Harshvardhan Kapoor

आज बॉक्स ऑफिस पर एक भाई और बहन के बीच कड़ी टक्कर हो रही है. जी हां, एक ओर जहां बहन सोनम कपूर की फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ रिलीज़ हुई है, तो वहीं भाई हर्षवर्धन कपूर की ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’ इस फिल्म को कड़ी टक्कर देने के लिए बॉक्स ऑफिस पर उतरी है. इसके अलावा एक और फिल्म ‘फेमस’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी है. बॉक्स ऑफिस पर हो रहे इस कड़े मुक़ाबले में जीत किसकी होगी यह देखना बेहद दिलचस्प होगा.
यंगस्टर्स को पसंद आएगी ‘वीरे दी वेडिंग’ 
मूवी- वीरे दी वेडिंग 
स्टार कास्ट- करीना कपूर खान, सोनम कपूर, स्वरा भास्कर, शिखा तल्सानिया. 
डायरेक्टर- शशांक घोष 
टाइम- 2 घंटा 5 मिनट
रेटिंग- 3.5/5
कहानी-
‘वीरे दी वेडिंग’ बॉलीवुड की दूसरी फिल्मों से थोड़ी अलग और दिलचस्प है. फिल्म की कहानी 4 लड़कियों की दोस्ती की दास्तां बयां करती है, जो दिल्ली के एक स्कूल में साथ पढ़ा करती थीं. इनकी ख़ासियत है कि ये सभी सहेलियां अपने शर्तों पर जीती हैं और बेबाकी से बात करती हैं. ये चारों सहेलियां सेक्स और ऑर्गेज़्म पर निडरता से बातें करती हैं. डायरेक्टर ने उनकी ज़िंदगी की कमियों और समस्याओं को बेहद ख़ूबसूरत अंदाज़ में पेश करने की कोशिश की है.
फिल्म में शादी की उलझनों में उलझी कालिंदी (करीना कपूर) परिवार व रिश्तेदारों की उम्मीदों पर खरा उतरने की जद्दोजहद करती नज़र आती हैं, तो अवनी (सोनम कपूर) को कोई पार्टनर ही नहीं मिल रहा है और उनकी मां दिन-रात उनके लिए जीवनसाथी ढूंढने में लगी हैं. वहीं साक्षी (स्वरा भास्कर) रिलेशनशिप में बंधना ही नहीं चाहतीं और मीरा (शिखा तल्सानिया) एक विदेशी से शादी कर चुकी हैं और उनका एक बच्चा भी है, लेकिन उनकी शादीशुदा ज़िंदगी बहुत बोरिंग है. ये सभी सहेलियां कालिंदी (करीना कपूर) की शादी के लिए मिलती हैं और इस दौरान सभी की ज़िंदगी की कई सारी कहानियां सामने आती हैं.
डायरेक्शन- 
फिल्म के डायरेक्टर शशांक घोष ने फिल्म में इन चारों सहेलियों की केमेस्ट्री को बेहद तगड़े अंदाज़ में पेश किया है. फिल्म के कुछ डायलॉग्स को इन चारों अभिनेत्रियों ने शानदार तरीक़े से बोला है. फिल्म में कई ऐसे वन लाइनर्स हैं, जो आपको हंसने पर मजबूर कर सकते हैं. डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी, लोकेशन के साथ कास्टिंग भी बेहतरीन है. फर्स्ट हाफ में फिल्म की कहानी दर्शकों को बांधे रखती है, लेकिन सेकेंड हाफ थोडा स्लो है.  फिल्म के ‘तारीफां’ और ‘भांगड़ा ता सजदा’ जैसे गाने आपको ख़ूब इंटरटेन करेंगे.
एक्टिंग-
फिल्म में करीना कपूर खान, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर और शिखा तल्सानिया पूरी तरह से अपने किरदारों के साथ न्याय करती दिखाई दे रही हैं. हर फ्रेंम में ये चारों बेहतरीन आउटफिट्स पहने हुए नज़र आती हैं और सभी ने अपने डॉयलॉग्स को पूरे कॉन्फिडेंस के साथ पर्दे पर उतारा है. अगर आप ड्रामा और कॉमेडी के साथ-साथ सेक्स चैट के शौकीन हैं तो यह फिल्म आपके उम्मीदों पर खरी उतर सकती है.
करप्शन से जंग की कहानी है ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’
मूवी- भावेश जोशी सुपरहीरो 
स्टार कास्ट- हर्षवर्धन कपूर,प्रियांशु पैन्यूली,निशिकांत कामत,राधिका आप्टे,आशीष वर्मा
डायरेक्टर- विक्रमादित्य मोटवाने
टाइम- 2 घंटा 35 मिनट
रेटिंग- 2.5/5
कहानी-
फिल्म की कहानी वाटर स्कैम और समाज में फैले दूसरे करप्शन के खिलाफ़ लड़ने वाले एक आम आदमी के सुपरहीरो बनने की है. भावेश जोशी (हर्षवर्धन कपूर) अपने दोस्तों प्रियांसु पैन्यूली और आशीष वर्मा के साथ कॉलेज में पढ़ता है. ये तीनों दोस्त समाज से बुराइयों को दूर करने के मिशन पर लग जाते हैं. फिल्म में हर्षवर्धन कागज़ का मास्क पहनकर करप्शन करने वालों का पर्दाफाश करने की कोशिश करते हैं, लेकिन भ्रष्टाचारियों को यह नागवार गुज़रता है और वो इस मास्क के पीछे छुपे सुपरहीरो को ढूंढ निकालते हैं और इस सुपरहीरो की खूब पीटाई करते हैं, लेकिन सुपरहीरो हार नहीं मानता और इन सबको सबक सिखाता है. फिल्म में निशिकांत कामत राजनेता बने विलेन के रोल में हैं.
डायरेक्शन-
फिल्म के डायरेक्टर विक्रमादित्य मोटवाने ने डार्क शेड में लीक से हटकर फिल्म बनाई है. इस फिल्म से पहले एक्टर हर्षवर्धन कपूर राकेश ओम प्रकाश की ‘मिर्जिया’ में नज़र आ चुके हैं, लेकिन वो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपना कमाल नहीं दिखा पाई थी. फिल्म की कहानी अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवाने ने मिलकर लिखी है. यह एक बहुत अच्छी कहानी बन सकती थी, लेकिन मेकर्स इसे दिलचस्प बनाने में असफल साबित हुए हैं. फिल्म की कहानी भले ही आम आदमी से जुड़ी है, लेकिन आम आदमी से यह कनेक्ट नहीं कर पाती है और फिल्म के संवाद भी कुछ ख़ास नहीं हैं.
एक्टिंग- 
हर्षवर्धन कपूर की यह दूसरी फिल्म है, लेकिन वो दर्शकों को आकर्षित करने में असफल दिख रहे हैं. हालांकि उन्होंने कोशिश बहुत अच्छी की है जो काबिले तारीफ़ है. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर अच्छा है और साथ ही हर्षवर्धन कपूर के दोस्त के रूप में दोनों एक्टर्स ने बढ़िया काम किया है, जबकि विलेन के रूप में निशिकांत कामत की दबंगई काफ़ी कमज़ोर दिखाई पड़ रही है. बहरहाल, अगर आप लीक से हटकर कोई फिल्म देखना चाहते हैं तो ‘भावेश जोशी सुपरहीरो’ देख सकते हैं.
भारी भरकम स्टार कास्ट वाली फिल्म है फेमस 
मूवी- फेमस 
स्टार कास्ट- जिमी शेरगिल, केके मेनन, श्रिया सरन, पंकज त्रिपाठी, जैकी श्रॉफ, माही गिल. 
डायरेक्टर- करण ललित बुटानी 
रेटिंग- 2/5
इन दोनों फिल्मों के अलावा डायरेक्टर करण ललित बुटानी की फिल्म ‘फेमस’ भी रिलीज़ हुई है. इस फिल्म में जिमी शेरगिल, श्रिया सरन, केके मेनन, पंकज त्रिपाठी, जैकी श्रॉफ और माही गिल जैसे कलाकरों ने काम किया है. भारी भरकम स्टार कास्ट होने के बावजूद यह फिल्म आपको बांध नहीं पाएगी. फिल्म की स्क्रिप्ट से लेकर स्क्रीनप्ले हर जगह कमियां नज़र आएंगी. फिल्म की कहानी चंबल से जुड़ी है और इस फिल्म के हर एक किरदार की अपनी एक अलग कहानी है. जिसे समझते-समझते आपका सिर चकराने लगेगा. बावजूद इसके अगर आप जिमी शेरगिल, केके मेनन और जैकी श्रॉफ के जबरदस्त फैन हैं तो यह फिल्म देख सकते हैं.

 

फिल्म– मिर्ज़्या
निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा
स्टारकास्ट- हर्षवर्धन कपूर, सैयामी खेर, के के रैना, ओम पुरी
रेटिंग- 2.5 स्टार

मिर्ज़्या एक अहम् फिल्म है, क्योंकि यह एक फ़िल्म होने के साथ-साथ दो नए चेहरों को बॉलीवुड में लॉन्च भी कर रही है, ऐसे में ओमप्रकाश मेहरा पर काफ़ी बड़ी ज़िम्मेदारी थी. अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर और सैयामी खेर दोनों के लिए ये फिल्म उनकी डेब्यू फिल्म होने के साथ-साथ एक ख़ास फिल्म भी है, जिसमें मिर्ज़ा-साहिबान की लव स्टोरी को पर्दे पर उतारना था. आइए, जानते हैं कैसी है मिर्ज़्या और आपको ये फिल्म देखनी चाहिए या नहीं.

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कहानी

कहानी शुरू होती है बचपन के दोस्त सुचित्रा (सैयामी खेर) और मोनीश (हर्षवर्धन कपूर) से. एक हादसे के बाद दोनों अलग हो जाते है. बड़े होने के बाद किस्मत दोनों को फिर एक-दूसरे के सामने ला खड़ा करती है. सुचित्रा विदेश से लौटती है और उसकी शादी एक बड़े घराने के बेटे प्रिंस करण (राज चौधरी) के साथ तय हो जाती है. मोनीश जिसने अपना नाम बदल कर आदिल मिर्ज़ा रख लिया है, वो करण के यहां घोड़ों के अस्तबल में काम करता है और सुचित्रा को घुड़सवारी सिखाता है. मोनीश तो सुचित्रा को एक नज़र में पहचान जाता है, लेकिन सुचित्रा जब मोनीश को पहचानती है, तब दोनों के बीच का प्यार फिर जाग जाता है और वो समाज की बेडियां तोड़कर एक होना चाहते हैं. इस कहानी के साथ प्रेमी मिर्ज़ा-साहिबान की कहानी भी चलती रहती है. 474886-mirzya (1)

फिल्म की यूएसपी

यह फिल्म किसी ख़ूबसूरत पेटिंग की तरह लगती है. सिनेमैटोग्राफ़ी कमाल की है. विज़ुअली फिल्म शानदार लग रही है. 17 साल बाद गुलज़ार साहब स्क्रिप्ट राइटिंग में वापसी कर रहे हैं और उन्होंने हर एक दृश्य को बड़ी ही ख़ूबसूरती से लिखा है. शंकर-एहसान-लॉय का म्यूज़िक काफ़ी दमदार है.

फिल्म की कमज़ोरी

फिल्म की कमज़ोरी है, उसमें दिखाए गए दो एरा, जो दर्शकों को कंफ्यूज़ करेंगे. इसमें कई ऐसे दृश्य या सीन्स हैं, जो बेवजह हैं. ऐसे में रोमांस को पर्दे पर उतारने में थोड़ी कमी रह गई है. अमीर प्रेमिका और गरीब प्रेमी की कहानी कोई नहीं हैं, ऐसी कहानियों पर पहले भी फिल्में बन चुकी हैं. यह इस साल की सबसे ख़ूबसूरत रोमांटिक फिल्म बन सकती थी, लेकिन कई ज़रूरी दृश्यों में अभिनय और डायरेक्शन की कमी इस फिल्म को कमज़ोर बना देती है.Mirzya-1-Saiyami-and-Harshvardhan (1)

किसकी ऐक्टिंग में था दम?

पहली फिल्म के हिसाब से हर्षवर्धन और सैयामी दोनों की ही ऐक्टिंग अच्छी है. दोनों ने ही अपने किरदार के साथ न्याय किया है. अनिल कपूर के बेटे और सोनम के भाई हर्षवर्धन में पिता की विरासत को आगे ले जाने की सारी ख़ूबियां नज़र आ रही हैं.

क्यों जाएं फिल्म देखने?

फिल्म देखने की कुछ ज़्यादा वजहें तो नहीं है, लेकिन हां अगर आपको ये दो नए चेहरे पसंद आ रहे हैं, तो आप एक बार इस फिल्म को देख सकते हैं. इसके अलावा अगर आपको मिर्ज़ा-साहिबान की कहानी के बारे में नहीं पता है, तो ये फिल्म उनकी कहानी के बारे में आपकी जानकारी बढ़ा सकती है. इसके अलावा वीकेंड पर अगर करने के लिए कुछ ख़ास नहीं है तो इस फिल्म को ही देख आएं.

mirzya-trailer_640x480_61466736152 (1)अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर फिल्म मिर्ज़या से अपनी फिल्मी पारी शुरू करने जा रहे हैं. हर्षवर्धन अपनी पहली ही फिल्म में दोहरी भूमिका निभा रहे हैं, जिसे वह काफ़ी चुनौतीपूर्ण भी मानते हैं. राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी यह फिल्म पंजाबी लोककथा ‘मिर्ज़ा-साहिबान’ से प्रेरित है, लेकिन उससे बिल्कुल जुदा भी है.

हर्षवर्धन ने विशेष बातचीत में कहा कि यह फिल्म ‘मिर्ज़ा-साहिबान’ से अलग है. उन्होंने कहा, “राकेश सर ने मिर्ज़ा-साहिबान की कहानी से प्रेरित होकर यह फिल्म बनाई है, लेकिन इसे आज के ज़माने के हिसाब से पेश किया गया है. यह उस कहानी से एकदम अलग है, जो आपने पढ़ी या सुनी होगी.”

किसी मशहूर हस्ती के बच्चों की बॉलीवुड में एंट्री अमूमन आसान ही होती है, लेकिन हर्षवर्धन की राय इससे अलग है. उन्होंने इस फिल्म से जुड़ने की कहानी बताई, “मैं 2008 में फिल्म दिल्ली-6 के सेट पर राकेश ओमप्रकाश मेहरा से पहली बार मिला था. उन्होंने 2011 में मुझे बताया था कि गुलजार साहब मिर्ज़या की कहानी लिख रहे हैं. उन्होंने मुझे फिल्म में मुख्य किरदार निभाने को कहा, लेकिन इससे पहले मैंने ख़ुद को इस किरदार के लिए तैयार किया और 2013 में यह फिल्म करने का फैसला किया तो यह इतना आसान नहीं था.”

हर्षवर्धन ने इस फिल्म के लिए काफ़ी पसीना बहाया है. उन्होंने घुड़सवारी से लेकर पोलो खेलने तक तमाम तरह का प्रशिक्षण लिया है. इसके बारे में वह कहते हैं, “मैंने 18 महीने के लिए घुड़सवारी की, तीर चलाना, पोलो खेलना, रेत पर मोटरसाइकिल चलना सीखा. यह सब आसान नहीं था. इस फिल्म में मेरे दो किरदार भी हैं. मैंने खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से इसके लिए तैयार किया.”

हर्षवर्धन अपनी पहली ही फिल्म में डबल रोल के अनुभव को शेयर करते हुए कहते हैं, “फिल्म में मेरे दोनों किरदार एकदम जुदा हैं. यह यकीनन चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मेरे दिमाग़ में यही था कि अगर मैं इसे सही तरीक़े से निभा पाऊंगा तो इसे याद किया जाएगा. राकेश सर ने हमें शुरू में ही समझा दिया था कि यह फिल्म इस कहानी पर आधारित है, लेकिन उससे पूरी तरह जुदा है, इसलिए हमने मिर्ज़ा-साहिबान को ज्यादा नहीं पढ़ा.”

फिल्म की कहानी गुलज़ार साहब ने लिखी है. हर्षवर्धन कहते हैं, “गुलज़ार साहब ने कहानी लिखी है तो यकीनन यह फिल्म कविता की तरह है. मिर्ज़या एक म्यूज़िकल फिल्म है, जिसकी कहानी संगीत के जरिए आगे बढ़ती है.”

वह कहते हैं, “मैं मिर्ज़या की तरह प्यार करना चाहता हूं. यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि यह आपको प्यार करना सिखाती है.”

हर्षवर्धन मिर्ज़या के बाद दो और फिल्में कर रहे हैं और वह अगले साल तक फिल्मों में ही व्यस्त हैं. यह पूछने पर कि वह किसी फिल्म को साइन करने से पहले किस चीज को अधिक महत्व देते हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा, “मेरे लिए फिल्म का निर्देशक कौन है, यह मायने रखता है, क्योंकि एक अच्छा निर्देशक औसत या खराब स्क्रिप्ट में जान फूंकने की हिम्मत रखता है, लेकिन अच्छी कहानी भी अच्छे निर्देशक के बगैर दम तोड़ देती है.”

हर्षवर्धन कहते हैं कि मिर्ज़या लोगों को प्यार करना सिखाएगी, इसलिए यह दर्शकों को खींचने में कामयाब ज़रूर होगी.

5पापा जैसे हैं हर्षवर्धन कपूर. अनिल कपूर जैसे ही एनर्जेटिक, डेडिकेटेड और काम को लेकर एक्साइटेड. अब आप सोच रहे होंगे की हम इतनी तारीफ़ क्यों कर रहे हैं, तो आपको बता दें कि तारीफ़ के ही काबिल हैं हर्षवर्धन. घायल होने के बाद भी वो अपनी फिल्म मिर्ज़्या के प्रमोशन में कोई कमी नहीं रख रहे हैं. दरअसल, हर्षवर्धन ने मिर्ज़्या में ज़बरदस्त एक्शन सीन्स किए हैं. इन एक्शन सीन्स को शूट करते वक़्त हर्ष के सिर पर चोट लगी, जिसकी वजह से उन्हें वर्टिगो की तकलीफ़ हो गई है. चोट का सिलसिला यहींं ख़त्म नहीं हुआ इसी फिल्म का क्लाइमेक्स शूट करते वक़्त उनके कान पर भी चोट लगी, जिसकी वजह से उनकी सुनने की क्षमता पर भी असर हुआ और अब तक उनका इलाज भी चल रहा है. इन सब परेशानियों के बावजूद हर्षवर्धन जमकर जुटे हैं प्रमोशन करने में.

मिर्ज़ा-साहिबा की प्रेम कहानी पर बनी फिल्म मिर्ज़या(Mirzya) का टाइटल ट्रैक रिलीज़ हो गया है. अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर और नई ऐक्ट्रेस श्यामी खेर इस फिल्म से डेब्यू करने जा रहे हैं. हर्षवर्धन ने ये गाना अपने टि्वटर एकाउंट पर शेयर भी किया है. फिल्म का ये टाइटल ट्रैक फिल्म की कहानी बयां कर रहा है. ये गाना गुलज़ार साहब ने लिखा, जिसे कंपोज़ किया है शंकर-एहसान-लॉय ने. मिर्ज़या 7 अक्टूूबर को रिलीज़ होगी.

डैशिंग अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर बॉलीवुड में डेब्यू करने के लिए हैं बिल्कुल तैयार. राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म मिर्ज़्या में हर्षवर्धन एक योद्धा के किरदार में नज़र आ रहे हैं. फिल्म की ऐक्ट्रेस सैयामी खेर की भी ये पहली ही फिल्म होगी. कहा जा रहा है कि ये फिल्म पंजाब के प्रसिद्ध प्रेमी जोड़े मिर्ज़ा और साहिबां की प्रेम कहानी पर बेस्ड है. फिल्म के कई दृश्यों में हर्षवर्धन चेहरे पर नकाब पहने धनुष-बाण के साथ ज़बरदस्त एक्शन करते नज़र आ रहे हैं. मिर्ज़्या 7 अक्टूबर को रिलीज़ होगी. देखें फिल्म का पहला टीज़र ट्रेलर.