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दीपिका सिंह: डिलीवरी के बाद मैंने 18 किलो वज़न घटाया (Diya Aur Baati Hum Fame Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)

Diya Aur Baati Hum, Deepika Singh, Weight Loss Secrets

टेलीविज़न की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका सिंह जितनी ख़ूबसूरत हैं, उतनी ही समझदार भी हैं. ‘दीया और बाती हम’ सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या (दीपिका का किरदार) की तरह ही दीपिका भी ज़िंदगी के हर चैलेंज का बहादुरी से सामना करती हैं. बेटे (सोहम) के जन्म के बाद दीपिका सिंह ने 18 किलो वज़न कम (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets करके एक बार फिर सबको चौंका दिया है. इतने कम समय में दीपिका ने इतना वज़न कैसे कम किया? आइए, उन्हीं से ही जानते हैं.

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दीपिका, आप फिर से पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. आपने इतनी जल्दी वज़न कैसे कम किया? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
मैंने वज़न कैसे कम किया, इससे पहले मैं आपको ये बताना चाहती हूं कि मेरा वज़न इतना ज़्यादा कैसे बढ़ गया. मेरा वज़न बढ़ने के ऐसे कई कारण थे, जिन पर मेरा कोई कंट्रोल नहीं था, जैसे-
* प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड की प्रॉब्लम हो गई थी, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था.
* फिर डिलीवरी के बाद मेरे घरवालों ने मुझे ख़ूब खिलाया-पिलाया, ताकि मुझे कमज़ोरी न आ जाए और बच्चे को दूध की कमी न हो.
* हमारे यहां 40 दिन तक घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है, इसलिए बैठे-बैठे बज़न और बढ़ने लगा.
* मैंने अपने बच्चे के लिए डाइपर का इस्तेमाल कभी नहीं किया. मुझे लगता है कि पीरियड्स के दौरान जब पांच दिन पैड पहनने में मुझे इतनी परेशानी होती है, तो इतने छोटे बच्चे को डायपर क्यों पहनाया जाए. जन्म के कुछ समय तक वो बार-बार कपड़े गीले करता था इसलिए मेरी नींद पूरी नहीं हो पाती थी, नींद की कमी से भी मेरा वज़न बढ़ने लगा. उस पर सोहम प्री-मैच्योर था इसलिए मैं उसका कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखती थी.
* इस तरह मेरा वज़न 54 किलो से लगभग 72 किलो पहुंच गया. बढ़े हुए वज़न के कारण मुझे कमर दर्द की शिकायत भी होने लगी थी.

कब लगा कि अब वज़न कम करना ज़रूरी हो गया है? 
सोहम (बेटे) का जन्म 28 मई को हुआ और जुलाई की शुरुआत में जब मैंने अपना वज़न चेक किया, तो मैं हैरान रह गई. मेरा वज़न बढ़कर 72 किलो हो गया था. फिर 10 जुलाई से मैंने योगा करना शुरू किया था, लेकिन उससे भी बहुत ज़्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था. मेरी बॉडी इतनी स्टिफ हो गई थी कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी. साथ ही मुझे कमर दर्द भी हो रहा था. मैंने डांस की प्रैक्टिस भी की, लेकिन मैं डांस कर ही नहीं पा रही थी. फिर जब मेरे बर्थडे (26 जुलाई) के दिन मेरी बहन और मां ने मुझसे कहा कि तुम्हारा वज़न कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगा है, तो ये मेरे लिए एक सिग्नल था. उसके बाद से मैंने फिटनेस की तरफ़ ध्यान देना शुरू कर दिया. सोहम के जन्म के ठीक 2 महीने बाद 28 जुलाई से मैंने जिम ज्वाइन कर लिया. हालांकि मैं जिम में बहुत कम टाइम ही बिता पाती थी, क्योंकि मुझे सोहम को दूध पिलाने के लिए जल्दी घर आना होता था. ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से मैं वेट ट्रेनिंग तो कर नहीं सकती थी, इसलिए मैं जिम में ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह ही करती थी. कई बार मैं ब्रेस्ट पंप से उसके लिए दूध भी रखकर जाती थी. इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग और डांस के कारण भी मेरा वज़न तेज़ी से कम हो रहा था.

आप क्या डांस की स्पेशल ट्रेनिंग ले रही हैं?
हां, मैं ओड़ीसी डांस सीख रही हूं. हफ्ते में तीन दिन मेरे गुरु सनातन चक्रवर्ती जी मुझे ओड़ीसी डांस सिखाते हैं. मुझे डांस करना बहुत पसंद है. डांस मेरे लिए पूजा की तरह है, इससे मुझे आध्यात्मिक शांति मिलती है. जब भी मैं डांस करती हूं, तो मैं ख़ुद को एक अलग ही दुनिया में पाती हूं. मेरे ख़्याल से डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे बहुत ख़ुशी मिलती है. जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ मैंने अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हूं.

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आपके पूरे दिन का डायट प्लान क्या होता है? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने इतना दूर कर लो कि आपकी इमयूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. साथ ही रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए. मैं बार-बार नहीं खाती. दिन में 3-4 बार ही खाती हूं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना.
* मैं सुबह छह बजे उठ जाती हूं. सुबह मैं एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हूं. ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है. ये इतना अच्छा प्रयोग है कि इसे आप सफ़र के दौरान भी कर सकते हैं. मेरा पानी पीने का भी नियम है. मैं शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हूं, उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हूं.
* 8 बजे तक मैं नाश्ता कर लेती हूं. नाश्ते में पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हूं. इससे मैं फ्रूट्स भी उसी समय खा लेती हूं.
* हफ्ते में तीन दिन सुबह दस बजे मेरी डांस क्लास शुरू हो जाती है (हंसते हुए), वो भी सोहम के हिसाब से आगे-पीछे होती रहती है. बाकी के दिन मैं योगा कर लेती हूं. साढ़े ग्यारह बजे तक डांस या योगा करने के बाद मैं शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हूं. मुझे लो बीपी की प्रॉब्लम है इसलिए मैं नमक-शक्कर वाला नींबू पानी पीती हूं. कुछ देर बाद मन हुआ तो सलाद ले लेती हूं, नहीं तो सीधे लंच करती हूं.
* एक-डेढ़ बजे तक मैं लंच कर लेती हूं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हूं मैं. आजकल हमारे घर में राजस्थान से टीट का अचार आया हुआ है, तो मैं अचार भी स्वाद लेकर खा रही हूं.
* शाम पांच बजे मैं चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हूं. कई बार चना या मूंगफली खा लेती हूं.
* घर में खाना चाहे कितने बजे भी बने मैं शाम सात बजे अपने लिए दो परांठे बनवा लेती हूं और उन्हें सब्ज़ी या दाल जो भी मिले उसके साथ खा जाती हूं. आजकल आम आए हुए हैं, तो आम के साथ भी खा जाती हूं. सात बजे मैं डिनर कर ही लेती हूं.
* मैं सोहम को ब्रेस्ट फीड कराती हूं इसलिए मुझे 10 बजे फिर भूख लग जाती है. उस समय मैं एप्पल शेक पीती हूं. उसमें मैं फ्लैक सीड्स भी डालती हूं. मुझे एप्पल शेक बहुत पसंद है.
* मैं शुरू से अच्छा खाना खाती हूं. मैंने कभी क्रैश डायट नहीं की. हां, खाना पचाने के लिए मैं रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हूं.
* वेट लॉस को लेकर मेरा जो ऑब्ज़रर्वेशन रहा है, वो है टाइमिंग. यदि आप राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. रागी की रोटी खाओ, घी-तेल मत खाओ… इन सबसे कहीं ज़्यादा ज़रूरी टाइम पर खाना है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. साथ ही ख़ूब पानी पीएं, मैं हमेशा से ख़ूब पानी पीती हूं. साथ ही एक्टिव रहना, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करना भी उतना ही ज़रूरी है.
* फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.

आपका मां बनने का अनुभव कैसा था?
सच कहूं तो दिया और बाती से भी ज़्यादा मेहनत मां बनने में लगी. मां बनना औरत के लिए एक तरह से ट्रांसफॉर्मेशन का टाइम होता है. आज जब मैं ये सब सोचती हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी, मैं बच्चे को अपना दूध ही पिलाऊंगी और उसे डायपर नहीं पहनाऊंगी. मैंने सोहम की देखभाल के लिए मेड नहीं रखी. मुझे डर लगता है कि वो हाइजीन का ख़्याल रखेगी या नहीं. पहले मैंने मेड रखने की कोशिश की थी, लेकिन मुझे उनका काम पसंद नहीं आया. एक बार तो सोहम को आंख में इंफेक्शन हो गया था. मेड्स बच्चे को डाइपर पहनाकर फ्री हो जाती हैं इसलिए मैं अपने बच्चे को उनके हवाले नहीं करना चाहती थी.

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हुई थी?
जैसा कि मैंने पहले भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड हो गया था, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था. इसके साथ ही मुझे आठवें महीने में ही पेन शुरू हो गए थे, जिसके कारण मुझे रेस्ट करने की सलाह दी गई और डिलीवरी को नौवें महीने तक पोस्टपोन किया गया. मेरी डिलीवरी मेहर अंबे नर्सिंग होम, मुलुंड (मुंबई) में हुई थी. डॉक्टर रीता ने प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे हेल्दी डायट और फिट रहने में बहुत मदद की. वो मुझे बताती थी वॉक ज़्यादा किया करो इसलिए मैं खाना खाने के बाद वॉक करती थी. साथ ही उन्होंने मुझे प्रेग्नेंसी के दौरान योगा करने को भी कहा. इन सबसे मेरा वज़न बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ा और मेरा स्टेमिना भी अच्छा हो गया. वॉक और योग के कारण डिलीवरी के बाद भी मुझे काफी मदद मिली. यदि आप एक्टिव नहीं हैं, तो आपका स्टेमिना कम हो जाता है, जिससे आप बीमार जैसे दिखने लगते हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए. प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ बच्चे और मां को बहुत रिलैक्स करती है.

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Deepika Singh's Weight Loss Secrets
दीपिका सिंह के स्पेशल हेल्थ टिप्स
* जब भी मैं बहुत थक जाती हूं या मुझे लगता है कि मेरी बॉडी को रिलैक्सेशन की ज़रूरत है, तो मैं मेडिटेशन करती हूं. इससे मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है.
* मैं बहुत ज़्यादा नहीं सोती. मैं सोने में नहीं, जीने में विश्‍वास करती हूं. मुझे उगता सूरज देखना अच्छा लगता है. सुबह की ताज़ा हवा अच्छी लगती है. मैं हमेशा जल्दी उठती हूं.
* 72 किलो से अब मैं फिर से 54 किलो की हो गई हूं इसलिए मैं बहुत ख़ुश हूं. 18 किलो वज़न घटाकर मैंने अपना टारगेट अचीव कर लिया है. अब मुझे इससे कम वज़न नहीं करना है इसलिए मैं इसे ही मेन्टेन करूंगी. अब मैं शेप में आ गई हूं इसलिए मैंने जिम जाना बंद कर दिया है. अब मैं अपने वज़न को डांस और योगा से बैलेंस कर रही हूं.
* मेटाबॉलिज़्म रेट का सीधा संबंध डायजेशन है. यदि आपका खाना ठीक से पच रहा है, तो आपका मेटाबालिज़्म भी ठीक रहेगा. इसीलिए बॉडी की सफ़ाई ज़रूरी है. दालचीनी पाउडर मिला गरम पानी यही काम करता है.
* मैं खाते समय हमेशा ये सोचती हूं कि आज न जाने कितने लोगों को खाना नहीं मिला होगा, ये सोच मुझे लिमिट में खाने में मदद करती है. आज हमारे पास पैसे ज़्यादा आ गए हैं, लग्ज़री ज़्यादा आ गई है, इसका ये मतलब नहीं कि हम उनका ग़लत फ़ायदा उठाएं.

दीपिका सिंह के ब्यूटी सीक्रेट्स
* मैंने अभी तक अपने बालों को कलर नहीं किया है. पहले कभी-कभार मैं बालों में मेहंदी लगा लेती थी, लेकिन पिछले 2 सालों से मेहंदी भी नहीं लगाई है. प्रेग्नेंसी के दौरान घरवाले कहते थे कि मेहंदी लगाने से कहीं तुमहें सर्दी न हो जाए. अब बच्चे के जन्म के बाद कहते हैं कि कहीं बच्चे को सर्दी न हो जाए इसलिए मैं अभी भी मेहंदी नहीं लगा रही हूं.
* बालों में कलर न करने की वजह ये है कि बाज़ार में भले ही अमोनिया फ्री हेयर कलर उपलब्ध हैं, लेकिन बालों में कलर प्रोटेक्ट करने के लिए जो शैंपू लगाना पड़ता है, उसमें तो केमिकल होता ही है. मैं अपने शरीर पर केमिकल का कम से कम इस्तेमाल करती हूं इसलिए मैं बालों में कलर करने से बचती हूं. मैं बालों के लिए हर्बल शैंपू इस्तेमाल करती हूं.
* शूटिंग के अलावा मैं मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी मैं देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हूं.
* मैं पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हूं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हूं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हूं. नहाने में मुझे 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन ये संतुष्टि होती है कि मैंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.
* मैं हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हूं.
* इसके अलावा जब भी टाइम मिलता है, तो मैं आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हूं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.

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मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं
मेरा बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब मैं पहाड़गंज में रहती थी, तो हमारे यहां पानी के टैंकर आते थे. मेरी मां, मैं और मेरी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे. मैंने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए मैं इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो हम लैंप में पढ़ाई करते थे. मैं आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं इसलिए आज भी मैं पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. मुझे ये लगता है कि मैं अपनी तरह से कोशिश करती रहूंगी. मुझे देखकर कुछ लोग भी बदल सकें, तो मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात होगी.

– कमला बडोनी

शाहरुख़ ख़ान के कहने पर वज़न घटाया: अरु के. वर्मा (Fat To Fit: Weight Loss Story Of Actor Aru K. Verma)

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वज़न घटाना कोई आसान काम नहीं, ख़ासकर उन लोगों के लिए जो फूडी हों. अपने बढ़े हुए वज़न के बावजूद अरु के. वर्मा को फिल्म, टेलीविज़न, ऐड्स में काम मिलता रहा इसलिए उन्होंने कभी वज़न घटाने के बारे में नहीं सोचा. आख़िर शाहरुख़ ख़ान ने ऐसा क्या कह दिया कि अरु ने वज़न घटाने की ठान ली. आइए, जानते हैं बॉलिवुड एक्टर अरु के. वर्मा की वेटलॉस स्टोरी.

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क्या आप पहले से ही मोटे थे?
नहीं, मैं पहले मोटा नहीं था. दरअसल, मैंने एक शो के लिए वर्ष 2012 में वज़न बढ़ाया था, लेकिन वो शो बन नहीं पाया. फिर मेरे बढ़े वज़न के साथ ही मुझे काम मिलने लगा. लोग मुझे मेरे वज़न के साथ पसंद करने लगे, इसलिए शायद मैं रिलैक्स हो गया. मेरा वज़न ज़रूर ज़्यादा था, लेकिन मेरी फ्लैक्सिबिलिटी अच्छी थी. मेरे वज़न की वजह से मुझे कभी कोई हेल्थ प्रोब्लम नहीं हुई. अपने बढ़े हुए वज़न के साथ ही मैं अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता था, स्विमिंग करता था, योगा करता था.

शाहरुख़ ख़ान ने ऐसा क्या कह दिया कि आपने वज़न घटाने की ठान ली?
शाहरुख़ ख़ान के साथ जब मैं फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ कर रहा था, तो फिल्म के डायरेक्टर इम्तियाज़ अली और शाहरुख़ ख़ान ने मुझसे वज़न कम करने को कहा. उन्होंने जब मेरी पुरानी फोटोज़ देखीं, तो दोनों मेरे पीछे पड़ गए. शाहरुख़ ख़ान ने मुझसे कहा, “तुम इतने अच्छे दिखते हो, इतनी अच्छी ऐक्टिंग कर लेते हो, फिर वज़न कम क्यों नहीं करते. वज़न कम करने से तुम अपने कैरेक्टर की रेंज बढ़ा सकते हो, हर तरह के रोल कर सकते हो.” शाहरुख़ सर मुझसे रोज़ पूछते थे, जिम गया कि नहीं. फिर मुझे लगा कि जब शाहरुख़ ख़ान जैसे बड़े स्टार मुझे वज़न घटाने के लिए कह रहे हैं, तो मुझे इस पर ध्यान देना चाहिए. क्या पता वज़न कम करने के बाद मेरी ज़िंदगी में कोई बड़ा बदलाव आ जाए.

क्या आसान था वज़न घटाना?
शुरू में मेरा वज़न कम नहीं हो रहा था. मैं पलाटो, डायट वगैरह कर रहा था, लेकिन वज़न कम नहीं हो रहा था. फिर मेरी मुलाक़ात शाहिद कपूर के फिटनेस ट्रेनर अब्बास अली से हुई. वो मुझे तब से जानते हैं जब मैं फिट हुआ करता था. उन्होंने मुझे कीटो डायट दी, जिससे मेरा वज़न तेज़ी से कम होने लगा.

क्या है कीटो डायट प्लान?
इस डायट में आप अच्छी तरह खा-पीकर वज़न घटा सकते हैं. आपको बस अपनी डायट में से मैदा, आटा, चावल, आलू, शक्कर वगैरह हटा देना होता है. ऐसा करना शुरू में थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन जब आपका वज़न घटने लगता है, तो आपका कॉन्फिडेंस बढ़ने लगता है. फिर आपको इस डायट की आदत हो जाती है. कीटो डायट में आप पनीर, अंडा, बटर, चीज़, हरी सब्ज़ियां, सलाद, नट्स वगैरह खा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में.

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आपका डेली डायट प्लान क्या है?
मैं दिनभर में 5-6 बार कुछ न कुछ खाता हूं. सुबह 6-7 बजे मैं वॉक के लिए जाता हूं. सुबह मैं दौड़ता नहीं, क्योंकि मैं क्रिकेट खेलता हूं और उसमें मुझे बहुत दौड़ना पड़ता है. सुबह 7-8 बजे के बीच मैं 3 अंडे और सब्ज़ी खाता हूं. 11-12 बजे के बीज मैं मुट्ठीभर नट्स खाता हूं. 1 बजे के करीब मैं लंच करता हूं. लंच में मैं सलाद, दही, पनीर, चीज़ वगैरह खाता हूं. 3 बजे मैं जिम जाता हूं. जिम से फ्री होने के बाद करीब 5 बजे मैं प्रोटीन शेक लेता हूं. डिनर मैं कम ही करता हूं. मैं 10-12 घंटे अपने पेट को खाली रखता हूं. यदि कभी मैं डिनर करता भी हूं तो स़िर्फ सलाद खाता हूं.

आप कितना फिट होना चाहते हैं?
कीटो डायट से मैंने 7-8 हफ्ते में 15 किलो वज़न घटाया है. अब मैं अपने वेट लॉस प्रोग्राम को लेकर बहुत सीरियस हूं. मैं रेग्युलर जिम जाता हूं, दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलता हूं और रविवार के दिन स्विमिंग भी करता हूं. ट्रैवलिंग के दौरान भी मैं सलाद, सब्ज़ी, पनीर, चीज़, नट्स वगैरह ही खाता हूं. मैं इस साल यानी 2018 के अंत तक अपनी ज़िंदगी की सबसे फिट बॉडी हासिल करना चाहता हूं.

आप खाने के कितने शौकीन हैं?
मैं पंजाबी हूं और फूडी भी, मुझे खाना न मिले तो मैं डिप्रेशन में चला जाता हूं. जब मैंने डायटिंग शुरू की, तो शुरुआत में मुझे खाने की बहुत इच्छा होती थी, लेकिन जब मेरा वज़न तेज़ी से घटने लगा, तो मैं अपने वज़न को लेकर बहुत सीरियस हो गया. अब मैं अपनी डायट और वर्कआउट पर बहुत ध्यान देता हूं. मैं ख़ूब सारी हरी सब्ज़ियां, सलाद, पनीर, चीज़ वगैरह खाता हूं. रोटी, चावल, आलू, शक्कर आदि मैं बिल्कुल नहीं खाता.

आप बिज़नेस और एक्टिंग दोनों एक साथ कैसे मैनेज करते हैं?
हमारा फार्मासुटिकल का बिज़नेस है. मैं उसमें ऑल इंडिया मार्केटिंग देखता हूं. (हंसते हुए) जहां तक बिज़नेस और एक्टिंग एक साथ करने की बात है, तो मैं यही कहूंगा कि बिज़नेस मेरे खून में है और एक्टिंग मेरे दिल में. ये दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं सकते इसीलिए मैं दोनों को आसानी से हैंडल कर लेता हूं. शाहरुख़ ख़ान से मिलने के बाद तो मैं उनसे और भी इंप्रेस हो गया हूं. वो जिस तरह अपने बिज़नेस और एक्टिंग करियर को एक साथ मैनेज कर रहे हैं, ऐसा बहुत कम लोग कर पाते हैं.

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एक्टिंग में करियर बनाने के बारे में कब सोचा?
जब मैंने अपने पापा से कहा कि मैं एक्टिंग करना चाहता हूं, तो उन्होंने कहा “नचनिया बनना है क्या?” फिर मेरी इच्छा देखते हुए उन्होंने कहा, “जो मन में है कर लो.” फिर जब मैंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और मुझे ऐड्स में काम मिलने लगा, तो पापा ख़ुश हो गए. मेरे पापा कभी थिएटर में फिल्म नहीं देखते, लेकिन मेरी फिल्म देखने वो थिएटर में जाते हैं. जब पापा मेरी फिल्म देखते हैं, तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है.

आपके फेवरेट फिल्म स्टार कौन हैं?
शम्मी कपूर और अमिताभ बच्चन. मैं लकी हूं कि मुझे फिल्म ‘रॉक स्टार’ में शम्मी कपूर जी के साथ काम करने का मौका मिला. हालांकि फिल्म में उनके साथ मेरे सीन्स कट गए थे, लेकिन उनके निधन से पहले मुझे उनके साथ काम करने का मौक़ा मिला. अब मैं अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करना चाहता हूं. बीच में अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करने की बात चली थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई.

शाहरुख़ ख़ान के साथ काम करने का अनुभव कैसा था?
शाहरुख़ ख़ान बहुत ही सिंपल इंसान हैं और अपने को-स्टार का बहुत ध्यान रखते हैं. ‘जब हैरी मेट सेजल’ फिल्म के दौरान जब मैंने पहली बार उनसे साथ शूटिंग की, तो मुझे लगा कि मैं शायद नर्वस हो जाऊंगा, लेकिन इम्तियाज़ अली सर ने पहले ही इतनी रिहर्सल करा ली थी कि मैं शाहरुख़ ख़ान के साथ आसानी से एक्टिंग कर पाया. शूटिंग के पहले दिन शाहरुख़ ख़ान अपने फैन्स से मिल रहे थे और मैं एक जगह खड़े होकर मन ही मन अपने डायलॉग्स की रिहर्सल कर रहा था, तभी शाहरुख़ ख़ान मेरे पास आए और एक पल के लिए मैं चौंक गया. उस पल के लिए मैं भूल गया था कि मैं उनके साथ काम कर रहा हूं. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे रिएक्ट करूं, फिर अगले ही पल मैंने ख़ुद को संभाल लिया.

फिट होकर किस तरह के रोल करना चाहते हैं?
मैंने अब तक पॉज़िटिव रोल ही किए हैं. अब मैं निगेटिव रोल करना चाहता हूं. कुछ लोगों से बात भी चल रही है. अगर सबकुछ ठीक रहा, तो मेरे अगले प्रोजेक्ट में आप मुझे बिल्कुल अलग अवतार में देखेंगी.

– कमला बडोनी