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भक्तिमय सितारों की दुनिया (Film Stars Bring Ganapati Bappa Home)

Film Stars Ganpati

गणेशोत्सव (Ganeshotsav) के समय हर तरफ़ हर कोई गणेश भक्ति के रंग में रंगा दिखाई देता है. इसमें सेलिब्रेटीज़ (Celebrities) भी पीछे नहीं है. फिर चाहे वो फिल्मी सितारे हों या टीवी स्टार्स. टीवी-फिल्मों की तरह सितारे व्यक्तिगत जीवन में भी गणेश उत्सव को पूरे हर्षोल्लास व धूम-धड़ाके के साथ मनाते हैं. आज भी कलाकारों ने पूरी श्रद्धा व धूमधाम से गणेश भगवान को अपने घर में स्थापित किया है.

हर साल कपूर फैमिली, रणबीर कपूर, अजय देवगन, विवेक ओबेरॉय, सलमान ख़ान, संजय दत्त, रितेश देशमुख इत्यादि स्टार्स के यहां श्रीगणेशजी के आगमन की ख़ूब धूम रहती है.

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इस बार पति राज कुंद्रा व बेटे विवान के साथ गणपति बप्पा को घर लाने की ख़ुशी शिल्पा शेट्टी के चेहरे देखते ही बन रही थी. वे पूरी तरह से भगवान गणेशजी के भक्ति में रंगी थीं. उनके अलावा माधुरी दीक्षित, सोनू सूद, रश्मि देसाई, देवलीना भट्टाचार्य, कांची सिंह, शरद मल्होत्रा, रूबीना दिलेक, डेज़ी शाह कलाकार भी गणेशजी की पूजा-वंदना में मग्न रहे. सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं! आइए देखते हैं कलाकारों को ईश्वर की भक्ति में डूबे…

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भक्ति के साथ अनुष्का शर्मा और वरुण धवन ने अपनी फिल्म ‘सुई धागा’ का प्रमोशन भी कर डाला. सही है, बोलो गणपति बप्पा मोरया!

गणेशजी से जुड़े रोचक तथ्य (19 Surprising Things You Didn’t Know About Lord Ganesha)

गणेशजी से जुड़े रोचक तथ्य

गणेशजी से जुड़े रोचक तथ्य

* कुण्डलिनी योग के अनुसार, सात कुण्डलिनी चक्रों में से पहला चक्र, जो हमारी रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से या आधार में स्थित मूल चक्र गणेशजी का निवास स्थान है.

* महर्षि व्यास की महाभारत गणेशजी ने लिखी थी. वे बोलते गए, गणेशजी लिखते रहे. लिखने के लिए उनके पास कुछ नहीं था, तो उन्होंने अपना एक दंत तोड़कर महाभारत लिखी, जिससे वे एकदंत कहलाए.

* गणेश भगवान के कानों में वैदिक ज्ञान, मस्तक में ब्रह्म लोक, आंखों में लक्ष्य, दाएं हाथ में वरदान, बाएं हाथ में अन्न, सूंड में धर्म, पेट में सुख-समृद्धि, नाभि में ब्रह्मांड और चरणों में सप्तलोक है.

* हर युग में गणेश भगवान के अलग-अलग रूप की आराधना की गई है. गणेश पुराण के अनुसार, सतयुग में उनका दस भुजाओंवाला सिंह की सवारीवाला विनायक रूप, त्रेता युग में श्‍वेत वर्ण छह भुजाओंवाले मयूर की सवारी मयूरेश्‍वर रूप, द्वापर युग में चार भुजाओंवाले लाल वर्ण व मूषक की सवारीवाले गजानन, कलियुग में दो भुजाएं अश्‍व वाहन धूम्र वर्ण धूम्रकेतु रूप प्रचलित रहेगा.

* घर में गणेशजी का फोटो लगाते समय ध्यान दें कि फोटो मेें मोदक व चूहा ज़रूर हो. इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

* जीवन में शांति बनी रहे, इसके लिए स़फेद गणपति की पूजा-अर्चना करें.

* कामयाब व मशहूर होने के लिए पन्नावाले भगवान गणेश की आराधना करें.

* बच्चे की कामना के लिए बाल गणेश की पूजा करें.

* डर व शत्रुओं से बचने के लिए मूंगावाले गणेश भगवान की स्तुति करें.

* धन-वैभव के लिए चांदी के गणपति घर में रखें. साथ ही कमल पर बैठे गणेशजी की भी पूजा कर सकते हैं.

* परिवार में आपसी स्नेह, प्यार, सहयोग बना रहे, लड़ाई-झगड़े, कलह आदि न हो, इसके लिए चंदन के गणपति की पूजा करें.

* सिंदूरी रंग के गणेश भगवान की आराधना करने से घर के सभी कार्य निर्विघ्न रूप से होते हैं.

* घर के सेंटर में पूर्व दिशा में गणपतिजी को रखना शुभ होता है.

* मुख्यद्वार पर गणेशजी की दो मूर्ति लगाएं, जिनकी पीठ आपस में मिली हो. इससे सभी तरह के वास्तु-दोष दूर हो जाते हैं.

* घर में गणपतिजी की बैठी मुद्रा और शॉप-ऑफिस में खड़ी मुद्रा शुभदायक होती है.

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ध्यान दें

* गणपति भगवान का मुंह दक्षिण दिशा की तरफ़ न हो.

* एक घर में 3 गणपति की पूजा न करें.

* घर-ऑफिस में गणपति रखते समय ध्यान दें कि इनका मुंह दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में न हो.

* गणेशजी की मूर्ति की स्थापना करते समय उनकी सूंड बाएं हाथ की ओर घूमी हुई हो.

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– ऊषा गुप्ता

 

 

गणेश चतुर्थी 2017: शुभ मुहूर्त पर पूजा-आराधना से पूरी करें मनोकामना (Ganesh Chaturthi 2017: Muhurat-Puja-Celebration)

गणेश चतुर्थी 2017: शुभ मुहूर्त पर पूजा-आराधना से पूरी करें मनोकामना

किसी भी शुभ कार्य का शुभारंभ हम गणेश पूजन से करते हैं. गणेश जी मंगलकारी और विघ्नहर्ता हैं. ऐसा कहा जाता है कि जिस पर गणेश जी की कृपा हो जाए, उसके जीवन में आनेवाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं. गणेश चतुर्थी के ख़ास मौके पर गणेश जी की पूजा-आराधना से कैसे पूरी करें मनोकामना? बता रहे हैं पंडित राजेंद्र जी.

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गणेश चतुर्थी के दौरान बचें इन बातों से:
* गणेश जी को कभी भी तुलसी अर्पण न करें यानी तुलसी से गणेश जी की पूजा कभी न करें.
* इसी तरह गणेश जी को स़फेद चंदन भी नहीं चढ़ाना चाहिए.
* भाद्रपद की चतुर्थी के चंद्रमा का दर्शन भी निषेध माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने इस दिन चंद्रमा के दर्शन किए थे और उन पर चोरी का कलंक लगा था. इसीलिए भाद्रपद की चतुर्थी के चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए.

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नीचे दिए गए वीडियो में गणेश जी को प्रसन्न करने के विभिन्न उपाय बताए गए हैं. आप भी ये उपाय करके अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं:
* धनप्राप्ति के उपाय
* दरिद्रता दूर करने के उपाय
* पढ़ाई में अव्वल रहने के उपाय
* बुरी नज़र से बचने के उपाय
* विवाह में आ रही अड़चनें दूर करने के उपाय
* नया घर ख़रीदने के उपाय
* मनचाही नौकरी पाने के उपाय
* साढ़े साती या शनि महादशा से बचने के उपाय

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साथ ही इस वीडियो में गणेश जी को विभिन्न पत्तों द्वारा प्रसन्न करने के उपाय भी बताए गए हैं. ऐसा करके आप हार्ट प्रॉब्लम्स, कार्य में आ रही बाधा, रोग आदि से मुक्ति पा सकते हैं. साथ ही आर्थिक लाभ, मान-सम्मान, व्यावसायिक लाभ, अच्छा स्वास्थ्य आदि पा सकते हैं.

 

 

गणेश चतुर्थी स्पेशल: जय गणेश देवा… (Ganesh Chaturthi Special: Bhajan & Aarti)

Ganesh Chaturthi Special: Bhajan & Aarti
Ganesh Chaturthi Special: Bhajan & Aarti
जय गणेश देवा

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा…

एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी,
माथे पर सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा…

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..

अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा,
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा .
माता जाकी पारवती, पिता महादेवा ..

सुख करता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची

सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झलके माल मुकताफळांची

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव

रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव

लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव

शेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को
दोन्दिल लाल बिराजे सूत गौरिहर को
हाथ लिए गुड लड्डू साई सुरवर को
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव

अष्ट सिधि दासी संकट को बैरी
विघन विनाशन मंगल मूरत अधिकारी
कोटि सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी
गंडस्थल मद्मस्तक झूल शशि बहरी

जय जय जय जय जय
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव

भावभगत से कोई शरणागत आवे
संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता
जय देव जय देव