gandhi

राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी पर बॉलीवुड में कई फिल्में बनी हैं, लेकिन महात्मा गांधी पर बनी 5 फिल्में हर भारतीय को देखनी चाहिए, क्योंकि इन फिल्मों से गांधी जी के जीवन की सच्चाई जानने को मिलती है. इन फिल्मों को देखकर आप बापू के बारे में बहुत कुछ जान सकेंगे. गांधी जयंति पर आप भी देखें महात्मा गांधी पर बनी ये 5 फिल्में.

 Bollywood Movies Based On Mahatma Gandhi

1) गांधी (1982)
अंग्रेज़ गांधी जी के जीवन से बहुत प्रभावित थे. उनके लिए ये दुनिया का सबसे बड़ा आश्‍चर्य था कि एक अहिंसा के पुजारी ने उनकी सत्ता को भारत से उखाड़ फेंका था. ये गांधी जी के जीवन का प्रभाव ही था कि रिचर्ड एटनबरो ने साल 1982 में राष्ट्रपिता के जीवन पर आधारित फिल्म गांधी बनाई थी. इस फिल्म को वर्ष 1983 में दो श्रेणियों में ऑस्कर पुरस्कार मिला था. एटनबरो को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का अवॉर्ड मिला था और फिल्म गांधी को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवॉर्ड मिला था.

Gandhi (1982)

2) द मेकिंग ऑफ महात्मा (1996)
मशहूर फिल्म मेकर श्याम बेनेगल की फिल्म द मेकिंग ऑफ महात्मा में गांधी जी के जीवन के उस दौर को दर्शाया गया है, जब बापू दक्षिण अफ्रीका में बैरिस्टर बनने की प्रैक्टिस कर रहे थे. इस फिल्म में बताया गया है कि किस तरह गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के लोगों और महिलाओं के लिए अहिंसक लड़ाई लड़ी थी. द मेकिंग ऑफ महात्मा फिल्म में गांधी जी का किरदार रजित कपूर ने निभाया है. द मेकिंग ऑफ महात्मा फिल्म को नेशनल अवॉर्ड मिला है.

The making of mahatma

3) हे राम (2000)
वर्ष 2000 में रिलीज हुई फिल्म हे राम सुपरस्टार कमल हासन ने बंटवारे और महात्मा गांधी की हत्या की पृष्ठभूमि पर बनाई थी. यह फिल्म भारत के विभाजन और महात्मा गांधी की हत्या की दास्तां बयां करती है. फिल्म में गांधी जी का किरदार नसीरुद्दीन शाह ने निभाया था. फिल्म में कमल हासन के साथ रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में थे.

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Hey ram

4) लगे रहो मुन्नाभाई (2006)
फिल्म निर्देशक राजकुमार हिरानी की फिल्म लगे रहो मुन्नाभाई में गांधी के विचारों और सिद्धातों को बेहद सरल तरीके से बताया गया है. महात्मा गांधी के जीवन पर बनी अन्य फिल्मों के मुकाबले ये फिल्म बिल्कुल अलग है. इस फिल्म में मनोरंजन के साथ-साथ बहुत ही सादगी से गांधी जी के विचारों और सिद्धातों को प्रस्तुत किया गया है.

Lage Raho Munna Bhai

5) गांधी माई फादर (2007)
गांधी माई फादर गांधी जी और उनके बेटे हरि लाल के रिश्तों पर बनी बहुत ही भावुक फिल्म है. फिरोज अब्बास मस्तान की डायरेक्शन में बनी फिल्म गांधी माई फादर में दिखाया गया है कि जो लोग अपना पूरा जीवन देश के नाम कर देते हैं, उनके परिवार को इसकी क्या-क्या कीमत चुकानी पड़ती है. इस फिल्म में गांधी जी का किरदार दर्शन जरीवाला ने निभाया है और उनके बेटे का किरदार अक्षय खन्ना ने निभाया है. दर्शन जरीवाला को गांधी माई फादर फिल्म में गांधी का किरदार निभाने के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है.

Gandhi My Father

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Akshay Khannaअपने अलग अंदाज़ और ऐक्टिंग से बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने वाले अक्षय खन्ना आज हो गए हैं 42 साल के. यूं तो स्टार किड होने के नाते बॉलीवुड में एंट्री लेने के लिए उन्हें स्ट्रगल नहीं करना पड़ा, लेकिन बॉलीवुड में ख़ुद को साबित करने के लिए अक्षय को मेहनत करनी पड़ी. अक्षय ने हिमालय पुत्र से अपने करियर की शुरुआत की, फिल्म भले ही फ्लॉप रही, लेकिन अक्षय को लोगों ने नोटिस किया. इसके बाद रिलीज़ हुई फिल्म बॉर्डर ने अक्षय के करियर को कुछ वक़्त तक संभाले रखा, लेकिन अक्षय को अब भी एक ऐसी फिल्म की तलाश थी, जो उन्हें ऐक्टर को तौर वो पहचान दिलाए, जिसके वो हकदार थे. साल 2001 अक्षय के करियर के लिए लकी साबित हुआ, जब उन्हें मिली फिल्म दिल चाहता है. इस फिल्म से शुरु हुआ सफलता का दौर, ताल हलचल, हंगामा, हमराज़, रेस जैसी फिल्मो में उनकी ऐक्टिंग को सराहा गया. सिर्फ़ हीरो ही नहीं, विलेन के किरदार में भी अक्षय को पसंद किया गया. निगेटिव रोल से लेकर कॉमेडी तक हर तरह का किरदार अक्षय ने निभाया है. फिल्म गांधी, माय फादर में उन्होंने मोहनदास गांधी के चौथे बेटे हरिलाल गांधी का किरदार निभाकर साबित कर दिया की गंभीर रोल को भी निभाने की
क्षमता उनमें है. लंबे ब्रेक के बाद अक्षय फिल्म ढिशूम में नज़र आए थे. भले ही अक्षय कम ही फिल्में करते हैं, लेकिन हर फिल्म में अपनी ऐक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लेते हैं.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की ओर से उन्हें जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं.

देखें उनकी फिल्मों के ये टॉप 10 सॉन्ग्स.

फिल्म- ताल

फिल्म- हमराज़

फिल्म- बेनक़ाब

फिल्म- दिल चाहता है

फिल्म- रेस

फिल्म- दहक

https://www.youtube.com/watch?v=YLQ3_TJ81oQ

फिल्म- बॉर्डर

फिल्म- हंगामा

फिल्म- हलचल

https://www.youtube.com/watch?v=UPxWZmFd5H8

फिल्म- आ अब लौट चलें

https://www.youtube.com/watch?v=DIbc7G-q6Rg

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  • 7 जनवरी, 1961 को जन्मीं बेहतरीन अदाकारा सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) मशहूर अभिनेत्री व थियेटर आर्टिस्ट दीना पाठक की बेटी हैं.
  • फिल्मी खानदान से ताल्लुक रखनेवाली सुप्रिया के पति पंकज कपूर एक उम्दा कलाकार हैं, तो बेटी सना कपूर ने फिल्म शानदार से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की है.
  • सुप्रिया पाठक की बहन रत्ना पाठक और जीजा नसीरूद्दीन शाह किसी परिचय के मोहताज नहीं. उनकी कला के करोड़ों कद्रदान हैं.

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  • सुप्रिया ने अपने करियर की शुरुआत 1981 में फिल्म कलयुग से की, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी मिला.
  • उसके बाद विजेता, बाज़ार, मिर्च-मसाला, गांधी, राख और शहंशाह जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी अदाकारी के जौहर दिखाए.
  • 1986 में सागर सरहदी की फिल्म अगला मौसम की शूटिंग के दौरान सुप्रिया की मुलाकात पंकज कपूर से हुई और दो साल बाद उन्होंने शादी कर ली. हांलाकि यह फिल्म कभी रिलीज़ ही नहीं हुई.

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  • हिंदी के अलावा सुप्रिया ने फ्रेंच फिल्म द बेंगॉली नाइट में भी काम किया है.
  • कुछ सालों के ब्रेक के बाद 2005 में फिल्म सरकार से उन्होंने सिल्वर स्क्रीन पर वापसी की. उसके बाद वो वेक अप सिड और गोलियों की रासलीला- राम लीला में नज़र आईं.
  • सुप्रिया ने इधर-उधर, एक महल हो सपनों का, खिचड़ी, बा बहू और बेबी जैसे टीवी सीयिल्स से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया, हांलाकि खिचड़ी में निभाए उनके किरदार हंसा पारेख ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया. हंसा पारेख का अंदाज़ आज भी लोगों के दिलों में बसा है.
  • मेरी सहेली की ओर से सुप्रिया पाठक को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं.

     

–  अनीता सिंह