Happy Buddh Purnima

बुद्ध पूर्णिमा

कैसे शांति से दुनिया को जीता जा सकता है और कैसे बिना हिंसा किए भी वर्चस्व के साथ ज़िंदा रहा जा सकता है, ये दुनिया को भगवान बुद्ध ने ही सिखाया. बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा की शुभ तिथि की शुरआत 10 मई को दोपहर 1 बजकर 7 मिनट से शुरू होगी और 11 मई की सुबह 3 बजकर 12 मिनट पर खत्म होगी. बुद्ध पूर्णिमा के दिन दुनियाभर से बौद्ध अनुयायी बोधगया आते हैं और भगवान की प्रार्थना करते हैं. बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आइए, जानते हैं भगवान बुद्ध की कुछ उपदेश, जिसे जीवन में उतारकर आप ख़ुशहाल जीवनयापन कर सकते हैं.

तीन चीजें छिपाई नहीं जा सकतीं- सूर्य, चंद्र और सत्य.

आपको अपने क्रोध के लिए दंडित नहीं किया जाएगा, आपको अपने क्रोध से दंडित किया जाएगा.

हम हमारे विचारों के अनुसार आकृति रखते हैं; जैसा हम सोचते हैं, वैसे हो जाते हैं.

इंसान जिस वस्तु के पीछे पड़ता है या जिसकी इच्छा सबसे अधिक रखता है, उसी को खो देता है.

शारीरिक आकर्षक स़िर्फ आंखों को आकर्षित करती है, लेकिन आपकी अच्छाई लोगों के मन को छू लेती है.

महज़ 29 साल की उम्र में अपना सबकुछ छोड़कर सत्य की खोज में निकल जाना और उसे प्राप्त कर परमात्मा बन जाना बुद्ध ही कर सकते हैं. राजा के घर में जन्म लेने के बाद भी भगवान बुद्ध ने सारे ऐश्‍वर्य छोड़कर सत्य की खोज में जीवन को लगा देना और मोक्ष प्राप्ति को बेहतर विकल्प समझा.

मेरी सहेली की ओर से सभी को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं!