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20 मार्च को वर्ल्ड हैप्पीनेस डे (World Happiness Day) मनाया जाता है. आज के दिन यदि हम भारत की खुशहाली की बात करें, तो पाएंगे कि खुशहाल देशों की श्रेणी में बहुत पीछे है भारत. आख़िर क्यों हम ख़ुशहाल नहीं हैं?

World Happiness Day

हर इंसान जिंदगीभर मेहनत इसलिए करता है, ताकि वो अच्छा और खुशहाल जीवन जी सके, लेकिन इतनी मेहनत करने के बाद भी क्या हम खुशहाल हैं? आखिर हम भारतीय खुश क्यों नहीं रहते हैं?

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खुशहाल देशों की श्रेणी में भारत बहुत पीछे है और हमारे देश में रहने वाले लोग तनाव में ज्यादा रहते हैं. आखिर क्या है इसकी वजह?

बता दें कि इस रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल हैप्पीनेस इंडेक्स में पहले स्थान पर फिनलैंड है यानी फिनलैंड दुनिया का सबसे खुशहाल देश है. इस देश में अपराध के आंकड़े भी बहुत कम हैं.

फिनलैंड के बाद क्रमशः नॉर्वे, डेनमार्क, आइसलैंड, स्विट्जरलैंड देश दुनिया के खुशहाल देशों में सबसे आगे हैं. इन देशों के लोग अपनी ज़िंदगी से संतुष्ट हैं इसलिए वो हमेशा खुशहाल नज़र आते हैं.

World Happiness Day

कितने खुशहाल हैं हम भारतीय?
भारत की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र की 2018 की इस रिपोर्ट के मुताबिक, हमारा देश विश्व के खुशहाल देशों की लिस्ट में 133वें स्थान पर है यानी हमारे देश के लोग अन्य देशों के मुकाबले खुशहाल नहीं हैं. यहां पर कि पाकिस्तान और नेपाल भी खुशहाली के मामले में भारत से आगे हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में अवसादग्रस्त लोग और हृदय रोगियों की संख्या बहुत ज्यादा है. भारत के लोग बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं, जिसके कारण यहां के बहुत ज्यादा लोग अवसाद और हृदय रोग से पीड़ित हैं. इसके साथ ही भारत में भ्र्ष्टाचार और अपराध के मामले भी ज्यादा हैं, जिसके कारण लोगों में सुरक्षा की भावना अन्य देशों के मुकाबले कम है.

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World Happiness Day

हमेशा खुश रहने के लिए सीखें ये 10 आदतें

1) सुबह की शुरुआत ईश्‍वर के स्मरण और योग या एक्सरसाइज़ से करें. इससे मन की शांति तो मिलती ही है, आप दिनभर के लिए नई ऊर्जा भी मिलती है.

2) छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ने की कोशिश करें यानी ख़ुश होने के मौ़के तलाशें. ऐसा करने से जीवन में आई हर छोटी-बड़ी समस्या से लड़ने का हौसला मिलता है.

3) ख़ुश रहने के लिए सही लाइफ़ स्टाइल ज़रूरी है इसलिए रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं. साथ ही अच्छा खाएं, अच्छा सोचें और अच्छा महसूस करें.

4) हमारी अधिकतर समस्याएं हमारे अहम् के चलते शुरू होती हैं. यदि हम अहम् को त्याग दें तो न ही हम छोटी-छोटी बातों पर आहत होंगे और न ही तनावग्रस्त.

5) कई लोग पहले काम को टालते जाते हैं, फिर एक साथ बहुत सारा काम देखकर तनावग्रस्त हो जाते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपना हर काम समय पर पूरा करें.

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World Happiness Day

6) दूसरों की क़ामयाबी से कुढ़ने वाले कभी ख़ुश नहीं रहते. ऐसा करने की बजाय दूसरों की क़ामयाबी से प्रेरणा लेकर उन जैसा बनने का प्रयास करें.

7) ज़रूरी नहीं कि हमेशा कुछ पाकर ही ख़ुशी मिले, कई बार दूसरों के चेहरे की मुस्कान भी बेइंतहा ख़ुशी देती है इसलिए दूसरों के लिए जितना कर सकें, ज़रूर करें.

8) यदि आप अपने करियर से ख़ुश नहीं हैं, तो कोई पसंदीदा पार्ट टाइम कोर्स करें और नए सिरे से करियर की शुरुआत करें.

9) जब भी ग़ुस्सा आए या किसी बात से नाराज़ हों तो अपनी भावनाओं को काग़ज़ पर उतार दें. जिस तरह कह देने से मन हल्का हो जाता है, उसी तरह अपनी भावनाओं को लिख देने से भी बहुत सुकून महसूस होता है. ज़रूरी नहीं कि आप नकारात्मक बातें ही लिखें, जब कोई बात या चीज़ अच्छी लगे, उसके बारे में भी अपनी डायरी में ज़रूर लिखें.

10) स्थितियां हमेशा आप के अनुरूप ही हों ये मुमकिन नहीं, कई बार आपको विपरीत स्थितियों में मन मारकर भी रहना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में हालात को कोसने के बजाय उनसे सामंजस्य बिठाने की कोशिश करें. ऐसा करके आप तनाव को कुछ हद तक कम कर सकते हैं.

अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की प्यारी बिटिया वामिका हो चुकी हैं पूरे दो महीने की और इसका जश्न भी काफ़ी जोश के साथ कपल ने मनाया. अनुष्का ने 11 जनवरी 2021 को वामिका को जन्म दिया था और उसके बाद लोगों के साथ अपनी ख़ुशी शेयर करते हुए बिटिया के लिए प्यार और आशीर्वाद भी मांगा था. अब वामिका हो गई हैं दो महीने की तो अनुष्का और विराट ने इस मोमेंट को ख़ास अंदाज़ में सेलिब्रेट किया. अनुष्का ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक केक का पिक्चर शेयर किया है जिसपर लिखा है- हमें दो महीने मुबारक हों!
इस केक पर दो कैंडल्स लगी हुई हैं और ये स्काई ब्लू कलर का ब्लूबेरी केक आसमान जैसा लग रहा है, जिसपर इंद्रधनुष यानी रेनबो बना हुआ है.

Anushka Sharma and Virat Kohli With Daughter Vamika

वहीं विराट ने भी इस मौक़े पर अपनी और अनुष्का की एक प्यारी से तस्वीर शेयर की है, जिसे देख के लग रहा है कि ये लोग अपने हसीन पलों को जी भर के जी रहे हैं.

Anushka Sharma and Virat Kohli

हाल ही में विराट ने विमन्स डे पर बेटी के साथ अनुष्का की अडोरेबल पिक शेयर की थी जिसका कैप्शन भी विमन पावर को दर्शाता हुआ था. विराट ने लिखा था कि एक बच्चे का जन्म होते हुए देखना बेहद ही ख़ास, अकल्पनीय और अमेज़िंग अनुभव होता है, जिसके बाद ही आप महिला की ताक़त को समझ पाते हो कि क्यों आख़िर भगवान ने उनके भीतर ज़िंदगी का निर्माण किया है.

Anushka Sharma With Daughter Vamika

बात अनुष्का की करें तो प्रेगनेंसी के दौरान भी वो काफ़ी एक्टिव रहीं थीं और लगातार काम भी कर रही थीं और वर्कआउट व योगा भी साथ-साथ कर रही थीं और डिलिवरी के बाद भी वो बहुत जल्दी फिट नज़र आई. उनका वज़न नियंत्रण में था और वो शेप में थीं.

Anushka Sharma and Virat Kohli With Daughter Vamika

बहरहाल अनुष्का और विराट को बिटिया के दो महीने का होने की शुभकामना!

Anushka Sharma and Virat Kohli

Photo Courtesy: Instagram(All Photos)

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खुश रहने के लिए महंगी सुख-सुवधाएं नहीं, ख़ुशी का एहसास चाहिए. जब आप खुश होते हैं, तो आपको हर चीज़ अच्छी लगती है और आपका हर काम अच्छा होता है, इसलिए ख़ुशी को अपनी आदत बना लें. आप अपने जीवन में ऐसे भर सकते हैं ख़ुशियों के रंग.

Life With Happiness

हर पल का आनंद लीजिए
ख़ुशी कोई चीज़ नहीं, जिसे ढूंढ़ा या ख़रीदा जाए. ये तो एक एहसास है, जिसे स़िर्फ महसूस किया जा सकता है. यदि आप ख़ुश रहना चाहते हैं, तो हर पल का आनंद लीजिए. ये मत सोचिए कि ये अच्छा है या बुरा. अपने लिए ख़ुशी तलाशने की बजाय दूसरों की ख़ुशियों में शामिल हो जाइए. फिर देखिए, ज़िंदगी कितनी हसीन लगने लगेगी. हर पल ख़ुशी के मौ़के तलाशिए, आपकी ज़िंदगी ख़ुशनुमा हो जाएगी.

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जीना इसी का नाम है
हमें ज़िंदगी जीने के लिए मिली है, काटने के लिए नहीं. इसे खुलकर जीने के लिए छोटी-छोटी बातों व क़ामयाबियों को अहमियत देना व उनका जश्‍न मनाना सीखिए. ख़ुश रहने का एक और तरीक़ा है- अपना पसंदीदा काम करना. किसी और की देखादेखी में या किसी का दिल रखने के लिए वो काम कभी न करें जो आपको पसंद न हो. ऐसा करके न तो आप काम के साथ न्याय कर पाते हैं और न ही ख़ुद के साथ.

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ख़ुशी का हेल्थ कनेक्शन
ख़ुश रहने के लिए चुस्त-दुरुस्त रहना भी ज़रूरी है. बीमारियां हमें चिड़चिड़ा बना देती हैं इसलिए अच्छी सेहत के लिए सही खानपान के साथ ही अपनी जीवनशैली में भी बदलाव लाना ज़रूरी है. सही समय पर सोने से लेकर खाने तक हर चीज़ का ध्यान रखकर आप स्वस्थ व ख़ुश रह सकते हैं.

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स्ट्रेस से रहें दूर
ये काम नहीं हुआ तो मैं क्या करूंगी? मैं समय पर नहीं पहुंची तो क्या होगा? ऐसी बेकार की बातें सोचकर तनावग्रस्त होने की ज़रूरत नहीं. जो चीज़ आपके वश में है उसे दुरुस्त कर लें और जो नहीं है उसके बारे में सोचकर परेशान होने की ज़रूरत नहीं. कल जो होगा देखा जाएगा, ऐसा सोचकर आप ख़ुद को बेकार की चिंताओं से मुक्त कर सकते हैं.

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गुस्सा ऐसे दूर भगाएं
जब भी ग़ुस्सा आए या किसी बात से नाराज़ हों तो अपनी भावनाओं को काग़ज़ पर उतार दें. जिस तरह कह देने से मन हल्का हो जाता है, उसी तरह अपनी भावनाओं को लिख देने से भी बहुत सुकून महसूस होता है. ज़रूरी नहीं कि आप नकारात्मक बातें ही लिखें, जब कोई बात या चीज़ अच्छी लगे, उसके बारे में भी अपनी डायरी में ज़रूर लिखें.

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सफलता ख़ुशी की चाबी नहीं है. ख़ुशी सफलता की चाबी है. आप जो कर रहे हैं अगर उससे प्यार करते हैं, तो आप सफल ज़रूर होंगे.
– हरमन केन

जब आसपास कोई न हो और आप मुस्कुराएं, तो आप वाक़ई में ख़ुश हैं.
– एंडी रूनी

ख़ुद को ख़ुश करने का बेहतरीन तरीक़ा है किसी और को ख़ुश करने की कोशिश करना.
– मार्क ट्वैन

हर किसी की ख़्वाहिश रहती है कि वह स्वस्थ रहें और फिट रहें. इसके लिए योग, प्राणायाम, हेल्दी लाइफस्टाइल काफ़ी मायने रखती है. इसी के साथ ऐसे कई सरल वास्तु उपाय भी हैं, जिन्हें आज़माकर और करके मन को भी स्वस्थ किया जा सकता है. मन स्वस्थ है, तो अप्रत्यक्ष रूप से प्रत्येक व्यक्ति का तन भी स्वस्थ हो ही जाता है. दरअसल, तन-मन एक-दूसरे के पूरक हैं. यहां पर हम वास्तु विशेषज्ञ डॉ. रविराज अहिरराव से इसी तरह के कुछ बातों के बारे में जानेंगे, जिससे हमारा मन स्वस्थ हो. साथ ही सकारात्मक विचार रहे, इनका वायब्रेशन हमारे तन-मन और घर पर फैले तथा सुखी जीवन हम जी सकें. ये वास्तु ट्रिक्स भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने में हमारी मदद कर सकते हैं. तो आइए जानते हैं उन वास्तु टिप्स के बारे में, जिससे हम एक हेल्दी लाइफस्टाइल जी सकते हैं. वैसे भी कोविड-19 के कारण इस महामारी के दौर में सकारात्मक सोच और स्वस्थ मन का होना भी बहुत ज़रूरी हो गया है.

  • सबसे बुनियादी और सरल चीज़ घर की सफ़ाई करना और अव्यवस्था को दूर करना. घर में अव्यवस्था से सकारात्मक ऊर्जा का चारों ओर प्रवाहित होना मुश्किल हो जाता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनता है. इसलिए घर को हमेशा साफ़-सुथरा रखें.
  • फ़र्श को साफ़ करते समय पानी में चुटकीभर समुद्री नमक डालें (गुरुवार को छोड़कर). इस उपाय से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है.
  • अगर पति-पत्नी में किसी तरह का झगड़ा चल रहा है या किसी भी तरह की मानसिक अशांति का सामना करना पड़ रहा है, तो बिस्तर के कोने में सेंधा नमक का एक टुकड़ा रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है. साथ ही सेंधा नमक के टुकड़े को कुछ महीनों के बाद बदल दें.
  • परिवार के मुखिया या परिवार के कमानेवाले को घर के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में अपने सिर को दक्षिण की ओर करके सोना चाहिए. इससे अच्छी नींद आएगी, जिससे शरीर ऊर्जावान और स्वस्थ बनेगा.
  • मानसिक शांति बनाए रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम में एक पारिवारिक तस्वीर और घर की पश्चिम दिशा में परिवार के मुख्य जोड़े की एक तस्वीर लगाएं.
  • उदासी और निराशा को दर्शानेवाली तस्वीरों से बचना चाहिए, क्योंकि वे निराशा और अवसाद के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.
  • गायत्री मंत्र, गणपति अथर्वशीर्षम जैसे मंत्रों का जाप, संबंधित कुलदेवी और कुलदेवता से प्रार्थना करने से व्यक्ति के मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद मिलती है.
  • विद्युत उपकरणों के माध्यम से मंत्र जप से आपके परिसर में सकारात्मक कंपन भी फैल सकता है, हालांकि स्वयं द्वारा किया गया जप सबसे शक्तिशाली है.
  • घर में भगवान को शुद्ध घी के दीये जलाने के साथ अगरबत्ती, धुप, गुग्गुल जलाएं, घंटानाद और शंख बजाना चाहिए.
  • परिवार और धर्म की परंपरा के अनुसार दिवंगत आत्माओं के लिए अनुष्ठान करना भी बहुत महत्वपूर्ण है.
  • घर से वास्तु दोषों को दूर करने के लिए कैम्फर क्रिस्टल अच्छा माना जाता हैं. अगर आपको ऐसा लगता है कि आपका कोई काम अटक रहा है या आपकी योजना के अनुसार चीज़ें नहीं चल रही हैं, तो घर पर दो कपूर के गोले या क्रिस्टल रखें और जब वे सिकुड़ जाएं, तो उन्हें बदल दें. आप अपनी स्थिति में तेजी से बदलाव देखेंगे. कपूर जलाना भी एक महत्वपूर्ण उपाय है.
    अच्छी तरह से भोजन करना और एक अच्छी जीवनशैली महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें उपरोक्त सुझावों का भी अभ्यास करना चाहिए. ये हमारे शरीर को एनभंडार को बनाने में मदद करेंगे. ये वास्तु टिप्स हमारे शरीर के भीतर सकारात्मक कंपन पैदा करेंगे और घर के भीतर सकारात्मक कंपन का भी प्रसार करेंगे. यह अंततः हमारी प्रतिरक्षा में सुधार करने में मदद कर सकता है, जो फिट रहने के लिए सबसे ज़रूरी है.

वास्तु शास्त्र के बारे में…
भारतीय मूल का आध्यात्मिक विज्ञान, वास्तुशास्त्र, निर्माण का एक विज्ञान है, जो मानव जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन को संतुलित करता है. पांच मूल तत्व (अंतरिक्ष, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी), आठ दिशाएं (उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम)..
विद्युत- पृथ्वी की चुंबकीय और गुरुत्वाकर्षण बल, ग्रहों से और साथ ही वायुमंडल से निकलनेवाली ब्रह्मांडीय ऊर्जा मानव जीवन पर इसके प्रभाव को यानी इन सभी बातों को वास्तु शास्त्र में ध्यान में रखा जाता है.

– ऊषा गुप्ता


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Vastu Tricks For Positive Mind

 

 

Multitasking Side Effects

सर्वगुण संपन्न बनने में खो न दें ज़िंदगी का सुकून (How Multitasking Affects Your Happiness)

परफेक्ट बनने की चाह हर किसी की होती है, ख़ासकर महिलाओं की. लेकिन क्या कभी आपने ग़ौर किया है कि ख़ुद को सर्वगुण संपन्न साबित करने की चाह में आप अपना चैन-सुकून भी खोती जा रही हैं. इसी पहलू पर एक नज़र डालते हैं.

अरे, सुनती हो मेरा रूमाल नहीं मिल रहा.” रवि की आवाज़ पर सीमा दौड़कर गई और उसके हाथों में रूमाल पकड़ा आई. केवल इतना ही नहीं, बल्कि सास-ससुर की चाय और दवाइयां, चिंटू का टिफिन, बैंक और बाज़ार के काम और न जाने क्या-क्या सीमा करती रहती है और अपने घर को परफेक्ट रखती है. सभी रिश्तेदारों में वह चहेती है. सीमा की सास कहते नहीं थकती कि उनकी बहू तो सर्वगुण संपन्न है.

स़िर्फ सीमा ही क्यों ऐसी कई महिलाएं हैं, जो हर जगह परफेक्ट रहना चाहती हैं. इसमें कोई बुराई भी नहीं है, पर साथ ही यह ध्यान रखना भी ज़रूरी है कि जीवन की हर कमान को संभालते-संभालते कहीं आपकी कमान आपके हाथ से छूट तो नहीं गई. इसका अर्थ है कि कहीं इस सर्वगुण संपन्नता के प्रमाणपत्र की क़ीमत आपका अपना व्यक्तित्व या आपका स्वास्थ्य तो नहीं.

सर्वगुण संपन्न से जुड़ी कुछ भ्रांतियां

महिलाएं तो मल्टीटास्किंग होती हैं… यह जुमला आपको गाहे-बगाहे सुनने मिल जाएगा, फिर वह ऑफिस हो या घर. और विडंबना यह है कि इस तथ्य को बतानेवाली अमूमन कोई स्त्री ही होती है. मल्टीटास्किंग का मतलब बहुत ग़लत लगाया जाता है. इसका मतलब अपने आप को सुबह से शाम तक कामों के बोझ तले दबा लेना नहीं होता या फिर एक साथ कई काम करना भी नहीं होता है. मल्टीटास्किंग का मतलब होता है कुछ कामों को एक साथ स्मार्ट तरी़के से करना, जिससे समय और ऊर्जा की बचत हो. इसका स्त्री और पुरुष से कोई लेना-देना नहीं है. अतः मल्टीटास्किंग के नाम पर सर्वगुण संपन्नता की प्रतिस्पर्धा ग़लत है.

किसी काम के लिए ना कहना असमर्थता का प्रमाण है

यह भी एक भ्रांति है कि अगर आपने घर में या ऑफिस में किसी को कोई काम करने से मना कर दिया, तो वह आपकी कमी होगी. साथ ही सामनेवाला नाराज़ हो जाएगा. इस कशमकश में हम कई ऐसे काम कर जाते हैं, जिनकी या तो ज़रूरत नहीं होती या जो हमारी सामर्थ्य के बाहर होता है. कोई भी काम या ज़िम्मेदारी तभी उठाएं, जब वह आवश्यक हो और आपके सामर्थ्य के अंदर हो. इसका सर्वगुण संपन्नता से कोई लेना-देना नहीं है.

जो ख़ुद के लिए कम-से-कम समय निकाले, वही सर्वगुण संपन्न है

हमारे समाज में अगर स्त्री ख़ुद के लिए स्पेस रखती है या अपने लिए कुछ समय निकालती है, तो वह सर्वगुणता के पैमाने पर खरी नहीं उतरती. इस भ्रांति को बदलने की ज़रूरत है. स़िर्फ स्त्री ही नहीं, हर किसी को अपने लिए समय निकालने की आवश्यकता होती है. अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करते हुए ऐसा करना कोई अपराध नहीं है. समाज या परिवार क्या कहेगा, इस डर से अपनी किसी रुचि या अपने लिए समय निकालना ना छोड़ें.

अगर आपसे सब ख़ुश हैं, तो ही आप सर्वगुण संपन्न हैं

सबको ख़ुश करना मुश्किल ही नहीं असंभव है, लेकिन सर्वगुण संपन्न बनने की चाह में हम हर किसी को ख़ुश करने की कोशिश करते रहते हैं. इसमें पूरी तरह से सफल कम ही हो पाते हैं, साथ ही कई बार निराशा भी हाथ लगती है. इससे अच्छा है कि हम यह कोशिश करें कि हमारी वजह से कोई दुखी ना हो.

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Multitasking Side Effects

कैसे पहचानें कि सर्वगुण संपन्न बनने की चाहत में आप ख़ुद को खो रही हैं?

अक्सर छोटी छोटी बातें ही हमें किसी बड़े बदलाव का इशारा देती हैं-

*    अगर आपको अपने कामों को पूरा करने के लिए दिनभर का समय कम पड़ता है.

*    समय के साथ आप अपनी पसंद-नापसंद भूलती जा रही हैं.

*    आपकी अपनी कोई हॉबी नहीं है.

*    हमेशा थकान महसूस होती है.

*    अक्सर चिड़चिड़ापन और निराशा होती है.

*    आपके आसपास सब ख़ुश हैं, पर आपको अंदर से ख़ुशी का अनुभव नहीं होता है.

*    हमेशा तनाव और दबाव महसूस होता है.

*    अगर आपके दोस्त या सहेलियां नहीं हैं.

*    आप दिन का कोई भी समय अपने मन मुताबिक़ नहीं बिता पाती हैं.

*    आपको लोगों के बीच अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना पड़ता है.

समाधान के लिए इन बातों पर ध्यान दें

*    सबसे पहले और ज़रूरी है अपने लिए कुछ क्वालिटी समय निकालना.

*    अपने आसपास कुछ सहेलियां हमेशा रखें.

*    अपनी किसी भी रुचि को जीवित रखें.

*    अगर आप अपने बारे में सोच रही हैं, तो इसके लिए किसी भी प्रकार का अपराधबोध ना रखें.

*    कम-से-कम 15 दिनों में एक बार बाहर घूमने ज़रूर जाएं.

*    अपने बचपन का अलबम, कॉलेज के ज़माने की फोटोज़ ज़रूर देखें.

*    घर में हर किसी की ख़ुशी का ध्यान रखें, पर अपनी ख़ुशी को दांव पर ना लगाएं.

*    घर हो या ऑफिस, कामों को मिल-बांटकर करें. काम करने के लिए किसी की मदद लेने में कोई बुराई नहीं है.

सर्वगुण संपन्न नहीं स्मार्ट बनें

*    सर्वगुण संपन्न होना असल में किसी और के पैमाने पर ख़ुद को सिद्ध करना है.

*    यह तमगा लेने के लिए अपने स्व को खो देने से अच्छा है कि आप स्मार्ट बनें.

*    दिन के चौबीस घंटे का इस्तेमाल चतुराई और पूरी प्लानिंग से करें.

*    अपने रिश्तों में मधुरता बनाएं रखने के लिए किसी बड़े प्रयास की ज़रूरत नहीं है, बल्कि छोटी-छोटी बातों को याद रखें.

*    दिन में थोड़ा समय ख़ुद को ज़रूर दें, फिर चाहे वह योग हो या फिर डांस. तो स्मार्ट बनें और जीवन की हर कमान को कुशलता से संभालें.

 – माधवी कठाले निबंधे

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Smile

क्यों मुस्कुराने में भी कंजूसी करते हैं लोग? (Why Don’t Some People Smile)

ऐसे तमाम लोग (People) हमें रोज़ ही मिल जाते हैं, जो बेवजह ही मुस्कुराकर (Smile) चले जाते हैं और ऐसे भी लोग मिलते हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि शायद ये ज़िंदगी में कभी मुस्कुराए ही नहीं. कोई उन्हें घमंडी समझता है, तो कोई ग़मग़ीन… आइए, जानते हैं कि वो ऐसे क्यों हैं?

टेस्टोस्टेरॉन का हाई लेवल: रिसर्च बताते हैं कि जिनका टेस्टोस्टेरॉन स्तर अधिक होता है, वो कम मुस्कुराते हैं. यही वजह है कि महिलाओं के मुक़ाबले पुरुष कम मुस्कुराते हैं.

पावर: कुछ अध्ययन यह बताते हैं कि ख़ास परिस्थितियों में मुस्कुराने का मतलब ख़ुद को कमज़ोर दर्शाना या एक तरह से आत्मसमर्पण की निशानी माना जाता है. जो लोग कम मुस्कुराते हैं, वो ख़ुद को पावरफुल महसूस करते हैं. उन्हें लगता है कि वो हर परिस्थिति का मुक़ाबला कर सकते हैं और उनमें वो शक्ति है.

कम संवेदनशीलता: स्टडीज़ इस बात की ओर भी इशारा करती हैं कि इमोशनल सेंसिटिविटी हंसने और मुस्कुराने से जोड़कर देखी जाती है, कम मुस्कुरानेवाले लोग इतने संवेदनशील नहीं होते यानी वो कम संवेदनशील होते हैं.

संवादहीनता व असहमति: कम मुस्कुरानेवाले दूसरों की बातों और विचारों से कम सहमत होते हैं. मुस्कुराहट को संवाद स्थापित करने का एक अच्छा ज़रिया माना जाता है, ऐसे में कम मुस्कुरानेवाले दूसरों से अधिक बात करना पसंद नहीं करते हैं.

कठोर व दृढ़ नज़र आने की कोशिश: कुछ लोग प्रभावशाली, मज़बूत, कठोर या दृढ़ नज़र आने की कोशिश में कम मुस्कुराते हैं. शायद ये ऐसे लोग होते हैं, जिनकी परवरिश के दौरान मन में यह बात बैठा दी जाती है या परिस्थितियां इन्हें ऐसा महसूस कराती हैं कि मुस्कुराना उन्हें कमज़ोर बना सकता है यानी मुस्कुराहट को वो कमज़ोरी की निशानी मानने लगते हैं.

नाख़ुश: ज़िंदगी से जिन्हें बहुत-सी शिकायतें हैं, जो ख़ुश नहीं हैं, वो चाहकर भी मुस्कुरा नहीं पाते.

रक्षात्मक प्रतिक्रिया: ज़िंदगी के कुछ कड़वे अनुभव और जो लोग भावनात्मक रूप से आहत हुए होते हैं कभी या फिर बुली का शिकार भी हुए होते हैं, तो वो ख़ुद को बचाने व अधिक आहत होने से बचाने के लिए न मुस्कुराने को एक रक्षात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर लेते हैं.

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लोग गंभीरता से लें: कुछ लोग चाहते हैं कि दूसरे उन्हें अधिक गंभीरता से लें, इसलिए वो कम मुस्कुराते हैं, क्योंकि उनकी यह सोच होती है कि मुस्कुराने से अन्य लोग उन्हें उतनी गंभीरता से नहीं लेंगे या उनकी बातों को उतना महत्व नहीं देंगे, जितना वो चाहते हैं.

परिपक्वता: कम मुस्कुरानेवाले ख़ुद को परिपक्व दिखाने के लिए ऐसा करते हैं. उन्हें लगता है हंसना-मुस्कुराना अपरिपक्वता की निशानी है. उन्हें यह बचकाना लगता है. वे सोचते हैं कि कम मुस्कुराना उन्हें अधिक मैच्योर दिखाएगा और लोग उन्हें अधिक महत्व देंगे.

ख़ूबसूरत नहीं लगते: कुछ लोगों में यह भावना घर कर जाती है कि मुस्कुराते हुए वो अच्छे नहीं लगते या तो उनके दांत ख़राब होते हैं या उन्हें कभी किसी ने कहा होता है कि वो गंभीर अधिक आकर्षक नज़र आते हैं, इसलिए भी वो कम मुस्कुराते हैं.

मुखौटा: कुछ लोग इसे आवरण या मुखौटा बना लेते हैं, जिससे उनकी तकलीफ़ या भावनाएं दूसरों पर ज़ाहिर न हों. कहीं न कहीं वो तकलीफ़ में होते हैं, पर वो शेयर नहीं करना चाहते, इसलिए वो दूसरों से उतना कंफर्टेबल नहीं होना चाहते, जहां लोग उनकी मुस्कुराहट के पीछे दर्द को पहचान सकें. ऐसे में वो गंभीर व ख़ुद को मज़बूत दिखाने के लिए यह मुखौटा ओढ़ लेते हैं.

महत्व कम न हो: कुछ लोगों की यह पक्की धारणा बन जाती है कि बात-बात पर या जब-तब मुस्कुरानेवालों की वैल्यू कम हो जाती है. हर किसी को देखकर मुस्कुरा देने से वो व्यक्ति भी आपकी कद्र नहीं करता, जिसे देखकर आप मुस्कुराते हैं.

ईगो: यह भी एक कारण है, क्योंकि कई बार आपसी रिश्तों या दोस्तों में भी लोग यह सोचते हैं कि एक स्वीट-सी स्माइल से अगर झगड़ा ख़त्म होता है, तो क्या बुराई है, पर वहीं कुछ लोग अपना ईगो सैटिस्फाई करने के लिए यह सोचकर नहीं मुस्कुराते कि भला मैं क्यों झुकूं, ग़लती तो सामनेवाले की थी, मैं क्यों पहल करूं… यदि सामनेवाला पहल करता है, तो भी वो जल्दी से अपनी प्रतिक्रिया नहीं देते, क्योंकि उन्हें लगता है कि इतनी जल्दी माफ़ करने पर अगली बार आपको वो हल्के में लेंगे और आपका महत्व धीरे-धीरे ख़त्म हो जाएगा.

Sad Face

क्या-क्या और कैसे-कैसे बहाने…

जी हां, कम मुस्कुराने के मनोविज्ञान व मनोवैज्ञानिक कारणों की चर्चा तो हम कर चुके. अब उन बहानों को भी जानते हैं, जो लोग अपने न मुस्कुराने पर बनाते हैं.

क्या मैं पागल हूं: बहुत-से लोग यही कहते हैं कि बेवजह या बात-बात पर मुस्कुराने व हंसनेवाला तो पागल होता है. क्या मैं आपको पागल लगता/लगती हूं, जो हर बात पर या हर किसी को देखकर मुस्कुराऊं?

मूड भी कोई चीज़ है या नहीं: न मुस्कुराने की वजह पूछने पर कुछ लोग यही तर्क देते हैं कि मूड भी कोई चीज़ है, बिना मूड के कोई काम नहीं होता, फिर चाहे वो मुस्कुराना ही क्यों न हो.

झूठी हंसी क्यों भला: हम ज़बर्दस्ती किसी को ख़ुश करने के लिए नहीं मुस्कुरा सकते. झूठी हंसी नहीं आती हमें. यह बहाना भी बहुत लोग बनाते हैं.

कुछ अच्छा तो हो मुस्कुराने के लिए: कुछ लोग इतने नकारात्मक होते हैं कि उन्हें हर बात में, हर चीज़ में, हर इंसान में और हर परिस्थिति में कमियां ही नज़र आती हैं. उनके लिए कुछ भी कभी भी अच्छा नहीं होता, तो भला मुस्कुराना किस बात का.

मैं क्यों अपनी वैल्यू कम करूं: कुछ लोगों को लगता है कि उनकी वैल्यू कम हो जाएगी, लोगों के बीच उन्होंने जो छवि बना रखी है, वो हल्की पड़ जाएगी.

जब मेरा मन होगा, तब हंसूंगा/हंसूंगी: तुम्हारे कहने या दुनिया के चाहने से थोड़ी हंसी आएगी. जब मेरी मर्ज़ी होगी, मन होगा, भीतर से हंसने जैसा महसूस होगा तब हंसूगा.

कोई ज़बर्दस्ती है क्या: नहीं हंसना, तो नहीं हंसना, कोई ज़ोर-ज़बर्दस्ती है क्या कि हर बात पर मुस्कुराया जाए या हर चुटकुले पर हंसा ही जाए.

हम तो ऐसे ही हैं: आपको हम पसंद हों या न हों, पर हम तो ऐसे ही हैं. हमको नहीं आता मुस्कुराना. बात करनी हो, तो करो, वरना आप अपने रास्ते, हम अपने रास्ते.

आपको क्या तकलीफ़ है: हमारे नहीं मुस्कुराने से क्या आपका कोई नुक़सान हो रहा है? नहीं न, तो फिर?

हम किसी के ग़ुलाम नहीं: आपको जब लगेगा कि हमें मुस्कुराना चाहिए, क्या तब हम मुस्कुराएंगे? हम किसी के ग़ुलाम नहीं कि किसी के चाहने पर हंसे या मुस्कुराएं.

आपके पेट में दर्द क्यों है: हमारे कम या नहीं मुस्कुराने से दूसरों के पेट में दर्द क्यों होता है, यह बात आज तक समझ नहीं आई. अगर हमें कोई घमंडी या सिरफिरा समझता है, तो यह हमारी प्रॉब्लम है, इससे आपको क्या लेना-देना भला?

–  गीता शर्मा

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Diwali

कैसे मनाएं सेफ दिवाली? (How To Celebrate Happy And Safe Diwali)

दिवाली (Diwali) रोशनी का त्योहार (Festival) है. यह अपने साथ ढेर सारी ख़ुशियां लाती है. हम सभी इस त्योहार को पूरे धूमधाम से उमंग-उत्साह से मनाते है. लेकिन इस रोशनी के पर्व में थोड़ी सावधानी भी बेहद ज़रूरी है यानी फेस्टिवल मनाएं, पर सेफ्टी (Safety) का भी पूरा ख़्याल रखें, विशेषकर पटाखे जलाते समय. यहां पर हम कुछ सेफ्टी रूल्स (Safety Rules) बता रहे हैं.

–    पटाखे जलाते समय पैरों में चप्पल या जूते ज़रूर पहनें. कभी भी नंगे पांव पटाखे न जलाएं.

–    पटाखे हमेशा खुली जगह पर जलाएं यानी कभी भी घर के अंदर या बंद स्थान पर पटाखे ना फोड़ें. पटाखे जलाने के लिए घर के बाहर, छत पर या फिर आंगन भी ठीक है.

–    साथ ही आसपास देख लें कि कहीं कोई आग फैलानेवाली या फ़ौरन आग पकड़नेवाली चीज़ तो नहीं है.

–    बच्चे-बड़े सभी पटाखे जलाते समय आसपास बाल्टी भरकर पानी ज़रूर रखें. साथ ही जलने पर लगनेवाली इमर्जेंसी दवाएं भी

ज़रूर रखें.

–    यदि पटाखे से जल जाएं, तो जले हुए स्थान पर तुरंत पानी के छींटें मारें.

–    हमेशा लाइसेंसधारी और विश्‍वसनीय दुकानों से ही पटाखे ख़रीदें.

ये न करें…

–    कुछ लोग बहादुरी दिखाने के लिए पटाखे हाथ में पकड़कर जलाने की कोशिश करते हैं. ऐसा न करें, क्योंकि ऐसा करने से पटाखों के हाथ में फटने और दुर्घटना होने की संभावना रहती है.

–    पटाखों को दीये या मोमबत्ती के आसपास ना जलाएं.

–    जब आपके आसपास कोई पटाखे जला रहा हो, तो उस समय आप भी पटाखे ना जलाएं.

–   बिजली के तारों के आसपास क्रैकर्स न फोड़ें.

–   यदि किसी पटाखे को जलने में बहुत अधिक समय लग रहा है, तो उसे दोबारा ना जलाएं, बल्कि किसी सेफ जगह पर फेंक दें.

–   आधे जले हुए पटाखों को इधर-उधर ना फेंकें. उसे पानी में डुबोकर फेंक दें.

–    रॉकेट जैसे पटाखे ऐसे समय में बिल्कुल न जलाएं, जब ऊपर किसी तरह की रुकावट जैसे पेड़, बिजली के तार आदि हों.

–   दीपावली पर कॉटन के कपड़े पहनकर ही पटाखों का आनंद लें. ध्यान रहे, रेशमी या फिर नायलॉन के आउटफिट बिल्कुल भी न पहनें.

–    खुली फ्लेम के कारण पटाखे जलाने के लिए माचिस या लाइटर का इस्तेमाल न करें, यह ख़तरनाक हो सकता है.

–    कभी भी छोटे बच्चों के हाथ में कोई पटाखा न दें.

–   यदि आपकी कार है, तो उसे गैराज में रख दें या फिर उसे अच्छी तरह से कवर कर दें.

–   दीपावली पर घर की खिड़कियां बंद ही रखें तो अच्छा है. साथ ही उन पर रेशमी पर्दे न लगाएं, वरना कोई चिंगारी लगने पर तेज़ी से आग फैलने का डर बना रहता है.

–   सभी पटाखों को हमेशा किसी बंद डिब्बे में ही रखें, विशेषकर दिवाली की रात को.

–    क्रैकर्स जलाते समय पैकेट में दिए गए निर्देशों को भी ज़रूर देख लें और उसी के अनुसार पटाखों को जलाएं.

–   बेहतर होगा कि पटाखे जलाते समय फुल स्लीव्स के ड्रेसेस ही पहने जाएं.

–    पटाखों का आनंद लेते समय किसी इमर्जेंसी वाली सिचुएशन के लिए भी तैयार रहें.

–   यदि आप बहुत सारे लोगों के साथ मिलकर पटाखे जला रहे हैं, तो इस बात का ख़्याल रखें कि एक समय में एक ही शख़्स पटाखे जलाए, क्योंकि यदि कई लोग साथ-साथ पटाखे जलाएंगे, तो दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है.

–    यदि आपके घर में पालतू जानवर, जैसे- बिल्ली, डॉगी आदि हैं, तो उन्हें पटाखों से दूर ही रखें. बेज़ुबान जानवर दिवाली के दिन शोर-शराबे से बेहद परेशान हो जाते हैं. यदि संभव हो, तो उनके कान में कॉटन डाल दें.

–    भीड़वाली जगह, पतली गलियों या घर के पास में पटाखे न जलाएं.

–    छोटे बच्चों को ख़ुद से पटाखे न जलाने दें. उनके साथ किसी बड़े को ज़रूर रखें.

–    कभी भी पैंट की जेब में पटाखे न रखें.

–    ढीले-ढाले कपड़े पहनकर पटाखे न जलाएं.

–    जहां पर पटाखे रखे हों, वहां पर माचिस की जली तीली या फिर अगरबत्ती आदि न फेंकें.

–    ध्यान रहे, कभी भी पटाखों के साथ कोई एक्साइटमेंट या फिर एक्सपेरिमेंट करने का प्रयास न करें. यह ख़तरनाक हो सकता है.

–    सड़क के कुत्तों या फिर अन्य जानवरों को पटाखों से परेशान न करें.

–   पटाखे जलाते समय पेट्रोल, गैस सिलेंडर, डीज़ल, केरोसिन आदि चीज़ें आसपास न हों, इस बात का ख़्याल रखें.

–   यदि पटाखे जलाते समय जल जाएं, तो तुरंत टूथपेस्ट व बरनॉल लगाएं. आवश्यक लगे, तो डॉक्टर को दिखाएं.

– ऊषा गुप्ता

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Wind Chime

दीपावली में विंड चाइम से लाएं घर में सौभाग्य (Wind Chime For Diwali Decoration)

दीपावली (Diwali) में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम (Wind Chime) को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान दीपावली में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान ज़रूर रखें.

* मार्केट में कई तरह की भारी, हल्की, बड़ी, छोटी और रंगीन विंड चाइम्स (पवन घंटियां) उपलब्ध हैं, लेकिन आप जब विंड चाइम चुनें, तो खोखली व पतली नलीवाली विंड चाइम ही चुनें. ये हवा में आसानी से लहराकर मधुर आवाज़ करती हैं. यदि आप घर में 6 या 7 रॉडवाली विंड चाइम लगाएंगे, तो इससे घर में संपन्नता आती है.

* धातु से बनी विंड चाइम हमेशा पश्‍चिम या उत्तर-पश्‍चिम दिशा में लगाएं. ये दिशाएं धातुओं की होती हैं, इसलिए इन दिशाओं में विंड चाइम लगाने से भाग्योदय होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

* आप चाहें तो लकड़ी की बनी विंड चाइम भी ख़रीद सकते हैं. लकड़ी, ख़ासतौर से बांस से बनी विंड चाइम्स ईको फ्रेंडली होने के साथ-साथ घर-गृहस्थी के मामले में शुभ मानी जाती हैं. इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है. लकड़ी या बांस की बनी विंड चाइम में भी रॉड की संख्या बहुत मायने रखती है. इसमें रॉड की संख्या तीन या चार हो तो विंड चाइम शुभ फल प्रदान करती है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और हर कार्य निर्बाध रूप से पूरा होता है.

* कांच की बनी विंड चाइम भी घर की शोभा बढ़ा सकती है, लेकिन यह अगर भारी हुई तो मधुर आवाज़ पैदा नहीं करेगी.

* घर में पांच नलियों या पांच घंटियोंवाली विंड चाइम लगाना हर तरह से शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मकता समाप्त होती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अलग-अलग उद्देश्यों के लिए 4, 7, 9, 11 नलियोंवाली विंड चाइम्स भी घर के लिए शुभ मानी जाती हैं.

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* अगर आप अपना सोया हुआ भाग्य जगाना चाहते हैं, तो 6 या 8 रॉडवाली विंड चाइम घर में लगाएं. ये आपके भाग्योदय की बाधाओं को दूर करेगी और आपकी सोई हुई किस्मत को जगा देगी. फेंशगुई और वास्तु में इनका काफ़ी महत्व है.

* अगर आप 2 या 9 घंटियों या नलियों वाली विंड चाइम लगाना पसंद करते हैं, तो सिरामिक की बनी विंड चाइम लेकर आएं. ये विंड चाइम मान-प्रतिष्ठा और यश प्रदान करती है. इसे घर की दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में लगाना शुभ होता है.

* आपसी रिश्तों की परेशानियों को हल करने के लिए भी विंड चाइम आपके लिए सहायक साबित हो सकती है.

* अपने बच्चों को सकारात्मक और क्रिएटिव बनाने के लिए उनके कमरे में भी विंड चाइम ज़रूर लगाएं. इसकी मधुर आवाज़ माहौल को ख़ुशनुमा बनाए रखती है.

* अगर आप अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो सिल्वर कलर की विंड चाइम को घर की पश्‍चिम दिशा में लगाएं. इसमें अगर 7 रॉड लगे हों, तो यह काफ़ी लाभ प्रदान करेगी.

* नाम और पैसे की चाहत हो, तो घर की  उत्तर-पश्‍चिम दिशा में पीले रंग की 6 रॉड वाली विंड चाइम लगाएं.

* आप चाहें तो अलग-अलग कलरवाली रंग-बिरंगी विंड चाइम भी लगा सकते हैं. ये आपके घर का माहौल ख़ुशनुमा बनाए रखेगी और सकारात्मकता के साथ-साथ उत्साह का भी संचार करेगी.

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रक्षाबंधन (Rakshabandhan) भाई बहन के प्यार और विश्वास का सबसे प्यारा त्योहार है… बॉलीवुड (Bollywood) भी इस त्योहार को काफ़ी दिल से celebrate करता है… आप भी देखिए पिक्चर्स जो सिलेब्रिटीज़ ने सोशल मीडिया पर अपनी बहन के साथ रखी बंधवाते हुए शेयर की

सलमान खान से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक यूं सेलिब्रेट कर रहे हैं रक्षाबंधन (Bollywood Celebrates Rakshabandhan)

सलमान खान अर्पिता से रखी बंधवाते हुए

प्रियंका चोपड़ा अपने भाई के साथ

Priyanka Chopra With Her Brother

सैफ़ अली खान बहन सोहा के साथ

रितिक रोशन अपनी बहन के साथ

 

कार्तिक आर्यन अपनी बहन के साथ

Kartik Aryan with his sister

सारा और इब्राहिम अली खान

Sarah and Ibrahim Ali Khan

ज़िंदगी में हर रोज़ हम कुछ न कुछ नया सीखते या अनुभव करते हैं. कुछ चीज़ें हमें ख़ुशी देती हैं, तो कुछ तकलीफ़, पर ज़्यादातर लोग उन तकलीफ़ों के बोझ को ही रोज़ाना ढोते रहते हैं, जबकि हम सबको पता है कि जो व़क्त बीत रहा है, वो लौटकर कभी नहीं आएगा, तो क्यों न रोने की बजाय उसे हंसकर बिताएं. आज से ही एक नई शुरुआत करें, रोज़ाना कुछ अलग करें और देखें कि आज का आपका हैप्पीनेस मीटर कितना है.

Happiness

दिमाग़ी कचरा साफ़ करें

हम रोज़ अपने सबकॉन्शियस माइंड में न जाने कितने निगेटिव ख़्याल भर देते हैं और जब वो हमें परेशान करने लगते हैं, तो हम बेवजह दुखी रहने लगते हैं. आज ही ये सारा दिमाग़ी कचरा साफ़ करें.

–    आपके बारे में कौन क्या सोचता है, इस सोच को अपने दिमाग़ से निकाल दें, बल्कि ये सोचकर ख़ुश हो जाएं कि कोई आपके बारे में सोचता तो है.

–     अगर बातचीत के दौरान कोई ग़लतफ़हमी हो गई है, तो उसे तुरंत क्लीयर कर लें. जितनी जल्दी निगेटिव ख़्याल निकलेगा, उतनी जल्दी आपको ख़ुशी का एहसास होगा.

–     माफ़ कर देना और माफ़ी मांग लेना उतना भी कठिन नहीं है, जितना लोगों ने बना रखा है, इसलिए सॉरी कहने में बिल्कुल भी देर न करें. ख़ुद भी ख़ुश रहें और दूसरों को भी ख़ुश रखें.

मैजिकल वर्ड्स का करें इस्तेमाल

हमारे पास मैजिकल वर्ड्स का ख़ज़ाना है, पर अफ़सोस कि हम उनका इस्तेमाल ही नहीं करते, तभी तो दुखी रहते हैं.

–     थैंक यू एक ऐसा जादुई शब्द है, जो न स़िर्फ बोलनेवाले के चेहरे पर मुस्कान लाता है, बल्कि सुननेवाला भी ख़ुश हो जाता है. तो फिर इसे कहने में कंजूसी क्यों करें. सुबह की शुरुआत ही भगवान को थैंक यू कहने से करें, यकीन मानें आपका दिन ख़ुशियों भरा होगा.

–     हर कोई चाहता है कि लोग उसे प्यार करें. पार्टनर, मम्मी-पापा, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी या बच्चे सभी को रोज़ाना वो थ्री मैजिकल वर्ड्स ‘आई लव यू’ ज़रूर कहें. उनके चेहरे की मुस्कान आपके हैप्पीनेस मीटर को बढ़ा देगी.

–     ‘आप अच्छी लग रही हो’ या ‘अच्छे लग रहे हो,’ जैसे जादुई शब्द किसी का भी दिन बना सकते हैं. तो दिल खोलकर लोगों की तारीफ़ करें और ख़ुशियां फैलाते रहें.

चुनें अनजानी राहें

जान-पहचान के लोगों से तो हम हमेशा बोलते-बतियाते हैं, कभी अनजानों से भी दोस्ती करके देखें. बस, यूं ही किसी अजनबी से बातें करें, बहुत अच्छा लगेगा.

–     वर्किंग लोग बस, ट्रेन, ऑटो में रोज़ाना न जाने कितने लोगों से टकराते हैं, तो क्यों न उनसे दोस्ती करें और अपने दोस्तों का दायरा बढ़ाएं.

–     एक-दो बार जिन्हें मिले हैं, उन्हें देखकर स्माइल ज़रूर दें, उनकी स्माइल आपका हैप्पीनेस मीटर बढ़ा देगी.

–     रास्ते में चलते हुए कभी किसी अजनबी को देखकर स्माइल करें, वो जब तक सोचेगा कि आपको कहां मिला था, आप हंसते-हंसते आगे बढ़ जाओगे.

–     कोई उम्रदराज़ महिला अगर भारी सामान लेकर जा रही है, तो निस्वार्थ भाव से उनकी मदद करें. उन्हें तो ख़ुशी मिलेगी ही, पर आपको भी कुछ कम सुकून नहीं मिलेगा.

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Happy
कुछ रिफ्रेशिंग हो जाएं

–     क्यों न आज थोड़ी मटरगश्ती कर लें. किसी पुराने दोस्त को उसके ऑफिस में या घर पर जाकर सरप्राइज़ दें. यक़ीन मानिए, एक ही दिन में आपके पूरे हफ़्ते का हैप्पीनेस मीटर रीचार्ज हो जाएगा.

–     गाने सुनने के शौक़ीन हैं, तो अपना मनपसंद गाना स़िर्फ सुनें नहीं, बल्कि गुनगुनाएं भी और अगर घर पर हैं, तो गाने पर थिरकें भी. मूड फ्रेश रखने के लिए म्यूज़िक से बेहतर थेरेपी कुछ नहीं.

–     खाने के शौक़ीन हैं, तो कुछ ऐसा चटपटा खाएं, जो बहुत दिनों से खाया न हो. मनपसंद डिश न स़िर्फ आपका मूड अच्छा करेगी, बल्कि एक ख़ुशी भी देगी.

–     हमेशा दूसरों को ही एंटरटेन न करें. कभी ख़ुद को भी एंटरटेन कर लें. आपके साथ-साथ आपकी फैमिली भी ख़ुश रहेगी.

–     मॉनसून तो वैसे ही बहुत रोमांटिक मौसम है, तो आज अपने पार्टनर के लिए कुछ ख़ास करें. उन्हें चॉकलेट, फूल या टेडी दें. इस रोमांटिक मौसम में आपका रोमांटिक अंदाज़ आपके पार्टनर के हैप्पीनेस मीटर को फुल चार्ज कर देगा.

–     हमेशा दूसरों के बारे में ही न सोचें. कभी-कभी ख़ुद के बारे में भी सोचें. ख़ुद की ख़ुशी के लिए भी कुछ चीज़ें करें. थोड़ा स्वार्थी होने में कोई हर्ज़ नहीं.

फैलाएं पॉज़िटिविटी

आजकल ज़्यादातर लोग सोशल मीडिया के ज़रिए आप तक बहुत-सी निगेटिव चीज़ें पहुंचाते रहते हैं, जिससे जाने-अनजाने आप लगातार निगेटिव ख़्यालों  से घिरे रहते हैं. इसे बदलना चाहते हैं, तो शुरुआत ख़ुद से करें.

–     व्हाट्सऐप पर किसी को ऐसी फोटोज़ या वीडियोज़ न भेजें, जिसे देखकर बुरा लगे. जोक्स, मोटिवेशनल बातें या कोट्स आपके साथ-साथ उनको भी ख़ुश करेंगे.

–     अगर आपके आसपास कोई निगेटिव बातें कर रहा है, तो उसे निगेटिव में भी पॉज़िटिव देखना सिखाएं.

–     सकारात्मक सोच आपके चेहरे पर एक मुस्कान की तरह है, जो हर व़क्त आपकी ख़ूबसूरती को निखारती रहती है. तो सुंदर दिखना चाहते हैं, तो मुस्कुराइए, खिलखिलाइए और दूसरों को भी ख़ुश रखिए.

–     निगेविट बात करनेवालों को बताएं कि कैसे सकारात्मक सोच आपके शरीर में अच्छी फीलिंग वाले हार्मोंस का स्राव करती है और आप अच्छा फील करते हैं.

चेक करें हैप्पीनेस मीटर

–     ऐसी कई बातें होती हैं, जो हमारे चेहरे पर मुस्कान लाती हैं. ध्यान दें कि किससे बातें करते समय आप सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं और जैसे ही आपको वो शख़्स मिले, जी भरकर उससे बातें करें.

–     कोई न कोई तो ऐसा होता है, जिसके बारे में सोचते ही आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. कोशिश करें कि उससे ज़्यादा से ज़्यादा मिलें. उसके साथ ज़्यादा समय बिताने की कोशिश करें.

–     दोस्तों-यारों के संग बिताई कौन-सी पुरानी यादें आपको गुदगुदाती हैं. उन यादों को दोबारा जीने की कोशिश करें.

–     घर से निकलते व़क्त अगर ‘अपना ख़्याल रखना’ कहने भर से आपके चेहरे पर स्माइल आती है, तो इसे अपनी आदत में शुमार करें.

–     पर्सनल लाइफ के अलावा प्रोफेशनल लाइफ में भी रोज़ कुछ अलग व क्रिएटिव करें, कभी काम में, कभी लुक्स में, तो कभी अपने कलीग्स की ख़ुशी के लिए.

–     अपने भीतर के छोटे मासूम बच्चे को कभी सीरियस न होने दें. वह हंसी-मज़ाक और शरारतों से आपको हमेशा ख़ुशहाल बनाए रखेगा.

– सुनीता सिंह

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Happy

सीखें ख़ुश रहने के 10 मंत्र

आज की लाइफस्टाइल में खुश रहना भी किसी चुनौती से कम नहीं, पर इन टिप्स को आज़माकर आप भी रह सकते हैं खुश और पॉज़िटिव

1 आप हैं तो सबकुछ है, इसलिए सबसे पहले ख़ुद से प्यार करना सीखें.

2 अगर आप ख़ुश हैं, तो आप दूसरों को भी ख़ुश रखते हैं. इसलिए अपनी ख़ुशियों को प्राथमिकता दें.

3 यदि आपको किसी से कुछ कहना है, तो कह दीजिए, क्योंकि कह देने से मन हल्का हो जाता है. यदि आप मन की बात कह नहीं सकते, तो उसे काग़ज़ पर लिख दीजिए, ऐसा करने से भी आप हल्का महसूस करेंगे.

4 रिश्ते अनमोल होते हैं, इसलिए अपने रिश्तों की क़द्र करें और उन्हें पर्याप्त समय दें.

5 दोस्तों के साथ हम सबसे ज़्यादा ख़ुश रहते हैं, इसलिए दोस्तों के साथ समय गुज़ारें.

6 किसी भी मनमुटाव को मन में रखने से मन भारी हो जाता है और तनाव बढ़ जाता है, ख़ुश रहने के लिए माफ़ करना सीखें.

7 आपकी उम्र चाहे जो होे, अपने भीतर के बच्चे को कभी बड़ा न होने दें. उसे शरारतें करने दें, तभी आप ज़िंदगी की असली ख़ुशी महसूस कर सकेंगे.

8 आप चाहे कितने ही बिज़ी क्यों न हों, अपने शौक़ के लिए समय ज़रूर निकालें. इससे आपको कभी बोरियत नहीं महसूस होगी और आप ज़िंदगी से हमेशा प्यार करेंगे.

9 ख़ुशी पाने से कहीं ज़्यादा ख़ुशी देने से संतुष्टि मिलती है, इसलिए जीवन में ऐसे काम ज़रूर करें जिनसे आप दूसरों के चेहरे पर ख़ुशी बिखेर सकें.

10 स्वस्थ और फिट रहें, क्योंकि बीमार शरीर कभी ख़ुश नहीं  रह सकता.

– वंशज विनय

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ख़ुशी और क़ामयाबी- अच्छा जीवन जीने के लिए ये 2 चीज़ें बेहद ज़रूरी हैं. लेकिन ये 2 चीज़ें हासिल करने के लिए आपको 10 चीज़ें सीखनी होंगी. ख़ुश रहना चाहते हैं, तो आप भी सीखें ये 10 चीज़ें.

1) जब भी ग़ुस्सा आए या किसी बात से नाराज़ हों तो अपनी भावनाओं को काग़ज़ पर उतार दें. जिस तरह कह देने से मन हल्का हो जाता है, उसी तरह अपनी भावनाओं को लिख देने से भी बहुत सुकून महसूस होता है. ज़रूरी नहीं कि आप नकारात्मक बातें ही लिखें, जब कोई बात या चीज़ अच्छी लगे, उसके बारे में भी अपनी डायरी में ज़रूर लिखें.

2) ज़रूरी नहीं कि हमेशा कुछ पाकर ही ख़ुशी मिले, कई बार दूसरों के चेहरे की मुस्कान भी बेइंतहा ख़ुशी देती है इसलिए दूसरों के लिए जितना कर सकें, ज़रूर करें.

3) स्थितियां हमेशा आप के अनुरूप ही हों ये मुमकिन नहीं, कई बार आपको विपरीत स्थितियों में मन मारकर भी रहना पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में हालात को कोसने के बजाय उनसे सामंजस्य बिठाने की कोशिश करें. ऐसा करके आप तनाव को कुछ हद तक कम कर सकते हैं.

4) कई लोग पहले काम को टालते जाते हैं, फिर एक साथ बहुत सारा काम देखकर तनावग्रस्त हो जाते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपना हर काम समय पर पूरा करें.

5) दूसरों की क़ामयाबी से कुढ़ने वाले कभी ख़ुश नहीं रहते. ऐसा करने की बजाय दूसरों की क़ामयाबी से प्रेरणा लेकर उन जैसा बनने का प्रयास करें.

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6) यदि आप अपने करियर से ख़ुश नहीं हैं, तो कोई पसंदीदा पार्ट टाइम कोर्स करें और नए सिरे से करियर की शुरुआत करें.

7) सुबह की शुरुआत ईश्‍वर के स्मरण और योग या एक्सरसाइज़ से करें. इससे मन की शांति तो मिलती ही है, आप दिनभर के लिए नई ऊर्जा भी मिलती है.

8) छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़ने की कोशिश करें यानी ख़ुश होने के मौ़के तलाशें. ऐसा करने से जीवन में आई हर छोटी-बड़ी समस्या से लड़ने का हौसला मिलता है.

9) हमारी अधिकतर समस्याएं हमारे अहम् के चलते शुरू होती हैं. यदि हम अहम् को त्याग दें तो न ही हम छोटी-छोटी बातों पर आहत होंगे और न ही तनावग्रस्त.

10) ख़ुश रहने के लिए सही लाइफ़ स्टाइल भी ज़रूरी है इसलिए रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं. साथ ही अच्छा खाएं, अच्छा सोचें और अच्छा महसूस करें.

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