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Personal Problems: दो साल में सिर्फ दो बार पीरियड्स आए (Reasons For Irregular Periods)

Reasons For Irregular Periods
मैं 18 साल की कॉलेज स्टूडेंट हूं. 13 साल की उम्र में मेरे पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर कभी नियमित रूप से पीरियड्स आए नहीं. पिछले दो साल में स़िर्फ दो बार पीरियड्स आए हैं. डॉक्टर का कहना है कि इस उम्र में ऐसा होना सामान्य है, पर मेरी सभी सहेलियों के पीरियड्स नियमित हैं, इसलिए मुझे चिंता हो रही है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– सरोजनी राय, नोएडा.

आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के दो साल तक अनियमित रहते हैं. कभी-कभार तो डेढ़ या दो महीने बाद पीरियड्स आते हैं, पर ज़्यादातर मामलों में 2 साल के बाद पीरियड्स नियमित हो जाते हैं, जबकि आपके मामले में ऐसा नहीं हुआ. आपको डरने की ज़रूरत नहीं. डॉक्टर से मिलकर आपको जनरल चेकअप के साथ-साथ कुछ ब्लड टेस्ट्स कराने होंगे, ताकि किसी भी तरह के हार्मोनल इश्यूज़ के बारे में पता चल सके. हो सकता है, इसका कारण थायरॉइड या पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ हो, पर आप घबराएं नहीं, क्योंकि हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए तुलना न करें, बल्कि डॉक्टर से मिलें.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: छाती की गांठ फाइब्रोइडोनोमा है, क्या करूं? (Fibroadenoma Of The Breast: Everything You Need To Know)

Reasons For Irregular Periods

मैं 27 वर्षीया वर्किंग वुमन हूं. पिछले दिनों पेट के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत के कारण डॉक्टर की सलाह पर सोनोग्राफी करवाई. रिपोर्ट में मेरी ओवरीज़ में 5 से.मी. का सिस्ट दिखा है. मेरे गायनाकोलॉजिस्ट ने कहा है कि घबराने की कोई बात नहीं और 3 महीने बाद फॉलोअप करने की सलाह दी है. मैं बहुत परेशान हूं, कृपया मार्गदर्शन करें.
– रीना शुक्ला, नई दिल्ली.

आपकी रिपोर्ट में जिस सिस्ट के बारे में लिखा गया है, उसे फिज़ियोलॉजिकल सिस्ट कहते हैं. महिलाओं की रिप्रोडक्टिव एज में यह आम बात है. अगर घबराने की कोई बात होती, तो डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट्स करने की सलाह देतीं, क्योंकि आपको 3 महीने बाद फॉलोअप के लिए बुलाया गया है, इससे पता चलता है कि कोई गंभीर बात नहीं है. सिस्ट के आकार में कोई बदलाव आया या नहीं, यह जानने के लिए फॉलोअप बहुत ज़रूरी है.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: सेक्स के दौरान वेजाइनल ब्लीडिंग के क्या कारण हो सकते हैं? (Causes Of Vaginal Bleeding During Sex)

 Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: छाती की गांठ फाइब्रोइडोनोमा है, क्या करूं? (Fibroadenoma Of The Breast: Everything You Need To Know)

मैं 31 वर्षीया महिला हूं और मेरी दाहिनी छाती में एक गांठ है. डायग्नॉसिस के लिए डॉक्टर ने मैमोग्राफी की बजाय अल्ट्रासोनोग्राफी करवाई. सही नतीजे पर पहुंचने के लिए बायोप्सी भी करवाई, जिसमें पता चला कि मुझे फाइब्रोइडोनोमा (Fibroadenoma) है. डॉक्टर ने मुझे कुछ भी न करने की सलाह दी है. क्या यह सही है?
– मेघा वर्मा, लुधियाना.

यह बहुत अच्छी बात है कि आपने बायोप्सी करवा ली है और रिपोर्ट में महज़ फाइब्रोइडोनोमा पाया गया है. इस उम्र में यह बहुत-सी महिलाओं को होता है, इसमें घबरानेवाली कोई बात नहीं. आपको मैमोग्राफी की बजाय अल्ट्रासोनोग्राफी कराने के लिए इसलिए कहा गया, क्योंकि आप 35 साल से कम उम्र की हैं. कम उम्र में मैमोग्राफी की बजाय सोनोग्राफी से ज़्यादा अच्छी तरह से जांच होती है और इसमें रेडिएशन का असर भी कम होता है, इसलिए डॉक्टर ने यह टेस्ट करवाया. एक बात का ख़ास ख़्याल रखें कि महीने में एक बार सेल्फ एक्ज़ामिनेशन ज़रूर करें.

यह भी पढ़ें:  पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या कॉपर टी निकलवाने के तुरंत बाद फर्टिलिटी लौट आती है? (How Long After IUD Removal Can I Get Pregnant?)

Fibroadenoma

 

मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

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Personal Problems: गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल के लिए क्या गायनाकोलॉजिस्ट से मिलना होगा? (Do I Actually Need To See A Doctor For Birth Control?)

मैं 25 वर्षीया स्वस्थ महिला हूं और मुझे कोई हेल्थ प्रॉब्लम (Health Problem) भी नहीं है. मैं गर्भनिरोधक गोलियों (Contraceptive Pills) का इस्तेमाल करना चाहती हूं, पर क्या इसके लिए मुझे किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलना पड़ेगा.
– आशा मल्होत्रा, दिल्ली.

आप बिना किसी डॉक्टर की सलाह के ख़ुद से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन बिल्कुल न करें. एक ओर जहां सभी गर्भनिरोधक गोलियां अलग-अलग होती हैं, वहीं हर महिला की ज़रूरत भी अलग होती है. इसलिए गर्भनिरोधक गोली शुरू करने से पहले डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन बहुत ज़रूरी है. प्रिस्क्रिप्शन से पहले डॉक्टर आपका बेसिक एक्ज़ामिनेशन करते हैं और उस गोली के फ़ायदे और गोली लेने का सही तरीक़ा भी बताते हैं. साथ ही अगर उस गोली से कोई साइड इफेक्ट हो सकता है, तो वो भी बता देते हैं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: कई सालों से हेवी ब्लीडिंग से परेशान हूं (Heavy Menstrual Bleeding Causes And Diagnosis)

Birth Control

मैं 32 वर्षीया महिला हूं. मेरी एक बार सीज़ेरियन डिलीवरी हो चुकी है. अब मेरे गर्भाशय में 6 सें.मी. का फायब्रॉइड है, पर मुझे उससे कोई तकलीफ़ नहीं है. ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
– रागिनी यादव, लखनऊ.

महिलाओं में फायब्रॉइड्स का होना आम बात है. फायब्रॉइड्स कैंसर रहित होते हैं, इसलिए इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. ये बहुत ही धीमी गति से बढ़ते हैं, इसलिए महिलाओं को कंसीव करने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती. अगर आपको इससे कोई तकलीफ़ नहीं है, तो आपको इस बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. पर हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट को ज़रूर कंसल्ट करें. वो आपको साल में एक बार सोनोग्राफी के ज़रिए उसे मॉनिटर करने की सलाह दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: एंडोमेटिरियोसिस क्या होता है? (Endometriosis: Symptoms, Causes And Treatment)

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: क्या मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी टेस्ट की ज़रूरत है? (Do I Need Diagnostic Laparoscopy Test?)

मेरी उम्र 35 साल है. शादी को 5 साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी और मेरे पति की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, फिर भी डॉक्टर ने मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी (Diagnostic Laparoscopy) की सलाह दी है, मुझे इस टेस्ट (Test) की ज़रूरत है?
– रजनी जोगी, भागलपुर.

मैं समझ सकती हूं कि आप ऑपरेशन की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपी टेस्ट एनीस्थिसिया की मदद से किया जाता है, जिसमें पेट, गर्भाशय, ट्यूब्स, ओवरीज़, पिछला कोई पेल्विक इंफेक्शन या फिर एंडोमिटिरियोसिस की संभावना की जांच की जाती है. कुछ मामलों में देखा गया है कि ओवरीज़ में एग तो बनते हैं, पर किसी इंफेक्शन के कारण ट्यूब्स के सिकुड़न या टेढ़ेपन की वजह से महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. इसलिए यह टेस्ट ज़रूरी है, ताकि सही तरी़के से आपकी जांच हो सके.

Diagnostic Laparoscopy Test

मेरी पिछली प्रेग्नेंसी बहुत कष्टदायक थी. डिलीवरी के बाद नाल अपने आप नहीं निकली, इसलिए एनीस्थिसिया देकर निकालना पड़ा. इसके बाद खून की कमी हो गई और मुझे ब्लड चढ़ाना पड़ा. उसके बाद कई दिनों तक मुझे बहुत कमज़ोरी महसूस हुई. मैं दोबारा प्रेग्नेंट हूं और मुझे डर है कि कहीं पिछली बार वाली प्रॉब्लम दोबारा न हो जाए?
– ममता मेहता, चंडीगढ़.

जिस प्रकिया से आप गुज़री हैं, उसे नाल का मैन्युअल रिमूवल कहते हैं. इसका कारण गर्भाशय के आकार का असामान्य होना हो सकता है. असामान्य आकार के कारण नाल को निकलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए उसे डॉक्टर को मैन्युअली निकालना पड़ता है. ऐसा दोबारा होने की भी संभावना है. अपने ऑब्सट्रेटीशियन को इस बारे में बता दें, ताकि वो पहले से ही ब्लड का इंतज़ाम कर सकें और ज़्यादा परेशानी न हो.

यह भी पढ़ें: क्या इमरजेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स के साइड इफेक्ट्स होते हैं? (Does Emergency Contraceptives Have Any Side Effects?)

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

Dr. Rajshree Kumar

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: कंसीव न कर पाने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be Possible Reasons For Non Conception?)

मैं 26 वर्षीया महिला हूं. ढाई साल पहले मेरी शादी हुई थी, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मुझे इसके लिए क्या करना होगा?
– शीतल पटेल, सूरत.

अगर गर्भधारण के लिए ट्राई करते हुए आपको 12 महीने से ज़्यादा का समय हो गया है, तो आपको इसके लिए किसी एक्सपर्ट डॉक्टर, जैसे- गायनाकोलॉजिस्ट या फर्टिलिटी एक्सपर्ट को मिलना होगा. वो कुछ टेस्ट्स करके चेक करेंगे कि आपके केस में सबकुछ ठीक है या नहीं. कंसेप्शन के लिए कुछ बातें ज़रूरी हैं, जैसे- हर महीने महिला के ओवरीज़ से एग का रिलीज़ होना, एग फैलोपियन ट्यूब्स से होकर यूटरस में पहुंचे और इस दौरान एग पुरुष के स्पर्म से फर्टिलाइज़ हो और फिर फर्टिलाइज़्ड एग यूटरस में प्लांट हो. इस पूरी प्रक्रिया में आपके एग्स और ओव्यूलेशन काफ़ी मायने रखता है, इसलिए डॉक्टर टेस्ट के ज़रिए आपके ओवेरियन रिज़र्व को चेक करेंगी. आप चाहें, तो किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से भी मिल सकती हैं.

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urine infection
मैं 32 वर्षीया महिला हूं. कैसे कहूं, समझ में नहीं आ रहा, पर मुझे बार-बार यूरिन इंफेक्शन की समस्या हो जाती है. मैं क्या करूं, कृपया बताएं.
– उमा पांडे, कानपुर.

जर्म्स और बैक्टीरिया के कारण क्रॉनिक यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होता है, पर ई-कोली बैक्टीरिया इसका मुख्य कारण हो सकता है. बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होना, यूरिन में ब्लड आना, ब्लैडर एरिया में दर्द और लोअर बैक में दर्द होना इसके लक्षण हैं. अगर यूरिन इंफेक्शन आपकी किडनी तक पहुंच जाए, तो बुख़ार, उल्टी आना, चक्कर आना और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कुछ बैक्टीरिया यूरिन के ज़रिए बड़ी तेज़ी से बढ़ते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी के कारण भी महिलाएं इसकी शिकार हो सकती हैं. कम पानी पीना और अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल भी आपको यह इंफेक्शन दे सकता है, इसलिए सावधान रहें. ख़ूब पानी पीएं, ताकि जर्म्स शरीर से फ्लश आउट हो जाएं. किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें.

यह भी पढ़ें:  पीरियड्स देरी से आने के क्या कारण हो सकते हैं? (What Could Be The Reasons For Delayed Periods?)

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Personal Problems: सिर्फ़ 2 दिन पीरियड्स आना क्या मेनोपॉज़ की निशानी है? (Can Periods For 2 Days Mark Sign Of Menopause?)

Periods, Sign Of Menopause
Personal Problems: सिर्फ़ 2 दिन पीरियड्स आना क्या मेनोपॉज़ की निशानी है? (Can Periods For 2 Days Mark Sign Of Menopause?)
मेरी उम्र 39 साल है. 1 साल पहले मैं डिप्रेशन में थी और पिछले 7 महीनों से मेरे पीरियड्स सिर्फ़ 2 दिन ही रहते हैं और ब्लीडिंग भी बहुत कम होती है. क्या यह मेनोपॉज़ की निशानी है या फिर मुझे किसी तरह का ट्रीटमेंट लेना होगा?      
– विमला चंदेला, देहरादून.    

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- हार्मोंस का असंतुलन, पोषण की कमी, पीसीओएस, थायरॉइड प्रॉब्लम्स आदि. अपनी मां से इस बारे में पूछें कि आपके परिवार में अर्ली मेनोपॉज़ की हिस्ट्री तो नहीं. आपको कुछ ब्लड टेस्ट भी कराने होंगे. साथ ही अपना ओवेरियन रिज़र्व भी चेक कराएं और सोनोग्राफी करवाएं, ताकि पता चल सके कि कितने साल और रुक सकते हैं. इसके अलावा अगर आपको किसी तरह की तकलीफ़ हो रही है, तो आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें, वो आपको इस बारे में बेहतर बता पाएंगे.

Periods, Sign Of Menopause
पिछले एक साल से हर पीरियड्स के बाद मुझे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो जाता है, जिसके लिए मुझे एंटीबायोटिक्स लेनी पड़ती हैं और पीरियड्स भी समय पर नहीं आते. मैं बहुत परेशान हो गई हूं, कृपया, मेरी मदद करें. 
– सुहानी बत्रा, चंडीगढ़.  

यह बहुत ही कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम है.  ज़्यादातर यूरिन इंफेक्शन्स का कारण बैक्टीरिया होते हैं, जो हमारी ही आंतों से आते हैं. ये आंतों को तो कोई नुक़सान नहीं पहुंचाते, लेकिन जब शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंच जाते हैं, तब इंफेक्शन का कारण बनते हैं. कुछ बैक्टीरिया आपके गुदा द्वार में रहते हैं, जो ब्लैडर तक पहुंचकर यूरिन इंफेक्शन का कारण बनते हैं. सेक्सुअल एक्टिविटी और अनहाइजीनिक पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने के कारण भी महिलाओं को इंफेक्शन हो सकता है. भरपूर पानी पीएं और साथ ही क्रैनबेरी का जूस और नींबू पानी लें. और हां, पीरियड्स का यूटीआई से कोई कनेक्शन नहीं है. इस बारे में अपने गायनाकोलॉजिस्ट को बताएं.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
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घुटनों के दर्द से राहत दिलाएगा ये घरेलू नुस्ख़ा, देखें वीडियो:

 

 

 

Personal Problems: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए? (Contraception During Breastfeeding)

Contraception During Breastfeeding
मैं 27 वर्षीया महिला हूं और मेरा पांच महीने का एक बेटा भी है. मैं उसे ब्रेस्टफीडिंग कराती हूं. मेरे पीरियड्स अभी तक शुरू नहीं हुए हैं. क्या मुझे गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए?
– चंचल शुक्ला, नोएडा.
आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली महिलाओं को क़रीब 3-4 महीने तक गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं होती. पर अगर आपने बच्चे को ऊपरी पोषण देना शुरू कर दिया है या आप उसका दूध छुड़ाना चाहती हैं, तो भले ही आपके पीरियड्स नहीं आए हैं, फिर भी आपको गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए. आप गायनाकोलॉजिस्ट से मिल सकती हैं, जो आपको गर्भनिरोधक के कुछ ऑप्शन्स बता सकते हैं. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान प्रोजेस्टेरॉन युक्त पिल्स का इस्तेमाल सेफ रहता है. इससे बच्चे व दूध दोनों पर कोई असर नहीं होता. इसके अलावा गायनाकोलॉजिस्ट आपको इंट्रायूटेराइन डिवाइस या फिर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दे सकते हैं.

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Contraception During Breastfeeding
मैं 38 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ समय से मुझे बाएं ब्रेस्ट में गांठ महसूस हो रही है, जबकि मेरे परिवार में आज तक किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– राजी मल्होत्रा, भोपाल.
अपने ब्रेस्ट का सेल्फ इक्ज़ामिनेशन बहुत हेल्दी आदत है. हर महीने पीरियड्स ख़त्म होने के 5-10 दिनों के भीतर ब्रेस्ट्स को हल्के हाथों से दबाकर चेक करना चाहिए. जैसाकि आपको गांठ महसूस हुई है, तो आपको तुरंत स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए. शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टर आपको मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं. यह अच्छी बात है कि आपके परिवार में कभी किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, पर इसका यह मतलब नहीं कि आप डॉक्टर को न दिखाएं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

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Personal Problems: मेनोपॉज़ के बाद कभी-कभी ब्लीडिंग होती है (Bleeding After Menopause: Causes & Treatment)

मैं 55 साल की हूं और 3 साल पहले मेरा मेनोपॉज़ हुआ है. लेकिन मेरी समस्या यह है कि पिछले 2 महीनों से मुझे कभी-कभी ब्लीडिंग हो रही है, जिसके कारण मैं बहुत चिंतित हूं. ऐसा क्यों हो रहा है?

– ज्योति छाया, हरियाणा.

मेनोपॉज़ के बाद रक्तस्राव को साधारण नहीं समझना चाहिए और आपको फ़ौरन गायनाकोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए. ऐसा निम्न कारणों से हो सकता है– अगर आप हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का इस्तेमाल कर रही हों, आपको फायब्रॉयड या गर्भाशय कैंसर की शिकायत हो, योनि कैंसर हो, सर्वाइकल कैंसर या यूटेरियन कैंसर की शिकायत हो. ऐसा सर्वाइकल या योनि में इंफेक्शन के कारण भी हो सकता है. बेहतर होगा कि आप अपना पूरा चेकअप करवाएं.

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Bleeding After Menopause, Causes, Treatment

मुझे दो महीने का गर्भ है. ये मेरा पहला बच्चा है. मुझे सुबह बहुत चक्कर आता है और उल्टियां भी होती हैं. मुझे क्या करना चाहिए?

– कार्तिका, नासिक.

गर्भावस्था में सुबह के समय नॉसिया या उल्टी होना सामान्य बात है. अगर आप खाली पेट हैं तो आपकी समस्या और भी बढ़ सकती है. सुबह उठने के बाद बिस्किट और चाय या दूध लें. खाली पेट कभी न रहें. दिन के समय भी कार्बोहाइड्रेड से युक्त आहार लें. फैटी फूड से परहेज़ करें. ये शिकायत सामान्यत: तीसरे महीने के बाद दूर हो जाती है. अगर ऊपर बताए गए निर्देशों का पालन करने के बाद भी आराम नहीं मिलता है, तो डॉक्टर से मिलें जो आपको उल्टियां बंद करने के लिए कोई गोलियां देंगे.

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले मेडिकल चेकअप करवाना चाहिए? (Do I Need Pre Pregnancy Checkups?)

Need Pre Pregnancy Checkups
मैं 35 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और मुझे बेटा भी है. मैं एक स्वस्थ महिला हूं और मुझे कोई बुरी आदत भी नहीं है. अगर मुझे दूसरा बच्चा चाहिए, तो क्या मुझे कंप्लीट मेडिकल चेकअप की ज़रूरत है?
– रंजना शिंदे, पुणे.

प्रेग्नेंसी के दौरान मां व बच्चे दोनों की अच्छी सेहत के लिए मां का स्वस्थ होना बहुत ज़रूरी है. प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले सभी ज़रूरी टेस्ट्स करवाएं. रेग्युलर हेल्थ चेकअप में ब्लड टेस्ट ज़रूर करवाएं. इससे थायरॉइड, डायबिटीज़ और ओबेसिटी जैसी बीमारियों का पता उनके शुरुआती दौर में ही चल जाता है. थायरॉइड के कारण जहां कंसीव करने में परेशानी होती है, वहीं डायबिटीज़ व ओबेसिटी से प्रेग्नेंसी के दौरान द़िक्क़तें आ सकती हैं. अगर कंसीव करने से पहले इनका पता चल जाए, तो सही तरी़के से इलाज किया जा सकता है और प्रेग्नेंसी में कोई प्रॉब्लम नहीं आती. प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट को मिलें.

 Need Pre Pregnancy Checkups
मेरी बेटी की उम्र 15 साल है. पीरियड्स के दौरान उसे बहुत दर्द होता है. क्या उसे इलाज की ज़रूरत है? क्या उसे किसी डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
– ममता शाह, सूरत.

दर्दयुक्त माहवारी आपकी बेटी की सेहत के साथ-साथ उसकी पढ़ाई-लिखाई व पर्सनल लाइफ को भी प्रभावित कर सकती है. अगर इसके कारण वह अपनी लाइफ नॉर्मल तरी़के से जी नहीं पा रही है, तो आपको ज़रूर उसका इलाज कराना चाहिए. यह कई कारणों से हो सकता है, इसलिए सबसे पहले किसी एक्सपर्ट डॉक्टर से उसका चेकअप कराएं. वो उसे सोनोग्राफी करवाने की सलाह दे सकते हैं. पूरा चेकअप हो जाने के बाद डॉक्टर आपको कुछ पेनकिलर्स या ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की सलाह दे सकते हैं.

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: बहुत जल्दी क्यों थक जाती हूं मैं? (Why Do I Get Tired Very Soon?)

Why Do I Get Tired Very Soon During Periods
मैं 23 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मेरे पीरियड्स अनियमित हैं और मेरा वज़न भी काफ़ी बढ़ गया है. इसके अलावा कुछ भी करने पर मैं बहुत जल्दी थक जाती हूं. मुझे क्या करना चाहिए? कृपया, मेरा मार्गदर्शन करें.
– ख़ुशी अग्रवाल, अजमेर.

हमारी बदलती लाइफस्टाइल का ही नतीजा है कि आजकल लोगों का वज़न पहले के मुक़ाबले ज़्यादा तेज़ी से बढ़ने लगा है. बढ़ते हुए वज़न के कारण शरीर में हार्मोंस अनियंत्रित हो सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप अनियमित माहवारी, शरीर पर अधिक बाल आना, चेहरे पर कील-मुंहासे और बालों का गिरना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं. मैं आपको यही सलाह दूंगी कि आप रोज़ाना आधा-एक घंटा एक्सरसाइज़, योगा व प्राणायाम करें और जंक फूड कम से कम खाएं. अनियमित माहवारी की समस्या को दूर करने के लिए किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें.

 Why Do I Get Tired Very Soon During Periods
मेरी उम्र 29 साल है और हाल ही में मेरा लगातार दूसरा मिसकैरेज हो गया, जो दो महीने का था. क्या इसका यह मतलब है कि भविष्य में मैं कभी हेल्दी बच्चे को जन्म नहीं दे पाऊंगी?
– श्यामली राव, नागपुर.

ये बड़े दुर्भाग्य की बात है कि आजकल गर्भपात के मामले बहुत तेज़ी से बढ़े हैं और यह एक आम बात हो गई है. लगातार तीसरी बार गर्भपात की आशंका बहुत ही कम होती है. इसका कारण पैरेंट्स में किसी जेनेटिक समस्या का होना भी हो सकता है. इसलिए सबसे पहले किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट को मिलकर गर्भपात के कारणों को जानने के लिए सारे ज़रूरी टेस्ट्स कराएं. सही कारण पता चलते ही तुरंत इलाज कराएं. आप सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें. भविष्य में आप जल्दी ही एक हेल्दी बच्चे को जन्म देंगी.

 

डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है? (Is It Safe To Conceive In Diabetes?)

Safe To Conceive In Diabetes
मैं 31 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं और मेरा एक तीन साल का बेटा भी है. हाल ही में जांच में पता चला कि मुझे डायबिटीज़ है. मैं दूसरा बच्चा चाहती हूं, पर क्या डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है?
– कोमल सक्सेना, रोहतक.

डायबिटीज़ में गर्भधारण सुरक्षित है, इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. अगर आप दूसरा बच्चा चाहती हैं, तो अब आपको बिल्कुल भी देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि आपकी उम्र बढ़ रही है. इसके लिए सबसे ज़्यादा ध्यान देनेवाली बात यह है कि जब भी आप कंसीव करें, तो आपका शुगर लेवल सामान्य रहे. इसके लिए आप रेग्युलर चेकअप कराती रहें. प्रेग्नेंसी से पहले काउंसलिंग के लिए अपने गायनाकोलॉजिस्ट से ज़रूर मिलें. वह आपके डायबेटोलॉजिस्ट से मिलकर इस बात की पुष्टि कर लेंगे कि गर्भधारण के समय आप दवाइयों का सही तरी़के से सेवन कर रही हैं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एनीमिया के कारण कंसीव नहीं कर पाऊंगी?

Safe To Conceive In Diabetes

मैं 34 वर्षीया महिला हूं. मेरी एक बार सीज़ेरियन डिलीवरी हो चुकी है. अब मेरे गर्भाशय में 6 सें.मी. का फायब्रॉइड है, पर मुझे उससे कोई तकलीफ़ नहीं है. ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
– रागिनी यादव, लखनऊ.

महिलाओं में फायब्रॉइड्स का होना आम बात है. फायब्रॉइड्स कैंसर रहित होते हैं, इसलिए इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. ये बहुत ही धीमी गति से बढ़ते हैं, इसलिए महिलाओं को कंसीव करने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती. अगर आपको इससे कोई तकलीफ़ नहीं है, तो आपको इस बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. पर हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट को ज़रूर कंसल्ट करें. वो आपको साल में एक बार सोनोग्राफी के ज़रिए उसे मॉनिटर करने की सलाह दे सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भनिरोधक गोलियों से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है? (Do Contraceptive Pills Increase Risk Of Breast Cancer?)

Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मेरी कई सहेलियां गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, पर उनके अनुसार इसके ज़्यादा सेवन से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है. क्या यह सच है?
– रश्मि भूषण, रोहतक.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उनमें बाकी महिलाओं के मुक़ाबले बे्रस्ट कैंसर, लिवर व सर्वाइकल कैंसर की संभावना थोड़ी ज़्यादा बढ़ जाती है. वैसे कई और कारण हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा देते हैं, जैसे- कम उम्र में पीरियड्स की शुरुआत, हार्मोनल कारण, देरी से मेनोपॉज़ होना, पहली प्रेग्नेंसी ज़्यादा उम्र में होना, बच्चे न होना आदि.

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 Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मैं 41 वर्षीया महिला हूं और कमरदर्द से परेशान हूं. पेनकिलर्स लेने पर आराम हो जाता है, पर फिर स्थिति वही हो जाती है. डॉक्टर ने मुझे विटामिन डी3 लेवल चेक कराने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है?
– ज्योति पांडे, भोपाल.

विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं, डी2 और डी3. जहां डी2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है, वहीं डी3 भोजन के अलावा सूरज की रोशनी से भी मिलता है. कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म और बोन रिमॉडलिंग में इसका इस्तेमाल होता है. विटामिन डी हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ-साथ, बे्रन को डेवलप करने और हार्ट को हेल्दी बनाने का काम करता है. हड्डियों की मज़बूती के लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपना डी3 लेवल चेक कराएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपमें इसकी कमी तो नहीं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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