healthy Skin

रोज नींबू पानी पीने के ये 10 हेल्थ बेनिफिट्स जानकर हैरान रह जाएंगे आप. आपके किचन में मौजूद नींबू आपके लिए कितना फायदेमंद है, इसका आपको अंदाजा भी नहीं होगा. नींबू पानी से आप अपनी सुंदरता और स्वास्थ्य दोनों को बढ़ा सकते हैं. हम आपको नींबू पानी के 10 फायदे बता रहे हैं, जिन्हें जानकर आप भी रोज नींबू पानी पीना शुरू कर देंगे.

Lemon Juice

1) नींबू पानी इम्युनिटी बढ़ाता है
जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमज़ोर है उन्हें रोज़ाना नींबू पानी पीना चाहिए, इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) मज़बूत होगी. कोरोना वायरस से बचने के लिए भी नींबू पानी पीना फायदेमंद है.

2) नींबू पानी वजन कम करने में मदद करता है
यदि आप अपना बढ़ा हुआ वजन कम करना चाहते हैं, रोज सुबह नींबू पानी पीएं. वजन घटाने के साथ ही नींबू पानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकाल देता है, जिससे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन भी हो जाता है.

3) नींबू पानी मुंहासों से राहत देता है
जिन लोगों को मुंहासे की समस्या ज़्यादा होती है उन्हें नींबू पानी का सेवन करना चाहिए, इससे उनके शरीर में मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया मर जाएंगे और स्किन ग्लो करेगी. नींबू पानी को आप फेसवॉश की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे डेड स्किन और एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाता है.

4) नींबू पानी भूख बढ़ाता है
यदि आपको भूख नहीं लगती, तो नींबू पानी पीएं. इससे भूख तेज़ी से लगती है.

5) नींबू पानी किडनी स्टोन में फ़ायदेमंद
किडनी स्टोन यदि शुरुआती दौर में है, तो नींबू पानी पीना बहुत फ़ायदेमंद होगा. नींबू पानी में प्राकृतिक साइट्रेट होता है, जो स्टोन को तोड़ देता है या उसे बनने से रोकता है.

यह भी पढ़ें: दांतों की देखभाल के 5 आसान घरेलू उपाय (5 Homemade Dental Care Remedies)

Lemon
Lemon

6) नींबू पानी सर्दी/फ्लू से बचाता है
जिन्हें सर्दी और फ्लू अक्सर होता रहता है, उन्हें नींबू पानी का सेवन करना चाहिए. इससे उन्हें जकड़न नहीं होगी और शरीर भी डिहाइड्रेट नहीं होगा. नींबू पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है.

7) नींबू पानी सूजन व सांस संबंधी समस्या से राहत देता है
यदि किसी व्यक्ति को कहीं भी सूजन है तो नींबू पानी लाभदायक होता है. साथ ही अस्थमा के मरीज़ों के लिए भी नींबू पानी फ़ायदेमंद है. इसके सेवन से जोड़ों में दर्द व सूजन की समस्या दूर होती है.

8) नींबू पानी हैंगओवर दूर करता है
जिन लोगों को अल्कोहल की लत है और सुबह उठने पर चलना भी मुश्किल हो जाता है, तो उनके लिए नींबू पानी लाभदायक होगा. आधे ग्लास नींबू पानी से ही आंखें खुल जाती हैं और सिर घूमना बंद हो जाता है.

9) नींबू पानी फूड पॉइज़निंग में फायदेमंद है
फूड पॉइज़निंग होने पर नींबू पानी का सेवन करें, इसमें मौजूद एसिड शरीर को लाभ पहुंचाते हैं और मरीज़ को ठीक होने में मदद करते हैं.

10) नींबू पानी पेट संबंधी समस्या से छुटकारा देता है
यदि आप भी अक्सर गैस, कब्ज़, अपच जैसी पेट संबंधी समस्या से परेशान रहते हैं, तो नींबू पानी का सेवन शुरू कर दीजिए.

यह भी पढ़ें: इनडाइजेशन या अपच के 5 आयुर्वेदिक उपचार (5 Home Ayurvedic Remedies For Indigestion)

पिंपल्स यानी मुंहासे त्वचा की एक आम समस्या है. यह टीनएजर्स और यंग को अधिक प्रभावित करती है. इसे दूर करने के आसान और घरेलू उपाय बता रहे हैं. डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. अजय राणा.

  • पिंपल्स के लिए पपीता का उपयोग एक नेचुरल रेमेडी की तरह काम करता है. पपीता स्किन से डेड स्किन सेल्स को निकालने में मदद करता है, साथ ही स्किन को क्लीन करता है.
  • इसके लिए अपने चेहरे को पहले अच्छे से धोकर सुखा लें. पपीता को पीसकर पेस्ट की तरह बना लें. फिर इसे चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें. बाद में गुनगुने पानी की सहायता से धो लें. बाद में अपने स्किन टोन के अनुसार अच्छा-सा मॉइश्चराइजर इस्तेमाल करें.
  • एप्पल साइडर विनेगर पिंपल्स को हटाने के लिए आज़माएं जानेवाला सबसे प्रसिद्ध नुस्ख़ा है. एप्पल साइडर विनेगर में एंटी इंफ्लैमैटरी और एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं. इसे सावधानी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे कई तरह के इंफेक्शन होने के भी चांसेस होते है.
  • इसके लिए एप्पल साइडर विनेगर को दिन में कम-से-कम दो बार पिंपल पर लगाएं और फिर आधे मिनट के लिए छोड़ दें. फिर इसे धो लें.
  • टी ट्री ऑयल पिंपल्स के लिए अच्छा माना जाता है. यह स्किन को मुलायम बनाता है और एंटी बैक्टीरियल प्राॅपर्टीज होने के कारण स्किन से रेडनेस निकालने में मदद भी करता है.
  • इसके लिए कॉटन की सहायता से टी ट्री ऑयल को पिंपल्स पर लगाएं. फिर 15-20 मिनट बाद इसको अच्छे से साफ़ कर लें. इसके अलावा एक टेबलस्पून एलोवेरा जेल में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिला लें. फिर इसको पिंपल्स पर लगाए. फिर इसे गुनगुने पानी से धो लें.
  • एलोवेरा पिंपल्स को ठीक करने के लिए अपनाया जानेवाला सबसे अच्छा और घरेलू उपाय है. यह न सिर्फ़ पिंपल्स को हटाता है, बल्कि स्किन पर होनेवाले सभी प्रकार के स्कार्स को भी ठीक करता है.
  • इसके लिए एलोवेरा जेल में चुटकीभर हल्दी मिलाकर स्किन पर रगड़े. इसमें मौजूद इंफ्लैम्माटरी और एंटी मिकरोबियल प्राॅपर्टीज न केवल पिंपल्स को कम कर देगी, साथ ही स्किन को हाइड्रैट भी कर देगी.
  • शहद का भी इस्तेमाल पिंपल्स को ठीक करने में कर सकते हैं. यह स्किन से सभी प्रकार के रेडनेस, जो पिंपल्स के कारण होते है उसको ठीक कर देता है.
    इसके लिए शहद में दालचीनी पाउडर मिला लें. फिर इस पेस्ट को स्किन में पिंपल्सवाले एरिया में लगाएं. फिर कुछ देर बाद धो लें.
  • नारियल का तेल भी पिंपल्स को ठीक करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. नारियल के तेल में एंटी बैक्टीरियल प्राॅपर्टीज होती है, जो स्किन इंफ्लैमैशन को ठीक करता है.
  • इसके लिए नारियल तेल को हल्का गर्म करके पिंपल्स पर लगाएं. इससे पिंपल्स ठीक हो जाएंगे और स्किन के सारे दाग़-धब्बे भी ठीक हो जाएंगे.
Home Remedies For Pimples

बरसात के दिनों में स्किन की अतिरिक्त देखभाल रखनी होती है. यहां पर माॅनसून के दिनों में त्वचा का ख़्याल रखने के कुछ ख़ास टिप्स डर्मेटोलॉजिस्ट और एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. अजय राणा दे रहे हैं.

  • बारिश के दौरान स्किन को मॉइश्चराइज़ करना सबसे आवश्यक है. कुछ नेचुरल मॉइश्चराइज़र में ककड़ी, नारियल तेल, भांग के बीज का तेल और ऑलिव ऑयल शामिल हैं. ये मॉइश्चराइज़र ऑयली स्किन के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है
  • बारिश के दिनों में स्किन पर बैक्टीरिया के कारण कील-मुहांसों होने की संभावना अधिक होती है. इनसे बचने के लिए, सुनिश्चित करें कि आप दिन में कम-से-कम दो-तीन बार अपना चेहरा साफ़ करें.
  • इसके अलावा, हमेशा बिस्तर पर जाने से पहले अपनी स्किन को साफ़ करें, ताकि दिनभर में लगे धूल-मिट्टी या अन्य प्रदूषण आपकी स्किन को नुक़सान न पहुंचाएं.
  • मॉनसून का मतलब यह नहीं है कि आपकी स्किन सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षित है. ऐसे में स्किन की किसी भी समस्या से बचने के लिए हर रोज़ एक अच्छे सनस्क्रीन का उपयोग करें.
  • बारिश के दिनों में हेल्दी भोजन करें. फ्रूट्स और विटामिन से भरपूर सब्ज़ियों को खाएं.
  • बारिश के दौरान सही स्किन केयर प्रोडक्ट्स का चयन करें. प्रोडक्ट्स के साथ आपकी स्किन
    को ओवरलोड करने की बजाय नेचुरल तरीक़ों से स्किन को फ्रेश और हेल्दी बनाने पर ध्यान
    दें, जैसे – एलोवेरा, शहद.
  • मॉनसून में मेकअप कम-से-कम यूज़ करने की कोशिश करें, क्योंकि यह आपकी स्किन के पोर्स को बंद कर देता है और स्किन के अनेक प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है.

Skin Care Tips
  • मॉनसून में स्किन पर डेड लेयर्स हो जाते है, इससे छुटकारा पाने के लिए स्किन को एक्सफोलिएट करना आवश्यक है.
  • इन्फेक्शन को कम करने के लिए माइक्रोडर्माब्रेशन या हल्के केमिकल पील्स का इस्तेमाल करें.
  • बारिश जो ह्युमिडीटी लाती है वह स्किन को काफ़ी प्रभावित करती है और नुक़सान पहुंचाती है. इसके लिए न्यूट्रिशन से युक्त मॉइश्चराइज़र का उपयोग करें. यह स्किन को नर्म-मुलायम और हेल्दी बनाता है.
  • दिनभर में कम-से-कम 8 ग्लास पानी पिएं और बॉडी को हाइड्रेट रखें. मॉनसून में बॉडी में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने से आपकी स्किन डल दिखाई देती है.
  • स्किन की गंदगी और मेकअप को हटाने के लिए अपनी स्किन को टोन करें. इसके लिए नेचुरल इंग्रेडिएंट्स, जैसे- हरी चाय, नींबू का रस, गुलाबजल, खीरे का पानी का उपयोग करें.
  • ह्युमिडीटी के कारण ऑयली स्किन को हेल्दी रखने के लिए हफ्ते में एक बार क्ले मास्क का उपयोग करें.
  • इसके लिए ग्रीन टी या ट्री टी एक्सट्रेक्ट का उपयोग करें, जो स्किन के पोर्स से डेडसेल्स और इम्पुरिटीज़ को निकालकर स्किन में होनेवाले अन्य प्रॉब्लम्स से भी बचाता है.
  • हमारे होंठों पर और हमारी आंखों के आस-पास की स्किन चेहरे के बाकी के हिस्से की तुलना में पतली होती है, इसलिए मॉनसून में उन्हें अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता होती है.
  • गर्मी और उमस से आंखें जल सकती हैं और होंठ फट सकते हैं. सुनिश्चित करें कि आप अपनी आंखों को नियमित रूप से पानी से हल्के छींटें मारते हुए धोएं. साथ ही होंठों को लिप बाम से सुरक्षित रखें यानी नियमित रूप से लगाएं.

ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ें: पंपकिन के इस्तेमाल से स्किन में होनेवाले फ़ायदे (Amazing Benefits Of Pumpkin For Skin)

लेखक- डॉ. सौरभ जोशी (मुंबई स्थित द वेन सेंटर में वैस्न्युलर रोगों के इंटरवेंशनल और रेडियोलॉजी उपचारों से संबद्ध)
Laser Treatments For Superficial Vascular Lesions

उपचार से पहले और बाद की तस्वीर

स्पाइडर वेन्स पतली, लाल-बैंगनी रंग की नसें होती हैं. ये त्वचा के बहुत करीब होती हैं इसलिए काफ़ी उभरी हुई नज़र आती हैं. ये नसें बहुत भद्दी दिख सकती हैं. स्पाइडर वेन्स आमतौर पर उन लोगों में देखी जाती हैं जो लंबे समय खड़े रहने या बैठने का काम करते हैं, धूम्रपान व तंबाकू का सेवन करते हैं, इसके अलावा वंशानुगत, ज़्यादा वज़न उठाना, गर्भावस्था, बढ़ती उम्र आदि के कारण भी स्पाइडर वेन्स की तकलीफ़ हो सकती है. देशभर में 10 मिलियन से अधिक लोग अपनी टांगों/शरीर पर ब्लू वेन्स होने के रोग से पीड़ित हैं, लेकिन इससे अनजान रहते हैं. चूंकि प्रारंभिक चरण में ब्लू वेन्स का रोग दर्दरहित होता है, इसलिए 99% लोग उपचार ही नहीं करवाते हैं. इन ब्लू वेन्स को वैरिकोज़ वेन्स कहा जाता है जो एक हानिकारक रोग है. भारत में महिलाएं लंबे कपड़े पहनकर इस समस्या को छुपाने की कोशिश करती हैं और अपनी वैरिकोज़ व स्पाइडर वेन्स को छुपाने के लिए फिल्मी सितारे शूटिंग के दौरान आमतौर पर कोई बॉडी कंसीलर लगा लेते हैं.
समय बीतने के साथ वैरिकोज़ वेन्स के उपचार ने लंबी छलांग लगाई है, जिसमें खुली शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं से लेकर ऊष्मा का उपयोग करके नसों को अंदर से बंद करनेवाली न्यूनतम इनवेसिव लेज़र एवं रेडियो फ्रिक्वेंसी एब्लेशन तक के उपचार शामिल हैं. हाल ही में जलाने के बजाए नस को चिपकाकर बंद करने के लिए गोंद जैसी सामग्री का उपयोग किया जाने लगा है, जिससे रोगी का कष्ट और प्रक्रिया संबंधी जटिलताएं और भी कम हो जाती हैं.

Laser Treatments For Superficial Vascular Lesions

नवीनतम गैर-इनवेजिव और वीडियो की मदद से संचालित एक्सोथर्म जैसी अत्यधिक प्रभावी तकनीक बिना कोई इंजेक्शन लगाए ही टॉपिकल लेज़र का उपयोग करके इन स्पाइडर वेन्स का उपचार कर सकती है. यह पहले इस्तेमाल होनेवाली स्न्लेरोथेरेपी के ठीक विपरीत प्रक्रिया है, जो रोगियों के लिए प्रायः दर्दनाक सिद्ध होती थी.

स्पाइडर वेन्स का उपचार करने हेतु लेज़र उपचार रोगियों के लिए बेहद उपयुक्त है और ये नवीनतम विधियां बहुत कम कष्ट और न्यूनतम जोखिम के साथ इच्छित परिणाम देती हैं. लेज़र का उपयोग गर्भवती महिलाओं तथा उन रोगियों के उपचार क्षेत्र में नहीं किया जा सकता है, जिनकी त्वचा पर वायरल अटैक या संक्रमण हो चुका है. ऊपरी वैस्न्युलर घाव त्वचीय वाहिकाओं के विस्तारण के चलते होते हैं और ये किसी शिरापरक विकृति का परिणाम हैं. सबसे आम ऊपरी वैस्न्युलर घावों को टेलांजिएक्टीजिया और एंजियोमा कहा जाता है.

शिरापरक रोग एक विकसित होता रहने वाला रोग है, बिना उपचार के यह ठीक ही नहीं होता.अपने शिरापरक निदान के लिए सही चिकित्सक से परामर्श करें और जितनी जल्दी हो सके इस विकृति का उपचार कराएं. यह नए ऊपरी वैस्न्युलर घावों के उभार को सीमित करेगा.

Laser Treatments For Superficial Vascular Lesions

लेजर उपचार कैसे काम करता है?
लेजर सिद्धांत एक तापीय क्रिया के उत्पादन पर आधारित है. लेज़र प्रकाश एपिडर्मिस के माध्यम से त्वचा को भेदते हुए प्रवेश करेगा, ताकि डर्मिस के अंदर मौजूद नस को स्पर्श कर सके. इसके बाद ऊष्मा में तब्दील हुआ प्रकाश नस को अवरोधित करेगा और धीरे-धीरे उसे गायब कर देगा. लेज़र उपचार को स्न्लेरोथेरेपी के अतिरिक्त इस्तेमाल किया जा सकता है और यह घुटने, एड़ी या पैर के भीतरी हिस्सों जैसे प्रवेश करने में कठिनाई वाले क्षेत्रों पर कार्य करता है.

किसी लेज़र उपचार से पहले और बाद में बरती जानेवाली सावधानियां:
* उपचार शुरू होने के 2 सप्ताह पहले से धूप में नहीं निकलना है.
* उपचार के बाद उपचार किए गए क्षेत्र पर कोई मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम लगाएं और अगले दो हफ्ते तक धूप में हर्गिज़ न निकलें.

Laser Treatments For Superficial Vascular Lesions

एक्सोथर्म लेज़र, कुशल और बिल्कुल नया  
स्पाइडर वेन्स, जो वैरिकोज़ वेन्स की आरंभिक अवस्था होती हैं, जो एक किस्म की कॉस्मेटिक समस्या होती हैं, उन्हें लक्षित ट्रांसक्यूटेनियस लेज़र का इस्तेमाल करके ठीक किया जा सकता है. इस तकनीक में इन स्पाइडर वेन्स पर एक विशिष्ट तरंग का लेज़र प्रकाश डाला जाता है. यह प्रकाश त्वचा के करीब स्थित 2 मिमि व्यास से कम आकार वाली स्पाइडर वेन्स को वहीं का वहीं जला डालता है. ऐसे विभिन्न उपकरण उपलब्ध हैं जो यह नतीजा प्राप्त करने में मदद कर सकते हैं. चिकित्सा का वर्तमान मानक एक्सोथर्म डिवाइस है, जिसमें स्पाइडर वेन्स को 10 गुना ज़ूम करने के लिए एक इन-बिल्ट कैमरा लगा हुआ है, जो नसों को आसान निशाना बनाने के साथ-साथ आसपास की त्वचा को 5 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा रखने में मदद करता है. यह एक बहु-उपयोगी और पेटेंट की हुई तकनीक है, जो आसपास के ऊतकों को सर्वोत्तम दक्षता और उच्च सुरक्षा प्रदान करती है. पररणाम धीरे-धीरे दिखाई पड़ते हैं और 4 से 6 सप्ताह के भीतर स्थायी हो जाते हैं. चिकित्सक आपको आवश्यक उपचार सत्रों के बारे में उचित परामर्श देंगे.

प्रक्रिया को  http://bit.ly/2N6q7DX  लिंक पर देखा जा सकता है. 

नीम तेल (Neem Oil) के ब्यूटी बेनिफिट्स (Beauty Benefits) बहुत हैं. नीम तेल जिस तरह सेहत के लिए फायदेमंद है, उसी तरह नीम के तेल से आप अपनी खूबसूरती भी निखार सकती हैं. कई लोग नीम के ब्यूटी बेनिफिट्स के बारे में नहीं जानते. नीम का तेल आसानी से उपलब्ध है और इसके कई ब्यूटी और हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं. यहां पर हम आपको नीम तेल के 10 ब्यूटी बेनिफिट्स बता रहे हैं.

Benefits Of Neem Oil

नीम तेल के 10 ब्यूटी बेनिफिट्स

1) नीम तेल बढ़ती उम्र के संकेतों को रोकता है
नीम तेल में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स बढ़ती उम्र के संकेतों को रोकते हैं और त्वचा को जवां बनाए रखते हैं. बढ़ती उम्र के संकेतों को रोकने के लिए हफ्ते में दो बार 10 मिनट तक नीम तेल से चेहरे और गले की मालिश करें. ऐसा नियमित रूप से करने से आपकी त्वचा जल्दी बूढ़ी नहीं होगी और आप जवां नज़र आएंगी.

2) नीम तेल संक्रमण से बचाता है
नीम में प्राकृतिक एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो त्वचा को संक्रमण से बचाते हैं. संक्रमित जगह को एंटीसेप्टिक साबुन से अच्छी तरह धोकर वहां पर कुछ बूंदें नीम तेल लगा दें. इससे आपको बहुत लाभ होगा.

3) नीम तेल बालों का झड़ना रोकता है
नीम के तेल की 4-4 बूंदें नाक के दोनों छेदों में नियमित रूप से एक माह तक डालें. भोजन में नियमित रूप से दूध का सेवन करें. ऐसा करने से बालों का झड़ना रुकता है और बाल मजबूत और घने बनते हैं.

4) नीम तेल से बढ़ती है त्वचा की खूबसूरती
नीम तेल में विटामिन ई और फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होती है जो हमारी त्वचा की खूबसूरती बढ़ाता है. खासकर सर्दियों के दिनों में नहाने के बाद नीम तेल के 1 भाग को नारियल के तेल के 2 भागों के साथ मिलाएं और पूरे शरीर पर लगाएं. ऐसा करने से आपकी स्किन नर्म-मुलायम और खूबसूरत बन जाएगी.

जानें नारियल तेल के 10 ब्यूटी बेनिफिट्स, देखें वीडियो:

5) नीम तेल मुंहासों से छुटकारा दिलाता है
नीम में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक एजेंट मुंहासे कम करने में मदद करते हैं. नीम में पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल गुण त्वचा पर मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करता है. नीम तेल मुंहासों पर लगाने से मुंहासों की लालिमा और सूजन भी कम होती है.

6) नीम तेल से भौहें और पलकें स्वस्थ बनती हैं
शोधों के अनुसार, जो लोग अपने चेहरे पर नीम तेल लगाते हैं, उनकी भौहें और पलकें भी स्वस्थ बनती हैं. नीम तेल खुले रोमछिद्रों को भी साफ करता है इसलिए आप नीम तेल को मेकअप रिमूवर के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकती हैं.

7) नीम तेल असरदार एंटी-फंगल एजेंट है
नीम का तेल एक प्रभावी एंटी-फंगल एजेंट भी है. पैर की उंगलियों, एड़ियों और हाथों पर नीम के तेल की कुछ बूंदें नियमित रूप से लगाएं. ऐसा करने से आपकी त्वचा फंगल इंफेक्शन से बची रहेगी. यदि आपकी त्वचा पर पहले से ही फंगल इंफेक्शन है, तो उस जगह को पहले एंटीसेप्टिक साबुन से साफ करें, फिर वहां पर नीम का तेल लगाएं. ऐसा करने से आपको जल्दी ही फंगल इंफेक्शन से छुटकारा मिलेगा. नीम तेल अन्य त्वचा रोग या इंफेक्शन, जैसे दाद, कान के छेद में फंगस आदि को ठीक करने में भी सहायक है.

8) नीम तेल बालों का असमय सफेद होना रोकता है
नीम का तेल बालों का व़क्त से पहले सफेद होना भी रोकता है. इसके लिए आंवले के तेल में नीम तेल मिलाकर बालों में लगाएं और मालिश करें. सुबह शैम्पू से बाल धो लें. यह प्रयोग हफ्ते में दो बार करें. ऐसा नियमित रूप से करने से आपके बाल असमय सफेद नहीं होंगे.

यह भी पढ़ें: ऐलोवेरा जेल के 10 ब्यूटी बेनिफिट्स स्किन और बालों के लिए (10 Beauty Benefits Of Aloe Vera Gel For Skin And Hair)

Benefits Of Neem Oil

9) नीम तेल रूसी (डैंड्रफ) से छुटकारा देता है
डैंड्रफ से हम सभी परेशान रहते हैं. डैंड्रफ के कारण बालों में खुजली, बालों का झड़ना जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं. डैंड्रफ से छुटकारा पाने के लिए अपने हेयर ऑयल में कुछ बूंदें नीम तेल की मिलाएं और इस तेल को हफ्ते में दो बार बालों कें लगाएं. ऐसा नियमित रूप से करने से आपके बालों में डैंड्रफ नहीं होगा और आपको डैंड्रफ से छुटकारा मिल जाएगा.

10) नीम तेल हर तरह की स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा देता है
यदि आप रोज रात में सोने से पहले अपने चेहरे पर नीम तेल लगाती हैं, तो इससे आप हर तरह की स्किन प्रॉब्लम्स से अपनी त्वचा को बचा सकती हैं. इसके लिए रोज सोने से पहले नीम तेल से त्वचा की मालिश करें, फिर फेसवॉस से चेहरा धो लें. ऐसा नियमित रूप से करने से आपकी त्वचा हर तरह की स्किन प्रॉब्लम्स से बची रहेगी और आपकी स्किन हमेशा हेल्दी और खूबसूरत नज़र आएगी.

यह भी पढ़ें: बालों का झड़ना रोकने के 5 आसान घरेलू उपाय (5 Effective Home Remedies To Control Hair Fall)

Summer Glowing Tips

समर में रखें स्किन को कूल…! (Sun Kissed Skin: Extend Your Summer Glow)

गर्मी के मौसम (Summer Season) में तेज़ धूप सबसे ज़्यादा असर आपकी स्किन (Skin) पर ही डालती है. इस मौसम में शादियां भी होती हैं, ऐसे में होनेवाली दुल्हन के लिए और भी ज़रूरी है अपने डेली स्किन केयर रूटीन (Daily Skin Care Routine) पर ख़ास ध्यान देना. यहां पर डर्मैटोलॉजिस्ट और क्यूटेनियस सर्जन डॉ. सतीश भाटिया स्किन केयर (Skin Care) के लिए विशेष टिप्स (Special Tips) दे रहे हैं, जिन्हें फॉलो करके आप भी इस समर में बन सकती हैं हॉट..

क्लींज़िंग को अवॉइड न करें: सूर्य की हानिकारक किरणें आपकी स्किन को सबसे ज़्यादा नुक़सान पहुंचाती हैं. बेहतर होगा माइल्ड और जेंटल क्लींज़र दिन में दो बार पानी या टिश्यू पेपर के साथ यूज़ करें. माइल्ड क्लींज़र से आपके चेहरे व गर्दन की सारी धूल-मिट्टी तो क्लीन हो ही जाएगी, अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो इसका सोप फ्री फॉर्मूला आपकी त्वचा को नुक़सान नहीं पहुंचाएगा.

हाइड्रेट करें: स्किन को हाइड्रेट करना बेहद ज़रूरी है. इसके लिए आप हाइड्रेटिंग लोशन यूज़ कर सकती हैं. वैसे ढेर सारा पानी पीना सबसे बेहतर होता है, क्योंकि यह शरीर के टॉक्सिन्स को भी बाहर निकाल देता है.

मॉइश्‍चराइज़ करें: अक्सर लोगों की यह धारणा होती है कि समर में मॉइश्‍चराइज़ेशन की ज़रूरत नहीं, लेकिन हर मौसम में इसकी ज़रूरत होती है. गर्मी में वॉटर बेस्ड लाइट मॉइश्‍चराइज़र यूज़ करें. इससे आपकी त्वचा को पोषण मिलेगा.
ऑयल बेस्ड व हैवी प्रोडक्ट्स अवॉइड करें: समर में अगर आप ऑयल बेस्ड प्रोडक्ट्स यूज़ करेंगी, तो पिंपल्स की समस्या और ऑयली स्किन की समस्या बढ़ सकती है. बेहतर होगा लाइट व माइल्ड प्रोडक्ट्स सिलेक्ट करें.

टोनिंग भी ज़रूरी है: टोनर से त्वचा में कसाव आता है, रोमछिद्र बंद होकर त्वचा को यंग लुक देते हैं. स्किन टोनर के तौर पर आप गुलाबजल, मिंट वॉटर, कुकुंबर जूस आदि भी यूज़ कर सकती हैं.

जनरल टिप्स

  • दिन में तीन-चार बार स़िर्फ पानी से मुंह धोएं.
  • मेकअप से पहले ब़र्फ रगड़ें.
  • हैवी मेकअप से बचें.
  • ऑयली फूड अवॉइड करें.
  • गुलाबजल को स्प्रे बॉटल में भरकर फ्रिज में रखें और इसे टोनर की तरह यूज़ करें.
  • पुदीने के पत्तों को पानी में उबालकर पानी छानकर ठंडा होने पर अप्लाई करें.
  • एलोवीरा जेल, नींबू का रस, टमाटर का पल्प आदि भी इस्तेमाल में लाएं.
  • फ्रूट मास्क, क्ले मास्क, मुल्तानी मिट्टी-चंदन पाउडर पैक आदि यूज़ करें.

यह भी पढ़ें: अपनी उम्र के अनुसार ऐसे चुनें सही ब्लशर (What Is The Right Blush For Your Age?)

एक ख़्वाब, मोती-सा शफ्फ़ाफ़… एक ख़्याल तेरा, चांद-सा बेदाग़… महकता चंदन, तेरा बदन…
आफ़ताब-सा रौशन तेरा तन… फ़रिश्ते भी छुप-छुपकर देखते हैं तुझे… कभी ताजमहल, तो कभी कयामत कहते हैं तुझे… तेरी एक नज़र पर लाखों गुलाब खिल उठते हैं… तेरे एक लफ़्ज़ पर हज़ारों कंवल महक उठते हैं… मखमली काया तेरी, जैसे संगमरमर कोई… रेशमी ज़ुल़्फें तेरी जैसे काली घटा कोई…

 

2

स्किन केयर टिप्स

स्किन हमेशा ख़ूबसूरत और जवां बनी रहे, इसके लिए अपनाएं ये ईज़ी होम रेमेडीज़.

नींबू: क्लीन और क्लीयर स्किन के लिए नींबू सबसे बेहतरीन है. इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड डेड सेल्स को हटाता है और इसका विटामिन सी डार्क स्पॉट्स को हटाने में मदद करता है. इसमें ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं, जो कॉम्प्लेक्शन को निखारती हैं.

– ताज़ा नींबू का रस पूरे चेहरे व गर्दन पर अप्लाई करें. 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. इसके बाद ककड़ी की स्लाइस को रब करें. स्किन एकदम स्मूद और फ्रेश हो जाएगी. यह रोज़ करें या हर दूसरे दिन.

– आधा नींबू का रस लें, उसमें 2 टेबलस्पून शहद मिलाएं. चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट बाद धो लें.

– एक्सफोलिएट करने के लिए 2 टीस्पून नींबू के रस में थोड़ी-सी शक्कर मिलाएं. चेहरे, गर्दन और हाथों पर गोलाई में रब करें और फिर 10 मिनट तक लगाकर रखें. यह हफ़्ते में एक बार करें और ग्लोइंग स्किन पाएं.

हल्दी: यह एंटीसेप्टिक होने के साथ-साथ दाग़-धब्बों से भी छुटकारा दिलाती है.

– 1 टेबलस्पून हल्दी पाउडर में पाइनेप्पल जूस मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. इसे चेहरे व गर्दन पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. इसे हफ़्ते में 2-3 बार करें, इससे डार्क स्पॉट्स से छुटकारा मिलेगा.

– हल्दी पाउडर और बेसन समान मात्रा में लेकर दूध या पानी मिक्स करें और पेस्ट तैयार कर लें. चेहरे पर लगाएं. सूखने पर गुनगुने पानी से हल्का-सा मसाज करते हुए पेस्ट हटाएं. अपनी स्किन टोन को बेहतर करने के लिए हफ़्ते में एक बार यह उपाय करें.

शहद: क्लीयर स्किन के लिए बहुत ज़रूरी है कि उसे मॉइश्‍चराइज़्ड रखा जाए. शहद बहुत ही अच्छा मॉइश्‍चराइज़र है. साथ ही इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं.

– शहद को चेहरे पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. स्मूद स्किन के लिए यह रोज़ करें या हर दूसरे दिन ट्राई करें.

– 1 टीस्पून शहद में 2 टीस्पून दूध और 1 टीस्पून बेसन मिलाएं. चेहरे पर अप्लाई करें. 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. ग्लोइंग स्किन पाने के लिए यह फेस मास्क हफ़्ते में एक बार ट्राई करें.

एलोवीरा: यह एंटी एलर्जिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेट्री होता है. स्किन को हेल्दी रखता है और नए सेल्स के निर्माण की क्रिया को तेज़ करने में भी मदद करता है.

– एलोवीरा के ताज़ा पल्प को कॉटन बॉल की सहायता से फेस पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. यह उपाय रोज़ करें.

बेकिंग सोडा: यह स्किन का पीएच बैलेंस बनाए रखता है. यह एक्सफोलिएट करके डेड सेल्स को भी हटाता है. साथ ही यह एंटीसेप्टिक भी है.

– 1 टीस्पून बेकिंग सोडा में 1 टीस्पून पानी या नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें. इससे एक्सफोलिएट करें. गुनगुने पानी से धो लें. इसे हफ़्ते में 2-3 बार करें.

– 1-1 टीस्पून बेकिंग सोडा और शहद मिला लें. फेस धो लें और हल्की गीली स्किन पर यह पेस्ट अप्लाई करके एक मिनट तक मसाज करें. गुनगुने पानी से धो लें. उसके बाद ठंडे पानी से भी धोएं. यह उपाय हफ़्ते में एक बार करें.

कुकुंबर: इसमें हाइड्रेटिंग, नरिशिंग और एस्ट्रिंजेंट प्रॉपर्टीज़ होती हैं. यह डैमेज्ड स्किन सेल्स को रिपेयर करता है.

– ककड़ी की थिक स्लाइस काटकर रात को सोने से पहले चेहरे पर रब करें. सुबह गुनगुने पानी से धो लें. यह रोज़ करें.

– ककड़ी और नींबू का रस समान मात्रा में लें. अच्छी तरह मिक्स करें और चेहरे पर अप्लाई करें. सूखने पर धो लें. यह रोज़ करें.

पपीता: स्किन का टेक्स्चर बेहतर करता है, जिससे स्किन क्लीन और क्लीयर लगती है. इसमें नेचुरल ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं.

– पपीते को काटकर उसमें चंदन पाउडर और शहद मिलाकर ग्राइंड कर लें. इसे चेहरे व गर्दन पर लगाएं. आधे घंटे बाद धो लें. टॉवल से थपथपाकर पोंछें और गुलाबजल लगाएं. हफ़्ते में एक बार यह रेसिपी ट्राई करें.

पुदीना: इसमें मौजूद मेंथॉल में कूलिंग प्रॉपर्टीज़ होती हैं.

– 1 टीस्पून पुदीने का पाउडर, 1 टेबलस्पून दही और थोड़ी मुल्तानी मिट्टी. सबको मिक्स करें और चेहरे व गर्दन पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. यह मास्क हफ़्ते में एक बार लगाएं. स्किन एकदम क्लीयर लगेगी.

नारियल तेल: यह एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है.

– नारियल तेल को गुनगुना करें और चेहरे पर लगाएं. गर्दन व हाथ-पैरों पर भी लगा सकते हैं. मसाज करें और 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. बेजान त्वचा भी ग्लो करने लगेगी.
3

स्किन प्रॉब्लम्स और होममेड सोल्यूशन्स

– पिंपल्स होने पर टूथपेस्ट अप्लाई करें. इससे इंस्टेंट रिलीफ मिलता है और लालिमा भी कम हो जाती है.

– पिंपल्स होने पर ब़र्फ को कपड़े में लपेटकर रब करें. ये पिंपल्स के दर्द, सूजन व लालिमा को कम करती है.

– वैसे पिंपल्स की समस्या ऑयली स्किनवालों को अधिक होती है. अगर आपकी स्किन बहुत ऑयली है, तो अंडे के स़फेद भाग में आधे नींबू का रस मिलाकर अप्लाई करें और 15 मिनट बाद धो लें. इससे स्किन में कसाव भी आएगा और अतिरिक्त ऑयल भी निकल जाएगा.

– टमाटर को काटकर स्किन पर रब करें. 15 मिनट बाद धो लें. यह भी एक्स्ट्रा ऑयल को निकालकर स्किन को हेल्दी ग्लो
देता है.

– पिंपल्स के ज़िद्दी मार्क्स से छुटकारा पाने के लिए 3 टेबलस्पून शक्कर और 1-1 टेबलस्पून मिल्क पाउडर व शहद लें. सबको मिलाकर चेहरे पर मसाज करें. थोड़ी देर स्क्रब करके 15 मिनट तक लगे रहने दें, फिर धो लें.

– थोड़ी-सी हल्दी में 1 टीस्पून एलोवीरा पल्प मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 20 मिनट बाद धो लें. इससे भी पिंपल्स के दाग़-धब्बे कम होते हैं.

– चंदन पाउडर में गुलाबजल मिलाकर दाग़-धब्बों पर अप्लाई करें. सूखने पर धो लें. यह उपाय दिन में दो बार करें और एक हफ़्ते में ही रिज़ल्ट देखें.

– ब्लैक-व्हाइट हेड्स रिमूव करने का सबसे आसान उपाय है स्टीमिंग. 1-2 मिनट तक स्टीम लें, फिर नेचुरल एक्सफोलिएटर से स्क्रब करें.

– घर पर स्क्रब तैयार करने के लिए बादाम को पीस लें और बेसन व पानी में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. इससे स्क्रब करें. यह भी ब्लैक और व्हाइट हेड्स को हटाने का बेहतरीन उपाय है.

– 2 टेबलस्पून दही में नींबू का रस मिलाकर प्रभावित हिस्सों पर लगाएं.

– हेल्दी डायट लें. पानी संतुलित मात्रा में पीएं और स्ट्रेस फ्री रहें.

– बाहर जाते समय सन प्रोटेक्शन का ख़्याल ज़रूर रखें.

– गीता शर्मा

कभी शाम ढले तुम चली आती हो मेरे दिल के आंगन में… कभी सुबह को खिल जाती हो गुलमोहर की तरह मेरे दामन में… मेरी पलकों पर जब रख देती हो तुम अपनी पलकें, तो महक उठते हैं लाखों ख़्वाब मुहब्बत के चमन में…

हुस्न के तो कई रंग होते हैं, लेकिन ये हुस्न हमेशा जवां बना रहे, इसके लिए स़िर्फ ऊपरी देखभाल ही नहीं, इंटरनल केयर भी ज़रूरी है. आप जो खाएंगे, वही आपकी स्किन पर नज़र आएगा. इसीलिए बहुत ज़रूरी है कि हेल्दी स्किन के लिए हेल्दी खाया जाए. इसका पहला स्टेप यह है कि अपनी स्किन को पहचानें और उसकी ज़रूरत के अनुसार अपनी डायट सिलेक्ट करें.

ब्यूटी डायट से पाएं ग्लोइंग स्किन

अपनी स्किन को भीतर से रिस्टोर और रिपेयर करें, ताकि आप पाएं खिली-खिली त्वचा और बेपनाह हुस्न.
हेल्दी डायट न स़िर्फ अच्छी सेहत, बल्कि अच्छी स्किन के लिए भी ज़रूरी है. लेकिन यह भी ध्यान रखें कि सभी की स्किन अलग होती है. ऐसे में हर स्किन टाइप के लिए ब्यूटी डायट भी अलग ही होगी. हम यहां स्किन टाइप के अनुसार ब्यूटी डायट की चर्चा कर रहे हैं, जिसे अपनाकर आप भी अपनी स्किन की बेहतर देखभाल कर सकेंगी.

ड्राई स्किन

– मॉइश्‍चर की कमी के चलते ड्राई स्किन पर मौसम का असर भी जल्दी होता है.

– त्वचा हमेशा खिंची-खिंची रहती है और लिप्स भी ड्राई रहते हैं.

– ऐसे में सबसे ज़रूरी है पानी. जी हां, भरपूर पानी पीने से आप हाइड्रेटेड रहेंगी, जिसका सीधा असर आपकी स्किन पर नज़र आएगा.

– अपने दिन की शुरुआत करें गुनगुने पानी में आधे नींबू के रस से. इससे शरीर के विषैले तत्व निकल जाएंगे और आपको मिलेगी ग्लोइंग स्किन.

– ऐसे फल और सब्ज़ियां खाएं, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे- ककड़ी, तरबूज़, सेलरी, सलाद के पत्ते, टमाटर आदि. इनके नियमित सेवन से आपको ज़रूरी मिनरल्स और विटामिन्स भी मिलेंगे.

– गुड फैट्स भरपूर मात्रा में लें. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स मॉइश्‍चर प्रदान करता है. इसके लिए आप ऑयली फिश, एवोकैडोज़, फ्लैक्ससीड्स, नारियल का तेल और नट्स ले सकती हैं.

– अगर स्किन क्रैक्ड और फ्लेकी लगे, तो स्किन को रिपेयर करनेवाले फूड पर ध्यान दें. ज़िंक से भरपूर आहार त्वचा को हील और टिश्यूज़ को रिपेयर करते हैं, जैसे- ऑयस्टर, कद्दू के बीज, सी फूड, बीन्स और दालें.

अवॉइड करें: अल्कोहल, कैफीन और शुगर, क्योंकि ये स्किन को डीहाइड्रेट करते हैं.

ऑयली स्किन

– विटामिन बी6 के मुख्य स्रोत हैं- साबूत अनाज, टूना, सालमन मछली, पालक, शिमला मिर्च, ब्रोकोली, असपैरागस, नट्स और लहसुन.

– सीबम के अधिक रिसाव के कारण त्वचा पर ऑयल और शाइन नज़र आता है, ख़ासतौर से टी-ज़ोन पर.

– ऑयली स्किनवाली महिलाओं को मुंहासों की भी समस्या अधिक होती है.

– आप विटामिन बी6 से भरपूर डायट लें, क्योंकि यह सीबम को कंट्रोल करता है यानी सीबम के निर्माण को कम करता है.

– लैसिथिन भी फैट सेल्स को ब्रेक करके रोमछिद्रों में जमा तेल और ऑयल के अतिरिक्त निर्माण को नियंत्रित करता है. लैसिथिन के प्रमुख स्रोत हैं- अंडा, बीज, फलियां, फूलगोभी, सोयाबीन्स.

अवॉइड करें: फ्राइड और फास्ट फूड्स, क्योंकि अधिकतर फास्ट फूड्स हाइड्रोजनेटेड वेजीटेबल ऑयल का इस्तेमाल करते हैं, जो रोमछिद्रों को बंद करके फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं. इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड भी अवॉइड करें, क्योंकि इनमें प्रिज़र्वेटिव्स और शुगर की अधिक मात्रा होती है.

1

सेंसिटिव स्किन

– रैशेज़, ड्राईनेस, जलन, लालिमा, खुजली आदि सेंसिटिव स्किन की निशानी है.

– अमीनो एसिड्स और फैटी एसिड्स सेल्स रिन्यू करके सेंसिटिविटी को कंट्रोल करते हैं.

– सुबह अपने जूस या स्मूदी में इन्हें शामिल करें और कोशिश करें कि उन्हें अपने नेचुरल फॉर्म में लें.

अवॉइड करें: रेड मीट, कैफीन, सॉफ्ट ड्रिंक्स, अल्कोहल और स्पाइसी फूड. मोनोसोडियम ग्लूटामेट और इसके रिप्लेसमेंट्स, कलर्स, फ्लेवर्स और प्रिज़र्वेटिव्स को भी अवॉइड करें.

हेल्दी स्किन के लिए बेस्ट सुपर फूड्स

– ब्लूबेरीज़ नंबर वन फूड माना जाता है एंटीऑक्सीडेंट्स के मामले में. यह एजिंग प्रोसेस को कम करता है.

– वाइल्ड सालमन में सेलेनियम होता है, जो त्वचा का धूप से बचाव करता है. इसके अलावा सालमन में मौजूद विटामिन डी आपकी हड्डियों और दांतों को भी मज़बूती प्रदान करता है.

– पालक में मौजूद लूटीन आंखों को हेल्दी और शाइनी रखता है. पालक में विटामिन बी, सी, ई, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्निशियम, ओमैगा 3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी रखते हैं.

– ऑयस्टर्स में मौजूद ज़िंक सेल्स के निर्माण व रिपेयर को तेज़ करता है. इसके अलावा यह नाख़ून, बाल और आंखों को भी हेल्दी
बनाता है.

– टमाटर एंटीएजिंग एंटीऑक्सीडेंट- लाइकोपीन का बेहतरीन स्रोत है. पकने के बाद या प्रोसेस्ड टोमैटोज़ में भी लाइकोपीन नष्ट नहीं होता और हमारे शरीर द्वारा आसानी से एब्ज़ॉर्ब कर लिया जाता है.

– अखरोट विटामिन ई और ओमेगा 3 फैटी एसिड्स से भरपूर है. यह स्मूद स्किन, शाइनी हेयर, ब्राइट आईज़ और हेल्दी बोन्स देता है. मुट्ठीभर अखरोट अपने डायट में शामिल करें.

– कीवि फ्रूट विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है. यह झुर्रियों से बचाव करता है और त्वचा में कसाव लाता है.

– डार्क चॉकलेट स्किन को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है और धूप से भी बचाव करता है.

– दही कैल्शियम से भरपूर होता है और यह स्किन, दांत व नाख़ूनों को हेल्दी व शाइनी बनाता है.

– स्वीट पोटैटो में बीटा-कैरोटीन होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है और एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है.

मुंहासोंवाली स्किन के लिए डायट

– जितना अधिक आपकी बॉडी अंदर से क्लीन होगी, उतनी ही आपकी स्किन भी क्लीन होगी.

– लिवर, पेट और आंतों को क्लीन रखने के लिए हाई फाइबरयुक्त फूड लें.

– सेब में पेक्टिन होता है. यह एक कार्बोहाइड्रेट कंपाउंड होता है, जो पेट के टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और आंतों को भी मज़बूत बनाता है.

– गाजर और सेलरी विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को क्लीन लुक देते हैं.

– ताज़े नींबू का रस पानी में मिलाकर सुबह पीएं. इससे सिस्टम क्लीन होता है.

मैच्योर स्किन के लिए डायट

– प्रोटीन से भरपूर आहार लें, जैसे- नट्स और ओट्स. ये ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर से भी भरपूर होते है, जो त्वचा को लूज़ होने से बचाते हैं.

– फिश बहुत ही हेल्दी होती है. आप सालमन फिश लें, जो एजिंग के प्रोसेस को धीमा करती है.

– कमलेश शर्मा

Beauty Juice

स्मूद और शाइनी स्किन के लिए सब्ज़ियों व फलों का जूस बहुत फ़ायदेमंद होता है. सब्ज़ियों के जूस में एंज़ाइम्स और मिनरल्स दोनों पाए जाते हैं, जो नाख़ून, बाल व स्किन को पूरा पोषण देतेे हैं. डायट में जूस को शामिल करते समय इन बातों का ख़्याल रखेंः

  • जूस निकालने के लिए जूसर की बजाय मिक्सर का इस्तेमाल करें.
  • सब्ज़ियों का रस निकालते समय गूदे को रस से अलग न करें. हमेशा थोड़ा पानी मिलाकर ही सब्ज़ियों का जूस बनाएं.
  • जूस बनाने के बाद 15 मिनट के भीतर ही उसका सेवन करें.
  • जूस पीते समय गूदे को अच्छी तरह चबाएं.
  • खाना खाने के बाद जूस न पीएं. खाली पेट ही जूस का सेवन करें.
  • जूस पीते समय हमेशा उसमें नींबू का रस मिलाएं.

ग्लोइंग और हेल्दी स्किन के लिए प्रतिदिन इन फलों का जूस पीएं.

1 एप्पल जूस
2 पपैया जूस
3 संतरे का जूस
4 अनार का जूस
5 कीवी जूस
6 लेमन जूस
7 बनाना जूस
8 एलोविरा जूस
9 स्ट्रॉबेरी जूस
10 सेलरी जूस

ट्राई करें ये हेल्दी जूस

एप्पल बेरी जूस

सामग्री

1/3 कप- स्ट्रॉबेरी

1 कप- ब्लूबेरी

1- एप्पल

विधि

एप्पल को छीलकर बीज निकाल लें, फिर तीनों को ब्लेंडर में पीसकर जूस बना लें. एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर स्टॉबेरी व ब्लूबेरी एंटी एजिंग का काम करता है.

कीवी पेर जूस

सामग्री

2- कीवी

3- पेर

1- एप्पल

विधि

कीवी को चाहें तो छील लें, एप्पल को छीलकर बीज निकाल लें. अब कीवी, पेर व एप्पल को एकसाथ ब्लेंड कर लें. ये जूस बहुत मीठा होता है.

स्ट्रॉबेरी ग्रेप्स ऑरेंज जूस

सामग्री

1 कप- स्ट्रॉबेरी

1 कप- अंगूर (काले वाले)

1- ऑरेंज

विधि

ऑरेंज को छील लें. फिर स्ट्रॉबेरी, अंगूर और ऑरेंज को मिक्सर में पीसकर जूस बनाएं.