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#Congratulations Golden Girl Sindhu: बधाई!..पीवी सिंधु ने स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास… (BWF World Championships 2019: PV Sindhu Wins Historic Gold)

भारत की बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में ऐतिहासिक जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

स्विट्जरलैंड के बसेल में रविवार को खेले गए फाइनल मुक़ाबले में सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-7, 21-7 से मात देकर इतिहास रच दिया. साथ ही ओलंपिक मेडलिस्ट 24 वर्षीय सिंधु ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में गोल्ड जीतनेवाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया. पीवी सिंधु ने यह जीत अपनी माँ को समर्पित करते हुए ‘हैप्पी बर्थडे मॉम’ कहकर उन्हें जन्मदिन की मुबारकबाद भी दी. हम सभी की तरफ़ से बहुत-बहुत बधाई!

विश्व विजेता सिंधु की गोल्ड जर्नी…
* वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें पायदान पर काबिज पीवी सिंधु ने इस बार टूर्नामेंट के शुरुआत से ही हर मैच में अपना दबदबा बनाए रखा.
* जहां क्वार्टर फाइनल में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को हराया, वहीं सेमीफाइनल में चीन की खिलाड़ी शेन यू फेई को मात्र 40 मिनट में ही हराकर बाहर कर दिया.
* फाइनल में वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नोज़ोमी ओकुहारा के ख़िलाफ सिंधु ने टॉस जीतकर पहले सर्व करने का फ़ैसला किया.
* मात्र सोलह मिनट में 21-7 से उन्होंने पहला सेट जीत लिया.
* दूसरा सेट भी सिंधु ने 21-7 से अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी ओकुहारा को हराकर सीधे सेटों में एकतरफ़ा जीत हासिल की.
* फाइनल मुक़ाबला 37 मिनट तक चला. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही सिंधु ने नोज़ोमी के विरुद्ध अपना करियर रिकॉर्ड 9-7 का कर लिया है.
* पीवी सिंधु साल 2017 से लगातार तीसरे साल यानी 2019 में बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंची थीं.
* उन्होंने साल 2014 और 2015 में कांस्य पदक जीता था.
* दो साल से वे रजत पदक से ही संतोष कर रही थीं.
* आख़िरकार फाइनल में हार के क्रम को तोड़ते हुए पहली बार गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने इतिहास रच ही दिया.
* इस तरह सिंधु ने अपने करियर का पहला स्वर्ण पदक और इस टूर्नामेंट का अब तक का अपना पांचवां पदक जीता.
* पिछले कई सालों से पीवी सिंधु बड़े मैचों में हारती आ रही थीं. ऐसे में यह यादगार जीत उन्हें साल 2020 में टोक्यो, जापान में होनेवाले ओलंपिक के लिए यक़ीनन बेहद प्रोत्साहित करेगा.

 

शानदार उपलब्धियां
*रियो ओलिंपिक में  एकल खिताब में सिल्वर मेडल जीतनेवाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी.

* साल 2016 में चीन ओपन जीती.
* पद्मश्री, राजीव गांधी खेल रत्न आदि पुरस्कारों से सम्मानित.
* साल 2018 के फोर्ब्स इंडिया सेलिब्रिटी १०० की सूची में १८ महिलाओं में से एक सिंधु रही हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया है.
* विश्व चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई खेल, थाइलैंड ओपन व इंडिया ओपन में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं.
* दस सबसे अधिक कमाई करनेवाले स्पोर्ट्स खिलाड़ियों में से एक हैं पीवी सिंधु.
* १६ दिसंबर को वर्ल्ड टूर फाइनल्स जीतकर पहली भारतीय शटलर द्वारा यह उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

वर्ल्ड टूर फाइनल्स अपडेट
* वर्ल्ड टूर फाइनल्स इसके पहले सुपर सीरीज़ फाइनल के नाम से जाना जाता था.
* इस प्रतियोगिता में विश्व के आठ टॉप प्लेयर हिस्सा लेते हैं.
* अब तक भारतीय शाइनिंग स्टार साइना नेहवाल ने इसमें सात बार हिस्सा लिया है और साल २०११ में उपविजेता रही थीं.
* इसके अलावा साल 2009 में मिक्स डबल्स में ज्वाला गट्टा-वी दीजू की जोड़ी उपविजेता रही थी.
* पीवी सिंधु लगातार तीन बार से इस प्रतियोगिता में भाग लिया.

पीवी सिंधु- आपको पूर्ण भागीदारी व प्रतिबद्धता के साथ चीज़ें करनी चाहिए. जब भी मैं फाइनल में हारी थी, तो कुछ समय के लिए उदास ज़रूर हुई थी, लेकिन मुझे कभी नहीं लगा कि खेल मेरे लिए खत्म हो गया है, क्योंकि यह एक विकल्प नहीं है. याद रहे जीत के लिए ख़ुद पर विश्वास बेहद ज़रूरी है…

देशभर में बधाइयों की गूंज…
पीवी सिंधु की ऐतिहासिक जीत ने भारतीयों को ख़ुशी व गर्व से भर दिया. हर तरफ़ बधाइयों का तांता सा लग गया. नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, तमाम हस्तियों ने उन्हें मुबारकबाद दी. आख़िर शान-अभिमान की बात जो थी, पहली भारतीय बैडमिंटन विश्‍व विजेता बनने की राह में उनकी कड़ी मेहनत, लगन, जीत के जज़्बे को सभी ने सलाम किया.

गौरवशाली पल…
* माँ पी. विजया की आँखों में तो ममता व गौरव से ख़ुशी के आंसू भर गए. क्यों ना हो, आज बेटी ने माँ को जन्मदिन पर स्वर्ण पदक जीतकर अनमोल तोहफ़ा जो दिया था. हैदराबाद में विजयाजी ने भी बेटी की कड़ी मेहनत का ज़िक्र करते हुए कहा- हम सभी बेहद ख़ुश हैं. हमें गोल्ड मेडल का इंतज़ार था.
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने विदेश से अपनी स्वदेश की इस होनहार चैंपियन को बधाई देते हुए कहा- प्रतिभाशाली पीवी सिंधु की शानदार जीत ने एक बार फिर भारत को गौरवान्वित किया है. बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने के लिए उन्हें बधाई. बैडमिंटन के प्रति उनकी लगन और समर्पण प्रेरणादायक है. पीवी सिंधु की कामयाबी खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी. बी. साई प्रणीत को भी ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के लिए बधाई.
(इसी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के स्टार बैडमिंटन प्लेयर बी. साई प्रणीत ने भी कांस्य पदक जीता है. यह भी उल्लेखनीय इसलिए है कि 36 साल बाद इस प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग से किसी ने मेडल जीता है.)
* खेल मंत्री किरण रिजिजू ने फोन करके सिंधु के साथ-साथ कोच पी. गोपीचंद व साई प्रणीत को भी भारतवासियों की तरफ़ से बधाई दी. इसके अलावा उन्होंने पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण, चार रजत व पांच कांस्य पदक जीतनेवाले बैडमिंटन खिलाड़ियों मानसी जोशी, प्रमोद भगत, मनोज सरकार को भी मुबारकबाद दी.
* उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू– बेसल में आयोजित बैडमिंटन की वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने पर पी वी सिंधु को हार्दिक बधाई देता हूं. आपकी सफलता देश की नई प्रतिभाओं को भी प्रेरित करेंगी. भावी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं!
* भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, गौतम गंभीर तमाम राजनीतिक शख्सियतों ने पीवी सिंधु की भूरि-भूरि प्रशंसा की और ढेर सारी बधाइयां दीं.
* शुभकामनाएं देने में खिलाड़ी भी पीछे नहीं रहे. साइना नेहवाल से लेकर सचिन तेंदुलकर तक ने इस यादगार लम्हे को सिंधु को बधाई देते हुए साझा किया.
* फिल्मी सितारे भी पीवी सिंधु की इस विशेष उपलब्धी पर ख़ुद फख्र महसूस करते हुए तारीफों के पुल बांधे. महानायक अमिताभ बच्चन ने गर्वित होते हुए उनके साथ ‘कौन बनेगा करोड़पति शो’ में कुछ वक़्त बिताने का भी ज़िक्र किया.

* पीवी सिंधु फिल्म स्टार रणवीर सिंह की ज़बर्दस्त फैन हैं. पिछले साल रणवीर से हुई अपनी मुलाक़ात को उन्होंने तब शेयर करते हुए उनकी ख़ूब तारीफ़ की थी. सिंधु के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर इसी को फिर से शेयर करते हुए रणवीर ने कहा- हां, आख़िरकार, यह सचमुच ख़ुशी का पल था और मेरे लिए भी एक फैन मूमेंट था. आपने हम सभी को गौरवान्वित किया है. चैंप, आपका उत्साह पसंद है. आप हमेशा चमकती रहें.

* साथ ही सुष्मिता सेन, अनुष्का शर्मा, तापसी पन्नू, कोईना मित्रा, रितिक रोशन, शाहरुख ख़ान, आमिर ख़ान आदि अनेक स्टार्स ने बधाइयां दीं.

– ऊषा गुप्ता

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गोल्डन गर्ल हिमा दास को देश का सलाम (Nation Salutes Hima Das)

  • Hima Das

महीने भर में दौड़ में पांचवा गोल्ड मेडल जीतकर हिमा दास ने इतिहास रच दिया. बधाई+कॉन्ग्रैचुलेशन्स हिमा! गोल्डन जर्नी बरकरार है..

Hima Das

आख़िरकार महीनेभर के अंदर हिमा ने 5 वां गोल्ड भी जीत ही लिया. इस तरह भारत की उड़न परी ने जुलाई महीने में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया. उन्होंने चेक गणराज्य में नोवे मेस्टो नाड मेटुजी ग्रां प्री में महिलाओं की 400 मीटर रेस में 52.09 सेकंड का समय लेते हुए गोल्ड जीता.
भारत की स्टार धाविका हिमा ने अपने मेहनत, लगन व जज़्बे से हर किसी को प्रभावित किया. आज हर कोई खिलाड़ी, नेता, अभिनेता, सिलेब्रिटीज हिमा दास की उपलब्धियों की तारीफ कर रहे हैं और उन्हें बधाई दे रहे हैं. हिमा भी नम्रतापूर्वक सभी को धन्यवाद देते हुए बधाई स्वीकार कर रही हैं. प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक, फिल्म स्टार से लेकर स्पोर्ट्स स्टार तक सभी हिमा दास की लगातार स्वर्णिम जीत को सलाम कर रहे हैं.
बिग बी अमिताभ बच्चनजी ने तो यहां तक कह दिया कि हम सबको आप पर गर्व है हिमा दासजी, आपने भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख दिया!..
ऐक्टर अक्षय कुमार हिमा के प्रदर्शन से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने बधाई देते हुए उन पर फिल्म बनाने का प्रस्ताव भी रख दिया. अजय देवगन, तापसी पन्नूू, रवीना टंडन, विवेक ओबेरॉय, प्रीति जिंटा, अर्जुन कपूर, सोनम कपूर आदि फिल्म स्टार्स ने भी हिमा को ढेर सारी बधाइयां दीं.

Hima Das
आज हिमा युवा खिलाड़ियों के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभर रही हैं. देश को हिमा दास पर गर्व है. ऐसा लगता है जैसे कल की ही बात हो, जब पिछ्ले साल 2018 में एआईआईएफ वर्ल्ड कप अंडर 20 चैम्पियनशिप के 400 मीटर रेस में उड़न परी हिमा ने गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया था. वे पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में यह कारनामा कर दिखाया. इसके पहले एथलीट पी. टी. उषा, मिल्खा सिंह इसके क़रीब भर ही पहुंच पाए थे.

Hima Das
मेरी सहेली की तरफ़ से हिमा दास को उनकी तमाम उपलब्धियों के लिए बहुत-बहुत बधाइयां!.. साथ ही जीत का सिलसिला यूं ही बरकरार रहें, इसकी ढेर सारी शुभकामनाएं!…

– ऊषा गुप्ता

Hima Das

यह भी पढ़े: हिमा दास की गोल्डन दौड़… (Hima Das Wins Fourth International Gold Medal In 15 Days)

 

हिमा दास की गोल्डन दौड़… (Hima Das Wins Fourth International Gold Medal In 15 Days)

विदेश में 15 दिनों में चार गोल्ड मेडल जीत देश का नाम किया रौशन…

भारत की उड़नपरी असम की स्टार धाविका हिमा दास (Hima Das) ने पंद्रह दिनों में चार गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतकर देश का नाम दुनियाभर में रौशन कर दिया. उन्होंने न केवल ख़ुद को, बल्कि देश को कई बार गौरवान्वित होने का मौक़ा दिया. टैलेंटेड यंग स्प्रिंटर ने विदेश में चार अलग-अलग प्रतियोगिता में 200 मीटर की दौड़ में चार स्वर्ण पदक जीतकर अपने हुनर का लोहा मनवाया.

Hima Das

स्वर्णिम सफ़र

* इसी महीने यानी जुलाई की दो तारीख़ को पोलैंड के पोज़नान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में हिमा दास ने 200 मीटर के रेस में 23.65 सेकंड समय लेते हुए अपना साल 2019 का पहला गोल्ड मेडल जीता.

* जीत के सिलसिले को बरक़रार रखते हुए आठ जुलाई को कुंटो एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 23.97 सेकंड का समय निकालकर उन्होंने दूसरा स्वर्ण पदक भी जीत लिया.

* उनके जीतने का जुनून इस कदर चरम पर था कि 14 जुलाई को हुए क्लांदो मेमोरियल एथलेटिक्स टूर्नामेंट के 200 मीटर के ही रेस में 23.43 सेकंड में पूरा करते हुए हिमा ने जीत की व गोल्ड की हैट्रिक मारी.

* अपने ज़बर्दस्त दौड़ को जारी रखते हुए उन्होंने चेक गणराज्य में 17 जुलाई को हुए टाबोर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में एक बार फिर 200 मीटर की दौड़ में गोल्ड पर बाजी मारी. अपने चौथे गोल्ड को हासिल करने के लिए उन्होंने मात्र 23.25 सेकंड का समय लिया, जो उनके नेशनल रिकॉर्ड के काफ़ी क़रीब रहा. गौर करनेवाली बात यह है कि इसी दौड़ में भारत की ही धाविका वी. के विसमाया ने 23.43 सेकंड का समय लेते हुए रजत पदक जीता. खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई!

अचीवमेंट्स

* हिमा दास वर्ल्ड जूनियर चैंपियन हैं.

* 400 मीटर के रेस में नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ समय 23.10 है, जो अभी तक जीते चारों पदक में वे इसके क़रीब भी नहीं पहुंच पाई हैं.

* वे आईएएएफ वर्ल्ड अंडर 20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर रेस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतनेवाली पहली भारतीय महिला एथलिट हैं.

* 400 मीटर के रेस में भी 51.46 सेकंड का समय लेकर सोने के तमगे पर उन्होंने कब्ज़ा जमाया.

* हिमा ने हाल ही में गुवाहाटी में हुए इंटर स्टेट चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता.

* साल 2018 में जकार्ता में हुए 18 वें एशियन गेम्स में 400 मीटर में नेशनल रिकॉर्ड तोड़ते हुए सिल्वर मेडल जीता था.

* एक तरफ़ जहां हिमा दास का राज्य असम बाढ़ के कहर से जूझ रहा हैे, तो दूसरी तरफ़ अपनी मेहनत-लगन और मज़बूत इरादों के साथ हिमा असम व भारत का नाम रौशन कर रही हैं.

* उन्होंने अपनी आधी तनख़्वाह भी बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दी है.

* पीठदर्द की समस्या से जूझने के बावजूद दिनोंदिन हिमा बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं. वेलडन!

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

* 100 मीटर में 11.74 सेकंड

* 200 मीटर में 23.10 सेकंड

* 400 मीटर में 50.79 सेकंड

* 4द400 मीटर रिले में 3.33.61 में.

पर्सनल लाइफ

* हिमा दास का जन्म 9 जनवरी, 2000 को असम के नगांव जिले के कांधूलिमारी गांव में हुआ था.

* माता-पिता जोनाली व रोनजीत दास की चावल की खेती है.

* वे चार भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं.

* हिमा स्कूल के दिनों में लड़कों के साथ फुटबॉल खेलती थीं और इसी में अपना करियर बनना चाहती थीं.

* जवाहर नवोदय स्कूल के पीटी टीचर शमशुल हक की सलाह पर उन्होंने दौड़ना शुरू किया.

* ट्रैक एंड फील्ड की इस प्रतिभावान खिलाड़ी के कोच निपोन दास हैं.

* वे ढिंग एक्सप्रेस के नाम से मशहूर हैं.

भविष्य में होनेवाली अन्य प्रतियोगिता के लिए मेरी सहेली की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं! ऑल द बेस्ट!

– ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ेगोल्डन गर्ल हिमा दास को देश का सलाम (Nation Salutes Hima Das)

Proud Moment: विनेश फोगाट ने रचा इतिहास… एशियाड में भारत का महिला कुश्ती वर्ग का पहला गोल्ड (Vinesh Phogat Creates History After Winning Gold At Asian Games)

Vinesh Phogat

Proud Moment: विनेश फोगाट ने रचा इतिहास… एशियाड में भारत का महिला कुश्ती वर्ग का पहला गोल्ड (Vinesh Phogat Creates History After Winning Gold At Asian Games)

एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर ढेरों शुभकामनाएं… विदेश (Vinesh Phogat) ने इतिहास रच दिया, एशियाड में भारत का महिला कुश्ती वर्ग का पहला गोल्ड. पूरे देश को आप पर गर्व है! ग़ौरतलब है कि इन दिनों जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में भारत का ये दूसरा गोल्ड है… रविवार को रेस्लर बजरंग पुनिया ने भी भारत की झोली में गोल्ड डाला था!

मुझे भी लग रहा था कि इस बार अपना राष्ट्रगान सुनना है, चाहे जो हो जाए- बजरंग पुनिया! (Exclusive Interview: Wrestler Bajrang Punia gives India first gold at Asian Wrestling Championship)

Bajrang Punia

किसी के क़दमों के निशां जब दूसरों के लिए मंज़िल का पता बन जाते हैं, तब यह एहसास होना लाज़मी है कि यह शख़्स मामूली तो बिल्कुल भी नहीं है. जिसकी नज़र सूरज पर हो और आसमान को क़दमों पर झुका देने का साहस, जिसके हर दांव पर विरोधी भी अदब से सर झुका रहे हों और जिसका नाम आज बेहद गर्व और ग़ुरूर से ले रही है दुनिया, आज की तारीख़ में वो शख़्स स़िर्फ एक ही है- बजरंग पुनिया!

जी हां, एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम के वर्ग में बजरंग ने भारत को गोल्ड दिलाकर देश का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है. यह कीर्तिमान उन्होंने दक्षिण कोरिया के ली सुंग चुल को हराकर रचा. यह मुकाबला आख़िरी राउंड तक गया और शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद बजरंग आख़िर में अपने रंग में ही नज़र आए और सामनेवाले पहलवान को धूल चटाकर देश के लिए पहला गोल्ड लाए. उनकी इस अद्भुत जीत पर कई नामी हस्तियों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बधाई दी. इस जीत को लेकर और कुश्ती के खेल को लेकर क्या कुछ कहते हैं बजरंग, आइए उनसे ही जानते हैं.

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किस तरह की ख़ास तैयारी की थी आपने?

तैयारी तो हर टूर्नामेंट से पहले करते हैं. लगातार प्रैक्टिस और ट्रेनिंग चलती रहती है, लेकिन अपने होम ग्राउंड पर मैच खेलने का अलग ही जोश होता है और लोगों की भी उम्मीद होती है कि हम होम ग्राउंड पर कुछ बेहतर करेंगे, इसलिए बस मन में ठान रखा था कि गोल्ड लेना ही है, क्योंकि जब मेडल जीतने के बाद अपना राष्ट्रगान बजाया जाता है, तो अलग ही किस्म के गर्व का अनुभव होता है. मुझे भी लग रहा था कि इस बार अपना राष्ट्रगान सुनना है, चाहे जो हो जाए.

यह एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक है, क्या वजह है कि गोल्ड के लिए इतना इंतज़ार करना पड़ा?

कुश्ती भी एक गेम है और गेम में हार-जीत लगी रहती है. कोशिश तो करते ही हैं कि हम हमेशा बेहतर करें, पर कभी कामयाबी मिलती है, तो कभी नहीं मिलती. यह है कि हमारे प्रयासों में कमी नहीं आनी चाहिए. कोशिश जारी रहेगी, तो एक क्या और भी गोल्ड ज़रूर मिलेंगे.

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भारत में कुश्ती के भविष्य को लेकर क्या कहना चाहेंगे?

पहले से तो काफ़ी बढ़ा है गेम, इसके फॉलोअर्स भी बढ़े हैं. यह अपनी मिट्टी से जुड़ा खेल है, तो हमें अपने देसी खेल पर गर्व होना चाहिए और मैं यह देख रहा हूं कि लोगों में कुश्ती के प्रति जागरूकता, सजगता और लगाव अब बढ़ रहा है. हमें लोग पहचानते हैं, प्यार करते हैं और रेसलिंग से अब लोगों को काफ़ी उम्मीदें भी हैं. कुल मिलाकर यही कहा जाएगा कि कुश्ती का भविष्य बहुत उज्ज्वल है.

लीग के आने से क्या फ़ायदा हुआ है?

लीग से काफ़ी फ़ायदा हुआ है, क्योंकि इसमें वर्ल्ड के बेस्ट रेसलर्स पार्टिसिपेट करते हैं और उन पहलवानों से जब हमारा सामना होता है, तो हमें अपनी कमियां भी पता चलती हैं और अपनी स्ट्रेंथ भी. हम अपनी कमज़ोरियों पर और काम करते हैं और अपनी स्ट्रेंथ को और बेहतर कर सकते हैं.

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कुश्ती को लेकर क्या विश्‍व स्तर की सुविधाएं भारत में हैं?

जी हां, सुविधाएं काफ़ी अच्छी हैं. कहीं कोई कमी नहीं. हमें सामने से कहा जाता है कि आपको क्या चाहिए बताओ… हर सुविधा मिलेगी आप बस मेडल लेकर आओ. तो सुविधाओं की कोई कमी नहीं है, चाहे ट्रेनिंग को लेकर हो या खाने-पीने को लेकर सब सही दिशा में चल रहा है.

आप फिटनेस के लिए क्या ख़ास करते हैं?

हफ़्ते में एक-दो बार जिम करता हूं और मैं फुटबॉल व बास्केट बॉल भी खेलता हूं, क्योंकि दूसरे स्पोर्ट्स से आपकी स्ट्रेंथ बढ़ती है और आप मेंटली भी फ्रेश महसूस करते हैं. इसके अलावा बेसिक ट्रेनिंग तो होती ही है.

डायट किस तरह की लेते हैं?

बहुत ही सिंपल. मैं वेजीटेरियन हूं, तो शुद्ध देसी भोजन करता हूं.

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हमने सुना है कि भारतीय पहलवान चूंकि नॉन वेज नहीं खाते, तो उनकी फिटनेस का स्तर विदेशी पहलवानों से थोड़ा कम होता है, यह बात कितनी सही है?

जी नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. शाकाहार में भी शक्ति होती है. अगर ऐसा नहीं होता, भारतीय पहलवान दुनिया में विश्‍वस्तर पर इतना नाम नहीं कमाते. आप इसी से अंदाज़ा लगा लीजिए कि हाथी सबसे शक्तिशाली जानवर होता है और वो शुद्ध शाकाहारी है. यह सब कहने की बात है, वेज-नॉन वेज तो पर्सनल चॉइस है. इसका फिटनेस से कोई ख़ास लेना-देना नहीं है.

अपने फैंस को कुछ कहना चाहते हैं?

फैंस को धन्यवाद कहना चाहूंगा, अब तक सपोर्ट किया. आगे भी सपोर्ट करते रहें. कुश्ती सबसे पुराना खेल है, देसी गेम है. फैंस जितना फॉलो करेंगे, उतना ही गेम को बढ़ावा मिलेगा.

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योगेश्‍वर दत्त आपके गुरु भी हैं, भाई भी हैं, दोस्त भी हैं और मार्गदर्शक भी, उनके लिए कुछ कहना चाहेंगे.

योगी भइया के लिए तो मेरे पास शब्द नहीं हैं. जो हूं, उनकी ही वजह से हूं. उन्हें दिल से धन्यवाद कहूंगा. बाकी तो अगर मैं उनके बारे में कुछ कहना चाहूं तो, शब्द कम पड़ जाएंगे. उनका सहयोग ही है, जो मुझे हौसला देता है.

आगे के गेम्स के लिए क्या तैयारी है? अगले ओलिंपिक्स के लिए कुछ गेम प्लान होगा?

अभी तो वर्ल्ड चैंपियनशिप है, बाकी भी इवेंट्स हैं, उनमें अच्छा करना है. चाहे ओलिंपिक्स हो या अन्य इवेंट बस यही ध्यान रखना है कि इंजिरी न हो. चोट से बचना ही सबसे बड़ा चैलेंज है, वरना तैयारी तो पूरी है.

– गीता शर्मा