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व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय (10 Best Home Remedies To Cure White Discharge In Women)

व्हाइट डिस्चार्ज (White Discharge) (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय (Home Remedies) आज़माकर आप आसानी से व्हाइट डिस्चार्ज से छुटकारा पा सकती हैं. व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) महिलाओं (Women) की एक आम समस्या (Common Problem) है. हर महिला को कभी न कभी व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या हो ही जाती है, ऐसे में व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय आपके बहुत काम आएंगे.

Home Remedies To Cure White Discharge

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या मानसिक भी हो सकती है
क्या आप जानती हैं कि महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या पति-पत्नी में आपसी मतभेद या तनाव के कारण भी हो सकती है? जी हां, यदि आपके अपने पार्टनर से रिश्ते मधुर नहीं हैं, तो इसके कारण भी आपको व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या हो सकती है. व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) की समस्या के क्या कारण होते हैं और इससे कैसे छुटकारा पाया जाए, बता रही हैं साइकोलॉजिस्ट और वुमन हेल्थ काउंसलर नम्रता जैन.

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) के कारण और उससे बचने के उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

 

व्हाइट डिस्चार्ज (श्‍वेत प्रदर) से बचने के 10 घरेलू उपाय:
1) रोज़ाना दो-तीन केला खाने से श्‍वेतप्रदर की समस्या दूर होती है.
2) 3 ग्राम आंवले का पाउडर शहद के साथ दिन में तीन बार चाटने से लाभ होता है.
3) गूलर का फूल पीसकर और उसमें मिश्री व शहद मिलाकर दो-तीन बार सेवन करने से फ़ायदा मिलता है.
4) स़फेद मूसली पाउडर या ईसबगोल को सुबह- शाम शर्बत के साथ पीने से आराम मिलता है.
5) हरे आंवले को पीस कर उसे जौ के आटे में मिलाकर उसकी रोटी एक महीने तक खाने से श्‍वेतप्रदर से आराम मिलता है.

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6) टमाटर का रोज़ाना सेवन करने से भी फ़ायदा मिलता है.
7) फालसे का शर्बत पीने से श्‍वेत प्रदर में आराम मिलता है.
8) मुलहठी 10 ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, जीरा 5 ग्राम, अशोक की छाल 10 ग्राम- इन सभी का चूर्ण बनाकर रख लें. इसमें 3 से 4 ग्राम चूर्ण दिन में तीन बार खाएं.
9) कच्चे केले को सुखाकर चूर्ण बना लें. उसमें समान मात्रा में गुड़ मिलाकर दिन में तीन बार कुछ दिन तक लेने से आराम मिलता है.
10) सिंघाड़ा, गोखरू, बड़ी इलायची, बबूल की गोंद, शक्कर, सेमल की गोंद समान मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम लें.

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Personal Problems: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए? (Contraception During Breastfeeding)

Contraception During Breastfeeding
मैं 27 वर्षीया महिला हूं और मेरा पांच महीने का एक बेटा भी है. मैं उसे ब्रेस्टफीडिंग कराती हूं. मेरे पीरियड्स अभी तक शुरू नहीं हुए हैं. क्या मुझे गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए?
– चंचल शुक्ला, नोएडा.
आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली महिलाओं को क़रीब 3-4 महीने तक गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं होती. पर अगर आपने बच्चे को ऊपरी पोषण देना शुरू कर दिया है या आप उसका दूध छुड़ाना चाहती हैं, तो भले ही आपके पीरियड्स नहीं आए हैं, फिर भी आपको गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए. आप गायनाकोलॉजिस्ट से मिल सकती हैं, जो आपको गर्भनिरोधक के कुछ ऑप्शन्स बता सकते हैं. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान प्रोजेस्टेरॉन युक्त पिल्स का इस्तेमाल सेफ रहता है. इससे बच्चे व दूध दोनों पर कोई असर नहीं होता. इसके अलावा गायनाकोलॉजिस्ट आपको इंट्रायूटेराइन डिवाइस या फिर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दे सकते हैं.

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Contraception During Breastfeeding
मैं 38 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ समय से मुझे बाएं ब्रेस्ट में गांठ महसूस हो रही है, जबकि मेरे परिवार में आज तक किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– राजी मल्होत्रा, भोपाल.
अपने ब्रेस्ट का सेल्फ इक्ज़ामिनेशन बहुत हेल्दी आदत है. हर महीने पीरियड्स ख़त्म होने के 5-10 दिनों के भीतर ब्रेस्ट्स को हल्के हाथों से दबाकर चेक करना चाहिए. जैसाकि आपको गांठ महसूस हुई है, तो आपको तुरंत स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए. शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टर आपको मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं. यह अच्छी बात है कि आपके परिवार में कभी किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, पर इसका यह मतलब नहीं कि आप डॉक्टर को न दिखाएं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
rajsh[email protected]

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है? (Is It Safe To Conceive In Diabetes?)

Safe To Conceive In Diabetes
मैं 31 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और मेरा एक तीन साल का बेटा भी है. हाल ही में जांच में पता चला कि मुझे डायबिटीज़ है. मैं दूसरा बच्चा चाहती हूं, पर क्या डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है?
– कोमल सक्सेना, रोहतक.

डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है, इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. अगर आप दूसरा बच्चा चाहती हैं, तो अब आपको बिल्कुल भी देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि आपकी उम्र बढ़ रही है. इसके लिए सबसे ज़्यादा ध्यान देनेवाली बात यह है कि जब भी आप कंसीव करें, तो आपका शुगर लेवल सामान्य रहे. इसके लिए आप रेग्युलर चेकअप कराती रहें. प्रेग्नेंसी से पहले काउंसलिंग के लिए अपने गायनाकोलॉजिस्ट से ज़रूर मिलें. वह आपके डायबेटोलॉजिस्ट से मिलकर इस बात की पुष्टि कर लेंगे कि गर्भधारण के समय आप दवाइयों का सही तरी़के से सेवन कर रही हैं.

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Safe To Conceive In Diabetes

मैं 34 वर्षीया महिला हूं. मेरी एक बार सीज़ेरियन डिलीवरी हो चुकी है. अब मेरे गर्भाशय में 6 सें.मी. का फायब्रॉइड है, पर मुझे उससे कोई तकलीफ़ नहीं है. ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
– रागिनी यादव, लखनऊ.

महिलाओं में फायब्रॉइड्स का होना आम बात है. फायब्रॉइड्स कैंसर रहित होते हैं, इसलिए इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. ये बहुत ही धीमी गति से बढ़ते हैं, इसलिए महिलाओं को कंसीव करने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती. अगर आपको इससे कोई तकलीफ़ नहीं है, तो आपको इस बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. पर हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट को ज़रूर कंसल्ट करें. वो आपको साल में एक बार सोनोग्राफी के ज़रिए उसे मॉनिटर करने की सलाह दे सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है? (Do Contraceptive Pills Increase Risk Of Breast Cancer?)

Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मेरी कई सहेलियां गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, पर उनके अनुसार इसके ज़्यादा सेवन से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है. क्या यह सच है?
– रश्मि भूषण, रोहतक.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उनमें बाकी महिलाओं के मुक़ाबले बे्रस्ट कैंसर, लिवर व सर्वाइकल कैंसर की संभावना थोड़ी ज़्यादा बढ़ जाती है. वैसे कई और कारण हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा देते हैं, जैसे- कम उम्र में पीरियड्स की शुरुआत, हार्मोनल कारण, देरी से मेनोपॉज़ होना, पहली प्रेग्नेंसी ज़्यादा उम्र में होना, बच्चे न होना आदि.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मैं 41 वर्षीया महिला हूं और कमरदर्द से परेशान हूं. पेनकिलर्स लेने पर आराम हो जाता है, पर फिर स्थिति वही हो जाती है. डॉक्टर ने मुझे विटामिन डी3 लेवल चेक कराने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है?
– ज्योति पांडे, भोपाल.

विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं, डी2 और डी3. जहां डी2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है, वहीं डी3 भोजन के अलावा सूरज की रोशनी से भी मिलता है. कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म और बोन रिमॉडलिंग में इसका इस्तेमाल होता है. विटामिन डी हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ-साथ, बे्रन को डेवलप करने और हार्ट को हेल्दी बनाने का काम करता है. हड्डियों की मज़बूती के लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपना डी3 लेवल चेक कराएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपमें इसकी कमी तो नहीं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं?

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है? (How Can I Check My Fertility?)

मैं 38 वर्षीया महिला हूं और कुछ ही महीनों में अपने 39 वर्षीय मंगेतर से शादी करनेवाली हूं. मेरे मंगेतर को बच्चों का बहुत शौक़ है, इसलिए वो जानना चाहते हैं कि इस उम्र में मेरे कंसीव करने के कितने चांसेज़ हैं? क्या ऐसा कोई टेस्ट है, जिसके ज़रिए मैं इस बारे में पता कर सकती हूं? कृपया मार्गदर्शन करें. 
– ममता मेनन, ग्वालियर.

यह सच है कि 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं में फर्टिलिटी का लेवल तेज़ी से नीचे गिरता है, पर आपको अपने मंगेतर को यह समझाना होगा कि बच्चे के लिए आपके एग्स का हेल्दी होना जितना ज़रूरी है, उतना ही उनके स्पर्म की अच्छी क्वालिटी का होना भी ज़रूरी है. एंटी मुलेरियन हार्मोन (एएमएच) नामक ब्लड टेस्ट के ज़रिए आप अपने ओवेरियन रिज़र्व लेवल के बारे में पता कर सकती हैं. हालांकि इससे आपको एग्स के बारे में पता नहीं चलेगा, पर यह आपको आगे आईवीएफ में मददगार साबित हो सकता है. अपने मंगेतर के साथ डॉक्टर से मिलकर इस बारे में अधिक जानकारी लें.

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मैं 38 वर्षीया महिला हूं. मेरी पिछली डिलीवरी हॉस्पिटल पहुंचने से पहले घर पर ही हो गई थी, जिसके बाद से ही मुझे पीठदर्द और शरीर के निचले हिस्से में भारीपन महसूस हो रहा है. डॉक्टर के मुताबिक़ मेरा गर्भाशय और यूरिनरी ब्लैडर का कुछ हिस्सा नीचे की ओर खिसक गया है. मैं सर्जरी नहीं करवाना चाहती, इसलिए उन्होंने मुझे रिंग पेसरी इंसर्ट करवाने की सलाह दी है, पर इसे हर 3 महीने में बदलना होगा. मुझे क्या करना चाहिए? आप क्या सलाह देंगी.
– मोहिनी राव, नोएडा.

आपके द्वारा बताए लक्षणों से लग रहा है कि आपको गर्भाशय व यूरिनरी ब्लैडर का प्रोलैप्स हुआ है. जैसा कि आपने बताया रिंग पेसरी आपकी समस्या का एक अस्थायी विकल्प है, जो गर्भाशय को उसकी जगह पर वापस पहुंचा देता है, पर इसे हर 3 महीने में या इंफेक्शन होने पर निकलवाना पड़ता है. सर्जरी इसका स्थायी इलाज है, पर चूंकि आप सर्जरी नहीं करवाना चाहतीं, इसलिए इसे ट्राई कर सकती हैं.

ये भी पढें: क्या प्रेग्नेंसी में बहुत ज़्यादा उल्टियां होना नॉर्मल है?

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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