fitness mantra

टीवी की ये मशहूर बहू सबकी फेवरेट है और दिव्यांका की इमेज थी प्यारी सी पारंपरिक बहू की. लेकिन एक दुर्घटना के बाद उनका वज़न काफ़ी बढ़ गया था जिसके बाद उनके पति विवेक दहिया ने उन्हें प्रेरित किया और दिव्यांका ने अपना ऐसा मेकओवर किया कि वो बन गईं एकदम हॉट. क्या है दिव्यांका की फिटनेस का राज़, आइए जानें.

Divyanka Tripathi

दिव्यांका जिम जाती हैं और योगा भी करती हैं. हालांकि जिम जाने का उनका फिक्स टाइम नहीं है लेकिन वो नियमित वर्कआउट करती हैं.

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कार्डियो या वेट ट्रेनिंग उन्हें अधिक पसंद है. लेकिन दिव्यांका यह जानती थीं कि सिर्फ़ जिम जाना ही काफ़ी नहीं इसलिए उन्होंने डायट में भी बदलाव किए. उनका शरीर भी ऐसा है कि फैट्स जल्दी बनता है इसलिए उनके लिए समझदारी से हेल्दी डायट का चुनाव करना ज़रूरी था.

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  • दिव्यांका के दिन की शुरुआत होती है ग्रीन जूस से.
  • वो मीठा खाने से परहेज़ करती हैं.
  • घर का बना खाना ही खाती हैं.
  • नाश्ते में वो फ्रूट या ऑइल फ़्री पैनकेक्स भी खाना पसंद करती हैं.
  • वो सूप्स लेना भी पसंद करती हैं इसलिए जब भी उन्हें भूख महसूस होती है वो हेल्दी सूप पीती हैं. इस से भूख नियंत्रण में रहती है.
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  • इसके अलावा वो अपने साथ पनीर रखती हैं ताकि भूख लगने पर बीच बीच में उसका सेवन कर सकें.
  • दोपहर के खाने में वो रैप्स लेती हें. वो सब्ज़ियों व पनीर रैप्स का सेवन काफ़ी करती हैं. उनका खाना बिना तेल का ही होता है.
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  • चावल व कार्ब्स से दूर रहती हैं.
  • पानी खूब पीती हैं ताकि हाइड्रेटेड रहें.
  • शाम का भोजन 7:30-8 बजे से पहले कर लेती हैं.
  • उन्हें ऑइल फ्री वेजीटेबल कटलेट भी काफ़ी पसंद है.

तो आप भी अनुशासन में रहकर पा सकते हैं फिट शरीर. दिव्यांका अक्सर अपने पति के साथ अपने फिटनेस वीडियोज़ डालकर सबको प्रेरित भी करती हैं.

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क्या आप अचानक मोटी हो गई हैं? आपकी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं आया है, आप कोई जंक फूड या तला हुआ खाना भी नहीं खा रहे हैं, आपको समझ नहीं आ रहा है कि आखिर आपका वजन क्यों बढ़ रहा है. क्या आप अपने बढ़े हुए वजन को कम नहीं कर पा रहे हैं? यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा, क्योंकि मोटापे का इमोशनल कनेक्शन भी होता है. आखिर क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन, इसके बारे में बता रही हैं ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी.

Lose Weight Naturally

क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन?
मोटापा ज्यादा खाने से ही बढ़े ये जरूरी नहीं है, कई बार बेवजह वजन बढ़ने लगता है और स्थिति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि ऐसे वजन बढ़ने का संबंध हमारे इमोशनल हेल्थ यानी भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. हमारी भावनाओं का हमारे शरीर पर इतना गहरा प्रभाव पड़ता है कि इससे हमें असाध्य बीमारी तक हो सकती है. स्वस्थ रहने के लिए शरीर ही नहीं, मन के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है. यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा और इसका उपाय करना होगा.

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मोटापे का इमोशनल कनेक्शन जानने के लिए देखें ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी का ये वीडियो:

मोटापा कम करने के लिए अपनाएं ये 10 प्राकृतिक उपाय
मोटापा कम करने का प्राकृतिक तरीक़ा बहुत आसान है, इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. आइए, हम आपको मोटापा कम करने के 10 आसान और असरदार प्राकृतिक उपाय बताते हैं.

1) हेल्दी डायट का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.
2) रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले नींबू का रस और शहद मिला गरम पानी पीएं. अगर आपको अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना है, तो गरम पानी में दालचीनी मिला सकती हैं, डायबिटीज़ कम करना है तो मेथी दाना भिगोकर मिला सकती हैं, सर्दी है तो पानी में हल्दी मिला सकती हैं. इन चीज़ों से सेहत अच्छी रहती है, वज़न घटना है और ख़ूबसूरती बढ़ती है.
3) अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.
4) नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.
5) दोपहर के खाने में ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी खाएं. साथ ही हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालें खा सकती हैं. भोजन के साथ सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे- हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

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6) शाम के नाश्ते में नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.
7) रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.
8) स्लिम और जवां नज़र आने के लिए हेल्दी डायट के साथ-साथ वर्कआउट भी बेहद ज़रूरी है. इसके लिए रोज़ाना एक घंटा मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग, एक्सरसाइज़, योग, मेडिटेशन आदि के लिए ज़रूर निकालें.
9) रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, ताकि आपको पर्याप्त नींद मिल सके. सुबह जल्दी उठने से आप वर्कआउट के लिए आसानी से समय निकाल पाएंगे.
10) अपनी हॉबीज़ यानी शौक के लिए समय निकालें. हमारे शौक हमें खुश रखते हैं और हमारा तनाव दूर करते हैं, इससे इमोशनल मोटापा नहीं बढ़ता.

टेलीविज़न की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका सिंह जितनी ख़ूबसूरत हैं, उतनी ही समझदार भी हैं. ‘दीया और बाती हम’ सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या (दीपिका का किरदार) की तरह ही दीपिका भी ज़िंदगी के हर चैलेंज का बहादुरी से सामना करती हैं. बेटे (सोहम) के जन्म के बाद दीपिका सिंह ने 18 किलो वज़न कम (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets करके एक बार फिर सबको चौंका दिया है. इतने कम समय में दीपिका ने इतना वज़न कैसे कम किया? आइए, उन्हीं से ही जानते हैं.

दीपिका, आप फिर से पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. आपने इतनी जल्दी वज़न कैसे कम किया? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
मैंने वज़न कैसे कम किया, इससे पहले मैं आपको ये बताना चाहती हूं कि मेरा वज़न इतना ज़्यादा कैसे बढ़ गया. मेरा वज़न बढ़ने के ऐसे कई कारण थे, जिन पर मेरा कोई कंट्रोल नहीं था, जैसे-
* प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड की प्रॉब्लम हो गई थी, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था.
* फिर डिलीवरी के बाद मेरे घरवालों ने मुझे ख़ूब खिलाया-पिलाया, ताकि मुझे कमज़ोरी न आ जाए और बच्चे को दूध की कमी न हो.
* हमारे यहां 40 दिन तक घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है, इसलिए बैठे-बैठे बज़न और बढ़ने लगा.
* मैंने अपने बच्चे के लिए डाइपर का इस्तेमाल कभी नहीं किया. मुझे लगता है कि पीरियड्स के दौरान जब पांच दिन पैड पहनने में मुझे इतनी परेशानी होती है, तो इतने छोटे बच्चे को डायपर क्यों पहनाया जाए. जन्म के कुछ समय तक वो बार-बार कपड़े गीले करता था इसलिए मेरी नींद पूरी नहीं हो पाती थी, नींद की कमी से भी मेरा वज़न बढ़ने लगा. उस पर सोहम प्री-मैच्योर था इसलिए मैं उसका कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखती थी.
* इस तरह मेरा वज़न 54 किलो से लगभग 72 किलो पहुंच गया. बढ़े हुए वज़न के कारण मुझे कमर दर्द की शिकायत भी होने लगी थी.

कब लगा कि अब वज़न कम करना ज़रूरी हो गया है? 
सोहम (बेटे) का जन्म 28 मई को हुआ और जुलाई की शुरुआत में जब मैंने अपना वज़न चेक किया, तो मैं हैरान रह गई. मेरा वज़न बढ़कर 72 किलो हो गया था. फिर 10 जुलाई से मैंने योगा करना शुरू किया था, लेकिन उससे भी बहुत ज़्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था. मेरी बॉडी इतनी स्टिफ हो गई थी कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी. साथ ही मुझे कमर दर्द भी हो रहा था. मैंने डांस की प्रैक्टिस भी की, लेकिन मैं डांस कर ही नहीं पा रही थी. फिर जब मेरे बर्थडे (26 जुलाई) के दिन मेरी बहन और मां ने मुझसे कहा कि तुम्हारा वज़न कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगा है, तो ये मेरे लिए एक सिग्नल था. उसके बाद से मैंने फिटनेस की तरफ़ ध्यान देना शुरू कर दिया. सोहम के जन्म के ठीक 2 महीने बाद 28 जुलाई से मैंने जिम ज्वाइन कर लिया. हालांकि मैं जिम में बहुत कम टाइम ही बिता पाती थी, क्योंकि मुझे सोहम को दूध पिलाने के लिए जल्दी घर आना होता था. ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से मैं वेट ट्रेनिंग तो कर नहीं सकती थी, इसलिए मैं जिम में ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह ही करती थी. कई बार मैं ब्रेस्ट पंप से उसके लिए दूध भी रखकर जाती थी. इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग और डांस के कारण भी मेरा वज़न तेज़ी से कम हो रहा था.

आप क्या डांस की स्पेशल ट्रेनिंग ले रही हैं?
हां, मैं ओड़ीसी डांस सीख रही हूं. हफ्ते में तीन दिन मेरे गुरु सनातन चक्रवर्ती जी मुझे ओड़ीसी डांस सिखाते हैं. मुझे डांस करना बहुत पसंद है. डांस मेरे लिए पूजा की तरह है, इससे मुझे आध्यात्मिक शांति मिलती है. जब भी मैं डांस करती हूं, तो मैं ख़ुद को एक अलग ही दुनिया में पाती हूं. मेरे ख़्याल से डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे बहुत ख़ुशी मिलती है. जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ मैंने अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हूं.

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आपके पूरे दिन का डायट प्लान क्या होता है? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने इतना दूर कर लो कि आपकी इमयूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. साथ ही रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए. मैं बार-बार नहीं खाती. दिन में 3-4 बार ही खाती हूं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना.
* मैं सुबह छह बजे उठ जाती हूं. सुबह मैं एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हूं. ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है. ये इतना अच्छा प्रयोग है कि इसे आप सफ़र के दौरान भी कर सकते हैं. मेरा पानी पीने का भी नियम है. मैं शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हूं, उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हूं.
* 8 बजे तक मैं नाश्ता कर लेती हूं. नाश्ते में पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हूं. इससे मैं फ्रूट्स भी उसी समय खा लेती हूं.
* हफ्ते में तीन दिन सुबह दस बजे मेरी डांस क्लास शुरू हो जाती है (हंसते हुए), वो भी सोहम के हिसाब से आगे-पीछे होती रहती है. बाकी के दिन मैं योगा कर लेती हूं. साढ़े ग्यारह बजे तक डांस या योगा करने के बाद मैं शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हूं. मुझे लो बीपी की प्रॉब्लम है इसलिए मैं नमक-शक्कर वाला नींबू पानी पीती हूं. कुछ देर बाद मन हुआ तो सलाद ले लेती हूं, नहीं तो सीधे लंच करती हूं.
* एक-डेढ़ बजे तक मैं लंच कर लेती हूं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हूं मैं. आजकल हमारे घर में राजस्थान से टीट का अचार आया हुआ है, तो मैं अचार भी स्वाद लेकर खा रही हूं.
* शाम पांच बजे मैं चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हूं. कई बार चना या मूंगफली खा लेती हूं.
* घर में खाना चाहे कितने बजे भी बने मैं शाम सात बजे अपने लिए दो परांठे बनवा लेती हूं और उन्हें सब्ज़ी या दाल जो भी मिले उसके साथ खा जाती हूं. आजकल आम आए हुए हैं, तो आम के साथ भी खा जाती हूं. सात बजे मैं डिनर कर ही लेती हूं.
* मैं सोहम को ब्रेस्ट फीड कराती हूं इसलिए मुझे 10 बजे फिर भूख लग जाती है. उस समय मैं एप्पल शेक पीती हूं. उसमें मैं फ्लैक सीड्स भी डालती हूं. मुझे एप्पल शेक बहुत पसंद है.
* मैं शुरू से अच्छा खाना खाती हूं. मैंने कभी क्रैश डायट नहीं की. हां, खाना पचाने के लिए मैं रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हूं.
* वेट लॉस को लेकर मेरा जो ऑब्ज़रर्वेशन रहा है, वो है टाइमिंग. यदि आप राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. रागी की रोटी खाओ, घी-तेल मत खाओ… इन सबसे कहीं ज़्यादा ज़रूरी टाइम पर खाना है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. साथ ही ख़ूब पानी पीएं, मैं हमेशा से ख़ूब पानी पीती हूं. साथ ही एक्टिव रहना, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करना भी उतना ही ज़रूरी है.
* फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.

आपका मां बनने का अनुभव कैसा था?
सच कहूं तो दिया और बाती से भी ज़्यादा मेहनत मां बनने में लगी. मां बनना औरत के लिए एक तरह से ट्रांसफॉर्मेशन का टाइम होता है. आज जब मैं ये सब सोचती हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी, मैं बच्चे को अपना दूध ही पिलाऊंगी और उसे डायपर नहीं पहनाऊंगी. मैंने सोहम की देखभाल के लिए मेड नहीं रखी. मुझे डर लगता है कि वो हाइजीन का ख़्याल रखेगी या नहीं. पहले मैंने मेड रखने की कोशिश की थी, लेकिन मुझे उनका काम पसंद नहीं आया. एक बार तो सोहम को आंख में इंफेक्शन हो गया था. मेड्स बच्चे को डाइपर पहनाकर फ्री हो जाती हैं इसलिए मैं अपने बच्चे को उनके हवाले नहीं करना चाहती थी.

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हुई थी?
जैसा कि मैंने पहले भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड हो गया था, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था. इसके साथ ही मुझे आठवें महीने में ही पेन शुरू हो गए थे, जिसके कारण मुझे रेस्ट करने की सलाह दी गई और डिलीवरी को नौवें महीने तक पोस्टपोन किया गया. मेरी डिलीवरी मेहर अंबे नर्सिंग होम, मुलुंड (मुंबई) में हुई थी. डॉक्टर रीता ने प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे हेल्दी डायट और फिट रहने में बहुत मदद की. वो मुझे बताती थी वॉक ज़्यादा किया करो इसलिए मैं खाना खाने के बाद वॉक करती थी. साथ ही उन्होंने मुझे प्रेग्नेंसी के दौरान योगा करने को भी कहा. इन सबसे मेरा वज़न बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ा और मेरा स्टेमिना भी अच्छा हो गया. वॉक और योग के कारण डिलीवरी के बाद भी मुझे काफी मदद मिली. यदि आप एक्टिव नहीं हैं, तो आपका स्टेमिना कम हो जाता है, जिससे आप बीमार जैसे दिखने लगते हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए. प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ बच्चे और मां को बहुत रिलैक्स करती है.

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Deepika Singh's Weight Loss Secrets
दीपिका सिंह के स्पेशल हेल्थ टिप्स
* जब भी मैं बहुत थक जाती हूं या मुझे लगता है कि मेरी बॉडी को रिलैक्सेशन की ज़रूरत है, तो मैं मेडिटेशन करती हूं. इससे मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है.
* मैं बहुत ज़्यादा नहीं सोती. मैं सोने में नहीं, जीने में विश्‍वास करती हूं. मुझे उगता सूरज देखना अच्छा लगता है. सुबह की ताज़ा हवा अच्छी लगती है. मैं हमेशा जल्दी उठती हूं.
* 72 किलो से अब मैं फिर से 54 किलो की हो गई हूं इसलिए मैं बहुत ख़ुश हूं. 18 किलो वज़न घटाकर मैंने अपना टारगेट अचीव कर लिया है. अब मुझे इससे कम वज़न नहीं करना है इसलिए मैं इसे ही मेन्टेन करूंगी. अब मैं शेप में आ गई हूं इसलिए मैंने जिम जाना बंद कर दिया है. अब मैं अपने वज़न को डांस और योगा से बैलेंस कर रही हूं.
* मेटाबॉलिज़्म रेट का सीधा संबंध डायजेशन है. यदि आपका खाना ठीक से पच रहा है, तो आपका मेटाबालिज़्म भी ठीक रहेगा. इसीलिए बॉडी की सफ़ाई ज़रूरी है. दालचीनी पाउडर मिला गरम पानी यही काम करता है.
* मैं खाते समय हमेशा ये सोचती हूं कि आज न जाने कितने लोगों को खाना नहीं मिला होगा, ये सोच मुझे लिमिट में खाने में मदद करती है. आज हमारे पास पैसे ज़्यादा आ गए हैं, लग्ज़री ज़्यादा आ गई है, इसका ये मतलब नहीं कि हम उनका ग़लत फ़ायदा उठाएं.

दीपिका सिंह के ब्यूटी सीक्रेट्स
* मैंने अभी तक अपने बालों को कलर नहीं किया है. पहले कभी-कभार मैं बालों में मेहंदी लगा लेती थी, लेकिन पिछले 2 सालों से मेहंदी भी नहीं लगाई है. प्रेग्नेंसी के दौरान घरवाले कहते थे कि मेहंदी लगाने से कहीं तुमहें सर्दी न हो जाए. अब बच्चे के जन्म के बाद कहते हैं कि कहीं बच्चे को सर्दी न हो जाए इसलिए मैं अभी भी मेहंदी नहीं लगा रही हूं.
* बालों में कलर न करने की वजह ये है कि बाज़ार में भले ही अमोनिया फ्री हेयर कलर उपलब्ध हैं, लेकिन बालों में कलर प्रोटेक्ट करने के लिए जो शैंपू लगाना पड़ता है, उसमें तो केमिकल होता ही है. मैं अपने शरीर पर केमिकल का कम से कम इस्तेमाल करती हूं इसलिए मैं बालों में कलर करने से बचती हूं. मैं बालों के लिए हर्बल शैंपू इस्तेमाल करती हूं.
* शूटिंग के अलावा मैं मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी मैं देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हूं.
* मैं पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हूं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हूं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हूं. नहाने में मुझे 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन ये संतुष्टि होती है कि मैंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.
* मैं हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हूं.
* इसके अलावा जब भी टाइम मिलता है, तो मैं आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हूं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.

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मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं
मेरा बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब मैं पहाड़गंज में रहती थी, तो हमारे यहां पानी के टैंकर आते थे. मेरी मां, मैं और मेरी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे. मैंने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए मैं इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो हम लैंप में पढ़ाई करते थे. मैं आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं इसलिए आज भी मैं पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. मुझे ये लगता है कि मैं अपनी तरह से कोशिश करती रहूंगी. मुझे देखकर कुछ लोग भी बदल सकें, तो मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात होगी.

– कमला बडोनी

आपने अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसी आदतें शामिल की होंगी, जो आपके हिसाब से सेहतमंद हैं, पर क्या आपको अंदाज़ा भी है, ये आपकी सेहत के लिए नुक़सानदायक भी हो सकती हैं. क्या हैं ये आदतें? चलिए हम आपको बताते हैं.

Healthy Habits

1) लो-फैट या फ्री डेयरी का चुनाव
नये रिसर्च से यह सिद्ध हुआ है कि फुल फैट डेयरी का दिल की बीमारियों, टाइप-2 डायबिटीज़ व मोटापा से कोई संबंध नहीं है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि डेयरी (दूध से बनी चीज़ें) में मौजूद फैटी एसिड्स मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में मददगार सिद्ध होते है. फैट का सेवन करने से पेट अधिक समय तक भरा रहता है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है. इसके साथ ही यह ज़रूरी नहीं है कि जिन प्रोडक्ट्स पर लो-फैट या फैट-फ्री लिखा हो, उनमें कम कैलोरीज़ या कम शुगर हो. कई बार कुछ कंपनियां प्रोडक्ट्स का स्वाद बढ़ाने के लिए उनमें आर्टिफिशियल शुगर, सॉल्ट या फ्लेवर्स मिलाती हैं. इसलिए सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा-सा लगे, पर फुल-फैट डेअरी (वसा युक्त) प्रोडक्ट्स आपके लिए सेहतमंद हैं.

2) कार्ब्स से दूरी
एक रिसर्च के मुताबिक़ कार्बोहाइड्रेट्स- विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर्स प्रदान करते हैं, जो हमारे शरीर को ऊर्जा देते है. अगर हम पूरी तरह कार्ब्स का सेवन बंद कर देते हैं, तो बॉडी टिशूज़ में मौजूद ग्लाइकोसिन कम हो जाता है और शरीर ऊर्जा के लिए पूरी तरह फैट पर निर्भर हो जाता है, इस प्रोसेस को केटोसिस कहते हैं.
ऊर्जा के लिए फैट पर निर्भर रहना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. शरीर में केटॉन्स एकत्रित होने पर सिरदर्द, नोज़िया, एकाग्रता की कमी और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं हो जाती हैं. इसलिए बेहतर यही होगा कि सिंपल कार्ब्स जैसे- डोनट्स व मफिन्स से भले ही दूरी बनाए, लेकिन साबूत अनाज, दालें, फल व सब्ज़ियों को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें, फिर भले ही आपको अपना वज़न ही क्यों न कम करना हो.

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3) लो-कैलोरी फ्रोज़ेन फूड्स का सेवन
वज़न घटाने के लिए कई लोग रात के आहार में 150 से 200 कैलोरीज़ वाला फ्रोज़न मील ग्रहण करते हैं, जो वास्तव में बेहद कम है. अगर आप दिनभर में कम खाएंग, तो आपका मेटाबोलिज़्म घट जाएगा, इसलिए इन मील्स के साथ सब्ज़ियों व फलों का भी सेवन करें. अगर आपके खाने में स्टार्च का आभाव है, तो अपने भोजन में साबूत अनाज और शकरकंद को शामिल करें.

4) लीन प्रोटीन के स्रोत के लिए देली मीट का चुनाव
रोस्ट टर्की और पका हुआ हैम शरीर में प्रोटीन की मात्रा को तेज़ी से बढ़ाने के लिए एक कारगर उपाय है, लेकिन हाल ही में द वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइज़ेशन ने यह संशोधित किया है कि देली मीट शरीर में कोलेस्ट्रॉल कैंसर के ख़तरे को बढ़ाता है. इस संबंध में द माइंड डायट की लेखिका न्यूट्रिशनिस्ट मैगी मून का कहना है कि इस प्रकार के मीट में नमक अधिक मात्रा में होने के कारण यह डिहाइड्रेशन की वजह बन सकता है. यदि आप एक प्रोटीन स्रोत की तलाश कर रहे हैं, तो रोटिसेरी चिकन का चयन करें तथा फैट और सॉल्ट की मात्रा को कम करने के लिए उसकी त्वचा को हटाकर उसका सेवन करें.

Healthy Habits

5) फलों से परहेेज़ करना, क्योंकि इसमें शुगर अधिक होता है
हालांकि फलों में शुगर फ्रटोज़ शामिल होता है, इसलिए फलों का ज़्यादा सेवन वज़न बढ़ाने का कारण बन सकता है. लेकिन फलों में फाइबर के होने के साथ कई पोषक तत्व भी होते हैं. फलों को अपने भोजन से हटाने का अर्थ होगा महत्वपूर्ण तत्व जैसे- विटामिन, मिनरल्स और बीमारी से लड़ने वाले फाइटिंग एंटीऑक्सीडेंट्स से दूर हो जाना. फल से दूरी बनाने का मतलब है कि आप इसे हाई कैलोरी स्वीट स्नैक्स, केक या कैंडी बार से बदल लेंगे, जिससे वज़न बढ़ सकता है.

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Disha Patani

बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी (Disha Patani) उन फिटनेस फ्रीक स्टार्स (Fitness Freak Stars) में से एक हैं, जो अपनी स्लिम फिगर को मेटेन रखने और फिट रखने के लिए डायट और वर्कआउट करती हैं. अगर आप भी दिशा पटानी जैसे ऐब्स और टोन्ड बॉडी पानी चाहते हैं, तो फॉलो करें यहां पर बताए डायट (Diet) और फिटनेस सीके्रट्स (Fitness Secrets).

डायट
ब्रेकफास्ट: ओट्स, 2 अंडे, टोस्ट, कॉर्नफ्लेक्स, सीरियल्स और 1 ग्लास दूध/जूस.
लंच: वेजीटेबल सलाद/फ्रूट्स.
इवनिंग स्नैक्स: बादाम, मूंगफली.
डिनर: सूप, ब्राउन राइस, हरी सब्ज़ियां और दाल.

– दिशा हेल्दी फूड खाती हैं. लंच में ज़्यादातर विटामिन्स, मिनरल्स और से भरपूर चीज़ें खाना पसंद करती हैं.
– डिनर में वे प्रोटीन रिच फूड लेती हैं और कार्बोहाइड्रेट मिश्रित फूड बिल्कुल नहीं खाती.
– उन्हें मिठाइयां, पैनकेक औैर आइस्क्रीम बहुत पसंद है. जिस दिन उनका चीट डे होता है, वे यह सब खाना पसंद करती है.
– सलाद को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करती हैं.
– दिशा का मानना है कि ख़ुद को फिट रखने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप क्या खा रहे हैं. क्योंकि हम जो खाते हैं, वहीं हमारी बॉडी पर भी लगता है.
– ग्रीन चीज़ों को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करती है.
– दिनभर में खूब सारा पानी पीती है.

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वर्कआउट रूटीन
– दिशा के दिन की शुरुआत योग से होती है.
– वह हफ्ते में केवल 4 दिन ही जिम जाती है.
– कार्डियो एक्सरसाइज़, पिलेट्स, रिंग डिप्स, लाइट वेट ट्रेनिंग और वेट लिफ्टिंग उनके फिटनेस रूटीन का हिस्सा है.
– फिट रहने के लिए स्विमिंग और योग भी करती हैंै.
– दिशा ट्रेंड जिम्नास्ट डांसर है. अपनी फिगर को मेंटेन रखने के लिए जिम्नास्ट भी करती है.
– उन्हें डांस करना बेहद पसंद है. ख़ुद को फिट रखने के लिए वह रोज़ाना 30 मिनट डांस ज़रूर करती हैं. इस दौरान वह डांस के नए-नए फॉर्म
ट्राई करती हैं.
– नियमित रूप से मेडिटेशन करती हैं.
– फिट रहने के लिए दिशा बॉक्सिंग भी करती हैं. बॉक्सिंग करने से कैलोरीज़ बर्न होती है और वज़न भी मेंटेन रहता है.

फिटनेस मंत्र
– दिशा का फिटनेस मंत्र है कि वह फिट रहने के लिए बहुत वर्कआउट करती हैं.
– उनका मानना है कि किसी भी तरह के डांस फॉर्म से आप ख़ुद को फिट रख सकते हैं

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– देवांश शर्मा

Easy Diet Tips

15 आसान-असरदार टिप्स घटाते हैं वज़न
1. वर्किंग वुमन ऑफिस से आने के बाद इतनी थक जाती हैं कि अक्सर वही बनाती हैं जिसमें ज़्यादा मेहनत ना लगे. ऐसे में हरी सब्ज़ियां घर में बहुत कम ही बन पाती हैं. इससे बचने के लिए छुट्टी हेल्दी फल व सब्ज़ियों को काटकर फ्रिज में रख दें.
2. भुने चने, मुरमुरे, पॉपकॉर्न, ब्राउन ब्रेड आदि हमेशा फि्र्ज में रखें, ताकि भूख लगने पर भी आप हेल्दी खा सकें.
3. ऑफिस में टिफिन के अलावा ताज़े फल, दही, ड्राईफ्रूट्स, फैट-फ्री स्नैक्स आदि भी साथ ले जाएं, ताकि भूख लगने पर आप जंक फूड खाने से बच सकें.
4. सूप, सलाद, स्प्राउट्स, फ्रूट्स आदि स्लो टु ईट फूड माने जाते हैं. इनका सेवन हम धीरे-धीरे करते हैं, जिससे संतुष्टि मिलती है और हम ज़्यादा खाने से बच जाते हैं.
5. मूंग दाल चीला, बेसन का चीला, ऑमलेट आदि बनाने के लिए नॉन-स्टिक तवे का इस्तेमाल करें, इससे तेल कम इस्तेमाल होता है और आप हेल्दी डायट ले पाती हैं.

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6. दलिया, ब्राउन राइस आदि को बनाते समय उसमें ढेर सारी सब्ज़ियां मिला दें.
7. यदि पार्टी में जा रही हैं तो घर से निकलने से पहले हेल्दी स्नैक्स खा लें. इससे आप पार्टी में ओवर ईटिंग से बच जाएंगी.
8. इसी तरह शादी-ब्याह में ज़रूरी नहीं कि सारी चीज़ें खाई ही जाएं, स़िर्फ अपनी पसंद की चीज़ ही खाएं वो भी कम मात्रा में.
9. होटल में भी सारी चीज़ें इसलिए चट न कर जाएं कि उसमें आपके पैसे लगे हैं. यदि खाना बहुत बच गया है तो बेहतर होगा उसे पैक करा के घर ले जाएं.
10. अपने लंच व डिनर में पत्तेदार सब्ज़ियां जैसे चौलाई, शलजम के पत्ते, मूली के पत्ते, सरसों के पत्ते, बंदगोभी, पालक, लेट्यूस आदि शामिल करें. इनमें कई तरह के विटामिन्स होते हैं और वसा रहित होने के कारण ये नो कैलोरी में गिने जाते हैं.

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11. डार्क कलर के फल व सब्ज़ियों में एंटी एजिंग तत्व होते हैं, इनके सेवन से आप बढ़ती उम्र के संकेतों को आसानी से रोक सकती हैं. अतः अपने डेली डायट प्लान में पपीता, तरबूज, अनार, गाजर, शिमला मिर्च, टमाटर आदि को ज़रूर शामिल करें.
12. डायटिंग के दौरान होने वाली क्रेविंग रोकने के लिए कुछ खाने से पहले सूप, फ्रेश जूस, नारियल पानी, हर्बल टी पीएं. ये हेल्दी होते हैं और क्रेविंग से राहत भी दिलाते हैं.
13. क्रेविंग को रोकने का एक आसान तरीक़ा है ब्रश करना. जी हां, जब भी क्रेविंग बढ़े, तो टूथब्रश से दांत साफ़ करें, भूख ख़त्म हो जाएगी.
14. दिन में 4-5 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं. इससे आपका वज़न भी कंट्रोल में रहेगा और आप अपनी भूख पर नियंत्रण रख पाएंगी.
15. सुबह के नाश्ते में एग व्हाइट खाना बेहतरीन विकल्प है. इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है जिससे थोड़ा खाकर भी शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है.

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Weight Loss Tip

घर के कामों से वज़न घटाएं
* पोंछा लगाते समय 30 मिनट में 145 कैलोरी खर्च होती है जो ट्रेडमिल पर 15 मिनट दौड़ने के बराबर है.
* कपड़े धोते समय 60 मिनट में 85 कैलोरी बर्न होती है जो 100 सिटअप करने के बराबर है.
* खाना बनाते समय 60 मिनट में 150 कैलोरी खर्च होती है जो 15 मिनट एरोबिक्स करने के बराबर है.
* डस्टिंग करते समय 30 मिनट में 180 कैलोरी खर्च होती है जो 15 मिनट तक साइकिल चलाने के बराबर है.
* गार्डनिंग करते समय 60 मिनट में 250 कैलोरी बर्न होती है जो 25 मिनट सीढ़ी चढ़ने-उतरने के बराबर है.
* बिस्तर लगाते समय 15 मिनट में 66 कैलोरी बर्न होती है जो डेढ़ कि.मी. पैदल चलने के बराबर है.

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जानें वज़न बढ़ने की वजहें
वज़न बढ़ने की वजहें कई हैं, लेकिन व़क्त रहते यदि मोटापे पर कंट्रोल नहीं किया गया, तो कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं इसलिए सबसे पहले वज़न बढ़ने की वजहों को जानना ज़रूरी है.

लाइफ स्टाइल
आधुनिक जीवनशैली ने सुख-सुविधाएं तो बहुत दी हैं, लेकिन उन सुविधाओं का लाभ उठाते हुए लोग शारीरिक श्रम करना ही भूल गए हैं. थोड़ी दूर भी जाना हो तो गाड़ी से ही जाएंगे, पहली मंज़िल पर जाने के लिए भी लिफ्ट का इस्तेमाल करेंगे, दिनभर एसी रूम में आरामकुर्सी से चिपके रहेंगे… लोगों की इन आरामपसंद आदतों ने उन्हें बड़ी-बड़ी बीमारियां दे दी हैं.
आसान है समाधान
बिज़ी दिनचर्या में भी समय निकालकर फिज़िकल एक्सरसाइज़ करना बहुत ज़रूरी है. सही डायट और एक्सरसाइज़ से फिट रहना मुश्किल काम नहीं है. अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर कोई भी फिट और हेल्दी रह सकता है.

जंक फूड
जंक फूड हमारी ज़िंदगी में इस क़दर शामिल हो गया है कि इसके बिना हम किसी भी सेलिब्रेशन की कल्पना भी नहीं कर सकते और जंक फूड की यही लत मोटापा बढ़ा देती है. बड़े ही नहीं बच्चे भी जंक फूड के आदी हो गए हैं. बड़ों की देखादेखी में अक्सर बच्चे भी पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक आदि जंक फूड की डिमांड करने लगते हैं.
आसान है समाधान
आज के दौर में जंक फूड से पूरी तरह बचना तो मुमकिन नहीं, लेकिन उनमें भी हेल्दी ऑप्शन अपनाए जा सकते हैं. साथ ही जंक फूड के लिए हफ्ते या महीने में एक-दो दिन फिक्स कर लें और स़िर्फ उसी समय जंक फूड खाएं.

समय की कमी
महानगरों में ज़्यादातर पति-पत्नी दोनों नौकरीपेशा होते हैं, ऐसे में समय की कमी के कारण वो रेडी टु ईट खाने को प्राथमिकता देते हैं. समय के अभाव ने फास्ट फूड और दो मिनट में बन जाने वाली चीज़ों की डिमांड बढ़ा दी है और इन्हीं चीज़ों से मोटापा बढ़ने लगता है.
आसान है समाधान
कम समय में हेल्दी खाना बनाया जा सकता है जैसे- सूप, सलाद, ओट्स, दलिया आदि. वर्किंग कपल थोड़ी-सी प्लानिंग करके हेल्दी डायट अपना सकते हैं.

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स्ट्रेस
जी हां, तनाव भी वज़न बढ़ने की एक बड़ी वजह है. तनाव में अक्सर हम ज़्यादा खाते हैं और तनाव के समय मीठा खाने का मन करता है, जिससे मोठापा ज़्यादा बढ़ता है.
आसान है समाधान
जब भी लगे कि आप तनाव महसूस कर रही हैं, तो एक ग्लास पानी पी लें. साथ ही तनावमुक्त होने के लिए एक्सरसाइज़ करें, जैसे- गहसी सांसें लें, मसल रिलैक्शेसन तकनीक अपनाएं या कोई जोक बुक पढ़ें.

नींद की कमी
रात में देर से सोने और सुबह जल्दी उठ जाने से भी मोटापा बढ़ता है. ऐसा करने से रात में खाया हुआ खाना पच नहीं पाता. साथ ही इंसोम्निया (अनिद्रा), डिप्रेशन आदि के शिकार भी हो सकते हैं.
आसान है समाधान
अपना हर काम समय पर पूरा करने की कोशिश करें ताकि आप समय पर सो सकें और पर्याप्त नींद ले सकें. रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद बेहद ज़रूरी है.

खाने का शौक
खाने के शौकीन लोग अक्सर भरे-पूरे शरीर वाले होते हैं, क्योंकि उनका खाने पर कोई कंट्रोल नहीं होता. फिर आगे चलकर खाने का ये शौक उन्हें इतना भारी पड़ता है कि उन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं.
आसान है समाधान
खाने का शौक होना अच्छी बात है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि जब जो जी में आया खा लिया. यदि आप खाने की शौकीन हैं और अक्सर ज़रूरत से ज़्यादा खा लेती हैं, तो अपने शौक की भरपाई एक्सरसाइज़ करके करें. इससे आपका शौक भी बना रहेगा और आप फिट भी बनी रहेंगी.

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* शाम को भूख लगने पर भरपेट पपीता खाएं. इसमें कैलोरी कम और फाइबर ज़्यादा होता है.
* रात के खाने में रागी की रोटी खाएं. इसमें भरपूर मात्रा में न्यूट्रिएंट्स होते हैं और कैलोरी बहुत कम होती है.
* दालचीनी, लाल मिर्च, कालीमिर्च, अदरक, सरसों आदि मसाले वज़न घटाने में सहायक हैं इसलिए इनका सेवन भी कर सकती हैं.
* पपीता, अनन्नास, सेब, अमरूद, अंगूर, पीच आदि फल भी वज़न कम करने में सहायक हैं.

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किस समय क्या खाएं?
डायटिंग का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना. इससे भूख भी नहीं लगती और वज़न भी कम होता है इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.

सुबह का नाश्ता
अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.

मिड मील
नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.

दोपहर का खाना
इसमें ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी का समावेश करें. हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालों का भी समावेश किया जाना चाहिए. साथ ही सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

शाम का नाश्ता
इस समय नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.

रात का खाना
रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.

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जन्मदिन मुबारक हो!

 

* परिणिती चोपड़ा ने 86 से 57 किलो अपना वज़न किया यानी 29 किलो वेट लॉस किया.
* इसके लिए उन्होंने ऑस्ट्रिया का डिटॉक्स प्रोग्राम अपनाया. इसे अर्जुन कपूर, रानी मुखर्जी, आदित्य चोपड़ा आदि कर चुके हैं. इसमें बिना सर्जरी के मनचाहा फिगर पा सकते हैं.
* इस प्रोग्राम में एक टेस्ट होता है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि आपकी बॉडी क्या व कितना सहन कर सकती है.
* फिर इसी के आधार पर छह महीने का डायट प्लान बनाया जाता है, जिसे आपको पूरी गंभीरता के साथ फॉलो करना होता है.
* परिणिती पहले 38 इंच की जींस पहनती थीं, अब 30 इंच की पहनती हैं. वेस्ट के लिए उन्होंने जिम में वेट ट्रेनिंग एक्सरसाइज़ की मदद ली.
* इसके लिए वे हर रोज़ सुबह जॉगिंग, फिर मेडीटेशन, बाद में एक घंटा योग करती थीं.
* फिर ट्रेडमिल पर दौड़ना, डांस, स्विमिंग या हॉर्स राइडिंग करती थीं.
* नियमित रूप से एक्सरसाइज़ व कार्डियो के अलावा उन्होंने अपना डायट भी चेंज किया.
* उन्हें पिज़्ज़ा बहुत पसंद है, पर वेट लॉस के लिए उन्होंने फास्ट फूड अवॉइड करने के साथ बैलेंस डायट प्लान अपनाया.
* वे ब्रेकफास्ट में ब्राउन ब्रेड, एक ग्लास दूध, दो अंडे की स़फेदी और कभी-कभी जूस लेती हैं.
* लंच में ग्रीन सलाद व वेजीटेबल्स, दाल, रोटी और ब्राउन राइस लेती हैं.
* डिनर में कम ऑयल से बना सादा भोजन करती हैं. फिर एक ग्लास दूध व कभी-कभी चॉकलेट शेक लेती हैं.
* वे सोने से दो घंटे पहले डिनर लेती हैं. बकौल उनके यदि आपको वेट लॉस करना है, तो फास्ट फूड छोड़ना होगा.
– ऊषा गुप्ता