halasan

हेल्दी यंग-ग्लोइंग स्किन (Yoga For Healthy And Glowing Skin) की चाहत भला किसे नहीं होती. आप भी चाहती होंगी कि जहां भी आप जाएं आपके ही हुस्न के चर्चे हों, तो क्यों न इसके लिए थोड़ी मेहनत की जाए. जी हां, रोज़ाना कुछ योगासन करके आप भी पा सकती हैं ऐसी ही खिली-खिली निखरी त्वचा. कौन-से हैं वो योगासन और क्या हैं उनके ब्यूटी बेनीफिट्स आइए जानते हैं.

Yoga For Healthy And Glowing Skin

योग के अमेज़िंग ब्यूटी बेनीफिट्स

योग की ख़ूबियों और फ़ायदों के बारे में हमें अधिक जानकारी दी सर्वा योगा के को-फाउंडर योग गुरु सर्वेश शशि ने.

–     योग नेचुरल क्लींज़र और टोनर की तरह काम करता है.

–     यह फेस अपलिफ्टिंग में काफ़ी फ़ायदेमंद होता है.

–     यह ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे आपको बेहतर कॉम्प्लेक्शन, टाइट और क्लीयर स्किन मिलती है.

–     इसकी वजह से आपको घने और लंबे बालों के साथ-साथ हेल्दी और शाइनी नेल्स मिलते हैं.

–     वेट लॉस के साथ-साथ बॉडी टोनिंग और शेपिंग में भी मदद करता है.

–     बॉडी टॉक्सिंस को क्लींज़ करके आपको रेडियंट और ग्लोइंग स्किन देता है.

–     यह आपकी फिटनेस का पूरा ध्यान रखता है, जिससे आप रहते हैं चुस्त-दुरुस्त और तंदुरुस्त.

बेस्ट ब्यूटी आसन

उत्तानासन

–    सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों को कमर पर रखें.

–     सांस छोड़ते हुए कमर से झुकते हुए नीचे आ जाएं और दोनों हाथों से ज़मीन को छुएं.

–     छाती को जांघों से सटाएं और दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों के ऊपर पकड़ें.

–     धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.

–     इसे 30-50 सेकंड्स तक करें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     डिटॉक्सिफिकेशन के लिए यह बेस्ट आसन माना जाता है. बॉडी से टॉक्सिंस को निकालकर यह उसे हेल्दी बनाता है, जिससे स्किन क्लीयर दिखती है.

–     हार्मोंस को संतुलित करके मुंहासों की समस्या से छुटकारा दिलाता है.

–     यह रक्त को शुद्ध करता है, जिससे चेहरे पर नई रौनक़ आती है, रैशेज़ से छुटकारा मिलता है और नई एनर्जी महसूस होती है.

हलासन

–    पीठ के बल लेट जाएं.

–     सांस लेते हुए धीरे-धीरे पैरों को ऊपर उठाएं.

–     पैरों को सिर के पीछे की ओर ले जाएं. पीठ को भी ऊपर उठाते हुए पैरों को ज़मीन पर टिका दें.

–     शुरू-शुरू में हाथों से कमर को सपोर्ट दें.

–     कुछ क्षण रुकें. जिस तरह इस स्थिति में आए थे, वैसे ही वापस आ जाएं.

–     गर्भवती स्त्रियां यह आसन बिल्कुल न करें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     यह आपकी बॉडी से टॉक्सिंस को निकालने में मदद करता है, जिससे डल स्किन को मिलता है ग्लोइंग इफेक्ट.

–     साथ ही यह कील-मुंहासे से छुटकारा दिलाता है.

–     यह नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाता है, जिससे महिलाएं अच्छा फील करती हैं.

–     मस्तिष्क और हृदय में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे त्वचा में नई जान आती है.

सर्वांगासन

–    पीठ के बल लेट जाएं. पैरों को मिलाकर रखें.

–     हाथों को दोनों ओर बगल में सटाकर रखें. हथेलियां ज़मीन की ओर रखें.

–     सांस लेकर पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं. पैरों को उठाते व़क्त हाथों की सहायता भी ले सकते हैं.

–     पैरों को 90 डिग्री या 120 डिग्री पर ले जाकर हाथों को उठाकर कमर के पीछे लगाएं.

–     कोहनी को न उठने दें. पैरों को मिलाकर सीधा रखें.

–     कुछ क्षण रुकें, फिर धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.

–     आंखों को बंदकर ध्यान दोनों भौहों के बीच तीसरे नेत्र पर सहजता से रखें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     यह आसन चेहरे की तरफ़ ब्लड फ्लो को बढ़ा देता है, जिससे चेहरे में नई जान नज़र आती है.

–     चेहरे के दाग़-धब्बों से आपको छुटकारा दिलाता है.

–     ड्राई स्किनवालों के लिए ख़ासतौर से यह आसन फ़ायदेमंद है, क्योंकि यह स्किन को हाइड्रेटेड रखता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है.

यह भी पढ़ें: योग से 10 तरह के दर्द से छुटकारा पाएं (International Yoga Day: Yoga Poses That Relieve 10 Types Of Body Pain)

अर्द्ध मत्स्येंद्रासन

–    दोनों पैरों को फैलाकर बैठ जाएं.

–     दाहिने पैर को घुटनों से मोड़कर एड़ी को नितंब के पास लगाएं.

–     बाएं पैर को मोड़कर दाहिने घुटने के बाहर की ओर ज़मीन पर रखें.

–     दाहिने हाथ को बाएं घुटने के पास से ले जाते हुए बाएं पैर के पंजे को पकड़ लें.

–     बाएं हाथ को बाईं तरफ़ से कमर पर लपेट लें.

–     गर्दन को पीछे की ओर घुमाकर पीछे देखें.

–     धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं.

–     यही क्रिया दूसरी तरफ़ से भी करें.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–     यह थायरॉइड ग्लैंड की फंक्शनिंग को बेहतर बनाता है, जिससे हार्मोंस संतुलित रहते हैं और हार्मोनल बदलाव के कारण होनेवाली स्किन प्रॉब्लम्स आपको परेशान नहीं करतीं.

–     यह गले और चेहरे की त्वचा को फ्लेक्सिबल बनाता है.

–     चेहरे में कसाव आता है, जिससे आपको मिलती है टोन्ड स्किन.

शवासन

–     पीठ के बल लेट जाएं.

–     दोनों पैरों के बीच एक फीट का फासला रखें.

–     कमर व हाथों के बीच छह इंच के क़रीब फासला रखें. हथेलियां खुली हुई हों.

–     पैरों के पंजों की तरफ़ से शरीर को धीरे-धीरे ढीला छोड़ते जाएं.

–     पूरे शरीर को पूरी तरह से शिथिल छोड़ दें.

–     सांस के अलावा पूरा तन और मन बिल्कुल शांत हो.

–     इसे 3-10 मिनट तक करें, फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं.

ब्यूटी बेनीफिट्स

–    यह बेस्ट रिलैक्सिंग पोज़ है, जिससे आप बहुत अच्छा फील करते हैं.

–     इससे नए सेल्स तेज़ी से बनते हैं, जिससे स्किन डल नज़र नहीं आती.

–     इससे आपको न स़िर्फ ग्लोइंग स्किन मिलती है, बल्कि बाल भी शाइनी नज़र आते हैं.

सूर्य नमस्कार

उपरोक्त आसनों के अलावा आप रोज़ाना सूर्य नमस्कार भी कर सकती हैं. यह ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है, जिससे चेहरे का रेडियंट ग्लो वापस आ जाता है. साथ ही यह झुर्रियों को रोकने के साथ ही एजिंग की प्रक्रिया को भी धीमा कर देता है.

फेस योगा

–     ग्लोइंग यंग स्किन के अलावा और क्या-क्या फ़ायदे हैं फेस योगा के आइए जानते हैं.

द वी

–     दोनों हाथों की मिडल फिंगर (मध्यमा) को आईब्रो के बीच में रखकर प्रेस करें और इंडेक्स फिंगर (तर्जनी) को आईब्रोज़ के बाहरी कोनों पर प्रेस करें.

–     गर्दन को बिना हिलाए आंखों से छत की तरफ़ देखने का प्रयास करें.

–     रिलैक्स करें.

–     यह प्रक्रिया छह बार करें और अंत में 10 सेकंड तक आंखों को ज़ोर से बंद करें.

फ़ायदे: आंखों के आसपास सूजन और पफीनेस से राहत. आंखों के पास बारीक़ लकीरें व झुर्रियां जल्दी नहीं पड़तीं.

पफर फिश

–    गालों में हवा भरकर उन्हें फुला लें.

–     होंठों को जितना हो सके उतना भींच लें.

–     हाथों से गालों को 30 सेकंड तक टैप करें.

फ़ायदे: यह प्रक्रिया गालों की त्वचा में कसाव लाती है.

किस द स्काई

–    सिर को पीछे की तरफ़ झुकाएं और ऊपर की तरफ़ किस करें.

–     रिलैक्स करें. सांस बाहर छोड़ते हुए अपने सामने की तरफ़ किस करें.

–     रिलैक्स करें और फिर यही प्रक्रिया दोहराएं.

फ़ायदे: इससे होंठों के आसपास की बारीक़ रेखाओं से छुटकारा मिलता है. गर्दन व जॉलाइन भी अपलिफ्ट होती है.

यह भी पढ़ें: मोटापा कम करने के १० योगासन (10 Yoga For Weight Loss Fast And Naturally)

ब्यूटीफुल स्किन के लिए मुद्रा

वरुण मुद्रा: अंगूठे और सबसे छोटी उंगली (कनिष्का) के पोरों यानी अग्र भाग से टच करें. रोज़ाना 45 मिनट करें. आप इसे एक बार में या फिर तीन बार में 15-15 मिनट भी कर सकते हैं.

फ़ायदे: जल मुद्रा होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेटेड रखती है, जिससे ड्राई स्किन और बालों की समस्या से छुटकारा मिलता है.

–    बॉडी में मॉइश्‍चर लेवल बढ़ता है.

–    झुर्रियों से छुटकारा मिलता है.

पृथ्वी मुद्रा: अंगूठे से अनामिका यानी रिंग फिंगर के पोरों को स्पर्श करें. आप इसे एक बार में 30-45 मिनट या फिर दो-तीन बार में 15-15 मिनट भी कर सकते हैं.

फ़ायदे: यह मुद्रा स्किन, बालों और नेल्स के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है.

–     एजिंग स्किन की समस्या, नाख़ूनों का बार-बार टूटना, बालों का झड़ना जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है.

–     अगर कम उम्र में आपके बाल स़फेद हो रहे हैं, तो यह मुद्रा रोज़ाना करें.

– जयप्रकाश सिंह

यह भी पढ़ें: 11 योगासन जो आपके बच्चे को बनाएंगे फिट एंड इंटेलिजेंट(11 Yoga That Will Make Your Child Fit And Intelligent)

योग न स़िर्फ वज़न घटाता है, बल्कि मन की शांति और पॉज़िटिव एनर्जी भी देता है. आइए, जानते हैं वेट लॉस के लिए कौन-से योगासन कर सकती हैं?

Yogasan

 

सर्वांगासन

 

– सीधे लेट जाएं और पांच बार सांस लें व छोड़ें. फिर सांस छोड़ते हुए पैरों को इतना ऊपर ले जाएं कि केवल आपके कंधों वाला हिस्सा ही ज़मीन पर रहे.
– हाथ कमर पर हों और कमर-पीठ का हिस्सा भी हवा में ही हो.
– इसी स्थिति में पांच बार सांस लें और छोड़ें.
– अब सांस लेते हुए सामान्य स्थिति मेें आ जाएं.

यह भी पढ़ें: योगा फॉर फ्लैट टमी

हलासन

 

– सर्वांगासन के बाद हलासन करें.
– इसके लिए सांस छोड़ते हुए पैरों को ऊपर ले जाएं और कंधे के हिस्से को ज़मीन पर रखते हुए पैरों को इस तरह मोड़ें कि आपका सिर घुटनों को स्पर्श करे.
– इसी स्थिति मेें पांच बार सांस लें और छोड़ेें.
– अब सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं.

 

शीर्षासन

 

– घुटनों के बल बैठें और हाथों को मैट के बीचों-बीच रखें.
– मुंह को हाथों के बीच मेें रखें.
– सांस लें, पैरों को कोहनी की ओर खिसकाएं और सांस छोड़ें.
– फिर दोनों पैरों को एक साथ उठाएं.
– सिर, पैर ही ज़मीन को स्पर्श कर रहे होंगे, बाकी हिस्सा हवा में ही होगा.
– इसी स्थिति में पांच बार सांस लें व छोड़ें.
– अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं.

यह भी पढ़ें: Fat To Fit: 8 हफ़्तों में वज़न घटाएं- नज़र आएं स्लिम-ट्रिम

बद्ध पद्मासन

 

– पद्मासन में बैठकर दोनों हाथों को पीछे ले जाते हुए क्रॉस करें.
– सांस छोड़ते हुए सिर को आगे की ओर झुकाएं और ज़मीन के समानांतर ले आएं.
– पांच बार सांस लें व छोड़े.
– अब सांस लेते हुए सामान्य स्थिति में आएं.

 

शवासन

 

– ये आसन संपूर्ण विश्राम देता है.
– इस आसन में आप ज़मीन पर सीधे लेटकर अपने सभी अंगों को ढीला छोड़ दें और सारे तनाव, खिंचाव और परेशानियों को बाहर जाता हुआ महसूस करें.
– इस आसन से मानसिक तनाव दूर होगा और आपको सुकून का एहसास होगा.

यह भी पढ़ें: 11 योगासन जो आपके बच्चे को बनाएंगे फिट एंड इंटेलिजेंट

डायबिटीज़ को कंट्रोल करना है तो व्यायाम और योगासन को अपने रूटीन में शामिल करें. यक़ीन मानिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का सबसे इफेक्टिव और ईज़ी तरीका है योग (Yoga for Diabetes Control).

1. प्राणायाम

गहरी सांस लेने और छोड़ने से रक्त संचार दुरुस्त रहता है. इससे नर्वस सिस्टम को आराम मिलता है, जिससे अमूमन दिमाग़ शांत रहता है. इसलिए हर किसी को सुबह फ्रेश होने के बाद पद्मासन मुद्रा में बैठकर प्राणायाम करने की सलाह दी जाती है.

Yoga for Diabetes Control
2. सेतुबंधासन

यह आसन डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. यह न स़िर्फ ब्लडप्रेशर कंट्रोल करता है, बल्कि मन को शांति और सुकून देता है. इसे नियमित करने से पाचनतंत्र ठीक रहता है. गर्दन और रीढ़ की स्ट्रेचिंग के साथ-साथ यह आसन पीरियड में आराम दिलाता है.

4
3. बलासन

डायबिटीज़ को जड़ से समाप्त करनेवाला यह आसन बच्चों की मुद्रा नाम से भी जाना जाता है. इससे सारा तनाव और थकान दूर हो जाती है. यह स्पाइन, जंघा और टखनों की स्ट्रेचिंग करता है. इससे तनाव और थकान से राहत मिलती है. लोअर बैक पेन में भी यह सहायक है.

9
4. वज्रासन

यह बेहद सरल आसन है जो डायबिटीज़ के मरीज़ों को ज़रूर आज़माना चाहिए. इससे मन शांत और पाचन तंत्र ठीक रहता है. इससे स्पाइन की हड्डियों और शरीर के निचले हिस्से का मसाज हो जाता है. इस कारण यह बहुत अच्छे नतीजे देता है.

ये भी पढेंः क्या है वज़न और कैलोरी का संबंध?

2
5. सर्वांगासन

डायबिटीज़ में फ़ायदेमंद यह आसन वस्तुतः थायरॉइड ग्रंथि का कामकाज दुरुस्त करता है. थायरॉइड की ग्रंथियां पूरे शरीर की ऐक्टिविटीज़ सही रखती हैं. इस आसन से पाचन तंत्र, नर्वस सिस्टम और ब्रीदिंग सिस्टम अच्छा रहता हैं. यह स्पाइन को भी मज़बूत करता है.

10
6. हलासन

इस आसन को डायबिटीज़ के लिए इसलिए अनुकूल माना गया है, क्योंकि यह लंबे समय तक बैठनेवालों के लिए फ़ायदेमंद है. यानी पोस्चर संबंधी समस्या के लिए यह वरदान है. यह गले की ग्रंथि, फेफड़ों और दूसरे अंगों को उत्तेजित करता है, जिससे पूरे शरीर में रक्त संचार तेज़ी से होता है.

8
7. धनुरासन

जिन्हें लंबे समय से डायबिटीज़ की शिकायत हो, उनके लिए यह आसन कारगर है. इससे पीठ और रीढ़ की बहुत अच्छी एक्सरसाइज़ हो जाती है. इसे नियमित करनेवाले हमेशा तनावमुक्त रहते हैं. यह क़ब्ज़ से राहत दिलाता है. इसे नियमित करनेवालों के प्रजनन संबंधी अंग ठीक रहते हैं.

3
8. चक्रासन

डायबिटीज़ को हमेशा के लिए ख़त्म करनेवाला यह आसन रीढ़ की स्ट्रेचिंग और पीठ के टिश्यूज़ को रिलैक्स करने में कारगर होता है. इस आसन को बिना नागा किए रोज़ाना करने से दिमाग़ को बहुत सुकून मिलता है और जीवन तनाव-मुक्त रहता है.

1
9.पश्‍चिमोत्तासन

यह आसन डायबिटीज़ और ब्लडप्रेशर के लिए बहुत कारगर माना जाता है. इसमें शरीर को आगे की ओर मोड़ा जाता है, जिससे रक्त संचार चेहरे की तरफ़ होता है. इसे करने से पेट संबंधी विकार ख़त्म हो जाते हैं. जांघ के टिश्यूज़ के साथ पीठ और बांह के टिश्यूज़ को मज़बूत करता है.

6
10. अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस आसन को डायबिटीज़ ठीक करनेवाले आसन की कैटेगरी में इसलिए भी रखा गया है, क्योंकि यह आसन विशेष रूप से फेफड़ों की सांस लेने और ऑक्सीजन ज़्यादा समय तक रोकने की क्षमता बढ़ाता है. यह स्पाइन को आराम देता है. पीठदर्द या पीठ संबंधी दूसरी समस्यों से निजात दिलाता है.

7

ये भी पढ़ेंः फ्लैट टमी के लिए पीएं ये 5 ड्रिंक्स