help kids

 

2
बच्चों को होमवर्क कराना पैरेंट्स के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं होता, क्योंकि एक तरफ जहां बच्चे होमवर्क के महत्व से अनजान होते हैं, वहीं होमवर्क न करने पर बच्चे क्लास में पीछे न रह जांए, इस बात से पैरेंट्स भी परेशान रहते हैं. अगर आप होमवर्क कराने से पहले बच्चे का मूड, होमवर्क का टाइम, स्टडी रूम का माहौल आदि बातों का ध्यान रखें, तो ये काम आसान हो सकता है. कैसे? आइए जानते हैं.

 

घर का साइलेंस ज़ोन चुनें

* बच्चे को होमवर्क कराने के लिए कोई ऐसा कमरा चुनें, जहां आने जाने वालों की संख्या कम हो टीवी या कंप्यूटर न चल रहा हो.

* इससे आप बिना किसी डिस्टर्बेंस के बच्चे को पढ़ा सकेंगी और बच्चे का भी पूरा ध्यान होमवर्क में ही लगेगा.

हेल्प करें, होमवर्क नहीं

* होमवर्क करते हुए बच्चे को गाइड करना आपकी ड्यूटी है.

* अत: आप उन्हें केवल गाइड करें, उनका होमवर्क ख़ुद न करें.

* कई बार पैरेंट्स बच्चों को पढ़ाते हुए उनका होमवर्क ख़ुद ही कंप्लीट कर देते हैं.

* ऐसा करने से बच्चे आलसी और पढ़ाई के प्रति लापरवाह होने लगते हैं.

प्यार से कराएं होमवर्क

* होमवर्क करते-करते कई बार बच्चे बोर होने लगते हैं और उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है. \

* ऐसी स्थिति में अपना भी मूड ऑफ़ न होने दें.

* सुलझे दिमाग़ से काम लें और बच्चे को उसकी पढ़ाई में होमवर्क का महत्व समझाएं.

होमवर्क को सेक्शन में डिवाइड करें

* यदि आपके बच्चे का होमवर्क ज़्यादा है, तो उसे सब्जेक्ट या सेक्शन वाइज़ कुछ हिस्सों में बांट लें.

* हर सेक्शन का वर्क ख़त्म करने के बाद बच्चे को कुछ देर का ब्रेक दें.

* ऐसे में बच्चे होमवर्क के हर पार्ट को फ्रेश मूड से एंजॉय करते हैं.

टाइम मैनेजमेंट

होमवर्क के लिए ऐसा समय तय करें, जिसमें आप और बच्चा दोनों कंफर्टेबल हों.

* ध्यान रहे कि ये टाइम आपके स्ट्रेस लेवल को बढ़ाने वाला न हो यानी ऐेसा समय न चुनें जब आप ऑफ़िस से तुरंत लौटती हों या बच्चा स्कूल से लौटते हो.

* नियमित रूप से इसी समय होमवर्क कराने की कोशिश करें.

अपने काम को भी महत्व दें

बच्चे को होमवर्क कराते समय अपने निजी कामों को नज़रअंदाज न करें.

* बच्चे को पूरा होमवर्क कराने के बजाय स़िर्फ उसके कठिन प्रश्‍नों को हल करने में मदद करें.

पढ़ाई के दौरान उसकी परेशानियों को दूर करके अपने काम में व्यस्त हो जाएं.

* बीच-बीच में उसे नोटिस ज़रूर करते रहें.

ट्यूशन भी है ऑप्शन

* आपके पास समय की कमी हो, तो बच्चे को ट्यूशन भेज सकती हैं.

* ट्यूशन ज्वाइन कराने से पहले टीचर को बच्चे के वीक प्वाइंट्स बताएं, ताकि वे बच्चे की अधिक मदद कर सकें.

* बच्चे का होमवर्क नियमित रूप से चेक करें और उसकी पढ़ाई पर हमेशा निगरानी रखें.

– रेषा गुप्ता