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अगर आपकी इम्युनिटी अच्छी है तो आप कई रोगों और संक्रमणों सेअपने आप बचे रह सकते हैं या उनसे बेहतर तरीक़े से लड़ सकते हैं. यहीवजह है कि फिट रहने के लिए इम्युनिटी बेहतर रखना बेहद ज़रूरी हैऔर यह आसन भी है. आपके किचन में ही ऐसी चीज़ें और मसाले हैं जो आपकी इम्युनिटी को बेहतर बना सकते हैं. इन्हें अपने डायट में शामिल करें और हेल्दी रहें.

अदरक: इसमें एंटी इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो इम्युनिटी को बेहतर बनाते हैं. यह सर्दी-ज़ुकाम व गले की सूजन आदि से भीआपका बचाव करती है. अदरक की चाय शहद व नींबू मिला के पियें या अदरक के टुकडों पे काला नमक व नींबू का रसडाल के खाने के साथ लें.

नींबू: विटामिन सी से भरपूर नींबू में एंटीसेप्टिक व एंटीफंगल गुण होते हैं जो आपकी इम्युनिटी को बेहतर करते हें. इसेकिसी भी रूप में अपने खानपान में शामिल ज़रूर करें.

लहसुन: यह इम्युनिटी को बढ़ाने में एक तरह से सप्लीमेंट का काम करता है. यह भी आपको सर्दी-ज़ुकाम से बचाता है. इसमें अलाइसिन नाम का तत्व होता है, जो इंफेक्शन्स और बैक्टीरिया से लड़ता है. जो लोग एक हफ़्ते में लहसुन की 6 कलियां खाते हैं, उन्हें पेट के कैंसर की संभावना 50% तक कम होती है. इसे खाने में शामिल करें. अगर आपको ऐसिडिटीकी समस्या है तो रोज़ सुबह खाली पेट लहसुन की दो कलियां पानी के साथ निगल जायें.

शहद: यह अमृत की तरह काम करता है. यह एनर्जी बूस्टर है और आयुर्वेद में इसे बेहद गुणकारी बताया गया है. यह हार्ट डिसीज़, बीपी, अस्थमा से लेकर सर्दी-ज़ुकाम व एलर्जी तक से बचाव करता है. 

काली मिर्च: इसमें भी एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. विटामिन सी से भरपूर होती है, यह शरीर से ज़हरीले तत्वों को दूर करने का काम करती है.

हल्दी: यह नेचुरल एंटीसेप्टिक है और इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. खाने में इसका नियमित प्रयोग रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है. 

दही: यह कैल्शियम, विटामिन ई व प्रोटीन से भरपूर होता है. दही में ज़िंक होता है, जिसकी कमी से इम्यून सिस्टम कमज़ोरहो जाता है. यह प्रोबायोटिक है यानी गुड बैक्टीरिया दही में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इनका नियमित सेवन इम्यूनिटीबढ़ाता है. दही खायें इम्युनिटी बढ़ाएं. 

हींग: इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुण होते हैं. जिससे हमारी इम्युनिटी बढ़ती है.

Immunity Boosters

आंवला: यह विटामिन सी का बेहतरीन स्रोत है और इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाता है. नियमित रूप से सुबह आंवले कारस व शहद मिलाकर लें, तो कई बीमारियों व संक्रमण से बचाव होता है.

आजवाइन: यह बेहद गुणकारी है. एक टीस्पून आजवाइन को पानी में उबालकर पीने से, बुख़ार, बीमारियों व इंफेक्शन सेबचाव होता है. 

पालक: इसमें आयरन, कैल्शियम काफ़ी मात्रा में होता है. पालक व अन्य हरी सब्ज़ियों में विटामिन, मिनरल, फॉलिकएसिड व फाइबर्स होते हैं. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो इम्यून सिस्टम को मज़बूत करकेआपको हेल्दी रखती हैं. यह नई कोशिकाओं के निर्माण व डीएनए के रिपेयर में मदद करता है. यही वजह है कि इसे सुपरफूड कहा जाता है.

लौंग: इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. यह गले के व दांतों के इंफेक्शनको कम करती है.

गाजर: गाजर एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, इसके अलावा यह विटामिन ए व कैरोटिनाइड का स्रोत है.

पत्तागोभी: यह ग्लूटामाइन से भरपूर होती है. ग्लूटामाइन दरअसल इम्यूनिटी बढ़ानेवाला तत्व है.

दालचीनी: इसमें एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो हर तरह के इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं. इसकापाउडर दही, सलाद या चाय में मिलाके भी लिया जा सकता है. अगर गले में ख़राश है तो चुटकीभर दालचीनी पाउडर ले केऊपर से पानी पी लें. खांसी होने पे शहद में दालचीनी पाउडर मिलाके लें.

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टमाटर: इसमें लाइकोपीन होता है, जो शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स को न्यूट्रलाइज़ कर देता है और कैंसर से बचाव करताहै. ये एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम करने में भी सहायक होता है.

ग्रीन टी: शोध बताते हैं कि इसमें मौजूद पॉलीफीनॉल्स इंफ्लूएंज़ा के वायरस का ख़ात्मा करने में सहायक हैं. यहएंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है और इम्यून सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव डालती है.

ओट्स/जौ: यह कई तरह की बीमारियों व फ्लू से रक्षा करता है, क्योंकि इनमें बीटा-ग्लूकैन नाम का फाइबर है, जोइम्यूनिटी बढ़ाता है. जिसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं.

ब्लैक टी: इसमें मौजूद अमीनो एसिड इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार है और यह संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है.

तुलसी: इसके हेल्थ बेनिफिट्स से हम सभी वाक़िफ़ हैं इसीलिए इसे पूजा जाता है. यह एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल औरएंटीइन्फ्लामेट्री है. यह सर्दी-ज़ुकाम में राहत देती है. तुलसी की पत्तियां खाने से कई तरह के संक्रमणों से बचाव होता हैऔर इसका काढ़ा बनाकर पीने से भी काफ़ी लाभ होता है.

बादाम: इसमें मौजूद विटामिन ई इम्यूनिटी को बढ़ाता है, साथ ही इसमें राइबोफ्लेविन और नायसिन भी होता है, जो स्ट्रेससे बेहतर तरीक़े से लड़ने में मदद करता है.

अनार: यह विटामिन्स, फॉलिक एसिड और एंटीऑक्सीटेंड के गुणों से भरपूर है और कई तरह के कैंसर से बचाव करता है. 

सरसों का तेल: इसमें काफ़ी मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो अस्थमा व सर्दी से राहत दिलाता है. इसका सेवनइम्यूनिटी बढ़ाता है. जिन्हें सांस की बीमारी या सर्दी की समस्या हो तो सरसों के तेल को गर्म करके उसमें लहसुन या सेंधानमक मिलाकर सीने पे लगाने से राहत मिलती है. 

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इस तरह बढ़ायें इम्यूनिटी

  • रोज़ योग, ध्यान और कसरत करें.
  • सिगरेट-शराब का कम सेवन करें.
  • एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चीज़ों का सेवन करें,जैसे- नट्स, ब्रोकोली, हरी मिर्च, पपीता, संतरा, शकरकंद, कीवी, स्ट्रॉबेरी, हरी पत्तेदार सब्ज़ियां.
  • जिंक इम्यूनिटी बढ़ाने व बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी है. डार्क चॉकलेट, कद्दू के बीज व फलियां जिंक केबेहतरीन स्रोत हैं. इनका सेवन समय-समय पर करें.
  • वज़न को नियंत्रण में रखें.
  • जंक फ़ूड कम खायें.
  • नींद पूरी लें.
  • स्ट्रेस कम लें.
  • हाईजीन का ख़्याल रखें.
  • हाइड्रेटेड रहें, पानी भरपूर पियें.
  • हेल्दी सूप पियें. बेहतर होगा घर पे ही तैयार किया हुआ सूप लें, ताकि आर्टिफिशियल कलर व प्रिज़र्वेटिव से बचेरहें.
  • कोल्ड ड्रिंक्स की बजाय ताज़ा फलों का रस, सब्ज़ी का जूस, नींबू पानी या नारियल पानी पियें.
  • इम्यूनिटी बढ़ानेवाले फ़ूड्स को डायट में शामिल करें.
  • डायट के चक्कर में पोषण कम ना होने दें, वर्ना इम्यूनिटी कमज़ोर होने लगेगी.
  • बेवजह दवाएं ना खायें और ख़ासतौर से बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर ना लें.
  • डायट को बैलेंस रखने की कोशिश करें यानी आपकी थाली में तरह-तरह के रंग की सब्ज़ियाँ व फल हों.
  • मौसम के अनुसार खाने व लाइफस्टाइल में बदलाव करें. 
  • प्रदूषण से बचाव करें.
  • बहुत अधिक शुगर, आर्टिफ़िशियल स्वीटनर व प्रोसेस्ड फ़ूड से बचें, ये इम्यूनिटी को कमज़ोर करते हें.

गणपति

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पैदल चलना (Walking) या टहलना सेहतमंद (Healthy) रहने का आसान तरीक़ा है. रोज़ाना मात्र 30 मिनट टहलने से दिल स्वस्थ रहता है, हड्डियां मज़बूत होती हैं, शरीर की चर्बी कम होती है व मांसपेशियां भी मज़बूत होती हैं. इतना ही नहीं, नियमित रूप से पैदल चलने से दिल संबंधी बीमारियां, टाइप 2 डायबिटीज़, ऑस्टियोपोरोसिस और कुछ तरह के कैंसर होने का ख़तरा भी कम होता है. सबसे अच्छी बात, इसके लिए तो न किसी तरह की ट्रेनिंग लेनी पड़ती है, न ही पैसे ख़र्चने पड़ते हैं..

Benefits of Walking

स्वस्थ रहने के लिए कठोर या ज़्यादा समय तक एक्सरसाइज़ करने की ज़रूरत नहीं है. वर्ष 2017 में हुए एक शोध से इस बात की पुष्टि हुई है कि हफ़्तेभर में 75 मिनट एक्सरसाइज़ करने या पैदल चलने से भी फिटनेस अच्छी बनी रहती है. पैदल चलने के लिए किसी तरह के इक्विपमेंट की ज़रूरत नहीं होती और इसे किसी भी समय किया जा सकता है. पैदल चलना हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित होता है, क्योंकि इसमें चोटिल होने का ख़तरा  कम होता है. मोटे, बुजुर्ग और नई शुरुआत करनेवालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है.

टहलने से होनेवाले स्वास्थ्य लाभ

1. इससे दिल और फेफड़े स्वस्थ व मज़बूत होते हैं.
2. दिल संबंधी बीमारियां और स्ट्रोक का ख़तरा कम होता है.
3. कुछ बीमारियां, जैसे-हाइपरटेंशन, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, ज्वॉइंट और मस्कुलर पेन, डायबिटीज़ इत्यादि में सुधार आता है.
4. हड्डियां मज़बूत होती हैं और शारीरिक संतुलन बेहतर होता है.
5. मांसपेशियां सेहतमंद और स्वस्थ होती हैं.6. शरीर की चर्बी कम होती है.

रोज़ाना तीस मिनट टहलें
स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए रोज़ाना तेज़ गति से कम से कम आधे घंटे तक पैदल चलें. अगर आपको किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो तो पैदल चलने या किसी तरह की नई एक्सरसाइज़ करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.

ज़रूरत के अनुसार बदलाव करें
अगर आपके लिए 30 मिनट का समय निकालना मुश्क़िल हो रहा है तो एक साथ आधा घंटा टहलने की बजाय 10-10 मिनट करके तीन बार टहलें और धीरे-धीरे अवधि बढ़ाने की कोशिश करें. हां, अगर आप वज़न कम करना चाहते हैं तो आपको 30 मिनट से ज़्यादा टहलना पड़ेगा. यदि शुरुआत में ऐसा करना मुश्क़िल हो तो छोटी अवधि से शुरू करें और फिर जैसे-जैसे फिटनेस लेवल अच्छी होती जाए अवधि बढ़ाते जाएं.

वॉकिंग को अपनी रोज़ाना की गतिविधि में शामिल करने के लिए निम्न उपाय आज़माएं.
1. लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.श्र अगर आप बस का इस्तेमाल करते हैं तो एक स्टॉप पहले उतर जाएं और पैदल  घर जाएं.
2. सब्ज़ियां और छोटी-मोटी चाज़ें ख़रीदने के लिए गाड़ी या स्कूटर की बजाय पैदल जाएं.

 पैदल चलने को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं
इसके लिए रोज़ाना एक निश्‍चित समय पर थोड़ी देर पैदल चलें. ज़रूरी नहीं है कि आप सुबह ही टहलने जाएं. आपको जब भी समय मिले टहलने जा सकते हैं. लेकिन चलते समय अपनी पूरी ऊर्जा झोंक दें. अगर आपको किसी का साथ मिल जाए तो और भी अच्छी बात है. इससे टहलने में मज़ा भी आएगा और व़क्त भी आसनी से निकल जाएगा. आप चाहें तो ऐक्टिविटी डायरी मेंटेन कर सकते हैं. इसमें अपनी दिनभर की फिज़िकल ऐक्टिविटी का समय नोट करें.

पेडोमीटर पहनें

Walking
पेडोमीटर स्टेप्स की काउंटिंग करता है. इससे आपको इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आप दिनभर में कितने घंटे सक्रिय रहे हैं. इससे आपको और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी. एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्वास्थ्य लाभ के लिए रोज़ाना कम से कम 10,000 स्टेप्स चलना चाहिए.

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लक्ष्य निर्धारित करें
अगर आप वज़न कम कराना चाहते हैं तो  टहलने की समयसीमा निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने की कोशिश करें. जैसे-जैसे आपकी क्षमता बढ़ती जाए, समय बढ़ाते जाएं. तेज़ चलने से ज़्यादा फैट बर्न होता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आप ख़ुद पर ज़रूरत से ज़्यादा प्रेशर डालें. चाल इतनी रखें कि आपकी सांसें न फूलें. अपने  हार्ट रेट को ध्यान में रखते हुए पैदल चलें. आपको बता दें कि कुछ दिनों तक लगातार एक ही तरह की ऐक्टिविटी करने से हमारे शरीर को उसकी आदत पड़ जाती है, जिसके कारण एक्सरसाइज़ का पूरा फ़ायदा नहीं मिलता. इसलिए धीरे-धीरे करके एक्सरसाइज़ की इंटेंसिटी बढ़ाते जाएं.

वॉर्म अप और कूल डाउन एक्सरसाइज़ करें

Benefits of Exercise
वॉर्म अप करने के लिए शुरुआत में धीरे-धीरे चलें. इससे मसल्स को वॉर्मअप होने का समय मिलेगा और उसके बाद अपनी स्पीड बढ़ाएं. अंत में पैर और जांघों को थोड़ा स्ट्रेच करें. कम से कम 3 मिनट तक स्ट्रेचिंग करना ज़रूरी होता है.

आरामदायक कपड़े पहनें
टहलने या किसी अन्य तरह की फिजिकल ऐक्टिविटी करने के लिए हल्के-फुल्के  और आरामदायक कपड़े पहनने चाहिए, ज़्यादा मोटे या टाइप कपड़े पहनने से शरीर का तापमान    बढ़ जाता है और शरीर से पसीना आता है. नतीज़तन जल्दी थकान होती है और खुलजी इत्यादि की समस्या हो सकती है.

 टहलने के लिए फुटवेयर
वॉकिंग के लिए आपको पैसे ख़र्च नहीं करने पड़ते, लेकिन अगर ग़लत जूते पहनकर टहला जाए तो पैरों में दर्द या चोट लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इससे बचने के लिए अच्छे कुशन सपोर्ट वाले स्पोर्ट्स शूज़ ख़रीदें. अगर मुमक़िन हो तो कड़ी सतह की बजाय घास पर टहलने की कोशिश करें.
आनंद बढ़ाने के लिए

अगर आप घर से ज़्यादा दूर नहीं जाना चाहते तो घर के आस-पास टहलें. टहलने के लिए अलग-अलग रास्तों का प्रयोग करें. ताकि रोज़ाना एक ही जगह देखकर आपको बोरियत न हो. पालतू जानवर या दोस्तों के साथ टहलें.

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