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कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने के 10+ रामबाण घरेलू उपाय (10 +Natural Ways To Lower Your Cholesterol Levels)

कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) हमारे रक्त में पाया जाने वाला फैट है, जो हार्मोन्स के निर्माण और उनके सही तरी़के से काम करने के लिए ज़रूरी है, लेकिन जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर आवश्यकता से अधिक बढ़ जाता है तो तरह-तरह की स्वास्थ्य (Health) संबंधी समस्याएं (Problems) होती हैं. यही वजह है कि इसे मेंटेन रखने के लिए लोग अलग-अलग तरह के तेल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखने के लिए खान-पान पर नियंत्रण रखना बहुत ज़रूरी है. हम आपको कुछ आसान घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से आप घर बैठे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रख सकते हैं.

Cholesterol Levels

  1. कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रखने के घरेलू उपायकोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित रखने के घरेलू उपाय एक रिसर्च से सिद्ध हो गया है कि गुग्गुल का प्रयोग यदि औषधि के रूप में किया जाए तो यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है.

2.  हल्दी के उपयोग से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा में कमी आती है.

3. सुबह-शाम एलोवेरा और आंवला के रस में शहद मिलाकर पीने से फ़ायदा होगा. इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखना है तो अंकुरित मूंग खाएं.

4. जिन लोगों को हाई कोलेस्ट्रॉल है, उन्हें सुबह उठने के बाद ख़ाली पेट कच्चा लहसुन खाना चाहिए, इससे फ़ायदा होता है.

5. कड़वे, कसैले और तीखे खाद्य पदार्थ कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं. ब्रोकोली, गोभी, फूलगोभी और फलों का सेवन करें.

Cholesterol Levels

6.  दिनभर में कम से कम 7-8 गलास पानी अवश्य पीएं.

7. हमेशा खाना पकाने के तुरंत बाद गर्मागर्म खाना खाने की आदत डालें.

8. एक कप दूध को बर्तन में 5 मिनट तक उबालें और एक अन्य कप में पानी लेकर एक चुटकी इलायची और दालचीनी मिलाएं. दोनों को मिला कर धीरे-धीरे इस मिश्रण को पीएं.

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9. घुलनशील फाइबर, जैसे-ओट, जौ और दानेदार अनाज के सेवन से कोलेस्ट्रॉल को शरीर से बाहर निकलने में आसानी होती है, इसलिए भोजन में कम से कम 20 ग्राम घुलनशील फाइबर की मात्रा शामिल करें.

10. भोजन बनाते समय हल्दी और करीपत्ते का प्रयोग करें. इसमें कोलेस्ट्रॉल कम करने के गुण होते हैं.

11. दिन में सोने से बचें, क्योंकि इससे मेटाबॉलिज़्म स्लो हो जाता है. सुबह 6 बजे से पूर्व उठा करें. सही समय पर भोजन करें और रात में सुपाच्य तथा हल्का भोजन करें.

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12. एक ग्लास पानी में 2 चम्मच धनिया बीज डालकर उबालें. फिर उसे ठंडा होने दें. इस मिश्रण को दिन में 3 बार पीएं. तरबूज के बीज सुखाकर भून लें और इसका बारीक़ चूर्ण बना लें. 1 चम्मच चूर्ण को 1ग्लास पानी में अच्छी तरह मिलाकर दिन में एक बार पीएं.

13. 10-15 तुलसी और नीम के पत्ते लेकर उन्हें पीसकर पेस्ट बनाएं. 1 ग्लास पानी में मिलाकर दिनभर में एक बार खाली पेट पीएं.

 

खूबसूरत त्वचा पाने के लिए घर पर बनाएं 10 फ्रूट फेस पैक (10 Homemade Face Packs For Glowing Skin)

खूबसूरत त्वचा (Beautiful Skin) पाने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है. आपके घर में मौजूद फल (Fruits) आपकी त्वचा की रंगत निखार सकते हैं. रोज़ाना फलों का सेवन करना जितना सेहत के लिए फायदेमंद होता है, उतना ही त्वचा की ख़ूबसूरती निखारने में भी होता है. फ्रूट पैक (Fruit Pack) लगाकर आप मिनटों में अपनी त्वचा की ख़ूबसूरती बढ़ा सकती हैं. खूबसूरत त्वचा पाने के लिए घर पर बनाएं (Homemade) 10 फ्रूट फेस पैक (Fruit Face Packs) और पाएं एक नया निखार.

Face Packs For Glowing Skin

खूबसूरत त्वचा पाने के लिए घर पर बनाएं 10 फ्रूट फेस पैक और पाएं खिली-निखरी त्वचा:

1) अंगूर को आधा-आधा काट कर चेहरे व गर्दन पर हल्के हाथों से रगड़ें. इस बात का ध्यान रखें कि अंगूर मुंह और आंखों के आसपास की महीन रेखाओं पर लगे. लगभग 20 मिनट लगे रहने दें, फिर गुनगुने पानी से चेहरा पोंछ लें. अंगूर फेस पैक से झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा में जवां निखार आता है.

2) केले को इतनी अच्छी तरह मैश करें कि वह क्रीम-सा हो जाए. इसे पूरे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो दें. इसके बाद चेहरा ठंडे पानी से धोएं. फिर हल्के हाथों से चेहरा पोंछकर गुलाब युक्त टोनर लगाएं. बनाना फेस पैक त्वचा के लिए टॉनिक का काम करता है और त्वचा को हेल्दी और खूबसूरत बनाता है.

3) कच्चे सेब को पीस कर चेहरे पर लगाएं. 10-20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो दें. चाहें तो इसमें आटा या बेसन मिलाएं ताकि ये चेहरे पर चिपक सके. इस फेस फैक से मिनटों में त्वचा की खूबसूरती बढ़ जाती है. सेब स्किन को क्लीन करने के साथ-साथ महीन रेखाएं व चेहरे पर उभरी किसी भी तरह की सूजन भी कम करता है.

4) 1 पीच (पका, ढीला और बीज निकाला हुआ), 1 अंडे का स़फेद भाग या 1/4 कप कॉर्न स्टार्च और 8-10 पुदीने की पत्तियों को एक साथ ब्लेंडर में पीस लें. इस मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर 20 मिनट लगाएं और धो दें. ये फेस पैक न स़िर्फ स्किन में कसाव लाता है, बल्कि इसे लगाने के बाद आप तरोताज़ा महसूस करेंगी.

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5) यदि आप कहीं बाहर जा रही हैं, लेकिन आपका चेहरा फ्रेश नहीं नज़र आ रहा है, तो पके हुए अनन्नास की स्लाइस या जूस चेहरे पर लगाएं और सूखने दें. फिर गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. इस पैक को लगाने के बाद आपका चेहरा खिल उठेगा. अनन्नास त्वचा पर फ्री रैडिकल्स द्वारा पहुंची क्षति को नियंत्रित करता है और बढ़ती उम्र को रोकता है. अनन्नास से त्वचा साफ़ करने पर त्वचा की मृत कोशिकाएं भी घुलकर धुल जाती हैं.

6) 3-4 स्ट्रॉबेरी को अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें दही और ओटमील मिलाएं. चेहरे पर लगाकर 10-15 मिनट सूखने दें. ये फेस पैक ऑयली स्किन के लिए बेहतरीन है. यदि आपकी त्वचा ऑयली है और जब कभी चेहरा डल दिखे, तो ये मास्क ज़रूर ट्राई करें

7) बहुत पके केले को अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें स़िर्फ उतना शहद मिलाएं कि केला सॉ़फ़्ट हो जाए. इसे चेहरे पर लगाएं और सूखने पर चेहरा धो दें. इस फेस पैक से झुर्रियां, महीन रेखाएं आदि कम होती हैं और त्वचा जवां नज़र आती है.

8) 1 टीस्पून सेब का रस, 1 टीस्पून नींबू का रस, 2 टेबलस्पून छाछ, 1 टेेबलस्पून रोज़मेरी के पत्ते, 3 अंगूर (जिनमें बीज न हो), 1/4 भाग नासपाती और 2 अंडे के सफेद भाग को मिक्सी में मिलाएं. कॉटन बॉल से आंखों के चारों तरफ और चेहरे पर जहां भी रिंकल्स हैं लगाएं . सूखने पर गुनगुने पानी से धोएं. मॉइश्‍चराइज़र लगाएं. इस मिश्रण को आप 4 दिन तक फ्रिज में स्टोर कर सकती हैं, लेकिन इसे चेहरे पर सप्ताह में 3 बार से ज़्यादा न लगाएं.

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9) एवोकेडो को काटकर मिक्सर में पीस लें. इसमें दूध मिलाकर चेहरे पर लगाएं. लेप के सूख जाने पर चेहरा धो लें. सप्ताह में दो बार एवोकेडो फेस पैक चेहरे पर लगाने से रंगत निखरती है.

10) संतरे के छिलकों को धूप में सूखाएं और पीसकर पाउडर बना लें. जब भी त्वचा पर लेप लगाना हो, उसमें थोड़ा-सा दूध मिलाएं और चेहरे पर लगा लें. सूख जाने पर ठंडे पानी से धोएं. इससे कील-मुंहासों के दाग़-धब्बे दूर होते हैं.

खूबसूरत त्वचा पाने के लिए खाएं ये 10 चीज़ें, देखें वीडियो:

इन लक्षणों से जानें थायरॉइड कंट्रोल में  है या नहीं (Thyroid: Causes, Symptoms And Treatment)

Thyroid Causes

इन लक्षणों से जानें थायरॉइड कंट्रोल में  है या नहीं (Thyroid: Causes, Symptoms And Treatment)

समय के साथ-साथ हमारी जीवनशैली बदल रही है, खानपान बदल रहा है, काम करने के तरी़के बदल रहे हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि इन बदलावों को हमारे मन के साथ-साथ हमारा तन भी स्वीकार करे. कई बार हमें इस बात का बिल्कुल एहसास नहीं होता है कि सामान्य से लगनेवाले ये छोटे-छोटेे बदलाव किसी गंभीर बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं. ऐसी ही एक हेल्थ प्रॉब्लम (Health Problem) है थायरॉइड (Thyroid), जिसके बारे में हम आपको बता रहे हैं.

क्या है थायरॉइड?

हम में से अधिकतर लोगों को यह बात मालूम नहीं होगी कि थायरॉइड किसी बीमारी का नाम नहीं है, बल्कि यह एक ग्रंथि का नाम है, जो गर्दन में सांस की नली के ऊपर और वोकल कॉर्ड के दोनों ओर दो भागों में तितली के आकार में बनी होती है. यह ग्रंथि थायरॉक्सिन नामक हार्मोन का उत्पादन करती है. हम जो भी खाते हैं, उसे यह हार्मोन ऊर्जा में बदलता है. जब यह ग्रंथि ठीक तरह से काम नहीं करती है, तो शरीर में अनेक समस्याएं होने लगती हैं.

पहचानें थायरॉइड के लक्षणों को?

एनर्जी का स्तर बदलना

थायरॉइड की समस्या होने पर शरीर में ऊर्जा का स्तर बदलता रहता है. ओवरएक्टिव थायरॉइड (हाइपरथायरॉइडिज़्म) में मेटाबॉलिज़्म तेज़ हो जाता है या फिर उसमें अनियमित बदलाव होता रहता है, जिसके कारण अधिक भूख लगना, नींद न आना, चिड़चिड़ापन और बेचैनी जैसी समस्याएं होती हैं. इसी तरह से अंडरएक्टिव थायरॉइड (हाइपोथायरॉइडिज़्म) में शरीर में ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है, जिसकी वजह से अधिक थकान, एकाग्रता में कमी, घबराहट और याद्दाश्त में कमी आने लगती है.

वज़न का घटना-बढ़ना

ओवरएक्टिव थायरॉइड (हाइपरथायरॉइडिज़्म) ग्रंथि की समस्या होने पर मेटाबॉलिज़्म तेज़ हो जाता है, जिसके कारण व्यक्ति की भूख बढ़ जाती है. वह ज़रूरत से ज़्यादा खाना खाने लगता है, लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा खाने पर भी उसका वज़न घटने लगता है. वहीं दूसरी ओर अंडरएक्टिव थायरॉइड (हाइपोथायरॉइडिज़्म) होने पर मेटाबॉलिज़्म धीमा हो जाता है, जिसके कारण भूख कम लगती है और कम खाना खाने पर भी वज़न लगातार बढ़ता रहता है.

आंतों की समस्या

ओवरएक्टिव थायरॉइड और अंडरएक्टिव थायरॉइड दोनों के कारण आंतों में  भी गड़बड़ी की समस्या हो सकती है. ये दोनों ही भोजन पचाने और मल-मूत्र के विसर्जन करने की क्रियाओं में मुख्य भूमिका निभाते हैं. अंडरएक्टिव थायरॉइड होने पर व्यक्ति कब्ज़ और डायरिया से परेशान रहता है.

गले में सूजन

सर्दी-जुक़ाम के कारण गले में दर्द और आवाज़ में भारीपन आने लगता है, लेकिन इन लक्षणों की अनदेखी बिल्कुल न करें. कई बार सिंपल से दिखनेवाले ये लक्षण थायरॉइड के भी हो सकते हैं, क्योंकि थायरॉइड होने पर भी गले में दर्द और आवाज़ में भारीपन के साथ-साथ गले में सूजन आती है. अगर गले में सूजन हो, तो इसकी अनदेखी करने की बजाय थायरॉइड टेस्ट कराएं.

मांसपेशियों में दर्द

शारीरिक मेहनत और वर्कआउट करने के बाद बॉडी पेन होना आम बात है. लेकिन ओवरएक्टिव थायरॉइड के कारण भी मांसपेशियों में दर्द होता है. कई बार मांसपेशियों में दर्द के साथ-साथ कमज़ोरी, थकान, कमर व जोड़ों में दर्द और सूजन भी आती है.

अनिद्रा की समस्या

थायरॉइड के प्रमुख लक्षणों में अनिद्रा भी एक लक्षण है. थायरॉइड ग्रंथि का असर व्यक्ति की नींद पर भी पड़ता है, जैसे- रात को नींद नहीं आना, बेचैनी, सोते समय अधिक पसीना आना आदि. नींद न आने के कारण कई बार चक्कर भी आने लगते हैं.

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बालों का झड़ना और त्वचा का ड्राई होना  

हाइपरथायरॉइडिज़्म से ग्रस्त व्यक्ति की त्वचा धीरे-धीरे ड्राई होने लगती है. त्वचा के ऊपर की कोशिकाएं (सेल्स) क्षतिग्रस्त होने लगती हैं, जिसके कारण त्वचा में रूखापन आने लगता है. थायरॉइड के कारण त्वचा में रूखेपन के अलावा बालों की भी कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं, जैसे- बालों का झड़ना, रूखापन आदि.

तनाव में रहना

दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद थकान होना लाज़िमी है, लेकिन अगर आपको ज़रूरत से ज़्यादा ही थकान महसूस हो, तो इसकी वजह थायरॉइड भी हो सकती है. शुरुआत में इस बात का एहसास नहीं होता है कि थकान किस वजह से है, लेकिन जब थायरॉइड ग्रंथि ओवरएक्टिव हो जाती है, तो यह ग्रंथि शरीर में ज़रूरत से बहुत अधिक मात्रा में थायरॉइड हार्मोंस का निर्माण करने लगती है, जिसके कारण तनाव व बेचैनी होने लगती है.

पीरियड्स की अनियमितता

अधिकतर महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना आम बात है, लेकिन उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं होता है कि अंडरएक्टिव और ओवरएक्टिव थायरॉइड के कारण भी पीरियड्स अनियमित होते हैं. इसके लक्षणों में लगातार बदलाव होने पर महिलाएं इस बात से परेशान रहती हैं. जब महिलाओं को हाइपरथायरॉइडिज़्म (ओवरएक्टिव थायरॉइड) की समस्या होती है, तो उन्हें सामान्य से अधिक रक्तस्राव होता है और जब महिलाएं हाइपोथायरॉइडिज़्म (अंडरएक्टिव थायरॉइड) से ग्रस्त होती हैं, तब उन्हें रक्तस्राव बहुत कम होता है या फिर होता ही नहीं है.

डिप्रेशन

अवसाद होने की एक वजह थायरॉइड भी हो सकती है, क्योंकि अवसाद में अधिक नींद आना या अनिद्रा की समस्या होती है. यदि व्यक्तिअंडरएक्टिव थायरॉइड से ग्रस्त है, तो मूड स्विंग होना, आलस, काम में मन न लगना जैसी समस्याएं होती हैं.

थायरॉइड को नियंत्रित करने के लिए क्या खाएं?

थायरॉइड के मरीज़ अगर उपचार के साथ-साथ अपने खानपान पर ध्यान दें, तो बहुत हद तक इसे नियंत्रित किया जा सकता है. उन्हें अपनी डायट में इन चीज़ों को शामिल करना चाहिए, जैसे-

मशरूम: इसमें सेलेनियम अधिक मात्रा में होता है, जो थायरॉइड को नियंत्रित करता है.

अंडा: थायरॉइड के रोगियों को अपनी डायट में अंडा ज़रूर शामिल करना चाहिए. इसमें भी सेलेनियम होता है, जो थायरॉइड को नियंत्रित करने के साथ कमज़ोरी को भी दूर करता है.

नट्स: वैसे तो नट्स सभी को खाने चाहिए, लेकिन थायरॉइड के मरीज़ों को नट्स ज़रूर खाना चाहिए. नट्स में ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो थायरॉइड के कारण होनेवाले हार्ट अटैक के ख़तरे को कम करते हैं.

दही: इसे खाने से इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है और थायरॉइड भी नियंत्रित रहता है.

मेथी: इसमें ऐसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो थायरॉक्सिन नामक हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.

   – पूनम शर्मा

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बालों की सही देखभाल कैसे करें? (Complete Hair Care Guide)

बालों (Hair) को लंबे-घने-मजबूत बनाने के लिए बालों की सही देखभाल बहुत ज़रूरी है. यदि आपको बालों की सही देखभाल का तरीका मालूम है, तो आपके बाल आसानी से लंबे-घने-मजबूत बन सकते हैं. कई लोग बालों की देखभाल के लिए पार्लर में जाकर बहुत पैसा ख़र्च करते हैं, लेकिन उन्हें इससे कोई फ़ायदा नहीं मिलता. बालों की सही देखभाल करने के लिए सबसे पहले आपको ये मालूम होना चाहिए कि आपके बालों को कैसी देखभाल की ज़रूरत है. यदि आप अपने बालों की ज़रूरत के अनुसार उनकी देखभाल करती हैं, तो आपके बाल आसानी से लंबे-घने-मजबूत बन सकते हैं. आइए, हम आपको बताते हैं बालों की देखभाल का सही तरीका.

Complete Hair Care Guide

समझें अपने बालों की ज़रूरत
हर किसी के बाल एक जैसेे नहीं होते, और अलग-अलग तरह के बालों की ज़रूरतें भी अलग-अलग होती है. अतः बालों की सही देखभाल के लिए पहले आपको अपना हेयर टाइप पता होना चाहिए.

ऑयली बालों की देखभाल ऐसे करें

ऑयली बालों को मैनेज करना थोड़ा मुश्किल होता है. ऑयली बाल बहुत जल्दी चिपचिपे हो जाते हैं इसलिए ऑयली बालों पर आसानी से कोई भी हेयर स्टाइल सेट नहीं होती. यदि आपके बाल भी ऑयली हैं, तो आप अपने बालों की सही देखभाल ऐसे कर सकती हैं:

1) बालों को धोने के लिए माइल्ड या बेबी शैंपू का इस्तेमाल करें.
2) ऐसे बालों को रोज़ाना धोना ज़रूरी है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि स्काल्प पर शैंपू का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल न हो.
3) बालों को हमेशा ठंडे या गुनगुने पानी से धोएं. गरम पानी के इस्तेमाल से स्काल्प से और ज़्यादा ऑयल निकलत है, जो बालों को चिपचिपा बना देता है.
4) गरम तेल से स्काल्प का मसाज करें फिर शैंपू से बाल धो लें.
5) अगर आपके बाल बहुत ऑयली हैं, तो कंडीशनर का इस्तेमाल न करें.
6) ऑयली हेयर शाइनी होते हैं. इसलिए हेयर ग्लॉस जेल और शाइन हेयर केयर प्रॉडक्ट्स यूज़ न करें.
7) अगर बाल बहुत ज़्यादा ऑयली है, तो 1 भाग विनेगर में 4 भाग पानी मिलाकर बाल धोएं, लेकिन सीधे स्काल्प पर विनेगर का इस्तेमाल न करें.
8) बालों को बार-बार ब्रश करने से बचें. क्योंकि इससे स्काल्प से अतिरिक्त तेल निकलता है.
9) स्काल्प को रगड़ें या कुरेदे नहीं.
10) पानी में नींबू मिलाकर बाल धोने से भी बालों से एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाता है.
11) इसके अलावा हेल्दी डायट और पर्याप्त पानी पीने से भी ऑयली बालों की समस्या से छुटकारा मिल सकता है.
12) बालों को ब्लो ड्राय न करें, और अगर करना ज़रूरी है, तो कम टेम्प्रेचर पर 5-6 इंच की दूरी से ड्रायर का इस्तेमाल करें.

बाल झड़ना रोकने के आसान उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

रूखे बालों (ड्राई हेयर) की देखभाल ऐसे करें

बहुत ज़्यादा धूप और पसीने से बाल रूखे हो जाते हैं. इसके अलावा कलर, कर्ल करवाने, स्ट्रेटटिंग या कोई भी केमिकल ट्रीटमेंट बालों के नैचुरल ऑयल को नुक़सान पहुंचाता है, जिससे बाल ड्राई यानी रूखे हो जाते हैं. रूखे बालों (ड्राई हेयर) को हेल्दी और शाइनी बनाने के लिए उनकी सही देखभाल ऐसे करें:

1) अगर आपके बाल रूखे हैं तो रोज़ाना शैंपू करने से बचें. क्योंकि इससे स्काल्प के नैचुरल ऑयल को नुक़सान पहुंचता है और बाल ज़्यादा रूखे हो जाते हैं.
2) ज़्यादा प्रोटीन वाला शैंपू यूज़ करें. रूखे व बेजान बालों के लिए माइल्ड और एसिडिक शैंपू बेस्ट होते हैं.
3) हर बार शैंपू करने के बाद कंडिशनर का इस्तेमाल करें. इससे बाल मुलायम और चमकदार बनेंगे.
4) हीट एक्टिवेटेड मॉश्‍चराइज़िंग कंडिशनर का इस्तेमाल करें या हफ़्ते में एक बार ऑयल ट्रीटमेंट लें.
5) हेयर ड्रायर और हॉट आयरन के इस्तेमाल से बचें. ड्रायर, कर्लिंग, स्ट्रेटनिंग और ऑयरन बालों को रूखा और बेजान बनाती है. अगर ड्रायर का इस्तेमाल ज़रूरी हो, तो मिनिमम टेम्प्रेचर पर इसका इस्तेमाल करें.
6) हेयरस्प्रे, हेयर जेल और दूसरी केमिकल युक्त स्टाइलिंग क्रीम से दूर रहें. ये बालों को रूखा बनाते हैं.
7) बाल धोने के बाद जड़ों में नारियल का तेल लगाएं.
8) नमी के लिए बालों में थोड़ा-सा सनफ्लावर ऑयल लगाएं.
9) गरम ऑलिव ऑयल से बालों को मसाज करें और इसे आधे घंटे के लिए प्लास्टिक से कवर कर दें. फिर शैंपू से बाल धो लें.
10) गीले बाल आसानी से टूटते हैं इसलिए गीले बालों में कंघी करते समय सावधानी बरतें.
11) पतले दांत वाली कंघी की बजाय मोटे दांत वाली कंघी का इस्तेमाल करें, इससे बाल आसानी से सुलझ जाएंगें और टूटेंगे भी नहीं.
12) बालों को ब्रश करने के लिए सॉफ्ट ब्रिसल वाला हेयर ब्रश व कंघी का इस्तेमाल करें.

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Complete Hair Care Tips

नॉर्मल बालों की देखभाल ऐसे करें

नॉर्मल बालों को एक्स्ट्रा केयर की ज़रूरत नहीं होती. ये आसानी से मैनेज हो जाते हैं और ऐसे बालों पर कोई भी स्टाइल अप्लाई की जा सकता है. नॉर्मल बालों की सही देखभाल के लिए इन बातों का ख़्याल रखें:

1) हफ़्ते में दो बार माइल्ड शैंपू से बाल धोएं और कंडिशनर भी अप्लाई करें. कंडिशनर लगाकर स्काल्प पर सर्कुलर मसाज करें.
2) हर महीने या दो महीने में बालों को थोड़ा ट्रिम करती रहें.
3) बाल धोने के लिए हमेशा ठंडे या गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें.
4) महीने में एक बार हेयर मास्क अप्लाई करें.
5) बालों की अच्छी सेहत के लिए हेल्दी डायट लें.

बालों की सही देखभाल के आसान टिप्स जानने के लिए देखें वीडियो:

कर्ली बालों की देखभाल ऐसे करें:

1) हफ़्ते में 2 दिन से ज़्यादा शैंपू न करें.
2) बालों की नमी बनाए रखने के लिए हर बार बाल धोने के बाद कंडीशनर लगाएं.
3) ख़ासतौर से कर्ली बालों के लिए बने शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करें.
4) पतले दांत वाली कंघी का इस्तेमाल न करें. ऐसे बालों के लिए मोटे दांत वाली कंघी बेस्ट होती है. बालों को नैचुरल तरी़के से सूखने दें.
5) स्टाइलिंग प्रॉडक्ट्स के बहुत ज़्यादा इस्तेमाल से बचें.

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Complete Hair Care Guide

लंबे बालों की देखभाल ऐसे करें:

1) सोते समय टाइट चोटी न बांधे. क्योंकि खिंचने से बाल टूट सकते हैं.
2) लेंथ मेंटेन रखने के लिए हर 3 महीने में बालों को ट्रिम करवाएं.
3) उलझे बालों को उंगलियों से या मोटे दांत वाली कंघी से सुलझाएं. ग़लती से भी ब्रश का इस्तेमाल न करें. इससे बाल टूट सकते हैं.
4) गीले बालों को तौलिए से रगड़ने की बजाय हल्के हाथों से दबाएं.
5) बालों को टूटने से बचाने के लिए सोते समय सिल्क या सैटिन का स्कार्फ बांधें.

आलिया भट्ट जैसी क्यूट हेयर स्टाइल बनाने के लिए देखें वीडियो:

बालों को स़फेद होने से ऐसे रोकें

अनहेल्दी खान-पान, केमिकल युक्त हेयर प्रॉडक्ट्स के इस्तेमाल और ठीक तरह से सफ़ाई न करने से आजकल असमय बाल स़फेद हो रहे हैं. बालों को स़फेद होने से रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्ख़े:

1) ताज़ा आंवलों को पीसकर पेस्ट बनाएं व बालों पर लगाएं या सूखे आंवले के पाउडर को पानी में मिलाकर सिर पर मसाज करें. इससे बाल ज़्यादा दिनों तक काले रहते हैं.
2) चायपत्ती को पानी में उबालकर छान लें. इस पानी से बालों की जड़ों पर मसाज करें. 1 घंटे बाद धो दें. इससे बालों पर कलर कोट बनता है और वे स़फेद नहीं दिखते.
3) बालों की जड़ों पर नारियल तेल (नींबू सहित), बादाम तेल या सरसों के तेल से मसाज करें. इससे बालों के स़फेद होने की गति कम होती है.
4) नारियल तेल में करीपत्ता डालकर उबालें. इसे बालों पर लगाएं.
5) खाने में मछली, केला, गाजर आदि को शामिल करें. येे शरीर को आयरन और आयोडीन प्रदान करते हैं.

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Complete Hair Care Guide

दोमुंहे बालों की देखभाल ऐसे करें:

1) 1 टीस्पून कैस्टर ऑयल, ऑलिव ऑयल और सरसों तेल को मिक्स करके बालों की जड़ों में क़रीब आधे घंटे तक मसाज करें. फिर इसे पूरे बालों में लगाकर गरम तौलिए से लपेट लें.
2) 1 टीस्पून बादाम के तेल में 1 अंडे की स़फेदी मिक्स करके. जड़ों व बालों में लगाएं और 1 घंटे बाद धो लें.
3) एवोकाडो मास्क को 15 से 30 मिनट तक बालों पर लगाकर रखें फिर धो लें. इसमें आप गरम ऑलिव ऑयल भी मिक्स कर सकती हैं.
4) अगर एवोकाडो नहीं मिले तो इसकी जगह मेयोनीज़ का इस्तेमाल कर सकती हैं. ये मास्क हफ्ते में एक बार लगाएं.
5) दोमुंहे बालों से दूर रहने के लिए बहुत ज़्यादा धूप, ठंडी और तेज़ हवा से बालों को बचाकर रखें. साथ ही दोमुंहे बालों को समय-समय पर ट्रिम करवाती रहें.

दीपिका पादुकोण जैसी एलिगेंट हेयर स्टाइल बनाने के लिए देखें वीडियो:

बालों का झड़ना ऐसे रोकें

प्रदूषण और पोषक तत्वों की कमी से बाल झड़ने लगते हैं. टूटते बालों की समस्या से निजात पाने के लिए आज़माएं ये तरी़के.

1) धूल और गंदगी से बालों की हिफाज़त करें. बाइक पर बैठते समय बालों को दुपट्टे से ढंक लें.
2) शैंपू करने से पहले बालों में से अच्छी तरह तेल लगाएं.
3) नहाने के तुरंत बाद गीले बालों में कंघी करने की भूल न करें.
4) बालों को कुदरती तरी़के से सूखने दें. हेयर  ड्रायर का इस्तेमाल न करें. इससे बाल रूखे और कमज़ोर होते हैं.
5) ग़लती से भी बहुत ठंडे या बहुत गर्म पानी से बाल न धोएं.
6) एलोविरा जेल या जूस से स्काल्प का मसाज करें.
7) शहद में अंडे का पीला भाग मिलाकर स्काल्प पर लगाएं और आधे घंटे बाद शैंपू कर लें.
8) अंडे में नींबू का रस मिलाकर सिर पर मसाज करने से बालों की जड़ें मज़बूत होती हैं.
9) नारियल के तेल में सूखा आंवला डालकर उबालें और बालों में अप्लाई करें. यह बालों के लिए टॉनिक का काम करता है.
10) नारियल के तेल में नींबू का रस मिलाकर लगाने से बालों का गिरना कम होता है.
11) सरसों के तेल में मेंहदी की पत्तियां डालकर उबालें और बालों पर लगाएं. इससे भी बालों का गिरना कम होता है.
12) हरी धनिया की पत्तियों को पीसकर जूस निकालें और सिर पर मसाज करें.
13) नीम की पत्तियों को 1 घंटे पानी में उबालें और ठंडा होने दें. बालों को इसी पानी से धोएं. चाहें तो नारियल तेल में नीम का तेल मिलाकर सिर पर लगाएं.

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Complete Hair Care Tips

रूसी (डैंड्रफ) से छुटकारा ऐसे पाएं

तनाव, बैलेस डायट का अभाव और बदलते मौसम की वजह से डैंड्रफ़ की समस्या आम हो गई है. इसे दूर करने के लिए आज़माए ये नुस्ख़े:

1) बाल धोने के लिए एंटी डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करें.
2) शुद्ध नारियल के तेल से हेयर मसाज करें.
3) नारियल के तेल में छोटा-सा प्याज़ डालकर गरम करें और इससे हेयर मसाज करें.
4) जैतून का तेल, नींबू का रस और नारियल का तेल मिलाकर हल्का-सा गुनगुना कर लें और उंगलियों के पोरों से बालों की जड़ों में लगाएं.
5) मेथीदाना और राई का पेस्ट बनाकर बालों में लगाएं.
6) तेल में कपूर डालकर तेल को गर्म करें. इसे बालों की जड़ों में 10 मिनट तक मसाज करें. आधे घंटे बाद बाल धो लें.
7) एक भाग नींबू के रस में दो भाग नारियल का तेल मिलाएं. इससे बालों की जड़ों में मसाज करें. इसी तरह 1 टीस्पून कैस्टर, राई और नारियल के तेल को मिलाकर बालों की जड़ों में मसाज़ करें. 3-4 घंटे बाद बाल धो लें.
8) व्हीट जर्म ऑयल को गरम करके बालों की जड़ों में मसाज करें और आधे घंटे तक टॉवेल से लपेटकर रखें. फिर शैंपू कर लें.
9) दही और नींबू के मिश्रण को स्काल्प पर लगाएं और 1 घंटे बाद धो लें. हर दूसरे दिन ऐसा करने से 2 हफ़्तों में रूसी ख़त्म हो जाएगी.
10) बाल धोने के आधे घंटे पहले एलोविरा ऑयल से हेयर मसाज भी रूसी ख़त्म करने में सहायक है.
11) 1 टीस्पून मेथीदाने को रातभर पानी में भिगोकर रखें. सुबह इसका पेस्ट बनाकर बालों की जड़ों में लगाएं और आधे घंटे बाद धो लें.
12) 100 ग्राम आंवला, रीठा और शिकाकाई को 2 लीटर पानी में उबाले. जब पानी जलकर आधा हो जाए तो इसे आंच से उतारकर ठंडा कर लें . इस शैंपू से हफ़्ते में 2 बार बाल धोएं डैंड्रफ़ दूर हो जाएगा.
13) किसी भी एंटी डैंड्रफ़ शैंपू में 2 एस्प्रीन को गोलियां मिलाकर बाल धोएं. रूसी का सफाया हो जाएगा.
14) आंवले के रस में नींबू का रस मिलाकर बालों पर लगाने से बाल मज़बूत होते हैं और डैंड्रफ़ से भी छुटकारा मिलता है.

सोनम कपूर जैसी ग्लैमरस हेयर स्टाइल बनाने के लिए देखें वीडियो:

बालों की सही देखभाल के आसान तरी़के

1) बालों को सही पोषण देने के लिए सप्ताह में 2 बार गुनगुने तेल से मसाज करें. ऑयल मसाज से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, साथ ही उचित पोषण भी मिलता है.
2) बाल धोने से 2-3 घंटे पहले नारियल के गुनगुने तेल से मसाज करें. फिर गर्म पानी में डुबोकर निचोड़े हुए तौलिए से बालों को लपेटकर रखें. एक-डेढ़ घंटे बाद धो लें.
3) 1 टीस्पून ग्लिसरीन, एक अंडे की स़फेदी और 2 टीस्पून कैस्टर ऑयल- तीनों को मिलाकर बालों की जड़ों में लगाएं. एक-डेढ़ घंटे बाद बाल धो लें.
4) बालों की डीप कंडीशनिंग के लिए दही, बीयर और अंडे का प्रयोग करें.
5) बालों को हेल्दी बनाने के लिए खाना सनफ्लावर ऑयल में पकाएं. सनफ्लावर ऑयल में एसेंशियल ़फैटी एसिड होता है, जो बालों को नमी प्रदान करता है.
5) बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए कैस्टर ऑयल (एरंडी का तेल) लगाएं. कैस्टर ऑयल हेयर टॉनिक का काम करता है.
6) सनफ्लावर ऑयल से बालों की जड़ों में मसाज करने से बालों का रूखापन दूर होता है.
7) बालों में चमक लाने के लिए 2 टीस्पून मेहंदी पाउडर में 1 टीस्पून दही, 1 टीस्पून मेथीदाना पाउडर, 1 टेबलस्पून कॉफी, 2 टेबल्सपून पुदीने का रस, 2 टेबलस्पून तुलसी का रस मिलाकर पेस्ट बनाएं और 2 घंटे तक बालों में लगाकर रखें. फिर बाल धो लें. अगर डार्क कलर चाहती हैं तो 3-4 घंटे रखें.
8) हेल्दी हेयर के लिए 2-3 दिन के अंतराल पर शैंपू करें. डेली शैंपू करने से बालों के नैचुरल ऑयल नष्ट हो जाते हैं. जिससे बाल और स्काल्प दोनों ड्राय हो जाते हैं.
9) अगर आपके बाल ऑयली है, तो बालों की जड़ों में पानी स्प्रे करें या फिर बेबी पाउडर छिड़कें.
10) ब्लो ड्राय करते समय उलझे बालों को उंगलियों से सुलझाएं. बाल अच्छी तरह सूख जाने के बाद ही ब्रश का इस्तेमाल करें.
11) बालों को रेग्युलर कलर करें. हर 28 दिन बाद कलर करने से बालों को नुक़सान नहीं पहुंचता.
12) शाइनी हेयर के लिए पानी में शाइन सिरम की कुछ बूंदे मिलाकर बालों पर स्प्रे करें.

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वर्ल्ड कैंसर डे 2019: कैंसर से बचने के आसान घरेलू उपाय (World Cancer Day 2019: How To Cure Cancer Naturally)

क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में कैंसर (Cancer) के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है? क्या आप जानते हैं कि भारत में हर वर्ष मुंह और गले के कैंसर से पीड़ित 10 लाख रोगी सामने आ रहे हैं? इनमें से आधे मरीज़ों की मृत्यु रोग की पहचान देर से होने से होती है. इसी तरह स्तन, फेफड़े, सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित रोगियों की संख्या में भी कोई कमी नहीं है. कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्‍व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) हर साल 4 फरवरी को वर्ल्ड कैंसर डे (World Cancer Day) मनाता है. कैंसर से बचना आसान है, बशर्ते हम अपनी लाइफ स्टाइल सही रखें और सेहत से जुड़े संकेतों पर ध्यान दें.

World Cancer Day

शरीर के संकेतों को समझें
कैंसर की शुरुआत में शरीर के किसी भाग में असामान्य सेल ग्रोथ होती है. यह सेल ग्रोथ धीरे-धीरे अन्य अंगों तक भी पहुंच जाती है. 35 से 50 वर्ष की उम्र के दौरान सिगरेट, शराब, मोटापा, जंक फूड, प्रदूषण आदि के कारण कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है. कैंसर के एक तिहाई मामले शुरुआती दौर में पता चल जाने पर ठीक हो जाते हैं. अतः सेहत के प्रति सतर्क रहें और शरीर में होने छोटे-छोटे बदलावों या सेहत से जुड़े संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें.

इस हेल्थ ड्रिंक से कैंसर को दूर भगाएं, देखें वीडियो: 

कैसे करें कैंसर के संकेतों की पहचान?
कैंसर के अधिकतर रोगियों के न बच पाने की सबसे बड़ी वजह है रोग का सही समय पर पता न चलना. यदि बीमारी का पता पहली स्टेज में ही चल जाए, तो मरीज को बचाना आसान हो जाता है. अतः कैंसर से बचने के लिए इसके संकेतों पहचानना बहुत ज़रूरी है. आइए, जानते हैं कैंसर के लक्षणों के बारे में.

1) पेशाब में खून आना
यदि पेशाब में से खून निकले, तो ये ब्लैडर या किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है. ऐसा इंफेक्शन के कारण भी हो सकता है, फिर भी डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है.

2) तिल या मस्से जैसा निशान
यदि शरीर पर अचानक तिल या मस्से जैसा निशान उभर आए, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें. ये तिल या मस्सा ही हो ये ज़रूरी नहीं, ये कैंसर का लक्षण भी हो सकता है.

3) गांठ उभर आना
यदि शरीर के किसी भी हिस्से पर गांठ महसूस हो, तो उस पर ध्यान ज़रूर दें. हालांकि हर गांठ कैंसर का संकेत नहीं होती, लेकिन उसे नज़रअंदाज़ करना ख़तरनाक हो सकता है. ख़ासकर स्तन में गांठ हो, तो डॉक्टर को ज़रूर बताएं.

4) घाव का न भरना
यदि कोई जख़्म लंबे समय तक नहीं भरता, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए और डॉक्टर से इसकी जांच करवानी चाहिए.

5) बेवजह वजन घटना
वज़न घटना भी कैंसर का संकेत हो सकता है. वयस्कों का वज़न आसानी से नहीं घटता. कोई यदि बिना वजह दुबला होता जा रहा है, तो उसकी वजह जानना बेहद ज़रूरी है.

6) पाचन में तकलीफ़
पाचन में तकलीफ़ होना भी सामान्य बात नहीं है. यदि आपको लगातार पाचन में दिक्कत हो रही है, तो डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें.

7) निगलने में दिक्कत
यदि आपको निगलने में दिक्कत हो रही है और ऐसा लगातार हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें. ये गले के कैंसर का संकेत भी हो सकता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर के पास अवश्य जाएं.

8) दर्द में सुधार न होना
हालांकि हर दर्द कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन दर्द में यदि कोई सुधार न हो यानी दर्द लगातार बरकरार रहे, तो ये कैंसर भी हो सकता है. अत: शरीर के किसी भी अंग में लगातार दर्द होने पर उसकी जांच अवश्य कराएं.

9) पीरियड्स का न रुकना
यदि पीरियड्स के बाद भी लगातार ब्लीडिंग होती रहे, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें, महिलाओं के लिए ये संकेत सही नहीं है. ये सर्वाइकल कैंसर का संकेत भी हो सकता है.

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World Cancer Day 2019

कैसे से बचने के 20 प्राकृतिक तरीके
कैंसर से बचना आसान है, यदि इसके संकेतों को जल्दी पहचान लिया जाए. कैंसर के जिन मरीज़ों की पहचान पहली स्टेज पर हो जाती है, उन्हें आसानी से बचाया जा सकता है. अतः कैंसर से बचाव के लिए सकर्त और सचेत रहना बहुत ज़रूरी है.

1) हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का अधिक से अधिक सेवन करें. साथ ही फूलगोभी, पत्तागोभी, टमाटर, एवोकाडो, गाजर जैसे फल और सब्ज़ियों को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें.
2) खाने में तेल का प्रयोग कम करें. हो सके तो ऑलिव ऑयल में खाना बनाएं.
3) अपना वज़न कंट्रोल में रखें. मोटापे के कारण कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है.
4) प्रदूषण से ख़ुद को बचाने की कोशिश करें, क्योंकि प्रदूषण के कारण भी कैंसर हो सकता है.
5) रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें. साथ ही आठ घंटे की पर्याप्त नींद लें.
6) सिगरेट, शराब, गुटका, पान मसाला आदि से दूर रहें.
7) नियमित रूप से एक्सरसाइज़, योग व मेडिटेशन करते रहें. ये कैंसर से बचने का बहुत ही कारगर उपाय है.
8) यदि परिवार में ब्रेस्ट कैंसर की हिस्ट्री है, तो नियमित रूप से चेकअप ज़रूर करवाएं.
9) नमक सीमित मात्रा में खाएं. नमक के अधिक सेवन से पेट का कैंसर होने की संभावना रहती है.
10) शक्कर का सेवन भी कम करें. शक्कर का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन मोटापे के साथ ही कैंसर का कारण भी बन सकता है.

10 आदतें बिगाड़ सकती हैं आपकी किडनी की सेहत, देखें वीडियो:

11) इलेक्ट्रोनिक चीज़ों का कम से कम प्रयोग करें.
12) रोज़ 4 से 6 बादाम खाने से शरीर में कैंसर नहीं होता तथा शरीर व दिमाग़ भी स्वस्थ रहता है.
13) दांत, कान, आंख, मलद्वार, मूत्रद्वार तथा त्वचा की अच्छी तरह सफ़ाई करें. ऐसा न करने से भी कैंसर होने की संभावना रहती है.
14) बारीक आटा, चावल, मैदा तथा रिफाइंड ऑयल का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन करने से भी कैंसर रोग हो सकता है. अत: इनका कम से कम प्रयोग करें.
15) साफ़-सुथरे वातावरण में अधिक से अधिक रहें.
16) साल में एक-दो बार किसी हिल स्टेशन की सैर अवश्य करें.
17) भावनात्मक रूप से मज़बूत बनें, क्योंकि भावुक होना भी कैंसर को न्योता देना है.
18) इसी तरह तनाव से दूर रहने की कोशिश करें.
19) चाय-कॉफी का अधिक सेवन न करें.
20) मांसाहार से परहेज़ करें, ख़ासकर रेड मीट का सेवन न करें.

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World Cancer Day 2019

कैंसर से बचने के 20 आसान घरेलू उपाय

हमारे किचन में ही ऐसी कई चीज़ें मौजूद होती हैं, जिनके सेवन से हम कैंसर से दूर रह सकते हैं. कौन-सी हैं वो चीज़ें? आइए, जानते हैं.

1) तुलसी
तुलसी को कैंसर किलर कहा जाता है. तुलसी के नियमित सेवन शरीर के अनेक रोग समाप्त हो जाते हैं. अत: हर रोज़ तुलसी के 2 या 3 पत्ते अवश्य खाएं. ऐसा करने से आपको कैंसर तो क्या ज़ुकाम भी नहीं होगा.

2) गाय का दूध
गाय के दूध में इतनी शक्ति होती है कि ये हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही हमें कई रोगों से भी बचाता है. गाय के दूध के नियमित सेवन से आप कैंसर को अपने जीवन से दूर रख सकते हैं.

3) हल्दी
हल्दी का हमारे भोजन में विशेष स्थान है और इसका प्रयोग शुभ कार्यों में भी किया जाता है. हल्दी एक बेहतरीन एंटीसेप्टिक है इसलिए इसका नियमित प्रयोग अवश्य करें. हल्दी का रोज़ाना सेवन कैंसर से बचने का आसान घरेलू उपाय है.

4) पानी
पानी ख़ूब पीएं. दिनभर में कम से कम 3 से 5 लीटर पानी ज़रूर पीएं. हां, गंदे पानी के सेवन से बचें, क्योंकि इसके प्रयोग से कैंसर हो सकता है. अत: स्वच्छ व शुद्ध पानी ही पीएं. इसके अलावा रात में तांबे के बर्तन में पानी भरकर रखें. इसमें 3 या पांच तुलसी के पत्ते डाल दें. सुबह खाली पेट यह पानी पीएं. कैंसर से बचने का यह एक कारगर नुस्खा है.

5) पुदीना
पुदीना यानी मिंट में ऐसे रासायनिक तत्व पाये जाते हैं जिनमें कैंसर के लिए ज़िम्मेदार फ्री रेडिकल्स से लड़ने की शक्ति होती है. पुदीना का नियमित प्रयोग करके कैंसर से आसानी से बचा जा सकता है.

6) नीम
नीम को आयुर्वेद में सर्व रोग नाशक कहा गया है. नीम में कैंसर से लड़ने की भी ताक़त होती है. कैंसर के रोगी को यदि रोज़ नीम के 8-10 पत्ते खिलाए जाएं, तो उसकी सेहत में जल्दी ही सुधार होने लगता है.

7) सोया
सोया कैंसर से लड़ने में प्रभावशाली होता है. सोया में मौजूद ओमेगा 3 शरीर में पोषक तत्व पहुंचाकर कैंसर के शुरुआती लक्षणों को पहले ही रोक दाता है इसलिए भोजन में सोया का अधिक से अधिक प्रयोग करें. यह टयूमर को बढ़ने नहीं देता और उसके आकार को भी घटाता है.

8) दही
दही आंतों में होने वाले कैंसर से बचाता है.
दही में मौजूद बैक्टीरिया कैंसर से लड़ने में मददगार होते हैं. ये शरीर में कैंसर को बढ़ने से रोकते हैं.

9) नारियल पानी
नारियल पानी के सेवन में आंतों और लीवर के कैंसर में फायदा मिलता है. साथ ही ये कैंसर की संभावना को भी कम करता है. अत: नियमित रूप से नारियल पानी का सेवन करें.

10) बेल
बेल का जूस भी कैंसर को रोकने में प्रभावी है. बेल के जूस का सेवन करने से ब्लड कैंसर और हड्डियों के कैंसर का प्रभाव कम हो जाता है.

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11) गाजर
गाजर का सेवन सेहत के लिए जितना फ़ायदेमंद है, कैंसर की रोकथाम के लिए भी उतना ही असरदार है. गाजर को सलाद की तरह खाएं या इसका जूस नियमित रूप से पीएं.

12) टमाटर
टमाटर में मौजूद प्रोटीन शरीर में कैंसर के प्रभाव से होने वाले खतरों को कम करता है इसलिए अपने डेली डायट में टमाटर का प्रयोग अवश्य करें. साथ ही टमाटर का सलाद, सूप आदि का भी सेवन करें.

13) पत्तागोभी
पत्तागोभी भी कैसर को रोकने में मददगार है इसलिए पत्तागोभी का भी नियमित सेवन करते रहें.

14) लहसुन
कैंसर के रोगी के लिए लहसुन एक उपयोगी औषधि की तरह है. कैंसर के रोगी को यदि लहसुन को पीसकर पानी में घोलकर पीने के लिए दिया जाए, तो इससे कैंसर के रोग में बहुत फ़ायदा होता है. कैंसर से बचने के लिए लहसुन का पानी कोई भी पी सकता है.

15) कलौंजी
कलौंजी भी कैंसर की रोकथाम में कारगर है. इसमें मौजूद कैरोटिन कैंसर के प्रभाव को शरीर में ही नहीं देता. अत: कलौंजी का नियमित प्रयोग करते रहें.

16) ग्रीन टी
एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर ग्रीन टी शरीर के अंदर की गंदगी को ख़त्म करती है और कैंसर के सेल्स को खत्म करने में मदद करती है.

17) चुकंदर
चुंकदर का आधा कप जूस दिन में 2 से 3 बार पीने से कैंसर को शुरुआत में ही रोका जा सकता है. चुकंदर ब्लड कैंसर से होने वाले प्रभावों से शरीर की रक्षा करता है.

18) नींबू
नींबू का रस कैंसर रोगी के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. इसके सेवन से कैंसर में फ़ायदा मिलता है.

19) अंगूर
अंगूर का सेवन या अंगूर का जूस पीना भी कैंसर से बचाव का कारगर उपाय है.

20) अदरक
अदरक का रस दिन में दो बार रोज़ान दो चम्मच की मात्रा में लेने से कैंसर में बहुत लाभ होता है.

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10 घरेलू नुस्ख़े डार्क सर्कल से दिलाते हैं छुटकारा (10 Easy Home Remedies To Get Rid Of Dark Circles Naturally)

10 घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies) डार्क सर्कल (Dark Circles) से दिलाते हैं छुटकारा वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के. डार्क सर्कल से चेहरे की ख़ूबसूरती बिगड़ जाती है. आंखों के आसपास घिर आए डार्क सर्कल यदि आपके चेहरे की रंगत भी बिगाड़ रहे हैं, तो 10 घरेलू नुस्ख़े आज़माएं, ये डार्क सर्कल से दिलाते हैं छुटकारा वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के. दादीमां के घरेलू नुस्ख़ों में ऐसे कई घरेलू उपचार हैं, जो आपको अपने किचन में ही मिल जाते हैं और मिनटों में आपकी समस्या का समाधान कर देते हैं. आप भी ये 10 घरेलू नुस्ख़े अपनाएं और डार्क सर्कल से छुटकारा पाएं.

Home Remedies For Dark Circles

10 घरेलू नुस्ख़े डार्क सर्कल से दिलाते हैं छुटकारा

1) पुदीने की पत्तियां व खीरे को पीसकर पेस्ट बना लें और इसे प्रभावित जगह पर लगाएं. ऐसा नियमित रूप से करने से धीरे-धीरे डार्क सर्कल कम हो जाते हैं.
2) बादाम को रातभर पानी में भिगोकर सुबह पीस लें. इसमें कुछ बूंदें नींबू का रस मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं. डार्क सर्कल से छुटकारा पाने का ये आसान और असरदार उपाय है.
3) टमाटर की प्यूरी में थोड़ा-सा बेसन और 2-3 बूंद नींबू का रस मिलाकर लगाने से भी डार्क सर्कल से छुटकारा मिलता है.
4) कच्चे आलू को पीसकर पेस्ट बना लें और डार्क सर्कल पर लगाएं. ऐसा करने से डार्क सर्कल कम होे जाते हैं.
5) रोज़ाना खीरे की स्लाइस काटकर आंखों पर रखने से भी डार्क सर्कल कम होते हैं.

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6) रोज़ाना आंखों के चारों ओर कच्चे आलू या मूली का रस लगाएं.
7) अनार के छिलके का पेस्ट आंखों के आस-पास लगाने से डार्क सर्कल में फ़ायदा होता है.
8) खीरे के जूस में बराबर मात्रा में गुलाब जल मिलाकर इस मिश्रण में रूई डुबोकर आंख के ऊपर रखें. ऐसा करने से आंखों को ठंडक मिलती है और डार्क सर्कल दूर होते हैं.
9) रोज़ाना रात को सोने से पहले रुई या कॉटन पैड को दूध में डुबोकर आंखों पर रखें. 10 मिनट बाद हटाकर सो जाएं.
10) रोज़ाना आंखों में 2-3 बूंद रोज़ वॉटर ज़रूर डालें, इससे आंखों की चमक बनी रहती है और डार्क सर्कल भी दूर होते हैं.

5 घरेलू फेस पैक से पाएं गोरी-सुंदर त्वचा, देखें वीडियो:

झुर्रियों से छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय (5 Easy Home Remedies To Get Rid Of Wrinkles Naturally)

झुर्रियों (Wrinkles) से छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय अपनाकर (Easy Home Remedies) आप अपने चेहरे को झुर्रियों से आसानी से बचा सकती हैं. झुर्रियां बढ़ती उम्र का संकेत हैं, लेकिन आजकल की तनावभरी ज़िंदगी, प्रदूषण, केमिकल युक्त ब्यूटी प्रॉडक्ट्स आदि के कारण कई लोगों के चेहरे पर उम्र से पहले ही झुर्रियां नज़र आने लगती हैं. ऐसे में झुर्रियों से बचने के लिए सबसे पहले अपनी लाइफ स्टाइल पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. साथ ही तनाव, प्रदूषण, केमिकल युक्त ब्यूटी प्रॉडक्ट्स आदि से बचने की कोशिश करनी चाहिए. यहां पर हम आपको बता रहे हैं झुर्रियों से छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपको झुर्रियों से राहत दिलाएंगे.

Home Remedies To Get Rid Of Wrinkles

 

उम्र से पहले चेहरे पर झुर्रियां क्यों पड़ती हैं?
कई लोगों को उम्र से पहले ही झुर्रियां होने लगती हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह होती है अनियमित लाइफस्टाइल, तनाव और प्रदूषण. आइए, जानते हैं उम्र से पहले क्यों हो जाती हैं झुर्रियां?

* अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा मीठा खाती हैं, तो ये आपकी त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि ज़रूरत से ज़्यादा मीठा खाने से भी उम्र से पहले ही झुर्रियां पड़ने लगती हैं.
* यदि आप प्रदूषण में ज़्यादा रहती हैं, तो इसका असर भी आपकी त्वचा पर पड़ सकता है. प्रदूषण में ज़्यादा रहने से त्वचा पर उम्र से पहले झुर्रियां पड़ सकती हैं.
* नींद पूरी न होने से भी चेहरे पर जल्दी झुर्रियां पड़ने लगती हैं.
* सिगरेट-शराब की लत भी स्किन के लिए अच्छी नहीं होती. जिन लोगों को सिगरेट-शराब की लत होती है, उनके चेहरे पर भी जल्दी झुर्रियां पड़ने लगती हैं.
* तनाव हमारी सेहत की तरह ही स्किन के लिए बहुत हानिकारक होता है. जो लोग बहुत तनाव में रहते हैं, उनकी त्वचा पर भी जल्दी झुर्रियां पड़ने लगती हैं.

झुर्रियों से छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

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झुर्रियों से छुटकारा पाने के आयुर्वेदिक घरेलू नुस्ख़े
* मक्के व ज्वार का आटा और मलाई को अच्छी तरह मिलाकर चेहरे पर लगाएं. सूखने पर धो लें. ज्वार का आटा डेड सेल्स हटाता है. मक्के का आटा त्वचा में कसाव लाता है और मलाई से त्वचा को नमी मिलती है इसलिए इस लेप के प्रयोग से झुर्रियों से राहत मिलती है.
* 1 टीस्पून बेसन, 2 चुटकी हल्दी, 5-6 बूंद जैतून का तेल मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 20 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो दें. झुर्रियों से निजात पाने का ये एक आसान और असरदार उपाय है.
* एक टीस्पून दही में एक चम्मच उड़द दाल का पाउडर डालकर पेस्ट तैयार करें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर सूखने दें. जब पेस्ट सूख जाए तो पानी के छींटे मारें और गीले कॉटन से पोंछ लें.
* एक टीस्पून अंडे की जर्दी में उतनी ही में टमाटर व नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं. झुर्रियों से छुटकारा पाने का ये एक आसान घरेलू नुस्ख़ा है इसलिए आप इसे ट्राई कर सकती हैं.
* एक टीस्पून स्किम्ड मिल्क पाउडर, एक अंडे की स़फेद ज़र्दी और आधा टीस्पून शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरा धो दें. इसके प्रयोग से झुर्रियों से तो राहत मिलती ही है, त्वचा की रंगत भी निखर जाती है.
* 1 टमाटर और संतरे का गूदा व आधे पपीते के गूदे में 1-1 टीस्पून गुलाबजल व ग्लिसरीन मिलाएं. 20 मिनट तक इस पेस्ट को चेहरे पर लगा रहने दें. सूखने पर चेहरा धो लें. यह पेस्ट आपको जवां निखार देगा.

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एसिडिटी व गैस से छुटकारा पाने के 5 चमत्कारी घरेलू नुस्ख़े (5 Best Home Remedies To Get Rid Of Acidity And Gas)

एसिडिटी व गैस (Acidity And Gas) से छुटकारा पाने के 5 चमत्कारी घरेलू नुस्ख़े (Home Remedies) आज़माकर देखिए, आपको मिनटों में एसिडिटी व गैस से राहत मिल जाएगी. दादीमां के घरेलू नुस्ख़े बहुत ही आसान और असरदार हैं. यदि आप भी अक्सर एसिडिटी व गैस से परोशान रहते हैं, तो एसिडिटी व गैस से छुटकारा पाने के 5 चमत्कारी घरेलू नुस्ख़े ज़रूर आपके बहुत काम आएंगे.

Home Remedies for Acidity

क्यों होती है एसिडिटी?
इसे अम्लपित्त भी कहते हैं. इसमें आमाशय में एसिड ज़्यादा बनता है. इससे भोजन ठीक से पचता नहीं. उससे जो अन्न रस बनता है, वह अम्ल में बदल जाता है. इससे पाचन संबंधी कई विकार पैदा हो जाते हैं. लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने से अम्लपित्त नामक रोग हो जाता है. यह रोग वातावरण में आर्द्रता के कारण होता है, इसलिए यह बरसात में ज़्यादा होता है. इसके अतिरिक्त तेज़ मिर्च-मसाले वाले पदार्थ, खट्टे-चटपटे खाद्य पदार्थों के ज़्यादा सेवन से भी अम्लरस ज़्यादा बनने लगता है. चाय, कॉफी, सिगरेट, शराब आदि के ज़्यादा सेवन से भी अम्लता बढ़ जाती है.एसिडिटी होने पर पेट, छाती व गले में जलन होती है, खट्टी डकारें आती हैं. डकार के साथ-साथ गले में खट्टा व तीखा पानी भी आ जाता है. कभी-कभी उल्टी भी हो जाती है. अम्लपित्त में अपच, कब्ज़ व दस्त की भी शिकायत होती है.

क्यों होती है पेट में गैस?
पेट में गैस एक आम समस्या बनती जा रही है. आमतौर पर पाचन संबंधी गडबड़ी से पेट में गैस बनने लगती है. यह किसी अन्य रोग का लक्षण भी हो सकता है. अनियमित भोजन और नींद से पेट में गैस होती है. तनाव, भय, क्रोध, द्वेष व चिंता में रहने, चाय-कॉफी, धूम्रपान, लंबे समय तक भूखे रहने, मसाला व तैलीय भोजन से भी गैस बनने लगती है. पेट में गैस होने पर खुलकर भूख नहीं लगती. पेट में हवा भरी लगती है. पेट व पीठ में हल्का दर्द होता है, दस्त साफ़ नहीं होती या शौच सूख जाता है, डकारें ज़्यादा आती हैं, थकावट व आलस्य घेरे रहते हैं.

एसिडिटी व गैस से छुटकारा पाने के 5 चमत्कारी घरेलू नुस्ख़े जानने के लिए देखें वीडियो:

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एसिडिटी व गैस से छुटकारा पाने के 5 अन्य घरेलू नुस्ख़े:
1) 1 चम्मच अजवायन में चौथाई चम्मच नींबू का रस मिलाकर चाटें. गैस शीघ्र शांत होगी.
2) एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए अदरक के रस में थोड़ा-सा सेंधा नमक और भुना हुआ जीरा डालकर सेवन करें और ऊपर से आधा ग्लास छाछ पीएं.
3) 1 ग्लास गर्म दूध में 2 चम्मच एरंडी का तेल डालकर पीएं. ऐसा करने से गैस से तुरंत लाभ होगा.
4) चोकर सहित आटे की रोटी खाने से एसिडिटी और गैस में फायदा होता है.
5) 1 ग्लास गन्ने का रस गरम करके उसमें नींबू रस और थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर दिन में कम से कम 2 बार पीएं. ऐसा करने से गैस से राहत मिलती है.

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विंटर डायट टिप्स (Winter Diet: Best Foods To Eat In Winter To Stay Healthy)

Winter Diet Tips

विंटर डायट टिप्स (Winter Diet: Best Foods To Eat In Winter To Stay Healthy)

सर्दियों (Winter) का मौसम अपने साथ लो इम्यूनिटी (Low Immunity) की समस्या लेकर आता है, जिसके कारण लोग आसानी से सर्दी-ज़ुकाम और इंफेक्शन्स के शिकार हो जाते हैं. इन सबसे बचने के लिए आपको अपने डायट (Diet) का ख़ास ध्यान रखना होगा, साथ ही ऐसे सुपर फूड्स (Super Foods) अपने डायट में शामिल करने होंगे, जो आपको अंदर से स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ सेहतमंद (Healthy) भी बनाएं.

डेली डायट टिप्स

–     मौसमी फल, जैसे- संतरा, स्ट्रॉबेरी और आंवला एंटी ऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी के गुणों से भरपूर हैं. इन्हें अपने डेली डायट में शामिल करें.

–     इसी तरह हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, जैसे- पालक, मेथी, सरसों, सोवा और हरी प्याज़ आपकी सेहत के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकती हैं.

–     सर्दियों में हमारी जठराग्नि तेज़ हो जाती है, जिससे खाना आसानी से पच जाता है. ऐसे में ज्वार, बाजरा, नाचनी जैसे साबूत अनाज के अलावा आप प्रोटीन से भरपूर उड़द दाल, राजमा और बीन्स को अपने रोज़ाना की डायट में शामिल करें.

–     विटामिन सी से भरपूर सिट्रस फ्रूट्स, टमाटर, रेड पेपर और शकरकंद आदि को अपने डेली डायट का हिस्सा बनाएं, ताकि आपकी प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बने और एनर्जी लेवल भी बूस्ट हो.

–    ज़िंक आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बनाने में मदद करता है, ऐसे में ज़िंक से भरपूर फल, जैसे- ब्लैक बेरी, अनार, एवोकैडो, अमरूद, पीच, कीवी को डायट में शामिल करें. इसके अलावा काबुली चना, बीन्स, मीट, अंडा आदि भी ज़िंक रिच फूड हैं.

–    साल्मन और कॉड फिश के साथ दूध, चीज़  विटामिन बी 12 के अच्छे स्रोत हैं. ये आपकी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ थकान व तनाव से आपको बचाते हैं.

–    आलू और शकरकंद को भूनकर खाना आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगा.

–    सर्दियों में घर का बना ताज़ा और गर्म खाना ही खाएं. पहले से बनाया हुआ या पैक्ड फूड न खाएं.

–     हाइड्रेशन का भी पूरा ख़्याल रखें. पानी के अलावा हर्बल टी, ग्रीन टी, सूप आदि का सेवन करें.

–     अगर सर्द मौसम के कारण मूड अच्छा नहीं लग रहा हो, तो डार्क चॉकलेट खाएं. यह मूड चेंजर है, जिससे आपको अच्छी फीलिंग आएगी.

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विंटर सुपर फूड्स

सर्दियों का मौसम अपने साथ सुपर फूड की बेहतरीन वेरायटी लेकर आता है. फल-सब्ज़ियों के अलावा कुछ और भी खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें आप अपने विंटर डायट में ज़रूर शामिल करें, ताकि सर्दियों का असर आपकी सेहत पर न पड़े. ये आपको गर्म बनाए रखने में मदद करते हैं.

शहद: विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर शहद सर्दियों के लिए बेस्ट रेमेडी है. सर्दी-ज़ुकाम, गले के इंफेक्शन और कई तरह की एलर्जी से यह आपको राहत दिलाता है.

ड्रायफ्रूट्स: दिनभर एनर्जेटिक बने रहने के लिए सुबह-सुबह ड्रायफूट्स से बेहतर भला क्या हो सकता है. विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर बादाम, पिस्ता, अखरोट के अलावा आप मुनक्का, अंजीर और ऐप्रीकोट को भी अपने विंटर डायट में शामिल करें.

कालीमिर्च, मेथी और हींग: यह मौसम ही ऐसा है कि आपको गर्माहट देनेवाली चीज़ें अपने खाने में शामिल करने की ज़रूरत है. रोज़मर्रा के खाने में चाय हो या सूप या फिर दाल- कालीमिर्च, मेथी, हींग, जीरा और राई की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें.

तुलसी और अदरक: एंटीबैक्टीरियल, एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुणों से भरपूर तुलसी वैसे तो हर मौसम में आपके लिए ज़रूरी है, पर सर्दियों में सर्दी-ज़ुकाम के कारण इसकी ज़रूरत कुछ ज़्यादा ही बढ़ जाती है. गले की खराश हो या फिर कफ़ की शिकायत- अदरक ठंड के कारण होनेवाली सभी छोटी-मोटी समस्याओं से आपको निजात दिलाता है.

घी: लोगों को बहुत बड़ी ग़लतफ़हमी है कि घी से फैट बढ़ता है, जबकि रिसर्च में भी यह बात साबित हो चुकी है कि यह आपके शरीर से बैड फैट को कम करता है. यह आपको शेप में बने रहने में मदद करता है. सर्दियों में रोज़ाना एक चम्मच घी ज़रूर खाएं.

गुड़: पाचनशक्ति को बेहतर बनाने के साथ-साथ यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मज़बूत बनाता है. साथ ही यह आपको गर्म बनाए रखता है, जिससे कोल्ड और फ्लू की समस्या नहीं होती.

लहसुन: एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल ख़ूबियों के कारण लहसुन सर्दियों में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. यह इस मौसम में होनेवाली बीमारियों से आपको बचाता है.

– अनीता सिंह

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5 घरेलू फेस पैक से मिनटों में पाएं गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा (5 Homemade Fairness Face Packs For Instant Fairness)

5 घरेलू फेस पैक (Homemade Face Packs) से मिनटों में पाएं गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा और साथ ही पाएं ढेर सारी तारी़फें. गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा हर महिला की पहली ख़्वाहिश होती है, क्योंकि ख़ूबसूती हर महिला को कॉन्फिडेंस देती है, जिससे वो अपना हर काम पूरे आत्मविश्‍वास के साथ करती है. यदि आप भी मिनटों में ख़ूबसूरत निखार पाना चाहती हैं, तो 5 घरेलू फेस पैक से मिनटों में पाएं गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा.

Homemade Fairness Face Packs

ऐसे पाएं गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा
ख़ूबसूरती की पहली शर्त है सही खानपान, हेल्दी लाइफ स्टाइल और पर्याप्त नींद. साथ ही तनाव, प्रदूषण, तेज़ धूप आदि से बचना भी ज़रूरी है. गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा पाने के लिए आप 5 घरेलू नुस्ख़े आज़मा सकती हैं. 5 घरेलू फेस पैक का नियमित प्रयोग करके आप भी मिनटों में पा सकती हैं गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा.

5 घरेलू फेस पैक से मिनटों में गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा पाने के लिए देखें वीडियो:

गोरी-ख़ूबसूरत त्वचा पाने के 5 अन्य घरेलू नुस्ख़े:
1) 2 टीस्पून पुदीने के रस में आधा टीस्पून नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर अप्लाई करें. ये कॉम्प्लेक्शन तो फेयर बनाता ही है, व्हाइट हेड्स से भी छुटकारा दिलाता है.
2) फ्रेश नारियल का पानी चेहरे पर लगाएं. इससे स्किन में ग्लो तो आएगा ही, दाग़-धब्बों से भी छुटकारा मिल जाएगा.
3) एक टेबलस्पून गुलाबजल में एक टेबलस्पून दूध और 2-3 बूंदें नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं. इससे चेहरे पर निखार आता है.
4) मसूर दाल को दूध या दही में भिगो दें. इसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं. 15 दिनों तक लगातार इस्तेमाल से त्वचा की रंगत निखरने लगेगी.
5) चेहरे पर मेथी की पत्तियों का पेस्ट लगाएं. मेथी की पत्तियों का पेस्ट गोरापन तो देता ही है, साथ ही पिंपल्स से भी छुटकारा दिलाता है.

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सर्दियों में यूं रखें सेहत का ख़्याल (Winter Health Care)

Winter Health Care

सर्दियों में यूं रखें सेहत का ख़्याल (Winter Health Care)

ठंड का मौसम अपने साथ सर्दी-ज़ुकाम और कई तरह की एलर्जी (Allergies) और इंफेक्शन्स (Infections) लेकर आता है. ऐसे में ज़रूरी है कि आप अपना और अपनों का ख़ास ख़्याल रखें, ताकि सर्दियों (Winter) के सुहाने मौसम का लुत्फ़ उठा सकें.

विंटर हेल्थ प्रॉब्लम्स

सर्दी के मौसम में गठिया और अस्थमा के मरीज़ों की द़िक्क़तें काफ़ी बढ़ जाती हैं. किसी को सालभर पुरानी चोट परेशान करने लगती है, तो किसी को मसल पेन. इनके अलावा और

कौन-कौन-सी बीमारियां हैं, जो सर्दियों के मौसम में आपको परेशान कर सकती हैं, आइए जानें.

सर्दी-खांसी

सर्दी-खांसी एक आम समस्या है, लेकिन सर्दी के मौसम में यह आपको काफ़ी परेशान कर सकती है. यह  रोग काफ़ी संक्रामक होता है, इसलिए अगर घर में किसी को सर्दी है, तो वह  छींकते-खांसते व़क्त रुमाल का इस्तेमाल करे. बहती नाक, सीने में जकड़न, छींकें आना, सिरदर्द, गले में खराश और हल्का बुख़ार इसके लक्षण हैं.

होम रेमेडीज़

–    जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे बार-बार सर्दी-ज़ुकाम से परेशान रहते हैं. ऐसे लोगों को, ख़ासतौर से सर्दियों में, आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए.

–     आधा टीस्पून शहद में कुछ बूंदें नींबू का रस और चुटकीभर दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में दो बार लें.

–    गुनगुने नींबू पानी में शहद मिलाकर लेने से सर्दी-खांसी से राहत मिलती है.

–     सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए एक कप पानी में थोड़ी-सी अलसी मिलाकर उबालें. पांच मिनट बाद आंच से उतार लें. छानकर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाकर पीएं.

–    घी में लहसुन की कुछ कलियां गरम करके खाएं. गरम-गरम लहसुन खाने से खांसी में काफ़ी राहत मिलती है.

–     रात को सोने पर खांसी की समस्या बढ़ जाती है, क्योंकि लेटने पर नाक में मौजूद कफ़ धीरे-धीरे गले तक जाने लगता है, जिससे खांसी बढ़ जाती है. इसके लिए बेहतरीन उपाय है कि आप सिर को थोड़ा ऊंचा रखें. इससे खांसी कम होगी और आप सो भी पाएंगे.

गले में इंफेक्शन

गले में खिचखिच और ड्राईनेस, जो धीरे-धीरे दर्द का कारण बनता है, यह गले के इंफेक्शन के कारण होता है. मौसम में आई ठंडक और इंफेक्शन्स के कारण ऐसा होता है.

होम रेमेडीज़

–    इसके लिए हमारी दादी-नानी का फेवरेट नुस्ख़ा है गरारा करना. गुनगुने पानी में चुटकीभर नमक डालकर गरारा करने से बैक्टीरिया निकल जाते हैं, जिससे गले की खराश से छुटकारा मिलता है. इसे दिन में दो-तीन बार करें.

–     हल्दीवाला दूध भी एक ऐसा ही रामबाण नुस्ख़ा है. यह गले की सूजन और दर्द से राहत दिलाता है. बार-बार होनेवाली खांसी में भी हल्दीवाला दूध काफ़ी राहत पहुंचाता है.

–     एप्पल साइडर विनेगर को आप हर्बल टी या गरारेवाले पानी में डालकर इस्तेमाल करें.

–     लहसुन की एक कली चूसने से भी गले के इंफेक्शन और दर्द से राहत मिलती है.

–     इसके अलावा हर्बल टी और गरमागरम सूप आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होगा.

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अस्थमा

यह फेफड़े की बीमारी है, जिसमें श्‍वासनली में जलन और दर्द होने लगता है. सीने में जकड़न, छींकें आना, खांसी और सांस फूलना इसके लक्षण हैं. यह दो तरह का होता है, एलर्जिक और नॉन एलर्जिक. एलर्जिक अस्थमा धूल, धुएं, पेंट आदि के कारण होता है, जबकि नॉन एलर्जिक अस्थमा कोल्ड, फ्लू, स्ट्रेस और ख़राब मौसम के कारण होता है.

होम रेमेडीज़

–    एक कप पानी में आधा टीस्पून मुलहठी पाउडर और आधा टीस्पून अदरक मिलाकर चाय बनाकर पीएं.

–     एक ग्लास दूध में आधा टीस्पून कद्दूकस अदरक और आधा टीस्पून हल्दी पाउडर डालकर दिन में दो बार लें.

–     एक कप उबलते पानी में एक टीस्पून दालचीनी पाउडर और 1/4 टीस्पून कालीमिर्च, पिप्पली और सोंठ का समान मात्रा में मिलाया हुआ चूर्ण मिलाकर 10 मिनट तक उबालें. पीने से पहले एक टीस्पून शहद मिलाएं. यह अस्थमा अटैक्स से काफ़ी राहत देता है.

–    एक बाउल गरम पानी में पांच-छह बूंदें लैवेंडर ऑयल डालकर भाप लें.

इन्फ्लूएंज़ा

सर्दियों के मौसम में सर्दी और फ्लू कभी भी किसी को भी अपनी गिरफ़्त में ले सकते हैं. यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें आपकी सारी एनर्जी ख़त्म हो जाती है. नाक बहना, सिरदर्द, बदनदर्द, बुख़ार और थकान फ्लू के आम लक्षण हैं.

–     आधा टीस्पून गिलोय को पीसकर एक कप पानी में उबालकर पीएं. इससे फ्लू के लक्षणों से काफ़ी राहत मिलती है.

–     समान मात्रा में शहद और प्याज़ का रस मिलाकर दिन में तीन बार फ्लू जाने तक लें.

–     एक टीस्पून शहद में 10-12 तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर दिन में एक बार लेने से भी राहत मिलती है.

–     गरम पानी में कुछ बूंदें नीलगिरी तेल की डालकर भाप लेने से काफ़ी राहत मिलेगी.

–    एक कप पानी में कालीमिर्च पाउडर, जीरा और गुड़ डालकर उबालें. यह चाय फ्लू के लक्षणों से राहत दिलाती है. आप चाहें, तो गुड़ में तिल मिलाकर उसके लड्डू बनाकर खाएं.

जोड़ों में दर्द

ठंड के कारण मसल्स और हड्डियों में अकड़न-सूजन के कारण यह मौसम कुछ लोगों के लिए कष्टदायक बन जाता है. इसके लिए सबसे अच्छा उपाय है कि सोकर उठने पर आप स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ आपको जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिला सकती है.

–     आधी बाल्टी गरम पानी में दो कप सेंधा नमक मिलाकर उसमें टॉवेल डुबोकर प्रभावित जोड़ की सिंकाई करें.

–    रोज़ाना सुबह एक टीस्पून मेथी पाउडर फांककर एक ग्लास गुनगुना पानी पीएं.

–     नीलगिरी के तेल से जोड़ों पर मालिश करें. इससे दर्द और जलन दोनों में आराम मिलता है.

–    रात को सोने से पहले गुनगुने सरसों के तेल से जोड़ों पर मसाज करें. यह प्रभावित जोड़ों में रक्तसंचार बढ़ाता है, जिससे दर्द और अकड़न से राहत मिलती है.

–     एक कप गुनगुने पानी में एक टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर और थोड़ा-सा शहद मिलाकर दिन में दो बार खाने से पहले लें.

हार्ट प्रॉब्लम्स

आपको जानकर हैरानी होगी कि ठंड में हार्ट अटैक्स के मामले बढ़ जाते हैं, क्योंकि ठंड के कारण हार्ट की कोरोनरी आर्टरीज़ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है.

–     जिन्हें हार्ट प्रॉब्लम्स हैं, उन्हें ख़ासतौर से सर्दियों में रोज़ाना चार-पांच लहसुन की कलियां खानी चाहिए. यह खून को पतला करने का काम करता है, जिससे ब्लड फ्लो सही तरी़के से होता है.

–     एक ग्लास गुनगुने पानी में आधा टीस्पून अर्जुन की छाल का पाउडर और शहद मिलाकर लें. इससे आपको काफ़ी राहत मिलेगी.

–     अदरक-लहसुन के रस में शहद या गुड़ मिलाकर खाने से भी हार्ट प्रॉब्लम्स में राहत मिलती है.

–     इसके अलावा खानपान का ध्यान रखें. दो बार में हैवी खाने की बजाय चार-पांच बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं. अपने वज़न को नियंत्रित रखें. अगर वज़न अचानक से बढ़ने लगे, तो डॉक्टर को बताएं.

– सुनीता सिंह

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पथरी (स्टोन) से छुटकारा पाने के 5 रामबाण घरेलू उपचार (5 Home Remedies To Prevent And Dissolve Kidney Stones)

पथरी (स्टोन) (Kidney Stones) से छुटकारा पाने के 5 रामबाण घरेलू उपचार (Home Remedies) आप भी ज़रूर ट्राई करें. पथरी यानी स्टोन की समस्या अब आम हो गई है. कई लोग पथरी की समस्या से परेशान रहते हैं और कई लोगों को इसके लिए सर्जरी का सहारा भी लेना पड़ता है. यदि आप भी पथरी की समस्या से परेशान हैं, तो पथरी (स्टोन) से छुटकारा पाने के 5 रामबाण घरेलू उपचार आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे. आपको कभी पथरी न हो यानी पथरी से बचने के लिए भी आप पथरी (स्टोन) से छुटकारा पाने के 5 रामबाण घरेलू उपचार का प्रयोग कर सकते हैं.

Home Remedies To Prevent Kidney Stones

पथरी (स्टोन) की समस्या क्यों होती है?
* कैल्शियम की जमा हो जाना, मूत्रशय नलिका में बाधा आदि पथरी बनने के कारण हैं.
* इसका संबंध हाइपर पैराथायरॉइडिजम से भी होता है. यह अंत:स्रावी ग्रंथियों से जुडी एक विकृति है. इसी के कारण पेशाब में कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में यदि यह कैल्शियम पेशाब के साथ बाहर निकल जाता है, तो कोई समस्या नहीं होती, लेकिन ये जब गुर्दे की कोशिकाओं में जमा हो जाता है, तो पथरी का रूप ले लेता है.
* पथरी की समस्या सिर्फ बड़ों को नहीं होती, बच्चे भी इसके शिकार होते हैं. पथरी के 60 फीसदी मामले अनुवांशिक भी होते हैं इसलिए आपके परिवार में किसी को पथरी की समस्या है, तो आपको पहले से ही सावधानी बरतनी चाहिए.
* बहुत देर तक टीवी के सामने बैठे रहने से, कंप्यूटर पर काम करने से और असंतुलित भोजन करने से भी पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है.
* मोटापा और पानी कम पीने से भी पथरी हो सकती है इसलिए वज़न पर नियंत्रण रखें और पर्याप्त पानी पीएं.

पथरी (स्टोन) से छुटकारा पाने के 5 रामबाण घरेलू उपचार जानने के लिए देखें वीडियो:

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पथरी (स्टोन) से छुटकारा पाने के 5 अन्य रामबाण घरेलू उपचार:
1) आम के ताज़े पत्ते छाया में सुखाकर बारीक़ पीस लें और रोज़ाना बासी पानी के साथ सुबह सेवन करें.
2) नारियल का पानी नियमित रूप से पीने से पथरी के दर्द से राहत मिलती है.
3) तीन-चार नग बादाम चबा-चबाकर खाने से एक महीने में ही पथरी से आराम मिलता है.
4) करेले का रस छाछ के साथ नियमित रूप से पीने से हर तरह की पथरी में आराम मिलता है.
5) चौलाई की सब्ज़ी रोज़ाना खाने से पथरी गलकर निकल जाती है.

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