happy relationship

रिश्तों को और बेहतर बनाना मुश्किल काम नहीं. बस कुछ छोटी-छोटी बातों का ख़्याल रखना होगा और इसकी शुरुआत आपको रिश्ते में बंधने के पहले दिन से ही करनी होगी.
1. इस दुनिया में कोई भी परफेक्ट नहीं होता. इसलिए अपने पार्टनर से भी परफेक्शन की उम्मीद न करें. ध्यान रखें कि दूसरों को उनकी कमियों के साथ स्वीकारना ही सच्चा प्यार है.
2. ये सच है कि शादी के बाद भी आपकी अपनी ज़िंदगी होती है, कुछ ़फैसले आपके अपने होते हैं, फिर भी ऐसे ़फैसले, जिसका असर दोनों पर पड़ता हो, उसे अकेले न लें, जैसे नौकरी बदलना, लोन लेना या किसी बड़ी चीज़ की ख़रीदारी- इन ़फैसलों में अपने पार्टनर को भी शामिल करें.
3. शादी होते ही एक-दूसरे को बदलने की मुहिम न छेड़ दें. ये विचार दिमाग से निकाल दें कि अब पार्टनर को आपके अनुसार चलना होगा. इससे मन-मुटाव हो सकता है. एक-दूसरे को कमियों-ख़ूबियों के साथ स्वीकार करें.
4. अगर पार्टनर में आप कुछ बदलाव चाहती भी हैं, जो उनके हित में हो, तो इसकी शुरुआत आलोचना से न करें. इसे बड़े केयरफुली हैंडल करें. उन्हें प्यार से समझाएं. साथ ही एक ही रात में बदलाव की उम्मीद भी न करें.
5. छोटी-छोटी ख़ुशियां बांटना भी सीखें. चाहे रिमझिम फुहारों में भीगना हो या ढलते सूरज को देखना- इसमें भी एक ख़ास ख़ुशी छिपी होती है. इसे एन्जॉय करें. किसी बड़ी ख़ुशी के इंतज़ार में न बैठे रहें. छोटी-छोटी ख़ुशियां बांटना भी सीखें. ज़िंदगी की हर छोटी-बड़ी ख़ुशियों का लुत्फ उठाएं.
6. रिश्ते में कभी कम्युनिकेशन गैप न आने दें. रिश्तों में ख़ामोशी प्यार की सबसे बड़ी दुश्मन होती है. इसलिए हर हाल में कम्युनिकेशन बनाए रखें. अपने पार्टनर से अपने मन की बात, अपनी भावनाएं शेयर करें. उनकी कोई बात अच्छी लगने पर उनकी तारीफ़ करें. उन्हें कॉम्प्लीमेंट देना न भूलें.
7. समय की कमी का रोना न रोएं. अगर आपको लगता है कि आपके बिज़ी शेड्यूल की वजह से रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं तो फौरन कोई सोल्यूशन निकालें और रिश्ते को समय देने की कोशिश करें.

8. इसके अलावा हर समय मोबाइल, टीवी, लैपटॉप या सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर ही बिज़ी न रहें, न ऑफिस और दोस्तों के चक्कर में फैमिली को अनदेखा करें. हर हाल में बैलेंस बनाए रखें, तभी 9. ज़िंदगी में उतार-चढाव तो आते ही रहते हैं. फाइनेंशियल या फैमिली प्रॉब्लम भी आ सकती है, लेकिन इसके लिए पार्टनर को दोष देने की बजाय उसका सोल्यूशन निकालने की कोशिश करें.  मन में किसी प्रकार का फ्रस्ट्रेशन न आने दें. बल्कि हंसी-ख़ुशी रहने की कोशिश करेंगे तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि प्रॉब्लम कैसे चुटकियों में दूर हो गई.
10. जिन मुद्दों पर आपके विचार नहीं मिलते, उन पर अनावश्यक बहस करने या अपनी बात मनवाने की ज़िद करने से बचें. इससे रिश्ते में बेवजह स्ट्रेस बढता है.
11. इस बात का ध्यान रखें कि आप जो भी समय साथ बिता रहे हैं वो क्वांटिटी टाइम न हो, बल्कि क्वालिटी टाइम हो.
12. आप एक-दूसरे से अपने एहसास, अपने आइडियाज़, विचार शेयर करें, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि शेयरिंग के नाम पर स़िर्फ शिकायतें ही करने न बैठ जाएं. इससे रिश्ते में कड़वाहट और खीझ बढती है.
13. अपने रिश्ते का, स्वयं का मूल्यांकन करें. यह जानने की कोशिश करें कि आपके व्यवहार में कौन-सी ऐसी बातें हैं जो आपके लाइफ पार्टनर को पसंद नहीं हैं. ख़ुद से ये वादा करें कि  ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे, जिससे आपके साथी की भावनाओं को ठेस पहुंचे.
14. रिश्तों के बीच ईगो न आने दें. इससे रिश्तों में दूरियां आएंगी
15. ज़िम्मेदारियां लेने से घबराएं नहीं और उन्हें पूरी ईमानदारी के साथ निभाएं.
16. बेहतर होगा कि घर-परिवार को लेकर अपनी ज़िम्मेदारियां बांट लें. अगर एक ही पार्टनर पर ज़्यादा ज़िम्मेदारियां होंगी तो फ्रस्ट्रेशन बढेगा और ये फ्रस्ट्रेशन रिश्ते में भी नज़र आएगा.
17. चाहे बच्चों की पढाई हो या छोटे-मोटे काम, आपका रवैया सहयोगात्मक होना चाहिए, ख़ासकर वर्किंग कपल्स के लिए तो ये बेहद ज़रूरी है. इससे सामंजस्य बढता है और आपसी रिश्ता मजबूत होता है.
18. पति-पत्नी के बीच शिष्टाचार ज़रूरी है. इसलिए बातचीत में हमेशा शिष्टाचार बनाए रखें. हर पति-पत्नी में छोटे-मोट झगड़े और मतभेद तो होते ही हैं, लेकिन इतना भी आपा न खो दें कि आपके मुंह से बुरे शब्द निकल जाएं.
19. एक-दूसरे से वादा करें कि कोई भी झगड़ा अगले दिन की सुबह नहीं देखेगा. झगड़ों को बिस्तर पर जाने से पहले ही निपटा लें.
20. हर बार साथी से ही झुकने की अपेक्षा न करें. एक बार आप भी झुककर देखें. मिनटों में सारे झगड़े और गुस्सा गायब हो जाएगा.
21. लड़ाई-झगड़े को अधिकार जमाने के अधिकार के तौर पर इस्तेमाल न करें, क्योंकि पार्टनर को कंट्रोल करना प्यार नहीं है और इससे आप दोनों में दूरियां ही बढेंगी.
22. लड़ाई जीतने की बजाय दिल जीतने की कोशिश करें. इसके लिए भले ही आपको लड़ाई में हारना पड़े तो कोई हर्ज़ नहीं.

Secrets To Happy Relationship


23. भले ही कितने भी बिज़ी क्यों न हों, एक-दूसरे के लिए समय ज़रूर निकालें. साथ ही नो सेक्स की स्थिति भी रिश्तों के लिए ख़तरनाक होती है. इसलिए ऐसी स्थिति भी न आने दें.
24. क्वालिटी टाइम और पर्सनल स्पेस के बीच सही संतुलन बनाने की कोशिश करें. एक-दूसरे के लिए क्वालिटी टाइम निकालें यानी रोज़ाना फुर्सत के कुछ ऐसे पल ज़रूर निकालें, जब आप बैठकर कुछ देर बात कर सकें, अपनी भावनाएं बांट सकें. पर्सनल स्पेस का मतलब है कि अपने साथी को कुछ देर के लिए अकेला छोड़ दें, ताकि वो भी रिलैक्स होकर अपनी पसंद का काम कर सके.

25. एक-दूसरे को स्पेस दें. शादी के बंधन के नाम पर पति को हर बार बंधन में बांधने की कोशिश न करें. पति अपने फ्रेंड्स के साथ पार्टी में जाना चाहते हैं तो ख़ुशी-ख़ुशी जाने दें. उसी तरह पत्नी मायकेवालों या अपनी फ्रेंड्स के साथ फोन पर बात करती है तो उस पर रोक-टोक न करें.
26. खाना अच्छा नहीं बना, तुम तो कोई काम ढंग से नहीं करते, मेरी कोई बात नहीं सुनते… हमेशा शिकायतों का पुलिंदा लेकर ही न बैठ जाएं. इससे रिश्तों में चिढ बढती है.
27. आपकी उनसे क्या अपेक्षा है, आप तोहफे में क्या चाहती हैं, बेहतर होगा सीधे-सीधे बताएं. पति हैं, इतना तो उन्हें पता होना ही चाहिए वाली सोच आपको दुखी कर सकती है. आप कहां जाना चाहती हैं, उन्हें स्पष्ट बताएं. आपको इतना भी नहीं पता या आप तो मेरे दिल की बात समझते ही नहीं वाली दलील बेकार है.

इन बातों का भी ख़याल रखें-

Secrets To Happy Relationship


28. कम्प्रोमाइज़ करना भी सीखें.
29. कई अवसरों पर सहनशीलता ज़रूरी होती है. इसलिए सहनशीलता न खोएं.
30. पार्टनर की कुछ आदतों और ग़लतियों को नज़रअंदाज़ करना भी सीखें.
31. अगर आपका पार्टनर कुछ शेयर करना चाहे तो बिना उसकी बात काटे या अपना कमेंट दिए उसकी पूरी बात सुनें.

32. पार्टनर पर विश्‍वास करें. उसकी इच्छाओं का सम्मान करें.
33. एक-दूसरे को बराबरी का दर्जा दें. कोई भी पार्टनर ख़ुद को सुपीरियर बताने की कोशिश न करें.
34. परिवार के प्रति ज़िम्मेदार बनें. हर वादे को दिल से निभाएं.
35. पार्टनर के लक्ष्य का पूरा सपोर्ट करें. ज़िंदगी में आगे बढने के लिए उसे प्रोत्साहित करें.
36. पार्टनर की फैमिली या फ्रेंड्स के प्रति उपक्षित रवैया न अपनाएं.
37. पार्टनर की बातें छुपकर न सुनें. उनकी जासूसी करने की ग़लती न करें.



वैवाहिक जीवन के शुरू के दो वर्षों में रिश्‍ते के भावी विकास का लय-ताल निर्धारित होता है, इसलिए नवविवाहित कपल इस समय का सदुपयोग करके स्‍वस्‍थ और ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए मज़बूत नींव तैयार कर सकते हैं. वैसे दांपत्य जीवन का शुरुआती कुछ महीना, जो ‘हनीमून का समय” कहा जाता है, परंपरागत रूप से आनंद और ख़ुशियोंभरा समय होता है. इसी के साथ नवविवाहितों को तरह‍-तरह के संवेदनशील विषयों के बारे में परस्‍पर सहमति के लिए रास्‍ते भी तलाशने होते हैं, जैसे- पति-पत्नी का आपसी सामंजस्य, उनके परिजनों व दोस्‍तों के साथ व्यवहार, फाइनेंस के निर्णय, एक-दूसरे की भिन्‍नताओं को जानना और सही व्‍यवहार के ज़रिए समाधान निकालना. इस सन्दर्भ में डॉ. अपर्णा रामाकृष्‍णन, जो कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में कंसल्‍टेंट साइकिएट्रिस्ट हैं ने कई उपयोगी बातें बताईं. आइए, नवविवाहित जोड़ों के रिश्तों को ख़ूबसूरत और मज़बूत बनाने से जुड़े सुझावों पर एक नज़र डालते हैं.

एक-दूसरे को समय दें…
दूसरे रिश्‍तों की तरह ही, सफल दांपत्य जीवन के लिए प्रयास, निरंतरता और सबसे महत्‍वपूर्ण रूप समय ज़रूरी होता है. काम और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना थोड़ा मुश्किल होता है. महामारी के चलते ‘वर्क फ्रॉम होम के इस मौजूदा समय में यह और भी कठिन हो गया है. ऑफिस तक अपने काम को सीमित रखने की बजाय हमें इसे घर पर आमंत्रित करना पड़ा है. हालांकि तमाम व्‍यस्‍तताओं के बीच एक-दूसरे के लिए समय निकालना बेहद ज़रूरी है.

  • घर पर साथ में काम करें. बीच-बीच में कम-से-कम 5-10 मिनट का भी ब्रेक लें और एक-दूसरे का हाल जानें.
  • ऐसा शैड्यूल बनाएं, जिससे साथ में भोजन कर सकें, ब्रेक ले सकें.
  • अपनी दैनिक गतिविधियों के बारे में ही नहीं, बल्कि अपने सपनों, अपने साहचर्यपूर्ण जीवन की योजनाओं के बारे में भी चर्चा करें.
  • घरेलू कार्यों में समान रूप से हाथ बंटाएं. कार्यों को आपस में इस प्रकार से बांट लें कि किसी एक पर बहुत अधिक बोझ न पड़े.
    इस महामारी की स्थिति में घरेलू कार्यों में हाथ नहीं बंटाने या सीमित सहायता करने से आपके जीवनसाथी की ज़िंदगी आसान होगी और आप दोनों के बीच गहरा रिश्ता बनने में मदद मिलेगी.

रिश्‍ते को मज़बूत बनानेवाले कार्य करें…

  • एक-दूसरे के साथ अच्‍छी तरह समय गुज़ारें.
  • यदि आपको घर पर ही रहना पड़े, तो भी रात के समय एक-दूसरे के साथ वक़्त बिताएं.
  • साथ बैठकर टीवी शोज़ या मूवीज देखें.
  • मिलकर खाना पकाएं. लंबी दूरी तक टहलने या ड्राइव्‍स पर साथ जाएं.
  • साथ में फिटनेस/एक्‍सरसाइज़ के लिए समय निकालें. स्‍वयं को शारीरिक रूप से तंदुरुस्‍त और संवारकर रखें.
  • एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, शौक के बारे में जानने की कोशिश करें और एक-दूसरे की पसंदीदा गतिविधयों में साथ दें.
    अपनी, अपने पार्टनर की और अपने वैवाहिक जीवन की आवश्‍यकताओं पर ध्‍यान दें. इससे आप बेहतर दोस्‍त बन सकेंगे और आपसी अंतरंगता बढ़ाकर अधिक ख़ुशहाल कपल हो सकेंगे. हालांकि एक-दूसरे को अपनी-अपनी पसंदीदा गतिविधियों की छूट दें. व्‍यक्तिगत रूप से स्‍वयं का भी ख़्याल रखें. एक दंपत्ति के रूप में, स्‍वयं के लिए स्‍पेस और समय देना महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि इससे आपको आपके व्‍यक्तिगत स्‍वास्‍थ्‍य, ख़ुशी और विकास में मदद मिलेगी और आपका दांपत्‍य जीवन अधिक ख़ुशहाल और सुखी हो सकेगा.


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सकारात्‍मक प्रशंसा…
आपके घर और जीवन को बेहतर बनाने हेतु आपके साथी द्वारा किए जानेवाले दैनिक कार्यों की प्रशंसा करें. आपके शब्‍दों और कार्यों से आपके प्‍यार, प्रशंसा एवं परवाह का पता चलना चाहिए. अपने जीवनसाथी को बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं. उनके व्‍यक्तित्‍व की तारीफ़ करें. उन्‍हें बताएं कि उनके आ जाने से किस प्रकार आपका जीवन सुखमय हो गया है. शारीरिक भाव-भंगि‍माओं जैसे कि हाथ पकड़ लेने या गले लग जाने से तुरंत ख़ुशी मिलती है. अपने पार्टनर की छोटी-से-छोटी चीज़ों पर ध्‍यान दें और उसके लिए उनकी प्रशंसा करें. नकारात्‍मक चीज़ों को नज़रअंदा़ज़ करने की कोशिश करें. आभार प्रकट करें.

बातचीत करें…
आप दोनों दो अलग-अलग व्‍यक्ति हैं, जो अपनी स्‍वयं की अपेक्षाओं, उम्‍मीदों के साथ रिश्‍ते की डोरी में बंधे हैं. अपनी अपेक्षाओं को व्‍यावहारिक रूप दें. एक-दूसरे का पूरा आदर-सम्मान करते हुए इस बारे में चर्चा करें. अपने मतभेदों को लेकर समझौता करने को सहमत रहें.

  • वित्‍त, भविष्‍य के लक्ष्‍य या परिवार से जुड़े महत्‍वपूर्ण मामलों में सहमति बनाने की कोशिश करें. अपनी सोच को ‘मैं’ से ‘हम’ में बदलें.
  • अपने जीवनसाथी को बदलने की कोशिश मत करें. उनकी मर्यादाओं का सम्‍मान करें. परस्‍पर निर्भरता के साथ काम करते हुए अपनी स्‍वतंत्रता बनाए रखें. कभी एक-दूसरे की असहमतियों का भी आनंद लें.
  • बिना कुछ छिपाए या बिना किसी धारणा के अपनी शारीरिक और भावनात्‍मक आवश्‍यकताओं के बारे में बताएं. अपने पार्टनर से सहायता मांगें.

टकरावों का रचनात्‍मक निपटारा…
जब दो व्‍यक्ति साथ रहते हैं, तो उनमें टकराव होना स्‍वाभाविक है. टकरावों से बच पाना संभव नहीं है, लेकिन समय से और रचनात्‍मक तरीक़े से उनके निपटारे से रिश्‍ते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.

  • वित्‍त, परिवार जैसी महत्‍वपूर्ण समस्‍याओं से कतराने या उनको लेकर आक्रामक तरीक़े से प्रतिक्रिया देने की बजाय, उन मसलों पर खुलकर चर्चा करें. उनके बारे में शांतिपूर्वक और विस्‍तार से चर्चा करें. याद रखें, एक-दूसरे का विरोध करने से नहीं, बल्कि साथ मिलकर समस्‍या का विरोध करने से हल निकलेगा.
  • गाली-गलौज न करें या एक-दूसरे को नीचा न दिखाएं. गंभीर चर्चा के दौरान, टीवी जैसी चीज़ों पर ध्‍यान न भटकने दें और यदि चीज़ें अस्‍पष्‍ट हैं, तो उसके बारे में स्‍पष्‍ट करने के लिए कहें. दूसरों के सामने कहासुनी न करें. अपने जीवनसाथी के प्रति उदारता और सहानुभूति रखें. आरोप-प्रत्‍यारोप से बचें. एक-दूसरे को ग़लत साबित करने की कोशिश न करें. यदि आप ग़लती करते हैं, बिना किसी किंतु-परंतु के माफ़ी मांग लें.
    वैवाहिक जीवन में समानता का अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि हर स्थिति में फिफ्टी-फिफ्टी वाला नियम ही लागू हो. किसी दिन आप कोई काम ज़्यादा कर सकते हैं, जबकि किसी दूसरे दिन आपका पार्टनर कर सकता है. इसका टैली रखना ज़रूरी नहीं है, लेकिन एक संतुलन बनाए रखें.


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मेरा परिवार, तुम्हारा परिवार…
जब आप किसी से शादी करते हैं, तो आप अपने जीवनसाथी के परिवार के प्रति भी वचनबद्ध हो जाते हैं. स्‍वस्‍थ मर्यादाएं बनाए रखते हुए हार्दिक प्रेम के साथ रिश्‍ते निभाएं. यदि आपके दंपत्ति को परिवार के किसी सदस्‍य को लेकर समस्‍या है, तो स्‍वयं से स्थिति संभालने की कोशिश करें, क्‍योंकि आप अपने जीवनसाथी की तुलना में उन्‍हें बेहतर जानते/ती हैं.
धैर्य के साथ आकस्मिक चुनौतियों के लिए तैयार रहें.
हर दिन शानदार या फिर अच्‍छा ही गुज़रे, यह ज़रूरी नहीं है. समस्‍याओं के बारे में चर्चा करें. उनका सामना करें. उनका हल तलाशें. स्‍वयं को कष्‍ट न दें. हमेशा याद रखें, शादी मैराथन दोड़ होती है, फर्राटा नहीं. पति-पत्नी एक-दूसरे की भावनाओं का ख़्याल रखते हुए प्यार, सहयोग, साथ देंगे, तो ज़िंदगी ख़ूबसूरत हो जाएगी और जीना भी मज़ेदार हो जाएगा.

– ऊषा गुप्ता

Tips For Newly Married Couples

हेल्दी रिश्ते की शुरुआत ही मानसम्मान और मर्यादा से होती है. किसी व्यक्ति का सलीके से किया गया व्यवहार ही हमें उसकी ओर आकर्षित करता है. जब तक रिश्ते (Set Healthy Boundaries For Happy Relationship) में मानमर्यादा बनी रहती है, तब तक रिश्ते मज़बूत व हेल्दी बने रहते हैं, लेकिन जब हम अपनी हद पार करने लगते हैं, तो रिश्तों में दरार आने लगती है. अगर आपके रिश्ते में आ गई है खटास, तो देखें कि कहीं आपने अपने रिश्तों की मर्यादा तो नहीं लांघी?

Set Healthy Boundaries For Happy Relationship

क्या है रिश्तों की मर्यादा?

सायकोथेरेपिस्ट डॉ. चित्रा मुंशी कहती हैं कि रिश्तों में बाउंड्रीज़ का मतलब किसी को कंट्रोल करना या बंदिशें लगाना नहीं, बल्कि ख़ुद को व अपने रिश्ते को सुरक्षित रखने के लिए एक दायरा बनाना है. दूसरे शब्दों में कहें, तो हर रिश्ते का मानसम्मान बनाए रखना ही मर्यादा है और अपने आप को मयार्दित रखना ही हर रिश्ते की कामयाबी का मूलमंत्र है.

क्यों ज़रूरी है रिश्तों में मर्यादा?

रिश्तों में बाउंड्रीज़, लक्ष्मणरेखा, मर्यादा या हद जो भी कह लें, रिश्ते की गरिमा को बनाए रखने के लिए ज़रूरी होती है.

इससे रिश्तों में प्यार व सम्मान बना रहता है.

परिवार के सभी लोग जब अपनीअपनी मर्यादा का ख़्याल रखते हैं, तो घर में सौहार्द का माहौल बना रहता है.

जब दूसरे आपकी इच्छाओं और पर्सनल स्पेस का ख़्याल रखते हैं, तो आप भी उनकी पर्सनल स्पेस का ख़्याल रखते हैं.

किसी के आत्मसम्मान को चोट नहीं पहुंचती.

कोई बेवजह दूसरों की सोच का शिकार नहीं होता.

रिश्तों में ग़लतफ़हमियां पैदा नहीं होतीं.

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तीन तरह की होती हैं रिश्तों की बाउंड्रीज़

फिज़िकल बाउंड्री: किसी से बात करते समय एक सेफ डिस्टेंस बनाए रखना ही फिज़िकल बाउंड्री है. कुछ लोग आदतन दूसरों को छूकर बात करते हैं, जो हर किसी को पसंद नहीं आता. ऐसे लोगों से बात करने से लोग कतराते हैं. कपल्स को भी बड़ों के सामने इस बाउंड्री का ख़्याल रखना चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि उससे बड़े असहज हो जाएं.

अगर कोई आपका बहुत क़रीबी भी है, फिर भी बात करते व़क्त फिज़िकली बहुत ज़्यादा क्लोज़ न जाएं.

हर किसी के साथ एक सेफ डिस्टेंस मेंटेन करें.

अगर आपको भी दूसरों को छूकर बात करने की आदत है, तो उसे सुधार लें.

इमोशनल बाउंड्री: हर रिश्ते का एक इमोशनल लेवल होता है. किसी भी रिश्ते में इतनी मर्यादा रखें कि वो आप पर इमोशनली हावी न हो सके.

अगर किसी की कही कोई बात आपको परेशान कर रही है, तो इसका मतलब है कि आपने उस व्यक्ति को इमोशनली ख़ुद पर बहुत ज़्यादा हावी कर लिया है.

हर कोई हर किसी के बारे में कुछ न कुछ कहता रहता है, इसलिए आपको उसके बारे में इतना नहीं सोचना चाहिए.

मज़ाक बनाने और गॉसिप के लिए लोग अक्सर उनको टारगेट करते हैं, जो इमोशनली कमज़ोर होते हैं. आपको अपनी इमोशनल बाउंड्री ख़ुद बनानी होगी.

पतिपत्नी को भी एकदूसरे की इस बाउंड्री का ख़्याल रखना चाहिए.

डिजिटल बाउंड्री: आजकल की डिजिटल लाइफ में डिजिटल बाउंड्री का सम्मान बहुत ज़रूरी हो गया है. अगर आप सोशल मीडिया पर हर बार बिना पूछे किसी को टैग करते हैं, चेक इन में उसे मेंशन करते हैं, तो ध्यान रखें कि आप उसकी डिजिटल बाउंड्री क्रॉस कर रहे हैं.

बिना किसी की मर्ज़ी के उसके मोबाइल में तांकझांक करना, इस मर्यादा को भंग करता है.

घरवाले या रिश्तेदार अपने मोबाइल में क्या रखते हैं, क्या देखते हैं यह जानने के लिए उनका मोबाइल चेक करना ग़लत है.

जो लोग अपनी फोटो डालकर अपने 20 दोस्तों को टैग कर देते हैं या भगवान की फोटो डालकर 50 लोगों को टैग कर देते हैं, डिजिटल बाउंड्री क्रॉस करनेवाले ऐसे दोस्तों को लोग अक्सर ब्लॉक कर देते हैं.

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पार्टनर्स परखें अपने रिश्ते की मर्यादा

हर रिश्ते की तरह पतिपत्नी के रिश्ते में भी मर्यादा बहुत मायने रखती है. जब पार्टनर्स एकदूसरे को फॉर ग्रांटेड लेने लगते हैं या एकदूसरे की भावनाओं को नज़रअंदाज़ करके स़िर्फ अपनी इच्छाओं की पूर्ति शुरू कर देते हैं, तब रिश्ते बिखरने लगते हैं, इसलिए ज़रूरी है कि हर कपल अपने रिश्ते को इस कसौटी पर परखे

क्या आप अपनी बात खुलकर व ईमानदारी के साथ पार्टनर से शेयर कर पाते हैं?

क्या आप एकदूसरे की बात सुनते हैं?

एकदूसरे की भावनाओं को सम्मान देते हैं?

एकदूसरे से प्यार व सम्मान से बात करते हैं?

क्या एकदूसरे को स्पेस देते हैं?

अपने पार्टनर की हॉबीज़, करियर और इच्छाओं का ख़्याल रखते हैं?

जीवन में आगे बढ़ने के लिए एकदूसरे को सपोर्ट करते हैं?

चाहे जो हो जाए, रिश्ते की मर्यादा का ख़्याल रखते हैं?

कुछ भी हो जाए, पार्टनर से अपशब्द या बुरा व्यवहार नहीं करते?

अगर ऊपर दिए गए ज़्यादातर सवालों के जवाब हांहैं, तो आपका रिश्ता हेल्दी है, लेकिन अगर आपका स्कोर कम है, तो आपको अपने रिश्ते की ओर ध्यान देने की ज़रूरत है.

काउंसलिंग सायकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं कि ज़रूरी नहीं कि हर बार रिश्तों में दरार या खटास का कारण मर्यादा का भंग होना ही हो, क्योंकि जो आपके लिए मर्यादा है, ज़रूरी नहीं सामनेवाले के लिए भी वही मर्यादा हो. दरअसल, हर किसी के लिए इसके मायने

अलगअलग होते हैं. अलगअलग परिवेश में पलेबढ़े होने के कारण पार्टनर्स के लिए भी इसके मायने अलग होते हैं, लेकिन कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखकर आप भी अपने रिश्ते की एलओसी को बनाए रख सकते हैं.

हैप्पी रिलेशनशिप टिप्स

पतिपत्नी के रिश्ते की मर्यादा की डोर उन दोनों के हाथ में होती है. अगर आप भी मर्यादा की इन लकीरों का पालन करें, तो आपका रिश्ता भी हमेशा मज़बूत बना रहेगा.

हंसीमज़ाक और शरारतें करें, पर दूसरों के सामने अपने पार्टनर का कभी मज़ाक न बनाएं.

मायके में या ससुराल में कभी भी पार्टनर को ताना न मारें.

अगर किसी ने आपसे पार्टनर की शिकायत की है, तो सबके सामने दोषी ठहराने की बजाय अकेले में बात कर सच्चाई जानने की कोशिश करें.

अगर आपको कोई ग़लतफ़हमी हो गई है, तो बैठकर बात करें, न कि कठघरे में खड़ा करें.

अगर पार्टनर से उम्मीद करते हैं कि वो अपनी सारी बातें शेयर करे, तो आपको भी उनसे कुछ नहीं छिपाना चाहिए.

पार्टनर अपनी इच्छाएं कभी न थोपें, चाहे वो पहननेओढ़ने या खानेपीने के मामले में ही क्यों न हों.

 रिश्ते में बहुत ज़्यादा जकड़न घुटन का कारण बनने लगती है, इसलिए पार्टनर को पर्याप्त स्पेस भी दें.

जब पतिपत्नी एकदूसरे का सम्मान करते हैं, तो बाकी लोग भी उनके रिश्ते को सम्मान की नज़र से देखते हैं.

किसी भी परिस्थिति में पार्टनर की बात को सुनने का धैर्य रखें. बिना पूरी बात सुने, कभी भी रिएक्ट न करें.

आप दोनों को ही अपनेअपने रिश्ते की मज़बूती के लिए प्यार, विश्‍वास और समर्पण को बनाए रखना होगा.

याद रखें कि प्यार का मतलब बंधन नहीं आज़ादी होता है, इसलिए अपने पार्टनर की प्राइवेसी का हमेशा ख़्याल रखें.

मर्यादा से जुड़ी ये सारी बातें अन्य रिश्तों में भी लागू होती हैं, चाहे वो भाईबहन हो, देवरभाभी, जीजासाली, मांबेटे या पितापुत्री.

अनीता सिंह

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हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए सेक्स लाइफ का हेल्दी होना ज़रूरी है और हेल्दी सेक्स लाइफ (Unbelievable sex Etiquette) के लिए ज़रूरी है कुछ ख़ास बातों का ध्यान रखना. कुछ कॉमन सेक्स एटिकेट्स को फॉलो करके कपल्स अपनी सेक्स लाइफ को और भी रोमांचक बना सकते हैं.

Unbelievable sex Etiquette
पार्टनर का साथ दें

अंतरंग पलों में पार्टनर का पूरा साथ देने के साथ ही उन्हें ये भी जताएं कि आप उनके साथ एंजॉय कर रहे हैं, अपनी भावनाओं को छुपाने की बजाय खुलकर अभिव्यक्त करें. इससे हमसफ़र को भी संतुष्टि मिलेगी और आपके प्यार के हसीन पल और भी रूमानी हो जाएंगे.

बनाए रखें रोमांच

एक्सपेरिमेंट भला किसे पसंद नहीं आता, फिर चाहे वो किसी अन्य क्षेत्र में हो या सेक्स लाइफ में, नयापन तो हर कोई चाहता है. अतः अपनी सेक्स लाइफ को एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए पार्टनर के साथ कुछ नया ट्राई करने की कोशिश करें. ज़रूरी नहीं कि आप हमेशा अंतरंग पलों में एक्सपेरिमेंट करें, अपनी एक्सपेरिमेंट की चाह को हसमफ़र के साथ शेयर करके भी आप उन्हें उत्साहित कर सकते हैं.

सेक्सी टॉक

सेक्सुअल एक्ट को आनंददायक बनाने का ये भी एक ज़रिया है, मगर पार्टनर से बात करते समय उन्हें ये महसूस नहीं होना चाहिए कि आपकी बातें बनावटी हैं. उनसे वही कहें, जो आप महसूस करते हैं, जैसे- उनके बॉडी स्ट्रक्चर या किसी ख़ास हिस्से की तारीफ़ करें. उन्हें अपनी फैंटसी के बारे में बताएं. ऐसी बातें फोरप्ले का काम करती हैं और पार्टनर को अंतरंग पलों के लिए प्रेरित करती हैं.

नाम से बुलाएं

प्यार के उन ख़ास पलों में पार्टनर के मुंह से अपना नाम सुनना कई कपल्स को अच्छा लगता है. अपना नाम सुनकर पार्टनर की उत्तेजना बढ़ जाती है और सेक्स का मज़ा दुगुना हो जाता है. इससे उन्हें इस बात का एहसास होता है कि सेक्सुअल एक्ट में उनकी भी बराबर की अहमियत है.

तारीफ़ करें

यदि आपको पार्टनर का कोई एक्ट पसंद आता है और आप अंतरंग पलों का भरपूर आनंद उठाते हैं, तो बेझिझक उनसे कहें कि आपको उनकी कौन-सी अदा सबसे ज़्यादा पसंद आई. इससे उन्हें भी अच्छा महूसस होगा और आप दोनों को सेक्सुअल सैटिस्फेक्शन मिलेगा.

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प्यार में झूठ भी जायज़ है

भले ही दिनभर आप बहुत बिज़ी रहे हों, फिर भी पार्टनर से थोड़ा झूठ बोलने में कोई हर्ज़ नहीं है. उनसे कहें कि ऑफिस में भी आपको उनकी याद सता रही थी और आप जल्द से जल्द उनकी बाहों में समा जाना चाहते थे. आपका ये छोटा-सा झूठ पार्टनर का एक्साइटमेंट बढ़ा देगा, जिससे आपके अंतरंग पलों का रोमांच और ज़्यादा बढ़ जाएगा.

एक्टिव रहें

हेल्दी और हैप्पी सेक्स लाइफ के लिए सेक्सुअल एक्ट में दोनों पार्टनर की बराबर की भागीदारी होनी ज़रूरी है. अक्सर महिलाएं इस दौरान शांत रहती हैं, आप ऐसी ग़लती न करें. इससे पार्टनर को लगेगा कि आपकी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है और एंजॉय करने की बजाय आप बोर हो रही हैं.

न करें ये ग़लतियां

– सेक्सुअल एक्ट के तुरंत बाद मुंह फेरकर न सोएं, पार्टनर के साथ कुछ देर प्यार भरी बातें करें. इससे आपके बीच प्यार बढ़ेगा.
– पार्टनर क्या चाहता/चाहती है, इस बात का ध्यान रखें. उनसे इस बारे में खुलकर बात करें.
– यदि कभी हमसफ़र अंतरंग पलों से जी चुराए, तो ज़बर्दस्ती करने की बजाय उनका मूड ठीक करने की कोशिश करें.
– पार्टनर के बॉडी पार्ट्स पर नकारात्मक कमेंट करने से बचें, जैसे- तुम्हारी कमर कमरा हो गई है, पेट पर एक्स्ट्रा फैट नज़र आता है, स्किन लूज़ हो गई है आदि. इससे ख़ासकर महिलाएं अपने शरीर को लेकर कॉन्शियस हो जाती हैं और सेक्स क्रिया को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पातीं.

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