health benefits

जब अदरक पककर सूख जाता है, तब उसकी सोंठ बनती है. इसी सूखी अदरक को सोंठ कहते हैं. सोंठ में आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर, सोडियम, विटामिन ए और सी, जिंक, फोलेट एसिड, फैटी एसिड, पोटैशियम जैसे पौषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं. इसी कारण यह ना केवल हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करती है, बल्कि मौसमी बीमारियों, जैसे- खांसी-ज़ुकाम जैसी बीमारी से भी बचाती है.
एक रिसर्च के अनुसार, सोंठ में दर्द कम करनेवाले औषधीय तत्व पाए जाते हैं, इसलिए सोंठ को नेचुरल पेनकिलर भी कहा जाता है. यह उपयोगी एवं प्रत्येक घर की प्रसिद्ध वस्तु है. दाल-साग के मसाले में इसका उपयोग होता है. यह पाचन तंत्र के लिए अत्यंत उपयोगी है. सोंठ उल्टी, खांसी, ह्रदय रोग, सूजन आदि बीमारियों को दूर करती है.

घरेलू नुस्ख़े

  • कांजी में सोंठ का चूर्ण डालकर पीने गठिया या जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है.
  • एक शोध के अनुसार, गर्भवती महिलाओं के लिए सोंठ बेहद फ़ायदेमंद होता है. इससे पेट के रोगों के अलावा मॉर्निग सिकनेस यानी सुबह होनेवाली घबराहट से निजात मिलती है.
  • यदि पुराना ज़ुकाम हो, तो सोंठ डालकर पानी को उबाल लें. दिन में तीन बार यह पानी गुनगुना करके पीने से पुराना ज़ुकाम दूर हो जाता है.
  • 10 ग्राम सोंठ का चूर्ण, 10 ग्राम गुड़ और एक चम्मच घी मिलाकर उसमें थोड़ा-सा पानी डालकर रबड़ी जैसा बनाएं. हर रोज़ सुबह इसका सेवन करने से तीन दिन में ही सर्दी-ज़ुकाम ठीक हो जाता है.
  • खांसी और दमा की समस्या होने पर सोंठ, छोटी हरड़ और नागरमोथा का चूर्ण समान मात्रा में लेकर उसमें दुगुना गुड़ मिलाएं और चने बराबर गोलियां बना लें. दिनभर में तीन-चार बार 1-1 गोली मुंह में रखकर चूसने से खांसी व दमा की बीमारी दूर हो जाती है.
  • सोंठ को छाछ से निथारे पानी में घिसकर 21 दिन तक पीने से पुराने बुखार से छुटकारा मिलता है.
  • यदि प्रेग्नेंट महिला को मलेरिया का बुखार हो, तो 3 ग्राम सोंठ को बकरी के दूध में पीसकर दिन में तीन बार पिलाने से मलेरिया का बुखार मिटता है.

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  • अपच या बदहजमी की परेशानी में सोंठ और जवाखार का चूर्ण समान मात्रा में लेकर घी के साथ मिलाकर चाटे और ऊपर से गर्म पानी पीएं. इससे अपच से मुक्ति मिलती है और भूख खुलकर लगती है.
  • सोंठ, हल्दी और गुड़ का काढ़ा बनाकर सुबह एक महीने तक नियमित पीने से धातु स्राव रुकता है और पेशाब के साथ जानेवाली धातु भी बंद हो जाती है.
  • 5 ग्राम सोंठ का चूर्ण बकरी या गाय के दूध के साथ सेवन करने से रक्तस्राव में लाभ होता है. दर्द के साथ पेशाब में ख़ून जाता हो, तो वह भी ठीक हो जाता है.
  • कमरदर्द की समस्या हो, तो सोंठ और एरंड की जड़ का काढ़ा बनाकर उसमें पिसी हुई हींग और काला नमक डालकर पीने से वायु के कारण होनेवाला कमरदर्द दूर होता है.
  • सोंठ और गोखरू समभाग में लेकर सुबह-शाम क्वाथ बनाकर पीने से भी कमरदर्द दूर होता है.
  • सोंठ, जीरा और सेंधा नमक का चूर्ण मट्ठे में मिलाकर भोजन के बाद पीने से पतले दस्त की परेशानी दूर होती है.
  • सोंठ और खसखस की जड़ को पानी में उबालकर पीने से भी दस्त बंद होते हैं.
  • हर रोज़ सुबह गर्म पानी के साथ सोंठ का चूर्ण फांकने या सोंठ का काढ़ा बनाकर उसमें एरंड का तेल मिलाकर पीने से पेचिश मिटती है.
  • सोंठ और बेल फल का काढ़ा बनाकर पीने से हैजे में होनेवाली उल्टी, दस्त व पेटदर्द दूर होता है.
  • सोंठ को पानी या दूध में घिसकर उसका नस्य लेने और लेप करने से सिरदर्द और आधासीसी का दर्द दूर होता है.
  • सोंठ को पानी में घिसकर नस्य से लेने से बिच्छू का विष उतरता है.
  • 500 मि. ली. उबलते हुए पानी में 25 ग्राम सोंठ का चूर्ण डालकर उसे 20-25 मिनट तक ढककर पकाएं. फिर उसे उतारकर ठंडा होने पर कपड़े से छान लीजिए. इसमें से रोज़ 25 से 40 मि. ली. पानी दिन में तीन बार सेवन करने से अपच, खट्टी डकार, पेटदर्द आदि तकलीफ़ दूर होती है.

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रिसर्च
शोधकर्ताओं के अनुसार, सोंठ का सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को दूर करने में भी मदद मिलती है. सोंठ का नियमित सेवन करने से शरीर में कैंसर कोशिकाओं, ट्यूमर व शरीर में मौजूद डीएनए में होनेवाली प्रक्रिया को कम कर देती है. साथ ही खून के थक्के बनने से रोकती है.

हेल्थ अलर्ट

  • डॉक्टर्स का मानना है कि सोंठ का सेवन कम मात्रा में यानी 5 ग्राम तक ही करना चाहिए, वरना फ़ायदे की जगह नुक़सान भी हो सकता है.
  • सोंठ का अधिक सेवन करने से पेट संबंधी समस्या और पीरिड्स में हैवी ब्लीडिंग होने की संभावना होती है.
  • लगातार लंबे समय तक सोंठ का उपयोग करने से सीने में जलन, गैस, मुंह में जलन जैसी परेशानी हो सकती है.

सुपर टिप
सोंठ या अदरक की चाय पीने से पीरियड्स में होनेवाले दर्द में आराम मिलता है.

ऊषा गुप्ता

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Natural Painkiller

लौकी में विटामिन ए और सी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इनसे न केवल शरीर की कई ज़रूरतों की पूर्ति होती है, बल्कि शरीर कई बीमारियों से सुरक्षित भी रहता है. लौकी की इन्हीं गुणों के कारण कई बीमारियों में औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. घीया यानी लौकी शीतल व पौष्टिक होती है. यह पित्त व कफ़ को दूर करती है. यह एक बेहद फ़ायदेमंद सब्ज़ी है और हर मौसम में शरीर को फ़ायदा पहुंचाती है. लौकी में 96% तक पानी होता है. इसमें डायटरी फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जबकि फैट और कोलेस्ट्राॅल बहुत ही कम मात्रा में होता है. लौकी में भरपूर मात्रा में थायमिन, राइबोफ्लेविन, मिनरल्स, फास्फोरस और सोडियम पाया जाता है, जो स्वस्थ रहने में मदद करता है. लौकी को छिलके सहित खाना अधिक लाभदायक होता है.

घरेलू नुस्ख़े

  • यदि शरीर की गर्मी के कारण सिरदर्द या फिर अपच होता है, तो लौकी के जूस में अदरक मिलाकर पिएं. इससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी ठीक होती है.
  • लौकी का जूस कब्ज़, दस्त, एसिडिटी और ख़राब पाचनशक्ति को ठीक करने में मदद करता है. पानी की भरपूर मात्रा होने से लौकी का नियमित इस्तेमाल सुबह आसानी से पेट साफ़ करने में मदद करता है.
  • लौकी के जूस में नमक डालकर पीने से शरीर में पानी की कमी से होनेवाली बहुत सारी समस्याएं दूर होती हैं.
  • लौकी को पैर के तलुवों पर मलने से पैर की गर्मी यानी जलन निकल जाती है.
  • ज्यादा तेल और मसालेवाला भोजन लीवर को नुक़सान पहुंचाता है, पर रोज़ाना लौकी के जूस का सेवन लीवर से संबंधित परेशानियों को ठीक करने में मदद करता है. लौकी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी लीवर में सूजन या दर्द जैसी समस्याओं को कम करते हैं.
  • बिच्छू के काटे हुए स्थान पर लौकी पीसकर लेप करें और इसका रस निकालकर पिलाएं. इससे बिच्छू का जहर उतर जाता है.
  • लौकी का रायता बनाकर दस्त में देने से दस्त का बार-बार आना बंद हो जाता है.

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Benefits Of Lauki
  • गुर्दे के दर्द में लौकी को पीसकर लेप करने से आराम मिलता है.
  • लौकी वज़न भी कम करता है. इसके लिए आप लौकी को हर रोज़ सब्ज़ी, जूस आदि रूप में लें. यदि चाहें तो बदलाव के लिए इसे उबालकर नमक डालकर लें.
  • लौकी में नेचुरल पानी होता है. ऐसे में इसके नियमित इस्तेमाल से प्राकृ‍तिक रूप से चेहरे की रंगत निखरती है. इसके जूस पीने के अलावा थोड़ा-सा हाथों में लेकर चेहरे पर मसाज करें. इसके स्लाइस को काटकर भी चेहरे पर मसाज कर सकते हैं. इससे स्किन ग्लो करती है.
  • शुगर के मरीजों के लिए लौकी बहुत ही फ़ायदेमंद है. इसलिए जिन्हें डायबिटीज़ है, उन्हें हर रोज़ सुबह खाली पेट लौकी का जूस ज़रूर पीना चाहिए.
  • लौकी के बीजों को पीसकर होंठों पर लगाने से जीभ और होंठों के छाले ठीक होते हैं.
  • यह पेट की गड़बड़ी को भी दूर करता है. दरअसल, लौकी का जूस काफ़ी हल्का होता है और इसमें ऐसे कई तत्व होते हैं, जो बदहजमी, कब्ज़ और गैस की समस्या से निजात दिलाते हैं.
  • लौकी नियमित रूप से खाने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल की समस्या कम होती है, जिससे हृदय संबंधी कई बीमारियों और बढ़ते कोलेस्ट्रॉल से होनेवाली तकलीफें नहीं होतीं.
  • मूत्र संबंधी परेशानियों में भी लौकी लाभदायक है. यह शरीर में सोडियम की अधि‍कता को कम करने में सहायक है, जो यूरिन के ज़रिए बाहर निकल जाता है. * प्रतिदिन तरोताजा बने रहने के लिए नमक या मसाले मिलाकर लौकी का जूस पीना बेहद उपयोगी है.
  • दांत के दर्द में भी उपयोगी है लौकी. 75 ग्राम लौकी में 20 ग्राम लहसुन पीसकर एक लीटर पानी में उबालें. जब आधा पानी रह जाए, तब छानकर इससे कुल्ला करने से दांत दर्द दूर होता है.

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  • लीवर की या फिर पेट की समस्या हो, तो लौकी को धीमी आंच पर हल्का-सा पकाकर इसका रस निकाल लें. फिर इसमें थोड़ा-सा मिश्री मिलाकर पीएं.
  • लौकी में ढेर सारा घुलनशील फाइबर पाया जाता है जो उसमें मौजूद ढेर सारे पानी के साथ मिलकर पाचन क्रिया को आसान बनाता है. इस जूस को नियमित पीने से एसिडिटी की तकलीफ़ नहीं होती.
  • लौकी के टुकड़ों को तलुओं पर मालिश करने से टायफाइड बुखार की जलन दूर होती है.
  • लौकी की गिरी खाने से कफ़-खांसी की तकलीफ़ दूर होती है.
  • लौकी या तुलसी के पत्तों को पानी के साथ पीसकर बवासीर के मस्से पर दिन में दो-तीन बार लगाएं. इससे दर्द व जलन कम होती है तथा मस्से भी नष्ट होते हैं.
    लौकी के पत्तों को पीसकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से भी मस्से खत्म हो जाते हैं.
  • लौकी के छिलके को छाया में सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें. इसे एक चम्मच हर रोज़ सुबह-शाम पानी के साथ लें. 6-7 दिन लगातार लेने से बवासीर में खून का आना बंद हो जाता है.
  • घीया के टुकड़ों से पैरों के तलुवों पर मालिश करने से लू के कारण होनेवाली जलन दूर हो जाती है.
  • लौकी को उबालकर खाने से नकसीर में राहत मिलती है.
  • यूरिन प्रॉब्लम में 10 मि.ली. लौकी के रस में 20-20 ग्राम मिश्री और कलमी शोरा को 250 मि. ली. पानी में मिलाकर दिन में दो बार सुबह-शाम लें.
  • घुटने के दर्द में कच्चे लौकी को काटकर उसकी लुगदी बनाकर घुटनों पर रखकर कपड़े से बांध लें. तुरंत आराम मिलता है.
  • चेहरे पर झांइयां हो तो लौकी के ताज़े छिलके को पीसकर चेहरे पर लेप करें.
  • यदि कभी बीमार नहीं पड़ना चाहते हैं, तो हर रोज़ सुबह खाली पेट एक ग्लास लौकी का जूस पिएं.

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  • लौकी का जूस बनाने के लिए 250 या 300 ग्राम लौकी, आधा चम्मच जीरा पाउडर, चुटकीभर कालीमिर्च पाउडर, 4-5 पुदीने के पत्ते, नमक स्वादानुसार लें. लौकी को छीलकर धोकर टुकड़े करके पुदीने के पत्ते डालकर मिक्सी में पीस लें. जूस बन जाने पर जीरा, कालीमिर्च और नमक मिला लें. इस जूस को नियमित पीने से भूख कंट्रोल में रहती है.

सुपर टीप

  • यदि आप तनाव में रहते हैं और नींद भी ठीक से नहीं आती है, तो लौकी का जूस हर रोज़ पिएं. सावधानियां
  • दमे के मरीज़ लौकी न खाएं.
  • पुरानी पकी लौकी से कब्ज होने की संभावना रहती है, इसलिए इसका इस्तेमाल न करें.
  • कडवी लौकी विषैली होती है, अतः इसका उपयोग भी न करें.

ऊषा गुप्ता

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सुबह (Morning) के समय सबसे बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज़ क्या हो सकता है? चलिए हम आपको एक हिंट देते हैं. ज़्यादातर लोग मन ही मन फिट रहने के लिए यही एक्सरसाइज़ करना पसंद करेंगे. जी हां, हम सेक्स (Sex) की बात कर रहे हैं.

Health Benefits Of Morning Sex

 आजकल की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में अधिकांश लोग घंटों तक लगातार काम करते हैं, जिसके चलते घर आते-आते वे इस कदर थक जाते हैं कि रात में घर पहुंचने के बाद बिस्तर पर जाते ही गहरी नींद की आगोश में समा जाते हैं. रोज़मर्रा की इस दिनचर्या से कइयों की सेक्स लाइफ पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. कई बार लोग तनाव और चिंता के कारण भी सेक्स के प्रति उदासीन नज़र आते हैं, जबकि सेक्स तनाव दूर करने के साथ-साथ मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है. ज़्यादातर लोग रात में सेक्स करना पसंद करते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि रात की बजाय सुबह के व़क्त किया गया सेक्स सेहत के लिहाज से ज़्यादा फ़ायदेमंद माना जाता है.

दरअसल, साल 2015 में सेक्स टॉय कंपनी लव हनी ने एक सर्वे कराया था, जिसमें 2300 लोगों को शामिल किया गया था. इस सर्वे में शामिल अधिकांश पुरुषों ने यह माना कि उन्हें सुबह 6-9 बजे के बीच सेक्स करना अच्छा लगता है, जबकि महिलाओं का कहना था कि उन्हें रात में 11-2 बजे के बीच सेक्स करना ज़्यादा पसंद है. इसके अतिरिक्त साल 2018 में हुए एक सर्वे में शामिल 1000 वयस्कों में से 53 फ़ीसदी ने यह माना कि सुबह में सेक्स करने से वे दिनभर ऊर्जावान महसूस करते हैं.

1. तनाव होता है गायब

सुबह के व़क्त सेक्स करने से शरीर में ऑक्सीटोसिन नामक स्ट्रेस दूर करने वाला हार्मोन रिलीज़ होता है, जिससे तनाव को दूर भगाने में मदद मिलती है और मूड बेहतर होता है. अगर आपको अपने दिन की शुरुआत अच्छी करनी है तो सुबह के समय सेक्स करने की आदत डाल लीजिए.

2. त्वचा में आता है निखार 

सुबह के समय पुरुषों में कामेच्छा को बढ़ाने वाला सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन का स्तर तेज़ी से बढ़ता है, जिससे लिंग में कड़ापन आता है. सुबह के व़क्त सेक्स करने से बीमारियों की संभावना कम हो जाती है और इससे त्वचा में गजब का निखार आता है.

Morning Sex Benefits
3. वीर्य की गुणवत्ता होती है बेहतर

एक रिसर्च के अनुसार, सुबह के व़क्त सेक्स करने से पुरुषों में वीर्य की गुणवत्ता 12 फ़ीसदी तक बढ़ जाती है. खासकर जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत होती है, उन्हें सुबह में सेक्स करना चाहिए. इससे गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है और सेक्स संबंधी कई समस्याओं से भी छुटकारा मिलता है.

4. बढ़ती है रोग-प्रतिरोधक क्षमता

सुबह के व़क्त सेक्स करने से शरीर में इम्योनोग्लोबिन ए नामक एंटीबॉडी बनता है, जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इससे दूसरी बीमारियों का ख़तरा 30 फ़ीसदी तक कम होता है और व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ रहता है.

5. बेहतरीन एक्सरसाइज

सुबह के समय सेक्स करना किसी बेहतरीन एक्सरसाइज से कम नहीं है. दरअसल, सुबह के समय हवा में ऑक्सीज़न की मात्रा अधिक होती है और इस दौरान सेक्स करने से व्यक्ति बड़ी-बड़ी सांसें लेता है, जिससे ऑक्सीज़न आसानी से फेफड़ों तक पहुंचता है. इससे दिमाग शांत रहता है और हार्ट अटैक का ख़तरा भी काफ़ी हद तक कम होता है.

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Spices That Are Good For Health

मसालों (Spices) के बिना भारतीय खाने (Indian Food) का स्वाद (Taste) अधूरा है. साबूत धनिया, हल्दी, कालीमिर्च आदि मसालों की ख़ूशबू और टेस्ट खाने का स्वाद दोगुना कर देते हैं. इन मसालों की अपनी ख़ासियत व गुण होते हैं, जो विभिन्न बीमारियों में तुरंत राहत पहुंचाते हैं. आइए जानें इन मसालों के बारे में:

  1. अजवायन

Ajwain

  • खाने की स्वाद बढ़ाने के साथ अजवायन अच्छी सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है. अजवायन का सेवन करने से पेट की कीड़े मरते हैं और पेट संबंधी बीमारियां- गैस और अपच भी ठीक होता है.

2. मेथीदाना

Methidana

  •  विशेष रूप से सूखी सब्ज़ियों में डाला जाता है, जिससे उनका स्वाद और भी बढ़ जाता है. मेथीदाना खाने से पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं दूर होती है, मधुमेह व जोड़ों के दर्द में भी आराम मिलता है. बालों की अच्छी सेहत के लिए मेथीदाना बहुत फ़ायदेमंद है.

3. हींग

Hing

  •  इसकी तासीर गरम होती है, इसलिए सर्दियों में विशेष रूप से हींग ज़रूर खाना चाहिए,लेकिन गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन कम करना चाहिए.

4. साबूत कालीमिर्च

Sabut Kali Mirch

  • साबूत कालीमिर्च का सेवन केवल सब्ज़ी व दाल का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं किया जाता है, बल्कि चाय व सलाद में इसका इस्तेमाल किया जाता है. साबूत कालीमिर्च का सेवन करने से सर्दीज़ुकाम में आराम मिलता हैं. पेट संबंधी तकलीफों में आराम मिलता है.

5. इलायची

Elaichi

  • दाल-सब्ज़ी में डालने के अलावा विशेष रूप से स्वीट डिश का टेस्ट बढ़ाने के लिए इलायची पाउडर डाला जाता है. इसे खाने से खाना जल्दी पचता है और एसिडिटी में आराम मिलता है.

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6. लौंग

Clove

  • लौंग केवल खाने का स्वाद बढ़ता है, बल्कि दांतों के दर्द में भी राहत पहुंचाता है. एसिडिसी होने पर लौंग चूसने से तुरंत आराम मिलता है.

7. साबूत धनिया

Dhaniya

  • साबूत धनिया से खाना जल्दी पचता है और पेशाब में होनेवाली जलन को दूर करता है.

8. राई

Rai

  • एक ओर जहां राई का छौंक खाने का स्वाद डबल कर देता है. वहीं दूसरी ओर राई खाने से पेट के कीड़े ख़त्म होते हैं और डायजेस्टिव सिस्टम भी ठीक रहता है.

9. जीरा

Jeera

  •  जीरे के बिना एक ओर खाने का स्वाद अधूरा वहीं दूसरी ओर जीरा खाने से गैस की समस्या दूर होती है.

10. हल्दी

Haldi

 

  •  यह ऐंटीसेप्टिक, एंटीएलर्जिक और एंटीफंगल है. हल्दी का सेवन करने से कफ और शारीरिक दर्द में आराम मिलता है.

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 – देवांश शर्मा

Benefits Of Carrots
गाजर (Benefits Of Carrots) स्वाद में मधुर, उष्ण, हृदय के लिए शक्तिदायक, पाचक अग्नि को तीव्र करनेवाला और पचने में हल्का होता है. यह गठिया, यकृत, पथरी आदि रोगों में भी लाभदायक है. इसका सेवन करने से बवासीर का नाश होता है व आंखों की ज्योति बढ़ती है. गाजर को विविध व्यंजनों के रूप में या कच्चा खाने की अपेक्षा इसका रस विशेष गुणकारी होता है, क्योंकि गाजर के रस में ‘टॉकोकिनिन’ नामक तत्व होता है, जो शरीर के लिए अत्यंत उपयोगी होता है. गाजर के रस में ग़ज़ब का जंतुनाशक गुण है. यह आंतों के हानिकारक जीवाणुओं को भी नष्ट कर देता है.

* गाजर के पत्तों पर दोनों तरफ़ घी लगाकर गर्म करें. फिर उनका रस निकालकर 2-2 बूंद नाक व कान में डालें. इससे माइग्रेन (आधासीसी) का दर्द दूर हो जाता है.

* पेट में गैस हो, पेट फूला हो अथवा दर्द हो रहा हो, तो गाजर के रस में प्याज़ का रस मिलाकर थोड़ा-सा नमक डालकर पीने से आराम मिलता है.

* एक कप गाजर का रस, आधा कप चुकंदर का रस और पौना कप खीरे का रस मिलाकर पीने से आंतों की सूजन दूर होती है.

* 25 ग्राम गाजर के आटे में 10 ग्राम मखाना का चूर्ण मिलाकर दूध के साथ पीने से प्रमेह रोग नष्ट होता है.

* गाजर को काटकर सुखा लें और पीसकर उसका आटा बनाकर रख लें. हर रोज़ 50 ग्राम गाजर के आटे में 50 ग्राम शक्कर मिलाकर शर्बत बनाकर पीएं. इससे वीर्य की वृद्धि होती है और यौनशक्ति बढ़ती है.

* गाजर के रस का हर रोज़ सेवन करने से दिमाग़ी कमज़ोरी दूर होती है और स्मरणशक्ति बढ़ती है.

* गाजर को उबालकर उसकी पुल्टिस बनाकर बांधने से ज़ख़्म, फोड़े और हर प्रकार के घाव ठीक हो जाते हैं.

* नाक से ख़ून बहने पर गाजर का रस पीने से और सिर पर उसकी लुगदी बनाकर लगाने से लाभ होता है.

* गाजर के रस को स्वादिष्ट बनाने के लिए आधा नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन कर सकते हैं. यह स्वादिष्ट, शक्तिवर्द्धक तथा ताज़गी देनेवाला होता है.

* गाजर का रस अम्लता की बीमारी में तुरंत लाभ पहुंचाता है. संक्रामक बीमारियों में भी गाजर का रस विशेष हितकारी है. रक्त की विषाक्तता, एनीमिया, बवासीर और अन्य रक्तविकारों में गाजर का रस रामबाण सिद्ध हुआ है.

* गर्भवती महिलाओं द्वारा नियमित रूप से गाजर का रस सेवन करने से उनमें दूध की वृद्धि होती है और प्रसूति के समय होनेवाले रोगों से भी बचाव होता है.

* वैज्ञानिक शोधों से पता चला है कि गाजर में एक ऐसा तत्व पाया जाता है, जिससे रक्त में कैंसर के कोष विकसित नहीं होते.

सुपर टिप

पांच गाजर को उबालकर मसल लें. फिर इसमें 21 किशमिश और दो चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें. साथ ही गाजर की पत्तियां घी लगाकर गर्म करके जोड़ों पर बांधें. ऐसा कुछ दिनों तक नियमित करने से जोड़ों के दर्द, गठिया आदि से छुटकारा मिल जाता है.

– रेखा गुप्ता

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Health Benefits Of Peepal
वृक्षों में पीपल (Health Benefits Of Peepal) का स्थान सबसे ऊंचा है. वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में ऑक्सीजन पीपल के द्वारा ही उत्सर्जित होती है. इसी से हम सांस लेकर जीवित रहते हैं. पीपल में अमृत तत्व पाया जाता है. इसमें देवताओं का निवास स्थान माना गया है. लेकिन आध्यात्मिक महत्व के अतिरिक्त इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पीपल के जड़ से लेकर पत्तों तक में रोग निवारण की अद्भुत क्षमता है. दूध जैसा दिखनेवाला इसका रस हृदय रोग को दूर करता है. आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी पीपल के औषधीय गुणों का महत्व बतलाया गया है.

 

* सांस फूलने या दमा का दौरा पड़ने पर पीपल की सूखी छाल के चूर्ण की 5 ग्राम मात्रा गुनगुने पानी के साथ दिन में तीन बार लेने से काफ़ी राहत मिलती है और धीरे-धीरे यह रोग शांत हो जाता है.
* यदि कब्ज़ हो, तो पीपल के पत्तों को छाया में सुखाकर उसके चूर्ण को गुड़ के साथ मिलाकर गोलियां बना लें. रात को सोने के कुछ समय पहले दो गोली गुनगुने दूध के साथ सेवन करने से तुरंत ही लाभ होता है.
* आंखों से पानी गिरने पर पीपल की पांच कोपलें एक कप पानी में रात को भिगो दें और सुबह उसी पानी से आंखों को धोएं.
* कोपलों के रस में शुद्ध शहद मिलाकर सलाई से आंखों में प्रतिदिन लगाने से आंखों की लाली तथा जलन भी दूर होती है.
* पीपल के छोटे पत्तों को कालीमिर्च के साथ पीसकर मटर के आकार की गोलियां बनाएं. एक गोली दांतों तले दबाकर कुछ देर रखने से दांतों का दर्द दूर हो जाता है.
* 50 ग्राम पीपल की गोंद में समान मात्रा में मिश्री मिलाकर चूर्ण बनाएं. प्रतिदिन सुबह 3 ग्राम यह चूर्ण सेवन करने से शरीर की गर्मी शांत होती है और नकसीर से छुटकारा मिल जाता है.
* पीपल और लसौढ़े के 5-5 पत्ते अच्छी तरह पीसकर उसमें सेंधा नमक मिलाकर पंद्रह दिनों तक पीने से पीलिया रोग पूर्ण रूप से ख़त्म हो जाता है.
* पीपल के पंचांग का चूर्ण एवं गुड़ समान मात्रा में मिलाकर सौंफ के अर्क के साथ दिन में दो बार सेवन करने से पेट के सारे कीड़े मर जाते हैं. बच्चों के लिए यह बहुत उपयोगी नुस्ख़ा है.
* पीपल के सूखे फलों को कूट-पीसकर कपड़छान चूर्ण बना लें. संतानहीन स्त्रियों को इस चूर्ण की 5 ग्राम की मात्रा एक ग्लास शुद्ध गुनगुने दूध के साथ नियमित सेवन करना चाहिए. गर्भाधान अवश्य होगा. केवल मासिक धर्म के दिनों में इसका सेवन न करें.
* शीघ्रपतन की शिकायत हो, तो पीपल की दुधिया रंग की 11 बूंदें शक्कर या बताशे में टपकाकर प्रतिदिन सेवन करने से सारा दोष मिट जाता है. कुछ महीनों तक इसका सेवन जारी रखें.
* पीपल की छाया में प्रतिदिन विश्राम करने वाले लोग चर्म रोग से बचे रहते हैं.
* सन्निपात ज्वर के रोगी को पीपल के पत्तों पर लिटाने से उसका ज्वर उतर जाता है.
* बच्चे को नज़र लग जाने पर पीपल के पत्तों को जलाकर उसका धुआं बच्चे के शरीर पर लगाने से नज़र उतर जाती है.

सुपर टिप

पीपल के पांच पके हुए फल प्रतिदिन खाने से स्मरणशक्ति बढ़ती है. साथ ही शरीर भी पुष्ट एवं ओजयुक्त होता है.

 

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Health Benefits of Papaya

हर जगह आसानी से मिलनेवाला पपीता (Health Benefits of Papaya) एक बेहतरीन फल है. स्वाद में मीठा पपीता वज़न कम करने से लेकर इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग करने तक का काम करता है. फाइबर, पोटैशियम और कैल्शिमय से भरपूर पपीते के फ़ायदे जानकर आप उसे डायट में ज़रूर शामिल करेंगे.

* पपीता खाने से पेट साफ़ रहता है. जिन लोगों को कब्ज़ की समस्या होती है, उनके लिए पपीता खाना बहुत फ़ायदेमंद होता है. ये आसानी से डाइजेस्ट  भी हो जाता है.

* पपीता खाने से एनर्जी मिलती है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी दूर होती है.

* यदि आप रोज़ाना पपीता खाते हैं, तो जल्दी बुढ़ापा नहीं आएगा. साथ ही सर्दी, खांसी, ज़ुकाम जैसी बीमारियां भी दूर रहेंगी.

* रेग्युलर पपीता खाने से झुर्रियां नहीं पड़ती, हेयर फॉल कंट्रोल होता है और स्किन से जुड़ी बीमारी भी नहीं होती.

* पपीते में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रखने के साथ ही दिल की बीमारी और डायबिटीज़ में भी फ़ायदेमंद होता है.

* पपीता खाने से स्किन और आईज़ भी हेल्दी रहती है. पपीते में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मज़बूत बनाता है.

Health Benefits of Papaya

* पपीता खाने से पेट के इंफेक्शन से भी बचा जा सकता है. जो लोग डायटिंग कर रहे हैं उनके लिए पपीता खाना फ़ायदेमंद होता है. इसमें मौजूद    फाइबर वज़न कम करने में सहायक होता है.

* वैसे तो पपीता बहुत हेल्दी होता है, मगर प्रेग्नेंट महिलाओं को पपीता नहीं खाना चाहिए, डॉक्टर भी उन्हें पपीता न खाने की सलाह देते हैं

* पपीते में विटामिन सी भी होता है. आप यदि डेली पपीता खाते हैं, तो आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है. पपीता इम्यून सिस्टम को  मज़बूत बनाता है

* यदि आपको भी पीरियड्स के दौरान दर्द होता है, तो पपीता खाएं. ये खाने से न स़िर्फ दर्द से आराम मिलता है, बल्कि पीरियड साइकिल भी रेग्युलर  रहता है.

* कई अध्ययन से साबित हुआ है कि पपीता खाने से कोलन और प्रोस्टेट कैंसर का ख़तरा कम हो जाता है.

* पीलिया यानी जॉन्डिस होने पर पपीता खाना बहुत फ़ायदेमंद होता है. इस बीमारी में लीवर बहुत कमज़ोर हो जाता है. ऐसे में रोज़ाना एक प्लेट    पपीता खाने से पाचन तंत्र ठीक रहता है.

Health Benefits of Ladyfingers

स्वाद और सेहत से भरपूर भिंडी (Health Benefits of Ladyfingers) में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम और आयरन की भरपूर मात्रा होती है. भिंडी कई तरह की हेल्थ प्रॉबलम्स से छुटकारा दिलाने में मददगार है, तो हेल्दी रहने के लिए भिंडी को अपनी डायट में शामिल करना न भूलें.

* आमतौर पर भिंडी हर किसी की फेवरेट होती है, इसकी ड्राई सब्ज़ी बहुत ही स्वादिष्ट लगती है, मगर स्वाद के साथ ही भिंडी सेहत का भी खज़ाना है. भिंडी खाने से कैंसर का ख़तरा कम हो जाता है, ख़ासकर कोलन कैंसर का. दरअसल, भिंडी इंटेस्टाइन (आंत) से हानिकारक टॉक्सीन को निकालने में मदद करता है, जिससे ये ठीक तरह से काम कर सके.

* भिंडी की सब्ज़ी आपके हार्ट को भी हेल्दी बनाए रखेगी. भिंडी में पैक्टिन होता है, जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार है. साथ ही इसमें सोल्यूबल (घुलनशील) फाइबर होता है जो ब्लड में कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करता है, इससे हार्ट डिसीज़ का ख़तरा कम हो जाता है.

* भिंडी खाने से बॉडी में ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ता, जिससे आप डायबिटीज़ से बच जाते हैं. ये ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकता है.

* यदि आपको एनीमिया की शिकायत है, तो भिंडी ज़रूर खाएं. आयरन से भरपूर भिंडी हीमोग्लोबीन बढ़ाने में भी सहायक है. भिंडी में मौजूद विटामिन-के खून के बहाव को रोकता है.

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*डाइजेशन ठीक रखने के लिए डायट में फाइबर का होना बहुत ज़रूरी है और भिंडी में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो खाना पचाने में मदद करता है. भिंडी खाने से कब्ज़, पेटदर्द और गैस की प्रॉब्लम नहीं होती.

* भिंडी में पाए जानेवाले विटामिन और अन्य पोषक तत्व आपकी हड्डियों को मज़बूत बनाते हैं.

* विटामिन सी और एंटीआक्सिडेंट से भरपूर भिंडी इम्यूनिटी भी बूस्ट करता है. ये इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाती है जिससे आपका शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार होता है. भिंडी खाने से खासी व ठंड लगने जैसी परेशानी से भी बचा जा सकता है.
* भिंडी आई साइट को भी हेल्दी रखती है. इसमें विटामिन ए और बीटाकैरोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों की समस्याओं से बचाता है. विटामिन ए आंखों की सेहत के लिए बहुत ज़रूरी है और ये उम्र के असर से आंखों को होनेवाले नुकसान से भी बचाता है.

* प्रेग्नेट महिलाओं के लिए भी भिंडी बहुत फ़ायदेमंद होती है. इसे खाने से बच्चे की ग्रोथ अच्छी होती है. भिंडी में फोलेट होता है जो भ्रूण के ब्रेन डेवलपमेंट में अहम भूमिका निभाता है.
* भिंडी में कैलोरी की मात्रा भी बहुत कम होती है. 100 ग्राम भिंडी में क़रीब 30 कैलोरी होती है. अतः वज़न कम करने वालों के लिए भिंडी बेस्ट सब्ज़ी है. कम कैलोरी और भरपूर फाइबर वाली भिंडी को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें.

* आपकी बॉडी के साथ ही भिंडी बालों को भी हेल्दी बनाती है. बाउंसी हेयर पाने के लिए भिंडी के छोटे-छोटे टुकड़े करके इसमें आधा नींबू निचोड़ लें और इससे बाल धोएं. बाल काले और घने बनेंगे, इतना ही नहीं यदि बालों में जुएं है, तो वो भी दूर हो जाएंगे.

हेल्थ अलर्ट
यदि आपको स्टोन की प्रॉब्लम है, तो भिंडी न खाएं. भिंडी पित्त की पथरी और गुर्दे की पथरी के ख़तरे को बढ़ाती है.

 

– कंचन सिंह

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Health Benefits of Broccoli

फूलगोभी की तरह दिखने वाला ब्रोकोली (Health Benefits of Broccoli) भले ही आम घरों में बहुत ज़्यादा यूज़ न होता हो, मगर ये हरी सब्ज़ी सेहत से भरपूर होती है. इसे स्टीम या बॉयल करके खाना सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है. ब्रोकोली के फ़ायदे जानकर आप भी इसे अपनी डायट में शामिल ज़रूर करेंगे.

 

* इसमें आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, क्रोमियम, विटामिन ए और सी पाया जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो इम्यून सिस्टम  को स्ट्रॉन्ग बनाकर बीमारियों और इंफेक्शन से बचाता है.

* ब्रोकोली में क्रोमियम होता है, जो शरीर में इंसुलिन के प्रोडक्शन को कंट्रोल करके डायबिटीज़ से बचाता है.

* मज़बूत हड्डियों के लिए ब्रोकोली को अपनी डायट में ज़रूरी शामिल करें. इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और जिंक की भरपूर मात्रा होती  है. बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए ब्रोकोली बहुत फ़ायदेमंद होता है.

* प्रेग्नेंट महिलाओं को रोज़ाना ब्रोकोली खानी चाहिए. इसमें मौजूद पोषक तत्व बच्चे की सेहत और ग्रोथ में तो मदद करते ही हैं, ये मां को भी  इंफेक्शन से बचाते हैं.

* ब्रोकोली खाने से एनीमिया और अल्ज़ाइमर से बचा जा सकता है. इसमें आयरन और फोलेट की मात्रा ज़्यादा होती है.

* ब्रोकोली खाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है.

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* ब्रोकोली में कैलोरी नहीं होती, तो आप अगर डायटिंग कर रहे हैं, तो ब्रोकोली खाना आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद होगा.

* रेग्युलर ब्रोकोली खाने से कैंसर की संभावना कम हो जाती है. इसमें मौजूद तत्व शरीर से हानिकारक टॉक्सीन को बाहर निकालते हैं.

* यदि आपकी डायट में फोलेट कम मात्रा में है, तो आपके डिप्रेशन में जाने की संभावना बढ़ जाती है. अतः डायट में ब्रोकोली को ज़रूर शामिल करें. ये  आपका मूड ठीक रखेगा और मेंटली हेल्दी भी.

* ब्रोकोली में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को यूवी किरणों के हानिकारक प्रभाव से बचाने में भी मदद करते हैं और स्किन की स्वेलिंग कम करते हैं.

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health benefits of fennel seeds
होटल में भी आपने देखा होगा कि खाने के बाद आपको सौंफ दिया जाता है? क्या आपने कभी सोचा कि ऐसा क्यों है? क्यों आख़िर खाने के बाद सौंफ ही खाई जाती है कुछ और क्यों नहीं? दरअसल, लोग सौंफ इसलिए खाते हैं ताकि मुंह से दुर्गंध (health benefits of fennel seeds) न आए, लेकिन इसके अलावा भी सौंफ के कई फ़ायदे हैं.

 

कब्ज़ से राहत
यदि आप लंबे समय से कब्ज़ से परेशान हैं, तो सौंफ से आपकी ये परेशानी दूर हो सकती है. कब्ज दूर करने के लिए 100 ग्राम सौंफ को पीसकर रख लें. रोज़ाना सुबह-शाम खाने के बाद इसे गुलाब के गुलकंद के साथ मिलाकर खाएं. जल्द फ़ायदा मिलेगा. रात में सोते समय गुनगुने पानी के साथ सौंफ का चूर्ण खाने से भी कब्ज़ से राहत मिलती है.

आंखों की बीमारी दूर होती है
आंखों से संबंधित कोई भी बीमारी सौंफ के नियमित प्रयोग से कम हो सकती है. इसके
निरंतर उपयोग से आंखें कमज़ोर नहीं होतीं. इतना ही नहीं मोतियाबिंद की शिकायत भी दूर हो जाती है. रोज़ाना एक बड़ा चम्मच सौंफ चबाएं. सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें. ये रोज़ाना एक चम्मच सुबह-शाम खाएं. आंखों की समस्याएं दूर हो जाएंगी.

पाचन शक्ति मज़बूत करता है
यदि आपको भी डाइजेशन की प्रॉब्लम हैं, तो सौंफ आपके लिए बहुत कारगर है. 50 ग्राम सौंफ और 50 ग्राम जीरा को भूनकर इसमें 25 ग्राम काला नमक मिलाकर चूर्ण तैयार करें. डेली खाना खाने के बाद इसे गुनगुने पानी के साथ खाएं. डाइजेशन ठीक रहेगा.

खट्टी डकार से राहत
क्या आप भी खट्टी डकार से परेशान रहते हैं और इस वजह से कुछ भी खाने का मन नहीं करता, तो चिंता छोड़िए और सौंफ का सेवन बढ़ा दीजिए. थोड़ी-सी सौंफ पानी में उबालकर मिश्री डालकर पीएं. दिन में दो-तीन बार पीने से आराम मिलेगा.

खांसी से राहत
मौसम बदलते ही क्या आपको भी खांसी की शिकायत होने लगती है. दवाइयां लेने के बावजूद खांसी ठीक नहीं होती, तो आप सौंफ खाना शुरू कर दें. सौंफ के अर्क में थोड़ा-सा शहद मिलाकर खाने से खांसी से आराम मिलता है. सौंफ को अंजीर के साथ खाने से भी खांसी दूर होती है.

पेट दर्द से राहत
क्या अक्सर आपको पेट दर्द की शिकायत रहती है? अगर हां, तो अब ये परेशानी दूर हो सकती है. सौंफ को भूनकर एक डिब्बे में रख लें. पेटदर्द होने पर इसे अच्छे से चबाइए. जल्द आराम मिलेगा.

गैस से राहत
अक्सर गैस की समस्या से परेशान हैं, तो खाना बनाते समय दाल व सब्ज़ी में सौंफ का तड़का लगाएं. ऐसा नियमित रूप से करने से जल्द ही आपको गैस की समस्या से राहत मिलेगी.

भूलने की बीमारी से निजात
आजकल बढ़ते तनाव के कारण क्या आपको भी भूलने की बीमारी हो गई है? तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. रोज़ाना सौैंफ खाने से ये समस्या बहुत जल्द दूर हो जाएगी. इसके लिए सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें. सुबह-शाम खाने के बाद 2 चम्मच ये चूर्ण खाएं.

बच्चों के लिए है फ़ायदेमंद
छोटे बच्चे अक्सर पेट की समस्या से परेशान रहते हैं. इससे बचने के लिए दो चम्मच सौंफ के चूर्ण को दो कप पानी में अच्छी तरह उबाल लें. एक चौथाई रह जाने पर इस पानी को छानकर ठंडा कर लें. इसे 1-1 चम्मच दिन में दो से तीन बार पिलाने से बच्चों में अपच, दूध पलटना, मरोड़ आदि शिकायतें दूर होती हैं.

स्मार्ट टिप्स

गले में खराश होने पर सौंफ को चबाते रहने से बैठा गला साफ़ हो जाता है.

उल्टी, जी मिचलाना, जलन, मरोड़ आदि में सौंफ का सेवन बहुत लाभकारी होता है.

रोज़ाना सुबह-शाम 10-10 ग्राम सौंफ बिना मीठा मिलाए चबाने से ख़ून साफ़ होता है और त्वचा का रंग भी निखरता है.

हाथ-पांव में जलन की शिकायत होने पर सौंफ और धनिया को समान मात्रा में मिलाकर कूट लें और इसमें मिश्री मिलाकर मिश्रण तैयार करें. खाना    खाने के बाद रोज़ाना एक चम्मच खाएं, फ़ायदा होगा.

गर्मी में सौंफ की ठंडई बनाकर पीने से पेट ठंडा रहता है और पेट संबंधी कोई परेशानी भी नहीं होती.

Health Benefits of Ginger

ठंड के मौसम में गरम-गरम अदरक (Health Benefits of Ginger) की चाय पीने का मज़ा ही कुछ और है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सर्दी-खांसी दूर करने के साथ ही अदरक और भी कई बीमारियों में फायदेमंद होता है.

* यदि आपको भूख नहीं लगती, तो अदरक को बारीक़ काटकर नमक छिड़ककर खाएं. इससे कब्ज़ की शिकायत दूर होगी और भूख खुलेगी.

* अदरक खाने से पाचन शक्ति भी मज़बूत होती है.

* बुखार होने पर अदरक और पुदीने का काढ़ा बनाकर पीएं.

* अदरक के रस में शहद डालकर चाटने से खांसी कम होती है.

* ज़ुकाम से परेशान हैं, तो अदरक वाली चाय पीएं. राहत मिलेगी.

* लगातार उल्टी आए, तो अदरक के रस में प्याज़ का रस मिलाकर पीएं.

* पेटदर्द होने पर अदरक और पुदीने के रस में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर पीएं.

* अदरक को कूटकर पानी में उबाल लें. इस पानी को दिन में 3 बार पीएं. दस्त से मुक्ति मिलेगी.

Health Benefits of Ginger

* अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स एलर्जी व संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. रोज़ाना अदरक खाने से सांस संबंधी बीमारी का ख़तरा कम हो जाता  है.

* अदरक के रस में मेथीदाना और शहद मिलाकर खाने से अस्थमा के मरीज़ों को राहत मिलती है.

* अदरक के एंटीइंफ्लामेट्री गुण महिलाओं को पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाते हैं. पीरियड्स के दौरान होने वाली गैस्ट्रिक की समस्या अदरक खाने से  दूर हो जाती है.

* कुछ रिसर्च से पता चला है कि माइग्रेन के दर्द में सिर पर अदरक का पेस्ट लगाने से राहत मिलती है. ये लेप लगाने से सिर में रक्त संचार तेज़ हो  जाता है, जिससे दर्द से तुरंत आराम मिलता है.

* यदि जॉइंट पेन से परेशान हैं, तो पानी में अदरक का रस मिलाकर नहाएं. दर्द दूर हो जाएगा.

* रेग्युलर अदरक का रस पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रहता है. ये ब्लड फ्लो को ठीक रखता है, जिससे हार्ट अटैक का ख़तरा कम हो जाता है.

* अदरक को सर्दियों के लिए बेस्ट माना जाता है. दरअसल, यह सर्दी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को ख़त्म करने में मदद करता है.

* यदि आप हमेशा गैस की समस्या से परेशान रहते हैं, तो आधा चम्मच पिसी हुई सोंठ में नमक मिलाकर दिन में तीन बार गर्म पानी के साथ खाएं.  आराम मिलेगा.

* अपनी बढ़ी हुई तोंद को कम करना चाहते हैं, 10 ग्राम अदरक को छीलकर छोटे टुकड़े करके तवे पर थोड़े से पानी के साथ भून लें. जब पानी सूख  जाए, तो इसमें एक चम्मच देसी घी डालकर अच्छी तरह भूनें. इसे खाना खाने से पहले खाएं. बढ़ी हुई तोंद कम होने लगेगी.

पाचक अदरक
200 ग्राम अदरक को छीलकर कद्दूकस कर लें और 4 टीस्पून नींबू का रस व नमक डालकर 5-6 घंटे के लिए रख दें. खाने के साथ सर्व करें.

Health Benefits of Ginger

अदरक का अचार
100 ग्राम अदरक को कद्दूकस करके 5 मिनट तक पानी में रखें, फिर निकाल लें. पैन में तेल गरम करके 1/4 टीस्पून राई का तड़का लगाएं और 1/4 टीस्पून मेथी पाउडर व हींग मिलाएं. उसमें कद्दूकस किया हुआ अदरक, नमक और 1/4 टीस्पून लालमिर्च पाउडर मिलाकर पकाएं. जब वह नॉन-स्टिकी हो जाए तब उतार लें.

health benefits of spinach

बाज़ार में हरी सब्ज़ियों के ढरे के बीच रखा पालक (health benefits of spinach) देखने में बहुत अच्छा लगता है, मगर इसका स्वाद कम ही लोगों को भाता है. वैसे स्वाद में भले ही ये थोड़ा कसैला हो, मगर इसके फ़ायदे जानकर आप भी रोज़ाना पालक खाना शुरू कर देंगे. पालक कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स से छुटकारा दिलाता है. अब ये आप तय करिए कि आपको डॉक्टर की कड़वी दवा खानी है या हेल्दी पालक.

हीमोग्लोबिन बढ़ाता है पालक
जिन लोगों को ख़ून की कमी है, उनके लिए पालक बहुत फ़ायदेमंद होता है. इसमें आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे हीमोग्लोबिन बढ़ता है.

इम्यून सिस्टम को करता है बूस्ट
पालक में मौजूद फ्लेवोनोइड्स एंटीआक्सीडेंट का काम करता है. ये इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ ही हार्ट डिसीज़ से लड़ने में भी मदद करता है. पालक खाने से भूख भी बढ़ती है.

स्ट्रॉन्ग मसल्स
पालक मसल्स को भी मज़बूत बनाता है. बच्चों की हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए उन्हें पालक ज़रूर खिलाएं. आपने देखा होगा कि एक्सपर्ट्स जिम करनेवालों को पालक का सूप पीने के लिए कहते हैं, इससे उनकी मांसपेशियां मज़बूत होती हैं.

स्टोन प्रॉब्लम में है फ़ायदेमंद
स्टोन यानी पत्थरी होने पर पालक ज़रूर खाना चाहिए. दरअसल, पालक में ऐसे गुण होते हैं, जो स्टोन गलाकर ख़त्म कर देता. रोज़ाना पालक के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से स्टोन पिघलकर यूरिन के ज़रिए बाहर निकल जाता है.

health benefits of spinach

डाइजेशन सिस्टम को रखता है दुरुस्त ((health benefits of spinach))
यदि आपको भी पाचन संबंधी समस्या है, तो पालक खाना शुरू कर दीजिए. सुबह उठकर आधा ग्लास कच्चे पालक का रस पीने पर जल्द फ़ायदा होगा.
आंखों की रोशनी बढ़ाता है. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए डॉक्टर अक्सर हरी सब्ज़ियों का सेवन करने की सलाह देते हैं. हरी सब्ज़ियों में पालक बेस्ट है. इससे आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद मिलती है. गाजर व टमाटर के रस में समान मात्रा में पालक का रस मिलाकर पीने से भी आंखों की सेहत ठीक रहती है.

आंखों की रोशनी बढ़ाता है
आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए डॉक्टर अक्सर हरी सब्ज़ियों का सेवन करने की सलाह देते हैं. हरी सब्ज़ियों में पालक बेस्ट है. इससे आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद मिलती है. गाजर व टमाटर के रस में समान मात्रा में पालक का रस मिलाकर पीने से भी आंखों की सेहत ठीक रहती है.

आर्थराइटिस में उपयोगी
आर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी से बचना चाहते हैं, तो आज से ही पालक खाना शुरू कर दीजिए. पालक, टमाटर और खीरा का सलाद बनाकर खाएं या फिर सब्ज़ी के रूप में इसका सेवन करें.

ब्लड प्रेशर और अस्थमा रोकने में मददगार
पालक ख़ून बढ़ाने के साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को भी ठीक रखता है, इसलिए लो ब्लड प्रेशर के मरीज़ों के लिए पालक फ़ायदेमंद है. एक ग्लास पालक के जूस में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर पीने से सांस संबंधी समस्या से राहत मिलती है.

पालक में मौजूद पोषक तत्व?
प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, विटामिन ए, बी, सी आदि.