honey

  • 1 ग्लास पानी में 2 टीस्पून ऐप्पल साइडर विनेगर और 1/4 टीस्पून दालचीनी पाउडर मिलाकर घोल लें और दिन में 2 बार पीए.
  • 1 ग्लास पानी में 2 टीस्पून शहद और 2 टीस्पून ऐप्पल साइड विनेगर मिलाकर घोल लें. नियमित रूप से पीने से वज़न कम होता है.
  • इस सिंपल टिप से करें वेट लॉस: 3 टीस्पून नींबू का रस, 1-1 टीस्पून शहद और काली मिर्च पाउडर को 1 ग्लास पानी में मिलाकर रोज़ सुबह खाली पेट पीएं. यह 3 महीने तक करें.
  • इसके अलावा रेग्युलर एक्सरसाइज़, योगा और मेडिटेशन भी करें, तो दुगुना लाभ होगा.
  • अपने डायट में हेल्दी चीज़ें शामिल करें.
  • जंक व ऑयली फुड से दूर रहें.
  • देशी घी को ज़रूर अपने डायट में शामिल करें, क्योंकि यह हेल्दी फैट्स बढ़ाता है. लेकिन बहुत ज़्यादा सेवन करने से बचें.
  • आप अपने भोजन में नींबू को नियमित रूप से शामिल करें. सलाद पर नींबू का रस निचोड़ें या फिर खाने के बाद लाइम शॉट लें.
  • इसी तरह से कालीमिर्च पाउडर को भी आप सलाद पर बुरकें.
  • शहद भी हेल्दी है और वेटलॉस में बेहद फ़ायदेमंद है.
  • भूखे रहने से बचें, अक्सर लोग जल्द से जल्द वेटलॉस के चक्कर में खाना-पीना छोड़ देते हैं, लेकिन ऐसा न करें. इससे कमज़ोरी बढ़ेगी और फैट्स भी कम नहीं होगा.
  • रियलिस्टिक गोल सेट करें. 1 हफ़्ते में 5 किलो कम करने की कोशिश न करें, 1 महीने में 1 किलो भी कम हुआ, तो भी फ़ायदेमंद है.

यह भी पढ़ें: Fat To Fit: 8 हफ़्तों में वज़न घटाएं- नज़र आएं स्लिम-ट्रिम 

 

हर बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार  उपाय जानने के लिए इंस्टॉल करे मेरी सहेली आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ ऐप

Veg Delite (E-Book)

Rs.30
Paneer Recipe

Paneer Recipe (E-Book)

Rs.30
Free

May 2020 ( Meri Saheli )

Rs.50 Rs.0

बारिश के मौसम में सर्दी-जुख़ाम की समस्या बहुत आम है. ऐसे में बार-बार डॉक्टर के पास जाकर कड़ी ऐलोपैथिक दवाइयां या एल्कोहल युक्त कफ सिरप्स (Homemade Cough Syrups) लेने से बेहतर है कि आप घर पर ही कफ सिरप बनाकर प्राकृतिक व सुरक्षित तरी़के से सर्दी-खांसी से छुटकारा पाएं.

Homemade Cough Syrups

1. अदरक, शहद और नींबू से बना कफ सिरप
आपको चाहिए
एक चौथाई कप कटा हुआ अदरक
एक कप अनप्रोसेस्ड शहद
दो टेबलस्पून लेमन जेस्ट

Homemade Cough Syrups
यूं बनाएं-लेमन जेस्ट तैयार करने के लिए नींबू को कद्दूकस करके ऊपरी हिस्सा इकट्ठा करें. एक सॉस पैन में एक कप पानी, अदरक के टुकड़े व लेमन जेस्ट (नींबू का छिलका) डालकर 5 मिनट तक उबालें. फिर मिश्रण को छानकर एक तरफ़ रख दें. सॉस पैन में शहद डालकर धीमी आंच पर गर्म करें. ध्यान रहे कि शहद में उबाल नहीं आना चाहिए. जब शहद गर्म हो जाए तो उसमें अदरक का मिश्रण मिला दें. फिर उसमें छीले हुए नींबू का रस डालकर कुछ मिनट तक चलाते हुए पकाएं. फिर आंच से उतार दें. कफ सिरप तैयार है.

2. ग्लिसरीन, शहद और नींबू से बना कफ सिरप
आपको चाहिए
एक चौथाई कप फूड ग्रेड ग्लिसरीन
एक चौथाई कप शहद
एक चौथाई कप नींबू का रस
यूं बनाएं- एक बाउल में तीनों चीज़ें से डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. कप सिरप तैयार है. इसे किसी बॉटल में स्टोर करें. इस कफ सिरप का स्वाद व महक दोनों ही बहुत अच्छी होती है.
3. वर्जिन ऑलिव ऑयल, शहद व नींबू से बना कफ सिरप
आपको चाहिए
तीन चौथाई कप रॉ आर्गैनिक शहद
एक चौथाई कप ऑलिव ऑयल
3 नींबू का रस
यूं बनाएं- एक छोटे सॉस पैन में सभी चीज़ें मिलाकर धीमी आंच पर चलाते हुए पकाएं. फिर आंच से उतार कर ठंडा करें. इसे टाइट ढक्कन वाले बॉटल में भरकर
रख दें.

4. अनन्नास से बना कफ़ सिरप
आपको चाहिए
एक कप अनन्नास का जूस
एक चौथाई कप नींबू का रस
एक टेबलस्पून रॉ हनी (वैकल्पिक)
चुटकीभर समुद्री नमक
चुटकीभर दालचीनी पाउडर

यह भी पढ़ें: बढ़ते बच्चों की अच्छी हाइट व सेहत के लिए उन्हें ये खिलाएं

 

Homemade Cough Syrups
यूं बनाएं- सभी चीज़ों को मिला लें. इसे किसी बॉटल में बंद करके रखें. खांसी या सर्दी होने पर दो से तीन टेबलस्पून पिएं.

नोटः आप इन कफ सिरप्स को फ्रिज में स्टोर कर सकती हैं. ऐसा करने से ये दो-तीन महीनों तक खराब नहीं होंगे.
* बक्वीट (कूटू) हनी का इस्तेमाल करें. इसे सोने के समय आनेवाली खांसी में बहुत आराम मिलता है.
* अगर आपके पास ताज़ा अदरक नहीं है तो सोंठ पाउडर का इस्तेमाल करें.
* जैसे ही सर्दी या खांसी की शुरुआत हो, कफ सिरप लेना शुरू कर दें, क्योंकि सर्दी-खांसी ज़्यादा बढ़ने पर ये उतने असरकारी नहीं होंगे.
डोज़ः आधा से एक टीस्पून 1 से 5 पांच तक के बच्चों को हर दो घंटे पर.
एक से दो टीस्पून 5 से 12 साल कर के बच्चों को को हर दो घंटे पर.
एक से दो टेबलस्पून 12 साल से अधिक उम्र के लोगों को हर चार घंटे पर.

यह भी पढ़ें: 26 इंच की कमर चाहिए, तो ये चीज़ें खाइए

हर बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार  उपाय जानने के लिए इंस्टॉल करे मेरी सहेली आयुर्वेदिक होम रेमेडीज़ ऐप

 

Kabab Receipe (E-Book)

Rs.30
150 Royal Non Veg Recipes

150 Royal Non Veg Recipes

Rs.30
Free

May 2019 (Meri Saheli)

Rs.35 Rs.0
क्या आप जानते हैं?

the-amazing-benefits-of-honey1

  •  ब्राज़ील के जंगलों में खट्टा शहद पाया जाता है.
  •  अमेरिका में 12% वैज्ञानिक व 38% डॉक्टर भारतीय हैं. और नासा में भी 36% वैज्ञानिक भारतीय ही हैं.
  •  तो हम एक मिनट में 20 बार पलकें झपकाते हैं, पर यदि कंप्यूटर के सामने हों, तो केवल 7 बार ही पलकें झपकाते हैं.
  • तमिलनाडु के तंजौर में बसा बृहदेश्‍वर विश्‍व का पहला ग्रेनाइट मंदिर है.
  • कटल फिश नामक मछली का रक्त नीला होता है.

hqdefault (4)

  •  पेट में एक एसिड हाइड्रोक्लोरिक ऐसा भी होता है, जो रेज़र ब्लेड को भी पचा सकता है.
  • किसी भी वेबसाइट पर पहली बैनर ऐड साल 1994 में दिखाई गई थी.
  • साल 2012 के ओलिंपिक में ऐसा पहली बार हुआ था कि टीम में 269 महिलाएं और 261 पुरुष थे.
  • न्यूज़ीलैंड पहला ऐसा देश था, जिसने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया.
  •  धरती के 80% जीव कीड़े-मकोड़े हैं.
  • अफ्रीकी महाद्वीप में बोली जानेवाली भाषा एक हज़ार से भी अधिक है.
  •  साउथ ऑस्ट्रेलिया की एयर्स माउंटेन हर रोज़ अपना रंग बदलता है.
  •  नवापुर भारत का एकमात्र ऐसा रेलवे स्टेशन है, जो आधा महाराष्ट्र मेंं, तो आधा गुजरात में पड़ता है.

ओमप्रकाश गुप्ता

Kabab Receipe (E-Book)

Rs.30
150 Royal Non Veg Recipes

150 Royal Non Veg Recipes

Rs.30
Free

May 2019 (Meri Saheli)

Rs.35 Rs.0
इंफेक्शन व कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एंटीबायोटिक का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन अगर एंटीबायोटिक्स का लगातार इस्तेमाल कई तरह के हेल्थ कॉम्प्लीकेशन का कारण बन सकता है. इसलिए बेहतर होगा कि नेचुरल एंटीबायोटिक्स (Best Natural Antibiotics) का इस्तेमाल किया जाए.

 

Best Natural Antibiotics

लहसुन

-लहसुन नेचुरल पेनकिलर होने के साथ-साथ एंटी-बायोटिक, एंटी-वायरल, एंटी-पैरासाइटल, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट भी है.
– अपनी इन्हीं ख़ूबियों के कारण यह लभगभ हर तरह के दर्द से छुटकारा दिलाता है.
– यह हृदय के लिए बहुत लाभकारी होता है, इसीलिए हार्ट प्रॉब्लम्स में डॉक्टर रोज़ाना 2
लहसुन की कलियां खाने की सलाह देते हैं.

हल्दी

Best Natural Antibiotics
– आर्थराइटिस, पेटददर्र्, सिरदर्द, दांत के दर्द, हार्टबर्न, पेट में कीड़े, डिप्रेशन, फेफड़ों के इंफेक्शन, ब्रॉन्कायटिस, हर तरह के घाव में हल्दी को रामबाण इलाज माना जाता है.
– यह एक बेहतरीन एंटीबायोटिक है, जो
दर्दनिवारक होने के साथ-साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल भी है.

– हल्दी शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से रोकती है.

 

लौंग

– नेचुरल पेनकिलर की ख़ूबियों से भरपूर लौंग में एंटीबायोटिक, एंटी-सेप्टिक, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल जैसे कई गुण होते हैं.
– यह घर का ऐसा वैद्य है, जो दांत के दर्द, सिरदर्द, अस्थमा, पाचन संबंधी समस्याओं और रक्त में मौजूद अशुद्धियों को दूर करता है.
– यह बहुत तेज़ होता है, इसलिए सेंसिटिव स्किनवालों को इसे इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती.

 

शहद

– रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि शहद मुंह के छालों से डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब क्रीम के
मुक़ाबले 43 प्रतिशत जल्दी राहत दिलाता है.
– इसके अलावा पेटदर्द, कटने, जलने आदि में बहुत कारगर सिद्ध होता है.
– आयुर्वेद में शहद को पुरुषों में होनेवाली इंफर्टिलिटी को दूर करने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
– जिन पुरुषों का स्पर्म काउंट लो है, उन्हें रोज़ाना गुनगुने दूध में शहद मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है.

 

अदरक

– एक बेहतरीन पेनकिलर होने के साथ-साथ यह ऐसा एंटीबायोटिक्स है.
– शरीर में पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है.
– सांस संबंधी बीमारियों में भी काफ़ी कारगर हैै.

 

Healthy sugar

Natural Substitutes for Sugar

अक्सर लोग ख़ुशी के मौके पर कहते हैं कि कुछ मीठा हो जाए. लेकिन अगर आप मीठी खाने की सोच रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं. शक्कर सेहत के लिए किसी मीठे ज़हर से कम नहीं है. लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर शक्कर न खाएं तो फिर अपनी शुगर क्रेविंग्स को कैसे कंट्रोल करें. कौन से दूसरे विकल्प हैं शक्कर. चलिए, आपकी इस मुश्किल को हल करते हैं और जानते हैं चीनी के हेल्दी विकल्प (Natural Substitutes for Sugar).

 

खजूर
* खजूर एक नेचुरल स्वीटनर है और इसे न्यूट्रिशन का पावरहाउस माना जाता है.
* इसे आप शक्कर की जगह आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6 व कैल्शियम होता है
* यह शुगर क्रेविंग्स आसानी से कम कर देता है. इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में होती है, जिससे एनर्जी मिलती है.
* इसे खाना खाने के बाद मीठे के तौर पर भी खाया जा सकता है.
* इसे ब्राउन शुगर का अच्छा सब्सिट्यूट माना जाता है.
* मिल्क शेक, दही, बेकिंग, शुगर फ्री खीर, केक, पुडिंग आदि में चीनी की जगह खीर का इस्तेमाल किया जा सकता है.

Natural Substitutes for Sugar

गुड़
* गन्ने से बना गुड़ चीनी से बेहतर है, क्योंकि चीनी की तरह इसे कई रिफाइनिंग प्रोसेस से होकर नहीं गुज़रना पड़ता है और इसमें मौजूद मिनरल्स  बरकरार रहते हैं.
* गुड मीठी तो होती ही है, साथ ही यह शरीर की सफ़ाई भी करती है
* गुड़ से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. चाय में शक्कर की जगह गुड़ का इस्तेमाल फ़ायदेमंद होता है.
* गुड में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और फाइबर इसे एक स्वास्थ्यवर्धक स्वीटनर बनाता है.

Natural Substitutes for Sugar

शहद
* इसमें फ्लेवोनॉइड होता है. इसके अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल व एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है.
* यह दूसरे नेचुरल स्वीटनर से ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है. इसमें फ्रक्टोज़
* चाय, दूध, नींबू पानी आदि में चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल किया जा सकता है.
* चीनी खाने से वज़न बढ़ जाता है, जबकि शहद न केवल वज़न को कंट्रोल करता है, बल्कि इसे बढ़ने से भी रोकता है.

Natural Substitutes for Sugar

गन्ने का जूस
* शक्कर से बेहतर है गन्ने का जूस, क्योंकि इसे शक्कर की तरह रिफाइनिंग प्रोसेस से होकर नहीं गुज़रना पड़ता है. इसकी वजह से इसमें मौजूद  पोषक तत्व, जैसे- विटामिन बी,सी, कैल्शियम आयरन और मैगनीज़ इसमें बरकरार रहते हैं.
* गर्मियों के मौसम में गन्ने का एक ग्लास जूस आपको स्फूर्ति देगा.

Natural Substitutes for Sugar

फल
* सभी तरह के फलों में भी प्राकृतिक मिठास होती है.
* मिल्क शेक बनाना हो या जूस नेचुरल स्वीटनर होने की वजह से इनमें शक्कर डालने की ज़रूरत नहीं होती है.
* एप्पल खीर के अलावा फलों से अलग-अलग तरह के डेज़र्ट्स भी बनाए जा सकते हैं, जिनमें शक्कर डालने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं होती है.
* अंगूर भी ग्लूकोज़ अच्छा स्रोत माना जाता है.

Natural Substitutes for Sugar

स्टेविया
* यह एक पौधा होता है, जिसकी पत्तियां मीठी होती है. इस पौधे को मीठी पत्तियां भी कहा जाता है.
* इस पौधे की पत्तियों में शक्कर से 300 गुना ज़्यादा मिठास है.
* इसमें कार्ब्स और कैलोरी भी कम होती है.

Natural Substitutes for Sugar

क्यों ख़तरनाक है शक्कर?
* चीनी में कोई पोषक तत्व नहीं होते हैं. चीनी बनाने में रासयनिक प्रक्रिया के दौरान उसमें मौजूद सारे पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं और केवल कैलोरी रह जाती है.
* ज़्यादा शक्कर इम्यून सिस्टम पर असर डालता है.
* चीनी को पचाने में शरीर को काफ़ी मेहनत करनी पड़ती है.
* एक रिसर्च के मुताबिक़, फ्रक्टोज और ग्लूकोज का ज़्यादा मात्रा में सेवन करने से लिवर पर टॉक्सिक असर होता है.
* ज़्यादा मीठा खाने से मोटापा तो बढ़ता ही है साथ ही टाइप-2 डायबिटीज़ और हाई ब्लडप्रेशर का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
* ज़्यादा मीठा दिमाग़ को नुक़सान पहुंचाता है, जिससे याद्दाश्त कमज़ोर हो जाती है.
* यह शरीर में अतिरिक्त इंसुलिन बनाती है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज का ख़तरा बढ़ जाता है और हार्टअटैक और स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ जाता है.

Natural Substitutes for Sugar

क्या कहती है रिसर्च?

* वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के दिशा निर्देशों के मुताबिक़, रोज़ाना ली जानेवाली कैलोरी में शक्कर की मात्रा 10 फ़ीसदी से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए और भविष्य में इसे 5 फ़ीसदी तक लाने की कोशिश करनी चाहिए. ध्यान रखें की केवल चीनी ही नहीं, बल्कि रोज़ाना खाए जानेवाले ब्रेड, चावल, आलू, सोड़ा, कूकीज़, केक, फल आदि में भी मिठास होती है.
* अगर पूरे दिन में केवल 25 ग्राम शुगर का सेवन किया जाए तो स्वास्थ्य पर बूरा प्रभाव नहीं पड़ेगा. लेकिन ब्रेड, पैक्ड जूस, प्रोसेस्ड फूड, कोल्ड्रिंक्स आदि में शक्कर काफी होती है. इनका सेवन करते समय ध्यान रखें, ताकि अतिरिक्त चीनी न खा लें.
* डब्ल्यूएचओ के मुताबिक़ डायबिटीज़, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों से बचना है तो शक्कर कम खाएं.
* एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि चीनी या मीठे का सेवन अल्कोहल और धूम्रपान की ही तरह एक नशा है.

चीनी की चेतावनी

कई विशेषज्ञों का मानना है कि जिन प्रोडक्ट्स में चीनी अधिक इस्तेमाल की गई हो, उसके पैकेट या बॉटल पर सिगरेट की पैकेट की तरह चेतावनी लिखी होनी ज़रूरी है कि चीनी की लत भी लगती है और यह स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं.