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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या हीमोग्लोबिन की कमी से कमज़ोरी महसूस होती है? (Can Low Hemoglobin Count Make You Tired?)

Can Low Hemoglobin Count Make You Tired
मैं 29 वर्षीया एक बच्चे की मां हूं. तीन हफ़्ते पहले ही मेरी डिलीवरी हुई है और पिछले एक हफ़्ते से ब्लीडिंग बंद थी, पर कल ही मुझे दोबारा ब्लीडिंग हुई. उसके बाद से ही काफ़ी कमज़ोरी महसूस हो रही है. डिलीवरी के पहले ही डॉक्टर ने मुझे बताया था कि मेरा हीमोग्लोबिन बहुत कम है और सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी थी. क्या यह इसके कारण है?
– हंसा वाधवा, राजकोट.

अगर ब्लीडिंग बंद होने के बाद दोबारा हैवी ब्लीडिंग शुरू हो गई है, तो आपको तुरंत डॉक्टर को मिलना चाहिए. जैसा कि आपने बताया कि डॉक्टर ने आपको हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया के बारे में बताया था, तो हो सकता है कि एनीमिया के कारण आपको यूटेरस का इंफेक्शन हो गया हो. आपको तुरंत ब्लड टेस्ट और सोनोग्राफी करवाने की ज़रूरत है, ताकि इंफेक्शन का पता चल सके. कभी-कभी प्लासेंटा के कुछ टिश्यूज़ यूटेरस में रह जाते हैं, जिसके कारण भी इंफेक्शन हो सकता है.

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Can Low Hemoglobin Count Make You Tired
कुछ समय पहले आपने एक सवाल का जवाब दिया था, जहां एक लड़की का गर्भाशय नहीं था, पर ओवरीज़ थीं. मैं स़िर्फ यह जानना चाहती हूं कि क्या वह मां बन सकती है?
– करुणा यादव, दुर्ग.

जी हां, उसका गर्भाशय नहीं था, पर ओवरीज़ थीं और वह सरोगेसी (किराये की कोख) के ज़रिए मां बन सकती है. जहां आईवीएफ में महिला के ओवम को पति के स्पर्म्स के साथ बाहर फर्टिलाइज़ किया जाता है, वहीं इसमें महिला में फर्टिलाइज़ एग्स को सरोगेट मां की कोख में प्लांट किया जाता है. इसका मतलब यह है कि गर्भाशय न होते हुए भी स़िर्फ ओवरीज़ की मदद से वह बच्चे की बायोलॉजिकल मां बन सकती है.

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पीरियड्स के लिए क्विक टिप्स

* पीरियड्स में जब बहुत तेज़ पेटदर्द हो रहा हो, तो एक गिलास गुनगुने पानी में एक टीस्पून शुद्ध घी मिलाकर पीएं.
* इन दिनों पाचनशक्ति कमज़ोर रहती है, उसे ठीक रखने के लिए पपीता खाएं.
* दर्द के कारण अक्सर रात को नींद नहीं आती, इसलिए रात को सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध में खसखस मिलाकर पीएं.
* दर्द से राहत पाने के लिए एक ग्लास छाछ में मेथीदाना भिगोकर थोड़ी देर बाद पीएं.
* अनन्नास में ब्रोमलेन नामक एंजाइम होता है, जो दर्द में राहत दिलाता है, इसलिए अनन्नास खाएं.
* पीरियड्स के एक हफ़्ते पहले से ही खट्टी व ठंडी चीज़ें खाना बंद कर दें, क्योंकि इससे शरीर में शिथिलता आ जाती है, जिसके कारण दर्द ज़्यादा होता है.
* पीरियड्स से 72 घंटे पहले ही खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ा दें. इससे हमारी आंतें भी अच्छे ढंग से काम करती हैं और कब्ज़ की कोई शिकायत भी नहीं रहती.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या हीमोग्लोबिन की कमी के लिए हार्मोनल पिल्स लेनी चाहिए ? (Should I Take Hormonal Pills To Boost Hemoglobin Level?)

हीमोग्लोबिन

मैं 21 वर्षीया छात्रा हूं. मुझे हमेशा कमज़ोरी महसूस होती है. ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिन कम आया है और गायनाकोलॉजिस्ट ने हैवी ब्लीडिंग को इसका कारण बताया, साथ ही पीरियड्स के 5वें दिन से 3 हफ़्तों के लिए हार्मोनल पिल्स लेने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया, मार्गदर्शन करें.

– रेखा खोसला, नोएडा.

मैं समझ सकती हूं कि इस उम्र में हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की सलाह को लेकर आप परेशान हैं. दरअसल, हार्मोनल पिल्स के ज़रिए एक आर्टिफिशियल साइकल तैयार होता है, जिससे आपको ब्लीडिंग कम होती है. पीरियड्स के 5वें दिन से पिल्स लेने के कारण शुरुआत से ही आपके हार्मोंस दब जाते हैं. क्योंकि आपका हीमोग्लोबिन भी कम है, इसलिए दवाओं के साथ-साथ यह ध्यान देना भी ज़रूरी है कि आपको बेवजह हैवी ब्लीडिंग तो नहीं हो रही.

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पिछली डिलीवरी में मेरे बच्चे का वज़न स़िर्फ 2 किलो था, पर डॉक्टर ने इसका कारण नहीं बताया. अब मैं दोबारा प्रेग्नेंट हूं और मुझे डर लग रहा है कि कहीं इस बार भी मेरे बच्चे का वज़न कम न हो. पिछली बार मैं स़िर्फ 3 बार चेकअप के लिए गई थी. इस बार क्या करूं?

– आरोही हांडे, नासिक.

जन्म के बाद जिन बच्चों का वज़न ढाई किलो से कम होता है, उन्हें लो वेट बर्थ कहते हैं. इसका एक अहम् कारण प्री मैच्योर डिलीवरी हो सकती है. इसके अलावा प्रेग्नेंसी में मां का ग़लत खानपान, बार-बार इंफेक्शन, धूम्रपान और अल्कोहल भी इसके कारण हो सकते हैं. जैसा कि आपने बताया कि पिछली बार आप स़िर्फ 3 बार चेकअप के लिए गई थीं, इससे साफ़ पता चलता है कि पिछली प्रेग्नेंसी के दौरान आपने कितनी लापरवाही बरती. इस दौरान सही खानपान और नियमित रूप से डॉक्टर से चेकअप बहुत ज़रूरी होता है. नियमित चेकअप से डॉक्टर समय-समय पर आपके और बच्चे की सही स्थिति के बारे में जानकारी देते रहते हैं. वैसे भी गर्भावस्था के दौरान खानपान, परहेज़, ज़रूरी सावधानियों के अलावा नियमित चेकअप करवाना बेहद ज़रूरी है.

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नेचुरल तरीकों से बूस्ट करें हीमोग्लोबिन लेवल 

  • अपने भोजन में आयरन से भरपूर ओट्स, बार्ली जैसे साबूत अनाज की मात्रा बढ़ा दें.
  • हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने में विटामिन सी काफ़ी मददगार साबित होता है. संतरा, मोसंबी, लीची, अमरूद और नींबू को अपने डायट में शामिल करें.
  • खजूर, मुनक्का और एप्रीकोट्स में भी भरपूर मात्रा में आयरन होता है. यह आपके हीमोग्लोबिन लेवल को बूस्ट करने में मदद करेगा.
  • स्ट्रॉबेरीज़ काफ़ी फ़ायदेमंद मानी जाती है. इसे जूस, स्मूदी या किसी रेसिपी में जैसे चाहें, वैसे अपने डायट में शामिल करें.
  • बीटरूट, आलू, ब्रोकोली, पालक का भरपूर सेवन करें.

 

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

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