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लहसुन के 12 अमेज़िंग हेल्थ बेनिफिट्स (12 Amazing Health Benefits of Garlic)

Garlic Health Benefits

Garlic Health Benefits

एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टेरियल एवं एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर लहसुन खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ ही सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक होता है. रोज़ाना लहसुन खाने से आप कई बीमारियों से बच सकते हैं.

* सर्दी-ज़ुकाम होने पर 5-5 मि.ली. लहसुन और तुलसी का रस, 1 टीस्पून सोंठ का चूर्ण और आधा टीस्पून कालीमिर्च का चूर्ण सबको एक साथ मिलाकर आधा लीटर गाय के दूध के साथ सुबह-शाम पीने से थोड़े ही दिनों में फ़ायदा होगा.

* लहसुन, शक्कर और सेंधा नमक समान मात्रा में लेकर चटनी की तरह पीस लें. इसमें घी मिलाकर चाटने से पेटदर्द, अपच, पेट की जलन आदि दूर होता है.

* लहसुन की कलियों को तेल में पकाकर छान लें. इस तेल की दो-दो बूंद कान में डालने से कान का दर्द शांत हो जाता है. कान पक रहा हो, तो भी यह तेल लाभकारी होता है.

* लहसुन को पीसकर रोगी को सुंघाने से हिस्टीरिया की मूर्च्छा दूर हो जाती है.

* लहसुन की कलियों को पीसकर रस निकालें. यह रस तीन दिन तक मलने से शारीरिक गर्मी के कारण शरीर पर निकले हुए लाल चकत्ते दूर हो जाते हैं.

* लहसुन को पीसकर दूध में पीने से ब्लडप्रेशर में बहुत लाभ होता है या फिर लहसुन, पुदीना, जीरा, धनिया, कालीमिर्च और सेंधा नमक की चटनी बनाकर खाने से भी ब्लडप्रेशर कम होता है.

* घाव में कीड़े पड़ गए हों, तो लहसुन को पीसकर उसका लेप लगाएं. इससे कीड़े मर जाते हैं.

* 10-15 लहसुन की कलियों को दूध में पकाकर उसे छान लें. इसे बच्चों को सुबह-शाम पिलाने से काली खांसी दूर हो जाती है. या फिर 20 से 30 बूंद लहसुन का रस शर्बत में मिलाकर चार-चार घंटे पर देने से भी काली खांसी मिटती है.

* लहसुन, अदरक, हरा धनिया, शक्कर और सेंधा नमक की चटनी रोज़ाना खाने से डाइजेशन और भूख न लगने की समस्या दूर होती है.

* जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें रोज़ाना सुबह खाली पेट लहसुन की कुछ कलिया खानी चाहिए. इससे ब्लड सर्कुलेशल ठीक रहता है.

* खाली पेट लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी नियंत्रित रहता है.

* लहसुन खाने से इम्यून सिस्टम भी स्ट्रॉन्ग बनता है

Garlic Health Benefits

हेल्थ भी  टेस्ट भी

लाजवाब लाल लहसुन
4 लहसुन की पूरी कली को छीलकर उसमें 1/4 टीस्पून जीरा डालकर कूट लें. अब
1/4 टीस्पून मिर्च पाउडर मिलाएं. 2 टीस्पून मूंगफली को सेंककर, पीसकर उसका पाउडर बनाएं और चटनी में डाल दें. सबको मिला लें. लाजवाब लाल लहसुन तैयार है.

दही-लहसुनी चटनी
2 लहसुन की पूरी कली को छीलकर पीसकर पेस्ट बना लें. पाव किलो दही को मलमल के कपड़े में बांधकर टांग दें, ताकि पानी निकल जाए. अब लहसुन के पेस्ट में दही और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. दही-लहसुनी चटनी का लुत्फ़ उठाएं.

5 नेचुरल एंटीबायोटिक्स (Best Natural Antibiotics: Uses, Evidence, and Effectiveness)

Best Natural Antibiotics
इंफेक्शन व कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एंटीबायोटिक का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर एंटीबायोटिक्स का लगातार इस्तेमाल कई तरह के हेल्थ कॉम्प्लीकेशन का कारण बन सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि नेचुरल एंटीबायोटिक्स (Best Natural Antibiotics) का इस्तेमाल किया जाए.

 

Best Natural Antibiotics

लहसुन

-लहसुन नेचुरल पेनकिलर होने के साथ-साथ एंटी-बायोटिक, एंटी-वायरल, एंटी-पैरासाइटल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट भी है.
– अपनी इन्हीं ख़ूबियों के कारण यह लभगभ हर तरह के दर्द से छुटकारा दिलाता है.
– यह हृदय के लिए बहुत लाभकारी होता है, इसीलिए हार्ट प्रॉब्लम्स में डॉक्टर रोज़ाना 2
लहसुन की कलियां खाने की सलाह देते हैं.

हल्दी

Best Natural Antibiotics
– आर्थराइटिस, पेटददर्र्, सिरदर्द, दांत के दर्द, हार्टबर्न, पेट में कीड़े, डिप्रेशन, फेफड़ों के इंफेक्शन, ब्रॉन्कायटिस, हर तरह के घाव में हल्दी को रामबाण इलाज माना जाता है.
– यह एक बेहतरीन एंटीबायोटिक है, जो
दर्दनिवारक होने के साथ-साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल भी है.

– हल्दी शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से रोकती है.

 

लौंग

– नेचुरल पेनकिलर की ख़ूबियों से भरपूर लौंग में एंटीबायोटिक, एंटी-सेप्टिक, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल जैसे कई गुण होते हैं.
– यह घर का ऐसा वैद्य है, जो दांत के दर्द, सिरदर्द, अस्थमा, पाचन संबंधी समस्याओं और रक्त में मौजूद अशुद्धियों को दूर करता है.
– यह बहुत तेज़ होता है, इसलिए सेंसिटिव स्किनवालों को इसे इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती.

 

शहद

– रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि शहद मुंह के छालों से डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब क्रीम के
मुक़ाबले 43 प्रतिशत जल्दी राहत दिलाता है.
– इसके अलावा पेटदर्द, कटने, जलने आदि में बहुत कारगर सिद्ध होता है.
– आयुर्वेद में शहद को पुरुषों में होनेवाली इंफर्टिलिटी को दूर करने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
– जिन पुरुषों का स्पर्म काउंट लो है, उन्हें रोज़ाना गुनगुने दूध में शहद मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है.

 

अदरक

– एक बेहतरीन पेनकिलर होने के साथ-साथ यह ऐसा एंटीबायोटिक्स है.
– शरीर में पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है.
– सांस संबंधी बीमारियों में भी काफ़ी कारगर हैै.