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गेहूं यूं तो सबसे पसंदीदा अनाज है लेकिन अगर आप तेज़ी से वज़न कम करना चाहते हैं तो गेहूं की बजाय अन्य हेल्दीऑप्शन्स ट्राई करें, क्योंकि गेहूं में ग्लूटेन तो होता ही है, इसके अलावा ये ब्लड शुगर के स्तर को भी बढ़ाता है जिससे बढ़ाहुआ ब्लड शुगर कैलोरीज़ को फ़ैट्स के तौर पर शरीर में स्टोर करने लगता है. इसलिए गेहूं को अपने डायट से हटाने परआपकी भूख भी अपने आप कम हो जाएगी. 

बादाम का आटा: वेट लॉस के लिए ये बेहतरीन ऑप्शन है. सिर्फ़ वेट लॉस के लिए ही नहीं सेहत के लिए भी ये काफ़ीफायदेमंद है. बादाम का आटा पाचन के लिए भी बहुत अच्छा है. गेहूं के आटे के मुक़ाबले ये कार्बोहाइड्रेट में कम औरविटामिन ई से भरपूर होता है. इसमें डायटरी फाइबर मौजूद होता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. बादाम में ढेर सारेपौष्टिक तत्व होते हैं और ये कैलोरी में भी कम होता है. बादाम का आटा मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ई, कॉपर, मैग्नीज व फॉसफोरस आदि से भरपूर होता है. ये ग्लूटेन फ्री होता है इसलिए वेट लॉस में लाभदायक है. 

बादाम विटामिन ई का बहुत अच्छा स्रोत है, विटामिन ई शरीर के लिए एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है. इसके गुणों केचलते ये हार्ट पेशेंट, डायबिटीज़, हाई बीपी से ग्रसित लोगों के लिए काफ़ी अच्छा और हेल्दी ऑप्शन है.

Wheat Chapatis For Weight Loss

चोकरयुक्त आटा: गेहूं में बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं. लेकिन चोकर निकाल देने से इसके गुण कम हो जाते हैं. अगर वेटलॉस करना है तो चोकर युक्त रोटी खाएं. चोकर में हाई फाइबर, आयरन, विटामिन ए, बी, कैल्शियम, मैगनीशियम, पोटेशियम पाया जाता है. चोकर कई बीमारियों को भी कंट्रोल करता है. ये हार्ट को, आंतों को हेल्दी रखता है औरकोलेस्ट्रोल नहीं बनने देता है.

रागी का आटा: रागी फ़ाइबर का बेहतरीन स्रोत है. रागी पाचन तंत्र को बेहतर करके वज़न कम करने में मदद करता है. येग्लूटेन फ्री होता है और ग्लूटेन ही वज़न बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता है. रागी विटामिन सी का बेहतरीन सोर्स है, इसकेअलावा रागी में आयरन, कैल्शियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं. रागी कोलेस्ट्रोल को कम करता है और कईबीमारियों से भी बचाने में कारगर है. ये अनिद्रा की समस्या से छुटकारा दिलाकर अच्छी नींद लाने में सहायक है. 

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मल्टी ग्रेन आटा: मल्टी ग्रेन में कई तरह के अनाज मिलाकर कर आटा बनया जाता है. इसमें ज्वार, बाजरा, चना, रागी औरभी अपनी पसंद के अनुसार अनाजों को बराबर मात्रा में मिलाकर आटा बना सकते हैं. इससे बनी रोटी हेल्दी भी होती हैऔर वजन घटाने में भी मदद करती है.

जौ का आटा: इसमें न सिर्फ़ कम कैलोरी होती है बल्कि बार-बार भूख लगने की समस्या भी नहीं होती, क्योंकि इसमेंफाइबर की मात्रा काफी ज्‍यादा होती है. ये डायबिटीज़, हार्ट की बीमारी, कोलेस्ट्रोल व मोटापे से मुक्ति दिलाता है. 

ज्वार का आटा: प्रोटीन से भरपूर ज्वार का आटा भी ग्लूटेन फ्री होता. ये पाचन तंत्र को बेहतर करता है. इम्यूनिटी बूस्टकरता है. ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है. इसमें आयरन, प्रोटीन, मिनरल्स, कैल्शियम, फोसफोरस और विटामिनमौजूद होते हैं.डायट्री फ़ाइबर से भरपूर ज्वार के आटे से बनी रोटियां के वेट लॉस में काफ़ी कारगर हैं. 

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बाजरे का आटा: फ़ाइबर से भरपूर होता है बाजरा, जिससे देर तक भूख नहीं लगती. इस तरह ये वज़न कम करने के लिएबेहतरीन माना जाता है. पाचन क्रिया को ये बेहतर करके कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है. विटामिन बी, कैल्शियम औरआयरन का अच्छा स्रोत है बाजरा. ये डायबिटीज़ को कंट्रोल करता है. हार्ट और आंतों को हेल्दी रखता है. ग्लूटेन फ्री होताहै और कुछ तरह के कैन्सर से भी बचाता है.

सत्तू का आटा: वजन घटाने के लिए सत्तू को काफ़ी अच्छा माना जाता है. ये गैस, अपच व पेट फूलने की समस्या से निजातदिलाकर मेटाबॉलिज़्म को बेहतर करता है और शरीर को प्रभावी तरीक़े से कैलोरीज़ बर्न करने में मदद करता है. इसकीडिटॉक्सिफाइंग प्रॉपर्टीज़ शरीर से टॉक्सिंस को बाहर करने में मदद करती हैं. ये आयरन और फ़ाइबर का बेहतरीन स्रोत है. पाचन तंत्र को हेल्दी रखता है. इसके सेवन से आंतें व पेट भी हेल्दी रहता है जिससे आप हेल्दी और फिट रहते हैं. ये कूलेंटकी तरह काम करके शरीर को हाइड्रेटेड रखता है. हाई बीपी और डायबिटीज़ के रोगियों के लिए फायदेमंद है और येआपको एनर्जेटिक भी रखता है. 

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सोया बीन का आटा: ये फ़ाइबर और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत तो है ही, साथ ही इसमें सैचुरेटेड फ़ैट्स बेहद कम  होता है. ये लो फैट होता है और विटामिन, मिनरल्स से भरपूर होता है.  इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी होती है. ज़ीरो कोलेस्ट्रोलऔर लैक्टोस फ्री होता है ये. हाई प्रोटीन होने के कारण ये तेज़ी से वज़न घटाने में काफ़ी कारगर है. मेनोपॉज़ से गुजर रहीमहिलाओं के लिए ये काफ़ी लाभदायक है क्योंकि इसमें फ़ीमेल हॉर्मोन जैसा पदार्थ होता है जो मेनोपॉज़ के लक्षणों को नियंत्रित करने में सहायक होता है.

– राजा शर्मा

चाहे लॉकडाउन हो या नहीं महिलाओं की जिम्मेदारियां कभी कम नहीं होतीं, उनके लिए तो चुनौतियां बढ़ी ही हैं. घर-परिवार,  जॉब भले ही घर से काम कर रही हों, लेकिन इन सबके साथ बच्चों की देखभाल… इन सबके बीच उसकी अपनी सेहत और फिटनेस काफ़ी प्रभावित होती है. लेकिन अगर वो हेल्दी डायट ले और अपनी हेल्थ को इग्नोर न करे, तो इन सारी चुनौतियों का सामना वो बेहतर तरी़के से कर पाएगी और फिटभी रह पाएगी ताकि उसका वेट भी आउट ऑफ़ कंट्रोल ना हो!

कैसे लें सही डायट?

– हम में से अधिकांश लोग अनहेल्दी स्नैकिंग से अनजाने में ही बहुत सी कैलरीज़ ले लेते हैं और स्नैकिंग हमारे वज़न बढ़ेने का एक बहुत बड़ा कारण है, इसलिए अगर आप स्मार्टली स्नैकिंग करें, तो आपके लिए फिटनेस मेंटेन करना आसान हो जाएगा.

– अपनी ज़रूरतों और पोषण को पहचानें और उसी के अनुसार डायट प्लान करें.

– अक्सर देखा गया है और रीसर्च भी कहता है कि महिलाओं के खाने में हेल्दी फूड और पोषण की कमी रहती है. वो जब भीसमय मिलता है, कुछ भी अनहेल्दी खा लेती हैं, जिससे स़िर्फ फैट्स और कैलोरीज़ ही बढ़ती हैं. इससे बचने के लिए स्मार्ट स्नैकिंग की ज़रूरत है.

Snacking Ideas For Weight loss

– दोपहर के भोजन में कम से कम एक हरी सब्ज़ी, एक हिस्सा ताज़ा सलाद का और एक हिस्सा कैल्शियम सेभरपूर डेयरी प्रोडक्ट, जैसे- छाछ, पनीर या दही, का होना चाहिए.

– महिलाओं को वैसे भी कैल्शियम की अधिक ज़रूरत होती है, तो ऐसे में अपनी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ न करें.

– पानी भरपूर पीएं. अपने पास पानी की बोतल भरकर रखें, ताकि हमेशा हाइड्रेटेड रहें.

– महिलाओं में अक्सर खानपान अनियमित और अनहेल्दी हो जाता है. लेकिन ऐसा जंक फूड न लें, जिनमें न एनर्जी है, न पोषण. बेहतर होगा कि जब भूख लगे, तो नट्स खाएं या फ्रेश फ्रूट.

– अपनी प्रोटीन की ज़रूरतों को भी नज़रअंदाज़ न करें. एग वाइट, डाल और बादाम लें.

– एक्सरसाइज़ के लिए समय नहीं मिल पाता, तो बैठे-बैठे कुछ देर मेडिटेशन या प्राणायाम करें. इससे ऊर्जा मिलेगी और तनाव कम होगा.

– रोज़ सुबह रातभर पानी में भिगोए हुए बादाम खाएं, इससे दिनभर एनर्जी बनी रहेगी, क्योंकि यह विटामिन ई, फाइबर, प्रोटीन, राइबोफ्लेविन और अन्य कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है.

Snacking Ideas For Weight loss

कैसे करें स्मार्ट स्नैकिंग?

– कभी-कभी भूख दिमाग़ में भी होती है, इसलिए जब भी भूख महसूस हो, तो पहले पानी पीएं. हो सकता है इसी से आपकी भूख शांत हो जाए.

– शाम की चार बजे की भूख के लिए चिप्स या डीप फ़्राइड चीज़ों की बजाय सलाद, सूप या ड्राई फ़्रूट्स ट्राई करें.

– सूखा भेल या वेज सैंड्विच भी एक अच्छा ऑप्शन है

– सलाद काटने में बोरियत महसूस हो या काटने का समय नहीं हो, तो गाजर, ककड़ी, टमाटर, सेब आदि को आप यूं हीखाएं. 

– कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय ताज़ा फलों का जूस पीएं.

– बहुत अधिक मीठा न खाएं. इससे फैट्स बढ़ेगा.

Diet Ideas For Weight loss

– अपने खाने में या फिर एक बाउल दही में कुछ क्रश्ड बादाम मिलाकर खाएं. यह बहुत ही हेल्दी ऑप्शन है और इससे पेटभी भरा रहेगा.

– हर 4 घंटे में भूख लगती ही है, ऐसे में अपने किचन में ऐसे हेल्दी स्नैक्स रखें, जिनमें 200 से कम कैलोरीज़ हों.

– मल्टीग्रेन बिस्किट्स या क्रैकर्स, पीनट बटर, नट्स, चना, स्प्राउट्स, फ्रूट्स आदि रखें.

– बेहतर होगा कि बादाम, अखरोट या माखाना खाएं.

– आप रोस्टेड आल्मंड भी खा सकती हैं. ये समोसे से यह ऑप्शन बेहतर है.

– फैट फ्री, माइक्रोवेव में भुने पॉपकॉर्न भी एक विकल्प है, क्योंकि यह अधिक समय तक पेट भरे होने का एहसास करातेहैं.

– ऑलिव्स भी बहुत हेल्दी होते हैं और गुणों से भरपूर भी.

– व्हाइट ब्रेड की बजाय ब्राउन ब्रेड लें. पीनट बटर के साथ या अन्य हेल्दी चीज़ों के साथ.

– ग्रीन टी भी अच्छा ऑप्शन है. यह काफ़ी हेल्दी होती है.

– राजा शर्मा

यह भी पढ़ें: कोरोना से करना है डील, तो मन को मेडिटेशन से करें हील, क्योंकि रिसर्च कहता है- इम्यूनिटी बढ़ाकर आपको हैप्पी-हेल्दी और पॉज़िटिव रखता है मेडिटेशन! (Practice Meditation To Improve Immunity, Stay Healthy & Safe)

ध्यान यानी मेडिटेशन, यह एक विज्ञान है. हमारा वैदिक विज्ञान. ध्यान विज्ञान हमें उस उच्च अवस्था में ला सकता है जहां से हम बेहतर जीवन और आत्मिक संतुष्टि के अलावा अच्छा स्वास्थ्य पा सकते हैं. इसके लिए ध्यान को समझना ज़रूरी है.

मेडिटेशन क्या है?

मेडिटेशन यानी ध्यान वह अवस्था है, जहां सारा फोकस मन पर ही होता है. यह एक तकनीक है, जो प्रैक्टिस से ही आती है. यहां आप सतही विचारों को दूर करके मन पर केंद्रित हो जाते हैं और फिर जो कुछ भी सोचता है मन ही सोचता है. मन से एकाकार होने की क्रिया ही है मेडिटेशन. मन को शांत करने और मस्तिष्क को परम सुख की स्थिति में पहुंचाने के क्रिया ही है मेडिटेशन.

हेल्थ और मेडिटेशन में कनेक्शन…

ध्यानावस्था में मस्तिष्क अल्फा स्टेट में पहुंच जाता है, शरीर में हैप्पी हार्मोंस का रिसाव होता है और नई ऊर्जा का संचार हम अनुभव करते हैं. मेडिटेशन से स्ट्रेस संबंधी दर्द में भी मिलती है राहत… ध्यान में उतरने पर पॉज़िटिव एनर्जी बढ़ती है, जिससे हाई बीपी कम होता है और मन शांत व तनावमुक्त होता है. तनाव कम होने के कारण तनाव से उपजे दर्द, जैसे- सिरदर्द, जोड़ों का दर्द, अनिद्रा, मांसपेशियों का दर्द आदि में भी काफ़ी राहत मिलती है. साथ ही इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है. तो जिन्हें अब तक लगता था कि मेडिटेशन मात्र मानसिक सुकून के लिए ही होता है, वो यह जान लें कि यह न स़िर्फ मानसिक शांति देता है, बल्कि कई तरह के शारीरिक कष्टों का भी निवारण करता है. यही नहीं, मेडिटेशन से हार्ट डिसीज़, डायबिटीज़, ओबेसिटी और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारी को भी बेहतर तरी़के से मैनेज किया जा सकता है. मेडिटेशन दरसअल बॉडी के रिलैक्सेशन रेस्पॉन्स को एक्टिवेट करता है, जिससे इन गंभीर बीमारियों और यहां तक कि चोट व दर्द आदि से भी उबरने में मदद मिलती है.

मेडिटेशन यानी ध्यान की संपूर्ण अवस्था. इस अवस्था में हम किस तरह की शक्तियों को जागृत कर सकते हैं और क्या क्या पा सकते आइए जानें-
हमारे मन में बहुत-सी शक्तियां छिपी होती हैं, लेकिन हम उन्हें पहचानते ही नहीं या फिर कभी प्रयास ही नहीं करते उनसे एकाकार होने का और मन में उतरकर उन शक्तियों को जागृत करने का. अपने मन को जानने या उससे एकाकार होने की प्रक्रिया ही है मेडिटेशन यानी ध्यान!

– यह शरीर के चक्रों को जागृत करके ऊर्जा प्रदान करता है.

– दरअसल हमारे शरीर का हर अंग किसी न किसी चक्र से संबंध रखता है. यदि किसी अंग में कोई समस्या आ जाए, तो संबंधित चक्र को एक्टिवेट करके उस अंग को संतुलित किया जा सकता है और उससे संबंधित बीमारी को ठीक किया जा सकता है.

– ध्यान की अवस्था में शरीर में हैप्पी हार्मोंस का रिसाव होता है.

– मेडिटेशन कई तरह के शारीरिक कष्टों का भी निवारण करता है.

– मेडिटेशन से इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है. यह लंग्स को मज़बूत करता है, क्योंकि इसे करते समय ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ भी होती है. प्राण वायु हमारे शरीर में जाती है. ऑक्सिजन बेहतर तरीक़े से लंग्स व शरीर में पहुंचता है.

– हाई बीपी, अनिद्रा, मांसपेशियों के दर्द, हार्ट डिसीज़, डायबिटीज़, ओबेसिटी और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारी को भी बेहतर तरी़के से मैनेज किया जा सकता है.

मस्तिष्क में रक्तसंचार बढ़ाता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है मेडिटेशन…

कई तरह के शोधों से पता चला है कि मेडिटेशन से स्ट्रेस से संबंध रखनेवाले हार्मोन कार्टिसॉल का स्तर घटता है, पैरासिम्पथेटिक नर्वस सिस्टम सुकून की अवस्था का निर्माण करता है, जिससे मस्तिष्क के उस हिस्से में क्रियाशीलता बढ़ जाती है, जो हैप्पी हार्मोंस रिलीज़ करता है. हार्ट रेट संतुलित होती है, मस्तिष्क में रक्तसंचार बढ़ता है, स्टैमिना बढ़ता है, शरीर ऑक्सीजन का इस्तेमाल बेहतर ढंग से कर पाता है, सेल्स का निर्माण बेहतर होता है.

भोलू शर्मा

यह भी पढ़ें: पीरियड्स के दौरान कोरोना वैक्सीन लेना बिल्कुल सेफ, एक्सपर्ट्स ने कहा वैक्सीन से नहीं बिगड़ती फर्टिलिटी (COVID Vaccine During Periods Is Safe, It Does Not Pose Any Risk To Fertility, Assures Experts)

हेल्दी रहना भले ही आज के दौर में इतना आसान नहीं लेकिन छोटी-छोटी कोशिशें बड़े रंग ला सकती हैं. आप भी अगर ये सिम्पल रूल्स फ़ॉलो करेंगे तो हमेशा फिट और हेल्दी रहेंगे… इन स्टेप्स को फ़ॉलो करना ज़रा भी मुश्किल नहीं और इनकी जानकारी हम सभी को है लेकिन बस हम इनको फ़ॉलो नहीं करते, लेकिन आप कल से इन्हें आज़माएं और फ़र्क़ देखें व महसूस करें!

Tips To Stay Healthy & Fit
  1. रोज़ाना कम से कम 8 ग्लास पानी ज़रूर पीएं. फ्रूट जूसेस भी लें.
  2. सुबह उठते ही दो ग्लास गुनगुना पानी पीएं.
  3. भरपूर नींद लें. तनाव से दूर रहें.
  4. योग और एक्सरसाइज़ करें. रोज़ाना समय निकाल कर थोड़ी-सी फिज़िकल एक्टिविटी ज़रूर करें. दिन भर चुस्ती-स्फुर्ति के लिए हल्का व्यायाम बेहद ज़रूरी है.
  5. पौष्टिक नाश्ता ज़रूर करें. जी हां, जब भी आप सुबह उठते हैं तो अपनी ऊर्जा को बढ़ाने और नए दिन की ताज़ा तरीन शुरुआत के लिए सबसे ज़रूरी है पौष्टिक नाश्ता, जिससे शरीर को पूरे दिन की ऊर्जा मिले.
  6. अपने भोजन में वैरायटीज़ रखें, ताकि हर तरह का पोषण आपको मिल सके.
  7. मौसमी फल और सब्ज़ियां ज़रूर खाएं. हर रंग के फल व सब्ज़ियां खाएं.
  8. ड्राय फ्रूट्स भी अपने डायट में ज़रूर शामिल करें. होल ग्रेन्स और फ़ाइबर्स भी भरपूर मात्रा में लें.
  9. हेल्दी स्नैक्स खाएं. 4 बजे वाली भूख के लि, कोई हेल्दी ऑप्शन रखें. सूप्स पीएं, सलाद खाएं.
  10. शराब-सिगरेट, चाय-कॉफी जितना हो सके कम पीएं.
  11. अपनी पसंद का काम करें, अपनी हॉबीज़ को भी पूरा करने का टाइम निकालें. यह आपको रिफ्रेश कर देगा.
  12. खाना बनाने और खाने से पहले हाथ ज़रूर धोएं. अगर साबुन और पानी न हो, तो सनेटोइज़र का इस्तेमाल करें.
  13. खांसते-छींकते वक़्त मुंह ढंकें और धूल-धूप में जाते वक़्त मास्क पहनें.
  14. ओवर ईटिंग से बचें. कई बार अपना मनपसंद खाना देखते ही हम भूख से ज़्यादा खा लेते हैं, लेकिन ऐसा न करें. हमेशा भूख से थोड़ा कम ही खाएं, ताकि पानी के लिए जगह बची रहे.
  15. बहुत ज़्यादा पेन किलर्स न खाएं. घरेलू नुस्ख़े आज़माएं.
  16. खाने से एक घंटा पहले एक ग्लास पानी में नींबू का रस डालकर पीएं.
  17. खाने के फौरन बाद पानी न पी लें.
  18. रात को सोते समय एक ग्लास मीठा दूध पीएं.
  19. अपने बारे में हमेशा अच्छा महसूस करें और सकारात्मक सोच बनाए रखें.
  20. नहाने के बाद थोड़ा ध्यान लगाएं. इससे मन में एकाग्रता आती है और आप रिफ्रेश महसूस करते हैं.
  21. बहुत देर तक एक ही जगह पर न बैठें, न ही देर तक टीवी देखें. अपनी दिनचर्या नियमित करें और उसका पालन ईमानदारी से करें.
  22. अगर आपकी ईटिंग हैबिट्स ठीक नहीं है, तो एकदम से उसे बदलने की बजाय धीरे-धीरे बदलाव लाएं.
  23. अपनी बॉडी की सुनें. हर व्यक्ति की ज़रूरत और बॉडी टाइप व बॉडी क्लॉक अलग होता है, उसी के अनुसार अपना डायट और एक्सरसाइज़ प्लान करें.
  24. दिन में दो बार भरपेट खाने की बजाय 5-6 बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं.
  25. खाना चबा-चबाकर खाएं.
  26. अपने डायट में मोनोअनसैचुरेटेड ़फैट्स शामिल करें. यह आपको स़फेद सरसों के तेल, मूंगफली का तेल और बादाम से मिलेगा. इसके अलावा कद्दू और सीसम के तेल में भी इसका स्रोत है.
  27. पॉलीअनसैचुरेटड फैट्स और ओमेगा3 और 6 ़फैटी एसिड भी शामिल करें. यह आपको ़फैटी फिश से मिलेगा, जैसे- सालमन, सार्डिन और ठंडे पानी की मछलियों के ऑयल. इसके अलावा अलसी के बीज, सोयाबीन और मकई भी पॉलीअनसैचुरेटड फैट्स के अच्छे स्रोत हैं.
  28. अपने डायट से सैचुरेटेड ़फैट्स की मात्रा कम करें. यह रेड मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स में मिलता है.
  29. ट्रान्स फैट्स भी कम करें, जो फ्राइड व बेक्ड फूड, कुकिज़, कैंडीज़ और दूसरे प्रोसेस्ड फूड में पाया जाता है.
  30. अलग-अलग प्रोटीन्स लें. ये आपको बीन्स, नट्स, सीड्स, टोफू, सोय प्रोडक्ट्स में मिलेंगे. लेकिन सॉल्टेड, शुगरी या रिफाइन्ड नट्स न लें.
  31. कैल्शियम युक्त पदार्थ ज़रूर लें, जैसे- दूध, छाछ और दही. ये जल्दी डायजेस्ट हो जाते हैं. इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्ज़ियां भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं.
  32. बहुत ज़्यादा नमक और मीठा खाने से बचें. अपना हफ़्तेभर का डायट प्लान करके चार्ट बना लें. बासी भोजन करने से बचें. जितना हो सके ताज़ा पका खाना ही खाएं.
  33. रेग्युलर हेल्थ चेकअप भी करवाते रहें. कई बार डायबिटीज़ या उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों का सालों तक पता नहीं चल पाता.
  34. घर में वेंटिलेशन अच्छा होना चाहिए. दिन के समय खिड़कियां खुली रखें, ताकि ताज़ा हवा और भरपूर रोशनी रहे.
  35. एसी का प्रयोग ज़रूरत पड़ने पर ही करें और समय-समय पर क्लीन भी करवाते रहें.
  36. ऑफ़िस में भी देर तक एक ही जगह पर न बैठे न रहें. बीच-बीच में टहल आएं.
  37. कंप्यूटर के सामने बहुत देर तक न रहें. समय-समय पर आंखें बंद करके रिलैक्मस करें.
  38. फ़ोन पर बहुत देर तक बातें न करें, इससे भी कई तरह के विकार उत्पन्न होते हैं.
  39. अगर संभव हो तो डान्सिंग और स्विमिंग क्लासेस जॉइन करें. इससे फन के साथ-साथ एक्सरसाइज़ भी होगी.
  40. रोज़ सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में शहद और नींबू मिलाकर पीएं.
  41. 1 कप कटे हुए मीठे पके सेब में 1 कप कटी हुई पत्ता गोभी, 1 टीस्पून जीरा और 3 कप पानी मिलाकर 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. इसे छानकर इतना पानी मिला लें कि 3 कप बन जाए. इसे दिन भर थोड़ा-थोड़ा पीएं.
  42. नींबू का रोज़ाना सेवन करें. या तो नींबू पानी के रूप में या फिर खाने में नींबू का रस डालकर. यह पाचन शक्ति को बेहतर बनाता है.
  43. रोज़ सुबह 1 टीस्पून फिश ऑयल लेना भी काफ़ी हेल्दी होता है.
  44. जितना हो सके ब्रोकोली और पालक का सेवन करें.
  45. संतरे के छिलकों का जाम बनाकर सेवन करें. ताज़ा टमाटर खाएं.
  46. ब्लैक टी या ग्रीन टी लें.
  47. सोने से पहले भी दांतों को ब्रश करें. मुंह की दुर्गंध मिटाने के लिए पानी में बेकिंग सोडा डालकर गरारे करें.
  48. दांत और मसूड़ों की तकलीफ़ हो तो सेंधा नमक और सरसों का तेल मिलाकर मसूड़ों की मालिश करें.
  49. वीकेंड्स पर बॉडी व हेड मसाज करवाएं. इससे थकान भी मिटेगी और ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ेगा.
  50. हवा-पानी बदलना बहुत ज़रूरी होता है. इससे पेट संबंधी रोग कम होते हैं. छुट्टियां प्लान करें और बाहर ज़रूर जाएं.
  51. खुलकर हंसे. रोज़मर्रा के तनाव में आपकी हंसी गायब न होने पाए. खुलकर हंसने से फेफड़ों में लचीलापन बढ़ता है और उन्हें ताज़ा हवा मिलती है.
  • रिंकु शर्मा
Tips To Stay Healthy & Fit

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हमारा शरीर खुद ही हमें कई बातों का संकेत देता है, बस ज़रूरत है उन संकेतों को पहचानने की. इसी तरह जब हमारावज़न बढ़ता है तो भी शरीर संकेत देता है, समय पर उनको पहचानकर ध्यान दें वर्ना सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.

  • सबसे पहला संकेत है कि आपको खुद अपना शरीर हेवी लगने लगता है. आप अक्सर सोचने लगते हो कि कहीं मेरावज़न बढ़ तो नहीं रहा. 
  • आपके कपड़े आपको टाइट होने लगते हैं, पुराने कपड़े अब नहीं आते.
  • आप खर्राटे लेने लगते हैं, अगर कोई आपका अपना कहे कि आजकल आप खर्राटे लेने लगे हो तो नाराज़ होने कीबजाय गम्भीरता से लें इस बात को क्योंकि सोने के दौरान अनियमित सांसों से ऐसा होता है. दरअसल जब शरीर मेंफैट्स बढ़ता है तो गर्दन के आसपास भी फैट्स बढ़ जाता है जिससे सांस की नली संकरी हो जाती है और सांस लेनेमें रुकावट व दिक़्क़त होने लगती है. बेहतर होगा आप डॉक्टर के पास जाकर हल निकालें.
  • थोड़ी सी शारीरिक गतिविधि से आपकी सांस फूलने लगे, सीढ़ियां चढ़ने पर, चलने फिरने पर भी सांस फूल जाए तोसमझ जाएं कि डायटिंग करके हेल्दी लाइफ़स्टाइल से वज़न कंट्रोल किया जाए.
Healthy Foods
  • रूटीन चेकअप पर पता चले कि आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. अगर आप वज़न कम करेंगे तो ब्लड प्रेशर भी कमहो जाएगा क्योंकि आपके कार्डीओवैस्क्युलर सिस्टम को शरीर को ऑक्सिजन सप्लाई करने के लिए कम मेहनतकरनी पड़ेगी. 
  • अगर आपका वजन बढ़ता है तो आप टाइप 2 डायबिटीज़ के रिस्क पर आ जाते हैं. बहुत ज़्यादा प्यास लगने लगे, बार बार यूरिन जाना पड़े और पिछले कुछ समय में फैट्स भी बढ़ा हो तो सतर्क हो जाएं. 
  • कॉलेस्टरॉल का बढ़ना भी बड़ा संकेत है और यह मात्र वज़न कम करने से कम नहीं होगा बल्कि हेल्दी ईटिंग, डायटिंगऔर एक्सरसाइज़ से कम होगा.
  • परिवार में कोलोन या ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री है तो आपको शुरुआत से ही डायटिंग को अपनी आदत में शुमार करलेना चाहिए, क्योंकि इस तरह के कैंसर का मोटापे से गहरा संबंध होता है.
Healthy Lifestyle

डायटिंग का मतलब ना खाना नहीं, बल्कि हेल्दी खाना होता है

  • अक्सर लोगों के मन में यह धारणा होती है कि डायटिंग का मतलब है खाना बंद कर दो या एकदम कम कर दो.
  • लेकिन यह सोच ग़लत है, डायटिंग का मतलब होता है अनहेल्दी चीज़ों को छोड़कर हेल्दी चीज़ें खाएं. 
  • फ़्राइड चीज़ों को बेक्ड से रिप्लेस करें.
  • चीनी और स्टार्च का सेवन कम कर दें.
  • नमक कम कर दें.
  • ग्रीन टी का सेवन करें, इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं.
  • प्रोटीन का सेवन बेहद ज़रूरी है. प्रोटीन के सोर्स- दालें, ड्राइफ्रूट्स, बींस, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, दही, फिश, सोयाबीन, अंडा.
  • फ़ाइबर का अधिक इस्तेमाल करें. फल और सब्ज़ियां फ़ाइबर का अच्छा सोर्स है. खीरा, गाजर, सलाद और हरीपत्तेदार सब्जियां ज़रूर खाएं.
  • पानी का सेवन भरपूर मात्रा में करें. यह टॉक्सिंस को बाहर करता है, मेटाबॉलिज़्म को बेहतर करता है.
  • गुनगुना पानी पीएं. हो सके तो सुबह शहद और नींबू गुनगुने पानी में लें.
  • हेल्दी ब्रेकफ़ास्ट लें, रिसर्च बताते हैं कि नाश्ता आपको डायबिटीज़ के ख़तरे से बचाता है. जो लोग नाश्ता करते हैंउन्हें डायबिटीज़ का ख़तरा नाश्ता ना करनेवालों की तुलना में कम रहता है.
  • इतना ही नहीं ब्रेकफ़ास्ट आपको मोटापे से बचाता है. जो लोग नाश्ता नहीं करते उनकी वेस्ट लाइन नाश्ता करनेवालों की तुलना में अधिक होती है. भले ही लंच ठीक से ना करें लेकिन नाश्ता हेल्दी करेंगे तो फ़ैट्स से बचेंगे.
Healthy Lifestyle Tips
  • जो लोग नाश्ता करते हैं उनका एनर्जी लेवल अधिक होता है और वो दिनभर ऐक्टिव बने रहते हैं. 
  • नाश्ते से पाचन तंत्र संतुलित रहता है. यह क्रेविंग से बचाता है. जो लोग नाश्ता नहीं करते उन्हें दिनभर में मीठा खानेकी, जंक फ़ूड की और चाय आदि की तलब ज़्यादा लगती है, जिससे वो अधिक कैलरीज़ का सेवन कर लेते हैं औरमोटापे का शिकार होने लगते हैं.
  • एक बार में ज़्यादा खाने की बजाए अपनी मील्स को डिवाइड करें. दिन में 4-6 बार छोटी-छोटी मील्स लें. 
  • हेल्दी सूप्स और सलाद को शामिल करें. 
  • रात को हल्का खाना लें और सोने से दो घंटे पहले डिनर कर लें. 
  • खाने के हेल्दी ऑप्शन्स की लिस्ट बना लें, जैसे- खिचड़ी, ओट्स, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, ब्राउन राइस, दाल, इडली, सादा डोसा, उपमा, पोहा आदि.
  • डायट के अलावा रोज़ आधा घंटा कुछ एक्सरसाइज़, वॉक या योगा ज़रूर करें.
  • नींद पूरी लें और स्ट्रेस कम लें.
Healthy Lifestyle
  • सबसे ज़रूरी कि वज़न बढ़ने पर जब कपड़े टाइट होने लगें तो नए साइज़ के कपड़े लेने की बजाय अपना फ़िटनेसलेवल बढ़ाकर, हेल्दी ईटिंग कर, डायट और कसरत से वज़न कम करने पर फ़ोकस करें और उन्हीं कपड़ों में फिटहोने पर ध्यान दें! क्योंकि स्वास्थ्य से बड़ा धन कोई नहीं, वज़न बढ़ने पर कई बीमारियां एक साथ घेर लेती हैं औरइनमें से कई बीमारियां काफ़ी गंभीर और जानलेवा तक हो सकती हैं. आज से बल्कि अभी से अपनी बॉडी के संकेतोंको पहचानें, उन्हें नज़रअंदाज़ क़तई ना करें और उनपर ध्यान देकर एक्शन लें. स्वस्थ रहें और हेल्दी खाएं!
  • भोलू शर्मा

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करणवीर बोहरा इन दिनों कनाडा में हैं जहां उनकी ससुराल है. वो अपनी पत्नी टीजे सिद्धू के साथ वहां गए हुए हैं क्योंकि टीजे प्रेगनेंट हैं और कपल अपने तीसरे बच्चे को वेल्कम करनेवाला है.

Karanvir Bohra

इस बीच करण की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं जो उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं. इन तस्वीरों में करण ने अंडरवियर पहना हुआ है और उन्होंने बाथरूम से सेल्फी पोस्ट की है, जिसमें लिखा है मज़ेदार कैप्शन. करण ने लिखा है कि मुझे कपड़े उतारने के लिए मालदीव जाने की ज़रूरत नहीं.

Karanvir Bohra
Karanvir Bohra

ग़ौरतलब है कि इन दिनों टीवी से लेकर फ़िल्मी सितारे तक मालदीव में छूटियों का लुत्फ़ उठा रहे हैं और वहां जाकर हॉट तस्वीरें भी पोस्ट करते हैं.

Karanvir Bohra
Karanvir Bohra


करण ने आगे लिखा है कि बहुत लोग मुझसे सवाल करते हैं कि मैं ऐक्टर हूं तो क्या मेरे सिक्स पैक एब्स नहीं हैं, उनके लिए मैं बताना चाहूंगा कि मैं अपने शरीर के लिए क्या क्या क्या करता हूं. इसके बाद करण ने अपने डायट और फ़िटनेस के फंडों के बारे में बात की कि पिछले एक साल से वो योगा और डायट के रहे हैं.

Karanvir Bohra
Karanvir Bohra

यह तस्वीरें और करण का कैप्शन इतना वायरल हो गया कि सिंगर इला अरुण भी खुद को कमेंट करने से रोक नहीं पाईं. उन्होंने मज़ाक़ में करण को हिदायत दी कि वो ससुराल में हैं तो उन्हें ससुराल की लाज रखनी चाहिए और उन्हें कम से कम वहां तो ढंग के कपड़े पहनने चाहिए. इला ने लिखा कि सारे कपड़े उतार फेंके ये कहां का फ़ैशन हुआ.

Karanvir Bohra

इला का यह कॉमेंट लोगों को बेहद पसंद आ रहा है और करण ने भी उनको जवाब दिया कि एक ऐक्टर को शर्म नहीं करनी चाहिए!

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सर्दियों में डायट का ख़ास ध्यान रखना बहुत जरूरी है. सर्दी का सुहाना मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है, इनसे बचने और हेल्दी रहने के लिए अपनी डायट में ये चीजें जरूर शामिल करें. शामिल करें कुछ ख़ास पोषक तत्व. सर्दियों में इन चीजों से मिलती है शरीर को गर्मी.

Winter Diet Plan

ऐसे प्लान करें अपना विंटर डायट चार्ट

विंटर में ये नाश्ता करें
सर्दियों में पूरे दिन एनर्जेटिक रहने के लिए सुबह का नाश्ता करना न भूलें. नाश्ते में ब्रेड, उपमा, सैंडविच, डोसा आदि ले सकते हैं. एक ग्लास मलाई निकाला हुआ दूध भी पीएं.

विंटर में ये लंच करें
सर्दियों में लंच में हरी सब्ज़ी, रोटी, दही या छाछ, चावल के साथ छिलके वाली दाल, गरम सूप और हरी चटनी खाएं.

विंटर में ये डिनर करें
सर्दियों में डिनर यानी रात का खाना जल्दी खाएं. रात का खाना दोपहर के खाने की अपेक्षा हल्का होना चाहिए. सोने से करीब 4 घंटे पहले डिनर कर लें. खाने में खिचड़ी, दलिया जैसी हल्की चीज़ें खाएं. खाने के बाद अदरक वाला गरम दूध पीएं.

सर्दियों में ये चीजें जरूर खाएं

  • ठंड के मौसम में शकरकंद खाना फ़ायदेमंद होता है. ये शरीर को गरम रखने के साथ ख़ून भी बढ़ाता है. इसे आप भूनकर या उबालकर खा सकते हैं.
  • ठंड के मौसम में अदरक वाली चाय तो सभी पीते हैं, मगर इसे अन्य रूप में जैसे- सब्ज़ी आदि में डालकर भी खाएं, क्योंकि अदरक में ज़िंक, क्रोमियम और मैगनीशियम की मात्रा अधिक होती है जिससे सर्दियों के मौसम में कोल्ड व फ्लू से लड़ने में शरीर को मदद मिलती है.
  • सर्दियों में इम्यून सिस्टम को मज़बूत करने के लिए पत्तागोभी ज़रूर खाएं. इसे आप सब्ज़ी बनाकर या सलाद के रूप में खा सकती हैं. पत्तागोभी को बारीक़ काटकर इसमें नमक, कालीमिर्च और नींबू का रस मिलाकर खाएं.
  • ठंड के मौसम में बीटरूट खाना फ़ायदेमंद है, ये शरीर की ताकत बढ़ाता है. इसे आप सलाद के रूप में खा सकते हैं या फिर सैंडविच आदि में डालकर.
  • सर्दियों में रागी, ज्वार, जौ, बाजरा आदि को भी अपनी डायट में शामिल करें. इन सबको मिक्स करके पीस लें और रोटी बनाकर खाएं.

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Winter Diet Tips

सर्दियों में शरीर के लिए ज़रूरी विटामिन्स
सर्दियों में फिट और हेल्दी रहने के लिए अपनी डायट में ये जरूरी विटामिन्स शामिल करें. ये पोषक तत्व आपको सर्दियों में होने वाली बीमारियों से बचाकर रखेंगे.

विटामिन सी
सर्दियां आते ही खांसी, ज़ुकाम, बुखार, फ्लू आदि की शिकायत होने लगती है. अतः डायट में विटामिन सी से भरपूर चीज़ें शामिल करें. ये आपके इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाकर बीमारियों से बचाता है. विटामिन सी कोलेजन के निर्माण में भी मदद करता है. इससे सर्दियों में भी त्वचा की चमक बरक़रार रहती हैं

स्रोत
सभी तरह के खट्टे फलों में विटामिन सी पाया जाता है, जैसे- संतरा, मौसंबी, नींबू आदि. इसके अलावा खजूर में भी विटामिन सी होता है. वैसे आजकल मार्केट में विटामिन सी के टैबलेट्स भी उपलब्ध हैं. आप चाहें तो ये भी खा सकती हैं.

विटामिन डी
वैसे तो पूरे साल शरीर को विटामिन डी की ज़रूरत होती है, मगर ठंड में इसकी ज़रूरत बढ़ जाती है. सर्दियों के मौसम में कुछ देर धूप ज़रूर सेंके. ठंडी में कई लोगों को जोड़ों में दर्द की शिकायत हो जाती है, अतः उनके लिए विटामिन डी बेहद ज़रूरी है. सुबह की धूप ज़्यादा फ़ायदेमंद होती है.

स्रोत
विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है धूप, लेकिन आप यदि किसी कारण से पर्याप्त धूप नहीं ले पातें, तो बाज़ार में मिलने वाले विटामिन डी फोर्टिफाइड मिल्क और सीरियल्स भी खा सकते हैं.

विटामिन ई
सर्दियों में त्वचा रूखी और पपड़ीनुमा हो जाती है, अतः विटामिन ई का सेवन ज़रूरी है. इसमें मौजूद मॉइश्‍चर के गुण आपकी त्वचा को कोमल बनाए रखने में मदद करते हैं.

स्रोत
मीट, फिश, पालक, ब्रोकोली आदि विटामिन ई का अच्छा स्रोत है. इमली में भी विटामिन ई की भरपूर मात्रा होती है.

विटामिन बी कॉम्पलेक्स
बी ग्रुप के विटामिन्स बी1 से लेकर बी12 तक ठंड के मौसम में ज़रूरी होते हैं. ये स्किन को सॉफ्ट बनाए रखने में सहायक हैं. साथ ही फटी एड़ियों, फटे होंठ और स्किन को भी फटने से बचाते हैं.

स्रोत
हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, अंडे, चिकन लीवर, फिश आदि विटामिन बी कॉम्पलेक्स के अच्छे स्रोत हैं.

ओमेगा 3 फैटी एसिड
ये विटामिन नहीं है, मगर सर्दियों में स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक है. ये एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है. जिन लोगों को ठंड में जोड़ों के दर्द की शिकायत होती है, उनके लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत ज़रूरी होता है, ये शरीर में कैल्शिमय लेवल को बढ़ाकर हड्डियों को मज़बूत बनाने में मदद करता है. फलैक्ससीड ओमेगा 3 का बेहतरीन स्रोत है. इसके अलावा अखोरट, सामन और टूना जैसी मछलियां भी ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं.

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हेल्दी तो हम सभी रहना चाहते हैं लेकिन कुछ छोटे छोटे सूत्र हैं जिन पर हम ध्यान ही नहीं देते, अगर ये सूत्र और सीक्रेट हमसमझ जाएँ तो हेल्दी रहना आसान हो जाए. 

आइए जानते हैं इन्हीं सीक्रेट सूत्रों को-

  • सकारात्मक रहें और अपना महत्व समझें. 
  • खुद पर ध्यान देना ज़रूरी है इस तथ्य को समझ लें.
  • दूसरों के लिए जीना अच्छी सोच है लेकिन उससे पहले खुद के लिए जीना सीखें.
  • आप हेल्दी रहेंगे तभी तो दूसरों के लिए भी कुछ कर पाएँगे.
  • हाईड्रेटेड रहें ताकि शरीर में पानी व नमी की कमी ना हो. पानी ज़हरीले तत्वों को बाहर करता है और पाचन क्रियाको बेहतर बनाता है.
  • फ़िज़िकली एक्टिव रहें. एक्सरसाइज़ व योगा करें. आप भले ही कितना भी हेल्दी खा लें पर जब तक शरीर कोक्रियाशील नहीं रखेंगे तब तक कहीं न कहीं कोई कमी रह ही जाएगी. 
  • रोज़ाना कम से कम आधा घंटा कसरत करें. जॉगिंग और वॉकिंग करें.
  • लिफ़्ट की बजाए सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. यह रूटीन आपकी मांसपेशियों को लचीला बनाएगा और पाचन कोबेहतर. 
  • ध्यान और योगा भी कर सकते हैं. मेडिटेशन से ब्रेन में हैप्पी हार्मोंस रिलीज़ होते हैं और एक नई ऊर्जा का एहसासहोता है.
  • ध्यान रहे फ़िज़िकल एक्टिविटी की कमी से क़ब्ज़ जैसी समस्या हो सकती है.
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  • हेल्दी खाना खायें. अपने दिन की शुरुआत पोषण भरे नाश्ते से करें. 
  • भले ही लंच ठीक से ना करें लेकिन नाश्ता अच्छी तरह और हेल्दी करेंगे तो फ़ैट्स से बचेंगे.
  • रिसर्च बताते हैं कि जो लोग नाश्ता करते हैं उनका एनर्जी लेवल अधिक होता है और वो दिनभर ऐक्टिव बने रहते हैं.
  • जंक फूड से बचें. हेल्दी खाना खाएँ. 
  • मंचिंग के लिए भी हेल्दी ऑप्शन पर ध्यान दें. फ़्राइड सनैक्स की बजाए ड्राई फ़्रूट्स, बेक्ड फ़ूड रखें.
  • स्ट्रेस ना लें, क्योंकि तनाव पूरे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. इस से गैस, ऐसिडिटी, क़ब्ज़ जैसी समस्या होसकती है.
  • स्ट्रेस के कारण पेट में रक्त व ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है जिससे पेट में ऐंठन, जलन जैसी समस्या होनेलगती है, साथ ही पेट में मैजूद हेल्दी बैक्टीरिया में भी असंतुलन आने लगता है.
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  • शराब व कैफेन का सेवन कम करें क्योंकि यह भीतर से शरीर को ड्राई और डीहाईड्रेट करते हैं.
  • अपने भोजन में साबूत अनाज, गाजर, ब्रोकोली, नट्स, मकई, बींस, ओट्स, दालें व छिलके सहित आलू को शामिलकरें.
  • मौसमी फल खाएँ और अपने खाने में हर रंग की फल-सब्ज़ियाँ शामिल करें.
  • दही व छाछ का सेवन करें, क्योंकि इनमें हेल्दी बैक्टीरिया होते हैं जो पेट और आँतों को स्वस्थ रखते हैं.
  • पनीर का सेवन करें क्योंकि यह वज़न को भी नियंत्रित रखने में कारगर है.
  • हफ़्ते में एक या दो दिन अपनी क्रेविंग्स के लिए रखें. मनपसंद कुछ खाएँ क्योंकि अगर आप बहुत ज़्यादा स्ट्रिक्टडायट करते हो तो बहुत ज़्यादा समय तक उसको फ़ॉलो कर पाना बेहद मुश्किल है.
  • हेल्दी सूप को अपने डायट का हिस्सा बनाएँ. 
  • किचन में मौजूद मसाले भी बहुत हेल्दी होते हैं , काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, इलाइची,धनिया आदि को खाने में शामिल करें.
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  • अगर गले में ख़राश या सिर में दर्द हो तो चटकीभर दालचीनी पाउडर को पानी के साथ लें. यही नहीं दालचीनी वज़नभी कम करती है. इसे सलाद या दही में मिलाकर ले सकते हैं. यह मुँहासों को भी कम करता है. दालचीनी पाउडर कोपानी में मिलाकर पेस्ट तैयार करें और अप्लाई करें.
  • अगर कफ़ की समस्या हो तो सरसों के तेल में लहसुन और सेंधा नमक मिलाकर गुनगुना करें और सीने पर मालिशकरें.
  • वज़न को नियंत्रण में रखें क्योंकि बढ़ता वज़न कई बीमारियों को जन्म देता है. हार्ट से लेकर ब्लड प्रेशर औरडायबिटीज़ तक जैसी समस्याएँ बढ़ते वज़न के कारण हो सकती हैं.
  • वज़न कम करने के लिए छोटे गोल्स सेट करें और धैर्य ना खोएँ.
  • वज़न कम करने में नींबू और शहद बेहद कारगर हैं. गुनगुने पानी में रोज़ सुबह खाली पेट सेवन करें.
  • स्पोर्ट्स, स्विमिंग या डांस क्लास से जुड़ सकते हैं.
  • अपने शौक़ को ज़रूर पूरा करें, उन्हें मरने ना दें, क्योंकि यही शौक़ आपको जीवंत बनाए रखते हैं.
  • पर्सनल हाइजीन से लेकर ओरल हाइजीन तक के महत्व को समझें और उनपर ध्यान भी दें.
Sutras For Healthy Life
  • हेल्दी सोशल लाइफ़ मेंटेन करें, क्योंकि इससे आपको अकेलापन और डिप्रेशन नहीं होगा. लोगों की मदद करें यहआपको बेहतर महसूस कराएगा.
  • पार्टी करें, दोस्तों से मिलें और रिश्तों में इंवेस्ट करें.
  • धोखा ना दें क्योंकि यह आपमें अपराधबोध की भावना को जन्म देगा और आप भीतर से अनहेल्दी मेहसूस करेंगे.
  • ज़िम्मेदारी लेना सीखें, यह आपमें आत्मविश्वास बढ़ाएगा.
  • नींद पूरी लें, यह आदत आपको कई तरह के तनावों से बचाएगी और साथ ही दिनभर ऊर्जावान रखेगी. साथ ही यहडिप्रेशन जैसी नकारात्मक भावनाओं से भी आपका बचाव करती है.
  • ओवर ईटिंग और ओवर स्लीपिंग से भी बचें, ये आपको अनहेल्दी बनाती हैं.
  • बहुत ज़्यादा टीवी ना देखें, यह आपको आलसी और इनएक्टिव तो बनाएगा ही साथ ही रिसर्च बताते हैं कि ज़्यादाटीवी देखने वालों की लाइफ़ कम होती जाती है.
Sutras For Healthy Life
  • इसी तरह मोबाइल और बहुत ज़्यादा सोशल साइट्स पर भी ना बने रहें. ये आपके रिश्तों की सेहत के लिएहानिकारक है जिसका असर आपने शरीर पर भी पड़ता है.
  • कुकिंग थेरेपी आज़माएँ. रिसर्च के अनुसार जब आप खुद खाना बनाते हैं तो स्ट्रेस कम होता है, आप बेहतर महसूसकरते हैं, क्रिएटिव बनते हैं और हेल्दी रहते हैं.
  • नए दोस्त बनाएँ और हो सके तो पेट्स रखें. ये आपको खुश और हेल्दी रखने में मदद करते हैं.
  • खुश होने का मौक़ा ना छोड़ें. बड़ी चीज़ों की बजाए छोटी छोटी चीज़ों में ख़ुशियाँ देखें. यह आपको सकारात्मकबनाती है और मन के संतोष को दूर करती हैं.
  • ये तमाम बातें आपको पहले से ही पता होती हैं लेकिन कमी सिर्फ़ जज़्बे की होती है. बेहतर होगा बिना देर किएआज से ही हेल्दी लाइफ़ के इन सीक्रेट और सूत्रोंको अमल में लाया जाए.

सरस्वती शर्मा

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आपका फिटनेस लक्ष्य जो भी हो, आप इसे आयुर्वेद तरीक़े से प्राप्त कर सकते हैं. सुनने में अच्छा लग रहा है? निश्चित रूप से, यह हो सकता है. करोना के कारण महामारी से उपजी शहरी जीवनशैली संबंधी बीमारियों ने हमें आयुर्वेद के लिए प्रेरित किया ही है. आयुर्वेद के गुणों व लाभों का उपयोग हम ख़ुद को सेहतमंद और चुस्त-दुरुस्त रखने में कर सकते हैं.
आयुर्वेद की प्राचीन स्वास्थ्य प्रणाली जीवन, दीर्घायु और आपके समग्र कल्याण पर केंद्रित है- यह शारीरिक, मानसिक या आध्यात्मिक हो. आत्म-चिकित्सा के विज्ञान के रूप में, आयुर्वेद विभिन्न आहार, जीवनशैली, मालिश और औषधीय जड़ी-बूटियों को शामिल करता है, जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इस सन्दर्भ में डॉ. दीपेश महेंद्र वाघमारे, जो मिलेनियम हर्बल केयर के चिकित्सा सलाहकार कार्यकारी हैं, ने कई उपयोगी बातें बताई. जानते हैं कि आयुर्वेद फिट रहने में कैसे मदद करता है.

आपको ऊर्जावान बनाए रखता है…
क्या आप दिनभर के काम के बाद सुस्त महसूस करते हैं? क्या आपको सुबह उठने और जिम की क्लास या अपने योग सत्रों को पूरा करने के लिए उत्साह की कमी महसूस होती है? ऐसी स्तिथि में कॉफी या स्टेरॉयड इसका समाधान नहीं है. आपके शरीर को सुस्ती दूर करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की आवश्यकता होती है. अश्वगंधा, ब्राह्मी और तुलसी जैसी जड़ी-बूटियां आपके शरीर के शारीरिक और मानसिक तनाव में लचीलापन बढ़ाकर आपकी ऊर्जा बढ़ा सकती हैं. यह दिनभर अच्छा महसूस करने में भी मदद करती हैं. ऊर्जावान बने रहने के लिए इन जड़ी-बूटियों के गर्म काढ़े से अपने दिन की शुरुआत करें.

बेहतर शारीरिक क्षमता
अगर आप बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ कर रहे हैं, तो आपके स्टैमिना भी तेजी से कम होता है. मनोवैज्ञानिक तनाव और शारीरिक गतिविधि को पारस्परिक रूप से संबंधित माना जाता है. ध्यान रहे कि स्टैमिना की कमी भी एक तनावग्रस्त दिमाग़ का परिणाम है. अश्वगंधा, ब्राह्मी और शतावरी जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां शक्ति को बढ़ाने और मांसपेशियों को ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ानेे में मदद करती हैं. यह आपको मानसिक रूप से भी आराम देती हैं.
अपने दैनिक आहार में धनिया के बीज, दालचीनी, जीरा और नट्स जैसे बादाम के साथ मसाले मिलाएं. सभी सही और पर्याप्त अनुपात में मिश्रित होते हैं, जो शरीर को ऊर्जावान बनाते हैं.

मेटाबॉलिज्म में वृद्धि
यदि आपके पास एक सेलुलर मेटाबॉलिज्म है, तो आपके फिटनेस के सबसे तेज़ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं. गुडूची (टीनोस्पोरा कॉर्डिफ़ोलिया) जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां आपके आंत-स्वास्थ्य को ठीक करने में मदद करती हैं. यह आंतों में अच्छी आंत माइक्रोबायोम को बढ़ाती है, जो एक लघु-श्रृंखला फैटी एसिड का उत्पादन करती है और शरीर में वसा के भंडार को विनियमित करने में मदद करती है. सामान्य सीमा के भीतर रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में सहायता करती है.
दालचीनी जैसे मसाले आपके शरीर में वसा कोशिकाओं के निर्माण को रोकने में मदद कर सकते हैं, जबकि हल्दी या हल्दी में मौजूद करक्यूमिन वसा कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से जलाने और शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है.
अपने नियमित आहार में काली मिर्च को शामिल करने से आपके मेटाबॉलिज्म को इसके थर्मोजेनिक प्रभाव होते हैं. एक ग्लास जीरे के पानी के साथ लेनेे सेे मदद मिल सकती है. एक ग्लास पानी में एक चम्मच जीरा उबालें. इसे सुबह लेना अधिक फायदेमंद है.

स्वस्थ शरीर
प्राचीन आयुर्वेदाचार्यों ने ‘Balaardh’ की अवधारणा की वकालत की. इसका मतलब है कि किसी भी तरह के कठोर अभ्यास के लिए शरीर की पूरी शक्ति का केवल 50% भाग का उपयोग होता है. आधुनिक फिटनेस विशेषज्ञ भी जोरदार व्यायाम सत्रों के बीच 24 घंटे के आराम की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को पूरी तरह से ठीक हो सके.
तिल के बीज के तेल के साथ एक अभ्यंग (आत्म-मालिश) जोड़ों, मांसपेशियों और ऊतकों में दर्द से राहत के लिए एक पारंपरिक प्रक्रिया है.
हल्दी और अदरक जैसी जड़ी-बूटियां सूजन को कम करने में मदद करती हैं.
अश्वगंधा और बाला मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और पोषण करने में जादुई हैं.
प्रोटीन से भरपूर फलियों को शामिल करने से आपकी मांसपेशियां मज़बूत होती हैं.
बादाम, खजूर, केसर और घी आपको पर्याप्त रूप से फिर से जीवंत करते हैं. इससे कठिन और कठोर वर्कआउट सत्रों से तेजी से उबरने में मदद कर सकते हैं.

लचीलापन
फिटनेस में हड्डी और जोड़ों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा. क्रीक्स और दर्द कम उम्र से ही आपके गति में बाधा उत्पन्न करने लगते हैं, मुख्यतः अस्वस्थ जीवनशैली के कारण महिलाओं को तीस की उम्र से ही ध्यान रखना चाहिए. आयुर्वेद कई जड़ी-बूटियों की सलाह देता है, जो पारंपरिक रूप से हड्डी की ताकत, जोड़ों के लचीलेपन में सुधार और दर्द को कम करने के लिए उपयोग किए जाते हैं.
हडजोड, सलाई गुग्गुल, अश्वगंधा और बाला जैसी जड़ी-बूटियां हड्डी की कोशिका के होमियोस्टेसिस को बहाल करने, हड्डी में सुधार और सूजन को कम करने में लाभदायक है.
दशमूल (10 जड़ी-बूटियों की जड़ें) तेल भी जोड़ों और मांसपेशियों की कठोरता को कम करने में सहायक है. इससे लचीलेपन में भी सुधार होता है.

अच्छी नींद
अच्छी नींद हमेशा ही शरीर के लिए महत्वपूर्ण है. जब आपका शरीर ख़ुद को ठीक करने और उसकी मरम्मत करने में सक्षम हो, तो आपकी फिटनेस व्यवस्था को अच्छी नींद के साथ संतुलित करना चाहिए, ताकि आप अगले दिन एक बार फिर से मैट हिट करने के लिए दौड़ें.
ब्राह्मी, शंखपुष्पी, सर्पगंधा, वचा और अश्वगंधा ऐसी आवश्यक जड़ी-बूटियां हैं, जो आपके नर्वस सिस्टम को आराम देती हैं, मानसिक थकान से राहत दिलाती हैं और आपके दिमाग़ पर शांत प्रभाव डालती हैं. आयुर्वेद स्वास्थ्य की अवधारणा का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए एक प्राचीन लेकिन अत्यंत प्रासंगिक प्रणाली है, सही लक्ष्य निर्धारित करें और सभी फिट रहें.

– ऊषा गुप्ता

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फेस्टिव सीज़न में सबसे ख़ास, सबसे ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए आपको थोड़ी तैयारी पहले से करनी होगी. अपने ब्यूटी प्लान को यदि आप 7 दिनों में बांट देती हैं, तो आप समय की बचत भी कर पाएंगी और आपके ब्यूटी प्लान में कोई कमी भी नहीं रहेगी. आपका फेस्टव लुक सबसे स्पेशल बनाने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं 7 दिन का ब्यूटी प्लान (Beauty Plan).

Festival Beauty Tips

पहला दिन
* सुबह जल्दी उठें. गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीएं.
* सुबह 40 मिनट वॉक के लिए जाएं या घर में योगा व एक्सरसाइज़ करें.
* अपनी स्किन टाइप के अनुसार फेस वॉश से चेहरा धोएं.
* अल्कोहल फ्री टोनर अप्लाई करें. साथ ही मॉइश्‍चराइज़र और सनस्क्रीन लगाना न भूलें.
* मेकअप करना चाहें, तो लाइट मेकअप कर सकती हैं.
* होंठों को नर्म-मुलायम बनाए रखने के लिए रोज़ाना 3 से 4 बार होंठों पर लिप बाम लगाएं.
* घर से बाहर निकलते समय भी सनस्क्रीन साथ ले जाएं और कुछ घंटों के अंतराल पर इसे अप्लाई करें.
* धूप में जा रही हैं, तो छाता या सनग्लासेस ज़रूर साथ ले जाएं.
* घर लौटने पर या घर पर हैं तो भी, शाम के समय चेहरे पर होममेड उबटन लगाएं. इसके लिए- दूध में हल्दी और चंदन पाउडर मिलाकर उबटन तैयार करें. इस उबटन को नियमित रूप से 1 हफ़्ते तक चेहरे पर लगाएं. इससे झाइयां और कालापन दूर होता है और त्वचा की रंगत निखरती है. इस उबटन को हाथ, पैर और गले पर भी लगाएं.
* त्वचा की तरह बालों को पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है और सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है ऑयल मसाज की. सप्ताह में एक दिन ऑयल मसाज के लिए ज़रूरी है इसलिए आप भी इसके लिए वक़्त निकालें. बालों की लंबाई को देखते हुए एक कटोरी में कोकोनट ऑयल यानी नारियल का तेल लें. इसमें कुछ करीपत्ता डालकर हल्का गरम करें और बालों में लगाएं. धीरे-धीरे स्कैल्प की मालिश करें.

Festival Beauty Tips

दूसरा दिन
* नींबू और शहद मिला गुनगुना पानी पीने के बाद कम से कम 15 मिनट स्ट्रेचिंग करें.
* फिर चेहरा धोकर फ्रूट फेस पैक लगाएं. इसके लिए- एक सेब को छील व काटकर ब्लेंडर में पीस लें. इसमें 2 टेबलस्पून शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं. चेहरे पर फेस पैक लगाकर मेडिटेशन करें. इससे आपका समय भी बचेगा और आपको दुगुना फ़ायदा भी होगा. आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. फेस पैक और मेडिटेशन का ग्लो आपके चेहरे पर साफ़ नज़र आगे लगेगा.
* अगर आप वर्किंग वुमन हैं, तो ऑफिस जाने से पहले मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन लगाना न भूलें. साथ ही छाता या सनग्लासेस भी ज़रूर साथ ले जाएं.
* चेहरे के ऑयल कंट्रोल और एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन के लिए कॉम्पैक्ट भी लगाएं.
* मेकअप अप्लाई करती हैं, तो लाइट मेकअप भी कर लें.
* शाम को घर लौटने के बाद चेहरे को फेसवॉस से अच्छी तरह धो लें.
* आज के दिन आप पार्लर में जाकर फेशियल करा सकती हैं या फिर घर पर भी फेशियल कर सकती हैं. फेशियल करने के लिए आप मार्केट में उपलब्ध डायमंड, गोल्ड, सिल्वर या पर्ल फेशियल में से किसी को भी चुन सकती हैं. फेशियल से आपके चेहरे का ग्लो और बढ़ जाएगा.

Festival Beauty Tips

तीसरा दिन
* अपने दिन की शुरुआत नींबू-शहद मिले गरम पानी से करें.
* आज की सुबह जॉगिंग के लिए जाएं. इससे आपको चेंज भी मिलेगा और खुली हवा का पूरा फ़ायदा भी.
* आज बालों को शैम्पू भी कर लें. बालों को अच्छी तरह शैम्पू-कंडीशनर करने के बाद चाहें तो सीरम भी अप्लाई कर सकती हैं.
* घर से निकलने से पहले मॉइश्‍चराइज़र और सनस्क्रीन अप्लाई कर लें. अपनी पसंद का लाइट मेकअप भी कर लें. इतनी तैयारी के बाद घर से निकलते समय आप एक अलग ही कॉन्फिडेंस महसूस करेंगी.
* घर लौटने बाद पूरे शरीर को स्क्रब करें. स्क्रब बनाने के लिए एक चम्मच तिल के तेल में आधा चम्मच हल्दी और कुछ तिल मिलाकर स्क्रब तैयार करें. इस मिश्रण से शरीर को धीरे-धीरे रगड़ें. हफ्ते में एक बार ऐसा करने से त्वचा में निखार आता है.
* स्क्रबिंग के बाद गुनगुने पानी से स्नान करें. ऐसा करने से आप फ्रेश महसूस करेंगी.
* आज आप पार्लर या घर पर मेनीक्योर-पेडिक्योर कर सकती हैं.
* यदि घर पर मेनीक्योर-पेडिक्योर कर रही हैं, तो सबसे पहले पुरानी नेल पॉलिश निकाल दें. फिर अपने हाथ और पैर को नमक और माइल्ड शैम्पू मिले गुनगुने पानी में डिप करें. फिर नाखूनों को फाइल करें. अब स्क्रबर से डेड सेल निकालें. फिर साफ पानी से हाथ-पैर धोकर बॉडी लोशन लगा लें. नाखूनों पर बेस कोट लगा लें.
* आज आपको बहुत अच्छी नींद आएगी, जिससे आप सुबह फ्रेश महसूस करेंगी.

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Festival Beauty Tips

चौथा दिन
* सुबह नींबू-शहद वाला गरम पानी पीने के बाद आज 30 मिनट दौड़ें. घर लौटने के बाद थोड़ी स्ट्रेचेस और सिट-अप्स भी कर लें. वर्कआउट के कारण ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होगा और आपकी स्किन ज़्यादा ग्लो करने लगेगी.
* स्किन को और सॉफ्ट बनाने के लिए नहाने से पहले स्किन सॉफ्टनर स्क्रब अप्लाई करें. इसके लिए सरसों के दानों में दही, शहद और आटा मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इससे धीरे-धीरे बॉडी स्क्रब करें. इसके बाद स्नान करें. स्नान के बाद आप तरोताज़ा और एनर्जेटिक महसूस करेंगी.
* घर से निकलते समय रोज़ की तरह मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन, हल्का मेकअप अप्लाई करें. सनग्लासेस पहनकर बाहर निकलें.
* शाम को लौटते समय पार्लर जाकर आईब्रो, अपरलिप, वैक्सिंग वगैरह करा लें.
* आज चाहें तो कोकोनट, ऑलिव और आल्मंड ऑयल मिलाकर हेड मसाज भी कर लें. ऐसा करने से आपको लग्ज़ीरियस स्पा का अनुभव होगा और आप अच्छा महसूस करेंगी.
* थ्रेडिंग की जलन दूर करने के लिए चाहें तो हेड मसाज के साथ ही फेस पैक भी अप्लाई कर सकती हैं. इसके लिए ऐलोवेरा जेल में खीरे का रस, दही और रोज़ ऑयल मिलाकर पैक बनाएं और उसे चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें. ये पैक आपकी स्किन को हमेशा ख़ूबसूरत बनाए रखेगा.
* सोने से पहले बॉडी लोशन या नाइट क्रीम अप्लाई करें.

Festival Beauty Tips

पांचवां दिन
* अपने डेली डोज़ यानी नींबू-शहद मिले गरम पानी से दिन की शुरुआत करें.
* आज आप 20 सूर्य नमस्कार करें. ये एक बेहतरीन वर्कआउट है और इससे आपको स्किन व हेल्थ दोनों के फ़ायदे मिलेंगे. कई सेलिब्रिटीज़ अपने दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार से ही करते हैं.
* अब अपने ऑयली बालों को शैम्पू करें. शैम्पू-कंडीशनर के बाद ज़रूरत हो तो सीरम भी अप्लाई करें.
* घर से निकलते समय स्किन को प्रोटेक्ट करने के लिए मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन, कॉम्पैक्ट आदि लगा लें. सनग्लासेस पहनना न भूलें.
* शाम को घर लौटने के बाद आज कम से कम 15 मिनट मेडिटेशन के लिए निकालें. ऐसा करने से आप रिलैक्स महसूस करेंगी.
* आज आप नेल पेंट भी अप्लाई कर सकती हैं. फेस्टिवल सीज़न में ब्राइड कलर की नेलपॉलिश अच्छी लगती है. आप अपनी पसंद और लुक के हिसाब से नेलपॉलिश का चुनाव कर सकती हैं.
* सोने से पहले चेहरे को क्लीन करना और नाइट क्रीम लगाना न भूलें.

 

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छठा दिन
* सुबह उठते ख़ुद को आईने में निहारें. आपको अपनी स्किन बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएगी, आप ख़ुद को फिट महसूस करेंगी और आपका कॉन्फिडेंस बढ़ जाएगा.
* अब रोज़ की तरह अपने दिन की शुरुआत नींबू-शहद मिले गुनगुने पानी से करें.
* आज फिर से 30 मिनट दौड़ें. यकीन मानिए, आज आपको दौड़ने में बहुत ख़ुशी महसूस होगी, क्योंकि आज आप फिट महसूस कर रही हैं.
* लौटकर स्ट्रेचेस और सिट-अप्स करें.
* इसके बाद वॉर्म शावर लें, इससे आपके टॉक्सिन बाहर निकल जाएंगे. फिर ख़ुद को आईने में निहारें. यकीन मानिए, अपनी स्किन का निखार देखकर आप दंग रह जाएंगी.
* रोज़ की तरह स्किन प्रोटेक्टिव प्रॉडक्ट्स, जैसे- मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन, कॉम्पैक्ट आदि लगाकर ही घर से बाहर निकलें.
* शाम को घर लौटने पर फेशवॉस से चेहरा धोएं और सोने से पहले नाइटक्रीम लगाएं.

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Festival Beauty Tips

सातवां दिन
* रोज़ की तरह नींबू-शहद मिला गरम पानी पीने के बाद 100 बार रस्सी कूदें और 30 मिनट मेडिटेशन करें.
* आज नहाने से पहले ब्रॉडी स्क्रब अप्लाई करें. इसके लिए आधा कप अलसी के बीज में तीन चम्मच शहद और थोड़ा-सा पानी व दूध मिलाकर स्क्रब तैयार करें. इससे चेहरे और बॉडी का मसाज करें. इस स्क्रब को अप्लाई करने बाद जब आप गुनगुने पानी से स्नान करेंगी, तो ख़ुद में नया निखार महसूस करेंगी.
* आज बालों को शैम्पू करें. शैम्पू-कंडीशनर के बाद ज़रूरत हो तो सीरम अप्लाई करें.
* अब नरिशिंग बॉडी लोशन अप्लाई करें.
* आज आपको फेस्टिवल के लिए तैयार होना है इसलिए आप हैवी मेकअप कर सकती हैं.

5 घरेलू फेस पैक से पाएं गोरी-सुंदर त्वचा, देखें वीडियो:

ऐसे करें मेकअप की शुरुआत
* फेस्टिवल मेकअप करने के लिए सबसे पहले मॉइश्‍चराइज़र लगाएं.
* फिर अपनी स्किन टोन से मैच करता फाउंडेशन और फेस पाउडर लगाएं.
* फेस्टिवल लुक के लिए आप स्मोकी आई मेकअप कर सकती हैं.

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ऐसे करें स्मोकी आई मेकअप
स्मोकी आई मेकअप के लिए सबसे पहले एक बूंद प्राइमर आईलिड पर लगाएं. इसे लगाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि गर्मी और ऑयली फेस की वजह से आईशैडो क्रीज़ लाइन से फैल जाता है. फिर लाइट शेड का आई कंसीलर लगाएं. इसे आंखों के नीचे और आईलिड पर अच्छी तरह लगाएं. इससे आईशैडो आसानी से लगेगा. अब आंखों के कलर से मैच करता आईशैडो लगाएं औरब्रश से स्मज करें. फिर डार्क ग्रे आईशैडो आंखों की ऊपरी आईलिड पर लगाकर अच्छी तरह स्मज करें. ज़्यादा स्मोकी लुक के लिए ग्रे आईशैडो के ऊपर ब्लैक आईशैडो लगाएं. दोनों को बड़े ब्रश से ब्लेंड करें. लैशलाइन पर आईलाइनर लगाएं. लिक्विड की बजाय जेल/स्केच आईलाइनर चुनें. ये आसानी से लग जाता है. स्मोकी लुक के लिए ये बेहतर भी होता है. अब स्मजर ब्रश या आई बड की मदद से आईलाइनर को अच्छी तरह स्मज कर लें. काजल लगाकर आई मेकअप कंप्लीट करें.

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ऐसे कंप्लीट करें मेकअप
* आई मेकअप के बाद पिंक, पीच जैसे लाइट शेड का ब्लश अप्लाई करें.
* आख़िर में लिपस्टिक या लिप ग्लॉस लगाकर मेकअप पूरा करें.
* लीजिए, हो गईं आप तैयार फेस्टिव लुक के साथ.
* अब अपने आउटफिट के अनुसार हेयर स्टाइल बनाएं और पाएं परफेक्ट फेस्टिव लुक.

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Festival Beauty Tips

स्मार्ट टिप्स
* ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए पूरी नींद लें.
* सोने से पहले मेकअप रिमूव करना न भूलें.
* हेल्दी डायट को अपनी दिनचर्या में शामिल करें.
* रोज़ान 8-10 ग्लास पानी ज़रूर पाएं.
* तनाव और प्रदूषण से दूर रहें. योग व मेडिटेशन करें.

– कमला बडोनी

शिल्पा शेट्टी: शिल्पा के सेक्सी फिगर पर ना जाने कितने मरते हैं और हर लड़की चाहती है उनकी तरह पतली कमर और हॉट फिगर. शिल्पा को ऐसी फिटनेस मिली है योगा से. शिल्पा योगा की दिवानी हैं और अक्सर योगा करते हुए वो वीडीयो शेयर भी करती हैं. शिल्पा ने योगा की डीवीडी भी रिलीज़ की हैं ताकि लोगों को इंस्पिरेशन मिले और लोग भी फिट रहना सीखें और योग करें. शिल्पा को बाबा रामदेव के योगा सेशन भी अटेंड करते देखा गया है.

Shilpa shetty

बिपाशा बासु: शिल्पा की ही तरह बिपाशा ने भी योगा फ़िटनेस डीवीडी रिलीज़ की है और बिप्स की फिट और यंग बॉडी का राज़ भी योगा में छिपा है. बिपाशा कई बार अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ भी योगा करती नज़र आती हैं.

Bipasha Basu

करीना कपूर: करीना कितनी फिटनेस कॉन्शियस हैं यह तो सब जानते हैं. करीना ने ही साइज़ ज़ीरो का ट्रेंड भी शुरू किया था. करीना की सेक्सी फ़िंगर ही नहीं बल्कि ग्लोइंग स्किन का राज़ भी योगा में छिपा है. करीना को जिम जाना इतना पसंद नहीं लेकिन उन्हें अपनी फिटनेस तो बनाए रखनी थी क्योंकि वो एक एक्ट्रेस हैं इसीलिए उन्होंने योगा करना शुरू किया और अब वो अपनी फैमिली और दोस्तों को भी योग के लिए प्रेरित करती हैं. बताया जाता है कि करीना के कहने पर ही अब मलाइका भी योगा से प्यार करने लगी हैं और वो भी नियमित रूप से योगा करती हैं.

Kareena kapoor

सुष्मिता सेन: 44 को उम्र में वो इतनी हॉट और फिट हैं तो इसका राज़ छिपा है योग में. वो अपने से पंद्रह साल छोटे रोहमन को डेट कर रही हैं और दोनों साथ में बेहद प्यारे लगते हैं. सुष्मिता को अक्सर अपने बॉयफ़्रेंड रोहमन के साथ योगा करते देखा गया है. वो खुद सोशल मीडिया पर वीडीयो और पिक्स शेयर करती हैं.

Sushmita Sen

जैकलीन फर्नांडिस: जैकलीन अपना योगा रूटीन कभी मिस नहीं करतीं. समय के साथ साथ वो बेहद फिट होती गईं और इसकी वजह है योगा. वो अक्सर योगा करते हुए अपने वीडीयो और तस्वीरें शेयर करती हैं और लोग उनसे प्रेरणा भी लेते हैं क्योंकि उनके ट्रांसफ़ॉर्म को लोगों ने देखा है कि वो अब कितनी फिट हो चुकी हैं. फ़िटनेस को लेकर वो ऑनलाइन इवेंट भी करती हैं जिसमें वो सबको इंस्पायर करती हैं फ़िटनेस के लिए.

Jacqueline Fernandes

मलाइका अरोड़ा: मलाइका की फिटनेस का दीवाना तो सारा वर्ल्ड है. सब जानते हैं कि मलाइका काफ़ी जिम जाती थी और वर्कआआउट कर पसीना बहाती थीं लेकिन जबसे करीना ने उन्हें योगा के फायदों के बारे में सजग किया वो योगा करने पर ज़ोर देने लगीं और हम उनके सोशल मीडिया पर योग करते हुए पोस्ट्स देखते रहते हैं. वो योगा इवेंट्स और हेल्थ एंड वेलनेस साइट्स के साथ पार्टनरशिप और काम भी करती हैं. वो अक्सर योगा पोज़ के ज़रिए लोगों को योग करने के लिए ना सिर्फ़ प्रेरित करती हैं बल्कि इसके मानसिक फ़ायदों के बारे में भी जानकारी देती हैं.

Malaika Arora

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अधिकांश महिलाओं के लिए पीरियड्स एक बेहद दर्दनाक अनुभव होता है, उन्हें इतना दर्द होता है कि पीरियड्स को लेकर मन में डर बैठ जाता है. इससे छुटकारा पाने के लिए वो अक्सर पेनकिलर का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन दर्दनिवारक दवाओं के अपने साइडइफेक्ट होते हैं इसलिए बेहतर होगा कि घरेलू उपायों को जाना और अपनाया जाए तो बेहद सरल होने के साथ साथ कारगर भी हैं.

पपीते का सेवन: पपीते की तासीर गर्म मानी जाती है और अक्सर दर्द की वजह होती है खुलकर फ्लो का ना होना, ऐसे में पपीता खायें क्योंकि इससे खुलकर फ्लो होता है और दर्द में आराम आता है. यही नहीं पपीता पेट के लिए भी काफ़ी अच्छा माना जाता है और पाचन को सही रखता है.

अदरक और काली मिर्च: अदरक को पानी में उबाल कर चाय की तरह पिएँ. अदरक के टुकड़े करके पानी में डालकर चाय बना लें, चाहें तो काली मिर्च भी मिला लें या फिर अदरक के टुकड़े करके उन्हें चबाकर खाएँ. यह पाचन को भी बेहतर करता है.
अजवायन: यह भी पेट के लिए बेहद फ़ायदेमंद है. इसकी भी तासीर गर्म होती है और यह गैस की समस्या से निजात दिलाने में कारगर है. अक्सर माहवारी के समय गैस की समस्या बढ़ जाती है जो दर्द की एक वजह होती है.

तुलसी की पत्तियाँ: चाय में इसे डालें क्योंकि इसमें दर्दनिवारक तत्व होते हैं जो काफ़ी तहाए पहुँचाते हैं.

जीरा: यह गर्भाशय को साफ़ करता है. इसमें दर्दनिवारक गुण भी हैं. जीरे की चाय बनाकर पिएं, पानी में भी उबालकर इसे पी सकती हैं या यूं ही चटकीभर जीरा चबा चबा कर खाएँ. इससे काफ़ी आराम मिलेगा.

Menstrual Cramps

मेथी: रात को एक कप पानी में एक टीस्पून मेथीदाना भिगो दें और अगले दिन इस पानी क सेवन करें.

गर्म पानी से सिकाई: एक बोतल में गर्म पानी भरकर उससे सिकाई करें काफ़ी आराम मिलेगा. यह पारंपरिक उपाय काफ़ी लोग अपनाते हैं, क्योंकि यह सबसे आसान और कारगर भी है.

तिल का तेल: इससे पेडू में यानी पेट के निचले भाग में हल्के हाथों से मालिश करें. यह गर्माहट और आराम देगा.
एक्सरसाइज़: शोध बताते हैं कि एरोबिक्स से पेन में काफ़ी राहत मिलती है. जो महिलाएँ लगातार दो महीनों तक हफ़्ते में तीन बार आधे घंटे एरोबिक्स करती हैं उन्हें पीरियड्स में दर्द बेहद कम होने लगता है. अगर एरोबिक्स नहीं करना चाहतीं तो सिर्फ़ नंगे पैर ज़मीन पर या घास पर चलें इससे भी दर्द में आराम मिलता है. अगर आप नियमित रूप से योग करती हैं तो भी पेन में आराम मिलेगा और आप ऐसे योगा पोज़ भी ट्राई कर सकती हैं जो इस दर्द में आराम दिलाते हैं.

मेडिटेशन: सांस लेने की तकनीक आपको काफ़ी निजात दिला सकती है. यह मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और इसे रिलैक्सेशन टेकनीक ही कहा जाता है. यह रक्त संचार बेहतर करके मस्तिष्क को सुकून का एहसास कराती हैं, दर्द पैदा करनेवाले हार्मोन्स को कम करके राहत का आभास कराती है.
नमक का सेवन कम करें और पानी खूब पिएं: पीरियड्स आने से कुछ दिन पहले से नमक खाना या तो बंद कर दें या कम करें, मसालेदार भोजन, तला-भुना भी ना खाएँ और फ़र्क़ देखें. इस तरह का खाना वॉटर रिटेंशन को बढ़ाता है जिससे गैस, अपच, भारीपन होता है और दर्द का एहसास ज़्यादा होता है. साथ ही पानी खूब पिएँ ताकी डीहाईड्रेट ना हों.

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