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10 तरह के चुगलखोर: कैसे करें इनसे डील (10 Types Of Snitches You Must Know)

चुगली करना एक कला है. ये महान कार्य हर किसी के बस की बात नहीं है, फिर भी चुगली करनेवाले लोगों की कोई कमी नहीं है. वैसे तो कई तरह के चुगली करनेवाले लोग होते हैं, लेकिन यहां पर हम आपको 10 ख़ास तरह के चुगलखोरों (Types Of Snitches) के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपने भी अपने आसपास ज़रूर देखा होगा.

Types Of Snitches

1) कान भरनेवाले चुगलखोर
यदि हम इतिहास की बात करें और चुगली करनेवाले पहले व्यक्ति को याद करें, तो सबसे पहले देवर्षि नारद का ही नाम याद आता है. देवर्षि नारद को पहला पत्रकार भी कहा जाता है, लेकिन पौराणिक कथाओं के अनुसार, कान भरने वाले चुगलखोर के गुण भी देवर्षि नारद में पाए जाते हैं. आज भी लोग आम बोलचाल में कहते हैं कि नारद मुनि की तरह चुगलखोरी मत करो. आपने भी अपने आसपास ऐसे कान भरनेवाले चुगलखोर ज़रूर देखे होंगे.
कैसे करें इनसे डील?
कान भरनेवाले चुगलखोर आपके बारे में किससे क्या कह जाएं ये कोई नहीं जानता. ऐसे लोग कान भरने का काम अच्छाई के लिए भी कर सकते हैं और बुराई के लिए भी. ऐसे लोग झूठ भी इतने आत्मविश्‍वास के साथ बोलते हैं कि कोई इन्हें पकड़ नहीं सकता. इनकी बातों में आकर लोग आपके बारे में ग़लत धारणा भी बना सकते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को अपने सीक्रेट्स कभी न बताएं.

2) ख़बरी चुगलखोर
चुगली की शुरुआत ही ख़बर से होती है, इसलिए इन्हें उच्च श्रेणी का चुगलखोर माना जाना चाहिए. आपको यदि अपने आसपास की चटपटी ख़बरें, वो भी नमक-मिर्च लगाकर सुननी हों, तो आप इनसे संपर्क कर सकते हैं. ये आपको ख़बरों की ऐसी दुनिया में ले जाएंगे, जहां वास्तविकता स़िर्फ एक प्रतिशत होगी और मसाला 99 प्रतिशत. इनकी ख़बरें जितनी चटपटी होती हैं, उतनी ही रिस्की भी होती हैं, क्योंकि इनके द्वारा बताई जानेवाली ख़बरों का आधार ख़ुद इन्हें भी मालूम नहीं होता. ऐसे लोगों को आप एंटरटेनमेंट के लिए अपने आसपास रख सकते हैं, लेकिन इन पर भरोसा करना आपके लिए ख़तरनाक साबित हो सकता है.
कैसे करें इनसे डील?
ख़बरी चुगलखोर को उतनी ही अहमियत दें, जितना आप किसी लाफ्टर शो को देते हैं. इनकी बातें एक कान से सुनें और दूसरे से बाहर निकाल दें. ख़बरदार, इनकी बताई हुई ख़बरों को किसी और से शेयर न करें, वरना इनकी तरह आपकी इमेज भी बिगड़ सकती है.

3) मन का बोझ कम करनेवाले चुगलखोर
कुछ लोगों के मन में किसी के लिए कोई बुरी भावना नहीं होती, लेकिन उनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी ये होती है कि वो मन में कोई बात नहीं रख पाते. ऐसे लोगों के लिए मन में कोई बात रखना बोझ जैसा हो जाता है, इसलिए वो हर बात दूसरों से कहकर अपना मन हल्का कर लेते हैं. ऐसे लोगों की नीयत किसी को ठेस पहुंचाना नहीं होता, लेकिन इनकी मन में बात न रख पाने की प्रवृत्ति के कारण कई बार ये या तो ख़ुद मुसीबत में पड़ जाते हैं या दूसरों को मुसीबत में डाल देते हैं.
कैसे करें इनसे डील?
मन में बात न रख पानेवाले ऐसे चुगलखोरों से आपको कोई ख़तरा तो नहीं है, लेकिन जब भी ये आपके आसपास हों, तो इनके सामने कोई ऐसी बात न करें, जिसे दूसरों को नहीं बताना चाहिए. ऐसे लोगों के साथ अपने सीक्रेट्स कभी शेयर न करें.

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4) हर काम में कमी निकालनेवाले चुगलखोर
ऐसे लोगों को दुनिया की हर चीज़ में बुराई ही नज़र आती है. किसी का प्रमोशन हो गया, किसी ने नया घर ख़रीद लिया, किसी के बेटा/बेटी की शादी तय हो गई… हर अच्छे काम में भी इन्हें बुराई नज़र आती है. ये आपके सामने तो आपकी तारीफ़ करते हैं, लेकिन जैसे ही आपके पास से हटे, वैसे ही ये आपकी बुराई शुरू कर देते हैं. इनका मक़सद हर काम में कमी निकालना होता है. चाहे किसी ने कितना ही अच्छा काम किया हो, बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की हो, इन्हें उसमें भी बुराई नज़र आती है.
कैसे करें इनसे डील?
ऐसे लोगों से एक निश्‍चित दूरी बनाकर रखें. ऐसे नकारात्मक लोगों की संगत में आपके विचार भी दूषित हो सकते हैं और
जाने-अनजाने इनकी बातों में आकर आप भी किसी की बुराई कर सकते हैं, इसलिए इनसे दूर ही रहें.

5) संकटमोचक चुगलखोर
ऐसे चुगलखोर बड़े मज़ेदार होते हैं. इन्हें अपनी वाह-वाही अति प्रिय होती है. आप जब भी संकट में होंगे, ये संकटमोचक की तरह आपके सामने प्रकट हो जाएंगे और तुरंत आपकी सहायता करेंगे. लेकिन बात यहीं पर ख़त्म नहीं होती, आपका काम कर लेने के बाद ये दुनियाभर में गाते फिरेंगे कि ये न होते तो आप कभी उस समस्या से बाहर न आ पाते. ये आपकी समस्या को ज़रूरत से ज़्यादा बड़ा बताकर ये साबित करने में जुट जाएंगे कि जैसे उन्होंने ही आपको नई ज़िंदगी दी है.
कैसे करें इनसे डील?
संकटमोचक चुगलखोर की मदद तभी लें, जब आपको वाकई इनकी ज़रूरत हो. ग़ैरज़रूरी कामों में इन्हें शामिल न करें, वरना ये आपके काम का सारा श्रेय ख़ुद ले जाएंगे और दुनियाभर में ये गाते फिरेंगे कि आपको कुछ नहीं आता, इनकी वजह से ही आपकी गाड़ी चल रही है.

Types Of Snitches

6) कामचोर चुगलखोर
ऐसे चुगलखोर बड़े ख़तरनाक होते हैं. कामचोर चुगलखोर ख़ुद तो कोई काम नहीं करते, लेकिन दूसरों के हर काम में बुराई निकालते हैं. दरअसल, काम न करने का अपराधबोध इन्हें चुगली करने के लिए उकसाता है. ये अच्छी तरह जानते हैं कि सामनेवाला इनसे ज़्यादा क़ाबिल और मेहनती है, लेकिन ये दूसरों को उनके काम का श्रेय कभी नहीं देते. ये हर समय अपने आसपास के लोगों की बुराई करते रहते हैं, हर किसी के काम में ग़लती निकालते रहते हैं. ऐसे लोग ख़ुद कुछ नहीं करते और चाहते हैं कि दूसरे भी कुछ न करें.
कैसे करें इनसे डील?
ऐसे लोगों का फ़ायदा वो लोग उठाते हैं, जो आपसे जलते हैं. वो इनसे आपके सीक्रेट्स जानकर आपको नीचा दिखाने की साज़िश कर सकते हैं. ऐसे कामचोर और निगेटिव लोगों को अपने पास न फटकने दें और उनसे अपने काम से संबंधित बातें न करें. अगर आप बिज़ी हैं, तो उनसे साफ़ कह दें कि आप उनसे बाद में बात करेंगे.

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7) प्रदर्शनकारी चुगलखोर
ऐसे लोगों को ख़ुद से इतना प्यार होता है कि ये अपने अलावा और कोई बात करना ही नहीं चाहते. ये अपनी तारीफ़ में वो काम भी जोड़ देते हैं, जो इन्होंने कभी किए ही नहीं. जो व्यक्ति इनसे पहली बार मिलता है, वो इनसे बहुत प्रभावित हो जाता है, लेकिन धीरे-धीरे जब उसे इनकी सच्चाई पता चलती है, तो वो इनसे कन्नी काटने लगता है.
कैसे करें इनसे डील?
प्रदर्शनकारी चुगलखोर जब तक स़िर्फ अपनी तारीफ़ करते हैं, तब तक आपको इनसे कोई ख़तरा नहीं है, लेकिन ये तब घातक हो जाते हैं, जब ये अपनी तारीफ़ करने के चक्कर में आपकी बुराई करने लगते हैं. ऐसी स्थिति में इनसे बचना शुरू कर दें.

8) ध्यान आकर्षित करनेवाले चुगलखोर
कुछ लोग हर समय इस कोशिश में लगे रहते हैं कि लोग उन पर ध्यान दें. लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए ये दूसरों का मज़ाक उड़ाने से लेकर उनकी चुगली करने से भी बाज़ नहीं आते. ऐसे चुगलखोर यदि आपके आसपास भी हैं, तो ये ज़रूर आपकी चुगली भी कर सकते हैं.
कैसे करें इनसे डील?
ऐसे लोगों का आप कुछ नहीं कर सकते. ये दूसरों की अटेंशन पाने के इतने भूखे होते हैं कि इसके लिए ये ख़ुद अपना मज़ाक भी उड़ा लेते हैं. ऐसे लोगों से दूर रहकर ही आप इनसे बच सकते हैं.

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9) रिस्क लेनेवाले चुगलखोर
चुगलखोरों की ये प्रजाति बहुत बिंदास होती है. ऐसे लोग बड़े-बड़े राज़ भी इतनी आसानी से खोल देते हैं जैसे कोई नॉर्मल बात हो. इनका लक्ष्य सबसे पहले ख़बर पहुंचाना होता है और उसके लिए ये कोई भी जोख़िम उठाने के लिए तैयार रहते हैं. उस ख़बर का परिणाम क्या होगा, इसकी इन्हें कोई परवाह नहीं होती.
कैसे करें इनसे डील?
ऐसे लोगों के सामने भूलकर भी कोई गोपनीय बात न कहें. हो सके तो इनसे दूर ही रहें, क्योंकि इनकी ख़बरों के आदान-प्रदान में आप भी फंस सकते हैं.

10) दुखियारे चुगलखोर
कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें दुनिया में सिवाय दुख के और कुछ नज़र नहीं आता. इनका चुगली करने का विषय भी दुख ही होता है. ऐसे लोगों को दूसरों के दुखों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने में आनंद मिलता है.
कैसे करें इनसे डील?
दुखियारे चुगलखोरों से दूर ही रहें. इनकी संगत में आपको भी दुख का संक्रमण हो सकता है. ऐसे लोगों से मिलने की बजाय पॉज़िटिव लोगों की संगत में रहें और ज़िंदगी का भरपूर लुत्फ़ उठाएं.

– कमला बडोनी

6 बुरी आदतें जो अच्छी है (6 Bad Habits That Are Good)

सेहतमंद ज़िंदगी (Healthful Life) के लिए हमेशा अच्छी आदतें (Good Habits) अपनाने की सलाह दी जाती है, मगर बुरी (Bad) मानी जाने वाली कुछ आदतें भी ऐसी हैं जो सेहत (Health) के लिए अच्छी साबित हो सकती हैं.

Bad Habits That Are Good

कॉफी पीना
माना कि दिन में 5-6 कप कॉफी गटक जाना कहीं से भी सही नहीं है, मगर रिसर्च बताते हैं कि दिन में 2-3 कप कॉफी पीने से पित्त की पथरी का ख़तरा कम होता है. किडनी स्टोन होने का ख़तरा भी कम रहता है. इतना ही नहीं, यदि आपका मूड ख़राब है तो एक कप कॉफी पी लें. कॉफी में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो मूड ठीक करने में मदद करते हैं.

गॉसिप करना
आप सोच रहे होंगे कि भला गॉसिप करने में क्या अच्छाई है? मगर रिसर्च कहते हैं कि गॉसिप करना सेहत के लिए अच्छा है, क्योंकि गॉसिप करने से शरीर से फील गुड हार्मोन रिलीज़ होता है, जो स्ट्रेस और एंग्ज़ाइटी दूर करने में सहायक है. साथ ही ऑफिस में किसी कलीग से मन की बात शेयर कर लेने से आप हल्का महसूस करते हैं.

ज़्यादा सोना
आमतौर पर देर तक सोने वालों को आलसी कहा जाता है, लेकिन शोध के मुताबिक़, जो लोग देर तक सोते हैं यानी अपनी नींद पूरी करते हैं, उनका मेटाबॉलिज़्म अच्छा रहता है और उनका वज़न भी नहीं बढ़ता.

चॉकलेट खाना
चॉकलेट का नाम सुनते ही बच्चों से लेकर बड़ों तक के मुंह में पानी आ जाता है. चॉकलेट जंकफूड है ये सोचकर हम चॉकलेट से परहेज़ करते हैं, जबकि कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि चॉकलेट खाना बुरा नहीं है. ये न स़िर्फ मीठा खाने की संतुष्टि देती है, बल्कि दिल की बीमारियों से भी बचाती है, ख़ासतौर पर डार्क चॉकलेट. ये लो ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करती है. शोध के मुताबिक़, जो लोग ज़्यादा चॉकलेट खाते हैं उनको स्ट्रोक का ख़तरा कम होता है.

दिन में सपने देखना

Day Dreaming
ऐसा कहा जाता है, जिनके पास कुछ काम नहीं होता वही दिन में सपने देखते हैं. ऐसे लोग आलसी होते हैं, इसलिए काम करने की बजाय जागती आंखों से सपना देखते हैं, जबकि शोध कहते हैं कि दिन में सपने देखने वालों की याददाश्त तेज़ होती है. जर्नल ऑफ साइकोलॉजिकल साइंस में प्रकाशित शोध की मानें, तो दिन में सपने देखने वालों में एकाग्रता अधिक होती है और मल्टीटास्किंग में भी ये अच्छे होते हैं.

ग़ुस्सा करना

Angry Head
हर व्यक्ति का ग़ुस्सा ज़ाहिर करने का तरीक़ा अलग-अलग होता है, हालांकि ग़ुस्से को हमेशा ही सेहत के लिए नुक़सानदायक माना गया है, मगर शोध के अनुसार, ग़ुस्सा बाहर निकाल देने से आप अंदर से शांत हो जाते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम इंप्रूव होता है. इतना ही नहीं, ग़ुस्सा ज़ाहिर कर देने से कैंसर का ख़तरा भी कम हो जाता है.

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