happiness mantras

खुश रहने के लिए महंगी सुख-सुवधाएं नहीं, ख़ुशी का एहसास चाहिए. जब आप खुश होते हैं, तो आपको हर चीज़ अच्छी लगती है और आपका हर काम अच्छा होता है, इसलिए ख़ुशी को अपनी आदत बना लें. आप अपने जीवन में ऐसे भर सकते हैं ख़ुशियों के रंग.

Life With Happiness

हर पल का आनंद लीजिए
ख़ुशी कोई चीज़ नहीं, जिसे ढूंढ़ा या ख़रीदा जाए. ये तो एक एहसास है, जिसे स़िर्फ महसूस किया जा सकता है. यदि आप ख़ुश रहना चाहते हैं, तो हर पल का आनंद लीजिए. ये मत सोचिए कि ये अच्छा है या बुरा. अपने लिए ख़ुशी तलाशने की बजाय दूसरों की ख़ुशियों में शामिल हो जाइए. फिर देखिए, ज़िंदगी कितनी हसीन लगने लगेगी. हर पल ख़ुशी के मौ़के तलाशिए, आपकी ज़िंदगी ख़ुशनुमा हो जाएगी.

Life With Happiness

जीना इसी का नाम है
हमें ज़िंदगी जीने के लिए मिली है, काटने के लिए नहीं. इसे खुलकर जीने के लिए छोटी-छोटी बातों व क़ामयाबियों को अहमियत देना व उनका जश्‍न मनाना सीखिए. ख़ुश रहने का एक और तरीक़ा है- अपना पसंदीदा काम करना. किसी और की देखादेखी में या किसी का दिल रखने के लिए वो काम कभी न करें जो आपको पसंद न हो. ऐसा करके न तो आप काम के साथ न्याय कर पाते हैं और न ही ख़ुद के साथ.

Life With Happiness

ख़ुशी का हेल्थ कनेक्शन
ख़ुश रहने के लिए चुस्त-दुरुस्त रहना भी ज़रूरी है. बीमारियां हमें चिड़चिड़ा बना देती हैं इसलिए अच्छी सेहत के लिए सही खानपान के साथ ही अपनी जीवनशैली में भी बदलाव लाना ज़रूरी है. सही समय पर सोने से लेकर खाने तक हर चीज़ का ध्यान रखकर आप स्वस्थ व ख़ुश रह सकते हैं.

Life With Happiness

स्ट्रेस से रहें दूर
ये काम नहीं हुआ तो मैं क्या करूंगी? मैं समय पर नहीं पहुंची तो क्या होगा? ऐसी बेकार की बातें सोचकर तनावग्रस्त होने की ज़रूरत नहीं. जो चीज़ आपके वश में है उसे दुरुस्त कर लें और जो नहीं है उसके बारे में सोचकर परेशान होने की ज़रूरत नहीं. कल जो होगा देखा जाएगा, ऐसा सोचकर आप ख़ुद को बेकार की चिंताओं से मुक्त कर सकते हैं.

Life With Happiness

गुस्सा ऐसे दूर भगाएं
जब भी ग़ुस्सा आए या किसी बात से नाराज़ हों तो अपनी भावनाओं को काग़ज़ पर उतार दें. जिस तरह कह देने से मन हल्का हो जाता है, उसी तरह अपनी भावनाओं को लिख देने से भी बहुत सुकून महसूस होता है. ज़रूरी नहीं कि आप नकारात्मक बातें ही लिखें, जब कोई बात या चीज़ अच्छी लगे, उसके बारे में भी अपनी डायरी में ज़रूर लिखें.

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सफलता ख़ुशी की चाबी नहीं है. ख़ुशी सफलता की चाबी है. आप जो कर रहे हैं अगर उससे प्यार करते हैं, तो आप सफल ज़रूर होंगे.
– हरमन केन

जब आसपास कोई न हो और आप मुस्कुराएं, तो आप वाक़ई में ख़ुश हैं.
– एंडी रूनी

ख़ुद को ख़ुश करने का बेहतरीन तरीक़ा है किसी और को ख़ुश करने की कोशिश करना.
– मार्क ट्वैन

ज़िंदगी को ख़ुशनुमा बनाते हैं रिश्ते, अपनेपन का एहसास कराते हैं रिश्ते, कभी पल में जुड़ जाते हैं रिश्ते, जीने का सबब होते हैं ये रिश्ते… रिश्तों के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती. ऐसे में अगर इसमें अपनेपन की मिठास घुल जाए, तो ज़िंदगी और भी ख़ुशगवार बन जाती है. आइए, जानें रिश्तों में मिठास बनाए रखने के 50 मंत्र.

Secrets For Happier Family Life

1. सबसे पहले रिश्ते की ज़रूरतों को समझें, जो रिश्ता आप निभाने जा रहे हैं, वह कितना अहम् है आपके लिए इस बात को समझें.

2. दूसरी ज़रूरी चीज़ यह है कि आप अपने रिश्तों को समय दें. यह काफ़ी पुराना मंत्र है, पर है सौ फ़ीसदी कारगर. साथ समय बिताने के लिए आप साथ फ़िल्म देख सकते हैं, बाहर खाना खाने जा सकते हैं, साथ टीवी देख सकते हैं या फिर बातें कर सकते हैं.

3. स्पर्श का जादू… क्या आपने इसके बारे में सुना है? यह वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित हो चुका है कि स्पर्श किसी भी रिश्ते में जादू का काम करता है. अगर बच्चा बीमार है, तो डॉक्टर भी यह सलाह देते हैं कि पैरेंट्स बच्चे को अपना स्पर्श दें. स्पर्श सभी रिश्तों में बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए समय-समय पर जहां ज़रूरी हो, अपने स्पर्श का जादू चलाते रहें.

4. जब अपने मित्रों या रिश्तेदारों के साथ हों, तो औपचारिक भाषा का प्रयोग न करें. अनौपचारिक भाषा या बातचीत से आप और क़रीब आते हैं. उदाहरण के तौर पर, “आप कैसे हैं?” की जगह आप पूछ सकते हैं, “बहुत दिनों के बाद आपसे मुलाक़ात हुई, क्या हालचाल हैं?”

5. उपहार किसी भी रिश्ते में नई जान डाल सकते हैं. बिगड़ी बात बना सकते हैं. उपहार सस्ता हो या फिर महंगा, यह महत्वपूर्ण नहीं है. आप उसे किस भावना से दे रहे हैं, वो महत्वपूर्ण है. उपहार बताते हैं कि आप अपनों का कितना ख़्याल रखते हैं. यदि उपहार अनपेक्षित रूप से और बिना किसी स्वार्थ के दिया जाए, तो आनंद दुगुना हो जाता है.

6. आप अपने रिश्तेदारों और प्रियजनों के लिए एक छोटी-सी पार्टी या समारोह का आयोजन कर सकते हैं. उस पार्टी की थीम ़फैमिली रख दीजिए.

7. थोड़ा समय निकालकर अपने माता-पिता, भाई-बहनों आदि के साथ बैठकर अपने पुराने फ़ोटो एलबम देखें. अपने सगे-संबंधियों के साथ बिताए गए समय की ये तस्वीरें आज उनसे आपके रिश्ते को ज़रूर मज़बूत बनाएंगे.

8. साथ खाना ज़रूर खाएं. बेहतर रिश्तों के लिए दिन में कम से कम एक बार साथ खाना बहुत ज़रूरी है. खाने के टेबल पर परिवार से जुड़ी बातें ही करें.

9. रिश्तों में आपकी तरफ़ से अगर अपेक्षाएं कम और ज़िम्मेदारी का बोध ज़्यादा होगा, तो रिश्ते अपने आप मधुर होते जाएंगे.

10. हफ़्ते में कम से कम एक बार अपने सभी रिश्तेदारों से फ़ोन या इंटरनेट से बात करें.

11. किसी भी रिश्ते को निभाते समय अपना अहंकार या ईगो बीच में न आने दें.

12. अपनी प्रा़ेफेशनल लाइफ़ को ऑफ़िस तक ही सीमित रखें. उसे अपने घर के भीतर न लाएं.

13. जब आप अपने परिवारजनों के साथ हों, तो कंप्यूटर, टीवी या फ़ोन का इस्तेमाल कम से कम करें.

14. किसी भी परिस्थिति में रिश्तों के बीच संवादहीनता न आने दें. चुप्पी रिश्ते को ख़त्म कर देती है. यदि कोई रिश्ता बिगड़ रहा हो, तो उसे बातचीत से ठीक करें.

15. किसी से बात करते समय या अपनी बात किसी के समक्ष प्रस्तुत करते समय इस चीज़ का ख़ास ख़्याल रखें कि हर किसी का आत्मसम्मान होता है और उसे आप ग़लती से भी चोट न पहुंचाएं.

16. अच्छे श्रोता बनें. एक अच्छे रिश्ते के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि सामनेवाले की बातों को धैर्य के साथ सुना व समझा जाए.

17. किसी भी रिश्तेदार से मिलते समय मन में कोई हीनभावना या किसी बात का गर्व न आने दें.

18. यदि आप अपने रिश्तेदारों और मित्रोें को नाम से याद रखें और किसी समारोह में नाम से संबोधित करें, तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा.

19. अपने सभी मित्रों और रिश्तेदारों के जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि की तारीख़ याद रखकर उन्हें बधाई ज़रूर दें.

20. यदि आप समय-समय पर बड़ों को आदर और छोटों को प्यार देते रहेंगे, तो रिश्ते मज़बूत होते जाएंगे.

21. हर रिश्ते की अपनी समस्याएं होती हैं, पर किसी भी हाल में आपको क‘ोधित नहीं होना है. अपने जज़्बातों और ग़ुस्से पर नियंत्रण रखें.

22. आज की सबसे बड़ी समस्या है आर्थिक परेशानियां. लेकिन यह ध्यान रहे कि आपकी आर्थिक परेशानियां किसी भी रिश्ते और ख़ासकर पति-पत्नी के रिश्ते को हताहत न करें, क्योंकि आपकी परेशानियां, तो देर-सवेर सुलझ ही जाएंगी, पर रिश्ते नहीं.

23. रिश्तों में क्षमादान बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए माफ़ करना और अपने किसी ग़लत व्यवहार के लिए माफ़ी मांगना भी सीखें.

24. अपशब्दों या लड़ाई-झगड़े से दूर रहेें.

25. ख़ुद अपने हाथों से पूरे परिवार की पसंद का खाना बनाएं.

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Happy Family Life

26. सारे तीज-त्योहार सभी रस्मों-रिवाज़ व परंपराओें के साथ परिवारवालों के साथ मनाएं.

27. परिवारजनों या रिश्तेदारों में किसी को कोई विशेष उपलब्धि मिली हो, तो उसे सराहना न भूलें.

28. सभी परिवारवाले मिलकर साल में एक बार साथ घूमने ज़रूर जाएं.

29. छुट्टीवाले दिन सभी घरवाले मिलकर कि‘केट, कैरम या कोई और गेम खेल सकते हैं.

30. अगर संभव हो, तो घर में कोई पालतू जानवर रखें, जिसकी देखभाल परिवार के सभी लोग मिलकर करें.

31. घर के बच्चों में भी रिश्तों को निभाने के संस्कार डालें.

32. यदि आपको अपने परिवार से प्यार है, तो अपनी इस भावना को सबके सामने जाहिर होने दें.

33. परिवार में अपने रिश्ते को मज़बूत करने के लिए आप अपने परिवार के इतिहास पर एक शोध कर सकते हैं, जैसे- आपके पूर्वज कौन थे? वह कहां से आए थे? आज आपके क़रीबी रिश्तेदार कहां-कहां स्थित हैं आदि. और फिर ये सारी जानकारियां आप परिवार को गेट-टुगेदर पर दे सकते हैं.

34. घर के सारे काम एक-दूसरे के साथ बांटकर करें. इससे काम करने में मज़ा भी आएगा और आपसी रिश्ते भी मज़बूत होंगे.

35. परिवार के प्रत्येक सदस्य को प्राइवेसी मिलनी चाहिए, फिर चाहे वह छोटा हो या बड़ा.

36. रिश्ता कितना भी गहरा क्यों न हो, पर किसी के निजी मामलों में दख़ल नहीं देना चाहिए.

37. अपने रिश्तों में विश्‍वास पैदा करें.

38. किसी भी रिश्ते में दोस्ती का एक रिश्ता ज़रूर रखें.

39. आपके घर आनेवाले रिश्तेदारों का स्वागत पूरे दिल से करें. अपने तनाव अपनी परेशानियों को उनके सामने जाहिर न हेाने दें.

40. अपने आपको रिश्ते के हर उतार-चढ़ाव और हर परिस्थिति में ढालने के लिए तैयार रखेें.

41. अपने प्रियजनों के बुरे वक़्त में उनका साथ ज़रूर दें.

42. पूर्वानुमान लगाना सीखें कि आपकी पत्नी या पति, आपके माता-पिता आपसे क्या चाहते हैं? उनकी आपसे क्या अपेक्षाएं हैं? और उनके कहे बिना उसे पूरा कर उन्हें सरप्राइज़ देें.

43. आप जैसे हैं, घरवालों और रिश्तेदारों के सामने भी वैसे ही रहें. कुछ और बनने या दिखाने का प्रयत्न न करें. इससे भविष्य में आप मुश्किल में पड़ सकते हैं.

44. किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए आपका ख़ुद का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपनी सेहत का ख़ास ख़्याल रखें.

45. अपनी बुरी परिस्थितियों व दुखों का रोना किसी के सामने न रोएं. हमेशा रोनेवाले व्यक्ति को कोई पसंद नहीं करता.

46. अपने हर रिश्ते में पूरी ईमानदारी बरतें.

47. किसी से भी मिलते समय सकारात्मकता से मिलें. उस व्यक्ति के लिए कोई भी कड़वाहट मन में न रखें.

48. किसी रिश्ते को निभाते समय अगर पूर्व में आपसे कोई ग़लती हुई हो, तो उसे हमेशा याद रखें, ताकि आप उसे दोहराएं ना.

49. दूसरों से वैसा ही व्यवहार करें, जैसा कि आपको अपने लिए अपेक्षित है. आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी कि जैसा बोएंगे वैसा ही काटेंगे.

50. रिश्तों में कभी रूखापन न आने दें. अपने प्रेम की आर्द्रता से इसे समय-समय पर सींचते रहें. यदि आपसे कोई रूठा है, तो उसे मनाने में ज़रा भी देर न लगाएं, क्योंकि वही तो आपका अपना है, जिसे आप बहुत प्यार करते हैं.

– विजया कठाले निबंधे

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