Tag Archives: gynae

पर्सनल प्रॉब्लम्स: यूटेराइन फायब्रॉइड में क्या करना चाहिए? (What Is The Treatment For Uterine Fibroid?)

Treatment For Uterine Fibroid
पिछले कुछ महीनों से पीरियड्स के पहले और पीरियड्स के दौरान मुझे काफ़ी दर्द होता था. जब मैंने टेस्ट्स कराए, तो पता चला कि मुझे इंडोमिट्रियोसिस है. इसके लक्षण क्या हैं. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– कोमल सिंह, जयपुर.

इंडोमिट्रियोसिस महिलाओं की काफ़ी आम समस्या है. यह बहुत-सी महिलाओं को होता है, पर ज़्यादातर में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते. जिन महिलाओं के लक्षण दिखाई देते हैं, वो हैं, दर्दयुक्त माहवारी या पीएमएस. पेड़ू में दर्द माहवारी के पहले से शुरू हो जाता है, जो माहवारी के साथ
धीरे-धीरे कम होता जाता है. कुछ महिलाओं में यह दर्द महीने दर महीने बढ़ता जाता है, जबकि कुछ में यह कम हो जाता है. दर्द के अलावा डायरिया, कब्ज़, कमर के निचले हिस्से में दर्द, बहुत ज़्यादा थकान, अनियमित पीरियड्स, यूरिन पास करते समय दर्द होना या यूरिन में ब्लड का आना आदि इसके लक्षण हैं. आपने जिस डॉक्टर को दिखाया है, वो आपको इसके बारे में अधिक जानकारी और सही सलाह दे सकते हैं.

Treatment For Uterine Fibroid

मैं 34 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में अल्ट्रा सोनोग्राफी से पता चला है कि मेरे यूटेरस में फायब्रॉइड है. इसके लिए मैं क्या कर सकती हूं? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रोशनी पटवा, कानपुर.

यूटेराइन फायब्रॉइड को मैनेज करने के कई तरी़के हैं. जब ट्रीटमेंट जल्द से जल्द करना हो, तब ज़्यादातर डॉक्टर्स सर्जरी की सलाह देते हैं. आमतौर पर डॉक्टर्स हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह देते हैं और अगर महिला मेनोपॉज़ से गुज़र रही हो, तो यूटेरस निकालने की सलाह दी जाती है. और अगर महिला की उम्र कम है और उसकी प्रेग्नेंसी के लिए यूटेेरस और बाकी रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स की ज़रूरत होती है, तो उनका मायमेक्टॉमी किया जाता है. इस प्रक्रिया में स़िर्फ फायब्रॉइड्स को टारगेट करके ख़त्म किया जाता है. इसके लिए डॉक्टर्स हिस्टेरोस्कोप, लैप्रोस्कोप और सर्जरी का सहारा लेते हैं. इसके अलावा लेज़र सर्जरी के ज़रिए फायब्रॉइड को नष्ट करना भी एक ट्रीटमेंट है.

 

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

 

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले मेडिकल चेकअप करवाना चाहिए? (Do I Need Pre Pregnancy Checkups?)

Need Pre Pregnancy Checkups
मैं 35 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और मुझे बेटा भी है. मैं एक स्वस्थ महिला हूं और मुझे कोई बुरी आदत भी नहीं है. अगर मुझे दूसरा बच्चा चाहिए, तो क्या मुझे कंप्लीट मेडिकल चेकअप की ज़रूरत है?
– रंजना शिंदे, पुणे.

प्रेग्नेंसी के दौरान मां व बच्चे दोनों की अच्छी सेहत के लिए मां का स्वस्थ होना बहुत ज़रूरी है. प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले सभी ज़रूरी टेस्ट्स करवाएं. रेग्युलर हेल्थ चेकअप में ब्लड टेस्ट ज़रूर करवाएं. इससे थायरॉइड, डायबिटीज़ और ओबेसिटी जैसी बीमारियों का पता उनके शुरुआती दौर में ही चल जाता है. थायरॉइड के कारण जहां कंसीव करने में परेशानी होती है, वहीं डायबिटीज़ व ओबेसिटी से प्रेग्नेंसी के दौरान द़िक्क़तें आ सकती हैं. अगर कंसीव करने से पहले इनका पता चल जाए, तो सही तरी़के से इलाज किया जा सकता है और प्रेग्नेंसी में कोई प्रॉब्लम नहीं आती. प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट को मिलें.

 Need Pre Pregnancy Checkups
मेरी बेटी की उम्र 15 साल है. पीरियड्स के दौरान उसे बहुत दर्द होता है. क्या उसे इलाज की ज़रूरत है? क्या उसे किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
– ममता शाह, सूरत.

दर्दयुक्त माहवारी आपकी बेटी की सेहत के साथ-साथ उसकी पढ़ाई-लिखाई व पर्सनल लाइफ को भी प्रभावित कर सकती है. अगर इसके कारण वह अपनी लाइफ नॉर्मल तरी़के से जी नहीं पा रही है, तो आपको ज़रूर उसका इलाज कराना चाहिए. यह कई कारणों से हो सकता है, इसलिए सबसे पहले किसी एक्सपर्ट डॉक्टर से उसका चेकअप कराएं. वो उसे सोनोग्राफी करवाने की सलाह दे सकते हैं. पूरा चेकअप हो जाने के बाद डॉक्टर आपको कुछ पेनकिलर्स या ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की सलाह दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

 

पर्सनल प्रॉब्लम्स: वेजाइनल डिस्चार्ज के साथ होनेवाली खुजली कहीं एसटीडी तो नहीं? (Does STD Causes Itching & Vaginal Discharge?)

STD Causes, Itching, Vaginal Discharge

मैं 26 वर्षीया महिला हूं और पिछले कई दिनों से योनिस्राव के साथ-साथ होनेवाली खुजली और बदबू से परेशान हूं. मुझे डर है कि कहीं यह वेजाइनल इंफेक्शन या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ (एसटीडी) तो नहीं? कृपया, मेरा मागदर्शन करें.

– दिव्या कौल, श्रीनगर.

आपके द्वारा बताए गए लक्षणों से लग रहा है कि आपको यीस्ट इंफेक्शन है, जो एसटीडी नहीं है. ऐसा बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण भी हो सकता है. आपको तुरंत किसी गायनाकोलॉजिस्ट को मिलना चाहिए, ताकि जल्द से जल्द सही उपचार हो सके. गायनाकोलॉजिस्ट योनिस्राव के बहाव को ध्यान में रखते हुए आपको व आपके पति को एसटीडी के लिए टेस्ट की सलाह भी दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या के 5 आसान घरेलू उपाय- देखें वीडियो:

 

STD Causes, Itching, Vaginal Discharge

यह भी पढ़ें: शारीरिक संबंध के बाद १-२ दिन तक ब्लीडिंग क्यों होती है?

मैं 27 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. 4 महीने पहले मेरी मां की ब्रेस्ट कैंसर के कारण सर्जरी हुई है. पिछले कुछ हफ़्तों से मेरी बाईं छाती में गांठ जैसी महसूस हो रही है, जिसे छूने पर दर्द होता है. क्या मुझे गायनाकोलॉजिस्ट को मिलना चाहिए?

– गहना उपाध्याय, हावड़ा.

अगर आपको गांठ महसूस हो रही है, तो आपको तुरंत किसी गायनाकोलॉजिस्ट को मिलना चाहिए. आमतौर पर कैंसरयुक्त गांठ में दर्द नहीं होता, पर क्योंकि हाल ही में आपकी मां ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित थीं, इसलिए आपके लिए रिस्क बढ़ जाता है. मैमोग्राफी या सोनोमैमोग्राफी के ज़रिए डॉक्टर आपकी गांठ की जांच कर सकते हैं. इसके अलावा हर महिला को माहवारी के 8वें दिन सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन करना चाहिए. इसके लिए आइने के सामने खड़े होकर अपने हाथों को पुट्ठों पर रखकर दोनों ब्रेस्ट्स का आकार देखें. निप्पल्स से किसी प्रकार का स्राव तो नहीं हो रहा. उसके बाद उंगलियों से दबाकर देखें कि कहीं कोई गांठ तो नहीं. 40 साल के बाद सभी महिलाओं को हर साल मैमोग्राफी करानी चाहिए.

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

 

पर्सनल प्रॉब्लम्स: मुझे हमेशा कमज़ोरी क्यों महसूस होती है? ( Why Am I Tired All The Time?)

Personal Problems, कमज़ोरी
मैं 21 वर्षीया छात्रा हूं. मुझे हमेशा कमज़ोरी महसूस होती है. ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिन कम आया है और गायनाकोलॉजिस्ट ने हैवी ब्लीडिंग को इसका कारण बताया, साथ ही पीरियड्स के 5वें दिन से 3 हफ़्तों के लिए हार्मोनल पिल्स लेने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रेखा खोसला, नोएडा.

मैं समझ सकती हूं कि इस उम्र में हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की सलाह को लेकर आप परेशान हैं. दरअसल, हार्मोनल पिल्स के ज़रिए एक आर्टिफिशियल साइकल तैयार होता है, जिससे आपको ब्लीडिंग कम होती है. पीरियड्स के 5वें दिन से पिल्स लेने के कारण शुरुआत से ही आपके हार्मोंस दब जाते हैं. क्योंकि आपका हीमोग्लोबिन भी कम है, इसलिए दवाओं के साथ-साथ यह ध्यान देना भी ज़रूरी है कि आपको बेवजह हैवी ब्लीडिंग तो नहीं हो रही.

यह भी पढ़ें: शारीरिक संबंध के बाद १-२ दिन तक ब्लीडिंग क्यों होती है?

Personal Problems, कमज़ोरी
मैं 35 वर्षीया दो बच्चों की मां हूं. हम तीसरा बच्चा नहीं चाहते थे, पर चूंकि मैंने कंसीव कर लिया था, इसलिए एबॉर्शन करवाना पड़ा. एबॉर्शन के तुरंत बाद डॉक्टर ने गर्भनिरोधक इस्तेमाल करने की सलाह दी. पर अगर इनका इस्तेमाल मैं कुछ दिनों बाद करूं, तो क्या इस बीच कंसीव करने की संभावना है?
– कुसुम जोशी, जबलपुर.

एबॉर्शन के 10-12 दिनों बाद ही महिलाओं में ओव्यूलेशन शुरू हो जाता है, इसलिए अगर आपको बच्चे नहीं चाहिए, तो तुरंत किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल शुरू कर दें.
बार-बार एबॉर्शन से पेल्विक इंफेक्शन, एब्नॉर्मल डिस्चार्ज और पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए तुरंत किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें: क्या गर्भाशय का न होना मुमकिन है?
 

कमज़ोरी व थकान को दूर भगाएं

  • अपने खानपान पर ध्यान रखें. रोज़ाना सही समय और सही मात्रा में खाएं. ओवर ईटिंग से बचें.
  • अपने फैमिली डॉक्टर से सलाह लें कि आपके लिए क्या खाना सही है और क्या नहीं. ज़रूरी नहीं कि आपकी मनपसंद चीज़ आपके शरीर के प्रवृत्ति के उनकूल हो.
  • रोज़ाना ध्यान, प्राणायाम व हल्की एक्सरसाइज़ को अपने रूटीन में शामिल करें.
  • बेवजह स्ट्रेस न लें. छोटी सी छोटी समस्या को बड़ा न बनाएं.
  • उम्र के अनुसार सभी ज़रूरी टेस्ट्स करवाते रहें, ताकि कोई भी परेशानी शुरुआती स्थिति में ही पता चल जाए.
  • परिवार के साथ ज़्यादा से ज़्यादा क्वालिटी टाइम बिताएं.
  • हमेशा ख़ुश रहें और दूसरों को भी ख़ुश रखें.
rajeshree-kumar-167x250

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें