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सर्वगुण संपन्न बनने में खो न दें ज़िंदगी का सुकून (How Multitasking Affects Your Happiness)

 

 

Multitasking Side Effects

सर्वगुण संपन्न बनने में खो न दें ज़िंदगी का सुकून (How Multitasking Affects Your Happiness)

परफेक्ट बनने की चाह हर किसी की होती है, ख़ासकर महिलाओं की. लेकिन क्या कभी आपने ग़ौर किया है कि ख़ुद को सर्वगुण संपन्न साबित करने की चाह में आप अपना चैन-सुकून भी खोती जा रही हैं. इसी पहलू पर एक नज़र डालते हैं.

अरे, सुनती हो मेरा रूमाल नहीं मिल रहा.” रवि की आवाज़ पर सीमा दौड़कर गई और उसके हाथों में रूमाल पकड़ा आई. केवल इतना ही नहीं, बल्कि सास-ससुर की चाय और दवाइयां, चिंटू का टिफिन, बैंक और बाज़ार के काम और न जाने क्या-क्या सीमा करती रहती है और अपने घर को परफेक्ट रखती है. सभी रिश्तेदारों में वह चहेती है. सीमा की सास कहते नहीं थकती कि उनकी बहू तो सर्वगुण संपन्न है.

स़िर्फ सीमा ही क्यों ऐसी कई महिलाएं हैं, जो हर जगह परफेक्ट रहना चाहती हैं. इसमें कोई बुराई भी नहीं है, पर साथ ही यह ध्यान रखना भी ज़रूरी है कि जीवन की हर कमान को संभालते-संभालते कहीं आपकी कमान आपके हाथ से छूट तो नहीं गई. इसका अर्थ है कि कहीं इस सर्वगुण संपन्नता के प्रमाणपत्र की क़ीमत आपका अपना व्यक्तित्व या आपका स्वास्थ्य तो नहीं.

सर्वगुण संपन्न से जुड़ी कुछ भ्रांतियां

महिलाएं तो मल्टीटास्किंग होती हैं… यह जुमला आपको गाहे-बगाहे सुनने मिल जाएगा, फिर वह ऑफिस हो या घर. और विडंबना यह है कि इस तथ्य को बतानेवाली अमूमन कोई स्त्री ही होती है. मल्टीटास्किंग का मतलब बहुत ग़लत लगाया जाता है. इसका मतलब अपने आप को सुबह से शाम तक कामों के बोझ तले दबा लेना नहीं होता या फिर एक साथ कई काम करना भी नहीं होता है. मल्टीटास्किंग का मतलब होता है कुछ कामों को एक साथ स्मार्ट तरी़के से करना, जिससे समय और ऊर्जा की बचत हो. इसका स्त्री और पुरुष से कोई लेना-देना नहीं है. अतः मल्टीटास्किंग के नाम पर सर्वगुण संपन्नता की प्रतिस्पर्धा ग़लत है.

किसी काम के लिए ना कहना असमर्थता का प्रमाण है

यह भी एक भ्रांति है कि अगर आपने घर में या ऑफिस में किसी को कोई काम करने से मना कर दिया, तो वह आपकी कमी होगी. साथ ही सामनेवाला नाराज़ हो जाएगा. इस कशमकश में हम कई ऐसे काम कर जाते हैं, जिनकी या तो ज़रूरत नहीं होती या जो हमारी सामर्थ्य के बाहर होता है. कोई भी काम या ज़िम्मेदारी तभी उठाएं, जब वह आवश्यक हो और आपके सामर्थ्य के अंदर हो. इसका सर्वगुण संपन्नता से कोई लेना-देना नहीं है.

जो ख़ुद के लिए कम-से-कम समय निकाले, वही सर्वगुण संपन्न है

हमारे समाज में अगर स्त्री ख़ुद के लिए स्पेस रखती है या अपने लिए कुछ समय निकालती है, तो वह सर्वगुणता के पैमाने पर खरी नहीं उतरती. इस भ्रांति को बदलने की ज़रूरत है. स़िर्फ स्त्री ही नहीं, हर किसी को अपने लिए समय निकालने की आवश्यकता होती है. अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करते हुए ऐसा करना कोई अपराध नहीं है. समाज या परिवार क्या कहेगा, इस डर से अपनी किसी रुचि या अपने लिए समय निकालना ना छोड़ें.

अगर आपसे सब ख़ुश हैं, तो ही आप सर्वगुण संपन्न हैं

सबको ख़ुश करना मुश्किल ही नहीं असंभव है, लेकिन सर्वगुण संपन्न बनने की चाह में हम हर किसी को ख़ुश करने की कोशिश करते रहते हैं. इसमें पूरी तरह से सफल कम ही हो पाते हैं, साथ ही कई बार निराशा भी हाथ लगती है. इससे अच्छा है कि हम यह कोशिश करें कि हमारी वजह से कोई दुखी ना हो.

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Multitasking Side Effects

कैसे पहचानें कि सर्वगुण संपन्न बनने की चाहत में आप ख़ुद को खो रही हैं?

अक्सर छोटी छोटी बातें ही हमें किसी बड़े बदलाव का इशारा देती हैं-

*    अगर आपको अपने कामों को पूरा करने के लिए दिनभर का समय कम पड़ता है.

*    समय के साथ आप अपनी पसंद-नापसंद भूलती जा रही हैं.

*    आपकी अपनी कोई हॉबी नहीं है.

*    हमेशा थकान महसूस होती है.

*    अक्सर चिड़चिड़ापन और निराशा होती है.

*    आपके आसपास सब ख़ुश हैं, पर आपको अंदर से ख़ुशी का अनुभव नहीं होता है.

*    हमेशा तनाव और दबाव महसूस होता है.

*    अगर आपके दोस्त या सहेलियां नहीं हैं.

*    आप दिन का कोई भी समय अपने मन मुताबिक़ नहीं बिता पाती हैं.

*    आपको लोगों के बीच अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना पड़ता है.

समाधान के लिए इन बातों पर ध्यान दें

*    सबसे पहले और ज़रूरी है अपने लिए कुछ क्वालिटी समय निकालना.

*    अपने आसपास कुछ सहेलियां हमेशा रखें.

*    अपनी किसी भी रुचि को जीवित रखें.

*    अगर आप अपने बारे में सोच रही हैं, तो इसके लिए किसी भी प्रकार का अपराधबोध ना रखें.

*    कम-से-कम 15 दिनों में एक बार बाहर घूमने ज़रूर जाएं.

*    अपने बचपन का अलबम, कॉलेज के ज़माने की फोटोज़ ज़रूर देखें.

*    घर में हर किसी की ख़ुशी का ध्यान रखें, पर अपनी ख़ुशी को दांव पर ना लगाएं.

*    घर हो या ऑफिस, कामों को मिल-बांटकर करें. काम करने के लिए किसी की मदद लेने में कोई बुराई नहीं है.

सर्वगुण संपन्न नहीं स्मार्ट बनें

*    सर्वगुण संपन्न होना असल में किसी और के पैमाने पर ख़ुद को सिद्ध करना है.

*    यह तमगा लेने के लिए अपने स्व को खो देने से अच्छा है कि आप स्मार्ट बनें.

*    दिन के चौबीस घंटे का इस्तेमाल चतुराई और पूरी प्लानिंग से करें.

*    अपने रिश्तों में मधुरता बनाएं रखने के लिए किसी बड़े प्रयास की ज़रूरत नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी बातों को याद रखें.

*    दिन में थोड़ा समय ख़ुद को ज़रूर दें, फिर चाहे वह योग हो या फिर डांस. तो स्मार्ट बनें और जीवन की हर कमान को कुशलता से संभालें.

 – माधवी कठाले निबंधे

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क्यों मुस्कुराने में भी कंजूसी करते हैं लोग? (Why Don’t Some People Smile)

Smile

क्यों मुस्कुराने में भी कंजूसी करते हैं लोग? (Why Don’t Some People Smile)

ऐसे तमाम लोग (People) हमें रोज़ ही मिल जाते हैं, जो बेवजह ही मुस्कुराकर (Smile) चले जाते हैं और ऐसे भी लोग मिलते हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि शायद ये ज़िंदगी में कभी मुस्कुराए ही नहीं. कोई उन्हें घमंडी समझता है, तो कोई ग़मग़ीन… आइए, जानते हैं कि वो ऐसे क्यों हैं?

टेस्टोस्टेरॉन का हाई लेवल: रिसर्च बताते हैं कि जिनका टेस्टोस्टेरॉन स्तर अधिक होता है, वो कम मुस्कुराते हैं. यही वजह है कि महिलाओं के मुक़ाबले पुरुष कम मुस्कुराते हैं.

पावर: कुछ अध्ययन यह बताते हैं कि ख़ास परिस्थितियों में मुस्कुराने का मतलब ख़ुद को कमज़ोर दर्शाना या एक तरह से आत्मसमर्पण की निशानी माना जाता है. जो लोग कम मुस्कुराते हैं, वो ख़ुद को पावरफुल महसूस करते हैं. उन्हें लगता है कि वो हर परिस्थिति का मुक़ाबला कर सकते हैं और उनमें वो शक्ति है.

कम संवेदनशीलता: स्टडीज़ इस बात की ओर भी इशारा करती हैं कि इमोशनल सेंसिटिविटी हंसने और मुस्कुराने से जोड़कर देखी जाती है, कम मुस्कुरानेवाले लोग इतने संवेदनशील नहीं होते यानी वो कम संवेदनशील होते हैं.

संवादहीनता व असहमति: कम मुस्कुरानेवाले दूसरों की बातों और विचारों से कम सहमत होते हैं. मुस्कुराहट को संवाद स्थापित करने का एक अच्छा ज़रिया माना जाता है, ऐसे में कम मुस्कुरानेवाले दूसरों से अधिक बात करना पसंद नहीं करते हैं.

कठोर व दृढ़ नज़र आने की कोशिश: कुछ लोग प्रभावशाली, मज़बूत, कठोर या दृढ़ नज़र आने की कोशिश में कम मुस्कुराते हैं. शायद ये ऐसे लोग होते हैं, जिनकी परवरिश के दौरान मन में यह बात बैठा दी जाती है या परिस्थितियां इन्हें ऐसा महसूस कराती हैं कि मुस्कुराना उन्हें कमज़ोर बना सकता है यानी मुस्कुराहट को वो कमज़ोरी की निशानी मानने लगते हैं.

नाख़ुश: ज़िंदगी से जिन्हें बहुत-सी शिकायतें हैं, जो ख़ुश नहीं हैं, वो चाहकर भी मुस्कुरा नहीं पाते.

रक्षात्मक प्रतिक्रिया: ज़िंदगी के कुछ कड़वे अनुभव और जो लोग भावनात्मक रूप से आहत हुए होते हैं कभी या फिर बुली का शिकार भी हुए होते हैं, तो वो ख़ुद को बचाने व अधिक आहत होने से बचाने के लिए न मुस्कुराने को एक रक्षात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर लेते हैं.

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लोग गंभीरता से लें: कुछ लोग चाहते हैं कि दूसरे उन्हें अधिक गंभीरता से लें, इसलिए वो कम मुस्कुराते हैं, क्योंकि उनकी यह सोच होती है कि मुस्कुराने से अन्य लोग उन्हें उतनी गंभीरता से नहीं लेंगे या उनकी बातों को उतना महत्व नहीं देंगे, जितना वो चाहते हैं.

परिपक्वता: कम मुस्कुरानेवाले ख़ुद को परिपक्व दिखाने के लिए ऐसा करते हैं. उन्हें लगता है हंसना-मुस्कुराना अपरिपक्वता की निशानी है. उन्हें यह बचकाना लगता है. वे सोचते हैं कि कम मुस्कुराना उन्हें अधिक मैच्योर दिखाएगा और लोग उन्हें अधिक महत्व देंगे.

ख़ूबसूरत नहीं लगते: कुछ लोगों में यह भावना घर कर जाती है कि मुस्कुराते हुए वो अच्छे नहीं लगते या तो उनके दांत ख़राब होते हैं या उन्हें कभी किसी ने कहा होता है कि वो गंभीर अधिक आकर्षक नज़र आते हैं, इसलिए भी वो कम मुस्कुराते हैं.

मुखौटा: कुछ लोग इसे आवरण या मुखौटा बना लेते हैं, जिससे उनकी तकलीफ़ या भावनाएं दूसरों पर ज़ाहिर न हों. कहीं न कहीं वो तकलीफ़ में होते हैं, पर वो शेयर नहीं करना चाहते, इसलिए वो दूसरों से उतना कंफर्टेबल नहीं होना चाहते, जहां लोग उनकी मुस्कुराहट के पीछे दर्द को पहचान सकें. ऐसे में वो गंभीर व ख़ुद को मज़बूत दिखाने के लिए यह मुखौटा ओढ़ लेते हैं.

महत्व कम न हो: कुछ लोगों की यह पक्की धारणा बन जाती है कि बात-बात पर या जब-तब मुस्कुरानेवालों की वैल्यू कम हो जाती है. हर किसी को देखकर मुस्कुरा देने से वो व्यक्ति भी आपकी कद्र नहीं करता, जिसे देखकर आप मुस्कुराते हैं.

ईगो: यह भी एक कारण है, क्योंकि कई बार आपसी रिश्तों या दोस्तों में भी लोग यह सोचते हैं कि एक स्वीट-सी स्माइल से अगर झगड़ा ख़त्म होता है, तो क्या बुराई है, पर वहीं कुछ लोग अपना ईगो सैटिस्फाई करने के लिए यह सोचकर नहीं मुस्कुराते कि भला मैं क्यों झुकूं, ग़लती तो सामनेवाले की थी, मैं क्यों पहल करूं… यदि सामनेवाला पहल करता है, तो भी वो जल्दी से अपनी प्रतिक्रिया नहीं देते, क्योंकि उन्हें लगता है कि इतनी जल्दी माफ़ करने पर अगली बार आपको वो हल्के में लेंगे और आपका महत्व धीरे-धीरे ख़त्म हो जाएगा.

Sad Face

क्या-क्या और कैसे-कैसे बहाने…

जी हां, कम मुस्कुराने के मनोविज्ञान व मनोवैज्ञानिक कारणों की चर्चा तो हम कर चुके. अब उन बहानों को भी जानते हैं, जो लोग अपने न मुस्कुराने पर बनाते हैं.

क्या मैं पागल हूं: बहुत-से लोग यही कहते हैं कि बेवजह या बात-बात पर मुस्कुराने व हंसनेवाला तो पागल होता है. क्या मैं आपको पागल लगता/लगती हूं, जो हर बात पर या हर किसी को देखकर मुस्कुराऊं?

मूड भी कोई चीज़ है या नहीं: न मुस्कुराने की वजह पूछने पर कुछ लोग यही तर्क देते हैं कि मूड भी कोई चीज़ है, बिना मूड के कोई काम नहीं होता, फिर चाहे वो मुस्कुराना ही क्यों न हो.

झूठी हंसी क्यों भला: हम ज़बर्दस्ती किसी को ख़ुश करने के लिए नहीं मुस्कुरा सकते. झूठी हंसी नहीं आती हमें. यह बहाना भी बहुत लोग बनाते हैं.

कुछ अच्छा तो हो मुस्कुराने के लिए: कुछ लोग इतने नकारात्मक होते हैं कि उन्हें हर बात में, हर चीज़ में, हर इंसान में और हर परिस्थिति में कमियां ही नज़र आती हैं. उनके लिए कुछ भी कभी भी अच्छा नहीं होता, तो भला मुस्कुराना किस बात का.

मैं क्यों अपनी वैल्यू कम करूं: कुछ लोगों को लगता है कि उनकी वैल्यू कम हो जाएगी, लोगों के बीच उन्होंने जो छवि बना रखी है, वो हल्की पड़ जाएगी.

जब मेरा मन होगा, तब हंसूंगा/हंसूंगी: तुम्हारे कहने या दुनिया के चाहने से थोड़ी हंसी आएगी. जब मेरी मर्ज़ी होगी, मन होगा, भीतर से हंसने जैसा महसूस होगा तब हंसूगा.

कोई ज़बर्दस्ती है क्या: नहीं हंसना, तो नहीं हंसना, कोई ज़ोर-ज़बर्दस्ती है क्या कि हर बात पर मुस्कुराया जाए या हर चुटकुले पर हंसा ही जाए.

हम तो ऐसे ही हैं: आपको हम पसंद हों या न हों, पर हम तो ऐसे ही हैं. हमको नहीं आता मुस्कुराना. बात करनी हो, तो करो, वरना आप अपने रास्ते, हम अपने रास्ते.

आपको क्या तकलीफ़ है: हमारे नहीं मुस्कुराने से क्या आपका कोई नुक़सान हो रहा है? नहीं न, तो फिर?

हम किसी के ग़ुलाम नहीं: आपको जब लगेगा कि हमें मुस्कुराना चाहिए, क्या तब हम मुस्कुराएंगे? हम किसी के ग़ुलाम नहीं कि किसी के चाहने पर हंसे या मुस्कुराएं.

आपके पेट में दर्द क्यों है: हमारे कम या नहीं मुस्कुराने से दूसरों के पेट में दर्द क्यों होता है, यह बात आज तक समझ नहीं आई. अगर हमें कोई घमंडी या सिरफिरा समझता है, तो यह हमारी प्रॉब्लम है, इससे आपको क्या लेना-देना भला?

–  गीता शर्मा

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कैसे मनाएं सेफ दिवाली? (How To Celebrate Happy And Safe Diwali)

Diwali

कैसे मनाएं सेफ दिवाली? (How To Celebrate Happy And Safe Diwali)

दिवाली (Diwali) रोशनी का त्योहार (Festival) है. यह अपने साथ ढेर सारी ख़ुशियां लाती है. हम सभी इस त्योहार को पूरे धूमधाम से उमंग-उत्साह से मनाते है. लेकिन इस रोशनी के पर्व में थोड़ी सावधानी भी बेहद ज़रूरी है यानी फेस्टिवल मनाएं, पर सेफ्टी (Safety) का भी पूरा ख़्याल रखें, विशेषकर पटाखे जलाते समय. यहां पर हम कुछ सेफ्टी रूल्स (Safety Rules) बता रहे हैं.

–    पटाखे जलाते समय पैरों में चप्पल या जूते ज़रूर पहनें. कभी भी नंगे पांव पटाखे न जलाएं.

–    पटाखे हमेशा खुली जगह पर जलाएं यानी कभी भी घर के अंदर या बंद स्थान पर पटाखे ना फोड़ें. पटाखे जलाने के लिए घर के बाहर, छत पर या फिर आंगन भी ठीक है.

–    साथ ही आसपास देख लें कि कहीं कोई आग फैलानेवाली या फ़ौरन आग पकड़नेवाली चीज़ तो नहीं है.

–    बच्चे-बड़े सभी पटाखे जलाते समय आसपास बाल्टी भरकर पानी ज़रूर रखें. साथ ही जलने पर लगनेवाली इमर्जेंसी दवाएं भी

ज़रूर रखें.

–    यदि पटाखे से जल जाएं, तो जले हुए स्थान पर तुरंत पानी के छींटें मारें.

–    हमेशा लाइसेंसधारी और विश्‍वसनीय दुकानों से ही पटाखे ख़रीदें.

ये न करें…

–    कुछ लोग बहादुरी दिखाने के लिए पटाखे हाथ में पकड़कर जलाने की कोशिश करते हैं. ऐसा न करें, क्योंकि ऐसा करने से पटाखों के हाथ में फटने और दुर्घटना होने की संभावना रहती है.

–    पटाखों को दीये या मोमबत्ती के आसपास ना जलाएं.

–    जब आपके आसपास कोई पटाखे जला रहा हो, तो उस समय आप भी पटाखे ना जलाएं.

–   बिजली के तारों के आसपास क्रैकर्स न फोड़ें.

–   यदि किसी पटाखे को जलने में बहुत अधिक समय लग रहा है, तो उसे दोबारा ना जलाएं, बल्कि किसी सेफ जगह पर फेंक दें.

–   आधे जले हुए पटाखों को इधर-उधर ना फेंकें. उसे पानी में डुबोकर फेंक दें.

–    रॉकेट जैसे पटाखे ऐसे समय में बिल्कुल न जलाएं, जब ऊपर किसी तरह की रुकावट जैसे पेड़, बिजली के तार आदि हों.

–   दीपावली पर कॉटन के कपड़े पहनकर ही पटाखों का आनंद लें. ध्यान रहे, रेशमी या फिर नायलॉन के आउटफिट बिल्कुल भी न पहनें.

–    खुली फ्लेम के कारण पटाखे जलाने के लिए माचिस या लाइटर का इस्तेमाल न करें, यह ख़तरनाक हो सकता है.

–    कभी भी छोटे बच्चों के हाथ में कोई पटाखा न दें.

–   यदि आपकी कार है, तो उसे गैराज में रख दें या फिर उसे अच्छी तरह से कवर कर दें.

–   दीपावली पर घर की खिड़कियां बंद ही रखें तो अच्छा है. साथ ही उन पर रेशमी पर्दे न लगाएं, वरना कोई चिंगारी लगने पर तेज़ी से आग फैलने का डर बना रहता है.

–   सभी पटाखों को हमेशा किसी बंद डिब्बे में ही रखें, विशेषकर दिवाली की रात को.

–    क्रैकर्स जलाते समय पैकेट में दिए गए निर्देशों को भी ज़रूर देख लें और उसी के अनुसार पटाखों को जलाएं.

–   बेहतर होगा कि पटाखे जलाते समय फुल स्लीव्स के ड्रेसेस ही पहने जाएं.

–    पटाखों का आनंद लेते समय किसी इमर्जेंसी वाली सिचुएशन के लिए भी तैयार रहें.

–   यदि आप बहुत सारे लोगों के साथ मिलकर पटाखे जला रहे हैं, तो इस बात का ख़्याल रखें कि एक समय में एक ही शख़्स पटाखे जलाए, क्योंकि यदि कई लोग साथ-साथ पटाखे जलाएंगे, तो दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है.

–    यदि आपके घर में पालतू जानवर, जैसे- बिल्ली, डॉगी आदि हैं, तो उन्हें पटाखों से दूर ही रखें. बेज़ुबान जानवर दिवाली के दिन शोर-शराबे से बेहद परेशान हो जाते हैं. यदि संभव हो, तो उनके कान में कॉटन डाल दें.

–    भीड़वाली जगह, पतली गलियों या घर के पास में पटाखे न जलाएं.

–    छोटे बच्चों को ख़ुद से पटाखे न जलाने दें. उनके साथ किसी बड़े को ज़रूर रखें.

–    कभी भी पैंट की जेब में पटाखे न रखें.

–    ढीले-ढाले कपड़े पहनकर पटाखे न जलाएं.

–    जहां पर पटाखे रखे हों, वहां पर माचिस की जली तीली या फिर अगरबत्ती आदि न फेंकें.

–    ध्यान रहे, कभी भी पटाखों के साथ कोई एक्साइटमेंट या फिर एक्सपेरिमेंट करने का प्रयास न करें. यह ख़तरनाक हो सकता है.

–    सड़क के कुत्तों या फिर अन्य जानवरों को पटाखों से परेशान न करें.

–   पटाखे जलाते समय पेट्रोल, गैस सिलेंडर, डीज़ल, केरोसिन आदि चीज़ें आसपास न हों, इस बात का ख़्याल रखें.

–   यदि पटाखे जलाते समय जल जाएं, तो तुरंत टूथपेस्ट व बरनॉल लगाएं. आवश्यक लगे, तो डॉक्टर को दिखाएं.

– ऊषा गुप्ता

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दीपावली में विंड चाइम से लाएं घर में सौभाग्य (Wind Chime For Diwali Decoration)

Wind Chime

दीपावली में विंड चाइम से लाएं घर में सौभाग्य (Wind Chime For Diwali Decoration)

दीपावली (Diwali) में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम (Wind Chime) को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान दीपावली में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान ज़रूर रखें.

* मार्केट में कई तरह की भारी, हल्की, बड़ी, छोटी और रंगीन विंड चाइम्स (पवन घंटियां) उपलब्ध हैं, लेकिन आप जब विंड चाइम चुनें, तो खोखली व पतली नलीवाली विंड चाइम ही चुनें. ये हवा में आसानी से लहराकर मधुर आवाज़ करती हैं. यदि आप घर में 6 या 7 रॉडवाली विंड चाइम लगाएंगे, तो इससे घर में संपन्नता आती है.

* धातु से बनी विंड चाइम हमेशा पश्‍चिम या उत्तर-पश्‍चिम दिशा में लगाएं. ये दिशाएं धातुओं की होती हैं, इसलिए इन दिशाओं में विंड चाइम लगाने से भाग्योदय होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

* आप चाहें तो लकड़ी की बनी विंड चाइम भी ख़रीद सकते हैं. लकड़ी, ख़ासतौर से बांस से बनी विंड चाइम्स ईको फ्रेंडली होने के साथ-साथ घर-गृहस्थी के मामले में शुभ मानी जाती हैं. इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है. लकड़ी या बांस की बनी विंड चाइम में भी रॉड की संख्या बहुत मायने रखती है. इसमें रॉड की संख्या तीन या चार हो तो विंड चाइम शुभ फल प्रदान करती है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और हर कार्य निर्बाध रूप से पूरा होता है.

* कांच की बनी विंड चाइम भी घर की शोभा बढ़ा सकती है, लेकिन यह अगर भारी हुई तो मधुर आवाज़ पैदा नहीं करेगी.

* घर में पांच नलियों या पांच घंटियोंवाली विंड चाइम लगाना हर तरह से शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मकता समाप्त होती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अलग-अलग उद्देश्यों के लिए 4, 7, 9, 11 नलियोंवाली विंड चाइम्स भी घर के लिए शुभ मानी जाती हैं.

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* अगर आप अपना सोया हुआ भाग्य जगाना चाहते हैं, तो 6 या 8 रॉडवाली विंड चाइम घर में लगाएं. ये आपके भाग्योदय की बाधाओं को दूर करेगी और आपकी सोई हुई किस्मत को जगा देगी. फेंशगुई और वास्तु में इनका काफ़ी महत्व है.

* अगर आप 2 या 9 घंटियों या नलियों वाली विंड चाइम लगाना पसंद करते हैं, तो सिरामिक की बनी विंड चाइम लेकर आएं. ये विंड चाइम मान-प्रतिष्ठा और यश प्रदान करती है. इसे घर की दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में लगाना शुभ होता है.

* आपसी रिश्तों की परेशानियों को हल करने के लिए भी विंड चाइम आपके लिए सहायक साबित हो सकती है.

* अपने बच्चों को सकारात्मक और क्रिएटिव बनाने के लिए उनके कमरे में भी विंड चाइम ज़रूर लगाएं. इसकी मधुर आवाज़ माहौल को ख़ुशनुमा बनाए रखती है.

* अगर आप अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो सिल्वर कलर की विंड चाइम को घर की पश्‍चिम दिशा में लगाएं. इसमें अगर 7 रॉड लगे हों, तो यह काफ़ी लाभ प्रदान करेगी.

* नाम और पैसे की चाहत हो, तो घर की  उत्तर-पश्‍चिम दिशा में पीले रंग की 6 रॉड वाली विंड चाइम लगाएं.

* आप चाहें तो अलग-अलग कलरवाली रंग-बिरंगी विंड चाइम भी लगा सकते हैं. ये आपके घर का माहौल ख़ुशनुमा बनाए रखेगी और सकारात्मकता के साथ-साथ उत्साह का भी संचार करेगी.

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सलमान खान से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक यूं सेलिब्रेट कर रहे हैं रक्षाबंधन (Bollywood Celebrates Rakshabandhan)

रक्षाबंधन (Rakshabandhan) भाई बहन के प्यार और विश्वास का सबसे प्यारा त्योहार है… बॉलीवुड (Bollywood) भी इस त्योहार को काफ़ी दिल से celebrate करता है… आप भी देखिए पिक्चर्स जो सिलेब्रिटीज़ ने सोशल मीडिया पर अपनी बहन के साथ रखी बंधवाते हुए शेयर की

सलमान खान से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक यूं सेलिब्रेट कर रहे हैं रक्षाबंधन (Bollywood Celebrates Rakshabandhan)

सलमान खान अर्पिता से रखी बंधवाते हुए

प्रियंका चोपड़ा अपने भाई के साथ

Priyanka Chopra With Her Brother

सैफ़ अली खान बहन सोहा के साथ

रितिक रोशन अपनी बहन के साथ

 

कार्तिक आर्यन अपनी बहन के साथ

Kartik Aryan with his sister

सारा और इब्राहिम अली खान

Sarah and Ibrahim Ali Khan

रोज़ाना चेक करें अपनी लाइफ का हैप्पीनेस मीटर (Check Your Daily Happiness Meter)

ज़िंदगी में हर रोज़ हम कुछ न कुछ नया सीखते या अनुभव करते हैं. कुछ चीज़ें हमें ख़ुशी देती हैं, तो कुछ तकलीफ़, पर ज़्यादातर लोग उन तकलीफ़ों के बोझ को ही रोज़ाना ढोते रहते हैं, जबकि हम सबको पता है कि जो व़क्त बीत रहा है, वो लौटकर कभी नहीं आएगा, तो क्यों न रोने की बजाय उसे हंसकर बिताएं. आज से ही एक नई शुरुआत करें, रोज़ाना कुछ अलग करें और देखें कि आज का आपका हैप्पीनेस मीटर कितना है.

Happiness

दिमाग़ी कचरा साफ़ करें

हम रोज़ अपने सबकॉन्शियस माइंड में न जाने कितने निगेटिव ख़्याल भर देते हैं और जब वो हमें परेशान करने लगते हैं, तो हम बेवजह दुखी रहने लगते हैं. आज ही ये सारा दिमाग़ी कचरा साफ़ करें.

–    आपके बारे में कौन क्या सोचता है, इस सोच को अपने दिमाग़ से निकाल दें, बल्कि ये सोचकर ख़ुश हो जाएं कि कोई आपके बारे में सोचता तो है.

–     अगर बातचीत के दौरान कोई ग़लतफ़हमी हो गई है, तो उसे तुरंत क्लीयर कर लें. जितनी जल्दी निगेटिव ख़्याल निकलेगा, उतनी जल्दी आपको ख़ुशी का एहसास होगा.

–     माफ़ कर देना और माफ़ी मांग लेना उतना भी कठिन नहीं है, जितना लोगों ने बना रखा है, इसलिए सॉरी कहने में बिल्कुल भी देर न करें. ख़ुद भी ख़ुश रहें और दूसरों को भी ख़ुश रखें.

मैजिकल वर्ड्स का करें इस्तेमाल

हमारे पास मैजिकल वर्ड्स का ख़ज़ाना है, पर अफ़सोस कि हम उनका इस्तेमाल ही नहीं करते, तभी तो दुखी रहते हैं.

–     थैंक यू एक ऐसा जादुई शब्द है, जो न स़िर्फ बोलनेवाले के चेहरे पर मुस्कान लाता है, बल्कि सुननेवाला भी ख़ुश हो जाता है. तो फिर इसे कहने में कंजूसी क्यों करें. सुबह की शुरुआत ही भगवान को थैंक यू कहने से करें, यकीन मानें आपका दिन ख़ुशियों भरा होगा.

–     हर कोई चाहता है कि लोग उसे प्यार करें. पार्टनर, मम्मी-पापा, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी या बच्चे सभी को रोज़ाना वो थ्री मैजिकल वर्ड्स ‘आई लव यू’ ज़रूर कहें. उनके चेहरे की मुस्कान आपके हैप्पीनेस मीटर को बढ़ा देगी.

–     ‘आप अच्छी लग रही हो’ या ‘अच्छे लग रहे हो,’ जैसे जादुई शब्द किसी का भी दिन बना सकते हैं. तो दिल खोलकर लोगों की तारीफ़ करें और ख़ुशियां फैलाते रहें.

चुनें अनजानी राहें

जान-पहचान के लोगों से तो हम हमेशा बोलते-बतियाते हैं, कभी अनजानों से भी दोस्ती करके देखें. बस, यूं ही किसी अजनबी से बातें करें, बहुत अच्छा लगेगा.

–     वर्किंग लोग बस, ट्रेन, ऑटो में रोज़ाना न जाने कितने लोगों से टकराते हैं, तो क्यों न उनसे दोस्ती करें और अपने दोस्तों का दायरा बढ़ाएं.

–     एक-दो बार जिन्हें मिले हैं, उन्हें देखकर स्माइल ज़रूर दें, उनकी स्माइल आपका हैप्पीनेस मीटर बढ़ा देगी.

–     रास्ते में चलते हुए कभी किसी अजनबी को देखकर स्माइल करें, वो जब तक सोचेगा कि आपको कहां मिला था, आप हंसते-हंसते आगे बढ़ जाओगे.

–     कोई उम्रदराज़ महिला अगर भारी सामान लेकर जा रही है, तो निस्वार्थ भाव से उनकी मदद करें. उन्हें तो ख़ुशी मिलेगी ही, पर आपको भी कुछ कम सुकून नहीं मिलेगा.

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Happy
कुछ रिफ्रेशिंग हो जाएं

–     क्यों न आज थोड़ी मटरगश्ती कर लें. किसी पुराने दोस्त को उसके ऑफिस में या घर पर जाकर सरप्राइज़ दें. यक़ीन मानिए, एक ही दिन में आपके पूरे हफ़्ते का हैप्पीनेस मीटर रीचार्ज हो जाएगा.

–     गाने सुनने के शौक़ीन हैं, तो अपना मनपसंद गाना स़िर्फ सुनें नहीं, बल्कि गुनगुनाएं भी और अगर घर पर हैं, तो गाने पर थिरकें भी. मूड फ्रेश रखने के लिए म्यूज़िक से बेहतर थेरेपी कुछ नहीं.

–     खाने के शौक़ीन हैं, तो कुछ ऐसा चटपटा खाएं, जो बहुत दिनों से खाया न हो. मनपसंद डिश न स़िर्फ आपका मूड अच्छा करेगी, बल्कि एक ख़ुशी भी देगी.

–     हमेशा दूसरों को ही एंटरटेन न करें. कभी ख़ुद को भी एंटरटेन कर लें. आपके साथ-साथ आपकी फैमिली भी ख़ुश रहेगी.

–     मॉनसून तो वैसे ही बहुत रोमांटिक मौसम है, तो आज अपने पार्टनर के लिए कुछ ख़ास करें. उन्हें चॉकलेट, फूल या टेडी दें. इस रोमांटिक मौसम में आपका रोमांटिक अंदाज़ आपके पार्टनर के हैप्पीनेस मीटर को फुल चार्ज कर देगा.

–     हमेशा दूसरों के बारे में ही न सोचें. कभी-कभी ख़ुद के बारे में भी सोचें. ख़ुद की ख़ुशी के लिए भी कुछ चीज़ें करें. थोड़ा स्वार्थी होने में कोई हर्ज़ नहीं.

फैलाएं पॉज़िटिविटी

आजकल ज़्यादातर लोग सोशल मीडिया के ज़रिए आप तक बहुत-सी निगेटिव चीज़ें पहुंचाते रहते हैं, जिससे जाने-अनजाने आप लगातार निगेटिव ख़्यालों  से घिरे रहते हैं. इसे बदलना चाहते हैं, तो शुरुआत ख़ुद से करें.

–     व्हाट्सऐप पर किसी को ऐसी फोटोज़ या वीडियोज़ न भेजें, जिसे देखकर बुरा लगे. जोक्स, मोटिवेशनल बातें या कोट्स आपके साथ-साथ उनको भी ख़ुश करेंगे.

–     अगर आपके आसपास कोई निगेटिव बातें कर रहा है, तो उसे निगेटिव में भी पॉज़िटिव देखना सिखाएं.

–     सकारात्मक सोच आपके चेहरे पर एक मुस्कान की तरह है, जो हर व़क्त आपकी ख़ूबसूरती को निखारती रहती है. तो सुंदर दिखना चाहते हैं, तो मुस्कुराइए, खिलखिलाइए और दूसरों को भी ख़ुश रखिए.

–     निगेविट बात करनेवालों को बताएं कि कैसे सकारात्मक सोच आपके शरीर में अच्छी फीलिंग वाले हार्मोंस का स्राव करती है और आप अच्छा फील करते हैं.

चेक करें हैप्पीनेस मीटर

–     ऐसी कई बातें होती हैं, जो हमारे चेहरे पर मुस्कान लाती हैं. ध्यान दें कि किससे बातें करते समय आप सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं और जैसे ही आपको वो शख़्स मिले, जी भरकर उससे बातें करें.

–     कोई न कोई तो ऐसा होता है, जिसके बारे में सोचते ही आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. कोशिश करें कि उससे ज़्यादा से ज़्यादा मिलें. उसके साथ ज़्यादा समय बिताने की कोशिश करें.

–     दोस्तों-यारों के संग बिताई कौन-सी पुरानी यादें आपको गुदगुदाती हैं. उन यादों को दोबारा जीने की कोशिश करें.

–     घर से निकलते व़क्त अगर ‘अपना ख़्याल रखना’ कहने भर से आपके चेहरे पर स्माइल आती है, तो इसे अपनी आदत में शुमार करें.

–     पर्सनल लाइफ के अलावा प्रोफेशनल लाइफ में भी रोज़ कुछ अलग व क्रिएटिव करें, कभी काम में, कभी लुक्स में, तो कभी अपने कलीग्स की ख़ुशी के लिए.

–     अपने भीतर के छोटे मासूम बच्चे को कभी सीरियस न होने दें. वह हंसी-मज़ाक और शरारतों से आपको हमेशा ख़ुशहाल बनाए रखेगा.

– सुनीता सिंह

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सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र (10 Tips To Stay Happy)

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सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र

आज की लाइफस्टाइल में खुश रहना भी किसी चुनौती से कम नहीं, पर इन टिप्स को आज़माकर आप भी रह सकते हैं खुश और पॉज़िटिव

1 आप हैं तो सबकुछ है, इसलिए सबसे पहले ख़ुद से प्यार करना सीखें.

2 अगर आप ख़ुश हैं, तो आप दूसरों को भी ख़ुश रखते हैं. इसलिए अपनी ख़ुशियों को प्राथमिकता दें.

3 यदि आपको किसी से कुछ कहना है, तो कह दीजिए, क्योंकि कह देने से मन हल्का हो जाता है. यदि आप मन की बात कह नहीं सकते, तो उसे काग़ज़ पर लिख दीजिए, ऐसा करने से भी आप हल्का महसूस करेंगे.

4 रिश्ते अनमोल होते हैं, इसलिए अपने रिश्तों की क़द्र करें और उन्हें पर्याप्त समय दें.

5 दोस्तों के साथ हम सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं, इसलिए दोस्तों के साथ समय गुज़ारें.

6 किसी भी मनमुटाव को मन में रखने से मन भारी हो जाता है और तनाव बढ़ जाता है, ख़ुश रहने के लिए माफ़ करना सीखें.

7 आपकी उम्र चाहे जो होे, अपने भीतर के बच्चे को कभी बड़ा न होने दें. उसे शरारतें करने दें, तभी आप ज़िंदगी की असली ख़ुशी महसूस कर सकेंगे.

8 आप चाहे कितने ही बिज़ी क्यों न हों, अपने शौक़ के लिए समय ज़रूर निकालें. इससे आपको कभी बोरियत नहीं महसूस होगी और आप ज़िंदगी से हमेशा प्यार करेंगे.

9 ख़ुशी पाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देने से संतुष्टि मिलती है, इसलिए जीवन में ऐसे काम ज़रूर करें जिनसे आप दूसरों के चेहरे पर ख़ुशी बिखेर सकें.

10 स्वस्थ और फिट रहें, क्योंकि बीमार शरीर कभी ख़ुश नहीं  रह सकता.

– वंशज विनय

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ख़ुश रहना है तो सीखें ये 10 बातें (10 Easy Things Successful People Do To Stay Happy)

Easy Things Successful People Do To Stay Happy

ख़ुशी और क़ामयाबी- अच्छा जीवन जीने के लिए ये 2 चीज़ें बेहद ज़रूरी हैं. लेकिन ये 2 चीज़ें हासिल करने के लिए आपको 10 चीज़ें सीखनी होंगी. ख़ुश रहना चाहते हैं, तो आप भी सीखें ये 10 चीज़ें.

1) जब भी ग़ुस्सा आए या किसी बात से नाराज़ हों तो अपनी भावनाओं को काग़ज़ पर उतार दें. जिस तरह कह देने से मन हल्का हो जाता है, उसी तरह अपनी भावनाओं को लिख देने से भी बहुत सुकून महसूस होता है. ज़रूरी नहीं कि आप नकारात्मक बातें ही लिखें, जब कोई बात या चीज़ अच्छी लगे, उसके बारे में भी अपनी डायरी में ज़रूर लिखें.

2) ज़रूरी नहीं कि हमेशा कुछ पाकर ही ख़ुशी मिले, कई बार दूसरों के चेहरे की मुस्कान भी बेइंतहा ख़ुशी देती है इसलिए दूसरों के लिए जितना कर सकें, ज़रूर करें.

3) स्थितियां हमेशा आप के अनुरूप ही हों ये मुमकिन नहीं, कई बार आपको विपरीत स्थितियों में मन मारकर भी रहना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में हालात को कोसने के बजाय उनसे सामंजस्य बिठाने की कोशिश करें. ऐसा करके आप तनाव को कुछ हद तक कम कर सकते हैं.

4) कई लोग पहले काम को टालते जाते हैं, फिर एक साथ बहुत सारा काम देखकर तनावग्रस्त हो जाते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपना हर काम समय पर पूरा करें.

5) दूसरों की क़ामयाबी से कुढ़ने वाले कभी ख़ुश नहीं रहते. ऐसा करने की बजाय दूसरों की क़ामयाबी से प्रेरणा लेकर उन जैसा बनने का प्रयास करें.

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6) यदि आप अपने करियर से ख़ुश नहीं हैं, तो कोई पसंदीदा पार्ट टाइम कोर्स करें और नए सिरे से करियर की शुरुआत करें.

7) सुबह की शुरुआत ईश्‍वर के स्मरण और योग या एक्सरसाइज़ से करें. इससे मन की शांति तो मिलती ही है, आप दिनभर के लिए नई ऊर्जा भी मिलती है.

8) छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ने की कोशिश करें यानी ख़ुश होने के मौ़के तलाशें. ऐसा करने से जीवन में आई हर छोटी-बड़ी समस्या से लड़ने का हौसला मिलता है.

9) हमारी अधिकतर समस्याएं हमारे अहम् के चलते शुरू होती हैं. यदि हम अहम् को त्याग दें तो न ही हम छोटी-छोटी बातों पर आहत होंगे और न ही तनावग्रस्त.

10) ख़ुश रहने के लिए सही लाइफ़ स्टाइल भी ज़रूरी है इसलिए रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं. साथ ही अच्छा खाएं, अच्छा सोचें और अच्छा महसूस करें.

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ऑल राउंडर नहीं, एक्सपर्ट कहलाते हैं नंबर 1 (Art Of Success: How To Become Number One In The World)

Art Of Success

कंप्लीट ग्रोथ के लिए ऑल-राउंडर होना ज़रूरी है, लेकिन नंबर वन कहलाने के लिए एक्सपर्ट बनना ज़रूरी है और ये कोई नामुमकिन काम नहीं है. आप भी ऐसा कर सकते हैं.

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हम कई क़ामयाब लोगों से प्रभावित होते हैं और मन ही मन सोचते हैं काश, मैं भी ऐसा कर पाता/पाती, लेकिन सोचने भर से क्या होगा? क्या आपने कभी क़ामयाबी के शिखर तक पहुंचने का सपना देखा है, उस तक पहुंचने की कोशिश की है? नहीं..? तो अभी भी देर नहीं हुई है.

लक्ष्य निर्धारित करेंः सफलता पाने के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करें. आप किस क्षेत्र में क़ामयाबी पाना चाहते हैं, इस बारे में आपको एक प्रतिशत भी संदेह नहीं होना चाहिए. कोई आपसे नींद में भी पूछे कि आपको क्या हासिल करना है, तो आपको अपना लक्ष्य पता होना चाहिए.

महारत हासिल करेंः हर इंसान में कोई न कोई ख़ूबी ज़रूर होती है, हमें बस, उस ख़ूबी को पहचानना होता है. आप में वो कौन-सी बात है, जो दूसरों से ख़ास है, उसे अपनी ताक़त बनाइए. अपनी किसी एक ख़ूबी में इतनी महारत हासिल कर लीजिए कि आप उसके एक्सपर्ट बन जाएं. वो काम आप जैसा कोई न कर पाए, फिर आपको क़ामयाबी के शिखर तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकेगा.

समर्पित हो जाएंः अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हो जाएं और अपने काम से प्यार करें. जब आप ऐसा करेंगे तो आपको दिन-रात, सुबह-शाम का एहसास तक नहीं होगा और आप हर समय ख़ुशी-ख़ुशी अपना काम करते रहेंगे.

जी तोड़ मेहनत करेंः मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता. किसी भी क़ामयाब व्यक्ति के जीवन पर नज़र डालिए, उसने वहां तक पहुंचने के लिए आम लोगों से कई गुना ज़्यादा मेहनत की होती है. नंबर वन कहलाने के लिए आपको दूसरों से ज़्यादा मेहनत करनी ही होगी.

अपना कर्त्तव्य न भूलेंः हालात चाहे कितने ही विपरीत क्यों न हों, अपना कर्त्तव्य कभी न भूलें. लोग क्या कर रहे हैं इससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी है आप क्या सोचते हैं. लालच या असमंजस की स्थिति में लोगों की नहीं, अपने मन की सुनें. तभी आप दूसरों से अलग बन सकेंगे. आपकी राह में लालच के कई मौ़के आएंगे, लेकिन छोटे लालच पर नहीं, बड़े लक्ष्य पर नज़र रखें.

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आत्मविश्‍वास बनाए रखेंः क़ामयाबी की राह में कई मोड़ ऐसे भी आएंगे जो आपको कमज़ोर बना सकते हैं, ऐसे में ख़ुद पर विश्‍वास ही आपको आगे बढ़ने में मदद करेगा. अतः परिस्थिति चाहे कितनी ही विपरीत क्यों न हो, अपना आत्मविश्‍वास कभी डगमगाने न दें.

सीखने की लगनः एकसपर्ट वही बनते हैं जो हमेशा सीखने के लिए तत्पर रहते हैं. हम सब जीवन के आख़िरी पड़ाव तक कुछ न कुछ सीखते रहते हैं इसलिए सीखने का कोई भी मौक़ा हाथ से जाने न दें. आप जितना सीखेंगे, उतने पारंगत होते चले जाएंगे.

दूसरों का सम्मान करेंः सम्मान उन्हें ही मिलता है जो दूसरों को सम्मान देना जानते हैं. आप चाहे कितने ही परेशान क्यों न हों, अपना ग़ुस्सा किसी और पर कभी न उतारें. छोटे-बड़े सभी का सम्मान करें, तभी आप सही मायने में क़ामयाब कहलाएंगे.

टीम स्पिरिट बनाए रखेंः आप अकेले बहुत दूर तक नहीं चल सकते. किसी भी काम को अंजाम देने के लिए आपको लोगों की ज़रूरत पड़ेगी ही. इसके लिए टीम स्पिरिट के साथ आगे बढ़ें.

मुस्कुराते रहेंः हंसते-मुस्कुराते सरल लोग सभी को पसंद आते हैं और क़ामयाबी उन्हें ही मिलती है जो लोकप्रिय होते हैं. लोग आपसे मिलकर अच्छा महसूस करें, इसके लिए अपना उत्साह कभी कम न होने दें और हमेशा मुस्कुराते रहें.

– कमला बडोनी

क्या है आपकी ख़ुशी का पासवर्ड? (Art Of Living: How To Find Happiness?)

Art Of Living

ख़ुशी की कोई परिभाषा नहीं, कोई फॉर्मूला नहीं… हर किसी के लिए ख़ुशी के मायने अलग-अलग होते हैं. हां, एक बात सभी पर लागू होती है कि ख़ुश रहना सबके लिए ज़रूरी है. आपकी ख़ुशी का पासवर्ड क्या है?

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ताकि खिली रहे चेहरे पर मुस्कान
ज़िंदगी की भागदौड़, गलाकाट कॉम्पटीशन में अक्सर हम इतने उलझ जाते हैं कि अपनी छोटी-छोटी ख़ुशियों को भी नज़रअंदाज़ करने लगते हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है कि हम ये तक भूल जाते हैं कि हमें ख़ुशी किस बात से मिलती है. ये वो संकेत हैं जब हम जाने-अनजाने कई बड़ी बीमारियों को न्योता दे रहे होते हैं. ऐसी स्थिति आने से पहले ही संभल जाना ज़रूरी है. हवा, पानी, भोजन की तरह ही ख़ुशी भी जीवन की खुराक है. इसके बिना आप हेल्दी लाइफ नहीं जी सकते. अतः अपनी अन्य ज़रूरतों की लिस्ट में ख़ुशी के लिए भी ख़ास जगह बनाएं और उसे अपने चेहरे से हटने न दें.

यूं बनाएं ख़ुशी का पासवर्ड
यदि आपको घूमने का शौक़ है और आप किसी ख़ास जगह घूमने जाना चाहते हैं, तो उसके लिए आज से ही थोड़ी-थोड़ी सेविंग करना शुरू कर दें. हर बार पैसे बचाते समय उस जगह के बारे में सोचकर ख़ुशी महसूस करें. फिर जब सेविंग हो जाए, तो टिकिट बुक करें और बुकिंग की तारीख़ या उस जगह के नाम को अपने मोबाइल या लैपटॉप का पासवर्ड बनाएं. फिर आप जब भी पासवर्ड टाइप करेंगे तो आपके चेहरे पर उस जगह पर जाने की ख़ुशी साफ़ झलकेगी. काम के बोझिल माहौल में भी आपकी ख़ुशी का पासवर्ड आपको रिफ्रेश कर देगा.

वजहें कई हैं 
यदि आप कोई महंगी ज्वेलरी ख़रीदना चाहती हैं, तो उसकी फोटो को अपने मोबाइल की डिसप्ले पिक्चर बनाएं. फिर जब भी आप अपना मोबाइल देखेंगी, तो अपनी पसंदीदा ज्वेलरी देखकर आपके चेहरे पर मुस्कान खिल जाएगी. ज्वेलरी की फोटो देखकर उसे ख़रीदने की उत्सुकता बढ़ेगी और आप बचत के लिए और तैयारी करने लगेंगी.

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आज़माएं स्मार्ट ट्रिक्स
* वज़न घटाने के लिए स्लिम एंड सेक्सी पासवर्ड रख सकती हैं.
* घर ख़रीदने के लिए ड्रीम होम पासवर्ड रखें.
* पैरेंट्स बनना चाहते हैं तो माई बेबी शब्द का चुनाव कर सकते हैं.
* गाड़ी ख़रीदना चाहते हैं तो लॉन्ग ड्राइव शब्द को अपने लैपटॉप या मोबाइल का पासवर्ड बनाएं.

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यह भी पढ़ें: शब्दों की शक्ति

छोटी-छोटी ख़ुशियां
ख़ुशी पाने के लिए महंगे होटल में खाना, इंटरनेशनल टूर आदि ज़रूरी नहीं हैं, छोटी-छोटी बातों से भी ख़ुशियां मिलती हैं. यकीन न हो तो आज़माकर देख लीजिए.
* दोस्तों से मिलने के लिए स्पेशल ओकेज़न का इंतज़ार न करें. हफ्ते या महीने में एक बार अपने दोस्तों से ज़रूर मिलें और हर वो काम करें जिससे आपको ख़ुशी मिलती है.
* बॉस ने आपको बिना वजह डांटा, लेकिन आप अपने बचाव में कुछ नहीं कह सके, तो काग़ज़-कलम उठाइए और अपने मन की भड़ास काग़ज़ पर उतार दीजिए. बॉस को जो भी कहना चाहते हैं, वो सब उस काग़ज़ पर लिख दीजिए और उस काग़ज़ को जला दीजिए. उसके बाद एक लंबी सांस लीजिए और खुलकर मुस्कुराइए. यकीन मानिए, आप बहुत हल्का महसूस करेंगे.
* लंबी छुट्टियों का इंतज़ार न करें, वीकेंड पर छोटी-सी ट्रिप प्लान करके भी आप ख़ुशी के पल जुटा सकते हैं.
* आपकी उम्र चाहे जो होे, अपने भीतर के बच्चे को कभी बड़ा न होने दें. उसे शरारतें करने दें, तभी आप ज़िंदगी की असली ख़ुशी महसूस कर सकेंगे.
* अपने शौक को कभी नज़रअंदाज़ न करें. डांस, स्पोर्ट्स, पेंटिंग… आपको जिस चीज़ का शौक हो, उसके लिए थोड़ा टाइम ज़रूर निकालें. इससे आपको कभी बोरियत नहीं महसूस होगी और आप ज़िंदगी से हमेशा प्यार करेंगे.
* ख़ुशी पाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देने से संतुष्टि मिलती है इसलिए जीवन में ऐसे काम ज़रूर करें जिनसे आप दूसरों के चेहरे पर ख़ुशी बिखेर सकें. यक़ीन मानिए, उसकी ख़ुशी आपके चेहरे पर भी साफ़ नज़र आएगी.
– कमला बडोनी

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45 फेंगशुई टिप्स से लाएं घर में सुख-समृद्धि (45 fengshui tips for happiness)

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यदि आपके जीवन में बार-बार परेशानियां और रुकावटें आती रहती हैं, तो आप फेंगशुई शास्त्र की मदद से इसमें काफ़ी हद तक परिवर्तन ला सकते हैं यानी दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदल सकते हैं और परेशानियों से भी निज़ात पा सकते हैं. इसी के बारे में संक्षेप में बता रहे हैं वास्तुशास्त्री डॉ. प्रेम गुप्ता. आइए, सौभाग्य से जुड़े फेंगशुई टिप्स के बारे में जानें.

फेंगशुई द्वारा बताए गए विभिन्न उपायों को अपनाकर सौभाग्य की प्राप्ति की जा सकती है. फेंगशुुई के अनुसार, जब हवा से विंड चाइम्स बजती है, तो इसकी आवाज़ से घर में सुख-समृद्धि आती है और अनेक वास्तु दोष दूर हो जाते हैं. फेंगशुई में विंड चाइम, क्रिस्टल, ड्रैगन, लाफिंग बुद्धा, प्लास्टिक के फूल, कछुआ, जहाज़, सिक्कों आदि का बहुत महत्व है. इन्हें अपने घर या ऑफिस में किसी निर्धारित दिशा में रखकर जहां आप अपने घर-परिवार और नौकरी में सौभाग्य प्राप्त कर सकते हैं, वहीं शांति-सुकून भी पा सकते हैं. आइए, फेंगशुई से जुड़े विभिन्न उपयोगी टिप्स के बारे में जानें.

* शुभ व सौभाग्य प्राप्ति के लिए ड्रॉइंगरूम के प्रवेश द्वार के कोने पर दाईं तरफ़ 6 छड़वाली विंड चाइम्स लटकाना लाभदायक होता है. दरअसल, छह छड़ोंवाली विंड चाइम्स को ड्रॉइंगरूम में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा निकलती है और पूरे घर में फैलती है. 

* ग्रीनरी फेंगशुई के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाती है. इनडोर पौधे घर में ख़ुशियां लाते हैं और घर के हर कोने को उत्साह और उमंग से सराबोर कर देते हैं. फेंगशुई में पौधों को नौ आधारभूत सुरक्षा सावधानियों में से एक माना गया है, इसलिए घर के खाली हिस्सों में पौधे लगा देने चाहिए.

* घर के दक्षिण-पूर्व कोने को धन व समृद्धि का कोना माना जाता है, इसलिए यहां चौड़े पत्तियोंवाले पौधे लगाएं.

* यदि परिवारिक सदस्यों को बार-बार परेशानी व निराशा का सामना करना पड़ता है, तो ड्रॉइंगरूम में नौ छड़ोंवाली विंड चाइम्स लगाएं. इससे सभी को  लाभ होगा.

* चढ़नेवाली बेलें, जिन्हें क्लाइम्बर्स कहा जाता है, जैसे- मनी प्लांट को कोने में लगाकर उस जगह की उदासीनता को कम
कर सकते हैं.

* लाफिंग बुद्धा, जो फेंगशुई में बहुत शुभ माना जाता है, उसे ड्रॉइंगरूम में ठीक सामने की ओर रखें, ताकि घर में प्रवेश करते ही आपकी नज़र सबसे  पहले उस पर पड़े.

* फेंगशुई के अनुसार, पुराना कबाड़ा व बेकार पड़ी चीज़ें परिवार में लड़ाई-झगड़े, मतभेद उत्पन्न करती हैं, इसलिए विशेषकर कपल्स अपने पलंग के  नीचे से पुराना कबाड़ तुरंत निकालकर बाहर फेंक दें, क्योंकि फेंगशुई के अनुसार, इससे पति-पत्नी के बीच मतभेद पैदा होते हैं.

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* गोलाकार डाइनिंग टेबल फेंगशुई में शुभ मानी जाती है, परंतु ध्यान रखें कि टेबल के साथ लगी कुर्सियों की संख्या सम हो.

* भोजन करते समय टीवी देखना हमारे सेहत की दृष्टि से भी नुक़सानदेह होता है, इसलिए टीवी को डाइनिंग रूम में न रखें.

* घर के दरवाज़े के हैंडल में सिक्के लटकाना घर में धन-संपत्ति और सौभाग्य लाने का बेहतरीन उपाय है.

* तीन पुराने चीनी सिक्कों को लाल रंग के धागे या रिबन में बांधकर दरवाज़े के हैंडल में लटका दें. इससे घर के सभी लोगों को लाभ मिलता है. हां, ये  सिक्के दरवाज़े के अंदर की ओर लटकाएं, न कि बाहर की ओर.

* एक बात और घर के सभी दरवाज़ों के हैंडल में सिक्के न लटकाएं, स़िर्फ मुख्यद्वार के हैंडल में ही सिक्के लटकाएं.

* इसके अलावा दरवाज़े के बाहरवाले हैंडल में छोटी-सी घंटी भी लटका सकते हैं.

* सिक्के घर में धन आने के प्रतीक हैं, पिछले दरवाज़े पर आपको एक भी सिक्का नहीं लटकाना है, क्योंकि पिछला दरवाज़ा इस बात का सूचक है कि इस मार्ग से होकर आपका कुछ न कुछ बाहर चला जाता है.

* फेंगशुई में फिश क़ामयाबी का प्रतीक है. फेंगशुई के अनुसार, घर में फिश एक्वेरियम रखने से सुख-समृद्धि आती है. घर में एक छोटे से फिश

* एक्वेरियम में गोल्ड फिश रखना सौभाग्यवर्द्धक होता है.

* उत्तर-पूर्व क्षेत्र धन संपदा व समृद्धि दायक क्षेत्र है. यह जल तत्व का प्रतीक है. इस क्षेत्र में एक्केरियम रखना शुभ रहता है.

* ध्यान रहे कि एक्वेरियम में 8 फिश गोल्डन और 1 ब्लैक कलर की हो. यदि कोई गोल्डन फिश मर जाए, तो माना जाता है कि घर पर आई कोई मुसीबत वह अपने साथ ले गई यानी गोल्डन फिश का मरना अपशगुन नहीं होता.

* अपने ऑफिस में पूर्व दिशा में लकड़ी से बनी ड्रैगन रखें. इससे एनर्जी लेवल बढ़ता है और उमंग-उत्साह बना रहता है.

* फेंगशुई के अनुसार, क्रिस्टल-ट्री का उपयोग घर में सुख-समृद्धि, प्रतिष्ठा व शांति के लिए किया जाता है.

* फेंगशुई स्टोन ट्री सुनने में भले ही काल्पनिक लगे, किन्तु वास्तविकता यही है कि चीनी पद्धति मेंं इस पौधे का अधिक महत्व है. यह पौधा तरह-तरह  के रत्नों व स्फटिकों का बना होता है. इसकी कई वेरायटीज़ होती हैं. रंग-बिरंगे रत्नों से सजे इस पौधे को यदि घर के उत्तर-पश्‍चिम एरिया में रखें, तो निश्‍चित रूप से घर में सौभाग्य में वृद्धि होती है.

* नवरत्न पेड़ नवग्रहों की शांति, सुख व पारिवारिक शांति के लिए इस्तेमाल करते हैं.

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* वैसे इसे घर में दक्षिण-पूर्व दिशा में भी रखा जा सकता है. इसे व्यावसायिक स्थल पर रखने से संपदा मिलती है. इसे बैठक में भी रखा जा सकता है.  इसका एक और महत्वपूर्ण कार्य नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना भी है.

* यदि घर में निगेटिव एनर्जी फैली हुई है, तो ऐसी स्थिति में चीनी बैंबू ट्री का इस्तेमाल करें. बैंबू का पेड़ घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में बढ़ोतरी  करता है.

* फेंगशुई के अनुसार, कछुए को घर में रखना क़ामयाबी और सेहत के लिए लाभदायक है.

* पानी से भरे एक कटोरे में धातु का बना फेंगशुई कछुआ रखकर इस कटोरे को उत्तर दिशा में रखने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.

* तीन टांगोंवाले मेंढ़क को भी फेंगशुई में सुख-समृद्धि का प्रतीक माना गया है.

* फेंगशुई में ड्रैगन को बहुत सम्मान दिया जाता है और इसे शुभ मानते हैं. ड्रैगन येंग यानी पुरुषत्व, हिम्मत और बहादुरी का प्रतीक है. यह
ड्रैगन लकड़ी, सिरेमिक व धातु में उपलब्ध है. कई पीढ़ियों से ड्रैगन शक्ति, अच्छे भाग्य व सम्मान का प्रतीक है. ड्रैगन एक क़ीमती कास्मिक ची बनाता है, जिसे शेंग ची भी कहते हैं, जिससे घर-ऑफिस में भाग्य साथ देता है.

* डबल ड्रैगन को यूं तो किसी भी दिशा में रखा जा सकता है, लेकिन इसे पूर्व दिशा में रखना सबसे ज़्यादा लाभदायक है.

* दो ड्रैगन का जोड़ा समृद्धि का प्रतीक है. इनके पैर के पंजों में ज़्यादा मोती सबसे अधिक एनर्जी संजोए हैं.

* लकड़ी का ड्रैगन दक्षिण-पूर्व या पूर्व में, सिरेमिक, क्रिस्टल के ड्रैगन को दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्‍चिम में रखें.

* यदि घर का मुख्यद्वार उत्तर, उत्तर-पश्‍चिम या पश्‍चिम में हो, तो उसके ऊपर बाहर की तरफ़ घोड़े की नाल लगा देनी चाहिए. इससे सुरक्षा एवं  सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

* फेंगशुई के अनुसार, घर के पूर्वोत्तर कोण में तालाब या फव्वारा शुभ होता है, लेकिन इसके पानी का बहाव घर की ओर होना चाहिए, न कि बाहर की ओर.

* घर को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त रखने के लिए पूर्व दिशा में मिट्टी के एक छोटे-से पात्र में नमक भरकर रखें और हर चौबीस घंटे के बाद नमक बदल दें.

* बाथरूम में रखी बाल्टी हमेशा पानी से भरी रहे, इस बात का ख़ास ख़्याल रखें. यह उपाय आपके जीवन में ख़ुशियां के स्थायित्व को बनाए रखने में मददगार होगा. बाथरूम डेकोर के लिए आप प्राकृतिक या पानी के दृश्यों को दर्शाती सीनरी लगा सकते हैं. कहते हैं, इससे पानी की कमी जैसी समस्याएं परेशान नहीं करतीं.

यह भी पढ़ें: दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदलता है विंड चाइम्स

* बाथरूम में साबूत नमक या फिटकरी से भरा एक कटोरा रखें. हर महीने इस कटोरे के नमक को बदलती रहें. कहते हैं, हवा में मौजूद नमी के साथ-  साथ यह नमक आसपास की नकारात्मक ऊर्जाओं को भी अपने अंदर समाहित कर लेता है.

* यदि आपको लगता है कि आपकी आय के सारे स्त्रोत बंद हो गए हैं, तो आप तीन रंगोंवाले फेंगशुई मेंढ़क (जिसके मुंह में सिक्के लगे हों) को अपने घर में इस प्रकार रखें कि मेंढ़क की पूरी दृष्टि आपके घर की ओर हो. ऐसा करने से आपकी भाग्य वृद्धि और आय बढ़ेगी.

* यदि आपका भाग्य आपसे रूठ गया हो, तो मकान या बिज़नेसवाली जगह के मुख्यद्वार पर चीनी फेंगशुई की विंड चाइम्स और चीनी सिक्के लगाएं.
इन बातों पर भी ध्यान दें.

* मुरझाए हुए या सूख गए पौधों को तुरंत हटा देना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा फैलती है.

* घर के सामनेवाले हिस्से में कांटेदार या नुकीले पत्तोंवाले पौधे न लगाएं. ये नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं.

* घर या ऑफिस में झाड़ू का इस्तेमाल न हो रहा हो, तो उसे नज़रों के सामने से हटाकर रखें.

* बाथरूम के दरवाज़े के ठीक सामने आईना न लगाएं, क्योंकि स्नान करने जाते समय हमारे साथ-साथ कुछ निगेटिव एनर्जी भी बाथरूम में प्रवेश कर जाती है.

* घर में जो घड़ियां बंद पड़ी होंं, उन्हें या तो घर से हटा दें या चालू करें. बंद घड़ियां हानिकारक होती हैं. इनसे नकारात्मक ऊर्जा निकलती है.

* कमरों में पूरे फर्श को घेरते हुए कालीन आदि बिछाने से लाभदायक ऊर्जा का प्रवाह रुकता है.

* फेंगशुई के तहत ईशान कोण पर बाथरूम बनाना पूरी तरह से वर्जित माना गया है. वैसे, घर के बाथरूम के लिए उत्तम दिशाएं दक्षिण, पश्‍चिम और  पूर्व मानी गई हैं.

वास्तु और फेंगशुई के जानकारी से भरपूर आर्टिकल्स के लिए यहां क्लिक करें: Vastu and Fengshui

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वास्तु के अनुसार कैसा हो मुख्यद्वार (Vastu Tips For Home’s Main Door)

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घर के हर कमरे में वास्तु के नियमों का पालन कर के किस तरह सुख, शांति, समृद्धि के साथ-साथ उत्साह, उमंग और उल्लास का माहौल बनाया जा सकता है, आइए, जानते हैं.

प्रवेशद्वार

घर में सुख-शांति, समृद्धि, धन-वैभव व ख़ुशहाली चाहते हैं तो मुख्यद्वार बनवाते समय वास्तु के कुछ नियमों का पालन करें और घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाएं.

* प्रमुख प्रवेश द्वार अत्यंत सुशोभित होना चाहिए. इससे प्रतिष्ठा बढ़ती है.

* प्रमुख प्रवेश द्वार अन्य दरवाज़ों से ऊंचा और बड़ा भी होना चाहिए यानी घर के मुख्यद्वार का आकार हमेशा घर के भीतर बने अन्य दरवाज़ों की तुलना  में बड़ा होना चाहिए. वास्तु के अनुसार 4ु8 का मुख्यद्वार सर्वोत्तम होता है.

* बड़े शहरों में इतना बड़ा मुख्यद्वार बनाना संभव नहीं होता. ऐसे में इसका आकार 3ु7 भी रखा जा सकता है.

* अगर मुख्यद्वार किसी कारण से घर के अन्य दरवाज़ों से छोटा बन गया हो और उसे बदलना संभव न हो, तो उसके आसपास एक ऐसी फोकस लाइट  लगाएं, जिसका प्रकाश मुख्यद्वार और वहां से प्रवेश करने वालों के चेहरों पर पड़े.

* तोरण बांधने से देवी-देवता सारे कार्य निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराकर मंगल प्रदान करते हैं.

* कम्पाउंड वॉल के पूर्व और उत्तर की तरफ़ मेन गेट होने से समृद्धि और ऐश्‍वर्य मिलता है.

* दरवाज़े जहां तक हो अंदर की ओर ही खुलने चाहिए. बाहर खुलने से हर कार्य में बाधा व धीरे-धीरे धनहानि होकर धनाभाव शुरू हो जाता है.

* घर का कोई भी द्वार धरातल से नीचा न हो.

* नैऋत्य और वायव्य कोण में द्वार न बनवाएं.

* द्वार स्वतः खुलने या बन्द होने वाला नहीं होना चाहिए एवं खोलते या बंद करते समय किसी भी प्रकार की आवाज़ नहीं होनी चाहिए.

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* यदि किसी भवन में एक ही मुख्यद्वार बनवाना हो, तो पूर्व अथवा उत्तर दिशा में मुख्यद्वार बनवाएं. इससे शुभ फल मिलेगा.

* यदि घर दक्षिणमुखी या पश्‍चिममुखी है तो उसमें प्रवेशद्वार एक ही बनवाएं. साथ ही द्वार के बाहर गणेशजी की मूर्ति लगाएं.

* कभी भी नैऋत्य कोण में मुख्यद्वार न बनवाएं.

* वास्तु के अनुसार घर का मुख्यद्वार हमेशा दो पल्ले का होना चाहिए.

* घर के प्रवेशद्वार के आसपास किसी तरह का अवरोध नहीं होना चाहिए, जैसे बिजली के खंभे, कोई कांटेदार पौधा आदि.

* मुख्यद्वार के सामने डस्टबिन यानी कचरे का डिब्बा न रखें. साथ ही प्रवेशद्वार के आसपास सफ़ाई का भी पूरा ध्यान रखें.

* मुख्यद्वार के पास तुलसी का पौधा रखें. इससे वास्तु दोष दूर होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती.

* इसके अलावा मुख्यद्वार पर जल से भरा कलश रखने से कई तरह की व्याधि घर के बाहर ही रह जाती है.

* निम्न कोटि के स्थान पर मुख्यद्वार कभी न बनवाएंं, वरना घर में रहनेवाले कई रोगों व परेशानियों के शिकार हो जाते हैं.

* मकान की चौखट या मुख्यद्वार हमेशा लकड़ी का बना होना चाहिए. मकान के भीतर के बाकी दरवाज़ों के फ्रेम लोहे के हो सकते हैं.

* मुख्यद्वार से अंदर प्रवेश करने पर बाईं ओर कुछ भी न रखें. इससे मुख्यद्वार से घर में वायु का प्रवाह सही तरीके से नहीं होगा. अक्सर लोग यहां शू  रैक रखते हैं. ऐसा न करें.

मुख्यद्वार में दिशाओं का महत्व

* यदि घर का मुख्यद्वार उत्तर दिशा में हो तो उस घर में रहनेवालों के पास रुपए-पैसों की कमी कभी नहीं होती. सफलता हमेशा इनके क़दम चूमती है.

* पूर्व दिशा में मुख्यद्वार हो तो नाम, यश, सुख, क़ामयाबी तो मिलती ही है, साथ ही वंशवृद्धि भी होती है.

* अगर मुख्यद्वार दक्षिण दिशा में हो तो यहां रहनेवालों के पास न तो धन-दौलत रहती है और न ही स्वास्थ्य.

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किन दिशाओं का क्या प्रभाव

पूर्व ईशान- सुख-समृद्धि, वंश वृद्धि एवं गृहस्वामी यशस्वी बनेंगे.

पूर्व- ऐश्‍वर्य की प्राप्ति तथा संतान की क़ामयाबी.

पूर्व आग्नेय- पुत्र कष्ट व अग्नि-भय.

दक्षिण आग्नेय- गृहिणी अस्वस्थ एवं भय की शिकार.

दक्षिण- स्त्रियों को मानसिक बीमारियां, आर्थिक तथा शारीरिक तकली़फें.

दक्षिण नैऋत्य- महिलाएं अधिक अस्वस्थ, कर्ज व चरित्रहीनता.

पश्‍चिम नैऋत्य- घर के मुख्य व्यक्ति को कष्ट, दुर्घटना, निराशा तथा पुरुष का चरित्रहीन होना.

पश्‍चिम- धन लाभ, पूजा-पाठ, अध्यात्म के प्रति रुचि एवं पुरुषों की अस्वस्थता.

पश्‍चिम वायव्य- पुरुषों को आर्थिक कष्ट, अकारण शत्रुता, कोर्ट-कचहरी के झगड़े एवं मति भ्रम.

उत्तर वायव्य- महिलाओं का सुख-शान्ति से वंचित होकर घर से बाहर अधिक रहना.

उत्तर- धन लाभ, मान-सम्मान, सुख तथा ख़ुशियों की प्राप्ति.

उत्तर ईशान- सुख-समृद्धि का लाभ, परिवार सुख-सम्पन्न तथा वंश वृद्धि.

वास्तु के मध्य केंद्र- भयंकर आर्थिक एवं मानसिक कष्ट.