Tag Archives: gynecological problems

Personal Problems: क्या पॉलिप बहुत ख़तरनाक होता है? (Is Polyp In Uterus Dangerous?)

मैं 36 वर्ष की शादीशुदा महिला हूं. मुझे पिछले 6 महीने से पीरियड (Periods) के दौरान बहुत ज़्यादा रक्तस्राव होता है. मैंने सोनोग्राफ़ी टेस्ट (Sonography Test) करवाया, जिससे पता चला कि मेरे यूटेरस (Uterus) में गांठ (पॉलिप) है. यह क्या है? क्या यह बहुत ख़तरनाक (Dangerous) है? क्या इसके लिए मुझे यूटेरस हटाना पड़ सकता है?
– ज्योति, अहमदाबाद

सबसे पहली बात जो हर महिला को ध्यान में रखना चाहिए वह ये कि जब भी माहवारी के समय हैवी ब्लीडिंग हो तो सबसे पहले इसका कारण जानने के लिए चेकअप करवाएं. साथ ही कैंसर के लिए पीएपी स्मीयर और सोनोग्राफ़ी टेस्ट भी करवाएं. आपने बताया कि सोनोग्राफ़ी टेस्ट में पॉलिप (गांठ) बताया गया है. यह भी अनियमित और भारी रक्तस्राव का कारण है. पॉलिप एक तरह का ट्यूमर है जो कि यूटेरस में पाया जाता है. इसे हीस्टिरोस्कोपी सर्जरी द्वारा हटाया जा सकता है. यदि यह ट्यूमर कैंसर का नहीं है तो सर्जरी के बाद फिर से ट्यूमर आने की संभावना नहीं होती.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: चॉकलेट सिस्ट से बहुत परेशान हूं (Chocolate Cyst: Causes, Symptoms And Treatment)

Polyp In Uterus

मैं 30 वर्षीय महिला हूूंं और पिछले साल मेरा दो बार तीन-तीन महीने का गर्भपात हो चुका है. मैं मां बनना चाहती हूं, लेकिन डरती हूं कि कहीं फिर से कोई परेशानी न आ जाए. क्या मुझे नॉर्मल प्रेगनेंसी हो पाएगी?
– संजना, मुरादाबाद

वैसे तो दो बार गर्भपात होने के बाद तीसरी बार गर्भपात होने की संभावना और ़ज़्यादा बढ़ जाती है. आप यदि गर्भधारण करने के बारे में सोच रही हैं तो बेहतर होगा कि सबसे पहले सारे टेस्ट करवा लें, ताकि यह पता चल जाए कि आपका यूटेरस सामान्य है या नहीं. कोई बर्थ ड़िफेक्ट, जैसे- सेप्टम या डबल यूटेरस की समस्या तो नहीं है आदि. यदि इस तरह के ड़िफेक्ट्स हैं भी तब भी कीहोल सर्जरी, जैसे- लेप्रोस्कोपी, हीस्टिरोस्कोपी से इसका इलाज संभव है. इसके अलावा जेनेटिक टेस्टिंग और इम्यूनोलॉजी प्रॉब्लम्स के लिए विशेष तरह का ब्लड टेस्ट भी किया जाता है. गर्भधारण के पहले फोलिक एसिड और हार्मोन्स की टेबलेट लेने की आवश्यकता पड़ सकती है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा ऐप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

Personal Problems: मेनोपॉज़ के बाद ब्लीडिंग कहीं गंभीर समस्या तो नहीं? (What Does It Mean If You’re Bleeding After Menopause?)

मैं 53 वर्षीया महिला हूं. तीन साल पहले मेरा मेनोपॉज़ (Menopause) हो चुका है. इन दिनों अचानक मुझे हल्की वेजाइनल ब्लीडिंग (Vaginal Bleeding) शुरू हो गई है. क्या यह कोई गंभीर समस्या है? क्या मुझे चेकअप करवाना चाहिए?
– सुमति राव, मैंगलोर.

एक बार जब मासिकधर्म एक साल के लिए बंद हो जाए तो यह स्थिर हो जाता है. इसके बाद कभी आपको वेजाइनल ब्लीडिंग नहीं होनी चाहिए, यहां तक कि दाग़-धब्बे भी नहीं दिखनेे चाहिए. आपको तुरंत गायनाकोलॉजिस्ट से चेकअप करवाना चाहिए, जो इंटरनल एक्ज़ामिनेशन या पीएपी स्मीअर जांच से सर्विक्स के कैंसर का पता लगा सकते हैं. यूट्रीन लाइन पर सूजन है या नहीं, इसकी जांच के लिए आप सोनोग्राफ़ी भी करवा लें. यूट्रीन लाइन पर सूजन एंडोमेट्रियल हाइपरप्लेसिया, कैंसर या ओवरी ट्यूमर का संकेत है. वेजाइनल ब्लीडिंग का कारण इनमें से कोई भी हो सकता है, इसलिए सही जांच ज़रूरी है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: पीरियड्स अनियमित हैं और वज़न भी बढ़ रहा है (What Causes Irregular Periods And Weight Gain?)

 Bleeding After Menopause
मैं 40 वर्षीया महिला हूं. मैंने अपनी सहेलियों से सुना है कि उन्होंने पीएपी स्मीअर करवाया है. यह क्या है और इस उम्र में क्या यह सभी को करवाना
पड़ता है?
– रजनी शर्मा, दिल्ली.

40 वर्ष की उम्र ऐसी उम्र है, जहां किसी भी तरह के कैंसर या ट्यूमर की संभावना से पहले ही नियमित चेकअप करवाते रहना चाहिए. पीएपी स्मीअर एक साधारण-सा टेस्ट है, जिसमें कॉटन या ब्रश को सर्विक्स से छूकर स्लाइड तैयार की जाती है और इस स्लाइड की जांच द्वारा कैंसर या अन्य किसी बीमारी का पता लगाया जा सकता है. यह जांच किसी भी डॉक्टर के क्लिनिक में दो मिनट में की जा सकती है. यह जांच हर साल करवानी चाहिए और इसकी शुरुआत तभी कर देनी चाहिए, जब महिला सेक्सुअली एक्टिव हो. इसके अलावा 40 की उम्र में पेल्विक सोनोग्राफ़ी करवानी चाहिए, जिससे गर्भाशय और ओवरी के कैंसर का पता चलता है. साथ ही मैमोग्राफ़ी भी करवा लेनी चाहिए, जिससे स्तन कैंसर का पता चलता है. किसी भी महिला को कैंसर की जांच के लिए ये सामान्य से टेस्ट अवश्य करवाने चाहिए.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: दो साल में सिर्फ दो बार पीरियड्स आए (Reasons For Irregular Periods)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा ऐप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

Personal Problems: छाती की गांठ फाइब्रोइडोनोमा है, क्या करूं? (Fibroadenoma Of The Breast: Everything You Need To Know)

मैं 31 वर्षीया महिला हूं और मेरी दाहिनी छाती में एक गांठ है. डायग्नॉसिस के लिए डॉक्टर ने मैमोग्राफी की बजाय अल्ट्रासोनोग्राफी करवाई. सही नतीजे पर पहुंचने के लिए बायोप्सी भी करवाई, जिसमें पता चला कि मुझे फाइब्रोइडोनोमा (Fibroadenoma) है. डॉक्टर ने मुझे कुछ भी न करने की सलाह दी है. क्या यह सही है?
– मेघा वर्मा, लुधियाना.

यह बहुत अच्छी बात है कि आपने बायोप्सी करवा ली है और रिपोर्ट में महज़ फाइब्रोइडोनोमा पाया गया है. इस उम्र में यह बहुत-सी महिलाओं को होता है, इसमें घबरानेवाली कोई बात नहीं. आपको मैमोग्राफी की बजाय अल्ट्रासोनोग्राफी कराने के लिए इसलिए कहा गया, क्योंकि आप 35 साल से कम उम्र की हैं. कम उम्र में मैमोग्राफी की बजाय सोनोग्राफी से ज़्यादा अच्छी तरह से जांच होती है और इसमें रेडिएशन का असर भी कम होता है, इसलिए डॉक्टर ने यह टेस्ट करवाया. एक बात का ख़ास ख़्याल रखें कि महीने में एक बार सेल्फ एक्ज़ामिनेशन ज़रूर करें.

यह भी पढ़ें:  पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या कॉपर टी निकलवाने के तुरंत बाद फर्टिलिटी लौट आती है? (How Long After IUD Removal Can I Get Pregnant?)

Fibroadenoma

 

मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं? (Causes Of Vaginal Bleeding During Sex)

 Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा ऐप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय (10 Best Home Remedies To Cure White Discharge In Women)

व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय (Home Remedies) आज़माकर आप आसानी से व्हाइट डिस्चार्ज से छुटकारा पा सकती हैं. व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) महिलाओं (Women) की एक आम समस्या (Common Problem) है. हर महिला को कभी न कभी व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या हो ही जाती है, ऐसे में व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय आपके बहुत काम आएंगे.

Home Remedies To Cure White Discharge

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या मानसिक भी हो सकती है
क्या आप जानती हैं कि महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या पति-पत्नी में आपसी मतभेद या तनाव के कारण भी हो सकती है? जी हां, यदि आपके अपने पार्टनर से रिश्ते मधुर नहीं हैं, तो इसके कारण भी आपको व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या हो सकती है. व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या के क्या कारण होते हैं और इससे कैसे छुटकारा पाया जाए, बता रही हैं साइकोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ काउंसलर नम्रता जैन.

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) के कारण और उससे बचने के उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

 

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय:
1) रोज़ाना दो-तीन केला खाने से श्‍वेतप्रदर की समस्या दूर होती है.
2) 3 ग्राम आंवले का पाउडर शहद के साथ दिन में तीन बार चाटने से लाभ होता है.
3) गूलर का फूल पीसकर और उसमें मिश्री व शहद मिलाकर दो-तीन बार सेवन करने से फ़ायदा मिलता है.
4) स़फेद मूसली पाउडर या ईसबगोल को सुबह- शाम शर्बत के साथ पीने से आराम मिलता है.
5) हरे आंवले को पीस कर उसे जौ के आटे में मिलाकर उसकी रोटी एक महीने तक खाने से श्‍वेतप्रदर से आराम मिलता है.

यह भी पढ़ें: मुंह/सांसों की बदबू से छुटकारा पाने के 5 घरेलू उपाय (5 Home Remedies To Get Rid Of Bad Breath Instantly)

6) टमाटर का रोज़ाना सेवन करने से भी फ़ायदा मिलता है.
7) फालसे का शर्बत पीने से श्‍वेत प्रदर में आराम मिलता है.
8) मुलहठी 10 ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, जीरा 5 ग्राम, अशोक की छाल 10 ग्राम- इन सभी का चूर्ण बनाकर रख लें. इसमें 3 से 4 ग्राम चूर्ण दिन में तीन बार खाएं.
9) कच्चे केले को सुखाकर चूर्ण बना लें. उसमें समान मात्रा में गुड़ मिलाकर दिन में तीन बार कुछ दिन तक लेने से आराम मिलता है.
10) सिंघाड़ा, गोखरू, बड़ी इलायची, बबूल की गोंद, शक्कर, सेमल की गोंद समान मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम लें.

यह भी पढ़ें: सेक्स के दौरान हो दर्द तो करें ये 5 आसान घरेलू उपाय (5 Home Remedies For Vaginal Pain And Dryness)

Personal Problems: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए? (Contraception During Breastfeeding)

Contraception During Breastfeeding
मैं 27 वर्षीया महिला हूं और मेरा पांच महीने का एक बेटा भी है. मैं उसे ब्रेस्टफीडिंग कराती हूं. मेरे पीरियड्स अभी तक शुरू नहीं हुए हैं. क्या मुझे गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए?
– चंचल शुक्ला, नोएडा.
आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली महिलाओं को क़रीब 3-4 महीने तक गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं होती. पर अगर आपने बच्चे को ऊपरी पोषण देना शुरू कर दिया है या आप उसका दूध छुड़ाना चाहती हैं, तो भले ही आपके पीरियड्स नहीं आए हैं, फिर भी आपको गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए. आप गायनाकोलॉजिस्ट से मिल सकती हैं, जो आपको गर्भनिरोधक के कुछ ऑप्शन्स बता सकते हैं. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान प्रोजेस्टेरॉन युक्त पिल्स का इस्तेमाल सेफ रहता है. इससे बच्चे व दूध दोनों पर कोई असर नहीं होता. इसके अलावा गायनाकोलॉजिस्ट आपको इंट्रायूटेराइन डिवाइस या फिर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

Contraception During Breastfeeding
मैं 38 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ समय से मुझे बाएं ब्रेस्ट में गांठ महसूस हो रही है, जबकि मेरे परिवार में आज तक किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– राजी मल्होत्रा, भोपाल.
अपने ब्रेस्ट का सेल्फ इक्ज़ामिनेशन बहुत हेल्दी आदत है. हर महीने पीरियड्स ख़त्म होने के 5-10 दिनों के भीतर ब्रेस्ट्स को हल्के हाथों से दबाकर चेक करना चाहिए. जैसाकि आपको गांठ महसूस हुई है, तो आपको तुरंत स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए. शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टर आपको मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं. यह अच्छी बात है कि आपके परिवार में कभी किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, पर इसका यह मतलब नहीं कि आप डॉक्टर को न दिखाएं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है? (Is It Safe To Conceive In Diabetes?)

Safe To Conceive In Diabetes
मैं 31 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और मेरा एक तीन साल का बेटा भी है. हाल ही में जांच में पता चला कि मुझे डायबिटीज़ है. मैं दूसरा बच्चा चाहती हूं, पर क्या डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है?
– कोमल सक्सेना, रोहतक.

डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है, इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. अगर आप दूसरा बच्चा चाहती हैं, तो अब आपको बिल्कुल भी देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि आपकी उम्र बढ़ रही है. इसके लिए सबसे ज़्यादा ध्यान देनेवाली बात यह है कि जब भी आप कंसीव करें, तो आपका शुगर लेवल सामान्य रहे. इसके लिए आप रेग्युलर चेकअप कराती रहें. प्रेग्नेंसी से पहले काउंसलिंग के लिए अपने गायनाकोलॉजिस्ट से ज़रूर मिलें. वह आपके डायबेटोलॉजिस्ट से मिलकर इस बात की पुष्टि कर लेंगे कि गर्भधारण के समय आप दवाइयों का सही तरी़के से सेवन कर रही हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी?

Safe To Conceive In Diabetes

मैं 34 वर्षीया महिला हूं. मेरी एक बार सीज़ेरियन डिलीवरी हो चुकी है. अब मेरे गर्भाशय में 6 सें.मी. का फायब्रॉइड है, पर मुझे उससे कोई तकलीफ़ नहीं है. ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
– रागिनी यादव, लखनऊ.

महिलाओं में फायब्रॉइड्स का होना आम बात है. फायब्रॉइड्स कैंसर रहित होते हैं, इसलिए इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. ये बहुत ही धीमी गति से बढ़ते हैं, इसलिए महिलाओं को कंसीव करने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती. अगर आपको इससे कोई तकलीफ़ नहीं है, तो आपको इस बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. पर हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट को ज़रूर कंसल्ट करें. वो आपको साल में एक बार सोनोग्राफी के ज़रिए उसे मॉनिटर करने की सलाह दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है?

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या पीरियड्स न आना प्रेग्नेंसी की निशानी है?

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

 

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है? (Do Contraceptive Pills Increase Risk Of Breast Cancer?)

Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मेरी कई सहेलियां गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, पर उनके अनुसार इसके ज़्यादा सेवन से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है. क्या यह सच है?
– रश्मि भूषण, रोहतक.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उनमें बाकी महिलाओं के मुक़ाबले बे्रस्ट कैंसर, लिवर व सर्वाइकल कैंसर की संभावना थोड़ी ज़्यादा बढ़ जाती है. वैसे कई और कारण हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा देते हैं, जैसे- कम उम्र में पीरियड्स की शुरुआत, हार्मोनल कारण, देरी से मेनोपॉज़ होना, पहली प्रेग्नेंसी ज़्यादा उम्र में होना, बच्चे न होना आदि.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मैं 41 वर्षीया महिला हूं और कमरदर्द से परेशान हूं. पेनकिलर्स लेने पर आराम हो जाता है, पर फिर स्थिति वही हो जाती है. डॉक्टर ने मुझे विटामिन डी3 लेवल चेक कराने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है?
– ज्योति पांडे, भोपाल.

विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं, डी2 और डी3. जहां डी2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है, वहीं डी3 भोजन के अलावा सूरज की रोशनी से भी मिलता है. कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म और बोन रिमॉडलिंग में इसका इस्तेमाल होता है. विटामिन डी हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ-साथ, बे्रन को डेवलप करने और हार्ट को हेल्दी बनाने का काम करता है. हड्डियों की मज़बूती के लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपना डी3 लेवल चेक कराएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपमें इसकी कमी तो नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं?

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा एेप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है? (How Can I Check My Fertility?)

मैं 38 वर्षीया महिला हूं और कुछ ही महीनों में अपने 39 वर्षीय मंगेतर से शादी करनेवाली हूं. मेरे मंगेतर को बच्चों का बहुत शौक़ है, इसलिए वो जानना चाहते हैं कि इस उम्र में मेरे कंसीव करने के कितने चांसेज़ हैं? क्या ऐसा कोई टेस्ट है, जिसके ज़रिए मैं इस बारे में पता कर सकती हूं? कृपया मार्गदर्शन करें. 
– ममता मेनन, ग्वालियर.

यह सच है कि 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं में फर्टिलिटी का लेवल तेज़ी से नीचे गिरता है, पर आपको अपने मंगेतर को यह समझाना होगा कि बच्चे के लिए आपके एग्स का हेल्दी होना जितना ज़रूरी है, उतना ही उनके स्पर्म की अच्छी क्वालिटी का होना भी ज़रूरी है. एंटी मुलेरियन हार्मोन (एएमएच) नामक ब्लड टेस्ट के ज़रिए आप अपने ओवेरियन रिज़र्व लेवल के बारे में पता कर सकती हैं. हालांकि इससे आपको एग्स के बारे में पता नहीं चलेगा, पर यह आपको आगे आईवीएफ में मददगार साबित हो सकता है. अपने मंगेतर के साथ डॉक्टर से मिलकर इस बारे में अधिक जानकारी लें.

ये भी पढें: बिना सर्जरी ब्लैडर प्रोलैप्स का क्या इलाज है?

resized
मैं 38 वर्षीया महिला हूं. मेरी पिछली डिलीवरी हॉस्पिटल पहुंचने से पहले घर पर ही हो गई थी, जिसके बाद से ही मुझे पीठदर्द और शरीर के निचले हिस्से में भारीपन महसूस हो रहा है. डॉक्टर के मुताबिक़ मेरा गर्भाशय और यूरिनरी ब्लैडर का कुछ हिस्सा नीचे की ओर खिसक गया है. मैं सर्जरी नहीं करवाना चाहती, इसलिए उन्होंने मुझे रिंग पेसरी इंसर्ट करवाने की सलाह दी है, पर इसे हर 3 महीने में बदलना होगा. मुझे क्या करना चाहिए? आप क्या सलाह देंगी.
– मोहिनी राव, नोएडा.

आपके द्वारा बताए लक्षणों से लग रहा है कि आपको गर्भाशय व यूरिनरी ब्लैडर का प्रोलैप्स हुआ है. जैसा कि आपने बताया रिंग पेसरी आपकी समस्या का एक अस्थायी विकल्प है, जो गर्भाशय को उसकी जगह पर वापस पहुंचा देता है, पर इसे हर 3 महीने में या इंफेक्शन होने पर निकलवाना पड़ता है. सर्जरी इसका स्थायी इलाज है, पर चूंकि आप सर्जरी नहीं करवाना चाहतीं, इसलिए इसे ट्राई कर सकती हैं.

ये भी पढें: क्या प्रेग्नेंसी में बहुत ज़्यादा उल्टियां होना नॉर्मल है?

rajeshree-kumar-167x250
डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

 

 

हर बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार  उपाय जानने के लिए इंस्टॉल करे मेरी सहेली आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ ऐप