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इन 15 आदतों से बढ़ता है मोटापा (15 Bad Habits That Make You Fat)

अक्सर मोटापे (Obesity) से बचने के चक्कर में लोग ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो मोटापा कम करने की बजाय बढ़ा देती हैं. भूखे रहना, ठीक से खाना न खाना, फैट्स अवॉइड करना, लो फैटवाली चीज़ें खाना आदि ऐसी आदतें हैं, जो अनजाने में ही आपका मोटापा बढ़ा रही हैं. तो सावधान हो जाइए और इन आदतों (Habits) से बचने की कोशिश कीजिए.

Habits That Make You Fat

1. ब्रेकफास्ट न करना

ज़्यादातर लोग यह ग़लती करते हैं. ब्रेकफास्ट न करने से शरीर का मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है, जिससे दोपहर के बाद आप ओवर ईटिंग करना शुरू कर देते हैं. रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि जो लोग ब्रेकफास्ट नहीं करते, वो बाकी लोगों के मुक़ाबले 5 गुना तेज़ी से मोटापे के शिकार होते हैं.

2. नींद कम लेना या ज़्यादा

वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के अनुसार, अगर आप 5 घंटे या उससे कम नींद लेते हैं या फिर 8 घंटे से ज़्यादा सोते हैं, तो बाकी लोगों के मुक़ाबले आपका बेली फैट ढाई गुना तेज़ी से बढ़ेगा.

3. बहुत तेज़ी से खाना

अगर आप खाना देखते ही कंट्रोल नहीं कर पाते और जल्दी-जल्दी खाना खा लेते हैं, तो आप अन्य लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा ओवरईटिंग करते हैं. दरअसल, हमारे ब्रेन को यह सिग्नल देने में कि पेट भर गया है 20 मिनट लगते हैं, इसलिए 10 मिनट में खाना ख़त्म न करें, बल्कि धीरे-धीरे चबा-चबाकर 20 मिनट तक खाएं. इससे आप ओवरईटिंग से बच जाएंगे.

4. लो फैटवाली चीज़ें खाना

वेट लॉस करने के लिए ज़्यादातर लोग लो फैटवाली चीज़ें खाना शुरू कर देते हैं, पर उन्हें यह जानकर हैरानी होगी कि कुछ कैलोरीज़ बचाने के चक्कर में वो ज़्यादा कैलोरीज़ खा लेते हैं. दरअसल, लो फैट प्रोडक्ट्स में मैन्युफैक्चरर्स फैट को शक्कर और दूसरे फैट्स से रिप्लेस करते हैं. ज़्यादा शक्कर के कारण आपको तुरंत भूख लग जाती है, जिससे आप आमतौर से डबल खा लेते हैं.

5. रोज़ाना सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन

आपको शायद मालूम नहीं होगा कि एक सॉफ्ट ड्रिंक या सोडा में 11-15 ग्राम तक शक्कर होती है. सैन एंटोनियो के रिसर्चर्स ने इस बात का खुलासा किया है कि जो लोग रोज़ाना एक या दो सोडा पीते हैं, बाकी लोगों के मुक़ाबले उनका बेली फैट पांच गुना तेज़ी से बढ़ता है.

6. बहुत ज़्यादा टीवी देखना

जो लोग ज़्यादा टीवी देखते हैं, वो बाकी लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा स्नैक्स खाते हैं. फैटी और फ्राइड ये स्नैक्स चुपके-चुपके आपका वज़न बढ़ाते हैं और आपका ध्यान भी नहीं जाता.

7. प्लास्टिक की बॉटल से पानी पीना

इस ओर शायद ही आपने ध्यान दिया हो कि आपकी प्लास्टिक की वॉटर बॉटल कई बीमारियों के साथ-साथ मोटापा भी दे सकती है. प्लास्टिक बॉटल्स में मौजूद बीपीए इसे बढ़ावा देते हैं, इसलिए जल्द से जल्द अपनी प्लास्टिक की वॉटर बॉटल को स्टेनलेस स्टील या तांबे से रिप्लेस करें.

8. छोटी-छोटी बातों पर स्ट्रेस

स्ट्रेस होने पर अक्सर लोगों को अनहेल्दी चीज़ें खाने की क्रेविंग होती है. इस चक्कर में वे ओवरईटिंग कर लेते हैं. इसे स्ट्रेस ईटिंग कहते हैं. स्ट्रेस ईटिंग कब आपकी आदत में शुमार हो जाता है, आपको पता भी नहीं चलता और आप मोटापे के शिकार हो जाते हैं.

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Habits That Make You Fat

9. बड़ी प्लेट में खाना

एक स्टडी में यह पाया गया कि अगर ऑप्शन दिया जाए, तो 98.6% लोग खाने के लिए बड़ी प्लेट उठाते हैं. बड़ी प्लेट यानी ज़्यादा खाना और ज़्यादा कैलोरीज़ यानी कुल मिलाकर आपका बढ़ता मोटापा. कोशिश करें कि छोटी प्लेट में खाएं, चाहें, तो दोबारा ले लें, पर बड़ी प्लेट अवॉइड करें.

10. पर्याप्त पानी न पीना

पर्याप्त पानी पीने से हमारे बॉडी के सभी फंक्शन्स सुचारु रूप से चलते रहते हैं, पर कम पानी पीने से इनमें समस्या आती है. जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो उसकी जगह बॉडी फैट लेने लगता है, जो मोटापे का कारण बनता है.

11. एक्सरसाइज़ न करना

अगर आप सही तरी़के से डायट नहीं फॉलो कर पा रहे हैं, तो कम से कम हफ़्ते में 5 दिन रोज़ाना 45 मिनट तक एक्सरसाइज़ करें. अगर आप यह भी नहीं करेंगे, तो रोज़ाना की एक्स्ट्रा कैलोरीज़ से बढ़नेवाले मोटापे के लिए किसी को दोष नहीं दे पाएंगे.

12. हेल्दी फैट्स से भी दूरी

मोटापे से बचने के लिए बहुत से लोग फैट्स से एकदम दूर रहते हैं, जबकि फ्लैक्स सीड्स और ड्रायफ्रूट्स से मिलनेवाले फैट्स न स़िर्फ हेल्दी होते हैं, बल्कि स्लिम बने रहने में भी आपकी मदद करते हैं, इसलिए अपने रोज़ाना के डायट में हेल्दी फैट्स को शामिल करें.

13. नमक को अनदेखा करना

रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बहुत से लोग ज़रूरत से ज़्यादा क़रीब 50% अधिक नमक का सेवन रोज़ाना करते हैं. पैक्ड फूड, प्रोसेस्ड फूड और वेफर्स जैसे स्नैक्स में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है. नमक हमारे शरीर में न स़िर्फ वॉटर रिटेंशन बढ़ाता है, बल्कि मोटापे को भी बढ़ाता है.

14. न्यूट्रीशन लेबल न देखना

मार्केट में कुछ भी ख़रीदते व़क्त हम पैकेट के आगे देखते हैं, कभी पलटकर पैकेट के पीछे नहीं देखते, वरना हमें पता चल जाए कि उस प्रोडक्ट में कितनी शक्कर, कितना सोडियम, कितना फैट और कितनी कैलोरीज़ हैं. अगली बार कोई भी स्नैक्स का पैकेट ख़रीदें, तो उसमें मौजूद शक्कर, कैलोरीज़ की मात्रा यकीनन आपको चौंका देगी. आपने सोचा भी नहीं होगा कि अनजाने में आपने कितनी कैलोरीज़ का ओवरडोज़ कर लिया.

15. खाने के तुरंत बाद सो जाना

ज़्यादातर लोग खाना खाते ही बिस्तर पर लुढ़क जाते हैं, जबकि डॉक्टर्स भी कहते हैं कि खाने के 2 घंटे बाद सोएं. इससे हमारे शरीर को खाने को पचाने के लिए समय मिल जाता है, लेकिन ऐसा न करने से हम ख़ुद अपना ही नुक़सान कर बैठते हैं.

– सुनीता सिंह

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इन 9 आदतोंवाली लड़कियों से दूर भागते हैं लड़के (9 Habits Of Women That Turn Men Off)

आदत तो आदत होती है फिर वो अच्छी हो या बुरी… कुछ न कुछ गुल खिलाती ही है… और जब बात हो लड़कियों की आदत की तो भई वो भी कुछ कम दिलचस्प नहीं है, जिसके कारण लड़के उनसे थोड़ा दूर ही रहना पसंद करते हैं.

Habits That Turn Men Off

अक्सर देखा गया है कि लड़कियों को लड़कों की बहुत-सी आदतें पसंद नहीं आतीं या फिर जो लड़के उन्हें पसंद नहीं होते, उनसे वे दूर रहना ही पसंद करती हैं. इसी तरह लड़कों का भी रवैया होता है. कुछ ऐसी लड़कियां हैं, जिनके क़रीब वे भी नहीं जाना चाहते. वे भरसक कोशिश करते हैं कि उनसे दूर ही रहा जाए, तो अच्छा है. वे ख़ासकर लड़कियों की कुछ आदतों से परेशान रहते हैं या फिर ये कहें कि उन्हें हर लड़की में कोई न कोई कमी ही नज़र आती है. वैसे कुछ ख़ास तरह की लड़कियां होती हैं या फिर लड़कियों की कुछ अदाएं ऐसी हैं, जिन्हें लड़के बिल्कुल पसंद नहीं करते और ऐसी लड़कियों से शादी के नाम पर ही वे दूर भागते हैं. आइए, जानते हैं किस तरह की आदतोंवाली लड़कियों से घबराते व दूर भागते हैं लड़के.

1. रौब दिखाना/एटीट्यूड देना

लड़कों को नखरे दिखानेवाली, बेवजह रौब गांठनेवाली यानी बहुत अधिक एटीट्यूड दिखानेवाली लड़कियां बिल्कुल भी पसंद नहीं आतीं. वे इस तरह की एक्स्ट्रा स्मार्ट लड़कियों से दूर ही भागते हैं.

2. दिखावा पसंद ख़ासकर परिवार का

उन लड़कियों से लड़के बेहद चिढ़ते हैं, जो उन्हें बात-बात पर अपने पैसे, नाम-शौहरत, बड़े परिवार का होने का एहसास कराती हैं. इसमें वे अपने रिश्तेदारों को भी पीछे नहीं छोड़तीं, जैसे- मेरे मामाजी अमेरिका में रहते हैं, मेरे कज़िन का यूरोप में बड़ा बिज़नेस है. वे अक्सर अपने नामी-गिरामी होने का प्रचार-प्रसार करती रहती हैं.

3. चुगली/लगाई-बुझाई करना

वे लड़कियां जो छोटी-छोटी बातों को इधर-उधर करती रहती हैं यानी चुगलखोरी में नंबर वन रहती हैं, ऐसी लड़कियों से तो लड़के दूर ही भागते हैैं, क्योंकि उन्हें बात का बतंगड़ बनाना, बातों को बढ़ा-चढ़ाकर कहना नहीं भाता. वे सोचते हैं कि अब यह हाल है, तो ख़ुदा न खास्ता जीवनसाथी बनने पर न जाने और क्या गुल खिलाएं.

4. सीधी-सरल होना भी आफ़त

कुछ लड़के इसलिए भी कुछ लड़कियों को नहीं पसंद करते कि वो बहुत ही सीधी यानी बहनजी टाइप की होती हैं. अब भला बहनजी टाइप क्या होता है? इन लड़कों को सीधी-सादी लड़की बिल्कुल भी गवारा नहीं. उनका तो यही कहना रहता है कि भला ऐसी लड़की को हम अपना जीवनसाथी कैसे बना सकते हैं.

5. हर व़क्त रोते रहना

कुछ लड़कियां जब-तब अपना रोना लेकर बैठ जाती हैं. उन्हें ख़ुशी हो या ग़म, बस रोने का मौक़ा चाहिए. इस कदर संवेदनशील, ज़रूरत से ज़्यादा भावुक लड़कियों से लड़के किनारा ही करते हैं. एक और ख़ास बात इनमें होती है कि रोने-धोने के अलावा इनके पास शिकायतों का पुलिंदा भी कुछ कम नहीं रहता. इन्हें ज़मानेभर से शिकायत रहती है.

6. मेकअप, ओह नो ओवर मेकअप

कुछ लड़कियां दिनभर में न जाने कितनी बार अपना चेहरा, बाल आदि संवारती रहती हैं. बार-बार मेकअप करती रहती हैं. दिनभर में कई बार लिपस्टिक लगाना तो इन्हें ख़ास पसंद होता है. लड़कों की सोच रहती है कि ऐसी लड़कियां प्यार-मोहब्बत की बातें कम और मेकअप, ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर अधिक बातें करती हैं और शॉपिंग भी कुछ ज़्यादा ही करती हैं, इसलिए वे इनसे दूर रहना ही बेहतर समझते हैं.

7. सेल्फी का हैंगओवर

वे लड़कियां जो अपनी ज़िंदगी के हर लम्हे को कैमरे में ़कैद कर लेना चाहती हैं, ख़ासकर सेल्फी के रूप में, उनसे लड़के थोड़ा दूर ही रहते हैं. उन्हें अक्सर यह लगता है कि हम पार्टनर के साथ नहीं, बल्कि फोटोग्राफी की पूरी दुकान के साथ घूम-फिर रहे हैं, क्योंकि वे उनके साथ जहां-जहां जाते हैं, ये लड़कियां वहां-वहां हर लम्हे को मोबाइल फोन में ़कैद करने की इच्छुक रहती हैं. इन सब से लड़के चिढ़ जाते हैं. उन्हें महसूस होता है कि उनकी कोई पर्सनल लाइफ ही नहीं है.

8. कैसी लग रही हूं मैं…?

लड़कियां ख़ुद अच्छी तरह से जानती हैं कि वे कैसी लग रही हैं, इसके बावजूद कुछ लड़कियों की आदत होती है पूछते रहने की कि मैं कैसी लग रही हूं..? और उनकी

लड़के वर्कोहोलिक लड़कियां यानी हरदम काम में व्यस्त रहनेवाली लड़कियों से दूर ही भागते हैं. उनका यह सोचना रहता है कि ऐसी लड़कियां रिश्तों के साथ कम ही न्याय कर पाएंगी, क्योंकि उन्हें रिश्ते से अधिक अपने ऑफिस, नौकरी और बॉस से प्यार रहता है. उनका यही रवैया उन्हें लड़कों से दूर करता चला जाता है.

– ऊषा गुप्ता

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पुरुषों की आदतें बिगाड़ सकती हैं रिश्ते (Bad Habits Of Men Can Ruin Your Relationship)

Bad Habits Of Men Can Ruin Your Relationship

पुरुषों की आदतें बिगाड़ सकती हैं रिश्ते (Bad Habits Of Men Can Ruin Your Relationship)

पुरुषों की ऐसी कई आदतें हैं, जो उनसे जुड़े लोगों को पसंद नहीं आतीं और आगे चलकर यही आदतें झगड़े का कारण भी बनती हैं, ख़ासतौर पर पति-पत्नी के रिश्ते में. फिर धीरे-धीरे छोटे-छोटे झगड़ों से ही रिश्ते में तनाव आने लगता है और रिश्ते बिगड़ जाते हैं. आइए, संक्षेप में इसके बारे में जानते हैं.

Bad Habits Of Men Can Ruin Your Relationship

– पुरुषों में ईगो यानी अहंकार ख़ूब होता है. वे अपने अहंकार के आगे भावनाओं की कद्र बहुत कम करते हैं. उनकी इस आदत से उनकी पार्टनर बहुत दुखी रहती है और बार-बार ऐसा होने पर वह अपने रिश्ते में घुटन महसूस करने लगती है.

– ऐसे कई पुरुष होते हैं, जो अपनी बात पर कायम नहीं रहते. वे आज कुछ कहते हैं और बाद में उनका स्टेटमेंट कुछ और हो जाता है. इससे रिश्तों में दरार पड़ते देर नहीं लगती.

– ऐसे पुरुषों पर महिलाएं कम ही विश्‍वास करती हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि कल वह अपनी बात से मुकर जाएंगे.

– यह मानी हुई बात है कि जब रिश्ते में विश्‍वास ही न हो, तो वह टिकेगा कैसे. ऐसे में पत्नियां तो अपने ऐसे पतियों की किसी भी बात को गंभीरता से नहीं लेती हैं और अपनी बातें शेयर करने से भी कतराती हैं.

– क्योंकि पति की बात-बात पर पलट जाने की आदत पत्नी के मन में संशय के बीज बो देती है और रिश्ते में कड़वाहट आ जाती है.

– ऐसे पुरुषों की भी कमी नहीं है, जो अपने घर-परिवार को बिल्कुल वक़्त नहीं देते. उन्हें लगता है कि पैसे कमाकर घर में दे देना ही बहुत है. जबकि परिवार को उनके साथ समय बिताने की अधिक ज़रूरत होती है. ऑफिस से घर आकर वे मोबाइल फोन, टीवी या कंप्यूटर पर चिपक जाते हैं, जो सही नहीं है.

– मनोवैज्ञानिक शामा गुप्ता कहती हैं कि पुरुषों का घर को समय न देना, उससे जुड़े सभी रिश्तों को प्रभावित करता है, विशेषतौर पर जीवनसाथी से. तब वह इस बात को लेकर झगड़ती रहती है या अपनी एक अलग दुनिया बना लेती है और ज़्यादा समय बाहर गुज़ारना शुरू कर देती है. इसका परिणाम अक्सर अलगाव के रूप में दिखाई देता है.

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– पुरुषों की ज़रूरत से ज़्यादा कंट्रोल करने की आदत से भी रिश्तों में दम घुटने की नौबत आ जाती है.

– साथ ही पुरुषों का बेहद ख़्याल रखने की आदत से भी रिश्ते ख़राब होने लगते हैं.

– शामा गुप्ता कहती हैं कि पार्टनर को भी हक़ है कि वह ख़ुद कुछ निर्णय ले सके और तय कर सके कि उसे क्या करना है. पुरुष का प्रोटेक्टिव होना अच्छी बात है, पर वह इतना भी ख़्याल न रखे कि पार्टनर उसके बिना कुछ कर ही न पाए. इस तरह तो उसका वजूद ही डगमगाने लगता है और कई बार विद्रोह की नौबत आ जाती है.

– अधिकतर पुरुषों की वीकेंड पर देर तक सोने और नहीं नहाने की आदत होती है, जिससे पत्नी परेशान हो जाती है. यह क्या बात हुई कि हर चीज़ बेड पर ही चाहिए. बेड पर ही चाय, कॉफी, लंच और डिनर लेते हैं. दिनभर टीवी पर न्यूज़ और क्रिकेट देखते रहते हैं. और यदि आपने उन्हें नहाने के लिए कह दिया, तो समझो आपने उनका वीकेंड ख़राब कर दिया.

– कई पति इतने लापरवाह होते हैं कि वे अपना गीला तौलिया बिस्तर पर, गंदे मोज़े सोफे के नीचे डाल देते हैं. पत्नी अगर उनके बैग से लंच बॉक्स न निकाले, तो वह बाहर निकलेगा ही नहीं. और न जाने क्या-क्या करते हैं. घर को सजाकर रखनेवाली व व्यवस्थित तरी़के से रहनेवाली सफ़ाई पसंद पत्नी को अपने पति की ये आदत बिल्कुल भी पसंद नहीं आती है.

– पार्टनर ग़लती करे, तो उससे माफ़ी मंगवाए बिना न रहनेवाले पुरुष अपनी ग़लती को कभी मानने को तैयार नहीं होते. पुरुषों की यह ग़लती स्वीकार नहीं करने की आदत से भी महिलाओं को बहुत परेशानी होती है.

– कई पुरुषों की आदत होती है कि लड़ाई-झगड़ा होने पर पुरानी बातों को लेकर ताने-उलाहने देने लगते हैं. उनकी कुरेदने की यह आदत रिश्तों में कड़वाहट ला देती है. अतः यह ज़रूरी है कि हर पुरुष उपरोक्त सभी बातों पर ध्यान दें और उनमें उचित सुधार लाएं, जिससे रिश्तों की डोर मज़बूत बनी रहे.

– सुमन वत्स

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आपको नपुंसक बना सकती हैं ये 10 आदतें (10 Habits That Can Make You Impotent)

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आपको नपुंसक बना सकती हैं ये आदतें (Habits That Can Make You Impotent)

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) बहुत से पुरुषों की समस्या है, पर उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनकी रोज़मर्रा की आदतें ही उनकी सेक्स लाइफ को बिगाड़ रही है. आप भी जानें इसके कारन, लक्षण और निवारण. 

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पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार की ताज़गी को हमेशा बरक़रार रखने में शारीरिक संबंधों की बहुत अहम् भूमिका होती है, लेकिन बदलते लाइफस्टाइल के चलते अधिकांश पुरुष इरेक्टाइल डिसफंक्शन के शिकार होते जा रहे हैं. यह एक ऐसी समस्या है जो पुरुषों में आत्मविश्‍वास की कमी और अधूरेपन को दर्शाती है. क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन, कैसे होती है ये समस्या और इसका निवारण कैसे होता है? चलिए जानते हैं.

क्या है इरेक्टाइल डिसफंक्शन?

संभोग के दौरान पेनिस का उत्तेजित न होना या फिर कामोत्तेजना को देर तक बनाए रखने में असमर्थता, यह यौन क्रिया की एक ऐसी स्थिति है जिसे स्तंभन दोष, नपुंसकता, शीघ्रपतन या फिर इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन का अर्थ है पेनिस में तनाव न आना या तनाव का बरक़रार न रह पाना. इस स्थिति को इंपोटेंसी भी कहा जाता है जो 65 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में बेहद आम है. इरेक्टाइल डिसफंक्शन की यह समस्या 40 वर्ष के क़रीब 5 फ़ीसदी पुरुषों में पाई जाती है जो उम्र के साथसाथ बढ़ती है. यह समस्या व्यक्ति के साथ उसके पार्टनर की सेक्सुअल लाइफ को भी प्रभावित करती है इसलिए समय पर इसका इलाज कराना अति आवश्यक है.

कारण

संभोग के दौरान आनंद की चरमसीमा तक पहुंचने के लिए लगातार पर्याप्त इरेक्शन का होना ज़रूरी है. अगर ऐसा नहीं होता है तो यह स्थिति आपके लिए चिंताजनक साबित हो सकती है. हालांकि यह बीमारी पुरुषों में कई कारणों से हो सकती है इसलिए इसके कारणों को जानना बहुत ज़रूरी है.

1- धूम्रपान

अगर आपको धूम्रपान करने की आदत है तो फिर ये आदत आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार बना सकती है. सिगरेट पीने की वजह से शरीर में ठीक तरह से बल्ड सर्कुलेशन नहीं हो पाता है, जिससे बेड पर आपके परफॉर्मेंस में कमी आ सकती है.

2- शराब

अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से धमनियों में ख़ून का दौरा कम हो जाता है जिससे पेनिस तक पर्याप्त मात्रा में ख़ून की सप्लाई नहीं हो पाती है. ऐसे में व्यक्ति नपुंसक हो सकता है या इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार हो सकता है.

3- दवाइयां

अगर आप हाई ब्लड प्रेशर या फिर तनाव को दूर करने के लिए दवाइयों का सहारा लेते हैं तो यह आदत आपके बेड लाइफ के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है.

4- तनाव

तनाव या डिप्रेशन पुरुषों की सेक्स लाइफ के लिए बेहद ख़तरनाक माना जाता है. यह धीरेधीरे बीमारी फैलाता है इसलिए तनाव या डिप्रेशन से ख़ुद को दूर रखना चाहिए.

5- मोटापा

बढ़ते वज़न या फिर मोटापे का सीधा असर पुरुषों के लिंग पर पड़ता है और मेल

हार्मोन्स का प्रोडक्शन धीमी गति से होने लगता है. इससे पहले कि मोटापा आपकी सेक्स लाइफ का दुश्मन बने, आपको अपने वज़न को कंट्रोल करने को लेकर सीरियस हो जाना चाहिए.

6- हाई कोलेस्ट्रॉल

हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से रक्त की धमनियां पूरी तरह से ब्लॉक भी हो सकती हैं जिससे ख़ून की सप्लाई धीमी पड़ जाती है. अगर ऐसा होता है तो फिर इसका दुष्परिणाम पुरुषों के प्राइवेट पार्ट को भुगतना पड़ सकता है.

7- हृदय रोग

बदलते लाइफ स्टाइल की वजह से दिल की बीमारी एक बड़ी बीमारी बनकर उभरी है. हृदय रोग व्यक्ति के शारीरिक संबंध का सबसे बड़ा दुश्मन बन सकता है और आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार बना सकता है.

8- डायबिटीज़

कुछ साल पहले डायबिटीज़ होने की औसत आयु 40 वर्ष हुआ करती थी जो अब घटकर 25 से 30 साल हो चुकी है. डायबिटीज़ के कारण ख़ून की धमनियों और तंत्रिकाओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हो सकती है.

9- बढ़ती उम्र

जैसेजैसे उम्र बढ़ती है व्यक्ति की यौन इच्छाओं में भी कमी आने लगती है. जो पुरुष यौन क्रिया में इच्छा नहीं रखते या फिर जिन्हें उत्तेजना नहीं होती, वे नपुंसक होते हैं लेकिन जो पुरुष उत्तेजित होते हैं लेकिन घबराहट के मारे जल्दी शांत हो जाते हैं, वे आंशिक नपुंसक होते हैं.

10- हाइपरलिपिडिमिया

हाइपरलिपिडिमिया एक बीमारी है. यह तब होता है जब आपके ख़ून में बहुत अधिक लिपिड (वसा) होता है यानी कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स. इस बीमारी के कारण आपको इरेक्टाइल डिसफंक्शन या नपुंसकता की समस्या हो सकती है.

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लक्षण

काम क्रिया के दौरान अगर शीघ्रपतन की समस्या होती है तो यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है.

संभोग के दौरान अगर उत्तेजना में कमी हो तो यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन या नपुंसकता का लक्षण हो सकता है.

समय से पहले स्खलन और विलंब स्खलन भी नपुंसकता यानी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का लक्षण है.

पर्याप्त उत्तेजना के बाद भी संभोग सुख प्राप्त करने में असमर्थता इस बीमारी का लक्षण हो सकता है.

अगर ये समस्याएं दो या उससे अधिक महीने से हो रही हैं तो अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर ले लेना चाहिए.

निवारण

इरेक्टाइल डिसफंक्शन यानी शीघ्रपतन की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अपनी ख़राब सेक्स परफॉर्मेंस को लेकर शर्मिंदगी महसूस करता है, लेकिन समय पर सही उपचार करके इस समस्या से निजात पाना भी आसान है.

1- दवाइयां

पेनिस के मसल्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने और उन्हें आराम देने के लिए डॉक्टर्स सिल्डेनाफिल (ीळश्रवशपरषळश्र), टैडलफिल (ींरवरश्ररषळश्र), वर्डेनफिल र्(ींरीवशपरषळश्र) अवानाफिल (र्रींरपरषळश्र) जैसी दवाएं मरीज़ को देते हैं. समस्या की गंभीरता के आधार पर दी जानेवाली इन दवाओं का सेवन सेक्स से क़रीब आधे घंटे पहले किया जाता है. हालांकि हार्ट डिजीज़ और प्रोस्टेट के मरीज़ों को इन दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए.

2- काउंसलिंग

तनाव, चिंता या फिर अन्य वैवाहिक समस्याएं अगर आपकी इस बीमारी का कारण हैं तो काउंसलिंग के ज़रिए इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है. आमतौर पर ऐसा उन लोगों के साथ होता है, जिन्हें सेक्स का कम अनुभव होता है लेकिन अपनी

परफॉर्मेंस की चिंता बहुत ज़्यादा होती है.

3- इंजेक्शन

इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से निपटने के लिए मरीज़ को एक ख़ास इंजेक्शन दिया जाता है, जिसे पापवेरिन (रिर्रिींशीळपश) इंजेक्शन कहा जाता है. यह रक्त वाहिकाओं को बढ़ाने में मदद करते हैं. इस इंजेक्शन को शरीर में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए सीधे लिंग में लगाया जाता है.

4- जीवनशैली में बदलाव

जीवनशैली में बदलाव लाकर भी इस समस्या से काफ़ी हद तक राहत मिल सकती है. अपने डायट में हरी सब्ज़ियों, डेयरी प्रोडक्ट्स, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर चीज़ों को शामिल करें. इसके साथ ही धूम्रपान, शराब और अवैध दवाइयों का सेवन करने से बचें और अपने शरीर के वज़न को कंट्रोल करें.

5- एक्सरसाइज़

ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन के अनुसार, पेल्विक एरिया की एक्सरसाइज़ करने से क़रीब 40फ़ीसदी पुरुषों में इरेक्टाइल की समस्या नॉर्मल हो गई है. तेज़ चलना, स्विमिंग और हफ़्ते में तीन बार कार्डियो करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और पेल्विक हिस्से में ब्लड फ्लो बढ़ता है. इटली और इथियोपिया में हुए एक अध्ययन के अनुसार, एरोबिक्स से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन में सुधार हो सकता है.

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रिश्ते से डिलीट करें इन 10 आदतों को (10 Habits Happy Couples Must Delete for Happy Relationship)

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पति-पत्नी का रिश्ता प्यार, विश्‍वास और अपनेपन से मज़बूत बनता है, पर अगर पति-पत्नी की कुछ बुरी आदतें रिश्ते को नुक़सान पहुंचाने लगें, तो ऐसी आदतों को तुरंत डिलीट कर देना चाहिए, वरना गृहस्थी की गाड़ी को डगमगाने में देर नहीं लगती.

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आदत- बातें छिपाना या झूठ बोलना

शादीशुदा ज़िंदगी में अक्सर पति-पत्नी एक-दूसरे से कई बातें छुपाते हैं, बहाने बनाते हैं और अपनी ग़लतियों को छुपाने के लिए अक्सर झूठ भी बोलते हैं, पर हमें यह एहसास ही नहीं होता कि ये छोटे-छोटे झूठ हमारे रिश्ते को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं. और सबसे बड़ी बात कि ये आपके रिश्ते से विश्‍वास को ख़त्म कर देते हैं.
डिलीट करें: अगर आपसे कोई ग़लती हुई है, तो झूठ बोलने की बजाय उसे मान लें. पार्टनर को इस बारे में बताएं, भले ही उस समय पार्टनर आपसे ग़ुस्सा होगा, लेकिन आपकी बात को ज़रूर समझेगा और सबसे बड़ी बात आपके रिश्ते में हमेशा विश्‍वास बना रहेगा.

आदत- बदलने की कोशिश करना

यह एक बहुत ही ख़तरनाक आदत है. कभी-कभी तो लगता है कि लोग एक-दूसरे को सुधारने के मक़सद से ही शादी करते हैं, ख़ासकर नए शादीशुदा जोड़े, जो सब कुछ अपने मुताबिक़ चाहते हैं. याद रहे, आपकी यह आदत पार्टनर को ग़ुस्सा दिलाने और चिड़चिड़ा बनाने के लिए काफ़ी है, जो आपके रिश्ते के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं.
डिलीट करें: शादी का मतलब एक-दूसरे को अपने मुताबिक़ ढालना नहीं, बल्कि ज़रूरत के मुताबिक़ ढल जाना है. आपको यह बात समझनी होगी कि आप दोनों ही अब तक अलग-अलग माहौल में पले-बढ़े हैं, जिससे आपकी आदतें भी काफ़ी अलग हैं, पर इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि आपकी आदतें अच्छी हैं और उनकी ग़लत. अपने रिश्ते को थोड़ा समय दें और एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें.

आदत- फॉर ग्रांटेड लेना

अक्सर शादी के कुछ सालों बाद लोग अपने रिश्ते को फॉर ग्रांटेड लेने लगते हैं. फॉर ग्रांटेड लेना यानी पार्टनर व रिश्ते के प्रति
लापरवाही भरा रवैया अपनाना, उसके त्याग-समर्पण को महत्व न देना आदि. आपका यह रवैया आपके पार्टनर के मन में आपके लिए चिढ़ और ग़ुस्से के अलावा कुछ और नहीं लाएगा.
डिलीट करें: अपने रिश्ते को इससे बचाना आपकी ज़िम्मेदारी है. पार्टनर जब भी आपके लिए कुछ स्पेशल करता है या आपकी किसी समस्या को बिना कहे सुलझा देता है, तो ङ्गथैंक्यूफ कहकर उसे प्रोत्साहित करें और कोशिश करें कि आप भी समय-समय पर कुछ ऐसा करें, जिससे आपके रिश्ते में हमेशा गर्माहट बनी रहे.

आदत- बातचीत से उठकर चले जाना

अक्सर पार्टनर्स अपनी बात कहकर, सामनेवाले की बात बिना सुने वहां से हट जाते हैं. उन्हें लगता है कि इससे वो बहस को टाल रहे हैं, पर वो यह नहीं जानते कि अपने पार्टनर को अपनी बात रखने का मौक़ा न देकर, वो उसके साथ ज़्यादती कर रहे हैं. ऐसा करने से पार्टनर को बुरा लग सकता है, जिससे वो अगली बार किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखना बंद कर सकता है. इससे रिश्ते में खटास आती है, जो आपके रिश्ते को बिगाड़ सकती है.
डिलीट करें: पति-पत्नी के बीच यह एक नियम होना चाहिए कि जब भी एक किसी समस्या या मुद्दे पर अपनी बात रख रहा हो या सफ़ाई मांग रहा हो, तो दूसरा उसे सुनेगा और उस पर अपनी राय रखेगा और किसी भी हाल में वहां से उठकर नहीं जाएगा. यह नियम आपकी हर समस्या को सुलझा देगा. इस ख़्याल को दिमाग़ से निकाल दें कि उठकर चले जाने से आप बात को ख़त्म कर रहे हैं, बल्कि आप उसे और बढ़ा रहे हैं.

आदत- हर बात में तुलना करना

तुलना किसी को भी अच्छी नहीं लगती, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी समझ व क्षमतानुसार काम व व्यवहार करता है, पर कुछ लोगों की आदत होती है, हर बात में पार्टनर की तुलना अपने दोस्तों, पड़ोसी या कलीग्स से करने की. हमेशा तुलना का मकसद पाटर्नर को नीचा दिखाना ही नहीं होता है, बल्कि जाने-अनजाने की गई तुलना भी किसी के आत्मविश्‍वास को कमज़ोर कर सकती है. इसलिए इस तुलनात्मक आदत से अपने रिश्ते को कमज़ोर न होने दें.
डिलीट करें: किसी भी रिश्ते की मज़बूती दो लोगों के मान-सम्मान से बनती है, पर अगर आपके पार्टनर का आत्मविश्‍वास ही कमज़ोर हो, तो भला वह अपने रिश्ते को क्या मज़बूती देगा. पार्टनर का मान-सम्मान आपकी ज़िम्मेदारी है, इसे निभाएं और हर बात में किसी और से तुलना करना छोड़ दें.

आदत- पार्टनर पर नज़र रखना

पार्टनर के मोबाइल में कॉल लॉग चेक करना, सभी मैसेजेस पढ़ना, ईमेल और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर नज़र रखना कुछ लोगों की आदत होती है. इस तरह नज़र रखने का मतलब है कि आप अपने पार्टनर पर शक कर रहे हैं और आपको उन पर विश्‍वास नहीं. ऐसा करके आप अपने पार्टनर के विश्‍वास को तोड़ते हैं, जो आपके रिश्ते के लिए ठीक नहीं.
डिलीट करें: पार्टनर पर नज़र रखने से पहले यह ध्यान रखें कि हर व्यक्ति का अपना पर्सनल स्पेस होता है, जिसमें अतिक्रमण किसी को भी पसंद नहीं आता. आपको हर व़क्त सैटेलाइट बनकर घूमने की ज़रूरत नहीं, अपने पार्टनर पर विश्‍वास करना भी सीखें. कुछ लोग एहतियात के तौर पर ऐसा करते हैं, ताकि समय रहते अपने रिश्ते को संभाल सकें, पर अक्सर बेवजह का शक रिश्तों को बर्बाद कर देता है. अगर आपके मन में कोई बात है, तो जासूसी करने की बजाय पार्टनर से आमने-सामने बैठकर बात करें.

आदत- दूसरों के सामने बेइज़्ज़ती करना

दूसरों के सामने ख़ुद की अहमियत बढ़ाने के लिए पार्टनर की बेइज़्ज़ती करना एक बचकानी आदत है. इसका इस्तेमाल ज़्यादातर पुरुष करते हैं, पर महिलाएं भी इस मामले में पीछे नहीं. ऐसा करनेवाले पार्टनर्स अक्सर यह भूल जाते हैं कि उनकी इस आदत को लोग उनके रिश्ते की असफलता मानते हैं.
डिलीट करें: पति-पत्नी का व्यवहार घर-बाहर एक समान होना चाहिए. आप एक-दूसरे का सम्मान जितना घर में करते हैं, उतना ही दूसरों के सामने भी करें. अगर कभी मन-मुटाव भी हो गया है, तो उसे अपने घर के बाहर न ले जाएं. दूसरों के सामने हमेशा अपने पार्टनर की तारीफ़ करें, पर अगर यह नहीं कर सकते, तो कम से कम ऐसी बात न कहें, जिससे उन्हें बेइज़्ज़ती महसूस हो.

आदत- हर व़क्त कमियां गिनाना

आप किसी काम के नहीं हो,फ ङ्गआपने ऐसा क्यों किया,फ ङ्गआपको कुछ आता भी है,फ जैसे उलाहनों से अपने पार्टनर की कमियां गिनाना बहुत ग़लत आदत है. पार्टनर में कमियां और ख़ामियां निकालना बहुत आसान है, पर उनकी ख़ूबियों को पहचानकर उनकी तारीफ़ करना बहुत मुश्किल.
डिलीट करें: पति-पत्नी का फज़र्र् एक-दूसरे की कमियां गिनाना नहीं, बल्कि उन कमियों के साथ अपनाना है. आख़िर कमियां किसमें नहीं होतीं, इस दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं है. हम सबमें कुछ न कुछ कमी है. शादी का मतलब ही होता है, पार्टनर को उसकी ख़ूबियों और कमियों के साथ अपनाना, फिर शिकायत किस बात की. पार्टनर की कमियां गिनाने से पहले ख़ुद का आकलन भी कर लें. अगर आप परफेक्ट नहीं, तो भला दूसरों से ऐसी उम्मीद क्यों.

आदत- इमोशनल ब्लैकमेल करना

अपने पार्टनर को इमोशनली ब्लैकमेल करना कुछ लोगों की आदत में शुमार होता है. अक्सर अपनी ज़िद मनवाने के लिए कपल्स इसका इस्तेमाल करते हैं. ङ्गङ्घअगर आप मुझसे प्यार करते हैं, तो ऐसा ज़रूर करेंगे…फफ जैसी इमोशनल बातों से अपनी ज़िद मनवाते हैं. अपनी बात को मनवाने के लिए कभी रोना-धोना, तो कभी सेक्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं.
डिलीट करें: अपने पार्टनर को इमोशनली ब्लैकमेल करके भले ही आप अपनी बात मनवा लेते हैं, पर इससे पार्टनर आपको ज़िद्दी और स्वार्थी समझने लगता है. उनके मन में अपनी ऐसी छवि न बनने दें और जल्द से जल्द अपनी इस आदत को डिलीट करें.

आदत- स़िर्फ अपने बारे में सोचना

मेरी पसंद, मेरी आदतें, मेरा विचार, मेरा रहन-सहन, मेरा कंफर्ट… जैसी बातें आपके वैवाहिक जीवन के लिए उचित नहीं. अपने बारे में सोचना अच्छी आदत है, पर स़िर्फ अपने बारे में सोचकर पार्टनर को तवज्जो न देना सही नहीं है, जो आपके वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित करता है. शादी का मतलब पहले स़िर्फ मैं नहीं, बल्कि हम होता है, इस बात को समझें.
डिलीट करें: ध्यान रखें, वैवाहिक जीवन दो लोगों से जुड़ा रिश्ता है. शादी में कई समझौते करने पड़ते हैं, इसलिए हमेशा ख़ुद को आगे रखने की बजाय, अपने रिश्ते को आगे रखें, जिससे आपकी शादीशुदा ज़िंदगी हमेशा ख़ुशहाल बनी रहे.

– सुनीता सिंह

पत्नी की कौन-सी 6 आदतें पसंद नहीं करते पति?( 6 Habits which your husband never likes)

Habits which your husband never likes

शादी के बाद कुछ महीनों तक तो पति-पत्नी में बहुत प्यार रहता है. उस दौरान पति को पत्नी में कोई बुराई नज़र नहीं आती, मगर कुछ सालों बाद उन्हें पत्नी की कुछ आदतें बहुत इरिटेटिंग (Habits which your husband never likes) लगने लगती हैं. आपकी कौन-सी आदतें उन्हें रास नहीं आतीं? आइए, हम बताते हैं.

Habits which your husband never likes

  1. बच्चों की तरह ट्रीट करना

कुछ महिलाओं की आदत होती है कि पति के प्रति एक्स्ट्रा केयर दर्शाने के लिए वो उन्हें मेरा बेबी/बच्चा/सोना कहकर पुकारती हैं. सबके सामने भी यदि आप पति को ऐसे संबोधन से बुलाती हैं, तो उन्हें ये बिल्कुल पसंद नहीं आता, वो इन्सल्टिंग फील करते हैं.
स्मार्ट टिप: हर पति चाहता है कि पत्नी उसकी केयर करे, मगर बच्चों की तरह नहीं. अतः पति का ख़्याल रखें और उनके सम्मान का भी.

2. सवालों की बौछार

कहां हो, कब आ रहे हो, इतनी देर क्यों हो गई, अब मैं शॉपिंग के लिए कब जाऊंगी..? पति को फोन करके उनका जवाब सुने बिना अक्सर पत्नियां इसी तरह सवालों की झड़ी लगा देती हैं. ज़ाहिर है, पति को उनकी ये आदत अच्छी नहीं लगती.
स्मार्ट टिप: पति से ढेर सारे सवाल इकट्ठे पूछने की बजाय पहले उनके जबाव का इंतज़ार करें, फिर दूसरा सवाल करें.

3. बहुत ज़्यादा मीनमेख निकालना

कुछ महिलाओं की आदत होती है कि हर काम में कुछ न कुछ मीनमेख निकालती ही हैं, भले ही वो कितनी भी अच्छी तरह क्यों न किया गया हो. पति ने बड़े प्यार से आपके लिए कोई डिश बनाई है, ऐसे में यदि आप कहेंगी कि इसका स्वाद उतना अच्छा नहीं है, तो ज़ाहिर है उन्हें बुरा लगेगा. इसी तरह वो आपके लिए अपनी पसंद की कोई साड़ी लेकर आए और थैंक्यू कहने की बजाय उल्टा आप चिढ़कर कहने लगें कि ये क्या उठा लाए हो? तो उनका नाराज़ होना लाज़मी है.
स्मार्ट टिप: भले ही पति की बनाई डिश बहुत अच्छी न हो, मगर उन्होंने आपके लिए इतनी मेहनत की, तो क्या आप उनकी तारीफ़ में दो शब्द नहीं बोल सकतीं? हर चीज़ में ख़ामियां निकालने की आदत बदल दीजिए.

4. अपनी लड़ाई में किसी तीसरे को लाना

पति-पत्नी में अनबन आम बात है, मगर पति को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आती कि उनके आपसी झगड़े के बीच पत्नी अपने मायके वालों को घसीट लेती है. पत्नी के मायके वालों की बेकार की नसीहतें उन्हें ज़रा भी अच्छी नहीं लगतीं और अपने बेडरूम की बात बाहर ले जाने की पत्नी की आदत पर उन्हें ग़ुस्सा आता है.
स्मार्ट टिप: पति-पत्नी के बीच की लड़ाई को बेडरूम के अंदर ही सुलझाएं, किसी तीसरे को बीच में लाने से बात बनने की बजाय और बिगड़ जाती है.

5. अपनी मर्ज़ी थोपने की कोशिश

कुछ महिलाएं पति को हर बात में टोकती रहती हैं और उन्हें अपनी पसंद का कुछ पहनने/खाने नहीं देतीं. बाहर जाते समय भी वो क्या पहनेंगे ये पत्नी ही डिसाइड करती है. ज़ाहिर है, आपकी ऐसी हरक़तों से वो चिढ़ेंगे ही.
स्मार्ट टिप: कपल्स को एक-दूसरे को स्पेस देना चाहिए. शादी का ये मतलब नहीं है कि पार्टनर हर काम आपकी मर्ज़ी से करे. रिश्तों में दूरियां न आएं, इसलिए ज़रूरी है कि आप उन पर अपनी मर्ज़ी थोपने की ग़लती न करें.

6. सलाह न मानना

कुछ महिलाएं अपने ईगो की वजह से, तो कुछ ख़ुद को ज़्यादा समझदार दिखाने के लिए उसी राह पर चलती हैं, जिस पर जाने के लिए पति ने मना किया हो. ऐसा करके उन्हें लगता है कि वो अपनी मर्ज़ी की मालकिन हैं. पत्नी की ये आदत पति को नाग़वार गुज़रती है.
स्मार्ट टिप: हमेशा ख़ुद को बेहतर साबित करने की आदत बदल दीजिए. पति-पत्नी के बीच कोई कॉम्पटिशन नहीं होती, बल्कि दोनों एक-दूसरे के पूरक होते हैं. दोनों को एक-दूसरे की भावनाओं व बातों का सम्मान करना चाहिए.

 

5 शिकायतें हर पति-पत्नी एक दूसरे से करते हैं (5 Biggest Complaints Of Married Couples)

बेहतर सेक्स लाइफ के लिए बदलें ये आदतें (Get Rid Of Bad Habits For A Better Sex Life)

Better Sex Life

वैवाहिक जीवन की सफलता बहुत हद तक आपकी सेक्स लाइफ (Better Sex Life) पर निर्भर करती है. सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के चक्कर में पार्टनर इस तरह की ग़लतियां कर बैठते हैं, जिनका उन्हें अनुमान ही नहीं होता. हालांकि ये ग़लतियां नहीं, कुछ बुरी आदतें होती हैं, जिनका सेक्स लाइफ पर बुरा प्रभाव पड़ता है. आइए जानें, ऐसी ही कुछ बुरी आदतें और उनके समाधान के बारे में, जो आपकी सेक्स लाइफ पर बुरा असर डालती हैं.

Better Sex Life

एक्सरसाइज़ न करना: एक्सरसाइज़ केवल कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को हेल्दी बनाए रखने के लिए ही नहीं, बल्कि इरेक्शन और कामेच्छा को बढ़ाने के लिए भी बहुत ज़रूरी है. फीमेल सेक्सुअल बीमारियों के एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक्सरसाइज़ करने से न केवल वे फिट रहती हैं, बल्कि सेक्स हार्मोन (एंडोर्फिन)  में वृद्धि होती है, जिसके कारण वे अच्छा महसूस करती हैं.

कैसे बदलें इस आदत को? अपनी व्यस्त दिनचर्या में से एक्सरसाइज़ के लिए कम-से-कम 30 मिनट का समय ज़रूर निकालें.

  • अच्छी सेक्स लाइफ के लिए ऐरोबिक्स भी बेस्ट एक्सरसाइज़ है. एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि ऐरोबिक्स करने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने की संभावना 30% कम हो जाती है.
  • चाहें तो योग की बजाय सप्ताह में कम-से-कम 3 बार 30 मिनट तक स्विमिंग या वॉकिंग भी कर सकते हैं.

अधिक तनाव लेना: शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्तर पर भी तनाव साइलेंट किलर का काम करता है. तनाव बढ़ने पर कार्टिसोल और एड्रेनालिन के स्तर में वृद्धि होती है, जिसका असर सेक्स हार्मोन पर पड़ता है.

कैसे बदलें इस आदत को? स्ट्रेस मैनेजमेंट टेकनीक्स, जैसे- योग, प्राणायाम-कपालभाति, अनुलोम-विलोम आदि करें.

  • लाफ्टर थेरेपी के द्वारा भी तनाव कम किया जा सकता है.
  • ख़ुद को व्यस्त रखने के लिए चाहें तो कोई हॉबी क्लासेस भी जॉइन कर सकते हैं.
  • घर और ऑफिस के कामों को निबटाने के लिए टाइम मैनेजमेंट टेकनीक अपनाएं.
  • यदि घर और ऑफिस की किसी समस्या के कारण तनाव बढ़ रहा है, तो पार्टनर के साथ शेयर करके समस्या का समाधान निकालें.
  • यदि तनाव का असर सेक्सुअल लाइफ पर हावी हो रहा हो, तो कपल तुरंत किसी मनोचिकित्सक से मिलें.

यह भी पढ़ें: 7 स्मार्ट ट्रिक्स से सुपरचार्ज करें अपनी सेक्स लाइफ 

यह भी पढ़ें: सेक्स से जुड़े टॉप 12 मिथ्सः जानें हक़ीकत क्या है

पार्टनर की इच्छाओं को अनदेखा करना: सेक्सोलॉजिस्ट के अनुसार, अधिकतर दंपतियों को यह शिकायत रहती है कि सेक्स (Better Sex Life) के दौरान पार्टनर यह जानने की कोशिश ही नहीं करते हैं कि दूसरा पार्टनर उनसे क्या चाहता है, क्या अपेक्षा रखता है, जिसके कारण न केवल सेक्स लाइफ में दूरियां बढ़ने लगती हैं, बल्कि वैवाहिक जीवन में समस्याएं आने लगती हैं.

कैसे बदलें इस आदत को? पार्टनर को चाहिए फोरप्ले के दौरान उनकी इच्छाएं पूछें.

  • पार्टनर का मज़ाक उड़ाने की बजाय उसकी भावनाओं का सम्मान करें.
  • सेक्स लाइफ को एंजॉय करने के लिए नए-नए एक्सपेरिमेंट करें.
  • रिलैक्स मूड व रिलैक्स बॉडी के साथ बेडरूम में जाएं. ख़राब मूड और अधिक थकान के कारण कपल्स सेक्स लाइफ को एंजॉय नहीं कर पाएंगे.
  • बेडरूम का माहौल रोमांटिक बनाएं.
  • छोटे-छोटे झगड़े को बेडरूम में लेकर न जाएं. इन छोटे-छोटे झगड़ों से भी सेक्स लाइफ पर बुरा असर पड़ता है.
  • सेक्सुअल प्रॉब्लम होने पर पार्टनर के साथ ज़बर्दस्ती करने की बजाय उसकी भावनाओं को समझें.

सेक्सुअल कम्युनिकेशन न करना: वैवाहिक जीवन की सफलता का एक अहम् पहलू है, सेक्सुअल कम्युनिकेशन. संकोची व शर्मीले स्वभाववाली महिलाएं और पुरुष अक्सर सेक्स कम्युनिकेशन करने से कतराते हैं या असहज महसूस करते हैं, जिसके कारण उनकी सेक्स लाइफ ख़राब हो सकती है.

कैसे बदलें इस आदत? सेक्सुअल कम्युनिकेशन करते समय सभ्य भाषा का इस्तेमाल करें.

  • बातचीत के दौरान अपनी भावनाओं को पार्टनर के साथ शेयर करें.
  • पार्टनर को बताएं कि उनके साथ सेक्सुअल कम्युनिकेशन करके आप कैसा फील करते हैं.
  • बिना रोक-टोक पार्टनर की बातों को सुनें.
  • सेक्सुअल कम्युनिकेशन करते समय पार्टनर न तो एक-दूसरे को कोई सलाह देने की कोशिश करें और न ही आलोचना करें.
  • एक-दूसरे के संपर्क में रहें. दिन में कम-से-कम एक बार तो फोन पर बातचीत ज़रूर करें.
  • आपसी मनमुटाव होने पर भी बातचीत करना न छोड़ें.
  • सेक्सुअल प्रॉब्लम होने पर संकोच या शर्माने की बजाय पार्टनर से बात करें.

पर्याप्त नींद न लेना: थकान, देर रात तक सोना और नींद पूरी न होना आदि ऐसी बुरी आदतें हैं, जिनका असर भी सेक्स लाइफ पर पड़ता है.

कैसे बदलें इस आदत को? रात के समय हैवी डिनर न करें.

  • सोने से 2 घंटे पहले डिनर करें.
  • डिनर में प्रोटीन बेस्ड फूड न खाएं, क्योंकि प्रोटीन बेस्ड फूड को डायजेस्ट होने में अधिक समय लगता है.
  • सोने से पहले कॉफी, धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन न करें.
  • मोबाइल, टीवी, लैपटॉप आदि को बेड से दूर रखें.
  • कमरे का तापमान मॉडरेट रखें, ताकि अच्छी नींद आए.
  • कमरे की सारी लाइट्स ऑफ करें और लाइट म्यूज़िक सुनें.
  • माहौल को रोमांटिक बनाने के लिए एरोमैटिक कैंडल्स और लाइट्स जलाएं.

कैफीन व रिफाइंडयुक्त चीज़ें खाना: अधिक मात्रा में कैफीन और रिफाइंडयुक्त खाद्य पदार्थों को खाने से कामेच्छा में कमी आती है और सेक्सुअल परफॉर्मेंस प्रभावित होती है.

कैसे बदलें इस आदत को? ऐसी डायट लें, जो माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और एंटी ऑक्सीडेंट्स लिबिडो (इमोशनल सेक्सुअल डिज़ायर्स) को बढ़ाती हों.

  • इसके अलावा अपने डायट में गाजर, पालक, ऑस्टर और मिल्क प्रोडक्ट्स को शामिल करें.
  • रात के समय कैफीन व रिफांइड फूड खाने से बचें.
  • अच्छी सेक्स लाइफ के लिए सेक्स बूस्टर फूड का सेवन करें.
  • अपने डायट में ज़िंक व आयोडीन अधिक मात्रा में लें.

– पूनम नागेंद्र शर्मा

यह भी पढ़ें: 7 स्मार्ट ट्रिक्स से सुपरचार्ज करें अपनी सेक्स लाइफ

बचपन की आदतें भी प्रभावित करती हैं रिश्तों को (Childhood habits can effect your relationships)

Childhood habits can effect your relationships

बचपन के गलियारों से गुज़रते हुए जब हम युवावस्था की दहलीज़ पर पहुंचते हैं, तो हमारे संग होती हैं, कई अच्छी व बुरी आदतें (Childhood habits can effect your relationships). आदतें जो हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा होती हैं और जिनका हमारे रिश्तों पर गहरा असर पड़ता है. ऐसी ही कुछ आदतें हैं, जो हमारे वैवाहिक जीवन को कभी कड़वा, तो कभी मधुर बनाती हैं. इस बारे में हमने बात की मनोचिकित्सक डॉ. अणुकांत मित्तल से. आइए जानें, बचपन की आदतें जो प्रभावित करती हैं आपके वैवाहिक रिश्ते को.

Childhood habits can effect your relationships

आदतें और हम
बचपन से ही हम अपने आस-पास कई चीज़ों को देखते-सुनते हुए बड़े होते हैं और धीरे-धीरे उसे अपने व्यवहार में लाने की कोशिश करते हैं. चाहे-अनचाहे ये आदतें हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती हैं  और इन आदतों के कारण हम पहचाने जाने लगते हैं.

कहां से सीखते हैं आदतें?

– 0-6 साल तक के बच्चों पर उनके पैरेंट्स का बहुत प्रभाव रहता है. अपने पैरेंट्स को कॉपी करके बच्चे बहुत-सी आदतें सीखते हैं.

– 6-12 साल के बीच के बच्चों में कई आदतें विकसित होने लगती हैं. इस दौरान वो स्कूल में जो कुछ भी सीखते हैं, चाहे अच्छी आदतें या बुरी, अगर उन्हें उसमें बढ़ावा मिलता है, तो वे उसे अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना लेते हैं.

– 12-18 साल तक के बच्चे अपने दोस्तों की तरफ़ ज़्यादा अट्रैक्ट रहते हैं. उनके बीच एडजस्ट होने के लिए और पॉप्युलर बने रहने के लिए वे कई नई आदतें अपनाते हैं, तो कई पुरानी आदतें छोड़ भी देते हैं. चाहे आदतें जैसी भी हों, उनके लिए अपने पीयर ग्रुप में फेमस होना ही सबसे बड़ी बात होती है.

– 18 साल की उम्र तक बच्चों के व्यक्तित्व का विकास हो जाता है. हर चीज़ के प्रति उनका अपना नज़रिया होता है, जिसे बाद में बदलना बहुत मुश्किल हो जाता है. ऐसे में यह पैरेंट्स की ज़िम्मेदारी है कि 18 साल तक की उम्र के बच्चों को सही परवरिश दें, ताकि जीवन के प्रति उनका नज़रिया सकारात्मक व उत्साहवर्द्धक हो.

Childhood habits can effect your relationships

आदतें व उनके नकारात्मक प्रभाव

शेयरिंग न करने की आदत: बच्चे स्कूल में दोस्तों के बीच और घर में भाई-बहनों के साथ शेयरिंग की आदत सीखते हैं. लेकिन कुछ बच्चे इस आदत को अपना नहीं पाते, क्योंकि दूसरों के लिए त्याग करना या अपने अहं को छोड़ पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता.

क्या प्रभाव पड़ता है: शादी के बाद अपने पार्टनर के साथ भी वे चीज़ें शेयर करना पसंद नहीं करते. पार्टनर का उनकी चीज़ों पर अधिकार जमाना उन्हें नागवार गुज़रता है, जिससे उनकी मैरिड लाइफ में प्रॉब्लम्स आती हैं.

झूठ बोलने की आदत: ग़लती करने पर अपनी ग़लती को छुपाने के लिए अगर बचपन से ही बच्चे को झूठ बोलने की आदत पड़ जाती है, तो वह उसके रिश्ते को भी प्रभावित करती है.

क्या प्रभाव पड़ता है: शादी के बाद पति-पत्नी अपनी छोटी-छोटी ग़लतियों को स्वीकार नहीं करते और अक्सर झूठ बोलते हैं. जो पार्टनर ख़ुद झूठ बोलता है, उसे लगता है कि दूसरा पार्टनर भी झूठ बोल रहा है और ऐसे में वो न कभी उस पर और न ही रिश्ते पर विश्‍वास कर पाता है.

परिवार के नियमों को ताक पर रखना: जिन बच्चों को बचपन से ही समाज और परिवार की सीमाओं और मर्यादाओं को टेस्ट करने या चुनौती देने की आदत होती है, वे बड़े होकर उन सीमाओं और मर्यादाओें को नहीं मानते.

क्या प्रभाव पड़ता है: अगर बचपन से ही बच्चे को रात में समय पर घर आना, सबके साथ खाना खाना, अपने कपड़े-जूते ख़ुद रखना जैसी आदतें न सीखने की बजाय अपनी मनमर्ज़ी करने देते हैं, तो शादी के बाद भी ये आदतें उनके वैवाहिक जीवन में खलल डाल सकती हैं. उनका जीवन अनुशासित नहीं होता.

उल्टा जवाब देने की आदत: बच्चों को बचपन से ही तहज़ीब और तमीज़ सिखाई जाती है. किससे किस तरह बात करनी चाहिए, किससे क्या कहना है, क्या नहीं कहना है, किसके साथ कैसा व्यवहार करना है? यदि ये आदतें न सीखने की बजाय बच्चा बदतमीज़ी से बात करना और उल्टा जवाब देना सीखेगा, तो शादी के बाद अपने पार्टनर से भी उसी तरह का व्यवहार करेगा.

क्या प्रभाव पड़ता है: पार्टनर को उल्टा जवाब देना, उसे नीचा दिखाने की कोशिश करना और अपनी बात को ऊपर रखना- ऐसे लोगों की आदतों में शामिल हो जाता है.

फैंटसी में जीना: बचपन की कहानियां सुनकर सपनों का राजकुमार और ख़्वाबों की मल्लिका की चाह रखनेवाले बच्चे फैंटसी में ही जीना पसंद करते हैं. हक़ीक़त से कोसों दूर उनके सपनों की एक दुनिया होती है, जिसे वे सच मानते हैं.

क्या प्रभाव पड़ता है: शादी के बाद अपने पार्टनर में अपने ख़्वाबों का हमसफ़र न मिलने पर ये पार्टनर को अपने सपनों जैसा बनाने की कोशिश करने लगते हैं. अपने पार्टनर पर अपनी पसंद-नापसंद थोपने लगते हैं, जिससे पार्टनर की भावनाएं आहत हो सकती हैं. पार्टनर को अपने अनुसार ढालने की कोशिश में अक्सर वे उसकी भावनाओं को अनदेखा भी कर देते हैं.

अकेले व चुपचाप रहना: जिन बच्चों में आत्मविश्‍वास की कमी होती हैै और दूसरों पर विश्‍वास नहीं कर पाते, ऐसे बच्चे चुपचाप और अकेले रहना पसंद करते हैं, जो धीरे-धीर उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाता है.

क्या प्रभाव पड़ता है: ज़रूरी नहीं कि रिश्ते पर इसका नकारात्मक प्रभाव ही पड़े. अक्सर देखा गया है कि शादी के बाद ऐसे लोगों में पार्टनर का साथ व प्रोत्साहन पाकर उनमें आत्मविश्‍वास पैदा होता है और वे एक दूसरों पर विश्‍वास करना भी सीखने लगते हैं.

कमियां व नुक्स निकालना: दूसरे बच्चों की कमियां निकालकर उन्हें नीचा दिखाना अक्सर बहुत-से बच्चों की आदत होती है.

क्या प्रभाव पड़ता है: यह ऐसी आदत है, जो किसी भी रिश्ते में दरार डाल सकती है. हर व़क्त पार्टनर की कमियों को गिनाने से उसका आत्मविश्‍वास टूटने लगता है.

नोट: ज़रूरी नहीं कि बुरी आदतों का आपके वैवाहिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव ही पड़े. अक्सर हालात के बदलने और सही पार्टनर के मिलने से भी पार्टनर की आदतों को सुधारा जा सकता है. ये आदतें हमारे वैवाहिक जीवन के साथ-साथ हमारे बाकी के रिश्तों को भी उतना ही प्रभावित करती हैं.

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अच्छी आदतों का सकारात्मक प्रभाव

समझौता करने की आदत: जिन बच्चों में बचपन से ही समझौता करने की आदत होती है, वे हर हाल में ख़ुश रहते हैं. शादी के बाद जब पति-पत्नी दो अलग-अलग लोग एक साथ एक परिवार बनकर साथ रहने लगते हैं, तो अक्सर उनकी आदतें, पसंद-नापसंद टकराती हैं, ऐसे में जो चीज़ उनके रिश्ते को संभालती है, वो है समझौता या कॉम्प्रोमाइज़ करना. दोनों अगर थोड़ा-बहुत समझौता करें, तो उनके दांपत्य जीवन में समस्याएं नहीं आतीं.

दूसरे की बातों को अहमियत देना: यह एक बहुत अच्छी आदत है, जो बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है, क्योंकि हर व्यक्ति अलग होता है और उसके सोचने का तरीक़ा भी अलग होता है, फिर कोई कैसे उम्मीद कर सकता है कि दूसरा व्यक्ति आपके अनुसार सोचेगा. ऐसे में यह आदत आपके दांपत्य जीवन पर हमेशा सकारात्मक प्रभाव डालती है.

आत्मनिर्भरता: जिन बच्चों में आत्मनिर्भर रहने की आदत होती है, उनमें बाकी बच्चों की तरह झुंझलाहट या चिड़चिड़ापन नहीं होता. शादी के बाद वे अपने पार्टनर पर निर्भर नहीं रहते, जिससे उनके बीच अपना काम पूरा न होने के लिए लड़ाई-झगड़े नहीं होते. ऐसे में वैवाहिक रिश्ता उन्हें कहीं से भी बोझ नहीं लगता.

ग़लतियों को सुधारना: जिन बच्चों में बचपन से ही अपनी ग़लती मानने और उसे सुधारने की आदत होती है, उनका कभी किसी से मन-मुटाव नहीं होता. शादी के बाद अपनी ग़लती को मानने और उसे सुधारने से उनका रिश्ता और मज़बूत होता है. जीवन के हर क्षेत्र की तरह उनका वैवाहिक जीवन भी सफल रहता है.

– अनीता सिंह

पति की ग़लत आदतों को यूं छुड़ाएं (Make Your Husband Quit His Bad Habits)

रिश्तों को बेहतर बनाएं हेल्दी हैबिट्स से (Make relationships better by healthy habits)

Make relationships healthy

रिश्तों की मिठास एक तरफ़ जहां पति-पत्नी के व्यक्तित्व को संवारती है, वहीं दूसरी तरफ़ जब रिश्ते (Make relationships healthy) में कड़वाहट आने लगती है, तो ऐसा लगने लगता है कि जीवन का संतुलन बिगड़ गया है. इससे फिज़िकली तो स्त्री-पुरुष आहत होते ही हैं, कई बार मानसिक संतुलन भी बिगड़ जाता है. ऐसे में उन्हें डिप्रेशन घेर लेता है. कई बार पार्टनर की ग़लत आदतें या व्यवहार इसके लिए ज़िम्मेदार होता है. इसलिए रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी है हेल्दी हैबिट्स अपनाना. हेल्दी हैबिट्स का मतलब सेहत से नहीं है, बल्कि हमारी बेसिक हैबिट्स से है.

Make relationships healthy

ईगो न रखें

– तुमने ऐसा क्यों किया, मुझसे पूछा क्यों नहीं, क्या मेरी कोई वैल्यू नहीं है या तुम मुझे इस क़ाबिल नहीं समझते, असल में तुम्हें तो मुझसे प्यार ही नहीं है आदि जैसे सवाल जब हम अपने साथी से करते हैं, तो इसकी वजह होता है हमारा ईगो.

– ईगो को पाले रखना धीरे-धीरे हमारी आदत बन जाती है.

– हेल्दी रिलेशन(Make relationships healthy) में इसकी कोई जगह नहीं होती है.

– ईगो को दूर फेंक दें और रिश्ते को बेहतर बनाएं.

अपने साथी का सम्मान करें

– यदि आप एक हेल्दी मैरिड लाइफ चाहते हैं, तो आपको अपने पार्टनर को यह एहसास कराना होगा कि वह आपके समान ही महत्वपूर्ण है. ऐसे में कोई भी ज़रूरी निर्णय लेते समय उनकी भी राय ज़रूर लें.

– यदि आप अपने जीवनसाथी से ऐसा व्यवहार करते हैं कि उनकी सलाह से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता या हमेशा अंतिम निर्णय आपका ही होगा, तो निश्‍चित रूप से आपके शादीशुदा जीवन में असंतुलन पैदा होगा.

– जीवनसाथी के विचारों को भी उतनी ही गंभीरता से लें, जितना आप स्वयं के विचारों को लेते हैं.

– जीवनसाथी की बात सुनने के लिए समय निकालें और उन्हें एहसास कराएं कि आप उनकी परवाह करते हैं.

पार्टनर की बात सुनें

– अपने साथी की बात सुनना एक हेल्दी हैबिट है.

– जब आपका पार्टनर अपनी दिनचर्या के बारे में बात कर रहा हो, तो कुछ और न सोचते रहें.

– उस समय इस बात का इंतज़ार न करें कि कब वो अपनी बात ख़त्म करे, ताकि आप वो कह सकें, जो आप कहना चाहते हैं.

– पार्टनर को सचमुच सुनने का प्रयास करें और वो आपको जो बता रहा है, उसे भी रिस्पेक्ट दें.

– जब आप बातचीत कर रहे हों, तो मोबाइल को दूर रख दें.

– कभी-कभी एक मुश्किलभरे दिन के बाद आपके पार्टनर को स़िर्फ किसी सुननेवाले की ज़रूरत होती है.

हंसने में दें पार्टनर का साथ

– इससे आपका रिश्ता और भी मज़बूत होगा.

– पार्टनर के हंसने में उसका साथ दें.

– नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के सायकोलॉजिस्ट लाउरा कुर्ट्ज ने पहली बार एक रिसर्च से रिश्तों में हंसी की भूमिका को जानने की कोशिश की है.

– कुर्ट्ज की स्टडी के अनुसार, रिश्ते की बेहतरी में एकल हंसी की बजाय साझा हंसी कहीं अधिक फ़ायदेमंद है.

– यदि आपका पार्टनर हंस रहा हो और उसके साथ आप भी हंसते हों, तो इससे वह संबंधों के बारे में बेहतर महसूस करता है.

– रिसर्चर्स ने पाया कि एक साथ हंसनेवाले कपल्स एक-दूसरे के प्रति अधिक समर्पित रहते हैं और अधिक संतुष्ट महसूस करते हैं.

– जबकि पार्टनर की हंसी में खुलकर साथ नहीं देनेवाले जोड़ों के मामले में ऐसा नहीं होता.

– नए रिसर्च से साबित हुआ है कि पार्टनर के साथ हंसना रिश्तों की गहराई व अपनापन बढ़ाने के लिए एक कारगर टॉनिक है.

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आई लव यू कहना ना भूलें

– ऐसा कभी भी ना सोचें कि आपको ‘आई लव यू’ कहने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आपके साथी को पहले से पता होना चाहिए कि आप क्या महसूस करते हैं.

– दिन में कम-से-कम एक या दो बार अपने पार्टनर से यह कहने की कोशिश करें कि आप उससे कितना प्यार करते हैं.

– अपने पार्टनर को यह समझाने का समय निकालें कि वो सचमुच आपके लिए कितना मायने रखता/रखती है.

ओपिनियन न देना

– यदि आपका पार्टनर हमेशा आपकी हां में हां मिलाता है और अपनी बात नहीं रखता है, तो यह हेल्दी हैबिट नहीं है.

– एक ही बात पर दोनों का अपना ओपिनियन यानी राय रखना ज़रूरी है.

– हर बात पर दोनों का एक ही पक्ष होना अच्छी बात है, पर केवल एक की ही हुकूमत चलना रिश्ते में बढ़ती दूरियों का प्रतीक है.

– लेकिन हर बात में बहस करना भी ठीक नहीं है और केवल इसलिए कि आपकी बात सुनी जाए, बेवजह साथी की बात काटने की हैबिट से बचें.

फ्लर्ट करें

– आपका विवाह हुए कितना ही समय क्यों न हो गया हो, पार्टनर के साथ फ्लर्ट करें.

– उसे यह याद दिलाते रहें कि आपको वह अभी भी बहुत अट्रैक्टिव लगता है और उसमें अभी भी आकर्षण है.

– फ्लर्ट करने का अपना एक अलग ही एहसास होता है और फ्लर्टिंग से कुछ हेल्दी फ़ायदे भी होने लगें, तो इसका मज़ा दोगुना हो जाता है.

– मनोवैज्ञानिक रीमा सहगल का मानना है कि फ्लर्टिंग एक ऐसा टूल है, जिससे आप दूसरों को अपने बारे में अच्छा महसूस करवा सकते हैं.

– यही नहीं, फ्लर्टिंग से आपकी सेक्स लाइफ रिवाइव होती है.

– बेहतरीन रिलेशनशिप के लिए लिखी गई क़िताब के लेखक स्यू ऑस्टर कहते हैं, “फ्लर्टिंग से न स़िर्फ किसी इंसान को अच्छा महसूस होता है, बल्कि उसका स्ट्रेस भी कम होता है. ज़ाहिर है, आजकल की बिज़ी व तनावभरी ज़िंदगी में इस तरह की स्ट्रेस भगानेवाली चीज़ों की बेहद ज़रूरत है.”

– मैरिड कपल जब एक-दूसरे के साथ फ्लर्टिंग करते हैं, तो उनकी बोरिंग हो चुकी मैरिड लाइफ को ख़ुशगवार बनाने में मदद मिलती है.

साथ खाना बनाएं

– दांपत्य जीवन में पति-पत्नी एक ही गाड़ी के दो ऐसे पहिए होते हैं, जिसमें अगर एक भी नीरस हो, तो जीवन की मिठास कम होती जाती है.

– इसलिए अपनी व्यस्त ज़िंदगी में से कुछ लम्हे एक-दूसरे के लिए चुराएं.

– इसके लिए कभी-कभी किचन में पार्टनर के साथ मिलकर खाना बनाएं.

– खाना बनाते समय बीच-बीच में थोड़ी-सी शरारत करते रहें, जैसे- कभी अचानक साथी की गर्दन पर प्यारभरा किस करना या फिर कभी उन्हें अचानक पीछे से जाकर छू लेना.

– इसके बाद किचन में बहुत सारे प्यार के साथ जो कुछ भी पकेगा, उसे साथ बैठकर खाने का मज़ा ही कुछ और होगा.

कुछ रोमांचक करें

– किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक बरक़रार रखने के लिए यह ज़रूरी है कि उसमें नीरसता न आने दी जाए.

– इसके लिए ज़रूरी है कि समय-समय पर रिश्तोें में रोमांच लाया जाए.

– कभी-कभी अचानक बाहर जाने का प्लान बनाएं.

– अचानक से आप ऑफिस से घर जल्दी पहुंचकर न स़िर्फ अपने साथी को चौंका सकते हैं, बल्कि बाहर घूमने की प्लानिंग कर पार्टनर को ख़ुश कर सकते हैं.

– बोरियत को दूर कर बातचीत को दिलचस्प बनाएं, जिससे आपका साथी आपकी बातों में रुचि ले व उत्साह से बातचीत में अपनी भागीदारी भी दिखाए.

– कोई रोमांटिक मूवी देखने की प्लानिंग करें.

– संबंधों को रोमांटिक बनाने के लिए कभी कैंडल लाइट डिनर भी कर सकते हैं.

पर्सनल हाइजीन का रखें ख़्याल

– रिश्ते को अगर बेहतर बनाना चाहते हैं, तो पर्सनल हाइजीन की हैबिट को अपनाना बहुत ज़रूरी है, ख़ासकर सेक्स संबंधों में.

– हो सकता है हाइजीन का ख़्याल न रखने की वजह से साथी आपके पास आने से कतराए या अपना प्यार ठीक से आपसे व्यक्त न कर पाए.

– सुमन बाजपेयी

खाने के बाद न करें ये काम ( Things You Should Not Do After Eating )

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अच्छी सेहत के लिए समय पर खाना और पौष्टिक आहार लेना ही काफ़ी नहीं. आहार का पचना और उसके पोषक तत्वों का शरीर को मिलना भी ज़रूरी होता है. कई बार ऐसा हो नहीं पाता, वजह हो सकती है खाने के बाद आपकी कुछ आदतें. ज़रा नज़र दौड़ाइए उन आदतों पर, जो आप खाना खाने के बाद करने के आदी हों. इन आदतों का ख़ामियाज़ा आपकी सेहत को भुगतना पड़ सकता है. आइए, जानते हैं ऐसी ही कुछ बुरी आदतें, जो दबे पांव आपको कर रही हैं बीमार.

चाय या कॉफी पीने की आदत

खाने के बाद अक्सर लोग चाय या कॉफी पीना पंसद करते हैं. धीरे-धीरे उन्हें इसकी आदत हो जाती है. अगर ऐसी आदत है, तो इसे तुरंत बदलें.
क्यों छोड़ें ये आदत?
* चाय में पॉलिफिनॉल्स और टेनिंस नाम के केमिकल्स होते हैं, जो खाए गए आहार के पोषक तत्वों को ख़त्म कर देते हैं.
* कॉफी में कैफीन होता है, जो आयरन को ख़त्म कर देता है.
* एनीमिया के मरीज़ों के लिए ये आदत ख़तरनाक हो सकती है.
* चाय की पत्तियों में काफ़ी मात्रा में एसिड होता है, जो आहार में मौजूद प्रोटीन को नुक़सान पहुंचाता है, जिससे खाना पचने में द़िक्क़त होती है.
* अगर चाय या कॉफी पीनी हो, तो खाने के एक घंटे बाद पीएं.

फल खाने का समय हो सही

खाने के तुरंत बाद मीठा खाने के शौक़ीन कई बार ये ग़लती कर बैठते हैं. मीठा खाने के चक्कर में वो फल खाना पसंद करते हैं. यूं तो फल को सेहत के लिए फ़ायदेमंद माना जाता है, लेकिन खाने के तुरंत बाद फल खाना नुक़सानदेह हो सकता है.
क्यों छोड़ें ये आदत?
* खाया हुआ आहार पेट में तब तक रहता है, जब तक पाचन की प्रक्रिया पूरी न हो जाए. इस प्रक्रिया के बीच अगर तुरंत फल खा लिया जाए, तो पेट पर  अधिक भार पड़ने लगता है.
* इससे अपच, पेट में भारीपन या जलन, एसिडिटी की शिकायत हो सकती है.
* फल खाने के साथ चिपक जाता है और उसेे आंतों तक पहुंचने में देर लगती है. ऐसे में फल के सारे पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते.
* फल में बड़ी मात्रा में एसिड, ग्लूकोज़, फ्रक्टोज़, स्टार्च आदि होते हैं, जो खाना पचाने की प्रकिया को धीमा कर देते हैं.
* अंगूर, पेर, संतरा जैसे फलों में फ्लैवोनॉइड होता है. पेट में मौजूद बैक्टीरिया इसका विभाजन कर थायोसायनिक एसिड में बदल देते हैं, जो थायरॉइड  ग्रंथि को कार्य करने से रोकता है. लंबे समय तक ऐसा होने से ग्रंथि में बीमारियां पनपने
लगती हैं.
* खाने से दो घंटे पहले या दो घंटे बाद फल खाएं.
* वैसे सुबह के समय खाली पेट फल खाना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है.

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धुम्रपान करना

धुम्रपान करना वैसे भी सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है. खाने बाद धुम्रपान करना ज़्यादा नुक़सान पहुंचा सकता है.
क्यों छोड़ें ये आदत?
* खाने के बाद एक सिगरेट पीना, दस सिगरेट पीने के बराबर है. यानी दस गुना ज़्यादा घातक हो सकती है सिगरेट.
* खाने के बाद आहार को पचाने के लिए शरीर में रक्त का संचार तेज़ हो जाता है. सिगरेट पीने से उसमें मौजूद निकोटिन और टॉक्सिन्स रक्त में 10 गुना  तेज़ी से रिसता है, जिससे पाचक ग्रंथि, किडनी, दिमाग़, दिल और फेफड़ों को नुक़सान पहुंचता है.
* कैंसर का ख़तरा और भी बढ़ जाता है.
* खाने के तुरंत बाद धुम्रपान करने से एसिडिटी और गैस्ट्रिक जैसी समस्या हो सकती है.

खाने के बाद नहाना मना है

खाने के बाद नहाने के शौक़ीन लोग ज़रा सावधान हो जाएं, क्योंकि ये आदत भी हो सकती है ख़तरनाक.
क्यों छोड़ें ये आदत?
* खाने के बाद रक्त का संचार पेट की तरफ़ ज़्यादा होता है, जहां आहार को पचाने की प्रक्रिया चल रही होती है.
* नहाने से शरीर का तापमान बदल जाता है और तापमान पर नियंत्रण करने के लिए रक्त का प्रवाह शरीर के बाक़ी हिस्से, जैसे- हाथ, पैर की तरफ़ बढ़  जाता है.
* इसकी वजह से पेट के आसपास रक्त की मात्रा कम हो जाती है और पाचन तंत्र की प्रक्रिया धीमी हो जाती है.

वॉक पर चले जाना

वॉक करना यूं तो अच्छी आदतों में शुमार है, लेकिन खाने के बाद तुरंत वॉक पर निकलना सेहत कि लिए हानिकारक है. दोपहर के खाने के बाद आराम और रात के खाने के कुछ देर बाद हल्क़ी सी वॉक आपको स्वस्थ रखती है.
क्यों छोड़ें ये आदत?
* खाने के तुरंत बाद वॉक पर जाने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और पाचन तंत्र आहार में से पोषक तत्व एब्ज़ॉर्ब नहीं कर पाता.
* वॉक करने से कई बार अपच की शिकायत भी होती है.
* खाना खाने के आधे घंटे बाद वॉक पर जाएं.
* 20 मिनट से ज़्यादा वॉक न करें.

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बिस्तर पर चले जाना

खाने बाद आलस आने लगता है और बस आराम करने का मन करता है. लेकिन ये आदत भी है बुरी.
क्यों छोड़ें ये आदत?
* खाने के बाद तुरंत बेड पर चले जाने से या सो जाने से खाना अच्छे से डायजेस्ट नहीं हो पाता और फैट्स में बदल जाता है.
* फैट्स की वजह से मोटापा बढ़ जाता है.
* डायजेशन सही न होने की वजह से आंतों में इंफेक्शन भी हो सकता है.

बेल्ट ढीली करना

स्वादिष्ट खाना देखते ही कई लोग पेट में जगह बनाने के लिए अपनी बेल्ट को लूज़ करने लग जाते हैं, पर ये आदत भी सेहत के लिए सही नहीं.
क्यों छोड़ें ये आदत?
* बेल्ट ढीली करने का मतलब है कि आप ज़रूरत से ज़्यादा खानेवाले हैं. ओवरईटिंग से बचने के लिए इस आदत को छोड़ दें.
* बेल्ट लूज़ करने से बेहतर है, कम खाएं. वैसे भी जितनी भूख लगी हो, उससे कम ही खाना चाहिए, वरना अपच की शिकायत हो जाएगी.

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ठंडा पानी न पीएं

खाने के बीच-बीच में और तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए ठीक नहीं है और ठंडा पानी, तो बिल्कुल भी उचित नहीं है.

ब्रश कीजिए लेकिन ज़रा रुककर

खाना खाने के बाद ब्रश करना वैसे अच्छी आदत है, लेकिन खाने के तुरंत बाद ब्रश करना सही नहीं. अगर खट्टा आहार खाया हो, तो ब्रश करते व़क्त इनैमल यानी दातों की ऊपर की परत निकल सकती है. इसलिए ब्रश करें पर कुछ देर बाद.