Home decor

बदलते मौसम में ही नहीं बल्कि हमेशा ही होम हाइजीन बेहद ज़रूरी होती है ताकि घर रहे सुरक्षित और कीटाणु मुक्त औरहम रहें हेल्दी. यहां हम होम हाइजीन के वो आसान टिप्स बता रहे हैं जो पता तो हम सबको होते हैं लेकिन कभी लापरवाहीके चलते तो कभी समय ना होने का बहाना करके हम उन्हें नज़रअंदाज़ करते रहते हैं. बेहतर होगा आप इन्हें अपनाकरसुरक्षित रहें और घर को हेल्दी रखें.

  • सबसे पहले डोर हाइजीन ज़रूरी है. घर के बाहर डोर मैट ज़रूर रखें वो भी अच्छी क्वालिटी का. 
  • उसे समय समय पर क्लीन करें. 
  • डोरबेल को सैनिटाइज़ करें नियमित रूप से क्योंकि उसे कई तरह के लोग छूते हैं और उनके ज़रिए कीटाणु घर में याहमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.
  • दरवाज़े को भी क्लीन करें. एंटीबैक्टीरियल स्प्रे से दरवाज़े को साफ़ करें. 
  • घर में नियमित रूप से डस्टिंग करें, ताकि धूल मिट्टी ना जम पाए और आपको हेल्दी माहौल मिले.
  • सीलिंग और दीवारों को साफ़ रखें ताकि मकड़ी जाले ना बना पाए.
  • पंखों की सफ़ाई भी उतनी ही ज़रूरी है.
  • एसी की सर्विसिंग भी नियमित रूप से करवाएँ.
  • सोफ़ा कवर और बेडशीट्स भी समय समय पर धोएँ क्योंकि उनमें भी कीटाणु पनप कर आपको बीमार कर सकते हैं.
  • तकिए के कवर की भी सफ़ाई करें. इन सबको क्लीन करें. अगर वैक्यूम क्लीनर नहीं हो तो झाड़पोंछकर बिछाएँ बिस्तर.
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  • इसी तरह से फ़र्नीचर और बाक़ी के समनों की भी डस्टिंग करें.
  • घर में बर्तन या बाल्टी में पानी भरकर ना रखें, जमा पानी में मछर-मक्खी पनप कर कई बीमारी दे सकते हैं.
  • बाथरूम को भी गीला ना रखें. नहाने के बाद उसे सूखा कर दें.
  • बाल्टी और मग प्लास्टिक के होते हैं उन्हें नियमित रूप से बदलते रहें और उन्हें साफ़ भी करते रहें.
  • नल और बेसिन को भी साफ़ करते रहें. बेसिन में फिनाइल की गोलियाँ डालकर रखें.
  • टूथब्रश एरिया को भी साफ़ करते रहें. वहाँ की सफ़ाई को भी लोग नज़रअंदाज़ करते हैं.
  • परदों की सफ़ाई का भी ख़्याल रखें. 
  • खिड़कियाँ खुली रखें ताकि सूरज की रोशनी व ताज़ा हवा आ सके.
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  • सूरज की रोशनी से भी कीटाणु मरते हैं और ताज़ा हवा आपको फ्रेश फील देती है.
  • किचन की सफ़ाई का भी पूरा ध्यान रखें क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण जगह होती है.
  • खाना बनाने से पहले बरतों को धोकर इस्तेमाल करें क्योंकि रात को कोकरोच बरतनों पर घूमकर उनमें संक्रमणछोड़ सकते हैं और आपको बीमार कर सकते हैं.
  • सब्ज़ियों को धोकर बनाएँ.
  • कटिंग बोर्ड को साफ़ रखें. नॉनवेज के लिए अलग से बर्तन व कटिंग बोर्ड रखें.
  • फ्रिज को समय समय पर साफ़ करें और उसमें सामान ठूँसकर ना भरें. अक्सर लोग ऐसा करते हैं और सालों तकफ्रिज की सफ़ाई तक नहीं करते.
  • किचन में एग्ज़ॉस्ट फैन ज़रूर होना चाहिए. सही वेंटिलेशन हेल्दी कुकिंग के लिए ज़रूरी है.
  • किचन सिंक की सफ़ाई भी उतनी ही ज़रूरी है. सिंक में खाने के कण जमा ना होने दें.
  • बाथरूम और टॉयलेट को भी नियमित रूप से साफ़ करें. सिर्फ़ साबुन-पानी से धोकर चमकाना ही ज़रूरी नहीं बल्किडिसइंफ़ेक्ट करना भी बेहद ज़रूरी है.
  • तौलिए भी साफ़ रखें. उन्हें भी नियमित रूप से धोएँ.
  • अलमारी को समय समय पर साफ़ करें और उसमें फिनाइल की गोलियाँ रखें.
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  • फर्नीचर के पीछे और नीचे भी काफ़ी कचरा जमा हो जाता है इसलिए ज़रूरी है कि उन्हें हटाकर वहाँ की सफ़ाई कीजाए.
  • शूरैक की सफ़ाई को अक्सर लोग नज़रअंदाज़ करते हैं लेकिन वहाँ भी काफ़ी कीटाणु पनपते हैं इसलिए उसकाध्यान रखें.
  • खिड़कियों के आसपास भी मकड़ी के जाले बन जाते हैं इसलिए वहाँ की सफ़ाई को भूलें नहीं.
  • बालकोनी को स्टोर रूम ना बना दें. उसे क्लीन रखें और ध्यान रहे कि वहाँ से मछर-मक्खी अंदर ना आएँ इसलिएज़रूरी उपाय करें.
  • अगर किसी रूम की दीवार में सीलन आती है तो इसे फ़ौरन ठीक करवाएँ क्योंकि इससे सांस की बीमारी हो सकतीहै और जिनको अस्थमा है उनकी तकलीफ़ बढ़ सकती है.
  • दरवाज़ों में या किसी भी चीज़ पर ज़ंग लगा हो तो उसके उपाय करें क्योंकि यह ख़तरनाक हो सकता है.
  • मेटल्स की नियमित सफ़ाई करते रहें और घर में मेटल क्लीनर रखें.
  • इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि हर जगह के कलीनिंग प्रोडक्ट्स आपके पास होने चाहिए, चाहे फ्लोर हो, किचनहो, बाथरूम, डिशवाश सोप, हैंडवाश, फिनाइल, फिनाइल और कपूर की गोलियाँ आदि.
  • पोछा और किचन का नैपकिन भी क्लीन रखें, इन्हें समय समय पर बदलते भी रहें.
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  • स्टोर व कंटेनर्स हो सके तो प्लास्टिक का यूज़ ना करें और अगर करें तो उन्हें नियमित रूप से बदलते रहें.
  • यही नियम फ्रिज की बोतलों पर भी लागू होता है.
  • बहुत सारा सामान एक जगह डम्प करके ना रखें. सामान और कमरा जितना व्यवस्थित होगा उतना ही आसान होगाउन्हें साफ़ रखना.
  • कलीनिंग का एक नियम बना लें और उसी के अनुसार काम करें.
  • रात के जूठे बर्तन सुबह के लिए ना रखें. बेहतर होगा उन्हें तभी धो लें वर्ना उनमें कोकरोच, मच्छर, चींटियाँ औरमक्खी आ सकते हैं.
  • घर को इन सभी से मुक्त रखने के ज़रूरी उपाय करें.

घर पर ही बनाएँ फ्लोर क्लीनर, जानें ईज़ी रेसिपी

  • एक लीटर पानी में कपूर की गोलियाँ डालें, उसमें ३-४ चम्मच नमक और एक चम्मच विनेगर मिला लें. इसको स्टोरकर लें. जब भी इस्तेमाल करना हो एक ढक्कन क्लीनर को बाल्टी के पानी में मिला लें.
  • दो कप गर्म पानी में आधा-आधा कप वाईट वीनेगर और रबिंग अलकोहोल मिला लें. इसमें ३-४ बूँदें लिक्विड डिशसोप की मिलाकर यूज़ करें.
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  • गर्म पानी में ओलिव ऑयल और नींबू का रस मिलाकर भी क्लीनर बनाया जा सकता है.
  • नींबू का रस और विनेगर को भी पानी में मिक्स करके क्लीनर बनाया जा सकता है.
  • सबसे सिंपल है कि पोछा लगाते वक़्त बाल्टी में एक दो चम्मच नमक मिला लें. यह भी क्लीनर का काम करता है.
  • गर्म पानी में बेकिंग सोडा और विनेगर मिला लें, चाहें तो लिक्विड डिश सोप भी मिक्स कर लें.
  • आधा कप ब्लीच पानी में मिलाकर डिसइंफेक्टेंट तैयार किया जा सकता है.
  • गर्म पानी में विनेगर मिलाकर भी क्लीनर तैयार किया जा सकता है. 
  • इन क्लीनर्स में चाहें तो अपनी पसंद का एसेंशियल ऑयल भी मिक्स कर सकते हैं.

रसोईघर यानी किचन ऐसी जगह जहां स्वाद होता है, ख़ुशबू होती है और सेहत का ख़ज़ाना छिपा होता है. ऐसे में किचन का डेकोर भी तो उतना ही बेहतर और खूबसूरत होना चाहिए.

यहां हम लाए हैं किचन डेकोर के ऐसे ही स्मार्ट आइडियाज़ जो आपके किचन को सजाने में आपकी मदद करेंगे.

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यह भी पढ़ें: यूं करें मेहमान नवाज़ी… 25+ आकर्षक लिविंग रूम डेकोर आइडियाज़! (25+ Best Living Room Decoration Ideas)

घर का मुख्य कमरा होता है लिविंग रूम क्योंकि सबसे पहले लोग इसे ही देखते हैं. कोई मेहमान आ जाए तो वो लिविंग रूम देख के ही आपकी जीवनशैली और व्यक्तित्व का अंदाज़ा लगा लेते हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि लिविंग रूम आकर्षक और सकारात्मक ऊर्जा वाला हो. ख़ास आपके लिए हम लाए हैं ये डेकोर आइडियाज़ ताकि आप भी अपना घर सजा सकें.

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बेडरूम ऐसी प्राइवेट जगह होती है, जहां हम रिलैक्स करते हैं. सुकून के पल अपनों के साथ बिताते हैं. ज़ाहिर है उसका डेकोर भी ऐसा होना चाहिए कि आपको मानसिक सुकून के साथ साथ सुविधा भी महसूस हो.

बेडरूम के कलर से लेकर सजावट और फ़र्नीचर तक ऐसा होना चाहिए कि हम पॉज़िटिव महसूस कर सकें. तो यहां हम आपके लिए लाए हैं बेडरूम डेकोर आइडियाज़ जिससे आपको अपने सपनों के आशियाने को सजाने में मदद मिलेगी.

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  • घर को साफ़ सुथरा रखें. गंदगी से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है.
  • कहीं भी कचरा या कबाड़ ना रखें. दरवाज़े के पास डस्टबिन ना रखें, क्योंकि इनसे नेगेटिव एनर्जी पैदा होती है.
  • कलर थेरेपी और सायकॉलोजी का प्रयोग करें. 
  • एनर्जी देने वाले फ़्रेश कलर्स यूज़ करें. ग्रीन,ब्लू, पर्पल, येलो, ऑरेंज आदि कलर्स यूज़ करें.
  • नेगेटिव और डार्क कलर्स अवॉइड करें.
  • अरोमा थेरेपी से घर को महकायें.
  • घर में क्रिस्टल्स रखें.
  • सही वेंटिलेशन हों.
  • प्लांट रखें.
  • लाइटिंग डल ना हो.
  • कहीं सीलन या लीकेज ना हो, अगर हो तो जल्द से जल्द ठीक करवायें.
  • दरवाज़े आवाज़ ना करते हैं aur ना ही रगड़ खाते हों.
  • दीवारों में दरार हो तो भरवा लें.
  • ख़ुशनुमा यादों से घर को सजायें, फ़ैमिली फ़ोटो, हंसते हुए चित्र यानी हैपी मोमेंट्स घर की दीवारों पर भी सजे हों.
  • शेल्फ बनवाकर उसमें बुक्स और डेकोरेटिव पीसेज़ रखें, बुक्स रखें और लाइटिंग अरेंज्मेंट करवायें.
  • घर में अंधेरा ना हो, नैचुरल सनलाइट घर में आए इसका ध्यान रहे.
  • अक्वेरीयम रखें. यह समृद्धि लाता है. 
  • मेन डोर को फ़ेस करता हुआ पेड़, पोल या पिलर ना हो.
  • किचन में दवाएँ ना रखें.
  • टूटे बर्तन, रुकी हुई घड़ी या ख़राब इलेक्ट्रॉनिक आइटम घर में ना रखें.
  • बाथरूम का दरवाज़ा बंद रखें.
  • किचन को फ़ेस करता हुआ टॉयलेट ना हो.
  • दीवारों पर अकेलापन, क्रोध, लड़ाई या हताशा वाले चित्र, पैंटिंग्स ना लगायें.
  • फ़र्निचर के कोने बहुत शार्प ना हों, वो टूटा ना हो, हिलने डुलने पर आवाज़ ना करता हो इसका ध्यान रहे.
  • अगर घर को रॉयल लुक देना चाहते हैं तो वाइट और क्रीम यूज़ करें. ये रंग सॉफ़्ट, सूदींग और पॉज़िटिव होता है, जोआपके मन मस्तिष्क और मूड को शांत रखने में सहायता करता है.

Ways To Beat The Heat

ऐसे बीट करें समर हीट को (Best Ways To Beat The Summer Heat)

गर्मी का मौसम (Summer Season) सुहाना तो नहीं लगता, लेकिन आप समर हीट (Summer Heat) को बीट करने के कुछ ट्रिक्स (Tricks) यूज़ कर सकते हैं, जिससे आप इस मौसम को भी ख़ुशगवार बना सकते हैं.

1. अपना दिन प्लान करें: कितने बजे उठना है और सुबह-सुबह क्या-क्या करना है, इसकी प्लानिंग करें, कुछ काम जो सुबह हो सकते हैं और कुछ काम जो सूरज छिपने के बाद किए जा सकते हैं, उनकी लिस्ट तैयार कर लें, क्योंकि इन दोनों ही समय पर गर्मी कम होती है.

2. जल्दी उठें और वॉक के लिए जाएं: गर्मियों में जल्दी उठने का नियम बना लें, क्योंकि उस व़क्त मौसम सच में सुहाना और ठंडा होता है. मंद-मंद हवा चलती है, जो आपको रिफ्रेश कर देती है. जॉगिंग या वॉक के लिए निकल जाएं. इससे आप दिनभर तरो-ताज़ा महसूस करेंगे.

3. वॉक के बाद ब्रेकफास्ट करें किसी कैफे में: यह आपको दिनभर की ऊर्जा देगा. किसी दिन या छुट्टी के दिन आप किसी कैफे में सुबह की ताज़गी का मज़ा ले सकते हैं. कॉफी या फ्रूट जूस और हेल्दी ब्रेकफास्ट करें. वहां बैठकर दोस्तों से फोन पर बात भी कर सकते हैं या फिर ऑफिस में क्या-क्या करना है, उसकी लिस्ट भी तैयार कर सकते हैं.

4. हाइड्रेट रहें: इस मौसम में शरीर में पानी की कमी हो सकती है. पसीना भी अधिक आता है. अपने साथ पानी की बोतल ज़रूर रखें. अपने डेस्क पर भी पानी की बोतल हमेशा भरी रखें, ताकि बीच-बीच में पानी पी सकें.

5. कूलिंग डायट लें: फ्रेश फ्रूट सलाद, फ्रेश वेजीटेबल जूस, नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ आदि लें. इससे आप लाइट और हेल्दी महसूस करेंगे. स्पाइसी, मसालेदार और जंक फूड अवॉइड करें. एरिएटेड ड्रिंक्स का भी अधिक सेवन न करें.

6. स्विमिंग करें: सुबह या शाम पूल में स्विम करके ख़ुद को रिफ्रेश करें. उसके बाद शावर लेंगे, तो और भी फ्रेश फील करेंगे.

7. कूलिंग स्पॉट्स की सहायता लें: कलाइयां, गर्दन के पीछे, पैरों में कई ऐसे स्पॉट्स होते हैं, जो आपको कूल रखते हैं. वहां वेट टिश्यू या टॉवेल को कुछ देर के लिए रखें और बॉडी हीट को बाहर आने दें.

8. फ्रेग्रेंस: पसीना दूर रखनेवाले कूल डीयो, बॉडी मिस्ट या टेल्कम पाउडर आसानी से उपलब्ध हैं आजकल. उनका इस्तेमाल करें.

9. हेयर स्टाइल: बालों को छोटा ही रखें. महिलाएं बालों का स्टाइल लूज़ और कंफर्टेबल रखें, ताकि पसीना अधिक न आए.

10. आउटफिट्स: लाइट कपड़े पहनें. कॉटन ही पहनें. बहुत अधिक टाइट या फिटेड कपड़े पहनने से बचें. सिल्क या हैवी फैब्रिक इस मौसम में अवॉइड करें. इसी तरह से व्हााइट या लाइट कलर के ही कपड़े पहनें, डार्क कलर्स अवॉइड करें.

11. मेडिटेशन करें: यह आपको बैलेंस करता है. ऊर्जा देता है. कोशिश करें कि रोज़ाना कुछ देर मेडिटेशन ज़रूर करें.

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12. शीतली प्राणायाम: यह बॉडी टेंप्रेचर को कंट्रोल करता है. गर्मी दूर करके शरीर को कूलिंग इफेक्ट देता है.
कैसे करें: आरामदायक स्थान पर बैठ जाएं. शरीर रिलैक्स रहे. जीभ को बाहर निकालकर दोनों किनारों से रोल करें, जैसे कोई ट्यूब हो. जीभ से सांस लें और अंत में जीभ को अंदर लेकर सांस को नाक के माध्यम से छोड़ें. आपको मुंह के भीतर काफ़ी ठंडक महसूस होगी. इस तरह यह प्रक्रिया 8-10 बार करें.

13. कूलिंग पैक्स का इस्तेमाल करें: सनटैन या सनबर्न होने पर एलोवीरा, ककड़ी, तरबूज़, चंदन पाउडर या मुल्तानी मिट्टी के पैक्स यूज़ करें. गुलाबजल को भी ठंडा करके फेस पर अप्लाई कर सकते हैं.

14. रूम को कूल रखें: ब्लाइंड कर्टेंस यूज़ करें, जिससे तेज़ धूप कमरे में न आ सके. इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स का प्रयोग कम करें, क्योंकि ये भी हीट प्रोड्यूस करते हैं. हालांकि एयरकंडिशन का ऑप्शन है, पर अगर आपको उससे एलर्जी है, तो पंखे का इस्तेमाल करें.

15. गुलाब की पत्तियों का प्रयोग करें: आयुर्वेदानुसार आपके मन, मस्तिष्क और भावनाओं पर गुलाब का कूलिंग और सूदिंग इफेक्ट होता है. गुलाब की पत्तियों को अपने सलाद, डेज़र्ट और ड्रिंक्स में डालें. गार्निश करें.

16. मून बाथ: फुल मून बाथ लें. मून की कूलिंग प्रॉपर्टीज़ आपको रिफ्रेश कर देंगी.

17. एरोमा थेरेपी: यह आपको समर में रिलैक्स करेगी और सुकून की नींद में भी मदद करेगी. एरोमा ऑयल्स, एसेंशियल ऑयल्स कूलिंग इफेक्ट देते हैं, क्योंकि इनमें मेंथॉल होता है. आप चाहें, तो अपने रूम में लाइट्स ऑफ करके एरोमैटिक कैंडल्स जलाएं.

18. वॉटर स्पोर्ट्स और वर्कआउट्स: समर में यहां टाइम ज़्यादा स्पेंड करें. आउटिंग के लिए भी जाएं, तो बीचेस या बोटिंग के लिए जाएं. अगर बाहर कहीं और जा रहे हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि तेज़ धूप में देर तक रहने की बजाय पेड़ या शेड्स की छांव में आकर कुछ देर आराम कर लें.

19. आइस कूल: बाहर जाने से पहले और बाहर से आने के बाद भी फेस व हाथ-पैरों पर आइस रब करें. इसके अलावा अपने पैरों को भी आइस वॉटर में कुछ देर तक रखें. इससे हीट का इफेक्ट कम हो जाएगा.

20. फैन को बनाएं कूलिंग एजेंट: यह काफ़ी पुराना, लेकिन कारगर तरीक़ा है कूलिंग का. याद कीजिए अपने आइस बॉक्स को आपने आख़िरी बार कब यूज़ किया था. अब समय आ गया है कि फ्रीज़र में पड़ी आइस ट्रेज़ का इस्तेमाल किया जाए. ढेर सारी आइस लेकर फैन के सामने रख दें. फिर फैन ऑन करके उसके सामने लेट जाएं. ठंडी-ताज़ा हवा मिलेगी और एसी का बिल भी नहीं बढ़ेगा.

21. बेड की बजाय फ्लोर पर जाएं: अगर आप बेड या सोफे पर सोते हैं, तो समर में अपना बिस्तर फ्लोर पर लगाएं और अगर आपका 2 मंज़िल या अधिक का अपार्टमेंट है, तो ग्राउंड फ्लोर पर जाकर ही सोएं. इससे हीट का असर कम होगा.

22. लाइट्स ऑफ रखें: समर में नेचुरल लाइट अधिक देर तक रहती है, उसका फ़ायदा उठाएं. सुबह भी बेवजह लाइट्स ऑन न करें और शाम को भी बहुत जल्दी लाइट्स ऑन न करें. डिम लाइट ही ऑन रखें, क्योंकि लाइट्स हीट बढ़ाती हैं.

23. स्टोव की हीट से बचें, रूम टेम्प्रेचर डिशेज़ लें: समर सीज़न हॉट चिकन या गर्मागर्म परांठे खाने का नहीं होता. इन्हें पकाने और पचाने में भी समय अधिक लगता है, जिससे आप ज़्यादा देर तक स्टोव के सामने एक्सपोस्ड रहते हो और हीट अधिक महसूस होती है. बेहतर होगा रूम टेम्प्रेचर डिशेज़ व लाइट फूड लें, जिन्हें पकाने में अधिक समय न लगे या फिर आप डेज़र्ट व सलाद अधिक लें. नेचुरल फ्रूट जूस लें.

24. सोने से पहले भरपूर पानी पीएं: बेड पर जाने से पहले पानी ज़रूर पीएं, क्योंकि सोने के बाद जब पसीना आता है, तो डीहाइड्रेशन का ख़तरा बढ़ जाता है.

– ब्रह्मानंद शर्मा

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बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए माता-पिता हर मुमकिन कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार बुद्धिमान बच्चा भी ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाता, उसका व्यवहार गुस्सैल हो जाता है, कई बार बच्चे का किसी काम में मन नहीं लगता. इन सबकी वजह आपके बच्चे के कमरे का गलत वास्तु (Vastu) भी हो सकता है. बच्चों की उन्नति के लिए उनके कमरे को सजाएं वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार. वास्तु के ख़ास टिप्स (Vastu Special Tips) इसमें मददगार साबित हो सकते हैं. बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास के लिए कैसा हो बच्चों का कमरा? आपके बच्चे के कमरे के लिए आसान वास्तु टिप्स बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी.

Vastu Tips

बच्चों की उन्नति के लिए 10 आसान वास्तु टिप्सः

1) आपके बच्चे का कमरा पूर्व, उत्तर, पश्‍चिम या वायव्य दिशा में हो, तो इससे आपका बच्चा जीवन में बहुत तरक्की करेगा.

2) इस बात का खास ध्यान रखें कि बच्चे का कमरा दक्षिण, नैऋत्य या आग्नेय कोण में न हो.

3) पढ़ाई करते समय आपके बच्चे का मुंह पूर्व दिशा की ओर तथा पीठ पश्‍चिम दिशा की ओर होनी चाहिए.

4) यदि आप अपने बच्चे के कमरे में कंप्यूटर रखना चाहते हैं, तो बेड से दक्षिण दिशा की ओर आग्नेय कोण में कम्प्यूटर रखें.

आपके बच्चे के कमरे के लिए आसान वास्तु टिप्स बता रहे हैं वास्तु एक्सपर्ट व टैरो कार्ड रीडर प्रेम पंजवानी. देखें वीडियो:

5) आपका बच्चा जिस क्षेत्र में करियर बनाना चाहता है, उस क्षेत्र के सफल लोगों की फोटोग्राफ्स अपने बच्चे के कमरे में सजाएं. यदि ऐसा न करना चाहें, तो मां सरस्वती या गणेश जी की फोटो बच्चे के कमरे में पूर्व दिशा में लगा सकते हैं.

6) अपने बच्चे को पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने को कहें. ऐसा करने से बच्चे का पढ़ाई में मन लगेगा और वह जीवन में उन्नति करेगा.

7) बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने आईना न रखें. बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने मां सरस्वती का चित्र लगाएं, बच्चों से कहें कि मां सरस्वती के प्रति श्रद्धा रखें, इससे बच्चों की याददाश्त बढ़ती है. संभव हो तो बच्चों की पढ़ाई के टेबल के सामने ॐ का चित्र लगाएं, ॐ के ध्यान से आपके बच्चे हमेशा ऊर्जावान बने रहेंगे.

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8) घर में कहीं भी बहुत समय तक कबाड़ इकट्ठा करके न रखें. ऐसा करने से आपके बच्चे परीक्षा में फेल हो सकते हैं.

9) इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि अपने बच्चे के पहने हुए या उतारे गए मैले कपड़ों को कभी भी धुले हुए कपड़ों के साथ न रखें. इससे बच्चे की उन्नति पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है.

10) बच्चों के कमरे में बेड के पास गलीचे न बिछाएं. इससे उस जगह ऊर्जा का बहाव रुक जाता है और बच्चे बीमार पड़ने लगते हैं.

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Wind Chime

दीपावली में विंड चाइम से लाएं घर में सौभाग्य (Wind Chime For Diwali Decoration)

दीपावली (Diwali) में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम (Wind Chime) को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान दीपावली में घर की सजावट का सामान ख़रीदते समय अपनी शॉपिंग लिस्ट में विंड चाइम को ज़रूर शामिल करें. विंड चाइम से घर की ख़ूबसूरती निखरती है और घर में सौभाग्य भी आता है. हां, विंड चाइम ख़रीदते समय कुछ बातों का ध्यान ज़रूर रखें.

* मार्केट में कई तरह की भारी, हल्की, बड़ी, छोटी और रंगीन विंड चाइम्स (पवन घंटियां) उपलब्ध हैं, लेकिन आप जब विंड चाइम चुनें, तो खोखली व पतली नलीवाली विंड चाइम ही चुनें. ये हवा में आसानी से लहराकर मधुर आवाज़ करती हैं. यदि आप घर में 6 या 7 रॉडवाली विंड चाइम लगाएंगे, तो इससे घर में संपन्नता आती है.

* धातु से बनी विंड चाइम हमेशा पश्‍चिम या उत्तर-पश्‍चिम दिशा में लगाएं. ये दिशाएं धातुओं की होती हैं, इसलिए इन दिशाओं में विंड चाइम लगाने से भाग्योदय होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

* आप चाहें तो लकड़ी की बनी विंड चाइम भी ख़रीद सकते हैं. लकड़ी, ख़ासतौर से बांस से बनी विंड चाइम्स ईको फ्रेंडली होने के साथ-साथ घर-गृहस्थी के मामले में शुभ मानी जाती हैं. इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना शुभ होता है. लकड़ी या बांस की बनी विंड चाइम में भी रॉड की संख्या बहुत मायने रखती है. इसमें रॉड की संख्या तीन या चार हो तो विंड चाइम शुभ फल प्रदान करती है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और हर कार्य निर्बाध रूप से पूरा होता है.

* कांच की बनी विंड चाइम भी घर की शोभा बढ़ा सकती है, लेकिन यह अगर भारी हुई तो मधुर आवाज़ पैदा नहीं करेगी.

* घर में पांच नलियों या पांच घंटियोंवाली विंड चाइम लगाना हर तरह से शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मकता समाप्त होती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा अलग-अलग उद्देश्यों के लिए 4, 7, 9, 11 नलियोंवाली विंड चाइम्स भी घर के लिए शुभ मानी जाती हैं.

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* अगर आप अपना सोया हुआ भाग्य जगाना चाहते हैं, तो 6 या 8 रॉडवाली विंड चाइम घर में लगाएं. ये आपके भाग्योदय की बाधाओं को दूर करेगी और आपकी सोई हुई किस्मत को जगा देगी. फेंशगुई और वास्तु में इनका काफ़ी महत्व है.

* अगर आप 2 या 9 घंटियों या नलियों वाली विंड चाइम लगाना पसंद करते हैं, तो सिरामिक की बनी विंड चाइम लेकर आएं. ये विंड चाइम मान-प्रतिष्ठा और यश प्रदान करती है. इसे घर की दक्षिण-पश्‍चिम दिशा में लगाना शुभ होता है.

* आपसी रिश्तों की परेशानियों को हल करने के लिए भी विंड चाइम आपके लिए सहायक साबित हो सकती है.

* अपने बच्चों को सकारात्मक और क्रिएटिव बनाने के लिए उनके कमरे में भी विंड चाइम ज़रूर लगाएं. इसकी मधुर आवाज़ माहौल को ख़ुशनुमा बनाए रखती है.

* अगर आप अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो सिल्वर कलर की विंड चाइम को घर की पश्‍चिम दिशा में लगाएं. इसमें अगर 7 रॉड लगे हों, तो यह काफ़ी लाभ प्रदान करेगी.

* नाम और पैसे की चाहत हो, तो घर की  उत्तर-पश्‍चिम दिशा में पीले रंग की 6 रॉड वाली विंड चाइम लगाएं.

* आप चाहें तो अलग-अलग कलरवाली रंग-बिरंगी विंड चाइम भी लगा सकते हैं. ये आपके घर का माहौल ख़ुशनुमा बनाए रखेगी और सकारात्मकता के साथ-साथ उत्साह का भी संचार करेगी.

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इंडोर प्लांट्स न स़िर्फ घर की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि वो घर के साथ-साथ घर में रहनेवालों को भी हेल्दी रखते हैं. घर में मौजूद टॉक्सिक हवा को क्लीन (Air Purifying Plants) करनेवाले और बेहतरीन होम रेमेडीज़ के तौर पर काम आनेवाले कुछ ऐसे ही उपयोगी व हेल्दी इंडोर प्लांट्स के बारे में हम बता रहे हैं.

घर में हैं, हेल्दी इंडोर प्लांट्स, Healthy Plants, Purify Your Indoor Air

कितने फ़ायदेमंद हैं इंडोर प्लांट्स?
  • इंडोर प्लांट्स घर में ऑक्सीजन(Air Purifying Plants) की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे हमें ताज़ी हवा मिलती है और हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है.
  • एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्वे द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि इंडोर प्लांट्स के कारण घर में मॉइश्‍चर का लेवल सामान्य से थोड़ा बेहतर रहता है, जिसके कारण घर में रहनेवालों को ड्राई स्किन, सर्दी-खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं कम होती हैं.
  • इंडोर प्लांट्स हवा को शुद्ध करने का काम करते हैं. इस विषय पर नासा ने कई रिसर्च भी किए हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि इंडोर प्लांट्स हमारे लिए बहुत हेल्दी होते हैं. उनके मुताबिक़ शुद्ध हवा के लिए हर 100 स्न्वेयर फीट में एक इंडोर प्लांट रखना चाहिए.
  • कैंसस स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा की गई स्टडी में यह बात सामने आई है कि सर्जरीवाले मरीज़ों के कमरे में प्लांट रखने से उनके घाव जल्दी भरते हैं, इसलिए अगली बार किसी ऐसे मरीज़ को देखने जा रहे हैं, जिनकी सर्जरी हुई है, तो इंडोर प्लांट(Air Purifying Plants) से बेहतर कोई गिफ्ट नहीं हो सकता.
  • इंडोर प्लांट्स हमारी कार्यक्षमता बढ़ाते हैं. नेचर या पेड़-पौधों के इर्द-गिर्द रहने से हमारी याद्दाश्त बेहतर होती है और फोकस बढ़ता है, जिससे हमारी काम करने की क्षमता बढ़ती है. मिशिगन यूनिवर्सिटी की स्टडी में पाया गया कि इंडोर प्लांट रखने से एकाग्रता 20% तक बढ़ जाती है.
  • इंडोर प्लांट्स सुकूनभरी नींद भी देते हैं. अगर आप भी रातभर करवटें बदलते हैं, तो अपने बेड के पास लैवेंडर और जैसमीन प्लांट्स रखें
  • इसके अलावा ये हमारी मेंटल हेल्थ के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होते हैं. ये पॉज़िटिविटी का लेवल बढ़ाकर हमें रिलैक्स्ड और सिक्योर फील कराते हैं.
 तुलसी
  • आयुर्वेद और नैचुरोपेथी दोनों में ही तुलसी(Air Purifying Plants) को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इसके एसेंशियल ऑयल से कई बीमारियां दूर होती हैं. यह हमारी श्‍वसन प्रणाली के लिए बेहतरीन औषधि है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स स्ट्रेस को कम करने के साथ-साथ डायबिटीज़ और हार्ट प्रॉब्लम्स में भी कारगर साबित होते हैं. आम बुख़ार से लेकर गंभीर बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन में तुलसी का पौधा बहुत फ़ायदेमंद साबित होता है.
  • इसमें मौजूद प्यूरिफाइंग, डिटॉक्सिफाइंग और क्लींज़िंग प्रॉपर्टीज़ के लिए यह हर्बल व कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल किया जाता रहा है.
  • यह इम्यूनिटी बूस्टर है. तुलसी के पत्तों को उबालकर उसमें कालीमिर्च पाउडर मिलाकर पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
  • यह तरह-तरह के एलर्जीज़ और इंफेक्शन्स से लड़ता है.
  • यह स्किन डिसऑर्डर, खुजली और दाद का कारगर इलाज है.
  • फाइटो न्यूट्रिएंट्स, एसेंशियल ऑयल, विटामिन ए और सी के गुणों से भरपूर तुलसी के काढ़े से सर्दी-खांसी, बुख़ार, ख़राब गला, सीने में जकड़न, फ्लू आदि में राहत मिलती है.
  • यह बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है, इसलिए डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए काफ़ी लाभदायक सिद्ध होता है.
  • यह शरीर में मौजूद यूरिक एसिड लेवल को कंट्रोल में रखता है, जिससे किडनी स्टोन का ख़तरा नहीं रहता.
  • यह हेपेटाइटिस, मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू और ट्यूबरकुलोसिस में काफ़ी कारगर सिद्ध होता है.
एलोवीरा
  • न्यूट्रीएंट्स, एक्टिव एंज़ाइम्स, विटामिन्स, मिनरल्स और अमीनो एसिड के गुणों से भरपूर एलोवीरा न स़िर्फ स्किन प्रॉब्लम्स को दूर रखता है, बल्कि अपने आप में हेल्थ रेमेडी है. यह कई हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर करता है.
  • एंटी-इंफ्लेमेटरी(Air Purifying Plants) गुणों से भरपूर एलोवीरा शरीर में मौजूद फ्री रैडिकल्स को दूर करता है, जिससे शारीरिक जलन से राहत मिलती है.
  • गैस्ट्रो के इलाज में एलोवीरा का इस्तेमाल किया जाता है. हार्ट बर्न, सीने में दर्द, निगलने में परेशानी जैसे लक्षणों में राहत दिलाता है.
  • एलोवीरा का जूस गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल प्रॉब्लम्स के लिए ज़िम्मेदार पैथोजेन्स से हमारी सुरक्षा करता है.
  • यह ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखता है, इसलिए डायबिटीज़ के मरीज़ इसे सप्लीमेंट के तौर पर लेते हैं.
  • यह ओरल हेल्थ के लिए बेस्ट रेमेडी माना जाता है. इसमें मौजूद गुणों के कारण यह मसूड़ों को सॉफ्ट बनाता है और मुंह के छालों और घाव के लिए बेहतरीन औषधि है.
  • एलोवीरा का जूस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाता है.
  • एलोवीरा में एंटी ट्यूमर और एंटी कैंसरस प्रॉपर्टीज़ होती हैं, जिससे कैंसर का ख़तरा भी कम होता है.
  •  पाइल्स के इलाज में एलोवीरा काफ़ी कारगर साबित होता है.
  • एजिंग के लक्षणों, सन बर्न और टैन को दूर करता है, स्ट्रेच मार्क्स को घटाकर त्वचा को मॉइश्‍चराइज़ करता है.
  • डैंड्रफ को दूर कर, बालों के हेल्दी ग्रोथ में मदद करता है, जिससे स्काल्प का पीएच बैलेंस बना रहता है और बाल सॉफ्ट व सिल्की बने रहते हैं.

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पुदीना
  • मैग्नीज़, विटामिन ए और सी के गुणों से भरपूर पुदीने(Air Purifying Plants) को दुनिया की सबसे पुरानी औषधि माना गया है.
  •  इसमें मौजूद मेंथॉल की ख़ूबियों के कारण यह माइंड और बॉडी दोनों पर कूलिंग इफेक्ट देता है.
  • पेटदर्द, मितली आदि में पुदीना बेस्ट रेमेडी है. आज भी पेटदर्द होने पर लोग पहले पुदीने की गोली खाते हैं.
  • माइग्रेन, टेंशन या फिर स्टे्रस के कारण होनेवाले सिरदर्द से राहत दिलाता है.
  • इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण मुंह की दुर्गंध को दूर कर दांतों व मसूड़ों की समस्याओं से निजात दिलाता है.
  • यह एलर्जी और अस्थमा से राहत दिलाता है.
  • मसल पेन से राहत दिलाने में पुदीना काफ़ी कारगर माना जाता है.
  • यह एकाग्रता को बढ़ाकर याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है.
 लैवेंडर
  • अपनी ख़ुशबू के लिए मशहूर लैवेंडर में कई औषधीय(Air Purifying Plants) गुण भी हैं. यह एक माइल्ड एंटी डिप्रेसेंट होने के साथ-साथ कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से शरीर की सुरक्षा करता है.
  • यह थकान और तनाव को दूर करने में मदद करता है.
  • अनिद्रा से जूझ रहे लोगों के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है. इसकी चाय भी अनिद्रा की समस्या को दूर करने में मदद करती है.
  • एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट्स के गुणों से भरपूर लैवेंडर शारीरिक जलन को दूर करने के साथ-साथ मसल पेन से भी राहत दिलाता है.
  • स्किन प्रॉब्लम्स में भी लैवेंडर काफ़ी कारगर सिद्ध होता है. ड्राई स्किन को ट्रीट करने के साथ-साथ त्वचा संबंधी गंभीर समस्याएं, जैसे- सोरायसिस और एक्ज़िमा आदि में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है.
  • लैवेंडर एंटी सेप्टिक के गुणों से भरपूर है, तभी तो घाव पर लैवेंडर का पेस्ट लगाने से घाव न स़िर्फ जल्दी भरता है, बल्कि किसी तरह का इंफेक्शन भी नहीं होता.
  • पीएमएस के लक्षणों में राहत दिलाता है. लैवेंडर को अरोमा थेरेपी के ज़रिए पीएमएस के दर्द व परेशानियों से निजात दिलाने में इस्तेमाल किया जाता है.
करीपत्ता
  • खाने के स्वाद को दुगुना करने के अलावा करीपत्ता(Air Purifying Plants) में कई औषधीय गुण भी हैं, इसलिए आपके घर में भी करीपत्ता ज़रूर होना चाहिए.
  • कार्बोहाइडेट्स, फाइबर, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, विटामिन ए, बी, सी, ई के गुणों से भरपूर करीपत्ता हार्ट को बेहतर ढंग से काम करने और इंफेक्शन्स से लड़ने में मददगार साबित होता है.
  • आयरन और फॉलिक एसिड से भरपूर करीपत्ता एनीमिया से बचाता है.
  • ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखकर यह डायबिटीज़ से लड़ने में मदद करता है.
  • यह पाचनशक्ति को बेहतर बनाता है.
  • स्टडी में पाया गया है कि यह बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाकर इसके नुक़सान से हमें बचाता है.
  • इसमें मौजूद विटामिन ए आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है.
  • अगर आपके बाल स़फेद हो रहे हैं, तो खाने में करीपत्ता शामिल करें. यह बालों को स़फेद होने से रोकता है.

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हवा को शुद्ध करनेवाले प्लांट्स

मनी प्लांट और पीस लीलीमनी प्लांट और पीस लीली: ये दोनों ही इंडोर प्लांट एयर पॉल्यूशन को कंट्रोल करते हैं. घर में ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाकर घर में रहनेवालों को हेल्दी रखते हैं. हवा में मौजूद कार्बन डाईऑक्साइड को कम करके हवा को शुद्ध करते हैं.

स्पाइडर प्लांट: यह इंडोर प्लांट हवा में मौजूद ख़तरनाक केमिकल्स से हमें सुरक्षित रखता है. स्पाइडर प्लांट हवा में मौजूद कार्बन मोनॉक्साइड को सोख लेता है, जिससे घर में रहनेवाले लोगों पर इसका साइड इफेक्ट नहीं होता.

स्नेक प्लांट:  इसे मदर-इन-लॉज़ टंग भी कहते हैं. ज़्यादातर लोग इसे अपने बाथरूम और बेडरूम में रखते हैं.  यह हवा को शुद्ध करने के साथ ही ऑक्सीजन सप्लाई भी बढ़ाते हैं. रात को ये कार्बन डाई ऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन देते हैं, इसलिए लोग इसे बेडरूम में भी रखते हैं.

गोल्डन फोटोज़: बाकी एयर क्लीनिंग इंडोर प्लांट्स की तरह यह भी हवा में मौजूद जहरीली गैसों, कार्बन मोनॉक्साइड, बेनजेन और फॉर्मलडिहाइड को सोखकर आपको शुद्ध हवा देता है. इसे आप गमले में या हैंगिंग पॉट में लगाकर खिड़की में रख सकते हैं. 

– दिनेश सिंह           

अक्सर जब कोई नया घर बनाता है, तो वे उससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी बातों का ख़ास ध्यान रखता है. फिर चाहे वो घर की साज-सज्जा हो या फिर वास्तु-फेंगशुई के अनुसार घर को सुव्यवस्थित ढंग से सजाना हो. इसी सिलसिले में हमें वास्तुशास्त्री राजेंद्र दुबे ने महत्वपूर्ण जानकारियां दीं. आइए, इसके बारे में संक्षेप में जानें.

 

–    आप चाहते हैं कि नए घर में आपका जीवन ख़ुशियोंं से भर जाए, हर परेशानी आपके जीवन से दूर हो जाए, तो नए घर में प्रवेश से पहले वास्तु शांति कराएं यानी वास्तु पूजन कराएं.

– विधिवत् गृह प्रवेश कराएं, वास्तु जप ज़रूर कराएं.

– देवी दुर्गा की लाल फूल, चावल व कुमकुम से पूजा करें. इससे घर में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहेगी.

–    घर में कलर करवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि पेंट एक सा हो. शेड एक से अधिक हो सकते हैं, पर शेड्स का तालमेल ठीक होना चाहिए.

–   मछलियों के जोड़े को घर में लटकाना बहुत शुभ व सौभाग्यशाली समझा जाता है. इनके प्रभाव से घर में धन-वैभव बढ़ता है और बिज़नेस में भी विकास होता है. इन्हें गुरुवार या शुक्रवार के दिन घर में टांगना शुभ होता है.

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–    यदि घर का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पश्‍चिम या पश्‍चिम में हो, तो उसके ऊपर बाहर की तरफ़ घोड़े की नाल लगा देनी चाहिए.इससे सुरक्षा व सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

–    फेंगशुई के अनुसार, घर के दरवाज़े में लाल रिबन में बंधे सिक्के लटकाने से घर में धन व समृद्धि आती है.

–    अपने नए घर दरवाज़े के हैंडल में सिक्के लटकाना घर में संपत्ति व सौभाग्य लाने का सबसे सरल उपाय है.

–    हां, इसमें तीन सिक्के ही लगाएं और वो भी दरवाज़े के अंदर की ओर हों, इस बात का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि बाहर सिक्के लगाने से लक्ष्मी दरवाज़े पर ही ठहर जाती हैं.

–    आप तीन पुराने चीनी सिक्कों को लाल रंग के धागे या रिबन में बांधकर अपने घर के दरवाज़े के हैंडल में लटका सकते हैं. इससे घर के सभी सदस्यों को फ़ायदा होता है.

–    वास्तु के अनुसार घर में खिड़कियां होना आवश्यक है. इनसे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है.

–    खिड़कियां खोलते व बंद करते समय आवाज़ नहीं होनी चाहिए. इसका प्रभाव घर की सुख-शांति पर पड़ता है. इसके कारण परिवार के सदस्यों का ध्यान भंग होता है.

–    खिड़कियां ऊंचे स्थानों पर हों, ताकि शुद्ध हवा आसानी से घर में प्रवेश कर सके व अशुद्ध हवा दूसरी खिड़की से बाहर निकल सके.

–    घर की छत पर कबाड़ा या फालतू सामान न रखें. यदि ज़रूरी हो, तो एक कोने में रखें. बेकार के सामानों से परिवार के सदस्यों के मन-मस्तिष्क पर दबाव पड़ता है. इससे पितृ दोष भी लगता है.

–   नवरात्रि में घी का अखंड दीपक लगाकर दुर्गा सप्तशती का नौ दिन तक विधिवत् पाठ करने और नौ कन्याओं (दो से दस साल तक की कन्या) को भोजन करवाने से जीवन सुखद व ख़ुशहाल बना रहता है.

–    महामृत्युंजय मंत्र का जप करें. इससे भी काफ़ी लाभ प्राप्त होता है.

–    घर में कम से कम सालभर में दो बारहवन-यज्ञ करवाएं.

–    ध्यान रहे, घर में पूजाघर का निर्माण ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में हो.

–   शुभ कार्यों के लिए हमेशा सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार का दिन चुनें.

–    तीन हरे पौधे मिट्टी के बर्तनों में घर के अंदर पूर्व दिशा में रखें.

–    बोनसई व कैक्टस न लगाएं, क्योंकि बोनसई विकास में बाधक व कैक्टस हानिकारक होता है.

–    वास्तु के अनुसार बेडरूम में बाथरूम नहीं होना चाहिए, क्योंकि दोनों की ऊर्जाओं का परस्पर आदान-प्रदान सेहत के लिए अच्छा नहीं होता.

–    बाथरूम घर के नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्‍चिम के मध्य की दिशा) में बनवाना चाहिए. यदि संभव न हो, तो वायव्य कोण में भी बाथरूम बनवा सकते हैं.

–    बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर की ओर रखें.

–    गीज़र व अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरण बाथरूम के आग्नेय कोण में लगाएं.

– बाथरूम में एक बड़ी खिड़की व एक्ज़ॉस्ट फैन के लिए रोशनदान ज़रूर लगाएं.

– बाथरूम में सदा हल्के रंग की टाइल्स का इस्तेमाल करें. गहरे रंग की टाइल्स न लगाएं.

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  – सावित्री गुप्ता

 

DIY Designer Kundan Diya
सामग्री:
सीडी
ब्लू कुंदन
ग्रीन कुंदन
हाफ पर्ल
जाली वाला कैंडल स्टैंड (जाली वाटी)
गोल्डन लेस
कार्ड पेपर
अडेसिव ग्लू
रबर बेस्ड अडेसिव ग्लू
फैब्रिक ग्लू
कैंची

विधि:
* सबसे पहले सीडी पर अडेसिव ग्लू लगाएं और उस पर कार्ड पेपर चिपकाएं.
* कार्ड पेपर को सीडी के शेप में काट लें.
* सीडी के बीच में रबर बेस्ड अडेसिव ग्लू से जाली वाला कैंडल स्टैंड चिपकाएं.
* जाली वाले कैंडल स्टैंड के पास रबर बेस्ड अडेसिव ग्लू से गोल्डन लेस चिपकाएं.
* लेस के पास फैब्रिक ग्लू से हाफ पर्ल चिपकाएं.
* अब सीडी के किनारे पर फैब्रिक ग्लू से ब्लू कुंदन चिपकाएं.
* फिर ब्लू कुंदन के पास अंदर की तरफ़ ग्रीन कुंदन चिपकाएं.

DIY घर पर बनाएं ख़ूबसूरत एक्रेलिक रंगोली
दीपावली 2017: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 20 अचूक उपाय

इसी तरह आप अलग-अलग कलर कॉम्बिनेशन का प्रयोग करके ख़ूबसूरत डिज़ाइनर कुंदन दीये बना सकते हैं.

घर पर ख़ूबसूरत डिज़ाइनर कुंदन दीया बनाना सीखने के लिए देखें वीडियो:


सामग्री:
एक्रेलिक डिज़ाइन पीसेस
गोल्डन कुंदन
सिल्वर कुंदन
ग्रीन कुंदन
गोल्डन बॉल चेन
ग्रीन बॉल चेन
फैब्रिक ग्लू
कैंची
गोल्डन रिंग
हाफ गोल्डन मोती

DIY घर पर बनाएं डिज़ाइनर कुंदन दीया
दीपावली 2017: मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 20 अचूक उपाय

 

विधि:
* सबसे पहले एक्रेलिक रंगोली पीस के गोल हिस्से के किनारों पर फैब्रिक ग्लू लगाएं और उस पर ग्रीन कुंदन चिपकाएं.
* इसी तरह किनारे के डिज़ाइन (देखें चित्र) पर फैब्रिक ग्लू से सिल्वर कुंदन चिपकाएं.
* अब ग्रीन कुंदन के पास गोल्डन बॉल चेन चिपकाएं.
* गोल्डन बॉल चेन के पास ग्रीन बॉल चेन चिपकाएं.
* किनारे के डिज़ाइन पर सिल्वर कुंदन के पास गोल्डन बॉल चेन चिपकाएं.
* फिर गोल हिस्से पर ग्रीन बॉल चेन के पास गोल्डन रिंग चिपकाएं.
* अब गोल्डन रिंग के अंदर हाफ गोल्डन मोती चिपकाएं.

ऐसे ही सारे डिज़ाइन बना लें.

घर पर ख़ूबसूरत एक्रेलिक रंगोली बनाना सीखने के लिए देखें वीडियो: