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हेल्दी तो हम सभी रहना चाहते हैं लेकिन कुछ छोटे छोटे सूत्र हैं जिन पर हम ध्यान ही नहीं देते, अगर ये सूत्र और सीक्रेट हमसमझ जाएँ तो हेल्दी रहना आसान हो जाए. 

आइए जानते हैं इन्हीं सीक्रेट सूत्रों को-

  • सकारात्मक रहें और अपना महत्व समझें. 
  • खुद पर ध्यान देना ज़रूरी है इस तथ्य को समझ लें.
  • दूसरों के लिए जीना अच्छी सोच है लेकिन उससे पहले खुद के लिए जीना सीखें.
  • आप हेल्दी रहेंगे तभी तो दूसरों के लिए भी कुछ कर पाएँगे.
  • हाईड्रेटेड रहें ताकि शरीर में पानी व नमी की कमी ना हो. पानी ज़हरीले तत्वों को बाहर करता है और पाचन क्रियाको बेहतर बनाता है.
  • फ़िज़िकली एक्टिव रहें. एक्सरसाइज़ व योगा करें. आप भले ही कितना भी हेल्दी खा लें पर जब तक शरीर कोक्रियाशील नहीं रखेंगे तब तक कहीं न कहीं कोई कमी रह ही जाएगी. 
  • रोज़ाना कम से कम आधा घंटा कसरत करें. जॉगिंग और वॉकिंग करें.
  • लिफ़्ट की बजाए सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. यह रूटीन आपकी मांसपेशियों को लचीला बनाएगा और पाचन कोबेहतर. 
  • ध्यान और योगा भी कर सकते हैं. मेडिटेशन से ब्रेन में हैप्पी हार्मोंस रिलीज़ होते हैं और एक नई ऊर्जा का एहसासहोता है.
  • ध्यान रहे फ़िज़िकल एक्टिविटी की कमी से क़ब्ज़ जैसी समस्या हो सकती है.
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  • हेल्दी खाना खायें. अपने दिन की शुरुआत पोषण भरे नाश्ते से करें. 
  • भले ही लंच ठीक से ना करें लेकिन नाश्ता अच्छी तरह और हेल्दी करेंगे तो फ़ैट्स से बचेंगे.
  • रिसर्च बताते हैं कि जो लोग नाश्ता करते हैं उनका एनर्जी लेवल अधिक होता है और वो दिनभर ऐक्टिव बने रहते हैं.
  • जंक फूड से बचें. हेल्दी खाना खाएँ. 
  • मंचिंग के लिए भी हेल्दी ऑप्शन पर ध्यान दें. फ़्राइड सनैक्स की बजाए ड्राई फ़्रूट्स, बेक्ड फ़ूड रखें.
  • स्ट्रेस ना लें, क्योंकि तनाव पूरे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. इस से गैस, ऐसिडिटी, क़ब्ज़ जैसी समस्या होसकती है.
  • स्ट्रेस के कारण पेट में रक्त व ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है जिससे पेट में ऐंठन, जलन जैसी समस्या होनेलगती है, साथ ही पेट में मैजूद हेल्दी बैक्टीरिया में भी असंतुलन आने लगता है.
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  • शराब व कैफेन का सेवन कम करें क्योंकि यह भीतर से शरीर को ड्राई और डीहाईड्रेट करते हैं.
  • अपने भोजन में साबूत अनाज, गाजर, ब्रोकोली, नट्स, मकई, बींस, ओट्स, दालें व छिलके सहित आलू को शामिलकरें.
  • मौसमी फल खाएँ और अपने खाने में हर रंग की फल-सब्ज़ियाँ शामिल करें.
  • दही व छाछ का सेवन करें, क्योंकि इनमें हेल्दी बैक्टीरिया होते हैं जो पेट और आँतों को स्वस्थ रखते हैं.
  • पनीर का सेवन करें क्योंकि यह वज़न को भी नियंत्रित रखने में कारगर है.
  • हफ़्ते में एक या दो दिन अपनी क्रेविंग्स के लिए रखें. मनपसंद कुछ खाएँ क्योंकि अगर आप बहुत ज़्यादा स्ट्रिक्टडायट करते हो तो बहुत ज़्यादा समय तक उसको फ़ॉलो कर पाना बेहद मुश्किल है.
  • हेल्दी सूप को अपने डायट का हिस्सा बनाएँ. 
  • किचन में मौजूद मसाले भी बहुत हेल्दी होते हैं , काली मिर्च, दालचीनी, लौंग, इलाइची,धनिया आदि को खाने में शामिल करें.
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  • अगर गले में ख़राश या सिर में दर्द हो तो चटकीभर दालचीनी पाउडर को पानी के साथ लें. यही नहीं दालचीनी वज़नभी कम करती है. इसे सलाद या दही में मिलाकर ले सकते हैं. यह मुँहासों को भी कम करता है. दालचीनी पाउडर कोपानी में मिलाकर पेस्ट तैयार करें और अप्लाई करें.
  • अगर कफ़ की समस्या हो तो सरसों के तेल में लहसुन और सेंधा नमक मिलाकर गुनगुना करें और सीने पर मालिशकरें.
  • वज़न को नियंत्रण में रखें क्योंकि बढ़ता वज़न कई बीमारियों को जन्म देता है. हार्ट से लेकर ब्लड प्रेशर औरडायबिटीज़ तक जैसी समस्याएँ बढ़ते वज़न के कारण हो सकती हैं.
  • वज़न कम करने के लिए छोटे गोल्स सेट करें और धैर्य ना खोएँ.
  • वज़न कम करने में नींबू और शहद बेहद कारगर हैं. गुनगुने पानी में रोज़ सुबह खाली पेट सेवन करें.
  • स्पोर्ट्स, स्विमिंग या डांस क्लास से जुड़ सकते हैं.
  • अपने शौक़ को ज़रूर पूरा करें, उन्हें मरने ना दें, क्योंकि यही शौक़ आपको जीवंत बनाए रखते हैं.
  • पर्सनल हाइजीन से लेकर ओरल हाइजीन तक के महत्व को समझें और उनपर ध्यान भी दें.
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  • हेल्दी सोशल लाइफ़ मेंटेन करें, क्योंकि इससे आपको अकेलापन और डिप्रेशन नहीं होगा. लोगों की मदद करें यहआपको बेहतर महसूस कराएगा.
  • पार्टी करें, दोस्तों से मिलें और रिश्तों में इंवेस्ट करें.
  • धोखा ना दें क्योंकि यह आपमें अपराधबोध की भावना को जन्म देगा और आप भीतर से अनहेल्दी मेहसूस करेंगे.
  • ज़िम्मेदारी लेना सीखें, यह आपमें आत्मविश्वास बढ़ाएगा.
  • नींद पूरी लें, यह आदत आपको कई तरह के तनावों से बचाएगी और साथ ही दिनभर ऊर्जावान रखेगी. साथ ही यहडिप्रेशन जैसी नकारात्मक भावनाओं से भी आपका बचाव करती है.
  • ओवर ईटिंग और ओवर स्लीपिंग से भी बचें, ये आपको अनहेल्दी बनाती हैं.
  • बहुत ज़्यादा टीवी ना देखें, यह आपको आलसी और इनएक्टिव तो बनाएगा ही साथ ही रिसर्च बताते हैं कि ज़्यादाटीवी देखने वालों की लाइफ़ कम होती जाती है.
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  • इसी तरह मोबाइल और बहुत ज़्यादा सोशल साइट्स पर भी ना बने रहें. ये आपके रिश्तों की सेहत के लिएहानिकारक है जिसका असर आपने शरीर पर भी पड़ता है.
  • कुकिंग थेरेपी आज़माएँ. रिसर्च के अनुसार जब आप खुद खाना बनाते हैं तो स्ट्रेस कम होता है, आप बेहतर महसूसकरते हैं, क्रिएटिव बनते हैं और हेल्दी रहते हैं.
  • नए दोस्त बनाएँ और हो सके तो पेट्स रखें. ये आपको खुश और हेल्दी रखने में मदद करते हैं.
  • खुश होने का मौक़ा ना छोड़ें. बड़ी चीज़ों की बजाए छोटी छोटी चीज़ों में ख़ुशियाँ देखें. यह आपको सकारात्मकबनाती है और मन के संतोष को दूर करती हैं.
  • ये तमाम बातें आपको पहले से ही पता होती हैं लेकिन कमी सिर्फ़ जज़्बे की होती है. बेहतर होगा बिना देर किएआज से ही हेल्दी लाइफ़ के इन सीक्रेट और सूत्रोंको अमल में लाया जाए.

सरस्वती शर्मा

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आपका फिटनेस लक्ष्य जो भी हो, आप इसे आयुर्वेद तरीक़े से प्राप्त कर सकते हैं. सुनने में अच्छा लग रहा है? निश्चित रूप से, यह हो सकता है. करोना के कारण महामारी से उपजी शहरी जीवनशैली संबंधी बीमारियों ने हमें आयुर्वेद के लिए प्रेरित किया ही है. आयुर्वेद के गुणों व लाभों का उपयोग हम ख़ुद को सेहतमंद और चुस्त-दुरुस्त रखने में कर सकते हैं.
आयुर्वेद की प्राचीन स्वास्थ्य प्रणाली जीवन, दीर्घायु और आपके समग्र कल्याण पर केंद्रित है- यह शारीरिक, मानसिक या आध्यात्मिक हो. आत्म-चिकित्सा के विज्ञान के रूप में, आयुर्वेद विभिन्न आहार, जीवनशैली, मालिश और औषधीय जड़ी-बूटियों को शामिल करता है, जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इस सन्दर्भ में डॉ. दीपेश महेंद्र वाघमारे, जो मिलेनियम हर्बल केयर के चिकित्सा सलाहकार कार्यकारी हैं, ने कई उपयोगी बातें बताई. जानते हैं कि आयुर्वेद फिट रहने में कैसे मदद करता है.

आपको ऊर्जावान बनाए रखता है…
क्या आप दिनभर के काम के बाद सुस्त महसूस करते हैं? क्या आपको सुबह उठने और जिम की क्लास या अपने योग सत्रों को पूरा करने के लिए उत्साह की कमी महसूस होती है? ऐसी स्तिथि में कॉफी या स्टेरॉयड इसका समाधान नहीं है. आपके शरीर को सुस्ती दूर करने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों की आवश्यकता होती है. अश्वगंधा, ब्राह्मी और तुलसी जैसी जड़ी-बूटियां आपके शरीर के शारीरिक और मानसिक तनाव में लचीलापन बढ़ाकर आपकी ऊर्जा बढ़ा सकती हैं. यह दिनभर अच्छा महसूस करने में भी मदद करती हैं. ऊर्जावान बने रहने के लिए इन जड़ी-बूटियों के गर्म काढ़े से अपने दिन की शुरुआत करें.

बेहतर शारीरिक क्षमता
अगर आप बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ कर रहे हैं, तो आपके स्टैमिना भी तेजी से कम होता है. मनोवैज्ञानिक तनाव और शारीरिक गतिविधि को पारस्परिक रूप से संबंधित माना जाता है. ध्यान रहे कि स्टैमिना की कमी भी एक तनावग्रस्त दिमाग़ का परिणाम है. अश्वगंधा, ब्राह्मी और शतावरी जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां शक्ति को बढ़ाने और मांसपेशियों को ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ानेे में मदद करती हैं. यह आपको मानसिक रूप से भी आराम देती हैं.
अपने दैनिक आहार में धनिया के बीज, दालचीनी, जीरा और नट्स जैसे बादाम के साथ मसाले मिलाएं. सभी सही और पर्याप्त अनुपात में मिश्रित होते हैं, जो शरीर को ऊर्जावान बनाते हैं.

मेटाबॉलिज्म में वृद्धि
यदि आपके पास एक सेलुलर मेटाबॉलिज्म है, तो आपके फिटनेस के सबसे तेज़ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं. गुडूची (टीनोस्पोरा कॉर्डिफ़ोलिया) जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां आपके आंत-स्वास्थ्य को ठीक करने में मदद करती हैं. यह आंतों में अच्छी आंत माइक्रोबायोम को बढ़ाती है, जो एक लघु-श्रृंखला फैटी एसिड का उत्पादन करती है और शरीर में वसा के भंडार को विनियमित करने में मदद करती है. सामान्य सीमा के भीतर रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में सहायता करती है.
दालचीनी जैसे मसाले आपके शरीर में वसा कोशिकाओं के निर्माण को रोकने में मदद कर सकते हैं, जबकि हल्दी या हल्दी में मौजूद करक्यूमिन वसा कोशिकाओं को प्रभावी ढंग से जलाने और शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है.
अपने नियमित आहार में काली मिर्च को शामिल करने से आपके मेटाबॉलिज्म को इसके थर्मोजेनिक प्रभाव होते हैं. एक ग्लास जीरे के पानी के साथ लेनेे सेे मदद मिल सकती है. एक ग्लास पानी में एक चम्मच जीरा उबालें. इसे सुबह लेना अधिक फायदेमंद है.

स्वस्थ शरीर
प्राचीन आयुर्वेदाचार्यों ने ‘Balaardh’ की अवधारणा की वकालत की. इसका मतलब है कि किसी भी तरह के कठोर अभ्यास के लिए शरीर की पूरी शक्ति का केवल 50% भाग का उपयोग होता है. आधुनिक फिटनेस विशेषज्ञ भी जोरदार व्यायाम सत्रों के बीच 24 घंटे के आराम की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को पूरी तरह से ठीक हो सके.
तिल के बीज के तेल के साथ एक अभ्यंग (आत्म-मालिश) जोड़ों, मांसपेशियों और ऊतकों में दर्द से राहत के लिए एक पारंपरिक प्रक्रिया है.
हल्दी और अदरक जैसी जड़ी-बूटियां सूजन को कम करने में मदद करती हैं.
अश्वगंधा और बाला मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और पोषण करने में जादुई हैं.
प्रोटीन से भरपूर फलियों को शामिल करने से आपकी मांसपेशियां मज़बूत होती हैं.
बादाम, खजूर, केसर और घी आपको पर्याप्त रूप से फिर से जीवंत करते हैं. इससे कठिन और कठोर वर्कआउट सत्रों से तेजी से उबरने में मदद कर सकते हैं.

लचीलापन
फिटनेस में हड्डी और जोड़ों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा. क्रीक्स और दर्द कम उम्र से ही आपके गति में बाधा उत्पन्न करने लगते हैं, मुख्यतः अस्वस्थ जीवनशैली के कारण महिलाओं को तीस की उम्र से ही ध्यान रखना चाहिए. आयुर्वेद कई जड़ी-बूटियों की सलाह देता है, जो पारंपरिक रूप से हड्डी की ताकत, जोड़ों के लचीलेपन में सुधार और दर्द को कम करने के लिए उपयोग किए जाते हैं.
हडजोड, सलाई गुग्गुल, अश्वगंधा और बाला जैसी जड़ी-बूटियां हड्डी की कोशिका के होमियोस्टेसिस को बहाल करने, हड्डी में सुधार और सूजन को कम करने में लाभदायक है.
दशमूल (10 जड़ी-बूटियों की जड़ें) तेल भी जोड़ों और मांसपेशियों की कठोरता को कम करने में सहायक है. इससे लचीलेपन में भी सुधार होता है.

अच्छी नींद
अच्छी नींद हमेशा ही शरीर के लिए महत्वपूर्ण है. जब आपका शरीर ख़ुद को ठीक करने और उसकी मरम्मत करने में सक्षम हो, तो आपकी फिटनेस व्यवस्था को अच्छी नींद के साथ संतुलित करना चाहिए, ताकि आप अगले दिन एक बार फिर से मैट हिट करने के लिए दौड़ें.
ब्राह्मी, शंखपुष्पी, सर्पगंधा, वचा और अश्वगंधा ऐसी आवश्यक जड़ी-बूटियां हैं, जो आपके नर्वस सिस्टम को आराम देती हैं, मानसिक थकान से राहत दिलाती हैं और आपके दिमाग़ पर शांत प्रभाव डालती हैं. आयुर्वेद स्वास्थ्य की अवधारणा का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए एक प्राचीन लेकिन अत्यंत प्रासंगिक प्रणाली है, सही लक्ष्य निर्धारित करें और सभी फिट रहें.

– ऊषा गुप्ता

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फेस्टिव सीज़न में सबसे ख़ास, सबसे ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए आपको थोड़ी तैयारी पहले से करनी होगी. अपने ब्यूटी प्लान को यदि आप 7 दिनों में बांट देती हैं, तो आप समय की बचत भी कर पाएंगी और आपके ब्यूटी प्लान में कोई कमी भी नहीं रहेगी. आपका फेस्टव लुक सबसे स्पेशल बनाने के लिए हम आपके लिए लेकर आए हैं 7 दिन का ब्यूटी प्लान (Beauty Plan).

Festival Beauty Tips

पहला दिन
* सुबह जल्दी उठें. गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीएं.
* सुबह 40 मिनट वॉक के लिए जाएं या घर में योगा व एक्सरसाइज़ करें.
* अपनी स्किन टाइप के अनुसार फेस वॉश से चेहरा धोएं.
* अल्कोहल फ्री टोनर अप्लाई करें. साथ ही मॉइश्‍चराइज़र और सनस्क्रीन लगाना न भूलें.
* मेकअप करना चाहें, तो लाइट मेकअप कर सकती हैं.
* होंठों को नर्म-मुलायम बनाए रखने के लिए रोज़ाना 3 से 4 बार होंठों पर लिप बाम लगाएं.
* घर से बाहर निकलते समय भी सनस्क्रीन साथ ले जाएं और कुछ घंटों के अंतराल पर इसे अप्लाई करें.
* धूप में जा रही हैं, तो छाता या सनग्लासेस ज़रूर साथ ले जाएं.
* घर लौटने पर या घर पर हैं तो भी, शाम के समय चेहरे पर होममेड उबटन लगाएं. इसके लिए- दूध में हल्दी और चंदन पाउडर मिलाकर उबटन तैयार करें. इस उबटन को नियमित रूप से 1 हफ़्ते तक चेहरे पर लगाएं. इससे झाइयां और कालापन दूर होता है और त्वचा की रंगत निखरती है. इस उबटन को हाथ, पैर और गले पर भी लगाएं.
* त्वचा की तरह बालों को पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है और सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है ऑयल मसाज की. सप्ताह में एक दिन ऑयल मसाज के लिए ज़रूरी है इसलिए आप भी इसके लिए वक़्त निकालें. बालों की लंबाई को देखते हुए एक कटोरी में कोकोनट ऑयल यानी नारियल का तेल लें. इसमें कुछ करीपत्ता डालकर हल्का गरम करें और बालों में लगाएं. धीरे-धीरे स्कैल्प की मालिश करें.

Festival Beauty Tips

दूसरा दिन
* नींबू और शहद मिला गुनगुना पानी पीने के बाद कम से कम 15 मिनट स्ट्रेचिंग करें.
* फिर चेहरा धोकर फ्रूट फेस पैक लगाएं. इसके लिए- एक सेब को छील व काटकर ब्लेंडर में पीस लें. इसमें 2 टेबलस्पून शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं. चेहरे पर फेस पैक लगाकर मेडिटेशन करें. इससे आपका समय भी बचेगा और आपको दुगुना फ़ायदा भी होगा. आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. फेस पैक और मेडिटेशन का ग्लो आपके चेहरे पर साफ़ नज़र आगे लगेगा.
* अगर आप वर्किंग वुमन हैं, तो ऑफिस जाने से पहले मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन लगाना न भूलें. साथ ही छाता या सनग्लासेस भी ज़रूर साथ ले जाएं.
* चेहरे के ऑयल कंट्रोल और एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन के लिए कॉम्पैक्ट भी लगाएं.
* मेकअप अप्लाई करती हैं, तो लाइट मेकअप भी कर लें.
* शाम को घर लौटने के बाद चेहरे को फेसवॉस से अच्छी तरह धो लें.
* आज के दिन आप पार्लर में जाकर फेशियल करा सकती हैं या फिर घर पर भी फेशियल कर सकती हैं. फेशियल करने के लिए आप मार्केट में उपलब्ध डायमंड, गोल्ड, सिल्वर या पर्ल फेशियल में से किसी को भी चुन सकती हैं. फेशियल से आपके चेहरे का ग्लो और बढ़ जाएगा.

Festival Beauty Tips

तीसरा दिन
* अपने दिन की शुरुआत नींबू-शहद मिले गरम पानी से करें.
* आज की सुबह जॉगिंग के लिए जाएं. इससे आपको चेंज भी मिलेगा और खुली हवा का पूरा फ़ायदा भी.
* आज बालों को शैम्पू भी कर लें. बालों को अच्छी तरह शैम्पू-कंडीशनर करने के बाद चाहें तो सीरम भी अप्लाई कर सकती हैं.
* घर से निकलने से पहले मॉइश्‍चराइज़र और सनस्क्रीन अप्लाई कर लें. अपनी पसंद का लाइट मेकअप भी कर लें. इतनी तैयारी के बाद घर से निकलते समय आप एक अलग ही कॉन्फिडेंस महसूस करेंगी.
* घर लौटने बाद पूरे शरीर को स्क्रब करें. स्क्रब बनाने के लिए एक चम्मच तिल के तेल में आधा चम्मच हल्दी और कुछ तिल मिलाकर स्क्रब तैयार करें. इस मिश्रण से शरीर को धीरे-धीरे रगड़ें. हफ्ते में एक बार ऐसा करने से त्वचा में निखार आता है.
* स्क्रबिंग के बाद गुनगुने पानी से स्नान करें. ऐसा करने से आप फ्रेश महसूस करेंगी.
* आज आप पार्लर या घर पर मेनीक्योर-पेडिक्योर कर सकती हैं.
* यदि घर पर मेनीक्योर-पेडिक्योर कर रही हैं, तो सबसे पहले पुरानी नेल पॉलिश निकाल दें. फिर अपने हाथ और पैर को नमक और माइल्ड शैम्पू मिले गुनगुने पानी में डिप करें. फिर नाखूनों को फाइल करें. अब स्क्रबर से डेड सेल निकालें. फिर साफ पानी से हाथ-पैर धोकर बॉडी लोशन लगा लें. नाखूनों पर बेस कोट लगा लें.
* आज आपको बहुत अच्छी नींद आएगी, जिससे आप सुबह फ्रेश महसूस करेंगी.

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Festival Beauty Tips

चौथा दिन
* सुबह नींबू-शहद वाला गरम पानी पीने के बाद आज 30 मिनट दौड़ें. घर लौटने के बाद थोड़ी स्ट्रेचेस और सिट-अप्स भी कर लें. वर्कआउट के कारण ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होगा और आपकी स्किन ज़्यादा ग्लो करने लगेगी.
* स्किन को और सॉफ्ट बनाने के लिए नहाने से पहले स्किन सॉफ्टनर स्क्रब अप्लाई करें. इसके लिए सरसों के दानों में दही, शहद और आटा मिलाकर पेस्ट तैयार करें. इससे धीरे-धीरे बॉडी स्क्रब करें. इसके बाद स्नान करें. स्नान के बाद आप तरोताज़ा और एनर्जेटिक महसूस करेंगी.
* घर से निकलते समय रोज़ की तरह मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन, हल्का मेकअप अप्लाई करें. सनग्लासेस पहनकर बाहर निकलें.
* शाम को लौटते समय पार्लर जाकर आईब्रो, अपरलिप, वैक्सिंग वगैरह करा लें.
* आज चाहें तो कोकोनट, ऑलिव और आल्मंड ऑयल मिलाकर हेड मसाज भी कर लें. ऐसा करने से आपको लग्ज़ीरियस स्पा का अनुभव होगा और आप अच्छा महसूस करेंगी.
* थ्रेडिंग की जलन दूर करने के लिए चाहें तो हेड मसाज के साथ ही फेस पैक भी अप्लाई कर सकती हैं. इसके लिए ऐलोवेरा जेल में खीरे का रस, दही और रोज़ ऑयल मिलाकर पैक बनाएं और उसे चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें. ये पैक आपकी स्किन को हमेशा ख़ूबसूरत बनाए रखेगा.
* सोने से पहले बॉडी लोशन या नाइट क्रीम अप्लाई करें.

Festival Beauty Tips

पांचवां दिन
* अपने डेली डोज़ यानी नींबू-शहद मिले गरम पानी से दिन की शुरुआत करें.
* आज आप 20 सूर्य नमस्कार करें. ये एक बेहतरीन वर्कआउट है और इससे आपको स्किन व हेल्थ दोनों के फ़ायदे मिलेंगे. कई सेलिब्रिटीज़ अपने दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार से ही करते हैं.
* अब अपने ऑयली बालों को शैम्पू करें. शैम्पू-कंडीशनर के बाद ज़रूरत हो तो सीरम भी अप्लाई करें.
* घर से निकलते समय स्किन को प्रोटेक्ट करने के लिए मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन, कॉम्पैक्ट आदि लगा लें. सनग्लासेस पहनना न भूलें.
* शाम को घर लौटने के बाद आज कम से कम 15 मिनट मेडिटेशन के लिए निकालें. ऐसा करने से आप रिलैक्स महसूस करेंगी.
* आज आप नेल पेंट भी अप्लाई कर सकती हैं. फेस्टिवल सीज़न में ब्राइड कलर की नेलपॉलिश अच्छी लगती है. आप अपनी पसंद और लुक के हिसाब से नेलपॉलिश का चुनाव कर सकती हैं.
* सोने से पहले चेहरे को क्लीन करना और नाइट क्रीम लगाना न भूलें.

 

Festival Beauty Tips

छठा दिन
* सुबह उठते ख़ुद को आईने में निहारें. आपको अपनी स्किन बहुत ख़ूबसूरत नज़र आएगी, आप ख़ुद को फिट महसूस करेंगी और आपका कॉन्फिडेंस बढ़ जाएगा.
* अब रोज़ की तरह अपने दिन की शुरुआत नींबू-शहद मिले गुनगुने पानी से करें.
* आज फिर से 30 मिनट दौड़ें. यकीन मानिए, आज आपको दौड़ने में बहुत ख़ुशी महसूस होगी, क्योंकि आज आप फिट महसूस कर रही हैं.
* लौटकर स्ट्रेचेस और सिट-अप्स करें.
* इसके बाद वॉर्म शावर लें, इससे आपके टॉक्सिन बाहर निकल जाएंगे. फिर ख़ुद को आईने में निहारें. यकीन मानिए, अपनी स्किन का निखार देखकर आप दंग रह जाएंगी.
* रोज़ की तरह स्किन प्रोटेक्टिव प्रॉडक्ट्स, जैसे- मॉइश्‍चराइज़र, सनस्क्रीन, कॉम्पैक्ट आदि लगाकर ही घर से बाहर निकलें.
* शाम को घर लौटने पर फेशवॉस से चेहरा धोएं और सोने से पहले नाइटक्रीम लगाएं.

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Festival Beauty Tips

सातवां दिन
* रोज़ की तरह नींबू-शहद मिला गरम पानी पीने के बाद 100 बार रस्सी कूदें और 30 मिनट मेडिटेशन करें.
* आज नहाने से पहले ब्रॉडी स्क्रब अप्लाई करें. इसके लिए आधा कप अलसी के बीज में तीन चम्मच शहद और थोड़ा-सा पानी व दूध मिलाकर स्क्रब तैयार करें. इससे चेहरे और बॉडी का मसाज करें. इस स्क्रब को अप्लाई करने बाद जब आप गुनगुने पानी से स्नान करेंगी, तो ख़ुद में नया निखार महसूस करेंगी.
* आज बालों को शैम्पू करें. शैम्पू-कंडीशनर के बाद ज़रूरत हो तो सीरम अप्लाई करें.
* अब नरिशिंग बॉडी लोशन अप्लाई करें.
* आज आपको फेस्टिवल के लिए तैयार होना है इसलिए आप हैवी मेकअप कर सकती हैं.

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ऐसे करें मेकअप की शुरुआत
* फेस्टिवल मेकअप करने के लिए सबसे पहले मॉइश्‍चराइज़र लगाएं.
* फिर अपनी स्किन टोन से मैच करता फाउंडेशन और फेस पाउडर लगाएं.
* फेस्टिवल लुक के लिए आप स्मोकी आई मेकअप कर सकती हैं.

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ऐसे करें स्मोकी आई मेकअप
स्मोकी आई मेकअप के लिए सबसे पहले एक बूंद प्राइमर आईलिड पर लगाएं. इसे लगाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि गर्मी और ऑयली फेस की वजह से आईशैडो क्रीज़ लाइन से फैल जाता है. फिर लाइट शेड का आई कंसीलर लगाएं. इसे आंखों के नीचे और आईलिड पर अच्छी तरह लगाएं. इससे आईशैडो आसानी से लगेगा. अब आंखों के कलर से मैच करता आईशैडो लगाएं औरब्रश से स्मज करें. फिर डार्क ग्रे आईशैडो आंखों की ऊपरी आईलिड पर लगाकर अच्छी तरह स्मज करें. ज़्यादा स्मोकी लुक के लिए ग्रे आईशैडो के ऊपर ब्लैक आईशैडो लगाएं. दोनों को बड़े ब्रश से ब्लेंड करें. लैशलाइन पर आईलाइनर लगाएं. लिक्विड की बजाय जेल/स्केच आईलाइनर चुनें. ये आसानी से लग जाता है. स्मोकी लुक के लिए ये बेहतर भी होता है. अब स्मजर ब्रश या आई बड की मदद से आईलाइनर को अच्छी तरह स्मज कर लें. काजल लगाकर आई मेकअप कंप्लीट करें.

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ऐसे कंप्लीट करें मेकअप
* आई मेकअप के बाद पिंक, पीच जैसे लाइट शेड का ब्लश अप्लाई करें.
* आख़िर में लिपस्टिक या लिप ग्लॉस लगाकर मेकअप पूरा करें.
* लीजिए, हो गईं आप तैयार फेस्टिव लुक के साथ.
* अब अपने आउटफिट के अनुसार हेयर स्टाइल बनाएं और पाएं परफेक्ट फेस्टिव लुक.

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Festival Beauty Tips

स्मार्ट टिप्स
* ख़ूबसूरत नज़र आने के लिए पूरी नींद लें.
* सोने से पहले मेकअप रिमूव करना न भूलें.
* हेल्दी डायट को अपनी दिनचर्या में शामिल करें.
* रोज़ान 8-10 ग्लास पानी ज़रूर पाएं.
* तनाव और प्रदूषण से दूर रहें. योग व मेडिटेशन करें.

– कमला बडोनी

शिल्पा शेट्टी: शिल्पा के सेक्सी फिगर पर ना जाने कितने मरते हैं और हर लड़की चाहती है उनकी तरह पतली कमर और हॉट फिगर. शिल्पा को ऐसी फिटनेस मिली है योगा से. शिल्पा योगा की दिवानी हैं और अक्सर योगा करते हुए वो वीडीयो शेयर भी करती हैं. शिल्पा ने योगा की डीवीडी भी रिलीज़ की हैं ताकि लोगों को इंस्पिरेशन मिले और लोग भी फिट रहना सीखें और योग करें. शिल्पा को बाबा रामदेव के योगा सेशन भी अटेंड करते देखा गया है.

Shilpa shetty

बिपाशा बासु: शिल्पा की ही तरह बिपाशा ने भी योगा फ़िटनेस डीवीडी रिलीज़ की है और बिप्स की फिट और यंग बॉडी का राज़ भी योगा में छिपा है. बिपाशा कई बार अपने पति करण सिंह ग्रोवर के साथ भी योगा करती नज़र आती हैं.

Bipasha Basu

करीना कपूर: करीना कितनी फिटनेस कॉन्शियस हैं यह तो सब जानते हैं. करीना ने ही साइज़ ज़ीरो का ट्रेंड भी शुरू किया था. करीना की सेक्सी फ़िंगर ही नहीं बल्कि ग्लोइंग स्किन का राज़ भी योगा में छिपा है. करीना को जिम जाना इतना पसंद नहीं लेकिन उन्हें अपनी फिटनेस तो बनाए रखनी थी क्योंकि वो एक एक्ट्रेस हैं इसीलिए उन्होंने योगा करना शुरू किया और अब वो अपनी फैमिली और दोस्तों को भी योग के लिए प्रेरित करती हैं. बताया जाता है कि करीना के कहने पर ही अब मलाइका भी योगा से प्यार करने लगी हैं और वो भी नियमित रूप से योगा करती हैं.

Kareena kapoor

सुष्मिता सेन: 44 को उम्र में वो इतनी हॉट और फिट हैं तो इसका राज़ छिपा है योग में. वो अपने से पंद्रह साल छोटे रोहमन को डेट कर रही हैं और दोनों साथ में बेहद प्यारे लगते हैं. सुष्मिता को अक्सर अपने बॉयफ़्रेंड रोहमन के साथ योगा करते देखा गया है. वो खुद सोशल मीडिया पर वीडीयो और पिक्स शेयर करती हैं.

Sushmita Sen

जैकलीन फर्नांडिस: जैकलीन अपना योगा रूटीन कभी मिस नहीं करतीं. समय के साथ साथ वो बेहद फिट होती गईं और इसकी वजह है योगा. वो अक्सर योगा करते हुए अपने वीडीयो और तस्वीरें शेयर करती हैं और लोग उनसे प्रेरणा भी लेते हैं क्योंकि उनके ट्रांसफ़ॉर्म को लोगों ने देखा है कि वो अब कितनी फिट हो चुकी हैं. फ़िटनेस को लेकर वो ऑनलाइन इवेंट भी करती हैं जिसमें वो सबको इंस्पायर करती हैं फ़िटनेस के लिए.

Jacqueline Fernandes

मलाइका अरोड़ा: मलाइका की फिटनेस का दीवाना तो सारा वर्ल्ड है. सब जानते हैं कि मलाइका काफ़ी जिम जाती थी और वर्कआआउट कर पसीना बहाती थीं लेकिन जबसे करीना ने उन्हें योगा के फायदों के बारे में सजग किया वो योगा करने पर ज़ोर देने लगीं और हम उनके सोशल मीडिया पर योग करते हुए पोस्ट्स देखते रहते हैं. वो योगा इवेंट्स और हेल्थ एंड वेलनेस साइट्स के साथ पार्टनरशिप और काम भी करती हैं. वो अक्सर योगा पोज़ के ज़रिए लोगों को योग करने के लिए ना सिर्फ़ प्रेरित करती हैं बल्कि इसके मानसिक फ़ायदों के बारे में भी जानकारी देती हैं.

Malaika Arora

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अधिकांश महिलाओं के लिए पीरियड्स एक बेहद दर्दनाक अनुभव होता है, उन्हें इतना दर्द होता है कि पीरियड्स को लेकर मन में डर बैठ जाता है. इससे छुटकारा पाने के लिए वो अक्सर पेनकिलर का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन दर्दनिवारक दवाओं के अपने साइडइफेक्ट होते हैं इसलिए बेहतर होगा कि घरेलू उपायों को जाना और अपनाया जाए तो बेहद सरल होने के साथ साथ कारगर भी हैं.

पपीते का सेवन: पपीते की तासीर गर्म मानी जाती है और अक्सर दर्द की वजह होती है खुलकर फ्लो का ना होना, ऐसे में पपीता खायें क्योंकि इससे खुलकर फ्लो होता है और दर्द में आराम आता है. यही नहीं पपीता पेट के लिए भी काफ़ी अच्छा माना जाता है और पाचन को सही रखता है.

अदरक और काली मिर्च: अदरक को पानी में उबाल कर चाय की तरह पिएँ. अदरक के टुकड़े करके पानी में डालकर चाय बना लें, चाहें तो काली मिर्च भी मिला लें या फिर अदरक के टुकड़े करके उन्हें चबाकर खाएँ. यह पाचन को भी बेहतर करता है.
अजवायन: यह भी पेट के लिए बेहद फ़ायदेमंद है. इसकी भी तासीर गर्म होती है और यह गैस की समस्या से निजात दिलाने में कारगर है. अक्सर माहवारी के समय गैस की समस्या बढ़ जाती है जो दर्द की एक वजह होती है.

तुलसी की पत्तियाँ: चाय में इसे डालें क्योंकि इसमें दर्दनिवारक तत्व होते हैं जो काफ़ी तहाए पहुँचाते हैं.

जीरा: यह गर्भाशय को साफ़ करता है. इसमें दर्दनिवारक गुण भी हैं. जीरे की चाय बनाकर पिएं, पानी में भी उबालकर इसे पी सकती हैं या यूं ही चटकीभर जीरा चबा चबा कर खाएँ. इससे काफ़ी आराम मिलेगा.

Menstrual Cramps

मेथी: रात को एक कप पानी में एक टीस्पून मेथीदाना भिगो दें और अगले दिन इस पानी क सेवन करें.

गर्म पानी से सिकाई: एक बोतल में गर्म पानी भरकर उससे सिकाई करें काफ़ी आराम मिलेगा. यह पारंपरिक उपाय काफ़ी लोग अपनाते हैं, क्योंकि यह सबसे आसान और कारगर भी है.

तिल का तेल: इससे पेडू में यानी पेट के निचले भाग में हल्के हाथों से मालिश करें. यह गर्माहट और आराम देगा.
एक्सरसाइज़: शोध बताते हैं कि एरोबिक्स से पेन में काफ़ी राहत मिलती है. जो महिलाएँ लगातार दो महीनों तक हफ़्ते में तीन बार आधे घंटे एरोबिक्स करती हैं उन्हें पीरियड्स में दर्द बेहद कम होने लगता है. अगर एरोबिक्स नहीं करना चाहतीं तो सिर्फ़ नंगे पैर ज़मीन पर या घास पर चलें इससे भी दर्द में आराम मिलता है. अगर आप नियमित रूप से योग करती हैं तो भी पेन में आराम मिलेगा और आप ऐसे योगा पोज़ भी ट्राई कर सकती हैं जो इस दर्द में आराम दिलाते हैं.

मेडिटेशन: सांस लेने की तकनीक आपको काफ़ी निजात दिला सकती है. यह मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और इसे रिलैक्सेशन टेकनीक ही कहा जाता है. यह रक्त संचार बेहतर करके मस्तिष्क को सुकून का एहसास कराती हैं, दर्द पैदा करनेवाले हार्मोन्स को कम करके राहत का आभास कराती है.
नमक का सेवन कम करें और पानी खूब पिएं: पीरियड्स आने से कुछ दिन पहले से नमक खाना या तो बंद कर दें या कम करें, मसालेदार भोजन, तला-भुना भी ना खाएँ और फ़र्क़ देखें. इस तरह का खाना वॉटर रिटेंशन को बढ़ाता है जिससे गैस, अपच, भारीपन होता है और दर्द का एहसास ज़्यादा होता है. साथ ही पानी खूब पिएँ ताकी डीहाईड्रेट ना हों.

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क्या आप अचानक मोटी हो गई हैं? आपकी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं आया है, आप कोई जंक फूड या तला हुआ खाना भी नहीं खा रहे हैं, आपको समझ नहीं आ रहा है कि आखिर आपका वजन क्यों बढ़ रहा है. क्या आप अपने बढ़े हुए वजन को कम नहीं कर पा रहे हैं? यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा, क्योंकि मोटापे का इमोशनल कनेक्शन भी होता है. आखिर क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन, इसके बारे में बता रही हैं ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी.

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क्या है मोटापे का इमोशनल कनेक्शन?
मोटापा ज्यादा खाने से ही बढ़े ये जरूरी नहीं है, कई बार बेवजह वजन बढ़ने लगता है और स्थिति खतरनाक हो सकती है, क्योंकि ऐसे वजन बढ़ने का संबंध हमारे इमोशनल हेल्थ यानी भावनात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. हमारी भावनाओं का हमारे शरीर पर इतना गहरा प्रभाव पड़ता है कि इससे हमें असाध्य बीमारी तक हो सकती है. स्वस्थ रहने के लिए शरीर ही नहीं, मन के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है. यदि बिना वजह आपका वजन बढ़ रहा है, तो आपको अपने भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा और इसका उपाय करना होगा.

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मोटापे का इमोशनल कनेक्शन जानने के लिए देखें ट्रांसफॉर्मेशन कोच हित्ती रंगनानी का ये वीडियो:

मोटापा कम करने के लिए अपनाएं ये 10 प्राकृतिक उपाय
मोटापा कम करने का प्राकृतिक तरीक़ा बहुत आसान है, इसके लिए आपको पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है. आइए, हम आपको मोटापा कम करने के 10 आसान और असरदार प्राकृतिक उपाय बताते हैं.

1) हेल्दी डायट का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.
2) रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले नींबू का रस और शहद मिला गरम पानी पीएं. अगर आपको अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना है, तो गरम पानी में दालचीनी मिला सकती हैं, डायबिटीज़ कम करना है तो मेथी दाना भिगोकर मिला सकती हैं, सर्दी है तो पानी में हल्दी मिला सकती हैं. इन चीज़ों से सेहत अच्छी रहती है, वज़न घटना है और ख़ूबसूरती बढ़ती है.
3) अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.
4) नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.
5) दोपहर के खाने में ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी खाएं. साथ ही हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालें खा सकती हैं. भोजन के साथ सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे- हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

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6) शाम के नाश्ते में नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.
7) रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.
8) स्लिम और जवां नज़र आने के लिए हेल्दी डायट के साथ-साथ वर्कआउट भी बेहद ज़रूरी है. इसके लिए रोज़ाना एक घंटा मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग, एक्सरसाइज़, योग, मेडिटेशन आदि के लिए ज़रूर निकालें.
9) रात में जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें, ताकि आपको पर्याप्त नींद मिल सके. सुबह जल्दी उठने से आप वर्कआउट के लिए आसानी से समय निकाल पाएंगे.
10) अपनी हॉबीज़ यानी शौक के लिए समय निकालें. हमारे शौक हमें खुश रखते हैं और हमारा तनाव दूर करते हैं, इससे इमोशनल मोटापा नहीं बढ़ता.

टेलीविज़न की मशहूर एक्ट्रेस दीपिका सिंह जितनी ख़ूबसूरत हैं, उतनी ही समझदार भी हैं. ‘दीया और बाती हम’ सीरियल की आईपीएस ऑफिसर संध्या (दीपिका का किरदार) की तरह ही दीपिका भी ज़िंदगी के हर चैलेंज का बहादुरी से सामना करती हैं. बेटे (सोहम) के जन्म के बाद दीपिका सिंह ने 18 किलो वज़न कम (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets करके एक बार फिर सबको चौंका दिया है. इतने कम समय में दीपिका ने इतना वज़न कैसे कम किया? आइए, उन्हीं से ही जानते हैं.

दीपिका, आप फिर से पहले की तरह स्लिम-ट्रिम हो गई हैं. आपने इतनी जल्दी वज़न कैसे कम किया? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
मैंने वज़न कैसे कम किया, इससे पहले मैं आपको ये बताना चाहती हूं कि मेरा वज़न इतना ज़्यादा कैसे बढ़ गया. मेरा वज़न बढ़ने के ऐसे कई कारण थे, जिन पर मेरा कोई कंट्रोल नहीं था, जैसे-
* प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड की प्रॉब्लम हो गई थी, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था.
* फिर डिलीवरी के बाद मेरे घरवालों ने मुझे ख़ूब खिलाया-पिलाया, ताकि मुझे कमज़ोरी न आ जाए और बच्चे को दूध की कमी न हो.
* हमारे यहां 40 दिन तक घर से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं है, इसलिए बैठे-बैठे बज़न और बढ़ने लगा.
* मैंने अपने बच्चे के लिए डाइपर का इस्तेमाल कभी नहीं किया. मुझे लगता है कि पीरियड्स के दौरान जब पांच दिन पैड पहनने में मुझे इतनी परेशानी होती है, तो इतने छोटे बच्चे को डायपर क्यों पहनाया जाए. जन्म के कुछ समय तक वो बार-बार कपड़े गीले करता था इसलिए मेरी नींद पूरी नहीं हो पाती थी, नींद की कमी से भी मेरा वज़न बढ़ने लगा. उस पर सोहम प्री-मैच्योर था इसलिए मैं उसका कुछ ज़्यादा ही ध्यान रखती थी.
* इस तरह मेरा वज़न 54 किलो से लगभग 72 किलो पहुंच गया. बढ़े हुए वज़न के कारण मुझे कमर दर्द की शिकायत भी होने लगी थी.

कब लगा कि अब वज़न कम करना ज़रूरी हो गया है? 
सोहम (बेटे) का जन्म 28 मई को हुआ और जुलाई की शुरुआत में जब मैंने अपना वज़न चेक किया, तो मैं हैरान रह गई. मेरा वज़न बढ़कर 72 किलो हो गया था. फिर 10 जुलाई से मैंने योगा करना शुरू किया था, लेकिन उससे भी बहुत ज़्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था. मेरी बॉडी इतनी स्टिफ हो गई थी कि मैं कुछ भी नहीं कर पा रही थी. साथ ही मुझे कमर दर्द भी हो रहा था. मैंने डांस की प्रैक्टिस भी की, लेकिन मैं डांस कर ही नहीं पा रही थी. फिर जब मेरे बर्थडे (26 जुलाई) के दिन मेरी बहन और मां ने मुझसे कहा कि तुम्हारा वज़न कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगा है, तो ये मेरे लिए एक सिग्नल था. उसके बाद से मैंने फिटनेस की तरफ़ ध्यान देना शुरू कर दिया. सोहम के जन्म के ठीक 2 महीने बाद 28 जुलाई से मैंने जिम ज्वाइन कर लिया. हालांकि मैं जिम में बहुत कम टाइम ही बिता पाती थी, क्योंकि मुझे सोहम को दूध पिलाने के लिए जल्दी घर आना होता था. ब्रेस्ट फीडिंग की वजह से मैं वेट ट्रेनिंग तो कर नहीं सकती थी, इसलिए मैं जिम में ट्रेडमिल, क्रॉस ट्रेनर, कार्डियो वगैरह ही करती थी. कई बार मैं ब्रेस्ट पंप से उसके लिए दूध भी रखकर जाती थी. इसके अलावा ब्रेस्ट फीडिंग और डांस के कारण भी मेरा वज़न तेज़ी से कम हो रहा था.

आप क्या डांस की स्पेशल ट्रेनिंग ले रही हैं?
हां, मैं ओड़ीसी डांस सीख रही हूं. हफ्ते में तीन दिन मेरे गुरु सनातन चक्रवर्ती जी मुझे ओड़ीसी डांस सिखाते हैं. मुझे डांस करना बहुत पसंद है. डांस मेरे लिए पूजा की तरह है, इससे मुझे आध्यात्मिक शांति मिलती है. जब भी मैं डांस करती हूं, तो मैं ख़ुद को एक अलग ही दुनिया में पाती हूं. मेरे ख़्याल से डांस एक अच्छी एक्सरसाइज़ है और इससे बहुत ख़ुशी मिलती है. जिम, डांस, योगा, मेडिटेशन के साथ-साथ मैंने अपनी डायट पर भी ख़ास ध्यान देती हूं.

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आपके पूरे दिन का डायट प्लान क्या होता है? (Deepika Singh’s Weight Loss Secrets)
डायटिंग का ये मतलब नहीं है कि ख़ुद को खाने इतना दूर कर लो कि आपकी इमयूनिटी ही ख़राब हो जाए. फिर कल को जब आप कोई चीज़ खाएं तो आपकी बॉडी उसे डाइजेस्ट ही न कर पाए. हर चीज़ खानी चाहिए, लेकिन लिमिट में. साथ ही रेग्युलर एक्सरसाइज़ भी करनी चाहिए, ताकि आपका खाना अच्छी तरह पच जाए. मैं बार-बार नहीं खाती. दिन में 3-4 बार ही खाती हूं, वो भी घर का बना नॉर्मल खाना.
* मैं सुबह छह बजे उठ जाती हूं. सुबह मैं एक बॉटल गर्म पानी में 1-2 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर पीती हूं. ये शरीर के टॉक्सिन बाहर निकालकर शरीर की सफ़ाई का काम करता है. ये इतना अच्छा प्रयोग है कि इसे आप सफ़र के दौरान भी कर सकते हैं. मेरा पानी पीने का भी नियम है. मैं शाम चार बजे तक ख़ूब पानी पीती हूं, उसके बाद ज़रूरत के हिसाब से पीना पीती हूं.
* 8 बजे तक मैं नाश्ता कर लेती हूं. नाश्ते में पोहा या ओट्स में मूंगफली, फ्रूट्स वगैरह डालकर खाती हूं. इससे मैं फ्रूट्स भी उसी समय खा लेती हूं.
* हफ्ते में तीन दिन सुबह दस बजे मेरी डांस क्लास शुरू हो जाती है (हंसते हुए), वो भी सोहम के हिसाब से आगे-पीछे होती रहती है. बाकी के दिन मैं योगा कर लेती हूं. साढ़े ग्यारह बजे तक डांस या योगा करने के बाद मैं शिकंजी (नींबू पानी) या छाछ पीती हूं. मुझे लो बीपी की प्रॉब्लम है इसलिए मैं नमक-शक्कर वाला नींबू पानी पीती हूं. कुछ देर बाद मन हुआ तो सलाद ले लेती हूं, नहीं तो सीधे लंच करती हूं.
* एक-डेढ़ बजे तक मैं लंच कर लेती हूं. लंच में 2 रोटी, 2 सब्ज़ी (एक सूखी और एक रस वाली), दाल, दही, हरी मिर्च, प्याज़… बिल्कुल देसी स्टाइल में खाना खाती हूं मैं. आजकल हमारे घर में राजस्थान से टीट का अचार आया हुआ है, तो मैं अचार भी स्वाद लेकर खा रही हूं.
* शाम पांच बजे मैं चाय के साथ बिस्किट या खाखरा लेती हूं. कई बार चना या मूंगफली खा लेती हूं.
* घर में खाना चाहे कितने बजे भी बने मैं शाम सात बजे अपने लिए दो परांठे बनवा लेती हूं और उन्हें सब्ज़ी या दाल जो भी मिले उसके साथ खा जाती हूं. आजकल आम आए हुए हैं, तो आम के साथ भी खा जाती हूं. सात बजे मैं डिनर कर ही लेती हूं.
* मैं सोहम को ब्रेस्ट फीड कराती हूं इसलिए मुझे 10 बजे फिर भूख लग जाती है. उस समय मैं एप्पल शेक पीती हूं. उसमें मैं फ्लैक सीड्स भी डालती हूं. मुझे एप्पल शेक बहुत पसंद है.
* मैं शुरू से अच्छा खाना खाती हूं. मैंने कभी क्रैश डायट नहीं की. हां, खाना पचाने के लिए मैं रेग्युलर एक्सरसाइज़ हमेशा करती हूं.
* वेट लॉस को लेकर मेरा जो ऑब्ज़रर्वेशन रहा है, वो है टाइमिंग. यदि आप राइट टाइम पर राइट चीज़ें और राइट प्रपोर्शन में खाते हैं, तो आपका वज़न जल्दी घटता है. रागी की रोटी खाओ, घी-तेल मत खाओ… इन सबसे कहीं ज़्यादा ज़रूरी टाइम पर खाना है. आप जिस टाइम पर खाते हैं, रोज़ उसी टाइम पर खाइए. साथ ही ख़ूब पानी पीएं, मैं हमेशा से ख़ूब पानी पीती हूं. साथ ही एक्टिव रहना, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करना भी उतना ही ज़रूरी है.
* फिट रहकर, सही डायट लेकर, रेग्युलर एक्सरसाइज़ करके हम बीमारियों से दूर रह सकते हैं, बढ़ती उम्र के संकेतों को कम कर सकते हैं और हमेशा कॉन्फिडेंट नज़र आ सकते हैं.

आपका मां बनने का अनुभव कैसा था?
सच कहूं तो दिया और बाती से भी ज़्यादा मेहनत मां बनने में लगी. मां बनना औरत के लिए एक तरह से ट्रांसफॉर्मेशन का टाइम होता है. आज जब मैं ये सब सोचती हूं तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है. मैंने पहले से ही तय कर लिया था कि मेरी डिलीवरी नॉर्मल होगी, मैं बच्चे को अपना दूध ही पिलाऊंगी और उसे डायपर नहीं पहनाऊंगी. मैंने सोहम की देखभाल के लिए मेड नहीं रखी. मुझे डर लगता है कि वो हाइजीन का ख़्याल रखेगी या नहीं. पहले मैंने मेड रखने की कोशिश की थी, लेकिन मुझे उनका काम पसंद नहीं आया. एक बार तो सोहम को आंख में इंफेक्शन हो गया था. मेड्स बच्चे को डाइपर पहनाकर फ्री हो जाती हैं इसलिए मैं अपने बच्चे को उनके हवाले नहीं करना चाहती थी.

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम हुई थी?
जैसा कि मैंने पहले भी बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे थायरॉइड हो गया था, जिसके कारण मेरा वज़न तेज़ी से बढ़ने लगा था. इसके साथ ही मुझे आठवें महीने में ही पेन शुरू हो गए थे, जिसके कारण मुझे रेस्ट करने की सलाह दी गई और डिलीवरी को नौवें महीने तक पोस्टपोन किया गया. मेरी डिलीवरी मेहर अंबे नर्सिंग होम, मुलुंड (मुंबई) में हुई थी. डॉक्टर रीता ने प्रेग्नेंसी के दौरान मुझे हेल्दी डायट और फिट रहने में बहुत मदद की. वो मुझे बताती थी वॉक ज़्यादा किया करो इसलिए मैं खाना खाने के बाद वॉक करती थी. साथ ही उन्होंने मुझे प्रेग्नेंसी के दौरान योगा करने को भी कहा. इन सबसे मेरा वज़न बहुत ज़्यादा नहीं बढ़ा और मेरा स्टेमिना भी अच्छा हो गया. वॉक और योग के कारण डिलीवरी के बाद भी मुझे काफी मदद मिली. यदि आप एक्टिव नहीं हैं, तो आपका स्टेमिना कम हो जाता है, जिससे आप बीमार जैसे दिखने लगते हैं इसलिए प्रेग्नेंट महिलाओं को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए. प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ बच्चे और मां को बहुत रिलैक्स करती है.

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Deepika Singh's Weight Loss Secrets
दीपिका सिंह के स्पेशल हेल्थ टिप्स
* जब भी मैं बहुत थक जाती हूं या मुझे लगता है कि मेरी बॉडी को रिलैक्सेशन की ज़रूरत है, तो मैं मेडिटेशन करती हूं. इससे मुझे बहुत अच्छा महसूस होता है.
* मैं बहुत ज़्यादा नहीं सोती. मैं सोने में नहीं, जीने में विश्‍वास करती हूं. मुझे उगता सूरज देखना अच्छा लगता है. सुबह की ताज़ा हवा अच्छी लगती है. मैं हमेशा जल्दी उठती हूं.
* 72 किलो से अब मैं फिर से 54 किलो की हो गई हूं इसलिए मैं बहुत ख़ुश हूं. 18 किलो वज़न घटाकर मैंने अपना टारगेट अचीव कर लिया है. अब मुझे इससे कम वज़न नहीं करना है इसलिए मैं इसे ही मेन्टेन करूंगी. अब मैं शेप में आ गई हूं इसलिए मैंने जिम जाना बंद कर दिया है. अब मैं अपने वज़न को डांस और योगा से बैलेंस कर रही हूं.
* मेटाबॉलिज़्म रेट का सीधा संबंध डायजेशन है. यदि आपका खाना ठीक से पच रहा है, तो आपका मेटाबालिज़्म भी ठीक रहेगा. इसीलिए बॉडी की सफ़ाई ज़रूरी है. दालचीनी पाउडर मिला गरम पानी यही काम करता है.
* मैं खाते समय हमेशा ये सोचती हूं कि आज न जाने कितने लोगों को खाना नहीं मिला होगा, ये सोच मुझे लिमिट में खाने में मदद करती है. आज हमारे पास पैसे ज़्यादा आ गए हैं, लग्ज़री ज़्यादा आ गई है, इसका ये मतलब नहीं कि हम उनका ग़लत फ़ायदा उठाएं.

दीपिका सिंह के ब्यूटी सीक्रेट्स
* मैंने अभी तक अपने बालों को कलर नहीं किया है. पहले कभी-कभार मैं बालों में मेहंदी लगा लेती थी, लेकिन पिछले 2 सालों से मेहंदी भी नहीं लगाई है. प्रेग्नेंसी के दौरान घरवाले कहते थे कि मेहंदी लगाने से कहीं तुमहें सर्दी न हो जाए. अब बच्चे के जन्म के बाद कहते हैं कि कहीं बच्चे को सर्दी न हो जाए इसलिए मैं अभी भी मेहंदी नहीं लगा रही हूं.
* बालों में कलर न करने की वजह ये है कि बाज़ार में भले ही अमोनिया फ्री हेयर कलर उपलब्ध हैं, लेकिन बालों में कलर प्रोटेक्ट करने के लिए जो शैंपू लगाना पड़ता है, उसमें तो केमिकल होता ही है. मैं अपने शरीर पर केमिकल का कम से कम इस्तेमाल करती हूं इसलिए मैं बालों में कलर करने से बचती हूं. मैं बालों के लिए हर्बल शैंपू इस्तेमाल करती हूं.
* शूटिंग के अलावा मैं मेकअप नहीं करती. स्किन केयर के लिए भी मैं देसी उबटन का ही इस्तेमाल करती हूं.
* मैं पल्सेस, चावल, कलौंजी और बादाम को पीसकर पाउडर बनाकर एयर टाइट कंटेनर में रख देती हूं. फिर बाथरूम में ये पाउटर एक बाउल में रखती हूं और इस उबटन को साबुन की तरह लगाकर नहाती हूं. नहाने में मुझे 15 मिनट लग जाते हैं, लेकिन ये संतुष्टि होती है कि मैंने अपने शरीर पर कोई केमिकल नहीं लगाया. बॉडी वॉश या साबुन लगाने के बाद कितना भी पानी डालो, वो बॉडी में रह ही जाता है. उबटन यदि शरीर पर रह भी जाए तो उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.
* मैं हल्दी, केसर, दूध, पपीता आदि से लेप बनाकर चेहरे पर लगाती हूं.
* इसके अलावा जब भी टाइम मिलता है, तो मैं आटे में सरसों का तेल मिलाकर बॉडी मसाज भी करती हूं, इससे त्वचा को ग्लो मिलता है.

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मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं
मेरा बचपन पहाड़गंज में बीता है, जहां आज भी लोग पानी की किल्लत झेलते हैं. बचपन में जब मैं पहाड़गंज में रहती थी, तो हमारे यहां पानी के टैंकर आते थे. मेरी मां, मैं और मेरी बहनें तीसरी मंज़िल तक बाल्टी से पानी भरकर ले जाते थे. कई बार फिसल भी जाते थे. मैंने लाइट और पानी की बहुत दिक्कत देखी है इसलिए मैं इन्हें कभी वेस्ट नहीं करती. कई बार जब लाइट चली जाती थी, तो हम लैंप में पढ़ाई करते थे. मैं आज भी घर के किसी भी रूम की लाइट, पंखा या एसी कभी खुला नहीं छोड़ती. मैं अपना अतीत नहीं भूली हूं इसलिए आज भी मैं पानी ज़रा भी वेस्ट नहीं करती. मुझे ये लगता है कि मैं अपनी तरह से कोशिश करती रहूंगी. मुझे देखकर कुछ लोग भी बदल सकें, तो मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात होगी.

– कमला बडोनी

चुलबुली और शोख़ परिणीति बेहद प्यारी हैं लेकिन वो हमेशा एक चीज़ को लेकर डरतीं थीं कि कहीं ऐसा ना हो कि वो अपने कपड़ों में फिट ना आयें. परि वैसे तो बहुत खूबसूरत हैं पर खाने की शौक़ीन भी उतनी ही हैं जिससे उनकी कमर का साइज़ 38 हो चुका था. लेकिन फ़िल्मों में काम करने के लिए फिट रहना भी ज़रूरी था तो परि ने ठान लिया कि चाहे जो हो वो अब फिट होके रहेंगी.

Parineeti Chopra

परि को एक्सरसाइज़ या वर्क आउट बिल्कुल पसंद नहीं था, लेकिन वजन कम करने के लिए उन्होंने अपनी पसंद नापसंद को दरकिनार कर लाइफस्टाइल में काफ़ी बदलाव किए. परि ने जिम भी ज्वाइन किया और साथ ही डीटॉक्स प्लान भी अपनाया, जिसका नतीजा यह हुआ कि 86 किलो की परिणीति चोपड़ा ने पूरे 28 किलो कम किए और 38 की कमर की जींस पहनने वाली परि 30 की कमर के साइज़ तक आ गईं.

Parineeti Chopra

परि के दिन की शुरूआत जॉगिंग से होने लगी हैं और इसके बाद योगा व ध्यान यानी मेडिटेशन भी वो नियमित रूप से करने लगीं. बाक़ी की एक्टिविटीज़ जैसे – स्विमिंग, घुड़सवारी, डांस भी वो रेगुलर करतीं.

Parineeti Chopra hot

एक्स्ट्रा कैलोरी बर्न करने के लिए परि कार्डियो एक्सरसाइज़ व ट्रेडमिल पर भी दौड़तीं.

लेकिन सिर्फ़ वर्क आउट करना ही काफ़ी नहीं था, डायट भी करना उतना ही ज़रूरी था और पिज़्ज़ा खाने की शौक़ीन परि ने अपने डायट को हेल्दी बनाया. वो हेल्दी ब्रेकफ़ास्ट लेतीं, जिसमें दूध, ब्राउन ब्रेड, अंडे का सफ़ेद भाग, जूस आदि होता.

लंच में होता ब्राउन राइस, दाल, सब्ज़ी, हरी सब्ज़ी, रोटी व सलाद.

डिनर में हल्का खाना और दूध लेतीं.

उनका खाना कम तेल में बना होता और जंक फ़ूड, तेल में बना, तला हुआ खाना उन्होंने बंद कर दिया. वो सोने से दो घंटे पहले डिनर कर लेतीं.
कभी कभी वो चॉकलेट शेक ज़रूर लेतीं. इस तरह परि ने अनुशासित रह के पूरे 28 किलो वज़न कम किया.

कई लोग मॉर्निंग वर्कआउट सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि सुबह सुबह उन्हें बेड से उठने का मन ही नहीं करता. न उन्हें बिस्तर छोड़ने का मन होता है न ही एक्सरसाइज-योगा का. इसलिए हम आपके लिए ले आये हैं कुछ ऐसे मॉर्निंग योगासन, जिन्हें आप बेड पर लेटे हुए भी कर सकते हैं जिससे आप दिन भर एनरजेटिक रहेंगे और तुरंत रिलैक्स भी फील करेंगे।

विपरीत करणी
अगर आप सुबह उठने के बाद ज्यादा आलस महसूस करते हैं, तो यह आसन आपके लिए बेस्ट है। इससे आपके हिप्स के मसल्स को रिलैक्स करने और ब्लड सर्कुलेशन को इम्प्रूव करने में मदद मिलती है.
कैसे करें?
1. पीठ के बल लेट जाएं.
2. अपने दोनों हाथ और पैरों को सीधा रखें. अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को 90 डिग्री कोण तक ऊपर उठायें.
3. शुरुआत में चाहें तो अपने कमर के नीचे तकिया या कंबल मोड़ के रख लें.
4. आंखें बंद रखें और इस स्थिति में आप कम से कम पांच मिनट के लिए रुकें.

सेतुबंधासन
ये आसन से आपकी नर्व और एन्डोक्राइन सिस्टम को हेल्दी बनाता है. इसके अलावा आपका मेटाबोलिज्म सही होता है और आपको तुरंत ऊर्जा मिलती है.

कैसे करें?
1. पीठ के बल लेट जाएं.
2. पैरों को मोड़कर कूल्हों के करीब ले आएं. जितना करीब हो सके, उतना लाएं.
3. सांस लेते हुए हाथों पर भार डालते हुए धीरे धीरे कूल्हों को ऊपर उठाएं.
4. पैरों को मज़बूती से टिका कर रखें. पीठ जितना हो सके, क्षमतानुसार ऊपर उठाएं.
5. इस मुद्रा में 5-10 सेकेंड रहें.

धनुरासन
इस आसन से हार्ट को ओपन करने और तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करने में मदद मिलती है. इसके अलावा आपको तुरंत एनर्जी मिलती है.
कैसे करें?

1.पेट के बल लेट जाए.
2. सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़कर अपने हाथों से टखनों को पकड़ें.
3.सांस लेते हुए आप सिर, चेस्ट एवं जांघ को ऊपर की ओर उठाएं. शरीर का भार पेट के निचले हिस्से पर लेने की कोशिश करें.
5. धीरे धीरे सांस लें और छोड़ें.

6. लम्बी गहरी सांस छोड़ते हुए पूर्वस्थिति में आ जाएं.

पश्चिमोत्तानासन
ये आसन कमर की जकड़न दूर करता है और दर्द से राहत देता है, जिससे आप दिनभर एक्टिव रह पाते हैं.
कैसे करें?
1. दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठ जाएं.
2. सांस लेते हुए अपने हाथों को ऊपर उठाएं, फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें.
3.धीरे-धीरे अपने दोनों हाथों से अपने पैरों के अंगूठों को पकड़ने की कोशिश करें और अपने नाक से घुटनों को छूने की कोशिश करें.
4. धीरे धीरे सांस लें और छोड़ें. कुछ देर इसी अवस्था में रहें.

बालासन
यह सबसे आसान और शांत मुद्रा है. इससे आप रिलैक्स फील करते हैं और आपके पैर और पीठ को स्ट्रेच मिलती है. इस पोजीशन में कम से कम तीस सेकंड तक रहें।
कैसे करें?
1. वज्रासन में बैठ जाएं.
2. अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं. सांस छोड़ते हुए धीरे- धीरे आगे की ओर झुकें. माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें.
3. दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें. शरीर को रिलैक्स रखें. लंबी-लंबी सांस लें और छोड़ें.

कोरोना महामारी से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया है. आम जनता के साथ ही बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के तमाम कलाकारों ने पीएम के इस प्रयास का समर्थन किया है. कोरोना से बचने के लिए हमारा फिट रहना बेहद ज़रूरी है, इसलिए इस क्वारंटाइन पीरियड में भी घर बैठे कैसे टीवी स्टार्स ख़ुद को फिट रख रहे हैं और कैसे लोगों को फिट रहने की सलाह दे रहे हैं, आइए जानते हैं.

गुरमीत चौधरी

गुरमीत अपनी पत्नी देबीना के साथ घर पर क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं और साथ ही दोनों फिट रहने के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं. गुरमीत ने देबीना के साथ एक्सरसाइज़ का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया. वीडियो के साथ उन्होंने सभी से घर पर ही फिट रहने और हेल्दी रहने की सलाह दी. गुरमीत ने कहा कि सभी अपने घरों में रहें और सेफ रहें. इसके अलावा वो देबीना के साथ डांस करते हुए भी वीडियो डाल रहे हैं. फिट रहने के लिए डांस से बेहतर भला क्या हो सकता है.
आप भी देखें ये वीडियो.

अदा ख़ान

टीवी की नागिन अदा ख़ान ने भी अपनी फिटनेस ट्रेनर के साथ फोटो शेयर की है. उन्होंने कहा कि सुबह जल्दी उठकर वो एक ऐसी जगह वर्कआउट कर रही हैं, जहां बहुत कम लोग आते हैं. हम जिम नहीं जा सकते, इसलिए मेरी ट्रेनर ने मुझे क्रॉस कोर टेक्निक सिखा रही हैं, जहां वेट की बजाय हम अपने शरीर के वेट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके अलावा हम रनिंग कर रहे हैं.

हिना ख़ान

hina khan staying fit

हिना ख़ान अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियोज़ और फोटोज़ शेयर कर रही हैं, जिसमें वो सभी को फिट रहने की सलाह दे रही हैं. इस समय हम सभी को फिट रहने की ज़रुरत है, इसलिए अपने क्वारंटाइन समय का सदुपयोग करें.

कुनाल ठाकुर

कसौटी ज़िंदगी की से मशहूर हुए कुनाल ठाकुर भी इन दिनों अपने फिटनेस पर फोकस कर रहे हैं. वो रोज़ाना घर पर ही वर्कआउट कर रहे हैं और स्ट्रिक्ट डायट फॉलो कर रहे हैं.

विजयेंद्र कुमेरिया

टीवी एक्टर विजयेंद्र ने हाथ में डंबल्स लिए सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए कहा कि मैंने अपना वर्कआउट रूटीन पहले से ही प्लान कर लिया है. अपनी मनपसंद डिशेज़ का लुत्फ़ भी उठाऊंगा और कैलोरीज़ भी बर्न करूंगा.

– अनीता सिंह

 

The Fitness Project by Rujuta Diwekar

फिटनेस प्रोजेक्ट: घी खाएं बिना डरे, बिना शंका व अपराधबोध के… रुजुता दिवेकर का फिटनेस मंत्र (Eat Ghee Without Fear, Without Guilt, Without Doubt: The Fitness Project by Rujuta Diwekar)

फिटनेस प्रोजेक्ट की थीम के अंतर्गत हमने आपको पहले हफ्ते की गाइडलाइन्स की जानकारी दी थी. अब आप जानें कि दूसरे हफ्ते में आपको कैसे डायट व फिटनेस को प्लान करना है.
ब्रेकफास्ट-लंच-डिनर में 1 टीस्पून घी का इस्तेमाल ज़रूर करें. बिना किसी डर के, बिना किसी शंका के, बिना किसी झिझक के और बिना अपराधबोध के बेहिचक, बेझिझक देसी घी का इस्तेमाल ज़रूर करें.

दूसरा हफ्ता- गाइडलाइन 2- कैसे शुरुआत करें?

– आप अपना नाश्ता अपनी पहली मील, जिसे आप पहले हफ्ते से फॉलो कर रहे हैं, उसके 20-90 मिनट बाद ले सकते हैं.

– दोपहर में यदि मीठा खाने की इच्छा हो या फिर आलस महसूस हो यानी आपको यह लगे कि आप अपनी क्षमता का मात्र 50% ही इस्तेमाल करके काम कर रहे हैं, तो लंच में एक्स्ट्रा टीस्पून देसी घी का डालें.

– यदि आपको कब्ज़ की समस्या रहती है, पाचन संबंधी समस्या रहती है या अच्छी नींद नहीं आती, तो रात के खाने में भी एक अतिरिक्त टीस्पून घी का इस्तेमाल करें.

घी के इस्तेमाल के अन्य तरीके, ख़ासतौर से सर्दियों में अपने जोड़ों को लचीला व त्वचा को ग्लोइंग इफेक्ट देने के लिए-
– घी में मखाने भूनकर खाएं, मिड मील यानी चाय के साथ लगभग 4 बजे.

– देसी घी में बने गोंद के लड्डू, ख़ासतौर से यदि आप उत्तर भारत या दुनिया में कहीं भी बेहद ठंडी जगहों पर रहते हों, तो मिड मॉर्निंग मील (नाश्ते के 2-3 घंटे बाद) के तौर पर खाएं.

– घी और गुड का सेवन करें, यदि आपको पीएमएस यानी पीरियड्स से पहले की तकलीफ़ होती हो, थकान महसूस होती हो या आपको हीमोग्लोबिन स्तर कम हो तो.

यह भी पढ़ें: फिटनेस का मतलब वेटलॉस या पतला होना नहीं होता… रुजुता दिवेकर का फिटनेस मंत्र! (Theme- Fitness Is Simple And Uncomplicated- The Fitness Project By Rujuta Diwekar)

आमतौर पर पूछे जानेवाले सवाल

मुझे हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर आदि की समस्या हो, तो क्या घी का सेवन किया जा सकता है?
जी बिल्कुल. घी मेटाबॉलिज़्म में लिपिड्स को बढ़ाकर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है. बेहतर होगा पैक्ड बिस्किट्स न खाएं और अल्कोहल बंद करें, न कि घी. घी पूरी तरह सुरक्षित व हेल्दी है.

मुझे डायबिटीज़, पीसीओडी है और मैं ओवरवेट हूं, तो क्या मैं घी ले सकता/सकती हूं?
जी हां, ज़रूर ले सकते हैं, क्योंकि घी में भी एसेंशियल फैटी एसिड का एक प्रकार होता है, जो वज़न और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करता है.

हम देसी घी में ही खाना बनाता है, इसके बाद भी क्या ऊपर से अतिरिक्त घी डालेन की आवश्यकता है?
यह पूरी तरह आप पर निर्भर है. यह ख़्याल रखें कि आप दिन में 3-6 टीस्पून घी का सेवन करें. घी खाने का स्वाद बढ़ाता है, न कि उसे मास्क करता है.

हम तेल में खाना बनाते हैं, तो क्या हमें ऊपर से घी मिलाना चाहिए?
जी हां, ज़रूर.

क्या स्टोर से ख़रीदा घी ठीक रहेगा या हमें घर पर बनाना चाहिए?
आपको यह ध्यान में रखना होगा कि देसी गाय के दूध से बना घी हो. बड़े ब्रान्ड्स की बजाय छोटी गौशाला या महिला गृह उद्योग जैसी संस्थाओं से लेना श्रेयस्कर है.

अगर देसी गाय का घी उपलब्ध न हो, तो क्या भैंस का घी इस्तेमाल किया जा सकता है?
जी हां, आप कर सकते हैं. यह बड़े ब्रान्ड्स से घी ख़रीदने से कहीं बेहतर होगा.

भारत के बाहर रहनेवालों के लिए क्या विकल्प हैं?
कल्चर्ड व्हाइट ऑर्गैनिक बटर या क्लैरिफाइड बटर, जो हेल्थ फूड स्टोर्स पर मिलता हो. बेहतर होगा कि खुले में स्वतंत्र चरनेवाली या घास खानेवाली गाय के ही डेयरी प्रोडक्ट्स यूज़ करें.

क्या हमें मांसाहार पर भी घी का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि वो तो पहले से ही काफ़ी फैटी होता है.
आपको ज़रूर देसी घी यूज़ करना चाहिए, क्योंकि घी का अनूठा फैटी एसिड स्ट्रक्चर शरीर के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है.

हमें कैसे पता चलेगा कि हर खाने में कितना और कितनी मात्रा में घी का इस्तेमाल करना है?
यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या खा रहे हैं और यह जानकारी एक परिपेक्ष में सामान्यतौर पर समझ के लिए है. दाल-चावल, खिचड़ी या रोटी-सब्ज़ी में कम घी यूज़ होता है, जबकि पूरन पोली, दाल-बाटी, बाजरा रोटी में अधिक घी की आवश्यकता होती है. यदि किसी तरह का कंफ्यूज़न हो, तो घर की बुज़ुर्ग यानी दादी-नानी से सलाह लें.

घी व उसके इस्तेमाल से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इंडियन सुपरफूड्स का घी चैप्टर पढ़ें.

घी के हेल्थ बेनीफिट्स के लिए देखें यह वीडियो

Why you must add Ghee in your meals

The fitness project 2018 – week 2 guideline #RDfitnessproject2018

Posted by Rujuta Diwekar on Tuesday, 9 January 2018

सौजन्य: https://www.rujutadiwekar.com

Rujuta Diwekar

फिटनेस का मतलब वेटलॉस या पतला होना नहीं होता… रुजुता दिवेकर का फिटनेस मंत्र! (Theme- fitness is simple and uncomplicated- The Fitness Project by Rujuta Diwekar)

– फिटनेस बेहद सिंपल है, इसमें आपको क्रांतिकारी डायट प्लान या वर्कआउट्स करने की ज़रूरत ही नहीं.
– दरअसल फिटनेस का मतलब ही लोग ग़लत समझते हैं. फिटनेस का अर्थ पतला हो जाना या वेटलॉस नहीं होता.
– फिटनेस वो होती है, जो आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करती है, उस पर असर डालती है, जैसे- आपका एनर्जी लेवल, नींद की क्वालिटी, पाचन शक्ति आदि.
– रुजुता दिवेकर ने अपने 12 हफ़्तों के फिटनेस प्रोजेक्ट को जब लॉन्च किया था, तो उन्हें बहुत ही ज़्यादा लोगों का समर्थन मिला.
– लोगों को इससे बेहद लाभ भी मिला. उनके इंचेज़ कम हुए और वो अधिक फिट महसूस करने लगे.
पहला हफ़्ता- गाइडलाइन 1- कैसे शुरुआत करें?
– अपने दिन की शुरुआत एक केले से करें या किसी भी फ्रेश फ्रूट से या फिर आप भिगोए हुए बादाम या किशमिश भी ले सकते हैं. चाय-कॉफी से अपना दिन शुरू न करें.
– हां, 10-15 मिनट बाद आप चाय-कॉफी ले सकते हैं.
– यह उठने के 20 मिनट के भीतर ही खा लें और अगर आपको थायरॉइड है, तो गोली लेने के बाद यह मील लें.

यह भी पढ़ें: आर्ट ऑफ ईटिंग राइट: सही खाना और कैलोरीज़ गिनना एक-दूसरे के विपरीत है- रुजुता दिवेकर (Indian Food Wisdom And The Art Of Eating Right By Rujuta Diwekar)

– केला दरअसल उनके लिए सही होता है, जिन्हें या तो पाचन संबंधी समस्या होती है या फिर खाने के बाद कुछ मीठा खाने का मन होता है. बेहतर होगा ताज़ा लोकल वेरायटी का केला लें. हफ़्ते में 2-3 बार ख़रीदें और उन्हें प्लास्टिक बैग की बजाय कपड़े के थैले में लाएं.
– 7-8 भीगी हुई किशमिश केसर के एक या दो स्ट्रैंड के साथ खाएं, यदि आप लो एनर्जी महसूस करते हैं या आपको पीएमएस की बहुत अधिक समस्या है.
– 4-6 भिगोए व छीले हुए बादाम उनके लिए, जिन्हें डायबिटीज़, पीसीओडी, नींद की समस्या, लो फर्टिलिटी है. पीसीओडी की समस्या है, तो पीरियड्स से 10 दिन पहले किशमिशवाले प्लान पर आ जाएं.
– सुबह के इस मील के बाद आप 15-20 मिनट योगा या वर्कआउट कर सकते हैं.
– अगर वर्कआउट नहीं करते, तो इसके बाद एक घंटे के भीतर ही नाश्ता कर सकते हैं.
– सुबह जो पानी पीते हैं, उसे प्लेन ही रखें, उसमें कुछ भी न मिलाएं.
यह पहले हफ़्ते के लिए गाइडलाइन है, उसके बाद हम धीरे-धीरे एक-एक हफ़्तों की गाइडलाइन पर बात करेंगे.

इस फिटनेस प्रोजेक्ट को बेहतर समझने के लिए देखें यह वीडियो

Start your day with banana/ dry fruits

‘The fitness project 2018’ – an open participation public health project – Week 1 guideline#RDfitnessproject2018

Posted by Rujuta Diwekar on Tuesday, 2 January 2018

सौजन्य: https://www.rujutadiwekar.com