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इन 6 Situations में कैसे हैंडल करें पार्टनर को? (How To Handle your partner in these 6 Situations)

How To Handle your partner

वैवाहिक जीवन (How To Handle your partner) में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. यही उतार-चढ़ाव रिश्तों की मज़बूती का पैमाना तय करते हैं. जिन कपल्स का दृष्टिकोण इन उतार-चढ़ावों के प्रति सकारात्मक होता है, वे आसानी से इन्हें पार कर जाते हैं और जिन अनहैप्पी कपल्स का नज़रिया नकारात्मक होता है, वेे इन मुश्किल परिस्थितियों से घबराकर हार मान लेते हैं. आइए जानें, दांपत्य जीवन की इन कठिन परिस्थितियों के बारे में, जिनसे दंपतियों को दो-चार होना पड़ता है.

How To Handle your partner

स्थिति नं. 1: जब पार्टनर की नौकरी छूट जाए

हैप्पी कपल्स: नौकरी छूटने पर दंपति एक-दूसरे के प्रति दया का भाव नहीं दिखाते, क्योंकि उन्हें अपने पार्टनर की काबिलीयत पर पूरा भरोसा होता है.
– उन्हें इस बात का एहसास रहता है कि उनका पार्टनर पहले से ही परेशान है, इसलिए उस पर व्यंग्य करने की बजाय उसे इमोशनली व मेंटली सपोर्ट करते हैं.
– पार्टनर को ख़ुश रखने का प्रयास करते हैं.
– हैप्पी कपल्स अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर बजट बनाते हैं और उसी के अनुसार अपनी वित्तीय समस्याओं को हल करते हैं.
– नौकरी छोड़ने के बाद भी हैप्पी कपल्स का नज़रिया सकारात्मक रहता है. अपने इसी सकारात्मक नज़रिए के कारण वे अपना अगला लक्ष्य तय करते हैं.
अनहैप्पी कपल्स: नौकरी छूटने के बाद दंपति तनावग्रस्त और चिड़चिड़े रहते हैं, जिससे घर की शांति भंग होती है.
– तनावग्रस्त और अवसाद से घिरने के कारण वे बातचीत करना बंद कर देते हैं.
– स्थिति को समझने की बजाय दंपति के बीच में छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़े होने लगते हैं.

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स्थिति नं. 2: जब पार्टनर वर्कोहॉलिक हो

हैप्पी कपल्स: कॉरपोरेट ऑफिस में काम के महत्व और पार्टनर की पोज़ीशन को ध्यान में रखते हुए कपल एक-दूसरे से कोई शिकायत नहीं करते.
– एक-दूसरे में बिज़ी या वर्कोहॉलिक होने का ताना नहीं देते.
– वर्कोहॉलिक होने पर भी हैप्पी कपल्स साथ बैठकर पारिवारिक ज़िम्मेदारियों का बंटवारा करते हैं, जिससे एक ही पार्टनर पर अनावश्यक बोझ न पड़े.
– एक पार्टनर के वर्कोहॉलिक होने पर दूसरा पार्टनर बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताता है.
– साथ ही परिवार की ज़रूरतों, पसंद-नापसंद का ख़्याल रखता है.
– हैप्पी कपल्स अपनी प्राथमिकताओं व लक्ष्यों की तुलना दूसरे दंपतियों के साथ नहीं करते.
– टाइम मैनेजमेंट टेकनीक को अपनाकर दंपति अपनी पारिवारिक ज़िम्मेदारियों को पूरा करते हैं.
– हैप्पी कपल्स की ख़ासियत होती है कि वर्कोहॉलिक और बिज़ी रूटीन होने के बाद भी ख़ुशियों के पल चुराना. अपनी इसी ख़ासियत की वजह से वे ख़ुश रहते हैं
अनहैप्पी कपल्स: वर्कोहॉलिक होने पर दंपति के बीच दूरियां बढ़ने लगती हैं, उनमें भावनात्मक लगाव कम होने लगता है.
– इस स्थिति में अनहैप्पी पार्टनर दूसरे पार्टनर के काम का महत्व नहीं समझते.
– एक-दूसरे की मनोस्थिति को समझने की कोशिश नहीं करते.
– असंतुष्ट दंपति अपनी तुलना दूसरों से करने लगते हैं.

स्थिति नं. 3: जब पार्टनर आर्थिक रूप से कमज़ोर हो

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हैप्पी कपल्स: ऐसे दंपति भविष्य की अनिश्‍चितताओं के प्रति सजग रहते हैं, इसलिए पहले से सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश करके रखते हैं.
– अपने बजट को ध्यान में रखकर ख़र्च और निवेश करते हैं.
– समय-समय पर निकलनेवाली निवेश योजना के प्रति जागरूक रहते हैं.
– फ़िज़ूलख़र्ची से बचने के लिए हर काम बजट बनाकर करते हैं.
– जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, ताकि पार्टनर की आर्थिक गतिविधियों की पूरी जानकारी मिलती रहे.
अनहैप्पी कपल्स: इस तरह के दंपति ख़र्च अधिक और बचत कम करते हैं.
– मनमाना बचत और ख़र्च करते हैं.
– आर्थिक मुद्दों पर निर्णय लेते समय पार्टनर के साथ सलाह-मशविरा नहीं करते.
– कोई काम बजट के अनुसार नहीं करते हैं, जिससे उन पर ख़र्चों का अनावश्यक बोझ बढ़ जाता है.
– बार-बार पार्टनर के आगे अपनी वित्तीय कमज़ोरियों का रोना रोते रहते हैं.
– आर्थिक रूप से कमज़ोर होने पर कुछ दंपतियों में असुरक्षा की भावना पनपने लगती है, जिसका बुरा असर उनके रिश्ते पर भी पड़ता है.

स्थिति नं. 4: जब पार्टनर के पास प्यार के लिए समय न हो?

हैप्पी कपल्स: ये दंपति रिलेशन बनाने के लिए एक-दूसरे पर दबाव नहीं डालते.
– रिलेशनशिप के दौरान अपनी भावनाओं को शेयर करते हैं.
– पार्टनर का मूड रोमांटिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते.
– अंतरंग क्षणों में उन्हें ख़ास होने का एहसास कराते हैं.
– सेक्सुअल प्रॉब्लम होने पर पार्टनर के साथ ज़ोर-ज़बर्दस्ती नहीं करते.
– घर के झगड़ों को बेडरूम में लेकर नहीं जाते.
अनहैप्पी कपल्स: सेक्सुअल संतुष्टि (यौन संतुष्टि) न मिलने पर एक-दूसरे पर दोषारोपण करने लगते हैं.
– एक-दूसरे की भावनाओं का ख़्याल नहीं रखते.
– मन-मुटाव होने पर बातचीत करना छोड़ देते हैं.

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स्थिति नं. 5: जब एक पार्टनर गंभीर रूप से बीमार (या कोई संक्रमित रोग होने पर) हो?

हैप्पी कपल्स: ऐसी स्थिति में दंपति एक-दूसरे को मॉरल सपोर्ट देते हैं.
– बीमार पार्टनर को अकेला छोड़ने की बजाय आपस में लगातार बातचीत करते रहते हैं, उसे ख़ुश रखने का प्रयास करते हैं.
– पार्टनर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं.
– उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताते हैं और उसे नॉर्मल होने का एहसास कराते हैं.
अनहैप्पी कपल्स: पति/पत्नी के गंभीर रूप से बीमार होने पर दूसरा पार्टनर ख़ुद को बेचैन या निराश महसूस करता है.
– जिन पार्टनर्स में आत्मविश्‍वास की कमी होती है, वे बिल्कुल सपोर्ट नहीं करते या फिर बिना बोले ही पीछे हट जाते हैं.
– ख़ुद को अकेला, दुखी और तनावग्रस्त महसूस करते हैं.
– अनहैप्पी कपल्स पार्टनर के साथ अपनी भावनाओं को शेयर नहीं करते, जिससे उनके रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगती हैं.

स्थिति नं. 6: पार्टनर पर हाथ उठाना

हैप्पी कपल्स: ऐसे दंपतियों के बीच प्यार, विश्‍वास, सहयोग व समर्पण की भावना इतनी मज़बूत होती है कि उनके बीच ऐसी स्थितियां कभी उत्पन्न नहीं होतीं.
अनहैप्पी कपल्स: दंपति के बीच ऐसी स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब वे अपने रिश्ते से ख़ुश नहीं होते हैं.
– ग़ुस्सा, जलन, शक और नफ़रत के कारण दूसरे पार्टनर पर हाथ उठाते हैं.
– रिश्तों में तनाव होने पर आपस में दोषारोपण करने लगते हैं.
– यदि पार्टनर शक्की हो, तो धीरे-धीरे रिश्ते में विश्‍वास कम होने लगता है.

– पूनम नागेंद्र शर्मा

रिश्ते से डिलीट करें इन 10 आदतों को (10 Habits Happy Couples Must Delete for Happy Relationship)

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पति-पत्नी का रिश्ता प्यार, विश्‍वास और अपनेपन से मज़बूत बनता है, पर अगर पति-पत्नी की कुछ बुरी आदतें रिश्ते को नुक़सान पहुंचाने लगें, तो ऐसी आदतों को तुरंत डिलीट कर देना चाहिए, वरना गृहस्थी की गाड़ी को डगमगाने में देर नहीं लगती.

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आदत- बातें छिपाना या झूठ बोलना

शादीशुदा ज़िंदगी में अक्सर पति-पत्नी एक-दूसरे से कई बातें छुपाते हैं, बहाने बनाते हैं और अपनी ग़लतियों को छुपाने के लिए अक्सर झूठ भी बोलते हैं, पर हमें यह एहसास ही नहीं होता कि ये छोटे-छोटे झूठ हमारे रिश्ते को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं. और सबसे बड़ी बात कि ये आपके रिश्ते से विश्‍वास को ख़त्म कर देते हैं.
डिलीट करें: अगर आपसे कोई ग़लती हुई है, तो झूठ बोलने की बजाय उसे मान लें. पार्टनर को इस बारे में बताएं, भले ही उस समय पार्टनर आपसे ग़ुस्सा होगा, लेकिन आपकी बात को ज़रूर समझेगा और सबसे बड़ी बात आपके रिश्ते में हमेशा विश्‍वास बना रहेगा.

आदत- बदलने की कोशिश करना

यह एक बहुत ही ख़तरनाक आदत है. कभी-कभी तो लगता है कि लोग एक-दूसरे को सुधारने के मक़सद से ही शादी करते हैं, ख़ासकर नए शादीशुदा जोड़े, जो सब कुछ अपने मुताबिक़ चाहते हैं. याद रहे, आपकी यह आदत पार्टनर को ग़ुस्सा दिलाने और चिड़चिड़ा बनाने के लिए काफ़ी है, जो आपके रिश्ते के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं.
डिलीट करें: शादी का मतलब एक-दूसरे को अपने मुताबिक़ ढालना नहीं, बल्कि ज़रूरत के मुताबिक़ ढल जाना है. आपको यह बात समझनी होगी कि आप दोनों ही अब तक अलग-अलग माहौल में पले-बढ़े हैं, जिससे आपकी आदतें भी काफ़ी अलग हैं, पर इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि आपकी आदतें अच्छी हैं और उनकी ग़लत. अपने रिश्ते को थोड़ा समय दें और एक-दूसरे को समझने की कोशिश करें.

आदत- फॉर ग्रांटेड लेना

अक्सर शादी के कुछ सालों बाद लोग अपने रिश्ते को फॉर ग्रांटेड लेने लगते हैं. फॉर ग्रांटेड लेना यानी पार्टनर व रिश्ते के प्रति
लापरवाही भरा रवैया अपनाना, उसके त्याग-समर्पण को महत्व न देना आदि. आपका यह रवैया आपके पार्टनर के मन में आपके लिए चिढ़ और ग़ुस्से के अलावा कुछ और नहीं लाएगा.
डिलीट करें: अपने रिश्ते को इससे बचाना आपकी ज़िम्मेदारी है. पार्टनर जब भी आपके लिए कुछ स्पेशल करता है या आपकी किसी समस्या को बिना कहे सुलझा देता है, तो ङ्गथैंक्यूफ कहकर उसे प्रोत्साहित करें और कोशिश करें कि आप भी समय-समय पर कुछ ऐसा करें, जिससे आपके रिश्ते में हमेशा गर्माहट बनी रहे.

आदत- बातचीत से उठकर चले जाना

अक्सर पार्टनर्स अपनी बात कहकर, सामनेवाले की बात बिना सुने वहां से हट जाते हैं. उन्हें लगता है कि इससे वो बहस को टाल रहे हैं, पर वो यह नहीं जानते कि अपने पार्टनर को अपनी बात रखने का मौक़ा न देकर, वो उसके साथ ज़्यादती कर रहे हैं. ऐसा करने से पार्टनर को बुरा लग सकता है, जिससे वो अगली बार किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखना बंद कर सकता है. इससे रिश्ते में खटास आती है, जो आपके रिश्ते को बिगाड़ सकती है.
डिलीट करें: पति-पत्नी के बीच यह एक नियम होना चाहिए कि जब भी एक किसी समस्या या मुद्दे पर अपनी बात रख रहा हो या सफ़ाई मांग रहा हो, तो दूसरा उसे सुनेगा और उस पर अपनी राय रखेगा और किसी भी हाल में वहां से उठकर नहीं जाएगा. यह नियम आपकी हर समस्या को सुलझा देगा. इस ख़्याल को दिमाग़ से निकाल दें कि उठकर चले जाने से आप बात को ख़त्म कर रहे हैं, बल्कि आप उसे और बढ़ा रहे हैं.

आदत- हर बात में तुलना करना

तुलना किसी को भी अच्छी नहीं लगती, क्योंकि हर व्यक्ति अपनी समझ व क्षमतानुसार काम व व्यवहार करता है, पर कुछ लोगों की आदत होती है, हर बात में पार्टनर की तुलना अपने दोस्तों, पड़ोसी या कलीग्स से करने की. हमेशा तुलना का मकसद पाटर्नर को नीचा दिखाना ही नहीं होता है, बल्कि जाने-अनजाने की गई तुलना भी किसी के आत्मविश्‍वास को कमज़ोर कर सकती है. इसलिए इस तुलनात्मक आदत से अपने रिश्ते को कमज़ोर न होने दें.
डिलीट करें: किसी भी रिश्ते की मज़बूती दो लोगों के मान-सम्मान से बनती है, पर अगर आपके पार्टनर का आत्मविश्‍वास ही कमज़ोर हो, तो भला वह अपने रिश्ते को क्या मज़बूती देगा. पार्टनर का मान-सम्मान आपकी ज़िम्मेदारी है, इसे निभाएं और हर बात में किसी और से तुलना करना छोड़ दें.

आदत- पार्टनर पर नज़र रखना

पार्टनर के मोबाइल में कॉल लॉग चेक करना, सभी मैसेजेस पढ़ना, ईमेल और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर नज़र रखना कुछ लोगों की आदत होती है. इस तरह नज़र रखने का मतलब है कि आप अपने पार्टनर पर शक कर रहे हैं और आपको उन पर विश्‍वास नहीं. ऐसा करके आप अपने पार्टनर के विश्‍वास को तोड़ते हैं, जो आपके रिश्ते के लिए ठीक नहीं.
डिलीट करें: पार्टनर पर नज़र रखने से पहले यह ध्यान रखें कि हर व्यक्ति का अपना पर्सनल स्पेस होता है, जिसमें अतिक्रमण किसी को भी पसंद नहीं आता. आपको हर व़क्त सैटेलाइट बनकर घूमने की ज़रूरत नहीं, अपने पार्टनर पर विश्‍वास करना भी सीखें. कुछ लोग एहतियात के तौर पर ऐसा करते हैं, ताकि समय रहते अपने रिश्ते को संभाल सकें, पर अक्सर बेवजह का शक रिश्तों को बर्बाद कर देता है. अगर आपके मन में कोई बात है, तो जासूसी करने की बजाय पार्टनर से आमने-सामने बैठकर बात करें.

आदत- दूसरों के सामने बेइज़्ज़ती करना

दूसरों के सामने ख़ुद की अहमियत बढ़ाने के लिए पार्टनर की बेइज़्ज़ती करना एक बचकानी आदत है. इसका इस्तेमाल ज़्यादातर पुरुष करते हैं, पर महिलाएं भी इस मामले में पीछे नहीं. ऐसा करनेवाले पार्टनर्स अक्सर यह भूल जाते हैं कि उनकी इस आदत को लोग उनके रिश्ते की असफलता मानते हैं.
डिलीट करें: पति-पत्नी का व्यवहार घर-बाहर एक समान होना चाहिए. आप एक-दूसरे का सम्मान जितना घर में करते हैं, उतना ही दूसरों के सामने भी करें. अगर कभी मन-मुटाव भी हो गया है, तो उसे अपने घर के बाहर न ले जाएं. दूसरों के सामने हमेशा अपने पार्टनर की तारीफ़ करें, पर अगर यह नहीं कर सकते, तो कम से कम ऐसी बात न कहें, जिससे उन्हें बेइज़्ज़ती महसूस हो.

आदत- हर व़क्त कमियां गिनाना

आप किसी काम के नहीं हो,फ ङ्गआपने ऐसा क्यों किया,फ ङ्गआपको कुछ आता भी है,फ जैसे उलाहनों से अपने पार्टनर की कमियां गिनाना बहुत ग़लत आदत है. पार्टनर में कमियां और ख़ामियां निकालना बहुत आसान है, पर उनकी ख़ूबियों को पहचानकर उनकी तारीफ़ करना बहुत मुश्किल.
डिलीट करें: पति-पत्नी का फज़र्र् एक-दूसरे की कमियां गिनाना नहीं, बल्कि उन कमियों के साथ अपनाना है. आख़िर कमियां किसमें नहीं होतीं, इस दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं है. हम सबमें कुछ न कुछ कमी है. शादी का मतलब ही होता है, पार्टनर को उसकी ख़ूबियों और कमियों के साथ अपनाना, फिर शिकायत किस बात की. पार्टनर की कमियां गिनाने से पहले ख़ुद का आकलन भी कर लें. अगर आप परफेक्ट नहीं, तो भला दूसरों से ऐसी उम्मीद क्यों.

आदत- इमोशनल ब्लैकमेल करना

अपने पार्टनर को इमोशनली ब्लैकमेल करना कुछ लोगों की आदत में शुमार होता है. अक्सर अपनी ज़िद मनवाने के लिए कपल्स इसका इस्तेमाल करते हैं. ङ्गङ्घअगर आप मुझसे प्यार करते हैं, तो ऐसा ज़रूर करेंगे…फफ जैसी इमोशनल बातों से अपनी ज़िद मनवाते हैं. अपनी बात को मनवाने के लिए कभी रोना-धोना, तो कभी सेक्स को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं.
डिलीट करें: अपने पार्टनर को इमोशनली ब्लैकमेल करके भले ही आप अपनी बात मनवा लेते हैं, पर इससे पार्टनर आपको ज़िद्दी और स्वार्थी समझने लगता है. उनके मन में अपनी ऐसी छवि न बनने दें और जल्द से जल्द अपनी इस आदत को डिलीट करें.

आदत- स़िर्फ अपने बारे में सोचना

मेरी पसंद, मेरी आदतें, मेरा विचार, मेरा रहन-सहन, मेरा कंफर्ट… जैसी बातें आपके वैवाहिक जीवन के लिए उचित नहीं. अपने बारे में सोचना अच्छी आदत है, पर स़िर्फ अपने बारे में सोचकर पार्टनर को तवज्जो न देना सही नहीं है, जो आपके वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित करता है. शादी का मतलब पहले स़िर्फ मैं नहीं, बल्कि हम होता है, इस बात को समझें.
डिलीट करें: ध्यान रखें, वैवाहिक जीवन दो लोगों से जुड़ा रिश्ता है. शादी में कई समझौते करने पड़ते हैं, इसलिए हमेशा ख़ुद को आगे रखने की बजाय, अपने रिश्ते को आगे रखें, जिससे आपकी शादीशुदा ज़िंदगी हमेशा ख़ुशहाल बनी रहे.

– सुनीता सिंह

8 सुपर इफेक्टिव ट्रिक्सः कपल्स कैसे करें झगड़े की हैप्पी एंडिंग? (8 Super effective tricks for happy ending of couples’s fight)

Happy ending of couples's fight

पति-पत्नी के रिश्ते में झगड़ा-तकरार कोई बड़ी बात नहीं है, मगर जब ये हद से ज़्यादा बढ़ जाए, तो मुश्किलें ज़रूर खड़ी हो जाती हैं. हम आपको ये एडवाइस तो दे नहीं सकते कि पार्टनर से कभी नहीं झगड़ें, क्योंकि ये संभव नहीं, मगर आप झगड़े की हैप्पी एंडिंग (Happy ending of couples’s fight) करके अपने रिश्ते में प्यार ज़रूर बनाए रख सकते हैं.

 Anger Management
सीखें एंगर मैनेजमेंट

हर इंसान का व्यवहार और पेशेंस लेवल अलग-अलग होता है. कुछ लोगों को छोटी-छोटी बातों पर ग़ुुस्सा आ जाता है, तो कुछ ऐसे भी होते हैं, जिन्हें दूसरों की बड़ी से बड़ी ग़लती पर भी ग़ुस्सा नहीं आता. यदि आप पहली कैटेगरी में आते हैं, तो आपको एंगर मैनेजमेंट के लिए प्रयास करना चाहिए. पति-पत्नी के झगड़ों में यह बहुत काम आता है, वरना तर्क-वितर्क और बहस से बात बहुत बढ़ जाती है. कई बार ये झगड़े रिश्ता टूटने की वजह भी बन जाते हैं.
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जब भी झगड़े की बात उठे, गहरी सांस लें और ख़ुद पर काबू रखें. पार्टनर के बारे में नेगेटिव विचार आते ही अपने रिश्ते के 5 पॉज़िटिव पॉइंट्स याद करें. आपका ग़ुस्सा ठंडा हो जाएगा.

शॉर्ट ब्रेक लें

जब पति-पत्नी के बीच बहुत बहस हो रही हो और लगे कि बात बहुत बढ़ जाएगी, तो बेहतर होगा कि दोनों एक क़दम पीछे हट जाएं और बहस बंद कर दें. यदि आपका पार्टनर बहुत ग़ुस्से में है, तो आप ख़ुद ही बहस बंद कर दें और कहें, ङ्गङ्घमुझे इस बारे में अभी बात नहीं करनी. मैं ग़ुस्से में हूं. मुझे अकेला छोड़ दो.फफ ऐसा करना इसलिए ज़रूरी है, क्योंकि ग़ुस्से में मुंह से अपशब्द निकल जाते हैं, जिससे सामने वाले के दिल को ठेस पहुंचती है और संबंधों में दूरियां भी आ सकती हैं.
स्मार्ट मूव
झगड़े के व़क्त यदि एक पार्टनर चुप रहता है, तो झगड़ा आगे नहीं बढ़ता. बाद में दिमाग़ शांत होने पर आपस में बात करें, क्योंकि तब आप सही निर्णय ले पाएंगे.

स्वयं के लिए समय निकालें

वर्किंग महिलाएं हों या हाउसवाइफ दोनों ही अपने आप को काम में इतना व्यस्त कर लेती हैं कि उनके पास ख़ुद के लिए भी समय नहीं रहता. कई महिलाएं तो यहां तक कहती हैं कि उन्हें पति और बच्चों के काम में ही आनंद मिलता है. उन्हें अपने लिए अलग से समय निकालने की ज़रूरत ही महसूस नहीं होती, मगर ऐसा नहीं है, हर व्यक्ति को स्ट्रेस होता है और उसका बाहर निकलना बहुत ज़रूरी है, इसलिए म्यूज़िक सुनें, वॉक पर जाएं या अपनी पसंद का कोई ऐसा काम करें, जिससे आपको ख़ुशी व संतुष्टि मिले. इससे तनाव दूर हो जाएगा और आप चैन की नींद सो पाएंगी और सुबह उठने पर आप बिल्कुल फ्रेश महसूस करेंगी.
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अपने मन मुताबिक़ कोई काम करने से मूड अच्छा होता है, चिड़चिड़ापन नहीं होता और झगड़े भी नहीं होते, इसलिए स्वयं के लिए अवश्य समय निकालें.

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तोलमोल कर बोलें

कई बार बातचीत में ग़लत शब्दों के इस्तेमाल से भी पति-पत्नी में बहस हो जाती है, इसलिए बातचीत करते समय हमेशा सौम्य, परंतु प्रभावशाली शब्दों का प्रयोग करें. केवल पार्टनर से ही नहीं, हर किसी से बात करते समय यह ध्यान रखें. बेहतर होगा कि इसे अपनी आदत बना लें.
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यदि आपस में झगड़े का कोई भी मुद्दा उठे, तो उस मुद्दे पर चुप रहने की बजाय अपनी राय और भावनाएं साफ़, मगर सौम्य शब्दों में पार्टनर तक पहुंचाएं.

शांत रहें और सुनें

जब आप शांत होते हैं और अच्छा महसूस करते हैं, तब आप बातों को सुनने में ज़्यादा सक्षम होते हैं. समस्या छोटी हो या बड़ी हमेशा दूसरे की बात शांति से सुनने पर ही वो हल होगी. दूसरों की बात सुनने की कला अचानक नहीं आती, इसके लिए प्रैक्टिस करनी पड़ती है, ख़ासकर छोटे बच्चों के साथ. इसके अलावा मेडिटेशन से भी काफ़ी मदद मिलती है.
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एक बार यदि आप सुनने की कला सीख गए, तो यक़ीन मानिए, झगड़ों पर जैसे विराम लग जाएगा. साथ ही आप बेहतर महसूस करेंगे और समझ जाएंगे कि तर्क-वितर्क और बहस से कुछ हासिल नहीं होता.

मूड बनाए रखें

कई बार कपल्स ऑफिस या यहां-वहां का ग़ुस्सा एक-दूसरे पर निकालते हैं. यह आदत अच्छी नहीं है. आपको ध्यान रखना होगा कि जब आप साथ हों, तो ग़ुस्से या क्लेशवाली बात बिल्कुल भी ना करें. हंसते-
मुस्कुराते हुए एक-दूसरे के साथ समय बिताएं.
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पार्टनर के साथ जोक्स व ख़ुशनुमा बातें शेयर करें. इससे आप दोनों का मूड अच्छा रहेगा और आप किसी भी समस्या का हल आसानी से निकाल सकेंगे.

यादें शेयर करें

अपने अच्छे दिनों को याद करें. उन पलों को याद करें जो आपने साथ गुज़ारे हैं. उन जगहों को याद करें, जहां आपकी रूमानी यादें जुड़ी हुई हैं. पुरानी फोटो देखें. यक़ीन मानिए, इस तरह यादों को अपडेट और शेयर करने से आप वर्तमान की बहस को भूल जाएंगे.
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यादें आपको एक-दूसरे को समझने में, अपनी भावनाएं व्यक्त करने में मदद करेंगी. आप भूल जाएंगे कि थोड़ी देर पहले आपकी पार्टनर से अनबन हुई थी.

स्पर्श का कमाल

पति-पत्नी के बीच की बहस कई बार लंबी छिड़ जाती है, जिसका कोई समाधान नहीं निकलता. बहस में हर बार उंगली एक-दूसरे पर उठती है, पर यही उंगलियां यदि दूसरे का हाथ पकड़ लें तो? हाथों में हाथ, कंधे पर सिर और जादू की झप्पी, सच हमसफ़र का स्पर्श कमाल कर जाता है.
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बहस के दौरान कपल्स का ऐसा व्यवहार एक-दूसरे के गिले-शिकवे भुला देता है और रिश्ते की गाड़ी फिर से पटरी पर आ जाती है.

कब झगड़ा/बहस ना करें?

– ऑफिस या बाहर जाते समय.
– बच्चों के सामने.
– जब आपके आसपास अन्य लोग हों.
– जब आप दोनों में से कोई एक ड्राइविंग कर रहा हो.
– जब आप बहुत थके हुए हों.
– जब आप भूखे/तनाव में हों.
– जब आप शराब पिए हुए हों.
– ख़ास दिनों, जैसे- बर्थडे, एनिवर्सरी या त्योहार पर.

– सुषमा श्रीराव

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परफेक्ट कपल बनने के स्मार्ट ट्रिक्स (Smart tricks for perfect couple)

Smart tricks for perfect couple

Smart tricks for perfect couple

जब भी ज़िंदगी की धूप ने थकाया, तेरा आंचल बना मेरा साया… जब भी ज़माने ने सताया, मैं तेरे ही पास चला आया… तेरी पलकों की छांव में ही मिलती हैं मुझे राहतें, तेरी बांहों की पनाह में ही पलती हैं मेरी हसरतें… उलझाती है ये दुनिया अपने सवालों में, सुलझ जाता हूं मैं पाकर सारे जवाब तेरी निगाहों में… तू और मैं एक ही हैं, दो नहीं… तेरे ही वजूद से है मेरा अक्स, जो तू नहीं तो मैं नहीं!  

जब दो दिल एक जान बन जाते हैं, तभी बनता है सच्चा रिश्ता और ऐसे लोगों को ही हम कहते हैं परफेक्ट कपल. यह परफेक्शन (Smart tricks for perfect couple) आप भी अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में ला सकते हैं, बस ज़रूरत है ज़रा-सी सलाह व समझदारी की. सलाह हम देंगे, जिसे समझदारी से आपको अपने जीवन में लागू करना होगा और आप भी बन जाएंगे परफेक्ट कपल.

स्मार्ट ट्रिक्स (Smart tricks for perfect couple)

आप जैसे हैं वैसे ही रहें, साथ ही अपने पार्टनर को भी उसके उसी रूप में स्वीकारें: एक अच्छी रिलेशनशिप की शुरुआत ही एक्सेपटेंस यानी स्वीकारने के भाव से होती है. कपल्स को कभी भी एक-दूसरे को बदलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और न ही एक-दूसरे से परफेक्शन की उम्मीद करनी चाहिए.

शेयररिंग ज़रूरी है: जब आप एक रिश्ते में बंधे होते हैं, तो मन में यह बात नहीं आनी चाहिए कि यह मेरा है और यह तेरा. जो भी कुछ है आप दोनों का है. आप पर आपके पार्टनर का भी हक़ है, इसलिए शेयरिंग बेहद ज़रूरी है, फिर चाहे वो बातें शेयर करना हो या कोई छोटी से छोटी चीज़. इससे आपकी बॉन्डिंग स्ट्रॉन्ग होगी.

बहुत ज़्यादा रोक-टोक न करें: जो चीज़ आपके पार्टनर को ख़ुशी देती हो, उसे करने दें. हर बात पर एक-दूसरे को रोकना-टोकना ठीक नहीं. अगर आपके पति को दोस्तों के साथ पार्टी करने का मन है, तो करने दें. इसी तरह यदि पत्नी को भी शॉपिंग करनी हो, तो उसे उत्साहित करें, न कि ताना दें.

तुम्हें जिससे प्यार है, मुझे भी उससे प्यार है: एक-दूसरे को यह एहसास दिलाते रहें कि आप दोनों को ही एक-दूसरे की पसंद से प्यार है. अक्सर ज़्यादातर कपल्स एक-दूसरे के रिश्तेदारों को पसंद नहीं करते और यही बातें झगड़े की वजहें भी बनती हैं. आप यही सोचें कि शादी के बाद आपको एक-दूसरे के परिवारों को स्वीकारना ही होगा, आख़िर वो आपका भी परिवार है अब.

एक-दूसरे के स्वभाव के अंतर को सकारात्मक रूप से लें: दो अलग चीज़ें भी मिलकर लाजवाब हो सकती हैं, इसी थ्योरी को ध्यान में रखें और एक-दूसरे के अलग व्यक्तित्व को सराहें और इस अंतर को एंजॉय करें. कभी भी एक जैसा बनने की कोशिश करने की ग़लती न करें.

जलन की भावना को बहुत ज़्यादा हावी न होने दें: यह इंसानी फ़ितरत है कि कभी न कभी हमें किसी न किसी बात से ईर्ष्या या द्वेष होता ही है. लेकिन इन कमज़ोरियों को इतना हावी न होने दें कि आपके रिश्ते को ये प्रभावित करने लगें. मन में बेवजह के शक व शंकाएं न पालें. भरोसा करना सीखें.

समस्या से बचें या भागें नहीं: आपके दिन की शुरुआत आपके पार्टनर से होती है, तो झगड़ा या विवाद होने की स्थिति में आपकी शाम भी एक-दूसरे से बिना बात किए नहीं ढलनी चाहिए. रात को मुंह फेरकर मन में ग़ुस्सा रखने से समस्या अगले दिन तक खिंच जाती है. बेहतर होगा उसे उसी दिन बात करके सुलझा लिया जाए.

सरल बनें, ख़ुश रहें: रिश्तों में हम जितना ज़्यादा सरल बनेंगे और छल-कपट से दूर रहेंगे, रिश्ते उतने ही मज़बूत बनेंगे. आप दोनों साथ इसीलिए हो कि एक-दूसरे को अपनी उपस्थिति से ख़ुश रख सकें, जीने का हौसला व उमंग दे सकें. हमेशा इस बात को ध्यान में रखेंगे, तो कोई भी नकारात्मक विचार हावी नहीं होगा.

जो तुम्हारी पसंद, वही मेरी पसंद: अगर आप दोनों की पसंद और रुचियां अलग भी हैं, तो भी एक-दूसरे की हॉबीज़ में दिलचस्पी लेना सीखें. पति को क्रिकेट मैच पसंद है और पत्नी को कुकरी शो, ऐसे में क्रिकेट के वक़्त पत्नी कोसे और कुकरी शो के वक़्त पति, तो छोटी-सी बात का बतंगड बनते देर नहीं लगेगी. और अगर पत्नी भी थोड़ा क्रिकेट में रुचि दिखाए व पति कुकिंग में तो बात बन जाए.

Smart tricks for perfect couple

अपने प्रॉमिसेज़ ब्रेक न करें: एक-दूसरे से वादा करें, तो हर हाल में निभाएं, वरना विश्‍वास खोता चला जाता है. भले ही किसी मूवी या डिनर का भी वादा किया हो, तो अगर किसी कारणवश निर्धारित दिन को न जा पाएं हों, तो किसी और दिन प्लान करें. इससे यह संदेश जाएगा कि आप पार्टनर की ख़ुशी का ख़्याल रखते हैं और अपने वादे ज़रूर निभाते हैं.

चीटिंग न करें: आपके पास दुनिया का सबसे अच्छा पार्टनर है, तो भला किसी और से फ्लर्ट क्यों करना. अक्सर फ्लर्टिंग के चक्कर में ही इमोशनल रिश्ते बन जाते हैं, जिससे समस्या हो सकती है. फ्लर्ट ही करना है, रोमांस ही करना है, तो एक-दूसरे से करें, इससे आपके रिश्तों की गर्माहट भी बनी रहेगी और वो गहरा भी होगा.

प्यार का इज़हार करते रहें: प्यार का इज़हार आपके रिश्ते में रोमांस को बरक़रार रखता है, इसलिए कभी फोन पर, तो कभी मैसेज द्वारा आई लव यू जैसे प्यारे शब्द कहते रहें.

अच्छे सपोर्टर बनें: ऑफिस के काम में या फिर घर की किसी भी ज़िम्मेदारी में एक-दूसरे का हाथ बंटाएं. अपनी तरफ़ से हमेशा पूछते रहें कि क्या हम आपकी मदद कर सकते हैं? अक्सर पत्नियां यह सोचती हैं कि घर-प्रापर्टी या पति के प्रोफेशन से जुड़ी परेशानियों में वो कुछ नहीं कर सकतीं और पति यह सोचते हैं घरेलू ज़िम्मेदारियां, रिश्ते-नाते तो पत्नी का डिपार्टमेंट है. यह सोच न रखें, आप दोनों को ही हर वक़्त, हर मौ़के पर एक-दूसरे के सहयोग की ज़रूरत होती ही है. एक-दूसरे को सपोर्ट करते रहें.

कॉम्प्लिमेंट्स देना कभी न भूलें: चाहे लुक्स के मामले में हो, फिटनेस के मामले में या फिर किसी कामयाबी पर भी एक-दूसरे को कॉम्प्लिमेंट ज़रूर दें.  आपकी सराहना आपके पार्टनर के लिए ख़ास मायने रखती है. वो उम्मीद करते हैं कि अपने साथी से उन्हें कॉम्प्लिमेंट मिले.

जो आदतें या बातें नापसंद हों, उन्हें भी कहें: ज़्यादातर रिश्ते कुछ ग़लतफ़हमियों के चलते ही टूटते हैं. ये ग़लतफ़हमियां तब होती हैं, जब हमें एक-दूसरे की आदतें पसंद नहीं होतीं. बेहतर होगा कि जो बातें पसंद न हों या जिन्हें लेकर विवाद होता हो, उन्हें आपसी बातचीत से सुलझा लें.

पर्सनल अटेंशन दें: आप दोनों कितने ही बिज़ी क्यों न हों, पर एक-दूसरे के लिए समय ज़रूर निकालें. दो-चार दिन की छुट्टि लेकर कहीं बाहर जाएं, जहां स़िर्फ आप दोनों ही हों. परिवार की भीड़ में भी सबसे नज़रें बचाकर थोड़ी-बहुत शरारतें ़व छेड़छाड़ जरूर करें. यही पर्सनल अटेंशन आप दोनों को और क़रीब लाएगी और आप कहलाएंगे परफेक्ट कपल.

पति-पत्नी नहीं, दोस्त बनें: दोस्ती का रिश्ता बहुत अनमोल और सबसे अलग होता है. हम अपने दोस्तों के साथ सबकुछ शेयर कर सकते हैं, क्योंकि हमें यह पता होता है कि वो ही हैं, जो हमें समझ सकते हैं, हमारा भला चाहते हैं और वो हमारी बुरी बातों और अदतों पर भी जजमेंटल नहीं होंगे. यही विश्‍वास पति-पत्नी के बीच जबतक नहीं बनेगा, तब तक वो परफेक्ट कपल नहीं बन पाएंगे. ऐसा विश्‍वास जहां पता हो कि यह तो हमारा दोस्त है, यही हमें समझ पाएगा और किसी भी बात का बुरा नहीं मानेगा.

एक-दूसरे को कंट्रोल करने की कोशिश कभी न करें: एक-दूसरे को मुट्ठी में रखने की जो हमारे यहां प्रवृत्ति है, उससे बाहर निकलें. डॉमिनेटिंग होने की कोशिश में आप अपने साथी से दूर न हो जाएं कहीं. कभी भी अपने साथी को प्रभावित करने या उसे कंट्रोल करने की कोशिश न करें. आप दोनों जीवनसाथी हैं, ख़ुद को एक-दूसरे का प्रतिस्पर्धी न समझें.

साथी की कमज़ोरियों और इनसेक्योरिटीज़ को समझें: आप जानते हैं कि आपका साथी किन बातों पर जल्दी अपसेट हो जाता है और आपका कौन-सा व्यवहार उसमें असुरक्षा की भावना को बढ़ता है, ऐसे में सबसे अच्छा होगा कि वो बातों और व्यवहार न किया जाए, जिससे साथी को तकलीफ़ होती है. कई बार मात्र अपने मज़े के लिए पार्टनर को जलाने के उद्देश्य से भी लोग ऐसी चीज़ें करते हैं. उन्हें लगता है पार्टनर को जलाने से उनमें प्यार और बढ़ेगा, लेकिन यह सोच ग़लत है. ऐसा करके आप उन्हें हर्ट करेंगे, न कि प्यार बढ़ाएंगे.

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कुछ बातें न बताना ही बेहतर होता है: माना आपको ईमानदार रहना चाहिए और सब कुछ शेयर करना चाहिए, लेकिन अगर आपको किसी के प्रति कोई आकर्षण महसूस हो रहा है या आपकी कोई सेक्सुअल फैंटसी है, तो उसे शेयर न ही करें, तो बेहतर होगा, क्योंकि भले ही आपका साथी कितना ही समझदार क्यों न हो, पर इन मामलों में मन में बेवजह की शंका घर कर सकती है.

ख़ुद को पार्टनर की जगह रखकर सोचें: जब भी कोई वाद-विवाद या बहस हो जाए या पार्टनर से अनबन हो, जो उसकी प्रतिक्रिया को एकदम से सही-ग़लत कहकर मुंह न फुला लें. हमेशा ऐसी परिस्थितियों में ख़ुद को एक-दूसरे की जगह रखकर ज़रूर सोचें कि अगर आप उनकी जगह होते, तो आप कैसे रिएक्ट करते और आपको कैसा लगता. यक़ीन मानिए इससे बहुत हद तक समस्या और आपसी विवाद सुलझ जाएगा.

कभी-कभी एक-दूसरे को अकेला भी छोड़ें: अगर आपके पार्टनर का मूड ठीक नहीं और वो कुछ देर अकेले रहना चाहे, तो भी पीछे न पड़े रहें कि मूड ख़राब होने की वजह वो आपको उसी वक़्त बताए. उसे समय दें, थोड़ी देर बाद वो ख़ुद ही आपसे शेयर करेंगे/करेंगी. स्पेस देना बहुत ज़रूरी है, वरना एक-दूसरे से खीझ होने लगती है.

शुक्रिया अदा करना सीखें: अक्सर पति-पत्नी के रिश्ते में शुक्रिया की औपचारिकता नहीं रहती, लेकिन जब भी आपका पार्टनर आपकी कोई भी मदद करे या कॉम्प्लिमेंट भी दे, तो उसे शुक्रिया कहें या कुछ ऐसा कहें, जो उसके दिल को छू जाए, जैसे- आप उन्हें यह एहसास दिलाएं कि आपका उनके जीवन में क्या महत्व है और उनके बिना आप कितने अधूरे हैं.

पैंपर करें, केयरिंग बनें: जैसे किसी बच्चे की देखभाल करते हैं, उसी तरह से एक-दूसरे की केयर भी करें और पैंपर भी करें. रिश्तों में कभी-कभी बचपना भी अच्छा लगता है, बच्चों जैसी निश्छलता रिश्ते का परफेक्ट बनाती है.

सरप्राइज़ दें: किसी ख़ास ओकेज़न पर ही सरप्राइज़ दें यह ज़रूरी नहीं, जिस दिन आप कोई सरप्राइज़ प्लान करेंगे आपके साथी के लिए तो वही दिन ख़ाद बन जाएगा. कभी कोई गिफ्ट ले आएं, तो कभी घर पर ही कुछ स्पेशल करें, जिससे रूमानियत बढ़े और आप दोनों एंजॉय करें.

सुरक्षाकवच बनें: अपने साथी को हमेशा यह महसूस कराएं कि आप उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा उनकी ढाल बनोगे. दुनिया की कितनी ही बड़ी मुसीबत क्यों न आ जाए, आप उनका साथ कभी नहीं छोड़ोगे. एक-दूसरे पर यह विश्‍वास ही आपके रिश्ते को बेहद मज़बूत बनाएगा.

ईगो को बीच में कभी न आने दें: अक्सर हम अपने छोटे-से ईगो के लिए बड़ी-बड़ी ख़ुशियां दांव पर लगा देते हैं, लेकिन जहां प्यार होगा, वहां ईगो की जगह ही नहीं होनी चाहिए. बहस के दौरान एक-दूसरे को जितनी आसानी से बुरा-भला कह देते हैं, उतनी ही आसानी से अगर सॉरी भी बोल देंगे, तो कोई समस्या ही नहीं होगी. अगर बोल नहीं पा रहे, तो एसएमएस कर दें, किसी पेपर पर लिखकर भेज दें या फिर फूलों के गुलदस्ते के साथ कोई नोट और प्यारा-सा गिफ्ट भी बुरा आइडिया नहीं है.

सेक्स लाइफ को नज़रअंदाज़ न करें: किसी भी शादी में सेक्स की भी उतनी ही अहमियत होती है, जितना प्यार का होना ज़रूरी है. बिज़ी लाइफ में सेक्स को नज़रअंदाज़ न करें. अपने रिश्ते में ठंडापन कभी न आने दें. एक-दूसरे की सेक्स की ज़रूरतों को भी महत्व दें. यह कोई ज़रूरी नहीं कि सेक्स में पहल स़िर्फ पति ही करे, पत्नी को भी उतना ही उत्साह और पॉज़ीटिव तरी़के से रुचि दिखनी चाहिए.

फिटनेस रखें बरक़रार: आप फिट रहेंगे, तो पार्टनर को अच्छा ही लगेगा. आपका आकर्षण उन्हें आपकी तारीफ़ करने से रोक नहीं पाएगा. दोनों साथ में जॉगिंग पर जाएं, साथ में योगा क्लास जॉइन करें, एक्सरसाइज़ करें. यह भी ज़रूर जताएं कि आप दोनों स़िर्फ हेल्थ के लिए ही नहीं, एक-दूसरे का आकर्षित करने के लिए भी फिट बने रहना चाहते हैं. फिर देखिए, आपके पार्टनर की निगाहों में बस आप ही आप और उनके दिल में आपके लिए बेशुमार प्यार.