॉम्प्रोमाइज़ करना हो, तो अपनी हॉबी या फिटनेस क्लास को तवज्जो देने की बजाय रिश्तों को अहमियत दें.
– आपस में एक साथ बैठकर सबके लिए डायट चार्ट प्लान करें.
– एक-दूसरे को मोटिवेट करें, हेल्दी चैलेंजेस दें और जो चैलेंज जीते, उसके लिए ईनाम भी रखें.
– इन तमाम छोटी-छोटी कोशिशों से आप तो फिट रहेंगे ही, आपके रिश्ते भी अनफिट नहीं होंगे.

– कमलेश शर्मा

 

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