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क्या विटामिन डी3 लेवल चेक कराने की ज़रूरत है? (Do You Need To Go For A Vitamin D3 Test?)

मैं 39 वर्षीया महिला हूं और कमरदर्द से परेशान हूं. पेनकिलर्स लेने पर थोड़ी देर के लिए आराम हो जाता है, पर फिर स्थिति वही हो जाती है. डॉक्टर ने मुझे विटामिन डी3 लेवल (Vitamin D3 Level) चेक कराने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया मेरा मार्गदर्शन करें. 
– ज्योति पांडे, भोपाल.

विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं, डी2 और डी3. जहां डी2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है, वहीं डी3 भोजन के अलावा सूरज की रोशनी से भी मिलता है. कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म और बोन रिमॉडलिंग में इसका इस्तेमाल होता है. विटामिन डी हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ-साथ, ब्रेन को डेवलप करने और हार्ट को हेल्दी बनाने का काम करता है. हड्डियों की मज़बूती के लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपना डी3 लेवल चेक कराएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपमें इसकी कमी तो नहीं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: व्हाइट डिस्चार्ज से पीरियड्स जैसा पेटदर्द होता है (What Is Causing White Discharge With Menstrual Cramps?)

Vitamin D3 Test

मैं 17 साल की कॉलेज स्टूडेंट हूं. 13 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर कभी नियमित रूप से पीरियड्स आए नहीं. पिछले दो साल में स़िर्फ दो बार पीरियड्स आए हैं. डॉक्टर का कहना है कि इस उम्र में ऐसा होना सामान्य है, पर मेरी सभी सहेलियों के पीरियड्स नियमित हैं, इसलिए मुझे चिंता हो रही है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रूपल मेहता, सूरत.

आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के दो साल तक अनियमित रहते हैं. कभी-कभार तो डेढ़ या दो महीने बाद पीरियड्स आते हैं, पर ज़्यादातर मामलों में 2 साल के बाद पीरियड्स नियमित हो जाते हैं, जबकि आपके मामले में ऐसा नहीं हुआ. आपको डरने की ज़रूरत नहीं. डॉक्टर से मिलकर आपको जनरल चेकअप के साथ-साथ कुछ ब्लड टेस्ट्स कराने होंगे, ताकि किसी भी तरह के हार्मोनल इश्यूज़ के बारे में पता चल सके. हो सकता है, इसका कारण थायरॉइड या पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ हो, पर आप घबराएं नहीं, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए तुलना न करें, बल्कि डॉक्टर से मिलें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: मेनोपॉज़ के क्या लक्षण होते हैं? (What Are The Signs And Symptoms Of Menopause?)

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: मेनोपॉज़ के क्या लक्षण होते हैं? (What Are The Signs And Symptoms Of Menopause?)

मैं 40 वर्षीया महिला हूं और मेरे पीरियड्स बहुत अनियमित हो गए हैं. क्या ये मेनोपॉज़ (Menopause) की शुरुआत है? कृपया, बताएं कि आमतौर पर मेनोपॉज़ के क्या लक्षण (Symptoms) होते हैं?
– कुमकुम दुबे, नई दिल्ली.

मेनोपॉज़ हर महिला के जीवन में आनेवाला वह स्टेज है, जब उसका मासिक धर्म आना बंद हो जाता है. आमतौर पर यह 40 से 50 की उम्र में होता है. इस स्टेज को पेरीमेनोपॉज़ कहते हैं, जो लगभग 4 सालों तक रहता है, पर किसी-किसी के लिए यह स़िर्फ कुछ महीनों का होता है. इस दौरान पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और जब सालभर पीरियड्स नहीं आते, तो समझ जाएं कि पेरीमेनोपॉज़ ख़त्म हो गया है. इस दौरान हॉट फ्लैशेज़ (अचानक से पूरे शरीर से पसीना आना), रात में पसीना आना, योनि में सूखापन, बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, नींद न आना, मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, त्वचा का ड्राई हो जाना, मुंह सूखना जैसे लक्षण उभर सकते हैं.

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Symptoms Of Menopause

मैं 31 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. हाल ही में मेरे ओवेरियन ट्यूब्स का पोटेंसी टेस्ट हुआ, जिसमें दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं. ऐसे में मैं किस तरह मां बन सकती हूं?
– राजेश्‍वरी वर्मा, पणजी.

जैसा कि आपने बताया कि आपकी दोनों ही ट्यूब्स ब्लॉक हैं, तो आपके पास प्रेग्नेंसी के लिए दो विकल्प हैं. पहला विकल्प है सर्जरी, जहां सर्जरी के ज़रिए ट्यूब्स के ब्लॉक्स निकाले जाएंगे. इसके बाद आप नेचुरली कंसीव कर सकती हैं, पर इसमें एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी के चांसेज़ ज़्यादा रहते हैं. दूसरा विकल्प है आईवीएफ. लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के कारण आईवीएफ में सफलता की संभावना पहले के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा बढ़ गई है. आईवीएफ की प्रक्रिया भी काफ़ी आसान और पेशेंट फ्रेंडली है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से बात कर सकती हैं, वो आपका सही मार्गदर्शन करेंगे.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

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Personal Problems: क्या मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी टेस्ट की ज़रूरत है? (Do I Need Diagnostic Laparoscopy Test?)

मेरी उम्र 35 साल है. शादी को 5 साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी और मेरे पति की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, फिर भी डॉक्टर ने मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी (Diagnostic Laparoscopy) की सलाह दी है, मुझे इस टेस्ट (Test) की ज़रूरत है?
– रजनी जोगी, भागलपुर.

मैं समझ सकती हूं कि आप ऑपरेशन की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी टेस्ट एनीस्थिसिया की मदद से किया जाता है, जिसमें पेट, गर्भाशय, ट्यूब्स, ओवरीज़, पिछला कोई पेल्विक इंफेक्शन या फिर एंडोमिटिरियोसिस की संभावना की जांच की जाती है. कुछ मामलों में देखा गया है कि ओवरीज़ में एग तो बनते हैं, पर किसी इंफेक्शन के कारण ट्यूब्स के सिकुड़न या टेढ़ेपन की वजह से महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. इसलिए यह टेस्ट ज़रूरी है, ताकि सही तरी़के से आपकी जांच हो सके.

Diagnostic Laparoscopy Test

मेरी पिछली प्रेग्नेंसी बहुत कष्टदायक थी. डिलीवरी के बाद नाल अपने आप नहीं निकली, इसलिए एनीस्थिसिया देकर निकालना पड़ा. इसके बाद खून की कमी हो गई और मुझे ब्लड चढ़ाना पड़ा. उसके बाद कई दिनों तक मुझे बहुत कमज़ोरी महसूस हुई. मैं दोबारा प्रेग्नेंट हूं और मुझे डर है कि कहीं पिछली बार वाली प्रॉब्लम दोबारा न हो जाए?
– ममता मेहता, चंडीगढ़.

जिस प्रकिया से आप गुज़री हैं, उसे नाल का मैन्युअल रिमूवल कहते हैं. इसका कारण गर्भाशय के आकार का असामान्य होना हो सकता है. असामान्य आकार के कारण नाल को निकलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए उसे डॉक्टर को मैन्युअली निकालना पड़ता है. ऐसा दोबारा होने की भी संभावना है. अपने ऑब्सट्रेटीशियन को इस बारे में बता दें, ताकि वो पहले से ही ब्लड का इंतज़ाम कर सकें और ज़्यादा परेशानी न हो.

यह भी पढ़ें: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

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Personal Problems: एचपीवी टेस्ट के क्या फ़ायदे हैं? (What Is The Importance Of HPV Test?)

मैं 40 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में मैं रूटीन चेकअप के लिए गई थी, तब डॉक्टर ने मुझे पैप टेस्ट की बजाय एचपीवी (HPV) (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) डीएनए टेस्ट करवाने की सलाह दी. यह क्या है? इसके क्या फ़ायदे हैं? और क्या यह पैप टेस्ट से बेहतर है?
– दीपा कुमार, सिकंदराबाद.
एचपीवी डीएनए पैप टेस्ट से बेहतर है, क्योंकि यह कैंसर का कारण बननेवाले कई प्रकार के ह्यूमन पैपीलोमा वायरस को डिटेक्ट कर सकता है, जो पैप टेस्ट से मुमकिन नहीं है. आपसे मिले सैंपल को डॉक्टर एक लिक्विड कंटेनर में रखेंगे, जिसे लैब में प्रोसेस कर टेस्ट किया जाएगा. इस टेस्ट के ज़रिए समय से पहले कैंसर का कारण बननेवाले सेल्स के बारे में पता लगाया जा सकता है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने आपको इस टेस्ट की सलाह दी है.
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HPV Test

मैं 40 वर्षीया महिला हूं और पिछले एक साल से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से पीड़ित हूं. पिछले एक साल में यह क़रीब पांच-छह बार हो चुका है. गायनाकोलॉजिस्ट ने सारे चेकअप्स के बाद सब नॉर्मल बताया, पर फिर भी इंफेक्शन बार-बार हो रहा है. मैं फिर से एंटीबायोटिक्स नहीं खाना चाहती. कृपया, उचित सलाह दें.
– पुनीता शुक्ला, मेरठ.
कभी-कभी अगर इंफेक्शन पूरी तरह ठीक न हो, तो वह फिर से हो सकता है. वहीं कुछ लोग थोड़ा आराम मिलते ही एंटीबायोटिक लेना बंद कर देते हैं, जिससे कोर्स पूरा नहीं होता और इंफेक्शन वापस से आ जाता है. चूंकि आप इस समस्या से काफ़ी दिनों से परेशान हैं, तो आपको यूरोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए. सिस्टोस्कोपी के ज़रिए वो आपका ब्लैडर आदि चेक करेंगे, जिससे इंफेक्शन के बार-बार होनेे का कारण पता चल जाएगा.

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Personal Problems: क्या पति का स्पर्म काउंट टेस्ट कराना ज़रूरी है? (Should You Get Your Husband’s Sperm Count Checked?)

मैं 30 वर्षीया महिला हूं और मेरे पति की उम्र भी इतनी ही है. पिछले 3 सालों से हम प्रेग्नेंसी के लिए ट्राई कर रहे हैं, पर अभी तक हमें कोई सफलता नहीं मिली. क्या महिलाओं की ही तरह पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी की समस्या होती है?
– पार्वती मिश्रा, नोएडा.

रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि महिलाओं की तरह पुरुषों में भी इंफर्टिलिटी की समस्या काफ़ी कॉमन है. इंफर्टिलिटी के मामलों में ऐसा देखा गया है कि 1/3 मामलों में पुरुषों में होनेवाली इंफर्टिलिटी, 1/3 मामलों में महिलाओं की इंफर्टिलिटी और 1/3 मामलों में दोनों या फिर किन्हीं अज्ञात कारणों से गर्भधारण में प्रॉब्लम हो सकती है. आपको किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से मिलना चाहिए, वो आप दोनों की जांच करके सही इलाज की सलाह देंगे.

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मैं 28 वर्षीया महिला हूं. मेरे पति को लगता है कि उनकी स्पर्म क्वालिटी में कुछ समस्या है. इस बात को लेकर उनमें हीनभावना आ गई है. हम प्रेग्नेंसी प्लान करने के बारे में सोच रहे हैं, इसलिए जानना चाहते हैं कि क्या पति का स्पर्म काउंट टेस्ट कराना ज़रूरी है? और पुरुषों के लिए नॉर्मल स्पर्म काउंट क्या है?
– शशि मेहरा, हैदराबाद.

सीमेन टेस्ट के ज़रिए पुरुषों के सीमेन में स्पर्म काउंट और उसकी क्वालिटी की जांच की जाती है. आमतौर पर 1 मिलीलीटर सीमेन में 15 से 100 मिलियन स्पर्म होते हैं. 10 मिलियन से नीचे स्पर्म काउंट लो माना जाता है, जबकि 15 मिलियन या उससे अधिक का स्पर्म काउंट सामान्य माना जाता है, बशर्ते उसकी क्वालिटी अच्छी हो. स्टडी में यह बात पता चली है कि क़रीब 10-15% पुरुषों में स्पर्म काउंट ज़ीरो होता है, जिसके कारण उन्हें इंफर्टाइल कहा जा सकता है, इसलिए अगर किसी का स्पर्म काउंट 10 मिलियन से कम हो, तो उन्हें इंफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से मिलकर अपना इलाज कराना चाहिए. आप सबसे पहले अपने पति को सीमेन टेस्ट कराने की सलाह दें, ताकि उनका स्पर्म काउंट पता चल सके.

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Personal Problems: कंसीव न कर पाने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be Possible Reasons For Non Conception?)

मैं 26 वर्षीया महिला हूं. ढाई साल पहले मेरी शादी हुई थी, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मुझे इसके लिए क्या करना होगा?
– शीतल पटेल, सूरत.

अगर गर्भधारण के लिए ट्राई करते हुए आपको 12 महीने से ज़्यादा का समय हो गया है, तो आपको इसके लिए किसी एक्सपर्ट डॉक्टर, जैसे- गायनाकोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी एक्सपर्ट को मिलना होगा. वो कुछ टेस्ट्स करके चेक करेंगे कि आपके केस में सबकुछ ठीक है या नहीं. कंसेप्शन के लिए कुछ बातें ज़रूरी हैं, जैसे- हर महीने महिला के ओवरीज़ से एग का रिलीज़ होना, एग फैलोपियन ट्यूब्स से होकर यूटरस में पहुंचे और इस दौरान एग पुरुष के स्पर्म से फर्टिलाइज़ हो और फिर फर्टिलाइज़्ड एग यूटरस में प्लांट हो. इस पूरी प्रक्रिया में आपके एग्स और ओव्यूलेशन काफ़ी मायने रखता है, इसलिए डॉक्टर टेस्ट के ज़रिए आपके ओवेरियन रिज़र्व को चेक करेंगी. आप चाहें, तो किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से भी मिल सकती हैं.

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urine infection
मैं 32 वर्षीया महिला हूं. कैसे कहूं, समझ में नहीं आ रहा, पर मुझे बार-बार यूरिन इंफेक्शन की समस्या हो जाती है. मैं क्या करूं, कृपया बताएं.
– उमा पांडे, कानपुर.

जर्म्स और बैक्टीरिया के कारण क्रॉनिक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होता है, पर ई-कोली बैक्टीरिया इसका मुख्य कारण हो सकता है. बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, यूरिन में ब्लड आना, ब्लैडर एरिया में दर्द और लोअर बैक में दर्द होना इसके लक्षण हैं. अगर यूरिन इंफेक्शन आपकी किडनी तक पहुंच जाए, तो बुख़ार, उल्टी आना, चक्कर आना और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कुछ बैक्टीरिया यूरिन के ज़रिए बड़ी तेज़ी से बढ़ते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी के कारण भी महिलाएं इसकी शिकार हो सकती हैं. कम पानी पीना और अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल भी आपको यह इंफेक्शन दे सकता है, इसलिए सावधान रहें. ख़ूब पानी पीएं, ताकि जर्म्स शरीर से फ्लश आउट हो जाएं. किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें.

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Personal Problems: रूटीन हेल्थ चेकअप में क्या पैप स्मियर टेस्ट कराना चाहिए? (Should I Go For A Pap Smear Test In Routine Health Checkup?)

मैं 32 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में जानना चाहती हूं. क्या ये आम गर्भनिरोधकों की तरह है या इसके कुछ साइडइफेक्ट्स हैं?
– कुसुम मेहता, मुंबई.

इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का इस्तेमाल असुरक्षित यौन संबंध के बाद इमरजेंसी में किया जाता है. इसे कभी भी रेग्युलर कॉन्ट्रासेप्टिव्स की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स दो तरह के हैं, एक प्रोजेस्टेरॉनयुक्त टैबलेट और दूसरा कॉपर टी. प्रेग्नेंसी टालने के लिए असुरक्षित यौन संबंध के 72 घंटों के भीतर टैबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए, जबकि कॉपर टी के लिए 5 दिनों का समय होता है. इसके साइडइफेक्ट्स इस बात पर निर्भर करते हैं कि आप कौन-सा मेथड इस्तेमाल कर रहे हैं. अनियमित माहवारी और उल्टी आना जैसे साइडइफेक्ट्स दोनों ही मेथड में हो सकते हैं, जबकि कॉपर टी में इंफेक्शन का भी डर रहता है. कभी-कभी मेथड फेल भी हो जाता है.

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Pap Smear Test

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और डॉक्टर ने मुझे रूटीन हेल्थ चेकअप में पैप स्मियर टेस्ट करने की सलाह दी है. क्या मुझे यह टेस्ट कराना चाहिए?
– कुमकुम अग्रवाल, देहरादून.

पैप स्मियर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसके ज़रिए सर्विक्स में होनेवाले कैंसर व प्रीकैंसर सेल्स की जांच की जाती है. वैसे तो 21 वर्ष पार कर चुकी सभी महिलाओं को हर साल यह टेस्ट कराना चाहिए, ताकि शुरू में ही किसी समस्या का पता चल सके. अगर लगातार तीन सालों तक स्मियर टेस्ट निगेटिव आता है, तो यह टेस्ट हर तीन साल में 65 साल की उम्र तक कराना चाहिए. इसमें एक स्पेशल ब्रश के ज़रिए सर्विक्स के सेल्स को इकट्ठा कर टेस्ट के लिए लैब भेजा जाता है, ताकि पता चल सके कि कैंसर है या नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

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Personal Problems: मिसकैरेज के बाद प्रेग्नेंसी के कितने चांसेज़ हैं? (What Are The Chances For Pregnancy After Miscarriage?)

Chances For Pregnancy After Miscarriage
मैं 40 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि मेरे लिए इस उम्र में कौन-से टेस्ट्स करवाने ज़रूरी हैं?
– महक वर्मा, जालंधर.

किसी भी हेल्थ प्रोफेशनल से आप अपना जनरल चेकअप करवा सकती हैं, जिसमें बीपी, पल्स रेट, चेस्ट व हार्ट की जांच के अलावा सिर से पैर तक की जांच की जाती है. इसके साथ ही पैप स्मियर टेस्ट व पेल्विक की जांच भी ज़रूर करवाएं. अगर कुछ डिटेक्ट हुआ, तो आपको सोनोग्राफी भी करानी पड़ सकती है. इसके अलावा साल में एक बार बेसिक एक्ज़ामिनेशन, जैसे- ब्लड टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, लीवर और किडनी प्रोफाइल, चेस्ट एक्स-रे और ईसीजी ज़रूर करवाएं. अगर आप फिट और हेल्दी हैं, फिर भी हर साल आंख और दांत की जांच ज़रूर करवाएं.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

 

Chances For Pregnancy After Miscarriage

मैं 34 वर्षीया कामकाजी महिला हूं. 4 साल पहले मेरा मिसकैरेज हो गया था, जिसके बाद से अब तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी प्रेग्नेंसी के कितने चांसेज़ हैं? कृपया, मार्गदर्शन करें.

– राखी सक्सेना, नई दिल्ली.

35 साल की उम्र के बाद महिलाओं में फर्टिलिटी धीरे-धीरे घटने लगती है, जो 40 के बाद बहुत तेज़ी से घटती है. जैसा कि आपने बताया कि 4 साल पहले आपका मिसकैरेज हो चुका है, इसलिए सबसे पहले आपकी जांच करनी होगी. साथ ही आपके पति की फर्टिलिटी चेक करने के लिए उनका सिमेन एनालिसेस टेस्ट कराना होगा. अगर आपके पीरियड्स रेग्युलर हैं, तो इसका मतलब है कि आपकी ओवरीज़ सही तरी़के से काम कर रही हैं. ऐसे में ट्यूब्स की जांच करनी होगी. कई बार ओवरीज़ और ट्यूब्स नॉर्मल होते हैं, पर बार-बार हो रहे पेल्विक इंफेक्शन के कारण भी कंसीव करने में परेशानी होती है, जिसके लिए लैप्रोस्कोपिक जांच ज़रूरी है. बेहतर होगा कि आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट को कंसल्ट कर लें.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
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Personal Problems: पीरियड्स के दौरान अचानक वज़न बढ़ जाता है (Why I Feel Weight Gain During Periods?)

Personal Problems, Weight Gain, During Periods
मैं 21 साल की हूं. मेरा मासिक धर्म हमेशा नियमित रहता है, किंतु मासिक धर्म आने के पूर्व मेरा पेट फूल जाता है और अचानक वज़न भी बढ़ जाता है. ऐसा क्यों होता है? कृपया इस बारे में जानकारी दें.
– प्रतिमा सिंह, बिहार.

आपकी समस्याओं के बारे में जानकर ऐसा लगता है कि आप पीएमएस (प्रीमेन्सट्रुअल सिंड्रोम) यानि माहवारी से पहले होनेवाली तकलीफ़ों से गुज़र रही हैं. इस दौरान आपको अपने आप में और भी कई तरह के बदलाव नज़र आ सकते हैं, जैसे- स्तनों के आकार में वृद्धि, स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना, अधिक भूख लगना आदि. ये सब माहवारी के दौरान के सामान्य लक्षण हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है. हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट से यह अवश्य जान लें कि आपके वज़न बढ़ने का कारण कहीं कोई और समस्या तो नहीं है.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

Personal Problems, Weight Gain, During Periods

मैं 23 वर्षीय स्त्री हूं. छह माह पूर्व ही मेरा विवाह हुआ है. हम अगले दो सालों तक बच्चा नहीं चाहते, इसलिए कंडोम इस्तेमाल करते हैं. लेकिन मुझे इससे असहजता महसूस होती है और दर्द भी होता है. किसी ने मुझे बताया कि कंडोम या उसके जेल से मुझे एलर्जी हो सकती है. क्या वाकई मुझे इससे एलर्जी हो रही है? कृपया मेरी समस्या का समाधान बताएं.

आपको कंडोम के रबर या फिर इसके जेल से एलर्जी होने की संभावना है. चूंकि अभी आपकी उम्र भी काफ़ी कम है और अगले दो साल तक आप परिवार बढ़ाना नहीं चाहतीं, तो ऐसे में आप गर्भनिरोधक दवाइयों का इस्तेमाल कर सकती हैं. बेहतर होगा कि आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें, जो आपको बताएंगे कि आपके लिए कौन–सा गर्भनिरोधक उपयुक्त होगा.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
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