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सलमान खान से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक यूं सेलिब्रेट कर रहे हैं रक्षाबंधन (Bollywood Celebrates Rakshabandhan)

रक्षाबंधन (Rakshabandhan) भाई बहन के प्यार और विश्वास का सबसे प्यारा त्योहार है… बॉलीवुड (Bollywood) भी इस त्योहार को काफ़ी दिल से celebrate करता है… आप भी देखिए पिक्चर्स जो सिलेब्रिटीज़ ने सोशल मीडिया पर अपनी बहन के साथ रखी बंधवाते हुए शेयर की

सलमान खान से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक यूं सेलिब्रेट कर रहे हैं रक्षाबंधन (Bollywood Celebrates Rakshabandhan)

सलमान खान अर्पिता से रखी बंधवाते हुए

प्रियंका चोपड़ा अपने भाई के साथ

Priyanka Chopra With Her Brother

सैफ़ अली खान बहन सोहा के साथ

रितिक रोशन अपनी बहन के साथ

 

कार्तिक आर्यन अपनी बहन के साथ

Kartik Aryan with his sister

सारा और इब्राहिम अली खान

Sarah and Ibrahim Ali Khan

रोज़ाना चेक करें अपनी लाइफ का हैप्पीनेस मीटर (Check Your Daily Happiness Meter)

ज़िंदगी में हर रोज़ हम कुछ न कुछ नया सीखते या अनुभव करते हैं. कुछ चीज़ें हमें ख़ुशी देती हैं, तो कुछ तकलीफ़, पर ज़्यादातर लोग उन तकलीफ़ों के बोझ को ही रोज़ाना ढोते रहते हैं, जबकि हम सबको पता है कि जो व़क्त बीत रहा है, वो लौटकर कभी नहीं आएगा, तो क्यों न रोने की बजाय उसे हंसकर बिताएं. आज से ही एक नई शुरुआत करें, रोज़ाना कुछ अलग करें और देखें कि आज का आपका हैप्पीनेस मीटर कितना है.

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दिमाग़ी कचरा साफ़ करें

हम रोज़ अपने सबकॉन्शियस माइंड में न जाने कितने निगेटिव ख़्याल भर देते हैं और जब वो हमें परेशान करने लगते हैं, तो हम बेवजह दुखी रहने लगते हैं. आज ही ये सारा दिमाग़ी कचरा साफ़ करें.

–    आपके बारे में कौन क्या सोचता है, इस सोच को अपने दिमाग़ से निकाल दें, बल्कि ये सोचकर ख़ुश हो जाएं कि कोई आपके बारे में सोचता तो है.

–     अगर बातचीत के दौरान कोई ग़लतफ़हमी हो गई है, तो उसे तुरंत क्लीयर कर लें. जितनी जल्दी निगेटिव ख़्याल निकलेगा, उतनी जल्दी आपको ख़ुशी का एहसास होगा.

–     माफ़ कर देना और माफ़ी मांग लेना उतना भी कठिन नहीं है, जितना लोगों ने बना रखा है, इसलिए सॉरी कहने में बिल्कुल भी देर न करें. ख़ुद भी ख़ुश रहें और दूसरों को भी ख़ुश रखें.

मैजिकल वर्ड्स का करें इस्तेमाल

हमारे पास मैजिकल वर्ड्स का ख़ज़ाना है, पर अफ़सोस कि हम उनका इस्तेमाल ही नहीं करते, तभी तो दुखी रहते हैं.

–     थैंक यू एक ऐसा जादुई शब्द है, जो न स़िर्फ बोलनेवाले के चेहरे पर मुस्कान लाता है, बल्कि सुननेवाला भी ख़ुश हो जाता है. तो फिर इसे कहने में कंजूसी क्यों करें. सुबह की शुरुआत ही भगवान को थैंक यू कहने से करें, यकीन मानें आपका दिन ख़ुशियों भरा होगा.

–     हर कोई चाहता है कि लोग उसे प्यार करें. पार्टनर, मम्मी-पापा, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी या बच्चे सभी को रोज़ाना वो थ्री मैजिकल वर्ड्स ‘आई लव यू’ ज़रूर कहें. उनके चेहरे की मुस्कान आपके हैप्पीनेस मीटर को बढ़ा देगी.

–     ‘आप अच्छी लग रही हो’ या ‘अच्छे लग रहे हो,’ जैसे जादुई शब्द किसी का भी दिन बना सकते हैं. तो दिल खोलकर लोगों की तारीफ़ करें और ख़ुशियां फैलाते रहें.

चुनें अनजानी राहें

जान-पहचान के लोगों से तो हम हमेशा बोलते-बतियाते हैं, कभी अनजानों से भी दोस्ती करके देखें. बस, यूं ही किसी अजनबी से बातें करें, बहुत अच्छा लगेगा.

–     वर्किंग लोग बस, ट्रेन, ऑटो में रोज़ाना न जाने कितने लोगों से टकराते हैं, तो क्यों न उनसे दोस्ती करें और अपने दोस्तों का दायरा बढ़ाएं.

–     एक-दो बार जिन्हें मिले हैं, उन्हें देखकर स्माइल ज़रूर दें, उनकी स्माइल आपका हैप्पीनेस मीटर बढ़ा देगी.

–     रास्ते में चलते हुए कभी किसी अजनबी को देखकर स्माइल करें, वो जब तक सोचेगा कि आपको कहां मिला था, आप हंसते-हंसते आगे बढ़ जाओगे.

–     कोई उम्रदराज़ महिला अगर भारी सामान लेकर जा रही है, तो निस्वार्थ भाव से उनकी मदद करें. उन्हें तो ख़ुशी मिलेगी ही, पर आपको भी कुछ कम सुकून नहीं मिलेगा.

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कुछ रिफ्रेशिंग हो जाएं

–     क्यों न आज थोड़ी मटरगश्ती कर लें. किसी पुराने दोस्त को उसके ऑफिस में या घर पर जाकर सरप्राइज़ दें. यक़ीन मानिए, एक ही दिन में आपके पूरे हफ़्ते का हैप्पीनेस मीटर रीचार्ज हो जाएगा.

–     गाने सुनने के शौक़ीन हैं, तो अपना मनपसंद गाना स़िर्फ सुनें नहीं, बल्कि गुनगुनाएं भी और अगर घर पर हैं, तो गाने पर थिरकें भी. मूड फ्रेश रखने के लिए म्यूज़िक से बेहतर थेरेपी कुछ नहीं.

–     खाने के शौक़ीन हैं, तो कुछ ऐसा चटपटा खाएं, जो बहुत दिनों से खाया न हो. मनपसंद डिश न स़िर्फ आपका मूड अच्छा करेगी, बल्कि एक ख़ुशी भी देगी.

–     हमेशा दूसरों को ही एंटरटेन न करें. कभी ख़ुद को भी एंटरटेन कर लें. आपके साथ-साथ आपकी फैमिली भी ख़ुश रहेगी.

–     मॉनसून तो वैसे ही बहुत रोमांटिक मौसम है, तो आज अपने पार्टनर के लिए कुछ ख़ास करें. उन्हें चॉकलेट, फूल या टेडी दें. इस रोमांटिक मौसम में आपका रोमांटिक अंदाज़ आपके पार्टनर के हैप्पीनेस मीटर को फुल चार्ज कर देगा.

–     हमेशा दूसरों के बारे में ही न सोचें. कभी-कभी ख़ुद के बारे में भी सोचें. ख़ुद की ख़ुशी के लिए भी कुछ चीज़ें करें. थोड़ा स्वार्थी होने में कोई हर्ज़ नहीं.

फैलाएं पॉज़िटिविटी

आजकल ज़्यादातर लोग सोशल मीडिया के ज़रिए आप तक बहुत-सी निगेटिव चीज़ें पहुंचाते रहते हैं, जिससे जाने-अनजाने आप लगातार निगेटिव ख़्यालों  से घिरे रहते हैं. इसे बदलना चाहते हैं, तो शुरुआत ख़ुद से करें.

–     व्हाट्सऐप पर किसी को ऐसी फोटोज़ या वीडियोज़ न भेजें, जिसे देखकर बुरा लगे. जोक्स, मोटिवेशनल बातें या कोट्स आपके साथ-साथ उनको भी ख़ुश करेंगे.

–     अगर आपके आसपास कोई निगेटिव बातें कर रहा है, तो उसे निगेटिव में भी पॉज़िटिव देखना सिखाएं.

–     सकारात्मक सोच आपके चेहरे पर एक मुस्कान की तरह है, जो हर व़क्त आपकी ख़ूबसूरती को निखारती रहती है. तो सुंदर दिखना चाहते हैं, तो मुस्कुराइए, खिलखिलाइए और दूसरों को भी ख़ुश रखिए.

–     निगेविट बात करनेवालों को बताएं कि कैसे सकारात्मक सोच आपके शरीर में अच्छी फीलिंग वाले हार्मोंस का स्राव करती है और आप अच्छा फील करते हैं.

चेक करें हैप्पीनेस मीटर

–     ऐसी कई बातें होती हैं, जो हमारे चेहरे पर मुस्कान लाती हैं. ध्यान दें कि किससे बातें करते समय आप सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं और जैसे ही आपको वो शख़्स मिले, जी भरकर उससे बातें करें.

–     कोई न कोई तो ऐसा होता है, जिसके बारे में सोचते ही आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. कोशिश करें कि उससे ज़्यादा से ज़्यादा मिलें. उसके साथ ज़्यादा समय बिताने की कोशिश करें.

–     दोस्तों-यारों के संग बिताई कौन-सी पुरानी यादें आपको गुदगुदाती हैं. उन यादों को दोबारा जीने की कोशिश करें.

–     घर से निकलते व़क्त अगर ‘अपना ख़्याल रखना’ कहने भर से आपके चेहरे पर स्माइल आती है, तो इसे अपनी आदत में शुमार करें.

–     पर्सनल लाइफ के अलावा प्रोफेशनल लाइफ में भी रोज़ कुछ अलग व क्रिएटिव करें, कभी काम में, कभी लुक्स में, तो कभी अपने कलीग्स की ख़ुशी के लिए.

–     अपने भीतर के छोटे मासूम बच्चे को कभी सीरियस न होने दें. वह हंसी-मज़ाक और शरारतों से आपको हमेशा ख़ुशहाल बनाए रखेगा.

– सुनीता सिंह

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सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र (10 Tips To Stay Happy)

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सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र

आज की लाइफस्टाइल में खुश रहना भी किसी चुनौती से कम नहीं, पर इन टिप्स को आज़माकर आप भी रह सकते हैं खुश और पॉज़िटिव

1 आप हैं तो सबकुछ है, इसलिए सबसे पहले ख़ुद से प्यार करना सीखें.

2 अगर आप ख़ुश हैं, तो आप दूसरों को भी ख़ुश रखते हैं. इसलिए अपनी ख़ुशियों को प्राथमिकता दें.

3 यदि आपको किसी से कुछ कहना है, तो कह दीजिए, क्योंकि कह देने से मन हल्का हो जाता है. यदि आप मन की बात कह नहीं सकते, तो उसे काग़ज़ पर लिख दीजिए, ऐसा करने से भी आप हल्का महसूस करेंगे.

4 रिश्ते अनमोल होते हैं, इसलिए अपने रिश्तों की क़द्र करें और उन्हें पर्याप्त समय दें.

5 दोस्तों के साथ हम सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं, इसलिए दोस्तों के साथ समय गुज़ारें.

6 किसी भी मनमुटाव को मन में रखने से मन भारी हो जाता है और तनाव बढ़ जाता है, ख़ुश रहने के लिए माफ़ करना सीखें.

7 आपकी उम्र चाहे जो होे, अपने भीतर के बच्चे को कभी बड़ा न होने दें. उसे शरारतें करने दें, तभी आप ज़िंदगी की असली ख़ुशी महसूस कर सकेंगे.

8 आप चाहे कितने ही बिज़ी क्यों न हों, अपने शौक़ के लिए समय ज़रूर निकालें. इससे आपको कभी बोरियत नहीं महसूस होगी और आप ज़िंदगी से हमेशा प्यार करेंगे.

9 ख़ुशी पाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देने से संतुष्टि मिलती है, इसलिए जीवन में ऐसे काम ज़रूर करें जिनसे आप दूसरों के चेहरे पर ख़ुशी बिखेर सकें.

10 स्वस्थ और फिट रहें, क्योंकि बीमार शरीर कभी ख़ुश नहीं  रह सकता.

– वंशज विनय

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ख़ुश रहना है तो सीखें ये 10 बातें (10 Easy Things Successful People Do To Stay Happy)

Easy Things Successful People Do To Stay Happy

ख़ुशी और क़ामयाबी- अच्छा जीवन जीने के लिए ये 2 चीज़ें बेहद ज़रूरी हैं. लेकिन ये 2 चीज़ें हासिल करने के लिए आपको 10 चीज़ें सीखनी होंगी. ख़ुश रहना चाहते हैं, तो आप भी सीखें ये 10 चीज़ें.

1) जब भी ग़ुस्सा आए या किसी बात से नाराज़ हों तो अपनी भावनाओं को काग़ज़ पर उतार दें. जिस तरह कह देने से मन हल्का हो जाता है, उसी तरह अपनी भावनाओं को लिख देने से भी बहुत सुकून महसूस होता है. ज़रूरी नहीं कि आप नकारात्मक बातें ही लिखें, जब कोई बात या चीज़ अच्छी लगे, उसके बारे में भी अपनी डायरी में ज़रूर लिखें.

2) ज़रूरी नहीं कि हमेशा कुछ पाकर ही ख़ुशी मिले, कई बार दूसरों के चेहरे की मुस्कान भी बेइंतहा ख़ुशी देती है इसलिए दूसरों के लिए जितना कर सकें, ज़रूर करें.

3) स्थितियां हमेशा आप के अनुरूप ही हों ये मुमकिन नहीं, कई बार आपको विपरीत स्थितियों में मन मारकर भी रहना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में हालात को कोसने के बजाय उनसे सामंजस्य बिठाने की कोशिश करें. ऐसा करके आप तनाव को कुछ हद तक कम कर सकते हैं.

4) कई लोग पहले काम को टालते जाते हैं, फिर एक साथ बहुत सारा काम देखकर तनावग्रस्त हो जाते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपना हर काम समय पर पूरा करें.

5) दूसरों की क़ामयाबी से कुढ़ने वाले कभी ख़ुश नहीं रहते. ऐसा करने की बजाय दूसरों की क़ामयाबी से प्रेरणा लेकर उन जैसा बनने का प्रयास करें.

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6) यदि आप अपने करियर से ख़ुश नहीं हैं, तो कोई पसंदीदा पार्ट टाइम कोर्स करें और नए सिरे से करियर की शुरुआत करें.

7) सुबह की शुरुआत ईश्‍वर के स्मरण और योग या एक्सरसाइज़ से करें. इससे मन की शांति तो मिलती ही है, आप दिनभर के लिए नई ऊर्जा भी मिलती है.

8) छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ने की कोशिश करें यानी ख़ुश होने के मौ़के तलाशें. ऐसा करने से जीवन में आई हर छोटी-बड़ी समस्या से लड़ने का हौसला मिलता है.

9) हमारी अधिकतर समस्याएं हमारे अहम् के चलते शुरू होती हैं. यदि हम अहम् को त्याग दें तो न ही हम छोटी-छोटी बातों पर आहत होंगे और न ही तनावग्रस्त.

10) ख़ुश रहने के लिए सही लाइफ़ स्टाइल भी ज़रूरी है इसलिए रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं. साथ ही अच्छा खाएं, अच्छा सोचें और अच्छा महसूस करें.

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ऑल राउंडर नहीं, एक्सपर्ट कहलाते हैं नंबर 1 (Art Of Success: How To Become Number One In The World)

Art Of Success

कंप्लीट ग्रोथ के लिए ऑल-राउंडर होना ज़रूरी है, लेकिन नंबर वन कहलाने के लिए एक्सपर्ट बनना ज़रूरी है और ये कोई नामुमकिन काम नहीं है. आप भी ऐसा कर सकते हैं.

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हम कई क़ामयाब लोगों से प्रभावित होते हैं और मन ही मन सोचते हैं काश, मैं भी ऐसा कर पाता/पाती, लेकिन सोचने भर से क्या होगा? क्या आपने कभी क़ामयाबी के शिखर तक पहुंचने का सपना देखा है, उस तक पहुंचने की कोशिश की है? नहीं..? तो अभी भी देर नहीं हुई है.

लक्ष्य निर्धारित करेंः सफलता पाने के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करें. आप किस क्षेत्र में क़ामयाबी पाना चाहते हैं, इस बारे में आपको एक प्रतिशत भी संदेह नहीं होना चाहिए. कोई आपसे नींद में भी पूछे कि आपको क्या हासिल करना है, तो आपको अपना लक्ष्य पता होना चाहिए.

महारत हासिल करेंः हर इंसान में कोई न कोई ख़ूबी ज़रूर होती है, हमें बस, उस ख़ूबी को पहचानना होता है. आप में वो कौन-सी बात है, जो दूसरों से ख़ास है, उसे अपनी ताक़त बनाइए. अपनी किसी एक ख़ूबी में इतनी महारत हासिल कर लीजिए कि आप उसके एक्सपर्ट बन जाएं. वो काम आप जैसा कोई न कर पाए, फिर आपको क़ामयाबी के शिखर तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकेगा.

समर्पित हो जाएंः अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हो जाएं और अपने काम से प्यार करें. जब आप ऐसा करेंगे तो आपको दिन-रात, सुबह-शाम का एहसास तक नहीं होगा और आप हर समय ख़ुशी-ख़ुशी अपना काम करते रहेंगे.

जी तोड़ मेहनत करेंः मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता. किसी भी क़ामयाब व्यक्ति के जीवन पर नज़र डालिए, उसने वहां तक पहुंचने के लिए आम लोगों से कई गुना ज़्यादा मेहनत की होती है. नंबर वन कहलाने के लिए आपको दूसरों से ज़्यादा मेहनत करनी ही होगी.

अपना कर्त्तव्य न भूलेंः हालात चाहे कितने ही विपरीत क्यों न हों, अपना कर्त्तव्य कभी न भूलें. लोग क्या कर रहे हैं इससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी है आप क्या सोचते हैं. लालच या असमंजस की स्थिति में लोगों की नहीं, अपने मन की सुनें. तभी आप दूसरों से अलग बन सकेंगे. आपकी राह में लालच के कई मौ़के आएंगे, लेकिन छोटे लालच पर नहीं, बड़े लक्ष्य पर नज़र रखें.

आत्मविश्‍वास बनाए रखेंः क़ामयाबी की राह में कई मोड़ ऐसे भी आएंगे जो आपको कमज़ोर बना सकते हैं, ऐसे में ख़ुद पर विश्‍वास ही आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा. अतः परिस्थिति चाहे कितनी ही विपरीत क्यों न हो, अपना आत्मविश्‍वास कभी डगमगाने न दें.

सीखने की लगनः एकसपर्ट वही बनते हैं जो हमेशा सीखने के लिए तत्पर रहते हैं. हम सब जीवन के आख़िरी पड़ाव तक कुछ न कुछ सीखते रहते हैं इसलिए सीखने का कोई भी मौक़ा हाथ से जाने न दें. आप जितना सीखेंगे, उतने पारंगत होते चले जाएंगे.

दूसरों का सम्मान करेंः सम्मान उन्हें ही मिलता है जो दूसरों को सम्मान देना जानते हैं. आप चाहे कितने ही परेशान क्यों न हों, अपना ग़ुस्सा किसी और पर कभी न उतारें. छोटे-बड़े सभी का सम्मान करें, तभी आप सही मायने में क़ामयाब कहलाएंगे.

टीम स्पिरिट बनाए रखेंः आप अकेले बहुत दूर तक नहीं चल सकते. किसी भी काम को अंजाम देने के लिए आपको लोगों की ज़रूरत पड़ेगी ही. इसके लिए टीम स्पिरिट के साथ आगे बढ़ें.

मुस्कुराते रहेंः हंसते-मुस्कुराते सरल लोग सभी को पसंद आते हैं और क़ामयाबी उन्हें ही मिलती है जो लोकप्रिय होते हैं. लोग आपसे मिलकर अच्छा महसूस करें, इसके लिए अपना उत्साह कभी कम न होने दें और हमेशा मुस्कुराते रहें.

– कमला बडोनी

क्या है आपकी ख़ुशी का पासवर्ड? (Art Of Living: How To Find Happiness?)

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ख़ुशी की कोई परिभाषा नहीं, कोई फॉर्मूला नहीं… हर किसी के लिए ख़ुशी के मायने अलग-अलग होते हैं. हां, एक बात सभी पर लागू होती है कि ख़ुश रहना सबके लिए ज़रूरी है. आपकी ख़ुशी का पासवर्ड क्या है?

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ताकि खिली रहे चेहरे पर मुस्कान
ज़िंदगी की भागदौड़, गलाकाट कॉम्पटीशन में अक्सर हम इतने उलझ जाते हैं कि अपनी छोटी-छोटी ख़ुशियों को भी नज़रअंदाज़ करने लगते हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है कि हम ये तक भूल जाते हैं कि हमें ख़ुशी किस बात से मिलती है. ये वो संकेत हैं जब हम जाने-अनजाने कई बड़ी बीमारियों को न्योता दे रहे होते हैं. ऐसी स्थिति आने से पहले ही संभल जाना ज़रूरी है. हवा, पानी, भोजन की तरह ही ख़ुशी भी जीवन की खुराक है. इसके बिना आप हेल्दी लाइफ नहीं जी सकते. अतः अपनी अन्य ज़रूरतों की लिस्ट में ख़ुशी के लिए भी ख़ास जगह बनाएं और उसे अपने चेहरे से हटने न दें.

यूं बनाएं ख़ुशी का पासवर्ड
यदि आपको घूमने का शौक़ है और आप किसी ख़ास जगह घूमने जाना चाहते हैं, तो उसके लिए आज से ही थोड़ी-थोड़ी सेविंग करना शुरू कर दें. हर बार पैसे बचाते समय उस जगह के बारे में सोचकर ख़ुशी महसूस करें. फिर जब सेविंग हो जाए, तो टिकिट बुक करें और बुकिंग की तारीख़ या उस जगह के नाम को अपने मोबाइल या लैपटॉप का पासवर्ड बनाएं. फिर आप जब भी पासवर्ड टाइप करेंगे तो आपके चेहरे पर उस जगह पर जाने की ख़ुशी साफ़ झलकेगी. काम के बोझिल माहौल में भी आपकी ख़ुशी का पासवर्ड आपको रिफ्रेश कर देगा.

वजहें कई हैं 
यदि आप कोई महंगी ज्वेलरी ख़रीदना चाहती हैं, तो उसकी फोटो को अपने मोबाइल की डिसप्ले पिक्चर बनाएं. फिर जब भी आप अपना मोबाइल देखेंगी, तो अपनी पसंदीदा ज्वेलरी देखकर आपके चेहरे पर मुस्कान खिल जाएगी. ज्वेलरी की फोटो देखकर उसे ख़रीदने की उत्सुकता बढ़ेगी और आप बचत के लिए और तैयारी करने लगेंगी.

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आज़माएं स्मार्ट ट्रिक्स
* वज़न घटाने के लिए स्लिम एंड सेक्सी पासवर्ड रख सकती हैं.
* घर ख़रीदने के लिए ड्रीम होम पासवर्ड रखें.
* पैरेंट्स बनना चाहते हैं तो माई बेबी शब्द का चुनाव कर सकते हैं.
* गाड़ी ख़रीदना चाहते हैं तो लॉन्ग ड्राइव शब्द को अपने लैपटॉप या मोबाइल का पासवर्ड बनाएं.

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छोटी-छोटी ख़ुशियां
ख़ुशी पाने के लिए महंगे होटल में खाना, इंटरनेशनल टूर आदि ज़रूरी नहीं हैं, छोटी-छोटी बातों से भी ख़ुशियां मिलती हैं. यकीन न हो तो आज़माकर देख लीजिए.
* दोस्तों से मिलने के लिए स्पेशल ओकेज़न का इंतज़ार न करें. हफ्ते या महीने में एक बार अपने दोस्तों से ज़रूर मिलें और हर वो काम करें जिससे आपको ख़ुशी मिलती है.
* बॉस ने आपको बिना वजह डांटा, लेकिन आप अपने बचाव में कुछ नहीं कह सके, तो काग़ज़-कलम उठाइए और अपने मन की भड़ास काग़ज़ पर उतार दीजिए. बॉस को जो भी कहना चाहते हैं, वो सब उस काग़ज़ पर लिख दीजिए और उस काग़ज़ को जला दीजिए. उसके बाद एक लंबी सांस लीजिए और खुलकर मुस्कुराइए. यकीन मानिए, आप बहुत हल्का महसूस करेंगे.
* लंबी छुट्टियों का इंतज़ार न करें, वीकेंड पर छोटी-सी ट्रिप प्लान करके भी आप ख़ुशी के पल जुटा सकते हैं.
* आपकी उम्र चाहे जो होे, अपने भीतर के बच्चे को कभी बड़ा न होने दें. उसे शरारतें करने दें, तभी आप ज़िंदगी की असली ख़ुशी महसूस कर सकेंगे.
* अपने शौक को कभी नज़रअंदाज़ न करें. डांस, स्पोर्ट्स, पेंटिंग… आपको जिस चीज़ का शौक हो, उसके लिए थोड़ा टाइम ज़रूर निकालें. इससे आपको कभी बोरियत नहीं महसूस होगी और आप ज़िंदगी से हमेशा प्यार करेंगे.
* ख़ुशी पाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देने से संतुष्टि मिलती है इसलिए जीवन में ऐसे काम ज़रूर करें जिनसे आप दूसरों के चेहरे पर ख़ुशी बिखेर सकें. यक़ीन मानिए, उसकी ख़ुशी आपके चेहरे पर भी साफ़ नज़र आएगी.
– कमला बडोनी

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45 फेंगशुई टिप्स से लाएं घर में सुख-समृद्धि (45 fengshui tips for happiness)

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यदि आपके जीवन में बार-बार परेशानियां और रुकावटें आती रहती हैं, तो आप फेंगशुई शास्त्र की मदद से इसमें काफ़ी हद तक परिवर्तन ला सकते हैं यानी दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते हैं और परेशानियों से भी निज़ात पा सकते हैं. इसी के बारे में संक्षेप में बता रहे हैं वास्तुशास्त्री डॉ. प्रेम गुप्ता. आइए, सौभाग्य से जुड़े फेंगशुई टिप्स के बारे में जानें.

फेंगशुई द्वारा बताए गए विभिन्न उपायों को अपनाकर सौभाग्य की प्राप्ति की जा सकती है. फेंगशुुई के अनुसार, जब हवा से विंड चाइम्स बजती है, तो इसकी आवाज़ से घर में सुख-समृद्धि आती है और अनेक वास्तु दोष दूर हो जाते हैं. फेंगशुई में विंड चाइम, क्रिस्टल, ड्रैगन, लाफिंग बुद्धा, प्लास्टिक के फूल, कछुआ, जहाज़, सिक्कों आदि का बहुत महत्व है. इन्हें अपने घर या ऑफिस में किसी निर्धारित दिशा में रखकर जहां आप अपने घर-परिवार और नौकरी में सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं, वहीं शांति-सुकून भी पा सकते हैं. आइए, फेंगशुई से जुड़े विभिन्न उपयोगी टिप्स के बारे में जानें.

* शुभ व सौभाग्य प्राप्ति के लिए ड्रॉइंगरूम के प्रवेश द्वार के कोने पर दाईं तरफ़ 6 छड़वाली विंड चाइम्स लटकाना लाभदायक होता है. दरअसल, छह छड़ोंवाली विंड चाइम्स को ड्रॉइंगरूम में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा निकलती है और पूरे घर में फैलती है. 

* ग्रीनरी फेंगशुई के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाती है. इनडोर पौधे घर में ख़ुशियां लाते हैं और घर के हर कोने को उत्साह और उमंग से सराबोर कर देते हैं. फेंगशुई में पौधों को नौ आधारभूत सुरक्षा सावधानियों में से एक माना गया है, इसलिए घर के खाली हिस्सों में पौधे लगा देने चाहिए.

* घर के दक्षिण-पूर्व कोने को धन व समृद्धि का कोना माना जाता है, इसलिए यहां चौड़े पत्तियोंवाले पौधे लगाएं.

* यदि परिवारिक सदस्यों को बार-बार परेशानी व निराशा का सामना करना पड़ता है, तो ड्रॉइंगरूम में नौ छड़ोंवाली विंड चाइम्स लगाएं. इससे सभी को  लाभ होगा.

* चढ़नेवाली बेलें, जिन्हें क्लाइम्बर्स कहा जाता है, जैसे- मनी प्लांट को कोने में लगाकर उस जगह की उदासीनता को कम
कर सकते हैं.

* लाफिंग बुद्धा, जो फेंगशुई में बहुत शुभ माना जाता है, उसे ड्रॉइंगरूम में ठीक सामने की ओर रखें, ताकि घर में प्रवेश करते ही आपकी नज़र सबसे  पहले उस पर पड़े.

* फेंगशुई के अनुसार, पुराना कबाड़ा व बेकार पड़ी चीज़ें परिवार में लड़ाई-झगड़े, मतभेद उत्पन्न करती हैं, इसलिए विशेषकर कपल्स अपने पलंग के  नीचे से पुराना कबाड़ तुरंत निकालकर बाहर फेंक दें, क्योंकि फेंगशुई के अनुसार, इससे पति-पत्नी के बीच मतभेद पैदा होते हैं.

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* गोलाकार डाइनिंग टेबल फेंगशुई में शुभ मानी जाती है, परंतु ध्यान रखें कि टेबल के साथ लगी कुर्सियों की संख्या सम हो.

* भोजन करते समय टीवी देखना हमारे सेहत की दृष्टि से भी नुक़सानदेह होता है, इसलिए टीवी को डाइनिंग रूम में न रखें.

* घर के दरवाज़े के हैंडल में सिक्के लटकाना घर में धन-संपत्ति और सौभाग्य लाने का बेहतरीन उपाय है.

* तीन पुराने चीनी सिक्कों को लाल रंग के धागे या रिबन में बांधकर दरवाज़े के हैंडल में लटका दें. इससे घर के सभी लोगों को लाभ मिलता है. हां, ये  सिक्के दरवाज़े के अंदर की ओर लटकाएं, न कि बाहर की ओर.

* एक बात और घर के सभी दरवाज़ों के हैंडल में सिक्के न लटकाएं, स़िर्फ मुख्यद्वार के हैंडल में ही सिक्के लटकाएं.

* इसके अलावा दरवाज़े के बाहरवाले हैंडल में छोटी-सी घंटी भी लटका सकते हैं.

* सिक्के घर में धन आने के प्रतीक हैं, पिछले दरवाज़े पर आपको एक भी सिक्का नहीं लटकाना है, क्योंकि पिछला दरवाज़ा इस बात का सूचक है कि इस मार्ग से होकर आपका कुछ न कुछ बाहर चला जाता है.

* फेंगशुई में फिश क़ामयाबी का प्रतीक है. फेंगशुई के अनुसार, घर में फिश एक्वेरियम रखने से सुख-समृद्धि आती है. घर में एक छोटे से फिश

* एक्वेरियम में गोल्ड फिश रखना सौभाग्यवर्द्धक होता है.

* उत्तर-पूर्व क्षेत्र धन संपदा व समृद्धि दायक क्षेत्र है. यह जल तत्व का प्रतीक है. इस क्षेत्र में एक्केरियम रखना शुभ रहता है.

* ध्यान रहे कि एक्वेरियम में 8 फिश गोल्डन और 1 ब्लैक कलर की हो. यदि कोई गोल्डन फिश मर जाए, तो माना जाता है कि घर पर आई कोई मुसीबत वह अपने साथ ले गई यानी गोल्डन फिश का मरना अपशगुन नहीं होता.

* अपने ऑफिस में पूर्व दिशा में लकड़ी से बनी ड्रैगन रखें. इससे एनर्जी लेवल बढ़ता है और उमंग-उत्साह बना रहता है.

* फेंगशुई के अनुसार, क्रिस्टल-ट्री का उपयोग घर में सुख-समृद्धि, प्रतिष्ठा व शांति के लिए किया जाता है.

* फेंगशुई स्टोन ट्री सुनने में भले ही काल्पनिक लगे, किन्तु वास्तविकता यही है कि चीनी पद्धति मेंं इस पौधे का अधिक महत्व है. यह पौधा तरह-तरह  के रत्नों व स्फटिकों का बना होता है. इसकी कई वेरायटीज़ होती हैं. रंग-बिरंगे रत्नों से सजे इस पौधे को यदि घर के उत्तर-पश्‍चिम एरिया में रखें, तो निश्‍चित रूप से घर में सौभाग्य में वृद्धि होती है.

* नवरत्न पेड़ नवग्रहों की शांति, सुख व पारिवारिक शांति के लिए इस्तेमाल करते हैं.

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* वैसे इसे घर में दक्षिण-पूर्व दिशा में भी रखा जा सकता है. इसे व्यावसायिक स्थल पर रखने से संपदा मिलती है. इसे बैठक में भी रखा जा सकता है.  इसका एक और महत्वपूर्ण कार्य नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना भी है.

* यदि घर में निगेटिव एनर्जी फैली हुई है, तो ऐसी स्थिति में चीनी बैंबू ट्री का इस्तेमाल करें. बैंबू का पेड़ घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में बढ़ोतरी  करता है.

* फेंगशुई के अनुसार, कछुए को घर में रखना क़ामयाबी और सेहत के लिए लाभदायक है.

* पानी से भरे एक कटोरे में धातु का बना फेंगशुई कछुआ रखकर इस कटोरे को उत्तर दिशा में रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.

* तीन टांगोंवाले मेंढ़क को भी फेंगशुई में सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है.

* फेंगशुई में ड्रैगन को बहुत सम्मान दिया जाता है और इसे शुभ मानते हैं. ड्रैगन येंग यानी पुरुषत्व, हिम्मत और बहादुरी का प्रतीक है. यह
ड्रैगन लकड़ी, सिरेमिक व धातु में उपलब्ध है. कई पीढ़ियों से ड्रैगन शक्ति, अच्छे भाग्य व सम्मान का प्रतीक है. ड्रैगन एक क़ीमती कास्मिक ची बनाता है, जिसे शेंग ची भी कहते हैं, जिससे घर-ऑफिस में भाग्य साथ देता है.

* डबल ड्रैगन को यूं तो किसी भी दिशा में रखा जा सकता है, लेकिन इसे पूर्व दिशा में रखना सबसे ज़्यादा लाभदायक है.

* दो ड्रैगन का जोड़ा समृद्धि का प्रतीक है. इनके पैर के पंजों में ज़्यादा मोती सबसे अधिक एनर्जी संजोए हैं.

* लकड़ी का ड्रैगन दक्षिण-पूर्व या पूर्व में, सिरेमिक, क्रिस्टल के ड्रैगन को दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्‍चिम में रखें.

* यदि घर का मुख्यद्वार उत्तर, उत्तर-पश्‍चिम या पश्‍चिम में हो, तो उसके ऊपर बाहर की तरफ़ घोड़े की नाल लगा देनी चाहिए. इससे सुरक्षा एवं  सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

* फेंगशुई के अनुसार, घर के पूर्वोत्तर कोण में तालाब या फव्वारा शुभ होता है, लेकिन इसके पानी का बहाव घर की ओर होना चाहिए, न कि बाहर की ओर.

* घर को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त रखने के लिए पूर्व दिशा में मिट्टी के एक छोटे-से पात्र में नमक भरकर रखें और हर चौबीस घंटे के बाद नमक बदल दें.

* बाथरूम में रखी बाल्टी हमेशा पानी से भरी रहे, इस बात का ख़ास ख़्याल रखें. यह उपाय आपके जीवन में ख़ुशियां के स्थायित्व को बनाए रखने में मददगार होगा. बाथरूम डेकोर के लिए आप प्राकृतिक या पानी के दृश्यों को दर्शाती सीनरी लगा सकते हैं. कहते हैं, इससे पानी की कमी जैसी समस्याएं परेशान नहीं करतीं.

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* बाथरूम में साबूत नमक या फिटकरी से भरा एक कटोरा रखें. हर महीने इस कटोरे के नमक को बदलती रहें. कहते हैं, हवा में मौजूद नमी के साथ-  साथ यह नमक आसपास की नकारात्मक ऊर्जाओं को भी अपने अंदर समाहित कर लेता है.

* यदि आपको लगता है कि आपकी आय के सारे स्त्रोत बंद हो गए हैं, तो आप तीन रंगोंवाले फेंगशुई मेंढ़क (जिसके मुंह में सिक्के लगे हों) को अपने घर में इस प्रकार रखें कि मेंढ़क की पूरी दृष्टि आपके घर की ओर हो. ऐसा करने से आपकी भाग्य वृद्धि और आय बढ़ेगी.

* यदि आपका भाग्य आपसे रूठ गया हो, तो मकान या बिज़नेसवाली जगह के मुख्यद्वार पर चीनी फेंगशुई की विंड चाइम्स और चीनी सिक्के लगाएं.
इन बातों पर भी ध्यान दें.

* मुरझाए हुए या सूख गए पौधों को तुरंत हटा देना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा फैलती है.

* घर के सामनेवाले हिस्से में कांटेदार या नुकीले पत्तोंवाले पौधे न लगाएं. ये नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं.

* घर या ऑफिस में झाड़ू का इस्तेमाल न हो रहा हो, तो उसे नज़रों के सामने से हटाकर रखें.

* बाथरूम के दरवाज़े के ठीक सामने आईना न लगाएं, क्योंकि स्नान करने जाते समय हमारे साथ-साथ कुछ निगेटिव एनर्जी भी बाथरूम में प्रवेश कर जाती है.

* घर में जो घड़ियां बंद पड़ी होंं, उन्हें या तो घर से हटा दें या चालू करें. बंद घड़ियां हानिकारक होती हैं. इनसे नकारात्मक ऊर्जा निकलती है.

* कमरों में पूरे फर्श को घेरते हुए कालीन आदि बिछाने से लाभदायक ऊर्जा का प्रवाह रुकता है.

* फेंगशुई के तहत ईशान कोण पर बाथरूम बनाना पूरी तरह से वर्जित माना गया है. वैसे, घर के बाथरूम के लिए उत्तम दिशाएं दक्षिण, पश्‍चिम और  पूर्व मानी गई हैं.

वास्तु और फेंगशुई के जानकारी से भरपूर आर्टिकल्स के लिए यहां क्लिक करें: Vastu and Fengshui

वास्तु के अनुसार कैसा हो मुख्यद्वार (Vastu Tips For Home’s Main Door)

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घर के हर कमरे में वास्तु के नियमों का पालन कर के किस तरह सुख, शांति, समृद्धि के साथ-साथ उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल बनाया जा सकता है, आइए, जानते हैं.

प्रवेशद्वार

घर में सुख-शांति, समृद्धि, धन-वैभव व ख़ुशहाली चाहते हैं तो मुख्यद्वार बनवाते समय वास्तु के कुछ नियमों का पालन करें और घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाएं.

* प्रमुख प्रवेश द्वार अत्यंत सुशोभित होना चाहिए. इससे प्रतिष्ठा बढ़ती है.

* प्रमुख प्रवेश द्वार अन्य दरवाज़ों से ऊंचा और बड़ा भी होना चाहिए यानी घर के मुख्यद्वार का आकार हमेशा घर के भीतर बने अन्य दरवाज़ों की तुलना  में बड़ा होना चाहिए. वास्तु के अनुसार 4ु8 का मुख्यद्वार सर्वोत्तम होता है.

* बड़े शहरों में इतना बड़ा मुख्यद्वार बनाना संभव नहीं होता. ऐसे में इसका आकार 3ु7 भी रखा जा सकता है.

* अगर मुख्यद्वार किसी कारण से घर के अन्य दरवाज़ों से छोटा बन गया हो और उसे बदलना संभव न हो, तो उसके आसपास एक ऐसी फोकस लाइट  लगाएं, जिसका प्रकाश मुख्यद्वार और वहां से प्रवेश करने वालों के चेहरों पर पड़े.

* तोरण बांधने से देवी-देवता सारे कार्य निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराकर मंगल प्रदान करते हैं.

* कम्पाउंड वॉल के पूर्व और उत्तर की तरफ़ मेन गेट होने से समृद्धि और ऐश्‍वर्य मिलता है.

* दरवाज़े जहां तक हो अंदर की ओर ही खुलने चाहिए. बाहर खुलने से हर कार्य में बाधा व धीरे-धीरे धनहानि होकर धनाभाव शुरू हो जाता है.

* घर का कोई भी द्वार धरातल से नीचा न हो.

* नैऋत्य और वायव्य कोण में द्वार न बनवाएं.

* द्वार स्वतः खुलने या बन्द होने वाला नहीं होना चाहिए एवं खोलते या बंद करते समय किसी भी प्रकार की आवाज़ नहीं होनी चाहिए.

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* यदि किसी भवन में एक ही मुख्यद्वार बनवाना हो, तो पूर्व अथवा उत्तर दिशा में मुख्यद्वार बनवाएं. इससे शुभ फल मिलेगा.

* यदि घर दक्षिणमुखी या पश्‍चिममुखी है तो उसमें प्रवेशद्वार एक ही बनवाएं. साथ ही द्वार के बाहर गणेशजी की मूर्ति लगाएं.

* कभी भी नैऋत्य कोण में मुख्यद्वार न बनवाएं.

* वास्तु के अनुसार घर का मुख्यद्वार हमेशा दो पल्ले का होना चाहिए.

* घर के प्रवेशद्वार के आसपास किसी तरह का अवरोध नहीं होना चाहिए, जैसे बिजली के खंभे, कोई कांटेदार पौधा आदि.

* मुख्यद्वार के सामने डस्टबिन यानी कचरे का डिब्बा न रखें. साथ ही प्रवेशद्वार के आसपास सफ़ाई का भी पूरा ध्यान रखें.

* मुख्यद्वार के पास तुलसी का पौधा रखें. इससे वास्तु दोष दूर होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती.

* इसके अलावा मुख्यद्वार पर जल से भरा कलश रखने से कई तरह की व्याधि घर के बाहर ही रह जाती है.

* निम्न कोटि के स्थान पर मुख्यद्वार कभी न बनवाएंं, वरना घर में रहनेवाले कई रोगों व परेशानियों के शिकार हो जाते हैं.

* मकान की चौखट या मुख्यद्वार हमेशा लकड़ी का बना होना चाहिए. मकान के भीतर के बाकी दरवाज़ों के फ्रेम लोहे के हो सकते हैं.

* मुख्यद्वार से अंदर प्रवेश करने पर बाईं ओर कुछ भी न रखें. इससे मुख्यद्वार से घर में वायु का प्रवाह सही तरीके से नहीं होगा. अक्सर लोग यहां शू  रैक रखते हैं. ऐसा न करें.

मुख्यद्वार में दिशाओं का महत्व

* यदि घर का मुख्यद्वार उत्तर दिशा में हो तो उस घर में रहनेवालों के पास रुपए-पैसों की कमी कभी नहीं होती. सफलता हमेशा इनके क़दम चूमती है.

* पूर्व दिशा में मुख्यद्वार हो तो नाम, यश, सुख, क़ामयाबी तो मिलती ही है, साथ ही वंशवृद्धि भी होती है.

* अगर मुख्यद्वार दक्षिण दिशा में हो तो यहां रहनेवालों के पास न तो धन-दौलत रहती है और न ही स्वास्थ्य.

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किन दिशाओं का क्या प्रभाव

पूर्व ईशान- सुख-समृद्धि, वंश वृद्धि एवं गृहस्वामी यशस्वी बनेंगे.

पूर्व- ऐश्‍वर्य की प्राप्ति तथा संतान की क़ामयाबी.

पूर्व आग्नेय- पुत्र कष्ट व अग्नि-भय.

दक्षिण आग्नेय- गृहिणी अस्वस्थ एवं भय की शिकार.

दक्षिण- स्त्रियों को मानसिक बीमारियां, आर्थिक तथा शारीरिक तकली़फें.

दक्षिण नैऋत्य- महिलाएं अधिक अस्वस्थ, कर्ज व चरित्रहीनता.

पश्‍चिम नैऋत्य- घर के मुख्य व्यक्ति को कष्ट, दुर्घटना, निराशा तथा पुरुष का चरित्रहीन होना.

पश्‍चिम- धन लाभ, पूजा-पाठ, अध्यात्म के प्रति रुचि एवं पुरुषों की अस्वस्थता.

पश्‍चिम वायव्य- पुरुषों को आर्थिक कष्ट, अकारण शत्रुता, कोर्ट-कचहरी के झगड़े एवं मति भ्रम.

उत्तर वायव्य- महिलाओं का सुख-शान्ति से वंचित होकर घर से बाहर अधिक रहना.

उत्तर- धन लाभ, मान-सम्मान, सुख तथा ख़ुशियों की प्राप्ति.

उत्तर ईशान- सुख-समृद्धि का लाभ, परिवार सुख-सम्पन्न तथा वंश वृद्धि.

वास्तु के मध्य केंद्र- भयंकर आर्थिक एवं मानसिक कष्ट.

सफल शादी के मानसिक फ़ायदे (A Happy Marriage Leads To Better Mental Health)

Marriage Leads To Better Mental Health

शादी ख़ुशहाल जीवन के लिए ज़रूरी तो है ही, साथ ही एक सर्वे के अनुसार इसके कई मानसिक फ़ायदे (Better Mental Health) भी हैं. प्रस्तुत लेख में क़ामयाब शादी से जुड़े ऐसे ही कई मानसिक फ़ायदों के बारे में बताया गया है.

Marriage Leads To Better Mental Health

वाकई में सफल शादीशुदा जीवन बिताने वाले लोग ज़्यादा ख़ुश व लंबा जीवन जीते हैं? अविवाहित लोगों की तुलना में क्या वे मानसिक रूप से अधिक संतुष्ट और सुखी होते हैं? जी हां, यह काफ़ी हद तक सच है. हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार, शादी व ख़ुशी के बीच एक पॉज़ीटिव रिलेशनशिप होता है, जिससे शादीशुदा लोग अविवाहितों की तुलना में अधिक ख़ुुश भी रहते हैं. आइए, जानें क़ामयाब शादी के मानसिक फ़ायदों के बारे में.
*    सफल शादी एक सुरक्षा कवच की तरह होती है, जो पति-पत्नी दोनों को एक निश्‍चिंत जीवन जीने का आश्‍वासन देती है.
* ऐसे कपल बहुत शांत और बेफ़िक्र ढंग से न स़िर्फ परिवार को सुखमय बनाने में क़ामयाब रहते हैं, बल्कि अपने करियर में भी निरंतर आगे बढ़ते रहते हैं.
* सफल शादी में शेयरिंग करने से पति-पत्नी दोनों जहां एक तरफ़ अपनी सारी परेशानियों से बाहर निकल आते हैं, वहीं फ़ाइनेंशियली भी बहुत सिक्योर महसूस करते हैं.
*  शारीरिक संतुष्टि अगर एक तरफ़ उन्हें कुंठा से बचाती है, तो दूसरी ओर साथ होने का विश्‍वास व एहसास, उन्हें मानसिक रूप से भी सक्षम बनाता है.
*  सुख-दुख में कोई उनके साथ है, यह एहसास इतना स्ट्रॉन्ग होता है कि वे किसी भी तरह की चुनौती का सामना करने को तत्पर रहते हैं.
* यदि उनके साथ कुछ ग़लत या बुरा हो भी गया, तो उनका पार्टनर उन्हें सपोर्ट करेगा और उस स्थिति से बाहर आने में मदद करेगा, यह बात उन्हें बड़े से बड़े फैसले लेने में भी मदद करती है.
*  पार्टनर का साथ पति-पत्नी दोनों को एक कॉन्फ़िडेंस देता है, जिसके बल पर वे कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी तैयार रहते हैं.
*  सफल शादी पति-पत्नी को हमेशा ख़ुशी के एहसास से भरे रहती है, जिससे उन्हें पॉज़ीटिव इमोशन्स का अनुभव होता है और अभाव या परेशानियां होने के बावजूद वे निराश या कुंठित नहीं होते हैं.
* उन्हें इस बात का डर नहीं सताता कि यदि कल किसी वजह से वे मुसीबत से घिर जाते हैं, तो उनका भविष्य ख़राब हो सकता है.
* जीवनसाथी किसी प्रकार की दुविधा होने या निर्णय लेने की स्थिति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उस पर आंख बंद करके विश्‍वास किया जा सकता है कि वह उसका अहित नहीं करेगा, इसलिए उसके निर्णय से उलझन को सुलझाने में मदद मिलती है.
* सफल शादी से स्ट्रेस लेवल कम होता है.
* अकेला व्यक्ति जब घंटों किसी चीज़ में उलझा रहता है, तो उसका डिप्रेशन का शिकार होना स्वाभाविक है, पर सफल विवाहित जोड़ों के साथ ऐसा नहीं होता है.
* उसकी ख़ुशी न स़िर्फ उसके चेहरे, हाव-भाव, बातचीत करने के ढंग आदि से झलकती है, बल्कि वह उसकी परफ़ॉर्मेंस में भी दिखाई देती है.
* जब तनाव न हो, तो मन शांत रहता है और काम करना बोझ नहीं लगता. फिर चाहे वह घर का काम हो या ऑफ़िस का, व्यक्ति मन लगाकर करता है.
* काम से थकने पर पार्टनर से कुछ पल बात कर वह फ्रेश हो जाता है.
* घर का टेंशन फ्री माहौल उसे हमेशा दुखी व च़िड़चिड़ा होने से बचाता है.
* जहां पति-पत्नी दोनों वर्किंग होते हैं, वहां एक पार्टनर के बीमार होने या नौकरी छूट जाने पर भी टेंशन नहीं होती. पार्टनर का इमोशनल सपोर्ट भी लगातार मिलने से उसका मनोबल नहीं टूटता. जो साथी काम कर रहा है, उसकी आय से घर चलता रहता है.
* एक सर्वे के अनुसार, जिन पुरुषों का वैवाहिक जीवन सफल होता है, वे अपने वर्कप्लेस में भी सक्सेसफुल होते हैं. वे न तो ज़्यादा छुट्टियां लेते हैं और न ही ऑफ़िस देर से पहुंचते हैं.
* सफल शादीशुदा कपल्स की मेंटल हेल्थ पऱफेक्ट होती है.

स्ट्रेस-फ्री लाइफ़स्टाइल आपको फिज़िकली ही नहीं, मेंटली भी फ़िट रखता है.
* घर में अगर तनाव नहीं रहता, तो बाहर जाकर कुछ करने में झुंझलाहट महसूस नहीं होती है. तब पति-पत्नी दोनों की प्रतिभा खुलकर सबके सामने आती है.
सफल शादीशुदा जीवन बिताने वाली पत्नियों को होनेवाले कुछ ख़ास फ़ायदे
* जिन महिलाओं का वैवाहिक जीवन क़ामयाब रहता है, वे खुले मन और सोच के साथ काम कर पाती हैं, जिससे तरक़्क़ी करने के अवसर निरंतर उन्हें मिलते रहते हैं.
* पति का सहयोग मिलने व उनके काम की महत्ता व मांग को समझने के कारण उन्हें रात को देर से घर पहुंचने की टेंशन नहीं होती, जिससे वे अपना 100% काम को दे पाती हैं.
* सफल शादीशुदा जीवन का सबसे बड़ा मानसिक फ़ायदा यह है कि इस कारण पत्नी का एनर्जी लेवल हमेशा हाई रहता है.
* जीवन के प्रति सकारात्मक नज़रिया होने के कारण उन पर प्रेशर कम होते हैं.
* कोई घुटन या कुंठा न होने के कारण वह बेहतर ढंग से समाज में अपना योगदान दे पाती है.
* यदि पति कॉपरेटिव हो, तो पत्नी के सोशल रिलेशनशिप बेहतर होते हैं और वे अपनी क्षमताओं का प्रयोग पूरी तरह से कर पाती हैं.
* यदि पार्टनर समझदार हो, तो अधिक ज़िम्मेदारियां आसानी से पूरे किए जा सकते हैं. तब पत्नी घर व ऑफ़िस में बैलेंस बना पाती है, जिससे उसे मानसिक संतुष्टि होती है कि वह अपने उत्तरदायित्वों को ठीक से निभाने में सक्षम है.
* सुखी विवाहित महिला अपने व्यवहार व मुस्कान से सबका दिल जीत लेती है और प्रशंसा का पात्र बनती है.
* सफल विवाहित कपल्स को दूसरों को सहयोग व सम्मान देने में ख़ुशी मिलती है और इस तरह वे समाज में अपनी एक ख़ास पहचान व जगह बनाने में क़ामयाब हो पाते हैं.

– वत्सल बाजपेयी

क्या करें जब वर्कलोड आए सेक्स लाइफ के बीच? (How Workload Affects Your Sex Life?)

लें सेक्सुअल लाइफ का हेल्थ टेस्ट (Health test for sexual life)

Health test for sexual life

जिस तरह हेल्दी बने रहने के लिए हम समय-समय पर ज़रूरी हेल्थ चेकअप्स (Health test for sexual life) कराते हैं, ठीक उसी तरह अपनी सेक्सुअल लाइफ को भी हेल्दी बनाए रखने के लिए हमें कुछ हेल्थ टेस्ट्स कराने चाहिए. इन टेस्ट्स के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने बात की सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. राजन भोसले (एमडी, ऑनरेबल प्रोफेसर एंड एचओडी, डिपार्टमेंट ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन, केईएम हॉस्पिटल, मुंबई) से.

Health test for sexual life

सेक्सुअल हेल्थ चेकअप्स

हेल्दी सेक्स लाइफ के लिए आपका सेक्सुअली हेल्दी रहना बहुत ज़रूरी है. अगर आप सेक्सुअली एक्टिव नहीं हैं या किसी रिलेशनशिप में भी नहीं हैं, फिर भी ये हेल्थ चेकअप्स आपके लिए उतने ही ज़रूरी हैं.

कब कराएं चेकअप?

अगर आप सेक्सुअली एक्टिव हैं, तो आपको नियमित समय पर सेक्सुअल हेल्थ चेकअप्स कराते रहना चाहिए. अपनी लाइफस्टाइल और सेक्सुअल एक्टिविटी के आधार पर तय करें कि आपको कितने अंतराल पर टेस्ट कराने चाहिए. अगर इसमें से कोई भी स्थिति हो, तो सेक्सुअल हेल्थ टेस्ट कराएं-

– अगर आपको आशंका है कि आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (एसटीआई) हो सकता है.

– अगर आपने अनसेफ सेक्स किया हो और अच्छा फील न कर रहे हों.

– सेक्स के दौरान कंडोम फट या फिसल गया हो.

– आपके एक से अधिक पार्टनर से संबंध हैं.

– आपके पार्टनर के एक से अधिक पार्टनर हैं.

– आपको शक है कि बिना स्टरलाइज़ किया हुआ इंजेक्शन आपको लगाया गया है.

सेक्सुअल हेल्थ टेस्ट्स दो तरह के होते हैं-

1. लैंगिग क्षमता या क़ाबिलीयत को जाननेवाले टेस्ट

2. यौन संक्रमण या यौन रोगों की जांच के लिए टेस्ट

डॉ. राजन भोसले के अनुसार, अगर आपको कोई सेक्सुअल प्रॉब्लम है, गुप्तांगों में दर्द है या फिर आपको लगता है कि शायद आप सेक्सुअली फिट नहीं हैं, तो ये टेस्ट्स ज़रूर कराएं.

लैंगिग क्षमता परखनेवाले टेस्ट्स- महिलाओं-पुरुषों दोनों के लिए

सीरम टेस्टोस्टेरॉन लेवल: टेस्टोस्टेरॉन लेवल टेस्ट के ज़रिए ब्लड में मौजूद टेस्टोस्टेरॉन लेवल के बारे में जानकारी मिलती है. टेस्टोस्टेरॉन सेक्स हार्मोन है, जो महिलाओं और पुरुषों दोनों में होता है.

एसएचबीजी: सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोबुलिन के ज़रिए जहां पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन की कमी की जांच की जाती है, वहीं महिलाओं में इसकी अधिकता के बारे में पता लगाया जाता है. इसकी कमी और अधिकता दोनों ही आपकी सेक्सुअल लाइफ के लिए हेल्दी नहीं.
सीरम प्रोलैक्टिन: यह एक तरह का ब्लड टेस्ट है, जिससे ब्लड में प्रोलैक्टिन के लेवल की जांच की जाती है. महिलाओं और पुरुषों दोनों के रिप्रोडक्टिव हेल्थ में यह अहम् भूमिका निभाता है. इसलिए बेवजह के सिरदर्द और सेक्सुअल ड्राइव में कमी की शिकायत पर डॉक्टर आपको इसकी सलाह दे सकते हैं.

एफएसएच टेस्ट: फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन टेस्ट महिलाओं और पुरुषों के रिप्रोडक्टिव सिस्टम में अहम् भूमिका निभाता है. महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और इंफर्टिलिटी प्रॉब्लम्स और पुरुषों में लो स्पर्म काउंट और टेस्टिकुलर डिस्फंक्शन के लिए यह टेस्ट कराया जाता है.

एलएच टेस्ट: ल्युटिनाइंज़िंग हार्मोन टेस्ट ब्लड या यूरिन के ज़रिए किया जाता है. महिलाओं व पुरुषों के रिप्रोडक्टिव सिस्टम की जांच और ओवरी से निकलनेवाले एग्स का विश्‍लेषण किया जाता है. अगर कोई महिला कंसीव नहीं कर पाती है, तो पति-पत्नी दोनों को यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है.

टी3, टी4, टीएसएच: थायरॉइड की जांच के लिए ये टेस्ट्स कराए जाते हैं. थायरॉइड रिप्रोडक्टिव सिस्टम को बाधित करता है, जिससे महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. बहुत से मामलों में महिलाओं को थायरॉइड होता है, पर उन्हें इसकी जानकारी नहीं होती, जिसके कारण वो कंसीव नहीं कर पातीं. ऐसे में थायरॉइड लेवल की जानकारी किसी के लिए भी बहुत ज़रूरी हो जाती है.

ब्लड शुगर: ब्लड शुगर जहां आपकी कामोत्तेजना में कमी लाता है, वहीं सेक्स के प्रति रुचि कम होने लगती है. ब्लड शुगर पुरुषों व महिलाओं दोनों में सेक्सुअल डिस्फंक्शन का कारण बनता है. ऐसे में अगर आपको लगता है कि आपकी कामोत्तेजना में कमी आ गई है, तो डॉक्टर की सलाह पर अपना ब्लड शुगर ज़रूर चेक करें.

लिपिड प्रोफाइल: कोलेस्ट्रॉल लेवल महिलाओं और पुरुषों में सेक्सुअल फंक्शन्स को प्रभावित करता है. कोलेस्ट्रॉल जितना आपके हार्ट के लिए नुक़सानदायक है, उतना ही आपकी सेक्सुअल लाइफ के लिए भी. ऐसे में अपनी सेक्सुअल लाइफ को हेल्दी बनाए रखने के लिए नियमित समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना ज़रूरी हो जाता है.

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पुरुषों के लिए

पेनाइल डॉपलर स्टडी: गुप्तांग में रक्तसंचार के बारे में जानने के लिए यह टेस्ट किया जाता है. इस टेस्ट की मदद से पुरुषों में सबसे आम समस्या इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बारे में पता चलता है.

टेस्टिकल्स चेकअप: समय-समय पर पुरुषों को अपने टेस्टिकल्स की जांच कराते रहना चाहिए. इससे किसी भी तरह की असामान्य गांठ या सूजन होने पर आपको तुरंत पता चल जाएगा. यह इसलिए भी ज़रूरी है, क्योंकि यह टेस्टिकल कैंसर का कारण भी हो सकता है. अगर आपको कुछ भी असामान्य लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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महिलाओं के लिए

एस्ट्रोजेन व प्रोजेस्टेरॉन: ये दोनों ही हार्मोंस महिलाओं के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं. महिलाओं की कार्यक्षमता को बेहतर बनाए रखने के साथ-साथ उनकी सेक्सुअल लाइफ को हेल्दी बनाने में ये अहम् भूमिका निभाते हैं.

यूटरस और ओवरीज़ की सोनोग्राफी: सोेनोग्राफी के ज़रिए यूटरस और ओवरीज़ की सही तरी़के से जांच हो पाती है, जिससे उनमें होनेवाली किसी भी तरह की समस्या की जांच की जा सकती है. महिलाओें की सेक्सुअल हेल्थ के लिए सोनोग्राफी के ज़रिए इनकी नियमित रूप से जांच ज़रूरी है.

गुप्तांगों की जांच: अगर आपको लगता है कि आपकी सेक्सुअल लाइफ में समस्या आ रही है, तो किसी अच्छे गायनाकोलॉजिस्ट से मिलकर फिज़िकल एक्ज़ामिनेशन करा लें.

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यौन संक्रमण या यौन रोगों की जांच के लिए टेस्ट

एसटीआई स्क्रीनिंग: यह एक ब्लड टेस्ट है, जिसके ज़रिए सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स की जांच होती है. अगर आपमें भी निम्नलिखित लक्षण नज़र आते हैं, तो एसटीआई स्क्रीनिंग ज़रूर कराएं. अगर आपके गुप्तांग से डिस्चार्ज हो रहा हो, पेशाब करते समय दर्द हो, गुप्तांग में फुंसी या छाले हों, खुजली हो, सेक्स के दौरान दर्द हो, तो ये टेस्ट ज़रूर कराएं.

एचआईवी1 और एचआईवी2: जैसा कि सभी को पता है कि एड्स के लक्षण दिखाई नहीं देते और सालों बाद जब वे हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर कर देते हैं, तब इनके बारे में पता चलता है. ऐसे में इनके प्रति सतर्कता ही आपको इनसे बचा सकती है. एचआईवी टेस्ट्स कराना आपके लिए ही फ़ायदेमंद होगा.

हर्पिस: यह एक आम सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ है. आमतौर पर इसके लक्षण दिखाई ही नहीं देते, जिससे व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि उसे हर्पिस है. संक्रामक होने के कारण इसकी जल्द से जल्द जांच ज़रूरी हो जाती है. अगर आपके गुप्तांगों में घाव हो, तो डॉक्टर को इस बारे में बताएं, वो एचएसवी1 और एचएसवी2 टेस्ट की सलाह देंगे.

वीडीआरएल: सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन का पता लगाने के लिए यह टेस्ट किया जाता है.

पुरुषों के लिए
प्रोस्टेट स्क्रीनिंग: प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए प्रोस्टेट स्क्रीनिंग बहुत ज़रूरी है. उम्र बढ़ने के साथ ही प्रोस्टेट कैंसर की संभावना भी बढ़ने लगती है, ऐसे में यह टेस्ट ज़रूरी हो जाता है. फैमिली हिस्ट्रीवाले पुरुषों को ख़ास ध्यान रखना चाहिए. अगर आपको यूरिन पास करने में तकलीफ़ हो, यूरिन या सिमेन में ब्लड आए, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें.

महिलाओं के लिए
सर्वाइकल स्मीयर टेस्ट: स्मीयर टेस्ट को पैप टेस्ट भी कहते हैं. सर्विक्स यानी गर्भाशय ग्रीवा कितना हेल्दी है जानने के लिए ही यह टेस्ट किया जाता है. यह टेस्ट कैंसर की जांच के लिए नहीं है, पर इसकी मदद से कैंसर को टाला जा सकता है. 25-60 साल की सभी महिलाओं को हर 3-5 साल में यह टेस्ट कराना चाहिए.

ब्रेस्ट्स की जांच: ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए नियमित रूप से ब्रेस्ट्स का सेल्फ एक्ज़ामिनेशन बहुत ज़रूरी है. हाल ही में हुई स्टडीज़ में यह बात पता चली है कि ब्रेस्ट कैंसर शहरी महिलाओं में मौत का प्रमुख कारण बन गया है. ऐसे में ब्रेस्ट्स की जांच बहुत ज़रूरी हो जाती है. ब्रेस्ट्स में सूजन या गांठ का महसूस होना, ब्रेस्ट्स के आकार व रंगत में बदलाव, निप्पल्स का अंदर की तरफ़ घुसा हुआ होना ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. हर महीने पीरियड्स के बाद सेल्फ ब्रेस्ट एक्ज़ामिनेशन ज़रूर करें.

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सेक्सुअल हेल्थ टिप्स

– 40 की उम्र के बाद सभी महिलाओं को सालाना मैमोग्राफी करानी चाहिए.

– 40 की उम्र के बाद सभी पुरुषों को सालाना प्रोस्टेट स्क्रीनिंग नियमित रूप से करानी चाहिए.

– महिलाओं को किसी भी तरह का डिस्चार्ज होने पर तुरंत गायनाकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए.

– किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचने के लिए सेक्सुअल हाइजीन का ध्यान रखें.

– सेक्सुअल हेल्थ के लिए लो फैट व हाई फाइबर डायट लें.

– डायबिटीज़ और ब्लडप्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए खाने में शक्कर और नमक की मात्रा कम रखें.

– सेक्सुअल फिटनेस के लिए कंप्लीट बॉडी फिटनेस बहुत ज़रूरी है, इसलिए हफ़्ते में 5 दिन 40 मिनट तक ब्रिस्क वॉक (तेज़ चलना) करें.

– अनीता सिंह

सोनू निगम बने रोडसाइड उस्ताद…ख़ुशियां बांटने का नया तरीक़ा

खोजता क्या है? ख़ुशियां यहीं हैं. जी हां ख़ुशियां आपके आसपास ही हैं, जिसे बिज़ी लाइफस्टाइल के चलते हम और आप देख नहीं पाते हैं. इन ख़ुशियों का एहसास कराया गायक सोनू निगम ने. सोनू ने बदला अपना लुक और एक बूढ़े गायक का लुक और हाथों में हारमोनियम थामे पहुंच गए लोगों के बीच. सड़क के एक किनारे बैठकर सोनू ने अपने हिट गाने गाए. सोनू की सुरीली आवाज़ सुनकर लोग उनके आसपास इकठ्ठा होने लगे. हालांकि कोई भी सोनू को पहचान नहीं पाया, लेकिन उनकी आवाज़ ने लोगों को वहां खड़े रहने पर मजबूर कर दिया. एक लड़के ने तो सोनू के पास आकर न सिर्फ उनका गाना अपने मोबाइल पर रिकॉर्ड किया, बल्कि जाते-जाते चुपके से उनके हाथों में 12 रुपए पकड़ाकर ये भी पूछ लिया कि आपने नाश्ता किया है कि नहीं. सोनू अपने इस वीडियो के ज़रिए यही संदेश देना चाहते हैं ख़ुशियां आपके आसपास ही हैं, उसे पहचानें और भविष्य की चिंता में आज की ख़ुशियों को अनदेखा न करें.

 

बढ़ाएं रिश्तों का बैंक बैलेंस (Grow your relationships bank balance)

Grow your relationships

शादी होते ही जीवन में एक बड़ा बदलाव आता है. जहां एक तरफ़ असंख्य सपनों को पंख लग जाते हैं, वहीं दूसरी ओर ज़िम्मेदारियां भी आ जाती हैं. शुरुआती दिनों में तो पति-पत्नी को एक-दूसरे को समझने में ही गुज़र जाते हैं. लड़की के लिए तो नए घर में ढलने की कोशिश और भी कठिन होती है. लेकिन इस दौरान अगर इस बदलाव को बोरियत या बोझ का जामा पहना दिया जाए, तो समस्याओं के रास्ते खुल जाते हैं. इसलिए ज़रूरी है कि शादी के आरंभिक दिनों से ही अपने रिश्ते का बैंक बैलेंस बढ़ाना शुरू कर दें. माना कि शादी में धन-गहने और बेशक़ीमती सामान मिले हैं, पर उससे बैंक बैलेंस रिश्तों का नहीं बढ़ता, वह तो प्यार, भरोसे और कमिटमेंट से बढ़ता है.

मनोवैज्ञानिक सुलभा राय के अनुसार, “रिश्ते बैंक अकाउंट (Grow your relationships) की तरह होते हैं. अन्य व्यक्ति आपके अकाउंट में अगर डिपॉज़िट कर सकता है, तो विड्रॉ भी कर सकता है. यह धन तो नहीं होता है. यहां डिपॉज़िट और विड्रॉ करने का अर्थ है- प्यार, सहयोग, समय, प्रोत्साहन, कमिटमेंट और भरोसा. अगर पति-पत्नी ये चीज़ें डिपॉज़िट करेंगे, तभी रिश्ते का बैंक बैलेंस बढ़ेगा, अन्यथा वह बहुत जल्दी ही खाली हो जाएगा. बहुत ज़्यादा या बहुत कम संबंधों में नहीं चलता है, इसके लिए एक निश्‍चित बैलेंस होना ज़रूरी है. ‘गिव एंड टेक’ पर आधारित रिश्ता ही जीवन को सुखमय बना सकता है.”

ईमानदार रहें: अपने साथी से कोई भी बात न छुपाएं, आप जो भी सोच रही हैं या महसूस कर रही हैं, उसे अवश्य शेयर करें. यह उम्मीद रखना कि बिना बताए ही साथी आपके मन की बात समझ लेगा, अपने व साथी दोनों के साथ ही ग़लत होगा. इसके अलावा अगर साथी कोई सच आपसे शेयर करता है, तो उसकी ईमानदारी का सम्मान करते हुए, उसे स्वीकारें. अगर आप सच नहीं सुनना चाहती हैं, तो साफ़ है कि आप रिश्ते को पूरी तरह से अपनाना नहीं चाहती हैं. पर आप कुछ चीज़ों को अनदेखा करना चाहती हैं, तो ऐसे में आप कैसे अपेक्षा रख सकती हैं कि आपके संबंधों का बैंक बैलेंस बढ़ेगा. इसलिए अपने रिश्ते में ईमानदारी को इन्वेस्ट करें.

कम्यूनिकेशन गैप न आने दें: कम्यूनिकेशन गैप मन में ग़ुस्सा तो पैदा करता ही है, साथ ही न कह पाने की पीड़ा मन में ऐसे विचार ले आती है, जो बेमानी होने के बावजूद रिश्ते में खटास लाने का कारण बनते हैं. अपनी बात न कहकर आप अपने अंदर निगेटिव इमोशंस को पलने का अवसर देते हैं, जो रिश्ते में किसी ज़हर की तरह काम करते हैं. बेहतर यही होगा कि खुलकर अपने दिल की बात कहें और साथी की फीलिंग्स की भी रिस्पेक्ट करते हुए उसकी बातों को सुनें.

साथ-साथ ज़िम्मेदारियां उठाएं: विवाह किया है, तो ज़िम्मेदारियां भी सिर पर आएंगी और उन्हें निभाना दोनों का काम होता है. ‘हम साथ-साथ हैं’ के कॉन्सेप्ट को दिमाग़ में रखते हुए ज़िम्मेदारियां निभाएं, उनसे कतराएं नहीं. याद रखें साथ मिलकर चलने व सहयोग की भावना आपके रिश्ते(Grow your relationships) को तो मज़बूत बनाती ही है, साथ ही उसके बैंक बैलेंस को भी बढ़ाती है.

Grow your relationships

लविंग एंड केयरिंग बनें: शादी के बाद जो चीज़ सबसे ज़्यादा रिश्ते को मज़बूत बनाती है, वह है प्यार व केयर. अपने साथी के अंदर इग्नोर किए जाने या ग़ैैरज़रूरी होने की फीलिंग न आने दें. उन्हें यह न लगे कि आपको उनकी कोई परवाह ही नहीं है. जब ऐसी भावना मन में आ जाए, तो अकाउंट खाली होते देर नहीं लगती. अपनी बातों, व्यवहार व प्यार से पार्टनर को हमेशा एहसास कराएं कि आपको उनकी ज़रूरत है और उनके बिना आप अधूरे हैं.

आलोचना करें, मगर प्यार से: साथी की कोई बात पसंद नहीं या आप उनकी ग़लती की ओर उनका ध्यान खींचना चाहते हैं या फिर किसी बात के लिए ज़िम्मेदार ठहराना चाहते हैं, तो थोड़ा प्यार से ऐसा कर लिया जाए, तो क्या बुरा है. आलोचना करते समय खीझ या दूसरे के प्रति नफ़रत का समावेश न करें. हो सकता है, आपके साथी का नज़रिया अपने हिसाब से ठीक हो, लेकिन आपको वह ग़लत लग रहा हो, इसलिए आप शांति से अपनी बात कहें, ‘देखो, तुम्हारी यह बात मुझे पसंद नहीं है या इसे अगर ऐसे कर लिया जाए, तो ज़्यादा ठीक होगा.’ किसी काम के लिए साथी को टोक रहे हों, तो भी शब्दों पर ध्यान दें.

कॉम्प्लीमेंट दें: पूरे दिन में साथी को एक बार तो अवश्य ही कॉम्प्लीमेंट दें. किसी बात पर उनकी प्रशंसा करें या काम को सराहें. उन्हें इससे ख़ुशी मिलेगी कि आप उनकी कद्र करते हैं, उनकी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते हैं. यही नहीं, दिनभर उन्हें यह एहसास प्रफुल्लित बनाए रखेगा कि आप उनके साथ जीवन गुज़ारते हुए ख़ुश हैं. कॉम्प्लीमेंट्स के आदान-प्रदान से जीवन में एक नयापन बना रहता है. ‘इस साड़ी में तुम बहुत ख़ूबसूरत लग रही हो या यह शर्ट पहनकर तुम किसी हीरो से कम नहीं लग रहे हो.’ ये कॉम्प्लीमेंट्स बहुत साधारण से हैं, पर सुननेवाले के जीवन में रस घोल देते हैं. हर युगल एक-दूसरे से इस तरह के कॉम्प्लीमेंट्स सुनने को लालायित रहता है. ‘तुम सुंदर हो या मैं जैसा जीवनसाथी चाहती थी, तुम में वो सारे गुण हैं.’ जैसे वाक्य आपसी प्यार को बढ़ाते हैं. ‘मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूं,’ पत्नी जब यह कहती है, तो पति को भी घर आने की जल्दी रहती है.

ग़लती मान लें: जिस तरह साथी के काम करने पर आप ‘थैंक्यू’ कहना नहीं भूलते, उसी तरह ग़लती होने पर ‘सॉरी’ कहना भी न भूलें. जाने-अनजाने दांपत्य जीवन में कोई न कोई ग़लती हो ही जाती है, उसे नकारने की बजाय, मान लें. दांपत्य जीवन में उत्पन्न सारे मतभेदों और कड़वाहट धोने के लिए सॉरी सबसे उपयोगी साधन है. पार्टनर से अगर कोई ग़लती हो गई है, तो उसका प्रयोग पार्टनर को नीचा दिखाने या उसे बुरा साबित करने के लिए न करें.

दूसरों का हस्तक्षेप न सहें: जब दूसरे लोग, चाहे वे आपके ही परिवार के सदस्य हों या मित्र, रिश्तेदार आपकी ज़िंदगी में हस्तक्षेप करने लगते हैं, तो ग़लतफ़हमियां खड़ी हो जाती हैं. पति-पत्नी का रिश्ता चाहे कितना ही मधुर क्यों न हो, उसमें कितना ही प्यार क्यों न हो, पर असहमति या झगड़े तो फिर भी होते हैं और यह अस्वाभाविक भी नहीं है. जब ऐसा हो, तो किसी तीसरे को शामिल करने की बजाय दोनों बैठकर उन मुद्दों को सुलझाएं.

न छिपाएं अपनी इच्छाएं: सेक्स की चाह वैसी ही है जैसी कि खाने-पीने व जीवन की अन्य ज़रूरतों की पूर्ति की होती है. जितना इस इच्छा को दबाने या छिपाने की कोशिश की जाती है, यह उतनी ही तीव्रता से बलवती होती है. सेक्स संबंध शादीशुदा ज़िंदगी में ग़लतफ़हमी की सबसे अहम् वजह है. पति-पत्नी दोनों ही चाहते हैं कि उनका साथी उन्हें प्यार करे और साथ दे. जब आप सेक्स संबंधों से दूरियां बनाने लगते हैं, तो शक और ग़लतफ़हमी रिश्ते को खोखला करने लगती है. आपका साथी आपसे ख़ुश नहीं है या आपसे दूर रहना पसंद करता है, यह रिश्ते में आई सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी बन सकती है.

फ्रीडम दें: रिश्तों का बैंक बैलेंस बढ़ाने के लिए एक-दूसरे को आज़ादी या स्पेस देना बहुत ज़रूरी है. शादी के बाद भी आप दोनों की एक अलग पहचान बनी रहे, इसके लिए ज़रूरी है कि आप एक-दूसरे पर न तो हावी हों और न ही अपनी बात दूसरे पर थोपें. कंट्रोल करने की भावना रिश्तों को खोखला करती है, फिर चाहे आप कितनी ही कोशिश क्यों न कर लें, बैंक बैलेंस खाली ही रहता है.

अपने रिश्ते की स्टॉक चेकिंग भी करें: रिश्तों के बैंक बैलेंस के साथ-साथ समय-समय पर उनकी स्टॉक चेकिंग भी करते रहें. हो सकता है, आप दोनों अलग-अलग तरह से सोचने लगे हों और आपस में एक दूरी बना ली हो. अलग सोच होना बुरी बात नहीं है, पर चीज़ों को डिस्कस कर उन्हें सुलझा लें. उसके लिए आपको समय और कोशिश दोनों ही इन्वेस्ट करने होंगे. स्टॉक चेकिंग करने से आपको पता लगता रहेगा कि कहां ग़लती हो रही है या किसकी ग़लती है और उसे कैसे सुधारा जाना चाहिए. बैंक बैलेंस बढ़ाने के लिए ज़रूरी है कि समय-समय पर रिश्ते की स्टॉक चेकिंग करते रहें. पूरा हिसाब-क़िताब रखने से अकाउंट ठीक रहता है और आगे भी गड़बड़ी होने की कोई संभावना नहीं रहती है.

– सुमन बाजपेयी

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