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स्वतंत्रता दिवस 2018: पाएं आज़ादी इन आदतों से (Independence Day 2018: Freedom From Unhealthy Habits)

स्वतंत्रता दिवस के ख़ास मौ़के पर देश की आज़ादी के साथ-साथ उन तमाम मुद्दों पर भी बात करना ज़रूरी है, जहां हमें आज़ादी की ज़रूरत है. यदि हम महिलाओं की बात करें, तो महिलाओं को अपनी कुछ आदतों से आज़ादी पाना बहुत ज़रूरी है. उनकी ये आदतें उन्हें आगे बढ़ने से रोकती हैं और उनके व्यक्तित्व के विकास में भी बाधक बनती हैं. हमारे देश की अधिकतर महिलाएं अपनी कुछ आदतों के कारण अपना बहुत नुक़सान करती हैं. ये आदतें बदलकर महिलाएं अपने आप में और अपने परिवार में बहुत बदलाव ला सकती हैं. कौन-कौन-सी हैं ये आदतें? आइए, जानते हैं.

Freedom

अपनी सेहत को नज़रअंदाज़ करना
हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को हुए कैंसर की ख़बर ने सभी को चौंका दिया, लेकिन इसकी एक बड़ी वजह सोनाली बेंद्रे की ख़ुद के प्रति लापरवाही भी थी. सोनाली बेंद्रे को कुछ समय से शरीर में दर्द की शिकायत हो रही थी. लेकिन उन्होंने भी आम महिलाओं की तरह ख़ुद के प्रति लापरवाही के चलते इसे नज़रअंदाज़ कर दिया. जब दर्द ज़्यादा बढ़ने लगा और डॉक्टर को दिखाया, तब सोनाली बेंद्रे का कैंसर एडवांस स्टेज तक पहुंच गया था. जब सोनाली बेंद्रे जैसी एक्ट्रेस अपनी सेहत के प्रति इतनी लापरवाह हो सकती हैं, तो आम महिलाओं की स्थिति का बख़ूबी अंदाज़ा लगाया जा सकता है.
क्या करें?
जिस तरह आप अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य की सेहत का ध्यान रखती हैं, उनकी हर छोटी-बड़ी तकलीफ़ में उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास ले जाती हैं, उसी तरह अपनी सेहत का भी ख़ास ध्यान रखें. शरीर में कोई भी असामान्यता या दर्द होने पर तुरंत घरवालों को इसके बारे में बताएं और उनके साथ डॉक्टर के पास जाएं.

अपने शौक़ के लिए समय न निकालना
महिलाएं अपने शौक़ और ख़ुशियों को हमेशा आख़िरी पायदान पर रखती हैं. घर-परिवार की तमाम ज़िम्मेदारियों के बाद यदि टाइम मिला, तो ही वो अपने शौक़ के बारे में सोचती हैं और ऐसा बहुत कम ही हो पाता है. महिलाएं पूरी ज़िंदगी अपने परिवार के लिए खटती रहती हैं, लेकिन उनके शौक़ अक्सर अधूरे रह जाते हैं. इसका असर उनकी पर्सनैलिटी, उनके आत्मविश्‍वास और उनके स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. जब महिलाएं अपने शौक़ पूरे नहीं कर पातीं, तो उसकी खीझ उनके व्यवहार में झलकने लगती है. ऐसी स्थिति में महिलाएं या तो बहुत चिड़चिड़ी या मुखर हो जाती हैं या फिर अपनी भावनाओं को दबाने लगती हैं. ये दोनों ही स्थितियां उनके शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं.
क्या करें?
घर-परिवार, बच्चों की तमाम ज़िम्मेदारियां निभाते हुए अपने लिए भी अलग से व़क्त निकालिए. उस समय आप अपने शौक पूरे कीजिए, जैसे- संगीत, पेंटिंग आदि. ऐसा करने से आप अच्छा महसूस करेंगी और ख़ुश रहने लगेंगी.

घर के कामों के लिए परिवार की मदद न लेना
हमारे देश में घर के काम स़िर्फ महिलाओं के हिस्से ही आते हैं. भले ही वो वर्किंग हों, पति के बराबर कमाती हो, फिर भी घर के काम पुरुष नहीं करते. कई घरों में पुरुष घर के कामों में महिलाओं का हाथ बंटाना भी चाहते हैं, लेकिन महिलाएं ख़ुद उन्हें मना कर देती हैं. उन्हें लगता है कि उनके पति यदि घर का काम करेंगे, तो लोग क्या कहेंगे. ऐसी स्थिति में घर-बाहर दोनों जगहों की ज़िम्मेदारी निभाते हुए महिलाएं इतनी थक जाती हैं कि इससे उनका शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है. उनका व्यवहार रूखा होने लगता है, घर का माहौल बिगड़ जाता है, वो बात-बात पर चिढ़ने लगती हैं.
क्या करें?
आप घर के सभी काम अकेले नहीं कर सकतीं, इसलिए घर के सभी सदस्यों से थोड़ी-थोड़ी मदद लीजिए और अपनी ज़िम्मेदारी कम कीजिए. इस तरह घर का सारा काम भी हो जाएगा और आपके काम का बोझ भी हल्का हो जाएगा.

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छोटी-छोटी बात के लिए पति पर निर्भर रहना
भारतीय महिलाएं अपने पति पर इस कदर निर्भर रहती हैं कि बैंक से लेकर, बच्चों के स्कूल, घर के सामान तक ख़रीदने जैसे कामों के लिए पति का ही इंतज़ार करती हैं. पढ़ी-लिखी वर्किंग महिलाएं ऑफिस में तो सारे काम कर लेती हैं, लेकिन घर के लिए कोई भी ़फैसला लेते समय उन्हें पति की सहायता चाहिए होती है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हमारे देश में हमेशा से सारे अधिकार पुरुषों को ही दिए गए हैं, ऐसे में महिलाएं कहीं न कहीं ये मान लेती हैं कि किचन के बाहर के काम उनके बस की बात नहीं है. ख़ासकर पेपरवर्क के मामले में महिलाएं हमेशा पति पर ही निर्भर रहती हैं.
क्या करें?
आपका छोटे-छोटे कामों के लिए पति पर निर्भर रहना ठीक नहीं है, इससे आपके पति को चिढ़ हो सकती है. जो काम आप पति के बिना कर सकती हैं, उन्हें करने की शुरुआत करें. इससे आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और आपके पति को राहत महसूस होगी.

अपने खानपान पर ध्यान न देना
हमारे देश की अधिकतर महिलाएं एनीमिया की शिकार पाई जाती हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह है महिलाओं का अपने खानपान पर ध्यान न देना. गरीब घर की महिलाएं ही नहीं, अमीर परिवार की महिलाएं भी एनीमिया से ग्रस्त पाई जाती हैं. हमारे देश में महिलाओं को ये बचपन से सिखाया जाता है कि उन्हें पूरे परिवार को खिलाने के बाद ही भोजन करना चाहिए, तभी वो कुशल गृहिणी कहलाई जाएंगी. माता-पिता भी बेटे के खानपान पर बेटी से ज़्यादा ध्यान देते हैं. अपनी मां को ऐसा करते देख बेटी भी अपनी सेहत के प्रति लापरवाह हो जाती है. अगर परिवार को खाना खिलाने के बाद भोजन नहीं बचा, तो महिलाएं अपने लिए और बनाने की बजाय भूखी ही रह जाती हैं. पूरे परिवार को महिलाएं दूध, फल, मेवे आदि नियम से खिलाती हैं, लेकिन अपने लिए ऐसा नियम नहीं बनाती हैं.
क्या करें?
जब तक पति ऑफिस से घर नहीं आ जाते, तब तक भोजन न करना समझदारी नहीं है. इससे एक तो आपको एसिडिटी की शिकायत हो जाएगी और आपकी भूख भी मर जाएगी. संपन्न होते हुए भी कुपोषण का शिकार होना स़िर्फ लापरवाही है. आप हैं तो सबकुछ है, आपके बीमार होने से पूरा परिवार बिखर जाता है, इसलिए आपका स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है. जिस तरह आप अपने परिवार का ध्यान रखती हैं, उसी तरह अपनी सेहत का भी ध्यान रखें.

मन की बात न कहना
महिलाएं घर में सभी को ख़ुश रखने के चक्कर में अक्सर अपनी ख़ुशियों को अनदेखा कर देती हैं. यदि उन्हें किसी की कोई बात बुरी लगती है, तो वो उसे मन में ही रखती हैं. उन्हें लगता है कि पलटकर जवाब देने से घर का माहौल बिगड़ जाएगा, सबकी ख़ुशी के लिए चुप रहना ही सही है. हर बात मन में रखने से कई महिलाओं को डिप्रेशन की शिकायत होने लगती है, उनका आत्मविश्‍वास कम होने लगता है, वो अपने में ही सिमट जाती हैं.
क्या करें?
मन की बात मन में रखने से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और रिश्तों में भी दूरियां आने लगती हैं. किसी की कोई बात बुरी लगने पर आप उसे जवाब भले ही न दें, लेकिन आपके मन में गांठ रह ही जाती है और आप फिर उस इंसान से पहले जैसी आत्मीयता से व्यवहार नहीं कर पातीं. अत: परिवार में किसी की कोई बात बुरी लगे, तो उसे मन में न रखें, बल्कि उस व्यक्ति से उस बारे में बात करें. ऐसा करने से आपका मन हल्का हो जाएगा और उस व्यक्ति को भी पता चल जाएगा कि उसकी कौन-सी बात आपको बुरी लग सकती है. वो फिर आपसे कभी ऐसी बात नहीं करेगा.

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शर्म-हिचक हो सकती है जानलेवा
महिलाएं अक्सर वेजाइनल प्रॉब्लम्स, ब्रेस्ट प्रॉब्लम्स आदि के बारे में बात करने से हिचकिचाती हैं, जिसके चलते समस्या गंभीर हो जाती है. महिलाओं की शर्म और हिचक उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है इसलिए सेहत के मामले में कभी भी शर्म ना करें और शरीर के किसी भी हिस्से में तकलीफ़ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

– कमला बडोनी

क्या होता है जब आप बच्चों को ज़रूरत से ज़्यादा आज़ादी देते हैं, देखें वीडियो:

रात की ये 10 आदतें बना सकती हैं आपको मोटा (10 Nighttime Habits That Make You Fat)

रात की ये 10 आदतें बना सकती हैं आपको मोटा (10 Nighttime Habits That Make You Fat)

क्या आप मोटापा कम करने के लिए जिम में पसीना बहा रहे हैं या फिर डायटिंग के नाम पर अपने शरीर को टार्चर कर रहे हैं, फिर भी आपका मोटापा कम नहीं हो रहा है, तो एक नज़र अपनी लाइफस्टाइल संबंधी आदतों पर डालिए. जी हां, आपके मोटापे का एक अन्य और महत्वपूर्ण कारण है रात की   ग़लत आदतें, जो आपके मोटापे को कम नहीं होने देती हैं. आइए जानें, कैसे?

1 क्या आप हैवी डिनर करते हैं?

क्या आप जानते हैं कि आपकी इस आदत से आपका मोटापा बढ़ सकता है? आपकी यह आदत आपको अपने फिटनेस गोल से भटका सकती है? अगर फिट रहना चाहते हैं, तो अपनी इस आदत को तुरंत बदल डालिए. सुबह के समय हम अधिक एक्टिव रहते हैं. शाम होने पर थकावट के कारण शरीर का एनर्जी लेवल कम होने लगता है, जिसके कारण शरीर को कम कैलोरी की आवश्यकता होती है. पर हैवी डिनर करने से पाचन तंत्र पर अनावश्यक लोड बढ़ने लगता है, जिसके कारण अतिरिक्त कैलोरी अतिरिक्त फैट में बदलने लगती है और धीरे-धीरे मोटापा बढ़ने लगता है.

2 क्या आप टीवी देखते हुए खाना खाते हैं?

अधिकतर लोगों को टीवी के सामने बैठकर भोजन करना अच्छा लगता है. यह जानते हुए कि उनकी इस आदत से न स़िर्फ ओवरईटिंग होती है, बल्कि मोटापा भी बढ़ता है. अमेरिकन जनरल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन (2013) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, खाने के प्रति जागरूक न होने पर आप ज़रूरत से ज़्यादा खा सकते हैं और आपको पता भी नहीं चलेगा. अगर अपना ध्यान खाने पर केन्द्रित करके खाते हैं, तो आप निश्‍चित तौर पर कम खाएंगे. यदि टीवी देखते हुए खाते हैं, तो आप खाने के स्वाद को दिमाग़ी तौर पर महसूस नहीं कर पाएंगे और ओवरइंटिंग कर लेंगे.

3 रात के समय आप क्या खाते हैं?

मोटापा इस बात पर निर्भर नहीं करता है कि आप कितना (कम/ज़्यादा) खाते हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि रात के समय आप किस तरह का खाना खाते हैं यानी आपकी फूड चॉइस पर निर्भर करता है. अगर आप रात को क्रीम बेस्ड सूप और ग्रेवी, फ्राइड फूड, डेज़र्ट आदि खाते हैं, तो पचने में थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए रात के समय हाई कैलोरी फूड का सेवन नहीं करना चाहिए.

4 क्या आप डिनर के बाद ब्रश नहीं करते हैं?

डिनर के बाद ब्रश करना बहुत बोरिंग काम है. अपनी इस आदत से आप ख़ुद को न केवल अतिरिक्त स्नैक्स खाने से रोक सकते हैं, बल्कि मोटापा भी कंट्रोल कर सकते हैं. डायटीशियन्स के अनुसार, डिनर के बाद ब्रश करने की आदत से आप पोस्ट डिनर स्नैकिंग से बच सकते हैं. बहुत से लोग डिनर के बाद डेज़र्ट और कैलोरीवाले फूड खाते हैं, चाहे उन्हें भूख न हो तो भी. ब्रश करने के बाद वे ख़ुद को ऐसी चीज़ें खाने से रोक सकते हैं, क्योंकि ब्रशिंग जैसा बोरिंग काम दोबारा नहीं करना चाहते. परिणामस्वरूप मोटापा नहीं बढ़ेगा.

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5 खाने के बाद क्या आप वॉक पर नहीं जाते हैं?

अगर नहीं जाते हैं, तो जाना शुरू करें. एक अध्ययन के अनुसार, अगर आप रात को खाने के बाद वॉक करते हैं या फिर 5 मिनट तक वज्रासन में बैठते हैं, तो निश्‍चित रूप से आपका वज़न नियंत्रित रहेगा. यदि आप अपनी पाचन प्रक्रिया और मेटाबॉलिज़्म में सुधार करना चाहते हैं, तो डिनर के बाद वॉक ज़रूर करें. इससे आपका मोटापा नियंत्रित रहेगा और आपका मूड भी फ्रेश होगा.

6 क्या आप रात को मोबाइल या लैपटॉप पर व्यस्त रहते हैं?

अधिकतर लोगों में यह आदत होती है सोने से पहले मोबाइल-लैपटॉप पर अपने ईमेल चेक करना, अगले दिन की टु डू लिस्ट बनाना, अगले प्रोजेक्ट या असाइनमेंट का ड्राफ्ट तैयार करना आदि, जिसकी वजह से अनावश्यक रूप से तनाव बढ़ता है. अधिक तनाव होने से कार्टिसोल नामक हार्मोन का उत्पादन होता है. इस हार्मोन में ऐसे गुण होते हैं कि तनाव की तीव्रता स्वत: ही बढ़ जाती है, जिसके कारण फैट के स्तर में वृद्धि होने लगती है. इसके अलावा कार्टिसोल मेटाबॉलिज़्म को धीमा कर देता है, जिसके कारण खाना सही तरह से नहीं पचता है और मोटापा बढ़ने लगता है.

7 क्या आप रात को देर से सोते हैं?

देर रात तक जागने से मंचिंग करने के चांस काफ़ी बढ़ जाते हैं. मंचिंग के दौरान भूख बढ़ानेवाले हार्मोंस (घ्रेलीन- जिसे हंगर हार्मोन भी कहा जाता है) का स्तर बढ़ जाता है और वो स्ट्रेस बढ़ानेवाले हार्मोंस (लेप्टिन) के स्तर को कम करता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते वर्कलोड के कारण अधिकतर लोग रात को देर से खाना खाते हैं, जिससे उनके शरीर का मेटाबॉलिज़्म बिगड़ने लगता है और धीरे-धीरे मोटापा हावी होने लगता है.

8 क्या आप सायकियाट्रिक मेडिसिन लेते हैं

रात को सोने से पहले कुछ लोग एंटीडिप्रेशन और सायकियाट्रिक मेडिसिन लेते हैं, जिससे मोटापा बढ़ता है. अगर आप अपने मोटापे को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो इन दवाओं को अपनी मर्ज़ी से बंद न करें, बल्कि अपने डॉक्टर से बात करके इनके डोज में बदलाव करें. ऐसी कोई एक मेडिसिन नियमित रूप से न खाएं, जिसका कोई साइड इफेक्ट हो.

9 क्या आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं?

पर्याप्त नींद न लेना और आवश्यकता से अधिक नींद लेने से मोटापा बढ़ता है. इसका कारण है कि आपका शरीर कैलोरी को बर्न करने में सक्षम नहीं है. अगर आप 7-8 घंटे से कम सोते हैं या फिर ज़रूरत से ज़्यादा सोते हैं, तो इसका मतलब है कि आपका मेटाबॉलिज़्म ठीक तरह से काम नहीं कर रहा है.

हाल ही में हुए एक अध्ययन से यह साबित हुआ है कि जो लोग केवल 6 घंटे की नींद लेते हैं, उनका वज़न, उन लोगों की तुलना में अधिक होता है, जो 8-10 घंटे की पर्याप्त नींद लेते हैं. जो लोग 6 या 6 से कम घंटे सोते हैं, उनमें मोटापे के लक्षण दिखाई देते हैं. इसके अलावा पूरी नींद न लेने के कारण डायबिटीज़ और इंसोम्निया के होने की संभावना भी बढ़ जाती है.

10 क्या आप कैफीन या अल्कोहल का सेवन करते हैं?

अगर आप रात के व़क्त कैफीन और अल्कोहल का सेवन करते हैं, तो अपनी इस आदत को तुरंत सुधार लें. आपकी यह आदत धीरे-धीेरे आपके बढ़ते वज़न की ओर संकेत करती है. कैफीन और अल्कोहल में बहुत अधिक कैलोरी होती है. इनका सेवन करने से नींद में रुकावट आती है. नींद में बाधा आने के कारण मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है और शरीर में अतिरिक्त फैट जमने लगता है.

रात को जल्दी खाने के फ़ायदे

  • लंच और डिनर के बीच में बहुत अधिक अंतर होने के कारण भूख अधिक लगती है. इस अंतराल को कम करें. टी टाइम में स्नैक्स खाएं.
  • डिनर के दौरान टीवी न देखें, क्योंकि टीवी देखते हुए ओवरईटिंग की संभावना बढ़ जाती है.
  • कोशिश करें कि डिनर रात 9 बजे से पहले कर लें.
  • अगर यह संभव न हो, तो टी टाइम पर लाइट स्नैक्स लें और डिनर में हल्का भोजन करें.
  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डिनर अवॉइड न करें. कम से कम सूप, सलाद या फ्रूट्स ज़रूर खाएं.
  • डिनर बैलेंस्ड लेकिन लाइट होगा, तो अगले दिन भी आप फ्रेश महसूस करेंगे.
  • डिनर में लो कार्ब और हाई प्रोटीन फूड लें. इन्हें पचने में अधिक समय लगता है.
  • लगातार कई दिनों तक डिनर में फ्राइड फूड और डेज़र्ट न लें. अगर इन्हें खाने की बहुत अधिक क्रेविंग हो, तो सुबह नाश्ते में लें.
  • डिनर के बाद तुरंत सोने की बजाय 5 मिनट वज्रासन में ज़रूर बैठें.
  • रात के समय चाय, कॉफी और चॉकलेट के सेवन से बचें.
  • इसकी बजाय गरम दूध में इलायची पाउडर डालकर पीएं.

– देवांश शर्मा

वेट लॉस टिप ऑफ द डे (Weight Loss Tip Of The Day)

Weight Loss Tip

Weight Loss Tip

घर के कामों से वज़न घटाएं
* पोंछा लगाते समय 30 मिनट में 145 कैलोरी खर्च होती है जो ट्रेडमिल पर 15 मिनट दौड़ने के बराबर है.
* कपड़े धोते समय 60 मिनट में 85 कैलोरी बर्न होती है जो 100 सिटअप करने के बराबर है.
* खाना बनाते समय 60 मिनट में 150 कैलोरी खर्च होती है जो 15 मिनट एरोबिक्स करने के बराबर है.
* डस्टिंग करते समय 30 मिनट में 180 कैलोरी खर्च होती है जो 15 मिनट तक साइकिल चलाने के बराबर है.
* गार्डनिंग करते समय 60 मिनट में 250 कैलोरी बर्न होती है जो 25 मिनट सीढ़ी चढ़ने-उतरने के बराबर है.
* बिस्तर लगाते समय 15 मिनट में 66 कैलोरी बर्न होती है जो डेढ़ कि.मी. पैदल चलने के बराबर है.

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जानें वज़न बढ़ने की वजहें
वज़न बढ़ने की वजहें कई हैं, लेकिन व़क्त रहते यदि मोटापे पर कंट्रोल नहीं किया गया, तो कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं इसलिए सबसे पहले वज़न बढ़ने की वजहों को जानना ज़रूरी है.

लाइफ स्टाइल
आधुनिक जीवनशैली ने सुख-सुविधाएं तो बहुत दी हैं, लेकिन उन सुविधाओं का लाभ उठाते हुए लोग शारीरिक श्रम करना ही भूल गए हैं. थोड़ी दूर भी जाना हो तो गाड़ी से ही जाएंगे, पहली मंज़िल पर जाने के लिए भी लिफ्ट का इस्तेमाल करेंगे, दिनभर एसी रूम में आरामकुर्सी से चिपके रहेंगे… लोगों की इन आरामपसंद आदतों ने उन्हें बड़ी-बड़ी बीमारियां दे दी हैं.
आसान है समाधान
बिज़ी दिनचर्या में भी समय निकालकर फिज़िकल एक्सरसाइज़ करना बहुत ज़रूरी है. सही डायट और एक्सरसाइज़ से फिट रहना मुश्किल काम नहीं है. अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर कोई भी फिट और हेल्दी रह सकता है.

जंक फूड
जंक फूड हमारी ज़िंदगी में इस क़दर शामिल हो गया है कि इसके बिना हम किसी भी सेलिब्रेशन की कल्पना भी नहीं कर सकते और जंक फूड की यही लत मोटापा बढ़ा देती है. बड़े ही नहीं बच्चे भी जंक फूड के आदी हो गए हैं. बड़ों की देखादेखी में अक्सर बच्चे भी पिज़्ज़ा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक आदि जंक फूड की डिमांड करने लगते हैं.
आसान है समाधान
आज के दौर में जंक फूड से पूरी तरह बचना तो मुमकिन नहीं, लेकिन उनमें भी हेल्दी ऑप्शन अपनाए जा सकते हैं. साथ ही जंक फूड के लिए हफ्ते या महीने में एक-दो दिन फिक्स कर लें और स़िर्फ उसी समय जंक फूड खाएं.

समय की कमी
महानगरों में ज़्यादातर पति-पत्नी दोनों नौकरीपेशा होते हैं, ऐसे में समय की कमी के कारण वो रेडी टु ईट खाने को प्राथमिकता देते हैं. समय के अभाव ने फास्ट फूड और दो मिनट में बन जाने वाली चीज़ों की डिमांड बढ़ा दी है और इन्हीं चीज़ों से मोटापा बढ़ने लगता है.
आसान है समाधान
कम समय में हेल्दी खाना बनाया जा सकता है जैसे- सूप, सलाद, ओट्स, दलिया आदि. वर्किंग कपल थोड़ी-सी प्लानिंग करके हेल्दी डायट अपना सकते हैं.

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स्ट्रेस
जी हां, तनाव भी वज़न बढ़ने की एक बड़ी वजह है. तनाव में अक्सर हम ज़्यादा खाते हैं और तनाव के समय मीठा खाने का मन करता है, जिससे मोठापा ज़्यादा बढ़ता है.
आसान है समाधान
जब भी लगे कि आप तनाव महसूस कर रही हैं, तो एक ग्लास पानी पी लें. साथ ही तनावमुक्त होने के लिए एक्सरसाइज़ करें, जैसे- गहसी सांसें लें, मसल रिलैक्शेसन तकनीक अपनाएं या कोई जोक बुक पढ़ें.

नींद की कमी
रात में देर से सोने और सुबह जल्दी उठ जाने से भी मोटापा बढ़ता है. ऐसा करने से रात में खाया हुआ खाना पच नहीं पाता. साथ ही इंसोम्निया (अनिद्रा), डिप्रेशन आदि के शिकार भी हो सकते हैं.
आसान है समाधान
अपना हर काम समय पर पूरा करने की कोशिश करें ताकि आप समय पर सो सकें और पर्याप्त नींद ले सकें. रोज़ाना 7-8 घंटे की नींद बेहद ज़रूरी है.

खाने का शौक
खाने के शौकीन लोग अक्सर भरे-पूरे शरीर वाले होते हैं, क्योंकि उनका खाने पर कोई कंट्रोल नहीं होता. फिर आगे चलकर खाने का ये शौक उन्हें इतना भारी पड़ता है कि उन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लम्स होने लगती हैं.
आसान है समाधान
खाने का शौक होना अच्छी बात है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि जब जो जी में आया खा लिया. यदि आप खाने की शौकीन हैं और अक्सर ज़रूरत से ज़्यादा खा लेती हैं, तो अपने शौक की भरपाई एक्सरसाइज़ करके करें. इससे आपका शौक भी बना रहेगा और आप फिट भी बनी रहेंगी.

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वेट लॉस टिप ऑफ द डे (Weight Loss Tip Of The Day)

* शाम को भूख लगने पर भरपेट पपीता खाएं. इसमें कैलोरी कम और फाइबर ज़्यादा होता है.
* रात के खाने में रागी की रोटी खाएं. इसमें भरपूर मात्रा में न्यूट्रिएंट्स होते हैं और कैलोरी बहुत कम होती है.
* दालचीनी, लाल मिर्च, कालीमिर्च, अदरक, सरसों आदि मसाले वज़न घटाने में सहायक हैं इसलिए इनका सेवन भी कर सकती हैं.
* पपीता, अनन्नास, सेब, अमरूद, अंगूर, पीच आदि फल भी वज़न कम करने में सहायक हैं.

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किस समय क्या खाएं?
डायटिंग का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना. इससे भूख भी नहीं लगती और वज़न भी कम होता है इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.

सुबह का नाश्ता
अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.

मिड मील
नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.

दोपहर का खाना
इसमें ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी का समावेश करें. हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालों का भी समावेश किया जाना चाहिए. साथ ही सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.

शाम का नाश्ता
इस समय नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.

रात का खाना
रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.

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कई बार जिन छोटी-छोटी बातों को हम छोटा समझकर अनदेखा कर देते हैं, वही बातें बड़े काम की होती हैं. यहां हम ऐसी ही कुछ छोटी-छोटी बातों के बारे में बता रहे हैं, जो आपके काम आएंगी.

 

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अपनाएं ये हेल्थ टिप्स

पीरियड्स की तकलीफें
– जैसे ही पीडियड्स के समय दर्द शुरू हो, दो-तीन ग्लास गर्म पानी पी लें.
– एक जगह बैठने या लेटे रहने की बजाय टहलें. इससे दर्द से राहत मिलती है.
– दादी मां ये नुस्खा आज़माएं- एक टीस्पून शक्कर को आधा टीस्पून घी और आधा टीस्पून अजवायन के साथ गर्म करें और पानी के साथ इसका सेेवन करें.
– पीरियड्स नियमित न हो तो यह नुस्खा आज़माएं- 10 ग्राम तिल को 200 ग्राम पानी में उबालें. चौथाई रहने पर उसे उतारकर तथा उसमें गुड़ मिलाकर पीएं.
– गाजर का रस पीने से भी पीरियड्स नियमित हो जाता है. सुबह-शाम 200 ग्राम गाजर का जूस पानी के साथ पीनेे से मासिक धर्म नियमित होने लगता है.
– पीरियड्स अनियमित तथा दर्द के साथ हो तो आधा चम्मच कलौंजी दिन में दो बार मासिक धर्म के दौरान लें. कलौंजी के बीजों का चूर्ण बनाकर रख लें और इसे गर्म पानी के साथ लें.
– 2 से 3 ग्राम अदरक, 4 काली मिर्च, एक बड़ी इलायची, इन्हें कूटकर उबलते पानी में डालिए, फिर इसमें काली चाय, दूध और शक्कर मिलाइए. उबालकर थोड़ी देर रखने के बाद गर्म ही पीजिए. मासिक धर्म के दर्द से मुक्ति के लिए यह अत्यंत उपयोगी नुस्खा है.
कमर दर्द
– कमरदर्द के लिए सबसे अच्छा तरीका है स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़, जो दर्द को कम करता है. पेट के बल लेट जाएं और हाथों को सामने की ओर फैला लें. पैरों को स्ट्रेच करें. सांस लें और बाएं हाथ और दाएं पैर को ऊपर उठाएं. सांस छोड़ते हुए पूर्वावस्था में आ जाएं. अब दाएं हाथ व बाएं पैर से भी यही दोहराएं. 10 बार यह क्रिया करें.
– पेनकिलर लेने से बेहतर है कि जहां दर्द है, वहां बर्फ से सेकें. दिन में तीन बार 20 मिनट तक सेंक दें.
– एक ही पोजीशन में ज्यादा समय तक खड़े होने या बैठने से बचें. अगर आप ऑफ़िस में काम करती हैं तो हर 45 मिनट पर ब्रेक लें.

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अपनाएं ये डेली हेल्दी हैबिट्स
– दिनभर में कम से कम तीन-चार लीटर अवश्य पीएं.
– शरीर से टॉक्सिन्स को निकालने के लिए सुबह खाली पेट एक ग्लास पानी में एक नींबू निचोड़कर पीएं.
– सुबह का नाश्ता स्किप न करें. नाश्ते में हेल्दी चीज़ें जैसे अंकुरित अनाज, दूध, दलिया, अंडा जैसी सब्ज़ियां शामिल करें. लंच और डिनर में हरी सब्ज़ियां और सलाद अवश्य शामिल करें.
– नियमित एक्सरसाइज़ करें. रोज़ाना नहीं तो हफ्ते में चार दिन तो किसी न किसी तरह की एक्सरसाइज़ ज़रूर करें जैसे स्विमिंग, वॉकिंग, आउटडोर गेम्स आदि.
– डॉक्टर से मिलकर हर छः महीने में नियमित रूप से चेकअप ज़रूर करवाएं.
– काम के दौरान हर एक घंटे में अपनी सीट से उठकर थोडा टहल आएं.
– उठने-बैठने का पोश्‍चर सही रखें. कई बार हमारे ग़लत पोश्‍चर से पीठदर्द-कमरदर्द की शिकायत हो जाती है.
– जंक फूड से परहेज करें. साथ ही अत्यधिक चाय-कॉफी का सेवन करने से बचें. इसके बजाय वेजीटेबल जूस या फ्रूट जूस लें.
– कम से कम 7 घंटे की नींद अवश्य लें. लेट नाइट तक जागने की आदत छोड़ दें और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें.

होम टिप्स
– अचार को फफूंदी से बचाने के लिए अचार के जार में थोड़ी-सी भुनी हुई हींग रख दें.
– आलू व प्याज़ को कभी एक साथ न रखें. इससे आलू जल्दी सड़ने लगते हैं.
– सब्ज़ियों को ज़्यादा दिनों तक ताज़ा बनाए रखने के लिए उसे अख़बार में लपेटकर रखें.
– पकने के बाद चावल का पानी फेंकने के बजाय उसका इस्तेमाल सूप या दाल में मिलाने के लिए करें.
– पनीर को कई दिनों तक सुरक्षित रखने के लिए उसे फ्रिज में रखने से पहले ब्लॉटिंग पेपर में लपेट दें.
– पनीर को फ्रिज मेें रखने से पहले उस पर थोड़ी-सी चीनी बुरक दें. यह लंबे समय तक फ्रेश रहेगा.
– दही जमाते समस बर्तन में एक हरी मिर्च साबूत ही डाल दें. दही ज़्यादा अच्छा जमेगा.
– जले हुए दूध की महक दूर करने के लिए इसमें पान के दो पत्ते डालकर कुछ मिनट उबालें.
– आलू को उबालते समय पानी में थोड़ा-सा नमक मिला दें. छिल्के आसान से निकल जाएंगे.
– आटा गूंधने से पहले थाली में थोड़ा-सा नमक लगा लें. आटा थाली में चिपकेगा नहीं.
– यदि आप पापड़ को करारे ही रखना चाहती हैं तो पापड़े के डिब्बे में कुछ मेथीदाने रख दें.
– अगर वडा बनाते समय घोल पतला हो गया हो और वडे तलने में तकलीफ़ हो रही हो तो त्तेल में एक टेबलस्पून घी मिला दें.
– अगर इडली सॉ़फ़्ट बनाना हो तो इडली स्टीम करने के लिए मोल्ड मेंडालते समय मिश्रण को ़ज़्यादा चलाएं नहीं.
– यदि चावल बच गए हों तो उसमें सूजी, नमक, खट्टा दही और गरम पानी डालकर मिक्सी में पीस लें और इस मिश्रण से इडली बना लें.
– यदि भिंडी को तेज़ आंच पर पकाना हो तो 2 टेबलस्पून छांछ डाल दें. भिंडी कुरकुरी बनेगी.
– घी में थोड़ा-सा अजवायन डालकर गर्म करने से घी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घट जाती है.

सेफ्टी टिप्स

– घर का मेन गेट डबल डोर वाला रखें, एक लकड़ी का और दूसरा जालीदार, ताकि दरवाज़ा खोलने से पहले आगंतुक को देखा जाए सके.
– सेफ्टी चेन ज़रूर लगवाएं.
– मुख्य दरवाज़े पर मैजिक आई लगवाएं. अगर आपके घर में बच्चे हैं तो मैजिक आई बच्चे की ऊंचाई पर लगवाएं, ताकि डोरबेल बजने पर वे लोगों को पहचानकर दरवाज़ा खोल सकें.
– दरवाज़े के पास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए, इस बात का ध्यान रखें.
– अनजान व्यक्ति की पूरी पहचान किए बिना दरवाज़ा न खोलें.
– कामवाली बाई और किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना न भूलें. सुरक्षा के लिए ये ज़रूरी है.
– घर पर आनेवाले किसी भी व्यक्ति चाहे वो रिपेयरिंग वाला हो, कोई सेल्समैन या मीटर रीडिंग करनेवाला, उसका आइडेंटिटि कार्ड देखे बिना उसे घर में घुसने न दें.
– अपनी सेफ्टी का भी ख़्याल रखें. इसके लिए सबसे ज़रूरी है हमेशा सतर्क रहना.
– सुनसान जगहों पर या देर रात अकेले न जाएं. ऐसी जगहों पर हमेशा गु्रप में ही जाएं.
– सेल्फ डिफेंस के गुर सीखें. ये इमरर्जेंसी में आपके काम आ सकता है.
– बहुत ज़्यादा कैश लेकर घर से न निकलें. बस ज़रूरत भर के पैसे पास में रखें. हां एटीएम कार्ड या क्रेडिट कार्ड साथ में ज़रूर रखें.
– किसी भी अनजान व्यक्ति से अपने क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड संबंधी या कोई अन्य पर्सनल जानकारी शेयर न करें.

मेकअप से पहले

– मेकअप करने से पहले चेहरे को गुनगने पानी से च्रूर धोएं. इसके बाद ऑयल फ़ी मॉइश्‍चराइज़र से मसाज करने के बाद ही मेकअप शुरू करें.
– मेकअप करने से पहले अपनी स्किन पर 5-10 मिनट तक ब़र्फ घिस लें. इसके बाद मेकअप करने से वो ़ज़्यादा देर तक टिकता है.
– लिपस्टिक लगाने के लिए लिप ब्रश का इस्तेमाल करें. इससे लिपस्टिक पूरे होंठों पर समान रूप से अप्लाई होगी और लंबे समय तक टिकी रहेगी.
– अगर चाहती हैं कि आईब्रोज़ के बाल शाइनी नज़र आएं तो आईब्रोज़ पर थोड़ी-सी आई क्रीम अप्लाई करें.

हेल्दी सेक्स

– सेक्स में रुचि कम हो गर्ई है तो स्केटिंग या कोई एक्सरासाइ़ज़ करें, आपमें सेक्स की इच्छा दोबारा जाग जाएगी.
– सेक्स पेनकिलर का काम तो करता ही है, साथ ही ये तीन तरह से और फ़ायदेमंद है.
– ये माहवारी के समय होनेवाली तकलीफ़ों को कम करता है.
– माइग्रेन का ददर्र् उठने पर सेक्स करने से फौरन राहत मिल जाती है.
– ह़फ़्ते में दो बार सेक्स करनेवाले लोगों के शरीर में इम्यूनोग्लोब्यूलिन ए की मात्रा ज्यादा पाई जाती है, जो सर्दी से शरीर को सुरक्षा करता है.
– जिन लोगों को नींद आने की शिकायत हो, उसके लिए सेक्स से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता, क्योंकि सेक्स के बाद अच्छी नींद आती है. रिसर्च के अनुसार ये नींद वाली दूसरी दवाओं की तुलना में 10 गुना ज्यादा कारगर है.

शॉपिंग टिप्स

– शॉपिंग पर जाने से पहले लिस्ट ज़रूर बना लें. ऐसा करने से आप गैरज़रूरी चीज़ें ख़रीदने से बच जाएंगी.
– साथ ही बजट भी बनाएं कि किस चीज़ पर कितना ख़र्च करना है. इससे आप फिज़ूलख़र्च से बच जाएंगी.
– सारे बिल्स कैश में ही दें. एक रिसर्च के अनुसार अगर हम डेबिट या क्रेडिट कार्ड से बिल भरते हैं तो हम 20-50 % अधिक ख़र्च करते हैं.
– स़िर्फ टाइमपास के लिए शॉपिंग करने न जाएं. साथ ही बोर हो रही हैं या स्ट्रेस में हैं तो चलो शॉपिंग कर लेते हैं वाली आदत भी ठीक नहीं. ऐसी स्थिति में आप बिना सोचे-समझे बेकार की चीज़ों पर पैसा ख़र्च देती हैं.
– आजकल आए दिन दुकानदार या मॉल्स तरह-तरह की स्किम्स ऑफर करते रहते हैं. इन ऑफर्स का का फायदा उठाएं. इससे आपके पैसों की बचत होगी.
– मार्केट में जाकर जल्दी-जल्दी शापिंग करने की बजाय पहले विंडो शॉपिंग करें और यह पता लगाने की कोशिश करें कि मार्केट में कहां कौन-सी चीज़ सस्ते दाम में मिल रही है. ऐसा करके आप अच्छी चीज़ें कम क़ीमत में ख़रीद सकती हैं.

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16 हेल्दी रूल्स(16 Healthy rules)

healthy rules

हेल्दी और फिट बॉडी की चाह तो हम सभी को होती है, लेकिन इसके लिए रेग्युलर डायट फॉलो करने और जिम में घंटों पसीना बहाने की इच्छाशक्ति बहुत कम लोगों में होती है. यदि आप भी उन लोगों में से हैं जो ज़्यादा मेहनत किए बिना ही हेल्दी और फ़िट बने रहना चाहते हैं, तो ट्राई कीजिए हमारे बताए इ़फेक्टिव आइडियाज़.

healthy rules
1. व्हाइट की जगह ब्राउन
व्हाइट ब्रेड, चावल, पास्ता आदि की जगह साबूत अनाज से बने फूड आइटम्स का सेवन करने से दिल संबंधी बीमारियां होने का ख़तरा 30 फ़ीसदी तक कम हो जाता है.
2. नाश्ते से पहले ब्रश करें
ब्रिटिश डेंटल हेल्थ फ़ाउंडेशन के चीफ़ एक्ज़ीक्यूटिव डॉ. निजेल कार्टर के अनुसार, नाश्ते से पहले ब्रश करने से दांतों पर फ़्लोराइड की कोटिंग जम जाती है, जो हमारे दांतों की रक्षा करता है, जबकि खाने के बाद ब्रश करने से खाने में मौजूद तत्व दांतों पर जमे प्लक से रिएक्ट करके हानिकारक एसिड पैदा करते हैं, जिससे दांतों की बाहरी परत क़मजोर बन जाती है. अतः खाने के बाद ब्रश करना हानिकारक होता है.
3. खाने के साथ ऑरेंज जूस पीएं
जानेमाने न्यूट्रीशनिस्ट मार्योन स्टुवर्ट के अनुसार, रोज़ाना खाने के साथ 1 ग्लास ऑरेंज जूस का सेवन करने से हमारे शरीर की आयरन एब्ज़ॉर्ब करने की क्षमता दुगुनी हो जाती है, जबकि खाने के साथ चाय-कॉफ़ी आदि का सेवन करने से शरीर को पोषक तत्व पचाने में परेशानी होती है.
4. एक कटोरी फ्रूट अवश्य खाएं
खाने के साथ एक कटोरी टमाटर, अंगूर आदि फलों का सेवन अवश्य करें. इन फलों में लाइकोपिनी नामक एंटी-ऑक्सिडेंट तत्व पाया जाता है जो कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में सहायक होता है, लेकिन फ्रिज में रखने की बजाय सामान्य टेंप्रेचर में रखकर इनका सेवन करना चाहिए.
5. सिरदर्द की दवा कॉफ़ी के साथ लें
शिकागो के डायमंड हेडेक क्लीनिक द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, पेनकिलर का सेवन पानी की बजाय कॉफ़ी के साथ करना चाहिए. उनके अनुसार, कैफ़टीन से दर्द जल्दी दूर होता है और इसका असर भी अधिक समय के लिए रहता है. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि कैफ़टीन दवा को तेज़ी से पूरे शरीर में फैलाता है.
6. नमक की बजाय हर्ब्स का इस्तेमाल करें
नॉर्वेजियन में हुए अध्ययन के अनुसार, सेज, ऑरिगेनो जैसे हर्ब्स में फल और हरी सब्ज़ियों जितना या उससे भी कहीं ज़्यादा एंटी-ऑक्सिडेंट पाए जाते हैं.
7. चाय टीपॉट में बनाएं
टीपॉट में चायपत्ती अच्छी तरह उबालकर चाय बनाएं. अबर्डीन यूनिवर्सिटी में हुए अध्ययन के अनुसार, चाय को 5 मिनट उबालने से उसमें मौजूद कैंसर फाइटिंग तत्व ़ज़्यादा असरकारी हो जाते हैं.
8. पेपर नैपकिन का प्रयोग करें
अगर कोई डीप फ्राइड फूड आइटम खाने की इच्छा हो रही है तो खाने से पहले उसे पेपर नैपकिन में रखकर एक्स्ट्रा तेल निकाल लें. इससे कम से कम 15 फ़ीसदी तेल निकल जाता है और टेस्ट भी ख़राब नहीं होता, इसलिए किचन में हमेशा पेपर नैपकिन रखें.

 

9. लंबे-पतले ग्लास का प्रयोग करें
अल्कोहल आदि पीने के लिए चौड़े या मोटे ग्लास की बजाय लंबे-पतले ग्लास का प्रयोग करें. कई अध्ययनों से यह सिद्ध हुआ है कि अगर हम छोटे-छोटे घूंट लेकर धीरे-धीरे पीते हैं तो दिमाग़ को लगता है कि हम ज़्यादा पी रहे हैं.
10. महीने में 1 दिन व्रत करें
अमेरिका में हुए शोध के अनुसार, महीने में 1 दिन खाना छोड़ने से दिल की बीमारियों का ख़तरा 40 फ़ीसदी तक कम हो जाता है. शोध के अनुसार, एक दिन खाना न खाने से हमारा मेटाबॉल़िज़्म रेट बढ़ जाता है.
11. हाथ मिलाने से परहेज करें
हाथ मिलाने पर किसिंग से कहीं ़ज़्यादा तेज़ी से इं़फेक्शन फैलता है. अगर आप किसी से हाथ मिलाते हैं तो तुरंत हाथ धो लें. शोधों से यह सिद्ध हुआ है कि दिन में 5 बार हाथ धोने से बीमार होने का ख़तरा 50 फ़ीसदी तक कम हो जाता है.
12. रेड मीट का सेवन कम करें
द चाइना स्टडी के लेखक प्रो. टी. कोलिन के अनुसार, रेड मीट का सेवन न करने से आयु में 13 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी होती है.
13. एंटी बैक्टिरियल वाइपर्स का इस्तेमाल करें
फ़ोन हैंडसेट, मोबाइल, हैंडबैग आदि साफ़ करने के लिए एंटी बैक्टिरियल वाइपर्स का इस्तेमाल करें. हाल में हुए अध्ययन से यह सिद्ध हुआ है कि फ़ोन हैंडसेट से 1 लाख से अधिक बैक्टिरिया ट्रान्समिट होते हैं. शोधों के अनुसार, ज़्यादातर मोबाइल में बैक्टिरिया होते हैं.
14. 60 फ़ीसदी का नियम फॉलो करें
ब्रिटेन विविनी माइकल ऑफ़ डेफ़नेस इंस्ट्टियूट के अनुसार, आईपॉड सुनते समय वॉल्यूम कभी भी 60 फ़ीसदी से ़ज़्यादा न रखें और एक बार में 1 घंटे से अधिक समय तक न सुनें.
15. गहरी सांस लें
गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है और दिमाग़ तक ताज़ा ऑक्सिजन पहुंचती है. इसके विपरीत छोटी-छोटी सांस लेने से हार्ट रेट और तनाव दोनों ही बढ़ जाते हैं.
16. दिनभर में 1 फल अवश्य खाएं
दिनभर में कम से कम 1 फल अवश्य खाएं. ऐसा करने से कैंसर होने का ख़तरा 20 फ़ीसदी तक कम हो जाता है.

 

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