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बच्चों की परवरिश को यूं बनाएं हेल्दी (Give Your Child A Healthy Upbringing)

दुनिया के हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चों की परवरिश सही और हेल्दी तरी़के से हो. इसके लिए वो हर मुमक़िन कोशिश भी करते हैं. हालांकि बच्चों की अच्छी परवरिश और उनका स्वस्थ विकास किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. ख़ासकर तब जब माता-पिता दोनों ही नौकरीपेशा हों. दरअसल, दिन का ज़्यादातर समय ऑफिस में बिताने के कारण अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों के साथ ज़्यादा समय नहीं बिता पाते हैं, बावजूद इसके इस लेख में बताए गए निम्न तरीक़ों से आप अपने बच्चों की परवरिश को हेल्दी बना सकते हैं.

 

मोटापे पर रखें नज़र
फास्ट फूड व आधुनिक गैजेट्स के कारण स्कूली बच्चों में मोटापा एक कॉमन और गंभीर समस्या बन चुकी है. आज के इस डिजिटल युग में एक ही जगह पर घंटों बैठकर खेलना, अनहेल्दी खाना, देर से सोना, देर रात खाना आदि कारणों से बच्चों में मोटापा बढ़ने लगता है. अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा हेल्दी और फिट रहे, तो आपको यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि वो हेल्दी खाए, समय पर सोए और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से दूर रहे.

बच्चों के साथ समय बिताएं
आपकी दिनचर्या कितनी भी व्यस्त क्यों न हो, अपने बच्चों के लिए थोड़ा समय ज़रूर निकालें. उन्हें बिज़ी रखने के लिए गैजेट्स थमाने के बजाय उनका हाथ थामकर उन्हें बाहर घुमाने ले जाएं. दफ़्तर से लौटने के बाद और छुट्टी के दिन बच्चों के साथ समय बिताएं. उन्हें कहानियां सुनाएं और आउटडोर गेम्स के लिए प्रेरित करें.

टीवी पर लगाएं लगाम
जब बच्चा टीवी देख रहा होता है, तब कई पैरेंट्स उसे खाना खिलाते हैं, ताकि वो ज़्यादा खा सके. लेकिन इस तरह खिलाने से आपका बच्चा ओवर ईटिंग का शिकार हो सकता है. बच्चों के कमरे में टीवी न लगाएं. इसके साथ ही यह सुनिश्‍चित करें कि सोने से 2 घंटे पहले तक बच्चा टीवी या दूसरे गैजेट्स के साथ समय न बिताए. सोते समय बच्चों को कहानी सुनाना या फिर उनसे बातें करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

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साथ बैठकर खाना खाएं
बच्चे जो देखते हैं वही सीखते हैं. बच्चे खाने-पीने की अच्छी आदतों को अपनाएं, इसके लिए ज़रूरी है कि आप अपने बच्चों और परिवार के साथ बैठकर समय पर खाना खाएं. खाना खाने के दौरान टीवी और दूसरे गैजेट्स से दूरी बनाकर रखें. खाते समय न तो ख़ुद इन चीज़ों का इस्तेमाल करें और न ही अपने बच्चों को करने दें.

समय पर वैक्सिन दिलाएं
हर एक माता-पिता की यह ज़िम्मेदारी है कि वो अपने बच्चों को सही समय पर वैक्सिन दिलाएं. इस बात का ख़ास ख़्याल रखें कि वैक्सिनेशन दो साल में ही ख़त्म नहीं हो जाते, बल्कि 5 से 10 साल तक के बच्चों को समय-समय पर वैक्सिनेशन की आवश्यकता पड़ती है. वैक्सिनेशन के अलावा इस बात का भी ख़्याल रखें कि आपके बच्चे को पर्याप्त मात्रा में आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन मिल रहा है, क्योंकि इनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत 9-15 साल की उम्र के दौरान पड़ती है.

गैजेट्स का इस्तेमाल घर पर नहीं
माता-पिता अपने बच्चों के लिए आदर्श और उनके प्रेरणास्रोत होते हैं. आप बच्चों के सामने अपनी जैसी छवि पेश करेंगे, बच्चे भी वैसा ही बनने की कोशिश करेंगे, इसलिए बेहतर होगा कि आप जब घर पर अपने बच्चों के साथ हों, तब कम से कम मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल करें और अगर ज़रूरत न हो तो इसका इस्तेमाल घर पर न करें.

आउटडोर गेम्स के लिए करें प्रेरित
आजकल ज़्यादातर पैरेंट्स अपने बच्चों को खेलने के लिए घर से बाहर नहीं जाने देते हैं, जबकि बच्चों को शारीरिक रूप से मज़बूत और एक्टिव बनाने के लिए उन्हें हर रोज़ एक घंटे घर से बाहर खेलने देना चाहिए. हेल्दी विकास के लिए सभी उम्र के बच्चों को आउटडोर गेम्स खेलने चाहिए. इसके अलावा अपने बच्चों को स्विमिंग, एरोबिक्स, डांस जैसी आउटडोर एक्टिविटीज़ के लिए भी प्रेरित करें.

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योग का अभ्यास करवाएं
छोटी उम्र से ही बच्चों को योग का अभ्यास करवाना उनकी सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है. ख़ासकर ब्रिदिंग एक्सरसाइज़ से बच्चों के दिमाग़ी विकास में मदद मिलती है और पढ़ाई में उनका ध्यान बढ़ता है. ऐसे योग आसन से बच्चों के फेफड़े मज़बूत होते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, इसलिए ख़ुद भी योग करें और अपने बच्चों को भी योग अभ्यास के लिए प्रेरित करें.

सिखाएं स्वच्छता की अहमियत
बच्चे धूल-मिट्टी में खेलने के बाद बगैर हाथ धोए खाने पर टूट पड़ते हैं. इससे बच्चों के हाथों से हानिकारक बैक्टीरिया उनके पेट में जा सकते हैं और उन्हें बीमार कर सकते हैं. अतः अपने बच्चों को स्वच्छता की अहमियत समझाएं और उन्हें खाने-पीने से पहले हाथ धोने और खेल-कूद कर आने के बाद हाथ-पैर धोने की अच्छी आदत सिखाएं.

बच्चों को कोल्ड ड्रिंक्स से दूर रखें
आजकल के बच्चे दूध देखकर नाक-मुंह सिकोड़ने लगते हैं, जबकि कोल्ड ड्रिंक्स जैसे पेय पदार्थों को देखकर उनका मन ललचाने लगता है. ज़रा सोचिए, कोल्ड ड्रिंक जब बड़ों की सेहत के लिए हानिकारक है तो फिर बच्चों के लिए फ़ायदेमंद कैसे हो सकता है? इसलिए अपने बच्चों को कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से जितना हो सके, उतना दूर रखें, ख़ासकर एनर्जी ड्रिंक से. इन सभी पेय पदार्थों में कैलोरीज़ की मात्रा अधिक होती है, जो आपके साथ-साथ आपके बच्चे को भी मोटापे की गिरफ़्त में ले सकती है.

– शिल्पी शर्मा

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