Gas Problems

बच्चों (Children) को गैस (Gas) से राहत दिलाने के 5 अचूक घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies) अपनाकर आप भी अपने बच्चे को मिनटों में गैस से राहत दिला सकती हैं. गैसे के कारण बच्चों को दूध पीने, सोने आदि में तकलीफ़ होती है. पेट में गैस जमा होने के कारण बच्चे असहज महसूस करते हैं और लगातार रोते रहते हैं. ऐसे में घरेलू नुस्ख़े अपनाकर आप अपने बच्चे को गैस की समस्या से राहत दिला सकती हैं.

Gas Problems In Children

शिशु को क्यों होती है गैस की समस्या?
अक्सर शिशु जब दूध पीता है, तो दूध के साथ बहुत सारी हवा भी निगल लेता है. यह हवा ही शिशु के पेट की गैस है. पेट में गैस हो जाने से शिशु असहज महसूस करने लगता है और रोने लगता है. पेट में गैस होने से शिशु ठीक से दूध नहीं पी पाता, सो नहीं पाता, बस रोता रहता है.

शिशु को गैस की समस्या से कैसे बचाएं?
शिशु को गैस की समस्या से बचाने के लिए दूध पिलाने के बाद उसे डकार ज़रूर दिलाएं. इसके लिए दूध पिलाने के बाद शिशु को अपने कंधे से लगाएं और दूसरे हाथ से उसकी पीठ थपथपाएं. ये शिशु को डकार दिलाने का सबसे आसान तरीक़ा है. यदि बच्चे को ज़्यादा तकलीफ़ हो, तो बच्चे को गैस से राहत दिलाने के लिए आप दादीमां के घरेलू नुस्ख़े भी आज़मा सकती हैं.

यह भी पढ़ें: आज राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस है: जानें बच्चों के पेट से कीड़े हटाने के 5 घरेलू उपाय (National Worm Prevention Day: How To Get Rid Of Stomach Worm In Children)

 

बच्चों को गैस से राहत दिलाने के 5 अचूक घरेलू नुस्ख़े जानने के लिए देखें वीडियो:

 

Home Remedies for Indigestion

आवश्यकता से अधिक और नियम के विरुद्ध भोजन करने, अधिक पानी पीने, वेगों को रोकने, पहले किया हुआ आहार पचने से पहले दोबारा खाने, दिन में अधिक सोने और रात में अधिक जागने से समय पर खाया हुआ हल्का आहार भी नहीं पचता और अजीर्ण यानी बदहज़मी (Home Remedies for Indigestion) हो जाती है. बदहज़मी, जिसे अजीर्ण भी कहते हैं, अनेक रोगों का मूल कारण है. प्रायः आहार-विहार में विषमता होने से बदहज़मी होती है. जब खाया हुआ आहार जीर्ण (पचता) नहीं होता, तो उसे अजीर्ण कहते हैं.

* एक ग्लास गुनगुने पानी में एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच अदरक का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से बदहज़मी में लाभ होता है.

* तुलसी के ताज़े पत्ते तोड़कर रस निकालकर पीएं, बदहज़मी व डकारों से राहत मिलेगी.

* सोंठ, कालीमिर्च, पीपरि और सेंधा नमक समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाएं. एक टीस्पून यह चूर्ण छाछ में डालकर पीने से अजीर्ण दूर होता है.

* तुलसीदल को एक ग्राम काले नमक में पीसकर शहद की तरह चाटें.

* बदहज़मी होने पर अगर पेट में दर्द की टीस उठती है, तो तुलसी और अदरक का रस मिलाकर एक-एक चम्मच दो-तीन घंटे के अंतर से तीन बार लें. यदि इस रस को गुनगुने पानी के साथ लें, तो तुरंत लाभ होगा.

यह भी पढ़े: नींबू के 19 चमत्कारी फ़ायदे

* छाछ में मिलाकर या भोजन से पहले चुटकीभर हींग का चूर्ण सेवन करने से बदहज़मी से छुटकारा मिलता है.

* मीठे अनार का रस निकालकर उसमें भुना हुआ जीरा और गुड़ मिलाकर दिन में 2 या 3 बार सेवन करें.

* पीठी की बनी चीज़ें पचाने के लिए गर्म पानी पीना चाहिए.

* फेनी और पापड़ पचाने के लिए सहिजन का बीज अति उत्तम है.

* खिचड़ी अधिक खा लेने पर दो चुटकी सेंधा नमक का सेवन उसे पचा देता है.

* लड्डू, मालपुआ, पूरी आदि अधिक खा लेने पर पीपरामूल का चूर्ण उसे शीघ्र पचा देता है.

यह भी पढ़े: बेल के 11 आश्‍चर्यजनक हेल्थ बेनिफिट्स

* नारियल व ताड़ का फल खाने से हुए अजीर्ण में चावल खाने से पेट हल्का हो जाता है.

* फालसा या बेल अधिक खा लेने पर नीम की निंबोली खाने से वो आसानी से पच जाता है.

* कटहल का फल खाने से हुए अपच में केला खाएं.

* अधिक केले खाने पर हुए अजीर्ण से राहत पाने के लिए एक या दो चम्मच घी पीएं.

* आम अधिक खा लेने पर उन्हें पचाने के लिए ऊपर से दूध पीने से आराम मिलता है.

* खजूर या सिंघाड़े अधिक खा लेने पर सोंठ या नागरमोथे खाएं.

* चावल पचाने के लिए गुनगुना पानी पीएं.

यह भी पढ़े: फूल-पत्तियों से बीमारियों को दूर करने के टॉप 17 होम रेमेडीज़

* ककड़ी पचाने के लिए गेहूं के कुछ दाने खाएं.

* अधिक पानी पी लिया हो, तो थोड़ी-सी अजवाइन खा लें.

पथ्यः बदहज़मी होने पर शुरू में दो-तीन दिन तक कुछ नहीं खाना चाहिए. इसके बाद मसूर या मेथी का सूप जीरा, सेंधा नमक, हींग, लहसुन आदि डालकर सेवन करना चाहिए. इसके बाद मूंग के दाल की पतली खिचड़ी का सेवन करें. मट्ठा, पतली छाछ आदि पथ्य हैं. गरिष्ठ, मिर्च-मसाले वाले व देर से पचनेवाले आहारों से परहेज़ रखना ज़रूरी है.

सुपर टिप
10-15 तुलसी के पत्ते और 5-10 काली मिर्च को बारीक़ पीसकर चाट लें. इससे बदहज़मी के सारे विकार दूर हो जाएंगे.

– विशाल गुप्ता

दादी मां के अन्य घरेलू नुस्ख़े/होम रेमेडीज़ जानने के लिए यहां क्लिक करें-  Dadi Ma Ka Khazana