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होम सेफ्टी के 21 बेस्ट रूल्स (21 Home Safety Best Rules)

आमतौर पर हम सभी घर की साफ़-सफ़ाई व होम डेकोर पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन इसी के साथ घर की सुरक्षा (Home Security) भी बेहद ज़रूरी है. ऐसे में होम सेफ्टी (Home Safety) से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जानकर हम अपने घर को बेहतर तरी़के से सुरक्षित रख सकते हैं.

Home Safety

1.यदि घर की सुरक्षा की बात की जाए, तो सबसे ज़रूरी है घर का बीमा कराना यानी होम इंश्योरेंस करवाएं, जिसमें मकान व घर के सभी सामानों का बीमा कराया जाता है.

2. घर के प्रवेशद्वार पर मेटल डोर लगाएं और ये सभी दरवाज़े अंदर की तरफ़ खुलते हों, इस बात का भी ध्यान रखें.

3. घर की सेफ्टी के लिए यह भी ज़रूरी है कि कभी भी घर की चाबी घर के बाहर गमले या डोरमैट के नीचे या फिर किसी अन्य जगह पर नहीं छुपाएं.

4. प्रवेशद्वार पर बर्गलर अलार्म भी लगाएं. साथ ही इसे इस्तेमाल करने के तरी़के के बारे में अच्छी तरह से समझ लें.

5. किसी भी अजनबी को ज़रूरी पूछताछ के बाद संतुष्ट होने पर ही घर के अंदर आने दें.

6. घर में अगर स्लाइडिंग दरवाज़े-खिड़कियां हैं, तो उसे लॉक करने की भी पर्याप्त व्यवस्था करें. स्लाइडिंग ट्रैक पर स्टील का पोल भी लगवाएं.

7. कई बार चोर घर के पीछे की तऱफ़ से घर में घुसने की कोशिश करते हैं. ऐसे में घर के चारों ओर ऊंची व मज़बूत कॉन्क्रीट की दीवार बनाएं, जिससे कोई भी अजनबी उसे फांदकर घर के अंदर न आ सके.

8. इसके अलावा बाउंड़्री वॉल की दीवारों पर कंटीले तारों की फेंसिंग या तारों में करंट या एलेक्ट्रिफाइड फेंसिंग भी लगा सकते हैं. इसमें एक सेंसर भी होता है. इससे यह पता चल जाता है कि चोर ने किस एरिया में छेड़छाड़ की है.

9.दरवाज़े पर पीप होल के अलावा इमर्ज़ेंसी स्मोक, हीट व फायर अलार्म लगाएं.

10. बच्चों के रूम में लॉकिंग सिस्टम न रखें. यदि रखना ही हो, तो टावर बोल्ट लॉकिंग सिस्टम का इस्तेमाल करें.

11. गैस का सिलेंडर खुली जगह पर ही रखें. यहां पर बेवजह की ग़ैरज़रूरी चीज़ें न फैलाएं. साथ ही गैस के पाइप को कभी भी किसी वस्तु आदि से ना ढकें. यदि पाइप में कहीं पर क्रैक नज़र आए, तो तुरंत चेंज करवाएं.

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12. होम सेफ्टी के लिए हाईटेक इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सिस्टम बेहतर विकल्प है. इसमें चोर द्वारा छेड़छाड़ करने पर खिड़की-दरवाज़े में लगे कॉन्टेक सेंसर्स सिक्योरिटी अलार्म को एक्टीवेट कर देते हैं, जो पहले से फीड पुलिस स्टेशन सहित 15 लोगों को मैसेज के द्वारा चोरों की जानकारी दे देता है. इसमें सीसीटीवी कैमरों से उनके चेहरे भी रिकॉर्ड किए जा सकते हैं.

13. एक्सिस कंट्रोल सिस्टम विद इलेक्ट्रो मैग्नेटिक लॉक लगाने से चाबी रखने से छुटकारा मिल जाता है. इस सिस्टम के तहत परिवार के सदस्यों के फिंगर रजिस्टर्ड हो जाते हैं और उन्हीं के अंगूठे को पहचानकर लॉक खुलता है.

14. यदि आप अकेली रहती हैं, तो आप पर्सनल पैनिक बटन लगवा सकते हैं. यह छोटा-सा यंत्र होता है, जिसे हमेशा अपने पास रखा जा सकता है. कोई भी मुसीबत पड़ने पर उसका बटन दबाने से उसमें जिस भी व्यक्ति का नाम व नंबर आपने फीड किया है, वह अलर्ट हो जाता है.

15. लाइट टाइमर भी बेहतरीन ऑप्शन है, जो फिक्स टाइम पर जलती व बंद होती है. इसके अलावा इसे रेडियो से भी जोड़ सकते हैं, जिससे गाने बजने लगते हैं. ऐसे में चोरों को लगेगा कि घर में लोग हैं.

16. किसी भी अजनबी कॉल द्वारा घर पर आकर कोई गोल्ड ज्वेलरी को दुगुना करने या फिर कोई डबल मुना़फेवाली स्कीम बताने के लिए आना चाहे, तो आप उसे बिल्कुल एंटरटेन न करें और न ही घर पर अकेले होने पर बुलाएं.

17. दरवाज़े पर सिक्योरिटी लॉक की जगह डेथ बोल्ट भी लगा सकते हैं. यह भी काफ़ी मज़बूत रहता है.

18. घर के नौकर या मेड या फिर किसी भी अपरिचित व्यक्ति के सामने आलमारी न खोलें. न ही अपनी ज्वेलरी, पैसे या अन्य क़ीमती सामान या फिर पैसों का लेन-देन उनके सामने करें.

19. बच्चे घर में अकेले रहते हों, तो उनकी सुरक्षा के लिए खिड़की और बालकनी पर बनी रेलिंग यानी लोहे की जाली 42 इंच ऊंची बनवाएं. रेलिंग के दो रॉड्स के बीच कम से कम 4 इंच से अधिक का गैप न रखें, वरना खेलते हुए बच्चे का सिर रॉड्स के बीच फंस सकता है.

20. मेन डोर पर सामान्य तालों की बजाय बायोमैट्रिक्स न्यूमैरिक लॉकिंग, प्री टाइम सेटिंग, कार्ड स्वैपिंग लॉक लगा सकते हैं. ये काफ़ी सेफ रहते हैं. इसमें एक छोटी-सी स्क्रीन होती है, उसमें स्कैनर लगा होता है. यह आपके उंगलियों की पहचान करती है और आपसे चार अंकों का पिन कोड मांगता है. यदि कोई इसे खोलने की कोशिश करता है, तो घर के अंदर लगा सायरन बजने लगेगा और आपको पता चल जाएगा. इसी प्रकार का एक लॉक है न्यूमैरिक लॉक. यह मोबाइल में रखे पासवर्ड की तरह होता है, जिसमें आप अपनी पहचान के लिए चार अंकों का कोड डालते हैं.

21. घर में इंट्रूजन अलार्म जैसे हाईटेक उपकरण लगा सकते हैं. आपकी ग़ैरमौजूदगी में यदि कोई घर के अंदर प्रवेश करता है या घर में कुछ असामान्य होता है, तो यह उपकरण उसकी पहचान कर अलार्म बजा देता है. इसमें कुछ फोन नंबर भी फीड कर सकते हैं, जिससे आपको मैसेज भी मिल सकता है.

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इन बातों पर भी ध्यान दें…

* अगर आप कुछ दिनों के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, तो पड़ोसियों को घर पर ध्यान रखने के लिए कह जाएं.

* बाथरूम में थर्मोस्टेट लगवाएं और गरम पानी का तापमान हमेशा नियंत्रित रखें. इससे यदि आपकी अनुपस्थिति में बच्चा बाथरूम में पानी से खेलता है, तो कोई दुर्घटना नहीं होगी.

* होम सेफ्टी के लिए घर में डॉगी रखना भी फ़ायदेमंद रहता है.

* घर के कमरों में नीचे की तरफ़ इलेक्ट्रिक प्लग-वायर आदि न लगाएं, क्योंकि छोटे बच्चे खेलते हुए इन्हें छू सकते हैं. इलेक्ट्रिक सॉकेट में उंगली डाल सकते हैं.

* बुज़ुर्गों के लिए सेफ्टी वॉक स्टेप्स बनाएं.

* कभी भी छोटे बच्चों को किचन में अकेला न छोड़ें. वे गैस चूल्हा, सिलेंडर आदि को छेड़ सकते हैं.

* धुएं के लिए स्मोक एंड फायर डिटेक्टर लगाएं.

* होम क्लीनिंग व केमिकल प्रोडक्ट्स को शिशुओं की पहुंच से दूर रखें.

* कमरों के नीचे के रैक में दवाइयां, सिरप आदि न रखें.

* इलेक्ट्रॉनिक सामान बच्चों के पहुंच से दूर रखें. वे इसे लेकर एक्सपेरिमेंट्स कर सकते हैं.

– ऊषा गुप्ता

कितना हेल्दी है आपका स्वीट होम(How Healthy Is Your Sweet Home?)

How Healthy Is Your Sweet Home

घर में रहनेवालों की अच्छी सेहत के लिए घर का साफ़-सुथरा व हाइजीनिक होना बेहद ज़रूरी है. घर में कुछ ऐसे जर्म्स स्पॉट्स होते हैं, जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं और इस अनदेखी की क़ीमत हमें अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाकर चुकानी पड़ती है. तमाम इंफेक्शन्स और एलर्जी के कारण बननेवाले इन जर्म्स और बैक्टीरियाज़ को ख़त्म करें और घर के साथ-साथ घरवालों को भी हेल्दी रखें. 

How Healthy Is Your Sweet Home
हेल्दी किचन 

जर्म्स हॉट स्पॉट

– किचन सिंक और नलश

– किचन का कपड़ा और बर्तन धोने का स्पॉन्ज

– किचन काउंटर और कटिंग बोर्ड 

– फ्रिज के भीतर के रैक्स

– डस्टबिन

– किचन के सिंक में रोज़ाना एक बार गरम पानी डालें, ताकि सिंक में काई ना लगे और न ही पाइप में कचरा फंसे. साथ ही सिंक में रातभर जूठे बर्तन न रखें.

– बहुत-से लोग बर्तन धोने के बाद गीला स्पॉन्ज उसी तरह रख देते हैं, जिससे उनमें बैक्टीरिया पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है. हर बार बर्तन धोने के बाद स्पॉन्ज को अच्छी तरह धोकर व पानी निचोड़कर रखें. रात को उसे ऐसी जगह रखें, जिससे वो सूख जाए. 

– किचन काउंटर को रोज़ाना साबुन-पानी से धोने के बाद 1 टीस्पून क्लोरीन ब्लीच डालकर साफ़ करें.

– बर्तन रखने की ट्रॉली या बर्तन रखने की जगह का भी साफ़-सुथरा व हाइजीनिक रहना बहुत ज़रूरी है, वरना भले ही आपने बर्तन कितनी ही अच्छी तरह क्यों न धोए हों, वहां पहुंचते ही वो संक्रमित हो सकते हैं.  

– वेज और नॉन वेज के लिए अलग-अलग कटिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करें. साथ ही हर रोज़ इन्हें अच्छी तरह साफ़ करें.

– किचन काउंटर पर कहीं भी कुछ भी खाने की चीज़ गिरे, तो उसे तुरंत साफ़ करें, वरना चींटी, मक्खी और कॉकरोच आ सकते हैं.

– किचन में इस्तेमाल होनेवाले कपड़े को भी हमेशा साफ़ व सूखा रखें.    

– गर्म पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर फ्रिज को साफ़ करें. ऐसा हर हफ़्ते करें, ताकि फ्रिज में रखी चीज़ें भी सुरक्षित रहें.  

– किचन में कभी भी डस्टबिन खुला न छोड़ें. उसे हमेशा ढंककर रखें. साथ ही हर हफ़्ते डस्टबिन को साफ़ करें और धूप में सुखाएं. डस्टबिन में हमेशा डस्टबिन बैग डालकर रखें.

– हर छह महीने पर किचन में पेस्ट कंट्रोल कराएं.

– किचन में अच्छी ख़ुशबू के लिए विनेगर या फिर लेमन एक्सट्रैक्ट छिड़कें. 

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हेल्दी बाथरूम/टॉयलेट

जर्म्स हॉट स्पॉट

– टॉयलेट सीट, फ्लश हैंडल

– सिंक, शावर, नल

-गीले कोने

– बाथरूम और टॉयलेट दोनों ही ऐसी जगहें हैं, जो गीली रहती हैं, जिसके कारण बैक्टीरिया और जर्म्स के पनपने के लिए परफेक्ट जगह हैं, इसलिए जितना हो सके, इन्हें सूखा रखने की कोशिश करें.

– बाल्टी या टब में पानी भरकर न रखें, बल्कि इस्तेमाल के बाद बाल्टी को उल्टी करके रख दें, ताकि बाल्टी भी सूख जाए और वो जगह भी.

– बाथरूम में एक्ज़ॉस्ट फैन ज़रूर लगवाएं, ताकि सारा मॉइश्‍चर बाहर निकल जाए.

– हफ़्ते में एक बार बाथरूम का फ्लोर और टाइल्स किसी एंटी-बैक्टीरियल क्लीनर से साफ़ करें.

– बाथरूम साफ़ करने का बेस्ट टाइम गरम पानी से नहाने या फिर शावर लेने के बाद होता है, क्योंकि उस समय पूरे बाथरूम में मॉइश्‍चर रहता है, जिससे सफ़ाई करने में मदद मिल जाती है.

– नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल सोल्यूशन बनाएं- 2 कप पानी में 1/4 कप लिक्विड सोप और 1 टेबलस्पून नीलगिरी का तेल मिलाकर स्प्रे बॉटल में भरकर रखें. सफ़ाई के लिए इस स्प्रे का इस्तेमाल करें.

– बाथरूम और टॉयलेट की सफ़ाई गरम पानी से करें, ताकि जर्म्स ख़त्म हो जाएं.

– हमेशा टॉयलेट सीट को ढंककर ही फ्लश करें, ताकि पानी के छींटें चारों तरफ़ न फैलें. –

– हफ़्ते में एक बार ब्लीच को पानी में घोलकर भी आप टॉयलेट या बाथरूम साफ़ कर सकते हैं.

– बाथरूम-टॉयलेट में ऊपर की तरफ़ क्लोज़ काउंटर्स बनवाएं, ताकि आपका सामान बैक्टीरिया और मॉइश्‍चर फ्री रहे.

– फ्लश टैंक, नलों और दरवाज़े के हैंडल को अक्सर लोग अनदेखा कर देते हैं, जिससे बहुत-से बैक्टीरिया हमारे हाथों में चिपककर घर के दूसरे हिस्सों में पहुंच जाते हैं, जो इंफेक्शन फैलाने के लिए काफ़ी हैं.

– टॉयलेट और बाथरूम के बाहर एंटी-बैक्टीरियल हैंड सोप हमेशा रखें.

– टॉयलेट और बाथरूम में बहुत ज़्यादा हार्श केमिकल्स के इस्तेमाल से बचें.

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हेल्दी लिविंग रूम और बेडरूम

जर्म्स हॉट स्पॉट

– टीवी रिमोट कंट्रोल

–  स्विच बोर्ड

– टेलीफोन हैंडल

– ज़्यादातर लोग टीवी रिमोट कंट्रोल, स्विच बोर्ड और टेलीफोन हैंडल के धूल-मिट्टी और जर्म्स को अनदेखा करते हैं, जो लगातार संपर्क में रहने की वजह से इंफेक्शन का कारण बनते हैं.

– बेडरूम और लिविंग रूम के परदे बेडशीट्स, तकिए के कवर्स के साथ-साथ सोफे के कवर्स भी महीने में एक बार ज़रूर साफ़ करें.

– गीले कार्पेट और रग्स में डस्ट माइट्स और जर्म्स हो सकते हैं, इसलिए समय-समय पर इन्हें निकालकर धूप में सुखाएं, ताकि फंगस भी न लगे.

– घर में सूरज की रोशनी आने से बैक्टीरिया या जर्म्स नहीं होते, इसलिए सुबह-शाम घर की खिड़कियां व दरवाज़े खुले रखें.

– घर हेल्दी बना रहे, इसलिए सबसे ज़रूरी है, सही वेंटिलेशन की सुविधा. घर में जितना ज़्यादा ताज़ी हवा का आवागमन होगा, घर के लोग उतने ही हेल्दी व स्वस्थ रहेंगे.

– शू रैक भी ऐसी ही एक जगह है, जहां जूते-चप्पल के ज़रिए जर्म्स और बैक्टीरिया घर में दाख़िल होते हैं, इसलिए जूते-चप्पलों के साथ-साथ शू रैक को भी हर 10-15 दिन में एक बार क्लीन ज़रूर करें और उसमें फिनायल की गोलियां डालें, ताकि कॉकरोच उसे अपना घर न बना सकें.

 अगर घर में हों छोटे बच्चे तो…

बच्चों को ज़मीन पर खेलना कितना पसंद है, यह तो हर कोई जानता है, पर क्या यह जानती हैं कि आपकी ज़मीन कितना हाइजीनिक है? नहीं, तो इन बातों का ध्यान रखें-

– रोज़ाना एंटी-बैक्टीरियल क्लीनिंग प्रोडक्ट्स से घर का फर्श साफ़ करें.

– सुबह-शाम घर में झाड़ू लगाएं और जहां बच्चे खेलते हैं, उसे हमेशा जर्म फ्री रखें.

– बच्चे अक्सर खेलते हुए कोई भी सामान उठाकर मुंह में डाल लेते हैं, इसलिए उनकी पहुंच तक की सभी चीज़ों को ख़ासतौर से हाइजीनिक रखें.

– बच्चों के खेलने के लिए देने से पहले खिलौनों और खिलौनों की टोकरी को एंटी-बैक्टीरियल लिक्विड से साफ़ करें.

– आजकल के बच्चों के आकर्षण का केंद्र मोबाइल फोन होते हैं. छोटे बच्चों को मोबाइल फोन देने से पहले किसी साफ़ कपड़े से उसे साफ़ कर दें, क्योंकि बच्चे फोन को तुरंत मुंह में डालते हैं.

– बाथरूम में बाल्टी में पानी भरकर न रखें और न ही भीगे डोरमैट्स रखें, वरना बच्चों के फिसलकर गिरने का डर बना रहता है

 

– अनीता सिंह

30 + स्मार्ट किचन क्लीनिंग टिप्स (30+ Smart Kitchen Cleaning Tips)

Kitchen Cleaning Tips

किचन को साफ़-सुथरा रखना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि यहां कुकिंग के साथ ही खाने-पीने की चीज़ें भी होती हैं, जिसका असर हमारे स्वास्थ्य पर होता है. तो किचन के हर कोने को कैसे बनाया जा सकता है नीट एंड क्लीन? आइए जानते हैं.

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किचन प्लेटफॉर्म

– साफ़ कपड़े को विनेगर में डुबोकर उससे किचन प्लेटफॉर्म पोंछें. इससे प्लेटफॉमर्र्र् पर जमी गंदगी साफ़ हो जाती है और कीटाणु भी मर जाते हैं.
– गुलाबजल और नींबू की कुछ बूंदें
मिलाकर प्लेटफॉर्म साफ़ करने से सफ़ाई के साथ ही किचन इनकी ख़ुशबू से भी महकने लगता है.
– चींटी और कॉक्रोच को किचन से दूर रखने के लिए कुछ भी काटने के बाद प्लेटफॉर्म को साफ़ करना ज़रूरी है.
किचन टाइल्स की सफ़ाई
– टाइल्स पर लगे दाग़-धब्बों को विनेगर से पोंछकर तुरंत साबुन मिले गरम पानी से धो लें. पैराफ़िन और नमक में कपड़ा भिगोकर टाइल्स पोंछें, इससे इनकी चमक बनी रहती है.
-टाइल्स पर नींबू रगड़कर 15 मिनट बाद मुलायम कपड़े से पोंछने पर भी उनकी चमक बरक़रार रहती है.
– टाइल्स पर अगर पीले दाग़ पड़ गए हों, तो नमक और तारपीन के तेल से उन्हें साफ़ करें.
– लिक्विड अमोनिया और साबुन के घोल से भी टाइल्स पर लगे दाग़-धब्बे साफ़ हो जाते हैं.
– टाइल्स को शाइनी बनाए रखने के लिए उन पर रातभर ब्लीचिंग पाउडर लगाकर छोड़ दें और सुबह साफ़ कर लें.
किचन कैबिनेट्स
– गरम पानी में साबुन मिलाकर उसमें स्पंज या स्क्रबिंग पैड डुबोकर कैबिनेट्स को साफ़ करें. कैबिनेट के दरवाज़े, हैंडल और खोलने की जगह पर अच्छी तरफ सफ़ाई करें, क्योंकि ये एरिया ज़्यादा चिपचिपे हो जाते हैं.
– अगर आप कैबिनेट की सफ़ाई के लिए डिटर्जेंट का इस्तेमाल नहीं करना चाहतीं, तो किसी भी हाउसहोल्ड क्लीनर से इनकी सफ़ाई कर सकती हैं, लेकिन इस्तेमाल करने से पहले इसे कैबिनेट के छोटे-से हिस्से पर लगाकर देख लें कि इससे कहीं कैबिनेट की फिनिशिंग ख़राब तो नहीं हो रही.
– ग्रीस और तेल के दाग़ छुड़ाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है विनेगर का इस्तेमाल. अगर दाग़ हल्के हैं, तो विनेगर में आधा पानी मिलाएं और दाग़ यदि गहरे हैं, तो स़िर्फ विनेगर से उन्हें साफ़ करें.
– नींबू और क्लब सोडे से भी तेल व ग्रीस के दाग़ छुड़ाए जा सकते हैं.
– किचन कैबिनेट को अंदर से वार्निश पेंट कराएं. इससे कीड़े-मकोड़े, कॉक्रोच आदि से बचा जा सकता है.
– किचन काउंटर पर रखे अप्लायंसेस को हटाकर गीले कपड़े से दिन में दो बार किचन कैबिनेट और दिन में एक बार काउंटर की सफ़ाई करें.

सिंक की सफ़ाई

– किचन सिंक में जमी स़फेदी को साफ़ करने के लिए आधा कप पानी में 3-4 टीस्पून विनेगर मिलाकर सिंक में लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें, फिर अख़बार से
पोंछ दें.
– यदि सिंक जाम हो जाए, तो नमक और सोडा बराबर मात्रा में मिलाकर सिंक के छेद में डाल दें. फिर 1 टीस्पून डिटर्जेंट डालें. 15 मिनट बाद गरम पानी की तेज़ धार डालें और फिर ठंडा पानी डालें. सिंक बिल्कुल साफ़ हो जाएगा.

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 डिशवॉशर

– हर बार डिशवॉशर का इस्तेमाल करने के बाद फिल्टर को तुंरत साफ़ कर दें. इससे अगली बार इस्तेमाल करते समय ब्लॉकेज की समस्या नहीं आएगी.
– छोटे ब्रश की मदद से पहले डिशवॉशर के दरवाज़े की सफ़ाई करें, फिर धीरे-धीरे अंदर की जाली साफ़ करें.
– जो हिस्सा ब्रश से साफ़ न हो पाया हो, उसे स्पंज से साफ़ करें. स्पंज को साबुनवाले गरम पानी में भिगोकर दरवाज़े के अंदर और उन हिस्सों की सफ़ाई करें, जहां गंदगी जमी हो.
– निचले रैक को निकालकर ड्रेन एरिया को अच्छी तरह साफ़ करें और देखें कि कहीं कोई सख़्त चीज़ तो नहीं फंसी है, क्योंकि इससे ड्रेन ब्लॉक हो जाएगा. ब्लॉक होने की स्थिति में पंप को नुक़सान पहुंच सकता है. साथ ही बर्तनों में भी खरोंच लग
सकती है.
– डिशवॉशर से चिकनाई और दुर्गंध दूर करने के लिए उसमें एक कप व्हाइट विनेगर और गरम पानी डालकर चलाएं. इस बात का ध्यान रखें कि विनेगर वाले कप के अलावा उसमें कोई और बर्तन न हो.

गैस चूल्हा

– सप्ताह में दो बार गैस चूल्हे की सफ़ाई करें. सबसे पहले गैस का मेन कनेक्शन बंद कर दें. फिर गीले स्पंज से चूल्हे के ऊपरी हिस्से, नॉब्स और हैंडल की सफ़ाई करें.
– चूल्हा रखनेवाली जगह की सफ़ाई के लिए गीले कपड़े को हॉट वॉटर सोप में डुबोकर अच्छी तरह साफ़ करें.
– कोशिश करें कि कुकिंग के समय खाना चूल्हे और आसपास की जगहों पर ना फैले और अगर फैल भी जाए, तो इसे तुरंत साफ़ कर लें. सूख जाने पर दाग़ जल्दी नहीं छूटते.
– रोज़ाना खाना बनाने के बाद चूल्हे के आसपास रखे कैबिनेट पर लगे तेल के छींटे और गंदगी को अच्छी तरह साफ़ करें. इससे किचन में गंदगी नहीं फैलेगी.

रेफ्रिजरेटर

– फ्रिज की सफ़ाई करने से पहले फ्रिज का सारा सामान बाहर निकाल दें. अब फ्रिज के बेस पर पेपर बिछा दें और दरवाज़ा बंद करके डी-फ्रॉस्ट करें. थोड़ी देर बाद भीगे हुए पेपर को अंदर की गंदगी साफ़ करते हुए निकाल दें.
– फ्रिज से आ रही बदबू दूर करने के लिए सफ़ाई के दौरान बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें. इससे बदबू दूर हो जाएगी.
– फ्रिज की ऊपरी सफ़ाई माइक्रो फाइबर कपड़े से करें.
– फ्रिज में बचा हुआ खाना ज़्यादा दिन तक न रखें, इससे बदबू फैल सकती है.

इन चीज़ों की सफ़ाई का भी रखें ध्यान

किचन में रोज़ाना इस्तेमाल होनेवाली कुछ चीज़ें ऐसी भी हैं, जिनकी सफ़ाई पर कम ही ध्यान दिया जाता है, मगर किचन को हेल्दी बनाए रखने के लिए इनकी भी रोज़ाना सफ़ाई ज़रूरी है.
चॉपिंग बोर्ड: चॉपिंग बोर्ड (कटिंग बोर्ड) को स़िर्फ पानी और डिटर्जेंट से धोना पर्याप्त नहीं है. बोर्ड के हैंडल और गहराई में कीटाणु इकट्ठा हो जाते हैं. इतना ही नहीं, टमाटर के बीज और मिर्च के बीज भी अंदर तक चले जाते हैं और उन्हें बाद में निकालना मुश्किल होता है. अतः रोज़ाना इस्तेमाल के बाद इसे अच्छी तरह साफ़ करें. साथ ही सब्ज़ियां और मीट काटने के लिए अलग-अलग बोर्ड रखें.
स्पंज/स्क्रब: नमी तथा गीली जगह पर कीटाणु बहुत तेज़ी से पनपते हैं, इसलिए स्पंज व बर्तन मांजनेवाले तार को हर महीने बदलती रहें. साथ ही हर बार इस्तेमाल के बाद इसे पानी से अच्छी तरह धोकर निचोड़ दें और सूखने के लिए रख दें.
नाइफ स्टैंड: लकड़ी के नाइफ स्टैंड में कभी भी गीला चाकू न रखें. लकड़ी बहुत ही आसानी से पानी सोख लेता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. अतः हमेशा स्टील या प्लास्टिक के हैंडलवाले चाकू का ही प्रयोग करें, जिससे उसे धोने, सूखने और सफ़ाई करने में परेशानी न हो.
किचन रैक हैंडल: कई बार खाना बनाते समय हम गंदे हाथों से ही रैक के हैंडल को छू देते हैं, इसलिए समय-समय पर उसे पानी और डिटर्जेंट से ज़रूर धोएं.

– सुबोध सिंह

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35 किचन केयर टिप्स (35 Kitchen Care Tips)

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जल्दी-जल्दी काम निपटाने के चक्कर में हम अक्सर किचन को अस्त-व्यस्त और बिखरा हुआ छोड़ देते हैं. इसी समस्या को दूर करने के लिए हमने जुटाए हैं किचन के रख-रखाव से जुड़े कारगर टिप्स.

* किचन प्लेटफॉर्म को हमेशा साफ़-सुथरा बनाए रखने के लिए काम करते व़क़्त प्लेटफॉर्म पर एक प्लास्टिक बैग टांगकर रखें और कुछ भी काटने के बाद कचरा उसमें ही डालें. ऐसा करने से प्लेटफॉर्म हमेशा साफ़ रहेगा.

* किचन में इस्तेमाल किए जाने वाले नैपकिन्स चेंज करती रहें. पूरे दिन एक ही नैपकिन का प्रयोग न करें. हाथ पोंछने के लिए सूखे तौलिए या हो सके तो डिस्पोज़ेबल पेपर नैपकिन का इस्तेमाल करें.

* किचन के दरवाज़े, कैबिनेट के हैंडल व फ्रिज के हैंडल को साफ़ करने के लिए एक मग पानी में एक टीस्पून क्लोरीन ब्लीच मिलाकर साफ़ कपड़े से अच्छी तरह रगड़ें.

* किचन में शेड वाले बल्ब न लगवाएं, क्योंकि इनसे किचन में पूरी रोशनी नहीं फैल पाती.

* किचन कैबिनेट को अंदर से वार्निश पेंट कराएं. ऐसा करने से कीड़े-मकोड़े और कॉक्रोच नहीं आएंगे.

* किचन कैबिनेट की सफ़ाई के लिए एक चौथाई कप गरम पानी में बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलाकर कैबिनेट की सफ़ाई करें. नींबू के रस से मेटल व लकड़ी के ग्रीस, तेल आदि के चिपचिपे दाग़ साफ़ हो जाते हैं.

* शीशे के जार से आ रही बदबू दूर करने के लिए माचिस की तीली जलाकर जार के अंदर डालें और जार का ढक्कन बंद करके कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. बाद में साबुन व गरम पानी के घोल से धोएं. बदबू दूर हो जाएगी.

* नए बर्तन व अन्य चीज़ों पर लगे लेबल को निकालने के लिए उन पर केरोसिन ऑयल लगाकर सॉफ्ट कपड़े से पोंछ कर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें. फिर पानी से धो दें, लेबल निकल जाएगा.

* माइक्रोवेव, कुकिंग रेंज, ओवन आदि के एक तरफ़ कम से कम 40 सें.मी. की जगह छोड़ें.

* किचन सिंक से आने वाली बदबू से बचने के लिए इसमें कलर्ड व सेंटेड नेपथलिन बॉल्स डालें.

 

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* किचन सिंक में जमी स़फेदी को साफ़ करने के लिए आधा कप पानी में 3-4 टीस्पून विनेगर मिलाकर सिंक में लगाकर थोड़ी देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें. बाद में अख़बार से पोंछ दें.

* किचन सिंक जाम हो गया है तो नमक और सोडा को बराबर मात्रा में मिलाकर सिंक के छेद में डाल दें. फिर 1 टीस्पून डिटर्जेंट डालें. 15 मिनट बाद गरम पानी की तेज़ धार डालें और फिर ठंडा पानी डालें. सिंक एकदम साफ़ हो जाएगा.

* सिंक में लगे दाग़ इत्यादि साफ़ करने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करें.

* किचन टाइल्स पर जमी गंदगी साफ़ करने के लिए थोड़ा-सा डिटर्जेंट पाउडर डालकर स्पॉन्ज या मुलायम कपड़े से रगड़ कर गरम पानी से साफ़ करें. उसके बाद पोंछकर सुखा दें.

* किचन की सफ़ाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कपड़ों पर जमी चिकनाई साफ़ करने के लिए डिटर्जेंट में आधा कप अमोनिया डालकर कपड़े धोएं.

* किचन की खिड़कियां साफ़ करने के लिए एक तिहाई कप सिरके में एक चौथाई कप एल्कोहल मिलाएं और इस मिश्रण से खिड़कियां साफ़ करें.

* यदि किचन के फर्श पर तेल, घी या दूध गिर जाए तो उस पर सूखा आटा छिड़ककर अख़बार से साफ़ करें. चिकनाई और धब्बे एकदम साफ़ हो जाएंगे.

* सफ़ाई करने के लिए कभी भी अमोनिया और ब्लीच को एक साथ मिक्स न करें. इससे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक धुंआ निकलता है.

* चाकू की धार बनाए रखने के लिए प्रयोग में लाने के बाद उसे तुरंत धोकर पोछ दें और फिर पेपर में लपेटकर रख दें.

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* गैस का सिलेंडर जहां रखा जाता है, वहां की ज़मीन पर निशान पड़ जाते हैं. अत: सिलेंडर रखने के स्थान पर मोम पिघलाकर डाल दें. इसके ऊपर सिलेंडर रखने से निशान नहीं पड़ते.

* अचानक किसी काम से घर से निकलना पड़े और जूठे बर्तन धोने का व़क़्त न हो तो सिंक का ड्रेन बंद करके उसमें डिटर्जेंट युक्त गरम पानी डालकर जूठे बर्तन रखें. इससे बर्तनों पर लगी जूठन सूखेगी नहीं.

* किचन से फिश की गंध दूर करने के लिए आलू या सेब के एक-दो टुकड़े तल लें. गंध दूर हो जाएगी.

* प्याज़ और लहसुन काटने के बाद चाकू से इनकी बदबू निकालने के लिए चाकू पर नींबू रगड़ें. बदबू निकल जाएगी.

* सब्ज़ी काटने वाले बोर्ड के दांतों पर जंग लग जाने पर उसकी सफ़ाई के लिए बोर्ड पर खाने का सोडा डालकर ब्रश से साफ़ करें. बोर्ड चमक उठेगा.

* खाना बनाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धो लें. इसी तरह कच्ची सब्ज़ियां व नॉनवेज आइटम छूने या साफ़ करने के बाद भी हाथ अच्छी तरह से धो लें. खाना बनाने से तुरंत पहले प्लेटफॉर्म यानी खाना बनाने वाली जगह को डिसइंफेक्टेड क्लीनर से अच्छी तरह से साफ़ कर लें.

* सलाद, फल व सब्ज़ियों को इस्तेमाल करने से पहले उन्हें पानी से अच्छी तरह धोकर मिट्टी व धूल इत्यादि ठीक से साफ़ कर लें. कच्ची सब्ज़ियों या अन्य किसी भी तरह के कच्चे खाने को पके भोजन से दूर रखें.

* नॉनवेज फूड, जैसे-मीट या चिकन को अच्छी तरह पकाएं. अगर खाना तुरंत नहीं खाना है या खाने में बहुत व़क़्त है तो खाना बनाने के एक घंटे के भीतर ही खाने को ठंडा करके फ्रिज में रख दें.

* पके हुए खाने को एक बार से ज़्यादा न गरम करें. फ्रिज से निकाले हुए खाने को दोबारा फ्रिज में रखने से बचें. अगर खाना ज़्यादा मात्रा में बन गया हो, तो उतना ही गरम करें, जितने की ज़रूरत है. खाने को एयरटाइट बॉक्स या फिर ज़िप लॉक में बंद करके रखें. खाना जल्दी ख़राब नहीं होगा और फ्रेशनेस भी बरक़रार रहेगी. फ्रिज को 37 फॉरेनहाइट या उससे कम तापमान पर ही सेट करें. डीप फ्रिजर को 0 फॉरेनहाइट पर रखें, इससे जर्म्स नहीं फैलेंगे.

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* सब्ज़ी काटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कटिंग बोर्ड में बैक्टीरिया पनपने का सबसे अधिक ख़तरा होता है. अत: इसकी सफ़ाई व रख-रखाव पर विशेष ध्यान दें. कटिंग बोर्ड पर मीट, चिकन या अन्य किसी तरह का नॉनवेज आइटम काटने के बाद उसे गरम पानी में 1 टीस्पून क्लोरीन ब्लीच डालकर अच्छी तरह से साफ़ करें.

* कीट-पतंगों को किचन से दूर रखने के लिए नारंगी के सूखे छिलके बहुत उपयोगी साबित होते हैं. इसके लिए नारंगी के सूखे छिलकों को कपड़े में लपेटकर 3-4 जगहों पर रख दें.

* चींटियों से छुटकारा पाना चाहती हैं तो बोरेक्स पाउडर में हल्दी मिलाकर प्रभावित स्थान पर रख दें. चींटियां भाग जाएंगी.

* कॉक्रोच भगाने के लिए बोरिक पाउडर में दूध और चुटकीभर शक्कर मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे कॉक्रोच वाली जगह पर रगड़कर लगा दें. कॉक्रोच से छुटकारा मिल जाएगा.

* गुड़, शक्कर व अन्य मीठे खाद्य पदार्थों को चींटियां लगने से बचाने के लिए उस स्थान पर कैस्टर ऑयल लगा दें. चींटियां नहीं आएंगी.

* फ्लास्क को एकदम साफ़ करने और खरोंच हटाने के लिए उसमें पानी भरें और पुराने अख़बार के छोटे-छोटे टुकड़े डाल दें. रातभर रखें और सुबह धो दें.

* फ्लास्क से आने वाली बदबू निकालने के लिए उसमें गरम पानी और 3 टीस्पून विनेगर डालकर थोड़ी देर छोड़ दें. फिर ठंडे पानी से धो दें.

15 सिल्क केयर टिप्स (15 Silk Care Tips)

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सिल्क के कपड़ों की शाइन बनाए रखने के लिए स्पेशल केयर की ज़रूरत होती है, अतः इन्हें धोते समय कुछ बातों का ध्यान रखें.

1. मशीन की धुलाई से सिल्क के कपड़े जल्दी ख़राब होते हैं, इसलिए सिल्क के कपड़ों को हाथ से धोएं या ड्राईक्लीन कराएं.

2. सिल्क के कुछ कपड़ों का रंग छूटने का डर रहता है इसलिए पानी में भिगोने से पहले कपड़े को कॉर्नर पर भिगोकर जांच कर लें.

3. सिल्क के कपड़े धोने के लिए प्रोटीनयुक्त शैंपू का प्रयोग करें.

4. सिल्क के कपड़ों को विनेगर में भिगोएं. इससे कपड़ों पर साबुन का विपरीत असर नहीं पड़ेगा और दाग़-धब्बे भी आसानी से निकल जाएंगे. कपड़ों से विनेगर की महक दूर करने के लिए कपड़े साफ़ करने के बाद साफ़ पानी से धोएं.

5. सिल्क के कपड़ों को धोने के बाद उन्हें बिना निचोड़े ही सुखाएं.

6 सिल्क के कपड़े ख़ासकर साड़ियों पर स्टार्च लगाने के लिए लिक्विड गम का प्रयोग करें.

7. कपड़ा जब हल्का गीला हो तभी आयरन कर लें. इससे कपड़े की चमक और बढ़ जाती है.

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8. बुरी तरह सिकुड़े सिल्क के कपड़ों को स्टीमर के नीचे रखकर ठीक करें.

9. सिल्क के कपड़ों पर लगे दाग़-धब्बे छुड़ाने के लिए हार्ड केमिकल का प्रयोग न करें. इसके लिए बाज़ार में उपलब्ध केमिकल का प्रयोग करें.

10. सिल्क की साड़ी को हमेशा मलमल या सूती कपड़े में लपेटकर रखें.

11. कुछ महीनों के अंतराल पर साड़ी को थोड़ी देर के लिए धूप दिखाएं, इससे साड़ी से बदबू नहीं आएगी.

12. कभी भी सिल्क साड़ियों को लोहे या फिर लकड़ी के हैंगर पर टांगकर न रखें, इससे उनमें रिएक्शन होने की संभावना हो सकती है.

13. सिल्क के कपड़ों को धोने से पहले हमेशा लेबल पढ़ें, यदि उस पर ड्राईक्लीन के लिए लिखा है, तो उन्हें घर पर धोने की ग़लती न करें, वरना कपड़ों की शाइन चली जाएगी.

14. सिल्क के कपड़ों को ड्रायर में डालने की ग़लती न करें.

15. सिल्क के कपड़ों को हमेशा अलग धोएं, इन्हें बाकी कपड़ों के साथ धोने की ग़लती न करें.

फिश टैंक केयर (Fish Tank Care)

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अक्सर लोग बड़े शौक़ से फिश टैंक ख़रीद तो लेते हैं, लेकिन सफ़ाई व देखभाल में लापरवाही के कारण ख़ूबसूरत मछलियां ज़्यादा दिनों तक ज़िंदा नहीं रह पातीं. फिश टैंक को मेंटेन करना बहुत मुश्क़िल नहीं है, बस ज़रूरत है थोड़ा ध्यान देने की. घर की साफ़-सफ़ाई से रोज़ाना थोड़ा-सा व़क़्त निकालकर फिश टैंक को क्लीन रखा जा सकता है.

 

फिश टैंक को कहां रखें और उसकी सफ़ाई के दौरान किन बातों का ध्यान रखें? आइए, जानते हैं.

प्लेसमेंट

अगर टैंक किसी ऐेसी जगह रखा है, जहां आसानी से हाथ नहीं पहुंचता, तो रोज़ाना उसकी सफ़ाई करना थोड़ा मुश्क़िल होगा. अत: फिश टैंक ऐसी जगह पर रखें, जहां से उसे आसानी से साफ़ किया जा सके और धूल-गंदगी भी जल्दी न जमे, जैसे- खिड़की या दरवाज़े के पास न रखें, क्योंकि इन जगहों पर धूल ज़्यादा जमती है.

साइज़

छोटे टैंक की बजाय बड़े टैंक को साफ़ करना ज़्यादा आसान होता है, क्योंकि इसमें पानी ज़्यादा होता है, जिससे मछलियों की वेस्ट व गंदगी बड़े एरिया में फैलती है और इसका मछलियों पर उतना बुरा प्रभाव नहीं पड़ता.

फिल्टरेशन सिस्टम

फिश टैंक को क्लीन रखने में फिल्टर सिस्टम का ठीक होना बहुत ज़रूरी है. फिल्टर टैंक की गंदगी को बाहर निकालकर इसे क्लीन रखता है.

फीडिंग हैबिट

अधिकतर लोग मछलियों को ज़रूरत से ज़्यादा खिला देते हैं. ज़्यादा खाना डालने से टैंक में ज़्यादा गंदगी फैलती है. अत: टैंक में उतना ही खाना डालें जितना मछलियां एक बार में खा सकें.

फिश की संख्या

एक मछली को क़रीब 3.8 लीटर पानी की आवश्यकता होती है, इसलिए आप यदि 10 मछलियां रखना चाहती हैं तो टैंक की कैपेसिटी 38 से 40 लीटर की होनी चाहिए.

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डेली केयर

* रोज़ाना हर एक मछली को चेक करें, अगर कोई मछली मर गई हो तो उसे तुरंत बाहर निकाल दें. मरी हुई मछली निकालने के लिए छोटे नेट का इस्तेमाल करें.
* इलेक्ट्रिक प्लग को चेक करें. घर में यदि छोटे बच्चे या दूसरे पालतू जानवर हों तो इस बात पर विशेष ध्यान दें.
* इस बात की तसल्ली कर लें कि फिश टैंक में सब कुछ बराबर चल रहा है या नहीं.
* बचे हुए खाने को हर आधे धंटे में बाहर निकाल दें. इससे टैंक बिल्कुल साफ़ रहेगा.

वीकली केयर

* फिश टैंक से मुरझाए हुए पौधों को काट दें.
* फिश टैंक के पौधों को साफ़ करने के लिए बाज़ार में आसानी से उपलब्ध स्क्रबर का प्रयोग करें. यदि आपके पास स्क्रबर नहीं है तो नायलॉन स्पंज का भी इस्तेमाल कर सकती हैं.
* टैंक के पानी को बदल दें.
* टैंक के कंकड़ को भी साफ़ करें. इसके लिए कंकड़ साफ़ करने के लिए उपलब्ध क्लीनर का इस्तेमाल करें.

मंथली केयर

* फिल्टर ट्यूब को साफ़ करें. ट्यूब साफ़ करने के लिए फिल्टर ब्रश का इस्तेमाल करें.
* ग्लास क्लीनर से टैंक का ग्लास साफ़ करें.
* गीले कपड़े से टैंक के ऊपरी व बाहरी हिस्से को साफ़ करें.
* टैंक की सजावट के लिए इस्तेमाल की गई चीज़ों को धोकर कर साफ़ करें.
* अगर ज़रूरत पड़े तो फिल्टर को रिप्लेस करें.

मिनटों में छुड़ाएं ज़िद्दी दाग़ ( Deliver stubborn stain in minutes)

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कपड़ों पर किसी भी तरह का दाग़ लगने पर यदि आप भी परेशान हो जाती हैं, तो अब टेंशन छोड़िए, क्योंकि हम बता रहे हैं दाग़-धब्बे छुड़ाने के आसान तरीक़े.

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लिपस्टिक के दाग़

* कपड़े पर यदि लिपस्टिक का दाग़ लग गया है तो उस जगह पर थोड़ी-सी कोल्ड क्रीम लगा कर रगड़ें, फिर सोडा वॉटर से धो दें.
* लिपस्टिक के दाग़ वाला कपड़ा यदि स़फेद रंग का है, तो दाग़ वाले हिस्से को कुछ देर नींबू के रस में भिगोकर रखें, फिर धोएं.

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ग्रीस के दाग़

* पहले चाकू से जितना ग्रीस छूट सके छुड़ा लें, फिर दाग़ पर फेस पाउडर छिड़कें. पाउडर ग्रीस में मौजूद ऑयल को सोख लेगा और दाग़ सूख जाएगा. अब अपने रेग्युलर डिटर्जेंट का पेस्ट बनाएं और उसे दाग़ पर लगाएं. 10 मिनट बाद गरम पानी से धोएं, दाग़ छूट जाएगा.

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मिट्टी-कीचड़ के दाग़

* यदि कपड़ों पर मिट्टी के दाग़ लग जाएं तो मिट्टी को सूख जाने दें. इसके बाद उसे सूखे ब्रश से झाड़ दें. फिर एक बर्तन में आलू उबालें और उबालने के बाद के बचे हुए पानी से दाग़ वाली जगह को धोएं.
* यदि दाग़ फिर भी नहीं मिटता तो दाग़ वाली जगह को बाज़ार में उपलब्ध अमोनिया सॉल्यूशन में आधा टीस्पून बोरेक्स मिलाकर धोएं, दाग़ निकल जाएगा.

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स्याही के दाग़

* कपड़ों पर लगे स्याही के दाग़ हटाने के लिए दाग़ वाली जगह को स्याही मिटाने वाले रबर से रगड़ें. यदि तब भी दाग़ न मिटे, तो नेल पॉलिश रिमूवर से हटाने की कोशिश करें. कपड़े पर लगाने से पहले नेल पॉलिश रिमूवर को कपड़े के एक छोटे-से हिस्से पर लगाकर यह देख लें कि कहीं इससे कपड़े को नुक़सान तो नहीं पहुंचेगा. फिर भी दाग़ न निकलें तो कपड़े को क्लोरीन ब्लीच से ब्लीच करें.
* स्याही के ज़िद्दी दाग़ छुड़ाने के लिए दाग़ वाले हिस्से को नमक मिले नींबू पानी में रातभर भिगोकर रखें. सुबह कपड़े को गरम पानी और डिटर्जेंट सॉल्यूशन से धोएं.
* यदि स्याही का दाग़ आपके शरीर पर कहीं लग गया है तो माचिस की तीली के मसाले वाले सिरे को पानी में भिगोकर उस हिस्से पर धीरे-धीरे रगड़ें, दाग़ निकल जाएगा.

पेस्ट कंट्रोल के नेचुरल तरी़के (natural pest control)

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घर में पेस्ट कंट्रोल कराने के लिए यदि बार-बार एक्सपर्ट को बुलाना संभव न हो, तो ये काम आप ख़ुद ही कर सकती हैं. क्या हैं पेस्ट कंट्रोल के नेचुरल तरीक़े? आइए, जानते हैं.

 

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कॉक्रोच

– कॉक्रोच भगाने के लिए बेकिंग सोडा और पिसी हुई शक्कर को बराबर मात्रा में मिलाकर निकासी वाली जगह पर छिड़कें.
– बेकिंग सोडा, आटा और पिसी हुई शक्कर को बराबर मात्रा में मिलाकर गूंधें. इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर अलमारी, शेल्फ़ आदि पर चिपका दें.

मच्छर

– मच्छरों को भगाने के लिए गहरे रंग के खुले बर्तन में हल्के गरम पानी में कपूर डालकर खुला छोड़ दें.
– नीली लो वोल्टेज़ ट्यूबलाइट से भी मच्छर दूर
भागते हैं.
– घर में हमेशा जालीदार खिड़कियां व दरवाज़े लगवाएं. कूलर और पानी की टंकी को समय-समय पर साफ़ करती रहें.

चींटियां

– पानी में विनेगर मिलाकर किचन के फर्श को पोंछें.
– किचन के प्रवेशद्वार पर चॉक (बाज़ार में उपलब्ध) से लाइन खींचें, इससे चीटियां दूर रहती हैं.
– चीटियां निकलने वाली जगह पर नींबू का रस डालें.

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छिपकली

– खिड़की पर अंडे के छिलके टांगने से छिपकलियों को दूर रखा जा सकता है.
– घर के कमरों के प्रवेश द्वार पर चॉक (बाज़ार में उपलब्ध) से लाइन खींचें.

चूहे

– किचन के आसपास चूहेदानी रखें.
– गैस पाइपलाइन और ड्रेनेज को सील कर दें.
– खाने-पीने की चीज़ों को हमेशा ढंक कर रखें.

कीड़े-मकोड़े

– नींबू और हरी मिर्च को धागे में पिरो कर घर के दरवाज़े और खिड़कियों पर टांगें.
– किचन के आसपास तुलसी और पुदीने के पौधे लगाएं.

10 नेचुरल क्लीनर ( 10 Natural Cleaners)

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साफ़-सफ़ाई के लिए हमेशा बाज़ार में मिलने वाले सॉल्युशन्स और डिटर्जेंट पर निर्भर रहने की बजाय आप घर में ही मौजूद चीज़ों का इस्तेमाल कर सकती हैं.

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1. नींबू- नींबू में पाया जाने वाला सिट्रिक एसिड नेचुरल ब्लीच का काम करता है. इससे कई तरह के दाग़ छुड़ाए जा सकते हैं.
* यदि तांबे के बर्तन में गैस या स्टोव के इस्तेमाल से कालिख लग गई है तो नींबू और नमक मिलाकर रगड़ें तांबा चमक जाएगा.
* आपके प्लास्टिक के टिफिन में तेल के दाग़ लगे हैं और बदबू आ रही है तो टिफिन को नींबू के रस में रातभर डुबोकर रखें और अगले दिन बेकिंग सोडा से साफ़ कर लें.
* नींबू के रस में नमक और साबुन का घोल मिलाकर किचन सिंक की सफ़ाई की जा सकती है.
* दरवाज़े, ख़िड़कियों पर लगे स़फेद पानी के दाग़ को आप नींबू से साफ़ कर सकती हैं.

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2. नमक- नमक न सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि क्लींज़िंग एजेंट का काम भी करता है.
* बाथरूम, बाथटब या टॉयलेट सीट पर पीले दाग़ पड़ गए हैं, तो उसे नमक और तारपीन के तेल से छुड़ाया जा सकता है.
* लोहे के बर्तन में लगे दाग़ छुड़ाने के लिए नमक में गरम पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं और इससे बर्तन साफ़ करें.
* यदि जींस ज़्यादा गंदी है तो एक बाल्टी पानी में एक चम्मच नमक डालकर जींस को 10-15 मिनट के लिए रखें. इससे जींस का कलर भी नहीं जाएगा.
* कारपेट पर यदि दाग़ लग गया है, तो दाग़ वाली जगह पर नमक छिड़कें और गीले कपड़े से रगड़कर पोंछ दें.

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3. बेकिंग सोडा- खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाला बेकिंग सोडा सफ़ाई के भी काम आता है.
* माइक्रोवेव के अंदर के दाग़-धब्बे साफ़ करने के लिए बेकिंग सोडा में नींबू का रस मिलाकर स्क्रब करें.
* किचन स्लैब जहां आप खाना बनाती हैं वहां जमी चिकनाई और गंदगी को साफ़ करने के लिए उस जगह पर गुनगुने पानी में सोडा मिलाकर डालें. 10 मिनट बाद स्क्रब से साफ़ कर लें.
* जले बर्तन को साफ़ करने के लिए साबुन मिले पानी में बेकिंग सोडा मिलाएं. इस घोल को जले बर्तन में डालकर रातभर छोड़ दें. सुबह रगड़कर धो लें, बर्तन चमक जाएंगे.
* कारपेट साफ़ करने के लिए पूरे कारपेट पर थोड़ी मात्रा में सोडा छिड़कें और वैक्यूम क्लीनर से साफ़ कर लें. कारपेट से बदबू चली जाएगी.
* गरम पानी में सोडा और साबुन का घोल मिलाकर सिंक और बेसिन की सफ़ाई करें.

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4. आलू- आलू न स़िर्फ खाने में वैरायटी लाता है, बल्कि साफ़-सफ़ाई के काम भी आता है.
* आलू की स्लाइस काटकर जंग लगे सामान पर घिसें, ये जंग को काटकर उसे बिल्कुल साफ़ कर देगा.
* आलू की स्लाइस काटकर कांच पर रगड़ने से कांच साफ़ हो जाता है.
* चांदी साफ़ करने के लिए जिस पानी में आलू उबाला गया है उसमें गहने या बर्तन को 20 मिनट तक रखें. चांदी चमक जाएगी.
* यदि घर में कांच का कोई सामान नीचे गिरकर टूट जाए, तो कांच के बड़े टुकड़े उठा लीजिए और बारीक़ टुकड़े बटोरने के लिए आलू की स्लाइस काटकर उस जगह पर रगड़ें जहां सामान गिरा है, इससे कांच के टुकड़े आलू में फंस जाएंगे.

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5. इमली- इमली का इस्तेमाल भी खाने के साथ ही सफ़ाई के काम के लिए भी होता है.
* चांदी के अलावा अन्य मेटल ज्वेलरी जिसे साबुन से साफ़ करना मुश्किल होता है, उसे इमली से साफ़ किया जा सकता है. इमली मिले पानी में ज्वेलरी डाल दीजिए सारी गंदगी निकल जाएगी.
* पीतल और तांबे के बर्तन और अन्य उपकरणों को इमली के गूदे से साफ़ करें.
* जंग लगे हुए मेटल के नल पर इमली का गूदा रगड़ें, नल साफ़ हो जाएगा.
* किचन की चिमनी को इमली के पानी से साफ़ करें.

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6. पुराने अख़बार- पुराने अख़बार को बेकार समझकर यदि आप रद्दी में बेच देती हैं, तो अब से ऐसा मत कीजिए, क्योंकि अख़बार से कांच साफ़ करने के साथ ही आप इसे कई और कामों में इस्तेमाल कर सकती हैं.
* कांच के बर्तन और अन्य सामान की सफ़ाई पेपर से करें. इसके लिए पेपर को पानी में भिगोएं और उससे सफ़ाई करें.
* यदि आपके जूते गीले हैं या डेस्क पर पानी/चाय गिर गई है तो उसे सुखाने के लिए पेपर का इस्तेमाल करें. पेपर पानी को जल्दी सोख लेता है.
* हरी सब्ज़ियों को ताज़ा रखने के लिए उन्हें पेपर में लपेटकर रखें.

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7. विनेगर- चाइनीज़ व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाला विनेगर यानी सिरका भी बड़े काम की चीज़ है.
* सिरके के घोल में कपड़ा डुबोकर बाथरूम की टाइल्स और गंदी खिड़कियों को आसानी से साफ़ किया जा सकता है.
* 1/4 कप विनेगर और 1 कप पानी को माइक्रोवेव प्रूफ बाउल में भरकर 5 मिनट हाई माइक्रो करें. विनेगर और पानी के भाप से माइक्रोवेव से आ रही दुर्गंध दूर हो जाएगी और दाग़-धब्बे हल्के हो जाएंगे.
* विनेगर और पानी के मिश्रण के ठंडा होने पर इसमें कपड़ा या स्पंज डुबोकर माइक्रोवेव सरफेस, डोर और बाकी हिस्सों को साफ़ करें.

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8. टूथपेस्ट ट्रिक्स- सुबह-सुबह दांतों को साफ़ करने वाला टूथपेस्ट किचन की सफ़ाई के काम भी आता है.
* किचन की दीवारों को साफ़ करने के लिए आप टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर सकती हैं.
* गीले कपड़े में टूथपेस्ट लगाएं और उससे दीवार को रगड़ें. चिकनाई लगी दीवार झट से साफ़ हो जाएगी.

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9. बोरेक्स- बोरेक्स से आप किचन को मिनटों में चमका सकती हैं.
* 1 कप बोरेक्स में 1/4 कप नींबू का रस मिलाएं और पेस्ट तैयार करें. अब इस पेस्ट से प्लेटफॉर्म, स्लैब, फर्श आदि साफ़ करें.

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10. हाइड्रोजन पैराक्साइड- किचन प्लेटफॉर्म और टाइल्स को साफ़ करने के लिए आप हाइड्रोजन पैराक्साइड यूज़ कर सकती हैं.
* सबसे पहले फर्श/प्लेटफॉर्म पर हाइड्रोजन पैराक्साइड की कुछ बूंदें स्प्रे करें और फिर साफ़ कपड़े से पोंछें.
* इससे ज़िद्दी से ज़िद्दी दाग़ भी आसानी से निकल जाएगा.

कैसे बनाएं बाथरूम को हाइजीनिक? (How to maintain bathroom hygiene)

How to maintain bathroom hygiene

How to maintain bathroom hygiene

घर के बाकी हिस्सों की तरह ही बाथरूम का साफ़-सुथरा वो जर्म फ्री (How to maintain bathroom hygiene) होना ज़रूरी है. बाथरूम की सफ़ाई के लिए ट्राई करें ये आसान क्लीनिंग टिप्स.

– बाथरूम व टॉयलेट में कीटाणु फैलने की संभावना बहुत अधिक होती है, अत: इनकी नियमित सफ़ाई ज़रूरी है. टॉयलेट बाउल को डिसइंफेक्टेड क्लीनर से साफ़ करें. टॉयलेट ब्रश को इस्तेमाल करने के बाद अच्छी तरह से धोकर किसी साफ़ और सूखे स्थान पर रखें.

– बाथरूम शॉवर, सिंक इत्यादि को भी इस्तेमाल करने के बाद धो दें. शॉवर के अंदर भी जर्म्स पनपने के चांसेस होते हैं. अत: यदि आप उसका इस्तेमाल नहीं कर रही हैं, तो भी समय-समय पर उसे थोड़ी देर के लिए चलाती रहें.

– टूथब्रश को इस्तेमाल करने के बाद अच्छी तरह धो कर सूखे स्थान पर रखें. इसे हर तीन महीने में बदलती रहें.

– गीले तौलिए में भी बैक्टीरिया पनपने की संभावना होती है. अत: टॉवल को हर दूसरे दिन धोएं. बीमार व्यक्ति के लिए अलग से टॉवल रखें. अपना टॉवल किसी के साथ शेयर न करें और एक बार इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह से सूखने के बाद ही दुबारा इसका इस्तेमाल करें.

– बाथरूम आपके घर का सबसे छोटा कमरा है, फिर भी यही वह जगह है, जहां सबसे ़ज़्यादा टॉक्सिक केमिकल्स और जर्म्स होते हैं. दीवारों से पानी का रिसाव (लीकेज) और सिलिंग पर जमी मिट्टी घातक माइक्रो ऑर्गेऩिज़्म हैं. ये बैक्टीरिया व वायरस को पनपने में मदद करते हैं. इससे निकलने वाले केमिकल्स से अस्थमा व एलर्जी हो सकती है.

– बाथरूम को जहां तक हो सके, सूखा रखने की कोशिश करें. बाथरूम का इस्तेमाल करने के बाद एग्जॉस्ट फैन चलाएं.

– सोप केस यानी साबुनदानी में सबसे ज़्यादा बैक्टीरिया जमा होते हैं. इन्हें गरम पानी व डिटर्जेंट से साफ़ करें और सुखाकर रखें. बाथरूम का दरवाज़ा इस्तेमाल के बाद खोल दें ताकि हवा आती रहे.

– बाथरूम में ऐसी टाइल्स लगाएं, जिनमें फिसलने का डर न रहे. इसके लिए रबर मैट का इस्तेमाल करें.

– एयर फ्रेशनर, सेंटेड कैंडल्स, अगरबत्ती आदि बाथरूम में न रखें, इनसे एयर पॉल्यूशन होता है.

– नल के टैप, रिम को रोज़ाना डिसइंफेक्टेड लिक्विड से साफ़ करें.

– बाथरूम व टॉयलेट के नालों को उबले हुए पानी में 2 टेबलस्पून बेकिंग सोडा डालकर साफ़ करें. नाले में नैपथलीन की गोलियां डालें, इससे कॉकरोच नहीं आते, लेकिन कई लोगों को इन गोलियों से एलर्जी हो सकती है.

– यदि फर्श बहुत गंदा है, तो ब्लीचिंग पाउडर छिड़कें और रगड़कर साफ़ करें.

– खिड़कियां साफ़ करने के लिए पुराने टूथब्रश का इस्तेमाल करें. टूथब्रश को साबुन के घोल में डुबोकर उससे खिड़कियां साफ़ करें.

– 500 मि.ली. सिरके में नींबू का रस और नमक मिलाकर कमोड में डालें. सारी गंदगी साफ़ हो जाएगी और कमोड चमकने लगेगा.

– टॉयलेट सीट साफ़ करने के लिए सीट पर पहले बेकिंग सोडा छिड़कें. फिर सिरके की कुछ बूंदें डालकर 1 घंटे के लिए छोड़ दें. अब पानी की तेज़ धार से सीट साफ़ कर दें. सारे कीटाणु और बदबू दूर हो जाएगी.

– बाथरूम में फ़ालतू का कचरा जमा न करें. शैम्पू व फेसवॉश की खाली बोतल, साबुन का रैपर आदि फेंक दें. सोप केस (साबुनदानी) और ब्रश रखने वाले बास्केट की भी नियमित सफ़ाई करें.

– बाथरूम के बेसिन को साफ़ करने के लिए नींबू काटकर उसमें ढेर सारा नमक लगाएं और इसे बेसिन पर एक बार रगड़ें. 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लीजिए, बेसिन चमकने लगेगा.

– शायद ही आपने नल की सफ़ाई पर ध्यान दिया हो. लगातार इस्तेमाल के कारण नल की चमक फीकी पड़ गई है, तो रूई को सिरके में डुबोकर नल को साफ़ करें. हफ़्ते में दो बार ऐसा करने पर नल चमकने लगेगा.

– यदि बाथरूम के टाइल्स पर कोई दाग़ लगा है, तो वहां कटा आलू रगड़ें और 15 मिनट बाद गरम पानी से धो दें.

 

23 ईज़ी फर्नीचर क्लीनिंग सोल्यूशन (23 Easy Furniture Cleaning Solution)