Fitness Facts

हेल्थ और फिटनेस से जुड़े कई ऐसे भ्रम हैं, जिनका सच से कोई वास्ता नहीं होता, लेकिन हम इन्हें इतनी बार इतने लोगोंके मुंह से सुन चुके होते हैं कि समय के साथ-साथ हमें ये सच लगने लगते हैं. यहां हम ऐसे ही कॉमन हेल्थ मिथ्स की बात करेंगे. 

ज़्यादा मीठा खाने से डायबिटीज़ होती है: सबसे पहली बात कि डायबिटीज़ मीठा खाने से नहीं, पैंक्रियाज़ द्वारा पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन न बना पाने के कारण होती है. हां, यदि आप बहुत मीठा खाते हैं, तो उससे वज़न बढ़ने का ख़तरा ज़रूर रहता है और बढ़े वज़न के कारण टाइप 2 डायबिटीज़ का रिस्क हो जाता है, लेकिन मीठा खाने और डायबिटीज़ में सीधेतौर पर कोई कनेक्शन नहीं है. तो मीठा कम खाएं, ताकि वज़न न बढ़े और आप फिट रहें. 

हेल्दी रहने के लिए डेली 8-10 ग्लास पानी पीना ज़रूरी है: हम सबकी बॉडी अलग होती है और उसी के अनुसार हर बॉडी की ज़रूरत भी अलग-अलग होती है. किसी के लिए 6 ग्लास पानी ही पर्याप्त होता है, तो किसी के लिए 8 ग्लास भी कम होता है, लेकिन बहुत अधिक पानी पीने से शरीर के फ्लूइड पतले हो जाते हैं, जो शरीर में सोडियम के स्तर को इस हद तक कम कर सकते हैं, जिससे जान को ख़तरा तक हो सकता है, यह बात लोग जानते ही नहीं. इसलिए कहा जा सकता है कि हेल्दी रहने के लिए जितना हो सके पानी पीना यह सबसे बड़ा मिथ है, लेकिन इस मिथ पर लोग आंख बंद करके विश्‍वास करते हैं.

बॉडी को डिटॉक्सिफाई करने के लिए नियमित रूप से फास्टिंग यानी उपवास ज़रूरी है: यह धारणा ग़लत है, क्योंकि शरीर की ख़ुद को क्लीन करने की अपनी नेचुरल प्रक्रिया होती है. शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने के लिए लिवर, किडनी और स्प्लीन नियमित रूप से काम करते हैं. ऐसा कोई तथ्य नहीं पाया गया अब तक कि न खाने से या स़िर्फ पानी या जूस पर ही कुछ दिन तक रहने से इन अंगों का काम बेहतर होता है. बस, हेल्दी खाएं और अनहेल्दी से बचें, तो भी शरीर में टॉक्सिन्स नहीं होंगे. 

फैट्स का मतलब यानी अनहेल्दी चीज़ और मोटापा: सभी फैट्स ख़राब या अनहेल्दी नहीं होते. दो तरह के फैट्स होते हैं, गुड फैट्स और बैड फैट्स. गुड फैट्स शरीर के लिए बेहद आवश्यक होते हैं और शरीर को फिट रखते हैं. 

फैटी फूड से मोटापा बढ़ता है: जैसाकि अभी बताया गया है कि फैट्स शरीर के लिए बेहद ज़रूरी होता है और जहां तक मोटापे की बात है, तो स़िर्फ फैटी फूड खाने से मोटापा नहीं बढ़ता, बल्कि बॉडी में एनर्जी के असंतुलित होने से मोटापा बढ़ता है. जब आप अधिक कैलोरीज़ लेते हो और ख़र्च उससे कम करते हो, तब मोटापा बढ़ता है, इसलिए पतले होने के लिए फैट्स को पूरी तरह से अपने डायट से हटा देना बिल्कुल भी हेल्दी नहीं है. फैट्स दरअसल कैलोरीज़ का ही एकत्रित स्रोत होता है, तो कोशिश करें कैलोरीज़ ज़रूरत के मुताबिक लें और उन्हें ख़र्च भी करें. 

ख़ास शैंपू के इस्तेमाल से दोमुंहे बालों से छुटकारा मिल सकता है: कोई भी शैंपू यह चमत्कार नहीं कर सकता. स़िर्फ हेल्दी डायट, जैसे- बादाम, फिश, नट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स आदि से ही बालों को हेल्दी रखा जा सकता है. लेकिन यदि फिर भी दोमुंहे बालों की समस्या हो जाती है, तो नियमित रूप से बालों को ट्रिम करवाना ही एकमात्र रास्ता है.

Common Health Myths

एंटीपर्सपरेंट और डियोडरेंट से ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा होता है: ये बातें अक्सर सुनी जाती हैं कि  अगर आप अंडरआर्म्स में डियोडरेंट लगाते हैं, तो बॉडी उसे सोख लेती है और ब्रेस्ट टिश्यू उसे सोख लेते हैं, जिससे कैंसर सेल्स पैदा होते हैं. लेकिन साइंटिस्ट्स को इस तरह की बातों या कनेक्शन के कोई प्रमाण नहीं मिले. 

आपको रोज़ाना मल्टिविटामिन्स की ज़रूरत होती है: अक्सर लोग सोचते हैं कि जो पोषण उन्हें भोजन से नहीं मिल पाता उसे वो मल्टीविटामिन लेकर पूरा कर सकते हैं, जबकि शोधकर्ता ऐसा नहीं मानते. हां, अगर आपके डॉक्टर ने कहा है, तो ज़रूर उनकी सलाह मानें. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं के लिए जो भी सलाह डॉक्टर्स देते हैं, उन्हें मानना ज़रूरी है, लेकिन एक सामान्य इंसान को अपने डायट को हेल्दी बनाने की कोशिश करनी चाहिए. रोज़ फल और सब्ज़ियां लें, नट्स, ग्रेन्स और ज़रूरी आयल्स अपने खाने में शामिल करें.

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ज़्यादा शुगर खाने से बच्चे हाइपरएक्टिव होते हैं: यह धारणा बिल्कुल ग़लत है, क्योंकि शोधों ने इस थ्योरी पूरी तरह से ग़लत साबित कर दिया है. अब अगली बार अपने बच्चे को चॉकलेट खाने से मत रोकिएगा. हां, अधिक मीठा खाने से वज़न ज़रूर बढ़ सकता है और दांतों की भी समस्या हो सकती है, लेकिन इससे बच्चा हारइपरएक्टिव नहीं होगा. 

सर्द मौसम, ठंडी हवाएं और बालों को अधिक देर तक गीला रखने से सर्दी-ज़ुकाम होता है: ठंडे मौसम का सर्दी या फ्लू से कोई संबंध नहीं है. अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि बाहर ठंडी हवा चल रही है, गर्म कपड़े पहन लो वरना कोल्ड हो जाएगा. जबकि सर्दी होने की वजह एलर्जी और वायरल इंफेक्शन्स होते हैं. इसी तरह से अगर आपके बाल गीले हैं, तो उससे भी कोल्ड नहीं होगा. हां, अगर आपको पहले से सर्दी हुई है और ठंड के मौसम में आप बालों को गीला रखते हैं, तो आपकी सर्दी बढ़ ज़रूर सकती है, लेकिन उसकी वजह से सर्दी या फ्लू नहीं होगा.

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खाना स्किप करने से वज़न कम होता है: खाना बंद करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं. इसके अलावा, आपका मेटाबॉलिक सिस्टम भी धीमा पड़ जाता है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं, लेकिन लोगों की यह धारणा रहती है कि एक व़क्त खाना बंद कर देंगे, तो वज़न कम हो जाएगा, पर खाना बंद करने से वज़न और बढ़ने की आशंका होती है, क्योंकि हो सकता है आप अगली मील में अधिक खाएं.

वज़न कम करना है, तो ब्रेकफास्ट करें: शोधों में ऐसा कहीं नहीं पाया गया. हां, नाश्ता करने से आप ऊर्जा का अनुभव करते हैं और पेट भी भरा हुआ महसूस होता है, जिससे हो सकता है कुछ लोगों को वज़न कंट्रोल करने में मदद मिले, लेकिन यदि आपको नाश्ते की आदत नहीं, तो ज़बर्दस्ती न करें, क्योंकि जो नाश्ता नहीं करते उन्हें अगली मील में न तो ज़्यादा खाते हुए पाया गया है और यही नहीं, वो नाश्ता करनेवालों के मुकाबले दिनभर में कम कैलोरीज़ लेते हैं. 

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एग योक यानी अंडे का पीला भाग खाने से हार्ट को नुक़सान होता है: अंडे के पीले भाग में काफ़ी अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल होता है, लेकिन यह हेल्दी होता है और शरीर को कोलेस्ट्रोल की भी ज़रूरत होती है. इसलिए अंडे को अनहेल्दी नहीं कहा जा सकता. एक स्वस्थ इंसान रोज़ाना एक अंडा खा सकता है. हार्ट के लिए सबसे बड़े दुश्मन हैं- सैचुरेटेड और ट्रांस फैट्स. अंडे में कोई ट्रांस फैट्स नहीं होता और सैचुरेटेड फैट्स भी बेहद कम होता है. हां, यदि आपको हार्ट डिसीज़ है, तो थोड़ी सतर्कता ज़रूर बरतें. हम में से अधिकतर लोग अंडे या अन्य खाद्य पदार्थों से जो कोलेस्ट्रॉल का सेवन करते हैं, वो ब्लड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में उतनी बड़ी भूमिका नहीं निभाता, क्योंकि हमारा शरीर ख़ुद ही कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य कर लेता है. 

माइक्रोवेव में पका खाना ख़तरनाक और अनहेल्दी होता है: अक्सर लोग यह मानते हैं, लेकिन खाना पकने की प्रक्रिया दरसअल खाने में जो हीट पैदा होती है उससे ही पूरी होती है, इसलिए माइक्रोवेव कुकिंग किसी भी दूसरी कुकिंग से अलग नहीं होती और पूरी तरह सेफ भी होती है. माइक्रोवेव्स में जिन रेज़ वेव्स का प्रयोग होता है, वो बहुत ही माइल्ड और हल्की होती हैं, जिनसे कोई नुकसान नहीं होता.

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कार्बोहाइड्रेड्स से वज़न बढ़ता है: अगर आप शक्कर, व्हाइट ब्रेड या पास्ता अधिक खाते हैं, तो आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन गुड कार्बोहाड्रेड्स शरीर के पोषण के लिए बेहद ज़रूरी हैं, जैसे- साबूत अनाज, बीन्स, फल-सब्ज़ियां. ये आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का बड़ा स्रोत हैं और यदि आप गुड कार्बोहाड्रेड्स कम कर देंगे तो ऊर्जा का स्रोत कम हो जाएगा. बेहतर होगा कि चाहे लो फैट डायट हो या लो कार्ब, आप गुड फैट्स और गुड कार्ब को डायट में ज़रूर शामिल करें. बैड फैट्स और बैड कार्ब से दूर रहें. वैसे भी आप लंबे समय तक लो कार्ब डायट पर रह भी नहीं सकते, क्योंकि इससे शरीर को ज़रूरी पोषण और फाइबर नहीं मिल पाएगा.

रात को ली जानेवाली कैलोरीज़ से मोटापा तेज़ी से बढ़ता है: फर्क़ स़िर्फ इससे पड़ता है कि आप कुल मिलाकर रोज़ कितनी कैलोरीज़ ले रहे हो और उसके मुकाबले कितनी ख़र्च कर रहे हो, क्योंकि कैलोरीज़ तो कैलोरीज़ ही होती हैं, उन्हें यह नहीं पता होता कि उन्हें रात में लिया जा रहा है या दिन में. 

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टॉयलेट सीट आपको बीमार कर सकती है: यदि टॉयलेट सीट साफ़ रहती है, तो परेशन न हों और यदि आप उसको कवर नहीं कर सकते तो भी समस्या नहीं, क्योंकि उनके मुकाबले बाथरूम के दरवाज़े, उन दरवाज़ों के हैंडल्स और फर्श आपको ज़रूर बीमार कर सकता है, क्योंकि ई कोली, फ्लू व पेट का फ्लू देनेवाले वायरस व बैक्टीरियाज़ वहीं पनपते हैं. बेहतर होगा दरवाज़ों और हैंडल्स को छूने से पहले अपने हाथों को टिश्यू से कवर करें और बाद में भी हैंड सैनिटाइज़र ज़रूर यूज़ करें. 

हड्डियां कटकने की आवाज़ से आर्थराइटिस होता है: जी नहीं, ऐसा कहीं नहीं पाया गया. अक्सर लोग सोचते हैं कि जब दो हड्डियां आपस में रगड़ खाती हैं, तब यह आवाज़ आती है, लेकिन सच तो यह है कि यह आवाज़ हड्डियों के बीच गैस बबल्स बनने से होती है. अगर आपको हड्डियां कटकाना पसंद है, तो ज़रूर ऐसा करें. शोध में नहीं नहीं पाया गया कि ये आर्थराइटिस का कारण बनते हैं. हां, अगर आपको हड्डियों में, जोड़ों में अक्सर दर्द रहता है, तो ज़रूर डॉक्टर के पास जाएं. लेकिन मन में ग़लतफहमी न पालें.

Health Myths

तो अब तो आप जान ही गए होंगे कि कितनी और किस तरह की ग़लतफ़हमियाँ हमने हेल्थ को लेकर मन में पाल रखी हैं, बेहतर है इन्हें दूर करें और हेल्दी रहें!

– भोलू शर्मा

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सोनाक्षी सिन्हा को सलमान खान ने ही दबंग मूवी से फ़िल्मों में ब्रेक दिया था लेकिन फ़िल्मों में आने से पहले सोनाक्षी 90 किलो की हुआ करती थीं पर सलमान के कहने पर उन्होंने वज़न घटाया और हो गई फिट.

सोनाक्षी खाने की बेहद शौक़ीन हैं और उनको जंक फ़ूड भी बहुत पसंद था लेकिन उन्होंने ये सब छोड़कर फिटनेस की ओर ध्यान दिया और 30 किलो वज़न घटाया.

Sonakshi Sinha fit to fat

सोनाक्षी ने शाहिद कपूर का ट्रेनर हायर किया और जिम जाना शुरू कर दिया.

Sonakshi Sinha in saree

वज़न कम करने के लिए उन्होंने साइकलिंग, स्विमिंग और योगा करना शुरू किया. जिमिंग में वो कार्डियो एक्सरसाइज़ व पिलाटे ख़ासतौर से करती हैं.

वो शरीर के हर पार्ट के लिए उनको टोन रखने के लिए कसरत करती हैं. वो हैडस्टेंड रोइंग, स्किपिंग और बेटल रोप्स का भी सहारा लेती हैं. इसके अलावा वो टेनिस भी खेलती हैं. सोनाक्षी हफ़्ते में पांच दिन एक्सरसाइज़ करती हैं.

Sonakshi Sinha hot

लेकिन सोनाक्षी यह भी जानती थीं कि सिर्फ़ जिम जाना ही काफ़ी नहीं होगा इसलिए डायट पर भी उन्होंने ध्यान देना शुरू किया. वो पानी खूब पीती हैं ताकि हाइड्रेटेड रहें.

Sonakshi Sinha

नाश्ते में वो दूध, कार्नफ्लेक्‍टस या फिर वीट ब्रेड टोस्‍ट खाती हैं.
दोपहर में वो रोटी-सब्ज़ी और सलाद लेती हैं.

रात के खाने में वो चावल, दाल, सब्ज़ी या चिकन/फ़िश लेती हैं.

बीच में जब कभी भूख लगती है तो वो ड्राई फ्रूट्स, ग्रीन टी या कोई फल खाती हैं. वो 2-3 घंटे के अंतराल पर ये हेल्दी चीज़ें खाती हैं.

सोने से 3-4 घंटे पहले ही वो खाने खा लेती हैं.

Sonakshi Sinha hot

खाने की शौक़ीन सोनाक्षी अपनी क्रेविंग्स का भी ख़याल रखती है और बीच बीच में कभी कभार बाहर भी खाने खाती हैं.

क्या आप अचानक मोटी हो गई हैं? आपकी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं आया है, आप कोई जंक फूड या तला हुआ खाना भी नहीं खा रहे हैं, आपको समझ नहीं आ रहा है कि आखिर आपका वजन क्यों बढ़ रहा है. क्या आप अपने बढ़े हुए वजन को कम नहीं कर पा रहे हैं? यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा, क्योंकि मोटापे का इमोशनल कनेक्शन भी होता है. आखिर क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन, इसके बारे में बता रही हैं ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी.

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क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन?
मोटापा ज्यादा खाने से ही बढ़े ये जरूरी नहीं है, कई बार बेवजह वजन बढ़ने लगता है और स्थिति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि ऐसे वजन बढ़ने का संबंध हमारे इमोशनल हेल्थ यानी भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. हमारी भावनाओं का हमारे शरीर पर इतना गहरा प्रभाव पड़ता है कि इससे हमें असाध्य बीमारी तक हो सकती है. स्वस्थ रहने के लिए शरीर ही नहीं, मन के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है. यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा और इसका उपाय करना होगा.

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मोटापे का इमोशनल कनेक्शन जानने के लिए देखें ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी का ये वीडियो:

मोटापा कम करने के लिए अपनाएं ये 10 प्राकृतिक उपाय
मोटापा कम करने का प्राकृतिक तरीक़ा बहुत आसान है, इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. आइए, हम आपको मोटापा कम करने के 10 आसान और असरदार प्राकृतिक उपाय बताते हैं.

1) हेल्दी डायट का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.
2) रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले नींबू का रस और शहद मिला गरम पानी पीएं. अगर आपको अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना है, तो गरम पानी में दालचीनी मिला सकती हैं, डायबिटीज़ कम करना है तो मेथी दाना भिगोकर मिला सकती हैं, सर्दी है तो पानी में हल्दी मिला सकती हैं. इन चीज़ों से सेहत अच्छी रहती है, वज़न घटना है और ख़ूबसूरती बढ़ती है.
3) अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.
4) नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.
5) दोपहर के खाने में ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी खाएं. साथ ही हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालें खा सकती हैं. भोजन के साथ सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे- हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

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6) शाम के नाश्ते में नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.
7) रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.
8) स्लिम और जवां नज़र आने के लिए हेल्दी डायट के साथ-साथ वर्कआउट भी बेहद ज़रूरी है. इसके लिए रोज़ाना एक घंटा मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग, एक्सरसाइज़, योग, मेडिटेशन आदि के लिए ज़रूर निकालें.
9) रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, ताकि आपको पर्याप्त नींद मिल सके. सुबह जल्दी उठने से आप वर्कआउट के लिए आसानी से समय निकाल पाएंगे.
10) अपनी हॉबीज़ यानी शौक के लिए समय निकालें. हमारे शौक हमें खुश रखते हैं और हमारा तनाव दूर करते हैं, इससे इमोशनल मोटापा नहीं बढ़ता.

how to loose weight

  • खाना खाने से आधा घंटा पहले पानी पीएं.
  • जी हां, रिसर्च में यह साबित हुआ है कि पानी पीने से मेटाबॉलिज़्म फास्ट होता है और कैलोरीज़ फास्ट बर्न होती है.
  • खाने से आधा घंटा पहले आधा लिटर पानी पीने से आप कम कैलोरीज़ कंज़्यूम करते हैं और 44% अधिक वेट लूज़ कर पाते हैं.
  • पानी आपको हाइड्रेटेड रखता है.
  • काने से पहले पानी पीने से आप ओवरईटिंग से भी बच जाते हैं, क्योंकि अक्सर ऐसा देखा गया है कि हमें भूख महसूस होती है, लेकिन पानी पीने के बाद वो भूख कम हो जाती है.

 

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  • आप सुबह-सुबह भी गुनगुना पानी पी सकते हैं. यह भी मेटाबॉलिज़्म को फास्ट करता है.
  • गुनगुने पानी में शहद और नींबू का रस भी मिला सकते हैं.
  • इसके अलावा अगर आपको कुछ ऑयली या जंक फूड खाने की क्रेविंग हो रही है, तो वो खाने के बाद आप एक या आधा कप गर्म पानी घूंट-घूंट करके पीएं, इससे फैट्स जमा नहीं होगा और जंक फूड खाने से जो एक्स्ट्रा कैलोरीज़ आपने कंज़्यूम कर ली है, उसका भी असर नहीं होगा. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अक्सर ऐसा करें. जंक फूड जितना संभव हो अवॉइड ही करें.

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आजकल लोग अपने शरीर को लेकर इतने सजग हो गए हैं कि स्लिम-ट्रिम दिखने के लिए वे किसी तरह के भी उपाय करने से नहीं हिचकिचाते. लोगों की सुनी-सुनी-सुनाई बातें, अख़बार, मैग्ज़ीन… जहां से, जो भी सलाह मिल जाए, बिना आगे-पीछे सोचे उसका पालन करने लगते हैं. लेकिन क्या सचमुच उससे कोई फ़ायदा मिलता है. शायद नहीं. हम डायट से जुड़े कुछ ऐसे ही वहमों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि आप बेकार के चक्करों में पड़कर अपने शरीर को टॉर्चर करना बंद कर दें.

Not-Losing-Weight

मिथकः कार्बोहाइड्रेट मोटापा बढ़ाता है
सच्चाईः कार्बोहाइड्रेट्स युक्त खाद्य पदार्थों में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो हमारे शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है, ताकि हम दिनभर चुस्ती-फुर्ती से काम कर सकें. खाने में कार्ब्स को पूरी तरह नदारद करने से हमारे शरीर का एनर्जी लेवल एकदम कम हो जाएगा व पाचन संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो जाएंगी. इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी डायट में गुड कार्ब्स, जैसे- होल वीट पास्ता, ओट्स, ब्राउन ब्रेड, ब्राउन राइस, बीन्स, एप्पल इत्यादि शामिल करें.

Myths-Debunked

मिथकः नाश्ता राजा की तरह करो और डिनर भिखारी के जैसा
सच्चाईः इसमें कोई शक़ नहीं है कि पेटभर नाश्ता करना बेहद ज़रूरी होता है, लेकिन हैवी नाश्ता करने के चक्कर में अक्सर हम ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरीज़ ग्रहण कर लेते हैं. सुबह ख़ूब सारा नाश्ता करने का मतलब यह नहीं है कि आपको दिनभर भूख नहीं लगेगी. इसलिए ज़रूरी है कि अपनी लाइफ़स्टाइल व काम करने के तरी़के के आधार पर दिनभर का खानपान प्लान करें.

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मिथकः दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते रहना चाहिए
सच्चाईः ऐसा कहा जाता है कि दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते रहने से मेटाबॉलिज़्म बढ़ता है, फलस्वरुप वज़न कम होता है. कम मात्रा में खाना सही है, लेकिन इसका वज़न कम होने का कोई सीधा संबंध नहीं है. यह सच है कि थोड़ा-थोड़ा खाते रहने से हंगर पैग्स को कंट्रोल करने में मदद मिलती है, लेकिन इसका मेटाबॉलिज़्म से कोई लेना-देना नहीं है. 2001 में इंटरनैशनल जरनल ऑफ ओबिसिटी में छपे अध्ययन के अनुसार, आप तय कैलोरीज़ तीन बार में लें या छह बार में, इससे कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता. वज़न कम करने के लिए आप दिनभर कितना कैलोरीज़ ग्रहण करती हैं, उस पर ध्यान देना ज़्यादा ज़रूरी है.

मिथकः हर तरह के फैट से दूर रहना चाहिए
सच्चाईः बाज़ार में मिलने वाले फैट फ्री कोल्ड ड्रिंक्स व जूस पर आंख मूंदकर विश्‍वास न करें. ये आपके शरीर पर धीरे-धीरे ही सही, लेकिन चर्बी की पर्त चढ़ाते जाते हैं. इसी तरह लो कार्ब या लो फैट डायट भी वज़न कम करने में कुछ ख़ास मदद नहीं करते. इसलिए फैट से बिल्कुल दूर रहने से बेहतर है कि आप अपने खाने में हेल्दी व एसेंशियल फैटी एसिड्स, जैसे-नट्स, मछली, फल इत्यादि शामिल करें.

मिथकः यदि आप जिम जाती हैं तो कुछ भी खा सकती हैं
सच्चाईः अगर आप ट्रेडमील पर एक घंटा भगाने के बाद आइसक्रीम और चीज़ पिज़्ज़ा पर टूट पड़ेंगी तो आपने दौ़़ड़कर जितनी कैलोरीज़ बर्न की है, उससे कहीं ज़्यादा आप दोबारा ग्रहण कर लेंगी. सच्चाई यह है कि अगर खानपान पर नियंत्रण न हो तो एक्सरसाइज़ करने से कोई फायदा नहीं मिलता. अतः एक्सरसाइज़ के साथ-साथ अपने खाने पीने पर ध्यान दें और संतुलित आहार ग्रहण करें.

Why-I-am-not-Losing-Weight

मिथकः रात में देर से खाने से वज़न बढ़ता है
सच्चाईः बहुत-से डायट प्लान्स ऐसे हैं जो शाम को सात बजे के बाद किचन का दरवाज़ा बंद करने की सलाद देते हैं. लेकिन रात में देर से खानेवालों को यह जानकर संतुष्टि मिलेगी कि कैलोरी आपके खाने का समय नहीं देखती. सच्चाई यह है कि चूंकि हम रात के समय किसी तरह का शारीरिक श्रम नहीं करते इसलिए कैलोरीज़ को बर्न होने में समय लगता है. इसलिए कुछ भी न खाने से बेहतर होगा कि आप रात में हाई कैलोरी फूड लेने से बचें.

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