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त्रिफला के 5 चमत्कारी हेल्थ बेनीफिट्स (5 Health Benefits Of Triphala)

Benefits Of Triphala
त्रिफला के 5 चमत्कारी हेल्थ बेनीफिट्स (5 Health Benefits Of Triphala)

आज के दौर में हर उम्र के व्यक्ति को जीवनशैली यानी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां होना आम बात है. बदलते फास्ट लाइफ और बदलते समय के साथ-साथ, हमारे खाने-पीने की आदतों में एक बड़ा बदलाव आया है, जिसने हमारे स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, ख़ासतौर से हमारे पाचन तंत्र पर इसका काफ़ी असर हुआ है. लेकिन अपने पाचन तंत्र को हेल्दी बनाए रखने का एक बेहद आसान तरीका है अपने डेली रुटीन में त्रिफला को शामिल करना.

त्रिफला सबसे प्रसिद्ध आयुर्वेदिक हर्बल उपचारों में से एक है. यह तीन फलों- आंवला, बहेड़ा और हरितकी का मिश्रण है. डॉ. हरिप्रसाद, अनुसंधान वैज्ञानिक, हिमालय ड्रग कंपनी आपको ऐसे पांच कारण बता रहा है, जिन्हें पढ़कर आपको लगेगा कि अपने दैनिक आहार में त्रिफला को क्यों शामिल करना चाहिए.

कब्ज़ से राहत: आयुर्वेद ग्रंथों और समकालीन शोध अध्ययनों में कहा गया है कि त्रिफला पेट को खाली करने की प्रक्रिया को तेज़ करता है और लंबे समय से बनी कब्ज़ से राहत देतीा है. त्रिफला के तीन हर्बल अवयवों में से प्रत्येक हमारे शरीर की देखभाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसकी जड़ी-बूटियां हमारे शरीर से आंतरिक कचरे को बाहर निकालकर सफाई करने में मदद करती है. साथ ही साथ, इससे पाचन में भी सुधार होता है.

जठरांत्र या गैस्ट्रो-इंटेस्टानल टिश्यूज़ को शांत और जीवंत करना: त्रिफला में मिले आंवला में शामक और प्रदाह शांत करनेवाले गुण होते हैं, जो आंतों के अंदरूनी परत को फिर से जीवंत करने में मदद करता है. यह आंतों की दीवारों को ठंडा और
शांत करता है, इससे पेट फूलने और डकार-उबकाई से राहत मिलती है.

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धीरे-धीरे नियमितता बनाए रखता है: त्रिफला चयापचय को उत्तेजित करने में मदद करता है और हमारे शरीर के पाचनतंत्र को आराम देता है. हर रात सोने से पहले एक छोटी-सी खुराक मल त्याग को विनियमित करने में मदद करती है.

शरीर को विषमुक्त करता है: आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार त्रिफला का चूर्ण शरीर से चयापचय और पाचन के बाद बचे व्यर्थ पदार्थों से शरीर को शुद्ध करके पेट और बड़ी आंत के विषमुक्त करता है.

प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट: त्रिफला में कई एंटीऑक्सीडेंट तत्व शामिल हैं, जिनमें गैलिक एसिड, फ्लेवोनॉइड्स और टैनिन प्रमुख हैं, ये शरीर में स्वाभाविक रूप से ऐसे मुक्त कणों को निशाना बनाता है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने में

सक्षम होते हैं. तीन फलों से प्राप्त हुए सक्रिय तत्व एंटीऑक्सीडेंट के प्रभाव को बढ़ाते हैं और मल त्याग के लिए प्रेरित करते हैं.
तो त्रिफला का प्रयोग अब नियमित रूप से करें और अपनी संपूर्ण सेहत का ध्यान रखें, ताकि आनेवाला कल सेहतमंद बने.

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मॉनसून हेयर केयर (Monsoon Hair Care Tips)

Hair Care Tips

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ख़ूबसूरत-सी शाम है ये, बारिशों के घेरे में, महक रहा मेरा वजूद इस रेशमी अंधेरे में… ख़ुशबू ़कैद है इन ज़ुल्फ़ों में मेरी मुहब्बत की, हसरतें बिखरी हैं इनमें मेरी मदभरी चाहत की, बूंदें यूं लिपटी हैं इनसे जैसे हो सितारों की हसीन रौऩकें, फूल यूं सजे हैं इनमें जैसे हों दीवानों की मदभरी महफ़िलें…

– माइल्ड शैंपू से रोज़ हेयर वॉश करें.

– शैंपू करने से पहले ऑयल मसाज ज़रूर करें.

– कंडीशनर लगाना न भूलें.

– केमिकल फ्री शैंपू यानी हर्बल शैंपू यूज़ करें, तो बेहतर होगा.

– बहुत ज़्यादा गर्म पानी से बाल न धोएं. गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.

– रात को सोने से पहले नारियल के तेल को हल्का-सा गर्म करके बालों में मसाज करें.

– गर्म तेल में करीपत्ते डालकर भी बालों व स्काल्प में मसाज कर सकती हैं, इससे बाल काले-घने बने रहेंगे.

– मॉनसून में अक्सर डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है, जिससे स्काल्प में खुजली होने लगती है. हेल्दी स्काल्प व डैंड्रफ को दूर करने के लिए नीम के तेल से मसाज करें.

– नींबू के रस को एक मग पानी में मिला लें और शैंपू करने के बाद इस पानी से बालों को धोएं. नींबू से बालों में शाइन आएगी और डैंड्रफ से भी बचाव होगा.

– बीयर बालों के लिए बेहतरीन कंडीशनर का काम करती है. बालों को बीयर से रिंस करें और कुछ देर बाद ठंडे पानी से फाइनल रिंस करें.

– अगर बारिश में बाल भीग जाएं, तो घर आते ही शैंपू करें. बारिश के पानी से बाल व स्काल्प ड्राई हो जाते हैं.

– हेयर ड्रायर, हेयर कलर, हेयर स्टाइलिंग प्रोडेक्ट्स, हेयर स्ट्रेटनिंग इस मौसम में जितना संभव हो, अवॉइड करें.

– शॉर्ट और ट्रेंडी हेयर कट्स रखें. इस सीज़न में इन्हें मैनेज करना आसान होगा.

– हेल्दी बालों के लिए हेल्दी डायट भी ज़रूरी है. प्रोटीन, विटामिन ई और सी से भरपूर डायट लें. बादाम, फिश, अंडे, गाजर, साबूत अनाज, ब्रोकोली, ऑलिव्स, पालक, आंवला, टमाटर, सूरजमुखी के बीज, सिट्रस फ्रूट्स, डार्क कलर की सब्ज़ियां, किडनी बीन्स आदि डायट में शामिल करें और लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स खाएं.

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Monsoon Hair Care

मॉनसून हेयर पैक्स

मिल्क-हनी पैक: मॉनसून में यह आपके बालों के लिए परफेक्ट पैक है. यह बालों को पोषण भी देता है और क्लीन भी करता है. अपने बालों की लेंथ के अनुसार दूध लें और उसमें थोड़ा-सा शहद मिक्स करके बालों और स्काल्प पर अप्लाई करें. थोड़ी देर बाद माइल्ड शैंपू से धो लें.

लेमन थेरेपी: एक कप गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाएं. नहाने के बाद बालों और स्काल्प पर इसका इस्तेमाल करें. 20-25 मिनट बाद ठंडे पानी से फाइनल रिंस करें. इससे पोर्स टाइट होंगे, स्काल्प और बाल क्लीन होंगे, हेयरफॉल कम होगा.

–  बालों का चिपचिपापन ख़त्म करने के लिए नींबू का रस स्काल्प में लगाएं और 15 मिनट बाद रिंस कर लें.

एग कंडीशनर: 1 अंडे में 2 टेबलस्पून दही मिलाकर कंडीशनर के तौर पर लगाएं. इसे 15 मिनट तक लगाकर रखें. फिर रिंस कर लें. बालों को पोषण, शाइन व बाउंस मिलेगा.

मेथी मैजिक: मेथीदाने को रातभर पानी में भिगो दें. सुबह थोड़े-से पानी के साथ पीस लें. चाहें तो इसमें दही भी मिला सकती हैं. इस पेस्ट को स्काल्प व बालों में 20 मिनट तक लगाकर रखें, फिर धो लें. यह हेयरफॉल को कम करता है, बालों को पोषण देकर ग्रोथ बढ़ाता है, बालों को वॉल्यूम भी देता है.

योगर्ट मसाज: दही में बालों के लिए ज़रूरी मिनरल्स होते हैं. यह ड्राई स्काल्प व बालों की समस्या भी दूर करता है, ख़ासतौर से मॉनसून में. दही से बालों व स्काल्प की मसाज करें. कुछ देर बाद धो लें.

ऑलिव ऑयल: बालों की नमी बरक़रार रखने व उनमें शाइन लाने के लिए ऑलिव ऑयल सबसे बेहतर है. ऑलिव ऑयल में थोड़ा-सा दही मिक्स करें और बालों व स्काल्प में मसाज करें. कुछ देर रहने दें, फिर धो लें.

बनाना पैक: 3 केलों को मैश करके उसमें शहद मिलाएं. इस पेस्ट को 50 मिनट तक लगाकर रखें. यह मास्क बालों की ड्राइनेस को पूरी तरह से ख़त्म कर देता है.

अनियन जूस: प्याज़ में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ होती हैं, जो स्काल्प को क्लीन करती हैं. प्याज़ का रस स्काल्प पर लगाएं और अगर इसकी गंध से आपको परेशानी होती है, तो इसमें गुलाबजल मिला लें. कुछ देर लगा रहने दें, फिर माइल्ड शैंपू से धो लें.

आंवला जूस: आंवले के रस में समान मात्रा में नींबू का रस और नारियल तेल मिलाएं. बालों और स्काल्प में मसाज करें. कुछ देर बाद माइल्ड शैंपू से धो लें. यह बालों को असमय स़फेद होने से बचाता है, क्लीन करता है और शाइन लाता है.

आल्मंड ऑयल: दो भाग आल्मंड ऑयल में एक भाग शहद मिलाएं. इसे हल्का-सा गर्म करके बालों में अप्लाई करें. स्काल्प पर न लगाएं वरना बाल ऑयली हो जाएंगे. 15-20 मिनट बाद शैंपू कर लें. यह बालों को रिपेयर करता है.

विनेगर रिंस: स्काल्प में इचिंग की समस्या हो, तो शैंपू के बाद एक मग पानी में 1 टेबलस्पून विनेगर मिलाकर लास्ट रिंस करें. बहुत आराम मिलेगा.

फ्लावर थेरेपी: बालों में एक्स्ट्रा शाइन के लिए मुट्ठीभर गेंदे के फूलों को 3 कप गर्म पानी में मिलाएं. इसे 1 घंटे तक रहने दें. छानकर इस पानी से फाइनल रिंस करें.

नीम लीव्स: नीम के पत्तों को पानी में तब तक उबालें, जब तक पानी आधा न रह जाए. इसे ठंडा होने दें. बालों को इससे धोएं और फिर गुनगुने पानी से फाइनल रिंस करें. नीम में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ होती हैं, जो मॉनसून में स्काल्प को हेल्दी रखती हैं.

मैंगो मूड: आम के पल्प और पुदीने का पेस्ट भी बालों को स्मूद व शाइनी लुक देता है. इस पेस्ट से मसाज करें और 15-20 मिनट बाद बालों को धो लें.

पपीता पैक: पपीते के पल्प को ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें. इसमें आधा कप दही मिलाकर बालों और स्काल्प पर लगाएं. आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से धो लें. यह दोमुंहे बालों की समस्या भी ठीक करता है.

पुदीना लीव्स: पुदीने के पत्तों का पेस्ट बालों में अप्लाई करें. यह मास्क ऑयली हेयर के लिए बहुत फ़ायदेमंद है. 15-20 मिनट तक लगाकर रखें. रिंस कर लें.

एलोवीरा मास्क: एलोवीरा स्काल्प का पीएच बैलेंस बरक़रार रखता है. एलोवीरा पल्प से स्काल्प मसाज करें. एलोवीरा में ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो बैक्टीरिया को ख़त्म करके हेल्दी सेल्स का निर्माण करते हैं.

– गीता शर्मा

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होम रेमेडीज़ फॉर ब्यूटी

एक ख़्वाब, मोती-सा शफ्फ़ाफ़… एक ख़्याल तेरा, चांद-सा बेदाग़… महकता चंदन, तेरा बदन…
आफ़ताब-सा रौशन तेरा तन… फ़रिश्ते भी छुप-छुपकर देखते हैं तुझे… कभी ताजमहल, तो कभी कयामत कहते हैं तुझे… तेरी एक नज़र पर लाखों गुलाब खिल उठते हैं… तेरे एक लफ़्ज़ पर हज़ारों कंवल महक उठते हैं… मखमली काया तेरी, जैसे संगमरमर कोई… रेशमी ज़ुल़्फें तेरी जैसे काली घटा कोई…

 

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स्किन केयर टिप्स

स्किन हमेशा ख़ूबसूरत और जवां बनी रहे, इसके लिए अपनाएं ये ईज़ी होम रेमेडीज़.

नींबू: क्लीन और क्लीयर स्किन के लिए नींबू सबसे बेहतरीन है. इसमें मौजूद सिट्रिक एसिड डेड सेल्स को हटाता है और इसका विटामिन सी डार्क स्पॉट्स को हटाने में मदद करता है. इसमें ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं, जो कॉम्प्लेक्शन को निखारती हैं.

– ताज़ा नींबू का रस पूरे चेहरे व गर्दन पर अप्लाई करें. 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. इसके बाद ककड़ी की स्लाइस को रब करें. स्किन एकदम स्मूद और फ्रेश हो जाएगी. यह रोज़ करें या हर दूसरे दिन.

– आधा नींबू का रस लें, उसमें 2 टेबलस्पून शहद मिलाएं. चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट बाद धो लें.

– एक्सफोलिएट करने के लिए 2 टीस्पून नींबू के रस में थोड़ी-सी शक्कर मिलाएं. चेहरे, गर्दन और हाथों पर गोलाई में रब करें और फिर 10 मिनट तक लगाकर रखें. यह हफ़्ते में एक बार करें और ग्लोइंग स्किन पाएं.

हल्दी: यह एंटीसेप्टिक होने के साथ-साथ दाग़-धब्बों से भी छुटकारा दिलाती है.

– 1 टेबलस्पून हल्दी पाउडर में पाइनेप्पल जूस मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. इसे चेहरे व गर्दन पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. इसे हफ़्ते में 2-3 बार करें, इससे डार्क स्पॉट्स से छुटकारा मिलेगा.

– हल्दी पाउडर और बेसन समान मात्रा में लेकर दूध या पानी मिक्स करें और पेस्ट तैयार कर लें. चेहरे पर लगाएं. सूखने पर गुनगुने पानी से हल्का-सा मसाज करते हुए पेस्ट हटाएं. अपनी स्किन टोन को बेहतर करने के लिए हफ़्ते में एक बार यह उपाय करें.

शहद: क्लीयर स्किन के लिए बहुत ज़रूरी है कि उसे मॉइश्‍चराइज़्ड रखा जाए. शहद बहुत ही अच्छा मॉइश्‍चराइज़र है. साथ ही इसमें एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं.

– शहद को चेहरे पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. स्मूद स्किन के लिए यह रोज़ करें या हर दूसरे दिन ट्राई करें.

– 1 टीस्पून शहद में 2 टीस्पून दूध और 1 टीस्पून बेसन मिलाएं. चेहरे पर अप्लाई करें. 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. ग्लोइंग स्किन पाने के लिए यह फेस मास्क हफ़्ते में एक बार ट्राई करें.

एलोवीरा: यह एंटी एलर्जिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेट्री होता है. स्किन को हेल्दी रखता है और नए सेल्स के निर्माण की क्रिया को तेज़ करने में भी मदद करता है.

– एलोवीरा के ताज़ा पल्प को कॉटन बॉल की सहायता से फेस पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. यह उपाय रोज़ करें.

बेकिंग सोडा: यह स्किन का पीएच बैलेंस बनाए रखता है. यह एक्सफोलिएट करके डेड सेल्स को भी हटाता है. साथ ही यह एंटीसेप्टिक भी है.

– 1 टीस्पून बेकिंग सोडा में 1 टीस्पून पानी या नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें. इससे एक्सफोलिएट करें. गुनगुने पानी से धो लें. इसे हफ़्ते में 2-3 बार करें.

– 1-1 टीस्पून बेकिंग सोडा और शहद मिला लें. फेस धो लें और हल्की गीली स्किन पर यह पेस्ट अप्लाई करके एक मिनट तक मसाज करें. गुनगुने पानी से धो लें. उसके बाद ठंडे पानी से भी धोएं. यह उपाय हफ़्ते में एक बार करें.

कुकुंबर: इसमें हाइड्रेटिंग, नरिशिंग और एस्ट्रिंजेंट प्रॉपर्टीज़ होती हैं. यह डैमेज्ड स्किन सेल्स को रिपेयर करता है.

– ककड़ी की थिक स्लाइस काटकर रात को सोने से पहले चेहरे पर रब करें. सुबह गुनगुने पानी से धो लें. यह रोज़ करें.

– ककड़ी और नींबू का रस समान मात्रा में लें. अच्छी तरह मिक्स करें और चेहरे पर अप्लाई करें. सूखने पर धो लें. यह रोज़ करें.

पपीता: स्किन का टेक्स्चर बेहतर करता है, जिससे स्किन क्लीन और क्लीयर लगती है. इसमें नेचुरल ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं.

– पपीते को काटकर उसमें चंदन पाउडर और शहद मिलाकर ग्राइंड कर लें. इसे चेहरे व गर्दन पर लगाएं. आधे घंटे बाद धो लें. टॉवल से थपथपाकर पोंछें और गुलाबजल लगाएं. हफ़्ते में एक बार यह रेसिपी ट्राई करें.

पुदीना: इसमें मौजूद मेंथॉल में कूलिंग प्रॉपर्टीज़ होती हैं.

– 1 टीस्पून पुदीने का पाउडर, 1 टेबलस्पून दही और थोड़ी मुल्तानी मिट्टी. सबको मिक्स करें और चेहरे व गर्दन पर अप्लाई करें. सूखने पर गुनगुने पानी से धो लें. यह मास्क हफ़्ते में एक बार लगाएं. स्किन एकदम क्लीयर लगेगी.

नारियल तेल: यह एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है.

– नारियल तेल को गुनगुना करें और चेहरे पर लगाएं. गर्दन व हाथ-पैरों पर भी लगा सकते हैं. मसाज करें और 10 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें. बेजान त्वचा भी ग्लो करने लगेगी.
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स्किन प्रॉब्लम्स और होममेड सोल्यूशन्स

– पिंपल्स होने पर टूथपेस्ट अप्लाई करें. इससे इंस्टेंट रिलीफ मिलता है और लालिमा भी कम हो जाती है.

– पिंपल्स होने पर ब़र्फ को कपड़े में लपेटकर रब करें. ये पिंपल्स के दर्द, सूजन व लालिमा को कम करती है.

– वैसे पिंपल्स की समस्या ऑयली स्किनवालों को अधिक होती है. अगर आपकी स्किन बहुत ऑयली है, तो अंडे के स़फेद भाग में आधे नींबू का रस मिलाकर अप्लाई करें और 15 मिनट बाद धो लें. इससे स्किन में कसाव भी आएगा और अतिरिक्त ऑयल भी निकल जाएगा.

– टमाटर को काटकर स्किन पर रब करें. 15 मिनट बाद धो लें. यह भी एक्स्ट्रा ऑयल को निकालकर स्किन को हेल्दी ग्लो
देता है.

– पिंपल्स के ज़िद्दी मार्क्स से छुटकारा पाने के लिए 3 टेबलस्पून शक्कर और 1-1 टेबलस्पून मिल्क पाउडर व शहद लें. सबको मिलाकर चेहरे पर मसाज करें. थोड़ी देर स्क्रब करके 15 मिनट तक लगे रहने दें, फिर धो लें.

– थोड़ी-सी हल्दी में 1 टीस्पून एलोवीरा पल्प मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 20 मिनट बाद धो लें. इससे भी पिंपल्स के दाग़-धब्बे कम होते हैं.

– चंदन पाउडर में गुलाबजल मिलाकर दाग़-धब्बों पर अप्लाई करें. सूखने पर धो लें. यह उपाय दिन में दो बार करें और एक हफ़्ते में ही रिज़ल्ट देखें.

– ब्लैक-व्हाइट हेड्स रिमूव करने का सबसे आसान उपाय है स्टीमिंग. 1-2 मिनट तक स्टीम लें, फिर नेचुरल एक्सफोलिएटर से स्क्रब करें.

– घर पर स्क्रब तैयार करने के लिए बादाम को पीस लें और बेसन व पानी में मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें. इससे स्क्रब करें. यह भी ब्लैक और व्हाइट हेड्स को हटाने का बेहतरीन उपाय है.

– 2 टेबलस्पून दही में नींबू का रस मिलाकर प्रभावित हिस्सों पर लगाएं.

– हेल्दी डायट लें. पानी संतुलित मात्रा में पीएं और स्ट्रेस फ्री रहें.

– बाहर जाते समय सन प्रोटेक्शन का ख़्याल ज़रूर रखें.

– गीता शर्मा