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कितनी हेल्दी है आपकी सेक्स लाइफ ? (How Healthy Is Your Sex Life?)

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तुम्हारे लबों को छूने की चाहत में न जाने कितने अरमान पिघल जाएंगे… तुम्हारे दामन में सिमटने की ख़्वाहिश में न जाने कितने ही चांद जल जाएंगे… मखमली रातें जब आती हैं चंद अरमानों की चिलमन में… बुझते चराग़ जल उठते हैं, शमा को छूने की हसरत में…

बात जब प्यार-मुहब्बत की होती है, तो माहौल रूमानी हो ही जाता है, लेकिन न जाने कब ये रोमांस धीरे-धीरे ज़िंदगी की उलझनों में खो जाता है और कब आपकी मुहब्बत बस एक रूटीन बनकर रह जाती है, पता ही नहीं चलता. ऐसे में बेहतर है कि आप ख़ुद यह जानें व समझें कि आपकी रिलेशनशिप व ख़ासतौर से सेक्स लाइफ कितनी हेल्दी है.
यहां हम कुछ बेसिक पॉइंट्स पर बात करेंगे, जिनकेआधार पर आप यह डिसाइड कर सकते हैं कि आपका बेडरूम बिहेवियर कैसा है और आपकी सेक्स लाइफ कितनी हेल्दी है.

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अपनी बॉडी को लेकर कितना अच्छा महसूस करते हैं: यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में 18 से 49 वर्ष की महिलाओं पर हुए शोध के मुताबिक, जिन महिलाओं को अपनी बॉडी इमेज पर सर्वाधिक स्कोर मिला, उनकी सेक्स लाइफ काफ़ी अच्छी थी. दरअसल, अपने शरीर व बॉडी फैट्स को लेकर महिलाएं काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं, यही वजह है कि अगर उनके पेट या थाईज़ के आसपास फैट्स बढ़ता है, तो सेक्स के दौरान उनका ध्यान वहीं रहता है. इस वजह से वो सेक्स में पूरी तरह से इन्वॉल्व नहीं हो पातीं, जिसका असर ऑर्गेज़्म पर भी पड़ता है.
टिप: नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करें. इससे अपनी बॉडी इमेज के प्रति सकारात्मकता बढ़ती है और आत्मविश्‍वास में भी इज़ाफा होता है, जिससे सेक्स लाइफ बेहतर बनती है.

यह भी पढ़ें: 7 तरह के सेक्सुअल पार्टनरः जानें आप कैसे पार्टनर हैं

आप यह कहने से हिचकते नहीं कि आपको सेक्स में क्या चाहिए: हेल्दी सेक्स का अर्थ है अपनी परफेक्ट रेसिपी का पता लगाना. आप अपने पार्टनर से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वो आपके मन की बात बिना कहे ही पढ़ ले. ऐसे में आप दोनों को ही इतना ओपन होना चाहिए कि सेक्स में अपनी चाहत के बारे में खुलकर कह सकें.
टिप: अगर आप सामने से बात करने से हिचकते हैं, तो अपने पार्टनर को मैसेज करके अपनी सेक्सुअल फैंटेसीज़ के बारे में बता सकते हैं.

क्या आप सेक्स शेड्यूल करते हैं: अक्सर सेक्स को लेकर हमारी यही सोच होती है कि यह तो नेचुरल है, प्लान नहीं किया जा सकता. जब फीलिंग हो, तब करना चाहिए. लेकिन अगर आप सेक्स का भी टाइम टेबल बनाते हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ हेल्दी होगी. आप अपने शेड्यूल के हिसाब से सब कुछ करेंगे, जिससे आपका मूड बेहतर होगा.
टिप: जिस दिन शेड्यूल किया है, उस दिन बच्चों को समय पर सुला दें. सारे काम समय से पहले निपटा दें, लाइट फूड खाएं. सेक्सी ड्रेस पहनकर साथ में रोमांटिक मूवी देखें.

सेक्स को काउंट न करें: आप हफ़्ते में या महीने में कितनी बार सेक्स करते हैं, यह गिनना हेल्दी नहीं. मन में यह बात आना कि आप कम या ज़्यादा सेक्स कर रहे हैं, आप पर प्रेशर डालता है. शोध में यह पाया गया है कि जिनको कहा गया कि आप अधिक सेक्स करें, वो अपनी सेक्स लाइफ से उतने ख़ुश नहीं थे, जितने वो कपल्स, जिन्हें नॉर्मल रहने को कहा गया था.
टिप: रोमांटिक डेट्स प्लान करें और कुछ नया ट्राई करें, इससे आपकी सेक्स लाइफ बेहतर बनेगी.

आप कैसा महसूस करते हैं: सेक्स के बाद क्या आप ख़ुद को अपने पार्टनर के और भी क़रीब महसूस करते हैं? क्या आपका मूड पहले सेबेहतर होता है और क्या आप अधिक पॉज़िटिव सोचते हैं? अगर हां, तो आपकी सेक्स लाइफ काफ़ी अच्छी और हेल्दी है.
टिप: सेक्स कितनी बार किया जाए यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सेक्स किस तरह से आपको बेहतर महसूस करवाता है यह ज़रूरी है. तो अगली बार ख़ुद से यही सवाल करें कि किस तरह से आप सेक्स के बाद बेहतर महसूस करते हैं.

सेक्स के लिए मना करते हैं: कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आपके पार्टनर का मूड हो और आपका नहीं… ऐसे में आप क्या करते हैं? कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि पार्टनर की ख़ुशी के लिए आपको मना नहीं करना चाहिए, लेकिन दूसरी ओर यह भी सच है कि अगर आप अक्सर ऐसा करते हैं, तो सेक्स आपके लिए मात्र एक रूटीन बनकर रह जाएगा. इसलिए कभी-कभी मना करना भी हेल्दी होता है.
टिप: यहां यह ज़रूर ध्यान में रखें कि मूड न होने पर अगर आप अपने पार्टनर को मना करते हैं, तो कभी-कभी सेक्स में पहल भी करें, ताकि आपके पार्टनर को यह महसूस हो कि आप उन्हें पसंद करते हैं और वो आपको अट्रैक्ट करते हैं.

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ये भी पढें: सेक्स अलर्टः इन 10 स्थितियों में न करें सेक्स

आप जानते हैं कि कब और क्या बदलाव करने हैं: अक्सर एक समय के बाद कपल्स को सेक्स एक रूटीन ही लगने लगता है, ऐसे में यदि आप जानते हैं कि सेक्स को बोरियत से बचाने के लिए कब और क्या बदलाव करने हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ काफ़ी हेल्दी है.
टिप: सेक्स को बोरिंग होने से बचाने के लिए सेक्स की जगह बदलें, कमरे का डेकोर भी बदल सकते हैं, रूटीन से हटकर कुछ करें, सेक्सीआउटफिट पहनें, ताकि आपकी सेक्स लाइफ में नई ताज़गी आए.

आप अपने पार्टनर के साथ ख़ुश हैं: सोशल साइंस रिसर्च के अनुसार यह बहुत ही सिंपल, लेकिन बेसिक बात है कि अगर आप अपने पार्टनर के साथ ख़ुश हैं, तो आपकी सेक्स लाइफ भी हेल्दी होगी.
टिप: पार्टनर की कंपनी एंजॉय करें. रोमांटिक बातें, कभी-कभार सेक्स को लेकर बहस भी करें, एक-दूसरे के लिए अट्रैक्टिव व फिट नज़र आने की कोशिश करें.

सेक्सी बातें करते हैं: सामने या सेक्स के समय ही नहीं, जब एक-दूसरे से दूर होते हैं, ऑफिस या कहीं और तो क्या सेक्सी मैसेज भेजते हैं? या फोन पर फ्लर्ट करते हैं? अगर हां, तो आप राइट ट्रैक पर हैं. जरनल ऑफ इंटिग्रेटेड सोशल साइंसेस के अनुसार ये तमाम छोटी-छोटी बातें आपकी सेक्स लाइफ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि यही बातें आप को फिज़िकली और रोमांटिकली क़रीब लाती हैं.
टिप: कभी भी मौक़ा देखकर अपने पार्टनर के कानों में धीरे से आई लव यू या कोई भी रोमांटिक बात कहें, फिर देखें असर. इस तरह के सरप्राइज़ेस आपकी सेक्स लाइफ को फे्रश बनाए रखेंगे.

रियलिस्टिक अप्रोच रखते हैं: सेक्स लाइफ को लेकर आप जितना प्रैक्टिकल और मैच्योर अप्रोच रखेंगे, उतनी ही हेल्दी आपकी सेक्स लाइफ होगी. यह ज़रूरी नहीं कि सेक्स हर बार बहुत ही ज़्यादा इंटेंस और पैशनेट हो. उसमें आनेवाले उतार-चढ़ाव व बदलावों को जितना जल्दी आप स्वीकार कर लेंगे, उतना ही अच्छा होगा.
टिप: सेक्सुअल होने के कोई बंधे-बंधाए नियम नहीं हैं, उसमें कुछ भी सही या कुछ भी ग़लत नहीं होता. आप और आपका पार्टनर जब इस हद तक मैच्योर और ओपन हो जाएंगे कि आपको कब सेक्स की ज़रूरत है और कब नहीं, तब आपकी सेक्स लाइफ परफेक्ट और हेल्दी हो जाएगी.

– योगिनी भारद्वाज

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रिश्तों को बेहतर बनाएं हेल्दी हैबिट्स से (Make relationships better by healthy habits)

Make relationships healthy

रिश्तों की मिठास एक तरफ़ जहां पति-पत्नी के व्यक्तित्व को संवारती है, वहीं दूसरी तरफ़ जब रिश्ते (Make relationships healthy) में कड़वाहट आने लगती है, तो ऐसा लगने लगता है कि जीवन का संतुलन बिगड़ गया है. इससे फिज़िकली तो स्त्री-पुरुष आहत होते ही हैं, कई बार मानसिक संतुलन भी बिगड़ जाता है. ऐसे में उन्हें डिप्रेशन घेर लेता है. कई बार पार्टनर की ग़लत आदतें या व्यवहार इसके लिए ज़िम्मेदार होता है. इसलिए रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी है हेल्दी हैबिट्स अपनाना. हेल्दी हैबिट्स का मतलब सेहत से नहीं है, बल्कि हमारी बेसिक हैबिट्स से है.

Make relationships healthy

ईगो न रखें

– तुमने ऐसा क्यों किया, मुझसे पूछा क्यों नहीं, क्या मेरी कोई वैल्यू नहीं है या तुम मुझे इस क़ाबिल नहीं समझते, असल में तुम्हें तो मुझसे प्यार ही नहीं है आदि जैसे सवाल जब हम अपने साथी से करते हैं, तो इसकी वजह होता है हमारा ईगो.

– ईगो को पाले रखना धीरे-धीरे हमारी आदत बन जाती है.

– हेल्दी रिलेशन(Make relationships healthy) में इसकी कोई जगह नहीं होती है.

– ईगो को दूर फेंक दें और रिश्ते को बेहतर बनाएं.

अपने साथी का सम्मान करें

– यदि आप एक हेल्दी मैरिड लाइफ चाहते हैं, तो आपको अपने पार्टनर को यह एहसास कराना होगा कि वह आपके समान ही महत्वपूर्ण है. ऐसे में कोई भी ज़रूरी निर्णय लेते समय उनकी भी राय ज़रूर लें.

– यदि आप अपने जीवनसाथी से ऐसा व्यवहार करते हैं कि उनकी सलाह से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता या हमेशा अंतिम निर्णय आपका ही होगा, तो निश्‍चित रूप से आपके शादीशुदा जीवन में असंतुलन पैदा होगा.

– जीवनसाथी के विचारों को भी उतनी ही गंभीरता से लें, जितना आप स्वयं के विचारों को लेते हैं.

– जीवनसाथी की बात सुनने के लिए समय निकालें और उन्हें एहसास कराएं कि आप उनकी परवाह करते हैं.

पार्टनर की बात सुनें

– अपने साथी की बात सुनना एक हेल्दी हैबिट है.

– जब आपका पार्टनर अपनी दिनचर्या के बारे में बात कर रहा हो, तो कुछ और न सोचते रहें.

– उस समय इस बात का इंतज़ार न करें कि कब वो अपनी बात ख़त्म करे, ताकि आप वो कह सकें, जो आप कहना चाहते हैं.

– पार्टनर को सचमुच सुनने का प्रयास करें और वो आपको जो बता रहा है, उसे भी रिस्पेक्ट दें.

– जब आप बातचीत कर रहे हों, तो मोबाइल को दूर रख दें.

– कभी-कभी एक मुश्किलभरे दिन के बाद आपके पार्टनर को स़िर्फ किसी सुननेवाले की ज़रूरत होती है.

हंसने में दें पार्टनर का साथ

– इससे आपका रिश्ता और भी मज़बूत होगा.

– पार्टनर के हंसने में उसका साथ दें.

– नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के सायकोलॉजिस्ट लाउरा कुर्ट्ज ने पहली बार एक रिसर्च से रिश्तों में हंसी की भूमिका को जानने की कोशिश की है.

– कुर्ट्ज की स्टडी के अनुसार, रिश्ते की बेहतरी में एकल हंसी की बजाय साझा हंसी कहीं अधिक फ़ायदेमंद है.

– यदि आपका पार्टनर हंस रहा हो और उसके साथ आप भी हंसते हों, तो इससे वह संबंधों के बारे में बेहतर महसूस करता है.

– रिसर्चर्स ने पाया कि एक साथ हंसनेवाले कपल्स एक-दूसरे के प्रति अधिक समर्पित रहते हैं और अधिक संतुष्ट महसूस करते हैं.

– जबकि पार्टनर की हंसी में खुलकर साथ नहीं देनेवाले जोड़ों के मामले में ऐसा नहीं होता.

– नए रिसर्च से साबित हुआ है कि पार्टनर के साथ हंसना रिश्तों की गहराई व अपनापन बढ़ाने के लिए एक कारगर टॉनिक है.

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आई लव यू कहना ना भूलें

– ऐसा कभी भी ना सोचें कि आपको ‘आई लव यू’ कहने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आपके साथी को पहले से पता होना चाहिए कि आप क्या महसूस करते हैं.

– दिन में कम-से-कम एक या दो बार अपने पार्टनर से यह कहने की कोशिश करें कि आप उससे कितना प्यार करते हैं.

– अपने पार्टनर को यह समझाने का समय निकालें कि वो सचमुच आपके लिए कितना मायने रखता/रखती है.

ओपिनियन न देना

– यदि आपका पार्टनर हमेशा आपकी हां में हां मिलाता है और अपनी बात नहीं रखता है, तो यह हेल्दी हैबिट नहीं है.

– एक ही बात पर दोनों का अपना ओपिनियन यानी राय रखना ज़रूरी है.

– हर बात पर दोनों का एक ही पक्ष होना अच्छी बात है, पर केवल एक की ही हुकूमत चलना रिश्ते में बढ़ती दूरियों का प्रतीक है.

– लेकिन हर बात में बहस करना भी ठीक नहीं है और केवल इसलिए कि आपकी बात सुनी जाए, बेवजह साथी की बात काटने की हैबिट से बचें.

फ्लर्ट करें

– आपका विवाह हुए कितना ही समय क्यों न हो गया हो, पार्टनर के साथ फ्लर्ट करें.

– उसे यह याद दिलाते रहें कि आपको वह अभी भी बहुत अट्रैक्टिव लगता है और उसमें अभी भी आकर्षण है.

– फ्लर्ट करने का अपना एक अलग ही एहसास होता है और फ्लर्टिंग से कुछ हेल्दी फ़ायदे भी होने लगें, तो इसका मज़ा दोगुना हो जाता है.

– मनोवैज्ञानिक रीमा सहगल का मानना है कि फ्लर्टिंग एक ऐसा टूल है, जिससे आप दूसरों को अपने बारे में अच्छा महसूस करवा सकते हैं.

– यही नहीं, फ्लर्टिंग से आपकी सेक्स लाइफ रिवाइव होती है.

– बेहतरीन रिलेशनशिप के लिए लिखी गई क़िताब के लेखक स्यू ऑस्टर कहते हैं, “फ्लर्टिंग से न स़िर्फ किसी इंसान को अच्छा महसूस होता है, बल्कि उसका स्ट्रेस भी कम होता है. ज़ाहिर है, आजकल की बिज़ी व तनावभरी ज़िंदगी में इस तरह की स्ट्रेस भगानेवाली चीज़ों की बेहद ज़रूरत है.”

– मैरिड कपल जब एक-दूसरे के साथ फ्लर्टिंग करते हैं, तो उनकी बोरिंग हो चुकी मैरिड लाइफ को ख़ुशगवार बनाने में मदद मिलती है.

साथ खाना बनाएं

– दांपत्य जीवन में पति-पत्नी एक ही गाड़ी के दो ऐसे पहिए होते हैं, जिसमें अगर एक भी नीरस हो, तो जीवन की मिठास कम होती जाती है.

– इसलिए अपनी व्यस्त ज़िंदगी में से कुछ लम्हे एक-दूसरे के लिए चुराएं.

– इसके लिए कभी-कभी किचन में पार्टनर के साथ मिलकर खाना बनाएं.

– खाना बनाते समय बीच-बीच में थोड़ी-सी शरारत करते रहें, जैसे- कभी अचानक साथी की गर्दन पर प्यारभरा किस करना या फिर कभी उन्हें अचानक पीछे से जाकर छू लेना.

– इसके बाद किचन में बहुत सारे प्यार के साथ जो कुछ भी पकेगा, उसे साथ बैठकर खाने का मज़ा ही कुछ और होगा.

कुछ रोमांचक करें

– किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक बरक़रार रखने के लिए यह ज़रूरी है कि उसमें नीरसता न आने दी जाए.

– इसके लिए ज़रूरी है कि समय-समय पर रिश्तोें में रोमांच लाया जाए.

– कभी-कभी अचानक बाहर जाने का प्लान बनाएं.

– अचानक से आप ऑफिस से घर जल्दी पहुंचकर न स़िर्फ अपने साथी को चौंका सकते हैं, बल्कि बाहर घूमने की प्लानिंग कर पार्टनर को ख़ुश कर सकते हैं.

– बोरियत को दूर कर बातचीत को दिलचस्प बनाएं, जिससे आपका साथी आपकी बातों में रुचि ले व उत्साह से बातचीत में अपनी भागीदारी भी दिखाए.

– कोई रोमांटिक मूवी देखने की प्लानिंग करें.

– संबंधों को रोमांटिक बनाने के लिए कभी कैंडल लाइट डिनर भी कर सकते हैं.

पर्सनल हाइजीन का रखें ख़्याल

– रिश्ते को अगर बेहतर बनाना चाहते हैं, तो पर्सनल हाइजीन की हैबिट को अपनाना बहुत ज़रूरी है, ख़ासकर सेक्स संबंधों में.

– हो सकता है हाइजीन का ख़्याल न रखने की वजह से साथी आपके पास आने से कतराए या अपना प्यार ठीक से आपसे व्यक्त न कर पाए.

– सुमन बाजपेयी

वज़न घटाने के 25 ईज़ी टिप्स (How to Lose Weight Fast – Quick & Easy Weight Loss Tips)

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क्या आप डायटिंग करने में द़िक्क़त महसूस करते हैं? क्या कैलोरी का हिसाब रखना आपको पसंद नहीं? तो आप स़िर्फ यहां दिए गए टिप्स (Easy Weight Loss Tips) आज़माएं और देखें कैसे बिना अधिक मेहनत-मश़क्क़त के कई किलो वज़न आसानी से घटा सकते हैं.

1. पानी पीएं:
अगर आपको भूख लग रही है, तो पहले पानी पीजिए. इससे आपका पेट भरा हुआ लगेगा और आप कम खाएंगे.

2. किसी चीज़ से परहेज़ ना करें:
यदि आप ख़ुद से कहेंगे, “मुझे चॉकलेट को हाथ भी नहीं लगाना है!” तो आपके दिलो-दिमाग़ में चॉकलेट का ही ख़्याल आता रहेगा और आप ज़रूरत से भी ज़्यादा खा बैठेंगे. इससे बेहतर है कि एक छोटा-सा टुकड़ा खाकर अपने टेस्ट बड्स को शांत करें.

3. पैकेज्ड फूड का लेबल ज़रूर पढ़ें:
जब भी आप पैकेज्ड फूड ख़रीदें, तो पहले उसमें प्रयोग किए गए पदार्थों को लेबल में पढ़ लें और यह सुनिश्‍चित कर लें कि उनकी फैट और कार्बोहाइड्रेट्स आदि की मात्रा आपकी ज़रूरत के अनुसार हो.

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4. तल्लीनता के साथ भोजन करें:
भोजन हमेशा धीरे-धीरे चबाकर पूरी एकाग्रता के साथ करना चाहिए, जबकि बहुत से लोग टीवी देखते हुए खाना खाते हैं, जिससे उनका ध्यान भोजन पर नहीं रहता और बेख़्याली में वो ज़्यादा खा लेते हैं.

5. भूखे पेट न सोएं:
देर रात की भूख को शांत करने के लिए कुछ भी फैटी या ऑयली खाने की बजाय बादाम, अखरोट जैसे हाई प्रोटीन नट्स लें.

6. व्यायाम करें:
व्यायाम आपके शरीर के मेटाबॉलिक रेट को दुगुना कर सकता है. हफ़्ते में
कम-से-कम तीन दिन आधे घंटे तक व्यायाम करना आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.

7. अधिक फैटयुक्त भोजन से परहेज़ करें:
बाहर का खाना या फास्टफूड देखकर ख़ुद को रोकना मुश्किल हो जाता है, पर याद रहे कि ये फैटयुक्त होते हैं, इसलिए आपको स्वयं पर नियंत्रण रखना होगा. खाने में अधिक व बैड फैट को पहचानें और उससे बचने की पूरी कोशिश करें.

8. ग्रीन टी का प्रयोग करें:
रोज़ाना ग्रीन टी के सेवन से आप हर रोज़ लगभग 40 प्रतिशत अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं. तो फिर देर किस बात की, आज ही ग्रीन टी को अपने डेली रूटीन में शामिल करें.

9. फाइबर से भरपूर पदार्थ लें:
भोजन में मसूर, मटर, पत्तागोभी, ब्रोकोली, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, मशरूम, ब्राउन ब्रेड आदि को शामिल करें. यह चबाने तथा हज़म होने में अधिक समय लेते हैं, जिससे आपका पेट अधिक समय तक भरा हुआ महसूस होता है.

10. भोजन का समय सुनिश्‍चित रखें:
प्रतिदिन भोजन करने का समय सुनिश्‍चित कर लें. इससे आपके शरीर को उस निश्‍चित समय पर भोजन की आदत पड़ जाएगी और आप असमय कुछ भी खाने से बच जाएंगे.

11. खाने के नए नियम बनाएं:
खाने का अपना वर्तमान नियम नोट करें, जैसे कि चाय के साथ बिस्किट लेना, नाश्ते में परांठे खाना आदि और फिर उसमें हेल्दी बदलाव करें. आप चाहें, तो नाश्ते में दलिया, ओट्स, नट्स जैसी पोषक चीज़ों को शामिल कर सकते हैं.

12. एक्टिव बने रहें:
रोज़ाना थोड़ी देर टहलने या एक्सरसाइज़ करने से शरीर में एंडॉर्फिन्स नामक हार्मोंस विसर्जित होते हैं, जिससे आप अधिक शांत व प्रफुल्लित महसूस करते हैं और आप हेल्दी खाते हैं.

13. घर के कामों से बनें फिट:
घर के काम आपके शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखते हैं. इससे आप कई गुना कैलोरीज़ बर्न करते हैं, जो आपकी सेहत के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होती है.

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14. अच्छी नींद का आनंद लें:
थका हुआ शरीर अधिक ऊर्जा के लिए बार-बार भूख का सिग्नल देता है, जिससे आप ओवरईटिंग करने लगते हैं. यही वजह है कि रोज़ाना 6-8 घंटे की अच्छी नींद लेना ज़रूरी है.

15. अधिक टहलें:
दिन में स़िर्फ आधा घंटा अधिक तेज़ टहलने से आपकी 320 कैलोरीज़ तक बर्न हो सकती हैं.

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16. छोटी प्लेट में भोजन करें:
हमेशा भोजन के लिए छोटी प्लेट लें, क्योंकि बड़ी प्लेट में सामान्य मात्रा में लिया हुआ भोजन कम नज़र आता है, जबकि छोटी प्लेट में वही मात्रा पर्याप्त नज़र आती है.

17. लिफ्ट को नज़रअंदाज़ करें:
सप्ताह में पांच दिन केवल दो मिनट तक सीढ़ियां चढ़ना-उतरना भी एक अच्छा व्यायाम है. यह 30 मिनट तक टहलने जितना लाभदायक होता है, तो कभी-कभी लिफ्ट को ज़रूर नज़रअंदाज़ करें.

18. दोस्तों का ग्रुप बनाएं:
अपना वज़न घटाने, व्यायाम के विषय में चर्चा करने, डायट फॉलो करने आदि के लिए दोस्तों का एक ग्रुप बनाएं. ग्रुप मेंबर्स के रहने से इन चीज़ों को लेकर उत्सुकता बनी रहती है और एक-दूसरे को देखकर प्रोत्साहन भी मिलता है.

19. डायट जर्नल मेंटेन करें:
अपने पास एक डायट जर्नल रखें और उसमें अपनी प्रेरणा के लिए लिखकर रखें कि आप कैसा दिखना चाहते हैं, जैसे- मैं स्लिम-फिट बॉडी में सुंदर दिखना चाहता/चाहती हूं. यह एक शक्तिशाली रिमाइंडर की तरह मानसिक रूप से आप पर असर डालेगा कि आप क्यों वज़न कम करना चाहते हैं.

20. अपेक्षित साइज़ की ड्रेस ख़रीद लें:
आप जैसा दिखना चाहते हैं, उस साइज़ की जींस या ड्रेस ख़रीद लें. इससे आपको वज़न कम करने की प्रेरणा मिलेगी, परंतु अपने आप
पर अधिक दबाव डाले बिना संभावित परिणाम को ही अपना लक्ष्य बनाएं.

21. सब्ज़ियों को प्राथमिकता दें:
यदि आप अपना भोजन ख़ुद परोस रहे हैं, तो पूरे भोजन की मात्रा में चावल या रोटी की मात्रा कम लें और सलाद व उबली सब्ज़ियों की मात्रा अधिक लें. इस तरह आप एक बार के भोजन में लगभग 200 कैलोरीज़ बचा सकते हैं.

22. शांत रहें:
जब भी आप तनाव में होते हैं, तो आपका शरीर शिथिल पड़ जाता है, जिससे आपको बहुत भूख लगती है. तनाव में अक्सर लोग फैटी चीज़ें ज़्यादा खाते हैं, जबकि तनावरहित और शांत रहने से आपका मेटाबॉलिज़्म बेहतर रहता है.

23. जंक फूड से दूर रहें:
जंक फूड न केवल वसा से भरपूर होता है, बल्कि मस्तिष्क की उन कोशिकाओं को भी नष्ट कर देता है, जो वज़न पर नियंत्रण रखती हैं.

24. मन पर नियंत्रण रखें:
यदि आपके किचन में स्नैक्स  के हेल्दी ऑप्शन्स मौजूद हों, तो बाहर से ऑर्डर न करें. आप घर में ही लो-फैट माइक्रोवेव पॉपकार्न, चना-कुरमुरा और स्प्राउट्स खा सकते हैं.

25. कल्पना में भी स्वयं को छरहरा देखें:
आप अपने दिमाग़ में अपनी एक छरहरी आकृति बसा लें, जो या तो आपके अतीत की हो या फिर ऐसी हो, जिसमें आप ख़ुद को जैसा देखना चाहते हैं, वैसी हो. ऐसी कल्पना आपको वज़न कम करने के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमेशा प्रेरित करेगी.

– अनिल निगम

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ब्यूटी विटामिन्स

विटामिन ए: एंटी एजिंग

हेल्दी स्किन और महत्वपूर्ण स्किन टिश्यू़ूज के रिपेयर और केयर के लिए विटामिन ए बहुत ज़रूरी है. इसकी कमी होने पर त्वचा ड्राई और पपड़ीदार हो जाती है. विटामिन ए को रेटिनॉइड्स नामक कंटेंट के तौर पर भी जाना जाता है. विटामिन ए से भरपूर डायट और रेटिनॉइड्स युक्त नाइट क्रीम व लोशन लगाकर हेल्दी त्वचा पाई जा सकती है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: ब्रोकोली, ऐवोकैडो, शकरकंद, गाजर, पालक, तरबूज़ और खरबूजा आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: रोज़ाना विटामिन ए युक्त क्रीम व लोशन लगाने से फाइन लाइन्स और रिंकल्स को कम किया जा सकता है.

– ये क्रीम्स व लोशन दाग़ धब्बों को मिटाकर स्किन को स्मूद बनाते हैं.

– रेटिनॉइड्स बेस्ड क्रीम में मौजूद तत्व दिन में भी सूर्य की तेज़ धूप से होनेवाले नुक़सान से त्वचा की रक्षा करते हैं.

– ये क्रीम्स त्वचा पर तेज़ी से अपना असर दिखाती हैं. इनका असर चार से आठ सप्ताह के अंदर त्वचा पर देखा जा सकता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना रात को सोने से पहले चेहरे पर रेटिनॉइड कंटेंट मिश्रित क्रीम से मसाज करें.

– पहली बार अप्लाई करते समय त्वचा पर बहुत थोड़ी मात्रा में क्रीम लगाएं और क्रीम का रिएक्शन चेक करें.

– पहली बार क्रीम अप्लाई करने पर त्वचा पर रेडनेस हो सकती है या स्किन की लेयर निकल सकती है, लेकिन दूसरे दिन से क्रीम का असर दिखने लगेगा. धीरे-धीरे त्वचा स्मूद होने लगेगी.

विटामिन बी3: रेडनेस

नायसिनअमाइड नामक तत्व को विटामिन बी3 के रूप में जाना जाता है. विटामिन बी3 बेस्ड क्रीम्स, लोशन्स और सीरम्स में नायसिनअमाइड नामक कंटेंट होता है, जो त्वचा की रेडनेस को कम करने और मुंहासों को जल्दी ठीक करने में मदद करता है. विटामिन बी3 त्वचा में हाइड्रेशन के स्तर को बूस्ट करता है, साथ ही त्वचा में सैरेमाइड के प्रोडक्शन और फैटी एसिड की मात्रा में वृद्धि करने में मदद करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: चिकन, टूना, सालमन, मूंगफली, ब्राउन राइस, एस्पेरागस, हरी मटर, जौ, मशरूम, खरबूजा, सनफ्लावर सीड आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन बी3 त्वचा के लिए रक्षात्मक कवच का काम करता है.

– ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए विटामिन बी3 बहुत फ़ायदेमंद है.

– विटामिन बी3 युक्त क्रीम आदि लगाने से त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है और स्किन सॉफ्ट होती है.

– रोज़ाना क्रीम व लोशन से मसाज करने पर त्वचा में कसाव आता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना सुबह और शाम को विटामिन बी3 मिश्रित क्रीम या लोशन से 2 मिनट तक मसाज करें.

विटामिन सी: दाग़-धब्बे

विटामिन सी में स्किन ब्राइटनिंग प्रॉपटीऱ्ज होती हैं, जो दाग़-धब्बों को दूर करने में मदद करता है. यह विटामिन कोलैजन का निर्माण अधिक मात्रा में करता है, जो डैमेज्ड टिश्यूज़ को रिपेयर करने में मदद करता है. विटामिन सी युक्त मॉइश्‍चराइज़र, सीरम और ऑयल लगाने से दाग़-धब्बे दूर होते हैं.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: एवोकैडो, ब्रोकोली, टमाटर, ककड़ी, लाल शिमला मिर्च, मोसंबी, संतरा और स्ट्रॉबेरी.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन सी एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है, जिससे स्किन रिंकल फ्री रहती है.

– यह फाइन लाइन्स और ड्राईनेस को दूर करता है.

– विटामिन सी की हीलिंग प्रॉपर्टीज़ डैमेज स्किन को हील करती हैं.

– विटामिन सी टिश्यूज़ की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है.

कैसे करें अप्लाई: त्वचा पर रोज़ सुबह विटामिन सी युक्त क्रीम से 2 मिनट तक मसाज करें.

– घर से बाहर निकलने से पहले विटामिन सी युक्तक्रीम लगाएं. फिर सनस्क्रीन लगाएं.

विटामिन ई: मॉइश्‍चराइज़ेशन

विटामिन ई फ्री रेडिकल्स (त्वचा को हानि पहुंचानेवाले कण) से त्वचा की रक्षा करता है, इसलिए इस विटामिन को त्वचा के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है. विटामिन सी की तरह विटामिन ई भी कोलैजन का अधिक मात्रा में उत्पादन करता है, जो स्किन एजिंग के प्रोसेस को धीमा करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: बादाम, अंडे, सूखे मेवे, हरी सब्ज़ियां, साबूत अनाज, शकरकंद, शलजम, पपीता आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: नियमित रूप से विटामिन ई युक्तऑयल या लोशन लगाने से झुर्रियों को कम किया जा सकता है.

– विटामिन ई मिश्रित ऑयल लगाने से त्वचा की रेडनेस दूर होती है.

– इस विटामिन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को प्रदूषण और अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से होनेवाले नुक़सान से बचाते हैं.

– विटामिन ई युक्त ऑयल या सीरम ड्राई स्किन को न केवल नमी प्रदान करता है, बल्कि सॉफ्ट और स्मूद भी बनाता है.

– नियमित रूप से विटामिन ई युक्त क्रीम व ऑयल लगाने से स्ट्रेच मार्क्स और दाग़-धब्बे भी दूर होते हैं.

– विटामिन ई बेस्ड क्रीम त्वचा में होनेवाली जलन को कम करने में मदद करती है.

कैसे करें अप्लाई: ड्राई स्किन को मॉइश्‍चराइज़ करने के लिए रोज़ाना नाइट क्रीम से मसाज करें.

– देवांश शर्मा

हेल्दी लाइफ के लिए योग ( Yoga For Healthy Life )

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स्वस्थ रहना भी आज के दौर में किसी चुनौती से कम नहीं. लेकिन नियमित योगासन से आप हेल्दी लाइफ जी सकते हैं. यूं तो स्वस्थ जीवन के लिए नियमित रूप से सारे आसन करने ज़रूरी हैं, लेकिन जो सबसे ज़रूरी हैं, वो यहां बताए जा रहे हैं. इनके अलावा सूर्य नमस्कार भी ज़रूर करें.

कपालभाति

* सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं.
* दोनों हाथों को घुटनों पर रखें.
* आंखों को बंद कर लें.
* सांस लेते हुए सीने को ऊपर की तरफ़ रखें और लगातार सांस छोड़ते जाएं.
* शुरुआत में धीमे-धीमे फिर तेज़ी से प्रश्‍वास करें यानी सांस छोड़ें.
* इस दौरान नाभि प्रदेश पर हल्का-सा धक्का-सा लगता है.
* आरम्भ में 1 बार में 30 से 40 स्ट्रोक करें.
* धीरे-धीरे अभ्यास द्वारा 100 या अधिक स्ट्रोक भी किए जा सकते हैं. क्षमतानुसार बढ़ाएं.
* माइग्रेन, हाई बीपी वाले धीमे-धीमे करें एवं प्रेग्नेन्ट महिलाएं न करें.

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अनुलोम-विलोम

* सुखासन में बैठ जाएं.
* अनामिका और कनिष्ठा (छोटी अंगुली) से बाईं नाक को बंद करें. दाईं नाक से सांस लें.
* अब अंगूठे से दाहिनी नाक बंद करें. बाईं नाक से सांस निकाल दें. कुछ क्षण रुकें.
* बाईं नाक से सांस लें और फिर बाईं नाक बंद करें.
* दाहिनी नाक से अंगूठा हटाएं और सांस छोड़ें.
* यह एक साइकल है. 5-10 साइकल से शुरुआत करें और धीरे-धीरे नंबर बढ़ाएं.

शवासन

* पीठ के बल लेट जाएं. दोनों पैरों के बीच लगभग 1 फीट का फ़ासला रखें. कमर व हाथों के बीच 6 इंच के क़रीब फ़ासला रखें. हथेलियां ऊपर की तरफ़ खुली हुई हों.
* पैरों के पंजों की तरफ़ से शरीर को धीरे-धीरे ढीला छोड़ते जाएं. पूरे शरीर को पूरी तरह से शिथिल छोड़ दें. मन शांत रखें.
* शवासन के तुरंत बाद स्नान न करें.

त्रिकोणासन

* अपने स्थान पर खड़े हो जाएं.
* दोनों पैरों के बीच 3-3.5 फीट का फासला रखें.
* दाहिना पैर 90 डिग्री दाहिनी तरफ़ और बायां पैर 30-40 डिग्री दाहिनी तरफ़ मोड़ें.
* सांस लेते हुए अपने हाथों को कंधे के समानांतर लाएं.
* सांस छोड़ते हुए दाईं तरफ़ कमर से झुकें.
* दायां हाथ नीचे और बाएं हाथ को ऊपर की तरफ़ ले जाएं. चित्रानुसार.
* यही क्रिया दूसरे हाथ से करें.
* 5-5 राउंड्स तक, प्रत्येक अवस्था में 30 सेकंड्स तक रुक सकते हैं.

अन्य लाभः कमर, गर्दन, कंधे एवं पैरों को स्ट्रॉन्ग बनाता है और पैरों की विकृति को ठीक करता है.

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सावधानियां

प्राणायाम करने के पहले निम्न सावधानियां बरतें:
1. प्राणायाम हमेशा खाली पेट करना चाहिए.
2. प्राणायाम सबके लिए है.
3. भस्त्रिका और कपालभाति सब कर सकते हैं, लेकिन हृदय रोगी, गर्भवती स्त्री और पीरियड्स के दौरान न करें.
4. पूरी प्रसन्नता और एकाग्रता से प्राणायाम करें.
5. प्राणायाम करते समय आंखें बंद रखें और अपने आप को विचारों से मुक्त रखने का प्रयास करें.
6. पूरा ध्यान प्राणों की होनेवाली गति पर रखें.
7. अधिक शारीरिक दर्द या बेचैनी होने पर प्राणायाम न करें.
8. बैठकर, रीढ़ को, गर्दन को और सिर को एक लाइन में रखकर प्राणायाम का अभ्यास अधिक लाभदायक होता है.
9. यदि आप बैठ नहीं सकते, तो पूरी सजगता से लेटे-लेटे, धीमे-धीमे अभ्यास जारी रखें.
10. कुछ तरह के प्राणायाम अपने शिक्षक या गुरु की उपस्थिति में ही करने चाहिए.
11. पीरियड्स के दौरान स़िर्फ अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उदगीथ प्राणायाम धीरे-धीरे कर सकते हैं. अन्य प्राणायाम न करें.

 

एसिडिटी में फ़ायदेमंद योगासन

असंतुलित खान-पान के चलते हमें पेट सबंधी कई समस्याओं का सामना अक्सर करना पड़ता है. अधिकतर लोग आजकल गैस व एसिडिटी की समस्या से पीड़ित रहते हैं. ऐसे में उन्हें ये योगासन ज़रूर करने चाहिए- पवनमुक्तासन, वज्रासन, सर्वांगासन, मारिच्य आसन, शलभासन व धनुरासन.

 

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सचिन तेंदुलकर, क्रिकेटर

योग गुरु स्वर्गीय बी. के. एस. अय्यंगर को याद करते हुए सचिन तेंदुलकर ने कहा था, “मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा, क्योंकि उन्होंने योग के जो अद्भुत आसन मुझे सिखाए, उनसे मुझे अपने पूरे करियर में बहुत मदद मिली है. तक़रीबन दस वर्ष पूर्व मेरे पैर में दर्द हुआ था, जिसके लिए मुझे सर्जरी की सलाह दी गई थी, लेकिन मैं सर्जरी को लेकर भी इतना कॉन्फिडेंट नहीं था. उसी समय ज़हीर ख़ान ने मुझे गुरुजी के पास जाने की सलाह दी और उनकी सकारात्मकता व मार्गदर्शन ने मुझे रिकवर होने में इस हद तक मदद की कि सर्जरी की ज़रूरत ही नहीं पड़ी.”

रिलेशनशिप को हेल्दी रखने के लिए ज़रूरी है फिट रहना (Stay healthy to keep relationship healthy)

Keep Relationship Healthy

फिटनेस को अब तक हेल्थ से ही जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन सच तो यह है कि आपकी फिटनेस आपके रिश्ते को भी प्रभावित कर सकती है. आप फिट रहेंगे, तो आपका रिश्ता भी हेल्दी और फिट(Keep Relatioship Healthy) बना रहेगा. अगर आप भी अपने रिश्ते को हेल्दी रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी फिटनेस पर ध्यान देना शुरू कर दें. शादी से पहले ही नहीं, शादी के बाद भी फिट रहना ज़रूरी है.

Keep Relationship Healthy

– हेल्थ और फिटनेस को पर्सनल फिटनेस से न जोड़ें, इसका प्रभाव आपके पार्टनर व आपके रिश्ते पर भी पड़ता है.

– एक अध्ययन से यह बात सामने आई कि कुछ कपल्स ने यह महसूस किया कि फिटनेस से उनके व्यक्तित्व व रिश्ते पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा.

– अपने अनुभव के बारे में बताते हुए एक शख़्स ने कहा- पहले मुझे लगता था कि एक्सरसाइज़ और फिटनेस स़िर्फ पर्सनल केयर के अंतर्गत आता है, लेकिन मुझे किसी ने सलाह दी कि इसे इस तरह से देखो कि तुम्हें अपनी फैमिली, अपने पार्टनर के लिए भी फिट रहना है. इस सोच के साथ जब मैंने वर्कआउट और डायट वगैरह पर ध्यान देना शुरू किया, तो वाकई मेरा कॉन्फिडेंस भी बढ़ा और जब-जब मैंने अपनी बेटी और पत्नी को कहा कि मुझे तुम्हारे लिए फिट रहना है, ताकि मैं भी तुम्हारी तरह यंग और फिट नज़र आऊं. यह सुनकर मेरी फैमिली भी बेहद ख़ुश हुई और हमारी बॉन्डिंग और स्ट्रॉन्ग हो गई.

– शादी के बाद फिटनेस का ख़्याल रखना और भी ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि इससे आप में और आपके पार्टनर दोनों में यह एहसास बढ़ता है कि आप एक-दूसरे के लिए हेल्दी और आकर्षक नज़र आना चाहते हैं. इसके अलावा आप अधिक उत्साह व उमंग का अनुभव भी करते हैं.

– अमूमन लोगों की, ख़ासतौर से भारतीय लोगों की यह सोच रहती है कि जब तक शादी न हो जाए, तक तक ही आपको फिट और अट्रैक्टिव लगना है, लेकिन शादी के बाद वो इस पहलू को इस कदर नज़रअंदाज़ कर देते हैं कि उनमें न स़िर्फ बेहिसाब मोटापा बढ़ जाता है, बल्कि वे कई बीमारियों के भी शिकार होने लगते हैं. जिस वजह से रिलेशनशिप और यहां तक कि सेक्स लाइफ भी प्रभावित होती है.

– मुंबई में रहनेवाले एक कपल- ज्योत्सना (40) व हरी (45) ने रिलेशनशिप में फिटनेस के महत्व को बताते हुए कहा- “हमारी लव मैरिज हुई थी. शादी के दो साल बाद एक बेटा हुआ और फिर तीन साल बाद दूसरा बच्चा. बच्चों की देखभाल और अपनी प्रोफेशनल लाइफ ने हमारी ज़िंदगी को बोरिंग बना दिया था. हम इतने थक जाते थे कि एक-दूसरे से बात करने की भी एनर्जी नहीं होती थी. इस बीच हम दोनों का ही वज़न भी तेज़ी से बढ़ रहा था. वीकेंड पर एक दिन हम यूं ही अपने पुराने फोटोग्राफ्स देख रहे थे और तब हमें एहसास हुआ कि हमने इस क़दर ख़ुद को नज़रअंदाज़ किया हुआ है कि हमारी लाइफ में अब रोमांस, हेल्थ और एनर्जी है ही नहीं. स़िर्फ बच्चों का भविष्य और पैसा कमाना ही हमारी ज़िंदगी का उद्देश्य बन गया. तब हमने डिसाइड किया कि चाहे जो हो, हम अपनी अगली एनीवर्सरी तक फिट और एनर्जेटिक बनने की कोशिश करेंगे, यही हमारा एक-दूसरे को गिफ्ट भी होगा. अब इस निर्णय के कितने फ़ायदे हुए, यह भी जान लें-

– हम रोज़ सुबह जल्दी उठते, साथ-साथ जॉगिंग, एक्सरसाइज़ और योग करते. इससे हम अधिक समय एक-दूसरे के साथ बिताते.

– हम एक-दूसरे को चैलेंज भी करते और मोटिवेट भी, जिससे और भी जोश व उत्साह महसूस करते.

– हमारा खाना हेल्दी बनने लगा था अब. सुबह जल्दी उठने के लिए रात को जल्दी सोने की भी आदत पड़ने लगी थी.

श्र हमारे साथ-साथ हमारे बच्चे भी हेल्दी हैबिट्स सीख रहे थे. अगली एनीवर्सरी तक हम सच में ख़ुद को फिट महसूस कर रहे थे.”
36 वर्षीया कंचन ने भी अपना अनुभव बताया, “मेरे पति अपनी फिटनेस पर बहुत ज़्यादा ध्यान देते हैं, जबकि मैं थोड़ी आलसी हूं. लेकिन मुझे इसका एहसास तब हुआ, जब मेरी बेटी स्कूल के किसी भी फंक्शन या मीटिंग में हमेशा पापा के साथ जाने की बात कहती और मुझे बोलती थी कि मम्मी आप मुझे स्कूल में लेने मत आया करो. जब हमने उससे इसका कारण पूछा, तो उसने कहा कि पापा जब भी आते हैं, तो हर कोई कहता है कि तेरे पापा कितने फिट और हैंडसम हैं. मम्मी तो उनकी आंटी लगती हैं. इस अनुभव ने मेरी आंखें खोल दीं. अब मैं भी अपने पति के साथ रोज़ सुबह योगा क्लास जाती हूं और हेल्दी डायट भी लेती हूं. मैं काफ़ी हद तक फिट हो गई हूं. इसके लिए मैं अपनी बेटी को थैंक्स भी कहती हूं कि सही व़क्त पर उसने अंजाने व मासूमियत में ही सही, पर मुझे फिटनेस का महत्व समझा दिया. अब तो मैं अपने पति के साथ पार्टीज़ में भी कॉन्फिडेंस के साथ जाती हूं और मुझे काफ़ी कॉम्प्लीमेंट्स भी मिलते हैं. हम सच में पहले से और क़रीब आए हैं.”

Keep Relationship Healthy

अगर एक्सपर्ट्स की बात करें, तो उनके अनुसार-

– शादी और फिटनेस में बहुत गहरा संबंध है. फिट और हेल्दी रहने से आप अधिक ऊर्जा व उत्साह का अनुभव करते हैं, जिससे आप अपने रिश्ते में भी अधिक उत्साह का अनुभव करते हैं.

– फिटनेस से आपका कॉन्फिडेंस बढ़ता है, जिसका सीधा-सीधा असर आपके रिश्ते पर भी पड़ता है.

– एक साथ वर्कआउट करने से आप अपने साथी के क़रीब आते हैं. आप दोनों में आपसी समन्वय व सामंजस्य बेहतर होता है. शेयरिंग की भावना बढ़ती है.

– सेक्स लाइफ भी बेहतर होती है. बढ़ी हुई ऊर्जा और बेहतर बॉडी इमेज आपसी आकर्षण को बढ़ाते हैं.

– हेल्दी रहने और रेग्युलर एक्सरसाइज़ से आपका स्ट्रेस लेवल कम होता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि तनाव आपको शारीरिक व भावनात्मक रूप से कमज़ोर बनाकर रिश्तों की आत्मीयता को धीरे-धीरे ख़त्म करता है. यहां तक कि सेक्स लाइफ पर भी इसका असर होता है. ऐसे में जब तनाव कम होगा, तो आपका रिश्ता भी तनाव से मुक्त होगा.

– यदि आपको जिम की मेंबरशिप या योगा क्लासेस की टाइमिंग्स सूट नहीं करती या महंगी लगती है, तो दूसरे तरी़के से फिटनेस प्रोग्राम प्लान किया जा सकता है, जैसे- आप दोनों सुबह जल्दी उठकर वॉक पर जाएं या टेरेस पर स्किपिंग व स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.

– शाम को ऑफिस से आते समय या घर आने के बाद ही साथ में बाहर वॉक करते हुए मार्केट जाएं और सब्ज़ी व ज़रूरी सामान साथ लाएं.

– लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों से जाएं. घर के काम में साथ-साथ हाथ बंटाएं.

– वीकेंड पर साइकलिंग, स्विमिंग या डांस क्लास जाएं. इससे आपकी हॉबी भी पूरी होगी और आप दोनों साथ-साथ रहकर अपनी फिटनेस को अधिक एंजॉय करेंगे.

– इन सबके अलावा नियमित रूप से अपना ब्लड शुगर लेवल, बीपी, कोलेस्ट्रॉल व अन्य टेस्ट्स करवाएं.

– ब्रह्मानंद

हेल्दी शॉपिंग के 28 टिप्स (Money-Saving Shopping Tips)

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स्वस्थ रहने की शुरुआत होती है, हेल्दी शॉपिंग के साथ. बड़ा आसान-सा फिटनेस मंत्र है कि हेल्दी खरीदेंगे, तो हेल्दी खाएंगे. सुपरमार्केट जाने से पहले तैयार कीजिए सेहतभरी एक लिस्ट और अपनी शॉपिंग को बनाइए आसान और स्वस्थ.healthy grocery shopping

 

शॉपिंग की योजना बनाएं

– शॉपिंग पर जाने से पहले क्या ख़रीदना है, कितना ख़रीदना है, यह तय करना ज़रूरी है. इसलिए आराम से बैठकर एक लिस्ट तैयार कर लें.
– शॉपिंग की सूची में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स, मिनरल्स, लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, फल, हरी सब्ज़ियों आदि को जगह दें.
– जो लिस्ट बनाई है, उस पर कायम रहें, ताकि शॉपिंग के दौरान आपका समय बचे और आप कंफ्यूज़ न हों.

शॉपिंग पर जाने से पहले

– हेल्दी शॉपिंग का पहला रूल है कि कभी भी भूखे पेट शॉपिंग करने न जाएं.
– एक रिसर्च के मुताबिक़, जो भूखे पेट शॉपिंग करते हैं, वो ज़रूरत से ज़्यादा सामान ख़रीद लेते हैं, जिनमें ज़्यादातर जंक फूड्स होते हैं.
– सवाल उठता है, क्या खाकर शॉपिंग करें? इसका जवाब ये है कि जब कुछ खाना ही है, तो क्यों न कुछ लाइट और पौष्टिक खाएं, जैसे- फल.
– विदेश में हुई एक स्टडी की मानें, तो जो पौष्टिक चीज़ें खाकर शॉपिंग करते हैं, उनकी ट्रॉली में सेहदमंद आहार ज़्यादा नज़र आता है.
– बच्चों को साथ न ले जाएं. बच्चे आपको जंक फूड की ओर खींचेंगे और मजबूरन आपको कुछ न कुछ ख़रीदना पड़ेगा.
– अपने साथ किसी ऐसी सहेली को ले जा सकती हैं, जो फिटनेस फ्रीक हो. वह आपको सही और पौष्टिक खाद्य पदार्थ चुनने में मदद कर सकती है.

शॉपिंग मॉल में

– शॉपिंग मॉल में अपनी ट्रॉली के साथ पहले एक चक्कर लगाएं, ताकि आपको पता हो कौन-सी चीज़ कहां मिल रही है? और किस पर क्या ऑफर चल रहा है?
– इसी बहाने आपकी अच्छी-ख़ासी वॉक भी हो जाएगी.
– एक पर एक फ्री के चक्कर में न पड़ें. ऐसे ऑफर्स अक्सर जंक फूड्स पर होते हैं. फ्री के चक्कर में आप जंक फूड घर ले आएंगी.
– सस्ता ख़रीदने के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता न करें.
– रंग-बिरंगी ताज़ी सब्ज़ियां और हर तरह के फल ख़रीदें. रंगीन होने की वजह से ये फाइटोन्यूट्रिशियन से भरपूर होते हैं, जो कैंसर और दिल की बीमारी से बचाता है.
– हरी सब्ज़ियों को भी ट्रॉली में ख़ास जगह दें, क्योंकि इनमें मिनरल, विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो दिल की बीमारी से बचाने में सहायक होते हैं.
– प्रोटीन के लिए अंडा, ताज़ी मछली और बिना स्किनवाला चिकन अच्छा ऑप्शन है.
– होल ग्रेन से बने ब्रेड, पिज़्ज़ा, पास्ता, सीरियल्स ख़रीदें.
– गेहूं, चावल के साथ अलग-अलग तरह की दालें ख़रीदें. वैसे नॉर्मल चावल की जगह बजट के अनुसार ब्राउन राइस भी ख़रीदा जा सकता है.
– कैल्शियम, विटामिन डी के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स ख़रीदना आवश्यक है. मार्केट में आजकल लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध हैं, जैसे- 1% या 2% फैट स्कीम मिल्क, लो फैट चीज़, बटर, पनीर आदि.
– वेजीटेबल ऑयल, जैसे- कैनोला, जैतून या सरसों का तेल ख़रीदें, इसमें मोनोअनसैचुरेडेट फैट्स भरपूर मात्रा में होता है.
– अगर कोई पैक्ड फूड ख़रीद रही हों, तो एक्सपायरी डेट चेक कर लें.
– खाद्य पदार्थ पर लिखे न्यूट्रिशनल लेवल को ज़रूर पढ़ लें.
– पैकेट पर उसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट, कैलोरी, फैट्स, शुगर, सोडियम से संबंधित जानकारियां लिखी होती हैं.
– कई प्रोडक्ट्स पर फैट फ्री लिखा होता है, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि वह कैलोरी फ्री भी होगा. कई बार ऐसे प्रोडक्ट्स में कैलोरी और शुगर की मात्रा ज़्यादा हो सकती है.
– प्रीज़र्व्ड, फ्रोज़न, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ से दूरी बनाएं, क्योंकि इनमें शक्कर और नमक ज़रूरत से ज़्यादा मात्रा में होते हैं.
– हाई कैलोरीवाले सॉफ्ट ड्रिंक्स, पेस्ट्रीज़, केक्स, फ्राइड फूड, फ्रूट फ्लेवर्ड ड्रिंक्स न ही ख़रीदें, तो बेहतर होगा.
– कैश काउंटर के पास जाकर भी ख़ुद पर संयम रखें और वहां रखी हुई चॉकलेट्स, चिप्स न ख़रीदें.
– आकर्षक पैकिंग से कतई प्रभावित न हों.

रोचक जानकारियां

  • यूरोप में हुए एक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि सालभर में महिलाएं शॉपिंग करके लगभग 48000 तक कैलोरी कम कर लेती हैं.
  • हेल्दी शॉपिंग के लिए प्लास्टिक की थैलियों के बजाय कपड़े की थैली का इस्तेमाल करें. रिसाइकल न हो पाने की वजह से प्लास्टिक की थैलियां बढ़ती जा रही हैं. इन थैलियों को जब कचरे के साथ जलाया जाता है, तो इसमें से एक्रेलिमाइट जैसे तत्व निकलते हैं, जो कैंसर का कारण बन सकते हैं. वैसे भी 1 जनवरी 2015 से 40 माइक्रोन से कम की पॉलिथीन बैन कर दी गई है.

अंडे का हेल्दी फंडा (The Health Benefits of Eggs)

Health Benefits of Eggs

अंडा दिखने में भले छोटा नज़र आए, मगर इसके फ़ायदे अनेक हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व न स़िर्फ आपको तंदुरुस्त बनाए रखते हैं, बल्कि कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में भी मदद करते हैं.What-to-do-with-eggs,Egg benefits

पोषक तत्वों से भरपूर

– अंडा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, राइबोफ्लेविन, कोलिन, विटामिन बी 12, डी, ए, बी 6, फोलेट, सेलेनियम, फॉस्फोरस, आयरन, ज़िंक, कैल्शियम, पोटैेशियम, मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्वों से भरपूर है.

अंडा एक, फ़ायदे अनेक

– प्रोटीन, कैल्शियम व ओमेगा 3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है. प्रोटीन से मांसपेशियां मज़बूत होती हैं.
– ओमेगा 3 फैटी एसिड से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है.
– अंडा एक हेल्दी नाश्ता है. रोज़ाना नाश्ते में दो अंडों का सेवन करना चाहिए, इससे शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिलता है.
– अंडे में मौजूद कैल्शियम दांतों व हड्डियों को मज़बूत रखने में मदद करता है.
– रोज़ सुबह नाश्ते में अंडा खाने से शरीर को पूरे दिन ऊर्जा मिलती है. अंडे का पीलावाला हिस्सा शरीर को एनर्जी देता है.
– इसे खाने से शरीर को अमीनो एसिड मिलता है, जिससे शरीर का स्टैमिना बढ़ता है.
– अंडे में पाया जानेवाला फोलिक एसिड व विटामिन बी 12 ब्रेस्ट कैंसर से बचाता है, इसके साथ ही यह याददाश्त भी बढ़ाता है.
– अंडे की ज़र्दी में विटामिन डी पाया जाता है, जो हड्डियों को मज़बूत बनाने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.
– शरीर के वज़न को लेकर सतर्क रहनेवालों को अंडे का स़फेदवाला हिस्सा खाना चाहिए, इससे वज़न जल्दी नियंत्रित होता है.
– गर्भवती महिलाओं को आहार में अंडे को शामिल करना चाहिए, क्योंकि इससे भ्रूण का विकास अच्छी तरह से होता है.
– अंडे की स़फेदी में ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करने की क्षमता होती है.
– यह दिल का ख़्याल भी रखता है. किसी भी मौसम में अंडे का सेवन दिल के मरीज़ों के लिए सुरक्षित माना गया है.
– अंडे में विटामिन ए पाया जाता है, जो बालों को मज़बूत बनाने के साथ आंखों की रोशनी भी बढ़ाता है.

अंडे के ब्यूटी बेनिफिट्स

अंडे में सेहत के साथ ही छुपा है सुंदरता का खज़ाना. ख़ूबसूरत त्वचा चाहिए, तो आज़माइए ये नुस्ख़े-
– अंडे के पीले भाग को फेंटकर चेहरे पर लगाएं. यह त्वचा में कसाव लाता है और कील-मुंहासों से छुटकारा दिलाता है.
– अंडे की स़फेदी और ओटमील का मिश्रण ऑयली त्वचा के लिए बेहतरीन फेसपैक है.
– अंडे का पीला भाग, नींबू का रस और जैतून के तेल को मिलाकर चेहरे पर लगाने से रूखी त्वचा में निखार आता है.
– अंडे में एक चम्मच शहद, जैतून के तेल की कुछ बूंदें और गुलाब जल मिलाकर लगाने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर होते हैं और त्वचा कोमल हो जाती है.
– अंडे का स़फेद हिस्सा और एक चम्मच शहद का लेप लगाने से त्वचा का कालापन कम होता है और त्वचा की रंगत में निखार आता है.

बालों के लिए भी बेहतरीन

– अंडे के सेवन से बालों को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन मिलता है. बालों को घना, मुलायम और मज़बूत बनाने के लिए भी अंडा कारगर है.
– कटोरी में एक अंडा तोड़कर डालें, उसमें एक बड़ा चम्मच जैतून या बादाम का तेल और एक चम्मच दही मिलाएं. इस मिश्रण को बालों पर लगभग 45 मिनट तक लगाकर रखें. यह बालों के लिए एक अच्छा कंडीशनर है.
– पतले बालों को घना और चमकदार बनाने के लिए एक नींबू और अंडे के स़फेद हिस्से को मिलाकर बालों में लगाएं और एक घंटे बाद धो दें.
– बाल अगर रूखे, बेजान और ऑयली हैं, तो नियमित रूप से अंडे का सफ़ेद भाग लगाएं और 30 मिनट के लिए छोड़ दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें.