Tag Archives: Health Tips Of Camphor

कपूर के फ़ायदे और नुकसान (Benefits And Side Effects of Camphor)

हिंदू धर्म में पूजा व आरती के बाद कपूर (Camphor) जलाकर आरती करने की परंपरा है. पूजन, आरती जैसे धार्मिक कार्यों में कपूर का विशेष महत्व है. पूजा में प्रयोग किया जाने वाला कपूर हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फ़ायदेमंद है. आइए, जानते हैं कपूर के फ़ायदे.

Camphor Benefits

बैक्टीरिया नाशकः वैज्ञानिक शोधों से सिद्ध हुआ है कि कपूर की सुगंध से जीवाणु, विषाणु इत्यादि बीमारी फैलानेवाले जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे वातावरण शुद्ध हो जाता है व बीमारियां नहीं फैलती हैं.

त्वचा संबंधी रोगों में लाभदायकः त्वचा संबंधी रोगों के इलाज में कपूर बेहद फ़ायदेमंद होता है. नारियल के तेल में कपूर व गंधक का पाउडर मिलाकर दाद, खाज, खुजली वाले स्थान पर लगाने से फ़ायदा मिलता है. मुहांसों पर भी कपूर का तेल लगाने की सलाह दी
जाती है.

फटी एड़ियों का इलाजः फटी एड़ियों को ठीक करने में कपूर बहुत उपयोगी होता है. इसके लिए टब में गर्म पानी लें और उसमें कपूर मिलाकर पैर डालकर 10-15 बैठें. ऐसा करने से एड़ियां ठीक होती हैं.

सर्दी ज़ुकाम में असरदारः कपूर की टिकिया को रूमाल में लपेटकर सूंघते रहने से सर्दी-ज़ुकाम से राहत मिलती है.

सिरदर्द व जोड़ों के दर्द में लाभकारीः कपूर व चंदन को तुलसी के रस में घिसकर लेप बनाकर सिर पर लगाने से सिरदर्द में आराम मिलता है. इसके अलावा कपूर को नींबू के रस के साथ मिलाकर सिर पर मलें. यह सिरदर्द का अचूक इलाज है. जोड़ों का दर्द या कमर दर्द होने पर कपूर के तेल से उस स्थान की मालिश करें. तुरंत आराम मिलेगा. शरीर के किसी भी अंग में दर्द होने पर आप इस तेल से मालिश कर सकते हैं. कपूर गठिया के रोगियों के लिए फ़ायदेमंद होता है. मांसपेशियों में दर्द होने पर इसे लगाने पर तुरंत आराम मिलता है.

बालों को बनाता है स्वस्थ व मज़बूतः नारियल के तेल में कपूर डालें. इस तेल से बालों की जड़ों में हल्के हाथों से मालिश करें. इससे बाल स्वस्थ व मज़बूत होते हैं. रूसी, जुएं, बालों का गिरना इत्यादि समस्या होने पर सरसों के तेल में कपूर मिलाकर बालों पर लगाएं. इससे काफ़ी फ़ायदा होगा. इसके अलावा सौ ग्राम नारियल के तेल में चार ग्राम कपूर मिलाकर बॉटल में रखें. इस तेल को रात में सोने से पहले बालों में लगाकर मालिश करें. कुछ दिनों के अंदर रूसी गायब हो जाएगी.

Camphor Side Effects

दांत दर्द व पायरिया से राहतः हींग और कपूर के पाउडर को बराबर मात्रा में मिलाकर दांत के बीच दबाकर रखें. दर्द से तत्काल आराम मिलेगा. पान में देसी कपूर डालकर दिन में तीन-चार बार चबाने से पायरिया की शिकायत दूर हो जाती है. मसूड़ों में किसी तरह की समस्या होने पर कैस्टर ऑयल में कपूर मिलाकर मसूड़ों पर मलने से बहुत फ़ायदा मिलता है.

ये भी पढ़ेंः कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने के 10+ रामबाण घरेलू उपाय (10 +Natural Ways To Lower Your Cholesterol Levels)

जलने के निशान दूर होते हैंः आग से जलने या चोट के कारण त्वचा पर दाग़ पड़ने पर थोड़ा-सा कपूर पानी में मिलाकर प्रभावित स्थान पर नियमित रूप से कुछ दिनों तक लगाने से निशान मिट जाता है.

अच्छी नींद में सहायकः देसी घी में कपूर मिलाकर रात को सोते समय पैरों के तलवों पर मालिश करने से अच्छी नींद आती है.

छाले दूर होते हैंः मिश्री को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा-सा कपूर पाउडर मिलाकर छालों पर लगाएं. यह नुस्ख़ा बच्चों के मुंह के छालों के लिए बेहद लाभकारी होता है.

कीड़ों से छुटकाराः ऊनी या रेश्मी कपड़े रखते समय छोटी-सी पोटली में कपूर बांधकर कपड़ों के बीच में रख दें. इससे कीड़े नहीं लगेंगे. तकिये के नीचे व पलंग के चारों तरफ़ कपूर की पोटली बांधकर रखने से खटमल नहीं आते हैं.

कपूर के नुकसान

त्‍वचा, बाल और समग्र स्‍वास्‍थ्‍य के लिए कपूर के गुण बहुत ही फायदेमंद होते हैं, लेकिन यह हमारे लिए तभी फायदेमंद हो सकता है जब हम इसका उपयोग सीमित मात्रा में करें. यदि हम इसका अधिक मात्रा में उपयोग करते है तो परिणाम स्‍वरूप हमें कुछ दिक्‍कतें हो सकती हैं, जैसे कि शरीर के तापमान में कमी और उल्‍टी आदि. कपूर उत्पादों को बच्चों से दूर रखना चाहिए, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा का सेवन करने से बच्चों में दौरे पड़ सकते हैं. आमतौर पर अधिक मात्रा में लेने के लक्षण तुरंत ही दिखाई देते हैं. कपूर का अधिक मात्रा में सेवन करने से आंखों, त्वचा और श्‍लेष्‍म झिल्‍ली में जलन हो सकती है.  इससे दस्त, मितली, सिरदर्द यहां तक की झटके भी लग सकते हैं.

ये भी पढ़ेंः तुलसी के फ़ायदे और नुकसान (Health Benefits And Side Effects Of Basil Leaves)

कपूर के 23 चमत्कारी फ़ायदे (23 Miraculous Benefits Of Camphor (Kapur) You Must Know)

Benefits Of Camphor

Benefits Of Camphor

कपूर (Benefits Of Camphor) दो तरह के होते हैं- प्राकृतिक व कृत्रिम. प्राकृतिक कपूर (भीमसेनी कपूर) को पेड़ से निकाला जाता है, जिसे हम खा भी सकते हैं. जबकि केमिकल्स से बना हुआ कृत्रिम कपूर हीलिंग प्रॉपर्टीज़ से भरपूर होता है और इसी काम में लाया जाता है. कपूर ख़ुशबूदार व ज्वलनशील है, इसलिए पूजा-हवन के दौरान वातावरण की शुद्धता के लिए इसका उपयोग करते हैं. इसके कई चिकित्सीय लाभ भी हैं, इसी कारण आयुर्वेदिक उपचारों में भी इसका इस्तेमाल होता है.

* पेटदर्द या गैस व जलन होने पर कपूर, अजवायन व पुदीने को शर्बत में मिलाकर पीने से आराम मिलता है.
* दांत में हुए गड्ढे यानी कैविटी में कपूर रखने से दांत का दर्द कम हो जाता है.
* दिल की कमज़ोरी की वजह से घबराहट होने पर थोड़ा-सा कपूर खाएं, इससे नाड़ी की गति बढ़ जाती है और घबराहट मिट जाती है.
* हैजा होने पर कपूर का अर्क लेने से लाभ होता है.
* बिच्छू काटने पर कपूर को सिरके में पीसकर दंश पर लगाने से बिच्छू का विष उतर जाता है.
* बाल टूट व गिर रहे हों या फिर बालों में रूसी हो, तो नारियल के तेल में कपूर का तेल मिलाकर लगाने से लाभ होता है.
* नकसीर फूटने या नाक से ख़ून निकलने पर गुलाबजल में कपूर पीसकर नाक में टपकाने से नाक से ख़ून गिरना बंद हो जाता है.

यह भी पढ़े: हरड़ के 21 चमत्कारी फ़ायदे
* 10 ग्राम कपूर, 10 ग्राम स़फेद कत्था, 5 ग्राम मटिया सिंदूर- तीनों को एक साथ मिलाकर 100 ग्राम घी के साथ कांसे की थाली में हाथ की हथेली से ख़ूब मलकर ठंडे पानी से धोकर रख लें. इसे घाव, गर्मी के छाले, खुजली और सड़े हुए घाव पर लगाने से शीघ्र लाभ होता है.
* काली खांसी होने पर कपूर की धूनी सूंघने से लाभ होता है. पुरानी खांसी में कपूर व मुलहठी को मुंह में रखकर चूसने से राहत मिलती है.
* नाक बंद होने की स्थिति में कपूर की पोटली सूंघने से नाक खुल जाएगी.
* खुजली होने पर कपूर को चमेली के तेल में मिलाकर उसमें नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर शरीर पर मलने से खुजली तुरंत मिट जाती है.
* कपूर जलाने से मक्खियां-मच्छर भाग जाते हैं.
* ज्यादा तंबाकू खाने या ग़लती से तंबाकूवाला पान खा लेने पर चक्कर आता है, ऐसी स्थिति में जी मिचलाता हो, तो कपूर की एक छोटी डली खाने से तुरंत आराम मिलता है.
* गद्दों व तकियों में कपूर रख देने से खटमल भाग जाते हैं.

यह भी पढ़े: आम के 8 औषधीय गुण
* चेचक व खसरे के दाने सूख जाने पर नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाने से ठंडक मिलती है और खुजलाहट भी दूर होती है.
* 1-1 टीस्पून कपूर और हींग पीसकर गोली बनाकर दमे (अस्थमा) के मरीज़ को दौरे के समय 2-2 घंटे पर देने से दमा का दौरा रुक जाता है.े से लाभ होता है.
* कपूर और अफीम को राई के तेल में मिलाकर मालिश करने से गठिया रोग दूर हो जाता है.
* न्यूमोनिया हो जाने पर तारपीन के तेल में कपूर मिलाकर मरीज़ की छाती पर मलने से शीघ्र आराम मिलता है.
* तनाव, सिरदर्द, डिप्रेशन आदि में सिर पर कपूर के तेल की मालिश करने से आराम मिलता है, क्योंकि कपूर की ख़ुशबू मस्तिष्क की नसों को आराम पहुंचाती है.
* चेहरे की डेड स्किन को दूर करने के लिए थोड़े-से दूध में कपूर पाउडर मिलाकर रूई से चेहरे पर लगाएं. थोड़ी देर बाद चेहरा धो लें.
* बवासीर की समस्या में केले में चने बराबर प्राकृतिक कपूर रखकर खाने से लाभ होता है.
* पैर की फटी एड़ियों की समस्या होने पर गरम पानी में कपूर मिलाकर उसमें कुछ देर पैर डुबोकर रखें.

सुपर टिप
घाव-चोट लगने, खरोंच होने या फिर जलने पर कपूर लगाने से जलन की तकलीफ़ कम होती है. साथ ही पानी में कपूर घोलकर घाव पर लगाने से जलन कम होती है और ठंडक भी मिलती है.

– रीटा राजकुमार

दादी मां के अन्य घरेलू नुस्ख़े/होम रेमेडीज़ जानने के लिए यहां क्लिक करें-  Dadi Ma Ka Khazana