Health Alert

अक्सर देखा गया है कि महिलाएं अपने सेहत को लेकर थोड़ी लापरवाह रही हैं. जबकि आज की तारीख़ में महिलाओं को ख़ुद के लिए समय निकालना और अपनी सेहत का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी हो गया है. ऐसे में यहां पर दिए गए पांच सलाहों को अपनाकर वे हर दिन अपने लिए और अपनों के लिए स्वयं को स्वस्थ रख सकती हैं. इस संदर्भ में हमें जे. सोमैया कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी की डॉ. श्वेता मनवाड़कर, जो प्रोफेसर और फिजियोथेरेपिस्ट भी हैं कई उपयोगी जानकारियां दीं.

आज की कोरोना वायरस और लॉकडाउन की महामारीवाली स्तिथि में जब परिवार का हर सदस्य तनाव का सामना कर रहा है, तब उस परिवार को सुख-चैन के कुछ पल, ख़ुशी-अपनापन देने का सामर्थ्य ज़्यादातर परिवारों में, उस घर की गृहिणी के हाथ में ही होता है. ऐसे में यह बहुत ज़रूरी हो जाता है कि वो दूसरों के साथ-साथ अपनी भी शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती का ख़्याल रखें. इसी से जुड़ी कुछ ऐसी ही बातें यहां पर दे रहे हैं.

१) सुबह का नाश्ता…

  • स्त्रियां सब को खिलाने की व्यस्तता में भी अपने ख़ुद के सुबह के नाश्ते के प्रति भी ख़ास ध्यान दें.
  • दिन की शुरुआत में लिया हुआ पौष्टिक आहार मेटाबॉलिज़्म के लिए अच्छा होता है और उससे आगे के काम करने के लिए एनर्जी मिलती है और वज़न भी कंट्रोल में रहता है.
  • सुबह के नाश्ते में पोहा, उपमा इत्यादि के साथ केला, सेब, संतरा आदि फल, पनीर, दूध, रागी, राजगिरा , सिंगदाना, कुरमुरा, सूखा मेवा इत्यादि लें.
  • इन सबसे शरीर को भरपूर मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी मिलता है.

२) नियमित एक्सरसाइज़…

  • तंदुरुस्त रहने के लिए हर दिन शारीरिक व्यायाम करना अत्यंत आवश्यक है.
  • हफ़्ते के तीन दिन ३० मिनट तक एरोबिक एक्सरसाइज़ और हफ़्ते के दो दिन ३० मिनट तक स्नायु की ताकत बढ़ाने के व्यायाम ज़रूरी है.
  • इससे आपका पूरे हफ़्ते में १५० मिनट का एक्सरसाइज़ का ज़रूरी कोटा पूरा हो जाएगा.
  • हर ३० मिनट की एक्सरसाइज़ के पहले १० मिनट का वॉर्मअप और अंत में १० मिनट का कूल डाउन अवश्य करें.
  • एक्सरसाइज़ के बारे में अपने डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट कि सलाह ज़रूर लें.
  • इस तरह सही तरीक़े से एक्सरसाइज़ करने पर बिना किसी दर्द के व्यायाम का लाभ मिलेगा.
  • घर पर चलने के लिए जगह न हो, तो आप थोड़ी-सी जगह में भी 8 के आंकड़े में जितनी देर चाहे उतनी देर बिना रुके चल सकती हैं. इस तरह के चलने को ‘इन्फिनिटी वॉक’ कहा जाता है.
  • घर पर नियमित रूप से किए गए आसान स्ट्रेचेस, स्क्वॉट्स, अगर वेट्स नहीं हो, तो पानी की बोतल हाथ में पकड़कर हाथ की ताकत बढ़ाने के लिए किए गए एक्सरसाइज़ इन सबका ख़ासकर महिलाओं में हड्डियां और स्नायु ताकतवर बनाने में बहुत मदद मिलती है.
  • घर पर एक्सरसाइज़ करने के लिए योगा मैट का इस्तेमाल अवश्य करें.
  • व्यायाम के लिए एक समय और जगह निश्‍चित करेंगी, तो इससे हर दिन करने में आसानी भी होगी और मदद भी मिलेगी. साथ ही जल्दी ही एक्सरसाइज़ करना आपकी पॉज़िटिव आदत बन जाएगी.

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३) एक्टिव रहने की आदत…

  • महिलाएं नियमित एक्सरसाइज़ के साथ-साथ दिनभर एक्टिव रहने की आदत डालें.
  • जैसे कोई भी मशीन पड़े-पड़े बिगड़ जाती है, वैसे ही अपने शरीर का भी है. अपने शरीर को मूवमेंट की आवश्यकता होती है, इसलिए एक ही शारीरिक स्थिति में बहुत देर तक ना बैठे.
  • जब ध्यान में आ जाए कि आप बहुत देर से बैठी हैं, जैसे- टीवी के सामने या कुछ पढ़ते वक़्त या मोबाइल देखते समय, फोन पर बात करते वक़्त, तो उठकर थोड़ा टहल लें.
  • बैठते वक़्त सीधा बैठे, चलते वक़्त सहजता से पर सीधा चले, रीढ़ की हड्डी व कंधे झुकाए नहीं.
  • आलसपन ना आने दे, इससे जितना दूर रहे बेहतर है.

४) मन की सफ़ाई…

  • तंदुरुस्त शरीर के लिए मन स्वस्थ होना भी अत्यावश्यक है.
  • कई शोधों से यह साबित हुआ है कि शरीर की बहुत-सी बीमारियों का मूल मन में ही होता है.
  • कई बार घर पर ऐसी कोई घटना घटती होती है, जिससे मन का चैन खो जाता है.
  • ऐसे में मन का दुखी होना स्वाभाविक है, लेकिन लंबे समय तक दुखी रहना शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद हानिकारक है.
  • इसलिए किसी भी ऐसी घटना के बाद जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी ख़ुद के भावनाओं पर काबू पाएं.
  • प्राणायाम, योग, ध्यान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं. इससे मन को बेहद शांति मिलेगी.
  • जैसे हम गंदे-मैले कपड़े नहीं पहनते, वैसे ही मन भी मैला ना करे. अच्छा सोचें, अच्छा सुने और अच्छा बोलें.

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५) स्वस्थ परस्पर संबंध…

  • अच्छी सेहतभरी ज़िंदगी जीने के लिए अपनों का साथ और विश्‍वास बेहद ज़रूरी है.
  • परिवार के लोगों के साथ बैठकर बातें करें.
  • उनके साथ हंसी-मज़ाक के साथ ख़ुशी के पल बिताएं.
  • घर पर कैरम, कार्ड्स आदि खेल भी खेल सकते हैं.
  • कुछ महिलाएं घर के ज़िम्मेदारियों में ख़ुद को पूरी तरह से व्यस्त कर लेती हैं. ऐसा बिल्कुल ना करें.
  • आपके जितने भी गहरे दोस्त हों, उनसे नियमित रूप से संपर्क में रहें.
  • रिश्तेदारों से भी अपनापन व मधुर संबंध रखें.
  • उनका हालचाल पूछने के लिए समय-समय पर फोन करें. इससे आपका तनाव भी कम होगा और आत्मविश्‍वास भी बढ़ेगा.
    आपकी सामाजिक स्थिति जितनी समृद्ध होगी, आपके रिश्ते जितने मज़बूत होंगे, बीमारियां उतनी ही आपसे दूर रहेंगी और आप ख़ुशहाल जीवन जी सकेंगी.
Women's Health Tips

ऊषा गुप्ता

कोरोना वायरस का डर पूरी दुनिया में फैला हुआ है, लोग इस वायरस से इस कदर डरे हुए हैं कि उन्हें लगता है कि इसका इंफेक्शन होने ही उनकी जान चली जाएगी. यदि आपके मन में भी ये डर है, तो सबसे पहले अपने मन से ये डर निकाल दें. कोरोना वायरस इतना भी भयानक नहीं है, जितना इसके बारे में ग़लतफहमियां फैलाई जा रही हैं. आइए, हम आपको बताते हैं कि कोरोना वायरस है क्या और इससे बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए.

कोरोना वायरस अब चीन के अलावा दक्षिण कोरिया, ईरान, इटली, अमेरिका, फ्रांस जैसे देशों में भी पहुंच चुका है और अब भारत में भी कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि हो चुकी है. यहां पर जानने और समझने वाली सबसे ज़रूरी बात ये है कि कोरोना वायरस इतना भयानक है नहीं, जितना इसके बारे में ग़लतफहमियां फैलाई जा रही हैं. यहां पर हम आपको बता रहे हैं कोरोना वायरस के कारण, लक्षण और इससे बचने के आसान उपाय:

कोरोना वायरस से डरें नहीं सावधानी बरतें
उचित सावधानी और सही समय पर इलाज कराने से आप कोरोना वायरस से आसानी से बच सकते हैं. कोरोना वायरस के बारे में जितना डर फैलाया जा रहा है, असल में कोरोना वायरस इतना भयानक नहीं है. यदि आप सही सावधानी बरतते हैं और सही समय पर डॉक्टर से संपर्क करते हैं, तो आप कोरोना वायरस को आसानी से हरा सकते हैं.

आपको इसलिए कोरोना वायरस से डरने की ज़रूरत नहीं है

  • कोरोना वायरस एक माइल्ड टाइप का वायरस इंफेक्शन है इसलिए इसे जानलेवा नहीं कहा जा सकता. इसकी चपेट में आये सिर्फ 2% लोगों की ही मौत हुई है और इसकी वजह उनका कमज़ोर इम्यून सिस्टम और अन्य कारण भी ज़िम्मेदार थे.
  • यदि आप उचित सावधानी बरतते हैं, तो आपको इससे डरने की ज़रूरत नहीं है. इंफेक्शन होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाते हैं, तो आप जल्दी ही ठीक हो जाएंगे.
  • कोरोना वायरस अन्य सीज़नल वायरल इंफेक्शन की तरह ही है और जिनका इम्यून सिस्टम कमज़ोर है, उन्हें सीज़नल वायरल इंफेक्शन से भी तकलीफ हो सकती है.
  • गर्म तापमान में कोरोना वायरस नहीं पनपता और हमारे देश में अब गर्मी का मौसम आ रहा है इसलिए हमें कोरोना वायरस से डरने की ज़रूरत नहीं है.
  • अफवाहों से बचें और उचित सावधानी बरतकर कोरोना वायरस को खुद से दूर रखें.

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ये हैं कोरोना वायरस के लक्षण:
ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें. उचित सावधानी और सही समय पर इलाज कराने से आप कोरोना वायरस से आसानी से बच सकते हैं.

  • नाक बहना
  • सिर में तेज दर्द होना
  • अचानक तेज बुखार होना
  • गला खराब, बुखार होना
  • जुकाम, खांसी और कफ होना
  • शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी
  • सांस लेने में तकलीफ होना
  • थकान और उल्टी महसूस होना
  • पाचन क्रिया में अचानक तकलीफ होना
  • निमोनिया, ब्रॉन्काइटिस के लखण दिखना
  • लिवर और किडनी में परेशानी

कोरोना वायरस से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

  • बाहर से घर पर आते ही सबसे पहले साबुन या हैंडवॉश से अच्छी तरह हाथ धोएं.
  • यदि आप लंबे सफर पर हैं और बार-बार साबुन से हाथ नहीं धो सकते, तो अपने पास हैंड सैनिटाइज़र ज़रूर रखें और अपने हाथों को समय-समय पर साफ करते रहें.
  • अपने चेहरे को, ख़ासकर मुंह, नाक आंख आदि को छूने से बचें. हाथ धोने के बाद ही चेहरे को छूएं.
  • सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें.
  • अपना मोबाइल फोन नियमित रूप से साफ करें, मोबाइल से भी इंफेक्शन हो सकता है.
  • खांसते या छींकते समय रूमाल या टिशू का इस्तेमाल करें या मुंह को कोहनी से ढंकें.
  • आपके बिल्कुल पास खड़ा कोई व्यक्ति यदि खांसे या छींके, तो उससे दूर हट जाएं, अपना मुंह ढंकने की कोशिश करें और कुछ सेकेंड तक टुकड़ों में सांस लें.
  • सर्दी-जुकाम से मिलते-जुलते लक्षण कोरोना वायरस के भी हैं इसलिए खांसने और छींकने वाले लोगों से दूरी बनाए रखें.
  • घर से बाहर निकलते समय, ख़ासकर भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाते समय मुंह पर मास्क पहनें. इससे आप इंफेक्शन से आसानी से बच सकते हैं. आप चाहें तो एन 95 मास्क या नॉर्मल मास्क भी पहन सकते हैं.
  • अंडा और मांस खाने से परहेज करें.
  • यदि आपको खांसी और बुखार हो रहा है, तो लोगों से दूरी बनाए रखें.

कोरोना वायरस से बचने के लिए पांच बार हाथ ज़रूर धोएं
विश्‍व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है. इसके लिए हाथों की सफाई को प्रमुखता दी गई है और दिन में कम से कम पांच बार हाथ धोने का सुझाव दिया गया है.

डब्ल्यूएचओ (विश्‍व स्वास्थ्य संगठन) ने हाथ को कब और कैसे धोने का ये तरीका बताया है:

1) छींकने और खांसने के बाद हाथ धोएं.
2) बीमार व्यक्ति से मिलने के बाद हाथ धोएं.
3) शौचालय के इस्तेमाल के बाद हाथ धोएं.
4) खाने बनाने और खाने के बाद हाथ धोएं.
5) पशुओं को छूने के बाद हाथ धोएं.

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डॉक्टर बनना हुआ आसान

अब देश में डॉक्टर बनना आसान हो जाएगा, क्योंकि केंद्र सरकार ने देशभर के हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज खोले जाने की योजना बनाई है. पहले चरण में इसकी शुरुआत बिहार के छपरा, समस्तीपुर व पूर्णिया से हो चुकी है. इसके लिए २० राज्यों के ५८ ज़िलों का सिलेक्शन हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के अनुसार, हर ३ संसदीय क्षेत्र में १ मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल होंगे. मोदीजी का यह मानना है कि स्वच्छता अभियान सेहत से भी जुड़ा है, इसलिए उन्होंने इस तरह की योजना की पहल की है.

 

केरल बाढ़ का खुलासा

नासा ने उपग्रह से मिले आंकड़ों के अनुसार, यह खुलासा किया है कि हिमालय की भौगोलिक स्थिति व पश्चिम घाट के कारण दक्षिण-पश्चिमी इलाके में मूसलाधार बारिश व बाढ़ की स्थिति बनी है. अंधाधुंध बरसात के कारण केरल त्रासदी ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था. नासा के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मॉनसून पर अरब सागर व उत्तरी हिंद महासागर से चलनेवाली गर्म हवाओं में मौजूद नमी इस पर्वत श्रेणियों से टकराती है, इसलिए ज़ोरदार बरसात होती है. आज ओणम के पावन अवसर पर हम सभी की यही कामना है कि केरलवासी जल्द से जल्द इस भयावह विपदा से उबर जाएं.

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कार सीट सेंसर

अक्सर लोग थके होने के कारण कार चलाते समय सुस्त हो जाते हैं या फिर उन्हें झपकी आने लगती है, जिससे एक्सीडेंट होने का ख़तरा रहता है. इसी को ध्यान में रखते हुए आईआईटी चेन्नई के वैज्ञानिकों ने कार सीट सेंसर बनाया है. यह कार चालक की हर गतिविधियों पर नज़र रखेगा. इसमें कहीं भी गड़बड़ी होने पर, ड्राइवर के नींद आने, सुस्त होने पर वेकअप अर्लाम बजने लगेगा.

 

नकली अंडों का भ्रम

एफएसएसआई ने नकली या प्लास्टिक के अंडों को लेकर लोगों में फैल रहे अफ़वाहों व भ्रम को दूर करने के लिए गाइडलाइंस जारी की है. बकौल उनके ये सभी आशंकाएं बेबुनियाद हैं. अब तक ऐसी कोई तकनीक नहीं बनी है, जो कृत्रिम या नकली अंडे बना सके. लोग अंडे इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान दें, जैसे- अधिक दिनों तक अंडे को फ्रिज में न रखें, अंडे को धोकर सूखने के बाद फ्रिज में रखें, अंडों से बदबू आती हो या गंदे हो, तो न ख़रीदें. फ्रेश अंडे की पहचान के लिए उसे किसी पानी भरे मग या ग्लास में डालें. यदि अंडे नीचे बैठ जाए, तो फ्रेश हैं और ऊपर तैरने लगे तो पुराने हैं.

 

सेक्स की आज़ादी

मेक्सिको के शहर ग्वादलजारा को सार्वजनिक तौर पर प्यार करने, सेक्स करने की अनुमति मिल गई है. वहां पर अक्सर पुलिस द्वारा पैसे ऐंठने, परेशान करने की शिकायतें मिलती रहती थीं. इसी को रोकने के लिए खुले में सेक्स करने के क़ानूनी प्रस्ताव को पारित किया गया है. इस क़ानून के अनुसार, अब गार्डन, कार, पब्लिक प्लेस, अन्य खुली जगहों पर सेक्सुअल एक्टीविटीज़ को क्राइम नहीं समझा जाएगा. हां, यदि कोई व्यक्ति आपत्ति करें या शिकायत करें, तो मुनासिब कार्रवाई की जा सकती है.

 

आज का आकर्षण

* इंडोनेशिया में हो रहे एशियन गेम्स में स्क्वाश में भारत की दीपिका पल्लीकल और जोशना चिन्नपा ने कांस्य पदक जीता. बधाई!

* तजिंदर सिंह तूर शॉट पुट में स्वर्ण पदक जीते. मुबारक हो.

– ऊषा गुप्ता

Junk Food

जॉनी-जॉनी, यस पापा, ईटिंग शुगर, नो पापा… नर्सरी से ही बच्चों को इस पोयम के ज़रिए हेल्दी खाना खाने की आदत डालने की कोशिश पैरेंट्स करते हैं, लेकिन क्या सच में वो सफल होते हैं? नहीं ना. बच्चों की  बात छोड़िए, ख़ुद आप भी न जाने कितनी बार कोशिश करके हार चुके होंगे. तो हम बता रहे हैं कि आप कैसे बच्चों को जंक फूड से दूर रख सकते हैं? 

“सक्षम… चलो बेटा झट से दूध का ग्लास फिनिश करो, ये चिप्स का पैकेट रखो… मुझे ग़ुस्सा दिला रहे हो अब तुम, जल्दी पीओ दूध. जब देखो चिप्स खाते रहते हो, खाना खाने के नाम पर बुखार चढ़ जाता है.” 7 साल के सक्षम की मां शालिनी हर दिन बेटे के खाने को लेकर परेशान रहती हैं. स़िर्फ वो ही क्यों, हर मां-बाप ये चाहते हैं कि उनका बच्चा हेल्दी खाए, लेकिन बच्चे तो बच्चे हैं. जो मज़ा उन्हें चिप्स, पिज़्ज़ा, बर्गर आदि खाने में आता है, वो दूध, दाल-चावल खाने में नहीं. कुछ बच्चे तो इतने स्मार्ट होते हैं कि मां के सामने दूध का ग्लास पकड़ तो लेंगे, लेकिन उनके जाते ही उसे कभी गमले, कभी डॉगी, तो कभी घर के नौकर को पिला देते हैं और अंत में बचे हुए दूध से अपनी मूंछ बनाते हुए मां को दूध का ग्लास पकड़ाते हुए मां का दुलारा बन जाते हैं. इस तरह मां को लगता है कि बच्चे ने दूध पी लिया और फिर वो उसे ख़ुद ही चिप्स का पैकेट बड़े प्यार से पकड़ा देती हैं. यदि आप सचमुच बच्चे को जंक फूड से दूर रखना चाहते हैं, तो थोड़ी-सी स्मार्टनेस दिखाइए.

धीरे-धीरे करें शुरुआत

ये आप भी जानते हैं कि बच्चों की पसंद की किसी चीज़ पर अचानक रोक लगाने से वो बहुत ज़िद करने लगते हैं और आपसे नाराज़ भी हो जाते हैं. जानकार बताते हैं कि किसी भी चीज़ पर अचानक रोक लगाने की बजाय धीरे-धीरे शुरुआत करें. उदाहरण के लिए, किसी भी दिन उठकर उनके हाथ से बर्गर, पिज़्ज़ा छीनने की बजाय, उन्हें कहें कि ये आज के दिन का आख़िरी जंक फूड है. इसी तरह अगर बच्चे को दिनभर में चिप्स के कई पैकेट खाने की आदत है, तो अचानक सारे चिप्स के पैकेट छुपाने की बजाय पूरे दिन में बच्चे को 1-2 पैकेट ही दें और उसे समझाने की कोशिश करें. बाकी समय में बच्चे को हेल्दी फूड की आदत डालें.

स्मार्ट आइडिया

टिफिन में 3 दिन बच्चों की पसंद का खाना दें और 2 दिन अपनी पसंद का हेल्दी खाना.

जंक फूड ख़रीदना बंद करें

वर्किंग पैरेंट्स पर ये बात ज़्यादा लागू होती है. अक्सर ऑफिस से देर से आने पर घर में खाना बनाने का समय नहीं बचता, जिसके कारण वे बाहर से ही पिज़्ज़ा, बर्गर आदि पैक करा लाते हैं. धीरे-धीरे बच्चों को इसकी आदत पड़ जाती है और वो घर का खाना खाने की बजाय बाहर का खाना ज़्यादा पसंद करते हैं. बच्चों को अगर इससे दूर रखना है, तो आपको सबसे पहले इन्हें घर पर लाना बंद करना पड़ेगा.

स्मार्ट आइडिया

घर पर ही पिज़्ज़ा, बर्गर आदि बनाएं. बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि वो पूरी तरह हेल्दी हों. बर्गर की टिक्की बनाते समय उसमें सब्ज़ियां मिक्स करें.

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बनाएं स्वादिष्ट खाना

वर्किंग होने के कारण मां के पास अच्छा और टेस्टी खाना बनाने का समय नहीं होता. टेस्टी न होने के कारण बच्चे खाना नहीं खाते. ऐसे में मां ये सोचती है कि बच्चा कुछ भी खा ले, जिससे उसके पेट में कुछ तो जाए, लेकिन ये कुछ तो ही आपके बच्चे को अनहेल्दी खाने की ओर आकर्षित करता है. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसे इसी तरह के खाने की आदत पड़ जाती है और हमेशा वो सेहत की बजाय स्वाद को तवज्जो देता है. इस आदत को आप बदल सकती हैं.

स्मार्ट आइडिया

हर दिन न सही, लेकिन कभी-कभार टेस्टी खाना बनाएं. इसके लिए पनीर के साथ बाकी वेजीटेबल मिक्स करके चाट मसाला डालकर स्नैक्स बनाएं, फ्रूट भेल बनाएं. परांठे को टेस्टी बनाने के लिए उसमें मिक्स वेजीटेबल के साथ थोड़ा चीज़ डालें.

जंक फूड का प्रॉमिस

अक्सर बच्चे जब खाना नहीं खाते या पढ़ाई नहीं करते, तो मां उन्हें पिज़्ज़ा, चिप्स, बर्गर आदि अनहेल्दी फूड का लालच देती हैं. इस तरह  बच्चों को अनहेल्दी खाने की आदत हो जाती है और वो उसी पर डिपेंड रहने लगते हैं. आपको अपनी ओर से ऐसा करने से बचना चाहिए.

स्मार्ट आइडिया

अगर प्रॉमिस कर ही दिया है, तो बाहर खाने की बजाय उसे घर पर ही बनाएं. इससे आपकी प्रॉमिस भी पूरी हो जाएगी और जंक फूड भी थोड़ा हेल्दी बन जाएगा.

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ख़ुद भी फॉलो करें

बच्चे पैरेंट्स को फॉलो करते हैं. आप जैसा करते हैं, जैसा उन्हें सिखाते हैं, वैसा ही वो करते हैं. ऐसे में उन्हें जंक फूड से दूर रखने के लिए पहले ख़ुद आप हेल्दी डायट फॉलो करें. उदाहरण के लिए जब भी बच्चों के साथ बाहर जाएं, तो पानीपूरी, समंोसा आदि खाने की बजाय फ्रूट जूस, सूप आदि पीएं. इससे बच्चा भी बाहर जाने पर उसी तरह की डिमांड करेगा.

स्मार्ट आइडिया     

सुबह के नाश्ते से करें शुरुआत. एक ग्लास दूध के साथ कभी फ्रूट सलाद परोसें, तो कभी फ्रूट शेक, दूध में कटे हुए फ्रूट मिक्स करके दें.

मां के हाथ का स्वाद

कहते हैं, मां के हाथ में जादू होता है. आपने भी ये महसूस किया होगा. वास्तविकता ये है कि बचपन में मां अपने बच्चे को जो खिलाती है, बच्चे को उसकी आदत हो जाती है और बड़े होने के बाद भी उस खाने जैसा स्वाद कहीं और नहीं मिलता. आप भी इसकी शुरुआत करें. बचपन में बच्चे के रोने पर झट से उसे कुछ भी बाहरी फूड देने की बजाय घर में कुछ इंटरेस्टिंग बनाएं और बच्चे को उसकी आदत लगाएं. ऐसे में आपके बच्चे को आपके हाथ का बना खाना जितना टेस्टी लगेगा, उतना पिज़्ज़ा, बर्गर नहीं. ये ट्रिक बहुत कारगर है.

–  अनुरीता त्रिपाठी

अधिक पैरेंटिंग टिप्स के लिए यहां क्लिक करेंः Parenting Guide

क्या बच्चों की हर डिमांड पूरी करनी चाहिए? देखें वीडियो:

Health Benefits of Karonde

करौंदे (Health Benefits of Karonde) का कच्चा फल कड़वा, अग्निदीपक, खट्टा, स्वादिष्ट और रक्तपित्तकारक है. यह विष तथा वातनाशक भी है. यह एक छोटा-सा फल है, पर इसमें काफ़ी औषधीय गुण मौजूद हैं. उपचार के आधार से इसमें साइट्रिक एसिड और विटामिन सी समुचित मात्रा में है. इसमें कई सामान्य बीमारियों को नष्ट करने की अद्भुत क्षमता है. इसके फल, पत्तियों एवं जड़ की छाल औषधीय प्रयोग में लाई जाती है. करौंदे के फल का स्वरस 5 से 10 ग्राम, पत्तियों का रस 12 से 24 ग्राम तक, पत्तियों का काढ़ा 60 से 120 ग्राम और फलों का शर्बत 12 ग्राम की मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है.

* करौंदे के कच्चे फल की सब्ज़ी खाने से कब्ज़ियत दूर होती है.

* बुख़ार होने पर करौंदे के पत्ते का क्वाथ पिलाना लाभदायक होता है.

* सूखी खांसी में एक चम्मच करौंदे के पत्ते का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से फ़ायदा होता है.

* इसके कच्चे फल की चटनी खाने से मसूड़ों की सूजन और दांतों की पीड़ा में लाभ मिलता है.

* करौंदे के मूल को उबालकर पिलाने से सर्प विष दूर हो जाता है.

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* करौंदे के ताज़े पत्ते लेकर उनका रस निकालें, छानकर ड्रॉपर से दो-दो बूंद आंखों में डालने से शुरुआती मोतियाबिंद ख़त्म हो जाता है.

* करौंदे के बीजों के रोगन (बीजों को पीसकर तेल में पकाया हुआ तेल) को मलने से हाथ-पैर की बिवाई होने पर बेहतर लाभ होता है.

* गर्मियों में रोज़ाना इसके मुरब्बे का सेवन करने से दिल के रोगों से बचाव होता है.

* इसको खाने से प्यास का शमन होता है और वायु दोष से छुटकारा मिलता है.

* करौंदे में लौह की मात्रा होने के कारण शरीर में रक्त की कमी की समस्या दूर होती है.

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* यह वायुशामक है. इसके पके फल रोज़ाना खाने से पेट की गैस की समस्या दूर होती है.

* जानवरों के कीड़े युक्त घावों में करौंदे की जड़ को पीसकर भर देने से कीड़े नष्ट होकर घाव शीघ्र भर जाते हैं.

* इसकी पत्तियों का क्वाथ सिर में लगाने से जूएं नष्ट हो जाती हैं.

हेल्थ अलर्ट
मूत्र संक्रमण से होनेवाली बीमारी मूत्रनली की सूजन में करौंदा लाभप्रद है. इज़राइल के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक शोध के अनुसार, करौंदे में प्रोंथोसाइनाइडिंस नामक द्रव्य होता है, जो ई-कोली जीवाणु को मूत्राशय में चिपकने नहीं देता, जिसकी वजह से मूत्र से संबंधी बीमारियां नहीं होतीं. इतना ही नहीं, करौंदा शरीर में होनेवाले अल्सर और मुख के संक्रमण से भी बचाव करता है.

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