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फिल्म ‘बैंक चोर’ चुराएगी आपका दिल (Movie Review: Bank Chor)

Bank Chor Review

फिल्म- बैंक चोर

स्टारकास्ट- रितेश देशमुख, विवेक ओबेरॉय, रिया चक्रवर्ती, भुवन अरोड़ा , विक्रम थापा

निर्देशक – बम्पी

रेटिंग- 3 स्टार

bank-chor-movie-review-759 (1)विवेक ओबेरॉय और रितेश देशमुख की जोड़ी को आप पहले भी मस्ती, ग्रैंड मस्ती, द ग्रेट ग्रैंड मस्ती में साथ देख चुके हैं. एक बार फिर इनकी जोड़ी साथ नज़र आ रही है फिल्म बैंक चोर में. फिल्म का प्रमोशन तो जमकर किया गया है, आइए, जानते हैं कैसी है फिल्म.

कहानी

बैंक चोर नाम से ही ज़ाहिर होता है कि चोर बैंक को लूटने आते हैं, लेकिन इस दिखाने का अंदाज़ मज़ेदार है. कहानी है चंपक (रितेश देशमुख) और उसके दो दोस्तों- गेंदा और गुलाब की. एक दिन तीनों एक बैंक को लूटने का प्लान बनाते है. अब जहां चोर होंगे, वहां पुलिस की एंट्री तो होगी ही. जैसे ही चंपक अपने दोस्तों के साथ बैंक लूट रहे होते हैं, वहां पुलिस आ जाती है. इंस्पेक्टर अमज़द खान (विवेक ओबेरॉय) इन चोरों को पकड़ने पहुंचते हैं. मीडिया को इस लूट की ख़बर लग जाती है. कुल मिलाकर सब इन चोरों के पीछे पड़ जाते हैं, लेकिन कहानी में टि्वस्ट तब आता है, जब ये चोर कुछ ऐसा करते हैं कि वो हीरो बन जाते हैं. क्या है वो टि्वस्ट ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

किसकी ऐक्टिंग में है दम?

रितेश देशमुख की ऐक्टिंग और कॉमिक टाइमिंग हमेशा की तरह कमाल है. उनके दोस्त बने भुवन अरोड़ा और विक्रम थापा ने अच्छा काम किया है. डायलॉग्स मज़ेदार हैं और आपको ख़ूब हंसाएंगे. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर भी अच्छा है. दिल्ली और मुंबई की भाषा में होने वाली नोकझोंक भी मज़ेदार है. विवेक ओबेरॉय भी अपने किरदार में जंच रहे हैं.

फिल्म देखने जाएं या नहीं?

अगर आपको कॉमेडी फिल्में पसंद हैं, तो एक बार ये फिल्म देख सकते हैं. वैसे भी रितेश देशमुख और विवेक ओबेरॉय जब एक साथ एक ही फिल्म हों, तो एक बार फिल्म देखनी तो बनती ही है.

FILM REVIEW: कुंग फू योगा है पैसा वसूल फिल्म (Movie Review: Kung Fu Yoga)

फिल्म- कुंग फू योगा (Kung Fu Yoga)
स्टारकास्ट- जैकी चैन, सोनू सूद, अमायरा दस्तूर, दिशा पटानी
निर्देशक- स्टेनली टोंग
रेटिंग- 2.5 स्टार
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हॉलीवुड फिल्म कुंग फू योगा भारत में रिलीज़ हो गई है. फिल्म में तीन बॉलीवुड कलाकार सोनू सूद, अमायरा दस्तूर और दिशा पटानी भी हैं. भारता, चाइना और दुबई में शूट हुई इस फिल्म में जैकी चैन के ऐक्शन सीन्स देखने लायक हैं.
कहानी
जैक (जैकी चैन) चाइना के एक मशहूर आर्कियॉलजिस्ट है और उनकी असिस्टेंट हैं कायरा (अमायरा दस्तूर). जैकी एक भारतीय प्रोफेसर अश्मिता (दिशा पटानी) के साथ मिलकर एक टीम बनाते हैं और तिब्बत में खोए भारतीय खजाने की तलाश में निकल जाते हैं. खजाने की तलाश के दौरान जैक की टीम का सामना रैंडल (सोनू सूद) से होता है, रैंडल इस छुपे खजाने को अपने पूर्वजों का खजाना बताते हैं. इन दोनों की लड़ाई में कौन जीतता है, इसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी.
फिल्म की यूएसपी और कमज़ोरी
फिल्म की यूएसपी है जैकी चैन का ऐक्शन और उनका बॉलीवुड डांस. इसके अलावा फिल्म में इस्तेमाल की गईं लग्ज़री कारें भी आपको पसंद आएंगी. फिल्म में लग्जरी कार रेस देखने लायक है. दिशा पटानी और अमायरा दस्तूर के ऐक्शन सीन भी काफ़ी अच्छे हैं.
फिल्म देखने जाएं या नहीं?
अगर आप जैकी चैन के फैन हैं और ऐक्शन फिल्में पसंद करते हैं, तो ये फिल्म देख सकते हैं. ऐक्शन फिल्में पसंद करने वालों के लिए ये फिल्म पैसा वसूल साबित होगी. लेकिन जिन्हें ऐक्शन फिल्में नहीं पसंद उन्हें ये फिल्म बोर करेगी.
– प्रियंका सिंह

FILM REVIEW: बैंजो है पैसा वसूल फिल्म (Banjo: worth watching)

फिल्म- बैंजो
स्टारकास्ट- रितेश देशमुख, नर्गिस फाकरी
निर्देशक- रवि जाधव
रेटिंग- 3 स्टार
मराठी फिल्मों के निर्देशक रवि जाधव ने बैंजो फिल्म के ज़रिए बॉलीवुड में कदम रखा है. रवि की ये कोशिश कुछ हद तक कामयाब होती नज़र आ रही है. बैंजो के लिए दर्शकों को अपनी जेब ढीली करनी चाहिए या नहीं, आइए जानते हैं.1
कहानी

लगभग 138 मिनट लंबी इस फिल्म में आपको मुंबई का एक अलग ही रंग नज़र आएगा. रितेश देशमुख फुल मुंबईया अंदाज़ में नज़र आएंगे. नंदकिशोर उर्फ तरात यानी रितेश देशमुख फिल्म में बैंजो प्लेयर बने हैं, जो वहां के एक लोकल नेता के साथ काम करने के अलावा फंक्शन्स में परफॉर्म भी करता है. एक अच्छे बैंजो प्लेयर की तलाश में क्रिस यानी नर्गिस फाकरी न्यूयॉर्क से आती है, ताकि वो गाने रिकॉर्ड करके एक म्यूज़िक कॉम्पटिशन में भेज सके. लेकिन कहानी सिर्फ़ इतनी-सी नहीं है. इसमें कई टि्वस्ट हैं, जिसके लिए आपको थिएटर तक जाना पड़ेगा.8

फिल्म की कमी और यूएसपी
फिल्म में रोमांस, डांस, म्यूज़िक, कॉमेडी हर चीज़ का तड़का है. रितेश देशमुख का लुक और डायलॉग्स आपको ज़रूर पसंद आएंगे. यूं तो फिल्म की शुरुआत ठीक ठाक है, लेकिन फिल्म का सेकंड हाफ ज़्यादा अच्छा है, जो दर्शकों को बांधे रखेगा. विशाल-शेखर का संगीत इस फिल्म की जान है.9फिल्म देखने जाएं या नहीं?

ये फिल्म एक बार देखने जैसी ज़रूर है. अगर आप बैंजो सुनना पसंद करते हैं और रितेश के फैन हैं, तो ये फिल्म आपको निराश नहीं करेगी.