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इंकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय न करें ये 10 ग़लतियां (11 Mistakes To Avoid While Filing Income Tax Returns)

Filing Income Tax Returns

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वैसे तो आयकर विभाग ने इंकम टैक्स रिटर्न फाइल करके की डेडलाइन आगे बढ़ा दी है, ताकि जिन लोगों ने अभी तक आयकर नहीं भरा है, वे लोग भी आयकर भर सकें. अक्सर लोग इंकम टैक्स फाइल (Income Tax Returns) करते समय ऐसी छोटी-छोटी ग़लतियां कर बैठते हैं, जिसका ख़ामियाज़ा उन्हें बाद में उठाना पड़ सकता हैं. अगर आप इंकम टैक्स फाइल कर रहे हैं, तो इन बातों को ध्यान में रखें-

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1. गलत फार्म भरना: इंकम टैक्स फाइल करते समय अधिक लोगों को इस बात का पता भी नहीं होता है कि सेल्फ एंप्लाइड को कौन सा फार्म भरना है और सैलरीड को कौन-सा? इसलिए इंकम टैक्स फाइल करते समय अपनी कैटेगिरी के अनुसार फार्म का चुनाव करें.

2. नंबर लिखते समय ग़लती करना: रिर्टन फाइल करते समय पैन, आइएफएस कोड, बैंक अकाउंट नंबर, एंप्लायर का टैन नंबर आदि लिखने पड़ते हैं. इन नंबर्स को लिखते समय ग़लती हो सकती है. ध्यान रखें, अगर आपने इन नंबर्स को लिखते समय ग़लती की, तो आपको ज़ुर्माना भरना पड़ सकता है.

3. पर्सनल डिटेल्स भरने में भूल: रिर्टन फाइल करते समय व्यक्ति को पर्सनल डिटेल्स- नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आदि का विवरण देना होता है. इन्हें लिखने में थोड़ी-सी ग़लती हुई तो इसका मतलब है कि आयकर विभाग से ज़रूरी सूचनाओं का गुम होना.

4. छोटी-छोटी ग़लतियां करना: टैक्स भरने के लिए ग़लत डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करना, ग़लत वित्तीय विवरण देना, नकद राशि का ब्योरा न देना जिन पर छूट मिलती है, जैसी ग़लतियां से बचें.

5. टैक्सफ्री इंकम की जानकारी न देना: टैक्सफ्री बॉन्ड्स, पीपीएफ से मिलनेवाले ब्याज़ की जानकारी देना भी ज़रूरी है. इससे आप अलग-अलग सेक्शन के अंतर्गत इनपर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं.

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6. पिछली नौकरी के बारे में न बताना: अगर आपने 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 के बीच में नौकरी बदली है, तो पुराने एंप्लायर से होनेवाली आय की जानकारी आपको आयकर विभाग को देनी बहुत ज़रूरी है. अगर आपने फाइनेंशियल ईयर के बीच में नौकरी बदली है, तो आप अपने नए और पुराने एंप्लायर्स से फार्म16 ज़रूर लें. पुराने एंप्लायर्स के साथ काम करते हुए आपने जो बचत की है और उससे जो आय हुई है, अगर उसे आपने अपने नए एंप्लायर्स को नहीं बताया है, तो हो सकता है वह कम टैक्स काटे. बाद में आपको कम काटा गया टैक्स ब्याज सहित भरना पड़ सकता है.

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7. ब्याज से अर्जित होनेवाली आय को न दिखाना: इंकम टैक्स भरते समय अधिकतर लोग फिक्स्ड डिपॉज़िस्ट पर मिलनेवाली अर्जित आय की जानकारी नहीं देते. यहां पर यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि बचत खाते से होनेवाली अर्जित आय पर 10 हज़ार तक की छूट है. हालांकि एफडी से अर्जित होनेवाली आय पर इस छूट का लाभ नहीं मिलता, लेकिन टैक्स भरते समय एफडी से मिलनेवाले ब्याज की जानकारी ज़रूर दें.

8. बंद पड़े खातों के अलावा चालू खातों की जानकारी दें: इंकम टैक्स फाइल करते बंद खातों के अतिरिक्त चालू खातों के बारे में अनिवार्य है. अधिकतर लोग बिना किसी कारण के बहुत से बैंक अकाउंट खोल लेते है, लेकिन उनमें लेन-देन न के बराबर होता है और उनके बारें में जानकारी रखना भी मुश्किल होता है. इंकम टैक्स भरते समय सभी बैंकों के सारे खातों की जानकारी दें.

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9. होम लोन पर टैक्स छूट का ग़लत दावा करना: होम लोन लेते समय सरकार टैक्स छूट देती है, पर अगर आपने मकान बेच दिया, तो सरकार की ओर से मिलनेवाली छूट का लाभ नहीं मिलेगा. और अगर आपने इस छूट का टैक्स फाइल करते समय आपने इस छूट का दावा किया है, तो आपकी यह ग़लती आयकर विभाग द्वारा पकड़ी जाएगी.

10. खाली मकान से होनेवाली आय की जानकारी देना: अगर आप एक मकान में रहते हैं और आपका दूसरा मकान खाली पड़ा है, तो आपको उसका अनुमानित किराया बताना होगा. बेशक आपको टैक्स थोड़ा ज़्यादा देना पड़ेगा, लेकिन न बताने पर आप पर कारर्वाही हो सकती है.

11. खाली फार्म पर हस्ताक्षर न करें: कुछ लोग एजेंट के द्वारा रिटर्न फाइल करते हैं. वे खाली फॉर्म पर साइन करके दे देते हैं, बाद में एजेंट फॉर्म भरकर जमा करा देता है. कई बार एजेंट फॉर्म भरने में ग़लती करत देेते हैं, जिससे आपको परेशानी हो सकती है. इसलिए फॉर्म को भरने के बाद पूरा चेक करें, फिर साइन करें.

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– देवांश शर्मा